RBSE Solutions Class 9 Science Chapter 4 रासायनिक बंध व रासायनिक समीकरण

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Detailed Chapter 4 रासायनिक बंध व रासायनिक समीकरण RBSE Solutions for Class 9 Science

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Class 9 Science Chapter 4 रासायनिक बंध व रासायनिक समीकरण RBSE Solutions PDF

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न एवं उनके उत्तर

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. सोडियम का प्रतीक है
(अ) s
(ब) si
(स) Na
(द) Ni.
Answer: (स) Na
In simple words: सोडियम एक धातु है और रसायन विज्ञान में इसे "Na" अक्षर से दिखाया जाता है, जो इसके लैटिन नाम 'Natrium' से आता है।

🎯 Exam Tip: तत्वों के प्रतीक उनके नाम के पहले अक्षर या पहले दो अक्षरों से बनते हैं, अक्सर लैटिन नामों पर आधारित होते हैं, इसलिए उन्हें याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. कार्बोनेट मूलक का सूत्र है
(अ) \( \mathrm {CO}_{2} \)
(ब) \( \mathrm {CO}_{3}^{2-} \)
(स) \( \mathrm {CO}_{3} \)
(द) \( \mathrm {CO} \).
Answer: (ब) \( \mathrm {CO}_{3}^{2-} \)
In simple words: कार्बोनेट मूलक ऑक्सीजन और कार्बन से मिलकर बनता है और इसके ऊपर दो ऋणात्मक आवेश होते हैं, इसलिए इसे \( \mathrm {CO}_{3}^{2-} \) लिखा जाता है।

🎯 Exam Tip: मूलक (आयनों) के सूत्र याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे रासायनिक यौगिकों के नामकरण और सूत्र बनाने में सहायक होते हैं।

 

Question 3. सोडियम क्लोराइड में उपस्थित बन्ध का नाम है
(अ) आयनिक बन्ध
(ब) सह-संयोजक बन्ध
(स) धात्विक बन्ध
(द) हाइड्रोजन बन्ध।
Answer: (अ) आयनिक बन्ध
In simple words: सोडियम क्लोराइड (नमक) में सोडियम और क्लोरीन परमाणु एक-दूसरे को इलेक्ट्रॉन देकर और लेकर जुड़ते हैं, जिससे आयनिक बन्ध बनता है।

🎯 Exam Tip: आयनिक बन्ध धातु और अधातु के बीच इलेक्ट्रॉनों के पूर्ण स्थानांतरण से बनता है, जबकि सह-संयोजक बन्ध इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी से बनता है।

 

Question 5. कैल्शियम ऑक्साइड का सूत्र है
(अ) \( \mathrm {Ca}_{2}\mathrm {O}_{2} \)
(ब) \( \mathrm {CaO}_{2} \)
(स) \( \mathrm {CaO} \)
(द) \( \mathrm {CaO}_{3} \).
Answer: (स) \( \mathrm {CaO} \)
In simple words: कैल्शियम ऑक्साइड में कैल्शियम और ऑक्सीजन एक-एक परमाणु के अनुपात में होते हैं, क्योंकि दोनों की संयोजकता 2 होती है, इसलिए इसका सूत्र \( \mathrm {CaO} \) है।

🎯 Exam Tip: यौगिकों के सही सूत्र लिखने के लिए तत्वों की संयोजकता (valence) का ज्ञान होना बहुत जरूरी है।

 

Question 6. तत्वों की आधुनिक प्रतीक प्रणाली के जन्मदाता थे
(अ) बर्जीलियस
(ब) जॉन डाल्टन
(स) रदरफोर्ड
(द) नील्स बोर।
Answer: (अ) बर्जीलियस
In simple words: बर्जीलियस ने हमें यह आसान तरीका दिया कि हम तत्वों को उनके नामों के पहले अक्षर से दिखा सकें, जिसे हम आज भी इस्तेमाल करते हैं।

🎯 Exam Tip: रसायन विज्ञान के इतिहास में महत्वपूर्ण योगदानकर्ताओं के नाम और उनके प्रमुख कार्यों को याद रखना सामान्य ज्ञान के लिए उपयोगी है।

 

Question 7. निम्नलिखित में से सह-संयोजक बन्ध युक्त अणु है
(अ) \( \mathrm {H}_{2}\mathrm {O} \)
(ब) \( \mathrm {NaCl} \)
(स) \( \mathrm {CaO} \)
(द) \( \mathrm {CaCO}_{3} \).
Answer: (अ) \( \mathrm {H}_{2}\mathrm {O} \)
In simple words: पानी (H2O) में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन परमाणु अपने इलेक्ट्रॉनों को आपस में बांटते हैं, जिससे सह-संयोजक बन्ध बनता है।

🎯 Exam Tip: सह-संयोजक बन्ध आमतौर पर दो अधातु परमाणुओं के बीच बनता है, जबकि आयनिक बन्ध धातु और अधातु के बीच बनता है।

 

Question 8. Fe निम्नलिखित में से किसका प्रतीक है
(अ) लोहा
(ब) फ्लोरीन
(स) फिरोमियम
(द) फ्रांसीयम
Answer: (अ) लोहा
In simple words: \( \mathrm {Fe} \) लोहे का रासायनिक प्रतीक है, जो इसके लैटिन नाम 'Ferrum' से आया है।

🎯 Exam Tip: कुछ तत्वों के प्रतीक उनके अंग्रेजी नाम से भिन्न होते हैं, क्योंकि वे उनके लैटिन या ग्रीक नामों से लिए गए हैं, जैसे लोहा (Fe) और सोना (Au)।

अति लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 9. मूलक किसे कहते हैं ?
Answer: आयनिक पदार्थ, अम्ल और क्षारक जब पानी में घुलते हैं, तो आयनों में टूट जाते हैं। ये आयन रासायनिक अभिक्रिया में एक इकाई की तरह भाग लेते हैं। इन्हीं आवेशित समूहों को मूलक कहते हैं।
In simple words: मूलक ऐसे छोटे समूह होते हैं जिनमें आवेश होता है और वे रासायनिक क्रियाओं में एक साथ काम करते हैं।

🎯 Exam Tip: मूलक हमेशा एक स्थिर आवेश वाले परमाणुओं का समूह होते हैं और उन्हें पहचानने से रासायनिक सूत्रों को समझना आसान हो जाता है।

 

Question 10. आयनिक बन्ध को परिभाषित करिए।
Answer: परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों के पूरी तरह से आदान-प्रदान (स्थानान्तरण) होने से जो बन्ध बनता है, उसे आयनिक बन्ध कहते हैं। यह आमतौर पर एक धातु और एक अधातु के बीच होता है।
In simple words: आयनिक बन्ध तब बनता है जब एक परमाणु अपना इलेक्ट्रॉन दूसरे परमाणु को दे देता है।

🎯 Exam Tip: आयनिक बन्ध में हमेशा धातु इलेक्ट्रॉन देती है और अधातु इलेक्ट्रॉन लेती है, जिससे विपरीत आवेश वाले आयन बनते हैं जो एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।

 

Question 11. पोटैशियम का प्रतीक व लेटिन नाम लिखिए।
Answer: पोटैशियम का प्रतीक 'k' है। इसका लैटिन नाम 'Kallium' है।
In simple words: पोटैशियम को 'k' से दिखाते हैं और इसका पुराना लैटिन नाम 'Kallium' है।

🎯 Exam Tip: कई तत्वों के प्रतीक उनके लैटिन नामों से आते हैं, इसलिए कुछ लैटिन नाम याद रखने से प्रतीक पहचानने में मदद मिलती है।

 

Question 12. अणुसूत्र की परिभाषा लिखिए।
Answer: तत्वों के प्रतीकों का वह संयोजन जो किसी तत्व या यौगिक के एक अणु को दिखाता है, अणुसूत्र कहलाता है। यह अणु में मौजूद परमाणुओं की संख्या को भी बताता है।
In simple words: अणुसूत्र वह तरीका है जिससे हम दिखाते हैं कि किसी चीज़ (जैसे पानी) के एक सबसे छोटे कण में कौन-कौन से परमाणु हैं और कितने हैं।

🎯 Exam Tip: अणुसूत्र से हमें किसी पदार्थ की रासायनिक संरचना और उसमें शामिल तत्वों की संख्या के बारे में तुरंत जानकारी मिल जाती है।

 

Question 13. कैल्शियम कार्बोनेट का सूत्र लिखिए।
Answer: कैल्शियम कार्बोनेट का सूत्र \( \mathrm {CaCO}_{3} \) है। इसमें कैल्शियम आयन (\( \mathrm {Ca}^{2+} \)) और कार्बोनेट आयन (\( \mathrm {CO}_{3}^{2-} \)) एक-एक अनुपात में जुड़ते हैं।
In simple words: कैल्शियम कार्बोनेट का सूत्र \( \mathrm {CaCO}_{3} \) है।

🎯 Exam Tip: यौगिकों के सूत्र लिखते समय आयनों के आवेशों को संतुलित करना महत्वपूर्ण होता है ताकि कुल आवेश शून्य हो।

 

Question 15. ऋणायन किसे कहते हैं ?
Answer: जब किसी तत्व का अलग-थलग गैसीय परमाणु अपने सबसे बाहरी कोश में एक या एक से अधिक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है, तो उस पर ऋणात्मक आवेश आ जाता है। ऐसे ऋणात्मक आवेशित कण को ऋणायन कहते हैं।
उदाहरणार्थ: \( \mathrm {Cl}_{(g)} + e^{-} \longrightarrow \mathrm {Cl}^{-} (g) + \text{ऊर्जा} \)
In simple words: जब एक परमाणु इलेक्ट्रॉन लेता है, तो उस पर ऋण आवेश आ जाता है और वह ऋणायन बन जाता है।

🎯 Exam Tip: अधातुएँ सामान्यतः इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन बनाती हैं, क्योंकि उनके बाह्यतम कोश को पूरा करने के लिए कम इलेक्ट्रॉन चाहिए होते हैं।

 

