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Detailed Chapter 5 जैव-विविधता RBSE Solutions for Class 8 Science
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Class 8 Science Chapter 5 जैव-विविधता RBSE Solutions PDF
पृष्ठ 47-48
Question 1. अपने आस-पास के क्षेत्र में पाये जाने वाले जीव-जन्तुओं एवं पेड़-पौधों को अग्रलिखित सारणी में सूचीबद्ध करें।
Answer: हमारे आस-पास कई तरह के पेड़-पौधे और जीव-जन्तु पाए जाते हैं। नीचे दी गई सारणी में ऐसे कुछ नाम सूचीबद्ध किए गए हैं, जो हमारे दैनिक जीवन में देखने को मिलते हैं।
| पेड़-पौधों के नाम | जीव-जन्तुओं के नाम |
|---|---|
| बबूल | कुत्ता |
| आम | बिल्ली |
| खेजड़ी | गाय-भैंस |
| पीपल | गिलहरी |
| बरगद | छिपकली |
| इमली | चूहा |
In simple words: हमारे आस-पास के पेड़-पौधे और जानवरों को एक सूची में रखा गया है। यह सूची हमारे पर्यावरण की विविधता को दर्शाती है।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों में, स्थानीय और सामान्य रूप से पाए जाने वाले पेड़-पौधों और जीव-जन्तुओं के नाम शामिल करें ताकि उत्तर पूर्ण और सटीक हो।
पृष्ठ 51-52
Question 2. पाठ्यपुस्तक में दिये प्रजातियों के सभी उदाहरणों को निम्नलिखित सारणी में वर्गीकृत करें-
Answer: प्रजातियों को उनकी वर्तमान स्थिति के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जा सकता है। नीचे दी गई सारणी में पाठ्यपुस्तक के उदाहरणों को उनकी संबंधित श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। यह वर्गीकरण जीवों के संरक्षण के प्रयासों में मदद करता है।
| क्र.सं. | श्रेणी का नाम | जंतु प्रजातियाँ | पादप प्रजातियाँ |
|---|---|---|---|
| 1. | विलुप्त | डोडो पक्षी, जंगली कबूतर, वूली मेमथ, तस्मानियन टाइगर | सेंट हेलेना, जेतून, वूड्स, साइकेड्स, कोकिया कूकी |
| 2. | प्राकृतिक आवासों में विलुप्त | हवाई कौआ, व्योमिंग मेंढक, काला मुलायम खोल वाला कछुआ | कालीमंतन मेंगो (कस्तूरी) |
| 3. | संकटापन्न | एशियाटिक सिंह, कृष्ण मृग, एक सींग वाला गैंडा, डेजर्ट लिजार्ड, गोडावण, सोन चिरैया, गिद्ध, बिज्जू, गंगा नदी की डाल्फिन | पनीर बन्ध, रोहिड़ा, इन्द्रोक, गुगुल, फोग/फोगड़ा। |
| 4. | विशेष क्षेत्री | स्नो तेंदुआ, गंगा नदी की डाल्फिन | इन्द्रोक, पेंपा, खेडुला, सू-फोग, लाल चंदन |
In simple words: विभिन्न जानवरों और पौधों को उनकी सुरक्षा स्थिति के आधार पर अलग-अलग समूहों में रखा गया है, जैसे कुछ पूरी तरह से गायब हो गए हैं, कुछ खतरे में हैं, और कुछ खास जगहों पर ही मिलते हैं।
🎯 Exam Tip: वर्गीकरण करते समय, प्रत्येक प्रजाति के नाम को उसकी सही श्रेणी के तहत लिखना महत्वपूर्ण है, और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी उदाहरण छूटे नहीं।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
सही विकल्प का चयन कीजिए
Question 1. वह प्रजाति जो प्राकृतिक आवासों में नहीं पायी जाती है, परन्तु संरक्षित क्षेत्रों में पायी जाती है, कहलाती है
(अ) संकटापन्न
(ब) विलुप्त
(स) प्राकृतिक आवासों में विलुप्त
(द) विशेष क्षेत्री
Answer: (स) प्राकृतिक आवासों में विलुप्त
In simple words: ऐसी प्रजातियाँ जो अपने प्राकृतिक घर में तो नहीं मिलतीं, लेकिन सुरक्षित जगहों पर मौजूद हैं, उन्हें प्राकृतिक आवासों में विलुप्त कहा जाता है।
🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्नों में, परिभाषा को ध्यान से पढ़ें और उस शब्द का चयन करें जो सबसे सटीक बैठता है, क्योंकि कई शब्द मिलते-जुलते लगते हैं।
Question 2. निम्न में संकटापन्न प्रजाति है
(अ) नीम
(ब) खेजड़ी
(स) इन्द्रोक
Answer: (स) इन्द्रोक
In simple words: इन्द्रोक एक ऐसी प्रजाति है जिसे खतरा है और इसे बचाने की जरूरत है ताकि यह विलुप्त न हो जाए।
🎯 Exam Tip: संकटापन्न प्रजातियों के उदाहरणों को याद रखें, क्योंकि यह अक्सर सीधे प्रश्न के रूप में पूछा जाता है।
Question 3. कालीमंतन मेंगो पादप प्रजाति की श्रेणी है
(अ) संकटापन्न
(ब) विशेष क्षेत्री
(स) प्राकृतिक आवासों में विलुप्त
(द) विलुप्त
Answer: (स) प्राकृतिक आवासों में विलुप्त
In simple words: कालीमंतन मेंगो एक ऐसा पौधा है जो अब अपने मूल जंगलों में नहीं पाया जाता, लेकिन इसे संरक्षित जगहों पर उगाया जा रहा है।
🎯 Exam Tip: प्रत्येक प्रजाति के वर्गीकरण की विशेषताओं को समझें, विशेषकर "प्राकृतिक आवासों में विलुप्त" और "विलुप्त" के बीच के अंतर को।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
