RBSE Solutions Class 9 Science Chapter 15 प्राकृतिक सम्पदा एवं कृषि

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Detailed Chapter 15 प्राकृतिक सम्पदा एवं कृषि RBSE Solutions for Class 9 Science

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Class 9 Science Chapter 15 प्राकृतिक सम्पदा एवं कृषि RBSE Solutions PDF

वस्तुनिष्ठ

 

Question 1. किसी खेत में नियोजित कार्यक्रम के अनुसार फसलों को बदल-बदल कर बोना कहलाता है-
(अ) मिश्रित फसल
(ब) मिश्रित कृषि
(स) फसल चक्र
(द) अन्तराफसल।
Answer: (स) फसल चक्र
In simple words: जब किसान एक खेत में योजना बनाकर अलग-अलग तरह की फसलें बारी-बारी से उगाता है, तो इसे फसल चक्र कहते हैं। यह मिट्टी की सेहत के लिए अच्छा होता है।

🎯 Exam Tip: फसल चक्र को परिभाषित करते समय "योजनाबद्ध कार्यक्रम" और "फसलों को बदल-बदल कर बोना" जैसे महत्वपूर्ण शब्दों का प्रयोग करें।

 

Question 2. वायुमण्डल में आयतन के अनुसार कार्बन डाइ ऑक्साइड पायी जाती है-
(अ) 0-03%
(ब) 0-003%
(स) 0-0003%
(द) 0-3%.
Answer: (अ) 0-03%
In simple words: कार्बन डाइऑक्साइड हवा में बहुत कम मात्रा में होती है, लगभग 0.03 प्रतिशत। यह गैस पौधों के लिए जरूरी है, लेकिन ज्यादा होने पर धरती गरम हो सकती है।

🎯 Exam Tip: वायुमंडल में विभिन्न गैसों के प्रतिशत मानों को याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन और ऑक्सीजन के।

 

Question 3. अम्लीय वर्षा निम्न में से किसका परिणाम है-
(अ) वायु प्रदूषण
(ब) जल प्रदूषण
(स) मृदा प्रदूषण
(द) ध्वनि प्रदूषण।
Answer: (अ) वायु प्रदूषण
In simple words: अम्लीय वर्षा हवा में गंदगी (प्रदूषण) के कारण होती है, जब फैक्ट्रियों और गाड़ियों से निकलने वाला धुआँ पानी के साथ मिलकर तेजाब बन जाता है। इस तरह की वर्षा पेड़-पौधों और इमारतों को नुकसान पहुँचाती है।

🎯 Exam Tip: अम्लीय वर्षा के मुख्य कारण जैसे नाइट्रोजन ऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड गैसों का उल्लेख करना न भूलें।

 

Question 5. निम्न में से खरीफ की फसल है-
(अ) सोयाबीन
(ब) गेहूँ
(स) चना
(द) मटर।
Answer: (अ) सोयाबीन
In simple words: खरीफ की फसलें वे होती हैं जिन्हें मानसून के मौसम में बोया जाता है। सोयाबीन एक ऐसी ही फसल है जो गर्मियों में लगाई जाती है और बारिश के मौसम में बढ़ती है।

🎯 Exam Tip: रबी और खरीफ फसलों के प्रमुख उदाहरणों को याद रखें। खरीफ फसलें आमतौर पर जून-जुलाई में बोई जाती हैं और अक्टूबर-नवंबर में काटी जाती हैं।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 6. वायु की गति मापने वाले उपकरण का नाम लिखो।
Answer: वायु की गति मापने वाले उपकरण को एनिमोमीटर कहते हैं। यह पवन वेग को मापने का एक महत्वपूर्ण यंत्र है।
In simple words: हवा कितनी तेज़ चल रही है, इसे एनिमोमीटर नाम की मशीन से मापते हैं।

🎯 Exam Tip: विभिन्न वैज्ञानिक उपकरणों के नामों और उनके उपयोगों को याद रखें।

 

Question 7. प्रदूषण किसे कहते हैं ?
Answer: वायु, मिट्टी या पानी के प्राकृतिक गुणों में कोई भी ऐसा बदलाव जो खराब या अवांछनीय हो, उसे प्रदूषण कहते हैं। यह बदलाव भौतिक, रासायनिक या जैविक हो सकता है।
In simple words: जब हवा, मिट्टी या पानी गंदा हो जाता है और उसके अच्छे गुण बदल जाते हैं, तो उसे प्रदूषण कहते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रदूषण की परिभाषा देते समय "अवांछनीय परिवर्तन" और "भौतिक, रासायनिक या जैविक गुणों" जैसे मुख्य बिंदुओं को शामिल करें।

 

Question 8. प्राकृतिक संसाधन किसे कहते हैं ?
Answer: प्राकृतिक संसाधन वे चीज़ें हैं जो हमें जलमंडल, वायुमंडल और स्थलमंडल से मिलती हैं और जीवन के लिए बहुत ज़रूरी हैं। जीवित प्राणी इन संसाधनों का उपयोग करते हैं, जैसे ऊर्जा, पानी, मिट्टी, खनिज, जानवर और पौधे।
In simple words: कुदरत से मिलने वाली हर वो चीज़ जो हमारे जीने के लिए जरूरी है, जैसे पानी, हवा, मिट्टी, जानवर और पौधे, उसे प्राकृतिक संसाधन कहते हैं।

🎯 Exam Tip: प्राकृतिक संसाधनों की परिभाषा के साथ, "जलमंडल, वायुमंडल, स्थलमंडल" जैसे घटकों का उल्लेख करना और कुछ उदाहरण देना उत्तर को अधिक प्रभावी बनाता है।

 

Question 9. शैवाल ब्लूम क्या हैं ?
Answer: शैवाल ब्लूम तब होता है जब जलाशयों में बहुत ज़्यादा पोषक तत्व बढ़ जाते हैं, जिससे तैरने वाले शैवाल बहुत तेज़ी से बढ़ जाते हैं। यह अत्यधिक वृद्धि हानिकारक होती है, पानी से बदबू आती है, पानी में ऑक्सीजन कम हो जाती है, और कभी-कभी ज़हर भी पैदा करती है। यह पानी को एक खास रंग भी दे देते हैं।
In simple words: जब किसी तालाब या झील में बहुत सारे शैवाल एक साथ उग जाते हैं और पानी को गंदा कर देते हैं, तो उसे शैवाल ब्लूम कहते हैं।

🎯 Exam Tip: शैवाल ब्लूम के कारणों (पोषक तत्वों की वृद्धि) और दुष्प्रभावों (ऑक्सीजन की कमी, विषाक्तता) का उल्लेख करें।

 

Question 11. मिश्रित कृषि किसे कहते हैं ?
Answer: मिश्रित कृषि का मतलब है फसलों को उगाने के साथ-साथ पशुपालन, मधुमक्खी पालन जैसे काम भी करना। यह खेती का एक ऐसा तरीका है जिसमें किसान कई तरह की गतिविधियों को एक साथ करते हैं।
In simple words: जब किसान फसलें उगाने के साथ-साथ जानवर भी पालते हैं या मधुमक्खी पालन करते हैं, तो उसे मिश्रित कृषि कहते हैं।

🎯 Exam Tip: मिश्रित कृषि की परिभाषा देते समय "फसल उगाने" के साथ "पशुपालन" या अन्य संबंधित गतिविधियों का उल्लेख करना आवश्यक है।

 

Question 12. वायुमण्डल में सबसे अधिक पायी जाने वाली गैस का क्या नाम है ?
Answer: वायुमंडल में सबसे ज़्यादा मात्रा में पायी जाने वाली गैस नाइट्रोजन है, जो हवा का लगभग 78% हिस्सा बनाती है। यह गैस पौधों के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
In simple words: हवा में सबसे ज्यादा नाइट्रोजन गैस होती है, जो करीब 78% होती है।

🎯 Exam Tip: वायुमंडल की प्रमुख गैसों (नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, आर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड) और उनके प्रतिशत को याद रखें।

 

Question 13. पादप श्वसन क्रिया में किस गैस का उपयोग करते हैं ?
Answer: पौधे श्वसन क्रिया में ऑक्सीजन गैस का उपयोग करते हैं, ठीक वैसे ही जैसे मनुष्य करते हैं। श्वसन, ऊर्जा प्राप्त करने की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।
In simple words: पौधे साँस लेने के लिए ऑक्सीजन गैस का इस्तेमाल करते हैं।

🎯 Exam Tip: पौधों में प्रकाश संश्लेषण और श्वसन दोनों प्रक्रियाओं में उपयोग और मुक्त होने वाली गैसों में अंतर स्पष्ट रखें।

 

Question 14. वायु की गति का क्या कारण है।
Answer: वायु की गति का मुख्य कारण पृथ्वी की सतह पर वायु दाब में अंतर होना है। जब एक जगह हवा का दबाव कम होता है और दूसरी जगह ज्यादा, तो हवा ज़्यादा दबाव वाली जगह से कम दबाव वाली जगह की ओर चलती है।
In simple words: हवा इसलिए चलती है क्योंकि धरती पर अलग-अलग जगहों पर हवा का दबाव अलग-अलग होता है।

🎯 Exam Tip: वायु की गति (पवन) के लिए "वायु दाब में अंतर" को मुख्य कारण के रूप में हमेशा उल्लेख करें।

 

Question 15. सबसे अधिक अण्डे देने वाली मुर्गी की नस्ल का नाम लिखो।
Answer: सबसे ज़्यादा अंडे देने वाली मुर्गी की नस्ल का नाम व्हाइट लैगहॉर्न है। यह नस्ल अंडे उत्पादन के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है।
In simple words: व्हाइट लैगहॉर्न नाम की मुर्गी सबसे ज्यादा अंडे देती है।

🎯 Exam Tip: पशुपालन और कृषि से संबंधित महत्वपूर्ण नस्लों और उनकी विशेषताओं को याद रखना चाहिए।

लघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. ह्यूमस क्या है ? ह्युमस से क्या लाभ है ?
Answer: ह्यूमस एक गहरे रंग का, चिकना पदार्थ है जो मिट्टी में मृत पौधों के अवशेष (जैसे पत्तियां, छाल, फूल, सूखे फल) और मृत जानवरों के शरीर पर सूक्ष्मजीवों की क्रिया से बनता है। यह मिट्टी को उपजाऊ बनाता है। ह्यूमस के मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:
(i) यह मिट्टी की बनावट और रसायन को सुधारता है।
(ii) यह मिट्टी की जल धारण क्षमता को बढ़ाता है, जिससे मिट्टी अधिक देर तक नमी बनाए रखती है।
(iii) यह लंबी अवधि के लिए मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है क्योंकि इसमें धीरे-धीरे पोषक तत्व निकलते रहते हैं।
In simple words: ह्यूमस मिट्टी में पौधों और जानवरों के सड़े-गले हिस्सों से बनने वाला एक काला पदार्थ है। यह मिट्टी को अच्छा बनाता है, पानी सोखने में मदद करता है और उसे उपजाऊ बनाता है।

