RBSE Solutions Class 8 Science Chapter 2 धातु और अधातु

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Detailed Chapter 2 धातु और अधातु RBSE Solutions for Class 8 Science

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Class 8 Science Chapter 2 धातु और अधातु RBSE Solutions PDF

पृष्ठ 15

 

Question 1. द्युति (चमक) के आधार पर पदार्थों की पहचान करने का प्रयास कीजिए तथा निम्न सारणी में सारणीबद्ध कीजिए।
Answer: सारणी-द्युति (चमक) के आधार पर पदार्थों की पहचान

क्र.सं.पदार्थ का नामचमकदार या चमकरहित
1.ताँबे का लोटाचमकदार
2.ऐलुमिनियम की शीटचमकदार
3.कोयले का चूर्णचमकरहित
4.मिट्टीचमकरहित
5.लकड़ी की कुर्सीचमकरहित

In simple words: पदार्थों को उनकी चमक के आधार पर पहचानना था। ताँबा और ऐलुमिनियम जैसी धातुएँ चमकदार होती हैं, जबकि कोयला, मिट्टी और लकड़ी जैसी चीजें चमकदार नहीं होतीं।

🎯 Exam Tip: जब भी किसी पदार्थ के गुणधर्मों के आधार पर वर्गीकरण करने को कहा जाए, तो उस गुण को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें और फिर उदाहरणों के साथ सारणी बनाकर दिखाएँ।

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

सही विकल्प का चयन कीजिए

 

Question 1. वह धातु जो सामान्य ताप पर द्रव अवस्था में पाई जाती है
(a) सोडियम
(b) मैग्नीशियम
(c) पारा
(d) ऐलुमिनियम
Answer: (c) पारा
In simple words: पारा (मर्करी) एक ऐसी धातु है जो कमरे के सामान्य तापमान पर भी तरल अवस्था में रहती है। यह थर्मामीटर में उपयोग होती है।

🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्न धातुओं और अधातुओं के असामान्य गुणों पर आधारित होते हैं। कुछ धातुएँ बहुत मुलायम होती हैं (जैसे सोडियम, पोटैशियम) और कुछ अधातुएँ (जैसे ग्रेफाइट, आयोडीन) चमकदार या सुचालक होती हैं, जो इनके सामान्य गुणों से अलग हैं।

 

Question 2. सक्रिय अधातु जो वायु में खुला रखने पर आग पकड़ लेती है, वह है
(a) सोडियम
(b) पोटेशियम
(c) फास्फोरस
(d) जिंक
Answer: (c) फास्फोरस
In simple words: फास्फोरस एक बहुत ही क्रियाशील अधातु है। अगर इसे हवा में खुला छोड़ दिया जाए तो यह तुरंत आग पकड़ लेती है, इसलिए इसे पानी में रखा जाता है ताकि यह ऑक्सीजन के संपर्क में न आए।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि सोडियम और पोटैशियम धातुएँ भी बहुत क्रियाशील होती हैं और उन्हें मिट्टी के तेल में रखा जाता है, लेकिन फास्फोरस एक अधातु है और इसे पानी में रखा जाता है।

 

Question 3. निम्नलिखित में से कौनसी धातु सबसे अधिक अभिक्रियाशील है
(a) सोना
(b) सोडियम
(c) मैग्नीशियम
(d) चाँदी
Answer: (b) सोडियम
In simple words: इन सभी धातुओं में से सोडियम सबसे ज्यादा क्रियाशील धातु है। यह हवा और पानी के साथ बहुत तेजी से प्रतिक्रिया करती है।

🎯 Exam Tip: धातुओं की क्रियाशीलता श्रेणी को याद रखना महत्वपूर्ण है। सबसे ऊपर वाली धातुएँ सबसे अधिक क्रियाशील होती हैं, जैसे पोटैशियम और सोडियम।

 

Question 4. धातुएँ ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके बनाती हैं
(a) अम्लीय ऑक्साइड
(b) क्षारीय ऑक्साइड
(c) उदासीन ऑक्साइड
(d) कोई क्रिया नहीं करतीं
Answer: (b) क्षारीय ऑक्साइड
In simple words: जब धातुएँ ऑक्सीजन के साथ मिलती हैं, तो वे एक खास तरह के यौगिक बनाती हैं जिन्हें ऑक्साइड कहते हैं। ये ऑक्साइड आमतौर पर क्षारीय गुण दिखाते हैं, मतलब वे पानी में घुलने पर क्षार बनाते हैं।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि अधातुएँ ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके अम्लीय या उदासीन ऑक्साइड बनाती हैं। यह धातुओं और अधातुओं के बीच एक मुख्य अंतर है।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

 

Question 1. शुद्ध सोना ________ कैरेट वाला होता है।
Answer: 24
In simple words: शुद्ध सोने को 24 कैरेट का माना जाता है, जो इसकी उच्चतम शुद्धता को दिखाता है।

🎯 Exam Tip: आभूषण बनाने के लिए शुद्ध सोना बहुत नरम होता है, इसलिए इसे मजबूत बनाने के लिए इसमें ताँबा या चाँदी जैसी अन्य धातुएँ मिलाई जाती हैं, जिससे इसका कैरेट कम हो जाता है (जैसे 22 कैरेट या 18 कैरेट)।

 

Question 2. अम्लों के साथ धातु की अभिक्रिया से ________ गैस मुक्त होती है।
Answer: हाइड्रोजन
In simple words: जब धातुएँ अम्लों के साथ प्रतिक्रिया करती हैं, तो उनमें से हाइड्रोजन गैस निकलती है। यह एक सामान्य रासायनिक अभिक्रिया है।

🎯 Exam Tip: यह अभिक्रिया एक पॉप ध्वनि के साथ हाइड्रोजन गैस मुक्त करती है, जब एक जलती हुई माचिस की तीली को गैस के पास लाया जाता है।

 

Question 3. धातुएँ ऊष्मा एवं विद्युत की ________ होती हैं।
Answer: सुचालक
In simple words: धातुएँ गर्मी और बिजली दोनों को आसानी से अपने अंदर से गुजरने देती हैं, इसलिए उन्हें सुचालक कहते हैं।

🎯 Exam Tip: इसी गुण के कारण धातुओं का उपयोग बिजली के तारों और खाना पकाने के बर्तनों में किया जाता है।

 

Question 4. अधातुओं के ऑक्साइड प्राय ________ गुणधर्म वाले होते हैं।
Answer: अम्लीय
In simple words: अधातुएँ जब ऑक्सीजन से मिलती हैं, तो जो ऑक्साइड बनाती हैं वे अधिकतर अम्लीय गुण वाले होते हैं।

🎯 Exam Tip: धातु ऑक्साइड क्षारीय होते हैं, जबकि अधातु ऑक्साइड अम्लीय या उदासीन होते हैं। यह एक महत्वपूर्ण भेद है।

 

Question 3. निम्न में से कौनसा कथन सही है
(a) सभी धातुएँ तन्य होती हैं।
(b) सभी अधातुएँ तन्य होती हैं।
(c) सामान्यतः धातुएँ तन्य होती हैं।
(d) कुछ अधातुएँ तन्य होती हैं।
Answer: (c) सामान्यतः धातुएँ तन्य होती हैं
In simple words: ज्यादातर धातुएँ ऐसी होती हैं जिन्हें खींचकर पतले तार बनाए जा सकते हैं, इस गुण को तन्यता कहते हैं।

🎯 Exam Tip: 'तन्यता' और 'आघातवर्धनीयता' धातुओं के महत्वपूर्ण भौतिक गुण हैं। आघातवर्धनीयता का अर्थ है पीटकर पतली चादर बनाना।

 

Question 4. निम्र में से किस धातु को चाकू से आसानी से काटा जा सकता है
(a) सोडियम
(b) मर्करी
(c) कॉपर
(d) आयरन
Answer: (a) सोडियम
In simple words: सोडियम एक ऐसी धातु है जो इतनी नरम होती है कि इसे चाकू से आसानी से काटा जा सकता है, जबकि ज्यादातर धातुएँ कठोर होती हैं।

🎯 Exam Tip: पोटैशियम भी एक नरम धातु है जिसे चाकू से काटा जा सकता है। यह धातुओं के सामान्य कठोरता के गुण का अपवाद है।

 

Question 5. विद्युत का सर्वोत्तम चालक है
(a) सिल्वर
(b) लैड
(c) कॉपर
(d) ऐलुमिनियम
Answer: (a) सिल्वर
In simple words: सिल्वर (चाँदी) धातु बिजली की सबसे अच्छी सुचालक होती है, जिसका मतलब है कि यह बिजली को सबसे अच्छे से अपने अंदर से जाने देती है।

🎯 Exam Tip: हालाँकि सिल्वर सबसे अच्छा सुचालक है, इसका उपयोग तारों में कम होता है क्योंकि यह बहुत महँगा होता है। कॉपर और ऐलुमिनियम सस्ते और अच्छे सुचालक होने के कारण तारों में अधिक उपयोग किए जाते हैं।

 

Question 7. अधातुएँ ऑक्सीजन से क्रिया करके बनाती हैं
(a) अम्लीय ऑक्साइड
(b) क्षारीय ऑक्साइड
(c) उदासीन ऑक्साइड
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं
Answer: (a) अम्लीय ऑक्साइड
In simple words: जब अधातुएँ ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करती हैं, तो वे ऐसे ऑक्साइड बनाती हैं जिनमें अम्लीय गुण होते हैं।

🎯 Exam Tip: यह धातुओं से अलग है, क्योंकि धातुएँ ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके क्षारीय ऑक्साइड बनाती हैं।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

 

Question 1. अधिकांश ________ तनु अम्लों के साथ अभिक्रिया नहीं करती हैं।
Answer: अधातुएँ
In simple words: ज्यादातर अधातुएँ हल्के अम्लों के साथ कोई प्रतिक्रिया नहीं करती हैं।

🎯 Exam Tip: यह धातुओं से अलग है, क्योंकि धातुएँ आमतौर पर अम्लों के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस मुक्त करती हैं।

 

Question 2. अधिकांश धातुओं के गलनांक ________ होते हैं।
Answer: उच्च
In simple words: ज्यादातर धातुओं को पिघलाने के लिए बहुत अधिक तापमान की जरूरत होती है, यानी उनके गलनांक ऊँचे होते हैं।

🎯 Exam Tip: गैलियम और सीज़ियम जैसी कुछ धातुएँ अपवाद हैं, जो हथेली की गर्मी से भी पिघल जाती हैं क्योंकि उनका गलनांक बहुत कम होता है।

 

Question 3. मैग्नीशियम के ऑक्साइड की प्रकृति ________ होती है।
Answer: क्षारीय
In simple words: मैग्नीशियम का ऑक्साइड क्षारीय गुण दिखाता है, जिसका मतलब है कि यह लाल लिटमस पेपर को नीला कर देता है।

🎯 Exam Tip: धातु ऑक्साइड आमतौर पर क्षारीय होते हैं, जबकि अधातु ऑक्साइड अम्लीय होते हैं।

 

Question 4. सोडियम धातु को ________ में डुबोकर रखा जाता है।
Answer: मिट्टी के तेल
In simple words: सोडियम धातु को मिट्टी के तेल (केरोसिन) में रखा जाता है ताकि यह हवा और पानी के संपर्क में आकर प्रतिक्रिया न करे, क्योंकि यह बहुत क्रियाशील होती है।

🎯 Exam Tip: फास्फोरस जैसी सक्रिय अधातु को पानी में रखा जाता है, जबकि सोडियम और पोटैशियम जैसी सक्रिय धातुओं को मिट्टी के तेल में रखा जाता है।

 

Question 5. धातुएँ अम्लों से क्रिया कर बनाती हैं ________ गैस
Answer: हाइड्रोजन
In simple words: धातुएँ जब अम्लों के साथ प्रतिक्रिया करती हैं, तो वे हाइड्रोजन गैस बनाती हैं।

🎯 Exam Tip: यह अभिक्रिया एक पॉप ध्वनि के साथ हाइड्रोजन गैस मुक्त करती है, जब एक जलती हुई माचिस की तीली को गैस के पास लाया जाता है।

बताइए निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य

 

Question 1. कोयले को खींचकर तारें प्राप्त की जा सकती हैं।
Answer: असत्य
In simple words: कोयला एक अधातु है और यह भंगुर होता है, जिसका मतलब है कि इसे खींचकर तार नहीं बनाए जा सकते। यह टूट जाएगा।

🎯 Exam Tip: धातुओं में तन्यता (तार बनाने का गुण) और आघातवर्धनीयता (चादर बनाने का गुण) होता है, लेकिन अधातुएँ आमतौर पर भंगुर होती हैं।

 

Question 2. अधातुओं का घनत्व निम्न होता है।
Answer: सत्य
In simple words: ज्यादातर अधातुओं का घनत्व कम होता है, जिसका मतलब है कि वे धातुओं की तुलना में हल्की होती हैं।

