RBSE Solutions Class 8 Science Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक

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Detailed Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक RBSE Solutions for Class 8 Science

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Class 8 Science Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक RBSE Solutions PDF

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Question 1. निम्न सारणी में वस्तुओं में प्रयुक्त विभिन्न रेशों को सारणीबद्ध कीजिए।
Answer:

वस्तु (Item)रेशे के प्रकार (Type of Fiber)
पैराशूटनाइलॉन (Nylon)
ब्रुशनाइलॉन (Nylon)
परदेनाइलॉन, पॉलिएस्टर (Nylon, Polyester)
स्वेटरआरलॉन (Arlon)

संश्लेषित रेशों का उपयोग विभिन्न उत्पादों में होता है, जो उनकी खासियतों जैसे मजबूती और हल्केपन के कारण है। हर फाइबर को उसकी विशेषताओं के आधार पर सही जगह इस्तेमाल किया जाता है।
In simple words: यह सारणी दिखाती है कि अलग-अलग चीजें बनाने के लिए कौन से खास तरह के धागे (रेशे) इस्तेमाल होते हैं।

🎯 Exam Tip: सारणी के प्रश्नों में वस्तुओं और उनके गुणों को सही कॉलम में लिखें। सुनिश्चित करें कि सभी प्रविष्टियाँ सटीक हैं।

 

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Question 2. बहुलक क्या होते हैं?
Answer: बहुलक ऐसी संरचनाएं होती हैं जो बहुत सारी छोटी-छोटी इकाइयों के बार-बार जुड़ने से बनती हैं। ये छोटी इकाइयां आपस में मिलकर एक बहुत बड़ी श्रृंखला बनाती हैं।
In simple words: बहुलक बड़ी चीजें होती हैं जो कई छोटी-छोटी चीज़ों के बार-बार जुड़ने से बनती हैं।

🎯 Exam Tip: बहुलक की परिभाषा में "छोटी-छोटी इकाइयों का दोहराव" और "बड़ी संरचना" जैसे मुख्य शब्द शामिल करना याद रखें।

 

Textbook Questions

 

Choose the Correct Option.

 

Question 2. निम्नलिखित में से कौनसे समूह में सभी संश्लेषित रेशे हैं
(a) नायलॉन, टेरीलिन, रेयॉन
(b) एक्रिलिक, रेशम, ऊन
(c) कपास, रेयॉन, ऊन
(d) पीवीसी, पॉलिथीन, बैकलाइट
Answer: (a) नायलॉन, टेरीलिन, रेयॉन
In simple words: नायलॉन, टेरीलिन और रेयॉन तीनों इंसान द्वारा बनाए गए धागे हैं, जबकि बाकी विकल्पों में प्राकृतिक धागे भी हैं।

🎯 Exam Tip: संश्लेषित रेशों के उदाहरणों को अच्छी तरह से याद रखें, जैसे नायलॉन, टेरीलिन, रेयॉन, और एक्रिलिक।

 

Question 3. रसोई के बरतनों के हैण्डल बनाने में सबसे उपयुक्त पदार्थ है
(a) पॉलिथीन
(b) नायलॉन
(c) पीवीसी
(d) बैकेलाइट
Answer: (d) बैकेलाइट
In simple words: बैकेलाइट रसोई के बर्तनों के हैंडल बनाने के लिए सबसे अच्छा है क्योंकि यह गर्मी को नहीं पकड़ता और गर्म नहीं होता।

🎯 Exam Tip: थर्मोसेटिंग प्लास्टिक (जैसे बैकेलाइट) गर्मी के प्रतिरोधी होते हैं और बर्तनों के हैंडल बनाने में उपयोग किए जाते हैं; थर्मोप्लास्टिक नहीं।

 

Question 4. निम्नलिखित में से कौनसा सामान्य गुण प्लास्टिक का नहीं है
(a) अक्रियाशील
(b) टिकाऊ
(c) भार में हल्के
(d) विद्युत के सुचालक
Answer: (d) विद्युत के सुचालक
In simple words: प्लास्टिक बिजली को अपने अंदर से जाने नहीं देता, इसलिए वह बिजली का अच्छा चालक नहीं होता।

🎯 Exam Tip: प्लास्टिक के मुख्य गुणों को याद रखें, जैसे कि यह अक्रियाशील, टिकाऊ, हल्का और बिजली का कुचालक होता है।

 

Question 5. थर्मोप्लास्टिक है
(a) बैकलाइट
(b) मैलामाइन
(c) पॉलिथीन
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Answer: (c) पॉलिथीन
In simple words: पॉलिथीन एक तरह का प्लास्टिक है जिसे गर्म करने पर आसानी से मोड़ा या पिघलाया जा सकता है।

🎯 Exam Tip: थर्मोप्लास्टिक और थर्मोसेटिंग प्लास्टिक के बीच का अंतर उनके गुणों और उदाहरणों के साथ अच्छी तरह से समझें।

 

Question. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
(1) संश्लेषित रेशे __________ भी कहलाते हैं।
(2) रेयॉन को __________ भी कहते हैं।
(3) ऐसीटोनाइट्राइल के बहुलकीकरण से __________ प्राप्त होता है।
(4) संश्लेषित रेशे की भाँति प्लास्टिक भी एक __________ है।
Answer:
(1) संश्लेषित रेशे कृत्रिम, मानव निर्मित भी कहलाते हैं।
(2) रेयॉन को कृत्रिम रेशम भी कहते हैं।
(3) ऐसीटोनाइट्राइल के बहुलकीकरण से आरलॉन प्राप्त होता है।
(4) संश्लेषित रेशे की भाँति प्लास्टिक भी एक संश्लेषित बहुलक है।
In simple words: इन वाक्यों में खाली जगहों को सही शब्दों से भरा गया है ताकि वे पूरे हो जाएं।

🎯 Exam Tip: इन रिक्त स्थानों की पूर्ति वाले प्रश्नों में, मुख्य परिभाषाओं और उदाहरणों पर ध्यान दें जो पाठ्यपुस्तक में दिए गए हैं।

 

Question. निम्नलिखित कॉलम 1 व कॉलम 2 का मिलान कीजिए-
Answer:

कॉलम 1कॉलम 2
रेयॉन(अ) बरतनों पर नॉनस्टिक परत
नाइलॉन(ब) कृत्रिम रेशम
थर्मोसेंटिग प्लास्टिक(स) पानी के पाइप
पीवीसी(द) वस्त्र

सही मिलान इस प्रकार है:
1. (ब) रेयॉन - कृत्रिम रेशम
2. (द) नाइलॉन - वस्त्र
3. (अ) थर्मोसेंटिग प्लास्टिक - बरतनों पर नॉनस्टिक परत (यह गलत है, थर्मोसेटिंग प्लास्टिक के उदाहरण जैसे बैकेलाइट बर्तन के हैंडल बनाने में होते हैं, नॉनस्टिक परत टेफ्लॉन की होती है। दिए गए विकल्पों में, थर्मोसेंटिग प्लास्टिक को इसके गुणों के आधार पर बर्तनों पर नॉनस्टिक परत के साथ गलत रूप से मिलाया गया है। हालांकि, पीवीसी पानी के पाइप के लिए सही है, और नायलॉन वस्त्रों के लिए।) मैं दिए गए उत्तर के क्रम का पालन करूँगा, भले ही वह गलत हो।
4. (स) पीवीसी - पानी के पाइप
In simple words: इस प्रश्न में कॉलम 1 में दी गई चीज़ों को कॉलम 2 में उनके सही उपयोग या प्रकार से मिलाना था।

🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, हर विकल्प को ध्यान से पढ़ें और सबसे उपयुक्त जोड़े को पहचानें। अगर कोई विकल्प स्पष्ट रूप से मेल नहीं खाता है, तो अन्य विकल्पों के साथ उसके संबंध पर विचार करें।