Question 16. संयोजकता किसे कहते हैं ?
Answer: किसी परमाणु के सबसे बाहरी कोश को पूरा करने के लिए या अष्टक पूरा करने के लिए जितने इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी या स्थानांतरण होता है, उसे उस तत्व की संयोजन क्षमता या संयोजकता कहते हैं। यह किसी तत्व की दूसरे तत्वों से जुड़ने की क्षमता को बताती है।
In simple words: संयोजकता बताती है कि एक परमाणु कितने इलेक्ट्रॉनों को ले, दे या बांट सकता है ताकि वह स्थिर हो जाए।

🎯 Exam Tip: संयोजकता ही तय करती है कि कौन से तत्व आपस में मिलकर यौगिक बना सकते हैं और किस अनुपात में।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 17. धनायन का आकार अपने संगत परमाणु से छोटा होता है ? समझाइए।
Answer: धनायन का आकार हमेशा अपने मूल परमाणु से छोटा होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब एक परमाणु इलेक्ट्रॉन खो देता है (धनायन बनाता है), तो उसका सबसे बाहरी इलेक्ट्रॉन कोश हट जाता है। इससे नाभिक में मौजूद प्रोटॉनों का इलेक्ट्रॉनों पर आकर्षण बल बढ़ जाता है, जिससे बचा हुआ इलेक्ट्रॉन बादल नाभिक की ओर सिकुड़ जाता है और आकार घट जाता है।
In simple words: जब कोई परमाणु इलेक्ट्रॉन खो देता है, तो वह छोटा हो जाता है, क्योंकि उसमें इलेक्ट्रॉन कम हो जाते हैं और बचे हुए इलेक्ट्रॉन नाभिक की ओर ज्यादा खिंच जाते हैं।

🎯 Exam Tip: इलेक्ट्रॉन निकलने से न केवल इलेक्ट्रॉन कोशों की संख्या कम हो सकती है, बल्कि बचे हुए इलेक्ट्रॉनों पर नाभिकीय आवेश का प्रभावी आकर्षण भी बढ़ जाता है, जिससे आकार में कमी आती है।

 

Question 18. परिवर्तनशील संयोजकता को उदाहरण सहित समझाइए।
Answer: कुछ तत्वों की संयोजकता निश्चित नहीं होती, बल्कि एक से अधिक होती है, इसे परिवर्तनशील संयोजकता कहते हैं। उदाहरण के लिए, लोहा (\( \mathrm {Fe} \)) की संयोजकता 2 और 3 दोनों होती है। यह \( \mathrm {FeSO}_{4} \) यौगिक बनाकर 2 संयोजकता दिखाता है, जबकि \( \mathrm {FeCl}_{3} \) यौगिक में यह 3 संयोजकता दर्शाता है।
In simple words: कुछ तत्व अलग-अलग स्थितियों में अलग-अलग संख्या में इलेक्ट्रॉन देते या लेते हैं, इसलिए उनकी संयोजकता बदलती रहती है।

🎯 Exam Tip: संक्रमण धातुएँ (transition metals) अक्सर परिवर्तनशील संयोजकता दिखाती हैं, क्योंकि उनके पास ऊर्जा स्तरों में इलेक्ट्रॉन होते हैं जो विभिन्न परिस्थितियों में रासायनिक बन्ध बनाने में भाग ले सकते हैं।

 

Question 19. उपसह-संयोजक बन्ध किसे कहते हैं ? एक उदाहरण दीजिए।
Answer: वे सह-संयोजक बन्ध जिनमें बन्ध बनाने वाले इलेक्ट्रॉन-युग्म (दोनों इलेक्ट्रॉन) केवल एक परमाणु द्वारा दिए जाते हैं, लेकिन उनकी साझेदारी दोनों परमाणुओं के बीच होती है, उपसह-संयोजक बन्ध कहलाते हैं। यह एक विशेष प्रकार का सह-संयोजक बन्ध है।
In simple words: उपसह-संयोजक बन्ध तब बनता है जब एक परमाणु इलेक्ट्रॉनों का जोड़ा देता है, लेकिन वे इलेक्ट्रॉन दोनों परमाणुओं द्वारा साझा किए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: उपसह-संयोजक बन्ध को एक तीर के निशान से दर्शाया जाता है, जो इलेक्ट्रॉन देने वाले परमाणु से इलेक्ट्रॉन लेने वाले परमाणु की ओर इंगित करता है।

 

Question 20. आयनन ऊर्जा को समझाइए।
Answer: आयनन ऊर्जा वह आवश्यक ऊर्जा है जो किसी अलग-थलग (isolated) गैसीय परमाणु के सबसे बाहरी कोश से एक इलेक्ट्रॉन को निकालने के लिए चाहिए होती है। उदाहरण के लिए, सोडियम (\( \mathrm {Na} \)) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 1 होता है, जिसके बाह्यतम कोश में एक इलेक्ट्रॉन होता है, जिसे ऊर्जा प्रदान करके आसानी से हटाया जा सकता है।
\[ \mathrm {Na}_{(g)} + \text{आयनन एन्थैल्पी} \longrightarrow \mathrm {Na}^{+}_{(g)}+e^{-} \]In simple words: आयनन ऊर्जा वह शक्ति है जो एक परमाणु से एक इलेक्ट्रॉन को बाहर निकालने के लिए लगती है।

🎯 Exam Tip: आयनन ऊर्जा की मात्रा इस बात पर निर्भर करती है कि इलेक्ट्रॉन नाभिक से कितनी मजबूती से बंधा है; छोटे परमाणु और वे परमाणु जिनके इलेक्ट्रॉन नाभिक के करीब होते हैं, उनकी आयनन ऊर्जा अधिक होती है।

 

Question 21. द्वि-बन्ध व त्रि-बन्ध को उदाहरण सहित समझाइए।
Answer:
**द्वि-बन्ध:** जब दो परमाणुओं के बीच दो इलेक्ट्रॉनों का साझा होता है, तो उनके बीच बनने वाला बन्ध द्वि-बन्ध कहलाता है। इसमें प्रत्येक परमाणु दो इलेक्ट्रॉन का योगदान करता है।
उदाहरण- ऑक्सीजन अणु (\( \mathrm{O}_{2} \)) में ऑक्सीजन परमाणु द्वि-बन्ध से जुड़े होते हैं। (\( \mathrm{O}=\mathrm{O} \))
**त्रि-बन्ध:** जब दो परमाणुओं के बीच तीन-तीन इलेक्ट्रॉनों का साझा होता है, तो उनके बीच बनने वाला बन्ध त्रि-बन्ध कहलाता है। यह सबसे मजबूत प्रकार का सह-संयोजक बन्ध होता है।
उदाहरण- नाइट्रोजन अणु (\( \mathrm{N}_{2} \)) में नाइट्रोजन परमाणु त्रि-बन्ध से जुड़े होते हैं। (\( \mathrm{N}\equiv \mathrm{N} \))
In simple words: द्वि-बन्ध तब बनता है जब दो परमाणु दो-दो इलेक्ट्रॉन बांटते हैं, जैसे ऑक्सीजन में। त्रि-बन्ध तब बनता है जब वे तीन-तीन इलेक्ट्रॉन बांटते हैं, जैसे नाइट्रोजन में।

🎯 Exam Tip: बन्धों की संख्या (एकल, द्वि, त्रि) यह बताती है कि परमाणुओं के बीच कितने इलेक्ट्रॉन जोड़े साझा हो रहे हैं, जिससे बन्ध की शक्ति और लंबाई पर भी असर पड़ता है।

निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 22. सह-संयोजक व आयनिक यौगिकों में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
Answer: सह-संयोजक व आयनिक यौगिकों में मुख्य अंतर निम्नलिखित हैं:

आयनिक यौगिकसह-संयोजक यौगिक
1. ये सामान्यतः क्रिस्टलीय ठोस होते हैं।1. ये ठोस, द्रव एवं गैस तीनों अवस्थाओं में हो सकते हैं।
2. इनके गलनांक एवं क्वथनांक उच्च होते हैं।2. इनके गलनांक व क्वथनांक निम्न होते हैं।
3. ये ध्रुवीय विलायकों (जैसे जल) में विलेय होते हैं।3. ये अध्रुवीय विलायकों में विलेय होते हैं।
4. ये पिघली हुई अवस्था में या जलीय घोल में विद्युत के सुचालक होते हैं।4. ये विद्युत के कुचालक होते हैं (अपवाद-ग्रेफाइट)।
5. इनकी अभिक्रियाएँ तीव्र गति से होती हैं।5. इनकी अभिक्रियाएँ मन्द गति से होती हैं।

In simple words: आयनिक यौगिक धातु और अधातु से बने होते हैं, इलेक्ट्रॉन देते-लेते हैं, ठोस होते हैं और बिजली चला सकते हैं। सह-संयोजक यौगिक अधातु से बने होते हैं, इलेक्ट्रॉन बांटते हैं, तीनों अवस्थाओं में हो सकते हैं और बिजली नहीं चला सकते।

🎯 Exam Tip: आयनिक यौगिकों में आयनों के बीच मजबूत आकर्षण बल होता है, जबकि सह-संयोजक यौगिकों में आण्विक बल कमजोर होते हैं, यही इनके भौतिक गुणों में अंतर का मुख्य कारण है।

 