Question 1. भारत को जैव-विविधता का __________ कहा जाता है। (विपन्न राष्ट्र/सम्पन्न राष्ट्र)
Question 2. जैव विविधताओं में होने वाली कमी __________ कहलाती है। (जैव विविधता क्षरण/वन्य जीव क्षरण)
Question 3. संकटापन्न प्रजातियाँ वे हैं जो निकट समय में __________ हो सकती हैं। (विलुप्त नहीं/विलुप्त)
Question 4. विदेशी पक्षी जो प्रजनन काल में भारत आते हैं __________ कहलाते हैं। (प्रवासी पक्षी/निवासी पक्षी)
Question 5. पौधों, जन्तुओं और अन्य स्पीशीज के लिए __________ रेड डाटा पुस्तक है। (एक/अलग-अलग)
Answer:
1. सम्पन्न राष्ट्र
2. जैव विविधता क्षरण
3. विलुप्त
4. प्रवासी पक्षी
5. अलग-अलग
In simple words: भारत जैव विविधता में बहुत समृद्ध है, लेकिन जीवों की संख्या कम होना चिंता का विषय है। कई प्रजातियाँ विलुप्त होने के करीब हैं और विशेष रेड डाटा बुक में दर्ज हैं, जिसमें प्रवासी पक्षी भी शामिल हैं।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थानों की पूर्ति करते समय, दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त शब्द का चयन करें और सुनिश्चित करें कि वह वाक्य के संदर्भ में सही अर्थ दे रहा है।
बताइए निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य
Question 1. रणथम्भौर नेशनल पार्क प्रवासी पक्षियों का प्रवास स्थल है।
Question 2. आचार्य जगदीश चन्द्र बोस भारतीय वनस्पति उद्यान 269 एकड़ में फैला हुआ है।
Question 3. आम नागरिकों के लिए वन्य जीवों के बारे में जानकारी देने के लिए प्राणी उद्यान बनाये गये हैं।
Question 4. वनोन्मूलन से वायुमण्डल में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ रही है।
Answer:
1. असत्य
2. सत्य
3. सत्य
4. असत्य
In simple words: यह जाँचने के लिए कि कथन सही हैं या गलत, हमें तथ्यों को देखना होगा। रणथम्भौर पार्क प्रवासी पक्षियों का घर नहीं है, लेकिन आचार्य बोस उद्यान और प्राणी उद्यान सही हैं। वनों के कटने से ऑक्सीजन नहीं बढ़ती, बल्कि कम होती है।
🎯 Exam Tip: सत्य/असत्य प्रश्नों में, प्रत्येक कथन को ध्यान से पढ़ें और उसकी सटीकता की पुष्टि करने के लिए अपने ज्ञान का उपयोग करें। यदि कथन में थोड़ी भी असत्यता है, तो उसे 'असत्य' चिह्नित करें।
सही मिलान कीजिए
Question 1. निम्नांकित का सही मिलान कीजिए
Answer: सही मिलान इस प्रकार है, जिसमें कॉलम 'A' के तत्वों को कॉलम 'B' के सही विवरणों से जोड़ा गया है। यह जानवरों और उनके निवास स्थान या श्रेणियों को समझने में मदद करता है।
| कॉलम 'A' | कॉलम 'B' |
|---|---|
| 1. तस्मानियन टाइगर | (स) विलुप्त |
| 2. एशियाई हाथी | (द) पेरियार वन्यजीव अभयारण्य |
| 3. भारतीय गैंडा | (अ) काजीरंगा |
| 4. कश्मीर स्टेग | (ब) दाचीगम |
In simple words: यह मिलान दिखाता है कि कौन सा जानवर कहाँ पाया जाता है या उसकी क्या स्थिति है, जैसे तस्मानियन टाइगर अब नहीं रहा, और गैंडा काजीरंगा में मिलता है।
🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, प्रत्येक जोड़ी को ध्यान से पढ़ें और सुनिश्चित करें कि दोनों पक्ष सटीक रूप से संबंधित हैं, क्योंकि एक गलत मिलान पूरे उत्तर को प्रभावित कर सकता है।
Question 2. निम्नांकित का सही मिलान कीजिए-
Answer: यह मिलान कॉलम (अ) की विशेषताओं को कॉलम (ब) में दिए गए सही स्थानों या श्रेणियों से जोड़ता है। यह विभिन्न प्रजातियों और उनके संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों को समझने में सहायता करता है।
| कॉलम (अ) | कॉलम (ब) |
|---|---|
| 1. प्रवासी पक्षियों के प्रवास स्थल | (ब) केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान |
| 2. बाघ अभयारण्य | (द) रणथम्भौर नेशनल |
| 3. संकटापन्न स्पीशीज का रिकॉर्ड | (अ) रेड डाटा पुस्तक |
| 4. काला मुलायम खोल वाला कछुआ | (स) प्राकृतिक आवासों में विलुप्त |
In simple words: यह सूची दर्शाती है कि प्रवासी पक्षी कहाँ आते हैं, बाघ कहाँ रहते हैं, खतरे वाली प्रजातियों की जानकारी कहाँ मिलती है, और कुछ कछुए अपने प्राकृतिक घरों में क्यों नहीं पाए जाते हैं।
🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, पहले उन जोड़ियों को मिलाएं जिनके बारे में आप निश्चित हैं, और फिर शेष विकल्पों का उपयोग करके अनिश्चित जोड़ियों को हल करें।
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. जैव विविधता किसे कहते हैं ?