 

Short Answer Type Questions

 

Question 1. प्लास्टिक और संश्लेषित रेशों को जलाने की सलाह क्यों नहीं दी जाती है?
Answer: प्लास्टिक और संश्लेषित रेशों को जलाने की सलाह नहीं दी जाती है क्योंकि ये जलने पर बहुत सारा ज़हरीला धुआँ और गैसें छोड़ते हैं। ये गैसें हवा को प्रदूषित करती हैं और इंसानों और जानवरों के लिए बहुत खतरनाक होती हैं। इन्हें जलाने से पर्यावरण को नुकसान होता है और सांस लेने में भी परेशानी हो सकती है।
In simple words: प्लास्टिक और रेशों को जलाने से जहरीली गैसें निकलती हैं जो हवा और हमारे स्वास्थ्य के लिए खराब होती हैं।

🎯 Exam Tip: अपने उत्तर में "पर्यावरण प्रदूषण" और "जहरीली गैसों का उत्सर्जन" जैसे मुख्य बिंदुओं को शामिल करें ताकि आपका उत्तर पूरा लगे।

 

Question. थर्मोप्लास्टिक किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
Answer: थर्मोप्लास्टिक ऐसे प्लास्टिक होते हैं जो गर्म करने पर आसानी से नरम हो जाते हैं और ठंडा करने पर फिर से कठोर हो जाते हैं। इन प्लास्टिक्स को बार-बार गर्म करके अलग-अलग आकार दिए जा सकते हैं और उन्हें नया रूप दिया जा सकता है। पॉलिथीन और पीवीसी इसके अच्छे उदाहरण हैं। खिलौने, कंघी और बाल्टी जैसी चीज़ें थर्मोप्लास्टिक से ही बनती हैं।
In simple words: थर्मोप्लास्टिक वह प्लास्टिक है जिसे गर्म करके बार-बार मोड़ा और नया आकार दिया जा सकता है, जैसे पॉलिथीन।

🎯 Exam Tip: थर्मोप्लास्टिक की परिभाषा में "गर्म करने पर नरम होना" और "पुनः आकार देना" जैसे शब्द जरूर लिखें, साथ ही उदाहरण भी दें।

 

Question 3. टेरीकोट दो प्रकार के रेशों से मिलकर बनाए जाते हैं? उन रेशों का नाम लिखिए।
Answer: टेरीकोट दो अलग-अलग प्रकार के रेशों को मिलाकर बनाया जाता है। ये दो रेशे हैं:
• पॉलिएस्टर (डेकरान)
• कपास का रेशा
इन दोनों के मिलने से टेरीकोट बनता है, जो दोनों रेशों के गुणों को अपने अंदर समेट लेता है।
In simple words: टेरीकोट पॉलिएस्टर और कपास के रेशों को मिलाकर बनता है।

🎯 Exam Tip: जब मिश्रण रेशों के बारे में पूछा जाए, तो दोनों घटकों का नाम स्पष्ट रूप से उल्लेख करें।

 

Question 4. जैव अनिम्नीकरणीय पदार्थ किसे कहते हैं?
Answer: जैव अनिम्नीकरणीय पदार्थ वे पदार्थ होते हैं जो प्राकृतिक प्रक्रियाओं, जैसे कि बैक्टीरिया या फंगस की क्रिया से, आसानी से नहीं टूटते या अपघटित नहीं होते हैं। ये पदार्थ पर्यावरण में लंबे समय तक वैसे ही बने रहते हैं। प्लास्टिक इसका एक मुख्य उदाहरण है, जो हजारों साल तक पर्यावरण में रहता है।
In simple words: जैव अनिम्नीकरणीय पदार्थ वे होते हैं जो कुदरती तरीके से आसानी से खत्म नहीं होते और पर्यावरण में बहुत समय तक रहते हैं।

🎯 Exam Tip: "प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा अपघटित नहीं होना" और "पर्यावरण में लंबे समय तक बने रहना" इन प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख करें।

 

Question 5. बहुलकीकरण किसे कहते हैं?
Answer: बहुलकीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें बहुत सारी छोटी-छोटी इकाइयाँ (जिन्हें मोनोमर कहते हैं) एक-दूसरे से जुड़कर एक बहुत बड़ी श्रृंखला बनाती हैं, जिसे बहुलक (पॉलीमर) कहते हैं। "पॉलीमर" शब्द ग्रीक भाषा के "पॉली" (अनेक) और "मर" (इकाई) से मिलकर बना है, जिसका मतलब है अनेक इकाइयों से बनी चीज़।
In simple words: बहुलकीकरण वह तरीका है जिसमें कई छोटी-छोटी चीजें जुड़कर एक बड़ी चीज बनाती हैं।

🎯 Exam Tip: बहुलकीकरण की परिभाषा में "छोटी इकाइयों का जोड़" और "बड़ी श्रृंखला का निर्माण" इन शब्दों का उपयोग करें।

 

Long Answer Type Questions

 

Question 1. संश्लेषित रेशों का दैनिक जीवन में उपयोग समझाइए।
Answer: संश्लेषित रेशे हमारे रोज़मर्रा के जीवन में बहुत काम आते हैं क्योंकि इनके कई फायदे हैं। विभिन्न संश्लेषित रेशों का उपयोग इस प्रकार किया जाता है:
(i) रेयॉन का उपयोग- रेयॉन को कपास के साथ मिलाकर रेशम जैसी चादरें बनाई जाती हैं। इसे ऊन के साथ मिलाकर कालीन भी बनाए जा सकते हैं, जो मुलायम और टिकाऊ होते हैं।
(2) नायलॉन रेशों का उपयोग- नायलॉन का उपयोग दाँत साफ करने वाले ब्रुश, कारों की सीट के पट्टे और स्लीपिंग बैग बनाने में होता है। यह अपनी मजबूती और लचीलेपन के कारण बहुत उपयोगी है।
(3) नायलॉन के धागे इस्पात के तारों से भी अधिक मजबूत होते हैं। इसलिए, चट्टानों पर चढ़ने के लिए रस्सियाँ भी इसी से बनाई जाती हैं, जो पर्वतारोहियों की सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं।
(iii) आरलॉन का उपयोग- आरलॉन के रेशों से सर्दियों में पहने जाने वाले कपड़े जैसे शॉल, कम्बल और स्वेटर बनाए जाते हैं। ये गर्म और हल्के होते हैं।
(iv) डेकरॉन का उपयोग- डेकरॉन भी अन्य रेशों की तरह कपड़े बनाने में उपयोग किया जाता है। इसे पॉलिएस्टर के नाम से भी जानते हैं, जो कपड़ों को शिकन-रहित रखता है।
In simple words: संश्लेषित रेशे, जैसे रेयॉन, नायलॉन, आरलॉन और डेकरॉन, बहुत मजबूत और सस्ते होते हैं, इसलिए इनका उपयोग कपड़ों, ब्रश, रस्सी और चादरें जैसी कई चीजें बनाने में होता है।

🎯 Exam Tip: संश्लेषित रेशों के उपयोगों का उल्लेख करते समय, प्रत्येक रेशे के विशिष्ट गुणों को भी संक्षेप में बताएं जो उसे उस उपयोग के लिए उपयुक्त बनाते हैं।

 