🎯 Exam Tip: ह्यूमस की परिभाषा में "मृत कार्बनिक पदार्थ" और "सूक्ष्मजीवों की क्रिया" को शामिल करें, साथ ही इसके कम से कम दो प्रमुख लाभों का उल्लेख करें।

 

Question 2. अम्लीय वर्षा कैसे होती है ? अम्लीय वर्षा के दुष्प्रभाव लिखो।
Answer: अम्लीय वर्षा तब होती है जब वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेदार गैसें, जैसे नाइट्रोजन ऑक्साइड \( (NO_2) \) और सल्फर डाइऑक्साइड \( (SO_2) \), हवा में मौजूद जल वाष्प के साथ प्रतिक्रिया करती हैं। यह प्रतिक्रिया नाइट्रिक एसिड \( (HNO_3) \) और सल्फ्यूरिक एसिड \( (H_2SO_4) \) जैसे अम्ल बनाती है। ये अम्ल अंत में बारिश के पानी के साथ धरती पर गिरते हैं।
अम्लीय वर्षा के दुष्प्रभाव:
1. अम्लीय वर्षा से संगमरमर, धातु और पत्थरों से बनी कलाकृतियां और ऐतिहासिक इमारतें खराब हो जाती हैं।
2. अम्लों का जमाव फसलों को भी नुकसान पहुंचाता है, जिससे मिट्टी की अम्लता बढ़ जाती है।
3. कई देशों में जंगलों और झीलों को अम्लीय वर्षा से भारी नुकसान हुआ है, जिससे इन क्षेत्रों में वन नष्ट हो गए हैं और झीलों में मछली उत्पादन कम हो गया है।
In simple words: जब कारखानों और गाड़ियों का धुआँ हवा में पानी के साथ मिलकर तेजाब बना देता है, तो वह तेजाब बारिश के साथ धरती पर गिरता है, जिसे अम्लीय वर्षा कहते हैं। यह इमारतों, फसलों और जंगलों को नुकसान पहुँचाती है।

🎯 Exam Tip: अम्लीय वर्षा के कारणों में \( NO_2 \) और \( SO_2 \) गैसों का रासायनिक नाम सहित उल्लेख करें, और दुष्प्रभावों में इमारतों, कृषि और जलीय जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों को विस्तार से बताएं।

 

Question 3. जैव रासायनिक आवश्यक ऑक्सीजन माँग क्या है ?
Answer: जैव रासायनिक ऑक्सीजन माँग (Biochemical Oxygen Demand या BOD) पानी की उस ऑक्सीजन की मात्रा को कहते हैं जो सूक्ष्मजीवों द्वारा एक लीटर पानी में मौजूद कार्बनिक पदार्थों को एक निश्चित समय में तोड़ने के लिए उपयोग की जाती है। यदि पानी में BOD ज़्यादा है, तो इसका मतलब है कि उसमें कार्बनिक पदार्थ ज़्यादा हैं और पानी ज़्यादा प्रदूषित है। कम BOD का मतलब है पानी में ज़्यादा घुली हुई ऑक्सीजन, जबकि बहुत ज़्यादा BOD का मतलब है कि पानी में घुली हुई ऑक्सीजन की कमी है।
In simple words: BOD यह बताता है कि पानी में कितनी गंदगी है। अगर BOD ज़्यादा है, तो पानी बहुत गंदा है क्योंकि सूक्ष्मजीवों को गंदगी तोड़ने के लिए ज़्यादा ऑक्सीजन चाहिए।

🎯 Exam Tip: BOD की परिभाषा में "ऑक्सीजन की मात्रा", "सूक्ष्मजीवों द्वारा उपयोग" और "कार्बनिक पदार्थों के विघटन" जैसे मुख्य शब्दों का प्रयोग करें। BOD का उच्च मान प्रदूषण का संकेत है।

 

Question 4. वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों का वर्णन कीजिए।
Answer: वायु प्रदूषण (Air Pollution) मनुष्य सहित सभी जीव-जंतुओं, पेड़-पौधों, फसलों के साथ-साथ ऐतिहासिक इमारतों, कलाकृतियों, वनों और झीलों पर बहुत बुरा असर डालता है। वायु प्रदूषण के प्रमुख दुष्प्रभाव इस प्रकार हैं:
1. ईंधन के अधूरे जलने से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड \( (CO) \) बहुत जहरीली गैस है। यह खून के हीमोग्लोबिन से मिलकर ऑक्सीजन ले जाने की उसकी क्षमता को खत्म कर देती है। \( CO \) हीमोग्लोबिन से ऑक्सीजन की तुलना में कई गुना तेज़ी से जुड़ता है, जिससे मनुष्य के लिए यह जानलेवा हो सकता है।
2. वायु प्रदूषक जैसे \( NO_2 \) और \( SO_2 \) हवा में मौजूद जल वाष्प से क्रिया करके नाइट्रिक और सल्फ्यूरिक अम्ल बनाते हैं, जो अम्लीय वर्षा का कारण बनते हैं। यह अम्लीय वर्षा पेड़-पौधों पर भी हानिकारक प्रभाव डालती है।
6. सल्फर डाइऑक्साइड \( (SO_2) \) पौधों के पर्ण हरित (क्लोरोफिल) को नुकसान पहुँचाती है, जिससे वे अपना भोजन ठीक से नहीं बना पाते।
In simple words: हवा के गंदा होने से इंसान, जानवर, पेड़-पौधे और इमारतें सब खराब होते हैं। कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें साँस लेने में दिक्कत पैदा करती हैं और अम्लीय वर्षा से इमारतें और फसलें खराब हो जाती हैं। सल्फर डाइऑक्साइड पौधों को भी नुकसान पहुँचाती है।

🎯 Exam Tip: वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों में मानवीय स्वास्थ्य (जैसे \( CO \) का प्रभाव), पर्यावरण (अम्लीय वर्षा) और सांस्कृतिक विरासत (इमारतों पर प्रभाव) तीनों पहलुओं को शामिल करें।

 

Question 5. जैविक आवर्धन क्या है ? समझाइए।
Answer: जैविक आवर्धन (Biomagnification) वह प्रक्रिया है जिसमें कोई ज़हरीला, अजैविक रूप से न गलने वाला पदार्थ (non-biodegradable) खाद्य श्रृंखला के हर अगले पोषण स्तर में बढ़ता चला जाता है। डीडीटी और मरकरी के जैविक आवर्धन के कई उदाहरण वैज्ञानिकों ने पढ़े हैं। यह इसलिए होता है क्योंकि एक जीव द्वारा इकट्ठा किया गया ज़हरीला पदार्थ उसके शरीर में पचता नहीं है और न ही वह उसे शरीर से बाहर निकाल पाता है। इस तरह, हर पोषण स्तर पर यह ज़हरीला पदार्थ अगले जीव में चला जाता है और उसकी मात्रा बढ़ती जाती है।
In simple words: जैविक आवर्धन का मतलब है कि जब कोई ज़हरीला रसायन खाने की कड़ी में एक जानवर से दूसरे जानवर में जाता है, तो उसकी मात्रा हर अगले जानवर में बढ़ती चली जाती है।

🎯 Exam Tip: जैविक आवर्धन की परिभाषा में "विषैला", "अजैविक अपघटनीय पदार्थ" और "खाद्य श्रृंखला के प्रत्येक पोषण स्तर में सान्द्रण में वृद्धि" जैसे मुख्य शब्दों को शामिल करें।

 

Question 6. ध्वनि प्रदूषण क्या है ? ध्वनि प्रदूषण के दुष्प्रभाव समझाइये।
Answer: ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution) का मतलब है ध्वनि का अवांछित रूप से ऊँचा स्तर, जिसे शोर कहते हैं। सरल शब्दों में, जब ध्वनि इतनी तेज़ या असुविधाजनक हो जाती है कि वह हमें परेशान करने लगे, तो उसे ध्वनि प्रदूषण कहते हैं। 80 dB (डेसीबल) से अधिक की कोई भी ध्वनि प्रदूषक मानी जाती है।
ध्वनि प्रदूषण के दुष्प्रभाव:
1. बहुत तेज़ या लंबे समय तक तेज़ आवाज़ सुनने से हमारी सुनने की क्षमता को नुकसान हो सकता है और बहरापन (deafness) भी हो सकता है।
2. इससे नींद न आना, नींद में गड़बड़ी, दिल की धड़कन का अनियमित होना, उच्च रक्तचाप, अपच और थकान जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
3. 100 dB से ज़्यादा की आवाज़ लंबे समय तक सुनने से हम परेशान और बेचैन हो सकते हैं, जबकि 120dB से ज़्यादा की आवाज़ सिर में दर्द पैदा कर सकती है।
4. यह रोगियों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए विशेष रूप से कष्टकारी होता है।
5. ज़्यादा शोर से आँखों की पुतलियाँ फैल जाती हैं, त्वचा पीली पड़ जाती है, एड्रीनल हार्मोन ज़्यादा निकलता है, और तंत्रिका-पेशीय तनाव बढ़ जाता है, जिससे चिड़चिड़ापन और खिन्नता होती है।
In simple words: ध्वनि प्रदूषण का मतलब है बहुत तेज़ और परेशान करने वाली आवाज़। यह हमारे कान, नींद और दिल को नुकसान पहुँचाती है, और हमें चिड़चिड़ा बना सकती है।

🎯 Exam Tip: ध्वनि प्रदूषण की परिभाषा में "अवांछित ऊँचा स्तर" या "असुविधाकारी, अप्रिय ध्वनि" जैसे शब्दों का प्रयोग करें, और इसके दुष्प्रभावों में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को विस्तार से बताएं।

 

Question 8. वायु प्रदूषण की रोकथाम के कोई चार उपाय लिखिए।
Answer: वायु प्रदूषण को रोकने के लिए निम्नलिखित चार मुख्य उपाय हैं:
1. ऐसे वाहनों को बढ़ावा देना चाहिए जो पेट्रोल या डीज़ल से न चलते हों, जैसे CNG, बैटरी या सौर ऊर्जा से चलने वाले वाहन। ईंधन के नए, पर्यावरण के अनुकूल स्रोतों पर शोध को बढ़ाना चाहिए।
2. पेट्रोल और डीज़ल से चलने वाले वाहनों में प्रदूषण कम करने वाले उपकरण (जैसे कैटेलिटिक कन्वर्टर) लगाना अनिवार्य करना चाहिए। ट्रैफिक को बेहतर तरीके से प्रबंधित करना भी ज़रूरी है।
3. कारखानों और उद्योगों की चिमनियों में हवा को साफ करने वाले उपकरण (जैसे स्क्रबर, साइक्लोन सेपरेटर, इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर) लगाना चाहिए।
4. लोगों को जीवाश्म ईंधन का कम उपयोग करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें, कार-पूल करें, और साइकिल का अधिक उपयोग करें। खेतों में कृषि अपशिष्ट को जलाने पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए।
In simple words: हवा को गंदा होने से बचाने के लिए हमें साफ ईंधन वाले वाहन चलाने चाहिए, फैक्ट्रियों में प्रदूषण रोकने वाले यंत्र लगाने चाहिए, और पेट्रोल-डीज़ल का कम इस्तेमाल करना चाहिए।