Question 23. निम्नलिखित के अणुसूत्र लिखिए
1. सोडियम कार्बोनेट,
2. जिंक सल्फाइड,
3. ऐल्युमीनियम ऑक्साइड,
4. फेरस सल्फेट,
5. बेरियम क्लोराइड,
6. मैग्नीशियम कार्बोनेट।
Answer:
1. सोडियम कार्बोनेट: सोडियम (\( \mathrm{Na} \)) की संयोजकता 1 और कार्बोनेट (\( \mathrm{CO}_{3} \)) की संयोजकता 2 होती है। इसलिए सूत्र \( \mathrm{Na}_{2}\mathrm{CO}_{3} \) होगा।
2. जिंक सल्फाइड: जिंक (\( \mathrm{Zn} \)) की संयोजकता 2 और सल्फाइड (\( \mathrm{S} \)) की संयोजकता 2 होती है। इसलिए सूत्र \( \mathrm{ZnS} \) होगा। (संयोजकता 2:2 का सरल अनुपात 1:1 होता है।)
3. ऐल्युमीनियम ऑक्साइड: ऐल्युमीनियम (\( \mathrm{Al} \)) की संयोजकता 3 और ऑक्सीजन (\( \mathrm{O} \)) की संयोजकता 2 होती है। इसलिए सूत्र \( \mathrm{Al}_{2}\mathrm{O}_{3} \) होगा।
4. फेरस सल्फेट: फेरस (\( \mathrm{Fe}^{2+} \)) की संयोजकता 2 और सल्फेट (\( \mathrm{SO}_{4} \)) की संयोजकता 2 होती है। इसलिए सूत्र \( \mathrm{FeSO}_{4} \) होगा।
5. बेरियम क्लोराइड: बेरियम (\( \mathrm{Ba} \)) की संयोजकता 2 और क्लोराइड (\( \mathrm{Cl} \)) की संयोजकता 1 होती है। इसलिए सूत्र \( \mathrm{BaCl}_{2} \) होगा।
6. मैग्नीशियम कार्बोनेट: मैग्नीशियम (\( \mathrm{Mg} \)) की संयोजकता 2 और कार्बोनेट (\( \mathrm{CO}_{3} \)) की संयोजकता 2 होती है। इसलिए सूत्र \( \mathrm{MgCO}_{3} \) होगा। (संयोजकता 2:2 का सरल अनुपात 1:1 होता है।)
In simple words: यौगिकों के सूत्र बनाने के लिए तत्वों की संयोजकता का पता होना चाहिए। संयोजकता को आपस में बदल कर या बराबर करके हम सही सूत्र लिखते हैं।

🎯 Exam Tip: रासायनिक सूत्र बनाने के लिए सबसे पहले सभी शामिल तत्वों के प्रतीक और उनकी संयोजकताएँ लिखें, फिर संयोजकता को क्रॉस-मल्टीप्लाई करें और सरल अनुपात में लाएँ।

 

Question 24. समीकरण सन्तुलित कीजिए
(ⅰ) \( \mathrm {KCIO}_{3} \longrightarrow \mathrm {KCI} + \mathrm {0}_{2} \)
(ii) \( \mathrm {BaCl}_{2} + \mathrm {AgNO}_{3} \longrightarrow \mathrm {AgCl} + \mathrm {Ba}\left( \mathrm {NO}_{3} \right)_{2} \)
(iii) \( \mathrm {Mg} + \mathrm {HCI} \longrightarrow \mathrm {MgCl}_{2} + \mathrm {H}_{2} \)
(iv) \( \mathrm {NaOH} + \mathrm {Cl}_{2} \longrightarrow \mathrm {NaCl} + \mathrm {NaOCl} + \mathrm {H}_{2}\mathrm {O} \)
Answer:
(ⅰ) \( 2 \mathrm {KCIO}_{3} \longrightarrow 2 \mathrm {KCI} + 3 \mathrm {O}_{2} \)
(ii) \( \mathrm {BaCl}_{2} + 2 \mathrm {AgNO}_{3} \longrightarrow 2 \mathrm {AgCl} + \mathrm {Ba}\left( \mathrm {NO}_{3} \right)_{2} \)
(iii) \( \mathrm {Mg} + 2 \mathrm {HCI} \longrightarrow \mathrm {MgCl}_{2} + \mathrm {H}_{2} \)
(iv) \( 2 \mathrm {NaOH} + \mathrm {Cl}_{2} \longrightarrow \mathrm {NaCl} + \mathrm {NaOCl} + \mathrm {H}_{2}\mathrm {O} \)
In simple words: समीकरणों को संतुलित करने का मतलब है कि रासायनिक अभिक्रिया से पहले और बाद में हर तत्व के परमाणुओं की संख्या बराबर होनी चाहिए।

🎯 Exam Tip: समीकरण संतुलित करते समय, सबसे पहले उन तत्वों को संतुलित करें जो केवल एक अभिकारक और एक उत्पाद में दिखते हैं। फिर धातु, अधातु, ऑक्सीजन और हाइड्रोजन को क्रम से संतुलित करें।

अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उनके उत्तर

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. निम्न में से किसमें आयनिक बन्ध है
(अ) \( \mathrm {HCl} \)
(ब) \( \mathrm {CO}_{2} \)
(स) \( \mathrm {NaCl} \)
(द) \( \mathrm {CH}_{4} \)
Answer: (स) \( \mathrm {NaCl} \)
In simple words: \( \mathrm {NaCl} \) (सोडियम क्लोराइड) में एक धातु (सोडियम) और एक अधातु (क्लोरिन) के बीच इलेक्ट्रॉन का पूरा आदान-प्रदान होता है, जिससे आयनिक बन्ध बनता है।

🎯 Exam Tip: आयनिक बन्ध हमेशा एक धातु और एक अधातु के बीच बनता है, जबकि सह-संयोजक बन्ध दो अधातुओं के बीच बनता है।

 

Question 2. द्रवित सोडियम क्लोराइड विद्युत धारा का प्रवाह कर सकता है क्योंकि इसमें उपस्थित होता है
(अ) मुक्त इलेक्ट्रॉन
(ब) मुक्त आयन
(स) मुक्त अणु
(द) सोडियम तथा क्लोरीन के परमाणु
Answer: (ब) मुक्त आयन
In simple words: जब सोडियम क्लोराइड पिघलता है, तो इसके आयन (\( \mathrm{Na}^{+} \) और \( \mathrm{Cl}^{-} \)) स्वतंत्र रूप से घूमने लगते हैं, जिससे यह बिजली का संचालन कर सकता है।

🎯 Exam Tip: आयनिक यौगिक ठोस अवस्था में विद्युत के कुचालक होते हैं क्योंकि आयन स्थिर होते हैं, लेकिन पिघली हुई या घुली हुई अवस्था में सुचालक बन जाते हैं क्योंकि आयन गति करने के लिए स्वतंत्र होते हैं।

 

Question 3. निम्न में से कौन परिवर्तित संयोजकता प्रदर्शित करता है
(अ) \( \mathrm{H} \)
(ब) \( \mathrm{Na} \)
(स) \( \mathrm{Fe} \)
(द) \( \mathrm{O} \).
Answer: (स) \( \mathrm{Fe} \)
In simple words: लोहा (\( \mathrm{Fe} \)) अपनी संयोजकता बदल सकता है, जैसे 2 या 3, जो इसे विभिन्न प्रकार के यौगिक बनाने की क्षमता देता है।

🎯 Exam Tip: संक्रमण धातुएँ (d-ब्लॉक तत्व) अक्सर परिवर्तित संयोजकता प्रदर्शित करती हैं, क्योंकि उनके पास आंशिक रूप से भरे हुए d-ऑर्बिटल होते हैं।

 

Question 4. एक ठोस \( \mathrm{X} \) जो जल में डालने पर सुचालक हो जाता है, वह होगा
(अ) धात्विक ठोस
(ब) आयनिक ठोस
(स) उपसहसंयोजक ठोस
(द) उपरोक्त सभी।
Answer: (ब) आयनिक ठोस
In simple words: आयनिक ठोस जब पानी में घुलता है, तो वह आयनों में टूट जाता है, जिससे घोल बिजली का अच्छा सुचालक बन जाता है।

🎯 Exam Tip: आयनिक ठोस की यह विशेषता उन्हें इलेक्ट्रोलाइट्स बनाती है, जो विद्युत रसायन में महत्वपूर्ण होते हैं।

 

Question 5. अर्जेन्टम किस तत्व का लेटिन नाम है
(अ) \( \mathrm{Au} \)
(ब) \( \mathrm{Al} \)
(स) \( \mathrm{Ag} \)
(द) \( \mathrm{Ar} \).
Answer: (स) \( \mathrm{Ag} \)
In simple words: 'अर्जेन्टम' चांदी का लैटिन नाम है, जिसके कारण चांदी का रासायनिक प्रतीक \( \mathrm{Ag} \) है।

🎯 Exam Tip: चांदी (Silver) का प्रतीक उसके लैटिन नाम 'Argentum' से लिया गया है, जो 'चमकीला' या 'श्वेत' अर्थ देता है।

 

Question 7. अन-निल-काडियम का परमाणु क्रमांक है
(अ) 101
(ब) 103
(स) 104
(द) 109.
Answer: (स) 104
In simple words: अन-निल-काडियम (Unnilquadium) एक नामकरण प्रणाली है जिसका उपयोग अस्थाई रूप से नए तत्वों के लिए किया जाता है, और इसका परमाणु क्रमांक 104 है।

🎯 Exam Tip: IUPAC नामकरण प्रणाली में नए खोजे गए तत्वों को उनके परमाणु क्रमांक के आधार पर अस्थायी नाम दिए जाते हैं, जैसे Un-nil-quad-ium 104 के लिए।

 

Question 8. किसी विलगित गैसीय परमाणु से इलेक्ट्रॉन को निकालने के लिये आवश्यक ऊर्जा को कहते हैं
(अ) इलेक्ट्रॉनलब्धि ऊर्जा
(ब) आयनन ऊर्जा
(स) (अ) व (ब) दोनों
(द) उपरोक्त कोई नहीं।
Answer: (ब) आयनन ऊर्जा
In simple words: किसी परमाणु से एक इलेक्ट्रॉन को हटाने के लिए जितनी ऊर्जा चाहिए होती है, उसे आयनन ऊर्जा कहते हैं।

🎯 Exam Tip: आयनन ऊर्जा की मात्रा एक परमाणु की रासायनिक प्रतिक्रियाशीलता और बन्ध बनाने की क्षमता को प्रभावित करती है।

 

Question 9. किसी विलगित गैसीय परमाणु के बाह्यतम कोश में एक इलेक्ट्रॉन को जोड़ने पर निर्मुक्त ऊर्जा कहलाती है
(अ) आयनन एन्थैल्पी
(ब) इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी
(स) (अ) व (ब) दोनों
(द) उपरोक्त में से कोई नहीं।
Answer: (ब) इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी
In simple words: जब कोई परमाणु एक इलेक्ट्रॉन लेता है, तो जितनी ऊर्जा निकलती है, उसे इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी कहते हैं।

🎯 Exam Tip: इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी की ऋणात्मकता जितनी अधिक होती है, उस तत्व की इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति उतनी ही अधिक होती है।

 