Question 2. दैनिक जीवन में जहाँ तक सम्भव हो प्लास्टिक के उपयोग से बचिए। इस कथन की पुष्टि कीजिए।
Answer: "जहाँ तक सम्भव हो प्लास्टिक के उपयोग से बचिए" यह बात बिल्कुल सच है। हम जानते हैं कि प्लास्टिक एक जैव अनिम्नीकरणीय (non-biodegradable) पदार्थ है, जिसका मतलब है कि यह प्राकृतिक रूप से बहुत लंबे समय तक टूटता नहीं है। यह पर्यावरण के लिए बहुत हानिकारक है और प्रदूषण का कारण बनता है। जब संश्लेषित पदार्थ जैसे प्लास्टिक को जलाया जाता है, तो इसे पूरी तरह से जलने में बहुत समय लगता है। इस प्रक्रिया में बड़ी मात्रा में जहरीला धुआँ निकलता है जो हवा को प्रदूषित करता है। इसलिए, हमें जितना हो सके प्लास्टिक का उपयोग कम करना चाहिए ताकि पर्यावरण सुरक्षित रहे।
In simple words: प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करना चाहिए क्योंकि यह आसानी से खत्म नहीं होता और जलाने पर जहरीला धुआँ निकालता है, जिससे पर्यावरण को नुकसान होता है।

🎯 Exam Tip: अपने उत्तर में "जैव अनिम्नीकरणीय", "पर्यावरण प्रदूषण", और "जहरीली गैसों का उत्सर्जन" जैसे महत्वपूर्ण शब्दों का उपयोग करें।

 

Question 3. संश्लेषित रेशा नाइलॉन कैसे बनाया जाता है? नाइलॉन के विभिन्न गुण-धर्म लिखिए।
Answer: नाइलॉन को ऐडिपिक अम्ल और हेक्सामेथिलीन डाइएमिन को एक साथ मिलाकर बनाया जाता है। यह एक बहुत मजबूत और बहुमुखी रेशा है।
नाइलॉन के गुण-धर्म-
1. नाइलॉन के रेशे बहुत मजबूत, लचीले और हल्के होते हैं, जिससे ये कई उपयोगों के लिए उपयुक्त होते हैं।
2. ये कम पानी सोखते हैं और आसानी से सूख जाते हैं, जिससे इन्हें धोना और रखरखाव करना आसान हो जाता है।
3. नाइलॉन से बने कपड़े जल्दी सिकुड़ते नहीं हैं और लंबे समय तक चलते हैं, जो इनकी स्थायित्व को दर्शाता है।
4. नाइलॉन के रेशे चमकदार और मुलायम होते हैं, और इनमें कीट नहीं लगते, जिससे ये लंबे समय तक नए जैसे दिखते हैं।
5. नाइलॉन का उपयोग सस्ता और आसान होता है, और इसकी देखभाल भी कम करनी पड़ती है।
6. नाइलॉन के कपड़े जल्दी आग पकड़ते हैं, और जलने पर शरीर से चिपक जाते हैं, जिससे गंभीर चोट लग सकती है। यह इसका एक बड़ा नुकसान है। गर्मियों में ये रेशे पसीना नहीं सोख पाते हैं, जिससे त्वचा को असहज महसूस होता है।
In simple words: नाइलॉन को दो रसायनों (ऐडिपिक अम्ल और हेक्सामेथिलीन डाइएमिन) से बनाते हैं। यह मजबूत, हल्का, और आसानी से सूखने वाला होता है, लेकिन आग पकड़ने पर चिपक जाता है।

🎯 Exam Tip: नाइलॉन बनाने की प्रक्रिया के रसायनों के नाम याद रखें और इसके गुणों (मजबूती, पानी सोखना, शिकन प्रतिरोध) और अवगुणों (ज्वलनशीलता, पसीना न सोखना) दोनों का उल्लेख करें।

 

Other Important Questions

 

Question 2. जल निकास व्यवस्था में बाधक अपशिष्ट है
(a) कृषि
(b) पशु
(c) प्लास्टिक
(d) रेडियोधर्मी
Answer: (c) प्लास्टिक
In simple words: प्लास्टिक की चीजें नालियों में फंसकर पानी को बहने से रोक देती हैं, जिससे जल निकास व्यवस्था में रुकावट आती है।

🎯 Exam Tip: प्लास्टिक गैर-अपघटनीय होता है, इसलिए यह जल निकासी प्रणाली को अवरुद्ध करने वाला एक प्रमुख कारण है।

 

Question 3. बिजली के स्विच आदि बनाने में प्रयुक्त पदार्थ
(a) पीवीसी
(b) पॉलीथीन
(c) बैकेलाइट
(d) मैलामाइन
Answer: (c) बैकेलाइट
In simple words: बिजली के स्विच बनाने के लिए बैकेलाइट का उपयोग होता है क्योंकि यह बिजली और गर्मी दोनों का कुचालक होता है, जिससे सुरक्षा मिलती है।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि बैकेलाइट एक थर्मोसेटिंग प्लास्टिक है और गर्मी तथा बिजली दोनों का कुचालक होता है, जो इसे स्विच बनाने के लिए आदर्श बनाता है।

 

Question 4. आग प्रतिरोधी वस्तुएँ बनाने में उपयोग किया जाने वाला प्लास्टिक है
(a) बैकलाइट
(b) पॉलीथीन
(c) मेलामाइन
(d) उपरोक्त सभी
Answer: (c) मेलामाइन
In simple words: मेलामाइन आग को रोकने वाले कपड़े बनाने के काम आता है क्योंकि यह आग को अच्छी तरह से सह सकता है और जल्दी से नहीं जलता।

🎯 Exam Tip: मेलामाइन के आग प्रतिरोधी गुण को याद रखें, जो इसे अग्निशमन सूट और अन्य आग-सुरक्षा संबंधी उत्पादों में उपयोग के लिए महत्वपूर्ण बनाता है।

 

Question. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
(1) ______ मृदुल होते हैं।
(2) टेरीकॉट ______ का एक प्रकार है।
(3) मैलामाइन ______ है।
(4) प्लास्टिक द्वारा उत्पन्न अपशिष्ट ______ है।
(5) प्लास्टिक एक प्रकार का ______ बहुलक (संश्लेषित/प्राकृतिक) है।
Answer:
(1) थर्मोप्लास्टिक मृदुल होते हैं।
(2) टेरीकॉट संश्लेषित रेशे का एक प्रकार है।
(3) मैलामाइन थर्मोसेटिंग प्लास्टिक है।
(4) प्लास्टिक द्वारा उत्पन्न अपशिष्ट जैव अनिम्नीकरणीय है।
(5) प्लास्टिक एक प्रकार का संश्लेषित बहुलक है।
In simple words: ये खाली स्थान प्लास्टिक और रेशों से जुड़ी खास बातों को पूरा करते हैं, जैसे उनकी प्रकृति और प्रकार।

🎯 Exam Tip: मुख्य प्लास्टिक प्रकारों और उनके गुणों को याद रखें, साथ ही इस बात का भी कि प्लास्टिक कैसे पर्यावरण को प्रभावित करता है।

 

बताइए निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य

 

Question 1. निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य बताइए:
(1) प्लास्टिक द्वारा उत्पन्न अपशिष्ट पर्यावरण हितैषी है।
(2) पॉलिथीन और पी.वी.सी. थर्मोसेटिंग प्लास्टिक हैं।
(3) अधिकांश थर्मोप्लास्टिक पुनःचक्रित किये जा सकते हैं।
(4) टेफ्लॉन का उपयोग नॉनस्टिक बरतन बनाने में किया जाता है।
(5) प्लास्टिक में छोटे कार्बनिक अणु मिलकर उच्च अणुभार वाली संरचना बनाते हैं।
(6) संश्लेषित रेशों से बने कपड़े प्राकृतिक रेशों से बने कपड़ों की अपेक्षा अधिक पसीना सोखते हैं।
Answer:
(1) असत्य (प्लास्टिक पर्यावरण हितैषी नहीं है, क्योंकि यह जैव अनिम्नीकरणीय है।)
(2) असत्य (पॉलिथीन और पी.वी.सी. थर्मोप्लास्टिक हैं, थर्मोसेटिंग नहीं।)
(3) सत्य (थर्मोप्लास्टिक को गर्म करके पिघलाया जा सकता है और फिर से नया आकार दिया जा सकता है।)
(4) सत्य (टेफ्लॉन अपने नॉनस्टिक गुणों के कारण खाना पकाने के बर्तनों में इस्तेमाल होता है।)
(5) सत्य (प्लास्टिक भी बहुलक होते हैं, जो छोटे मोनोमर इकाइयों से बनते हैं।)
(6) असत्य (संश्लेषित रेशे प्राकृतिक रेशों की तुलना में कम पसीना सोखते हैं।)
In simple words: इन कथनों की जांच की गई है कि वे सही हैं या गलत, प्लास्टिक और रेशों के बारे में उनकी विशेषताओं के आधार पर।

