RBSE Solutions Class 8 Science Chapter 17 पर्यावरण

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Detailed Chapter 17 पर्यावरण RBSE Solutions for Class 8 Science

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Class 8 Science Chapter 17 पर्यावरण RBSE Solutions PDF

 

Question 1. नीचे दी गई सारणी में देखी गई वस्तुओं, पेड़पौधों, जीव-जन्तु एवं हुए अनुभवों को भरिए।
Answer:

क्र. सं.देखी गई वस्तुओं के नामदेखे गए पेड़-पौधों एवं जीव-जंतुओं के नामअनुभव की गई क्रियाओं के नाम
1मिट्टीपीपलहवा
2पत्थरधूपशोर
3लकड़ीनीमसर्दी लगना
4लोहे का टुकड़ाआमगर्मी लगना
5पेड़ों की पत्तियाँछिपकलीसुहावनापन
6कचराकुत्तानदी की कल कल ध्वनि
7कागजगायशान्ति
8कपड़ाबन्दरपक्षियों की चहचहाहट
9फल-सब्जियों के छिलकेभैंसप्रकृति की
10सड़े-गले फलबकरीउमस

In simple words: इस सारणी में, हमने अपने आस-पास की चीज़ों, पेड़-पौधों, जानवरों और उनके अनुभवों को उनके सही वर्ग में रखा है। यह हमें अपने पर्यावरण को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।

🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों में, सुनिश्चित करें कि आप वस्तुओं, जीवों और अनुभवों को सही कॉलम में वर्गीकृत करते हैं, और सभी दस प्रविष्टियों को पूरा करें ताकि कोई भी छूटे नहीं।

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

सही विकल्प का चयन कीजिए

 

Question 2. सामान्य भाषा में प्रदूषण का अर्थ हैं-
(अ) अदूषित वातावरण
(ब) दूषित वातावरण
(स) अदूषित व दूषित वातावरण
(द) सुहाना वातावरण
Answer: (ब) दूषित वातावरण
In simple words: प्रदूषण का मतलब है जब हमारा आस-पास का माहौल गंदा हो जाता है, जिससे वह हमारे लिए अच्छा नहीं रहता।

🎯 Exam Tip: प्रदूषण की परिभाषा को याद रखें, जिसमें मुख्य रूप से 'दूषित' या 'अवांछित परिवर्तन' शब्द शामिल होते हैं।

 

Question 3. पर्यावरण को बचाए रखने के लिए पर्यावरणीय जीवनशैली में नहीं हैं-
(अ) सीमित उपयोग
(ब) संयमित उपयोग
(स) सदाचारी उपयोग
(द) असीमित उपयोग
Answer: (द) असीमित उपयोग
In simple words: पर्यावरण को बचाने के लिए हमें चीज़ों का बहुत ज़्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। असीमित उपयोग से पर्यावरण को नुकसान पहुँचता है।

🎯 Exam Tip: पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली के सिद्धांतों पर ध्यान दें, जिनमें हमेशा 'सीमित', 'संयमित' और 'सही' उपयोग शामिल होता है।

 

Question 4. विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है-
(अ) 21 जून
(ब) 05 जून
(स) 2 अक्टूबर
(द) 14 नवम्बर
Answer: (ब) 05 जून
In simple words: हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाते हैं ताकि लोगों को पर्यावरण बचाने के बारे में सिखाया जा सके।

🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण दिवसों की तारीखें और उनके महत्व को याद रखें, क्योंकि ये अक्सर सामान्य ज्ञान के प्रश्नों में पूछे जाते हैं।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

 

Question 2. भारतीय संस्कृति में बताए गए पंचतत्व__ हैं।
Answer: पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि तथा आकाश
In simple words: भारतीय संस्कृति में माना जाता है कि हमारा शरीर और पूरा ब्रह्मांड पाँच मुख्य तत्वों से मिलकर बना है।

🎯 Exam Tip: भारतीय दर्शन के पंचतत्वों को उनके सही नामों के साथ याद रखें, यह संस्कृति और विज्ञान दोनों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण तथ्य है।

 

Question 3. अजैविक घटक में_____ आते हैं।
Answer: सभी निर्जीव
In simple words: अजैविक घटक में वो सारी चीज़ें आती हैं जो जीवित नहीं होतीं, जैसे पत्थर या पानी।

🎯 Exam Tip: अजैविक घटकों की परिभाषा और कुछ उदाहरणों को याद रखें ताकि आप उन्हें आसानी से पहचान सकें।

 

Question 4. भू-प्रदूषण से भूमि की उर्वरता व में कमी आई हैं।
Answer: उत्पादकता या उत्पादन क्षमता।
In simple words: जब ज़मीन प्रदूषित हो जाती है, तो उसकी फसल उगाने की शक्ति कम हो जाती है।

🎯 Exam Tip: भू-प्रदूषण के प्रभावों को समझें, खासकर भूमि की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता पर पड़ने वाले असर को याद रखना महत्वपूर्ण है।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. पर्यावरण के प्रकार लिखिये।
Answer: मुख्य रूप से पर्यावरण के दो प्रकार हैं:
1. सामाजिक पर्यावरण- सामाजिक पर्यावरण का मुख्य घटक समाज है।
2. प्राकृतिक पर्यावरण- जैविक एवं अजैविक कारक प्राकृतिक पर्यावरण के घटक हैं। एक-दूसरे पर निर्भर ये दोनों प्रकार पर्यावरण का संतुलन बनाए रखते हैं।
In simple words: पर्यावरण दो तरह का होता है - एक जिसमें लोग और समाज आते हैं, और दूसरा जिसमें कुदरती चीजें जैसे पेड़-पौधे और पहाड़ आते हैं।

🎯 Exam Tip: पर्यावरण के दो मुख्य प्रकारों को उनके संबंधित घटकों के साथ याद रखें, यह पर्यावरण अध्ययन का आधार है।

 

Question 2. प्रदूषण किसे कहते हैं? इनके प्रकार लिखिए।
Answer: प्रदूषण- पर्यावरण के विभिन्न घटकों में होने वाले अवांछित परिवर्तनों को प्रदूषण कहते हैं। सामान्य भाषा में प्रदूषण का अर्थ है 'दूषित वातावरण'। प्रदूषण तब होता है जब कोई हानिकारक पदार्थ वातावरण में मिल जाता है और उसे दूषित कर देता है।
प्रदूषण के प्रकार-
1. जल प्रदूषण
2. वायु प्रदूषण
3. ध्वनि प्रदूषण
4. भू-प्रदूषण या मृदा प्रदूषण
5. रेडियोधर्मी/आणविक प्रदूषण
6. सामाजिक प्रदूषण
In simple words: प्रदूषण मतलब जब हमारा आसपास का माहौल गंदा हो जाता है। इसके कई प्रकार होते हैं, जैसे पानी का गंदा होना, हवा का गंदा होना और तेज़ आवाज़ से होने वाला प्रदूषण।

