RBSE Solutions Class 9 Science Chapter 2 पदार्थ की संरचना एवं अणु

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Detailed Chapter 2 पदार्थ की संरचना एवं अणु RBSE Solutions for Class 9 Science

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Class 9 Science Chapter 2 पदार्थ की संरचना एवं अणु RBSE Solutions PDF

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. महर्षि कणाद ने परमाणु की जानकारी कब दी थी।
(अ) 500 ईसा पूर्व
(ब) 100 ईसा पूर्व
(स) 460 ईसा पूर्व
(द) 1808 ईसव में।
Answer: (अ) 500 ईसा पूर्व
In simple words: महर्षि कणाद ने आज से बहुत साल पहले, लगभग 500 ईसा पूर्व में, परमाणु के बारे में बताया था।

🎯 Exam Tip: भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान से संबंधित प्रश्नों में नाम और समयकाल को सटीकता से याद रखें।

 

Question 2. ओजोन में ऑक्सीजन की परमाणुकता कितनी है?
(अ) 1
(ब) 2
(स) 3
(द) 4.
Answer: (स) 3
In simple words: ओजोन गैस में ऑक्सीजन के 3 परमाणु होते हैं, इसलिए उसकी परमाणुकता 3 है।

🎯 Exam Tip: किसी भी अणु की परमाणुकता को पहचानने के लिए, उसमें मौजूद सभी परमाणुओं की कुल संख्या को गिनें।

 

Question 3. निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ कमरे के ताप पर ठोस नहीं है?
(अ) नमक
(ब) फिटकरी
(स) ऑक्सीजन
(द) नौसादार।
Answer: (स) ऑक्सीजन
In simple words: ऑक्सीजन कमरे के सामान्य तापमान पर गैस होती है, जबकि नमक, फिटकरी और नौसादार (अमोनियम क्लोराइड) ठोस होते हैं।

🎯 Exam Tip: सामान्य तापमान पर पदार्थों की अवस्थाओं (ठोस, द्रव, गैस) को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ऐसे प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।

 

Question 4. वह ताप जिस पर द्रव, ठोस में बदलता है; कहलाता है?
(अ) गलनांक
(ब) क्वथनांक
(स) निगांक
(द) रापगण पाना
Answer: (स) हिमांक
In simple words: जिस तापमान पर कोई तरल पदार्थ जम कर ठोस बन जाता है, उसे उसका हिमांक (या जमाव बिंदु) कहते हैं। यह गलनांक के विपरीत होता है।

🎯 Exam Tip: गलनांक वह ताप है जिस पर ठोस पिघलता है, जबकि हिमांक वह ताप है जिस पर द्रव जमता है। इन दोनों के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझें।

अति लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 6. सर्वप्रथम परमाणु की जानकारी किसने दी थी ?
Answer: सर्वप्रथम परमाणु की जानकारी महर्षि कणाद ने दी थी। उन्होंने बताया था कि पदार्थ अविभाज्य कणों से बने होते हैं।
In simple words: महर्षि कणाद ने सबसे पहले परमाणु के बारे में बताया था।

🎯 Exam Tip: भारतीय दार्शनिकों के विज्ञान में योगदान को याद रखें, विशेषकर परमाणु की अवधारणा से संबंधित।

 

Question 7. परमाणु का आकार लगभग कितना होता है ?
Answer: परमाणु का आकार लगभग \( 10^{-10} \) मीटर (m) की सीमा का होता है। यह आकार इतना छोटा होता है कि इसे नग्न आँखों से नहीं देखा जा सकता।
In simple words: परमाणु बहुत छोटे होते हैं, उनका आकार लगभग एक मीटर के दस अरबवें हिस्से जितना होता है।

🎯 Exam Tip: परमाणु के आकार को हमेशा घातों के रूप में व्यक्त किया जाता है क्योंकि वे बहुत छोटे होते हैं। सही घात याद रखें।

 

Question 8. जल का अणुसूत्र लिखिए।
Answer: जल का अणुसूत्र \( \text{H}_2\text{O} \) है। इसमें दो हाइड्रोजन परमाणु और एक ऑक्सीजन परमाणु होता है।
In simple words: पानी का सूत्र \( \text{H}_2\text{O} \) होता है।

🎯 Exam Tip: सामान्य रासायनिक यौगिकों के सही रासायनिक सूत्र और उनके घटकों को जानना आवश्यक है।

 

Question 9. तेल व जल का मिश्रण किस प्रकार का मिश्रण है?
Answer: तेल व जल का मिश्रण विषमांगी मिश्रण है। ऐसा इसलिए है क्योंकि तेल और पानी आपस में पूरी तरह से घुलते नहीं हैं और अलग-अलग परतें बनाते हैं।
In simple words: तेल और पानी का मिश्रण विषमांगी होता है, क्योंकि वे आपस में नहीं मिलते।

🎯 Exam Tip: समांगी मिश्रण में घटक एक समान रूप से मिश्रित होते हैं, जबकि विषमांगी मिश्रण में वे अलग-अलग दिखते हैं। अंतर को समझें।

 

Question 10. रेतीले जल से जल को किस विधि से पृथक् करते
Answer: रेतीले जल से जल को निस्पंदन विधि (filtration) द्वारा पृथक् करते हैं। इस विधि में रेत जैसे ठोस कणों को फिल्टर पेपर के माध्यम से अलग किया जाता है, जिससे शुद्ध जल प्राप्त होता है।
In simple words: रेत वाले पानी से पानी को छानने (निस्पंदन) से अलग करते हैं।

🎯 Exam Tip: निस्पंदन विधि का उपयोग हमेशा ठोस कणों को द्रव से अलग करने के लिए किया जाता है जब ठोस द्रव में अघुलनशील होते हैं।

 

Question 12. एक परमाणुक अणु का एक उदाहरण दीजिए।
Answer: एक परमाणुक अणु का एक उदाहरण ऑर्गन (Ar) है। ऐसे अणु केवल एक परमाणु से मिलकर बने होते हैं।
In simple words: ऑर्गन एक ऐसा अणु है जिसमें सिर्फ एक परमाणु होता है।

🎯 Exam Tip: एक परमाणुक अणु वे होते हैं जिनमें केवल एक परमाणु होता है, जैसे उत्कृष्ट गैसें (हीलियम, नियॉन, ऑर्गन आदि)।

 

Question 13. द्रव्य की वह कौन-सी अवस्था है जिसमें आकार व आयतन निश्चित होता है?
Answer: द्रव्य की ठोस अवस्था में आकार और आयतन दोनों निश्चित होते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि ठोस के कण बहुत कसकर बंधे होते हैं और हिल नहीं सकते।
In simple words: ठोस अवस्था में किसी भी चीज का आकार और आयतन दोनों तय होते हैं।

🎯 Exam Tip: ठोस, द्रव और गैस की अवस्थाओं के मूलभूत गुणों - आकार, आयतन, संपीड्यता और बहाव को अच्छी तरह से समझें।

 

Question 14. C.N.C का पूरा नाम बताइए।
Answer: C.N.C. का पूरा नाम संपीडित प्राकृतिक गैस (Compressed Natural Gas) है। इसे सामान्यतः CNG के रूप में जाना जाता है और इसका उपयोग वाहनों में ईंधन के रूप में होता है।
In simple words: C.N.C. का मतलब 'संपीडित प्राकृतिक गैस' है, जिसे हम C.N.G. कहते हैं।

🎯 Exam Tip: संक्षिप्त रूपों (एक्रोनियम) को याद करते समय उनके सही पूर्ण रूप और संबंधित तकनीकी शब्द को भी याद रखें।

 

Question 15. द्रव को वाष्प में बदलने की क्रिया क्या कहलाती
Answer: द्रव को वाष्प में बदलने की क्रिया वाष्पन (Evaporation) कहलाती है। यह क्रिया द्रव के क्वथनांक से नीचे किसी भी तापमान पर हो सकती है।
In simple words: किसी द्रव का गैस में बदलना 'वाष्पन' कहलाता है।

🎯 Exam Tip: वाष्पन और क्वथन के बीच के अंतर को समझें - वाष्पन किसी भी तापमान पर होता है, जबकि क्वथन एक निश्चित तापमान (क्वथनांक) पर।

लघूत्तरात्मक

 

Question 16. गलनांक किसे कहते हैं ? परिभाषा लिखिए।
Answer: वह तापमान जिस पर कोई ठोस पदार्थ पिघलकर द्रव अवस्था में बदल जाता है, उसे उस पदार्थ का गलनांक कहते हैं। उदाहरण के लिए, बर्फ का गलनांक \(273.16\text{K}\) होता है।
In simple words: गलनांक वह तापमान है जिस पर कोई ठोस चीज पिघलकर पानी बन जाती है।

🎯 Exam Tip: गलनांक एक निश्चित तापमान होता है जो किसी पदार्थ की शुद्धता का एक महत्वपूर्ण संकेतक है।

 

Question 17. वाष्पन की गुप्त ऊष्मा की परिभाषा लिखिए।
Answer: वायुमंडलीय दाब पर, 1 किलोग्राम द्रव को उसके क्वथनांक पर वाष्प अवस्था में बदलने के लिए जितनी ऊष्मीय ऊर्जा की आवश्यकता होती है, उसे वाष्पन की गुप्त ऊष्मा कहते हैं। यह ऊर्जा पदार्थ के तापमान को बढ़ाए बिना अवस्था परिवर्तन करती है।
In simple words: वाष्पन की गुप्त ऊष्मा वह गर्मी है जो 1 किलो पानी को उबलने के तापमान पर भाप बनाने के लिए चाहिए होती है।

🎯 Exam Tip: गुप्त ऊष्मा अवस्था परिवर्तन के लिए आवश्यक ऊर्जा है, जो तापमान को नहीं बढ़ाती है। इस अवधारणा को क्वथनांक के साथ जोड़कर समझें।