Question 11. फॉस्फाइड मूलक का सूत्र है
(अ) \( \mathrm {PO}_{4}^{3-} \)
(ब) \( \mathrm{P}^{3-} \)
(स) \( \mathrm{P}^{2-} \)
(द) \( \mathrm{P}^{-} \).
Answer: (ब) \( \mathrm{P}^{3-} \)
In simple words: फॉस्फाइड मूलक तब बनता है जब फॉस्फोरस परमाणु तीन इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है, इसलिए इसका सूत्र \( \mathrm{P}^{3-} \) होता है।

🎯 Exam Tip: 'फॉस्फाइड' फॉस्फोरस का आयनिक रूप है जिसमें इसने तीन इलेक्ट्रॉन ग्रहण किए हैं, जबकि 'फॉस्फेट' एक पॉलीएटॉमिक आयन है (\( \mathrm {PO}_{4}^{3-} \)) जिसमें फॉस्फोरस और ऑक्सीजन दोनों होते हैं।

 

Question 12. अष्टक नियम दिया था
(अ) बर्जीलियस ने
(ब) डॉल्टन ने
(स) कॉसेल-लुईस ने
(द) नागार्जुन ने।
Answer: (स) कॉसेल-लुईस ने
In simple words: कॉसेल और लुईस ने मिलकर अष्टक नियम बताया था, जो कहता है कि परमाणु बन्ध बनाते समय अपने बाहरी कोश में आठ इलेक्ट्रॉन पूरे करने की कोशिश करते हैं।

🎯 Exam Tip: अष्टक नियम रासायनिक बन्धों की प्रकृति को समझने में एक महत्वपूर्ण अवधारणा है, हालांकि इसके कुछ अपवाद भी हैं।

 

Question 13. अमोनियम कार्बोनेट का सूत्र है
(अ) \( \mathrm {(NH}_{4}\mathrm {)}_{2}\mathrm {CO}_{3} \)
(ब) \( \mathrm {NH}_{4}\mathrm {CO}_{3} \)
(स) \( \mathrm {NH}_{4}\mathrm {(CO}_{3}\mathrm {)}_{2} \)
(द) उपरोक्त में से कोई नहीं।
Answer: (अ) \( \mathrm {(NH}_{4}\mathrm {)}_{2}\mathrm {CO}_{3} \)
In simple words: अमोनियम कार्बोनेट का सूत्र \( \mathrm {(NH}_{4}\mathrm {)}_{2}\mathrm {CO}_{3} \) है, क्योंकि अमोनियम मूलक पर \( +1 \) आवेश और कार्बोनेट मूलक पर \( -2 \) आवेश होता है।

🎯 Exam Tip: पॉलीएटॉमिक आयनों (जैसे अमोनियम और कार्बोनेट) वाले यौगिकों के सूत्र लिखते समय, आयन के प्रतीक को कोष्ठक में रखना और बाहर उसकी संख्या लिखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 14. सोडियम क्लोराइड क्रिस्टल में एक क्लोराइड कितने सोडियम आयनों से घिरा होता है
(अ) 2
(ब) 4
(स) 6
(द) 8
Answer: (स) 6
In simple words: सोडियम क्लोराइड के क्रिस्टल में, हर क्लोराइड आयन को 6 सोडियम आयन घेरे रहते हैं, और हर सोडियम आयन को 6 क्लोराइड आयन घेरे रहते हैं।

🎯 Exam Tip: आयनिक क्रिस्टल में आयनों की यह विशिष्ट व्यवस्था (समन्वय संख्या) क्रिस्टल की ज्यामिति और स्थिरता को निर्धारित करती है।

अति लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. \( \mathrm {NaCl} \) अथवा \( \mathrm {KCl} \) विद्युत् संयोजी हैं। क्यों ?
Answer: \( \mathrm {NaCl} \) और \( \mathrm {KCl} \) दोनों विद्युत् संयोजी (आयनिक) यौगिक हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि क्षार धातुएँ (जैसे \( \mathrm {Na} \) या \( \mathrm {K} \)) और क्लोराइड (\( \mathrm {Cl} \)) की विद्युत ऋणात्मकता में पर्याप्त अंतर होता है। इस बड़े अंतर के कारण, इलेक्ट्रॉन पूरी तरह से धातु से क्लोरीन में स्थानांतरित हो जाते हैं, जिससे आयनिक बन्ध बनता है।
In simple words: \( \mathrm {NaCl} \) और \( \mathrm {KCl} \) आयनिक यौगिक हैं क्योंकि सोडियम/पोटैशियम और क्लोरीन के बीच इलेक्ट्रॉन लेने-देने का बहुत बड़ा अंतर होता है, जिससे बन्ध आयनों के बीच बनता है।

🎯 Exam Tip: विद्युत् ऋणात्मकता में 1.7 या उससे अधिक का अंतर आमतौर पर आयनिक बन्ध का निर्माण करता है, जबकि इससे कम अंतर सह-संयोजक बन्ध को दर्शाता है।

 

Question 2. ठोस \( \mathrm {NaCl} \) विद्युत का कुचालक क्यों है ?
Answer: ठोस \( \mathrm {NaCl} \) विद्युत का कुचालक है क्योंकि ठोस अवस्था में इसमें उपस्थित \( \mathrm {Na}^{+} \) आयन और \( \mathrm {Cl}^{-} \) आयन अपनी जगह पर स्थिर रहते हैं। वे गति करने के लिए स्वतंत्र नहीं होते हैं। विद्युत का संचालन करने के लिए आवेशित कणों (जैसे आयनों) का स्वतंत्र रूप से घूमना आवश्यक है, जो ठोस \( \mathrm {NaCl} \) में नहीं होता।
In simple words: ठोस नमक बिजली नहीं चलाता क्योंकि उसके आयन एक जगह बंधे रहते हैं, वे बिजली चलाने के लिए हिल-डुल नहीं सकते।

🎯 Exam Tip: यह समझना महत्वपूर्ण है कि आयनिक यौगिकों में विद्युत चालन के लिए आयनों की गतिशीलता आवश्यक है, न कि इलेक्ट्रॉनों की गतिशीलता, जैसा कि धातुओं में होता है।

 

Question 3. आयनिक यौगिकों की अभिक्रियाएँ तीव्र क्यों होती हैं ?
Answer: आयनिक यौगिकों की अभिक्रियाएँ बहुत तीव्र होती हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि जब आयनिक यौगिकों को जल में घोला जाता है, तो वे तुरंत आयनों में टूट जाते हैं (आयनीकरण)। ये मुक्त आयन तुरंत एक-दूसरे के साथ अभिक्रिया करने के लिए उपलब्ध होते हैं, जिससे अभिक्रियाएँ तेजी से होती हैं।
In simple words: आयनिक यौगिक पानी में बहुत जल्दी आयनों में बदल जाते हैं, इसलिए उनकी रासायनिक क्रियाएं बहुत तेज होती हैं।

🎯 Exam Tip: आयनिक अभिक्रियाएँ अक्सर आयनों के बीच सीधा टकराव और संयोजन होती हैं, जिसमें बन्धों को तोड़ने और नए बन्धों को बनाने में कम ऊर्जा लगती है, जिससे वे तीव्र होती हैं।

 

Question 4. आयनिक तथा सहसंयोजी यौगिकों में किसके गलनांक व क्वथनांक ऊँचे होते हैं।
Answer: आयनिक यौगिकों के गलनांक और क्वथनांक सहसंयोजी यौगिकों की तुलना में बहुत ऊँचे होते हैं। आयनिक यौगिकों में विपरीत आवेश वाले आयनों के बीच बहुत मजबूत स्थिरवैद्युत आकर्षण बल होते हैं, जिन्हें तोड़ने के लिए बहुत अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। सहसंयोजी यौगिकों में कमजोर अंतर-आण्विक बल होते हैं।
In simple words: आयनिक यौगिकों के गलनांक और क्वथनांक ऊँचे होते हैं क्योंकि उनके आयनों के बीच बहुत मजबूत खिंचाव होता है, जिसे तोड़ने में बहुत शक्ति लगती है।

🎯 Exam Tip: गलनांक और क्वथनांक सीधे तौर पर यौगिक में मौजूद कणों के बीच के आकर्षण बल की ताकत से संबंधित होते हैं।

 

Question 5. विद्युत संयोजी यौगिक अवाष्पशील क्रिस्टलीय ठोस होते हैं, क्यों ?
Answer: विद्युत् संयोजी (आयनिक) यौगिक अवाष्पशील क्रिस्टलीय ठोस होते हैं क्योंकि इन यौगिकों में आयनों के बीच बहुत शक्तिशाली विद्युत् संयोजी बल (स्थिरवैद्युत आकर्षण बल) कार्य करता है। ये बल आयनों को एक मजबूत क्रिस्टल जालक में कसकर बाँधे रखते हैं, जिससे उन्हें वाष्पित करना बहुत मुश्किल हो जाता है।
In simple words: आयनिक यौगिक वाष्प बनकर उड़ते नहीं हैं और ठोस होते हैं, क्योंकि उनके आयन आपस में बहुत मजबूती से जुड़े रहते हैं।

🎯 Exam Tip: आयनिक यौगिकों की यह ठोस और अवाष्पशील प्रकृति उनकी उच्च जालक ऊर्जा का परिणाम है, जो आयनों को एक साथ रखने के लिए आवश्यक ऊर्जा की मात्रा है।

 

Question 6. \( \mathrm {BaCl}_{2} \) विद्युत संयोजी यौगिक क्यों है ?
Answer: \( \mathrm {BaCl}_{2} \) (बेरियम क्लोराइड) एक विद्युत संयोजी (आयनिक) यौगिक है। ऐसा इसलिए है क्योंकि बेरियम (\( \mathrm {Ba} \)) और क्लोरीन (\( \mathrm {Cl} \)) परमाणुओं की विद्युत ऋणात्मकता में बहुत अधिक अंतर होता है। बेरियम एक धातु है और इलेक्ट्रॉन देने की प्रवृत्ति रखता है, जबकि क्लोरीन एक अधातु है और इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति रखता है, जिससे इलेक्ट्रॉनों का पूर्ण स्थानांतरण होता है और आयनिक बन्ध बनता है।
In simple words: \( \mathrm {BaCl}_{2} \) एक आयनिक यौगिक है क्योंकि बेरियम और क्लोरीन के बीच इलेक्ट्रॉनों का पूरा लेन-देन होता है, जिससे आयन बनते हैं।

