NCERT Solutions for Class 8 Science: Chapter 14 प्रकाश का अपवर्तन
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Practice Class 8 Science Solutions: Chapter 14 प्रकाश का अपवर्तन
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पृष्ठ 150
Question 1. जब प्रकाश एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे पारदर्शी माध्यम में प्रवेश करता है तो क्या होता है?
Answer: जब प्रकाश की किरण एक पारदर्शी वस्तु से निकलकर किसी दूसरी पारदर्शी वस्तु में जाती है, तो वह अपने सीधे रास्ते से थोड़ा भटक जाती है। प्रकाश हमेशा अपना रास्ता बदलता है जब वह एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाता है।
In simple words: रोशनी जब एक साफ़ चीज़ से दूसरी साफ़ चीज़ में जाती है, तो अपना रास्ता बदल लेती है।
🎯 Exam Tip: इस घटना को 'प्रकाश का अपवर्तन' कहते हैं, यह याद रखना ज़रूरी है।
Question 2. जब कोई काँच की मोटी सिल्ली को किसी पुस्तक के अक्षरों पर रखकर देखते हैं तो अक्षर ऊपर उठे हुए प्रतीत होते हैं। ऐसा क्यों होता है?
Answer: जब हम काँच की मोटी पट्टी से किताब के अक्षरों को देखते हैं, तो वे थोड़े ऊपर उठे हुए दिखाई देते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि प्रकाश की किरणें, जो अक्षरों से आती हैं, काँच से हवा में निकलते समय अपना रास्ता बदल लेती हैं। इस प्रक्रिया को प्रकाश का अपवर्तन कहते हैं।
In simple words: अक्षर ऊपर उठे दिखते हैं क्योंकि प्रकाश काँच से बाहर आते हुए अपना रास्ता बदलता है, जिसे अपवर्तन कहते हैं।
🎯 Exam Tip: यह घटना प्रकाश के अपवर्तन का एक बहुत ही आम उदाहरण है; ऐसे अन्य उदाहरणों को भी ध्यान में रखें।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
सही विकल्प का चयन कीजिए
Question 1. निम्नलिखित में से कौनसी घटना अपवर्तन से सम्बन्धित नहीं है?
(अ) पानी से भरे पात्र का पैंदा ऊपर उठा हुआ दिखाई देना।
(ब) सूर्योदय से पहले व सूर्यास्त के पश्चात् सूर्य का दिखाई देना
(स) दर्पण से प्रतिबिंब निर्माण
(द) तारों का टिमटिमाना
Answer: (स) दर्पण से प्रतिबिंब निर्माण
In simple words: दर्पण से जो चीज़ें दिखती हैं, वह रोशनी के मुड़ने से नहीं बल्कि उसके टकराकर वापस आने से बनती हैं।
🎯 Exam Tip: दर्पण से प्रतिबिंब बनना 'परावर्तन' की घटना है, न कि 'अपवर्तन' की। इस अंतर को समझना महत्वपूर्ण है।
Question 2. निम्नलिखित में से कौनसा भाग मानव नेत्र का नहीं है?
(अ) रेटिना
(ब) कॉर्निया
(स) पुतली
(द) मध्य पटल
Answer: (द) मध्य पटल
In simple words: मध्य पटल आँख का हिस्सा नहीं है। रेटिना, कॉर्निया और पुतली आँख के मुख्य भाग हैं।
🎯 Exam Tip: मानव नेत्र की मुख्य संरचनाओं और उनके कार्यों को याद रखना परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
Question 1. आँख की _______ आँख में प्रवेश करने वाले प्रकाश को नियंत्रित करती है।
Answer: आँख की पुतली आँख में प्रवेश करने वाले प्रकाश को नियंत्रित करती है। पुतली का आकार बदलकर आँखों में जाने वाली रोशनी की मात्रा को नियंत्रित किया जाता है।
In simple words: आँख की पुतली तय करती है कि आँख में कितनी रोशनी जाएगी।
🎯 Exam Tip: पुतली का सिकुड़ना और फैलना रोशनी की मात्रा को नियंत्रित करता है, जिससे आँख को ज़्यादा रोशनी से बचाया जा सकता है।
Question 2. _______ लेंस से सदैव सीधा, आभासी एवं छोटा प्रतिबिम्ब बनता है।
Answer: अवतल लेंस से सदैव सीधा, आभासी एवं छोटा प्रतिबिम्ब बनता है। अवतल लेंस प्रकाश किरणों को फैला देता है, जिससे हमेशा इस प्रकार का प्रतिबिंब बनता है।
In simple words: अवतल लेंस हमेशा सीधा, छोटा और आभासी प्रतिबिंब बनाता है।
🎯 Exam Tip: अवतल लेंस की यह विशेषता है कि वह हमेशा एक ही तरह का प्रतिबिंब बनाता है, चाहे वस्तु कहीं भी हो।
Question 3. जब प्रकाश की किरण वायु से पानी में प्रवेश करती है तो अभिलम्ब की _______ झुक जाती है।
Answer: जब प्रकाश की किरण वायु से पानी में प्रवेश करती है तो अभिलम्ब की ओर झुक जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पानी हवा की तुलना में सघन माध्यम है और प्रकाश सघन माध्यम में अभिलम्ब की ओर झुकता है।
In simple words: हवा से पानी में जाते समय रोशनी अभिलम्ब की तरफ झुक जाती है।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि जब प्रकाश विरल माध्यम (हवा) से सघन माध्यम (पानी) में जाता है, तो वह अभिलम्ब की ओर झुकता है।
कॉलम अ तथा बे को सुमेलित कीजिए
Question 1. कॉलम अ तथा बे को सुमेलित कीजिए।
| कॉलम (अ) | कॉलम (ब) |
|---|---|
| 1. कॉर्निया और लेंस के बीच भरा पारदर्शी द्रव | (क) काचाभ द्रव |
| 2. लेंस और रेटिना के मध्य भरा पारदर्शी द्रव | (ख) परितारिका |
| 3. कॉर्निया के पीछे गहरे रंग की पेशीय संरचना | (ग) रेटिना |
| 4. नेत्र का वह भाग जिस पर प्रतिबिम्ब बनता है | (घ) नेत्रोद |
Answer:
1. कॉर्निया और लेंस के बीच भरा पारदर्शी द्रव - (घ) नेत्रोद
2. लेंस और रेटिना के मध्य भरा पारदर्शी द्रव - (क) काचाभ द्रव
3. कॉर्निया के पीछे गहरे रंग की पेशीय संरचना - (ख) परितारिका
4. नेत्र का वह भाग जिस पर प्रतिबिम्ब बनता है - (ग) रेटिना
इन मिलानों से हमें आँख के विभिन्न भागों और उनमें मौजूद तरल पदार्थों के बारे में सही जानकारी मिलती है।
In simple words: यह मिलान आँख के अलग-अलग हिस्सों और उनके अंदर भरे तरल पदार्थों के सही नाम बताता है।
🎯 Exam Tip: मानव नेत्र की संरचना और उसके सभी भागों के कार्यों को समझना महत्वपूर्ण है, खासकर उनके स्थान और नाम।
Question 1. अपवर्तन किसे कहते हैं? यह किसे कारण होता है?
