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Detailed Chapter 18 कार्बन और ईंधन RBSE Solutions for Class 8 Science
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Class 8 Science Chapter 18 कार्बन और ईंधन RBSE Solutions PDF
Question 1. निम्नलिखित सारणी में अंकित कार्य के सामने उसमें प्रयुक्त ईंधन का नाम लिखिए।
Answer: विभिन्न कार्यों में प्रयुक्त ईंधन को नीचे दी गई सारणी में दर्शाया गया है:
| क्र.सं. | कार्य/यंत्र | प्रयुक्त ईंधन |
|---|---|---|
| 1 | खाना पकाना | LPG गैस |
| 2 | पानी गर्म करना | LPG, केरोसिन एवं लकड़ी/कोयला |
| 3 | चाय बनाना | LPG, केरोसिन एवं लकड़ी/कोयला |
| 4 | जनरेटर | डीजल |
| 5 | कार | पेट्रोल-डीजल |
| 6 | ट्रैक्टर | डीजल |
| 7 | पम्पिंग सेट | डीजल |
| 8 | प्रेसर | डीजल/विद्युत |
In simple words: विभिन्न कामों और मशीनों में अलग-अलग तरह के ईंधन का इस्तेमाल होता है। यह सारणी दिखाती है कि किस काम के लिए कौन सा ईंधन उपयोग किया जाता है।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों में, आपको कार्य और उसके लिए उपयोग किए जाने वाले विशिष्ट ईंधन के बीच के संबंध को स्पष्ट रूप से दर्शाना चाहिए।
Question 2. जलती हुई मोमबत्ती पर कोई पात्र रखने पर थोड़ी देर बाद मोमबत्ती क्यों बुझ जाती है?
Answer: जलती हुई मोमबत्ती पर कोई पात्र रखने पर वह तब तक जलती रहती है जब तक पात्र के अंदर ऑक्सीजन होती है। जैसे ही पात्र में ऑक्सीजन की मात्रा खत्म हो जाती है, मोमबत्ती बुझ जाती है। जलने की प्रक्रिया के लिए ऑक्सीजन बहुत जरूरी होती है, और जब यह नहीं मिलती तो दहन रुक जाता है।
In simple words: मोमबत्ती को जलने के लिए ऑक्सीजन चाहिए होती है। जब हम उस पर कोई बर्तन रखते हैं, तो अंदर की ऑक्सीजन खत्म हो जाती है और मोमबत्ती बुझ जाती है।
🎯 Exam Tip: दहन (जलने) के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सिद्धांत है। अपने उत्तर में इस बात पर जोर दें।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
सही विकल्प का चयन कीजिए
Question 1. कोयले का प्रकार जिसमें कार्बन की अधिकतम मात्रा है
(अ) पीट
(ब) लिग्नाइट
(स) बिटुमिनी
(द) एन्थ्रेसाइट
Answer: (द) एन्थ्रेसाइट
In simple words: एन्थ्रेसाइट कोयले में सबसे ज्यादा कार्बन होता है। इसी कारण यह सबसे अच्छी गुणवत्ता वाला कोयला माना जाता है।
🎯 Exam Tip: कोयले के विभिन्न प्रकारों में कार्बन की प्रतिशत मात्रा को याद रखें; एन्थ्रेसाइट में सबसे अधिक होती है।
Question 2. पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन में वाष्पशील पदार्थों के निकल जाने पर शेष रहता है
(अ) संगृहक तल
(ब) मोम
(स) डामर
(द) डीजल
Answer: (स) डामर
In simple words: जब पेट्रोलियम को गरम करके उसके हल्के हिस्से उड़ जाते हैं, तो आखिर में डामर बचता है। डामर सड़क बनाने और छत को जलरोधी बनाने जैसे कामों में आता है।
🎯 Exam Tip: प्रभाजी आसवन की प्रक्रिया में विभिन्न घटकों के क्वथनांक के अनुसार उनके अलग होने का क्रम याद रखें।
Question 3. कार्बन का क्रिस्टलीय अपररूप
(अ) तकड़ी का कोयला
(ब) काजल
(स) जानत्व चारकोल
(द) ग्रेफाइट
Answer: (द) ग्रेफाइट
In simple words: ग्रेफाइट, हीरा और फुलरीन कार्बन के ऐसे रूप हैं जिनकी बनावट तय होती है, इसलिए इन्हें क्रिस्टलीय अपररूप कहते हैं।
🎯 Exam Tip: कार्बन के क्रिस्टलीय और अक्रिस्टलीय अपररूपों के उदाहरणों को अच्छी तरह से समझें और याद रखें।
एल.पी.जी.
Question 2. ग्रेफाइट में प्रत्येक कार्बन परमाणु अपने निकटतम के तीन कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है, जबकि हीरे में प्रत्येक कार्बन परमाणु अपने निकटतम के चार कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है।
Answer: ग्रेफाइट में प्रत्येक कार्बन परमाणु अपने निकटतम के तीन कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है, जबकि हीरे में प्रत्येक कार्बन परमाणु अपने निकटतम के चार कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है।
In simple words: ग्रेफाइट में कार्बन परमाणु तीन अन्य परमाणुओं से जुड़ता है, लेकिन हीरे में एक कार्बन परमाणु चार अन्य परमाणुओं से जुड़ता है। यही वजह है कि उनकी बनावट और गुण अलग-अलग होते हैं।
🎯 Exam Tip: ग्रेफाइट और हीरे की आणविक संरचना में अंतर उनकी भौतिक विशेषताओं (जैसे कठोरता और चालकता) को प्रभावित करता है।
Question 3. दहन प्रक्रिया के लिए ऑक्सीजन आवश्यक है।
Answer: दहन प्रक्रिया के लिए ऑक्सीजन आवश्यक है।
In simple words: किसी भी चीज को जलने के लिए ऑक्सीजन गैस का होना बहुत जरूरी है। ऑक्सीजन के बिना दहन नहीं हो सकता।
🎯 Exam Tip: दहन के लिए तीन मुख्य शर्तें होती हैं: ईंधन, ऑक्सीजन और ज्वलन ताप। तीनों में से कोई एक न होने पर दहन नहीं हो सकता।
निम्नांकित वाक्य सही (√) हैं या गलत (X) लिखिए
Question 1. लिग्नाइट कोयले में 67 प्रतिशत कार्बन है।
Answer: सही
In simple words: लिग्नाइट कोयले में लगभग 67% कार्बन होता है, जो इसे कम गुणवत्ता वाला कोयला बनाता है।
🎯 Exam Tip: कोयले के प्रकारों को उनकी कार्बन सामग्री के प्रतिशत के साथ याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 2. पीट कोयला द्रव ईंधन का उदाहरण है।
Answer: गलत
In simple words: पीट कोयला ठोस ईंधन होता है, द्रव ईंधन नहीं। द्रव ईंधन जैसे पेट्रोल या डीजल होते हैं।
🎯 Exam Tip: ईंधन के प्रकारों (ठोस, द्रव, गैस) और उनके उदाहरणों को स्पष्ट रूप से पहचानें।
Question 3. स्नेहक तेले वाहनों एवं रसोई में ईंधन की तरह उपयोगी है।
Answer: गलत
In simple words: स्नेहक तेल मशीनों को चिकना करने के लिए होते हैं, न कि उन्हें जलाने वाले ईंधन के रूप में उपयोग किए जाते हैं।
🎯 Exam Tip: स्नेहक तेल और ईंधन के विभिन्न उपयोगों और कार्यों को समझें।
Question 4. कार्बन के क्रिस्टलीय अपररूप ग्रेफाइट, हीरा व फुलरीन हैं।
Answer: सही
In simple words: ग्रेफाइट, हीरा और फुलरीन कार्बन के ऐसे रूप हैं जिनकी अंदरूनी बनावट पक्की होती है।
🎯 Exam Tip: क्रिस्टलीय अपररूपों के नाम और उनकी विशेषताओं को याद रखें।
पेट्रोलियम गैस के उपयोग
पेट्रोलियम गैस के कई उपयोग हैं। यह वाहनों और रसोईघरों में ईंधन के रूप में बहुत उपयोगी है। यह मुख्य रूप से एथेन, प्रोपेन, आइसोब्यूटेन जैसे पेट्रोलियम गैसों का मिश्रण है जिसे बहुत उच्च दाब पर तरल में बदला जाता है। इस कारण से इसे कम समय में बहुत अधिक गर्मी मिलती है। यह गैस सुरक्षित होती है और इससे राख या प्रदूषण भी नहीं होता है।