🎯 Exam Tip: वायु प्रदूषण की रोकथाम के उपायों में तकनीकी (वाहन, उद्योग), व्यवहारिक (व्यक्तिगत उपयोग) और नीतिगत (अधिनियम) समाधानों को शामिल करें।

 

Question 9. खाद व उर्वरक में क्या अन्तर हैं ?
Answer: खाद और उर्वरक में मुख्य अंतर निम्नलिखित हैं:

खाद (Manure)उर्वरक (Fertilizer)
(ii) पोषकों की मात्रा कम होती है, लेकिन यह लंबे समय तक पौधों को मिलते रहते हैं।(ii) पोषकों की मात्रा अधिक होती है, और पौधों को पोषक तत्व जल्दी मिलते हैं।
(iii) पोषक तत्व विशिष्ट नहीं होते (सभी पोषक तत्व अल्प मात्रा में मिलते हैं)।(iii) पोषक तत्व विशिष्ट होते हैं (मिट्टी को किसी विशेष पोषक तत्व की आपूर्ति करते हैं)।
(iv) मिट्टी के रसायन (Chemistry) और बनावट (Texture) में सुधार करते हैं। जल धारण क्षमता बढ़ाते हैं और लंबे समय तक उर्वरता बढ़ाते हैं।(iv) मिट्टी के रसायन और बनावट को खराब कर सकते हैं। अधिक उपयोग से मिट्टी अम्लीय या क्षारीय हो सकती है। जल धारण क्षमता कम करते हैं और लंबे समय तक उर्वरता कम करते हैं।
(v) अधिक आयतन वाले (Bulky) होते हैं, इसलिए परिवहन करना आसान नहीं होता।(v) पोषकों के सांद्रित स्रोत होते हैं, परिवहन बहुत आसान होता है।
(vi) पर्यावरण मित्र (Eco-Friendly) होते हैं।(vi) पर्यावरण मित्र नहीं होते।

In simple words: खाद जानवरों और पौधों के सड़े-गले हिस्सों से बनती है, जो मिट्टी को धीरे-धीरे उपजाऊ बनाती है और मिट्टी की सेहत सुधारती है। उर्वरक फैक्ट्रियों में बनते हैं, जो पौधों को तुरंत पोषक तत्व देते हैं, लेकिन मिट्टी के लिए हमेशा अच्छे नहीं होते।

🎯 Exam Tip: खाद और उर्वरक के बीच अंतर को स्पष्ट करते समय उनकी प्रकृति, पोषक तत्व की मात्रा, मिट्टी पर प्रभाव और पर्यावरणीय मित्रता जैसे बिंदुओं पर ध्यान दें।

 

Question 10. वर्मी कम्पोस्ट खाद कैसे बनाई जाती है ?
Answer: वर्मी कम्पोस्ट (Vermicompost) बनाने के लिए कृषि अपशिष्ट (जैसे पशुओं का गोबर, सब्जियों के छिलके, खरपतवार) को गड्ढों में डालकर ऊपर से मिट्टी से ढक दिया जाता है। इस प्रक्रिया में केंचुए (Earthworms) भी डाले जाते हैं। केंचुए, जिन्हें अपरदहारी (Detritivore) कहते हैं, इन कार्बनिक पदार्थों को खाते हैं और उन्हें आधा पचाकर कृमिमल (worm cast) के रूप में बाहर निकालते हैं। यह क्रिया कार्बनिक पदार्थों को और भी तेज़ी से तोड़ने में मदद करती है, जिससे कम्पोस्ट जल्दी बन जाती है। केंचुओं की मदद से बनी यह कम्पोस्ट न सिर्फ तेज़ी से बनती है, बल्कि पोषक तत्वों से भरपूर भी होती है।
In simple words: वर्मी कम्पोस्ट केंचुओं की मदद से बनाई जाती है। इसमें कचरे को गड्ढे में डालकर केंचुए उसे खाकर खाद बनाते हैं, जो पौधों के लिए बहुत अच्छी होती है।

🎯 Exam Tip: वर्मी कम्पोस्ट बनाने की प्रक्रिया में "केंचुए" और "कार्बनिक अपशिष्टों के विघटन" को मुख्य रूप से समझाएं।

पशुओं में होने वाले रोग

पशुओं में कई तरह के रोग होते हैं, जो विषाणु (वायरल), जीवाणु (बैक्टीरिया), कवक (फंगल) और कृमि (हेल्मिंथ) के कारण होते हैं। इनमें से कुछ प्रमुख रोग ये हैं:

  • खुरपका-मुँहपका (Foot and Mouth disease) - यह एक गंभीर वायरल रोग है।
  • गलघोंटू
  • गिल्टी रोग
  • तपेदिक (T. B.)
  • चेचक

 

Question 12. कृत्रिम मधुमक्खी पालन कैसे किया जाता है ?
Answer: कृत्रिम मधुमक्खी पालन (Apiculture) एक आसान प्रक्रिया है जिसे थोड़ी ट्रेनिंग के बाद किसी भी ऐसी जगह शुरू किया जा सकता है जहाँ फलों के बगीचे, जंगली झाड़ियाँ, फलदार फसलें या चारागाह हों। इसके लिए लकड़ी के बंद बक्से के आकार के कृत्रिम छत्ते बनाए जाते हैं। इन छत्तों में कई खाने होते हैं जिनमें धातु या प्लास्टिक की प्लेटें होती हैं और उन पर मोम की परत चढ़ी होती है। छत्तों में छोटे-छोटे छेद होते हैं ताकि मधुमक्खियाँ अंदर-बाहर आ सकें। मधुमक्खियाँ फूलों से रस इकट्ठा करके शहद बनाती हैं। जब शहद छत्ते के खानों में इकट्ठा हो जाता है, तो प्लेटों को निकालकर शहद निकाल लिया जाता है।
सफल मधुमक्खी पालन के लिए मुख्य बातें ये हैं:

  • मधुमक्खी की प्रकृति को समझना
  • छत्ते के लिए अच्छी जगह चुनना
  • अलग-अलग मौसमों में छत्ते का ध्यान रखना
  • मधुमक्खियों के झुंड को पकड़ना और छत्ते में रखना
  • शहद और मोम को इकट्ठा करना

मुख्य रूप से एपिस मैलीफरा प्रजाति की मधुमक्खी का पालन किया जाता है।
In simple words: मधुमक्खी पालन में, खास तरह के बक्से बनाकर मधुमक्खियों को पाला जाता है। मधुमक्खियाँ फूलों से शहद इकट्ठा करके छत्ते में रखती हैं, जिसे बाद में निकाल लिया जाता है।

🎯 Exam Tip: मधुमक्खी पालन की प्रक्रिया में "कृत्रिम छत्ते", "फूलों से मकरंद संग्रह" और "शहद व मोम एकत्रीकरण" जैसे प्रमुख चरणों को स्पष्ट करें।

 

Question 13. गाय व भैंस की अधिक दूध देने वाली नस्लों के नाम लिखिए।
Answer: अधिक दूध देने वाली गाय की नस्लें इस प्रकार हैं (भैंस की नस्लों का उल्लेख स्रोत में नहीं है):
1. गाय की अधिक दूध देने वाली नस्लें:

  • देशी नस्लें: साहीवाल, देवली, गिर, सिन्ध, हरियाणवी आदि।
  • विकसित उन्नत नस्लें: करन स्विस, सुनन्दिनी।

In simple words: ज़्यादा दूध देने वाली गायों में साहीवाल, गिर और करन स्विस जैसी नस्लें प्रमुख हैं।

🎯 Exam Tip: दुधारू पशुओं की नस्लों के नाम याद रखें और उन्हें देशी व विदेशी श्रेणियों में वर्गीकृत करने का अभ्यास करें।

 

Question 15. मिश्रित फसल क्या है ? इससे क्या-क्या लाभ हैं ?
Answer: मिश्रित फसल (Mixed Cropping) का मतलब है जब एक ही खेत में एक साथ दो या दो से ज़्यादा फसलें उगाई जाती हैं। एक खास तरह की मिश्रित खेती अन्तराफसल (intercropping) कहलाती है, जिसमें दो या ज़्यादा फसलों को निश्चित कतारों में उगाया जाता है (उदाहरण के लिए गेहूँ के साथ सरसों, या मूंगफली के साथ सूरजमुखी)।
मिश्रित फसल के लाभ:
1. यह खेती में नुकसान के खतरे को कम करती है, क्योंकि अगर एक फसल खराब हो जाए तो दूसरी फसल से कुछ राहत मिल जाती है।
2. यह मिट्टी में पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करती है।
3. यह कीटों और रोगों को सभी पौधों तक फैलने से रोकने में मदद करती है।
मिश्रित फसल के लिए फसलों का चुनाव करते समय इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
1. एक फसल की अवधि लंबी और दूसरी की छोटी होनी चाहिए।
2. एक फसल की जड़ें गहरी और दूसरी की सतही होनी चाहिए।
3. एक फसल लंबी और दूसरी बौनी होनी चाहिए, या उनकी ऊँचाई में अंतर होना चाहिए।
In simple words: मिश्रित फसल में एक ही खेत में कई फसलें एक साथ उगाई जाती हैं। इससे नुकसान का खतरा कम होता है, मिट्टी का अच्छा उपयोग होता है और बीमारी फैलने से बचती है।

🎯 Exam Tip: मिश्रित फसल की परिभाषा के साथ, उसके लाभों और चुनाव के मानदंडों को स्पष्ट रूप से बताएं।

निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. दीर्घकालीन कृषि की विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिए।
Answer: दीर्घकालीन कृषि की प्रमुख विधियाँ निम्नलिखित हैं:
1. मिश्रित कृषि (Mixed Farming): इस विधि में खेती के साथ-साथ पशुपालन, मधुमक्खी पालन या तालाब में मछली पालन भी किया जाता है। इससे आय बढ़ती है, भूमि का पूरी तरह से उपयोग होता है और पशुधन के कचरे का पुनर्चक्रण होता है।
2. मिश्रित फसल (Mixed Cropping): इसमें एक ही खेत में एक साथ दो या दो से ज़्यादा फसलें उगाई जाती हैं। यह सुरक्षा के साथ कुछ लाभ सुनिश्चित करता है, जैसे गेहूँ के साथ सरसों उगाना।
3. फसल चक्रण (Crop Rotation): एक ही भूमि से लगातार अधिक उत्पादन पाने के लिए फसल चक्र को अपनाया जाता है। इसमें भूमि के एक हिस्से पर योजनाबद्ध तरीके से अलग-अलग फसलें बोई जाती हैं, जैसे अनाज फसलों के बाद फलीदार फसलें उगाना, ताकि मिट्टी में नाइट्रोजन की सही मात्रा बनी रहे। दीर्घकालीन कृषि में स्थानीय देशी किस्मों का चुनाव और एकीकृत कीट प्रबंधन जैसे तथ्यों पर भी ध्यान दिया जाता है।
In simple words: लंबे समय तक अच्छी खेती करने के लिए कई तरीके अपनाए जाते हैं। इसमें फसलों के साथ-साथ जानवर पालना, एक खेत में कई फसलें उगाना और हर साल अलग-अलग फसलें बोना शामिल है।