🎯 Exam Tip: प्लास्टिक और रेशों के मुख्य गुणों को अच्छी तरह समझें ताकि आप उनके बारे में दिए गए कथनों को सही या गलत बता सकें।

 

सही मिलान कीजिए

 

Question 1. निम्नांकित का सही मिलान कीजिए
Answer:

क्र.सं.कॉलम-1कॉलम-2
1.मैलेमाइनअग्निरोधक
2.पीवीसीपानी के पाइप
3.रेयानकृत्रिम रेशम
4.प्लास्टिकथर्मोसैटिंग

दिए गए कॉलम 1 और कॉलम 2 का सही मिलान इस प्रकार है:
1. मैलेमाइन - अग्निरोधक (यह आग प्रतिरोधी गुण रखता है)।
2. पीवीसी - पानी के पाइप (पीवीसी पाइप आमतौर पर जल प्रणालियों में उपयोग होते हैं)।
3. रेयान - कृत्रिम रेशम (रेयान को मानव निर्मित रेशम भी कहते हैं)।
4. प्लास्टिक - थर्मोसैटिंग (प्लास्टिक में थर्मोसेटिंग प्लास्टिक एक प्रकार है, जिसका उदाहरण मैलेमाइन और बैकेलाइट है)।
In simple words: कॉलम 1 की चीज़ों को कॉलम 2 में उनके सही काम या प्रकार से मिलाया गया है।

🎯 Exam Tip: मिलान के प्रश्नों में, प्रत्येक आइटम के गुणों और उपयोगों को याद रखें। इससे आपको सही जोड़े बनाने में मदद मिलेगी।

 

Question 2. निम्नांकित का सही मिलान कीजिए
Answer:

कॉलम (अ)कॉलम (ब)
1. डेकरॉन(i) ऊन के रेशों के समान
2. टेफ्लॉन(ii) सेल्यूलोज से रासायनिक अभिक्रिया से प्राप्त
3. रेयॉन(iii) न चिपकने वाले भोजन पात्रों का निर्माण
4. आरलॉन(iv) से बने कपड़ों पर सलवटें नहीं पड़ती हैं

कॉलम (अ) और कॉलम (ब) का सही मिलान इस प्रकार है:
1. (iv) डेकरॉन - इससे बने कपड़ों पर सलवटें नहीं पड़ती हैं (पॉलिएस्टर का एक रूप होने के कारण)।
2. (iii) टेफ्लॉन - न चिपकने वाले भोजन पात्रों का निर्माण (यह अपनी नॉनस्टिक प्रकृति के लिए जाना जाता है)।
3. (ii) रेयॉन - सेल्यूलोज से रासायनिक अभिक्रिया से प्राप्त (यह लकड़ी के गूदे से बनता है)।
4. (i) आरलॉन - ऊन के रेशों के समान (एक्रिलिक फाइबर जैसा, जो ऊन जैसा महसूस होता है)।
In simple words: इस मिलान में, विभिन्न रेशों को उनके खास गुणों या बनाने के तरीके से जोड़ा गया है।

🎯 Exam Tip: विभिन्न संश्लेषित रेशों के नाम, उनके स्रोत (यदि कोई हो), और उनके मुख्य गुणों या उपयोगों को याद रखें।

 

Question 2. पॉलीमर से क्या आशय है?
Answer: पॉलीमर एक ग्रीक शब्द है जो दो शब्दों "पॉली" (जिसका अर्थ है अनेक) और "मर" (जिसका अर्थ है इकाई) से मिलकर बना है। इसका मतलब है कि पॉलीमर एक ऐसी बड़ी संरचना होती है जो बहुत सारी छोटी-छोटी इकाइयों के बार-बार जुड़ने से बनती है। प्लास्टिक और रेशे इसी के उदाहरण हैं।
In simple words: पॉलीमर एक बड़ी चीज है जो कई छोटी-छोटी चीज़ों (इकाइयों) के बार-बार जुड़ने से बनती है।

🎯 Exam Tip: पॉलीमर की परिभाषा देते समय ग्रीक मूल "पॉली" और "मर" का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है, साथ ही "अनेक इकाइयों" के विचार को भी शामिल करें।

 

Question 3. विस्कोस' किसे कहते हैं ?
Answer: विस्कोस एक गाढ़ा द्रव होता है, जिसे रेयान बनाने के लिए तैयार किया जाता है। इसे सेल्युलोज को शुद्ध करके उसमें सोडियम हाइड्रॉक्साइड और कार्बन डाइसल्फाइड मिलाकर बनाया जाता है। यह द्रव फिर रेशों में बदला जाता है।
In simple words: विस्कोस एक गाढ़ा तरल पदार्थ है जो सेल्युलोज और कुछ रसायनों से बनता है, और इसका उपयोग रेयान बनाने के लिए करते हैं।

🎯 Exam Tip: विस्कोस को "गाढ़ा द्रव" और "रेयान के निर्माण में प्रयुक्त" के रूप में परिभाषित करना याद रखें।

 

Question 4. नाइलॉन कैसे बनाया जाता है?
Answer: नाइलॉन को ऐडिपिक अम्ल और हेक्सामेथिलीन डाइएमिन नामक दो रसायनों को एक साथ मिलाकर बनाया जाता है। इन रसायनों को सही अनुपात में मिलाकर एक बहुलकीकरण प्रक्रिया द्वारा नाइलॉन का निर्माण होता है, जो एक मजबूत और लचीला रेशा है।
In simple words: नाइलॉन को ऐडिपिक अम्ल और हेक्सामेथिलीन डाइएमिन नाम के दो रसायनों को मिलाकर बनाते हैं।

🎯 Exam Tip: नाइलॉन बनाने वाले दो मुख्य रसायनों के नाम (ऐडिपिक अम्ल और हेक्सामेथिलीन डाइएमिन) का उल्लेख करना सुनिश्चित करें।

 

Question 5. कालीन या गलीचा किस संश्लेषित रेशे से तैयार करते हैं ?
Answer: कालीन या गलीचा रेयॉन और कपास के रेशों को मिलाकर तैयार किया जाता है। रेयॉन अपनी चमकदार बनावट और मजबूती के लिए जाना जाता है, जबकि कपास उसे नरमी और अवशोषण क्षमता देता है। इन दोनों के मिश्रण से बने रेशे टिकाऊ और सुंदर कालीन बनाने के लिए उपयुक्त होते हैं।
In simple words: कालीन और गलीचे रेयॉन और कपास को मिलाकर बनाए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: रेयॉन और कपास का संयोजन कालीनों के लिए अक्सर उपयोग होता है; ध्यान दें कि रेयॉन रेशम जैसा दिखता है।

 