Question 2. पेट्रोल व डीजल जैसे पदार्थों का हमें विवेकपूर्वक उपयोग क्यों करना चाहिए? कारण दीजिए।
Answer: पेट्रोल और डीजल जैसे पदार्थों का हमें विवेकपूर्वक उपयोग करना चाहिए क्योंकि:
1. पेट्रोलियम (जिससे पेट्रोल/डीजल बनता है) लाखों सालों की प्रक्रिया से बनता है, इसलिए इसके प्राकृतिक भंडार सीमित हैं।
2. इनके अधिक और अनावश्यक इस्तेमाल से वायु प्रदूषण बढ़ता है, जो पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
3. अधिक और बिना सोचे-समझे उपयोग करने से इनके प्राकृतिक भंडार जल्दी खत्म हो जाएँगे। इसलिए, हमें इनका उपयोग सावधानी और समझदारी से करना चाहिए ताकि ये भविष्य के लिए बचे रहें।
In simple words: पेट्रोल और डीजल के भंडार कम हैं और इन्हें बनाने में बहुत समय लगता है। इनके जलाने से प्रदूषण भी होता है। इसलिए हमें इनका समझदारी से इस्तेमाल करना चाहिए।
🎯 Exam Tip: ऊर्जा संरक्षण के महत्व और जीवाश्म ईंधनों के सीमित संसाधनों पर जोर दें। प्रदूषण संबंधी प्रभावों का उल्लेख करना भी आवश्यक है।
Question 3. हीरा तथा ग्रेफाइट के गुणों में अन्तर लिखिए। अथवा हीरा तथा ग्रेफाइट के गुणों में तीन अन्तर लिखिए।
Answer: हीरा तथा ग्रेफाइट के गुणों में अन्तर इस प्रकार हैं:
| क्र.सं. | गुणधर्म | हीरा | ग्रेफाइट |
|---|---|---|---|
| 1 | कठोरता/मृदुता | हीरा पारदर्शी व कठोर होता है। | ग्रेफाइट एक धूसर पदार्थ होता है। यह मृदु होता है। |
| 2 | संरचना | इसमें कार्बन परमाणु चार अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़कर त्रि-विमीय दृढ़ संरचना बनाता है। | इसमें कार्बन परमाणु उसी तल में अपने तीन निकटतम कार्बन से जुड़कर एक षटकोणीय संरचना बनाता है। |
| 3 | विद्युत चालकता | यह विद्युत का कुचालक होता है। | यह विद्युत का सुचालक होता है। |
| 4 | उपयोग | यह आभूषणों में प्रयुक्त होता है एवं काटने, पीसने, छिद्र करने में काम आता है। | पेंसिल, विद्युत आर्क में, शुष्क सेलों में उपयोग होता है। |
| 5 | चित्र |
In simple words: हीरा बहुत कठोर और पारदर्शी होता है, जबकि ग्रेफाइट नरम और काला होता है। हीरे में कार्बन परमाणु चार तरफ जुड़े होते हैं, और ग्रेफाइट में तीन तरफ। हीरा बिजली का कुचालक होता है, जबकि ग्रेफाइट सुचालक होता है।
🎯 Exam Tip: हीरा और ग्रेफाइट के बीच के अंतर को उनकी संरचना, कठोरता और विद्युत चालकता के आधार पर याद रखें, क्योंकि ये मुख्य भेद बिंदु हैं।
Question 4. ईंधन के रूप में एल.पी.जी. व लकड़ी की तुलना कीजिए।
Answer: ईंधन के रूप में एल.पी.जी. और लकड़ी की तुलना इस प्रकार है:
| लपीजी | लकड़ी |
|---|---|
| 1. यह पूर्ण रूप से जल जाती है तथा कोई अवशेष नहीं छोड़ती है। | 1. यह जलने पर बड़ी मात्रा में धुआँ उत्पन्न करती है, जो मनुष्य के लिए हानिकारक है। |
| 2. इसका ऊष्मीय मान काफी अधिक है। अतः एलपीजी को जलाने पर अधिक ऊष्मा मिलती है। | 2. इसका ऊष्मीय मान एलपीजी की तुलना में कम है। अतः लकड़ी को जलाने पर कम ऊष्मा प्राप्त होगी। |
| 3. एलपीजी द्वारा कोई वायु प्रदूषण नहीं होता है। | 3. इसके जलने से वायु प्रदूषण होता है। |
| 4. एलपीजी वन संरक्षण में योगदान देती है। | 4. यह वनोन्मूलन का कारण बनती है, जो पर्यावरण के लिए हानिप्रद है। |
In simple words: एलपीजी साफ जलती है, ज्यादा गर्मी देती है और प्रदूषण नहीं करती, जबकि लकड़ी धुआँ देती है, कम गर्मी देती है और पेड़ों को काटने का कारण बनती है।
🎯 Exam Tip: दोनों ईंधनों के पर्यावरणीय और दक्षता संबंधी प्रभावों की तुलना करना महत्वपूर्ण है। एलपीजी को एक स्वच्छ और अधिक कुशल ईंधन माना जाता है।
Question 5. पाँच यौगिकों के नाम बताइए जिनमें कार्बन होता है।
Answer: पाँच यौगिक जिनमें कार्बन होता है, वे हैं:
1. कोयला
2. ग्रेफाइट
3. हीरा
4. प्राकृतिक गैस
5. डीजल
ये सभी पदार्थ कार्बन के विभिन्न रूपों या कार्बन युक्त यौगिकों के उदाहरण हैं।
In simple words: कोयला, ग्रेफाइट, हीरा, प्राकृतिक गैस और डीजल - इन सभी चीजों में कार्बन पाया जाता है।
🎯 Exam Tip: कार्बन एक बहुमुखी तत्व है जो प्रकृति में विभिन्न रूपों और यौगिकों में पाया जाता है, जो जीवन और ऊर्जा का आधार है।
दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. दहन के प्रकारों का चित्र बनाकर अन्तर स्पष्ट कीजिए।
Answer: दहन (जलने) के मुख्य रूप से दो प्रकार होते हैं: संपूर्ण दहन और अपूर्ण दहन। इनके बीच अंतर नीचे दी गई सारणी में स्पष्ट किया गया है। चूंकि चित्र बनाना संभव नहीं है, इसलिए हम उनके गुणों के आधार पर अंतर समझेंगे।
| क्र.सं. | संपूर्ण दहन | अपूर्ण दहन |
|---|---|---|
| 1 | नीली ज्वाला के साथ जलना संपूर्ण दहन होता है। | पीली ज्वाला के साथ जलना अपूर्ण दहन होता है। |
| 2 | इसमें जलने वाले पदार्थ को पर्याप्त ऑक्सीजन की मात्रा मिलती है। | इसमें जलने वाले पदार्थ को पर्याप्त ऑक्सीजन की मात्रा नहीं मिलती है। |
| 3 | इसमें निश्चित तापमान की आवश्यकता होती है। | यह अनिश्चित तापमान पर भी हो जाता है। |
| 4 | यह धुआँ नहीं देता है। | यह धुआँ देता है। |
| 5 | इससे प्रदूषण नहीं होता है। | इससे प्रदूषण होता है। |
| 6 | यह कालिख नहीं देता है। | यह कालिख देता है। |
| 7 | उदाहरण-एल.पी.जी. का दहन। | उदाहरण-लकड़ी का दहन। |
In simple words: पूरे दहन में ईंधन अच्छे से जलता है और नीली लौ देता है, जिसमें धुआँ नहीं होता और प्रदूषण कम होता है। अधूरे दहन में ईंधन ठीक से नहीं जलता, पीली लौ और धुआँ देता है, जिससे प्रदूषण बढ़ता है।
🎯 Exam Tip: संपूर्ण और अपूर्ण दहन के बीच मुख्य अंतर ऑक्सीजन की उपलब्धता, लौ का रंग और प्रदूषणकारी उत्पादों का उत्पादन है। इन बिंदुओं पर ध्यान दें।
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 5. निम्न में से दहन हेतु आवश्यक है
(अ) वायु
(ब) ईंधन
(स) ज्वलन ताप
(द) उपर्युक्त सभी
Answer: (द) उपर्युक्त सभी
In simple words: किसी भी चीज को जलने (दहन) के लिए हवा (ऑक्सीजन), कोई जलने वाली चीज (ईंधन) और उसे जलाने के लिए जरूरी गर्मी (ज्वलन ताप) तीनों की आवश्यकता होती है।
🎯 Exam Tip: दहन के लिए तीन आवश्यक शर्तें (ईंधन, ऑक्सीजन और ज्वलन ताप) "अग्नि त्रिभुज" का निर्माण करती हैं।
Question 2. निम्न में से कार्बन के अक्रिस्टलीय रूप का उदाहरण हैं
(अ) जानत्व चारकोल
(ब) हीरा
(स) ग्रेफाइट
(द) फुलरीन
Answer: (अ) जानत्व चारकोल
In simple words: जानत्व चारकोल कार्बन का एक ऐसा रूप है जिसकी बनावट तय नहीं होती है। हीरा, ग्रेफाइट और फुलरीन की बनावट तय होती है।