🎯 Exam Tip: दीर्घकालीन कृषि की विधियों को समझाते समय, प्रत्येक विधि का संक्षिप्त विवरण और उसके मुख्य लाभों का उल्लेख करें।

 

Question 2. मत्स्य पालन के उत्पादों के नाम लिखो तथा मत्स्य पालन के पदों का वर्णन कीजिए।
Answer: मत्स्य पालन के उत्पाद और उसके पद (चरण) निम्नलिखित हैं:
मत्स्य पालन के उत्पाद:
1. मछली प्रोटीन का एक बहुत अच्छा और सस्ता स्रोत है, इसलिए इसे मुख्य रूप से खाने के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
2. कॉड लिवर ऑयल और शार्क लिवर ऑयल विटामिन A और D का बेहतरीन स्रोत माने जाते हैं।
3. मछली से वसा, फिन, शल्क (scales), त्वचा और अन्य द्वितीयक उत्पाद भी प्राप्त होते हैं।
4. मत्स्य पालन देश के करोड़ों लोगों को आजीविका और कमाई के अवसर प्रदान करता है।
मत्स्य पालन के पद (चरण):
1. आवास: मछली पालन प्राकृतिक जल स्रोतों जैसे समुद्र, तालाब, झील और नदियों के अलावा कृत्रिम जलाशयों में भी किया जाता है।
2. मछली की जातियाँ: ताजे पानी में रोहू, कतला, मृगाल, कालबसु जैसी देशी मछलियां पाली जाती हैं। सिल्वर कॉर्प और कॉमन कॉर्प विदेशी प्रजातियाँ हैं। खारे या लवणीय पानी में भी प्रमुख मछलियां होती हैं, जैसे कॉमन कार्प।
3. मछलियों का भोजन: प्राकृतिक जलाशयों में मछलियां शैवाल, पौधे और छोटे जीवों को खाती हैं। कृत्रिम जलाशयों में उन्हें अनाज के टुकड़े, सोयाबीन और बादाम की खली जैसे तैयार भोजन भी दिए जाते हैं।
4. मत्स्य उत्पादन: नदियों के प्रजनन स्थलों से मछलियों के बीज जाल से इकट्ठे किए जाते हैं। इन बीजों से अंडे निकलते हैं, जिनसे छोटी मछलियां (जीरा या फ्राई) बनती हैं। ये बड़ी होकर अंगुलिकाओं (फिंगरलिंग) में बदल जाती हैं, जिन्हें मछली पालन के लिए जलाशयों में छोड़ा जाता है। संक्रामक जीवाणुओं को मारने के लिए अंगुलिकाओं को जीवाणुनाशक पदार्थों से उपचारित किया जाता है।
5. मछली संग्रहण: मछलियों के पर्याप्त बड़े हो जाने पर उन्हें विभिन्न तरीकों, जैसे जाल या बिजली के प्रवाह से पकड़ा जाता है।
6. मछली का परिरक्षण: मछली जल्दी खराब होने वाली चीज़ है, इसलिए उसे बचाना ज़रूरी है। सड़ने से बचाने के लिए उन्हें बर्फ में दबाकर, सुखाकर, नमक लगाकर या धुआँ देकर सुरक्षित रखा जाता है।
In simple words: मछली पालन से हमें प्रोटीन वाली मछली और तेल जैसे उत्पाद मिलते हैं। इसे तालाबों में मछलियाँ पालकर किया जाता है, जहाँ सही जगह और मछलियों की नस्ल चुनना जरूरी होता है। मछलियों को पाला जाता है, खाना दिया जाता है, और फिर पकड़े जाने के बाद उन्हें खराब होने से बचाने के लिए सुरक्षित रखा जाता है।

🎯 Exam Tip: मत्स्य पालन के उत्पादों और उसके विभिन्न चरणों का वर्णन करते समय प्रमुख मछली की नस्लों, भोजन और संरक्षण के तरीकों का उल्लेख करना न भूलें।

 

Question 3. सिंचाई किसे कहते हैं ? सिंचाई की आधुनिक विधियों का वर्णन कीजिए।
Answer: सिंचाई (Irrigation) का मतलब है पौधों को नियमित अंतराल पर पानी देना, क्योंकि सभी जीवित चीज़ों की तरह पौधों को भी पानी की बहुत ज़रूरत होती है। सिंचाई का समय और कितनी बार करनी है, यह मिट्टी, मौसम और पौधों की किस्म पर निर्भर करता है। स्वस्थ फसल के लिए खेत में आवश्यकतानुसार नियमित रूप से पानी देना ज़रूरी है। भारत में लगभग आधे कृषि क्षेत्र में सिंचाई के लिए बारिश का पानी इस्तेमाल होता है। बाकी क्षेत्रों में कुएं, नलकूप, मोट (घिरनी), रहट, चैन पंप, ढेकली और नहरों जैसे पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल होता है।
सिंचाई की आधुनिक विधियाँ:
पानी बचाने और कम पानी का उपयोग करने के लिए सिंचाई की आधुनिक पद्धतियों का इस्तेमाल किया जाता है। इन विधियों में पानी सीधे पौधों को मिलता है और बर्बादी कम होती है। ये विधियाँ निम्नलिखित हैं:
(a) छिड़काव तंत्र (Sprinkler System): यह विधि ऊबड़-खाबड़ ज़मीन के लिए बहुत उपयोगी है जहाँ पारंपरिक सिंचाई से पानी नीचे जमा हो जाता है। इसमें सीधे खड़े पाइपों के ऊपर घूमने वाले नोजल लगे होते हैं। ये सभी पाइप एक मुख्य पाइप से जुड़े होते हैं। जब पाइप में पानी आता है, तो नोजल घूमता है और पानी चारों तरफ बारिश की तरह गिरता है।
In simple words: सिंचाई का मतलब है पौधों को जरूरत के हिसाब से पानी देना। छिड़काव तंत्र एक आधुनिक तरीका है, जिसमें पानी बारिश की तरह पौधों पर गिरता है, जिससे पानी कम बर्बाद होता है।

🎯 Exam Tip: सिंचाई की परिभाषा में "नियमित अंतराल" और "पानी की आवश्यकता" को स्पष्ट करें। आधुनिक विधियों में, छिड़काव तंत्र और ड्रिप सिंचाई (यदि उपलब्ध हो) जैसे उदाहरणों का विवरण दें।

 

Question. फसली पादपों की किस्मों में सुधार के उद्देश्यों का वर्णन कीजिए।
Answer: फसली पौधों की किस्मों में सुधार के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
(a) उच्च उत्पादन (High Yield): प्रति एकड़ ज़्यादा फसल प्राप्त करना किस्म सुधार का पहला लक्ष्य है।
(b) उन्नत किस्में (Improved varieties or Better quality): उपलब्ध फसल की गुणवत्ता में सुधार करना, यानी उसके पोषण मूल्य या अन्य वांछित गुणों को बेहतर बनाना।
(c) जैविक तथा अजैविक प्रतिरोधकता (Resistance to Biotic and Abiotic Stresses):
1. रोग और कीटों के कारण फसल की पैदावार कम हो जाती है, इसलिए रोग और कीट प्रतिरोधी किस्में विकसित करना किस्म सुधार का उद्देश्य है।
2. सूखे, जल भराव (water logging), गर्मी, बहुत कम तापमान और पाला, मिट्टी की क्षारीयता जैसे अजैविक कारक पौधों की वृद्धि और फसल उत्पादन को कम कर देते हैं। इसलिए ऐसी किस्में बनाई जाती हैं जो इन पर्यावरणीय दबावों को ज़्यादा सहन कर सकें।
(d) परिपक्वन काल में परिवर्तन (Change in Maturity): फसल बोने से लेकर कटाई तक कम से कम समय लगे, यह किसान के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद होता है। बचे हुए समय में दूसरी फसल लगाई जा सकती है, जिससे साल में उगाई जाने वाली फसलों की संख्या बढ़ती है और कमाई भी बढ़ जाती है। फसल पकने में कम समय लगने से खर्च भी कम होता है। एक समान पकने से कटाई के दौरान होने वाले नुकसान कम हो जाते हैं।
(e) व्यापक अनुकूलता (Wider adaptability): ऐसी किस्में विकसित करना जो अलग-अलग पर्यावरणीय परिस्थितियों में उगाई जा सकें। यानी, एक ही किस्म को देश के अलग-अलग हिस्सों में उगाया जा सके, जहाँ जलवायु अलग हो सकती है।
(f) ऐच्छिक शस्य विज्ञान गुण (Desirable agronomic traits): अलग-अलग फसलों के लिए अलग-अलग वांछित गुण होते हैं। चारे वाली फसलों के लिए लंबी और घनी शाखाएँ अच्छी मानी जाती हैं। गेहूँ या अनाज की फसलों के लिए छोटापन (dwarfness) एक अच्छा गुण है ताकि कम पोषक तत्वों में भी बेहतर गुणवत्ता मिल सके।
In simple words: फसल सुधार का लक्ष्य ज़्यादा फसल उगाना, अच्छी क्वालिटी की फसल पाना, बीमारियों और खराब मौसम से बचाना, जल्दी पकने वाली फसलें उगाना और अलग-अलग जगहों पर उग सकने वाली फसलें बनाना है।

🎯 Exam Tip: फसल सुधार के उद्देश्यों को स्पष्ट करते समय "उच्च उत्पादन", "गुणवत्ता में सुधार", "रोग प्रतिरोधकता" और "परिपक्वन काल" जैसे मुख्य बिंदुओं पर ध्यान दें।

 