Question 6. आरलॉन कैसे तैयार किया जाता है?
Answer: आरलॉन ऐसीटोनाइट्राइल के बहुलकीकरण से तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया में ऐसीटोनाइट्राइल की कई इकाइयाँ एक साथ जुड़कर आरलॉन का रेशा बनाती हैं। इसका रेशा ऊन के रेशों के जैसा ही होता है और सर्दियों के कपड़ों के लिए बहुत अच्छा होता है।
In simple words: आरलॉन ऐसीटोनाइट्राइल नाम के रसायन से बनता है और यह ऊन जैसा दिखता है।

🎯 Exam Tip: आरलॉन को ऐसीटोनाइट्राइल के बहुलकीकरण से बनने वाले रेशे के रूप में पहचानना महत्वपूर्ण है, और इसके ऊन जैसे गुणों को भी याद रखें।

 

Question 7. संरचना के आधार पर प्लास्टिक कितने प्रकार के होते हैं? उनके नाम लिखिए।
Answer: संरचना के आधार पर प्लास्टिक दो मुख्य प्रकार के होते हैं:
• थर्मोप्लास्टिक
• थर्मोसेटिंग प्लास्टिक
ये दोनों प्रकार प्लास्टिक की गर्मी के प्रति प्रतिक्रिया और उनकी आणविक संरचना के आधार पर अलग-अलग होते हैं।
In simple words: प्लास्टिक दो तरह के होते हैं - थर्मोप्लास्टिक और थर्मोसेटिंग प्लास्टिक।

🎯 Exam Tip: प्लास्टिक के दो मुख्य प्रकारों, थर्मोप्लास्टिक और थर्मोसेटिंग प्लास्टिक, के नाम याद रखना और उनके बीच के मूलभूत अंतर को समझना महत्वपूर्ण है।

 

Question 9. जैव निम्नीकरणीय अपशिष्ट पदार्थों से क्या आशय है?
Answer: जैव निम्नीकरणीय अपशिष्ट पदार्थ वे होते हैं जो कुछ जीवाणुओं या अन्य प्राकृतिक प्रक्रियाओं की मदद से हानिरहित पदार्थों में आसानी से टूट जाते हैं या विघटित हो जाते हैं। ये पर्यावरण में ज्यादा समय तक नहीं रहते और प्रकृति में वापस मिल जाते हैं, जैसे कि कम्पोस्ट खाद।
In simple words: जैव निम्नीकरणीय कचरा वह होता है जो प्राकृतिक तरीके से छोटे-छोटे हिस्सों में टूटकर खत्म हो जाता है, जैसे खाद।

🎯 Exam Tip: जैव निम्नीकरणीय पदार्थों की परिभाषा में "जीवाणुओं द्वारा विघटन" और "हानिरहित पदार्थों में परिवर्तन" जैसे मुख्य बिंदुओं को शामिल करें।

 

Question 10. डेकरॉन कैसे प्राप्त किया जाता है?
Answer: डेकरॉन को एथिलीन ग्लाइकॉल और टरथैलिक अम्ल के बहुलकीकरण की अभिक्रिया से प्राप्त किया जाता है। इस प्रक्रिया में ये दोनों रसायन एक साथ जुड़कर डेकरॉन नामक पॉलिएस्टर रेशा बनाते हैं, जो अपनी मजबूती और शिकन-प्रतिरोधक गुणों के लिए जाना जाता है।
In simple words: डेकरॉन एथिलीन ग्लाइकॉल और टरथैलिक अम्ल को मिलाकर बनाया जाता है।

🎯 Exam Tip: डेकरॉन के लिए प्रमुख रसायनों, एथिलीन ग्लाइकॉल और टरथैलिक अम्ल, के नाम याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Short Answer Type Questions

 

Question 1. राजेश गर्मियों के लिए कमीजें खरीदना चाहता है। उसे सूती कमीजें खरीदना चाहिए या संश्लेषित। कारण सहित राजेश को सलाह दीजिए।
Answer: राजेश को गर्मियों के लिए सूती कमीजें खरीदनी चाहिए। संश्लेषित कपड़े गर्मी में शरीर से चिपक जाते हैं और प्राकृतिक रेशों जैसे कपास की तरह पसीना नहीं सोखते हैं। इसके अलावा, संश्लेषित कपड़े हवादार भी नहीं होते, जिससे गर्मी में असहजता हो सकती है। सूती कपड़े त्वचा को ठंडा रखते हैं और पसीना अच्छी तरह सोखते हैं।
In simple words: राजेश को गर्मी में सूती कमीजें खरीदनी चाहिए क्योंकि वे पसीना सोखती हैं और हवादार होती हैं, जबकि संश्लेषित कपड़े नहीं।

🎯 Exam Tip: गर्मियों के कपड़ों का चयन करते समय, प्राकृतिक और संश्लेषित रेशों के बीच के अंतर (पसीना सोखने की क्षमता, हवादारपन) पर ध्यान दें।

 

Question 2. रेयॉन कैसे बनता है? इसका क्या उपयोग है?
Answer: रेयॉन एक ऐसा रेशा है जो प्रकृति से मिलने वाले सेल्युलोज (जैसे लकड़ी के गूदे) और कार्बन डाइसल्फाइड को मिलाकर एक गाढ़ा द्रव (जिसे विस्कोस कहते हैं) से बनता है। इस विस्कोस को छोटे-छोटे छिद्रों से तनु सल्फ्यूरिक अम्ल में से गुजारते हैं, जिससे चमकदार रेशे प्राप्त होते हैं। ये रेशे दिखने में प्राकृतिक रेशम जैसे लगते हैं।
उपयोग- रेयॉन का उपयोग रेशम के समान दिखने वाले कपड़े बनाने में होता है। रेयॉन और कपास को मिलाकर चादरें, कालीन और गलीचे बनाए जाते हैं, जो टिकाऊ और सुंदर होते हैं।
In simple words: रेयॉन सेल्युलोज और रसायनों से बनता है, जो रेशम जैसा दिखता है। इसका उपयोग कपड़े, चादरें और कालीन बनाने में होता है।

🎯 Exam Tip: रेयॉन के निर्माण प्रक्रिया में सेल्युलोज और विस्कोस का उल्लेख करें, और इसके "कृत्रिम रेशम" होने पर जोर दें।

 

Question 4. थर्मोप्लास्टिक और थर्मोसेटिंग प्लास्टिक के मध्य अन्तर को स्पष्ट कीजिए।
Answer: थर्मोप्लास्टिक और थर्मोसेटिंग प्लास्टिक के बीच का अंतर इस प्रकार है:

थर्मोप्लास्टिक (Thermoplastic)थर्मोसेटिंग प्लास्टिक (Thermosetting Plastic)
यह प्लास्टिक गर्म करने पर आसानी से नरम हो जाता है और विकृत हो जाता है, इसे आसानी से मोड़ा जा सकता है।यह प्लास्टिक एक बार साँचे में ढल जाने के बाद गर्म करने पर नरम नहीं होता और स्थायी रूप से कठोर बना रहता है।
इसे बार-बार गर्म करके नए आकार में ढाला या पुनःचक्रित किया जा सकता है।इसे गर्म करके पुनः आकार में नहीं ढाला जा सकता और न ही पुनःचक्रित किया जा सकता है।
उदाहरण: पॉलिथीन, पॉली-विनाइल क्लोराइड (PVC)उदाहरण: बैकेलाइट, मैलामाइन

यह अंतर प्लास्टिक के विभिन्न उपयोगों को निर्धारित करता है, जैसे थर्मोप्लास्टिक को खिलौनों में और थर्मोसेटिंग प्लास्टिक को बिजली के स्विच में।
In simple words: थर्मोप्लास्टिक को गर्म करके मोड़ा जा सकता है, जबकि थर्मोसेटिंग प्लास्टिक एक बार बनने के बाद अपना आकार नहीं बदलता, चाहे कितना भी गर्म करें।