🎯 Exam Tip: अक्रिस्टलीय अपररूपों की पहचान करें जिनके पास निश्चित ज्यामितीय संरचना नहीं होती है, जैसे कोयला, काजल और चारकोल।
Question 3. ग्रेफाइट विद्युत का निम्न में से होता है
(अ) कुचालक
(ब) सुचालक
(स) हीन चालक
(द) उपर्युक्त में कोई नहीं
Answer: (ब) सुचालक
In simple words: ग्रेफाइट बिजली का अच्छा चालक होता है। यह एक कार्बन अपररूप है जिसका उपयोग पेंसिल की लीड में और बैटरियों में भी किया जाता है।
🎯 Exam Tip: ग्रेफाइट की अद्वितीय परतदार संरचना इसे विद्युत का सुचालक बनाती है, जबकि हीरा एक कुचालक होता है।
Question 4. निम्न में से मेथेन का सूत्र है
(अ) CH3
(ब) CH2
(स) CH4
(द) CH
Answer: (स) CH4
In simple words: मेथेन एक गैस है जिसका रासायनिक सूत्र CH4 होता है। यह सबसे सरल हाइड्रोकार्बन है और प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक है।
🎯 Exam Tip: सामान्य रासायनिक यौगिकों के सूत्रों को याद रखना विज्ञान के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
Question 1. कार्बन मुक्त तथा संयुक्त दोनों अवस्थाओं में पाया जाता है।
Answer: कार्बन मुक्त तथा संयुक्त दोनों अवस्थाओं में पाया जाता है।
In simple words: कार्बन प्रकृति में अकेला (मुक्त) भी मिलता है और दूसरे तत्वों के साथ मिलकर (संयुक्त) भी पाया जाता है।
🎯 Exam Tip: कार्बन की दोनों अवस्थाओं के उदाहरणों को याद रखें - मुक्त अवस्था (हीरा, ग्रेफाइट) और संयुक्त अवस्था (कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बोनेट)।
Question 2. घरों में एल.पी.जी. गैस का उपयोग अधिकतम होता है।
Answer: घरों में एल.पी.जी. गैस का उपयोग अधिकतम होता है।
In simple words: रसोई में खाना बनाने के लिए सबसे ज्यादा एलपीजी गैस का इस्तेमाल होता है क्योंकि यह साफ जलती है और आसानी से उपलब्ध है।
🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार के ईंधनों के घरेलू और औद्योगिक उपयोगों को समझें।
Question 3. कार्बन के क्रिस्टलीय एवं अक्रिस्टलीय दोनों रूप होते हैं।
Answer: कार्बन के क्रिस्टलीय एवं अक्रिस्टलीय दोनों रूप होते हैं।
In simple words: कार्बन के दो मुख्य रूप होते हैं - क्रिस्टलीय जिनकी बनावट तय होती है, और अक्रिस्टलीय जिनकी बनावट अनियमित होती है।
🎯 Exam Tip: क्रिस्टलीय और अक्रिस्टलीय अपररूपों के बीच अंतर को उनके उदाहरणों सहित याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 4. ईंधन का जलना वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण है।
Answer: ईंधन का जलना वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण है।
In simple words: जब ईंधन जलता है, तो उससे निकलने वाले धुएँ और गैसों के कारण हवा गंदी हो जाती है, जिसे वायु प्रदूषण कहते हैं।
🎯 Exam Tip: ईंधन के दहन से होने वाले पर्यावरणीय प्रभावों, विशेष रूप से वायु प्रदूषण पर ध्यान दें।
Question 5. पेट्रोलियम का शोधन प्रभाजी आसवन द्वारा किया जाता है।
Answer: पेट्रोलियम का शोधन प्रभाजी आसवन द्वारा किया जाता है।
In simple words: पेट्रोलियम को साफ करने और उसके अलग-अलग हिस्सों को निकालने के लिए प्रभाजी आसवन नाम की एक खास प्रक्रिया का इस्तेमाल होता है।
🎯 Exam Tip: प्रभाजी आसवन पेट्रोलियम के शोधन की मुख्य विधि है, और इसके सिद्धांत को समझना महत्वपूर्ण है।
सही मिलान कीजिए
Question 1. निम्नांकित का सही मिलान कीजिए
Answer: निम्नलिखित का सही मिलान इस प्रकार है:
| कॉलम 'A' | कॉलम 'B' |
|---|---|
| 1. कार्बन | (C) अधातु |
| 2. सबसे कठोर पदार्थ | (A) हीरा |
| 3. पेट्रोलियम | (D) द्रव सोना |
| 4. एन्थ्रेसाइट | (B) 90-98 प्रतिशत कार्बन |
| 5. विश्व का पहला तेल कुआँ | (E) पेन्सिलवेनिया, अमेरिका |
In simple words: सही जोड़ी बनाने के लिए, आपको कॉलम 'A' में दी गई चीजों को कॉलम 'B' में उनके सही वर्णन या उदाहरण से मिलाना है।
🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, प्रत्येक विकल्प को ध्यान से पढ़ें और सुनिश्चित करें कि आप सही तथ्य से मिलान कर रहे हैं।
अतिलघुत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. कार्बन का एक रूप चिकना पदार्थ काजल कैसे प्राप्त होता है?
Answer: कार्बन का चिकना पदार्थ काजल हमें तेल के अपूर्ण दहन से प्राप्त होता है। जब तेल पूरी तरह से नहीं जल पाता है, तो कार्बन के छोटे-छोटे कण धुएँ के साथ ऊपर उठते हैं और ठंडी सतह पर जमा होकर काजल बनाते हैं।
In simple words: काजल तब बनता है जब तेल या कोई कार्बन वाला पदार्थ पूरी तरह से नहीं जल पाता और कार्बन के कण इकट्ठे हो जाते हैं।
🎯 Exam Tip: अपूर्ण दहन के उत्पादों को याद रखें, जैसे काजल, कार्बन मोनोऑक्साइड और धुआँ।
Question 2. अब तक हमें लगभग कितने तत्व ज्ञात हैं?
Answer: अब तक हमें लगभग 118 तत्व ज्ञात हैं। ये सभी तत्व आवर्त सारणी में व्यवस्थित हैं।
In simple words: अभी तक हमें करीब 118 तरह के तत्व पता हैं।
🎯 Exam Tip: तत्वों की संख्या और आवर्त सारणी के महत्व को सामान्य ज्ञान के रूप में याद रखें।
Question 3. प्रकृति से प्राप्त तत्वों की संख्या बताइए।
Answer: प्रकृति से प्राप्त तत्वों की संख्या 92 है। शेष तत्व मानव द्वारा प्रयोगशालाओं में बनाए गए हैं।
In simple words: प्रकृति में हमें 92 तत्व मिलते हैं।
🎯 Exam Tip: प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले और संश्लेषित तत्वों के बीच अंतर को स्पष्ट रूप से समझें।
Question 4. कार्बन निर्जीव वस्तुओं में कौनसे रूप में उपस्थित होता है?
Answer: कार्बन निर्जीव वस्तुओं में यौगिक रूप में उपस्थित होता है। उदाहरण के लिए, वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड, चट्टानों में कार्बोनेट आदि।
In simple words: कार्बन निर्जीव चीजों में दूसरे तत्वों के साथ मिलकर यौगिक के रूप में पाया जाता है।
🎯 Exam Tip: कार्बन की प्रकृति में मुक्त और संयुक्त दोनों अवस्थाओं में उपस्थिति के उदाहरणों को याद रखें।
Question 6. कार्बन की मुक्त अवस्था के उदाहरण बताइए।
Answer: कार्बन की मुक्त अवस्था के उदाहरण कोयला, कालिख, ग्रेफाइट और हीरा हैं। इन रूपों में कार्बन अन्य तत्वों के साथ रासायनिक रूप से संयुक्त नहीं होता है।
In simple words: कोयला, कालिख, ग्रेफाइट और हीरा ऐसे उदाहरण हैं जहाँ कार्बन अकेला पाया जाता है।
🎯 Exam Tip: कार्बन के अपररूपों को पहचानें जो शुद्ध कार्बन के रूप में मौजूद होते हैं।
Question 7. अधिकांश ईंधनों में कार्बन कौनसे रूप में उपस्थित रहता है?