🎯 Exam Tip: प्रदूषण की परिभाषा को सही ढंग से याद करें और इसके विभिन्न प्रकारों के नाम लिखना न भूलें।

 

Question 3. पर्यावरण को बचाने के लिए आप क्या संकल्प लेंगे? लिखिए।
Answer: पर्यावरण प्रदूषण की समस्याएँ प्रकृति चक्र टूटने से उत्पन्न होती हैं। इसलिए, हम अपने जीवन के विशेष अवसरों जैसे-जन्म दिवस, त्यौहार, पुण्यतिथि आदि पर वृक्ष लगाने का संकल्प लेकर पर्यावरण संरक्षण में अपना सहयोग देंगे। पेड़ लगाकर हम धरती को हरा-भरा रखने में मदद कर सकते हैं।
In simple words: पर्यावरण को बचाने के लिए हम हर खास दिन पेड़ लगाने का वादा करेंगे। इससे प्रकृति का चक्र बना रहेगा।

🎯 Exam Tip: अपने संकल्प को स्पष्ट और क्रियाशील शब्दों में लिखें, जैसे वृक्षारोपण और जागरूकता फैलाना।

 

Question 4. पर्यावरण रक्षा के लिए किन-किन स्तरों पर प्रयास कर सकते हैं? लिखिए।
Answer: हम सभी मिलकर पर्यावरण रक्षा हेतु विभिन्न स्तरों पर प्रयास कर सकते हैं। पर्यावरण बचाने के लिए हमारे छोटे-छोटे प्रयास भी बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। ये स्तर निम्न प्रकार के हो सकते हैं-
1. व्यक्तिगत
2. पारिवारिक
3. सार्वजनिक
4. कार्यस्थल
5. विद्यालय
6. शासकीय स्तर आदि
In simple words: हम अलग-अलग स्तरों पर पर्यावरण को बचाने की कोशिश कर सकते हैं, जैसे खुद से, परिवार में, स्कूल में या सरकार के साथ मिलकर।

🎯 Exam Tip: प्रयासों के विभिन्न स्तरों को याद रखें और प्रत्येक स्तर पर कुछ उदाहरणों के साथ उन्हें समझाएँ ताकि आपका उत्तर विस्तृत हो।

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. पर्यावरण व इसके संरक्षण हेतु भारतीय दृष्टिकोण के बारे में समझाइये।
Answer: पर्यावरण और भारतीय दृष्टि- हमारी संस्कृति एवं परम्पराओं में पर्यावरण के घटकों का सदैव पूजन किया जाता है। हरे वृक्षों को काटना पाप है। स्नान के बाद पौधों व वृक्ष पर जल चढ़ाते हैं, सूर्य की पूजा की जाती है, जो कि ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है। हमारी जीवनशैली ऐसी है जो पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन में सहायक है। भारतीय संस्कृति में भी पर्यावरण संरक्षण पर महत्त्व दिया गया है। मनुष्य का प्रकृति के साथ अटूट सम्बन्ध है। हमारा जीवन प्रकृति के साथ संतुलन में रहने से ही सुरक्षित रह सकता है।
पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि, आकाश को पर्यावरण के प्रमुख घटक माना गया है। हमारा शरीर भी इन्हीं पाँच तत्वों से बना है। पर्यावरण के इन्हीं पाँच तत्वों की सुरक्षा करने से ही हमारा जीवन सुरक्षित रह सकेगा।
हम धरती को मातृवत व जल, नदियाँ, पर्वत, वृक्ष, जलाशयों, वायु को पूजनीय मानकर पर्यावरण संरक्षण की व्यवस्था करते हैं। पेड़-पौधों को जल सींचने की परम्परा आज भी चल रही है। हमारी संस्कृति में जीवों को देवी-देवताओं के वाहन के रूप में प्रमुख स्थान दिया गया है।
In simple words: भारत में हम पर्यावरण को पूजते हैं। पेड़-पौधों, नदियों और धरती को देवी-देवता मानते हैं। हमारा मानना है कि हमें प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर रहना चाहिए, क्योंकि हमारा शरीर भी पंचतत्वों से बना है।

🎯 Exam Tip: भारतीय दृष्टिकोण को समझाते समय, प्रकृति के प्रति सम्मान, पंचतत्वों का महत्व, और वृक्षारोपण जैसी परंपराओं का उल्लेख करें।

 

Question. अथवा पर्यावरण से आपका क्या तात्पर्य है? पर्यावरण संरक्षण में राजस्थान की भूमिका पर प्रकाश डालिए।
Answer: पर्यावरण- पेड़-पौधों, जीव-जन्तुओं, जल, वायु एवं अन्य पदार्थ जिन्हें हम देख अथवा अनुभव कर सकते हैं, वे सभी मिलकर पर्यावरण का निर्माण करते हैं। इस प्रकार हमारे चारों ओर का परिवेश ही पर्यावरण है। यह हमारी धरती पर जीवन का आधार है।
पर्यावरण संरक्षण में राजस्थान की भूमिका- पर्यावरण संरक्षण के लिए राजस्थान में किये गये प्रयासों के प्रमुख उदाहरण निम्न हैं:
1. जोधपुर जिले के खेजड़ली ग्राम में अमृता देवी का बलिदान।
2. राजसमन्द जिले के पिपलांत्री ग्राम की किरण निधि संस्था के कार्य।