🎯 Exam Tip: यह धातुओं से विपरीत है, जिनका घनत्व आमतौर पर उच्च होता है, जिससे वे पानी में डूब जाती हैं (अपवाद सोडियम, पोटैशियम)।

 

Question 3. गंधक विद्युत का सुचालक तथा ग्रेफाइट विद्युत का कुचालक है।
Answer: असत्य
In simple words: यह कथन गलत है। गंधक विद्युत का कुचालक होता है, जबकि ग्रेफाइट, जो एक अधातु है, विद्युत का सुचालक होता है।

🎯 Exam Tip: ग्रेफाइट कार्बन का एक अपररूप है और मुक्त इलेक्ट्रॉन होने के कारण यह अधातु होते हुए भी विद्युत का अच्छा सुचालक है।

 

Question 4. फास्फोरस जल से तीव्र अभिक्रिया करता है।
Answer: असत्य
In simple words: फास्फोरस जल से तीव्रता से अभिक्रिया नहीं करता है; बल्कि इसे वायु से बचाने के लिए पानी में रखा जाता है क्योंकि यह वायु में बहुत क्रियाशील होता है।

🎯 Exam Tip: फास्फोरस वायुमंडलीय ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके आग पकड़ लेता है, इसलिए इसे पानी में डुबोकर रखा जाता है।

सही मिलान कीजिए

 

Question 1. निम्नांकित को सही मिलान कीजिए

क्र.सं.कॉलम-1कॉलम-2
1.खाद्य सामग्री लपेटने में प्रयुक्त धातु(i) स्टेनलेस स्टील
2.मिश्र धातु(ii) सोना
3.उत्कृष्ट धातु(iii) हीरा
4.कठोर अधातु(iv) एलुमिनियम

Answer:
1. (iv) एलुमिनियम
2. (i) स्टेनलेस स्टील
3. (ii) सोना
4. (iii) हीरा
In simple words: ऐलुमिनियम का उपयोग खाना पैक करने में होता है, स्टेनलेस स्टील एक मिश्र धातु है, सोना एक उत्कृष्ट धातु है, और हीरा सबसे कठोर अधातु है।

🎯 Exam Tip: मिलान करते समय, प्रत्येक विकल्प के गुणों को ध्यान में रखें और उन्हें सही श्रेणी या उपयोग से जोड़ें।

 

Question 2. निम्नांकित का सही मिलान कीजिए

क्र.सं.कॉलम-Aकॉलम-B
1.कमरे के तापमान पर द्रव धातु(i) लैड
2.चाकू से आसानी से काटे जाने वाली धातु(ii) पारा
3.विद्युत की सुचालक अधातु(iii) ग्रेफाइट

Answer:
1. (ii) पारा
2. (i) लैड
3. (iii) ग्रेफाइट
In simple words: पारा कमरे के तापमान पर तरल होता है, लैड को चाकू से आसानी से काटा जा सकता है, और ग्रेफाइट एक ऐसी अधातु है जो बिजली का संचालन करती है।

🎯 Exam Tip: यह मिलान धातुओं और अधातुओं के विशेष गुणों पर आधारित है। अपवादों को याद रखना अक्सर ऐसे प्रश्नों में महत्वपूर्ण होता है।

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. धातुएँ सामान्यतः किस रंग की होती हैं?
Answer: धातुएँ अधिकतर रूपहली या धूसर (ग्रे) रंग की होती हैं। एक धातु, सोना, पीले रंग की होती है, जो इसे विशेष बनाती है।
In simple words: ज्यादातर धातुएँ चाँदी जैसी चमकदार या हल्के भूरे रंग की दिखती हैं।

🎯 Exam Tip: धातुओं के रंग उनके रासायनिक और भौतिक गुणों को समझने में मदद करते हैं।

 

Question 2. धातुएँ तन्य होती हैं। इससे क्या आशय है?
Answer: धातुओं में तन्यता का अर्थ है कि उन्हें खींचकर आसानी से पतले तार बनाए जा सकते हैं। इस गुण के कारण, हम धातुओं से विभिन्न प्रकार के तार बना पाते हैं।
In simple words: तन्यता का मतलब है कि धातुओं को खींचकर पतले तार बनाए जा सकते हैं।

🎯 Exam Tip: धातुओं के अन्य महत्वपूर्ण गुण आघातवर्धनीयता (चादर में बदलने का गुण) और ध्वानिकता (घंटी जैसी आवाज पैदा करने का गुण) हैं।

 

Question 3. दो ऐसी धातुओं के नाम लिखिए जो जल पर तैरती हैं।
Answer:
• सोडियम (Na)
• पोटेशियम (K)
ये दोनों धातुएँ पानी से हल्की होती हैं और पानी पर तैरती हैं, क्योंकि उनका घनत्व पानी से कम होता है।
In simple words: सोडियम और पोटैशियम ऐसी धातुएँ हैं जो पानी पर तैरती हैं।

🎯 Exam Tip: ये धातुएँ पानी पर तैरने के साथ-साथ पानी के साथ बहुत तेजी से अभिक्रिया भी करती हैं, इसलिए इन्हें मिट्टी के तेल में रखा जाता है।

 

Question 4. ऐसी कौनसी धातु है जो हथेली पर रखने पर ही पिघल जाती है जबकि धातुओं के गलनांक उच्च होते हैं?
Answer: गैलियम (Ga) और सीज़ियम (Cs) ऐसी धातुएँ हैं जिनका गलनांक बहुत कम होता है। हथेली पर रखने से शरीर की गर्मी से ही ये पिघल जाती हैं।
In simple words: गैलियम और सीज़ियम ऐसी धातुएँ हैं जो हाथ में रखने पर ही पिघल जाती हैं।

🎯 Exam Tip: यह धातुओं के सामान्य गुणधर्मों का एक महत्वपूर्ण अपवाद है, जहाँ अधिकांश धातुओं के गलनांक उच्च होते हैं।

 

Question 5. एक अधातु तथा एक धातु का नाम लिखिए जो कमरे के ताप पर द्रव है।
Answer:
अधातु- ब्रोमीन (Br)
धातु- पारा (Hg)
कमरे के तापमान पर ब्रोमीन ही एकमात्र अधातु है जो तरल अवस्था में रहती है, और पारा ही एकमात्र धातु है जो तरल अवस्था में रहती है।
In simple words: ब्रोमीन एक तरल अधातु है और पारा एक तरल धातु है, दोनों ही कमरे के तापमान पर।

🎯 Exam Tip: यह प्रश्न धातुओं और अधातुओं के भौतिक अवस्था से संबंधित विशेष उदाहरणों पर आधारित है।

 

Question 6. सामान्यतया अधातुओं में चमक का अभाव होता है। ऐसी दो अधातुओं के नाम लिखिए जिनमें चमक होती है।
Answer: आमतौर पर अधातुएँ चमकदार नहीं होतीं। लेकिन हीरा और आयोडीन ऐसी अधातुएँ हैं जिनमें चमक होती है।
In simple words: हीरा और आयोडीन ऐसी अधातुएँ हैं जो चमकदार होती हैं, जबकि ज्यादातर अधातुएँ नहीं होतीं।

🎯 Exam Tip: हीरा कार्बन का एक अपररूप है और अपनी विशेष संरचना के कारण अत्यधिक कठोर और चमकदार होता है।

 

Question 7. भंगुरता का गुण क्या है?
Answer: भंगुरता वह गुण है जिसके कारण अधातुओं को हथौड़े से पीटने पर वे टुकड़ों में टूट जाती हैं या चूर्ण में बदल जाती हैं। वे धातुओं की तरह चादर या तार में नहीं बदल सकतीं।
In simple words: भंगुरता का मतलब है कि अगर अधातु को पीटें तो वह टूट जाती है या बिखर जाती है।

🎯 Exam Tip: यह गुण अधातुओं को धातुओं से अलग करता है, क्योंकि धातुएँ आघातवर्धनीय और तन्य होती हैं।

 

Question 8. एक तत्व \( \text{X} \) को जलाने पर सफेद रंग की राख बनती है। इस अभिक्रिया को रासायनिक समीकरण दीजिए।
Answer: यह तत्व \( \text{X} \) मैग्नीशियम (Mg) धातु है। मैग्नीशियम को हवा में जलाने पर यह ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके सफेद रंग का मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) बनाता है।
अभिक्रिया का समीकरण:
\( 2\text{Mg} + \text{O}_2 \rightarrow 2\text{MgO} \)
In simple words: जब मैग्नीशियम को जलाते हैं, तो यह ऑक्सीजन से मिलकर सफेद राख बनाता है।

🎯 Exam Tip: रासायनिक अभिक्रियाओं को लिखते समय, अभिकारकों और उत्पादों को सही रासायनिक सूत्रों और संतुलित समीकरण के साथ दर्शाना महत्वपूर्ण है।

 

Question 9. दैनिक जीवन में उपयोगी दो मिश्र धातुओं के नाम लिखिए।
Answer: दैनिक जीवन में उपयोगी दो मिश्र धातुएँ हैं:
• स्टेनलेस स्टील (Stainless Steel)
• पीतल (Brass)
स्टेनलेस स्टील का उपयोग बर्तन बनाने में होता है, और पीतल का उपयोग मूर्तियाँ और सजावटी वस्तुएँ बनाने में होता है। ये मिश्र धातुएँ शुद्ध धातुओं की तुलना में अधिक मजबूत और जंग प्रतिरोधी होती हैं।
In simple words: स्टेनलेस स्टील और पीतल दो ऐसी मिश्र धातुएँ हैं जिन्हें हम रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल करते हैं।

🎯 Exam Tip: मिश्र धातुएँ दो या दो से अधिक धातुओं या धातु और अधातु के मिश्रण से बनती हैं, ताकि उनके गुणों को सुधारा जा सके।

 

Question 10. किसी मलिन धातु को रेगमाल पत्र से रगड़ने पर क्या होता है?
Answer: जब किसी मलिन (फीकी या जंग लगी) धातु को रेगमाल पत्र (सैंडपेपर) से रगड़ा जाता है, तो उस पर जमी हुई गंदगी, जंग या ऑक्साइड की परत हट जाती है। इससे धातु की अंदरूनी चमकदार सतह सामने आ जाती है और धातु में चमक आ जाती है।
In simple words: रेगमाल से रगड़ने पर धातु पर जमी गंदगी हट जाती है और वह फिर से चमकने लगती है।

🎯 Exam Tip: यह क्रिया धातुओं के संक्षारण (जंग लगने) के प्रभाव को दर्शाती है और बताती है कि कैसे धातु की सतह को साफ करके उसकी चमक को वापस लाया जा सकता है।

 

Question 11. क्या आप किसी धातु के टुकड़े को चाकू से आसानी से काट सकते हैं? दो ऐसी धातुओं के नाम बताइए जिन्हें मोम की भाँति चाकू से काटा जा सकता है।
Answer: नहीं, आमतौर पर अधिकांश धातुएँ कठोर होती हैं, इसलिए उन्हें चाकू से आसानी से काटा नहीं जा सकता। लेकिन कुछ धातुएँ इतनी नरम होती हैं कि उन्हें मोम की तरह चाकू से काटा जा सकता है। वे धातुएँ हैं:
1. सोडियम (Sodium)
2. पोटैशियम (Potassium)
ये धातुएँ रासायनिक रूप से बहुत क्रियाशील होती हैं और उन्हें मिट्टी के तेल में रखा जाता है।
In simple words: ज्यादातर धातुओं को चाकू से नहीं काट सकते, लेकिन सोडियम और पोटैशियम इतनी नरम होती हैं कि उन्हें चाकू से मोम की तरह काटा जा सकता है।

🎯 Exam Tip: यह धातुओं की कठोरता के गुण का एक महत्वपूर्ण अपवाद है।

 

Question 13. क्या आप बता सकते हैं घरों में ताँबे तथा ऐलुमिनियम के बर्तन मलिन क्यों दिखाई पड़ते हैं?
Answer: घरों में ताँबे और ऐलुमिनियम के बर्तन मलिन (फीके) इसलिए दिखाई पड़ते हैं क्योंकि ये धातुएँ वायुमंडलीय ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके अपनी सतह पर एक पतली ऑक्साइड की परत बना लेती हैं। ताँबा, कॉपर ऑक्साइड बनाता है और ऐलुमिनियम, ऐलुमिनियम ऑक्साइड बनाता है। यह ऑक्साइड परत धातु की चमक को ढक देती है, जिससे बर्तन फीके लगने लगते हैं।
In simple words: ताँबे और ऐलुमिनियम के बर्तन हवा में मौजूद ऑक्सीजन से मिलकर अपनी सतह पर एक परत बना लेते हैं, जिससे उनकी चमक कम हो जाती है और वे फीके दिखते हैं।