Answer:
**अपवर्तन:** जब रोशनी की किरण एक साफ़ चीज़ (माध्यम) से निकलकर किसी दूसरी साफ़ चीज़ में जाती है, तो वह अपने सीधे रास्ते से थोड़ा भटक जाती है। इस घटना को प्रकाश का अपवर्तन कहते हैं।
**अपवर्तन का कारण:** प्रकाश के अपवर्तन की घटना तब होती है जब रोशनी एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे में जाती है, क्योंकि दोनों माध्यमों में प्रकाश की चाल (गति) अलग-अलग होती है। जब गति बदलती है, तो रोशनी अपना रास्ता भी बदल लेती है।
In simple words: अपवर्तन तब होता है जब रोशनी एक चीज़ से दूसरी चीज़ में जाते हुए अपना रास्ता बदल लेती है, क्योंकि उसकी चाल बदल जाती है।
🎯 Exam Tip: अपवर्तन की परिभाषा और उसके मुख्य कारण (प्रकाश की चाल में परिवर्तन) को स्पष्ट रूप से लिखें, यह बुनियादी सिद्धांत है।
Question 2. उत्तल और अवतल लेंस में प्रमुख अन्तर लिखिए।
Answer: उत्तल और अवतल लेंस में मुख्य अंतर इस प्रकार हैं:
| क्र.सं. | उत्तल लेंस (Convex Lens) | अवतल लेंस (Concave Lens) |
|---|---|---|
| 1 | यह किनारों पर पतला एवं बीच में मोटा होता है। | यह किनारों पर मोटा एवं बीच में पतला होता है। |
| 2 | यह लेंस समांतर आने वाली प्रकाश किरणों को एक जगह इकट्ठा करता है। | यह लेंस समांतर आने वाली प्रकाश किरणों को फैला देता है। |
| 3 | इसे अभिसारी लेंस भी कहते हैं। | इसे अपसारी लेंस कहते हैं। |
| 4 | इससे आभासी, सीधा व बड़ा प्रतिबिंब दिखाई देता है। | सीधा, आभासी, छोटा प्रतिबिंब दिखाई देता है। |
In simple words: उत्तल लेंस बीच में मोटा होता है और रोशनी को इकट्ठा करता है, जबकि अवतल लेंस बीच में पतला होता है और रोशनी को फैलाता है।
🎯 Exam Tip: इन दोनों लेंसों के आकार, प्रकाश किरणों पर उनके प्रभाव और बनने वाले प्रतिबिंबों की प्रकृति के मुख्य अंतरों को याद रखें।
Question 3. अपवर्तनांक किसे कहते हैं ?
Answer: अपवर्तनांक यह बताता है कि रोशनी किसी एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाते समय कितनी मुड़ती है। यह दिए गए दो माध्यमों में प्रकाश की चाल (गति) का अनुपात होता है। यह एक निश्चित संख्या होती है और इसका कोई मात्रक (यूनिट) नहीं होता है।
In simple words: अपवर्तनांक यह दिखाता है कि रोशनी एक चीज़ से दूसरी चीज़ में जाते हुए कितनी मुड़ी है।
🎯 Exam Tip: अपवर्तनांक की परिभाषा में प्रकाश की चाल का अनुपात और मात्रक रहित होना, ये दोनों बिंदु अवश्य शामिल करें।
Question 4. वर्ण विक्षेपण किसे कहते हैं? इंद्रधनुष के रंगों को क्रम से लिखिए।
Answer:
**वर्ण विक्षेपण:** जब सफ़ेद प्रकाश (जैसे सूर्य का प्रकाश) एक प्रिज्म में से होकर गुजरता है, तो वह अपने असली सात रंगों में बँट जाता है। इन सात रंगों में लाल, नारंगी, पीला, हरा, नीला, जामुनी (इंडिगो) और बैंगनी रंग शामिल होते हैं। इस घटना को वर्ण विक्षेपण कहते हैं।
वर्षा की बूंदों में प्रकाश के मुड़ने (अपवर्तन) और अंदर ही अंदर टकराकर वापस लौटने (आंतरिक परावर्तन) के कारण वर्ण विक्षेपण होता है, जिससे आसमान में इंद्रधनुष दिखाई देता है।
**इंद्रधनुष के रंगों का क्रम:** लाल, नारंगी, पीला, हरा, नीला, जामुनी, बैंगनी। यह क्रम हमेशा निश्चित होता है।
In simple words: जब सफ़ेद रोशनी सात रंगों में बँट जाती है, उसे वर्ण विक्षेपण कहते हैं। इंद्रधनुष के रंग लाल, नारंगी, पीला, हरा, नीला, जामुनी, बैंगनी होते हैं।
🎯 Exam Tip: वर्ण विक्षेपण की परिभाषा और इंद्रधनुष के रंगों का सही क्रम (VIBGYOR का उल्टा) याद रखना बहुत ज़रूरी है।
Question 5. मीना के दो सहपाठियों राघव को दूर की वस्तुएँ तथा मेघा को पास की वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई नहीं देती हैं। उन्हें कौन-कौनसे दृष्टि दोष हैं? इनके निवारण के लिए उन्हें कौन-कौनसे लेंस से बने चश्मे प्रयुक्त करने पड़ेंगे?
Answer: राघव और मेघा के दृष्टि दोष तथा उनके निवारण के लिए आवश्यक लेंस इस प्रकार हैं:
| क्र.सं. | नाम सहपाठी | रोग के लक्षण | लक्षण के आधार पर दृष्टिदोष | निवारण हेतु चश्मे में प्रयुक्त लेंस |
|---|---|---|---|---|
| 1 | राघव | दूर की वस्तु स्पष्ट दिखाई नहीं देना। | निकट दृष्टि-दोष | अवतल लेंस से बना चश्मा |
| 2 | मेघा | पास की वस्तु स्पष्ट दिखाई नहीं देना। | दूर दृष्टि-दोष | उत्तल लेंस से बना चश्मा |
In simple words: राघव को दूर की चीज़ें नहीं दिखतीं (निकट दृष्टि-दोष) तो उसे अवतल लेंस चाहिए। मेघा को पास की चीज़ें नहीं दिखतीं (दूर दृष्टि-दोष) तो उसे उत्तल लेंस चाहिए।
🎯 Exam Tip: निकट दृष्टि-दोष और दूर दृष्टि-दोष के लक्षणों और उनके निवारण के लिए सही लेंस को स्पष्ट रूप से याद रखें।
दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. काँच की आयताकार सिल्ली द्वारा प्रकाश की किरण का अपवर्तन चित्र सहित समझाइए।
Answer: काँच की आयताकार सिल्ली द्वारा प्रकाश का अपवर्तन इस प्रकार होता है: एक प्रकाश की किरण \(AB\) हवा में चलती हुई आती है और काँच की आयताकार सिल्ली के ऊपर वाले हिस्से पर \(O\) बिंदु पर टकराती है। हवा विरल माध्यम है और काँच सघन माध्यम। जब किरण हवा से काँच में जाती है, तो वह अभिलम्ब की ओर झुक जाती है। इससे वह \(BC\) रेखा के साथ आगे बढ़ती है। फिर यही किरण काँच से हवा में निकलते समय \(O'\) बिंदु पर टकराती है। अब यह सघन माध्यम से विरल माध्यम में जा रही है, तो यह अभिलम्ब से दूर हट जाती है और \(CD\) रेखा के साथ बाहर निकल जाती है। इस तरह, प्रकाश की किरण दो बार अपवर्तित होकर अपने रास्ते से विचलित होती है।
In simple words: जब रोशनी की किरण हवा से काँच की पट्टी में जाती है, तो वह थोड़ा मुड़ जाती है। फिर काँच से हवा में निकलते हुए वह फिर से मुड़ती है।
🎯 Exam Tip: किरण आरेख बनाते समय आपतित किरण, अपवर्तित किरण, निर्गत किरण, अभिलम्ब और माध्यमों को स्पष्ट रूप से नामांकित करें।