1. जोधपुर जिले के खेजड़ली ग्राम में अमृता देवी का बलिदान- तत्कालीन जोधपुर महाराजा को राजकार्य हेतु लकड़ियों की आवश्यकता हुई। इस हेतु खेजड़ली ग्राम का चयन किया गया एवं वहाँ पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाने लगे। जब इसकी सूचना अमृतादेवी एवं गाँव वालों को हुई तो वे वृक्षों को बचाने पहुँचे और अमृतादेवी ने पेड़ों को नहीं काटने की राजा के सैनिकों से प्रार्थना की। किन्तु सैनिक नहीं माने। अन्त में अमृतादेवी अपनी पुत्रियों एवं गाँव वालों के साथ पेड़ों से लिपट गई। अमृतादेवी बोली, सिर कट जाए पर पेड़ बच जाए तो भी यह सस्ता सौदा है। वृक्ष बचाने के इस अद्भुत प्रयास में अमृतादेवी, उनकी पुत्रियाँ व ग्रामवासियों सहित 363 लोग बलिदान हो गए। परन्तु जान देकर अमृतादेवी व ग्रामवासियों ने पर्यावरण की रक्षा की। यह घटना पर्यावरण संरक्षण के लिए एक महान प्रेरणा है।
2. राजसमन्द जिले के पिपलांत्री ग्राम की किरण निधि संस्था- ने वहाँ पर्यावरण संरक्षण हेतु अभियान चला रखा है। वहाँ पुत्री के जन्म को उत्सव में मनाकर 111 पौधे लगाये जाते हैं। यह पेड़ों को बचाने और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का एक सुंदर मिश्रण है।
In simple words: पर्यावरण वह सब कुछ है जो हमारे चारों ओर है, जैसे पेड़, जानवर, हवा और पानी। राजस्थान ने पर्यावरण बचाने के लिए बड़े काम किए हैं, जैसे अमृता देवी का बलिदान और पिपलांत्री गांव की किरण निधि संस्था, जहाँ बेटी पैदा होने पर पेड़ लगाए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: पर्यावरण की परिभाषा को स्पष्ट रूप से लिखें और राजस्थान के योगदान को उदाहरणों के साथ समझाएँ, जैसे खेजड़ली बलिदान और पिपलांत्री संस्था के कार्य।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. पृथ्वी दिवस मनाया जाता है
(अ) 22 अप्रेल को
(ब) 5 जून को
(स) 11 जुलाई को
(द) 1 मई को
Answer: (अ) 22 अप्रेल को
In simple words: धरती को बचाने के लिए हर साल 22 अप्रैल को 'पृथ्वी दिवस' मनाया जाता है।

🎯 Exam Tip: 'पृथ्वी दिवस' की सही तारीख याद रखें, यह पर्यावरण जागरूकता से जुड़ा एक महत्वपूर्ण तथ्य है।

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

 

Question 3. निम्न में से प्राकृतिक पर्यावरण का घटक है
(अ) जैविक घटक
(ब) अजैविक घटक
(स) अ व ब दोनों
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (स) अ व ब दोनों
In simple words: प्राकृतिक पर्यावरण में वो सभी चीज़ें शामिल होती हैं जो जीवित हैं (जैविक) और जो जीवित नहीं हैं (अजैविक), जैसे पेड़ और पत्थर।

🎯 Exam Tip: प्राकृतिक पर्यावरण में जैविक और अजैविक दोनों घटकों को शामिल करना याद रखें, क्योंकि ये दोनों मिलकर ही पर्यावरण बनाते हैं।

 

Question 4. निम्न में से अजैविक घटक हैं
(अ) सभी सजीव
(ब) सभी निर्जीव
(स) मनुष्य
(द) पर्वत
Answer: (ब) सभी निर्जीव
In simple words: अजैविक घटक वो होते हैं जिनमें जीवन नहीं होता, जैसे पत्थर, मिट्टी, पानी और हवा।

🎯 Exam Tip: अजैविक घटकों की परिभाषा को स्पष्ट रूप से याद रखें, जिसमें सभी निर्जीव वस्तुएँ शामिल होती हैं।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

 

Question 1. हमारे चारों ओर काही___ ही पर्यावरण (परिवेश/समावेश)
Answer: परिवेश
In simple words: हमारे चारों तरफ जो कुछ भी है, वही हमारा पर्यावरण या परिवेश कहलाता है।

🎯 Exam Tip: 'परिवेश' शब्द को पर्यावरण के समानार्थी के रूप में याद रखें, क्योंकि यह अक्सर इस्तेमाल होता है।

 

Question 2. सामाजिक पर्यावरण का प्रमुख घटक है। (पर्यावरण/मानव समाज)
Answer: मानव समाज
In simple words: सामाजिक पर्यावरण का सबसे खास हिस्सा इंसान और उनका समाज ही है।

🎯 Exam Tip: सामाजिक पर्यावरण के केंद्र में मानव समाज को हमेशा ध्यान में रखें, क्योंकि यह इसका मूल घटक है।

 

Question 4. हमारा शरीर_____ से मिलकर बना है। (पाँच तत्वों/अनेक वस्तुओं)
Answer: पाँच तत्वों
In simple words: हमारा शरीर पाँच मुख्य तत्वों से मिलकर बना है, जैसे पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश।

🎯 Exam Tip: भारतीय दर्शन के अनुसार शरीर के पंचतत्वों को सही क्रम में याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 5. ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत_____ है। (सूर्य/चन्द्रमा)
Answer: सूर्य
In simple words: सूरज ही हमारी धरती पर ऊर्जा का सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत है, जो हमें रोशनी और गर्मी देता है।

🎯 Exam Tip: सौर ऊर्जा के महत्व को याद रखें, क्योंकि यह पृथ्वी पर जीवन का मुख्य आधार है।

सही मिलान कीजिए

 

Question 1. निम्नांकित को सही मिलान कीजिए
Answer:

कॉलम 'A'कॉलम 'B'
1. उत्पादकB. हरे पेड़-पौधे
2. उपभोक्ताD. जीव-जन्तु
3. अपघटकA. सूक्ष्म जीव
4. किरणनिधि संस्थाE. पिपलांत्री
5. खेजड़ली मेलाC. भाद्रपद सुदी दशमी

In simple words: हमने कॉलम 'A' में दी गई चीज़ों को कॉलम 'B' में उनसे जुड़ी सही चीज़ों से मिलाया है। यह हमें अलग-अलग पर्यावरणीय भूमिकाओं और स्थानों को समझने में मदद करता है।

🎯 Exam Tip: सही मिलान के प्रश्नों में, हर पद की परिभाषा और उससे जुड़े उदाहरणों को स्पष्ट रूप से याद रखें।

 

Question 2. प्रदूषण किसे कहते हैं?
Answer: जल, मृदा एवं वायु में अवांछित एवं हानिकारक पदार्थों के मिल जाने को प्रदूषण कहते हैं। यह हमारे पर्यावरण को नुकसान पहुँचाता है और जीवन के लिए खतरा पैदा करता है।
In simple words: जब पानी, मिट्टी या हवा में खराब और नुकसानदेह चीजें मिल जाती हैं, तो उसे प्रदूषण कहते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रदूषण की परिभाषा देते समय, 'अवांछित' और 'हानिकारक' शब्दों का प्रयोग करें ताकि इसका नकारात्मक प्रभाव स्पष्ट हो।

 