🎯 Exam Tip: यह प्रक्रिया धातुओं के संक्षारण का एक उदाहरण है। नींबू या सिरके जैसे अम्लीय पदार्थों से रगड़कर इस ऑक्साइड परत को हटाया जा सकता है, जिससे धातु फिर से चमकने लगती है।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. निम्नांकित सारणी का अवलोकन कर पूर्ति कीजिए

क्र.सं.गुणधातु मेंअधातु में
1.चमक
2.कठोरता
3.तन्यता

Answer: धातु और अधातु में अंतर:

क्र.सं.गुणधातु मेंअधातु में
1.चमकचमकदार होती हैचमकदार नहीं होती है (हीरा, आयोडीन अपवाद)
2.कठोरताकठोर होती है (सोडियम, पोटैशियम अपवाद)कठोर नहीं होती है (हीरा अपवाद)
3.तन्यतातन्य होती हैतन्य नहीं होती है (भंगुर)

In simple words: धातुएँ आमतौर पर चमकदार, कठोर और तन्य होती हैं, जबकि अधातुएँ चमकदार नहीं होतीं, नरम होती हैं और तन्य नहीं होतीं (टूट जाती हैं)।

🎯 Exam Tip: धातु और अधातु के गुणों में अपवादों को हमेशा ध्यान में रखें, जैसे ग्रेफाइट की चालकता या हीरे की कठोरता।

 

Question 3. ध्वानिकता का गुण क्या है?
Answer: ध्वानिकता वह गुण है जिसके कारण धातु की वस्तुओं को किसी कठोर सतह से टकराने पर एक विशेष प्रकार की तेज ध्वनि (जैसे घंटी की आवाज) उत्पन्न होती है। इसी गुण के कारण धातुओं का उपयोग घंटी, वाद्ययंत्र और मंदिर के घंटे बनाने में किया जाता है।
In simple words: ध्वानिकता का मतलब है कि जब धातु की चीज टकराती है तो उससे घंटी जैसी आवाज आती है।

🎯 Exam Tip: अधातुओं में यह गुण नहीं होता है; वे टकराने पर नीरस ध्वनि उत्पन्न करती हैं या टूट जाती हैं।

 

Question 4. धातु किसे कहते हैं? उदाहरण द्वारा समझाइए।
Answer: धातुएँ वे पदार्थ हैं जो आमतौर पर कठोर, चमकदार, आघातवर्धनीय (पीटकर चादर बनाए जा सकने योग्य), तन्य (खींचकर तार बनाए जा सकने योग्य), ध्वानिक (आवाज उत्पन्न करने वाले), और ऊष्मा तथा विद्युत के सुचालक होते हैं। उदाहरण के लिए, लोहा (Iron), कॉपर (Copper), और ऐलुमिनियम (Aluminium) धातुएँ हैं। ये सभी गुण इन धातुओं में पाए जाते हैं।
In simple words: धातुएँ कठोर, चमकीली होती हैं, जिन्हें पीटकर चादर या खींचकर तार बना सकते हैं, और वे गर्मी-बिजली की अच्छी चालक होती हैं। जैसे- लोहा।

🎯 Exam Tip: धातुओं को उनके भौतिक और रासायनिक गुणों के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। भौतिक गुणों में चमक, कठोरता, तन्यता, आघातवर्धनीयता और चालकता शामिल हैं।

 

Question 5. अधातु किसे कहते हैं? उदाहरण द्वारा समझाइए।
Answer: अधातुएँ वे पदार्थ हैं जो आमतौर पर नरम और भंगुर होते हैं (हथौड़े से पीटने पर टूट जाते हैं), उनमें चमक नहीं होती, वे ध्वानिक नहीं होते, और ऊष्मा तथा विद्युत के कुचालक होते हैं। उदाहरण के लिए, कोयला (Carbon), सल्फर (Sulphur), ऑक्सीजन (Oxygen), और फॉस्फोरस (Phosphorus) अधातुएँ हैं। ये पदार्थ धातुओं के विपरीत गुण दिखाते हैं।
In simple words: अधातुएँ नरम होती हैं, टूट जाती हैं, चमकीली नहीं होतीं, और गर्मी-बिजली की खराब चालक होती हैं। जैसे- कोयला।

🎯 Exam Tip: अधातुओं में कुछ अपवाद भी होते हैं, जैसे हीरा जो कठोर होता है, या ग्रेफाइट जो विद्युत का सुचालक होता है।

 

Question 6. पृथ्वी की भूपर्पटी पर धातुएँ तथा अधातुएँ किन रूपों में पाई जाती हैं?
Answer: पृथ्वी की भूपर्पटी पर कुछ धातुएँ, जैसे सोना और प्लेटिनम, और कुछ अधातुएँ, जैसे सल्फर और हाइड्रोजन, स्वतंत्र रूप में पाई जाती हैं। इसका मतलब है कि ये किसी दूसरे तत्व से मिली हुई नहीं होतीं। जबकि ज्यादातर धातुएँ और अधातुएँ संयुक्त अवस्था में पाई जाती हैं, जैसे ऑक्साइड, कार्बोनेट, सल्फाइड और सल्फेट के रूप में। उदाहरण के लिए, ऐलुमिनियम, लोहा, मैंगनीज ऑक्सीजन और फॉस्फोरस जैसे तत्व यौगिकों के रूप में मिलते हैं।
In simple words: कुछ धातुएँ (सोना) और अधातुएँ (सल्फर) पृथ्वी पर अकेले मिलती हैं, लेकिन ज्यादातर धातुएँ और अधातुएँ यौगिकों (जैसे ऑक्साइड) के रूप में मिलती हैं।

🎯 Exam Tip: जो धातुएँ या अधातुएँ स्वतंत्र अवस्था में मिलती हैं, वे कम क्रियाशील होती हैं, जबकि जो संयुक्त अवस्था में मिलती हैं, वे अधिक क्रियाशील होती हैं।

 

Question 7. स्त्रियों द्वारा उपयोग में लिये जाने वाले आभूषणों तथा घरों में उपयोग में आने वाले बर्तनों पर सामान्यतः जंग नहीं लगता, ऐसा क्यों होता है?
Answer: स्त्रियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले आभूषणों और घरों में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों पर आमतौर पर जंग इसलिए नहीं लगता क्योंकि इन्हें बनाते समय मुख्य धातु के साथ एक निश्चित मात्रा में अन्य धातुएँ या अधातुएँ मिलाई जाती हैं। इस मिश्रण को मिश्र धातु कहते हैं। मिश्र धातुएँ शुद्ध धातुओं की तुलना में अधिक मजबूत और संक्षारण (जंग) प्रतिरोधी होती हैं।
In simple words: आभूषण और बर्तनों पर जंग नहीं लगता क्योंकि वे मिश्र धातु से बने होते हैं, जो शुद्ध धातु से ज्यादा मजबूत और जंग-मुक्त होती है।

🎯 Exam Tip: मिश्र धातुओं का निर्माण धातुओं के गुणों को सुधारने के लिए किया जाता है, जैसे कठोरता बढ़ाना, संक्षारण प्रतिरोध में सुधार करना और गलनांक कम करना।

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Question 1. द्युति (चमक) के आधार पर पदार्थों की पहचान करने का प्रयास कीजिए तथा निम्न सारणी में सारणीबद्ध कीजिए।
Answer: द्युति (चमक) के आधार पर पदार्थों की पहचान की जा सकती है। यहाँ कुछ पदार्थों को उनकी चमक के गुण के अनुसार सारणी में वर्गीकृत किया गया है। यह वर्गीकरण पदार्थों के भौतिक गुणों को समझने में सहायता करता है.
In simple words: आपको यह देखना है कि कौन सी चीज़ चमकती है और कौन सी नहीं, और उसे नीचे दी गई तालिका में लिखना है।

🎯 Exam Tip: भौतिक गुणों के आधार पर पदार्थों को वर्गीकृत करने के लिए अक्सर सारणी का उपयोग किया जाता है। अपनी पहचान स्पष्ट रखें।

क्र.सं.पदार्थ का नामचमकदार या चमकरहित
1.ताँबे का लोटाचमकदार
2.ऐलुमिनियम की शीटचमकदार
3.कोयले का चूर्णचमकरहित
4.मिट्टीचमकरहित
5.लकड़ी की कुर्सीचमकरहित

🎯 Exam Tip: पदार्थों की पहचान उनके भौतिक गुणों जैसे चमक, कठोरता, आदि के आधार पर की जाती है। इन गुणों को याद रखें।

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

सही विकल्प का चयन कीजिए

 

Question 1. वह धातु जो सामान्य ताप पर द्रव अवस्था में पाई जाती है
(अ) सोडियम
(ब) मैग्नीशियम
(स) पारा
(द) ऐलुमिनियम
Answer: (स) पारा
In simple words: सामान्य कमरे के तापमान पर पारा (मर्करी) ही ऐसी अकेली धातु है जो तरल रूप में मिलती है।

🎯 Exam Tip: पारा (मर्करी) कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में रहने वाली एकमात्र धातु है; यह एक महत्वपूर्ण अपवाद है जिसे याद रखना चाहिए।

 

Question 2. निम्न में से कौन अधातु है जो विद्युत का सुचालक है?
(अ) गंधक
(ब) ग्रेफाइट
(स) पारा
(द) नाइट्रोजन
Answer: (ब) ग्रेफाइट
In simple words: ग्रेफाइट एक अधातु है, लेकिन यह बिजली को अपने अंदर से जाने देता है, जो कि बाकी अधातुओं से अलग है।

🎯 Exam Tip: ग्रेफाइट एक महत्वपूर्ण अपवाद है क्योंकि यह एक अधातु होते हुए भी विद्युत का सुचालक है; इसे विशेष रूप से याद रखें।

 

Question 3. निम्नलिखित में से कौनसी धातु सबसे अधिक अभिक्रियाशील है
(अ) सोना
(ब) सोडियम
(स) मैग्नीशियम
(द) चाँदी
Answer: (ब) सोडियम
In simple words: सोडियम एक बहुत तेज़ क्रिया करने वाली धातु है, जो हवा और पानी के साथ बहुत जल्दी प्रतिक्रिया करती है।

🎯 Exam Tip: सोडियम एक अत्यंत अभिक्रियाशील धातु है, इसलिए इसे हमेशा मिट्टी के तेल (केरोसिन) में डुबोकर रखा जाता है।

 

Question 4. धातुएँ ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके बनाती हैं
(अ) अम्लीय ऑक्साइड
(ब) क्षारीय ऑक्साइड
(स) उदासीन ऑक्साइड
(द) कोई क्रिया नहीं करतीं
Answer: (ब) क्षारीय ऑक्साइड
In simple words: जब धातुएँ ऑक्सीजन के साथ मिलती हैं, तो वे क्षारीय ऑक्साइड बनाती हैं, जो पानी में घुलने पर क्षारीय घोल बनाते हैं।

🎯 Exam Tip: धातुओं के ऑक्साइड आमतौर पर क्षारीय होते हैं, जबकि अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय होते हैं। यह एक महत्वपूर्ण अंतर है।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

 

Question. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
1. शुद्ध सोना .......... कैरेट वाला होता है।
2. अम्लों के साथ धातु की अभिक्रिया से .......... गैस मुक्त होती है।
3. धातुएँ ऊष्मा एवं विद्युत की .......... होती हैं।
4. अधातुओं के ऑक्साइड प्राय .......... गुणधर्म वाले होते हैं।
Answer:
1. शुद्ध सोना **24** कैरेट वाला होता है।
2. अम्लों के साथ धातु की अभिक्रिया से **हाइड्रोजन** गैस मुक्त होती है।
3. धातुएँ ऊष्मा एवं विद्युत की **सुचालक** होती हैं।
4. अधातुओं के ऑक्साइड प्राय **अम्लीय** गुणधर्म वाले होते हैं।
In simple words: शुद्ध सोना 24 कैरेट का होता है। जब धातुएँ अम्लों से मिलती हैं, तो हाइड्रोजन गैस निकलती है। धातुएँ गर्मी और बिजली की अच्छी चालक होती हैं, और अधातुओं के ऑक्साइड अक्सर अम्लीय होते हैं।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थानों की पूर्ति करते समय, सुनिश्चित करें कि आपका उत्तर वाक्य के अर्थ और वैज्ञानिक तथ्यों के अनुरूप हो।

सही मिलान कीजिए

 

Question 1. निम्नांकित को सही मिलान कीजिए:

क्र.सं.कॉलम-Aकॉलम-B
1.उत्कृष्ट धातुअ) ग्रेफाइट
2.गंधकब) गहने
3.पारास) पेन्सिल
4.ग्रेफाइटद) तापमापी (थर्मामीटर)

Answer:
1. (ब) गहने
2. (अ) ग्रेफाइट
3. (द) तापमापी (थर्मामीटर)
4. (स) पेन्सिल
In simple words: इस मिलान में, उत्कृष्ट धातुएँ गहनों में उपयोग होती हैं, गंधक एक अधातु है, पारा तापमापी में मिलता है, और ग्रेफाइट पेन्सिल बनाने में काम आता है।

🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, एक-एक करके विकल्पों को मिलाएं और सुनिश्चित करें कि सभी जोड़े सही ढंग से मिलान किए गए हैं।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. आघातवर्धनीयता किसे कहते हैं?
Answer: आघातवर्धनीयता धातुओं का एक विशेष गुण है। इसका मतलब है कि जब धातुओं को हथौड़े से पीटा जाता है, तो वे टूटती नहीं हैं बल्कि पतली चादरों (शीट्स) में फैल जाती हैं या बढ़ती हैं। इस गुण के कारण धातुओं से विभिन्न आकार की चीजें बनाना संभव होता है.
In simple words: आघातवर्धनीयता का मतलब है कि जब धातुओं को पीटा जाता है, तो वे चादर जैसी पतली फैल जाती हैं, टूटती नहीं।

🎯 Exam Tip: आघातवर्धनीयता की परिभाषा देते समय, 'पीटने पर चादरों में बदलना' इस मुख्य बिंदु को जरूर शामिल करें।

 

Question 2. मिश्र धातु किसे कहते हैं? अथवा मिश्र धातु से आप क्या समझते हैं? दो उदाहरण भी दीजिए।
Answer: मिश्र धातु एक ऐसा मिश्रण है जो दो या दो से ज़्यादा धातुओं को एक साथ मिलाकर बनाया जाता है। कभी-कभी इसमें एक धातु और एक अधातु भी मिली होती है। इन्हें एक साथ इसलिए मिलाया जाता है ताकि एक नई धातु बने जिसमें खास और बेहतर गुण हों। यह एक तरह का समांगी मिश्रण होता है। उदाहरण के लिए, कांसा, पीतल और स्टेनलेस स्टील मिश्र धातुएं हैं, जिनमें अलग-अलग धातुओं के गुण होते हैं.
In simple words: मिश्र धातु तब बनती है जब दो या ज़्यादा धातुएँ (या धातु और अधातु) एक साथ मिलाई जाती हैं ताकि बेहतर गुणों वाली एक नई चीज़ बने। जैसे कांसा या पीतल।

🎯 Exam Tip: मिश्र धातु की परिभाषा में 'दो या दो से अधिक घटक' और 'वांछित गुणधर्म' शब्दों का उपयोग करना महत्वपूर्ण है। उदाहरण जरूर दें।

 

Question 3. पदार्थ का गलनांक किसे कहते हैं?
Answer: गलनांक वह निश्चित तापमान होता है जिस पर कोई ठोस चीज़ अपनी ठोस अवस्था से बदलकर द्रव अवस्था में आ जाती है। हर पदार्थ का गलनांक एक खास और निश्चित तापमान पर होता है। यह तापमान बताता है कि उस ठोस को पिघलने के लिए कितनी गर्मी चाहिए.
In simple words: गलनांक वह तापमान है जिस पर कोई ठोस चीज़ पिघलकर तरल बन जाती है।

🎯 Exam Tip: गलनांक की परिभाषा में 'निश्चित तापमान' और 'ठोस से द्रव अवस्था में परिवर्तन' शब्दों का उपयोग करना आवश्यक है।

 

Question 5. नींबू के शर्बत को लोहे के पात्र में क्यों नहीं रखा जाता है?
Answer: नींबू के शर्बत को लोहे के बर्तन में नहीं रखना चाहिए क्योंकि लोहा एक धातु है और नींबू का शर्बत अम्लीय होता है। जब अम्ल लोहे के संपर्क में आता है, तो वे आपस में क्रिया करते हैं। इस क्रिया से कुछ हानिकारक या जहरीले पदार्थ बन सकते हैं। ये जहरीले पदार्थ शर्बत को खराब और सेहत के लिए नुकसानदेह बना सकते हैं। इसलिए, खट्टी चीज़ों को लोहे के बर्तनों में रखने से बचना चाहिए.
In simple words: नींबू का शर्बत लोहे के बर्तन में रखने से लोहा और शर्बत आपस में मिलकर जहरीले पदार्थ बना सकते हैं, जो सेहत के लिए खराब होते हैं।

🎯 Exam Tip: धातुओं की अम्लों के साथ अभिक्रिया से बनने वाले हानिकारक उत्पादों पर ध्यान दें, विशेषकर भोजन और पेय पदार्थों के संबंध में।

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. सोडियम धातु को मिट्टी के तेल (केरोसिन) में क्यों रखा जाता है? अथवा सोडियम धातु को मिट्टी के तेल में रखा जाता है। इसके ऑक्सीजन एवं जल के सम्पर्क में आने पर क्या क्रिया होती है? क्रिया का समीकरण भी लिखिए।
Answer: सोडियम धातु बहुत ज़्यादा क्रियाशील होती है। यह हवा में मौजूद ऑक्सीजन और पानी के साथ बहुत तेज़ी से क्रिया करती है, जिससे सोडियम हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोजन गैस बनती है। यह क्रिया इतनी तेज़ होती है कि कभी-कभी आग भी लग सकती है। इसीलिए, सोडियम धातु को मिट्टी के तेल (केरोसिन) में डुबोकर रखा जाता है ताकि यह हवा और पानी के संपर्क में न आए और सुरक्षित रहे। मिट्टी का तेल इसे बाहरी तत्वों से बचाता है.
अभिक्रिया का समीकरण:
\( 2Na + 2H_2O \rightarrow 2NaOH + H_2 \)
In simple words: सोडियम हवा और पानी से बहुत जल्दी क्रिया करके आग पकड़ सकता है, इसलिए इसे मिट्टी के तेल में सुरक्षित रखते हैं।

🎯 Exam Tip: अभिक्रियाशील धातुओं के भंडारण और उनकी रासायनिक अभिक्रियाओं के समीकरण को याद रखना महत्वपूर्ण है। सोडियम के मामले में, इसकी अत्यधिक अभिक्रियाशीलता एक मुख्य बिंदु है।

 

Question 2. भौतिक गुणधर्मों के आधार पर धातुओं और अधातुओं को विभेदित कीजिए।
Answer: धातुओं और अधातुओं में उनके भौतिक गुणों के आधार पर कई अंतर होते हैं। ये अंतर हमें उन्हें पहचानने में मदद करते हैं। इन अंतरों को एक सारणी के रूप में देखा जा सकता है:

भौतिक गुणधर्मधातुएँअधातुएँ
1. ऊष्मीय एवं विद्युत चालकताधातुएँ ऊष्मा तथा विद्युत की सुचालक होती हैं।अधातुएँ ऊष्मा तथा विद्युत की कुचालक होती हैं। (ग्रेफाइट, इसका अपवाद है जो अधातु होते हुए भी विद्युत का सुचालक है।)
3. चमकधातुएँ चमकदार होती हैं तथा उन पर पॉलिश की जा सकती है।अधातुएँ सामान्यतः चमकदार नहीं होतीं तथा उन पर पॉलिश भी नहीं की जा सकती, लेकिन हीरा और आयोडीन चमकदार होते हैं।
4. भौतिक अवस्थाधातुएँ ठोस होती हैं [केवल मर्करी (पारा) को छोड़कर जो कि एक द्रव धातु है]।अधातुएँ ठोस, द्रव तथा गैसें हो सकती हैं।
5. गलनांकधातुओं के गलनांक सामान्यतः उच्च होते हैं।ग्रेफाइट एवं हीरा को छोड़कर अधातुओं के गलनांक अपेक्षाकृत निम्न होते हैं।
6. रंगधातुएँ अधिकतर रूपहली या धूसर (ग्रे) रंग की होती हैं।अधातुएँ विभिन्न रंग की होती हैं, जैसे सल्फर (पीला), फास्फोरस (लाल, सफेद)।
7. कठोरता एवं घनत्वधातुएँ प्रायः कठोर तथा अधिक घनत्व वाली होती हैं।अधातुएँ प्रायः नरम तथा कम घनत्व वाली होती हैं।
8. ध्वानिकताधातुओं में ध्वानिकता का गुण पाया जाता है।अधातुओं में ध्वानिकता का गुण नहीं होता है।

In simple words: धातुएँ आमतौर पर चमकदार, ठोस, कठोर और ध्वनि उत्पन्न करने वाली होती हैं, जबकि अधातुएँ चमकहीन, विभिन्न अवस्थाओं में, नरम और ध्वनि उत्पन्न नहीं करने वाली होती हैं। पारे को छोड़कर सभी धातुएँ ठोस होती हैं, जबकि अधातुएँ ठोस, द्रव या गैस हो सकती हैं।

🎯 Exam Tip: धातुओं और अधातुओं के भौतिक गुणों की तुलना करते समय, प्रत्येक गुण के लिए एक-एक महत्वपूर्ण अंतर बताएं। अपवादों को विशेष रूप से ध्यान में रखें।

 

Question 3. धातुओं के कोई चार उपयोग लिखिए।
Answer: धातुओं का उपयोग हमारे दैनिक जीवन में बहुत होता है। यहाँ धातुओं के कुछ उपयोग दिए गए हैं:
1. धातुएँ गर्मी की अच्छी चालक होती हैं, इसलिए इनका उपयोग खाना पकाने के बर्तनों में किया जाता है।
2. लोहे और एल्युमीनियम की चादरों का उपयोग घरों की छत बनाने में होता है ताकि वे बारिश और धूप से बचा सकें।
3. ताँबे का उपयोग बिजली के उपकरण, रेडियो, फ्रिज और बिजली के तारों में होता है, क्योंकि यह विद्युत का अच्छा चालक है।
4. सोना और चाँदी जैसी धातुएँ आभूषण और सिक्के बनाने में इस्तेमाल होती हैं।
5. पारे (Hg) का उपयोग थर्मामीटर में शरीर का तापमान मापने के लिए किया जाता है।
6. सोडियम धातु से बने यौगिक जैसे सोडियम क्लोराइड (नमक), सोडियम कार्बोनेट (धोने का सोडा) और सोडियम बाइकार्बोनेट (खाने का सोडा) रोज़मर्रा के जीवन में काम आते.
In simple words: धातुएँ बर्तन बनाने, छत डालने, बिजली के तार, गहने, थर्मामीटर और रोज़मर्रा के कई रसायन बनाने में काम आती हैं।

🎯 Exam Tip: धातुओं के उपयोगों को उनके विशेष गुणों (जैसे चालकता, चमक, अभिक्रियाशीलता) से जोड़कर याद करें ताकि आपको वे लंबे समय तक याद रहें।

 

Question 5. रासायनिक गुणधर्मों के आधार पर धातुओं और अधातुओं में अन्तर लिखिए।
Answer: धातुओं और अधातुओं के रासायनिक गुणधर्मों में महत्वपूर्ण अंतर होते हैं, जो उन्हें अलग-अलग व्यवहार करने के लिए प्रेरित करते हैं। इन अंतरों को नीचे दी गई सारणी में दर्शाया गया है:

धातुअधातु
1. धातुएँ क्षारीय ऑक्साइड बनाती हैं।1. अधातुएँ अम्लीय या उदासीन ऑक्साइड बनाती हैं।
2. धातुएँ सामान्यतः तनु अम्लों से हाइड्रोजन विस्थापित करती हैं।2. अधातुएँ तनु अम्लों में से हाइड्रोजन विस्थापित नहीं करतीं हैं।
3. धातुएँ सामान्यतः हाइड्रोजन के साथ अभिक्रिया नहीं करतीं। केवल कुछ अत्यंत अभिक्रियाशील धातुएँ ही हाइड्रोजन के साथ संयोग करके हाइड्राइड बनाती हैं।3. अधातुएँ हाइड्रोजन के साथ अभिक्रिया करके स्थायी हाइड्राइड बनाती हैं।
4. धातुएँ जल के साथ अभि-क्रिया करती हैं।4. अधातुएँ जल के साथ अभिक्रिया नहीं करतीं।

In simple words: धातुएँ आमतौर पर क्षारीय ऑक्साइड बनाती हैं और अम्लों से हाइड्रोजन हटा देती हैं, जबकि अधातुएँ अम्लीय या उदासीन ऑक्साइड बनाती हैं और अम्लों से हाइड्रोजन नहीं हटातीं। धातुएँ पानी से क्रिया करती हैं, लेकिन अधातुएँ नहीं करतीं।

🎯 Exam Tip: धातुओं और अधातुओं के रासायनिक गुणों में अंतर को याद रखने के लिए, ऑक्साइड की प्रकृति और अम्लों तथा जल के साथ उनकी अभिक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करें।

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. निम्नलिखित में से किसको पीटकर पतली चादर में परिवर्तित किया जा सकता है
(अ) जिंक
(ब) फास्फोरस
(स) सल्फर
(द) ऑक्सीजन
Answer: (अ) जिंक
In simple words: जिंक एक धातु है जिसे पीटकर पतली चादर बनाया जा सकता है क्योंकि इसमें आघातवर्धनीयता का गुण होता है।