Answer: जैव विविधता का मतलब है किसी खास जगह पर मिलने वाले अलग-अलग तरह के पेड़-पौधे और जीव-जन्तु। यह पृथ्वी पर जीवन के रूपों की एक बड़ी विविधता को दर्शाता है।
In simple words: किसी जगह पर जितने भी तरह के पौधे और जानवर होते हैं, उन्हें मिलाकर उस जगह की जैव विविधता कहते हैं।
🎯 Exam Tip: जैव विविधता की परिभाषा को संक्षिप्त और स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें, जिसमें स्थान और जीवों की विविधता दोनों शामिल हों।
Question 3. प्राकृतिक आवासों में विलुप्त श्रेणी की एक जन्तु प्रजाति तथा एक पादप प्रजाति का नाम लिखिए।
Answer: प्राकृतिक आवासों में विलुप्त श्रेणी की एक जन्तु प्रजाति हवाई कौआ है, और एक पादप प्रजाति कालीमंतन मेंगो है। ये प्रजातियाँ अपने मूल वातावरण में जीवित नहीं हैं, लेकिन संरक्षित स्थानों पर मिल सकती हैं।
In simple words: हवाई कौआ और कालीमंतन मेंगो ऐसे जानवर और पौधे हैं जो अपने प्राकृतिक घरों में अब नहीं मिलते।
🎯 Exam Tip: प्रत्येक श्रेणी के लिए कम से कम एक जन्तु और एक पादप प्रजाति का उदाहरण याद रखें, क्योंकि यह सीधे पूछा जा सकता है।
Question 4. एक जन्तु प्रजाति तथा एक पादप प्रजाति का नाम लिखो जो दो श्रेणियों में पाई जाती है।
Answer: गंगा नदी की डाल्फिन एक जन्तु प्रजाति है जो दो श्रेणियों (संकटापन्न और विशेष क्षेत्री) में पाई जाती है, और इन्द्रोक एक पादप प्रजाति है जो दो श्रेणियों (संकटापन्न और विशेष क्षेत्री) में पाई जाती है। यह दर्शाता है कि कुछ प्रजातियों की स्थिति जटिल हो सकती है।
In simple words: गंगा नदी की डाल्फिन और इन्द्रोक ऐसे जानवर और पौधे हैं जो दो अलग-अलग सुरक्षा समूहों में आते हैं क्योंकि वे खतरे में भी हैं और एक खास जगह पर भी मिलते हैं।
🎯 Exam Tip: उन प्रजातियों पर विशेष ध्यान दें जो एक से अधिक संरक्षण श्रेणियों में आती हैं, क्योंकि ये प्रश्न अक्सर भ्रम पैदा करते हैं।
Question 5. भारतीय विशाल गिलहरी कहाँ पाई जाती है?
Answer: भारतीय विशाल गिलहरी पंचमढ़ी जैवमण्डल आरक्षित क्षेत्र में पाई जाती है। यह क्षेत्र जैव विविधता के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।
In simple words: भारतीय विशाल गिलहरी पंचमढ़ी नाम की एक खास सुरक्षित जगह में पाई जाती है।
🎯 Exam Tip: विशिष्ट जानवरों और उनके आवासों के बारे में जानकारी याद रखें, खासकर जो भारत के संरक्षित क्षेत्रों से संबंधित हों।
Question 6. विलुप्त श्रेणी के एक जन्तु प्रजाति तथा एक पादप प्रजाति का नाम लिखो।
Answer: विलुप्त श्रेणी के एक जन्तु प्रजाति जंगली कबूतर है, और एक पादप प्रजाति सेंट हेलेना जेतून है। इन प्रजातियों का कोई भी जीवित सदस्य अब पृथ्वी पर मौजूद नहीं है।
In simple words: जंगली कबूतर और सेंट हेलेना जेतून ऐसे जानवर और पौधे हैं जो अब पृथ्वी पर बिल्कुल नहीं मिलते हैं।
🎯 Exam Tip: विलुप्त प्रजातियों के उदाहरणों को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दर्शाता है कि हमने किन प्रजातियों को खो दिया है।
Question 7. विशेष श्रेणी प्रजाति के एक जन्तु तथा एक पादप का नाम लिखिए।
Answer: विशेष श्रेणी प्रजाति के एक जन्तु स्नो तेंदुआ है, और एक पादप सू-फोग है। ये प्रजातियाँ किसी खास भौगोलिक क्षेत्र तक ही सीमित होती हैं।
In simple words: स्नो तेंदुआ और सू-फोग ऐसे जानवर और पौधे हैं जो केवल कुछ खास जगहों पर ही पाए जाते हैं।
🎯 Exam Tip: विशेष क्षेत्री प्रजातियों का मतलब है कि वे केवल एक खास जगह पर मिलती हैं, इसलिए उनके उदाहरणों को याद रखें।
Question 8. वनोन्मूलन से क्या आशय है?