Question 3. सामाजिक पर्यावरण से क्या अभिप्राय है?
Answer: सामाजिक पर्यावरण, सामाजिक सम्बन्धों की अन्तक्रिया से प्रकट होता है। आपसी सद्व्यवहार एवं सकारात्मक सोच स्वस्थ सामाजिक पर्यावरण के लिए आवश्यक है। इसमें मनुष्य और समाज के बीच के सभी रिश्ते शामिल होते हैं।
In simple words: सामाजिक पर्यावरण का मतलब है कि लोग आपस में कैसे रहते हैं और एक-दूसरे के साथ कैसा व्यवहार करते हैं। अच्छे रिश्ते और अच्छी सोच से ही अच्छा सामाजिक माहौल बनता है।

🎯 Exam Tip: सामाजिक पर्यावरण को परिभाषित करते समय, मानवीय संबंधों, सोच और आपसी व्यवहार के महत्व पर जोर दें।

 

Question 4. सामाजिक पर्यावरण का मुख्य घटक क्या है?
Answer: सामाजिक पर्यावरण का मुख्य घटक मानव समाज है। समाज के बिना सामाजिक पर्यावरण का कोई अर्थ नहीं है।
In simple words: सामाजिक पर्यावरण का सबसे ज़रूरी हिस्सा मानव समाज है, यानी हम सब लोग।

🎯 Exam Tip: सामाजिक पर्यावरण के मुख्य घटक को स्पष्ट रूप से 'मानव समाज' के रूप में पहचानें और लिखें।

 

Question 5. प्राकृतिक पर्यावरण से क्या अभिप्राय है?
Answer: हमारे आसपास के परिवेश में पाए जाने वाले पेड़-पौधे, जीव-जन्तु, वायु, जल, मृदा आदि मिलकर प्राकृतिक पर्यावरण का निर्माण करते हैं। जैविक एवं अजैविक इसके दो घटक होते हैं। यह वह हिस्सा है जहाँ प्रकृति अपने नियमों से काम करती है।
In simple words: प्राकृतिक पर्यावरण का मतलब है हमारे आस-पास के सभी पेड़-पौधे, जानवर, हवा, पानी और मिट्टी। इसमें जीवित और निर्जीव दोनों चीज़ें आती हैं।

🎯 Exam Tip: प्राकृतिक पर्यावरण को परिभाषित करते समय, इसके विभिन्न घटकों (जैविक और अजैविक) का उल्लेख करें।

 

Question 6. प्राकृतिक पर्यावरण के कितने घटक होते हैं?
Answer: प्राकृतिक पर्यावरण के दो घटक होते हैं-
1. जैविक घटक
2. अजैविक घटक।
ये दोनों घटक एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखते हैं।
In simple words: प्राकृतिक पर्यावरण के दो मुख्य हिस्से होते हैं: एक जैविक, जिसमें जीवित चीजें आती हैं, और दूसरा अजैविक, जिसमें निर्जीव चीजें आती हैं।

🎯 Exam Tip: प्राकृतिक पर्यावरण के दो प्रमुख घटकों के नाम सही-सही याद रखें।

 

Question 7. अपघटक किन्हें कहते हैं ?
Answer: जैविक खाद क्या होती हैं? फल-सब्जियों के छिलके, सड़े-गले फल, सूखी पत्तियाँ, टूटी शाखाओं इत्यादि से तैयार की जाने वाली खाद जैविक खाद कहलाती है। यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है।
In simple words: जैविक खाद वो होती है जो फलों के छिलकों, सड़े हुए फलों और सूखी पत्तियों जैसी प्राकृतिक चीज़ों से बनती है।

🎯 Exam Tip: जैविक खाद की परिभाषा और उसके मुख्य स्रोत याद रखें, यह पर्यावरण-अनुकूल खेती का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

 

Question 10. हमारे शरीर का निर्माण करने वाले पाँच तत्वों के नाम बताओ।
Answer: पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि, आकाश हमारे शरीर को निर्माण करने वाले पंचतत्व हैं। ये सभी तत्व हमारे जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं।
In simple words: हमारा शरीर पाँच मुख्य तत्वों से बना है: धरती, पानी, हवा, आग और आकाश।

🎯 Exam Tip: शरीर के पंचतत्वों के नाम सही क्रम में और स्पष्ट रूप से याद रखें।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. पर्यावरण क्या है? पर्यावरण के प्रकार बताइए।
Answer: हमारे चारों ओर का परिवेश ही पर्यावरण कहलाता है। पर्यावरण सजीव मात्र के अस्तित्व का आधार है। यह हमें जीवन के लिए आवश्यक सभी चीजें प्रदान करता है। मुख्य रूप से पर्यावरण के दो प्रकार हैं:
1. सामाजिक पर्यावरण
2. प्राकृतिक पर्यावरण।
In simple words: हमारे आस-पास जो कुछ भी है, वह पर्यावरण है। इसके दो मुख्य प्रकार होते हैं - सामाजिक (इंसानों से जुड़ा) और प्राकृतिक (प्रकृति से जुड़ा)।

🎯 Exam Tip: पर्यावरण की सरल परिभाषा और उसके दो मुख्य प्रकारों को हमेशा याद रखें।

 

Question 2. पर्यावरण के प्रकारों को एक चार्ट द्वारा प्रदर्शित कीजिए।
Answer:

पर्यावरण अजैविक घटक जैविक घटक
In simple words: यह चार्ट दिखाता है कि पर्यावरण दो मुख्य भागों में बंटा हुआ है: जैविक घटक (जैसे जीवित चीजें) और अजैविक घटक (जैसे निर्जीव चीजें)।

🎯 Exam Tip: पर्यावरण के घटकों को दर्शाने वाले ऐसे सरल आरेख को स्पष्ट और लेबल के साथ बनाना सीखें।

 

Question 3. अजैविक घटक से क्या अभिप्राय है?
Answer: इसमें सभी निर्जीव घटकों को शामिल किया जाता है। जैसे जलवायवीय घटक (वर्षा, हिमपात, ओलापात, ओस, आर्द्रता, पवन, तापमान, प्रकाश आदि), स्थलाकृतिक एवं मृदीय घटक इसके अन्तर्गत आते हैं। अजैविक घटक जीवन का आधार बनाते हैं, लेकिन खुद जीवित नहीं होते।
In simple words: अजैविक घटक वो होते हैं जो जीवित नहीं होते, जैसे बारिश, बर्फ, हवा, धूप, मिट्टी और पहाड़ों जैसी चीजें।

🎯 Exam Tip: अजैविक घटकों की परिभाषा देते समय, उनके विभिन्न उदाहरणों (मौसम, भू-आकृति, मिट्टी) का उल्लेख करें।

 