Answer: अधिकांश ईंधनों में कार्बन यौगिक या तत्व के रूप में उपस्थित रहता है। उदाहरण के लिए, कोयला और पेट्रोलियम में कार्बन यौगिकों के रूप में होते हैं, जबकि लकड़ी में यह मुख्य रूप से सेलूलोज़ के रूप में होता है।
In simple words: ज्यादातर ईंधनों में कार्बन या तो अपने शुद्ध रूप में होता है या दूसरे तत्वों से जुड़ा हुआ होता है।
🎯 Exam Tip: ईंधनों में कार्बन की उपस्थिति के रूपों को समझें, चाहे वह तत्व के रूप में हो या यौगिक के रूप में।
Question 8. हम खाना पकाने में कौन-कौन से ईंधन का प्रयोग करते हैं ?
Answer: दैनिक जीवन में हम खाना पकाने के लिए एल.पी.जी. (LPG), लकड़ी, बायोगैस, लकड़ी का कोयला और पत्थर का कोयला आदि का प्रयोग करते हैं। आजकल एल.पी.जी. सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला ईंधन है।
In simple words: हम खाना बनाने के लिए एलपीजी, लकड़ी, गोबर गैस और कोयले जैसे ईंधन इस्तेमाल करते हैं।
🎯 Exam Tip: विभिन्न घरेलू ईंधनों के उदाहरणों और उनके उपयोग की व्यापकता को याद रखें।
Question 9. जैव द्रव्यमान (बायोमास) किसे कहते हैं ? उदाहरण भी दीजिए।
Answer: वनस्पतियों और जन्तुओं के शरीर में स्थित पदार्थों को जैव द्रव्यमान (बायोमास) कहते हैं। यह सूर्य की ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा के रूप में संचित करता है। उदाहरण के लिए, लकड़ी, कृषि अपशिष्ट, गोबर, फसलों के अवशेष आदि जैव द्रव्यमान के स्रोत हैं।
In simple words: पेड़-पौधों और जानवरों से मिलने वाले जैविक पदार्थों को जैव द्रव्यमान कहते हैं, जैसे लकड़ी या गोबर।
🎯 Exam Tip: बायोमास को एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत के रूप में समझें और इसके विभिन्न उदाहरणों को याद रखें।
Question 10. कार्बनीकरण किसे कहते हैं ?
Answer: मृत वनस्पति के धीमे प्रक्रम द्वारा कोयले में परिवर्तन को कार्बनीकरण कहते हैं। यह प्रक्रिया पृथ्वी के भीतर लाखों वर्षों तक बहुत अधिक दाब और तापमान में होती है।
In simple words: जब मरे हुए पेड़-पौधे बहुत सालों तक जमीन के नीचे दबकर धीरे-धीरे कोयले में बदल जाते हैं, तो इस प्रक्रिया को कार्बनीकरण कहते हैं।
🎯 Exam Tip: कार्बनीकरण की प्रक्रिया में लगने वाला समय, दाब और तापमान की भूमिका को याद रखें।
Question 11. जीवाश्म ईंधन से क्या अभिप्राय है?
Answer: जीवाश्म ईंधन वे ईंधन होते हैं जो लाखों साल पहले पृथ्वी के नीचे दबे हुए मृत जीवों (वनस्पतियों और जानवरों) के अवशेषों से बनते हैं। कोयले में मुख्य रूप से कार्बन होता है और यह मृत वनस्पतियों के अवशेषों से बनता है। इसलिए यह एक प्रकार का जीवाश्म ईंधन है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस भी जीवाश्म ईंधन हैं।
In simple words: जीवाश्म ईंधन लाखों साल पहले जमीन में दबे हुए मरे हुए पेड़-पौधों और जानवरों से बनते हैं, जैसे कोयला, पेट्रोल और प्राकृतिक गैस।
🎯 Exam Tip: जीवाश्म ईंधनों की उत्पत्ति और उनके सीमित संसाधनों के बारे में समझें।
Question 12. पेट्रोलियम का शोधन कैसे किया जाता है?
Answer: पेट्रोलियम का शोधन प्रभाजी आसवन की प्रक्रिया द्वारा किया जाता है। इस विधि में कच्चे तेल को एक विशेष भंजक स्तंभ में गर्म किया जाता है, जिससे विभिन्न तापमानों पर अलग-अलग घटक जैसे पेट्रोलियम गैस, पेट्रोल, नेफ्था, केरोसिन और डीजल वाष्पीकृत होकर अलग हो जाते हैं। इन वाष्पों को ठंडा करके फिर से द्रव रूप में इकट्ठा कर लिया जाता है। इस प्रक्रिया से पेट्रोलियम के विभिन्न उत्पादों को अलग-अलग किया जाता है।
In simple words: पेट्रोलियम को अलग-अलग उपयोगी चीजों में बदलने के लिए प्रभाजी आसवन नाम की प्रक्रिया का इस्तेमाल होता है। इसमें कच्चे तेल को गरम करके अलग-अलग तापमान पर उसके हिस्सों को अलग किया जाता है।
🎯 Exam Tip: प्रभाजी आसवन की प्रक्रिया को अच्छी तरह से समझें, जिसमें विभिन्न घटकों के क्वथनांक के आधार पर उनका अलगाव शामिल है।
Question 14. द्रव सोना किसे एवं क्यों कहते हैं ?
Answer: पेट्रोलियम को द्रव सोना कहा जाता है क्योंकि यह वर्तमान युग में किसी भी राष्ट्र के लिए सोने से भी अधिक मूल्यवान और धन बरसाने वाला होता है। यह विभिन्न उद्योगों, परिवहन और ऊर्जा उत्पादन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
In simple words: पेट्रोलियम को द्रव सोना कहते हैं क्योंकि यह बहुत महंगा और देश की तरक्की के लिए सोने से भी ज्यादा जरूरी है।
🎯 Exam Tip: पेट्रोलियम के आर्थिक महत्व और उसकी वैश्विक उपयोगिता पर जोर दें।
Question 15. किसी पदार्थ के दहन के लिए आवश्यक घटकों के नाम बताओ।
Answer: किसी पदार्थ के दहन (जलने) के लिए तीन घटक आवश्यक हैं:
1. वायु (ऑक्सीजन): जलने के लिए ऑक्सीजन गैस का होना अनिवार्य है।
2. निश्चित तापमान (ज्वलन ताप): पदार्थ को जलने के लिए उसके ज्वलन ताप तक गर्म करना आवश्यक है।
3. ईंधन: वह पदार्थ जो जलता है, उसे ईंधन कहते हैं।
In simple words: किसी भी चीज को जलने के लिए तीन चीजें जरूरी हैं: हवा (ऑक्सीजन), जलने वाली चीज (ईंधन), और उसे जलाने के लिए एक खास गर्मी (ज्वलन ताप)।
🎯 Exam Tip: "अग्नि त्रिभुज" (ईंधन, ऑक्सीजन, ज्वलन ताप) की अवधारणा को याद रखें क्योंकि ये दहन के मूलभूत घटक हैं।
Question 16. पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन में सर्वप्रथम क्या प्राप्त होता है?
Answer: पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन में सर्वप्रथम \( 25^\circ \text{C} \) से \( 30^\circ \text{C} \) तापमान पर पेट्रोलियम गैस प्राप्त होती है। यह सबसे कम क्वथनांक वाला घटक होता है।
In simple words: पेट्रोलियम को गरम करते समय, सबसे पहले पेट्रोलियम गैस निकलती है क्योंकि यह सबसे कम तापमान पर भाप बन जाती है।
🎯 Exam Tip: प्रभाजी आसवन में विभिन्न उत्पादों के क्वथनांक क्रम को याद रखें।
Question 17. ज्वलन तापमान से क्या अभिप्राय है?