Question 5. जल प्रदूषण क्या है ? जल प्रदूषण के कारणों व दुष्प्रभावों का वर्णन कीजिए।
Answer: जल प्रदूषण का मतलब है जब पानी में कोई भी अवांछित पदार्थ मिल जाता है जिससे उसकी गुणवत्ता खराब हो जाती है और वह उपयोग के लायक नहीं रहता।
जल प्रदूषण के मुख्य कारण हैं:
(a) घरेलू अपशिष्ट (Domestic Waste): घरों से निकलने वाला गंदा पानी, जिसमें कार्बनिक पदार्थ होते हैं, नदियों में सीधे छोड़ दिया जाता है, जिससे गंभीर प्रदूषण होता है।
(b) औद्योगिक इकाइयाँ (Industrial Units): विभिन्न उद्योगों से निकलने वाला तरल कचरा (जैसे पेट्रो रसायन, तेल शोधन, दवाइयाँ) नदियों में बहा दिया जाता है, जिससे पानी बहुत प्रदूषित होता है।
(c) रासायनिक उर्वरक (Chemical fertilizers): खेतों में ज़्यादा नाइट्रोजन और फास्फोरस वाले उर्वरक का इस्तेमाल करने से बारिश के पानी के साथ ये जलाशयों में पहुँच जाते हैं और शैवाल ब्लूम का कारण बनते हैं।
(d) पीड़कनाशी (Pesticides): कीटनाशक और खरपतवारनाशक, खासकर वे जो जैव-अपघटनीय (non-biodegradable) नहीं होते, जैसे DDT, पानी को प्रदूषित करते हैं।
(e) जैविक प्रदूषक (Biological Pollutants): विभिन्न प्रकार के रोगाणु (जैसे विषाणु, जीवाणु, हेल्मिंथ अंडे, प्रोटोजोआ) पानी में मिलकर उसे दूषित करते हैं।
जल प्रदूषण के दुष्प्रभाव:
1. जैविक प्रदूषण से विभिन्न संक्रामक रोग होते हैं, जैसे टाइफाइड, हैजा और पीलिया।
2. भारी धातुएँ (जैसे मरकरी, कैडमियम, लेड) मानव स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर डालती हैं।
3. नाइट्रेट और फास्फोरस का प्रदूषण सुपोषण (Eutrophication) पैदा करता है। इससे शैवाल ब्लूम बनता है, जलाशयों में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है और मछलियाँ मर जाती हैं।
4. जैव अविघटनीय प्रदूषक जैसे DDT जैविक आवर्धन का कारण बनते हैं, जिससे खाद्य श्रृंखला में उनकी सांद्रता लगातार बढ़ती रहती है।
5. मनुष्य के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
In simple words: जब पानी गंदा हो जाता है, तो उसे जल प्रदूषण कहते हैं। यह घरों के कचरे, फैक्ट्रियों के गंदे पानी, खाद और कीटनाशकों से होता है। इसके कारण बीमारियाँ फैलती हैं, पानी में रहने वाले जीव मर जाते हैं और यह इंसानों के लिए भी खराब होता है।

🎯 Exam Tip: जल प्रदूषण की परिभाषा में "अवांछित पदार्थ" और "गुणवत्ता में गिरावट" को शामिल करें। कारणों और दुष्प्रभावों में घरेलू, औद्योगिक, कृषि और जैविक कारकों का उल्लेख करें।

अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उनके उत्तर

वस्तुनिष्ठ

 

Question 1. वायुमण्डल में आयतन के अनुसार ऑक्सीजन का अनुपात है-
(अ) 78.09%
(ब) 20.95%
(स) 0.03%
(द) 0.93%
Answer: (ब) 20.95%
In simple words: हवा में ऑक्सीजन गैस करीब 21% होती है, जो साँस लेने के लिए बहुत ज़रूरी है।

🎯 Exam Tip: वायुमंडल में ऑक्सीजन के सही प्रतिशत को याद रखें। यह नाइट्रोजन (लगभग 78%) से कम, लेकिन कार्बन डाइऑक्साइड (लगभग 0.03%) से काफी अधिक है।

 

Question 2. पृथ्वी का लगभग कितना भाग जल निमग्न है -
(a) 10%
(b) 30%
(c) 70%
(d) 85%
Answer: (c) 70%
In simple words: About 70% of the Earth's surface is covered by water, including oceans, rivers, and lakes. This large amount of water makes Earth unique among planets.

🎯 Exam Tip: Remember this key percentage as it highlights the importance of water on our planet.

 

Question 3. वायु सामान्यतः बहती है-
(a) ध्रुवों से विषुवत रेखा की ओर
(b) विषुवत रेखा से ध्रुवों को और
(c) जापान से संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर
(d) संयुक्त राज्य अमेरिका से जापान को और
Answer: (a) ध्रुवों से विषुवत रेखा की ओर
In simple words: Air usually moves from the poles towards the equator. This movement happens because of differences in air temperature and pressure across the Earth.

🎯 Exam Tip: Understanding global wind patterns helps explain weather and climate across different regions.

 

Question 4. निम्न में से कौन-सा पीड़कनाशी (Pesticide) है ?
(a) कीटनाशी
(b) शाकनाशी
(c) कवकनाशी
(d) उपर्युक्त सभी
Answer: (d) उपर्युक्त सभी
In simple words: Pesticides are chemicals used to control various pests. This includes insecticides (for insects), herbicides (for weeds), and fungicides (for fungi), all designed to protect crops.

🎯 Exam Tip: Remember that pesticides are a broad category of chemicals, each targeting specific types of pests in agriculture.

 

Question 5. जल की BOD का अधिक होना दर्शाता है कि
(a) जल प्रदूषण रहित है
(b) प्रदूषित है
(c) जल में घुलित O2 अधिक है
(d) जल पीने योग्य है
Answer: (b) प्रदूषित है
In simple words: A high BOD (Biochemical Oxygen Demand) level in water means there are many organic pollutants, which causes oxygen in the water to decrease as microbes break them down. This low oxygen makes the water unsuitable for aquatic life.

🎯 Exam Tip: BOD is a crucial indicator of water quality; a higher BOD suggests more organic pollution and less dissolved oxygen for living organisms.

 

Question 7. किस तीव्रता से अधिक की ध्वनि को प्रदूषक माना जाता है -
(a) 10 dB से कम
(b) 30 dB से कम
(c) 50 dB से अधिक
(d) 80 dB से अधिक
Answer: (d) 80 dB से अधिक
In simple words: Sound that is louder than 80 decibels is generally considered noise pollution. Such high levels of sound can be harmful to human ears over time.

🎯 Exam Tip: Remember the 80 dB threshold for noise pollution, as prolonged exposure to sounds above this level can cause hearing damage.

 

Question 8. निम्न में से कौन-सा एक सक्षम पोषक तत्व है ?
(a) N
(b) P
(c) K
(d) Zn
Answer: (d) Zn
In simple words: Zinc (Zn) is one of the important micronutrients required by plants for healthy growth. Plants need it in small amounts to carry out various functions.

🎯 Exam Tip: Distinguish between macronutrients (like N, P, K) needed in large amounts and micronutrients (like Zn) needed in smaller quantities for plant health.

 

Question 9. धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली किस प्रकार की फसलें हैं -
(a) रबी
(b) खरीफ
(c) सद
(d) उपर्युक्त सभी
Answer: (b) खरीफ
In simple words: Rice, maize, soybean, and groundnut are all examples of Kharif crops. These crops are planted at the start of the monsoon season and harvested after the rains.

🎯 Exam Tip: Classify crops correctly into Rabi (winter) and Kharif (monsoon) based on their sowing and harvesting seasons.

 

Question 11. असील, चटगाँव आदि किस जन्तु की देशी नस्लें हैं-
(a) ऊँट
(b) मुर्गी
(c) गाय
(d) भैंस
Answer: (b) मुर्गी
In simple words: Aseel and Chittagong are types of native chicken breeds found in India. These breeds are known for their strong build and are often raised for meat or traditional sports.

🎯 Exam Tip: Learn common indigenous breeds of poultry, as these are often tested in exams.

 

Question 12. निम्न में से कौन-सा मुर्गों का एक प्रमुख रोग है -
(a) खुरपका-मुँहपका
(b) गलघोंटू
(c) रानीखेत
(d) एड्स
Answer: (c) रानीखेत
In simple words: Ranikhet is a very serious and common disease that affects chickens and other birds. It is caused by a virus and can lead to high death rates in poultry farms.

🎯 Exam Tip: Identify common poultry diseases and their causes, as animal health is a key aspect of animal husbandry.

 

Question. सुमेलन सम्बन्धी प्रश्न: नीचे दिये गए स्तम्भ A व स्तम्भ B के मदों का मिलान कीजिए –
(i) बेंजिपायरिन
(ii) अम्लीय वर्षा
(iii) सुपोषीकरण
(iv) प्रदूषण नियंत्रण युक्ति
(v) सिंचाई
(vi) बीसीजी वैक्सीन

Answer:
(i) बेंजिपायरिन - (b) फुफ्फुस कैंसर
(ii) अम्लीय वर्षा - (f) \( \text{NO}_2 \), \( \text{SO}_2 \)
(iii) सुपोषीकरण - (a) शैवाल ब्लूम
(iv) प्रदूषण नियंत्रण युक्ति - (c) मार्जक स्क्रबर
(v) सिंचाई - (d) स्प्रिंकलर सिस्टम
(vi) बीसीजी वैक्सीन - (e) तपेदिक रोग
In simple words: This question matches different environmental terms, their causes, effects, or related technologies. For example, acid rain is linked to sulfur dioxide and nitrogen dioxide, and the BCG vaccine is used for tuberculosis.

🎯 Exam Tip: For matching questions, connect each item from one list to its correct counterpart in the second list. Look for direct relationships between terms, causes, or solutions.

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. दीर्घ पोषक तत्वों के नाम लिखिए।
Answer: पौधों के लिए आवश्यक दीर्घ पोषक तत्व हैं नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटैशियम, सल्फर, मैग्नीशियम, और कैल्शियम्। ये पोषक तत्व पौधों को बड़ी मात्रा में चाहिए होते हैं ताकि वे ठीक से बढ़ सकें और विकसित हो सकें।
In simple words: The main nutrients plants need a lot of are Nitrogen, Phosphorus, Potassium, Sulfur, Magnesium, and Calcium.

🎯 Exam Tip: Remember the list of macronutrients (दीर्घ पोषक तत्व) as they are fundamental for plant growth and development.

 

Question 2. किन्हीं दो विदेशी स्वच्छ जलीय मछलियों के नाम लिखिए।
Answer: दो विदेशी स्वच्छ जलीय मछलियों के नाम कॉमन कॉर्प और सिल्वर कॉर्प हैं। इन मछलियों को मीठे पानी के जलाशयों में पाला जाता है, खासकर मछली पालन के लिए।
In simple words: Two foreign freshwater fish are Common Carp and Silver Carp.

🎯 Exam Tip: Familiarize yourself with common fish species, both native and exotic, used in aquaculture for various purposes.

 

Question 3. मधुमोम का क्या उपयोग है ?
Answer: मधुमोम (Beeswax) का उपयोग कई चीज़ों में होता है, जैसे कॉस्मेटिक क्रीम, बूट पॉलिश बनाने और मूर्तिकला में। यह मोम मधुमक्खी के छत्ते से मिलता है और इसमें कई प्राकृतिक गुण होते हैं।
In simple words: Beeswax is used in cosmetics, shoe polish, and making sculptures.

🎯 Exam Tip: Beyond honey, beekeeping provides valuable by-products like beeswax, which has diverse industrial and artistic applications.