🎯 Exam Tip: धातुओं में आघातवर्धनीयता का गुण होता है, जिससे उन्हें पीटकर चादरें बनाई जा सकती हैं। अधातुओं में यह गुण नहीं होता।

 

Question 2. सक्रिय अधातु जो वायु में खुला रखने पर आग पकड़ लेती है, वह है
(अ) सोडियम
(ब) पोटेशियम
(स) फास्फोरस
(द) जिंक
Answer: (स) फास्फोरस
In simple words: फास्फोरस एक बहुत क्रियाशील अधातु है जो हवा में रखने पर आग पकड़ लेता है, इसलिए इसे पानी में रखा जाता है।

🎯 Exam Tip: सक्रिय अधातुओं, विशेषकर फास्फोरस की वायु के प्रति अभिक्रियाशीलता को याद रखें, जिसके कारण इसे पानी में संग्रहित किया जाता है।

 

Question 3. निम्न में से कौनसा कथन सही है
(अ) सभी धातुएँ तन्य होती हैं।
(ब) सभी अधातुएँ तन्य होती हैं।
(स) सामान्यतः धातुएँ तन्य होती हैं।
(द) कुछ अधातुएँ तन्य होती हैं।
Answer: (स) सामान्यतः धातुएँ तन्य होती हैं
In simple words: ज़्यादातर धातुएँ तन्य होती हैं, जिसका मतलब है कि उन्हें खींचकर तार बनाए जा सकते हैं।

🎯 Exam Tip: तन्यता धातुओं का एक महत्वपूर्ण गुण है, लेकिन यह याद रखना चाहिए कि यह गुण सभी धातुओं में समान नहीं होता।

 

Question 4. निम्र में से किस धात को चाकू से आसानी से काटा जा सकता है
(अ) सोडियम
(ब) मर्करी
(स) कॉपर
(द) आयरन
Answer: (अ) सोडियम
In simple words: सोडियम एक नरम धातु है जिसे चाकू से आसानी से काटा जा सकता है, जो कि ज़्यादातर धातुओं से अलग है।

🎯 Exam Tip: सोडियम और पोटेशियम जैसी धातुएँ अपवाद हैं क्योंकि वे नरम होती हैं और उन्हें चाकू से काटा जा सकता है, जबकि अधिकांश धातुएँ कठोर होती हैं।

 

Question 5. विद्युत का सर्वोत्तम चालक है
(अ) सिल्वर
(ब) लैड
(स) कॉपर
(द) ऐलुमिनियम
Answer: (अ) सिल्वर
In simple words: सिल्वर (चाँदी) वह धातु है जो बिजली को सबसे अच्छे तरीके से अपने अंदर से गुज़ारती है।

🎯 Exam Tip: विद्युत चालकता की श्रेणी में, सिल्वर सबसे ऊपर है, उसके बाद कॉपर और एल्युमीनियम आते हैं।

 

Question 6. सोडियम को कहाँ रखा जाता है?
(अ) जल में
(ब) मिट्टी के तेल में
(स) पेट्रोल में
(द) ग्लिसरीन में
Answer: (ब) मिट्टी के तेल में
In simple words: सोडियम को मिट्टी के तेल में रखा जाता है ताकि यह हवा और पानी से दूर रहे और उनसे क्रिया न करे।

🎯 Exam Tip: अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुओं (जैसे सोडियम) को ऑक्सीकरण से बचाने के लिए उन्हें मिट्टी के तेल में रखा जाता है।

 

Question 7. अधातुएँ ऑक्सीजन से क्रिया करके बनाती हैं
(अ) अम्लीय ऑक्साइड
(ब) क्षारीय ऑक्साइड
(स) उदासीन ऑक्साइड
(द) उपरोक्त में से कोई नहीं
Answer: (अ) अम्लीय ऑक्साइड
In simple words: जब अधातुएँ ऑक्सीजन के साथ मिलती हैं, तो वे अम्लीय ऑक्साइड बनाती हैं, जो पानी में घुलने पर अम्लीय घोल देते हैं।

🎯 Exam Tip: धातुओं के ऑक्साइड क्षारीय होते हैं जबकि अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय होते हैं; यह रासायनिक गुणों का एक प्रमुख अंतर है।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

 

Question. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
1. अधिकांश .......... तनु अम्लों के साथ साथ अभिक्रिया नहीं करती हैं।
2. अधिकांश धातुओं के गलनांक .......... होते हैं।
3. मैग्नीशियम के ऑक्साइड की प्रकृति .......... होती है।
4. सोडियम धातु को .......... में डुबोकर रखा जाता है।
5. धातुएँ अम्लों से क्रिया कर बनाती हैं........ गैस
Answer:
1. अधिकांश **अधातुएँ** तनु अम्लों के साथ अभिक्रिया नहीं करती हैं।
2. अधिकांश धातुओं के गलनांक **उच्च** होते हैं।
3. मैग्नीशियम के ऑक्साइड की प्रकृति **क्षारीय** होती है।
4. सोडियम धातु को **मिट्टी के तेल** में डुबोकर रखा जाता है।
5. धातुएँ अम्लों से क्रिया कर **हाइड्रोजन** गैस बनाती हैं।
In simple words: अधातुएँ अम्लों से क्रिया नहीं करतीं। धातुएँ ज़्यादा तापमान पर पिघलती हैं। मैग्नीशियम ऑक्साइड क्षारीय होता है। सोडियम को केरोसिन में रखते हैं। धातुएँ अम्लों से मिलकर हाइड्रोजन गैस छोड़ती हैं।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थानों की पूर्ति करते समय, प्रत्येक कथन के वैज्ञानिक सिद्धांत को समझें ताकि सही शब्द का चयन कर सकें।

बताइए निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य

 

Question. बताइए निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य
1. कोयले को खींचकर तारें प्राप्त की जा सकती हैं।
2. अधातुओं का घनत्व निम्न होता है।
3. गंधक विद्युत का सुचालक तथा ग्रेफाइट विद्युत का कुचालक है।
4. फास्फोरस जल से तीव्र अभिक्रिया करता है।
Answer:
1. कोयले को खींचकर तारें प्राप्त की जा सकती हैं। - **असत्य** (कोयला एक अधातु है और भंगुर होता है, इसे खींचकर तार नहीं बनाए जा सकते।)
2. अधातुओं का घनत्व निम्न होता है। - **सत्य** (अधातुएँ आमतौर पर धातुओं की तुलना में कम घनी होती हैं।)
3. गंधक विद्युत का सुचालक तथा ग्रेफाइट विद्युत का कुचालक है। - **असत्य** (गंधक विद्युत का कुचालक है, जबकि ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक है।)
4. फास्फोरस जल से तीव्र अभिक्रिया करता है। - **असत्य** (फास्फोरस वायु में बहुत सक्रिय होता है और आग पकड़ लेता है, लेकिन जल के साथ तीव्र अभिक्रिया नहीं करता, इसलिए इसे जल में रखा जाता है।)
In simple words: कोयले से तार नहीं बनते (गलत)। अधातुएँ हल्की होती हैं (सही)। गंधक बिजली नहीं चलाता और ग्रेफाइट चलाता है (गलत)। फास्फोरस पानी से तेज़ी से क्रिया नहीं करता (गलत)।

🎯 Exam Tip: सत्य-असत्य प्रश्नों में, प्रत्येक कथन के पीछे के वैज्ञानिक सिद्धांत को समझें और अपवादों पर विशेष ध्यान दें (जैसे ग्रेफाइट की चालकता)।

सही मिलान कीजिए

 

Question 1. निम्नांकित को सही मिलान कीजिए

क्र.सं.कॉलम-1कॉलम-2
1.खाद्य सामग्री लपेटने में प्रयुक्त धातु(i) स्टेनलेस स्टील
2.मिश्र धातु(ii) सोना
3.उत्कृष्ट धातु(iii) हीरा
4.कठोर अधातु(iv) एलुमिनियम

Answer:
1. (iv) एलुमिनियम
2. (i) स्टेनलेस स्टील
3. (ii) सोना
4. (iii) हीरा
In simple words: खाना पैक करने में एलुमिनियम, स्टेनलेस स्टील मिश्र धातु है, सोना एक उत्कृष्ट धातु है, और हीरा एक बहुत कठोर अधातु है।

🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, पहले उन जोड़ियों को मिलाएं जिनके बारे में आप निश्चित हैं, फिर बाकी विकल्पों को हटाने की प्रक्रिया से हल करें।

 

Question 2. निम्नांकित का सही मिलान कीजिए

क्र.सं.कॉलम-Aकॉलम-B
1.कमरे के तापमान पर द्रव धातु(i) लैड
2.चाकू से आसानी से काटे जाने वाली धातु(ii) पारा
3.विद्युत की सुचालक अधातु(iii) ग्रेफाइट

Answer:
1. (ii) पारा
2. (i) लैड
3. (iii) ग्रेफाइट
In simple words: कमरे के तापमान पर पारा एक तरल धातु है। लैड एक नरम धातु है जिसे चाकू से काटा जा सकता है। ग्रेफाइट एक अधातु है जो बिजली का अच्छा चालक है।

🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, विशिष्ट गुणों और उनके संबंधित पदार्थों को सटीक रूप से पहचानना महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से अपवादों को।

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. धातुएँ सामान्यतः किस रंग की होती हैं ?
Answer: धातुएँ आमतौर पर चमकीले रूपहली (सिल्वर) या धूसर (ग्रे) रंग की होती हैं। यह उनकी सतह पर प्रकाश के परावर्तन के कारण होता है, जिससे वे चमकदार दिखती हैं.
In simple words: ज़्यादातर धातुएँ चाँदी जैसी चमकीली या ग्रे रंग की होती हैं।

🎯 Exam Tip: धातुओं के सामान्य रंग को याद रखें, क्योंकि यह उनकी पहचान के प्राथमिक भौतिक गुणों में से एक है।

 

Question 2. धातुएँ तन्य होती हैं। इससे क्या आशय है?
Answer: 'धातुएँ तन्य होती हैं' का मतलब है कि धातुओं को खींचकर पतले तार बनाए जा सकते हैं। यह धातुओं का एक खास गुण है। इस गुण के कारण ही बिजली के तार, गहने और अन्य तार वाले उत्पाद धातुओं से बनाए जाते हैं.
In simple words: तन्यता का मतलब है कि धातुओं को खींचकर पतले तार बनाए जा सकते हैं।

🎯 Exam Tip: तन्यता (Ductility) को धातुओं के एक महत्वपूर्ण गुण के रूप में याद रखें, जिसका व्यावहारिक उपयोग तारों के निर्माण में होता है।

 

Question 3. दो ऐसी धातुओं के नाम लिखिए जो जल पर तैरती हैं।
Answer: ऐसी दो धातुएँ जो जल पर तैरती हैं, वे हैं सोडियम (Na) और पोटेशियम (K)। ये धातुएँ जल पर इसलिए तैरती हैं क्योंकि इनका घनत्व जल के घनत्व से कम होता है, जिससे ये पानी में डूबने की बजाय ऊपर रहती हैं.
(i) सोडियम (Na)
(ii) पोटेशियम (K)
In simple words: सोडियम और पोटेशियम दो धातुएँ हैं जो पानी पर तैर सकती हैं क्योंकि वे पानी से हल्की होती हैं।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि सोडियम और पोटेशियम जैसी हल्की धातुएँ जल पर तैरती हैं और हवा तथा जल के प्रति अत्यधिक अभिक्रियाशील होती हैं।

 

Question 4. ऐसी कौनसी धातु है जो हथेली पर रखने पर ही पिघल जाती है जबकि धातुओं के गलनांक उच्च होते हैं?
Answer: गैलियम (Ga) एक ऐसी धातु है जो सामान्यतः कमरे के तापमान पर ठोस रहती है, लेकिन इसका गलनांक बहुत कम होता है। यह हथेली की गर्मी से ही पिघल जाती है क्योंकि हथेली का तापमान इसके गलनांक से ज़्यादा होता है.
In simple words: गैलियम एक धातु है जो हथेली पर रखने से ही पिघल जाती है, भले ही ज़्यादातर धातुएँ ऊँचे तापमान पर पिघलती हों।

🎯 Exam Tip: गैलियम जैसी धातुएँ अपवाद हैं जिनके गलनांक कम होते हैं, जबकि अधिकांश धातुओं के गलनांक उच्च होते हैं; इन अपवादों को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 5. एक अधातु तथा एक धातु का नाम लिखिए जो कमरे के ताप पर द्रव है।
Answer: कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में पाई जाने वाली एक अधातु ब्रोमीन (Br) है, और एक धातु पारा (Hg) है। ये दोनों ही अपने-अपने वर्ग के लिए अद्वितीय हैं क्योंकि अधिकांश धातुएँ और अधातुएँ कमरे के तापमान पर ठोस या गैसीय अवस्था में होती हैं.
In simple words: ब्रोमीन (Br) अकेली अधातु है और पारा (Hg) अकेली धातु है जो कमरे के तापमान पर तरल होती है।