Answer: वनोन्मूलन का मतलब है मानव और प्राकृतिक कारणों से वनों का विनाश। इसमें पेड़ों को काटना और जंगल को साफ करना शामिल है।
In simple words: वनोन्मूलन यानी पेड़ों को काटना या जंगलों का खत्म होना, जो इंसान या कुदरती कारणों से होता है।
🎯 Exam Tip: वनोन्मूलन की परिभाषा में मानव-जनित और प्राकृतिक दोनों कारणों का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है।
Question 10. प्रवासी पक्षी किन्हें कहते हैं?
Answer: ऐसे पक्षी जो ठंडी जगहों से बचने या प्रजनन के लिए लंबी दूरी तय करके गर्म क्षेत्रों में आते हैं, उन्हें प्रवासी पक्षी कहते हैं। वे ऋतुओं के अनुसार अपने आवास बदलते रहते हैं।
In simple words: प्रवासी पक्षी वे होते हैं जो ठंड से बचने या बच्चे पैदा करने के लिए बहुत दूर उड़कर दूसरी जगहों पर जाते हैं।
🎯 Exam Tip: प्रवासी पक्षियों की परिभाषा में लंबी दूरी की यात्रा और इसके कारणों (ठंड से बचाव, प्रजनन) का उल्लेख करें।
Question 11. वनोन्मूलन के कोई दो कारण लिखिए।
Answer: वनोन्मूलन के दो मुख्य कारण हैं:
1. फर्नीचर और ईंधन के लिए लकड़ी की अंधाधुंध कटाई। लोग घर बनाने और जलाने के लिए बहुत सारे पेड़ काटते हैं।
2. वन क्षेत्रों में पशुओं द्वारा अधिक चराई। जब बहुत सारे जानवर एक ही जगह चरते हैं, तो छोटे पौधे खत्म हो जाते हैं, जिससे जंगल कम होते हैं।
In simple words: पेड़ों की कटाई फर्नीचर और ईंधन के लिए, और जानवरों द्वारा ज्यादा घास खाना, ये दो बड़े कारण हैं जिससे जंगल कम हो रहे हैं।
🎯 Exam Tip: वनोन्मूलन के कारणों में मानव गतिविधियों (जैसे लकड़ी काटना) और प्राकृतिक कारकों (जैसे अधिक चराई) दोनों को शामिल करें।
लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. निम्नांकित सारणी का अवलोकन कर पूर्ति कीजिए
Answer: दी गई सारणी में वन्यजीव अभयारण्यों/राष्ट्रीय उद्यानों के नाम, उनके राज्य और उनमें पाए जाने वाले मुख्य जानवरों को सूचीबद्ध किया गया है। यह हमारे देश के संरक्षण प्रयासों को समझने में मदद करता है।
| क्र.सं. | वन्यजीव अभयारण्य/राष्ट्रीय उद्यान का नाम | राज्य | पशु |
|---|---|---|---|
| 1. | बांधवगढ़ | मध्य प्रदेश | टाइगर |
| 2. | काजीरंगा | आसाम | भारतीय गैंडा |
| 3. | गिर | गुजरात | एशियाटिक सिंह |
In simple words: इस सारणी में भारत के कुछ प्रसिद्ध वन्यजीव अभयारण्यों और राष्ट्रीय उद्यानों के नाम, वे किस राज्य में हैं, और उनमें कौन से खास जानवर रहते हैं, यह दिखाया गया है।
🎯 Exam Tip: प्रमुख राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों के नाम, उनके राज्य और उनमें संरक्षित मुख्य जानवरों को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 2. क्या सम्पूर्ण भारत में पाये जाने वाले जीवजन्तुओं, पेड़-पौधों एवं सूक्ष्म जीवों की प्रजातियाँ समान हैं?
अथवा
भारत को जैव विविधता सम्पन्न राष्ट्र क्यों कहा जाता है?
Answer: नहीं, पूरे भारत में पाए जाने वाले जीव-जन्तुओं, पेड़-पौधों और सूक्ष्मजीवों की प्रजातियाँ एक जैसी नहीं हैं। भारत के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में मौसम और माहौल अलग होता है, इसलिए यहाँ की प्रजातियाँ भी अलग-अलग हैं। भारत को जैव विविधता सम्पन्न राष्ट्र कहा जाता है क्योंकि यहाँ दुनिया के अन्य देशों की तुलना में पौधों और जानवरों की बहुत अधिक विविधता पाई जाती है। यहाँ लगभग 45,000 पौधों की प्रजातियाँ और लाखों जीव-जन्तु और सूक्ष्मजीव पाए जाते हैं, जो इसे जैव विविधता का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाता है।
In simple words: भारत में हर जगह एक जैसे जानवर और पौधे नहीं मिलते क्योंकि यहाँ का मौसम अलग-अलग है। भारत में बहुत तरह के जीव-जन्तु और पौधे हैं, इसलिए इसे 'जैव विविधता से भरा देश' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: भारत की जैव विविधता की समृद्धता को समझाते हुए, भौगोलिक भिन्नताओं और प्रजातियों की संख्या का उल्लेख करें।
Question 3. विशेष क्षेत्री प्रजाति से क्या आशय है? समझाइए।
Answer: विशेष क्षेत्री प्रजाति उन पौधों और जानवरों को कहते हैं जो केवल एक खास जगह या क्षेत्र में ही मिलते हैं। वे उस क्षेत्र के बाहर प्राकृतिक रूप से नहीं पाए जाते। उदाहरण के लिए, पंचमढ़ी जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र में साल और जंगली आम के पेड़ खास प्रजातियाँ हैं। इसी तरह, वहाँ की विशालकाय गिलहरी भी विशेष क्षेत्री जन्तु प्रजाति है। यह दिखाता है कि कुछ जीव केवल कुछ खास वातावरण में ही पनप सकते हैं।
अन्य उदाहरण:
जन्तु प्रजातियाँ- स्नो तेंदुआ (हिमालय रेंज), गंगा नदी की डाल्फिन (गंगा नदी)
पादप प्रजातियाँ- इन्द्रोक, पेंपा, खेडुला, सू-फोग (राजस्थान), लाल चंदन (दक्षिण-पश्चिमी घाट)
In simple words: विशेष क्षेत्री प्रजाति का मतलब है ऐसे पौधे या जानवर जो सिर्फ एक खास जगह पर पाए जाते हैं, जैसे पंचमढ़ी की गिलहरी या हिमालय का स्नो तेंदुआ।
🎯 Exam Tip: विशेष क्षेत्री प्रजाति की परिभाषा और उसके उदाहरणों को ध्यान में रखें, जिसमें जन्तु और पादप दोनों शामिल हों।
Question 4. संकटापन्न प्रजातियों के बारे में आप क्या जानते हैं?