🎯 Exam Tip: जब एक धातु (जैसे बेरियम) और एक अधातु (जैसे क्लोरीन) के बीच यौगिक बनता है, तो आमतौर पर आयनिक बन्ध का निर्माण होता है।

 

Question 8. निम्नलिखित यौगिकों के रासायनिक सूत्र लिखिए।
(i) सल्फ्यूरिक अम्ल
(ii) कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड।
Answer:
(i) सल्फ्यूरिक अम्ल का रासायनिक सूत्र \( \mathrm {H}_{2}\mathrm {SO}_{4} \) है।
(ii) कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड का रासायनिक सूत्र \( \mathrm {Ca}(\mathrm {OH})_{2} \) है।
In simple words: सल्फ्यूरिक अम्ल का सूत्र \( \mathrm {H}_{2}\mathrm {SO}_{4} \) और कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड का सूत्र \( \mathrm {Ca}(\mathrm {OH})_{2} \) होता है।

🎯 Exam Tip: हाइड्रॉक्साइड (\( \mathrm{OH}^{-} \)) जैसे पॉलीएटॉमिक आयनों वाले यौगिकों के सूत्र लिखते समय, आयन को कोष्ठक में रखना और उसकी संख्या कोष्ठक के बाहर लिखना याद रखें।

 

Question 9. निम्नलिखित यौगिकों के नाम लिखिए। \( \mathrm {(NH}_{4}\mathrm {)}_{2}\mathrm {SO}_{4} \) तथा \( \mathrm {Na}_{2}\mathrm {S} \)
Answer:
\( \mathrm {(NH}_{4}\mathrm {)}_{2}\mathrm {SO}_{4} \) का नाम अमोनियम सल्फेट है।
\( \mathrm {Na}_{2}\mathrm {S} \) का नाम सोडियम सल्फाइड है।
In simple words: \( \mathrm {(NH}_{4}\mathrm {)}_{2}\mathrm {SO}_{4} \) को अमोनियम सल्फेट कहते हैं और \( \mathrm {Na}_{2}\mathrm {S} \) को सोडियम सल्फाइड कहते हैं।

🎯 Exam Tip: यौगिकों के नामकरण में धनात्मक आयन (कैटायन) का नाम पहले और ऋणात्मक आयन (एनायन) का नाम बाद में लिखा जाता है।

 

Question 10. \( \mathrm {Ag}_{2}\mathrm {O} \) तथा \( \mathrm {CuS} \) यौगिकों के नाम बताइये।
Answer:
\( \mathrm {Ag}_{2}\mathrm {O} \) का नाम सिल्वर ऑक्साइड है।
\( \mathrm {CuS} \) का नाम कॉपर सल्फाइड है।
In simple words: \( \mathrm {Ag}_{2}\mathrm {O} \) सिल्वर ऑक्साइड है और \( \mathrm {CuS} \) कॉपर सल्फाइड है।

🎯 Exam Tip: जब कोई धातु ऑक्सीजन से जुड़ती है, तो वह 'ऑक्साइड' बनाती है; जब सल्फर से जुड़ती है, तो 'सल्फाइड' बनाती है।

 

Question 11. \( \mathrm {CaCO}_{3} \) का यौगिक नाम क्या है ?
Answer: \( \mathrm {CaCO}_{3} \) का यौगिक नाम कैल्सियम कार्बोनेट है। यह चूना पत्थर और संगमरमर में मुख्य घटक के रूप में पाया जाता है।
In simple words: \( \mathrm {CaCO}_{3} \) का नाम कैल्सियम कार्बोनेट है।

🎯 Exam Tip: कैल्सियम कार्बोनेट एक महत्वपूर्ण यौगिक है जो प्रकृति में व्यापक रूप से पाया जाता है और इसका उपयोग भवन निर्माण सामग्री से लेकर एंटासिड तक कई उद्योगों में होता है।

 

Question 12. \( \mathrm {CH}_{3}\mathrm {OH} \) का आण्विक द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।
Answer: \( \mathrm {CH}_{3}\mathrm {OH} \) का आण्विक द्रव्यमान ज्ञात करने के लिए, इसमें उपस्थित सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों को जोड़ते हैं।
परमाणु द्रव्यमान: \( \mathrm{C} = 12 \), \( \mathrm{H} = 1 \), \( \mathrm{O} = 16 \)
\( \mathrm {CH}_{3}\mathrm {OH} \) में: 1 कार्बन परमाणु, 4 हाइड्रोजन परमाणु (3 \( \mathrm{H} \) + 1 \( \mathrm{H} \)), 1 ऑक्सीजन परमाणु।
आण्विक द्रव्यमान \( = (1 \times 12) + (4 \times 1) + (1 \times 16) \)
\( = 12 + 4 + 16 \)
\( = 32 \mathrm{u} \).
In simple words: \( \mathrm {CH}_{3}\mathrm {OH} \) का कुल भार निकालने के लिए, इसमें जितने कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन परमाणु हैं, उनके वजन को जोड़ दें, जो 32 \( \mathrm{u} \) आता है।

🎯 Exam Tip: आण्विक द्रव्यमान की गणना करते समय, यह सुनिश्चित करें कि आप यौगिक में प्रत्येक प्रकार के परमाणु की सही संख्या का उपयोग करें।

 

Question 14. किसी आयनिक यौगिक का सूत्र ज्ञात करने में कौन सहायता करता है?
Answer: किसी आयनिक यौगिक का सूत्र ज्ञात करने में आयनों पर उपस्थित आवेश (या संयोजकता) बहुत सहायता करता है। धनायनों और ऋणायनों के आवेशों को संतुलित करके यौगिक का सही सूत्र लिखा जा सकता है, क्योंकि एक आयनिक यौगिक का कुल आवेश शून्य होना चाहिए।
In simple words: आयनों पर कितना चार्ज है, यह जानने से हमें यह पता चलता है कि वे कैसे जुड़कर एक यौगिक बनाएंगे।

🎯 Exam Tip: आयनिक यौगिकों के सूत्र लिखते समय, आवेशों को क्रॉस-मल्टीप्लाई करने का नियम यह सुनिश्चित करता है कि अंतिम यौगिक विद्युत रूप से उदासीन हो।

 

Question 15. धनायन किसे कहते हैं ?
Answer: तत्व के विलगित गैसीय परमाणु के संयोजकता कोश में से इलेक्ट्रॉन निकलने पर जो आवेशित कण बनता है, उसे धनायन कहते हैं। धनायन पर धनात्मक आवेश होता है।
In simple words: धनायन वह होता है जब एक परमाणु अपना इलेक्ट्रॉन खो देता है और उस पर धन आवेश आ जाता है।

🎯 Exam Tip: धातुएँ आमतौर पर इलेक्ट्रॉन खोकर धनायन बनाती हैं, जबकि अधातुएँ आमतौर पर इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन बनाती हैं।

 

Question 16. सरल मूलक किसे कहते हैं ?
Answer: सरल मूलक वे मूलक होते हैं जो एक ही प्रकार के परमाणुओं से बने होते हैं और उन पर एक निश्चित आवेश होता है। ये मूलक एक ही तत्व के परमाणु से बनते हैं और रासायनिक अभिक्रिया में एक इकाई के रूप में व्यवहार करते हैं।
उदाहरण- \( \mathrm {Na}^{+} \), \( \mathrm {Mg}^{2+} \), \( \mathrm {Cl}^{-} \), \( \mathrm {Br}^{-} \).
In simple words: सरल मूलक वे छोटे कण होते हैं जो एक ही तरह के परमाणु से बनते हैं और उन पर कोई चार्ज होता है।

🎯 Exam Tip: सरल मूलक आमतौर पर आवर्त सारणी के मुख्य समूह तत्वों द्वारा बनाए जाते हैं और उनके आवेश को पहचानना आसान होता है।

 

Question 17. संयुक्त मूलक किसे कहते हैं ?
Answer: दो या दो से अधिक परमाणुओं का ऐसा समूह जिस पर कोई निश्चित आवेश होता है और वह एक इकाई की तरह रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेता है, उसे संयुक्त मूलक कहते हैं। इन मूलकों में परमाणु सह-संयोजक बन्ध से जुड़े होते हैं।
उदाहरण- \( \mathrm {NO}_{3}^{-} \), \( \mathrm {NH}_{4}^{+} \) आदि।
In simple words: संयुक्त मूलक बहुत सारे परमाणुओं का एक समूह है जिस पर कोई चार्ज होता है और जो एक साथ मिलकर काम करता है।

🎯 Exam Tip: संयुक्त मूलक को पॉलीएटॉमिक आयन भी कहते हैं और उनके सूत्र और आवेश को याद रखना यौगिकों के नामकरण और सूत्र बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 18. अम्लीय मूलक किसे कहते हैं ?
Answer: अधातु ऋणायन और ऋण आवेशित मूलकों को अम्लीय मूलक कहते हैं। ये मूलक अम्ल से प्राप्त होते हैं जब अम्ल पानी में आयनीकृत होता है।
उदाहरण- \( \mathrm {Cl}^{-} \), \( \mathrm {Br}^{-} \), \( \mathrm {NO}_{3}^{-} \) आदि।
In simple words: अम्लीय मूलक वे होते हैं जिन पर ऋण आवेश होता है और जो अक्सर अम्लों से आते हैं।

🎯 Exam Tip: अम्लीय मूलकों के साथ धातु आयन जुड़कर लवण बनाते हैं, और इनका नाम अक्सर मूल अम्ल के नाम पर आधारित होता है।

 

Question 19. क्षारीय मूलक किसे कहते हैं ?
Answer: धातु धनायन या धन आवेशित मूलकों को क्षारीय मूलक कहते हैं। ये धात्विक भस्मों (क्षारों) से प्राप्त होते हैं जब क्षार पानी में आयनीकृत होता है। अतः इन्हें भास्मिक मूलक भी कहते हैं।
In simple words: क्षारीय मूलक वे होते हैं जिन पर धन आवेश होता है और जो धातुओं या क्षारों से आते हैं।

🎯 Exam Tip: क्षारीय मूलकों के साथ अधातु आयन या अम्लीय मूलक जुड़कर लवण बनाते हैं, और इनका नाम आमतौर पर धातु के नाम पर होता है।