Question 4. जैविक घटक से क्या अभिप्राय है?
Answer: जैविक घटक के अन्तर्गत सभी सजीव घटकों को-शामिल किया जाता है। जैसे-सभी प्रकार की वनस्पति (हरे पेड़-पौधे), जीव-जन्तु एवं सूक्ष्म जीव जैविक घटक हैं। हरे पेड़-पौधे उत्पादक, जीव-जन्तु उपभोक्ता एवं सूक्ष्मजीव अपघटक कहलाते हैं। ये घटक पर्यावरण में ऊर्जा और पोषक तत्वों का चक्र बनाए रखते हैं।
In simple words: जैविक घटक वो होते हैं जो जीवित होते हैं, जैसे पेड़-पौधे, जानवर और छोटे-छोटे जीव।

🎯 Exam Tip: जैविक घटकों की परिभाषा देते समय, उत्पादक, उपभोक्ता और अपघटक के उदाहरणों के साथ उन्हें समझाएँ।

 

Question 5. सामाजिक पर्यावरण हेतु आवश्यक स्थितियाँ बताइए।
Answer: आपसी सद्भाव, भाईचारा, सामंजस्य, अच्छे पड़ौसी का धर्म, एक-दूसरे के सुख-दुःख में काम आना, धैर्य, सार्वजनिक सम्पत्ति की सुरक्षा, स्नेह, सकारात्मक सोच आदि महत्त्वपूर्ण कारक सामाजिक पर्यावरण हेतु, आवश्यक स्थितियाँ हैं। ये सभी मिलकर एक स्वस्थ और मजबूत समाज का निर्माण करते हैं।
In simple words: अच्छे सामाजिक माहौल के लिए लोगों में प्यार, समझदारी, एक-दूसरे की मदद, सब्र और सबकी चीज़ों का ध्यान रखना ज़रूरी है।

🎯 Exam Tip: सामाजिक पर्यावरण के लिए आवश्यक स्थितियों को लिखते समय, मानवीय मूल्यों और सामुदायिक व्यवहार पर ध्यान केंद्रित करें।

 

Question 6. पर्यावरण की आदर्श अवस्था क्या है?
Answer: पर्यावरण के सभी घटकों का सन्तुलित रूप में रहना ही पर्यावरण की आदर्श अवस्था कहलाती है। इनमें किसी एक घटक की असंतुलन की स्थिति भी समस्त जीवजगत को प्रभावित करती है, जिससे पर्यावरण प्रदूषण की परिस्थितियाँ बनती हैं। संतुलन से ही जीवन संभव है।
In simple words: पर्यावरण की सबसे अच्छी हालत तब होती है जब उसके सभी हिस्से, जैसे हवा, पानी, पेड़-पौधे और जानवर, सब सही मात्रा में और तालमेल के साथ रहें।

🎯 Exam Tip: आदर्श पर्यावरण की स्थिति को परिभाषित करते समय 'संतुलन' शब्द पर जोर दें और यह बताएं कि असंतुलन से क्या होता है।

 

Question 7. प्रदूषण के प्रमुख प्रकारों के नाम लिखिए।
Answer: प्रमुख प्रदूषण निम्न प्रकार हैं:
1. जल प्रदूषण
2. वायु प्रदूषण
3. ध्वनि प्रदूषण
4. भू-प्रदूषण या मृदा प्रदूषण
5. रेडियोधर्मी/आणविक प्रदूषण
6. सामाजिक प्रदूषण
7. रेडियोधर्मी/आणविक प्रदूषण आदि।
ये सभी प्रकार पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।
In simple words: प्रदूषण कई तरह का होता है, जैसे पानी, हवा, आवाज़, मिट्टी का गंदा होना और रेडियोधर्मी प्रदूषण।

🎯 Exam Tip: प्रदूषण के सभी प्रमुख प्रकारों के नाम याद रखें और उन्हें सूचीबद्ध करें।

 

Question 8. भू-प्रदूषण या मृदा प्रदूषण से क्या अभिप्राय
Answer: मृदा में होने वाले प्रदूषण द्वारा उसकी उपजाऊ क्षमता में कमी आना मृदा प्रदूषण कहलाता है। आँधी, बाढ़, अविवेकपूर्ण तरीके से खेती, प्राकृतिक संसाधनों के अतिदोहन एवं प्रदूषण के कारण भूमि की उर्वरता तथा उत्पादन क्षमता में कमी आई है। कीट, जीवाणु एवं कवक नाशकों, रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से कृषि उत्पादन तो बढ़ा है, लेकिन भूमि की उर्वरा शक्ति क्षीण होती जा रही है। ये सभी परिस्थितियाँ भू-प्रदूषण या मृदा प्रदूषण का विस्तार कर रही हैं। इससे मिट्टी की गुणवत्ता घटती है।
In simple words: भू-प्रदूषण का मतलब है जब मिट्टी गंदी हो जाती है और फसल उगाने की उसकी ताकत कम हो जाती है। यह हवा, बाढ़, गलत खेती और केमिकल के इस्तेमाल से होता है।

🎯 Exam Tip: मृदा प्रदूषण की परिभाषा और उसके मुख्य कारणों तथा प्रभावों (जैसे उर्वरता में कमी) को याद रखें।

 

Question 9. पर्यावरण संरक्षण किसे कहते हैं?
Answer: पर्यावरण संरक्षण- प्राकृतिक पर्यावरण के जैविक व अजैविक घटक एवं सामाजिक पर्यावरण परस्पर एक-दूसरे पर आश्रित हैं। इन दोनों का एक-दूसरे पर आश्रित होना ही प्रकृति चक्र का आधार है। अतः प्रकृति चक्र को सुरक्षित रूप से संरक्षित रखना ही पर्यावरण संरक्षण कहलाता है। यह सभी जीवित प्राणियों के लिए बहुत ज़रूरी है।
In simple words: पर्यावरण संरक्षण का मतलब है प्रकृति के संतुलन को बचाए रखना। हमें पेड़-पौधों, जानवरों और अपने समाज को सुरक्षित रखना चाहिए ताकि जीवन चलता रहे।

🎯 Exam Tip: पर्यावरण संरक्षण की परिभाषा में प्रकृति के संतुलन और उसके घटकों की सुरक्षा पर ध्यान दें।

 

Question 10. विश्व पर्यावरण दिवस कब मनाया जाता है ? पर्यावरण दिवस मनाने के उद्देश्य क्या हैं?
Answer: विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है। विश्व पर्यावरण दिवस को विश्वभर में मनाये जाने का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण हेतु जनचेतना जागृत कर सभी सजीवों के जीवन निर्वहन को सुरक्षित करना है। यह लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण दिन है।
In simple words: विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को मनाया जाता है। इसका मकसद लोगों को यह बताना है कि पर्यावरण को बचाना क्यों ज़रूरी है, ताकि सभी जीव-जंतु सुरक्षित रह सकें।