🎯 Exam Tip: थर्मोप्लास्टिक और थर्मोसेटिंग प्लास्टिक के बीच अंतर करते समय, "गर्म करने पर नरम होना" बनाम "गर्म करने पर कठोर रहना" के मुख्य अंतर को याद रखें, साथ ही प्रत्येक के दो-दो उदाहरण भी दें।

 

Question 5. निम्नलिखित पदार्थों को "पुनः चक्रित किये जा सकते हैं" और "पुनः चक्रित नहीं किये जा सकते हैं" में वर्गीकृत कीजिए: टेलीफोन यंत्र, प्लास्टिक खिलौने, कुकर के हत्थे, सामग्री लाने वाले थैले, बाल प्वाइंट पेन, प्लास्टिक के कटोरे, विद्युत तारों के प्लास्टिक आवरण, प्लास्टिक की कुर्सियाँ, विद्युत स्विच।
Answer:

पुनः चक्रित (Recycle) किये जा सकते हैंपुनः चक्रित नहीं किये जा सकते हैं
प्लास्टिक खिलौनेटेलीफोन यंत्र
सामग्री लाने वाले थैलेकुकर के हत्थे
बाल प्वाइंट पेनविद्युत स्विच
प्लास्टिक के कटोरे
विद्युत तारों के प्लास्टिक आवरण
प्लास्टिक की कुर्सियाँ

यह वर्गीकरण प्लास्टिक के प्रकार (थर्मोप्लास्टिक बनाम थर्मोसेटिंग) पर आधारित है, क्योंकि थर्मोप्लास्टिक को पुनःचक्रित किया जा सकता है।
In simple words: कुछ प्लास्टिक की चीज़ों को पिघलाकर दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे खिलौने और कुर्सियां, लेकिन कुछ को नहीं, जैसे स्विच और कुकर के हैंडल।

🎯 Exam Tip: थर्मोप्लास्टिक (जो पुनः चक्रित हो सकते हैं) और थर्मोसेटिंग प्लास्टिक (जो पुनः चक्रित नहीं हो सकते) के उदाहरणों को याद रखें।

 

Question. 4R सिद्धांत:
1. R - (Reduce)- उपयोग कम करिए
2. R - (Reuse)- पुनः उपयोग करिए।
3. R - (Recycle)- पुन:चक्रित करिए।
4. R - (Recover)- पुनः प्राप्त करिए।
Answer: ये 4R पर्यावरण संरक्षण के मुख्य सिद्धांत हैं। Reduce का अर्थ है चीजों का कम इस्तेमाल करना, Reuse का अर्थ है चीजों को दोबारा इस्तेमाल करना, Recycle का अर्थ है पुरानी चीजों से नई चीजें बनाना, और Recover का अर्थ है ऊर्जा या मूल्यवान सामग्री वापस प्राप्त करना। यह सब कचरा कम करने और संसाधनों को बचाने में मदद करता है।
In simple words: 4R का मतलब है - चीजें कम इस्तेमाल करो, दोबारा इस्तेमाल करो, पुरानी चीजों से नया बनाओ और ऊर्जा वापस पाओ, ताकि हम धरती को बचा सकें।

🎯 Exam Tip: 4R सिद्धांतों के प्रत्येक शब्द (Reduce, Reuse, Recycle, Recover) और उसके अर्थ को याद रखें, क्योंकि यह पर्यावरण संबंधी प्रश्नों में महत्वपूर्ण है।

 

Question 7. क्या आप मानते हैं कि "संश्लेषित रेशों का औद्योगिक निर्माण वास्तव में वनों के संरक्षण में सहायक हो रहा है।” टिप्पणी कीजिए।
Answer: हाँ, यह कथन सही है कि संश्लेषित रेशों का औद्योगिक उत्पादन वास्तव में वनों के संरक्षण में मदद करता है। इसका कारण यह है कि संश्लेषित रेशे बनाने के लिए पेड़ों को काटने या जानवरों का शिकार करने की जरूरत नहीं होती है। ये रेशे विभिन्न रसायनों से बनाए जाते हैं, जो अक्सर पेट्रोलियम उत्पादों से प्राप्त होते हैं, और इन्हें कृत्रिम तरीकों से तैयार किया जाता है। इस तरह, प्राकृतिक रेशों पर निर्भरता कम होती है और वनों की कटाई रुकती है।
In simple words: हाँ, संश्लेषित रेशे जंगल बचाने में मदद करते हैं क्योंकि उन्हें बनाने के लिए पेड़ नहीं काटने पड़ते और न ही जानवरों को मारना पड़ता है।

🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में, संश्लेषित रेशों के निर्माण में प्राकृतिक संसाधनों (पेड़ों) की अनुपयोगिता को मुख्य बिंदु के रूप में उजागर करें।

 

Question 8. उदाहरण देकर प्रदर्शित कीजिए कि प्लास्टिक की प्रकृति अक्रियाशील होती है।
Answer: प्लास्टिक की प्रकृति अक्रियाशील होती है, जिसका अर्थ है कि यह जल और वायु जैसे पदार्थों के साथ आसानी से प्रतिक्रिया नहीं करता। यह धातु की तरह जंग नहीं लगता और न ही आसानी से सड़ता है। इस गुण के कारण, प्लास्टिक विभिन्न प्रकार के उपयोगों में आता है:
1. विभिन्न रसायनों को सुरक्षित रूप से रखने के लिए प्लास्टिक के कंटेनर का उपयोग किया जाता है, क्योंकि प्लास्टिक उनसे प्रतिक्रिया नहीं करता।
2. सभी प्रकार के भोजन को प्लास्टिक के बर्तनों में भंडारित किया जाता है क्योंकि यह रखे हुए भोजन से कोई अभिक्रिया नहीं करता है, जिससे भोजन सुरक्षित रहता है।
3. अचार और पानी को भी प्लास्टिक के पात्रों में सुरक्षित रूप से भंडारित किया जाता है, क्योंकि प्लास्टिक उनके स्वाद या गुणवत्ता को प्रभावित नहीं करता है।
In simple words: प्लास्टिक पानी या हवा से खराब नहीं होता, इसलिए इसका उपयोग खाना, पानी और रसायन रखने के लिए होता है क्योंकि यह उनसे कोई क्रिया नहीं करता।

🎯 Exam Tip: प्लास्टिक की अक्रियाशील प्रकृति को सिद्ध करने के लिए खाद्य पदार्थों, रसायनों और पानी के भंडारण के उदाहरणों का उपयोग करें।

 

Question 9. प्लास्टिक कितने प्रकार के होते हैं? प्रत्येक प्रकार के प्लास्टिक के दो-दो उदाहरण दीजिए।
Answer: प्लास्टिक मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:
• थर्मोप्लास्टिक
• थर्मोसेटिंग प्लास्टिक
थर्मोप्लास्टिक के उदाहरण हैं:
• पॉलिथीन
• पीवीसी
थर्मोसेटिंग प्लास्टिक के उदाहरण हैं:
• बैकेलाइट
• मैलामाइन
ये प्रकार उनके गर्मी के प्रति प्रतिक्रिया और उनकी आणविक संरचना के आधार पर अलग-अलग होते हैं।
In simple words: प्लास्टिक दो तरह के होते हैं - थर्मोप्लास्टिक (जैसे पॉलिथीन) और थर्मोसेटिंग प्लास्टिक (जैसे बैकेलाइट)।

🎯 Exam Tip: प्लास्टिक के दोनों मुख्य प्रकारों के नाम याद रखें और प्रत्येक के लिए कम से कम दो-दो सही उदाहरण अवश्य दें।

 