🎯 Exam Tip: ब्रोमीन और पारा धातुओं और अधातुओं के भौतिक गुणों के महत्वपूर्ण अपवाद हैं; इन्हें विशेष रूप से याद रखें।

 

Question 6. सामान्यतया अधातुओं में चमक का अभाव होता है। ऐसी दो अधातुओं के नाम लिखिए जिनमें चमक होती है।
Answer: सामान्यतः अधातुओं में चमक नहीं होती, लेकिन आयोडीन और ग्रेफाइट दो ऐसी अधातुएँ हैं जिनमें चमक पाई जाती है। आयोडीन में धात्विक चमक होती है, और ग्रेफाइट भी चमकदार दिखता है, जो इसे अन्य अधातुओं से अलग करता है.
(i) आयोडीन
(ii) ग्रेफाइट
In simple words: ज़्यादातर अधातुएँ चमकदार नहीं होतीं, लेकिन आयोडीन और ग्रेफाइट में चमक होती है।

🎯 Exam Tip: आयोडीन और ग्रेफाइट अधातुओं के चमकहीन होने के नियम के अपवाद हैं; इन दोनों के नाम याद रखें।

 

Question 7. भंगुरता का गुण क्या है?
Answer: भंगुरता अधातुओं का एक गुण है। इसका मतलब है कि जब अधातुओं को हथौड़े से पीटा जाता है या उन पर दबाव डाला जाता है, तो वे पतली चादर में फैलने की बजाय छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाती हैं या चूर-चूर हो जाती हैं। यह धातुओं की आघातवर्धनीयता के विपरीत है.
In simple words: भंगुरता का मतलब है कि अधातुएँ पीटने पर टूटकर छोटे-छोटे टुकड़ों में बिखर जाती हैं।

🎯 Exam Tip: भंगुरता (Brittleness) को अधातुओं के एक प्रमुख गुण के रूप में परिभाषित करें और इसे धातुओं की आघातवर्धनीयता के विपरीत बताएं।

 

Question 8. एक तत्व \( \text{X} \) को जलाने पर सफेद रंग की राख बनती है। इस अभिक्रिया को रासायनिक समीकरण दीजिए।
Answer: जब किसी तत्व \( \text{X} \) को जलाया जाता है और सफेद राख बनती है, तो वह तत्व आमतौर पर मैग्नीशियम (Mg) होता है। मैग्नीशियम हवा में ऑक्सीजन के साथ क्रिया करके मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) बनाता है, जो सफेद राख के रूप में दिखाई देता है। यह एक रासायनिक अभिक्रिया है जिसमें ऊर्जा निकलती है.
रासायनिक समीकरण:
\( 2Mg + O_2 \rightarrow 2MgO \)
In simple words: तत्व \( \text{X} \) मैग्नीशियम है। इसे जलाने पर सफेद राख (मैग्नीशियम ऑक्साइड) बनती है, जिसका समीकरण \( 2Mg + O_2 \rightarrow 2MgO \) है।

🎯 Exam Tip: रासायनिक अभिक्रियाओं के समीकरणों को संतुलित करना और उत्पादों के रंग जैसे प्रेक्षणों को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 9. दैनिक जीवन में उपयोगी दो मिश्र धातुओं के नाम लिखिए।
Answer: हमारे दैनिक जीवन में उपयोगी दो प्रमुख मिश्र धातुएँ स्टेनलेस स्टील और पीतल हैं। स्टेनलेस स्टील का उपयोग बर्तन, कटलरी और उपकरणों में होता है क्योंकि यह जंग प्रतिरोधी होता है। पीतल का उपयोग मूर्तियाँ, बर्तन और सजावटी सामान बनाने में होता है क्योंकि यह मज़बूत और आकर्षक होता है.
(i) स्टेनलेस स्टील
(ii) पीतल
In simple words: स्टेनलेस स्टील और पीतल दो मिश्र धातुएँ हैं जिनका उपयोग हम रोज़मर्रा की चीज़ों में करते हैं।

🎯 Exam Tip: मिश्र धातुओं के उदाहरणों को उनके मुख्य उपयोगों के साथ याद रखें, जैसे स्टेनलेस स्टील का जंग-प्रतिरोधी होना।

 

Question 10. किसी मलिन धातु को रेगमाल पत्र से रगड़ने पर क्या होता है?
Answer: जब किसी फीकी या मलिन धातु को रेगमाल पत्र (सैंडपेपर) से रगड़ा जाता है, तो उसकी सतह पर जमी हुई धूल, गंदगी या ऑक्साइड की परत हट जाती है। इस परत के हटने के बाद धातु की असली चमकदार सतह सामने आ जाती है और धातु में फिर से चमक आ जाती है। यह प्रक्रिया धातु को साफ करके उसकी मूल चमक वापस लाती.
In simple words: रेगमाल से रगड़ने पर धातु की फीकी पड़ी हुई सतह साफ हो जाती है और उसमें वापस चमक आ जाती है।

🎯 Exam Tip: धातुओं की चमक उनके भौतिक गुणों में से एक है, और यह परत हटने पर वापस आती है, जो उनकी सतह पर ऑक्साइड जमा होने के कारण फीकी पड़ जाती है।

 

Question 11. क्या आप किसी धातु के टुकड़े को चाकू से आसानी से काट सकते हैं? दो ऐसी धातुओं के नाम बताइए जिन्हें मोम की भाँति चाकू से काटा जा सकता है।
Answer: नहीं, आमतौर पर धातुओं के टुकड़ों को चाकू से आसानी से नहीं काटा जा सकता है क्योंकि अधिकांश धातुएँ बहुत कठोर होती हैं। हालांकि, कुछ धातुएँ ऐसी होती हैं जो इतनी नरम होती हैं कि उन्हें मोम की तरह चाकू से काटा जा सकता है। ऐसी दो धातुएँ सोडियम और पोटेशियम हैं। यह उनकी कम घनत्व और अद्वितीय परमाणु संरचना के कारण होता है.
(i) सोडियम
(ii) पोटेशियम
In simple words: ज़्यादातर धातुएँ इतनी कठोर होती हैं कि उन्हें चाकू से नहीं काट सकते। पर सोडियम और पोटेशियम इतनी नरम होती हैं कि उन्हें मोम की तरह चाकू से काटा जा सकता है।

🎯 Exam Tip: सोडियम और पोटेशियम नरम धातुएँ होने के कारण धातु गुणों के महत्वपूर्ण अपवाद हैं; इन्हें चाकू से काटा जा सकता है।

 

Question 13. क्या आप बता सकते हैं घरों में ताँबे तथा ऐलुमिनियम के बर्तन मलिन क्यों दिखाई पड़ते हैं?
Answer: घरों में रखे ताँबे और एल्युमीनियम के बर्तन कुछ समय बाद फीके या मलिन दिखाई देने लगते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ये धातुएँ हवा में मौजूद ऑक्सीजन के साथ धीरे-धीरे क्रिया करती हैं। इस रासायनिक क्रिया के कारण, ताँबे की सतह पर कॉपर ऑक्साइड की परत और एल्युमीनियम की सतह पर एल्युमीनियम ऑक्साइड की परत बन जाती है। ये ऑक्साइड परतें धातुओं की मूल चमक को छिपा देती हैं, जिससे बर्तन मलिन दिखने लगते हैं। यह एक प्राकृतिक ऑक्सीकरण प्रक्रिया है.
In simple words: ताँबे और एल्युमीनियम के बर्तन हवा की ऑक्सीजन से क्रिया करके ऑक्साइड की परत बना लेते हैं, जिससे उनकी चमक चली जाती है और वे फीके दिखने लगते हैं।

🎯 Exam Tip: धातुओं का वायुमंडलीय ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके ऑक्साइड बनाना और उनकी चमक खो देना 'क्षरण' का एक उदाहरण है।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. निम्नांकित सारणी का अवलोकन कर पूर्ति कीजिए अथवा धातु और अधातु में कोई दो अन्तर लिखिए।
Answer: धातुओं और अधातुओं के भौतिक गुणों के आधार पर अंतर को नीचे दी गई सारणी में पूरा करके समझाया गया है। ये गुण दोनों प्रकार के तत्वों की विशेषताओं को दर्शाते हैं.

क्र.सं.गुणधातु मेंअधातु में
1.चमकचमक होती हैचमक नहीं होती है
2.कठोरताकठोर होते हैंकठोर नहीं होते हैं
3.तन्यतातन्य होते हैंतन्य नहीं होते हैं

In simple words: धातुएँ चमकदार, कठोर और तन्य होती हैं, जबकि अधातुएँ आमतौर पर चमकहीन, नरम और तन्य नहीं होतीं।

🎯 Exam Tip: धातुओं और अधातुओं के बीच अंतर को हमेशा सारणीबद्ध रूप में प्रस्तुत करना प्रभावी होता है, जिससे तुलना स्पष्ट हो जाती है।

 

Question 3. ध्वानिकता का गुण क्या है?
Answer: ध्वानिकता धातुओं का एक विशेष गुण है। जब धातु से बनी किसी वस्तु को किसी कठोर चीज़ से टकराया जाता है, तो उसमें से एक खास तरह की गूंजने वाली ध्वनि निकलती है। उदाहरण के लिए, मंदिरों में बजने वाली घंटियाँ धातुओं की ध्वानिकता के कारण ही इतनी मधुर ध्वनि उत्पन्न करती हैं। इस गुण को ही ध्वानिकता कहते हैं और ऐसी धातुओं को ध्वानिक कहा जाता है.
In simple words: ध्वानिकता धातुओं का वह गुण है जिससे उन्हें पीटने पर उनमें से एक गूंजने वाली आवाज़ निकलती है, जैसे घंटी बजने पर।

🎯 Exam Tip: ध्वानिकता की परिभाषा में 'गूंजने वाली ध्वनि' और 'कठोर सतह से टकराने पर' जैसे वाक्यांशों का उपयोग करना आवश्यक है।

 

Question 4. धातु किसे कहते हैं? उदाहरण द्वारा समझाइए।
Answer: धातुएँ वे पदार्थ होती हैं जो आमतौर पर कठोर, चमकीले, आघातवर्धनीय (पीटने पर फैलने वाले), तन्य (तार बनाए जा सकने वाले), ध्वानिक (आवाज करने वाले) और ऊष्मा तथा विद्युत के अच्छे सुचालक होते हैं। ये सभी गुण धातु के विशिष्ट लक्षण हैं। उदाहरण के लिए, आयरन (लोहा), कॉपर (ताँबा) और एल्युमीनियम धातुएँ हैं क्योंकि उनमें ये सभी गुण मौजूद होते हैं.
In simple words: धातुएँ वे चीज़ें हैं जो कठोर, चमकीली होती हैं, जिन्हें पीटा या खींचा जा सकता है, आवाज़ करती हैं, और गर्मी-बिजली की अच्छी चालक होती हैं। जैसे लोहा।

🎯 Exam Tip: धातुओं को परिभाषित करते समय उनके प्रमुख भौतिक गुणों (कठोरता, चमक, आघातवर्धनीयता, तन्यता, ध्वानिकता, चालकता) को शामिल करना न भूलें।

 

Question 5. अधातु किसे कहते हैं? उदाहरण द्वारा समझाइए।
Answer: अधातुएँ वे पदार्थ होती हैं जो धातुओं से गुणों में भिन्न होती हैं। ये आमतौर पर चमकहीन, नरम होती हैं, और हथौड़े से हल्की चोट मारने पर टूटकर चूर-चूर हो जाती हैं (भंगुर)। इनमें से ध्वनि नहीं निकलती (अध्वानिक) और ये ऊष्मा तथा विद्युत के कुचालक होती हैं। उदाहरण के लिए, कोयला, सल्फर, ऑक्सीजन और फॉस्फोरस अधातुएँ हैं.
In simple words: अधातुएँ वे चीज़ें हैं जो चमकहीन, नरम, भंगुर होती हैं, आवाज़ नहीं करतीं, और गर्मी-बिजली की खराब चालक होती हैं। जैसे कोयला।

🎯 Exam Tip: अधातुओं की परिभाषा में उनके प्रमुख भौतिक गुणों (चमकहीन, भंगुरता, अध्वानिकता, कुचालकता) को शामिल करें और उदाहरण दें।

 