🎯 Exam Tip: विश्व पर्यावरण दिवस की तारीख और उसके मुख्य उद्देश्यों को स्पष्ट रूप से याद रखें।

 

Question 11. पर्यावरण संरक्षण हेतु राजस्थान में किये गये किन्हीं दो महत्त्वपूर्ण कार्यों/प्रयासों का उल्लेख कीजिए।
Answer: पर्यावरण संरक्षण हेतु राजस्थान में किये गये प्रमुख प्रयास:
1. जोधपुर जिले के खेजड़ली ग्राम में अमृतादेवी व ग्रामवासियों का बलिदान। यह घटना पेड़ों को बचाने के लिए एक ऐतिहासिक उदाहरण है।
2. राजसमन्द जिले के पिपलांत्री ग्राम की किरण निधि संस्था के कार्य (वर्तमान में भी)। यह संस्था बेटियों के जन्म पर पेड़ लगाकर पर्यावरण को बढ़ावा देती है।
In simple words: राजस्थान ने पर्यावरण बचाने के लिए दो बड़े काम किए हैं: पहला खेजड़ली में अमृता देवी और गाँववालों का बलिदान, और दूसरा पिपलांत्री गाँव की किरण निधि संस्था का काम, जहाँ बेटियाँ पैदा होने पर पेड़ लगाए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण के प्रमुख प्रयासों को उनके नामों और कार्यों के साथ याद रखें।

 

Question 12. पर्यावरण संरक्षण हेतु हमें किस प्रकार की जीवनशैली अपनानी चाहिए? संक्षिप्त में बताइए।
Answer: पर्यावरण संरक्षण हेतु हमें निम्नलिखित जीवनशैली अपनानी चाहिए। यह हमें प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर रहने में मदद करती है:
1. अपनी आवश्यकतानुसार उपयोग करें तथा अपनी इच्छाओं को सीमित करें।
2. जैव अपघटनीय उत्पादों का अधिकतम उपयोग करें।
3. उपयोग में लिए गए पदार्थों का पुन:चक्रण कर पर्यावरण को संरक्षित रखें।
In simple words: पर्यावरण बचाने के लिए हमें ज़रूरत के हिसाब से चीज़ों का इस्तेमाल करना चाहिए, कुदरती खाद का ज़्यादा उपयोग करना चाहिए और पुरानी चीज़ों को दोबारा इस्तेमाल या रीसायकल करना चाहिए।

🎯 Exam Tip: पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली के मुख्य सिद्धांतों (सीमित उपयोग, जैव-उत्पादों का प्रयोग, पुनर्चक्रण) को याद रखें।

 

Question 13. पर्यावरण संरक्षण हेतु कौन-कौनसे जनचेतना कार्यक्रम संचालित किये जा सकते हैं?
Answer: पर्यावरण संरक्षण हेतु निम्न जनचेतना कार्यक्रम संचालित किये जा सकते हैं। ये कार्यक्रम लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने में सहायक हैं:
1. रैलियाँ निकालकर जनचेतना जागृत करना।
2. पोस्टर, स्लोगन, प्रतियोगिता, नाटकों, गोष्ठियों का आयोजन करना।
3. जन सहभागिता कार्यक्रम, वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित करना।
In simple words: पर्यावरण बचाने के लिए हम रैलियाँ निकाल सकते हैं, पोस्टर और स्लोगन बना सकते हैं, नाटक या प्रतियोगिता कर सकते हैं और पेड़ लगाने के कार्यक्रम भी चला सकते हैं।

🎯 Exam Tip: जनचेतना कार्यक्रमों के विभिन्न प्रकारों (रैलियाँ, पोस्टर, वृक्षारोपण) को याद रखें और उन्हें स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध करें।

 

Question 14. जब कभी भी आप सफेद कपड़े पहनकर भीड़ भरी जगहों पर जाते हैं तो आपक सफ द कपड़ों पर क्या प्रभाव पड़ता हैं?
Answer: यातायात के साधनों से निकलने वाले धुएँ एवं भीड़ के कारण एवं अन्य गंदगी के प्रदूषण के कारण सफेद कपड़े मैले एवं धब्बेदार हो जाते हैं। वातावरण में मौजूद धूल और गंदगी के कारण ऐसा होता है।
In simple words: जब हम भीड़ वाली जगह पर सफेद कपड़े पहनकर जाते हैं, तो गाड़ी के धुएँ और गंदगी से वे गंदे और दागदार हो जाते हैं।

🎯 Exam Tip: इस प्रश्न का उत्तर देते समय, प्रदूषण के दृश्य प्रभावों और वायुमंडल में धूल-गंदगी की भूमिका का उल्लेख करें।

 

Question 15. पर्यावरण रक्षा के लिए विभिन्न स्तरों पर किये जाने वाले प्रयासों का रेखाचित्र बनाइए। अथवा पर्यावरण रक्षा के लिए विभिन्न स्तरों का चित्र बनाइए तथा पर्यावरण संरक्षण हेतु भारतीय दृष्टिकोण को वर्णित कीजिए।
Answer:

व्यक्तिगत पारिवारिक सार्वजनिक चित्र - पर्यावरण रक्षा के लिए प्रयास किये जाने वाले विभिन्न स्तर
पर्यावरण संरक्षण हेतु भारतीय दृष्टिकोण-
पर्यावरण और भारतीय दृष्टि- हमारी संस्कृति एवं परम्पराओं में पर्यावरण के घटकों का सदैव पूजन किया जाता है। हरे वृक्षों को काटना पाप है। स्नान के बाद पौधों व वृक्ष पर जल चढ़ाते हैं, सूर्य की पूजा की जाती है, जो कि ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है। हमारी जीवनशैली ऐसी है जो पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन में सहायक है। भारतीय संस्कृति में भी पर्यावरण संरक्षण पर महत्त्व दिया गया है। मनुष्य का प्रकृति के साथ अटूट सम्बन्ध है। हमारा जीवन प्रकृति के साथ संतुलन में रहने से ही सुरक्षित रह सकता है।
पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि, आकाश को पर्यावरण के प्रमुख घटक माना गया है। हमारा शरीर भी इन्हीं पाँच तत्वों से बना है। पर्यावरण के इन्हीं पाँच तत्वों की सुरक्षा करने से ही हमारा जीवन सुरक्षित रह सकेगा।
हम धरती को मातृवत व जल, नदियाँ, पर्वत, वृक्ष, जलाशयों, वायु को पूजनीय मानकर पर्यावरण संरक्षण की व्यवस्था करते हैं। पेड़-पौधों को जल सींचने की परम्परा आज भी चल रही है। हमारी संस्कृति में जीवों को देवी-देवताओं के वाहन के रूप में प्रमुख स्थान दिया गया है।
अतः इन उदाहरणों से हमारी संस्कृति में प्राणीमात्र के प्रति दया का भाव रखते हुए इनके संरक्षण को प्रमुखता दी गई है। यह एक प्राचीन और स्थायी परंपरा है।
In simple words: पर्यावरण बचाने के लिए हम अलग-अलग स्तरों पर काम करते हैं, जैसे खुद के लिए, परिवार के लिए और समाज के लिए। भारतीय संस्कृति में प्रकृति को पूजा जाता है, हम धरती, जल, वायु, अग्नि, आकाश को पवित्र मानते हैं और पेड़-पौधों व जानवरों का सम्मान करते हैं।