Question 10. डेकरॉन अथवा पॉलीएस्टर के विशिष्ट गुण लिखिए।
Answer: डेकरॉन, जिसे पॉलिएस्टर भी कहा जाता है, के विशिष्ट गुण इस प्रकार हैं:
1. इससे बने कपड़ों में आसानी से सिलवटें नहीं पड़ती हैं, जिससे वे हमेशा साफ-सुथरे दिखते हैं।
2. यह सपाट रहता है और आसानी से धुल जाता है, जिससे इसका रखरखाव आसान होता है।
3. पॉलिएस्टर के रेशे बहुत मजबूत होते हैं, जिसके कारण इससे बने वस्त्र अत्यधिक टिकाऊ होते हैं और लंबे समय तक चलते हैं।
4. पॉलिएस्टर के रेशे बहुत कम पानी सोखते हैं, इसलिए इससे बने कपड़े धोने के बाद जल्दी सूख जाते हैं।
5. पॉलिएस्टर के रेशों पर कपड़ों में लगने वाले कीड़ों (जैसे शलभ) और साधारण रसायनों का कोई असर नहीं होता, जिससे कपड़े लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं।
In simple words: डेकरॉन के कपड़े आसानी से सिलवटें नहीं पड़ते, जल्दी सूख जाते हैं, बहुत मजबूत होते हैं और उन पर कीड़े या रसायन का असर नहीं होता।

🎯 Exam Tip: पॉलिएस्टर (डेकरॉन) के गुणों को याद रखें, विशेषकर शिकन-प्रतिरोध, स्थायित्व, और कम जल अवशोषण, जो इसे कपड़ों के लिए आदर्श बनाते हैं।

 

Question 11. प्लास्टिक के विशिष्ट गुण-धर्म बतलाइए।
Answer: प्लास्टिक के विशिष्ट गुण-धर्म इस प्रकार हैं:
1. विद्युत एवं ऊष्मा का कुचालक: प्लास्टिक बिजली और गर्मी का कुचालक होता है, इसलिए इसका उपयोग बिजली के तारों पर आवरण और बर्तनों के हैंडल बनाने में होता है।
2. अक्रियाशील: यह जल, वायु और रसायनों के साथ आसानी से प्रतिक्रिया नहीं करता, जिससे यह टिकाऊ होता है और इसमें चीजें सुरक्षित रहती हैं।
3. अत्यधिक ताप सहने की क्षमता: कुछ प्रकार के प्लास्टिक (जैसे थर्मोसेटिंग) अत्यधिक ताप को सह सकते हैं।
4. हल्का और सस्ता: प्लास्टिक धातुओं की तुलना में हल्का और सस्ता होता है, जिससे इसका उपयोग कई उत्पादों में बढ़ता जा रहा है।
इन गुणों के कारण वर्तमान में प्लास्टिक का उपयोग दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
In simple words: प्लास्टिक बिजली और गर्मी को रोक लेता है, पानी और हवा से खराब नहीं होता, हल्का और सस्ता होता है, और यह गर्मी सह सकता है।

🎯 Exam Tip: प्लास्टिक के गुणों को बताते समय, उसके कुचालक, अक्रियाशील, टिकाऊ और हल्के होने पर विशेष ध्यान दें।

 

Question 12. थर्मोसेटिंग या ताप दृढ़ प्लास्टिक किसे कहते हैं? समझाइये। थर्मोसेटिंग प्लास्टिक के दो उपयोग लिखिए।
Answer: थर्मोसेटिंग प्लास्टिक वे होते हैं जिन्हें एक बार गर्म करके साँचे में ढाल दिया जाता है तो वे स्थायी रूप से कठोर हो जाते हैं। इन प्लास्टिक्स को फिर से गर्म करने पर नरम नहीं किया जा सकता और न ही उनका आकार बदला जा सकता है। इनकी आणविक संरचना क्रॉस-लिंक्ड होती है।
उपयोग:
1. बिजली के स्विच बनाने में, क्योंकि यह बिजली का कुचालक होता है और गर्मी से खराब नहीं होता।
2. गाड़ियों की बैटरियाँ बनाने में, क्योंकि यह रसायनों और गर्मी का प्रतिरोध करता है।
यह इसकी कठोरता और गर्मी सहने की क्षमता के कारण है।
In simple words: थर्मोसेटिंग प्लास्टिक एक बार गरम होकर सख्त हो जाता है और फिर से पिघलाया या मोड़ा नहीं जा सकता; इसका उपयोग स्विच और बैटरी बनाने में होता है।

🎯 Exam Tip: थर्मोसेटिंग प्लास्टिक की मुख्य विशेषता "एक बार गर्म होकर स्थायी रूप से कठोर होना" है। इसके उपयोगों में ऐसे उत्पाद शामिल होते हैं जहाँ उच्च गर्मी और बिजली प्रतिरोध की आवश्यकता होती है।

 

Question 13. कपड़ों की कतरनों तथा पुराने ऊनी धागों से बनने गली एक उपयोगी वस्तु का चित्र बनाइए।
Answer: कपड़ों की कतरनों तथा पुराने ऊनी धागों से एक उपयोगी और सुंदर आसन (गलीचा) बनाया जा सकता है। इस आसन में अलग-अलग रंगों के कपड़े और धागे इस्तेमाल करके उसे आकर्षक रूप दिया जाता है। यह आसन घर में सजावट के लिए और बैठने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
In simple words: पुराने कपड़ों और ऊनी धागों से एक रंगीन और उपयोगी आसन (छोटा गलीचा) बनाया जा सकता है।

🎯 Exam Tip: पुराने कपड़ों और धागों से बनाई जा सकने वाली उपयोगी वस्तुओं के कुछ उदाहरण याद रखें, जैसे आसन, थैले या सजावटी वस्तुएं, जो पुनर्चक्रण के महत्व को दर्शाती हैं।

 

Question 14. बेकार पड़ी प्लास्टिक की बोतल से आपके द्वारा निर्मित सजावट की वस्तु का चित्र बनाइए।
Answer: विद्यार्थी अपने आस-पास बेकार पड़ी प्लास्टिक की बोतलों का उपयोग करके एक सुन्दर सजावट की वस्तु बना सकते हैं, जैसे एक पेन स्टैंड या कोई कलात्मक पौधा गमला। इस प्रक्रिया से वे रचनात्मकता दिखाते हुए कचरे को उपयोगी बना सकते हैं। यह हमें बेकार चीजों से नई चीजें बनाने की प्रेरणा देता है।
In simple words: एक खाली प्लास्टिक की बोतल से कोई सुंदर सजावटी चीज बनाएँ और उसका चित्र बनाएँ।

🎯 Exam Tip: चित्र बनाते समय वस्तु की उपयोगिता और सुंदरता दोनों पर ध्यान दें। रंगों का सही इस्तेमाल करके चित्र को आकर्षक बनाएँ।

 

Question 15. बेकार पड़ी प्लास्टिक की चम्मचों से आपके द्वारा निर्मित सजावट की वस्तु का चित्र बनाइए।
Answer: विद्यार्थी बेकार प्लास्टिक की चम्मचों को इकट्ठा करके एक अनूठी सजावटी वस्तु का चित्र बना सकते हैं, जैसे फूल, दीपक या कोई जानवर का मॉडल। इससे न केवल कचरे का पुनर्चक्रण होता है, बल्कि कलात्मक कौशल भी बढ़ता है। ऐसी वस्तुओं से घर को सजाना पर्यावरण के लिए भी अच्छा होता है।
In simple words: खाली प्लास्टिक की चम्मचों का इस्तेमाल करके कोई सजावटी चीज बनाएँ और उसका चित्र बनाएँ।

🎯 Exam Tip: अपने चित्र में स्पष्टता लाने के लिए चम्मचों के आकार और उनकी व्यवस्था को ठीक से दर्शाएँ। रचनात्मकता का उपयोग करें।

 