Question 6. पृथ्वी की भूपर्पटी पर धातुएँ तथा अधातुएँ किन रूपों में पाई जाती हैं?
Answer: पृथ्वी की सबसे ऊपरी परत, जिसे भूपर्पटी कहते हैं, पर धातुएँ और अधातुएँ अलग-अलग रूपों में पाई जाती हैं। कुछ धातुएँ, जैसे सोना और प्लेटिनम, और कुछ अधातुएँ, जैसे सल्फर और हाइड्रोजन, 'स्वतंत्र अवस्था' में मिलती हैं, यानी वे किसी और तत्व के साथ नहीं जुड़ी होतीं। वहीं, ज़्यादातर धातुएँ और अधातुएँ 'संयुक्त अवस्था' में पाई जाती हैं। इसका मतलब है कि वे ऑक्साइड, कार्बोनेट, सल्फाइड और सल्फेट जैसे यौगिकों के रूप में होती हैं। उदाहरण के लिए, एल्युमीनियम, लोहा, मैंगनीज, ऑक्सीजन और फॉस्फोरस अक्सर संयुक्त रूपों में मिलते हैं.
In simple words: पृथ्वी पर धातुएँ (सोना, प्लेटिनम) और अधातुएँ (सल्फर) कभी-कभी अकेले मिलती हैं। लेकिन ज़्यादातर, वे दूसरे तत्वों से जुड़कर यौगिकों (जैसे ऑक्साइड) के रूप में पाई जाती हैं, जैसे एल्युमीनियम और लोहा।

🎯 Exam Tip: धातुओं और अधातुओं के पृथ्वी पर पाए जाने वाले दो मुख्य रूपों (स्वतंत्र और संयुक्त अवस्था) को उदाहरणों सहित समझाना महत्वपूर्ण है।

 

Question 7. स्त्रियों द्वारा उपयोग में लिये जाने वाले आभूषणों तथा घरों में उपयोग में आने वाले बर्तनों पर सामान्यतः जंग नहीं लगता, ऐसा क्यों होता है?
Answer: महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले आभूषण और घरों में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों पर आमतौर पर जंग नहीं लगता है, क्योंकि इन्हें बनाते समय केवल शुद्ध धातु का उपयोग नहीं किया जाता। बल्कि, मुख्य धातु के साथ एक या अधिक अन्य धातुएँ या अधातुएँ एक निश्चित अनुपात में मिलाई जाती हैं। इस प्रक्रिया से एक 'मिश्र धातु' बनती है, जो शुद्ध धातु की तुलना में ज़्यादा मज़बूत होती है और जंग लगने या क्षरण के प्रति अधिक प्रतिरोधी होती है। यह मिश्र धातु जंग लगने से बचाती है और चीज़ों को लंबे समय तक नया बनाए रखती है.
In simple words: गहने और बर्तन इसलिए जंग नहीं खाते क्योंकि वे शुद्ध धातु से नहीं, बल्कि मिश्र धातु से बनते हैं। मिश्र धातुएँ जंग लगने से बचाने में मदद करती हैं।

🎯 Exam Tip: मिश्र धातुओं का प्रमुख लाभ जंग (क्षरण) प्रतिरोध है; यह बताता है कि आभूषण और बर्तन क्यों टिकाऊ होते हैं।

 

Question 8. अधातुओं की जल से अभिक्रिया का वर्णन कीजिए।
Answer: सामान्य तौर पर, अधातुएँ जल के साथ कोई रासायनिक अभिक्रिया नहीं करतीं। इस कारण से, कुछ अधातुएँ जो हवा (ऑक्सीजन) के संपर्क में आने पर बहुत तेज़ी से क्रिया करती हैं या आग पकड़ लेती हैं, उन्हें जल में सुरक्षित रखा जाता है। उदाहरण के लिए, फॉस्फोरस एक अत्यंत सक्रिय अधातु है जो हवा में आसानी से आग पकड़ लेती है, इसलिए उसे जल में डुबोकर रखा जाता है ताकि वह ऑक्सीजन से दूर रहे.
In simple words: अधातुएँ पानी से क्रिया नहीं करतीं। इसलिए, जो अधातुएँ हवा में बहुत क्रियाशील होती हैं (जैसे फॉस्फोरस), उन्हें पानी में सुरक्षित रखते हैं।

🎯 Exam Tip: अधातुओं की जल के प्रति निष्क्रियता और फॉस्फोरस के विशिष्ट भंडारण के कारण को याद रखें।

 

Question 9. उत्कृष्ट धातुओं से क्या आशय है? समझाइए। कैरेट क्या है?
Answer: उत्कृष्ट धातुएँ वे धातुएँ होती हैं जिन पर हवा, पानी, अम्ल या क्षार का कोई असर नहीं पड़ता। ये धातुएँ बहुत कम रासायनिक क्रिया करती हैं, यानी वे ज़्यादा अभिक्रियाशील नहीं होतीं। सोना और चाँदी उत्कृष्ट धातुओं के अच्छे उदाहरण हैं। सोने की शुद्धता को 'कैरेट' नामक इकाई में मापा जाता है। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध सोना माना जाता है। चूंकि शुद्ध सोना बहुत नरम होता है, इसलिए गहने बनाते समय इसे थोड़ा और मज़बूत बनाने के लिए इसमें दूसरी धातुओं की थोड़ी मात्रा मिलाई जाती है। इससे सोने की शुद्धता थोड़ी कम होकर 22 या 20 कैरेट रह जाती है, लेकिन उसकी कठोरता बढ़ जाती है.
In simple words: उत्कृष्ट धातुएँ वे होती हैं जिन पर हवा, पानी या रसायन का कोई असर नहीं होता, जैसे सोना और चाँदी। कैरेट सोने की शुद्धता बताता है, 24 कैरेट सबसे शुद्ध सोना होता है।

🎯 Exam Tip: उत्कृष्ट धातुओं के गुणों (कम अभिक्रियाशीलता) और कैरेट के अर्थ (सोने की शुद्धता) को स्पष्ट रूप से समझाएं।

 

Question 10. अधातुओं के क्या उपयोग हैं? लिखिए।
Answer: अधातुओं के भी हमारे जीवन में कई महत्वपूर्ण उपयोग हैं। यहाँ कुछ प्रमुख उपयोग दिए गए हैं:
1. गंधक का इस्तेमाल दवाएँ बनाने, बारूद और विभिन्न प्रकार के अम्ल बनाने में होता है।
2. पेन्सिलों की लीड में ग्रेफाइट का उपयोग किया जाता है (जिसे अक्सर 'सीसा' कहा जाता है, हालांकि यह सीसा नहीं है), और ग्रेफाइट का उपयोग इलेक्ट्रोड बनाने में भी होता है।
3. लाल फॉस्फोरस का उपयोग माचिस की तीलियों, पटाखों और कीटनाशकों में किया जाता है।
4. ऑक्सीजन, जो एक अधातु है, हमारे जीवन के लिए 'प्राण वायु' है और इसका उपयोग साँस लेने में होता.
In simple words: गंधक दवाएँ और बारूद बनाने में, ग्रेफाइट पेन्सिल में, लाल फॉस्फोरस माचिस में, और ऑक्सीजन साँस लेने के लिए उपयोग होती है।

🎯 Exam Tip: अधातुओं के उपयोगों को याद करते समय, प्रत्येक अधातु को उसके सबसे आम और महत्वपूर्ण अनुप्रयोग के साथ जोड़ें।

 

Question 11. सोनू ने अपनी माताजी को नींबू के शर्बत को पीतल के पात्र में रखने के लिए मना किया। बताइए, पीतल के पात्र की जगह किस पात्र का उपयोग करना चाहिए तथा क्यों?
Answer: सोनू ने अपनी माताजी को नींबू के शर्बत को पीतल के बर्तन में रखने से इसलिए मना किया क्योंकि नींबू का शर्बत अम्लीय होता है। अम्लीय पदार्थ जब पीतल (या लोहे) जैसी धातुओं के संपर्क में आते हैं, तो वे उनके साथ रासायनिक क्रिया करते हैं। इस क्रिया से कुछ ऐसे विषैले (जहरीले) पदार्थ बन सकते हैं जो भोजन को खराब कर देते हैं और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं। इसलिए, पीतल के बर्तन की जगह नींबू के शर्बत को रखने के लिए काँच के बर्तन का उपयोग करना चाहिए, क्योंकि काँच अम्लों से क्रिया नहीं करता और सुरक्षित रहता है.
In simple words: सोनू ने मना किया क्योंकि नींबू का शर्बत (अम्ल) पीतल से मिलकर जहरीले पदार्थ बना सकता है। उसे काँच के बर्तन में रखना चाहिए, क्योंकि काँच अम्लों से क्रिया नहीं करता।

🎯 Exam Tip: अम्लीय पदार्थों को धातु के बर्तनों में क्यों नहीं रखना चाहिए, इसका कारण धातुओं की अम्लों के साथ अभिक्रिया से बनने वाले हानिकारक यौगिकों पर केंद्रित होना चाहिए।

निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. एक प्रयोग द्वारा समझाइए कि अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति के होते हैं।
Answer: अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति के होते हैं, इसे समझने के लिए एक साधारण प्रयोग किया जा सकता है:
**प्रयोग:**
1. एक चम्मच में थोड़ी मात्रा में गंधक का चूर्ण (पाउडर) लें और उसे गर्म करें।
2. जब गंधक जलना शुरू हो जाए, तो एक गैस जार या बोतल को जलते हुए गंधक के ऊपर उल्टा रखें और तब तक ढक दें जब तक वह गंधक से निकलने वाली गैस (गंधक डाइऑक्साइड) से भर न जाए।
3. अब जार का ढक्कन हटाकर उसमें थोड़ा पानी डालें और ढक्कन को फिर से लगाकर जार को अच्छी तरह हिलाएं।
4. गंधक डाइऑक्साइड पानी में घुल जाएगा और सल्फ्यूरस अम्ल बनाएगा।
5. जब इस घोल में नीला लिटमस पत्र डाला जाता है, तो वह लाल हो जाता है।
**निष्कर्ष:** नीला लिटमस पत्र का लाल होना यह दर्शाता है कि बना हुआ घोल अम्लीय है। इससे यह सिद्ध होता है कि अधातुओं के ऑक्साइड आमतौर पर अम्लीय प्रकृति के होते.
रासायनिक समीकरण:
\( S + O_2 \rightarrow SO_2 \)
In simple words: जब गंधक जैसी अधातु को जलाकर पानी में मिलाते हैं, तो बना घोल नीले लिटमस को लाल कर देता है, जिससे पता चलता है कि अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय होते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रयोगों का वर्णन करते समय, प्रत्येक चरण को स्पष्ट रूप से लिखें और निष्कर्ष को रासायनिक समीकरण से जोड़ें। लिटमस पेपर के रंग में परिवर्तन को स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 2. धातुएँ वायु की ऑक्सीजन से क्रिया कर किस प्रकार का ऑक्साइड बनाती हैं? प्रयोग द्वारा सचित्र समझाइए।
Answer: धातुएँ वायु में उपस्थित ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके धात्विक ऑक्साइड बनाती हैं, जिनकी प्रकृति क्षारीय होती है। इसे एक प्रयोग द्वारा समझा जा सकता है:
**प्रयोग:**
1. एक मैग्नीशियम रिबन को जलाएं, जिससे सफेद राख (मैग्नीशियम ऑक्साइड) प्राप्त होगी।
2. इस राख को थोड़े से पानी में घोल लें, जिससे एक घोल तैयार होगा।
3. अब इस घोल में लाल लिटमस पत्र डालें।
4. **प्रेक्षण:** हम देखेंगे कि लाल लिटमस पत्र नीला हो जाता है।
**निष्कर्ष:** लाल लिटमस पत्र का नीला होना यह सिद्ध करता है कि मैग्नीशियम ऑक्साइड (एक धात्विक ऑक्साइड) क्षारीय प्रकृति का होता है। यह दर्शाता है कि धातुएँ ऑक्सीजन से क्रिया करके क्षारीय ऑक्साइड बनाती हैं.
रासायनिक समीकरण:
\( 2Mg + O_2 \rightarrow 2MgO \)

चित्र - धातु की वायु के साथ अभिक्रिया में क्षारीय प्रकृति का ऑक्साइड बनना
In simple words: धातुएँ हवा में ऑक्सीजन से क्रिया करके क्षारीय ऑक्साइड बनाती हैं। जैसे, मैग्नीशियम को जलाने पर बनी राख को पानी में घोलकर लाल लिटमस डालने पर वह नीला हो जाता है, जो बताता है कि यह क्षारीय है।

🎯 Exam Tip: धातुओं के ऑक्साइडों की क्षारीय प्रकृति को लिटमस टेस्ट के माध्यम से समझाएं और रासायनिक समीकरण को सही ढंग से लिखें।

 