 

Question 18. तत्व व यौगिक में एक अन्तर लिखिए।
Answer: तत्व ऐसे पदार्थ होते हैं जिन्हें किसी भी रासायनिक विधि से सरल पदार्थों में विभाजित नहीं किया जा सकता, जैसे लोहा या गंधक। इसके विपरीत, यौगिक दो या दो से अधिक तत्वों के निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोग से बनते हैं, जैसे नमक, जल, अमोनिया या सल्फ्यूरिक अम्ल।
In simple words: तत्व सबसे साधारण चीज़ें हैं जिन्हें तोड़ नहीं सकते, जबकि यौगिक दो या ज़्यादा तत्वों से मिलकर बनते हैं।

🎯 Exam Tip: तत्वों की अपनी पहचान होती है, जबकि यौगिकों के गुणधर्म उनके घटक तत्वों से अलग होते हैं।

 

Question 19. मिश्रण क्या है ? एक उदाहरण दीजिए।
Answer: मिश्रण वह पदार्थ है जो दो या दो से अधिक तत्वों या यौगिकों को किसी भी अनिश्चित मात्रा में मिलाने से बनता है। मिश्रण में घटक अपने मूल गुणों को बनाए रखते हैं। उदाहरण के लिए, वायु एक मिश्रण है जिसमें नाइट्रोजन (\(\text{N}_2\)), ऑक्सीजन (\(\text{O}_2\)), कार्बन डाइऑक्साइड (\(\text{CO}_2\)) और जल वाष्प (\(\text{H}_2\text{O}\)) आदि होते हैं।
In simple words: मिश्रण तब बनता है जब दो या ज़्यादा चीजें एक साथ मिल जाती हैं लेकिन आपस में जुड़ती नहीं हैं। हवा एक अच्छा उदाहरण है।

🎯 Exam Tip: मिश्रण और यौगिक के बीच मुख्य अंतर यह है कि मिश्रण में घटक किसी भी अनुपात में हो सकते हैं और अपने गुणों को बनाए रखते हैं, जबकि यौगिक में घटक निश्चित अनुपात में रासायनिक रूप से जुड़ते हैं।

 

Question 20. द्रव अवस्था के चार गुणधर्म लिखिए।
Answer: द्रव अवस्था के चार मुख्य गुणधर्म निम्नलिखित हैं:

  • द्रव का आकार अनिश्चित होता है; यह उस पात्र का आकार ले लेता है जिसमें इसे रखा जाता है।
  • द्रव का आयतन निश्चित होता है; यह किसी भी पात्र में रखने पर भी अपना आयतन नहीं बदलता।
  • द्रव का घनत्व गैस से अधिक होता है परंतु ठोस से कम होता है।
  • द्रव में संपीड्यता बहुत कम होती है, यानी इसे दबाकर उसका आयतन कम करना बहुत मुश्किल होता है।
पानी, दूध और तेल सामान्य द्रव के उदाहरण हैं।
In simple words: द्रव का आकार बर्तन जैसा होता है, आयतन नहीं बदलता, गैस से भारी होता है पर ठोस से हल्का, और इसे दबाना मुश्किल होता है।

🎯 Exam Tip: प्रत्येक अवस्था (ठोस, द्रव, गैस) के विशिष्ट गुणों को तुलनात्मक रूप से याद रखें ताकि अंतर स्पष्ट रहे।

 

Question 21. भौतिक परिवर्तन क्या है ? एक उदाहरण दीजिए।
Answer: भौतिक परिवर्तन वे बदलाव होते हैं जिनमें किसी पदार्थ के रासायनिक गुण समान रहते हैं, परंतु उसके भौतिक गुणों जैसे आकार, अवस्था या रंग में परिवर्तन हो जाता है। इन परिवर्तनों में कोई नया पदार्थ नहीं बनता। उदाहरण के लिए, बर्फ को गर्म करने पर वह जल में बदल जाती है:
\( \text{H}_2\text{O}(\text{s}) \xrightarrow{\text{गर्म}} \text{H}_2\text{O}(\text{l}) \). यह केवल अवस्था का परिवर्तन है, पानी का रासायनिक सूत्र वही रहता है।
In simple words: भौतिक परिवर्तन में चीज़ बस अपना रूप बदलती है, लेकिन अंदर से वही रहती है, जैसे बर्फ का पिघलकर पानी बनना।

🎯 Exam Tip: भौतिक परिवर्तन अक्सर उत्क्रमणीय होते हैं, यानी मूल पदार्थ को वापस प्राप्त किया जा सकता है, जबकि रासायनिक परिवर्तन आमतौर पर अनुत्क्रमणीय होते हैं।

 

Question 22. गैसों के दृवीकरण पर दाब के प्रभाव को समझाइए।
Answer: गैसों का द्रवीकरण दाब बढ़ाकर और तापमान कम करके किया जा सकता है। गैसों के कणों के बीच काफी रिक्त स्थान होता है; जब उच्च दाब लगाया जाता है, तो ये कण एक-दूसरे के करीब आ जाते हैं। साथ ही, तापमान कम करने से कणों की गतिज ऊर्जा घट जाती है। इन दोनों प्रभावों के कारण, कणों के बीच लगने वाला आकर्षण बल उन्हें द्रव अवस्था में बदलने में मदद करता है।
In simple words: ज़्यादा दबाव डालने और ठंडा करने से गैस के कण पास आ जाते हैं और वह तरल बन जाती है।

🎯 Exam Tip: गैसों को द्रव में बदलने के लिए उच्च दाब और निम्न ताप की आवश्यकता होती है, क्योंकि इससे कण एक-दूसरे के करीब आकर आकर्षण बल के तहत बंध जाते हैं।

 

Question 24. पृथक्कारी कीप से किस प्रकार के मिश्रण को अलग किया जा सकता है ?
Answer: पृथक्कारी कीप (separating funnel) का उपयोग दो अमिश्रणीय द्रवों के मिश्रण को अलग करने के लिए किया जाता है। अमिश्रणीय द्रव वे होते हैं जो आपस में घुलते नहीं हैं, जैसे तेल और जल। मिश्रण को पृथक्कारी कीप में डालने पर, दोनों द्रव अपनी घनत्व के अनुसार अलग-अलग परतें बना लेते हैं। निचली, भारी परत को स्टॉप कॉर्क खोलकर आसानी से बाहर निकाला जा सकता है, जिससे दोनों द्रव अलग हो जाते हैं।
In simple words: पृथक्कारी कीप से ऐसे तरल पदार्थों को अलग करते हैं जो आपस में घुलते नहीं, जैसे तेल और पानी।

🎯 Exam Tip: पृथक्करण कीप का उपयोग केवल उन द्रवों के लिए किया जाता है जो एक-दूसरे में घुलते नहीं हैं और अलग-अलग घनत्व के कारण परतें बनाते हैं।

 

Question 25. यौगिक की परिभाषा लिखकर एक उदाहरण दीजिए।
Answer: यौगिक वह पदार्थ है जो दो या दो से अधिक तत्वों के परमाणुओं के निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोग करके बनता है। यौगिकों के गुणधर्म उनके घटक तत्वों के गुणधर्मों से पूरी तरह भिन्न होते हैं। उदाहरण के लिए, नमक (\(\text{NaCl}\)), जल (\(\text{H}_2\text{O}\)) और अमोनिया (\(\text{NH}_3\)) सभी यौगिक हैं।
In simple words: यौगिक वह चीज़ है जो दो या ज़्यादा तत्वों के ठीक-ठीक मिलने से बनती है, जैसे पानी या नमक।

🎯 Exam Tip: यौगिकों में घटक रासायनिक बंधन से जुड़े होते हैं और उन्हें भौतिक विधियों से अलग नहीं किया जा सकता, केवल रासायनिक विधियों से।

निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 26. द्रव्य की अवस्था परिवर्तन पर ताप का प्रभाव समझाइए।
Answer: द्रव्य की अवस्था पर ताप का बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है।

  • ठोस अवस्था पर ताप का प्रभाव: जब किसी ठोस को गर्म किया जाता है, तो उसके कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है, जिससे वे अपनी स्थिति पर कंपन करने लगते हैं। अधिक ताप देने पर कणों की ऊर्जा इतनी बढ़ जाती है कि उनके बीच का आकर्षण बल कमजोर पड़ने लगता है और कण अपने निश्चित स्थान को छोड़कर स्वतंत्र रूप से गति करने लगते हैं। इस अवस्था में ठोस पिघलकर द्रव में परिवर्तित हो जाता है।
  • द्रव अवस्था पर ताप का प्रभाव: जब किसी द्रव को गर्म किया जाता है, तो द्रव के कणों की गतिज ऊर्जा बहुत अधिक बढ़ जाती है। कणों के बीच का आकर्षण बल लगभग खत्म हो जाता है और कण बहुत तेजी से गति करने लगते हैं। परिणामस्वरूप, द्रव गैस अवस्था में परिवर्तित हो जाता है।
यह अवस्था परिवर्तन पदार्थ के अणुओं की ऊर्जा और आकर्षण बल में परिवर्तन के कारण होता है।
In simple words: गर्मी देने पर ठोस पिघलकर पानी बन जाता है क्योंकि उसके कण तेज़ी से हिलने लगते हैं। पानी को और गर्मी देने पर वह भाप बन जाता है क्योंकि कण और भी तेज़ी से दूर-दूर भागने लगते हैं।

🎯 Exam Tip: अवस्था परिवर्तन के दौरान पदार्थ का तापमान स्थिर रहता है; दी गई ऊष्मा (गुप्त ऊष्मा) का उपयोग कणों के बीच के आकर्षण बल को तोड़ने में होता है।