Answer: कोई भी पदार्थ जिस सबसे कम तापमान पर जलना शुरू करता है, उस तापमान को उस पदार्थ का ज्वलन तापमान कहते हैं। हर पदार्थ का ज्वलन तापमान अलग-अलग होता है।
In simple words: ज्वलन तापमान वह सबसे कम गर्मी है जिस पर कोई चीज आग पकड़ना शुरू करती है।
🎯 Exam Tip: ज्वलन ताप की सटीक परिभाषा को याद रखें और इसे दहन के लिए एक आवश्यक शर्त के रूप में पहचानें।
लघुत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. कोयले में कार्बन की बढ़ती प्रतिशत मात्रा उसके गुणों में वृद्धि करती है, कार्बन की मात्रा के आधार पर कोयला कितने प्रकार का होता है? उनके नाम लिखिए।
Answer: हाँ, कोयले में कार्बन की बढ़ती प्रतिशत मात्रा उसके गुणों में वृद्धि करती है, जिससे वह बेहतर ईंधन बनता है। कार्बन की मात्रा के आधार पर कोयला चार प्रकार का होता है:
1. पीट- इसमें लगभग 60% कार्बन होता है। यह सबसे निम्न गुणवत्ता वाला कोयला है।
2. लिग्नाइट- इसमें लगभग 67% कार्बन होता है। यह भूरा कोयला होता है।
3. बिटुमिनी- इसमें लगभग 80% कार्बन होता है। यह सबसे आम घरेलू कोयला है।
4. एन्थ्रेसाइट- इसमें लगभग 90-98 प्रतिशत कार्बन होता है। यह सबसे उच्च गुणवत्ता वाला और कठोर कोयला होता है।
In simple words: कोयले में जितना ज्यादा कार्बन होता है, वह उतना ही अच्छा होता है। कोयला चार तरह का होता है: पीट, लिग्नाइट, बिटुमिनी और एन्थ्रेसाइट।
🎯 Exam Tip: कोयले के विभिन्न प्रकारों को उनकी कार्बन सामग्री के प्रतिशत और संबंधित गुणों के साथ याद रखें।
Question 2. अपररूप व अपररूपता से क्या अभिप्राय है?
Answer: जब कोई एक ही तत्व दो या दो से अधिक अलग-अलग रूपों में पाया जाता है, जिनके भौतिक गुण (जैसे कठोरता, रंग) अलग-अलग होते हैं, परन्तु रासायनिक गुण (जैसे जलना) समान होते हैं, तो ऐसे रूपों को अपररूप (Allotropes) कहते हैं। तत्वों के इस गुण को अपररूपता (Allotropy) कहते हैं। उदाहरण के लिए, कार्बन के अपररूप हीरा और ग्रेफाइट हैं।
In simple words: जब कोई एक ही चीज (तत्व) अलग-अलग रूपों में मिलती है, जिनकी दिखने में बनावट अलग होती है पर रासायनिक गुण एक जैसे होते हैं, तो उन्हें अपररूप कहते हैं। इस गुण को अपररूपता कहते हैं।
🎯 Exam Tip: अपररूपता की परिभाषा और इसके मुख्य उदाहरण (जैसे कार्बन, सल्फर, फास्फोरस) को याद रखें।
Question 3. कार्बन के अपररूपों के बारे में संक्षिप्त में बताइए।
Answer: कार्बन के दो मुख्य प्रकार के अपररूप होते हैं:
1. क्रिस्टलीय अपररूप: ये वे अपररूप होते हैं जिनमें कार्बन परमाणुओं की एक निश्चित ज्यामितीय व्यवस्था और संरचना होती है। इनके परमाणु एक नियमित पैटर्न में व्यवस्थित होते हैं। उदाहरण: ग्रेफाइट, हीरा और फुलरीन।
2. अक्रिस्टलीय अपररूप: ये वे अपररूप होते हैं जिनमें कार्बन परमाणुओं की कोई निश्चित ज्यामिति या संरचना नहीं होती है। इनके परमाणु अनियमित रूप से व्यवस्थित होते हैं। उदाहरण: लकड़ी का कोयला, काजल और चारकोल।
In simple words: कार्बन के दो तरह के अपररूप होते हैं: क्रिस्टलीय (जैसे हीरा, ग्रेफाइट) जिनकी बनावट तय होती है, और अक्रिस्टलीय (जैसे कोयला, काजल) जिनकी बनावट तय नहीं होती है।
🎯 Exam Tip: कार्बन के क्रिस्टलीय और अक्रिस्टलीय अपररूपों के बीच संरचनात्मक अंतर और उनके उदाहरणों को स्पष्ट रूप से समझें।
Question 4. कार्बन के अपररूपों को चार्ट द्वारा प्रदर्शित कीजिए।
Answer: कार्बन के अपररूपों को निम्नलिखित चार्ट द्वारा दर्शाया गया है:
In simple words: यह चार्ट दिखाता है कि कार्बन के दो मुख्य प्रकार के रूप होते हैं: अक्रिस्टलीय (जिनकी बनावट तय नहीं होती) और क्रिस्टलीय (जिनकी बनावट तय होती है)।
🎯 Exam Tip: कार्बन के अपररूपों को एक स्पष्ट और व्यवस्थित चार्ट या फ्लोचार्ट के माध्यम से प्रस्तुत करना उनके वर्गीकरण को समझने में मदद करता है।
Question 6. निम्न के बारे में बतलाइये
(i) विश्व में पहला तेल कुआँ
(ii) भारत में पहला तेल भण्डार
(iii) राजस्थान के तेल भण्डार
(iv) भारत में अन्य तेल कुएँ।
Answer:
(i) विश्व में पहला तेल कुआँ: विश्व का पहला तेल कुआँ पेन्सिलवेनिया, अमेरिका में 1859 में खोदा गया था। यह आधुनिक पेट्रोलियम उद्योग की शुरुआत का प्रतीक था।
(ii) भारत में पहला तेल भण्डार: भारत में पहला तेल भण्डार 1867 में असम के माकुम नामक स्थान पर खोजा गया था। यह भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था।
(iii) राजस्थान के तेल भण्डार: राजस्थान में बाड़मेर के मंगला, भाग्यम, ऐश्वर्या, गुडा, रागेश्वरी, सरस्वती और कामेश्वरी कुओं की तेल के भण्डार के रूप में खोज हुई हैं। ये राजस्थान की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
(iv) भारत में अन्य तेल कुएँ: भारत में अन्य प्रमुख तेल कुएँ गुजरात, मुंबई, गोदावरी और कृष्णा नदियों के बेसिन जैसे क्षेत्रों में भी स्थित हैं। ये क्षेत्र भी भारत की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
In simple words: दुनिया का पहला तेल कुआँ अमेरिका में था। भारत में पहला तेल असम में मिला। राजस्थान में मंगला और भाग्यम जैसे तेल भंडार हैं। भारत में गुजरात और मुंबई में भी तेल के कुएँ हैं।
🎯 Exam Tip: इन भौगोलिक स्थानों और तिथियों को याद रखना महत्वपूर्ण है क्योंकि ये ऊर्जा इतिहास और भूगोल से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य हैं।
Question 7. पेट्रोलियम के उपयोग बतलाइए।
Answer: पेट्रोलियम के विभिन्न रूप कृषि क्षेत्र, उद्योगों, यातायात, संचार और व्यावसायिक कार्यों में लगातार उपयोग किए जाते हैं। यह आधुनिक जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन गया है।
In simple words: पेट्रोलियम का उपयोग खेती, उद्योग, गाड़ी चलाने, संचार और व्यापार जैसे कई कामों में होता है।
🎯 Exam Tip: पेट्रोलियम के विभिन्न उत्पादों (पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, एलपीजी आदि) और उनके विविध उपयोगों को याद रखें।
Question 8. पेट्रोलियम गैस पर टिप्पणी लिखिए।
Answer: पेट्रोलियम गैस पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन से सबसे पहले \( 25^\circ \text{C} \) से \( 30^\circ \text{C} \) तापमान पर अलग होती है। इसमें मुख्य रूप से एथेन, प्रोपेन, ब्यूटेन और आइसोब्यूटेन का मिश्रण होता है। इस मिश्रण को उच्च दाब पर आसानी से द्रवित किया जाता है, जिसे लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) कहते हैं। इसका उपयोग मुख्य रूप से घरेलू ईंधन के रूप में किया जाता है। यह कम समय में अधिक ऊष्मा देती है और धुआँ रहित, प्रदूषण रहित और कालिख रहित होती है, जिससे यह एक स्वच्छ ईंधन है।
In simple words: पेट्रोलियम गैस प्रभाजी आसवन से सबसे पहले मिलती है। यह एथेन, प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है, जिसे दबाकर एलपीजी बनाते हैं। इसे घरों में ईंधन के रूप में इस्तेमाल करते हैं क्योंकि यह साफ जलती है और प्रदूषण नहीं करती।
🎯 Exam Tip: एलपीजी की रासायनिक संरचना, उत्पादन प्रक्रिया (प्रभाजी आसवन), और इसके लाभों (स्वच्छ ईंधन, उच्च कैलोरी मान) पर ध्यान केंद्रित करें।
Question 10. दहन किसे कहते हैं? दहन के प्रकारों का वर्णन उदाहरण सहित कीजिए।
Answer: दहन: कोई भी पदार्थ ऑक्सीजन की उपस्थिति में जलता है और ऊष्मा तथा प्रकाश उत्पन्न करता है, तो इस क्रिया को दहन कहते हैं। दहन के मुख्य रूप से दो प्रकार होते हैं:
1. संपूर्ण दहन: जब किसी भी पदार्थ को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलती है, तो वह नीली ज्वाला के साथ जलता है और कोई अधजला अवशेष नहीं छोड़ता। इस प्रक्रिया में प्रदूषण कम होता है। उदाहरण-एल.पी.जी. का दहन।
2. अपूर्ण दहन: जब किसी भी पदार्थ को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिलती है, तो वह पीली ज्वाला के साथ जलता है और धुआँ तथा कालिख उत्पन्न करता है। इस प्रक्रिया में प्रदूषण अधिक होता है। उदाहरण-लकड़ी का दहन।
In simple words: दहन का मतलब है किसी चीज का ऑक्सीजन की मदद से जलना और गर्मी-रोशनी पैदा करना। यह दो तरह का होता है: पूरा दहन (जब पर्याप्त ऑक्सीजन मिले) और अधूरा दहन (जब ऑक्सीजन कम मिले)।
🎯 Exam Tip: दहन की परिभाषा, उसके लिए आवश्यक शर्तें (ऑक्सीजन, ईंधन, ज्वलन ताप), और संपूर्ण व अपूर्ण दहन के बीच के अंतरों को उनके उदाहरणों के साथ स्पष्ट रूप से याद रखें।
Question 11. ऊर्जा संरक्षण क्यों आवश्यक है?