 

Question 4. खीस या कोलेस्ट्रम किसे कहते हैं ?
Answer: खीस, जिसे कोलोस्ट्रम भी कहते हैं, वह पहला गाढ़ा और पीला दूध होता है जो मादा पशुओं के बच्चे के जन्म के ठीक बाद उनके स्तनों से निकलता है। यह दूध बहुत पौष्टिक होता है और नवजात शिशु को बीमारियों से लड़ने की शक्ति देता है।
In simple words: Colostrum is the very first nutritious milk that comes from a mother animal's udder after giving birth.

🎯 Exam Tip: Colostrum is vital for a newborn's immunity and health due to its rich antibody content.

 

Question 5. बकरी की किन्हीं दो नस्लों के नाम लिखिए।
Answer: बकरी की दो प्रमुख नस्लें जमनापारी और बारबरी हैं। ये दोनों नस्लें भारत में दूध और मांस उत्पादन के लिए बहुत प्रसिद्ध हैं।
In simple words: Jamnapari and Barbari are two types of goat breeds.

🎯 Exam Tip: Learn the names of common livestock breeds, as they are often bred for specific characteristics like milk or meat production.

 

Question 6. रेड्डेन व हॉल्सटीन किस पशु की विदेशी नस्लें हैं ?
Answer: रेड्डेन और हॉल्सटीन दोनों गाय की विदेशी नस्लें हैं। इन्हें आमतौर पर अधिक दूध उत्पादन के लिए पाला जाता है, खासकर डेयरी फार्मिंग में।
In simple words: Redden and Holstein are foreign breeds of cows.

🎯 Exam Tip: Recognize important foreign breeds of dairy animals known for their high productivity.

 

Question 8. पृथ्वी का वायुमण्डल कितनी ऊँचाई तक फैला हुआ है ?
Answer: पृथ्वी का वायुमंडल इसकी सतह से लगभग 300 किलोमीटर की ऊँचाई तक फैला हुआ है। यह वायुमंडल विभिन्न गैसों का मिश्रण है जो पृथ्वी को जीवन के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रदान करता है।
In simple words: The Earth's atmosphere reaches up to about 300 km from its surface.

🎯 Exam Tip: While the atmosphere extends far, its density rapidly decreases with altitude, with most weather occurring in the lowest layers.

 

Question 9. पृथ्वी के औसत तापमान को निश्चित बनाये रखने का कार्य कौन करता है ?
Answer: पृथ्वी का वायुमंडल पृथ्वी के औसत तापमान को स्थिर बनाए रखने का कार्य करता है। वायुमंडल में मौजूद गैसें, जैसे कार्बन डाइऑक्साइड, सूर्य की गर्मी को रोककर पृथ्वी को बहुत ठंडा होने से बचाती हैं।
In simple words: The Earth's atmosphere helps keep the planet's average temperature stable.

🎯 Exam Tip: The greenhouse effect, caused by certain atmospheric gases, is crucial for maintaining Earth's temperature suitable for life.

 

Question 10. पवन की गति किन कारकों पर निर्भर करती है ?
Answer: हवा की गति कई बातों पर निर्भर करती है, जैसे जगह की भौगोलिक स्थिति, जमीन का आकार (जैसे पहाड़ या मैदान), ऊँचाई, समुद्र से दूरी और वहाँ की वनस्पति। ये सभी कारक मिलकर तय करते हैं कि किसी खास जगह पर हवा कितनी तेज चलेगी।
In simple words: Wind speed depends on location, land shape (topography), height, distance from the sea, and plants.

🎯 Exam Tip: Wind patterns are complex and influenced by a combination of local and global factors, leading to diverse weather phenomena.

 

Question 11. सल्फर डाईऑक्साइड का मानव स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है ?
Answer: सल्फर डाइऑक्साइड (\( \text{SO}_2 \)) मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। यह आँखों, नाक और गले की अंदरूनी झिल्ली में सूजन पैदा करके कई बीमारियाँ कर सकती है। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से श्वसन संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं।
In simple words: Sulfur dioxide harms human health by causing swelling and diseases in the mucous membranes of the eyes, nose, and throat.

🎯 Exam Tip: \( \text{SO}_2 \) is a major air pollutant primarily from burning fossil fuels, contributing to respiratory issues and acid rain.

 

Question 12. स्मोग क्या है ?
Answer: स्मॉग धुएँ (Smoke) और कोहरे (Fog) का मिश्रण होता है। यह एक तरह का वायु प्रदूषण है जो शहरों में अक्सर देखा जाता है, खासकर सर्दियों में, और इससे साँस लेने में दिक्कत होती है।
In simple words: Smog is a mix of smoke and fog.

🎯 Exam Tip: Smog reduces visibility and is harmful to health, often forming in industrialized areas with high emissions.

 

Question 13. BOD का पूरा नाम लिखिए।
Answer: BOD का पूरा नाम बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड है, जिसे हिंदी में 'जैव रासायनिक ऑक्सीजन माँग' कहते हैं। यह पानी में मौजूद कार्बनिक पदार्थों को तोड़ने के लिए सूक्ष्मजीवों द्वारा आवश्यक ऑक्सीजन की मात्रा को मापता है।
In simple words: BOD stands for Biochemical Oxygen Demand, meaning how much oxygen microbes need to break down organic matter in water.

🎯 Exam Tip: BOD is a key parameter for assessing water pollution, with higher values indicating more pollution.

 

Question 15. किन्हीं दो जैव अविघटनीय प्रदूषकों के नाम लिखिए।
Answer: दो जैव-अविघटनीय प्रदूषक डीडीटी (DDT) और पारा (Mercury) हैं। ये ऐसे पदार्थ होते हैं जो प्रकृति में आसानी से नहीं टूटते और पर्यावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं, जिससे प्रदूषण फैलता है।
In simple words: Two pollutants that don't break down naturally are DDT and mercury.

🎯 Exam Tip: Bio-non-degradable pollutants accumulate in the food chain, posing long-term risks to ecosystems and human health.

 

Question 16. प्रदूषित जल के कारण होने वाले दो जीवाणुजन्य रोगों के नाम लिखिए।
Answer: प्रदूषित जल के कारण होने वाले दो जीवाणुजन्य रोग टाइफाइड और हैजा हैं। ये बीमारियाँ तब फैलती हैं जब लोग बैक्टीरिया से दूषित पानी पीते या इस्तेमाल करते हैं।
In simple words: Typhoid and cholera are two diseases caused by bacteria in polluted water.

🎯 Exam Tip: Always associate contaminated water with waterborne diseases, emphasizing the importance of safe drinking water and sanitation.

 

Question 17. दो ऐसी धातुओं के नाम लिखिए जो खाद्य श्रृंखला द्वारा एक जीव से दूसरे जीव में स्थानांतरित होते हैं?
Answer: पारा (Mercury) और सीसा (Lead) दो ऐसी धातुएँ हैं जो खाद्य श्रृंखला के माध्यम से एक जीव से दूसरे जीव में चली जाती हैं। ये भारी धातुएँ पर्यावरण में जमा होती हैं और छोटे जीवों से बड़े जीवों तक पहुँचकर नुकसान पहुँचाती हैं।
In simple words: Mercury and lead are two metals that move up the food chain from one organism to another.

🎯 Exam Tip: Metals like mercury and lead cause biomagnification, where their concentration increases at higher trophic levels in the food chain.

 

Question 18. मृदा के पाँच घटकों के नाम लिखिए।
Answer: मिट्टी के पाँच मुख्य घटक खनिज पदार्थ, कार्बनिक पदार्थ, मिट्टी का पानी (मृदाजल), मिट्टी की हवा (मृदा वायु) और सूक्ष्मजीव हैं। ये सभी घटक मिलकर मिट्टी को उपजाऊ बनाते हैं और पौधों के विकास में मदद करते हैं।
In simple words: The five parts of soil are minerals, organic matter, soil water, soil air, and microorganisms.

🎯 Exam Tip: Understand that soil is a complex mixture, and all its components are essential for supporting plant life and ecosystem health.

 

Question 19. पीड़कनाशी किन्हें कहते हैं ?
Answer: पीड़कनाशी वे रसायन होते हैं जिनका उपयोग कीटों, कृन्तकों (rodents), फफूंद (fungi), कृमियों और खरपतवारों जैसे पीड़कों को खत्म करने के लिए किया जाता है। ये कीटनाशक, कृन्तनाशक, कवकनाशक या शाकनाशक हो सकते हैं, हर एक विशिष्ट प्रकार के पीड़क को लक्षित करता है।
In simple words: Pesticides are chemicals used to kill pests like insects, rodents, fungi, worms, and weeds.

🎯 Exam Tip: While pesticides protect crops, their overuse can harm the environment and human health, necessitating careful and responsible application.

 

Question 20. दृश्य प्रकाश के दोनों ओर पाये जाने वाले सौर विकिरण का नाम लिखिए।
Answer: दृश्य प्रकाश के दोनों ओर पराबैंगनी विकिरण (अल्ट्रा-वायलेट) और अवरक्त विकिरण (इन्फ्रा-रेड) पाए जाते हैं। पराबैंगनी किरणें छोटी तरंगदैर्ध्य की होती हैं और अवरक्त किरणें लंबी तरंगदैर्ध्य की होती हैं, दोनों ही सूर्य के प्रकाश का हिस्सा हैं।
In simple words: On either side of visible light, there are ultraviolet and infrared radiations from the sun.

🎯 Exam Tip: Remember the electromagnetic spectrum, with visible light falling between the higher-energy ultraviolet and lower-energy infrared radiation.

 

Question 21. पौधों के लिए आवश्यक 7 सूक्ष्म पोषक तत्वों के नाम लिखिए।
Answer: पौधों के लिए आवश्यक सात सूक्ष्म पोषक तत्व हैं: लोहा (Iron), मैंगनीज (Manganese), जस्ता (Zinc), तांबा (Copper), बोरॉन (Boron), मोलिब्डेनम (Molybdenum), और क्लोरीन (Chlorine)। इन तत्वों की पौधों को बहुत कम मात्रा में आवश्यकता होती है, लेकिन ये उनके स्वस्थ विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।
In simple words: Plants need seven main micronutrients: iron, manganese, zinc, copper, boron, molybdenum, and chlorine.

🎯 Exam Tip: Micronutrients, though needed in small quantities, are crucial for enzyme functions and overall plant metabolism.

 

Question 1. जीवधारियों के लिए जल का क्या महत्व है ?
Answer: जीवधारियों के लिए जल बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि:
1. जल जीवित कोशिकाओं के जीव द्रव्य का एक आवश्यक हिस्सा है।
2. यह एक ऐसा घोलक है जिसमें पोषक तत्व आसानी से घुलकर जीवों के शरीर में अंदर जा सकते हैं।
3. कोशिका के अंदर होने वाली सभी रासायनिक क्रियाएँ तरल माध्यम में ही होती हैं।
4. जल जीवों की वृद्धि और कुछ जीवों में बाहरी निषेचन जैसी प्रक्रियाओं के लिए जरूरी है।
5. प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में जल एक प्रमुख कच्चा माल है।
6. जल कई बड़े अणुओं को उनकी सही बनावट बनाए रखने में मदद करता है। जल जीवन का आधार है और पृथ्वी पर सभी जैविक प्रक्रियाओं के लिए अनिवार्य है।
In simple words: Water is essential for living things because it's part of cells, dissolves nutrients, helps with body reactions, is needed for reproduction, and is a raw material for photosynthesis.