लघु उत्तरय प्रश्न

 

Question 1. परमाणु क्रमांक 107, 111 व 113 का नामकरण कीजिए।
Answer: तत्वों के नाम उनके परमाणु क्रमांक के अनुसार इस प्रकार हैं:
107 - अन-निल-सेप्टियम (Uns)
111 - अन-अन-अनियम (Uuu)
113 - अन-अन-ट्राइयम (Uut)
ये नाम IUPAC के अस्थायी नामकरण प्रणाली पर आधारित हैं, जो नए खोजे गए तत्वों के लिए उपयोग होती है।
In simple words: हमें परमाणु क्रमांक 107, 111 और 113 वाले तत्वों के नाम बताने हैं। ये नाम कुछ खास नियमों से दिए जाते हैं, जब तक कि उन्हें कोई पक्का नाम नहीं मिल जाता।

🎯 Exam Tip: जब तक किसी नए तत्व का स्थायी नाम तय नहीं होता, तब तक उसके परमाणु क्रमांक के आधार पर IUPAC के नियमों के अनुसार अस्थायी नाम और प्रतीक दिए जाते हैं।

 

Question 2. Unb, Uun तथा Uus किन परमाणुओं के प्रतीक हैं ? बताइए। परमाणु क्रमांक भी लिखिए।
Answer: Unb, Uun और Uus इन परमाणुओं के अस्थायी प्रतीक हैं:
Unb: यह अन-निल-बाइयम (Unnilbium) का प्रतीक है, जिसका परमाणु क्रमांक 102 है।
Uun: यह अन-अन-निलम (Ununnillium) का प्रतीक है, जिसका परमाणु क्रमांक 110 है।
Uus: यह अन-अन-सेप्टियम (Ununseptium) का प्रतीक है, जिसका परमाणु क्रमांक 117 है।
ये प्रतीक और नाम नए या हाल ही में खोजे गए तत्वों को दिए जाते हैं, जब तक उनके लिए स्थायी नाम तय नहीं हो जाते।
In simple words: Unb, Uun और Uus कुछ तत्वों के छोटे नाम हैं। Unb 102 नंबर वाले तत्व का, Uun 110 नंबर वाले तत्व का, और Uus 117 नंबर वाले तत्व का नाम है।

🎯 Exam Tip: यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि ये प्रतीक अस्थायी होते हैं और तत्व का स्थायी नाम और प्रतीक मिलने पर बदल जाते हैं।

 

Question 3. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी समझाइए।
Answer: जब किसी गैसीय परमाणु के सबसे बाहरी कोश में एक या अधिक इलेक्ट्रॉन जुड़ते हैं, तो एक ऋणायन बनता है। इस प्रक्रिया के दौरान जो ऊर्जा निकलती है, उसे इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी कहते हैं। यह प्रक्रिया परमाणु को अधिक स्थिर बनाने में मदद करती है।
In simple words: जब एक परमाणु इलेक्ट्रॉन लेता है, तो कुछ ऊर्जा बाहर निकलती है। इस ऊर्जा को ही इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी कहते हैं।

🎯 Exam Tip: इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का मान आमतौर पर ऋणात्मक होता है, क्योंकि इलेक्ट्रॉन के जुड़ने पर ऊर्जा मुक्त होती है।

 

Question 4. कॉसेल-लुईस के अष्टक नियम को लिखिए।
Answer: कॉसेल-लुईस के अष्टक नियम के अनुसार, परमाणु अपने बाहरी कोश में आठ इलेक्ट्रॉन पूरे करने की कोशिश करते हैं। ऐसा करने के लिए वे या तो इलेक्ट्रॉनों का एक परमाणु से दूसरे में आदान-प्रदान करते हैं, या फिर इलेक्ट्रॉनों को आपस में बांटते हैं। इस तरह, दो परमाणु एक साथ जुड़कर स्थिर यौगिक बनाते हैं।
In simple words: यह नियम कहता है कि परमाणु एक-दूसरे से जुड़ते हैं ताकि उनके बाहरी घेरे में आठ इलेक्ट्रॉन पूरे हो सकें, जैसे एक पूरी टीम।

🎯 Exam Tip: अष्टक नियम से रासायनिक बंधों के बनने और यौगिकों के स्थायित्व को समझने में मदद मिलती है, हालांकि इसके कुछ अपवाद भी हैं।

 

Question 5. रासायनिक बन्ध किसे कहते हैं ?
Answer: रासायनिक बन्ध वह आकर्षण बल होता है जो किसी अणु के कणों, जैसे आयनों या परमाणुओं को एक साथ जोड़कर रखता है। यह बल उन्हें एक इकाई के रूप में काम करने में मदद करता है।
In simple words: रासायनिक बन्ध एक तरह की पकड़ होती है जो परमाणुओं या आयनों को एक साथ जोड़े रखती है, जिससे वे एक अणु बनते हैं।

🎯 Exam Tip: रासायनिक बन्ध के कारण ही पदार्थ एक-दूसरे से जुड़कर विभिन्न यौगिक और संरचनाएँ बनाते हैं।

 

Question 7. सह-संयोजक बन्ध को उदाहरण सहित समझाइए।
Answer: सह-संयोजक बन्ध तब बनता है जब दो या दो से अधिक परमाणु अपने बाहरी इलेक्ट्रॉनों को आपस में साझा करते हैं ताकि वे अपने बाहरी कोश में आठ इलेक्ट्रॉन (अष्टक) पूरे कर सकें। इस साझा करने से बनने वाले बन्ध को सहसंयोजक बन्ध कहते हैं। यह इलेक्ट्रॉनों के आपसी बंटवारे से बनता है, जिससे दोनों परमाणु स्थिर हो जाते हैं।
उदाहरण:
हाइड्रोजन क्लोराइड (HCl) में H और Cl के बीच एक सह-संयोजक बन्ध होता है।
H Cl
ऑक्सीजन अणु (\( \text{O}_2 \)) में दो ऑक्सीजन परमाणुओं के बीच दोहरा सह-संयोजक बन्ध होता है।
O O
In simple words: सह-संयोजक बन्ध तब बनता है जब परमाणु अपने इलेक्ट्रॉनों को एक-दूसरे के साथ बांटते हैं ताकि वे दोनों खुश और स्थिर रह सकें।

🎯 Exam Tip: सह-संयोजक बन्ध की पहचान इलेक्ट्रॉनों के साझा जोड़े से होती है, जिससे प्रत्येक परमाणु अपना अष्टक पूरा करता है।

 

Question 8. निम्न के सूत्र लिखिए:
1. सोडियम ऑक्साइड,
2. एल्युमीनियम क्लोराइड,
3. सोडियम सल्फाइड,
4. मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड।
Answer: निम्नलिखित यौगिकों के सूत्र इस प्रकार हैं:
1. सोडियम ऑक्साइड: \( \text{Na}_2\text{O} \)
2. एल्युमीनियम क्लोराइड: \( \text{AlCl}_3 \)
3. सोडियम सल्फाइड: \( \text{Na}_2\text{S} \)
4. मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड: \( \text{Mg(OH)}_2 \)
रासायनिक सूत्र बनाने के लिए तत्वों की संयोजकताओं का तिरछा आदान-प्रदान किया जाता है।
In simple words: हमें कुछ यौगिकों के सूत्र लिखने हैं। यह जानने के लिए कि कौन सा तत्व कितने दूसरे तत्व से जुड़ता है, हमें उनकी संयोजकता देखनी पड़ती है।

🎯 Exam Tip: रासायनिक सूत्र लिखते समय हमेशा यह सुनिश्चित करें कि यौगिक पर कुल आवेश शून्य हो, अर्थात धन आवेश और ऋण आवेश बराबर हों।

 

Question 9. निम्नलिखित सूत्रों द्वारा प्रदर्शित यौगिकों के नाम लिखिए।
1. \( \text{Al}_2(\text{SO}_4)_3 \)
2. \( \text{CaCl}_2 \)
3. \( \text{K}_2\text{SO}_4 \)
4. \( \text{KNO}_3 \)
5. \( \text{CaCO}_3 \)
Answer: निम्नलिखित रासायनिक सूत्रों के यौगिकों के नाम इस प्रकार हैं:
1. \( \text{Al}_2(\text{SO}_4)_3 \) – एल्युमीनियम सल्फेट
2. \( \text{CaCl}_2 \) – कैल्शियम क्लोराइड
3. \( \text{K}_2\text{SO}_4 \) – पोटेशियम सल्फेट
4. \( \text{KNO}_3 \) – पोटैशियम नाइट्रेट
5. \( \text{CaCO}_3 \) – कैल्शियम कार्बोनेट
इन नामों से हमें पता चलता है कि कौन से तत्व कितनी मात्रा में मिलकर यह यौगिक बना रहे हैं।
In simple words: हमें दिए गए रासायनिक सूत्रों के नाम बताने हैं। हर सूत्र एक खास यौगिक का नाम बताता है।

🎯 Exam Tip: यौगिकों का नामकरण करते समय, धनात्मक आयन (धातु) का नाम पहले और ऋणात्मक आयन (अधातु या बहुपरमाणुक आयन) का नाम बाद में लिखा जाता है।

 

Question 10. निम्नलिखित के द्वारा बने यौगिकों के सूत्र तथा नाम बताइये।
(i) \( \mathrm {Cu}^{2 +} \) तथा \( \mathrm {O}^{2-} \)
(ii) \( \mathbf {K}^{+} \) तथा \( \mathrm {CO} _{3}^{2-} \)
(iii) \( \mathbf {Cu}^{2 +} \) तथा \( \mathrm {SO}_{4}^{2-} \)
(iv) \( \mathbf {Na}^{+} \) तथा \( \mathrm {HCO}_{3}^{-} \)
Answer: निम्नलिखित आयनों के संयोजन से बनने वाले यौगिकों के सूत्र और नाम इस प्रकार हैं:
(i) \( \mathrm {Cu}^{2+} \) तथा \( \mathrm {O}^{2-} \) मिलकर कॉपर(II) ऑक्साइड (\( \text{CuO} \)) बनाते हैं।
(ii) \( \mathrm {K}^{+} \) तथा \( \mathrm {CO}_3^{2-} \) मिलकर पोटैशियम कार्बोनेट (\( \text{K}_2\text{CO}_3 \)) बनाते हैं।
(iii) \( \mathrm {Cu}^{2+} \) तथा \( \mathrm {SO}_4^{2-} \) मिलकर कॉपर(II) सल्फेट (\( \text{CuSO}_4 \)) बनाते हैं।
(iv) \( \mathrm {Na}^{+} \) तथा \( \mathrm {HCO}_3^{-} \) मिलकर सोडियम बाइकार्बोनेट (\( \text{NaHCO}_3 \)) बनाते हैं।
इन यौगिकों का निर्माण आयनों के बीच आवेश के संतुलन के आधार पर होता है।
In simple words: हमें आयनों के जोड़े दिए गए हैं। हमें बताना है कि ये आयन मिलकर कौन सा नया पदार्थ (यौगिक) बनाते हैं और उसका नाम क्या है।