 

Question 27. ऊर्ध्वपातन को नामांकित चित्र बनाकर समझाइए।
Answer: ऊर्ध्वपातन (Sublimation) वह प्रक्रिया है जिसमें कोई ठोस पदार्थ बिना द्रव अवस्था में बदले सीधे गैस अवस्था में परिवर्तित हो जाता है, और गैस को ठंडा करने पर वह सीधे ठोस में बदल जाती है। नौसादर (अमोनियम क्लोराइड) और कपूर इस प्रक्रिया का एक अच्छा उदाहरण हैं। नीचे दिए गए चित्र में ऊर्ध्वपातन की प्रक्रिया को दर्शाया गया है।
बर्नर चीनी मिट्टी की प्याली नमक उल्टा रखा हुआ काँच ठोस बना अमोनियम क्लोराइड वाष्प बना अमोनियम क्लोराइड चित्र-ऊर्ध्वपातन
In simple words: ऊर्ध्वपातन में कोई ठोस चीज़ बिना पिघले सीधा गैस बन जाती है, जैसे कपूर। चित्र में दिखाया गया है कि कैसे गर्म करने पर नमक और अमोनियम क्लोराइड अलग होते हैं।

🎯 Exam Tip: ऊर्ध्वपातन के उदाहरणों को याद रखें (जैसे कपूर, नेफ्थलीन, अमोनियम क्लोराइड) और नामांकित चित्र का अभ्यास करें।

 

Question 28. ठोस, द्रव व गैस अवस्था में तीन-तीन अन्तर लिखिए।
Answer: ठोस, द्रव और गैस अवस्था में तीन मुख्य अंतर इस प्रकार हैं:

ठोसद्रवगैस
1. ठोस का आकार निश्चित होता है।1. द्रव का आकार अनिश्चित होता है। ये पात्र के अनुसार आकार ले लेते हैं।1. गैस का आकार अनिश्चित होता है, यह पात्र के अनुसार आकार ले लेती है।
2. इनका आयतन निश्चित होता है।2. इनका आयतन निश्चित होता है।2. गैस का आयतन अनिश्चित होता है, यह पात्र के आकार के अनुसार आयतन ले लेती है।
3. ठोस के कणों के मध्य उच्च अंतराणुक आकर्षण बल पाया जाता है।3. द्रव के कणों के मध्य दुर्बल अंतराणुक आकर्षण बल पाया जाता है।3. गैसों के कणों के मध्य अंतराणुक आकर्षण बल नगण्य होता है।
ये अंतर पदार्थों की अवस्थाओं के मूलभूत गुणों को दर्शाते हैं।
In simple words: ठोस का आकार और आयतन तय होता है, द्रव का आकार तय नहीं होता पर आयतन तय होता है, और गैस का न तो आकार तय होता है न ही आयतन। ठोस में कण पास-पास होते हैं, द्रव में ढीले और गैस में बहुत दूर।

🎯 Exam Tip: ठोस, द्रव और गैस के कणों की व्यवस्था, गतिज ऊर्जा और आकर्षण बल के आधार पर उनके गुणों को याद रखना चाहिए।

 

Question 29. भौतिक व रासायनिक परिवर्तन में दो अन्तर लिखिए।
Answer: भौतिक और रासायनिक परिवर्तन में दो मुख्य अंतर इस प्रकार हैं:

भौतिक परिवर्तनरासायनिक परिवर्तन
1. इस परिवर्तन में कोई नया पदार्थ नहीं बनता है। परिवर्तन से पूर्व और पश्चात् के पदार्थों का रासायनिक सूत्र समान रहता है।1. इस परिवर्तन में नए रासायनिक पदार्थ का निर्माण होता है, जिसके गुणधर्म मूल पदार्थों से भिन्न होते हैं।
2. यह परिवर्तन अक्सर उत्क्रमणीय होता है (यानी मूल पदार्थ वापस प्राप्त किया जा सकता है)।2. यह परिवर्तन आमतौर पर अनुत्क्रमणीय होता है (यानी मूल पदार्थ को आसानी से वापस प्राप्त नहीं किया जा सकता)। उदाहरण: कार्बन व ऑक्सीजन की क्रिया से कार्बन डाइऑक्साइड का निर्माण।
मोमबत्ती का पिघलना एक भौतिक परिवर्तन है, जबकि मोमबत्ती का जलना एक रासायनिक परिवर्तन है।
In simple words: भौतिक बदलाव में कोई नई चीज़ नहीं बनती, बस रूप बदलता है, जैसे पानी का बर्फ बनना। रासायनिक बदलाव में नई चीज़ बन जाती है, जैसे कागज़ का जलकर राख बनना।

🎯 Exam Tip: भौतिक और रासायनिक परिवर्तन के उदाहरणों को समझें और याद रखें, क्योंकि यह अंतर मूलभूत विज्ञान में अक्सर पूछा जाता है।

 

Question 30. आसवन द्वारा पदार्थ का शुद्धिकरण कैसे करते हैं? चित्र बनाकर समझाए।
Answer: आसवन (Distillation) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें किसी द्रव को गर्म करके उसे वाष्प में परिवर्तित किया जाता है, और फिर उस वाष्प को ठंडा करके वापस द्रव में बदला जाता है। इस विधि में वाष्पन और संघनन दोनों प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। आसवन विधि का उपयोग तब किया जाता है जब द्रव में घुले हुए ठोस अशुद्धियों को अलग करना होता है। उदाहरण के लिए, आसवन विधि से ही जल में मौजूद अशुद्धियों को दूर किया जाता है। नीचे दिए गए चित्र में आसवन की प्रक्रिया को दर्शाया गया है।
बर्नर तिपाई स्टैंड मिश्रण आसवन फ्लास्क दो द्रवों का मिश्रण थर्मामीटर कॉर्क क्लैंप जल संघनक जल निवेश जल निर्गत कॉनीकल फ्लास्क शुद्ध द्रव घटक चित्र-आसवन
In simple words: आसवन में पहले किसी तरल को गर्म करके भाप बनाते हैं, फिर उस भाप को ठंडा करके वापस तरल में बदल देते हैं। इससे पानी जैसी चीज़ों से गंदगी अलग हो जाती है।

🎯 Exam Tip: आसवन का उपयोग ऐसे मिश्रणों के लिए किया जाता है जहाँ एक घटक वाष्पशील हो और दूसरा अवाष्पशील हो, या दोनों घटकों के क्वथनांक में पर्याप्त अंतर हो।

अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

वस्तुनिष्ठ

 

Question 1. पिघलती बर्फ का तापमान है
(अ) 200K
(स) 273K
Answer: (स) 273K
In simple words: बर्फ \(0^\circ \text{C}\) पर पिघलती है, और यह तापमान केल्विन पैमाने पर \(273.15\text{K}\) (लगभग \(273\text{K}\)) के बराबर होता है।

🎯 Exam Tip: जल के क्वथनांक (\(100^\circ \text{C}\) या \(373\text{K}\)) और गलनांक (\(0^\circ \text{C}\) या \(273\text{K}\)) को केल्विन और सेल्सियस पैमाने दोनों में याद रखें।

 

Question 2. विसरित होने का गुण नहीं झेता है
(अ) ठोसों में
(ब) द्रवों में
(स) गैसों में
(द) उपर्युक्त सभी में।
Answer: (अ) ठोसों में
In simple words: ठोस चीज़ें आसानी से नहीं फैलतीं क्योंकि उनके कण एक जगह बंधे होते हैं, जबकि तरल और गैसों के कण फैल सकते हैं।

🎯 Exam Tip: विसरण कणों की गतिज ऊर्जा और उनके बीच के खाली स्थान पर निर्भर करता है, जो ठोस में सबसे कम होता है।

 

Question 3. संपीड्यता अधिक होती है
(अ) ठोस की
(ब) द्रवों की
(स) गैसों की
(द) इनमें से कोई नहीं।
Answer: (स) गैसों की
In simple words: गैसों को सबसे ज़्यादा दबाया जा सकता है क्योंकि उनके कणों के बीच बहुत खाली जगह होती है।

🎯 Exam Tip: संपीड्यता पदार्थों के कणों के बीच खाली स्थान की मात्रा पर निर्भर करती है; गैसों में यह स्थान सबसे अधिक होता है।

 

Question 4. रबर बैंड को माना जाता है
(अ) ठोस
(ब) द्रव
(स) गैस
(द) इनमें से कोई नहीं।
Answer: (अ) ठोस
In simple words: रबर बैंड को ठोस माना जाता है, भले ही इसे खींचा जा सके, क्योंकि यह बल हटाने पर अपने मूल आकार में आ जाता है और उसका आकार निश्चित होता है।

🎯 Exam Tip: कुछ ठोस पदार्थ बाहरी बल के प्रभाव में अपना आकार बदलते हैं लेकिन बल हटाने पर वापस मूल आकार में आ जाते हैं, वे अभी भी ठोस ही कहलाते हैं।

 

Question 5. ताप बढ़ने पर वाष्पन की दर
(अ) घट जाती है
(ब) बढ़ जाती है।
(स) कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
(द) पहले घटती है फिर बढ़ती है।
Answer: (ब) बढ़ जाती है।
In simple words: जब गर्मी बढ़ती है, तो पानी के कण तेज़ी से हवा में मिल जाते हैं, इसलिए वाष्पन की दर बढ़ जाती है।

🎯 Exam Tip: वाष्पन की दर को प्रभावित करने वाले मुख्य कारकों में तापमान, सतह क्षेत्र, आर्द्रता और हवा की गति शामिल हैं।

 