🎯 Exam Tip: Emphasize the versatile roles of water in biological systems, from a solvent to a structural component, to score full marks.

 

Question 2. वायुमण्डल में ऑक्सीजन व कार्बन डाईआक्साइड जैसी गैसों की मात्रा लगभग नियत कैसे बनी रहती है ?
Answer: वायुमंडल में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड जैसी गैसों की मात्रा लगभग स्थिर रहती है क्योंकि प्रकृति में इनका चक्र चलता रहता है। सभी जीव साँस लेने में ऑक्सीजन का उपयोग करते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं। दूसरी ओर, हरे पौधे प्रकाश संश्लेषण के लिए कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं। इस तरह, श्वसन और प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रियाएँ एक-दूसरे को संतुलित करती हैं, जिससे इन गैसों का स्तर वायुमंडल में बना रहता है। यह प्राकृतिक संतुलन पृथ्वी पर जीवन के लिए महत्वपूर्ण है।
In simple words: Oxygen and carbon dioxide levels in the atmosphere stay steady due to the balance between breathing (animals use oxygen, release carbon dioxide) and photosynthesis (plants use carbon dioxide, release oxygen).

🎯 Exam Tip: The carbon and oxygen cycles are interconnected and crucial for maintaining atmospheric balance, so understand the roles of photosynthesis and respiration.

 

Question 3. वायुमण्डल में \( \text{SO}_2 \) (सल्फर डाईऑक्साइड) से होने वाले प्रदूषण के दुष्प्रभाव लिखिए।
Answer: वायु में सल्फर डाइऑक्साइड (\( \text{SO}_2 \)) प्रदूषण के कई हानिकारक प्रभाव होते हैं:
1. यह एक खतरनाक प्रदूषक है जो आँखों, नाक, फेफड़ों और गले की अंदरूनी झिल्ली में जलन और बीमारियाँ पैदा करता है।
2. \( \text{SO}_2 \) पौधों के पत्तों में छोटे छिद्रों (रंध्रों) से घुसकर पानी के साथ \( \text{H}_2\text{SO}_4 \) अम्ल बनाता है, जिससे पत्तियों का हरा रंग खत्म हो जाता है।
3. लाइकेन \( \text{SO}_2 \) प्रदूषण से बहुत जल्दी प्रभावित होते हैं, इसीलिए उन्हें वायु प्रदूषण का संकेतक माना जाता है।
4. \( \text{SO}_2 \) वायुमंडल में पानी की भाप के साथ मिलकर \( \text{H}_2\text{SO}_4 \) बनाता है, जो बारिश के पानी के साथ मिलकर अम्लीय वर्षा का कारण बनता है।
5. अम्लीय वर्षा में मौजूद \( \text{H}_2\text{SO}_4 \) संगमरमर से बनी इमारतों और कलाकृतियों को नुकसान पहुँचाता है। यह वनों और झीलों पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। सल्फर डाइऑक्साइड प्रदूषण पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए एक गंभीर खतरा है।
In simple words: \( \text{SO}_2 \) causes eye, nose, and throat irritation, harms plant leaves, indicates air pollution, forms acid rain, and damages buildings and forests.

🎯 Exam Tip: Focus on the specific health, plant, and environmental impacts of \( \text{SO}_2 \), especially its role in acid rain and its use as a bio-indicator.

 

Question 5. वाहित मल के प्रदूषण से नदियों के जल पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
Answer: वाहित मल (सीवेज) में मानव अपशिष्ट और कार्बनिक पदार्थ होते हैं। जब इसे बड़ी मात्रा में नदियों में छोड़ा जाता है, तो इसके कई बुरे परिणाम होते हैं:
1. कार्बनिक पदार्थों की अधिकता से सूक्ष्मजीवों की संख्या बहुत बढ़ जाती है। ये सूक्ष्मजीव ऑक्सीजन का उपयोग श्वसन में करते हैं, जिससे पानी में घुली हुई ऑक्सीजन कम हो जाती है।
2. इस पानी की बीओडी (बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड) बहुत बढ़ जाती है, जो प्रदूषण का संकेत है।
3. घुली हुई ऑक्सीजन की कमी के कारण मछलियाँ और अन्य जलीय जीव मर जाते हैं।
4. सीवेज में टाइफाइड, हैजा के जीवाणु और पोलियो के वायरस होते हैं, जिससे संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
5. अंत में, नदी एक बदबूदार नाले में बदल जाती है।
6. शैवाल ब्लूम के कारण नदी उथली होती चली जाएगी। यह प्रदूषण जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचाता है।
In simple words: Sewage pollution in rivers leads to more microbes, less oxygen, higher BOD, death of fish, spread of diseases like typhoid, bad smell, and makes the river shallow due to algal blooms.

🎯 Exam Tip: Focus on the cascade effect: organic pollution -> microbial growth -> oxygen depletion -> impact on aquatic life and human health, along with changes in river characteristics.

 

Question 6. कृषि रसायनों से होने वाले प्रदूषण पर टिप्पणी लिखिए।
Answer: कृषि में विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों (जैसे यूरिया, डीएपी) और पीड़कनाशियों (जैसे कीटनाशक, कवकनाशक) का उपयोग किया जाता है। इनके गलत या अत्यधिक उपयोग से पर्यावरण में प्रदूषण होता है, जिसके मुख्य दुष्प्रभाव इस प्रकार हैं:
1. उर्वरकों के ज्यादा इस्तेमाल से मिट्टी या तो बहुत अम्लीय या बहुत क्षारीय हो जाती है, जिससे उसकी उपजाऊ शक्ति और पानी रोकने की क्षमता कम हो जाती है।
2. बारिश के पानी के साथ खेतों से बहकर जलाशयों में पहुँचे नाइट्रोजन और फास्फोरस जैसे पोषक तत्व, सुपोषीकरण (यूट्रोफिकेशन) का कारण बनते हैं। इससे शैवाल ब्लूम बनते हैं और पानी में घुली ऑक्सीजन कम हो जाती है।
3. पीड़कनाशक पानी और हवा को प्रदूषित करते हैं। कुछ पीड़कनाशक, जैसे डीडीटी, जो प्रकृति में नहीं टूटते, जैविक आवर्धन (बायोमग्निफिकेशन) पैदा करते हैं और मनुष्यों के लिए खतरा बनते हैं।
4. कृषि टिकाऊ नहीं रहती क्योंकि पीड़कनाशक मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीवों को भी नष्ट कर देते हैं। इनके कारण पौधों में प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया भी धीमी पड़ जाती है।
In simple words: Overuse of farm chemicals like fertilizers and pesticides pollutes soil and water, makes soil acidic or alkaline, causes algal blooms, harms aquatic life, leads to biomagnification, and kills helpful microbes, making farming unsustainable.

🎯 Exam Tip: Emphasize the long-term ecological and health consequences of chemical overuse in agriculture, linking it to concepts like eutrophication and biomagnification.

 

Question 8. प्रकाश का पौधों के लिए क्या महत्व है ?
Answer: पौधों के लिए प्रकाश का बहुत महत्व है:
1. हरे पौधों द्वारा भोजन बनाने की प्रक्रिया, प्रकाश संश्लेषण के लिए प्रकाश अत्यंत आवश्यक है।
2. पौधों की गति और वाष्पोत्सर्जन (पौधों से पानी का उड़ना) जैसी क्रियाओं में प्रकाश सहायक होता है।
3. पानी का अवशोषण, पौधों की वृद्धि, हार्मोन बनाना, अंकुरण और श्वसन जैसी क्रियाएँ प्रकाश से सीधे तौर पर प्रभावित होती हैं।
4. विभिन्न पौधों के समुदायों (जातीय संगठन) और वनस्पतियों के फैलाव (वितरण) को नियंत्रित करने में प्रकाश की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रकाश पौधों के जीवन चक्र को नियंत्रित करने वाला एक प्राथमिक कारक है।
In simple words: Light is important for plants for photosynthesis, plant movement, water absorption, growth, hormone making, germination, respiration, and controls where different types of plants grow.

🎯 Exam Tip: Understand that light is not just for photosynthesis but impacts almost every aspect of plant physiology and ecology.

 

Question 9. पादपों के पोषक तत्वों का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
Answer: पौधों को भी बढ़ने, विकसित होने, प्रजनन करने और जीवित रहने के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, जैसे सभी जीवधारियों को होती है। पौधों को ये पोषक तत्व हवा, पानी और मिट्टी से मिलते हैं। पौधों को कुल 16 पोषक तत्वों की जरूरत होती है।

हवा से मिलने वाले तत्व: कार्बन और ऑक्सीजन।
पानी से मिलने वाला तत्व: हाइड्रोजन (पानी की ऑक्सीजन प्रकाश संश्लेषण में निकल जाती है, इसलिए सीधे ऑक्सीजन नहीं मिलती)।

बाकी 13 तत्व मिट्टी से मिलते हैं, जिन्हें दो मुख्य भागों में बांटा गया है:
(A) वृहद पोषक तत्व (Macronutrients): इनकी पौधों को अधिक मात्रा में जरूरत होती है। इनकी संख्या 6 है, जैसे नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटैशियम, सल्फर, मैग्नीशियम और कैल्शियम।
(B) सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients): इनकी पौधों को बहुत कम मात्रा में जरूरत होती है, लेकिन ये भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। इनकी संख्या 7 है, जैसे लोहा, मैंगनीज, जस्ता, तांबा, बोरॉन, मोलिब्डेनम और क्लोरीन।
ये सभी तत्व पौधों के स्वस्थ विकास और जीवन प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक हैं।
In simple words: Plants need nutrients for growth, which they get from air (carbon, oxygen), water (hydrogen), and soil. Soil provides 13 nutrients, including 6 macronutrients (needed in large amounts) and 7 micronutrients (needed in small amounts).

🎯 Exam Tip: Differentiate between macronutrients and micronutrients, remembering common examples of each and their respective sources (air, water, soil).

 

Question 10. हरी खाद किसे कहते हैं ?
Answer: हरी खाद एक खास तरह की जैविक खाद है जो खेत की मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को बढ़ाती है। इसे बनाने के लिए, फसल बोने से पहले खेतों में कुछ फलदार पौधे (जैसे सनई, ढैंचा, ग्वार) उगाए जाते हैं जो तेजी से बढ़ते हैं। जब ये उचित रूप से बढ़ जाते हैं, तो इन्हें हल चलाकर मिट्टी में मिला दिया जाता है। ये पौधे मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों की मात्रा बढ़ाते हैं, पानी रोकने की क्षमता सुधारते हैं, और धीरे-धीरे पौधों को पोषक तत्व देते रहते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ये मिट्टी को नाइट्रोजन और फास्फोरस जैसे जरूरी पोषक तत्व प्रदान करते हैं।
In simple words: Green manure is made by growing specific leguminous plants in a field and then plowing them back into the soil. This adds organic matter, improves water retention, and supplies nutrients like nitrogen and phosphorus to the soil.