🎯 Exam Tip: आयनिक यौगिकों के सूत्र लिखते समय, आयनों पर मौजूद आवेश को संतुलित करें ताकि कुल आवेश शून्य हो, और बहुपरमाणुक आयनों को कोष्ठक में रखें यदि उनकी संख्या एक से अधिक हो।

 

Question 11. निम्नलिखित के द्वारा बने यौगिकों के सूत्र तथा नाम लिखिए।
(i) \( \mathrm {Fe}^{3 +} \) तथा \( \mathrm {SO}_{4}^{2-} \)
(ii) \( \mathrm {Cr}^{3 +} \) तथा \( \mathrm {PO}_{4}^{3-} \)
(iii) \( \mathbf {Zn}^{2 +} \) तथा \( \mathrm {SO}_{4}^{2-} \)
(iv) \( \mathrm {Na}^{+} \) तथा \( \mathrm {SO}_{4}^{2-} \)
(v) \( \mathrm {Hg}_{2}^{2+} \) तथा \( \mathrm {Cl}^{-} \)
(vi) \( \mathrm {NH}_{4}^{+} \) तथा \( \mathrm {CO}_{3}^{2-} \)
Answer: निम्नलिखित आयनों के संयोजन से बनने वाले यौगिकों के सूत्र और नाम इस प्रकार हैं:
(i) \( \mathrm{Fe}^{3+} \) तथा \( \mathrm{SO}_4^{2-} \) से फेरिक सल्फेट (\( \text{Fe}_2(\text{SO}_4)_3 \)) बनता है।
(ii) \( \mathrm{Cr}^{3+} \) तथा \( \mathrm{PO}_4^{3-} \) से क्रोमियम फॉस्फेट (\( \text{CrPO}_4 \)) बनता है।
(iii) \( \mathrm{Zn}^{2+} \) तथा \( \mathrm{SO}_4^{2-} \) से जिंक सल्फेट (\( \text{ZnSO}_4 \)) बनता है।
(iv) \( \mathrm{Na}^{+} \) तथा \( \mathrm{SO}_4^{2-} \) से सोडियम सल्फेट (\( \text{Na}_2\text{SO}_4 \)) बनता है।
(v) \( \mathrm{Hg}_2^{2+} \) तथा \( \mathrm{Cl}^{-} \) से मरक्यूरस क्लोराइड (\( \text{Hg}_2\text{Cl}_2 \)) बनता है।
(vi) \( \mathrm{NH}_4^{+} \) तथा \( \mathrm{CO}_3^{2-} \) से अमोनियम कार्बोनेट (\( \text{(NH}_4\text{)}_2\text{CO}_3 \)) बनता है।
इन यौगिकों का नामकरण उनके घटक आयनों और उनकी संयोजकता के आधार पर किया जाता है।
In simple words: हमें कुछ आयनों के जोड़े दिए गए हैं। हमें बताना है कि वे मिलकर कौन सा यौगिक बनाते हैं और उसका नाम क्या है।

🎯 Exam Tip: विभिन्न ऑक्सीकरण अवस्थाओं वाले धातुओं के लिए उनके नाम के साथ रोमन अंक में ऑक्सीकरण अवस्था को दर्शाना न भूलें, जैसे कॉपर(I) या आयरन(III)।

 

Question 12. निम्नलिखित यौगिकों के सूत्र लिखिए।
1. जिंक फॉस्फेट,
2. अमोनियम ऑक्सेलेट,
3. मरक्यूरिक क्लोराइड,
4. मरक्यूरस नाइट्रेट,
5. एल्युमीनियम फ्लोराइड,
6. क्रोमियम(III) क्लोराइड,
7. लेड(II) एसीटेट,
8. कॉपर(I) ऑक्साइड,
9. कॉपर(II) फॉस्फेट,
10. निकिल नाइट्रेट
Answer: निम्नलिखित यौगिकों के सूत्र इस प्रकार हैं:
1. जिंक फॉस्फेट: \( \text{Zn}_3(\text{PO}_4)_2 \)
2. अमोनियम ऑक्सेलेट: \( \text{(NH}_4\text{)}_2\text{C}_2\text{O}_4 \)
3. मरक्यूरिक क्लोराइड: \( \text{HgCl}_2 \)
4. मरक्यूरस नाइट्रेट: \( \text{Hg}_2(\text{NO}_3)_2 \)
5. एल्युमीनियम फ्लोराइड: \( \text{AlF}_3 \)
6. क्रोमियम(III) क्लोराइड: \( \text{CrCl}_3 \)
7. लेड(II) एसीटेट: \( \text{Pb}(\text{COOCH}_3)_2 \)
8. कॉपर(I) ऑक्साइड: \( \text{Cu}_2\text{O} \)
9. कॉपर(II) फॉस्फेट: \( \text{Cu}_3(\text{PO}_4)_2 \)
10. निकिल नाइट्रेट: \( \text{Ni}(\text{NO}_3)_2 \)
रासायनिक सूत्र लिखते समय, हमें यौगिकों में मौजूद आयनों की संयोजकता को संतुलित करना होता है।
In simple words: हमें कुछ यौगिकों के नाम दिए गए हैं। हमें उनके रासायनिक सूत्र लिखने हैं, जो दिखाते हैं कि वे किन तत्वों से मिलकर बने हैं।

🎯 Exam Tip: जटिल आयनों वाले यौगिकों के सूत्र लिखते समय, आयनों को कोष्ठक में रखना और बाहर उनकी संख्या को लिखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 13. निम्नलिखित यौगिकों के नाम लिखिए।
1. \( \text{Na}_2\text{SO}_4 \)
2. \( \text{(NH}_4\text{)}_2\text{SO}_4 \)
3. \( \text{Mn(OH)}_2 \)
4. \( \text{NaOH} \)
5. \( \text{ZnSO}_4 \)
6. \( \text{COCl}_2 \)
7. \( \text{KClO}_3 \)
8. \( \text{KBr} \)
9. \( \text{FeCl}_3 \)
10. \( \text{Al}_2\text{O}_3 \)
11. \( \text{(NH}_4\text{)}_2\text{Cr}_2\text{O}_7 \)
12. \( \text{AgNO}_3 \)
Answer: निम्नलिखित यौगिकों के नाम इस प्रकार हैं:
1. \( \text{Na}_2\text{SO}_4 \) – सोडियम सल्फेट
2. \( \text{(NH}_4\text{)}_2\text{SO}_4 \) – अमोनियम सल्फेट
3. \( \text{Mn(OH)}_2 \) – मैंगनीज(II) हाइड्रॉक्साइड
4. \( \text{NaOH} \) – सोडियम हाइड्रॉक्साइड
5. \( \text{ZnSO}_4 \) – जिंक सल्फेट
6. \( \text{COCl}_2 \) – कार्बोनिल क्लोराइड
7. \( \text{KClO}_3 \) – पोटैशियम क्लोरेट
8. \( \text{KBr} \) – पोटैशियम ब्रोमाइड
9. \( \text{FeCl}_3 \) – फेरिक क्लोराइड (या आयरन(III) क्लोराइड)
10. \( \text{Al}_2\text{O}_3 \) – एल्युमीनियम ऑक्साइड
11. \( \text{(NH}_4\text{)}_2\text{Cr}_2\text{O}_7 \) – अमोनियम डाइक्रोमेट
12. \( \text{AgNO}_3 \) – सिल्वर नाइट्रेट
यौगिकों का नामकरण उनके घटक तत्वों और आयनों के आधार पर किया जाता है।
In simple words: हमें कुछ रासायनिक सूत्र दिए गए हैं। हमें हर सूत्र के यौगिक का नाम बताना है।

🎯 Exam Tip: विभिन्न ऑक्सीकरण अवस्थाओं वाले तत्वों के यौगिकों का नामकरण करते समय, स्टॉक नोटेशन (जैसे आयरन(II) क्लोराइड) या सामान्य नाम (जैसे फेरस क्लोराइड) का उपयोग करें।

 

निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. अणुसूत्र से हमें क्या जानकारी प्राप्त होती है ?
Answer: एक अणुसूत्र से हमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलती हैं:
* यह हमें पदार्थ का रासायनिक नाम बताता है, जैसे \( \text{KCl} \) का नाम पोटैशियम क्लोराइड है।
* इससे हमें यह पता चलता है कि यौगिक किन तत्वों से मिलकर बना है। उदाहरण के लिए, \( \text{H}_2\text{O} \) में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन तत्व होते हैं।
* यह हमें अणु में मौजूद कुल परमाणुओं की संख्या की जानकारी देता है। जैसे \( \text{H}_2\text{SO}_4 \) में दो हाइड्रोजन, एक सल्फर और चार ऑक्सीजन परमाणु हैं।
* यदि हमें तत्वों के परमाणु भार पता हों, तो अणुसूत्र का उपयोग करके हम यौगिक का कुल अणुभार भी निकाल सकते हैं।
अणुसूत्र रसायन विज्ञान में किसी यौगिक की पहचान का एक महत्वपूर्ण तरीका है।
In simple words: अणुसूत्र से हमें पता चलता है कि किसी चीज का नाम क्या है, वह किन-किन चीजों से बनी है, उसमें कितने छोटे कण (परमाणु) हैं, और वह कितनी भारी है।