Question 2. किन प्रकाशीय उपकरणों में लेन्सों का उपयोग किया जाता है? इनका संक्षेप में वर्णन कीजिए।
Answer: लेंसों का उपयोग कई प्रकाशीय उपकरणों में होता है, जिनमें से कुछ प्रमुख उपकरण इस प्रकार हैं:
1. **दृष्टि दोष निवारण में:** चश्मे में उत्तल और अवतल दोनों तरह के लेंस इस्तेमाल होते हैं। जिन लोगों को पास की चीज़ें साफ़ नहीं दिखतीं (दूर दृष्टि-दोष), वे उत्तल लेंस का चश्मा पहनते हैं। और जिन्हें दूर की चीज़ें साफ़ नहीं दिखतीं (निकट दृष्टि-दोष), वे अवतल लेंस का चश्मा इस्तेमाल करते हैं। इससे वे ठीक से देख पाते हैं।
2. **सरल सूक्ष्मदर्शी (Simple Microscope):** इसमें कम दूरी का एक उत्तल लेंस लगा होता है। यह छोटी चीज़ों को बड़ा करके दिखाता है। घड़ी बनाने वाले और डॉक्टर जैसी कई पेशेवर लोग इसका इस्तेमाल करते हैं।
3. **संयुक्त सूक्ष्मदर्शी (Compound Microscope):** इसमें दो उत्तल लेंस एक लंबी नली में लगे होते हैं। जिस लेंस के पास हम देखने वाली चीज़ रखते हैं, उसे अभिदृश्यक लेंस कहते हैं। जिस लेंस से हम अपनी आँख लगाकर देखते हैं, उसे नेत्रिका लेंस कहते हैं। यह चीज़ों को सरल सूक्ष्मदर्शी से भी कई गुना ज़्यादा बड़ा करके दिखा सकता है।
4. **दूरबीन (Telescope):** दूरबीन का उपयोग दूर की चीज़ों को देखने के लिए किया जाता है। इसमें भी दो उत्तल लेंस लगे होते हैं, एक अभिदृश्यक और एक नेत्रिका। यह दूर की चीज़ों को पास और बड़ा दिखाता है।
लेंसों का उपयोग इन उपकरणों में प्रकाश को मोड़ने और प्रतिबिंब बनाने के लिए किया जाता है, जिससे हमें चीज़ों को देखने में मदद मिलती है।
In simple words: लेंस चश्मे, सरल सूक्ष्मदर्शी, संयुक्त सूक्ष्मदर्शी और दूरबीन में इस्तेमाल होते हैं। चश्मा आँखों की कमी को ठीक करता है, सूक्ष्मदर्शी छोटी चीज़ों को बड़ा दिखाते हैं, और दूरबीन दूर की चीज़ों को पास लाती है।
🎯 Exam Tip: हर उपकरण में लेंस का प्रकार (उत्तल/अवतल) और उसका मुख्य कार्य संक्षेप में बताएं।
संरचना-मानव नेत्र
Question. मानव नेत्र की संरचना का वर्णन कीजिए।
Answer: मानव नेत्र की संरचना गोलाकार होती है। आँख का बाहरी हिस्सा सफ़ेद रंग का होता है। इसके सामने वाले साफ़ हिस्से को कॉर्निया कहते हैं। कॉर्निया के पीछे एक गहरे रंग की मांसपेशियों की बनावट होती है, जिसे परितारिका या आइरिस कहते हैं। परितारिका के बीच में एक छोटा छेद होता है, जिसे पुतली कहते हैं। परितारिका ही पुतली के आकार को नियंत्रित करती है, जिससे आँख में जाने वाली रोशनी की मात्रा तय होती है। ज़्यादा रोशनी में पुतली छोटी हो जाती है और कम रोशनी में बड़ी। पुतली के पीछे आँख का लेंस होता है, जो मांसपेशियों से टिका रहता है। कॉर्निया और लेंस के बीच एक साफ़ तरल पदार्थ भरा होता है, जिसे नेत्रोद द्रव कहते हैं। यह सब मिलकर आँख को ठीक से काम करने में मदद करते हैं।
In simple words: आँख गोल होती है। इसमें कॉर्निया, पुतली, लेंस, रेटिना जैसे कई हिस्से होते हैं जो हमें देखने में मदद करते हैं।
🎯 Exam Tip: मानव नेत्र के हर भाग का नाम और उसका मुख्य कार्य चित्र के साथ याद करना बहुत उपयोगी है।
कार्यप्रणाली-मानव नेत्र
Question. मानव नेत्र की कार्यप्रणाली समझाइए।
Answer: मानव नेत्र की कार्यप्रणाली इस प्रकार है: आँख का लेंस किसी भी वस्तु का उल्टा प्रतिबिंब रेटिना पर बनाता है। रेटिना आँख की एक बहुत ही संवेदनशील और पारदर्शी झिल्ली होती है, जिसमें रोशनी को महसूस करने वाली बहुत सारी कोशिकाएँ (तंत्रिकाएँ) होती हैं। ये कोशिकाएँ मस्तिष्क से जुड़ी होती हैं। जब ये कोशिकाएँ रेटिना पर बने प्रतिबिंब के संकेतों को दिमाग तक पहुँचाती हैं, तो दिमाग उन संकेतों को सीधा करके दिखाता है, और हमें वस्तुएँ सीधी दिखाई देती हैं। दिमाग इस जानकारी को इतना तेज़ी से प्रोसेस करता है कि हमें चीज़ें तुरंत और सीधी दिखती हैं।
In simple words: आँख का लेंस वस्तु का उल्टा चित्र रेटिना पर बनाता है। रेटिना की नसें यह जानकारी दिमाग तक भेजती हैं, और दिमाग इसे सीधा करके हमें दिखाता है।
🎯 Exam Tip: रेटिना पर प्रतिबिंब का उल्टा बनना और मस्तिष्क द्वारा उसे सीधा करके दिखाना, ये मानव नेत्र की कार्यप्रणाली के दो मुख्य बिंदु हैं।
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 1. उत्तल लेंस से वस्तु के बराबर, उल्टा व वास्तविक प्रतिबिम्ब बनेगा, जब वस्तु को लेंस के मुख्य अक्ष के जिस बिन्दु पर रखा जाएगा, वह होगा
(अ) F' पर
(ब) 2F' पर
(स) F' व 2F के मध्य
(द) अनन्त पर।
Answer: (ब) 2F' पर
In simple words: अगर वस्तु को उत्तल लेंस के 2F' बिंदु पर रखा जाए, तो उसका प्रतिबिंब उतना ही बड़ा, उल्टा और असली बनेगा।
🎯 Exam Tip: उत्तल लेंस में अलग-अलग स्थानों पर रखे गए वस्तु के प्रतिबिंब की स्थिति, आकार और प्रकृति को याद रखें।
Question 3. चश्मे में कौनसे लेंस का प्रयोग होता है?
(अ) अवतल लेंस
(ब) उत्तल लेंस
(स) दोनों प्रकार के लेंस
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (स) दोनों प्रकार के लेंस
In simple words: चश्मे में उत्तल और अवतल दोनों तरह के लेंस इस्तेमाल होते हैं, यह आँख की ज़रूरत पर निर्भर करता है।
🎯 Exam Tip: दृष्टि दोष के प्रकार के आधार पर ही उत्तल या अवतल लेंस का चुनाव किया जाता है; यह समझना ज़रूरी है।
Question 4. जिन लोगों को निकट की वस्तु दिखाई नहीं देती है, उन्हें कौनसा दृष्टि दोष होता है?
(अ) निकट दृष्टिदोष
(ब) दूर दृष्टिदोष
(स) अ व ब दोनों
(द) दोनों नहीं
Answer: (ब) दूर दृष्टिदोष
In simple words: अगर कोई पास की चीज़ें नहीं देख पाता, तो उसे दूर दृष्टिदोष होता है।
🎯 Exam Tip: 'निकट दृष्टिदोष' में दूर की चीज़ें धुंधली दिखती हैं, जबकि 'दूर दृष्टिदोष' में पास की चीज़ें धुंधली दिखती हैं। इन दोनों के अंतर को स्पष्ट रखें।
Question 5. सरल सूक्ष्मदर्शी में कितने उत्तल लेंस लगे होते हैं?