Answer: ऊर्जा संरक्षण इसलिए आवश्यक है क्योंकि ऊर्जा के अधिकांश स्रोत, जैसे जीवाश्म ईंधन, सीमित हैं और एक बार उपयोग करने के बाद फिर से बनने में लाखों साल लगते हैं। यदि हम इनका विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग नहीं करेंगे, तो ये भविष्य में खत्म हो जाएँगे। ऊर्जा संरक्षण से हम पर्यावरण को भी बचाते हैं, क्योंकि ऊर्जा के उत्पादन और उपभोग से प्रदूषण होता है, जिससे ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन का खतरा बढ़ता है। इसलिए, ऊर्जा का उपयोग सीमित और आवश्यकतानुसार विवेकपूर्ण तरीके से करना चाहिए ताकि ऊर्जा संरक्षित हो और पर्यावरण भी सुरक्षित रहे।
In simple words: ऊर्जा संरक्षण जरूरी है क्योंकि ऊर्जा के स्रोत कम हैं और उन्हें बनाने में बहुत समय लगता है। अगर हम ऊर्जा बचाते हैं, तो यह भविष्य के लिए भी बचेगी और पर्यावरण को भी नुकसान कम होगा।
🎯 Exam Tip: ऊर्जा संरक्षण के महत्व पर जोर दें, विशेष रूप से सीमित संसाधनों, पर्यावरणीय स्थिरता और भविष्य की पीढ़ियों के लिए संसाधनों को बनाए रखने के संदर्भ में।
Question 12. जागरूक नागरिक होने के नाते आप वाहन चालकों को ईंधन हेतु क्या सुझाव देंगे? अथवा पी.सी.आर.ए. (P.C.R.A.) का पूरा नाम लिखिए एवं पेट्रोल/डीजल बचाने हेतु इनके द्वारा दिये गये चार उपाय लिखिए। अथवा पेट्रोलियम संरक्षण अनुसंधान संघ (PCRA) द्वारा पेट्रोल-डीजल बचत के लिए दिए गए सुझावों को लिखिए।
Answer: पी.सी.आर.ए. (P.C.R.A.) का पूरा नाम पेट्रोलियम संरक्षण अनुसंधान संघ है। यह एक भारतीय संगठन है जो पेट्रोलियम उत्पादों के संरक्षण और कुशल उपयोग को बढ़ावा देता है। पी.सी.आर.ए. द्वारा पेट्रोल-डीजल बचत के लिए दिए गए सुझाव निम्नलिखित हैं:
1. जहाँ तक संभव हो गाड़ी समान और मध्यम गति से चलाएँ: अचानक तेज करने या ब्रेक लगाने से बचें।
2. यातायात लाइटों पर अथवा जहाँ आपको प्रतीक्षा करनी हो, गाड़ी का इंजन बंद कर देना चाहिए: बेवजह इंजन चालू न रखें।
3. टायरों का दाब सही रखना चाहिए: कम हवा वाले टायर से अधिक ईंधन खर्च होता है।
4. गाड़ी का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करें: नियमित सर्विसिंग से इंजन की दक्षता बनी रहती है।
In simple words: पेट्रोलियम संरक्षण अनुसंधान संघ (PCRA) सलाह देता है कि गाड़ी को सही गति पर चलाएं, रुकते समय इंजन बंद करें, टायरों में सही हवा रखें और गाड़ी की देखरेख करते रहें ताकि पेट्रोल-डीजल बचाया जा सके।
🎯 Exam Tip: पी.सी.आर.ए. के पूर्ण रूप को याद रखें और ईंधन बचाने के लिए दिए गए व्यावहारिक सुझावों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें।
Question 2. अपररूप व अपररूपता से क्या अभिप्राय है?
Answer: जब कोई तत्व दो या दो से अधिक रूपों में होता है, जिनके दिखने के गुण अलग होते हैं पर रासायनिक गुण एक जैसे होते हैं, उन्हें अपररूप कहते हैं। तत्व के इसी गुण को अपररूपता कहा जाता है। यह प्रकृति में तत्वों को अलग-अलग परिस्थितियों में ढलने में मदद करता है।
In simple words: जब एक ही चीज अलग-अलग तरह से दिखती है, पर असल में एक ही होती है, तो उसे अपररूप कहते हैं। इस गुण को अपररूपता कहते हैं।
🎯 Exam Tip: अपररूपता की परिभाषा याद रखें और कार्बन के अपररूपों के उदाहरणों को अच्छे से समझें, क्योंकि यह अक्सर पूछा जाता है।
Question 3. कार्बन के अपररूपों के बारे में संक्षिप्त में बताइए।
Answer: कार्बन के दो मुख्य प्रकार के अपररूप होते हैं:
1. क्रिस्टलीय अपररूप: इनमें कार्बन के परमाणु एक खास तय बनावट में जुड़े होते हैं। उदाहरण के लिए, ग्रेफाइट, हीरा और फुलरीन हैं।
2. अक्रिस्टलीय अपररूप: इनमें कार्बन के परमाणुओं की कोई तय बनावट नहीं होती है। उदाहरण के लिए, लकड़ी का कोयला और काजल हैं। ये अलग-अलग बनावट कार्बन परमाणुओं के जुड़ने के तरीके पर निर्भर करती है।
In simple words: कार्बन के दो तरह के अपररूप होते हैं: क्रिस्टलीय (जैसे हीरा, ग्रेफाइट, फुलरीन, जिनकी तय बनावट होती है) और अक्रिस्टलीय (जैसे लकड़ी का कोयला, काजल, जिनकी कोई तय बनावट नहीं होती)।
🎯 Exam Tip: क्रिस्टलीय और अक्रिस्टलीय अपररूपों के बीच का अंतर और उनके दो-दो उदाहरण याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 4. कार्बन के अपररूपों को चार्ट द्वारा प्रदर्शित कीजिए।
Answer: कार्बन के अपररूपों को एक चार्ट के रूप में नीचे दिखाया गया है। यह दिखाता है कि कार्बन कैसे क्रिस्टलीय और अक्रिस्टलीय रूपों में बंटा हुआ है।
In simple words: कार्बन के अलग-अलग रूप एक चार्ट में दिखाए गए हैं। ये क्रिस्टलीय और अक्रिस्टलीय होते हैं।
🎯 Exam Tip: फ्लोचार्ट को स्पष्ट और व्यवस्थित तरीके से बनाएँ, सभी प्रकारों और उप-प्रकारों को सही ढंग से दर्शाएँ।
Question 6. निम्न के बारे में बतलाइए
(i) विश्व में पहला तेल कुआँ
(ii) भारत में पहला तेल भण्डार
(iii) राजस्थान में तेल भण्डार
(iv) भारत में अन्य तेल कुएँ।
Answer:
(i) विश्व का पहला तेल का कुआँ: दुनिया का पहला तेल का कुआँ 1859 में अमेरिका के पेन्सिलवेनिया में खोदा गया था।
(ii) भारत का पहला तेल भंडार: भारत में पहला तेल भंडार 1867 में असम के माकूम में खोजा गया था। यह भारत में तेल उत्पादन की शुरुआत थी।
(iii) राजस्थान के तेल भंडार: राजस्थान में बाड़मेर के मंगला, भाग्यम, ऐश्वर्या, गुड़ा, रागेश्वरी, सरस्वती और कामेश्वरी जैसे कुओं में तेल के बड़े भंडार मिले हैं।
(iv) भारत के अन्य तेल कुएँ: भारत में गुजरात, मुंबई, गोदावरी और कृष्णा नदियों के बेसिन जैसे और भी कई जगहों पर तेल के कुएँ मौजूद हैं। ये सभी भारत की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