🎯 Exam Tip: Remember that green manure is an eco-friendly way to enrich soil fertility naturally, particularly with nitrogen, without using chemical fertilizers.

 

Question 11. फसल की किस्मों में सुधार किस प्रकार किया जाता है ?
Answer: फसल की किस्मों में सुधार कई तरीकों से किया जाता है ताकि उनकी गुणवत्ता और पैदावार बढ़ाई जा सके:
1. संकरण (Hybridization): इस तरीके में सबसे पहले उन पौधों को चुना जाता है जिनमें अच्छे गुण होते हैं। फिर इन चुने हुए पौधों (जनकों) के बीच परागण कराया जाता है। इससे जो नए पौधे (संतति) बनते हैं, उनमें दोनों जनकों के अच्छे गुण आने की संभावना बढ़ जाती है, और फिर ऐसे पौधों को छाँट लिया जाता है।
2. आनुवंशिक इंजीनियरिंग (Genetic Engineering): फसल सुधार का एक और तरीका यह है कि पौधों में इच्छित गुणों वाले जीन को एक पौधे से दूसरे पौधे में डाला जाता है। यह विज्ञान की मदद से किया जाता है और इससे आनुवंशिक रूप से संशोधित (Genetically modified) फसलें मिलती हैं।
3. अन्य विधियाँ: फसल की किस्मों में सुधार के अन्य तरीकों में पौधों को पालना (domestication), चयन और उत्परिवर्तन शामिल हैं। इन विधियों से फसलों को बदलते पर्यावरण और बढ़ती जरूरतों के हिसाब से बेहतर बनाया जाता है।
In simple words: Crop varieties are improved by mixing desired traits through hybridization, transferring genes using genetic engineering, and other methods like domestication and selection.

🎯 Exam Tip: When describing crop improvement methods, ensure you explain both traditional breeding techniques (like hybridization) and modern genetic engineering approaches, highlighting their benefits.

 

Question 12. फसल चक्र किसे कहते हैं ?
Answer: फसल चक्र (Crop Rotation) एक खेती का तरीका है जिसमें किसान एक ही खेत में लगातार एक ही तरह की फसल नहीं उगाते, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से अलग-अलग फसलें बारी-बारी से बोते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि एक ही फसल बार-बार उगाने से मिट्टी के एक खास पोषक तत्व की कमी हो जाती है और जमीन की उपजाऊ शक्ति घट जाती है। फसल चक्र इस कमी को रासायनिक खाद के बिना पूरा करने में मदद करता है। उदाहरण के लिए, अनाज वाली फसलों के बाद फलीदार फसलें (जैसे दालें) उगाई जाती हैं। फलीदार फसलों की जड़ों में ऐसे बैक्टीरिया होते हैं जो मिट्टी में नाइट्रोजन मिलाते हैं, जिससे फसल कटने के बाद भी मिट्टी में पोषक तत्व बने रहते हैं। यह मिट्टी की सेहत बनाए रखने और पैदावार बढ़ाने का एक अच्छा तरीका है।
In simple words: Crop rotation means growing different crops in the same field in a planned sequence. This helps maintain soil fertility, as different crops use different nutrients, and leguminous crops can replenish nitrogen in the soil.

🎯 Exam Tip: Explain how crop rotation prevents soil exhaustion and reduces the need for chemical fertilizers by naturally restoring soil nutrients, especially nitrogen.

 

Question 14. पशु आहार पर टिप्पणी लिखिए।
Answer: पशु आहार का मतलब है वह भोजन जो पशुओं को उनकी जरूरत के हिसाब से दिया जाता है। दूध देने वाले पशुओं को अच्छी गुणवत्ता वाला दूध देने के लिए पौष्टिक आहार की जरूरत होती है। गर्भधारण और दूध पिलाने के समय पशुओं को खास पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। पशुओं के आहार के दो मुख्य भाग होते हैं:
(a) पादप रेशे वाला भाग (Roughages): इसमें चारा या घास जैसे पदार्थ होते हैं, जिनका पोषण मूल्य कम होता है। पशु इसी हिस्से से भी कुछ पोषक तत्व प्राप्त कर लेते हैं। उन्हें आमतौर पर दो-तिहाई सूखा चारा और एक-तिहाई हरा चारा देना चाहिए।
(b) सान्द्रित पोषक (Concentrates): ये वे पोषक तत्व होते हैं जो कम मात्रा में भी अधिक ऊर्जा और प्रोटीन देते हैं। इनमें लगभग 40% अनाज, 40% खली (तेल निकालने के बाद बचा हुआ हिस्सा) और 20% चोकर शामिल होता है। इसके अलावा, पशुओं को हर दिन थोड़ा नमक और खनिज पाउडर भी दिया जाता है। यह भी जरूरी है कि पशुओं को पर्याप्त मात्रा में साफ पानी मिले। संतुलित आहार पशुओं के स्वास्थ्य और उत्पादकता के लिए महत्वपूर्ण है।
In simple words: Animal feed helps animals grow and produce well. It has two main parts: roughages (like grass) which are bulky but have less nutrients, and concentrates (like grains and oil cakes) which are rich in nutrients. Animals also need clean water, salt, and minerals.

🎯 Exam Tip: When discussing animal feed, differentiate between roughages and concentrates, and emphasize the importance of a balanced diet for animal health and productivity.

निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. मधुमक्खी पालन किस प्रकार लाभदायी है ? सामाजिक कीट मधुमक्खी का वर्णन कीजिए।
Answer: मधुमक्खी पालन कई तरह से फायदेमंद है:
1. मधुमक्खी पालन से हमें शहद मिलता है, जो बहुत पौष्टिक होता है और ऊर्जा देता है। शहद में ग्लूकोज, फ्रक्टोज और कई खनिज लवण होते हैं। इसे दवाइयों में भी इस्तेमाल किया जाता है।
2. मधुमक्खी के छत्ते से मोम (Beeswax) भी मिलता है, जिसका उपयोग कॉस्मेटिक क्रीम, बूट पॉलिश और मूर्तिकला में होता है।
3. मधुमक्खियाँ फूलों वाले पौधों और फलों के बगीचों में परागण करके फसलों की पैदावार बढ़ाती हैं। इससे फलों का उत्पादन सुनिश्चित होता है।
4. मधुमक्खी पालन किसानों के लिए अतिरिक्त कमाई का एक जरिया है, क्योंकि यह मिश्रित कृषि का हिस्सा है।
5. मधुमक्खी पालन के लिए बहुत ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं पड़ती।

सामाजिक कीट मधुमक्खी:
मधुमक्खी का वैज्ञानिक नाम एपिस इंडिका है। यह आर्थ्रोपोडा संघ के कीट वर्ग का एक जीव है। मधुमक्खी का शरीर तीन मुख्य भागों में बंटा होता है: सिर, वक्ष और उदर। इनके दो जोड़ी पंख और तीन जोड़ी पैर होते हैं। मधुमक्खी एक सामाजिक कीट है जो छत्ते में तीन तरह की मधुमक्खियाँ होती हैं: रानी, श्रमिक और नर मधुमक्खी। रानी मधुमक्खी अंडे देती है, श्रमिक मधुमक्खियाँ छत्ते का सारा काम करती हैं (जैसे शहद बनाना, छत्ता साफ करना), और नर मधुमक्खियाँ प्रजनन में मदद करती हैं। ये सभी मिलकर एक व्यवस्थित समाज में रहते हैं।
In simple words: Beekeeping is useful because it gives us honey and beeswax. Bees also help plants make more fruit by pollination. It's an easy way for farmers to earn extra money. Honeybees are social insects with a queen, workers, and drones, each with specific roles in the hive.

🎯 Exam Tip: When describing the benefits of beekeeping, remember to include both direct products (honey, wax) and indirect benefits (pollination), and briefly explain the social structure of honeybees.

 

Question 2. आधुनिक कृषि के विभिन्न चरणों का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
Answer: आधुनिक कृषि विज्ञान, कला और तकनीक का मिला-जुला रूप है, जिसका लक्ष्य अधिक और बेहतर फसलें उगाना है। इसके मुख्य चरण इस प्रकार हैं:
1. खेत की अच्छी जुताई: खेत की मिट्टी को अच्छी तरह से तैयार करना, यानी जुताई करना, अच्छी फसल पैदावार का आधार है। इससे मिट्टी ढीली होती है और पौधों की जड़ें आसानी से फैल पाती हैं।
2. उन्नत बीज: अच्छी पैदावार के लिए सबसे पहले रोग प्रतिरोधी, उच्च गुणवत्ता वाले और स्वस्थ बीजों का चुनाव करना जरूरी है। इन बीजों में एक समान पकने का समय होता है।
3. पोषक तत्व प्रबंधन: मिट्टी में पोषक तत्वों की मात्रा जानने के लिए मिट्टी की जाँच की जाती है। इस जाँच के नतीजों के आधार पर ही उर्वरक और खाद का सही मात्रा में और समझदारी से उपयोग किया जाता है, जिसमें गोबर की खाद, कम्पोस्ट और वर्मीकम्पोस्ट शामिल हैं।
4. सिंचाई: पौधों को सही समय पर और सही मात्रा में पानी देना सिंचाई कहलाता है। इसमें पानी बचाने वाली आधुनिक विधियाँ जैसे ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई का उपयोग किया जाता है।
5. खरपतवार नियंत्रण: फसलों को खरपतवारों से बचाना बहुत जरूरी है, क्योंकि ये पौधों के साथ जगह, प्रकाश, पानी और पोषक तत्वों के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं।
6. पीड़क प्रबंधन: आधुनिक कृषि में कीटों और बीमारियों से बचने के लिए समन्वित पीड़क प्रबंधन (Integrated Pest Management) का तरीका अपनाया जाता है। इसमें रासायनिक कीटनाशकों की जगह जैविक तरीकों का उपयोग किया जाता है।
7. उचित भंडारण: फसल की कटाई के बाद उसे सही तरीके से साफ करके और उचित वातावरण में स्टोर करना बहुत जरूरी है। नमी और तापमान जैसे जैविक और अजैविक कारक फसल को खराब होने से बचाते हैं। आधुनिक कृषि इन सभी चरणों को ध्यान में रखकर खेती को अधिक उत्पादक और टिकाऊ बनाती है।
In simple words: Modern farming involves several steps: good plowing, selecting improved seeds that resist disease and ripen uniformly, checking soil nutrients to use fertilizers and manure wisely, providing proper irrigation, controlling weeds, managing pests with integrated methods, and storing harvested crops correctly to prevent spoilage.

🎯 Exam Tip: When describing modern agriculture, highlight the integration of scientific methods, technology, and ecological principles to achieve efficient and sustainable farming practices.

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