(अ) एक
(ब) तीन
(स) दो
(द) चार
Answer: (अ) एक
In simple words: सरल सूक्ष्मदर्शी में सिर्फ़ एक उत्तल लेंस होता है।
🎯 Exam Tip: 'सरल' सूक्ष्मदर्शी में एक लेंस होता है, जबकि 'संयुक्त' सूक्ष्मदर्शी में दो या अधिक लेंस होते हैं।
Question 7. एक प्रकाश किरण विरल माध्यम से सघन माध्यम में प्रवेश करती हैं। इसका सही प्रकाशीय पथ है
(अ)
(ब)
(स)
(द)
Answer: (अ)
In simple words: जब रोशनी कम सघन चीज़ (विरल) से ज़्यादा सघन चीज़ (सघन) में जाती है, तो वह सीधी जाने की बजाय अभिलम्ब की तरफ़ मुड़ जाती है।
🎯 Exam Tip: यह अपवर्तन का एक मूलभूत नियम है: विरल से सघन माध्यम में जाने पर प्रकाश अभिलम्ब की ओर झुकता है।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
Question 1. ऐसा लेंस जो किनारों पर मोटा एवं बीच में पतला है _______ लेंस कहलाता है। (अवतल/उत्तल)
Answer: ऐसा लेंस जो किनारों पर मोटा एवं बीच में पतला है अवतल लेंस कहलाता है। अवतल लेंस की बनावट ऐसी होती है कि यह प्रकाश को फैलाता है।
In simple words: किनारों पर मोटा और बीच में पतला लेंस अवतल लेंस कहलाता है।
🎯 Exam Tip: अवतल लेंस की पहचान उसके आकार से की जाती है, जो किनारों पर मोटा और बीच में पतला होता है।
Question 2. दूरबीन में दो _______ लेंस लगे होते हैं। (उत्तल/अवतल)
Answer: दूरबीन में दो उत्तल लेंस लगे होते हैं। ये लेंस दूर की वस्तुओं को बड़ा करके दिखाने का काम करते हैं।
In simple words: दूरबीन में दो उत्तल लेंस होते हैं।
🎯 Exam Tip: दूरबीन में उत्तल लेंसों का उपयोग दूर की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देखने के लिए किया जाता है।
Question 3. नेत्र की आकृति _______ होती है। (गोलाकार/वर्गाकार)
Answer: नेत्र की आकृति गोलाकार होती है। यह गोल आकार आँखों को चारों दिशाओं में घूमने और वस्तुओं को देखने में मदद करता है।
In simple words: हमारी आँखें गोल होती हैं।
🎯 Exam Tip: मानव नेत्र की मूल आकृति गोलाकार होती है, यह एक बुनियादी तथ्य है।
Question 5. सूर्य का प्रकाश _______ रंगों से मिलकर बना होता है। (सात/आठ)
Answer: सूर्य का प्रकाश सात रंगों से मिलकर बना होता है। ये सात रंग मिलकर सफ़ेद प्रकाश बनाते हैं, जिसे वर्ण विक्षेपण से देखा जा सकता है।
In simple words: सूरज की रोशनी सात रंगों से बनती है।
🎯 Exam Tip: श्वेत प्रकाश का सात रंगों में बँटना 'वर्ण विक्षेपण' कहलाता है, जो इंद्रधनुष में स्पष्ट दिखता है।
बताइए निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य
Question 1. बताइए निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य।
1. सघन माध्यम में प्रकाश की चाल विरल माध्यमकी तुलना में कम होती है।
2. अपवर्तनांक दिये गये दो माध्यमों में प्रकाश केवेगों का अन्तर होता है।
3. किनारों पर मोटे व बीच में से पतले लेंस को उत्तल लेंस कहते हैं।
4. सूर्य का प्रकाश सात रंगों से मिलकर बना है, जिससे यह श्वेत दिखाई देता है।
Answer:
1. सत्य (सघन माध्यम में प्रकाश की गति धीमी हो जाती है)
2. असत्य (अपवर्तनांक प्रकाश के वेगों का अनुपात होता है, अंतर नहीं)
3. असत्य (किनारों पर मोटे व बीच में से पतले लेंस को अवतल लेंस कहते हैं)
4. सत्य (सूर्य का प्रकाश सात रंगों से मिलकर बना होता है, जो सफेद दिखता है)
इन कथनों से प्रकाश के गुणों और लेंसों के प्रकार के बारे में सही या गलत जानकारी मिलती है।
In simple words: सघन माध्यम में रोशनी धीमी होती है (सही)। अपवर्तनांक वेगों का अनुपात है, अंतर नहीं (गलत)। किनारों पर मोटे, बीच में पतले लेंस को अवतल कहते हैं (गलत)। सूरज की रोशनी सात रंगों से बनती है (सही)।
🎯 Exam Tip: प्रकाश के माध्यमों में चाल, अपवर्तनांक की परिभाषा और लेंसों के आकार के आधार पर उनके प्रकार को सही से समझें।
सही मिलान कीजिए
Question 1. निम्नांकित कॉलम 'A' का कॉलम 'B' से सही मिलान कीजिए।
| कॉलम 'A' | कॉलम 'B' |
|---|---|
| 1. अभिसारी लेंस | (A) नेत्रोद |
| 2. अपसारी लेंस | (B) उत्तल लेंस |
| 3. सात रंग की पट्टियों का समूह | (C) अवतल लेंस |
| 4. आइरिस में छोटा छिद्र | (D) स्पेक्ट्रम |
| 5. कॉर्निया व लेंस के बीच द्रव पदार्थ | (E) पुतली |
Answer:
1. अभिसारी लेंस - (B) उत्तल लेंस
2. अपसारी लेंस - (C) अवतल लेंस
3. सात रंग की पट्टियों का समूह - (D) स्पेक्ट्रम
4. आइरिस में छोटा छिद्र - (E) पुतली
5. कॉर्निया व लेंस के बीच द्रव पदार्थ - (A) नेत्रोद
यह मिलान प्रकाशिकी के विभिन्न शब्दों और उनके सही अर्थों या संबंधित वस्तुओं को स्पष्ट करता है।
In simple words: उत्तल लेंस रोशनी को इकट्ठा करता है (अभिसारी), अवतल लेंस फैलाता है (अपसारी)। सात रंगों का समूह स्पेक्ट्रम है। पुतली आइरिस का छोटा छेद है। नेत्रोद कॉर्निया और लेंस के बीच का पानी है।
🎯 Exam Tip: लेंसों के प्रकार और मानव नेत्र के भागों से संबंधित परिभाषाओं और कार्यों को सही से मिलाएं।
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. लेंस कितने प्रकार के होते हैं? नाम लिखिए।
Answer: लेंस मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:
1. उत्तल (अभिसारी) लेंस
2. अवतल (अपसारी) लेंस
ये दोनों प्रकार के लेंस प्रकाश को अलग-अलग तरीके से मोड़ते हैं, जिससे विभिन्न ऑप्टिकल उपकरण बनते हैं।
In simple words: लेंस दो तरह के होते हैं: उत्तल लेंस (जो रोशनी को इकट्ठा करता है) और अवतल लेंस (जो रोशनी को फैलाता है)।
🎯 Exam Tip: लेंस के दोनों प्रकारों को उनके अभिसारी/अपसारी गुणों के साथ याद रखें।
Question 2. उत्तल (अभिसारी) लेंस किसे कहते हैं? अथवा उत्तल लेंस कैसा होता है?
Answer: उत्तल लेंस वह होता है जो किनारों पर पतला और बीच में मोटा होता है। यह लेंस जब उस पर समांतर आती हुई प्रकाश की किरणों को एक बिंदु पर इकट्ठा करता है, इसलिए इसे अभिसारी लेंस भी कहा जाता है। उत्तल लेंस अक्सर आवर्धक शीशे और चश्मे में इस्तेमाल होता है।
In simple words: उत्तल लेंस बीच में मोटा और किनारों पर पतला होता है, जो रोशनी को एक जगह इकट्ठा करता है।
🎯 Exam Tip: उत्तल लेंस की बनावट (बीच में मोटा, किनारों पर पतला) और उसका कार्य (प्रकाश को अभिसारित करना) दोनों महत्वपूर्ण हैं।
Question 3. अवतल (अपसारी) लेंस किसे कहते हैं ? अथवा अवतल लेंस कैसा होता है?
Answer: अवतल लेंस वह होता है जो किनारों पर मोटा और बीच में पतला होता है। यह लेंस जब उस पर समांतर आती हुई प्रकाश की किरणों को फैला देता है, इसलिए इसे अपसारी लेंस भी कहते हैं। अवतल लेंस का उपयोग अक्सर चश्मे और कुछ दूरबीनों में किया जाता है।
In simple words: अवतल लेंस किनारों पर मोटा और बीच में पतला होता है, जो रोशनी को फैला देता है।
🎯 Exam Tip: अवतल लेंस की बनावट (किनारों पर मोटा, बीच में पतला) और उसका कार्य (प्रकाश को अपसारित करना) दोनों याद रखें।
Question 4. उत्तल लेंस से सूर्य के प्रकाश को अपने शरीर के किसी भाग पर केन्द्रित क्यों नहीं करना चाहिए?
Answer: उत्तल लेंस का उपयोग करके सूर्य के प्रकाश को अपने शरीर के किसी भी हिस्से पर एक जगह इकट्ठा नहीं करना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि उत्तल लेंस सूर्य की सभी प्रकाश किरणों को एक छोटे से बिंदु पर केंद्रित कर देता है, जिससे वहाँ बहुत ज़्यादा गर्मी पैदा होती है और त्वचा जल सकती है। यह ठीक वैसे ही है जैसे कागज़ को जलाने के लिए उत्तल लेंस का इस्तेमाल करते हैं।
In simple words: उत्तल लेंस सूरज की रोशनी को एक जगह इकट्ठा करके इतना गर्म कर देता है कि त्वचा जल सकती है, इसलिए ऐसा नहीं करना चाहिए।
🎯 Exam Tip: उत्तल लेंस द्वारा प्रकाश को केंद्रित करने की क्षमता और उसके संभावित खतरों को समझें।
Question 6. प्रकाश केन्द्र किसे कहते हैं?