In simple words: (i) पहला विश्व तेल कुआँ: अमेरिका के पेन्सिलवेनिया में 1859 में मिला। (ii) पहला भारतीय तेल भंडार: 1867 में असम के माकूम में मिला। (iii) राजस्थान के तेल भंडार: बाड़मेर के मंगला, भाग्यम जैसे कुओं में हैं। (iv) अन्य भारतीय तेल कुएँ: गुजरात, मुंबई, गोदावरी और कृष्णा नदियों के पास हैं।
🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक तथ्यों और स्थानों को याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर पहले तेल कुएँ और भंडार से जुड़े विवरणों को।
Question 7. पेट्रोलियम के उपयोग बताइए।
Answer: पेट्रोलियम का उपयोग खेती-बाड़ी, कारखानों, गाड़ियों, संदेश भेजने और घरों व व्यापारिक कामों में लगातार किया जाता है। यह एक बहुत ही बहुउपयोगी प्राकृतिक संसाधन है, जिस पर आधुनिक जीवन बहुत निर्भर करता है।
In simple words: पेट्रोलियम का उपयोग खेती, उद्योगों, गाड़ियों, संचार और घरों में होता है।
🎯 Exam Tip: पेट्रोलियम के विभिन्न क्षेत्रों में उपयोगों की सूची बनाएँ और उन्हें याद रखें, जैसे परिवहन, उद्योग और घरेलू उपयोग।
Question 8. पेट्रोलियम गैस पर टिप्पणी लिखिए।
Answer: पेट्रोलियम गैस, जिसे आमतौर पर एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) कहते हैं, पेट्रोलियम को गर्म करके अलग किया जाता है। यह 25 \(^{\circ}\)C से 30 \(^{\circ}\)C के तापमान पर मिलती है। इसमें मुख्य रूप से एथेन, प्रोपेन और आइसोब्यूटेन गैसें मिली होती हैं। इस गैस के मिश्रण को बहुत दबाव में रखकर तरल बना दिया जाता है। एलपीजी का उपयोग घरों में खाना बनाने के ईंधन के रूप में किया जाता है। यह गैस तेजी से गर्मी देती है और जलने पर धुआँ या प्रदूषण नहीं करती, जिससे यह एक स्वच्छ ईंधन है।
In simple words: पेट्रोलियम गैस (LPG) पेट्रोलियम से मिलती है। यह एथेन, प्रोपेन और आइसोब्यूटेन का मिश्रण है। इसे दबाव में तरल कर दिया जाता है और घरों में खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होता है। यह जल्दी गर्म होती है और प्रदूषण नहीं करती।
🎯 Exam Tip: एलपीजी की रासायनिक संरचना (एथेन, प्रोपेन, आइसोब्यूटेन) और इसके मुख्य गुणों (कम तापमान पर तरल, स्वच्छ ईंधन) पर ध्यान दें।
निबंधात्मक प्रश्न
Question 1. ईंधन के विभिन्न स्रोतों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
Answer: ईंधन के कई अलग-अलग स्रोत होते हैं:
जैव द्रव्यमान (बायोमास): पौधों और जानवरों के शरीर में जो चीजें होती हैं, उन्हें जैव द्रव्यमान कहते हैं। उदाहरण के लिए, लकड़ी, खेत का कचरा, और गोबर शामिल हैं। यह नवीकरणीय ऊर्जा का स्रोत है।
कच्चे तेल के कुएँ: इन कुओं से कच्चा तेल मिलता है, जिसे कई प्रक्रियाओं से गुजारने के बाद पेट्रोलियम ईंधन जैसे पेट्रोल और डीजल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
कोयले की खान: कोयले की खानों से पत्थर का कोयला निकलता है, जो एक मुख्य ईंधन है। ईंधन तीन अवस्थाओं में पाए जाते हैं:
1. ठोस ईंधन: लकड़ी का कोयला, पत्थर का कोयला, लकड़ी, गोबर के कंडे और खेत के बचे हुए पदार्थ ठोस ईंधन के उदाहरण हैं।
2. द्रव ईंधन: केरोसिन, डीजल, पेट्रोल, गैसोलीन और अल्कोहल जैसे पदार्थ तरल ईंधन होते हैं।
3. गैसीय ईंधन: गोबर गैस, वाटर गैस, कोल गैस, प्रोड्यूसर गैस, प्राकृतिक गैस और एलपीजी (द्रवित पेट्रोलियम गैस) गैसीय ईंधन के उदाहरण हैं। यह तीनों प्रकार के ईंधन हमारी दैनिक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करते हैं।
कार्बन की मात्रा के आधार पर कोयले को चार मुख्य प्रकारों में बांटा गया है:
1. पीट: इसमें लगभग 60% कार्बन होता है।
2. लिग्नाइट: इसमें लगभग 67% कार्बन होता है।
3. बिटुमिनी: इसमें लगभग 80% कार्बन होता है।
4. एन्थ्रेसाइट: इसमें लगभग 90-98% कार्बन होता है। यह सबसे अच्छी गुणवत्ता का कोयला होता है।
In simple words: ईंधन के कई स्रोत हैं: जैव द्रव्यमान (लकड़ी, गोबर), कच्चे तेल के कुएँ (पेट्रोलियम), और कोयले की खानें (कोयला)। ईंधन ठोस (लकड़ी), तरल (पेट्रोल) या गैस (LPG) रूप में हो सकते हैं। कोयला कार्बन की मात्रा के हिसाब से पीट, लिग्नाइट, बिटुमिनी और एन्थ्रेसाइट में बांटा गया है।
🎯 Exam Tip: ईंधन के विभिन्न स्रोतों के नाम और प्रत्येक के कम से कम दो उदाहरण याद रखना महत्वपूर्ण है। कोयले के प्रकारों को उनकी कार्बन मात्रा के साथ जानना भी जरूरी है।
Question 3. पेट्रोलियम निर्माण के प्रक्रम को समझाइए।
Answer: पेट्रोलियम समुद्र में रहने वाले छोटे पौधों और जानवरों के बचे हुए हिस्सों से बनता है। लाखों-करोड़ों साल पहले, ये जीव समुद्र में मर गए और धीरे-धीरे समुद्र के तल पर जमते चले गए। फिर ये रेत और मिट्टी की कई परतों से ढक गए। गहरे दब जाने पर, बहुत ज्यादा दबाव और गर्मी के कारण, साथ ही कुछ खास तरह के जीवाणुओं (बैक्टीरिया) की मदद से, ये मरे हुए जीव धीरे-धीरे हाइड्रोकार्बन में बदल जाते हैं। इसी को हम पेट्रोलियम कहते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में ऑक्सीजन (हवा) नहीं होती और इसे पूरा होने में लाखों साल लगते हैं। यह प्रक्रिया पृथ्वी के इतिहास में लाखों वर्षों तक चलती रही है।
In simple words: पेट्रोलियम समुद्र में मरे हुए छोटे पौधों और जानवरों से बनता है। लाखों साल पहले, ये जीव समुद्र के नीचे मिट्टी में दब गए। बहुत गर्मी और दबाव से, बिना हवा के, वे धीरे-धीरे पेट्रोलियम में बदल गए।
🎯 Exam Tip: पेट्रोलियम निर्माण की प्रक्रिया के मुख्य चरणों (जैविक पदार्थ का जमाव, दफन, दबाव, ताप और ऑक्सीजन की अनुपस्थिति) पर ध्यान दें।
Question 4. पेट्रोलियम शोधन प्रक्रिया को सचित्र समझाइए।
Answer: पेट्रोलियम को साफ करने की प्रक्रिया को प्रभाजी आसवन कहते हैं। कच्चा पेट्रोलियम गहरे भूरे रंग का, गाढ़ा तेल जैसा होता है, जो कई चीजों का मिश्रण होता है। इसे सीधे ईंधन के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, क्योंकि इसमें पेट्रोलियम गैस, पेट्रोल, नेफ्था, डीजल, और केरोसिन जैसे कई घटक होते हैं, जिनके उबलने के तापमान अलग-अलग होते हैं।