Question 7. ठोस, द्रव व गैस के कणों में विसरण की दर को सही क्रम है
(अ) ठोस < द्रव < गैस
(ब) ठोस > द्रव > गैस
(स) ठोस < द्रव > गैस
(द) गैस < ठोस > दूव ।
Answer: (अ) ठोस < द्रव < गैस
In simple words: गैसों में विसरण सबसे तेज़ी से होता है, फिर द्रवों में और सबसे धीरे ठोसों में होता है।

🎯 Exam Tip: विसरण की दर कणों की गतिज ऊर्जा और उनके बीच के खाली स्थान के समानुपाती होती है, जो गैसों में सबसे अधिक होती है।

 

Question 8. एक बोतल में दो अमिश्रणीय द्रव हैं। इनको कौन-सी विधि से पृथक् किया जा सकता है
(अ) प्रभाजक स्तम्भ द्वारा
(ब) साधारण आसवन द्वारा
(स) विभेदी निष्कर्षण द्वारा
(द) भाप आसवन द्वारा।
Answer: (स) विभेदी निष्कर्षण द्वारा
In simple words: दो ऐसे तरल पदार्थ जो आपस में नहीं घुलते, उन्हें अलग करने के लिए विभेदी निष्कर्षण विधि का इस्तेमाल करते हैं।

🎯 Exam Tip: अमिश्रणीय द्रवों को अलग करने के लिए हमेशा पृथक्करण कीप (जो विभेदी निष्कर्षण का एक उपकरण है) का उपयोग किया जाता है।

 

Question 9. निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ कमरे के ताप पर द्रव नहीं है
(अ) पेट्रोल
(ब) मिट्टी का तेल
(स) डीजल
(द) कार्बन।
Answer: (द) कार्बन।
In simple words: कार्बन कमरे के तापमान पर ठोस अवस्था में रहता है, जबकि पेट्रोल, मिट्टी का तेल और डीजल तरल होते हैं।

🎯 Exam Tip: सामान्य तापमान पर पदार्थों की अवस्थाओं को याद रखना आवश्यक है, क्योंकि कुछ पदार्थ अन्य सामान्य पदार्थों के विपरीत व्यवहार कर सकते हैं।

 

Question 10. वैज्ञानिक अब किस अवस्था पर विचार कर रहे हैं ?
Answer: वैज्ञानिक अब द्रव्य की चौथी और पांचवीं अवस्थाओं, अर्थात् प्लाज्मा और बोस-आइंस्टीन कंडनसेट (Bose-Einstein Condensate) पर विचार कर रहे हैं। ये अत्यधिक ऊर्जावान या अत्यधिक ठंडी परिस्थितियों में बनते हैं।
In simple words: वैज्ञानिक अब पदार्थ की प्लाज्मा और बोस-आइंस्टीन कंडनसेट नाम की नई अवस्थाओं के बारे में सोच रहे हैं।

🎯 Exam Tip: पदार्थ की मूल तीन अवस्थाओं (ठोस, द्रव, गैस) के अलावा, प्लाज्मा और बोस-आइंस्टीन कंडनसेट को भी प्रमुख अवस्थाओं के रूप में याद रखें।

अति लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. LLPG का पूरा नाम लिखिए।
Answer: LLPG का पूरा नाम "Liquefied Petroleum Gas" (द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस) है, जिसे सामान्यतः LPG के रूप में जाना जाता है। यह एक ज्वलनशील हाइड्रोकार्बन गैस मिश्रण है जिसका उपयोग ईंधन के रूप में किया जाता है।
In simple words: LLPG का पूरा नाम 'लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस' है, जिसे हम रसोई गैस भी कहते हैं।

🎯 Exam Tip: विज्ञान से संबंधित सामान्य संक्षिप्त रूपों को याद रखें और उनके उपयोगों को भी समझें।

 

Question 2. कौन-सा पदार्थं तीनों अवस्थाओं में पाया जाता है ?
Answer: जल (\(\text{H}_2\text{O}\)) एक ऐसा पदार्थ है जो सामान्य परिस्थितियों में प्रकृति में तीनों अवस्थाओं (ठोस-बर्फ, द्रव-जल, गैस-वाष्प) में पाया जाता है। पृथ्वी पर जल का चक्र इसका एक प्रमुख उदाहरण है।
In simple words: पानी एक ऐसा पदार्थ है जो बर्फ (ठोस), पानी (तरल) और भाप (गैस) तीनों रूपों में मिलता है।

🎯 Exam Tip: जल एक अद्वितीय पदार्थ है जिसके तीनों अवस्थाएं पृथ्वी पर आसानी से उपलब्ध हैं, यह इसके विभिन्न गुणों के कारण है।

 

Question 3. द्रव्य की नव खोजित दो अवस्थाओं के नाम लिखिए।
Answer: द्रव्य की नव खोजित दो अवस्थाएँ प्लाज्मा और बोस-आइंस्टीन कंडनसेट (Bose-Einstein Condensate) हैं। प्लाज्मा बहुत उच्च तापमान पर बनता है, जबकि बोस-आइंस्टीन कंडनसेट बहुत कम तापमान पर बनता है।
In simple words: पदार्थ की दो नई अवस्थाएँ प्लाज्मा और बोस-आइंस्टीन कंडनसेट हैं।

🎯 Exam Tip: पदार्थ की पांच अवस्थाओं को याद रखें और प्रत्येक की बनने की परिस्थितियों को भी जानें (तापमान, ऊर्जा स्तर)।

 

Question 4. द्रव्य के सूक्ष्मतम अविभाज्य कण को परमाणु नाम किसने दिया ?
Answer: द्रव्य के सूक्ष्मतम अविभाज्य कण को परमाणु नाम जॉन डाल्टन ने दिया। उन्होंने अपने परमाणु सिद्धांत में यह अवधारणा प्रस्तुत की थी कि परमाणु अविभाज्य होते हैं।
In simple words: जॉन डाल्टन ने बताया कि पदार्थ के सबसे छोटे टुकड़े को 'परमाणु' कहते हैं।

🎯 Exam Tip: डाल्टन का परमाणु सिद्धांत आधुनिक रसायन विज्ञान की नींव है; उसके मुख्य बिंदुओं को याद रखें।

 

Question 5. परमाणुकता किसे कहते हैं ?
Answer: किसी अणु में उपस्थित विभिन्न तत्वों के परमाणुओं की कुल संख्या को उस तत्व की परमाणुकता (Atomicity) कहते हैं। उदाहरण के लिए, ऑक्सीजन अणु (\(\text{O}_2\)) की परमाणुकता 2 है, जबकि ओजोन अणु (\(\text{O}_3\)) की परमाणुकता 3 है।
In simple words: किसी भी अणु में जितने परमाणु होते हैं, वह उसकी 'परमाणुकता' कहलाती है।

🎯 Exam Tip: अणुओं के रासायनिक सूत्र से परमाणुकता की गणना करना सीखें; यह रासायनिक प्रतिक्रियाओं को समझने में सहायक है।

 

Question 6. ठोस को द्रव में बदलने की क्रिया क्या कहलाती
Answer: ठोस को द्रव में बदलने की क्रिया संकलन (Fusion) या गलनांक (Melting) कहलाती है। यह वह प्रक्रिया है जिसमें ठोस पदार्थ ऊष्मा पाकर अपने गलनांक पर द्रव अवस्था में बदल जाता है।
In simple words: ठोस चीज़ का पिघलकर तरल बनना 'गलनांक' या 'संकलन' कहलाता है।

🎯 Exam Tip: गलनांक और संगलन समानार्थी शब्द हैं जो ठोस से द्रव अवस्था में परिवर्तन को दर्शाते हैं।

 

Question 8. रेत व जल का मिश्रण किस प्रकार का मिश्रण है?
Answer: रेत व जल का मिश्रण विषमांगी मिश्रण है। इस प्रकार के मिश्रण में घटक कण पूरे मिश्रण में समान रूप से वितरित नहीं होते हैं और उन्हें अलग-अलग देखा जा सकता है।
In simple words: रेत और पानी का मिश्रण विषमांगी होता है, क्योंकि रेत पानी में घुलती नहीं और अलग दिखती है।

🎯 Exam Tip: समांगी मिश्रण के उदाहरणों को याद रखें (जैसे नमक का घोल) और विषमांगी मिश्रण के उदाहरणों को भी (जैसे मिट्टी का घोल)।

 

Question 9. कागज का फटना व कागज़ का जलना किस-किस प्रकार का परिवर्तन है?
Answer: कागज का फटना एक भौतिक परिवर्तन है क्योंकि इसमें कागज का रासायनिक संगठन नहीं बदलता, केवल उसका आकार बदलता है। जबकि, कागज का जलना एक रासायनिक परिवर्तन है क्योंकि इसमें कागज ऑक्सीजन से क्रिया करके राख, कार्बन डाइऑक्साइड और जल वाष्प जैसे नए पदार्थ बनाता है।
In simple words: कागज़ फटना बस उसका रूप बदलना है (भौतिक बदलाव), पर कागज़ का जलना उसे पूरी तरह बदल देता है (रासायनिक बदलाव)।

🎯 Exam Tip: किसी भी परिवर्तन में नया पदार्थ बनने या न बनने के आधार पर पहचानें कि वह भौतिक है या रासायनिक।

 

Question 10. चाशनी में से शक्कर किस विधि से पृथक होती हैं?
Answer: चाशनी में से शक्कर को क्रिस्टलीकरण विधि द्वारा पृथक किया जाता है। इस विधि में, गर्म चाशनी को धीरे-धीरे ठंडा किया जाता है, जिससे शक्कर के क्रिस्टल बनने लगते हैं और उन्हें छानकर अलग किया जा सकता है।
In simple words: चाशनी से चीनी को अलग करने के लिए क्रिस्टलीकरण तरीका इस्तेमाल करते हैं, जिसमें चीनी के दाने बन जाते हैं।