Question 3. चाँदी, कॉपर, जिंक, ऐलुमिनियम की विद्युत चालकता की तुलना एक प्रयोग द्वारा कीजिए तथा सुचालकता के आधार पर इन्हें वरीयता क्रम में लिखिए।
Answer: धातुओं की विद्युत चालकता की तुलना करने के लिए एक सरल प्रयोग किया जा सकता है, जो दर्शाता है कि कौन सी धातु कितनी अच्छी चालक है। यह प्रयोग हमें धातुओं को उनकी चालकता के आधार पर एक वरीयता क्रम में व्यवस्थित करने में मदद करता है।
**प्रयोग:**
1. एक विद्युत परिपथ तैयार करें जिसमें एक बैटरी, एक बल्ब और दो खुले टर्मिनल (A और B) हों, जैसा कि चित्र में दिखाया गया है।
2. अब, जिन धातुओं की विद्युत चालकता की जाँच करनी है, उन्हें एक-एक करके टर्मिनल A और B के बीच जोड़ें।
3. **प्रेक्षण:**
(i) यदि धातु जोड़ने पर बल्ब जलता है, तो इसका मतलब है कि वह धातु विद्युत की सुचालक है।
(ii) यदि बल्ब नहीं जलता है, तो वह धातु विद्युत की कुचालक है।
(iii) हम देखेंगे कि सभी धातुएँ बल्ब को जलाती हैं, लेकिन अलग-अलग चमक के साथ, जो उनकी चालकता के स्तर को दर्शाती है।
**निष्कर्ष:** सामान्यतः धातुएँ विद्युत की सुचालक होती हैं, जबकि अधातुएँ कुचालक होती हैं। धातुओं को उनकी विद्युत चालकता के घटते क्रम में इस प्रकार रखा जा सकता है:
**वरीयता क्रम में धातुएँ:**
1. चाँदी
2. कॉपर (ताँबा)
3. ऐलुमिनियम
4. जिंक

चित्र - धातुओं की वैद्युत चालकता
In simple words: एक सर्किट में अलग-अलग धातुओं को जोड़कर बल्ब की रोशनी से उनकी बिजली चलाने की क्षमता की तुलना कर सकते हैं। चाँदी सबसे अच्छी बिजली चलाती है, फिर कॉपर, एल्युमीनियम और जिंक।

🎯 Exam Tip: विद्युत चालकता प्रयोग का वर्णन करते समय, सर्किट सेटअप, प्रेक्षण और निष्कर्ष को स्पष्ट रूप से लिखें, और वरीयता क्रम को सही ढंग से प्रस्तुत करें।

 

Question 4. क्या धातुएँ ऊष्मा की सुचालक होती हैं? इसे एक प्रयोग द्वारा सचित्र समझाइए।
Answer: हाँ, धातुएँ ऊष्मा (गर्मी) की अच्छी सुचालक होती हैं। इसे एक आसान प्रयोग से समझा जा सकता है:
**प्रयोग:**
1. एक काँच का बीकर लें और उसे लगभग आधा पानी से भर लें।
2. अब, इस बीकर में एक स्टील की चम्मच (जो एक धातु है) और एक लकड़ी की छड़ (जो एक अधातु है) डालें।
3. बीकर को गरम करना शुरू करें।
4. कुछ देर बाद, चम्मच और लकड़ी की छड़ दोनों को छूकर देखें।
**प्रेक्षण:** हम देखेंगे कि स्टील की चम्मच बहुत गरम हो जाती है, जबकि लकड़ी की छड़ गरम नहीं होती।
**निष्कर्ष:** यह प्रयोग दिखाता है कि धातुएँ ऊष्मा की अच्छी चालक होती हैं, जबकि लकड़ी जैसी अधातुएँ ऊष्मा की कुचालक होती हैं। इसीलिए, खाना पकाने के बर्तन धातुओं से बनाए जाते.

चित्र - धातु की ऊष्मीय चालकता
In simple words: हाँ, धातुएँ गर्मी की अच्छी चालक होती हैं। एक प्रयोग में, गरम पानी में स्टील की चम्मच गरम हो जाती है जबकि लकड़ी की छड़ नहीं होती, जो यह साबित करता है।

🎯 Exam Tip: ऊष्मा चालकता प्रयोग का वर्णन करते समय, 'धातु' और 'अधातु' दोनों के व्यवहार की तुलना करें और अपने निष्कर्ष को स्पष्ट करें।

 

Question 5. धातुओं और अधातुओं के भौतिक गुणों की तुलना कीजिए।
Answer: धातुओं और अधातुओं के भौतिक गुणों की तुलना निम्नलिखित सारणी में की गई है:

क्र.सं.गुणधातु मेंअधातु में
1.चमकचमकदारचमकदार नहीं होती
2.कठोरताकठोर होती हैकठोर नहीं होती है
3.आघातवर्धनीयताआघातवर्धनीय होती हैआघातवर्धनीय नहीं होती है
4.तन्यतातन्य होती हैतन्य नहीं होती है
5.ऊष्मा चालनऊष्मा की सुचालक होती हैऊष्मा की कुचालक होती है
6.विद्युत चालनविद्युत की सुचालक होती हैविद्युत की कुचालक होती है

In simple words: धातुएँ चमकदार, कठोर, आघातवर्धनीय, तन्य, और ऊष्मा व विद्युत की सुचालक होती हैं, जबकि अधातुएँ चमकहीन, नरम, भंगुर, अतन्या और ऊष्मा व विद्युत की कुचालक होती हैं।

🎯 Exam Tip: धातुओं और अधातुओं के भौतिक गुणों की तुलना करते समय, प्रत्येक गुण के लिए स्पष्ट और संक्षिप्त अंतर बताएं।

 

Question 6. धातुओं में कौन-कौनसे भौतिक गुण पाये जाते हैं ? समझाइए।
Answer: धातुओं में विभिन्न भौतिक गुण पाए जाते हैं जो उन्हें विशेष बनाते हैं:
1. **चमक:** धातुओं में एक खास तरह की चमक होती है, जिसे धात्विक चमक कहते हैं। सोना, चाँदी, एल्युमीनियम और ताँबा चमकदार धातुएँ हैं।
2. **रंग:** ज़्यादातर धातुएँ रूपहली (चाँदी जैसा) या धूसर (ग्रे) रंग की होती हैं।
3. **कठोरता:** ज़्यादातर धातुएँ कठोर होती हैं और उन्हें आसानी से काटा नहीं जा सकता। हालाँकि, सोडियम और पोटेशियम जैसी धातुएँ नरम होती हैं और उन्हें चाकू से काटा जा सकता है।
4. **ध्वानिकता:** जब धातुओं को किसी कठोर चीज़ से टकराया जाता है, तो उनमें से एक विशेष गूंजने वाली ध्वनि निकलती है। इस गुण के कारण ही घंटियाँ और वाद्ययंत्र बनाए जाते हैं।
5. **घनत्व:** सामान्यतः धातुओं का घनत्व पानी से ज़्यादा होता है, इसलिए वे पानी में डूब जाती हैं। लेकिन सोडियम और पोटेशियम जैसी कुछ धातुएँ पानी से हल्की होने के कारण तैरती हैं।
6. **गलनांक:** धातुओं का गलनांक (पिघलने का तापमान) आमतौर पर बहुत ज़्यादा होता है, जैसे लोहे का। हालाँकि, गैलियम एक अपवाद है जो हथेली पर रखने से ही पिघल जाता है।
7. **ऊष्मीय चालकता:** धातुएँ गर्मी की अच्छी चालक होती हैं, यही वजह है कि खाना पकाने के बर्तन इनसे बनते हैं। चाँदी ऊष्मा की सबसे अच्छी चालक है, जबकि लैड सबसे खराब चालक है।
8. **आघातवर्धनीयता:** इस गुण के कारण धातुओं को पीटकर पतली चादरों में बदला जा सकता है, जैसे एल्युमीनियम फॉयल।
9. **विद्युत चालकता:** धातुएँ बिजली की अच्छी चालक होती हैं, जिससे इनमें से विद्युत धारा आसानी से प्रवाहित हो सकती है। चाँदी विद्युत की सबसे अच्छी चालक है।
10. **तन्यता:** तन्यता धातुओं का वह गुण है जिसके कारण उन्हें खींचकर पतले तार बनाए जा सकते हैं।
In simple words: धातुओं में चमक, कठोरता, ध्वानिकता, अधिक घनत्व, उच्च गलनांक, अच्छी गर्मी और बिजली चालकता, आघातवर्धनीयता और तन्यता जैसे भौतिक गुण होते हैं।

🎯 Exam Tip: धातुओं के प्रत्येक भौतिक गुण को उसके नाम, परिभाषा और एक छोटे उदाहरण के साथ समझाएं। अपवादों को विशेष रूप से उल्लेख करें।

 

Question 7. अधातुओं में कौन-कौनसे भौतिक गुण पाये जाते हैं ? समझाइये।
Answer: अधातुओं में धातुओं से अलग कई भौतिक गुण पाए जाते हैं:
1. **भौतिक अवस्था:** सामान्य तापमान पर अधातुएँ ठोस, द्रव और गैस तीनों अवस्थाओं में मिल सकती हैं।
- **ठोस:** कार्बन (C), सल्फर (S), आयोडीन (I)
- **द्रव:** ब्रोमीन (Br)
- **गैस:** ऑक्सीजन (O2), नाइट्रोजन (N2), हाइड्रोजन (H2)
2. **रंग:** अधातुएँ अलग-अलग रंगों की होती हैं, जैसे सल्फर (पीला), क्लोरीन गैस (हरी-पीली), और फॉस्फोरस (लाल-सफेद)।
3. **चमक:** ज़्यादातर अधातुओं में चमक नहीं होती और वे प्रकाश को परावर्तित नहीं करतीं। लेकिन हीरा और आयोडीन इसके अपवाद हैं, जो चमकीले होते हैं।
4. **कठोरता:** अधातुएँ कठोर नहीं होतीं, वे नरम और भंगुर होती हैं। लेकिन हीरा, जो कार्बन का एक रूप है, एक बहुत कठोर अधातु है।
5. **ध्वानिकता:** अधातुएँ ध्वानिक नहीं होतीं, यानी उन्हें पीटने पर गूंजने वाली ध्वनि नहीं निकलती।
6. **घनत्व:** अधातुओं का घनत्व धातुओं की तुलना में कम होता है।
7. **गलनांक:** अधातुओं के गलनांक आमतौर पर कम होते हैं।
8. **चालकता:** अधातुएँ ऊष्मा और विद्युत की कुचालक होती हैं। ग्रेफाइट एक अपवाद है जो अधातु होते हुए भी विद्युत का सुचालक है।
9. **भंगुरता:** अधातुओं को हथौड़े से पीटने पर वे पतली चादर में फैलने की बजाय छोटे टुकड़ों या चूर्ण में बदल जाती हैं। इस गुण को भंगुरता कहते हैं.
In simple words: अधातुएँ ठोस, द्रव या गैस हो सकती हैं, रंगीन हो सकती हैं, आमतौर पर चमकहीन और नरम होती हैं (हीरा अपवाद), आवाज़ नहीं करतीं, कम घनी और कम गलनांक वाली होती हैं, बिजली या गर्मी की खराब चालक होती हैं (ग्रेफाइट अपवाद), और पीटने पर टूट जाती हैं (भंगुर)।

🎯 Exam Tip: अधातुओं के गुणों का वर्णन करते समय, प्रत्येक गुण के लिए एक उदाहरण या अपवाद (जैसे हीरा और ग्रेफाइट) शामिल करें।

 

Question 8. सोडियम की जल के साथ अभिक्रिया का सचित्र वर्णन कीजिए। अथवा धातुएँ जल के साथ अभिक्रिया करके क्या बनाती हैं? सोडियम की पानी के साथ होने वाली अभिक्रिया को प्रदर्शित कीजिए।
Answer: अधिकांश धातुएँ जल के साथ अभिक्रिया करके धात्विक हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोजन गैस बनाती हैं। सोडियम धातु की जल के साथ अभिक्रिया एक अत्यधिक क्रियाशील प्रक्रिया है, जिसे निम्न प्रकार से प्रदर्शित किया जा सकता है:
**प्रयोग:**
1. सोडियम धातु का एक बहुत छोटा टुकड़ा (लगभग बाजरे के दाने जितना) लें और उसे फिल्टर पत्र की मदद से अच्छी तरह सुखा लें।
2. अब इस सोडियम के टुकड़े को पानी से भरे एक बीकर में सावधानी से डालें।
3. **प्रेक्षण:** हम देखेंगे कि सोडियम धातु का टुकड़ा पानी की सतह पर बहुत तेज़ी से घूमता है और जलना शुरू कर देता है।
4. **निष्कर्ष:** सोडियम जल के साथ अभिक्रिया करके सोडियम हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोजन गैस बनाता है। यह अभिक्रिया अत्यधिक ऊष्माक्षेपी होती है, जिसके कारण निकली हाइड्रोजन गैस तुरंत आग पकड़ लेती.
रासायनिक समीकरण:
\( 2Na + 2H_2O \rightarrow 2NaOH + H_2 \)

चित्र - सोडियम की जल के साथ अभिक्रिया
In simple words: जब सोडियम को पानी में डालते हैं, तो यह तेज़ी से क्रिया करके सोडियम हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोजन गैस बनाता है, और आग पकड़ लेता है।

🎯 Exam Tip: सोडियम की जल के साथ अभिक्रिया की अत्यधिक ऊष्माक्षेपी प्रकृति और निकलने वाली हाइड्रोजन गैस का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है। रासायनिक समीकरण को संतुलित करें।

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