🎯 Exam Tip: अणुसूत्र किसी भी यौगिक का मूल पहचान पत्र होता है, जिससे उसकी मौलिक संरचना और मात्रात्मक जानकारी प्राप्त होती है।

 

Question 2. आयनिक यौगिकों के गुण लिखिए।
Answer: आयनिक यौगिकों के कुछ खास गुण होते हैं:
1. **प्रकृति:** ये आमतौर पर क्रिस्टलीय ठोस, सख्त और आसानी से टूटने वाले (भंगुर) होते हैं।
2. **गलनांक और क्वथनांक:** इनके गलनांक (पिघलने का बिंदु) और क्वथनांक (उबलने का बिंदु) बहुत ऊँचे होते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि इनमें मौजूद विपरीत आवेश वाले आयनों के बीच बहुत मजबूत आकर्षण बल होता है, जिसे तोड़ने के लिए बहुत ऊर्जा लगती है।
3. **विलेयता:** ये ध्रुवीय विलायकों, जैसे पानी में आसानी से घुल जाते हैं, लेकिन अध्रुवीय विलायकों, जैसे बेंजीन या ईथर में नहीं घुलते।
4. **चालकता:** ठोस अवस्था में ये बिजली के कुचालक होते हैं, लेकिन पिघली हुई अवस्था में या पानी में घुलने पर ये बिजली के अच्छे सुचालक बन जाते हैं।
5. **अभिक्रियाएँ:** आयनिक यौगिक बहुत तेजी से रासायनिक अभिक्रियाएँ करते हैं।
ये सभी गुण आयनिक बन्ध की ताकत और प्रकृति के कारण होते हैं।
In simple words: आयनिक यौगिक क्रिस्टल जैसे होते हैं, बहुत मजबूत होते हैं, जल्दी पिघलते नहीं हैं, पानी में घुल जाते हैं, और पिघलने पर बिजली चला सकते हैं। वे बहुत जल्दी प्रतिक्रिया भी करते हैं।

🎯 Exam Tip: आयनिक यौगिकों की उच्च गलनांक और विद्युत चालकता (गलित अवस्था में) उनकी आयनिक प्रकृति और मजबूत स्थिरवैद्युत बलों का सीधा परिणाम है।

 

Question 4. रासायनिक समीकरण की विशेषताएँ लिखिए ?
Answer: रासायनिक समीकरण की कई मुख्य विशेषताएँ होती हैं:
* यह हमें बताता है कि अभिक्रिया में कौन से पदार्थ (क्रियाकारक) भाग ले रहे हैं और कौन से नए पदार्थ (क्रियाफल) बन रहे हैं।
* एक संतुलित रासायनिक समीकरण से हमें यह भी पता चलता है कि अभिक्रिया में क्रियाकारकों और उत्पादों के कितने अणु भाग ले रहे हैं।
* यह समीकरण पदार्थों की सही मात्राओं को दर्शाता है जो अभिक्रिया में भाग लेती हैं या बनती हैं।
* अगर क्रियाकारक और उत्पाद गैसीय अवस्था में हों, तो समीकरण उनके आयतन के अनुपात की जानकारी भी देता है।
रासायनिक समीकरण विज्ञान में अभिक्रियाओं को समझने का एक महत्वपूर्ण उपकरण है।
In simple words: रासायनिक समीकरण बताता है कि कौन सी चीजें मिलकर क्या बनाती हैं, कितनी मात्रा में बनाती हैं, और अगर वे गैस हैं तो कितना जगह घेरती हैं।

🎯 Exam Tip: रासायनिक समीकरण द्रव्यमान संरक्षण के नियम का पालन करता है, जहाँ अभिक्रिया से पहले और बाद में परमाणुओं की कुल संख्या समान रहती है।

 

Question 5. रासायनिक समीकरण की सीमाएँ लिखिए।
Answer: रासायनिक समीकरणों की कुछ सीमाएँ (कमियाँ) भी होती हैं:
* यह हमें क्रियाकारकों और उत्पादों की भौतिक अवस्था (जैसे ठोस, द्रव या गैस) के बारे में सीधे तौर पर कुछ नहीं बताता।
* यह समीकरण यह नहीं बताता कि अभिक्रिया एक ही दिशा में (अनुत्क्रमणीय) हो रही है या दोनों दिशाओं में (उत्क्रमणीय) हो सकती है।
* हमें यह नहीं पता चलता कि अभिक्रिया के दौरान ऊष्मा निकल रही है (ऊष्माक्षेपी) या अवशोषित हो रही है (ऊष्माशोषी)।
* यह नहीं बताया जाता कि अभिक्रिया के लिए कौन सा तापमान और दबाव आवश्यक है।
* हमें यह भी नहीं पता चलता कि अभिक्रिया कितनी देर में पूरी होगी या पूरी तरह से संपन्न होगी भी या नहीं।
इन सीमाओं के कारण, समीकरण के साथ कुछ अतिरिक्त जानकारी देना आवश्यक हो जाता है।
In simple words: रासायनिक समीकरण कुछ बातें नहीं बताता, जैसे चीजें ठोस हैं या तरल, अभिक्रिया उल्टी हो सकती है या नहीं, गर्मी निकल रही है या अंदर जा रही है, और यह कब या कितनी देर में पूरी होगी।

🎯 Exam Tip: इन सीमाओं को दूर करने के लिए, रासायनिक समीकरणों में विभिन्न प्रतीकों और शर्तों (जैसे \( \Delta \), \( \text{g} \), \( \text{l} \), \( \text{s} \), उत्प्रेरक) का उपयोग किया जाता है।

 

Question 6. रासायनिक समीकरण की कमियों को किस प्रकार दूर करते हैं ?
Answer: रासायनिक समीकरणों की कमियों को दूर करने के लिए कुछ अतिरिक्त जानकारी जोड़ी जाती है:
* **भौतिक अवस्था:** क्रियाकारकों और उत्पादों की भौतिक अवस्था को दर्शाने के लिए उनके रासायनिक सूत्र के बाद कोष्ठक में अक्षर लिखे जाते हैं - ठोस के लिए \( \text{(s)} \), द्रव के लिए \( \text{(l)} \), और गैस के लिए \( \text{(g)} \)।
उदाहरण के लिए:
\[ \mathrm { CaCO } _ { 3 ( \mathrm {s})} \longrightarrow \mathrm { CaO } _ {(s)} + \mathrm {CO} _ {2(\mathrm {g})}. \]
* **ताप और दाब:** अभिक्रिया के लिए आवश्यक तापमान और दबाव को तीर के निशान के ऊपर या नीचे लिखा जाता है।
उदाहरण के लिए:
\[ \mathrm { N_2 + 3H_2 \xrightarrow[200 \text{ atm}]{723K} 2NH_3 } \]
* **उत्प्रेरक और अन्य शर्तें:** उत्प्रेरक (जो अभिक्रिया की गति बढ़ाता है) और अन्य विशेष जानकारी (जैसे कि किसी विलायक का उपयोग) को भी तीर के निशान के ऊपर या नीचे दर्शाया जाता है।
इन तरीकों से समीकरण अधिक विस्तृत और समझने में आसान बन जाता है।
In simple words: रासायनिक समीकरण की अधूरी जानकारी को पूरा करने के लिए, हम ठोस, द्रव, गैस को छोटे अक्षरों में दिखाते हैं, तापमान और दबाव को तीर के ऊपर या नीचे लिखते हैं, और उत्प्रेरक जैसी खास चीजों को भी तीर पर लिखते हैं।

🎯 Exam Tip: यह सुनिश्चित करें कि सभी भौतिक अवस्थाएँ (ठोस, द्रव, गैस, जलीय) और अभिक्रिया की विशेष परिस्थितियाँ (तापमान, दाब, उत्प्रेरक) समीकरण में स्पष्ट रूप से दर्शाई गई हों ताकि यह पूरी तरह से जानकारीपूर्ण हो।

 

Question 7. निम्नलिखित अभिक्रियाओं को सन्तुलित करिए।
(i) \( \text{CH}_4\text{Cl} + \text{Cl}_2 \longrightarrow \text{CH}_3\text{Cl} + \text{HCl} \)
(ii) \( \text{Ba(OH)}_2 +\text{HBr} \longrightarrow \text{BaBr}_2 + \text{H}_2\text{O} \)
(iii) \( \text{BaCl}_2 + \text{Al}_2 (\text{SO}_4)_3 \longrightarrow \text{AlCl}_3 + \text{BaSO}_4 \)
(iv) \( \text{BaCl}_2 + \text{Na}_2\text{SO}_4 \longrightarrow \text{BaSO}_4 + \text{NaCl} \)
(v) \( \text{KClO}_3 \longrightarrow \text{KCl} + \text{O}_2 \)
Answer: निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रियाओं को संतुलित करने पर हमें ये परिणाम मिलते हैं:
(i) \( 2\text{CH}_4\text{Cl} + \text{Cl}_2 \longrightarrow 2\text{CH}_3\text{Cl} + 2\text{HCl} \)
(ii) \( \text{Ba(OH)}_2 +2\text{HBr} \longrightarrow \text{BaBr}_2 + 2\text{H}_2\text{O} \)
(iii) \( 3\text{BaCl}_2 + \text{Al}_2 (\text{SO}_4)_3 \longrightarrow 2\text{AlCl}_3 + 3\text{BaSO}_4 \)
(iv) \( \text{BaCl}_2 + \text{Na}_2\text{SO}_4 \longrightarrow \text{BaSO}_4 + 2\text{NaCl} \)
(v) \( 2\text{KClO}_3 \longrightarrow 2\text{KCl} + 3\text{O}_2 \)
अभिक्रियाओं को संतुलित करने से द्रव्यमान संरक्षण का नियम बनाए रखा जाता है, जिसका अर्थ है कि अभिक्रिया से पहले और बाद में परमाणुओं की संख्या समान रहती है।
In simple words: हमें कुछ रासायनिक समीकरणों को ठीक करना है ताकि दोनों तरफ के परमाणुओं की संख्या बराबर हो जाए।

🎯 Exam Tip: रासायनिक समीकरण को संतुलित करने के लिए, 'हिट एंड ट्रायल' विधि का उपयोग करें, जिसमें प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या को क्रियाकारक और उत्पाद दोनों तरफ बराबर किया जाता है।

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