Answer: संकटापन्न प्रजातियाँ वे जीव-जन्तु और पेड़-पौधे होते हैं जिनकी संख्या लगातार एक निश्चित स्तर से कम हो रही है। यदि इन प्रजातियों को बचाने के लिए समय पर कदम नहीं उठाए गए, तो वे जल्द ही विलुप्त हो सकती हैं। इनका संरक्षण बहुत ज़रूरी है ताकि वे धरती से हमेशा के लिए गायब न हो जाएँ।
उदाहरण:
जन्तु प्रजातियाँ- एशियाटिक सिंह, गंगा नदी की डाल्फिन, कृष्ण मृग, एक सींग वाला गैंडा, डेजर्ट लिजार्ड, गोडावण, सोन चिरैया, गिद्ध, बिज्जू
पादप प्रजातियाँ- पनीरबन्ध, रोहिड़ा, इन्द्रोक, गुगुल, फोग/फोगड़ा।
In simple words: संकटापन्न प्रजातियाँ वे जानवर और पौधे हैं जिनकी संख्या बहुत कम हो गई है और अगर उन्हें बचाया नहीं गया तो वे खत्म हो सकते हैं।
🎯 Exam Tip: संकटापन्न प्रजातियों की परिभाषा के साथ-साथ उनके जन्तु और पादप उदाहरणों को भी याद रखें, जो उनकी तात्कालिक संरक्षण आवश्यकता को दर्शाता है।
Question 5. विलुप्त प्रजातियाँ क्या हैं? उदाहरण भी दीजिए।
Answer: विलुप्त प्रजातियाँ वे जीव-जन्तु और पेड़-पौधे होते हैं जिनका अब पृथ्वी पर कोई भी जीवित सदस्य नहीं है। ये प्रजातियाँ हमेशा के लिए धरती से गायब हो चुकी हैं, और इन्हें अब प्राकृतिक या कृत्रिम किसी भी आवास में नहीं देखा जा सकता। इनका खो जाना पर्यावरण के लिए एक बड़ी क्षति है।
उदाहरण:
जन्तु प्रजातियाँ- हवाई कौआ, व्योमिंग मेंढक, काला मुलायम खोल कछुआ
पादप प्रजातियाँ- कालीमंतन मेंगो (कस्तूरी)।
In simple words: विलुप्त प्रजातियाँ वे जानवर और पौधे हैं जो अब पूरी तरह से खत्म हो चुके हैं और धरती पर कहीं भी जीवित नहीं हैं।
🎯 Exam Tip: विलुप्त प्रजातियों की परिभाषा देते समय यह स्पष्ट करें कि उनका कोई भी जीवित प्रतिनिधि मौजूद नहीं है, और उनके उदाहरणों को भी शामिल करें।
Question 7. प्रवासी पक्षी किसे कहते हैं? राजस्थान में इनके महत्त्वपूर्ण प्रवास स्थल कौन-कौनसे हैं? नाम लिखिए।
Answer: प्रवासी पक्षी ऐसे विदेशी पक्षी होते हैं जो हमारे देश में जलवायु की अलग-अलग परिस्थितियों, जैसे अत्यधिक ठंड, से बचने के लिए सर्दियों में लंबी दूरी तय करके भारत आते हैं। वे यहाँ प्रजनन करते हैं और फिर वापस अपने मूल निवास स्थान लौट जाते हैं। इनका आगमन भारत की जैव विविधता को बढ़ाता है।
राजस्थान में इनके महत्त्वपूर्ण प्रवास स्थल निम्नलिखित हैं:
• फलौदी के पास खींचन, जोधपुर
• केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, घाना
• गुडा विश्नोईयान के पास, काकानी तालाब, जोधपुर
• तालछापर, चूरू
• डीडवाना, नागौर
In simple words: प्रवासी पक्षी वे होते हैं जो ठंड से बचने या बच्चे पैदा करने के लिए दूर से भारत आते हैं। राजस्थान में खींचन और केवलादेव जैसे स्थान इनके लिए खास घर हैं।
🎯 Exam Tip: प्रवासी पक्षियों की परिभाषा के साथ-साथ उनके कारणों (ठंड से बचाव, प्रजनन) और राजस्थान के विशिष्ट प्रवास स्थलों का उल्लेख करें।
Question 8. क्या यह सत्य है कि जब तक हमारी पृथ्वी वृक्षों एवं जंगलों से आच्छादित पहाड़ों से समृद्ध रहेगी, तब तक वह मानव की सन्तानों का पालन-पोषण करती रहेगी"?