Answer: लेंस के अंदर मुख्य अक्ष पर वह बिंदु जिससे होकर गुजरने वाली प्रकाश की किरण बिना किसी विचलन (बिना मुड़े) के सीधी निकल जाती है, उसे प्रकाश केंद्र कहते हैं। यह बिंदु लेंस के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यहाँ से जाने वाली किरण का रास्ता नहीं बदलता।
In simple words: लेंस के बीच का वह बिंदु जिससे रोशनी की किरण बिना मुड़े सीधी निकल जाती है, उसे प्रकाश केंद्र कहते हैं।
🎯 Exam Tip: प्रकाश केंद्र की परिभाषा में 'बिना विचलन के सीधी निकलना' मुख्य बिंदु है।
Question 7. अवतल लेंस से पर्दे पर कैसा प्रतिबिम्ब बनता है?
Answer: अवतल लेंस से पर्दे पर कोई वास्तविक प्रतिबिम्ब नहीं बनता है। अवतल लेंस हमेशा सीधा, आभासी और छोटा प्रतिबिम्ब बनाता है, जिसे हम अपनी आँखों से सीधे लेंस के सामने रखकर देख सकते हैं। यह प्रतिबिंब पर्दे पर नहीं लिया जा सकता।
In simple words: अवतल लेंस से पर्दे पर कोई असली प्रतिबिंब नहीं बनता, बल्कि सीधा और छोटा आभासी प्रतिबिंब बनता है।
🎯 Exam Tip: अवतल लेंस हमेशा आभासी प्रतिबिंब बनाता है, जिसे पर्दे पर प्राप्त नहीं किया जा सकता।
Question 8. चश्मे में किस प्रकार के लेंस का प्रयोग होता है?
Answer: चश्मे में दोनों प्रकार के लेंस-उत्तल और अवतल लेंस का उपयोग व्यक्ति की आँखों की ज़रूरत के हिसाब से किया जाता है। यदि किसी को दूर की चीज़ें साफ़ नहीं दिखतीं (निकट दृष्टिदोष), तो अवतल लेंस का चश्मा लगता है, और यदि पास की चीज़ें साफ़ नहीं दिखतीं (दूर दृष्टिदोष), तो उत्तल लेंस का चश्मा लगता है।
In simple words: चश्मे में उत्तल या अवतल लेंस का इस्तेमाल होता है, जैसा आँखों को चाहिए।
🎯 Exam Tip: दृष्टि दोष के प्रकार के आधार पर ही सही लेंस का चुनाव किया जाता है।
Question 9. निकट दृष्टिदोष क्या होता है? इसके निवारण हेतु कौनसे लेंस का प्रयोग करते हैं?
Answer: निकट दृष्टिदोष वह स्थिति है जब व्यक्ति को दूर की वस्तुएँ स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देतीं, लेकिन पास की वस्तुएँ साफ़ दिखती हैं। इस दोष को ठीक करने के लिए अवतल लेंस लगे चश्मे का प्रयोग किया जाता है, क्योंकि अवतल लेंस प्रकाश किरणों को फैलाकर रेटिना पर सही फोकस बनाने में मदद करता है।
In simple words: निकट दृष्टिदोष में दूर की चीज़ें धुंधली दिखती हैं; इसे ठीक करने के लिए अवतल लेंस का चश्मा लगता है।
🎯 Exam Tip: निकट दृष्टिदोष (मायोपिया) में आँख का लेंस रोशनी को रेटिना से पहले फोकस कर देता है, जिसे अवतल लेंस सही करता है।
Question 10. दूरदृष्टि दोष क्या होता है। इसके निवारण हेतु कौनसे लेंस का प्रयोग करते हैं?
Answer: दूरदृष्टि दोष वह स्थिति है जब व्यक्ति को पास की वस्तुएँ स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देतीं, लेकिन दूर की वस्तुएँ साफ़ दिखती हैं। इस दोष को ठीक करने के लिए उत्तल लेंस लगे चश्मे का प्रयोग किया जाता है, क्योंकि उत्तल लेंस प्रकाश किरणों को इकट्ठा करके रेटिना पर सही फोकस बनाने में मदद करता है।
In simple words: दूरदृष्टि दोष में पास की चीज़ें धुंधली दिखती हैं; इसे ठीक करने के लिए उत्तल लेंस का चश्मा लगता है।
🎯 Exam Tip: दूरदृष्टि दोष (हाइपरमेट्रोपिया) में आँख का लेंस रोशनी को रेटिना के पीछे फोकस कर देता है, जिसे उत्तल लेंस सही करता है।
Question 11. घड़ीसाज घड़ी सुधारने में कौनसे लेंस का प्रयोग करते हैं?
Answer: घड़ीसाज घड़ी सुधारने में उत्तल लेंस लगे आवर्धक लेंस का उपयोग करते हैं। ये लेंस छोटी चीज़ों को बड़ा करके दिखाते हैं, जिससे घड़ी के बारीक पुर्जे आसानी से देखे जा सकते हैं और उन्हें ठीक किया जा सकता है।
In simple words: घड़ीसाज घड़ी ठीक करने के लिए उत्तल लेंस वाले बड़े करने वाले शीशे का उपयोग करते हैं।
🎯 Exam Tip: उत्तल लेंस का उपयोग आवर्धक (magnifying) के रूप में किया जाता है, जो सूक्ष्मदर्शी का आधार भी है।
Question 12. संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में कितने एवं कौनसे लेंस प्रयुक्त होते हैं व इसका क्या उपयोग है?
Answer: संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में दो उत्तल लेंस एक धातु की नली में लगे होते हैं। एक लेंस (अभिदृश्यक) वस्तु के पास होता है, और दूसरा (नेत्रिका) आँख के पास होता है। इसका उपयोग छोटी वस्तुओं को बहुत बड़ा करके देखने के लिए किया जाता है, जिन्हें हमारी नंगी आँखों से नहीं देखा जा सकता। यह सूक्ष्म दुनिया को देखने में मदद करता है, जैसे कोशिकाएं और जीवाणु।
In simple words: संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में दो उत्तल लेंस होते हैं। इसका उपयोग बहुत छोटी चीज़ों को बड़ा करके देखने के लिए किया जाता है।
🎯 Exam Tip: संयुक्त सूक्ष्मदर्शी की संरचना (दो उत्तल लेंस) और उसका मुख्य कार्य (अत्यंत सूक्ष्म वस्तुओं का आवर्धन) याद रखना आवश्यक है।
Question 14. अभिदृश्यक किसे कहते हैं?
Answer: संयुक्त सूक्ष्मदर्शी या दूरबीन में वह लेंस जो वस्तु की तरफ़ होता है, यानी जिस ओर वस्तु को रखा जाता है, उसे अभिदृश्यक लेंस कहते हैं। यह लेंस सबसे पहले वस्तु से आने वाली प्रकाश किरणों को इकट्ठा करता है।
In simple words: सूक्ष्मदर्शी या दूरबीन में वह लेंस जो चीज़ के पास होता है, उसे अभिदृश्यक कहते हैं।
🎯 Exam Tip: अभिदृश्यक लेंस हमेशा उस वस्तु के करीब होता है जिसे देखा जा रहा है।
Question 15. नेत्रिका किसे कहते हैं?
Answer: संयुक्त सूक्ष्मदर्शी या दूरबीन में वह लेंस जिस पर आँख को रखकर देखा जाता है, उसे नेत्रिका लेंस कहते हैं। यह लेंस अभिदृश्यक द्वारा बनाए गए प्रतिबिंब को और बड़ा करके दिखाता है।
In simple words: सूक्ष्मदर्शी या दूरबीन में वह लेंस जिससे हम आँख लगाकर देखते हैं, उसे नेत्रिका कहते हैं।
🎯 Exam Tip: नेत्रिका लेंस हमेशा प्रेक्षक (observer) की आँख के करीब होता है।
Question 16. दूरबीन का उपयोग बताइए।
Answer: दूरबीन का उपयोग बहुत दूर की वस्तुओं को साफ़ और बड़ा करके देखने के लिए किया जाता है। इसका इस्तेमाल खगोल विज्ञान में ग्रहों, तारों और आकाशगंगाओं को देखने के लिए, साथ ही ज़मीन पर दूर के दृश्यों या वन्यजीवों को देखने के लिए भी होता है।
In simple words: दूरबीन का उपयोग दूर की चीज़ों को साफ़-साफ़ और बड़ा देखने के लिए किया जाता है।
🎯 Exam Tip: दूरबीन का मुख्य कार्य दूरस्थ वस्तुओं को दृश्यमान और आवर्धित करना है।
Question 17. नेत्रोद किसे कहते हैं?