🎯 Exam Tip: क्रिस्टलीकरण का उपयोग शुद्ध ठोस पदार्थों को उनके विलयनों से प्राप्त करने के लिए किया जाता है, क्योंकि इससे अशुद्धियाँ विलयन में ही रह जाती हैं।

 

Question 11. ऊर्ध्वपातन का गुण प्रदर्शित करने वाले दो ठोसों के नाम लिखिए।
Answer: ऊर्ध्वपातन का गुण प्रदर्शित करने वाले दो ठोस नौसादर (अमोनियम क्लोराइड) और कपूर हैं। ये पदार्थ बिना द्रव अवस्था में आए सीधे ठोस से गैस में बदल जाते हैं।
In simple words: नौसादर और कपूर ऐसे ठोस हैं जो सीधे गैस बन जाते हैं, बिना पानी बने।

🎯 Exam Tip: ऊर्ध्वपातन एक विशेष भौतिक परिवर्तन है जो केवल कुछ ही ठोस पदार्थों में होता है, उदाहरणों को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 12. आसवन, वाष्पन व संघनन में क्या सम्बन्ध है ?
Answer: आसवन एक प्रक्रिया है जिसमें वाष्पन और संघनन दोनों शामिल होते हैं। आसवन = वाष्पन + संघनन। सबसे पहले, एक द्रव को वाष्पित किया जाता है (वाष्पन), फिर उस वाष्प को ठंडा करके वापस द्रव में बदला जाता है (संघनन)।
In simple words: आसवन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें पहले पानी भाप बनता है (वाष्पन) और फिर भाप ठंडा होकर वापस पानी बन जाता है (संघनन)।

🎯 Exam Tip: आसवन एक शुद्धिकरण विधि है जो क्वथनांक में अंतर के सिद्धांत पर काम करती है, जिसमें वाष्पन और संघनन के चरण शामिल होते हैं।

 

Question 13. विसरण क्या होता है?
Answer: विसरण वह प्रक्रिया है जिसमें किसी पदार्थ के अणु अपने उच्च सांद्रण वाले क्षेत्र से निम्न सांद्रण वाले क्षेत्र की ओर स्वतः गति करते हैं। यह प्रक्रिया तब तक चलती है जब तक कण पूरे उपलब्ध स्थान में समान रूप से वितरित न हो जाएं।
In simple words: विसरण तब होता है जब कोई चीज़ ज़्यादा जगह से कम जगह की ओर अपने आप फैलती है, जैसे इत्र की खुशबू का फैलना।

🎯 Exam Tip: विसरण एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो कणों की यादृच्छिक गति के कारण होती है और सभी पदार्थों (ठोस, द्रव, गैस) में होती है, लेकिन गैसों में सबसे तेज़ होती है।

 

Question 14. तापमान का विसरण पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
Answer: तापमान बढ़ने पर कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है, जिसके परिणामस्वरूप कण तेजी से गति करते हैं। इस बढ़ी हुई गति के कारण, तापमान बढ़ने पर विसरण की दर भी बढ़ जाती है।
In simple words: जब तापमान बढ़ता है, तो चीज़ें तेज़ी से फैलती हैं क्योंकि कण ज़्यादा तेज़ी से हिलते हैं।

🎯 Exam Tip: तापमान और विसरण की दर सीधे आनुपातिक होती हैं; उच्च तापमान पर कण अधिक गतिशील होते हैं, जिससे विसरण तेज़ होता है।

 

Question 16. तारों में प्लाज्मा क्यों बनती है ?
Answer: तारों में अत्यधिक उच्च तापमान के कारण प्लाज्मा अवस्था बनती है। इन अत्यधिक गर्म वातावरण में, परमाणु अपने इलेक्ट्रॉनों को खो देते हैं और आयनित गैस बन जाते हैं, जिसे प्लाज्मा कहते हैं।
In simple words: तारों में बहुत ज़्यादा गर्मी होती है, जिससे गैसें आयनित होकर प्लाज्मा बन जाती हैं।

🎯 Exam Tip: प्लाज्मा पदार्थ की चौथी अवस्था है, जो उच्च ऊर्जा और आयनित गैसों से बनी होती है, और यह ब्रह्मांड में सबसे प्रचुर अवस्था है।

 

Question 17. सूर्य और तारों की चमक किस कारण होती है ?
Answer: सूर्य और तारों की चमक प्लाज्मा अवस्था में मौजूद अत्यधिक ऊर्जावान कणों के कारण होती है। ये कण ऊर्जावान होते हैं और लगातार प्रकाश व ऊष्मा उत्सर्जित करते रहते हैं, जिससे वे चमकते हैं।
In simple words: सूरज और तारे प्लाज्मा की वजह से चमकते हैं, जो बहुत गर्म गैसों से बना होता है।

🎯 Exam Tip: प्लाज्मा में आवेशित कणों की उपस्थिति उसे विद्युत का सुचालक बनाती है और उसे चुंबकीय क्षेत्रों से प्रभावित होने देती है।

 

Question 18. प्लाज्मा अवस्था में कण किस रूप में रहते हैं ?
Answer: प्लाज्मा अवस्था में कण अत्यधिक ऊर्जा वाले और अत्यधिक उत्तेजित होते हैं। ये कण आयनीकृत गैस के रूप में रहते हैं, जिसमें स्वतंत्र इलेक्ट्रॉन, आयन और उदासीन परमाणु सभी एक साथ मौजूद होते हैं।
In simple words: प्लाज्मा में कण बहुत ऊर्जावान होते हैं और आयनित गैस के रूप में रहते हैं।

🎯 Exam Tip: प्लाज्मा गैस अवस्था से भिन्न होता है क्योंकि इसमें अधिकांश कण आवेशित होते हैं, जो इसे विभिन्न विद्युत-चुंबकीय गुण प्रदान करते हैं।

 

Question 19. फ्लोरसेंट ट्यूब में क्या होता है ?
Answer: फ्लोरसेंट ट्यूब में प्लाज्मा होता है। ट्यूब के अंदर की गैस (जैसे आर्गन और पारा वाष्प) को विद्युत ऊर्जा से उत्तेजित करने पर वह आयनित होकर प्लाज्मा बनाती है, जिससे प्रकाश उत्पन्न होता है।
In simple words: फ्लोरसेंट ट्यूब के अंदर प्लाज्मा होता है, जिससे हमें रोशनी मिलती है।

🎯 Exam Tip: प्लाज्मा के व्यावहारिक अनुप्रयोगों में फ्लोरसेंट ट्यूब, नियॉन संकेत और टेलीविजन स्क्रीन शामिल हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. स्वीमिंग पूल में गोताखोर पानी काट पाता है। इससे पदार्थ का कौन-सा गुण प्रेक्षित होता है ?
Answer: स्वीमिंग पूल में गोताखोर का पानी काट पाना पदार्थ के द्रव अवस्था के एक महत्वपूर्ण गुण को दर्शाता है: कणों के बीच लगने वाले आकर्षण बल का कमजोर होना। पानी के कणों के बीच आकर्षण बल होता है, लेकिन यह इतना मजबूत नहीं होता कि गोताखोर द्वारा लगाए गए बल को रोक सके। इसलिए, गोताखोर आसानी से पानी के कणों को अलग कर पाता है और पानी में आगे बढ़ पाता है।
In simple words: गोताखोर पानी को इसलिए काट पाता है क्योंकि पानी के कणों के बीच का खिंचाव कम होता है, जिससे उन्हें अलग करना आसान हो जाता है।

🎯 Exam Tip: द्रवों में कणों की गतिशीलता और उनके बीच के मध्यम आकर्षण बल के कारण उनमें बहाव का गुण होता है और वे आकार बदल सकते हैं।

 

Question 2. चीनी व नमक को जिस बर्तन में रखा जाता है, वे उन्हीं बर्तनों के आकार को ग्रहण कर लेते हैं, क्या ये द्रव है ?
Answer: नहीं, चीनी और नमक द्रव नहीं हैं, बल्कि वे ठोस हैं। हालांकि वे जिस बर्तन में रखे जाते हैं उसका आकार ले लेते हैं, लेकिन यह उनकी ठोस प्रकृति को नहीं बदलता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि चीनी और नमक छोटे-छोटे क्रिस्टलों से बने होते हैं। प्रत्येक क्रिस्टल का अपना निश्चित आकार होता है। जब इन्हें किसी बर्तन में रखा जाता है, तो ये क्रिस्टल अपनी मूल संरचना को बदले बिना बस बर्तन के आकार के अनुरूप ढल जाते हैं।
In simple words: चीनी और नमक तरल नहीं हैं, वे ठोस हैं। वे बर्तन का आकार इसलिए लेते हैं क्योंकि वे छोटे-छोटे दानों (क्रिस्टलों) से बने होते हैं, न कि इसलिए कि वे तरल हैं।

🎯 Exam Tip: ठोस पदार्थों को पहचानने के लिए उनके व्यक्तिगत कणों के निश्चित आकार पर ध्यान दें, न कि केवल उनके ढेर के समग्र आकार पर।

 

Question 4. शुद्ध व अशुद्ध द्रव्य में अन्तर बताइये।
Answer: शुद्ध और अशुद्ध द्रव्य (पदार्थ) में मुख्य अंतर इस प्रकार हैं:

शुद्ध द्रव्यअशुद्ध द्रव्य
ऐसे द्रव्य जिनमें एक ही प्रकार के घटक या अवयव होते हैं, उन्हें शुद्ध द्रव्य कहते हैं।ऐसे द्रव्य जिनमें एक से अधिक प्रकार के घटक या अवयव होते हैं, उन्हें अशुद्ध द्रव्य कहते हैं।
इनका एक निश्चित गलनांक और क्वथनांक होता है।इनका गलनांक और क्वथनांक निश्चित नहीं होता है।
इनके गुणधर्म पूरे पदार्थ में एक समान होते हैं।इनके गुणधर्म पूरे पदार्थ में भिन्न हो सकते हैं (विषमांगी मिश्रण में)।
शुद्ध द्रव्य तत्व या यौगिक हो सकते हैं, जबकि अशुद्ध द्रव्य मिश्रण होते हैं।
In simple words: शुद्ध चीज़ में सिर्फ एक तरह के कण होते हैं, जबकि अशुद्ध चीज़ में कई तरह के कण आपस में मिले होते हैं।