शोधन के लिए, कच्चे तेल को एक लंबी, खड़ी टंकी (जिसे प्रभाजक स्तंभ कहते हैं) के निचले हिस्से में डालकर धीरे-धीरे गरम करते हैं। जब तेल गरम होता है, तो उसके घटक अलग-अलग तापमान पर भाप बनकर ऊपर उठते हैं। जो घटक कम तापमान पर उबलते हैं, वे स्तंभ में ऊपर जाते हैं, और जो अधिक तापमान पर उबलते हैं, वे नीचे रहते हैं। जैसे-जैसे ये भाप ऊपर उठती है, वे ठंडी होकर फिर से तरल बन जाती हैं और अलग-अलग स्तरों पर जमा हो जाती हैं। इस तरीके से अलग-अलग पेट्रोलियम उत्पाद जैसे पेट्रोलियम गैस, पेट्रोल, नेफ्था, केरोसिन, और डीजल को इकट्ठा कर लिया जाता है। यह प्रक्रिया तापमान के अंतर का उपयोग करके घटकों को अलग करती है।
In simple words: पेट्रोलियम को साफ करने की प्रक्रिया को प्रभाजी आसवन कहते हैं। इसमें कच्चे तेल को गरम किया जाता है, जिससे उसके अलग-अलग हिस्से (जैसे पेट्रोल, डीजल) भाप बनकर ऊपर उठते हैं और फिर ठंडे होकर अलग-अलग जमा हो जाते हैं। यह प्रक्रिया एक खास टावर में होती है।
🎯 Exam Tip: प्रभाजी आसवन स्तंभ के कार्य सिद्धांत और विभिन्न घटकों के क्वथनांक के आधार पर उनके अलगाव को समझना महत्वपूर्ण है।
Question 5. पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन से प्राप्त उत्पादों का वर्णन कीजिए।
Answer: पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन से कई महत्वपूर्ण उत्पाद मिलते हैं, जो अलग-अलग तापमान पर अलग किए जाते हैं:
1. पेट्रोलियम गैस (LPG): यह 25 \(^{\circ}\)C से 30 \(^{\circ}\)C पर सबसे पहले निकलती है। इसमें एथेन, प्रोपेन और आइसोब्यूटेन गैसें होती हैं, जिन्हें उच्च दबाव में तरल करके रसोई गैस (LPG) के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
2. पेट्रोल: यह 30 \(^{\circ}\)C से 120 \(^{\circ}\)C के तापमान पर प्राप्त होता है। इसका उपयोग गाड़ियों में ईंधन के रूप में और ड्राईक्लीनिंग में किया जाता है। पेट्रोल हल्के वाहनों के लिए महत्वपूर्ण है।
3. नेफ्था: यह 120 \(^{\circ}\)C से 180 \(^{\circ}\)C के तापमान पर मिलता है। इसका उपयोग ईंधन के तौर पर और रासायनिक उद्योग में होता है, खासकर प्लास्टिक बनाने में।
4. केरोसिन (मिट्टी का तेल): यह 180 \(^{\circ}\)C से 260 \(^{\circ}\)C पर अलग होता है। इसे घरों में खाना बनाने, जेट विमानों में और चिमनी, लालटेन जलाने में इस्तेमाल करते हैं।
5. डीजल: यह 260 \(^{\circ}\)C से 340 \(^{\circ}\)C पर प्राप्त होता है। इसका उपयोग भारी गाड़ियों जैसे ट्रकों, ट्रैक्टरों और बिजली बनाने वाले जनरेटरों में होता है। डीजल भारी मशीनरी के लिए मुख्य ईंधन है।
6. स्नेहक तेल: यह पेट्रोलियम से 350 \(^{\circ}\)C पर अलग किया जाता है। इसका उपयोग मशीनों को चिकना करने के लिए किया जाता है, जिससे उनकी कार्यक्षमता बढ़ती है।
In simple words: प्रभाजी आसवन से पेट्रोलियम गैस (LPG), पेट्रोल, नेफ्था, केरोसिन, डीजल, और स्नेहक तेल जैसे कई उत्पाद मिलते हैं। हर उत्पाद अलग-अलग तापमान पर अलग होता है और उसके अलग-अलग उपयोग होते हैं।
🎯 Exam Tip: प्रत्येक पेट्रोलियम उत्पाद का नाम, उसका क्वथनांक सीमा और उसके प्रमुख उपयोगों को याद रखें।
Question 6. चित्र को देखकर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए
1. चित्र में किस पदार्थ की क्रिस्टलीय संरचना दर्शाई गई है?
2. इस पदार्थ की दो विशेषताएँ दीजिए।
3. इस तत्व के कोई तीन उपयोग लिखिए।
Answer:
1. चित्र में ग्रेफाइट की क्रिस्टलीय बनावट दिखाई गई है।
2. इस पदार्थ की दो मुख्य विशेषताएँ हैं:
• ग्रेफाइट एक काले-भूरे रंग का पदार्थ है। इसे छूने पर यह चिकना लगता है।
• ग्रेफाइट बिजली का अच्छा चालक होता है। यह गुण इसे कई इलेक्ट्रॉनिक अनुप्रयोगों में उपयोगी बनाता है।
3. ग्रेफाइट के तीन उपयोग इस प्रकार हैं:
• पेन्सिल की नोक बनाने में।
• बिजली की आर्क बनाने वाली भट्टियों में।
• सूखी बैटरियों (ड्राई सेल) में।
In simple words: 1. यह ग्रेफाइट की संरचना है। 2. यह चिकना और बिजली का अच्छा चालक होता है। 3. इसका उपयोग पेन्सिल, बिजली के उपकरण और बैटरी में होता है।
🎯 Exam Tip: ग्रेफाइट की संरचना (षट्कोणीय परतें) और उसके गुणों (नरम, चिकना, विद्युत चालक) को उसके उपयोगों से जोड़कर याद रखें।
Question 7. चित्र को देखकर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिएपेट्रोलियम
1. यह किस प्रक्रिया का चित्र है?
2. पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन से प्राप्त किन्हीं चार पदार्थों का नाम लिखिए।
3. इनमें से किन्हीं तीन पदार्थों का उपयोग भी बताइए।
Answer:
1. यह चित्र पेट्रोलियम निकालने की प्रक्रिया (कुएँ) को दिखाता है। इस प्रक्रिया को पेट्रोलियम का खनन कहते हैं।
2. पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन से प्राप्त होने वाले चार पदार्थ हैं: पेट्रोलियम गैस, पेट्रोल, नेफ्था और डामर। इसके अलावा केरोसिन और डीजल भी प्रमुख उत्पाद हैं।
3. इनमें से कुछ पदार्थों के उपयोग इस प्रकार हैं:
• पेट्रोलियम गैस: इसे रसोई में खाना पकाने के लिए ईंधन के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
• पेट्रोल: यह गाड़ियों में ईंधन के रूप में और सूखी धुलाई (ड्राईक्लीनिंग) में उपयोग होता है।
• डामर: इसका उपयोग सड़कें बनाने में किया जाता है, जिससे सड़कें टिकाऊ बनती हैं।
In simple words: 1. यह पेट्रोलियम निकालने का चित्र है। 2. पेट्रोलियम से पेट्रोल, डीजल, नेफ्था, और डामर जैसे पदार्थ मिलते हैं। 3. पेट्रोलियम गैस खाना बनाने में, पेट्रोल गाड़ियों में, और डामर सड़क बनाने में काम आता है।
🎯 Exam Tip: पेट्रोलियम निष्कर्षण और उसके विभिन्न उत्पादों के नाम व उपयोगों को एक साथ याद रखें।
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