Answer: आँख में कॉर्निया और लेंस के बीच के हिस्से में एक साफ़, पानी जैसा तरल पदार्थ भरा होता है, जिसे नेत्रोद द्रव कहते हैं। यह द्रव आँख के सामने वाले हिस्से को आकार देता है और रोशनी को लेंस तक पहुँचाने में मदद करता है।
In simple words: कॉर्निया और लेंस के बीच में भरे साफ़ पानी जैसे द्रव को नेत्रोद कहते हैं।
🎯 Exam Tip: नेत्रोद द्रव आँख के अग्र कक्ष में होता है और प्रकाश के अपवर्तन में भी मदद करता है।
Question 18. काचाभ द्रव क्या हैं?
Answer: आँख में लेंस और रेटिना के बीच के बड़े हिस्से में एक और साफ़, जेल जैसा तरल पदार्थ भरा रहता है, जिसे काचाभ द्रव कहते हैं। यह द्रव आँख को अपना गोलाकार आकार बनाए रखने में मदद करता है और रेटिना को सपोर्ट भी देता है।
In simple words: लेंस और रेटिना के बीच भरे साफ़ जेल जैसे द्रव को काचाभ द्रव कहते हैं।
🎯 Exam Tip: काचाभ द्रव आँख के पिछले कक्ष में होता है और आँख के आकार को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Question 19. वर्ण विक्षेपण से क्या अभिप्राय है?
Answer: वर्ण विक्षेपण का मतलब है कि जब सूर्य का सफ़ेद प्रकाश अपने मूल सात रंगों में बँट जाता है। यह घटना आमतौर पर तब देखी जाती है जब सफ़ेद प्रकाश किसी प्रिज्म से गुजरता है। इसका सबसे अच्छा उदाहरण इंद्रधनुष का बनना है।
In simple words: वर्ण विक्षेपण का मतलब है कि सफ़ेद रोशनी का सात रंगों में बँटना।
🎯 Exam Tip: वर्ण विक्षेपण की परिभाषा और उसके उदाहरण (जैसे इंद्रधनुष) को अच्छी तरह से समझें।
Question 21. प्रिज्म में से गुजरने पर लाल रंग कम और बैंगनी रंग अधिक विचलित क्यों होता है?
Answer: प्रिज्म में से गुजरने पर लाल रंग की चाल (गति) ज़्यादा होती है, इसलिए वह कम मुड़ता है या कम विचलित होता है। इसके उलट, बैंगनी रंग की चाल कम होती है, जिसकी वजह से वह प्रिज्म से गुजरने के बाद ज़्यादा मुड़ता है या अधिक विचलित होता है। हर रंग की अपनी अलग तरंगदैर्ध्य होती है, और प्रिज्म उन्हें इस आधार पर अलग-अलग मोड़ता है।
In simple words: लाल रंग तेज़ी से चलता है इसलिए कम मुड़ता है, जबकि बैंगनी रंग धीरे चलता है इसलिए ज़्यादा मुड़ता है।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि जिस रंग का तरंगदैर्ध्य ज़्यादा होता है, वह कम विचलित होता है (जैसे लाल), और जिसका कम होता है, वह ज़्यादा विचलित होता है (जैसे बैंगनी)।
लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. पूजा को दूर की वस्तुएँ स्पष्ट दिखाई नहीं देती हैं। उसे कौनसा दृष्टि दोष है तथा इसके निवारण के लिए कौनसे लेंस से बना चश्मा प्रयुक्त करना पड़ेगा?
Answer: यदि किसी व्यक्ति को दूर की वस्तुएँ साफ़ दिखाई नहीं देती हैं, तो उसे निकट दृष्टिदोष है। इस दोष में रेटिना के सामने प्रतिबिंब बनता है। पूजा को भी यही दोष है, इसलिए उसे अपनी आँखों के इस निकट दृष्टिदोष को ठीक करने के लिए अवतल लेंस से बने चश्मे का उपयोग करना पड़ेगा। अवतल लेंस प्रकाश किरणों को फैलाकर प्रतिबिंब को रेटिना पर सही जगह बनाता है।
In simple words: पूजा को निकट दृष्टिदोष है क्योंकि उसे दूर की चीज़ें नहीं दिखतीं। उसे अवतल लेंस वाला चश्मा पहनना होगा।
🎯 Exam Tip: निकट दृष्टिदोष (मायोपिया) के लक्षण और उसके उपचार के लिए अवतल लेंस का उपयोग याद रखें।
Question 2. अपवर्तन किसे कहते हैं? पानी से भरे बीकर में सिक्का ऊपर उठा हुआ क्यों दिखाई देता है? चित्र सहित समझाइए।
Answer:
**अपवर्तन:** जब प्रकाश की किरण एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करती है, तो वह अपने सीधे रास्ते से भटक जाती है। इस घटना को प्रकाश का अपवर्तन कहते हैं।
**पानी से भरे बीकर में सिक्का ऊपर उठा हुआ दिखाई देना:** एक बीकर में एक सिक्का डालिए और उसे देखिए। वह अपनी जगह पर ही दिखेगा। अब बीकर में धीरे-धीरे पानी भरिए, ध्यान रहे कि सिक्का हिले नहीं। अब आप देखेंगे कि सिक्का थोड़ा ऊपर उठा हुआ दिखाई देता है। ऐसा प्रकाश के अपवर्तन के कारण होता है। जब सिक्के से आने वाली प्रकाश की किरणें पानी (जो सघन माध्यम है) से हवा (जो विरल माध्यम है) में जाती हैं, तो वे पानी की सतह पर बने अभिलम्ब से दूर हट जाती हैं। जब ये अपवर्तित किरणें हमारी आँखों तक पहुँचती हैं, तो हमें सिक्का अपनी असली जगह से थोड़ा ऊपर उठा हुआ दिखाई देता है। यह हमारी आँखों को भ्रमित करता है।
In simple words: अपवर्तन मतलब रोशनी का रास्ता बदलना। बीकर में सिक्का ऊपर उठा दिखता है क्योंकि पानी से हवा में आते समय रोशनी मुड़ जाती है।
🎯 Exam Tip: अपवर्तन की परिभाषा के साथ सिक्का ऊपर उठने की घटना को चित्र के माध्यम से समझाना बहुत प्रभावी होता है।
Question 3. दैनिक जीवन में अपवर्तन के कारण कई घटनाएँ और प्रभाव दृष्टिगोचर होते हैं। उनके नाम बताइए।
Answer: दैनिक जीवन में प्रकाश के अपवर्तन के कारण हमें कई घटनाएँ और प्रभाव दिखाई देते हैं। इनमें से कुछ प्रमुख घटनाएँ निम्नलिखित हैं:
1. पानी से भरे बर्तन का निचला हिस्सा ऊपर उठा हुआ दिखाई देना।
2. रात में तारों का टिमटिमाते हुए दिखना।
3. पानी में रखी पेंसिल का मुड़ा हुआ दिखाई देना।
4. सूर्योदय से थोड़ा पहले और सूर्यास्त के थोड़ा बाद तक सूरज का दिखना।
सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद सूर्य का दिखाई देना वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण होता है। सूरज से आने वाली प्रकाश की किरणें वायुमंडल की अलग-अलग परतों से मुड़कर हमारी आँखों तक पहुँचती हैं, जिससे हमें सूरज अपनी वास्तविक स्थिति से थोड़ा ऊपर उठा हुआ दिखता है। इसी कारण हमें वास्तविक सूर्योदय से लगभग 2 मिनट पहले और सूर्यास्त के लगभग 2 मिनट बाद तक सूर्य दिखाई देता है, जिससे दिन की कुल अवधि लगभग 4 मिनट बढ़ जाती है।
In simple words: रोजमर्रा की जिंदगी में, जब प्रकाश एक चीज से दूसरी चीज में जाता है, तो वह थोड़ा मुड़ जाता है। इसे अपवर्तन कहते हैं। इसी वजह से हमें पानी में चीजें उठी हुई, तारे टिलमिलाते हुए और सूरज सुबह-शाम जल्दी या देर तक दिखाई देता है।
🎯 Exam Tip: जब भी अपवर्तन के उदाहरण पूछे जाएँ, तो सिक्का, पेंसिल, तारे और सूर्य से जुड़े उदाहरणों को हमेशा याद रखें क्योंकि ये सबसे आम और आसानी से समझे जाने वाले उदाहरण हैं।
Question 4. हमें रात्रि के समय तारे टिमटिमाते हुए क्यों प्रतीत होते हैं?