Answer: हाँ, यह बिल्कुल सत्य है कि जब तक हमारी पृथ्वी वृक्षों और जंगलों से ढके पहाड़ों से भरी रहेगी, तब तक वह मानव की पीढ़ियों को पोषण देती रहेगी। यह बात पुराने ग्रंथों में भी लिखी गई है। पेड़-पौधे ही धरती पर ऐसे जीव हैं जो सूरज की रोशनी से खाना बनाते हैं (प्रकाश संश्लेषण)। यदि पेड़-पौधे खत्म हो गए तो मानव जाति का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। इसलिए, हमें जैव विविधता को बचाने के लिए लगातार कोशिश करनी चाहिए।
In simple words: हाँ, यह सच है कि जब तक धरती पर पेड़-पौधे और जंगल रहेंगे, तब तक इंसानों को भोजन मिलता रहेगा। पेड़-पौधे ही सूर्य की रोशनी से खाना बनाते हैं, इसलिए उन्हें बचाना बहुत ज़रूरी है।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के दार्शनिक प्रश्न में, अपने उत्तर को वैज्ञानिक तथ्यों (जैसे प्रकाश संश्लेषण) और नैतिक विचारों (संरक्षण की आवश्यकता) के साथ जोड़ें।
Question 9. कागज का पुनःचक्रण कर वनोन्मूलन रोका जा सकता है। सिद्ध कीजिए।
Answer: हम जानते हैं कि 1 टन कागज बनाने के लिए लगभग 17 पूर्ण विकसित पेड़ों को काटना पड़ता है। जब हम कागज का पुन:चक्रण करते हैं, तो हमें नए कागज बनाने के लिए कम पेड़ों की आवश्यकता होती है। इस तरह, कागज का बार-बार उपयोग करने से पेड़ों की कटाई कम होती है और वनोन्मूलन को रोकने में मदद मिलती है। यह पर्यावरण के लिए एक स्थायी समाधान है।
In simple words: 1 टन कागज बनाने के लिए 17 पेड़ काटने पड़ते हैं। अगर हम कागज का दोबारा इस्तेमाल करें, तो कम पेड़ काटने पड़ेंगे और जंगल बचेंगे।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न का उत्तर देते समय, कागज उत्पादन और पेड़ की कटाई के बीच के संबंध को स्पष्ट करें और पुनर्चक्रण के लाभों पर जोर दें।
निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. जैव विविधता क्षरण क्या है? जैव विविधता क्षरण के मुख्य कारण लिखिए।
Answer: जैव विविधता क्षरण का मतलब है जब किसी क्षेत्र में जीवों (पेड़-पौधे और जानवर) की संख्या और किस्मों में कमी आती है। इसके मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं:
1. वनोन्मूलन (जंगल का कटना): जंगल के कटने का मतलब है कि इंसान या प्रकृति के कारणों से पेड़ों का खत्म होना। इसके कई कारण हैं:
- खेती के लिए जमीन: बढ़ती आबादी के लिए ज्यादा खाना चाहिए, इसलिए जंगल काटकर खेती की जमीन बनाई जा रही है।
- घर और कारखाने: शहरों के बढ़ने और नई चीजें बनाने के लिए भी जंगल काटे जाते हैं। इससे इंसानों का रहन-सहन आसान होता है, लेकिन जंगल घटते जाते हैं।
- लकड़ी का उपयोग: लोग फर्नीचर बनाने, ईंधन के लिए और दूसरी चीजों के लिए पेड़ों की अंधाधुंध कटाई करते हैं।
- पशुओं की ज्यादा चराई: जब जानवर एक ही जगह पर बहुत ज्यादा चरते हैं, तो छोटे पौधे खत्म हो जाते हैं और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति भी कम हो जाती है।
- प्राकृतिक आपदाएं: जंगल में आग लगना या बहुत ज्यादा सूखा पड़ना जैसे प्राकृतिक कारण भी पेड़ों को नुकसान पहुँचाते हैं।
2. जानवरों और पक्षियों का शिकार:
- शौक या व्यापार: कई लोग जानवरों के दाँत, मांस, खाल, सींग या हड्डियों के लिए उनका शिकार करते हैं। ऐसा करना अवैध है।
- मनोरंजन के लिए: कुछ लोग सिर्फ अपने मनोरंजन के लिए पक्षियों और दूसरे जानवरों का शिकार करते हैं। इस वजह से बहुत सी प्रजातियाँ खत्म होने के कगार पर हैं।
जैव विविधता हमारे पर्यावरण के लिए बहुत जरूरी है, इसलिए इसे बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।
In simple words: जैव विविधता के कम होने का मतलब है जब पेड़-पौधे और जानवरों की अलग-अलग प्रजातियाँ खत्म होने लगती हैं। ऐसा जंगलों को काटने और जानवरों का शिकार करने जैसे कारणों से होता है।
🎯 Exam Tip: इस तरह के निबंधात्मक प्रश्न में, आपको पहले परिभाषा देनी चाहिए और फिर सभी कारणों को अलग-अलग बिंदुओं में स्पष्ट करना चाहिए।
Question 11. निम्नांकित सारणी का अवलोकन कर पूर्ति कीजिए
| क्र.सं. | श्रेणी का नाम | जन्तु प्रजातियाँ | पादप प्रजातियाँ |
|---|---|---|---|
| 1. | विलुप्त | ||
| 2. | संकटापन्न | ||
| 3. | विशेष क्षेत्री |