🎯 Exam Tip: पर्यावरण रक्षा के विभिन्न स्तरों को आरेख के माध्यम से स्पष्ट करें और भारतीय दृष्टिकोण को सांस्कृतिक और धार्मिक संदर्भों के साथ समझाएँ।

निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. पर्यावरण के प्रकारों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
Answer: मुख्य रूप से पर्यावरण के दो प्रकार हैं:
1. सामाजिक पर्यावरण- सामाजिक पर्यावरण का मुख्य घटक समाज है। इसमें सामाजिक सम्बन्धों की अन्तक्रिया से प्रकट होने वाले कारक जैसे आपसी सद्भाव, भाईचारा, सामंजस्य, अच्छे पड़ौसी का धर्म, एक-दूसरे के सुख-दुःख में काम आना, धैर्य, सार्वजनिक सम्पत्ति की सुरक्षा, स्नेह, सकारात्मक सोच आदि महत्त्वपूर्ण कारक सामाजिक पर्यावरण हेतु आवश्यक स्थितियाँ हैं। इन कारकों से एक स्वस्थ और सहयोगपूर्ण समाज का निर्माण होता है।
2. प्राकृतिक पर्यावरण- हमारे आसपास के परिवेश में पाए जाने वाले पेड़-पौधे, जीव-जन्तु, वायु, जल, मृदा, जलवायु आदि मिलकर प्राकृतिक पर्यावरण का निर्माण करते हैं। प्राकृतिक पर्यावरण दो घटकों से मिलकर बनता है:
• जैविक घटक: जैविक घटक के अन्तर्गत सभी प्रकार की वनस्पति (हरे पेड़-पौधे), सभी जीव-जन्तु एवं सूक्ष्मजीव आते हैं। इसमें हरे पेड़-पौधे उत्पादक, जीवजन्तु उपभोक्ता एवं सूक्ष्मजीव अपघटक कहलाते हैं। ये घटक जीवन चक्र को बनाए रखते हैं।
• अजैविक घटक: अजैविक घटकों में सभी निर्जीव घटकों को शामिल किया जाता है। जैसे जलवायवीय घटक (वर्षा, हिमपात, ओलापात, ओस, आर्द्रता, पवन, तापमान, प्रकाश), स्थलाकृतिक एवं मृदीय घटक अजैविक घटक के अन्तर्गत आते हैं। ये घटक जीवित चीजों के लिए आवश्यक भौतिक वातावरण प्रदान करते हैं।
In simple words: पर्यावरण दो मुख्य प्रकार का होता है। पहला सामाजिक पर्यावरण, जिसमें इंसान और उनके रिश्ते आते हैं, जैसे आपसी प्यार और मदद। दूसरा प्राकृतिक पर्यावरण, जिसमें पेड़-पौधे, जानवर, हवा, पानी, मिट्टी और मौसम जैसी कुदरती चीजें आती हैं। प्राकृतिक पर्यावरण में जीवित (जैविक) और निर्जीव (अजैविक) दोनों तरह के घटक होते हैं।

🎯 Exam Tip: पर्यावरण के दोनों प्रकारों (सामाजिक और प्राकृतिक) को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें और उनके घटकों का भी विस्तार से वर्णन करें, उदाहरणों का उपयोग करें।

 

निबन्धात्मक प्रश्न 1. पर्यावरण के प्रकारों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
Answer: मुख्य रूप से पर्यावरण के दो प्रकार हैं:
1. सामाजिक पर्यावरण
2. प्राकृतिक पर्यावरण: हमारे चारों ओर जो पेड़-पौधे, जीव-जंतु, हवा, पानी, मिट्टी और मौसम हैं, वे सब मिलकर प्राकृतिक पर्यावरण बनाते हैं। प्राकृतिक पर्यावरण के दो मुख्य हिस्से होते हैं:

  • जैविक घटक
  • अजैविक घटक
जैविक घटक में सभी जीवित चीजें आती हैं, जैसे पेड़-पौधे, जानवर और छोटे जीव (सूक्ष्मजीव)। हरे पेड़-पौधे भोजन बनाते हैं, जानवर उन्हें खाते हैं, और सूक्ष्मजीव मरे हुए जीवों को मिट्टी में मिला देते हैं। ये सभी एक-दूसरे पर निर्भर रहते हुए पर्यावरण में संतुलन बनाए रखते हैं। अजैविक घटक में सभी निर्जीव चीजें शामिल होती हैं। इनमें मौसम से जुड़ी चीजें (जैसे बारिश, बर्फ, ओले, ओस, हवा, तापमान और धूप) और जमीन से जुड़ी चीजें (जैसे मिट्टी और जमीन की बनावट) आती हैं। ये निर्जीव घटक जीवित प्राणियों के जीवन के लिए आवश्यक स्थितियाँ प्रदान करते हैं।
In simple words: पर्यावरण मुख्य रूप से दो तरह का होता है: सामाजिक और प्राकृतिक। प्राकृतिक पर्यावरण में सभी जीवित (पेड़, जानवर, सूक्ष्मजीव) और निर्जीव चीजें (पानी, हवा, मिट्टी, मौसम) शामिल होती हैं जो हमें घेरे रहती हैं।

🎯 Exam Tip: पर्यावरण के दोनों प्रकारों-सामाजिक और प्राकृतिक-को उनके घटकों सहित स्पष्ट रूप से समझाना सुनिश्चित करें।

 

निबन्धात्मक प्रश्न 2. पर्यावरण संरक्षण हेतु राजस्थान के प्रयासों में किरण निधि संस्था के करणीय कार्य बताइए।
Answer: राजस्थान में पर्यावरण बचाने के लिए किरण निधि संस्था बहुत अच्छा काम कर रही है। यह संस्था राजसमंद जिले के पिपलांत्री गाँव में काम करती है। जब किसी बेटी का जन्म होता है, तो उसे एक बड़े त्योहार की तरह मनाया जाता है। इस खुशी में गाँव के लोग 111 पौधे लगाते हैं। यह पहल दर्शाता है कि कैसे स्थानीय समुदाय पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। गाँव के लोग रक्षाबंधन के त्योहार पर इन पौधों को राखी बांधकर उनकी सुरक्षा का वादा भी करते हैं। यह पेड़ों को बचाने और पर्यावरण की रक्षा का एक अनोखा और सफल तरीका है।
In simple words: राजस्थान की किरण निधि संस्था बेटियों के जन्म पर 111 पौधे लगाकर और उनकी रक्षा का संकल्प लेकर पर्यावरण बचा रही है।