Answer: हमारे वायुमंडल की अलग-अलग परतों का घनत्व अलग होता है। इस वजह से उनका अपवर्तनांक भी अलग-अलग होता है। जब तारों से रोशनी आती है, तो यह वायुमंडल की इन अलग-अलग परतों से होकर गुजरती है। इस प्रक्रिया में प्रकाश की किरणें लगातार अपने रास्ते से थोड़ी भटकती रहती हैं। इसी कारण हमें तारे टिमटिमाते हुए दिखाई देते हैं। यह ठीक वैसा ही है जैसे पानी में देखने पर चीजें अपनी जगह से थोड़ी हिली हुई दिखती हैं।
In simple words: तारों की रोशनी को धरती तक पहुँचने के लिए हवा की कई परतों से गुजरना पड़ता है। ये परतें अलग-अलग होने के कारण रोशनी मुड़ती रहती है, जिससे तारे टिमटिमाते हुए दिखते हैं।
🎯 Exam Tip: तारों के टिमटिमाने का मुख्य कारण वायुमंडलीय अपवर्तन है; ग्रह टिमटिमाते नहीं हैं क्योंकि वे पृथ्वी के बहुत करीब हैं।
Question 5. पानी में रखी पेन्सिल टेढ़ी क्यों नजर आती है ? चित्र सहित बताइए।
Answer: जब एक पेंसिल को पानी में रखा जाता है, तो वह पानी और हवा के मिलन बिंदु (ऊपरी सतह) पर मुड़ी हुई या टेढ़ी दिखाई देती है। ऐसा प्रकाश के अपवर्तन के कारण होता है। पेंसिल के पानी में डूबे हिस्से से आने वाली प्रकाश किरणें जब पानी से निकलकर हवा में आती हैं, तो वे अभिलंब से दूर हट जाती हैं। जब यह अपवर्तित प्रकाश हमारी आँखों तक पहुँचता है, तो हमें पानी में रखी पेंसिल टेढ़ी दिखाई देती है। यह प्रकाश के विभिन्न माध्यमों से गुजरने पर उसकी दिशा बदलने का एक सीधा उदाहरण है।
In simple words: जब पेंसिल पानी में होती है, तो उसका पानी वाला हिस्सा मुड़ा हुआ दिखता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि रोशनी पानी से हवा में आते ही अपना रास्ता बदल लेती है।
🎯 Exam Tip: जब भी किसी वस्तु का पानी में मुड़ा हुआ दिखना या ऊपर उठा हुआ दिखना पूछा जाए, तो अपवर्तन के नियम और प्रकाश के माध्यम बदलने पर दिशा बदलने का उल्लेख ज़रूर करें।
Question 6. दूर दृष्टि से पीड़ित व्यक्ति के चश्मे में उत्तल लेंस को उपयोग करते हैं। किन्हीं चार प्रकाशीय उपकरणों के नाम लिखिए जिनमें उत्तल लेंस का उपयोग करते हैं।
Answer: दूर दृष्टि दोष से पीड़ित व्यक्ति के चश्मे में उत्तल लेंस का उपयोग किया जाता है ताकि दूर की वस्तुएँ स्पष्ट दिखें। उत्तल लेंस का उपयोग करने वाले चार प्रकाशीय उपकरण निम्नलिखित हैं:
1. सरल सूक्ष्मदर्शी (Simple Microscope)
2. संयुक्त सूक्ष्मदर्शी (Compound Microscope)
3. दूरदर्शी (Telescope)
4. सोलर कुकर (Solar Cooker)।
यह लेंस सूर्य की रोशनी को एक बिंदु पर केंद्रित करके गर्मी पैदा करने में भी मदद करता है।
In simple words: उत्तल लेंस का इस्तेमाल उन चश्मों में होता है जिनसे दूर की चीजें साफ दिखती हैं। यह लेंस सरल और संयुक्त सूक्ष्मदर्शी, दूरबीन और सोलर कुकर जैसे उपकरणों में भी इस्तेमाल होता है।
🎯 Exam Tip: उत्तल लेंस अभिसारी प्रकृति का होता है, यह प्रकाश किरणों को एक बिंदु पर केंद्रित करता है, जो इसके उपयोगों को समझने में मदद करता है।
Question 7. लेंस किसे कहते हैं? ये कितने प्रकार के होते हैं? लेंसों के चित्र भी बनाइए।
Answer: लेंस एक पारदर्शक माध्यम होता है जो कम से कम दो वक्र पृष्ठों (घुमावदार सतहों) से घिरा होता है। ये पारदर्शी पदार्थ से बने होते हैं और प्रकाश को अपवर्तित करके प्रतिबिंब बनाते हैं। लेंस मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:
1. उत्तल (अभिसारी) लेंस: यह लेंस किनारों पर पतला और बीच में मोटा होता है। यह समानांतर आने वाली प्रकाश किरणों को एक बिंदु पर केंद्रित (अभिसारित) कर देता है। जिस बिंदु पर ये किरणें एकत्रित होती हैं, उसे उत्तल लेंस का मुख्य फोकस (F) कहते हैं।
2. अवतल (अपसारी) लेंस: यह लेंस किनारों पर मोटा और बीच में पतला होता है। यह समानांतर आने वाली प्रकाश किरणों को फैला देता है (अपसारित)। अवतल लेंस का मुख्य फोकस (f) वह बिंदु होता है जहाँ से अपवर्तित किरणें आती हुई प्रतीत होती हैं।
In simple words: लेंस एक साफ चीज होती है जिसमें दो घुमावदार सतहें होती हैं। यह दो तरह का होता है: उत्तल लेंस जो बीच में मोटा और किनारों पर पतला होता है, और अवतल लेंस जो किनारों पर मोटा और बीच में पतला होता है। ये दोनों लेंस रोशनी को मोड़ते हैं।
🎯 Exam Tip: लेंस की परिभाषा और प्रकारों को उनके मुख्य गुणों (अभिसारी/अपसारी) और फोकस बिंदुओं के साथ याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 9. मानव नेत्र का नामांकित चित्र बनाइए
Answer: मानव नेत्र एक प्राकृतिक प्रकाशीय उपकरण है जो हमें वस्तुओं को देखने में मदद करता है। इसकी संरचना एक कैमरे की तरह होती है जिसमें कई भाग मिलकर काम करते हैं। मानव नेत्र की संरचना नीचे दिए गए चित्र में दिखाई गई है:
In simple words: हमारी आँख एक गोलाकार कैमरे जैसी होती है। इसमें कॉर्निया, पुतली, लेंस, रेटिना जैसे कई हिस्से होते हैं जो मिलकर रोशनी को इकट्ठा करते हैं और हमें चीजें दिखाते हैं।
🎯 Exam Tip: मानव नेत्र के चित्र में सभी प्रमुख भागों को सही ढंग से दर्शाना और उनके नाम स्पष्ट रूप से लिखना बहुत महत्वपूर्ण है।
Question 10. अवतल लेंस से प्रतिबिम्ब निर्माण को समझाइए।
Answer: अवतल लेंस से बनने वाला प्रतिबिंब हमेशा सीधा, आभासी और वस्तु से छोटा होता है। यह प्रतिबिंब कभी भी पर्दे पर नहीं बन सकता। जब हम अवतल लेंस को आँखों के सामने रखकर किसी वस्तु को देखते हैं, तो हमें वह वस्तु अपनी वास्तविक स्थिति से छोटी और आभासी दिखाई देती है। अवतल लेंस की यह विशेषता इसे दूर की वस्तुओं को देखने वाले उपकरणों में उपयोगी बनाती है।
In simple words: अवतल लेंस से बनने वाली तस्वीर हमेशा सीधी, नकली (आभासी) और छोटी होती है, जिसे पर्दे पर नहीं देख सकते।
🎯 Exam Tip: अवतल लेंस हमेशा आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है, यह इसकी सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है जिसे याद रखना चाहिए।
Question 11. डॉ. सी.वी. रमन के बारे में जानकारी प्रदान कीजिए।