🎯 Exam Tip: शुद्ध पदार्थों के उदाहरणों में सोना और पानी शामिल हैं, जबकि अशुद्ध पदार्थों के उदाहरणों में हवा और नमक का घोल शामिल हैं।

 

Question 5. जल की तीनों अवस्थाओं के नाम लिखिए।
Answer: जल की तीनों अवस्थाएँ निम्नलिखित हैं:

  • \( \text{H}_2\text{O}(\text{g}) \) : गैस अवस्था - भाप (Steam)
  • \( \text{H}_2\text{O}(\text{l}) \) : द्रव अवस्था - जल (Water)
  • \( \text{H}_2\text{O}(\text{s}) \) : ठोस अवस्था - बर्फ (Ice)
ये तीनों अवस्थाएँ तापमान और दाब के अनुसार एक-दूसरे में परिवर्तित हो सकती हैं।
In simple words: पानी तीन रूपों में होता है: भाप (गैस), पानी (तरल) और बर्फ (ठोस)।

🎯 Exam Tip: रासायनिक सूत्र के साथ अवस्था के प्रतीक (g, l, s) का उपयोग करके जल की तीनों अवस्थाओं को सही ढंग से दर्शाना सीखें।

 

Question 6. गैसों का द्रवीकरण किस प्रकार कर सकते हैं?
Answer: गैसों का द्रवीकरण दो मुख्य तरीकों से किया जा सकता है: उच्च दाब लगाकर और तापमान कम करके। जब गैस पर अधिक दाब लगाया जाता है, तो उसके कण एक-दूसरे के करीब आ जाते हैं। साथ ही, तापमान कम करने से कणों की गतिज ऊर्जा घट जाती है, जिससे वे एक-दूसरे के करीब रहने लगते हैं और उनके बीच के आकर्षण बल हावी हो जाते हैं। इन दोनों स्थितियों में गैस द्रव अवस्था में परिवर्तित हो जाती है।
In simple words: गैसों को तरल बनाने के लिए उन्हें बहुत ज़्यादा दबाया जाता है और ठंडा किया जाता है।

🎯 Exam Tip: क्रांतिक तापमान वह तापमान है जिससे ऊपर किसी गैस का द्रवीकरण केवल दाब से संभव नहीं है, चाहे कितना भी दाब लगाया जाए।

 

Question 7. कणाद सिद्धान्त क्या है ?
Answer: भारतीय दार्शनिक महर्षि कणाद का सिद्धांत यह बताता है कि यदि हम किसी द्रव्य (पदार्थ) को लगातार विभाजित करते जाएँ, तो अंततः हमें छोटे-से-छोटे कण प्राप्त होंगे। एक ऐसी सीमा आएगी जब इन कणों को और अधिक विभाजित नहीं किया जा सकेगा। महर्षि कणाद ने इन सूक्ष्मतम और अविभाज्य कणों को 'परमाणु' कहा। यह अवधारणा आधुनिक परमाणु सिद्धांत के शुरुआती विचारों में से एक थी।
In simple words: महर्षि कणाद ने कहा था कि हम किसी भी चीज़ को इतना छोटा तोड़ सकते हैं कि आखिर में एक ऐसा कण मिलेगा जिसे और तोड़ा नहीं जा सकता, उसे उन्होंने 'परमाणु' कहा।

🎯 Exam Tip: कणाद का सिद्धांत एक प्राचीन दार्शनिक अवधारणा है जो आधुनिक परमाणु संरचना के आधारभूत विचार को दर्शाती है।

 

Question 8. परमाणु के सम्बन्ध में किन्हीं दो वैज्ञानिकों के मत लिखो।
Answer: परमाणु के संबंध में दो प्रमुख वैज्ञानिकों के मत निम्नलिखित हैं:

  • महर्षि कणाद (लगभग 500 ईसा पूर्व): उन्होंने प्रस्तावित किया कि सभी पदार्थ 'परमाणु' नामक छोटे, अविभाज्य कणों से बने होते हैं। उनके अनुसार, ये परमाणु अविनाशी होते हैं और विभिन्न पदार्थों के परमाणु अलग-अलग होते हैं।
  • जॉन डाल्टन (1808): उन्होंने अपना 'डाल्टन का परमाणु सिद्धांत' प्रस्तुत किया, जिसमें कहा गया कि सभी पदार्थ परमाणुओं से बने होते हैं, परमाणु अविभाज्य कण होते हैं, एक ही तत्व के सभी परमाणु आकार और गुणों में समान होते हैं, और विभिन्न तत्वों के परमाणु एक निश्चित अनुपात में मिलकर यौगिक बनाते हैं।
इन दोनों वैज्ञानिकों के विचारों ने परमाणु संरचना की समझ की नींव रखी।
In simple words: महर्षि कणाद ने कहा कि परमाणु सबसे छोटे और अविभाज्य कण हैं। जॉन डाल्टन ने बताया कि परमाणु मिलकर यौगिक बनाते हैं और एक ही तत्व के परमाणु समान होते हैं।

🎯 Exam Tip: परमाणु सिद्धांतों के विकास में विभिन्न वैज्ञानिकों के योगदान और उनके प्रमुख बिंदुओं को क्रोनोलॉजिकल क्रम में याद रखें।

 

Question 9. परमाणु व अणु में अन्तर लिखिए।
Answer: परमाणु और अणु में मुख्य अंतर इस प्रकार हैं:

परमाणुअणु
सभी पदार्थ, चाहे वह तत्व हो, यौगिक हो या मिश्रण हो, सूक्ष्म कणों से बने होते हैं. इन्हें परमाणु कहते हैं.किसी तत्व या यौगिक का सबसे छोटा कण जो स्वतंत्र रूप से रह सकता है, और उस यौगिक के सभी गुण दिखा सकता है, उसे अणु कहते हैं.
परमाणु बहुत छोटे कण होते हैं.अणु परमाणुओं से मिलकर बनते हैं.

In simple words: परमाणु किसी पदार्थ का सबसे छोटा हिस्सा होता है. अणु परमाणुओं से मिलकर बनते हैं और वे स्वतंत्र रूप से रह सकते हैं.

🎯 Exam Tip: परमाणु और अणु की परिभाषाओं को उनके स्वतंत्र अस्तित्व और रासायनिक गुणों के आधार पर स्पष्ट रूप से याद रखें.

 

Question 10. यौगिक व यौगिक का अणु किसे कहते हैं ?
Answer:

यौगिक: जब दो या दो से अधिक तत्वों के परमाणु एक निश्चित अनुपात में रासायनिक रूप से मिलकर कोई नया पदार्थ बनाते हैं, तो उसे यौगिक कहते हैं. उदाहरण के लिए, नमक, जल (पानी), अमोनिया और सल्फ्यूरिक अम्ल यौगिक हैं. यौगिकों के गुण उनके घटक तत्वों से बिल्कुल अलग होते हैं.
यौगिक का अणु: यौगिक का अणु उसका सबसे छोटा कण होता है जो स्वतंत्र रूप से रह सकता है और जिसमें उस यौगिक के सभी गुण मौजूद होते हैं. उदाहरण के लिए, जल का अणु सूत्र \( \text{H}_2\text{O} \) है, और अमोनिया का अणु सूत्र \( \text{NH}_3 \) है. ये अणु यौगिकों के सबसे छोटे प्रतिनिधित्व होते हैं.

In simple words: यौगिक तब बनते हैं जब अलग-अलग तत्व निश्चित मात्रा में मिलकर नया पदार्थ बनाते हैं. यौगिक का अणु उस यौगिक का सबसे छोटा टुकड़ा होता है जिसमें उसके सारे गुण होते हैं.

🎯 Exam Tip: यौगिक की परिभाषा में 'निश्चित अनुपात' और 'रासायनिक संयोग' शब्द महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये इसे मिश्रण से अलग करते हैं.

 

Question 11. दुव्य की अवस्था परिवर्तन के दौरान क्या परिवर्तित होता है ?
Answer: जब किसी पदार्थ की अवस्था बदलती है, तो मुख्य रूप से उसके कणों के बीच की दूरी, कणों की ऊर्जा और कणों की स्थिति में बदलाव आता है. उदाहरण के लिए, जब बर्फ पिघलकर पानी बनती है, तो पानी के कण एक-दूसरे से दूर हो जाते हैं और उनकी गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है, जिससे वे अधिक स्वतंत्र रूप से गति करते हैं.
In simple words: जब कोई चीज अपनी अवस्था बदलती है, तो उसके छोटे-छोटे कणों के बीच की जगह, उनकी ऊर्जा और उनकी जगह बदल जाती है.

🎯 Exam Tip: अवस्था परिवर्तन के दौरान रासायनिक संरचना में कोई बदलाव नहीं होता, केवल भौतिक गुण बदलते हैं.

 

Question 12. क्वथनांक किसे कहते हैं ? परिभाषा लिखिए।
Answer: क्वथनांक वह खास तापमान है जिस पर कोई द्रव (लिक्विड) गैस (वाष्प) में बदलना शुरू हो जाता है. इस तापमान पर द्रव के कणों की गतिज ऊर्जा बहुत बढ़ जाती है, जिससे वे आकर्षण बल को तोड़कर स्वतंत्र रूप से गति करने लगते हैं और पूरे द्रव में वाष्पीकरण होने लगता है. पानी का क्वथनांक 100 डिग्री सेल्सियस या 373.15 केल्विन होता है.
In simple words: क्वथनांक वह तापमान है जब कोई तरल चीज उबलना शुरू कर देती है और गैस में बदल जाती है.