| क्र.सं. | श्रेणी का नाम | जन्तु प्रजातियाँ | पादप प्रजातियाँ |
|---|---|---|---|
| 1. | विलुप्त | डोडो पक्षी, जंगली कबूतर | वूड्स, साइकेडस |
| 2. | संकटापन्न | एशियाटिक सिंह, गंगा नदी की डाल्फिन | पनीर बंध, रोहिड़ा |
| 3. | विशेष क्षेत्री | स्नो तेंदुआ, विशाल गिलहरी | इन्द्रोक, लाल चंदन |
In simple words: यह सारणी अलग-अलग तरह की प्रजातियों को दिखाती है। विलुप्त प्रजातियाँ वे हैं जो अब नहीं हैं, संकटापन्न प्रजातियाँ खतरे में हैं, और विशेष क्षेत्री प्रजातियाँ केवल कुछ खास जगहों पर मिलती हैं।
🎯 Exam Tip: सारणी भरते समय, प्रत्येक श्रेणी के लिए कम से कम एक जन्तु और एक पादप प्रजाति का नाम याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये अक्सर उदाहरण के तौर पर पूछे जाते हैं।
Question 2. अपने स्थानीय क्षेत्र में हरियाली बनाए रखने में आप किस प्रकार योगदान दे सकते हैं? अपने द्वारा की जाने वाली क्रियाओं की सूची तैयार कीजिए।
Answer: हम अपने इलाके में हरियाली बढ़ाने के लिए ये काम कर सकते हैं:
- जागरूकता अभियान चलाएं: लोगों को समझाएं कि पेड़ लगाना कितना जरूरी है और वे पर्यावरण को कैसे बचा सकते हैं।
- वन महोत्सव मनाएं: हर साल वन महोत्सव जैसे कार्यक्रम आयोजित करें और सभी को पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करें।
- पौधों की जानकारी दें: लोगों को बताएं कि उन्हें मुफ्त में या कम कीमत पर पौधे कहाँ से मिल सकते हैं।
- उपहार में पौधे दें: जन्मदिन या शादी जैसे खास मौकों पर तोहफे के रूप में पौधे देने की सलाह दें।
- बच्चों की मदद लें: छोटे बच्चों को अपने आसपास के खाली जगहों पर पेड़ लगाने में शामिल करें। इससे वे बचपन से ही प्रकृति से जुड़ेंगे।
- वन विभाग से मदद लें: वन विभाग के लोगों को बुलाकर उन्हें जंगलों के फायदे और पेड़ बचाने के तरीके बताने के लिए कहें।
In simple words: हम अपने आस-पास ज्यादा पेड़ लगाकर, लोगों को पेड़ों के बारे में बताकर, और खास मौकों पर पौधे देकर हरियाली बनाए रख सकते हैं।
🎯 Exam Tip: जब हरियाली बढ़ाने के तरीकों के बारे में पूछा जाए, तो व्यावहारिक और समुदाय-आधारित समाधानों पर ध्यान दें, जो आसानी से लागू किए जा सकें।
Question 3. अन्तर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ द्वारा जीवजन्तुओं एवं पेड़-पौधों को कितनी श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है तथा इसका आधार क्या था?
Answer: अन्तर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) ने जीव-जन्तुओं और पेड़-पौधों को चार मुख्य श्रेणियों में बांटा है। यह वर्गीकरण उनकी वर्तमान स्थिति और खतरे के आधार पर किया गया है। ये श्रेणियाँ हैं:
- विलुप्त: ये वे जीव-जन्तु और पेड़-पौधे हैं जिनके बारे में अब कोई भी जीवित प्रतिनिधि नहीं बचा है। इनकी जानकारी केवल पुरानी किताबों या संग्रहालयों में मिलती है। उदाहरण: जंगली कबूतर, सेंट हेलेना जेतून।
- प्राकृतिक आवासों में विलुप्त: ये ऐसी प्रजातियाँ हैं जो अपने प्राकृतिक घर में तो नहीं पाई जातीं, लेकिन उन्हें चिड़ियाघरों या सुरक्षित जगहों पर जिंदा रखा गया है। उदाहरण: हवाई कौआ, कालीमंतन मेंगो।
- संकटापन्न: इन प्रजातियों की संख्या लगातार कम हो रही है। यदि इन्हें बचाने के लिए जल्द उपाय नहीं किए गए, तो ये भविष्य में विलुप्त हो सकती हैं। उदाहरण: इन्द्रोक पादप प्रजाति, गिद्ध जन्तु प्रजाति।
- विशेष क्षेत्री: ये वे प्रजातियाँ हैं जो केवल किसी खास जगह या इलाके में ही मिलती हैं, कहीं और नहीं पाई जातीं। उदाहरण: लाल चंदन (जो दक्षिण-पश्चिमी घाट में मिलता है) और स्नो तेंदुआ (जो हिमालय में मिलता है)।
In simple words: प्रकृति को बचाने वाली एक संस्था ने जानवरों और पौधों को चार ग्रुप में बांटा है: जो खत्म हो गए, जो जंगल से खत्म हो गए पर कहीं और हैं, जो खतरे में हैं, और जो सिर्फ खास जगह पर मिलते हैं। यह इसलिए किया गया ताकि पता चले कि कौन सी प्रजाति कितनी खतरे में है।
🎯 Exam Tip: इन श्रेणियों को याद रखना और प्रत्येक के लिए एक-दो उदाहरण जानना महत्वपूर्ण है। इससे आप किसी भी प्रश्न का सटीक उत्तर दे पाएंगे।
Question 4. निम्न गाय वंश के बारे में आप क्या जानते
(1) कांकरेज
(2) मालवी?