Answer: डॉ. सी.वी. रमन एक बहुत ही प्रसिद्ध भारतीय भौतिक विज्ञानी थे। उन्होंने प्रकाश के प्रकीर्णन (रोशनी के फैलने) पर बेहतरीन काम किया, जिसके लिए उन्हें वर्ष 1930 में भौतिकी का प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार मिला था। उन्हें वर्ष 1954 में 'भारत रत्न' और वर्ष 1957 में 'लेनिन शांति पुरस्कार' से भी सम्मानित किया गया। उन्होंने 28 फरवरी, 1926 को 'रमन प्रभाव' की खोज की थी, और इसी दिन को हर साल राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है।
In simple words: डॉ. सी.वी. रमन एक बड़े भारतीय वैज्ञानिक थे जिन्हें प्रकाश के बिखरने पर काम करने के लिए नोबेल पुरस्कार मिला था। उन्होंने 'रमन प्रभाव' की खोज की, और उनके जन्मदिन को विज्ञान दिवस के रूप में मनाते हैं।
🎯 Exam Tip: डॉ. सी.वी. रमन के योगदान में 'रमन प्रभाव', नोबेल पुरस्कार का वर्ष (1930), और राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की तिथि (28 फरवरी) जैसे प्रमुख बिंदु याद रखना महत्वपूर्ण है।
निबन्धात्मक प्रश्न
Question 2. लेंस किसे कहते हैं? लेंस के प्रकारों का वर्णन कीजिए।
Answer: लेंस एक पारदर्शी वस्तु है जो दो घुमावदार सतहों से घिरा होता है। यह पारदर्शी सामग्री से बनता है और प्रकाश को मोड़कर (अपवर्तित करके) वस्तुओं की तस्वीरें बनाता है। लेंस मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:
1. उत्तल लेंस (Convex Lens) या अभिसारी लेंस: यह लेंस किनारों पर पतला और बीच में मोटा होता है। जब समानांतर प्रकाश किरणें इससे गुजरती हैं, तो यह उन्हें एक बिंदु पर इकट्ठा करता है। इसी गुण के कारण इसे अभिसारी लेंस कहते हैं। यह सूर्य के प्रकाश को केंद्रित करके कागज जलाने में भी मदद करता है।
2. अवतल लेंस (Concave Lens) या अपसारी लेंस: यह लेंस किनारों पर मोटा और बीच में पतला होता है। जब समानांतर प्रकाश किरणें इससे गुजरती हैं, तो यह उन्हें फैला देता है, जिससे वे किसी एक बिंदु से आती हुई प्रतीत होती हैं। इसी गुण के कारण इसे अपसारी लेंस कहते हैं।
In simple words: लेंस दो तरह के होते हैं: उत्तल (जो रोशनी को एक जगह इकट्ठा करता है) और अवतल (जो रोशनी को फैलाता है)। ये दोनों साफ चीजों से बने होते हैं और रोशनी को मोड़ते हैं।
🎯 Exam Tip: लेंस के दोनों प्रकारों (उत्तल और अवतल) को उनके गुणों (अभिसारी/अपसारी) और उनसे बनने वाले प्रतिबिंबों की प्रकृति के साथ याद रखें।
Question 3. स्पष्ट कीजिये कि अनन्त पर स्थित वस्तु का उत्तल लेंस से वास्तविक, उल्टा एवं अत्यन्त छोटा प्रतिबिम्ब फोकस बिन्दु पर बनता है।
Answer: जब कोई वस्तु बहुत दूर (अनंत पर) रखी होती है और उसका प्रतिबिंब उत्तल लेंस से बनाया जाता है, तो यह प्रतिबिंब हमेशा वास्तविक, उल्टा और वस्तु से बहुत छोटा बनता है। यह प्रतिबिंब लेंस के फोकस बिंदु (F) पर बनता है। इस प्रक्रिया को समझने के लिए, आप एक उत्तल लेंस और एक कागज लें। सूर्य के प्रकाश को लेंस से इस तरह गुजारें कि वह कागज पर एक छोटे से बिंदु पर केंद्रित हो जाए। यह बिंदु लेंस का फोकस बिंदु होता है। सूर्य से आने वाली किरणें समानांतर होती हैं और लेंस उन्हें फोकस बिंदु पर एकत्रित कर देता है। यह प्रतिबिंब पर्दे पर लिया जा सकता है, इसलिए यह वास्तविक होता है, और वास्तविक प्रतिबिंब हमेशा उल्टे होते हैं।
In simple words: अगर कोई चीज बहुत दूर है, तो उत्तल लेंस उसकी असली, उल्टी और बहुत छोटी तस्वीर अपने फोकस बिंदु पर बनाता है। इस तस्वीर को कागज पर देख सकते हैं।
🎯 Exam Tip: उत्तल लेंस से अनंत पर रखी वस्तु का प्रतिबिंब हमेशा फोकस पर, वास्तविक, उल्टा और बिंदु आकार का बनता है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह लेंस के फोकस की परिभाषा का आधार है।
Question 4. वस्तु की स्थितियों के अनुसार उत्तल लेंस से पर्दे पर वस्तु के प्रतिबिम्ब निर्माण को प्रतिबिम्ब की स्थिति, आकार, प्रकृति के बारे में बताइए।
Answer: उत्तल लेंस द्वारा वस्तु की अलग-अलग स्थितियों पर बनने वाले प्रतिबिंबों की स्थिति, आकार और प्रकृति इस प्रकार है:
| वस्तु की स्थितियाँ | प्रतिबिंब की स्थिति | प्रतिबिंब का आकार | प्रतिबिंब की प्रकृति |
|---|---|---|---|
| (i) अनंत पर | F' पर | अत्यंत छोटा व उल्टा | वास्तविक |
| (ii) 2F' से थोड़ी दूर | F' तथा 2F' के बीच | छोटा व उल्टा | वास्तविक |
| (iii) 2F' पर | 2F पर | बराबर व उल्टा | वास्तविक |
| (iv) F' तथा 2F' के बीच | 2F से परे | बड़ा व उल्टा | वास्तविक |
| (v) F' पर | अनंत पर | अत्यंत बड़ा व उल्टा | वास्तविक |
| (vi) लेंस और F' के बीच | अनंत व लेंस के बीच | बड़ा व सीधा | आभासी |
In simple words: उत्तल लेंस से वस्तु कहाँ रखी है, इसके हिसाब से उसकी तस्वीर (प्रतिबिंब) कहीं और बनती है। तस्वीर कभी असली, उल्टी, छोटी या बड़ी होती है, और कभी-कभी नकली और सीधी भी होती है।
🎯 Exam Tip: उत्तल लेंस से प्रतिबिंब बनने की इन सभी स्थितियों को याद रखना और उनके किरण आरेखों का अभ्यास करना परीक्षा के लिए बहुत उपयोगी होता है।
Question 5. प्रिज्म द्वारा प्रकाश की किरण का विक्षेपण चित्र द्वारा समझाइए।
Answer: जब सूर्य का सफेद प्रकाश एक प्रिज्म से होकर गुजरता है, तो यह अपने सात मूल रंगों – लाल, नारंगी, पीला, हरा, नीला, जामुनी और बैंगनी – में बँट जाता है। प्रकाश के इस तरह रंगों में बँटने की घटना को 'वर्ण विक्षेपण' कहते हैं। इसे समझने के लिए, आप एक प्रिज्म को सूर्य के प्रकाश में रखें और उसे थोड़ा घुमाएँ। प्रिज्म से निकलने वाले प्रकाश को एक दीवार पर देखें। आपको दीवार पर सात रंगों की एक पट्टी दिखाई देगी, जिसे प्रकाश का स्पेक्ट्रम कहते हैं। यह दर्शाता है कि सफेद प्रकाश कई रंगों से मिलकर बना होता है, जो प्रिज्म के अंदर अलग-अलग दर से मुड़ते हैं।
In simple words: जब सफेद रोशनी प्रिज्म से गुजरती है, तो वह लाल, नारंगी, पीला, हरा, नीला, जामुनी और बैंगनी जैसे सात रंगों में बँट जाती है। इस घटना को 'प्रकाश का विक्षेपण' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: वर्ण विक्षेपण की परिभाषा के साथ रंगों का सही क्रम (VIBGYOR) और प्रिज्म के कार्य को चित्र के माध्यम से समझाना महत्वपूर्ण है।
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