🎯 Exam Tip: क्वथनांक किसी द्रव के लिए एक निश्चित तापमान होता है, जबकि वाष्पीकरण किसी भी तापमान पर हो सकता है.

 

Question 15. निस्पंदन को चित्र द्वारा समझाइये।
Answer: निस्पंदन (Filtration) वह तरीका है जिससे किसी विषमांगी मिश्रण में से द्रव और ठोस को अलग किया जाता है. इस प्रक्रिया में, मिश्रण को एक फिल्टर पेपर से गुजारा जाता है. ठोस कण फिल्टर पेपर पर अवशेष (रेसिड्यू) के रूप में रुक जाते हैं, और द्रव नीचे बीकर में निस्पंद (फिल्ट्रेट) के रूप में जमा हो जाता है. उदाहरण के लिए, गंदे पानी या रेतीले जल से रेत और पानी को अलग करने के लिए यह विधि इस्तेमाल की जाती है.

फिल्टर पेपर गंदा पानी कोनिकल फ्लास्क साफ पानी चित्र-निस्पंदन

In simple words: निस्पंदन एक तरीका है जिससे हम फिल्टर पेपर का उपयोग करके पानी में घुली हुई मिट्टी या रेत जैसी चीजों को अलग कर सकते हैं. पानी छनकर नीचे आ जाता है और ठोस ऊपर रह जाता है.

🎯 Exam Tip: निस्पंदन का उपयोग सिर्फ अघुलनशील ठोसों को द्रवों से अलग करने के लिए किया जाता है.

 

Question 16. क्रिस्टलीकरण पर टिप्पणी लिखो।
Answer: क्रिस्टलीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें किसी संतृप्त विलयन (सॉल्यूशन) से शुद्ध ठोस क्रिस्टल बनाए जाते हैं. इस विधि में, सबसे पहले विलयन को बहुत गाढ़ा किया जाता है. जब विलयन से द्रव वाष्पित हो जाता है, तो बचा हुआ गाढ़ा विलयन ठंडा होने पर शुद्ध ठोस क्रिस्टल बनाता है. फिर इन क्रिस्टलों को निस्पंदन विधि से अलग कर लिया जाता है. यह विधि अशुद्धियों को दूर करने और शुद्ध पदार्थ प्राप्त करने में बहुत प्रभावी है, जैसे पानी और नमक के विलयन से शुद्ध नमक को अलग करना.
In simple words: क्रिस्टलीकरण का मतलब है किसी घोल से शुद्ध क्रिस्टल बनाना. पहले घोल को गाढ़ा करते हैं, फिर ठंडा करने पर उसमें से साफ क्रिस्टल निकल आते हैं.

🎯 Exam Tip: क्रिस्टलीकरण का उपयोग उन ठोस पदार्थों को शुद्ध करने के लिए किया जाता है जो गर्म विलायकों में घुलनशील होते हैं लेकिन ठंडे विलायकों में नहीं.

 

Question 17. गलन की गुप्त ऊष्मा को परिभाषित कीजिए।
Answer: गलन की गुप्त ऊष्मा ऊर्जा की वह मात्रा है जो वायुमंडलीय दबाव पर 1 किलोग्राम ठोस पदार्थ को उसके गलनांक पर द्रव अवस्था में बदलने के लिए ज़रूरी होती है. इस ऊर्जा से पदार्थ का तापमान नहीं बढ़ता, बल्कि कणों के बीच के आकर्षण बलों को तोड़ने में खर्च होती है ताकि ठोस द्रव में बदल सके. उदाहरण के लिए, बर्फ की गलन की गुप्त ऊष्मा 3.33 x \( 10^5 \) जूल प्रति किलोग्राम है.
In simple words: गलन की गुप्त ऊष्मा वह गर्मी है जो 1 किलोग्राम बर्फ को उसी तापमान पर पानी बनाने के लिए चाहिए होती है.

🎯 Exam Tip: गुप्त ऊष्मा तापमान बदले बिना अवस्था परिवर्तन के लिए आवश्यक ऊर्जा है, जो कणों के बीच के बंधन को तोड़ने में उपयोग होती है.

निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. वाष्पन की परिभाषा दीजिए। वाष्यन किन घटकों पर निर्भर करता है ?
Answer:

वाष्पन (Evaporation): वाष्पन वह प्रक्रिया है जिसमें कोई द्रव पदार्थ अपने क्वथनांक (उबलने के बिंदु) से कम तापमान पर धीरे-धीरे वाष्प (गैस) में बदल जाता है. यह एक सतह पर होने वाली प्रक्रिया है, जिसका मतलब है कि केवल द्रव की सतह पर मौजूद कण ही गैस में बदलते हैं.
वाष्पन निम्नलिखित घटकों पर निर्भर करता है:

  • तापमान में वृद्धि: जब तापमान बढ़ता है, तो द्रव के कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है, जिससे वे अधिक तेज़ी से वाष्प में बदलते हैं.
  • सतह के क्षेत्रफल में वृद्धि: जब द्रव की सतह का क्षेत्रफल बढ़ता है, तो अधिक कणों को वाष्प में बदलने का मौका मिलता है, जिससे वाष्पन की दर बढ़ जाती है.
  • आर्द्रता में कमी: हवा में नमी (आर्द्रता) कम होने पर वाष्पन की दर बढ़ जाती है, क्योंकि हवा में वाष्प के लिए और अधिक जगह होती है. इसके विपरीत, जब हवा में आर्द्रता अधिक होती है, तो वाष्पन की दर कम हो जाती है.
  • हवा की गति में वृद्धि: तेज हवा चलने पर पानी के वाष्प कण हवा के साथ उड़ जाते हैं, जिससे सतह पर वाष्प की मात्रा कम हो जाती है और वाष्पन की दर बढ़ जाती है.

In simple words: वाष्पन का मतलब है पानी का अपने आप धीरे-धीरे गैस बनना, उबले बिना. यह गर्मी, सतह की जगह और हवा की नमी पर निर्भर करता है.

🎯 Exam Tip: वाष्पन एक सतह पर होने वाली प्रक्रिया है, जबकि क्वथन पूरे द्रव में होता है. दोनों में यह मुख्य अंतर है.

 

Question 2. उबलना तथा वाष्पन में भेद कीजिए।
Answer: उबलना और वाष्पन में मुख्य अंतर इस प्रकार हैं:

उबलना (क्वथन)वाष्पन
यह एक निश्चित तापमान पर होता है जिसे क्वथनांक कहते हैं.यह किसी भी तापमान पर हो सकता है, क्वथनांक से नीचे भी.
यह बहुत तेज़ी से होता है.यह धीरे-धीरे होने वाली प्रक्रिया है.
यह पूरे द्रव में होता है (पूरे द्रव में बुलबुले बनते हैं).यह केवल द्रव की ऊपरी सतह पर होता है.
इस क्रिया में अक्सर ध्वनि उत्पन्न होती है (जैसे पानी उबलने पर).इस क्रिया में कोई ध्वनि उत्पन्न नहीं होती है, यह एक शांत प्रक्रिया है.

In simple words: उबलना एक खास गर्म तापमान पर होता है और पूरे पानी में होता है, जबकि वाष्पन किसी भी तापमान पर धीरे-धीरे पानी की सतह से होता है.

🎯 Exam Tip: 'क्वथनांक' और 'सतह पर होने वाली प्रक्रिया' ये दो प्रमुख बिंदु हैं जो वाष्पन और क्वथन के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हैं.

 

Question 3. गैसों की संपीड्यता के अधिक होने के उपयोग लिखिए।
Answer: गैसों की संपीड्यता (Compressibility) अधिक होने के कई महत्वपूर्ण उपयोग हैं:

  • ईंधन के रूप में: संपीडित प्राकृतिक गैस (CNG) को वाहनों में ईंधन के रूप में उपयोग करने के लिए सिलेंडरों में अत्यधिक दबाव पर संपीडित किया जाता है. इससे कम जगह में अधिक गैस को भरकर रखा जा सकता है.
  • अस्पतालों में: ऑक्सीजन गैस को छोटे सिलेंडरों में संपीडित करके अस्पतालों और घरों में मरीजों को सांस लेने में मदद के लिए उपयोग किया जाता है.
  • तरल पेट्रोलियम गैस (LPG): खाना पकाने वाली LPG गैस को भी सिलेंडरों में संपीडित किया जाता है. यह इतनी संपीडित होती है कि द्रव अवस्था में बदल जाती है, जिससे इसका परिवहन और भंडारण आसान हो जाता है.
  • औद्योगिक उपयोग: विभिन्न उद्योगों में गैसों को संपीडित करके संग्रहीत किया जाता है, जैसे अमोनिया गैस का उपयोग उर्वरक बनाने में होता है.

In simple words: गैसों को आसानी से दबाकर छोटे सिलेंडर में भरा जा सकता है. इस गुण का उपयोग गाड़ियों के ईंधन, अस्पतालों में ऑक्सीजन और घरों में खाना पकाने वाली गैस में होता है.

🎯 Exam Tip: संपीड्यता का मतलब है किसी चीज को दबाकर उसका आयतन कम करना, और गैसों में यह गुण बहुत अधिक होता है क्योंकि उनके कणों के बीच काफी खाली जगह होती है.