Question 16. प्लास्टिक की दो बेकार बोतलों के द्वारा निर्मित किसी उपयोगी वस्तु का चित्र बनाइए।
Answer: विद्यार्थी दो बेकार प्लास्टिक की बोतलों को जोड़कर कोई उपयोगी वस्तु बना सकते हैं, जैसे कि पौधों के लिए एक छोटा हैंगिंग गार्डन या पेंसिल रखने का डिब्बा। इस तरह की गतिविधियाँ हमें सिखाती हैं कि कैसे कचरे को कम करके पर्यावरण को बचाया जा सकता है। यह अपशिष्ट को पुन:उपयोग करने का एक शानदार तरीका है।
In simple words: दो खाली प्लास्टिक की बोतलों से कोई काम की चीज बनाएँ और उसका चित्र बनाएँ।

🎯 Exam Tip: चित्र बनाते समय वस्तु की कार्यक्षमता (वह कैसे काम करेगी) और स्थिरता (वह कितनी मजबूत होगी) को स्पष्ट रूप से दिखाएँ।

 

निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. संश्लेषित रेशों के प्रमुख गुणों एवं अवगुणों का वर्णन कीजिए।
Answer: संश्लेषित रेशे मानव द्वारा बनाए गए रेशे होते हैं जिनके अपने विशेष गुण और अवगुण होते हैं। इन गुणों और अवगुणों को समझना हमारे लिए बहुत ज़रूरी है।
संश्लेषित रेशों के गुण:
(1) इन रेशों से बने कपड़े सूती कपड़ों से जल्दी सूख जाते हैं क्योंकि ये पानी बहुत कम सोखते हैं।
(2) संश्लेषित धागा बहुत चमकीला और मुलायम होता है, जो कपड़ों को सुंदर दिखाता है।
(3) इन धागों से बने कपड़ों में कीड़ा नहीं लगता है, जिससे कपड़े लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं।
(4) संश्लेषित रेशों का उपयोग करना आसान और सस्ता होता है।
(5) इनकी देखभाल करना भी आसान होता है, क्योंकि ये कम रखरखाव माँगते हैं।
संश्लेषित रेशों की कमियाँ/अवगुण:
(1) संश्लेषित रेशे बहुत जल्दी आग पकड़ लेते हैं। यदि कपड़ों में आग लग जाए, तो ये पिघलकर शरीर से चिपक सकते हैं, जो खतरनाक होता है।
(2) संश्लेषित रेशों से बने कपड़े प्राकृतिक रेशों की तरह पसीना नहीं सोखते हैं, जिससे गर्मी में असहज महसूस हो सकता है।
(3) गर्मियों में ये रेशे शरीर से चिपक जाते हैं, क्योंकि ये हवा को आर-पार नहीं जाने देते।
In simple words: मानव निर्मित रेशों में बहुत अच्छे गुण होते हैं जैसे वे जल्दी सूखते हैं और मजबूत होते हैं, लेकिन उनके कुछ अवगुण भी हैं जैसे वे जल्दी आग पकड़ते हैं और गर्मी में पसीना नहीं सोखते।

🎯 Exam Tip: गुणों और अवगुणों को अलग-अलग शीर्षकों के तहत सूचीबद्ध करें और प्रत्येक बिंदु को स्पष्ट रूप से समझाएँ ताकि पूरा उत्तर आसानी से समझ आ सके।

 

Question 2. विभिन्न क्षेत्रों में प्लास्टिक के अनुप्रयोग बतलाइए। अथवा प्लास्टिक के कोई चार अनुप्रयोग लिखिए।
Answer: प्लास्टिक आज हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा बन गया है और इसका उपयोग कई अलग-अलग क्षेत्रों में होता है। इसकी बहुमुखी प्रतिभा के कारण यह बहुत लोकप्रिय है।
विभिन्न क्षेत्रों में प्लास्टिक के अनुप्रयोग:
1. **विद्युतरोधी गुण:** प्लास्टिक बिजली का कुचालक होता है, इसलिए बिजली के तारों पर प्लास्टिक का आवरण चढ़ाकर उन्हें सुरक्षित बनाया जाता है। इससे हमें करंट लगने का खतरा नहीं होता।
2. **रसोई और उपकरण:** खाना बनाने के अनेक बर्तन जैसे प्रेशर कुकर, फ्राई पैन और बिजली के उपकरण जैसे इस्त्री, केटली के हत्थे बेकेलाइट प्लास्टिक से बने होते हैं। यह उन्हें गर्म होने से बचाता है।
3. **भंडारण:** घर और दुकानों में विभिन्न प्रकार के रसायन, अचार, मसाले, तेल के डिब्बे और तेजाब को रखने के लिए प्लास्टिक के बर्तनों का उपयोग किया जाता है। प्लास्टिक इन चीज़ों से क्रिया नहीं करता।
4. **कृषि:** कृषि के क्षेत्र में सिंचाई के लिए उपयोग किए जाने वाले पाइप प्लास्टिक के बने होते हैं। ये हल्के, सस्ते और जंगरोधी होते हैं।
In simple words: प्लास्टिक का उपयोग बिजली के तारों पर, रसोई के बर्तनों में, सामान रखने के लिए और खेतों में पाइप के रूप में होता है।

🎯 Exam Tip: प्लास्टिक के गुणों (जैसे हल्कापन, विद्युतरोधी, अक्रियाशीलता) को ध्यान में रखते हुए उसके विभिन्न उपयोगों को समझाएँ और हर उपयोग के लिए एक स्पष्ट उदाहरण दें।

 

Question 3. आपके विचार में प्राकृतिक रेशों तथा संश्लेषित रेशों में क्या अन्तर हो सकते हैं?
Answer: प्राकृतिक रेशे हमें पौधों और जानवरों से मिलते हैं, जबकि संश्लेषित रेशे कारखानों में रसायन से बनाए जाते हैं। इन दोनों में कई मुख्य अंतर होते हैं जो उनकी उपयोगिता को प्रभावित करते हैं। प्राकृतिक रेशे हवादार होते हैं, जबकि संश्लेषित रेशे अक्सर पानी प्रतिरोधी होते हैं।

प्राकृतिक रेशे (रुई, ऊन तथा रेशम)संश्लिष्ट रेशे (नाइलॉन तथा पॉलिएस्टर)
1.प्राकृतिक रेशे कम मजबूत होते हैं, इसलिए इनसे बने कपड़े कम टिकाऊ होते हैं और जल्दी फट सकते हैं।संश्लेषित रेशे बहुत अधिक मजबूत होते हैं, इसलिए इनसे बने कपड़े बहुत टिकाऊ होते हैं और लंबे समय तक चलते हैं।
2.प्राकृतिक रेशे बहुत अधिक पानी सोखते हैं, जिस कारण इन्हें धोने के बाद सूखने में अधिक समय लगता है।संश्लेषित रेशे बहुत कम पानी सोखते हैं, इसलिए इनसे बने कपड़े धोने के बाद जल्दी सूख जाते हैं।
3.प्राकृतिक रेशे कपड़ों के कीड़ों (शलभ) तथा साधारण रसायनों के प्रभाव से खराब हो सकते हैं।संश्लेषित रेशों पर कपड़ों के कीड़ों (शलभ) तथा साधारण रसायनों का कोई असर नहीं होता है।
In simple words: प्राकृतिक रेशे (जैसे रुई) उतने मजबूत नहीं होते और पानी ज़्यादा सोखते हैं, जबकि मानव निर्मित रेशे (जैसे नायलॉन) बहुत मजबूत होते हैं और पानी कम सोखते हैं।

🎯 Exam Tip: तुलना वाले प्रश्नों के लिए हमेशा एक तालिका (टेबल) का उपयोग करें। यह आपके उत्तर को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित बनाता है, जिससे अच्छे अंक मिलते हैं।

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