Answer:
(1) कांकरेज गाय: यह गाय की नस्ल ज्यादातर गुजरात के कच्छ और राजस्थान के पाली व जालोर जिलों में मिलती है। ये मध्यम आकार की, ताकतवर गायें होती हैं जिनका सीना चौड़ा, सीधी कमर और मजबूत सींग होते हैं। ये तेज चलती हैं और भार ढोने के काम आती हैं, इसलिए किसान इन्हें पसंद करते हैं।
(2) मालवी गाय: यह नस्ल झालावाड़ के मालवी इलाके में पाई जाती है। ये भार ढोने वाले पशु के रूप में प्रसिद्ध हैं। इनका शरीर मजबूत और भूरे-ग्रे रंग का होता है। जैसे-जैसे नर पशु की उम्र बढ़ती है, उनका रंग गहरा होता जाता है। मालवी नस्ल की दो मुख्य किस्में हैं- बड़ी मालवी और छोटी मालवी। बड़ी मालवी झालावाड़ में और छोटी मालवी कोटा व उदयपुर में पाई जाती है।
(1) राठी गाय: यह नस्ल बहुत ज्यादा दूध देती है। यह साहीवाल, लाल सिंधी और हरियाणा नस्लों का मिश्रण है। इनका रंग बादामी या चितकबरा होता है। भारत में इसे सबसे अच्छी गायों में से एक माना जाता है, जो रोज 25 से 30 पाउंड तक दूध देती है। इस नस्ल के बैल भी मजबूत होते हैं।
(2) नागौरी गाय: नागौरी नस्ल के बैल फुर्तीले और काम करने में तेज होते हैं, इसलिए ये हल चलाने के लिए मशहूर हैं। यह नस्ल नागौर जिले के सोहालक इलाके में पैदा हुई है। इनका शरीर मजबूत, गर्दन मोटी, और पैर पतले होते हैं। इनके छोटे और नुकीले कान, सपाट माथा और छोटी पूँछ इनकी खास पहचान हैं।
In simple words: कांकरेज और मालवी दोनों ही गाय की भारतीय नस्लें हैं। कांकरेज ताकतवर होती हैं और भार ढोने के काम आती हैं, जबकि मालवी भी भार ढोने में अच्छी होती हैं। राठी गायें ज्यादा दूध देती हैं, और नागौरी बैल हल चलाने के लिए जाने जाते हैं।
🎯 Exam Tip: गाय की विभिन्न नस्लों के बारे में लिखते समय, उनकी मुख्य विशेषताओं (जैसे दूध उत्पादन या काम करने की क्षमता), रंग और प्रमुख क्षेत्र का उल्लेख करना सुनिश्चित करें।
Question 6. नीचे कुछ पादपों एवं जंतुओं के नाम दिए गए हैं। उनको विलुप्त प्रजातियों व संकटापन्न प्रजातियों में छांटकर सूचीबद्ध कीजिए एवं दोनों प्रजातियों में क्या अन्तर है? लिखिए- गिद्ध, रोहिड़ा, जंगली कबूतर, साइकस, फोग या फोगड़ा, कोकिया कूकी, डोडो पक्षी, गोडावण।
| विलुप्त प्रजातियाँ | संकटापन्न प्रजातियाँ |
|---|---|
| डोडो पक्षी, जंगली कबूतर, साइकस, कोकिया कूकी। | गिद्ध, रोहिड़ा, फोग या फोगड़ा, गोडावण। |
अन्तर:
विलुप्त प्रजातियाँ: ये वे जीव-जन्तु और पेड़-पौधे हैं जिनका अब कोई भी जीवित सदस्य नहीं बचा है। वे हमेशा के लिए पृथ्वी से खत्म हो चुके हैं।
संकटापन्न प्रजातियाँ: ये वे जीव-जन्तु और पेड़-पौधे हैं जिनकी संख्या लगातार कम हो रही है। यदि इन्हें बचाने के लिए समय रहते उपाय नहीं किए गए, तो ये भविष्य में विलुप्त हो सकती हैं। यानी, ये अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं, लेकिन खतरे में हैं।
In simple words: विलुप्त प्रजातियाँ वे हैं जो अब दुनिया में नहीं हैं, बिल्कुल खत्म हो चुकी हैं। संकटापन्न प्रजातियाँ वे हैं जिनकी संख्या बहुत कम बची है और अगर उन्हें बचाया नहीं गया तो वे भी खत्म हो जाएंगी।
🎯 Exam Tip: विलुप्त और संकटापन्न प्रजातियों के बीच का मुख्य अंतर यह है कि विलुप्त प्रजातियाँ अब मौजूद नहीं हैं, जबकि संकटापन्न प्रजातियाँ अभी भी मौजूद हैं लेकिन गंभीर खतरे में हैं और उन्हें संरक्षण की आवश्यकता है।
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