🎯 Exam Tip: किसी विशेष संस्था के कार्यों का उल्लेख करते समय, उसके स्थान और प्रमुख गतिविधियों को विस्तार से बताएं।

 

निबन्धात्मक प्रश्न 3. हमारी संस्कृति एवं परम्पराओं में पर्यावरण के घटकों को सदैव पूजनीय मानकर संरक्षित किया गया है। कैसे? विभिन्न उदाहरणों द्वारा समझाइए।
Answer: हमारी भारतीय संस्कृति और पुरानी परंपराओं में, हम हमेशा पर्यावरण के अलग-अलग हिस्सों की पूजा करते रहे हैं और उनकी रक्षा करते हैं। हमारी जीने का तरीका ही ऐसा है जो पर्यावरण को बचाने और उसे बढ़ाने में मदद करता है। भारतीय संस्कृति में पर्यावरण की सुरक्षा को बहुत खास माना गया है क्योंकि इंसान का प्रकृति से गहरा नाता है। ये सभी प्रथाएँ हमें पर्यावरण के साथ सामंजस्य बिठाना सिखाती हैं। इसके कुछ उदाहरण निम्नलिखित हैं:
1. पेड़ों को काटना और रात में उन्हें छूना गलत माना जाता है।
2. नहाने के बाद आज भी कई पौधों, जैसे पीपल और तुलसी, को पानी दिया जाता है।
3. सूरज ऊर्जा का सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत है, और हम उसकी भी पूजा करते हैं।
4. हम धरती को माँ मानते हैं और पानी, नदियाँ, पहाड़, पेड़, तालाब, और हवा को पूजते हैं।
5. अनाज, मसालों और दालों को सुरक्षित रखने के लिए आज भी प्राकृतिक तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि कीड़े-मकोड़ों को नुकसान न पहुँचे। जैसे, अनाज में नीम की पत्तियां डाली जाती हैं, और चींटियों को रोकने के लिए हल्दी की रेखा बनाई जाती है।
6. हमारी संस्कृति में जानवरों को देवी-देवताओं के वाहन के रूप में देखकर उन्हें बचाया गया है।
7. नागपंचमी पर नागों की पूजा, बच्छ बारस पर गाय और बछड़ों की पूजा, श्राद्ध में कौवे और गाय को खाना खिलाना, चींटियों को आटा और तिल देना, पक्षियों को दाना डालना, कुत्तों को रोटी देना, और मछलियों को आटे की गोलियां खिलाना जैसे कामों से जानवरों को धार्मिक रूप से बचाया जाता है।
8. त्योहारों पर अलग-अलग तरह के पकवान और सब्जियाँ बनाना भी यह दिखाता है कि हम सब्जियों और अनाज के बीजों को बचाना चाहते हैं ताकि वे खत्म न हों। पीपल, बरगद, आँवला और तुलसी के पेड़ों की भी पूजा की जाती है।
9. इन सभी बातों से साफ है कि हमारी संस्कृति में पेड़-पौधों और जानवरों के प्रति सम्मान और दया का भाव है, और उन्हें बचाने को बहुत महत्व दिया जाता है।
In simple words: हमारी संस्कृति में हम पेड़-पौधों, जानवरों, धरती, सूरज और पानी को पूजते हैं। इससे हमें पर्यावरण को बचाने और उसके साथ अच्छे से रहने की सीख मिलती है।

🎯 Exam Tip: सांस्कृतिक और पारंपरिक उदाहरणों को विस्तार से दें, यह दिखाते हुए कि कैसे प्रत्येक प्रथा पर्यावरण संरक्षण में योगदान करती है।

 

निबन्धात्मक प्रश्न 4. पर्यावरणीय जीवनशैली के व्यावहारिक पक्ष को समझाइए।
Answer: पर्यावरणीय जीवनशैली के व्यावहारिक पक्ष का मतलब है कि हम अपने दैनिक जीवन में ऐसे तरीके अपनाएं जो पर्यावरण के लिए अच्छे हों। इन छोटे-छोटे प्रयासों से हम सभी पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा सकते हैं। इसके कुछ मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
1. हमें बिजली और पानी का कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए। ऊँची छत वाले और हवादार घर बनाने चाहिए। बिजली के ऐसे उपकरण इस्तेमाल करने चाहिए जिन पर 'फाइव स्टार' का निशान हो, जो कम बिजली खाते हैं। CFL और LED बल्बों का इस्तेमाल करना चाहिए। नहाने और कपड़े धोने के बाद बचे हुए पानी को पौधों में डालना चाहिए, उसे बर्बाद नहीं करना चाहिए।
2. ऐसी चीजों का इस्तेमाल कम से कम करना चाहिए जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती हैं।
3. प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग सोच-समझकर और जरूरत के हिसाब से ही करना चाहिए। कई चीजें और संसाधन ऐसे हैं जिनका पूरा उपयोग करने से पर्यावरण सुरक्षित रहता है। कागज, कपड़े, पानी और थाली में परोसे गए खाने को पूरी तरह इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है।
4. सब्जियों के छिलके, खराब फल, सूखी पत्तियां और टूटी हुई टहनियों जैसे जैविक कचरे से खाद बनाई जा सकती है।
5. हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस और 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस मनाया जाता है। इनका मुख्य लक्ष्य पर्यावरण को बचाने के लिए लोगों को जागरूक करना है। इसके लिए हम ये काम कर सकते हैं:

  • रैलियां निकालकर लोगों को जागरूक करें।
  • पोस्टर, स्लोगन, प्रतियोगिताएं, नाटक और मीटिंग (गोष्ठियां) करें।

In simple words: पर्यावरणीय जीवनशैली का मतलब है कि हम अपनी रोज़मर्रा की आदतों में बदलाव लाएं, जैसे बिजली-पानी बचाना, प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग करना, कचरे से खाद बनाना, और पर्यावरण के बारे में लोगों को जागरूक करना।

🎯 Exam Tip: इस उत्तर में दिए गए प्रत्येक व्यावहारिक सुझाव को वास्तविक जीवन के उदाहरणों से जोड़ें ताकि आपका जवाब अधिक प्रभावी लगे।

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