 

Question 5. विभेदी निष्कर्षण को चित्र सहित समझाइये।
Answer: विभेदी निष्कर्षण (Differential Extraction) एक ऐसी विधि है जिसका उपयोग दो अमिश्रणीय द्रवों (जो आपस में नहीं घुलते) को अलग करने के लिए किया जाता है. इस प्रक्रिया में एक पृथक्कारी कीप (separating funnel) का उपयोग होता है. उदाहरण के लिए, तेल और जल के मिश्रण को अलग करने के लिए यह विधि प्रभावी है.

प्रक्रिया: मिश्रण को पृथक्कारी कीप में डाला जाता है. क्योंकि तेल और जल आपस में नहीं घुलते और उनका घनत्व अलग-अलग होता है, वे कीप में दो अलग-अलग परतें बना लेते हैं. भारी द्रव (जैसे जल) नीचे की परत बनाता है, जबकि हल्का द्रव (जैसे तेल) ऊपर की परत बनाता है. स्टॉप कॉर्क को धीरे से खोलकर पहले नीचे वाली भारी द्रव की परत को अलग कर लिया जाता है. जब नीचे की परत पूरी तरह निकल जाती है, तो स्टॉप कॉर्क बंद कर दिया जाता है और ऊपर वाली हल्की द्रव की परत को अलग कर लिया जाता है. इस तरह दोनों द्रव पूरी तरह अलग हो जाते हैं.

पानी तेल स्टॉप कॉर्क पानी पृथक्कारी कीप चित्र - पृथक्कारी कीप

In simple words: यह विधि उन दो तरल चीजों को अलग करती है जो आपस में नहीं घुलतीं. उन्हें एक खास बोतल में डालते हैं, जहां वे अलग-अलग परतें बना लेती हैं. फिर नीचे वाली परत को धीरे से निकाल लेते हैं.

🎯 Exam Tip: इस विधि की सफलता द्रवों के घनत्व में अंतर और उनके अमिश्रणीय होने पर निर्भर करती है. स्टॉप कॉर्क का सावधानीपूर्वक उपयोग महत्वपूर्ण है.

 

Question 6. निम्नलिखित को परिभाषित कीजिए
1. संघनन,
2. हिमीकरण,
3. संगलन।
Answer:

1. संघनन (Condensation): संघनन वह प्रक्रिया है जिसमें कोई वाष्प (गैस) ठंडा होने पर द्रव अवस्था में बदल जाती है. उदाहरण के लिए, जब गर्म भाप ठंडी सतह से टकराती है तो वह पानी की बूंदों में बदल जाती है.
2. हिमीकरण (Freezing): हिमीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें कोई द्रव पदार्थ ठंडा होने पर ठोस अवस्था में बदल जाता है. उदाहरण के लिए, पानी का बर्फ बनना हिमीकरण है. यह क्रिया पानी के जमने वाले बिंदु पर होती है.
3. संगलन (Melting): संगलन वह प्रक्रिया है जिसमें कोई ठोस पदार्थ गर्म करने पर द्रव अवस्था में बदल जाता है. उदाहरण के लिए, बर्फ का पिघलकर पानी बनना संगलन है. यह क्रिया ठोस के गलनांक पर होती है.

In simple words: संघनन में गैस ठंडी होकर पानी बनती है. हिमीकरण में पानी ठंडा होकर बर्फ बनता है. संगलन में बर्फ गर्म होकर पानी बनता है.

🎯 Exam Tip: ये सभी प्रक्रियाएं पदार्थ की अवस्था में परिवर्तन को दर्शाती हैं, जो तापमान और दबाव पर निर्भर करती हैं.

 

Question 7. ठोस के गुणधर्मों की विस्तृत व्याख्या कीजिए।
Answer: ठोस पदार्थ की वह अवस्था है जिसमें उसके कण बहुत पास-पास और एक निश्चित क्रम में व्यवस्थित होते हैं. ठोस के मुख्य गुणधर्म इस प्रकार हैं:

  • आकार: ठोस का आकार निश्चित होता है. कणों की स्थिर स्थिति के कारण ठोस अपना आकार नहीं बदलते.
  • आकर्षण बल: ठोस में कणों के बीच अंतर-आणविक आकर्षण बल बहुत अधिक होता है, जिससे कण एक-दूसरे से मजबूती से बंधे रहते हैं.
  • घनत्व: ठोसों में कण बहुत पास-पास होने के कारण उनका घनत्व अधिक होता है, और वे कठोर होते हैं.
  • आयतन: ठोस पर दबाव डालने पर उसके आयतन में कोई बदलाव नहीं आता क्योंकि उसके कण पहले से ही बहुत पास होते हैं. इसलिए ठोस का आयतन भी निश्चित होता है.
  • संपीड्यता: ठोसों को दबाना बहुत मुश्किल होता है (उनकी संपीड्यता बहुत कम होती है) क्योंकि कणों के बीच बहुत कम खाली जगह होती है.

In simple words: ठोस का आकार और आयतन तय होता है. उनके कण एक-दूसरे से बहुत मजबूती से जुड़े होते हैं, इसलिए वे कठोर और भारी होते हैं.

🎯 Exam Tip: ठोस पदार्थों के निश्चित आकार और आयतन का कारण उनके कणों के बीच मजबूत आकर्षण बल और निश्चित व्यवस्था है.

 

Question 8. द्रव के गुणधर्मों की विस्तृत व्याख्या कीजिए।
Answer: द्रव पदार्थ की वह अवस्था है जिसमें कणों के बीच आकर्षण बल ठोस की तुलना में कमजोर होता है, जिससे कण अधिक स्वतंत्र रूप से गति कर पाते हैं. द्रव के मुख्य गुणधर्म इस प्रकार हैं:

  • आकार: द्रव का आकार अनिश्चित होता है. द्रव जिस बर्तन में रखे जाते हैं, उसी का आकार ले लेते हैं.
  • आयतन: द्रव का आयतन निश्चित होता है. द्रव के कण एक सीमा के अंदर ही स्वतंत्र रूप से गति करते हैं, जिससे उनका कुल आयतन स्थिर रहता है.
  • तरलता: द्रव तरल होते हैं, जिसका मतलब है कि वे बह सकते हैं. उनके कणों की गतिशीलता के कारण ही ऐसा होता है. गाढ़े द्रवों में कण धीरे चलते हैं, जबकि पतले द्रवों में कण तेज़ी से चलते हैं.
  • वाष्पन: द्रव के कणों की अधिक गतिशीलता के कारण द्रव अपनी सतह से वाष्प अवस्था में बदल सकते हैं. इस प्रक्रिया को वाष्पन कहते हैं और यह क्वथनांक से नीचे के तापमान पर भी हो सकती है.
  • क्वथन: जब द्रव को गर्म किया जाता है, तो उसके कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ती है. एक निश्चित तापमान (क्वथनांक) पर कणों की ऊर्जा इतनी हो जाती है कि वे सतह छोड़कर वायुमंडल में जाने लगते हैं और द्रव उबलने लगता है.
  • हिमांक: द्रव को ठंडा करने पर उसके कणों की गति कम हो जाती है और आकर्षण बल उन्हें एक-दूसरे के करीब लाकर ठोस अवस्था में बदल देता है.

In simple words: द्रव का आकार बर्तन जैसा होता है, पर उसका आयतन तय होता है. यह बह सकता है, गर्म करने पर वाष्प बनता है और ठंडा करने पर जम जाता है.

🎯 Exam Tip: द्रवों में कणों के बीच आकर्षण बल ठोस से कम होता है, जो उनके बहने के गुण और अनिश्चित आकार का मुख्य कारण है.

 

Question 9. गैस के गुणधर्मों की विस्तृत व्याख्या कीजिए।
Answer: गैस पदार्थ की वह अवस्था है जिसमें कणों के बीच आकर्षण बल लगभग नगण्य होता है, जिससे कण बहुत तेज़ी से और बेतरतीब ढंग से गति करते हैं. गैस के मुख्य गुणधर्म इस प्रकार हैं:

  • आकार: गैस का आकार अनिश्चित होता है. गैसें जिस भी बर्तन में रखी जाती हैं, उसका पूरा आकार ले लेती हैं, क्योंकि उनके कण बहुत तेजी से गति करते रहते हैं.
  • आयतन: गैस का आयतन भी अनिश्चित होता है. गैस के कण सभी संभव दिशाओं में लगातार गति करते रहते हैं, इसलिए वे पूरे उपलब्ध स्थान को घेर लेते हैं.
  • दाब: गैस के कण लगातार बर्तन की दीवारों से टकराते रहते हैं. इन टक्करों से कणों का वेग और दिशा बदलती रहती है, और इन टक्करों के कारण बर्तन की दीवारों पर दबाव उत्पन्न होता है.
  • गतिज ऊर्जा: गैसीय अवस्था में कणों की गतिज ऊर्जा बहुत अधिक होती है. इस अवस्था में कणों की स्थितिज ऊर्जा न्यूनतम होती है और वे लगभग पूरी तरह से गतिज ऊर्जा में होते हैं.
  • द्रवण: दबाव लगाने और तापमान कम करने पर गैस के अणु पास-पास आ जाते हैं और उनकी गति धीमी हो जाती है. इस प्रक्रिया से गैस द्रव अवस्था में बदल जाती है.
  • संपीड्यता: गैसों में कणों के बीच बहुत खाली जगह होने के कारण इनकी संपीड्यता बहुत अधिक होती है, यानी इन्हें आसानी से दबाया जा सकता है.

In simple words: गैस का न कोई तय आकार होता है न ही आयतन. इसके कण बहुत तेज़ी से इधर-उधर भागते हैं और बर्तन की दीवारों पर दबाव डालते हैं. इसे दबाया जा सकता है और ठंडा करने पर यह द्रव बन सकती है.

🎯 Exam Tip: गैसों में कणों के बीच बहुत कम आकर्षण बल और बहुत अधिक खाली जगह उनके सभी अनिश्चित गुणों का मूल कारण है.

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