RBSE Solutions Class 7 Social Science Chapter 5 वन और वन्य जीवन

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Detailed Chapter 5 वन और वन्य जीवन RBSE Solutions for Class 7 Social Science

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Class 7 Social Science Chapter 5 वन और वन्य जीवन RBSE Solutions PDF

5 वन और वन्य जीवन

पातुगत प्रश्न एवं उनके उत्तर

आओ करके देखें।

 

Question 1. अपने आस-पास पाये जाने वाले प्रमुख पेड़ों एवं वन्य जीवों की सूची बनाइए? (पृष्ठ 50)
Answer: हम राजस्थान के जोधपुर जिले में रहते हैं, जो एक गर्म रेगिस्तानी इलाके में आता है। इसके पश्चिमी भाग में थार का मरुस्थल है। यहाँ जो मुख्य पेड़ मिलते हैं, वे नागफनी, कैक्टस, खैर, बबूल, कीकर और खेजड़ी हैं। कई तरह की छोटी घासें भी यहाँ उगती हैं। इस क्षेत्र में ऊँट, भेड़-बकरियाँ, गाय, बैल और बहुत से दूसरे छोटे जानवर मुख्य रूप से पाए जाते हैं, जो इस सूखे वातावरण में जीवित रहने के लिए अनुकूलित हैं।
In simple words: हमारे इलाके में नागफनी, बबूल और खेजड़ी जैसे पेड़ हैं। ऊँट, भेड़-बकरियाँ और गाय जैसे जानवर भी यहाँ रहते हैं।

🎯 Exam Tip: अपने आस-पास के पेड़-पौधों और जानवरों के नाम याद रखें, खासकर उन विशेष प्रजातियों को जो आपके क्षेत्र की जलवायु के अनुकूल हैं।

 

Question 2. अपने शिक्षक या परिवार के किसी बडे व्यक्ति के साथ किसी वन क्षेत्र का भ्रमण कीजिए तथा वहाँ के वृक्षों को पहचानिए एवं जीवों के क्रियाकलाप का अवलोकन कीजिए। (पृष्ठ 50)
Answer: मैंने अपने पिताजी के साथ रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान का दौरा किया। वहाँ मैंने आम, इमली, बबूल और कदम्ब जैसे कई पेड़ देखे। मुझे बाघ, चीतल, हिरन और सांभर जैसे वन्यजीव भी देखने को मिले। इन जानवरों को बिना किसी डर के अपने प्राकृतिक व्यवहार करते देखना एक अद्भुत अनुभव था, जिससे प्रकृति की सुंदरता का एहसास होता है।
In simple words: मैंने रणथम्भौर उद्यान में आम, इमली जैसे पेड़ और बाघ, हिरन जैसे जानवर देखे। सभी जानवर खुशी से घूम रहे थे।

🎯 Exam Tip: जब भी आप किसी वन्यजीव क्षेत्र में जाएँ, तो वहाँ के स्थानीय पेड़ों और जानवरों को पहचानने की कोशिश करें। इससे आपको प्रकृति को समझने में मदद मिलेगी।

 

Question 3. क्या आपके आस-पास के क्षेत्रों में वनों की अन्धाधुन्ध कटाई हो रही हैं? यदि हाँ तो उसके दुष्परिणामों की चर्चा कीजिए। (पृष्ठ 50)
Answer: हाँ, वर्तमान में बढ़ती जनसंख्या और उनकी बढ़ती ज़रूरतों के कारण हमारे आस-पास के इलाकों में वनों की अंधाधुंध कटाई हो रही है। इस वजह से कई पर्यावरण संबंधी समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं। वन विनाश के कुछ मुख्य दुष्परिणाम नीचे दिए गए हैं:
1. जैव विविधता में कमी: पेड़ों के कटने से कई प्रकार के पेड़-पौधे और जानवर खत्म हो रहे हैं।
2. वनवासियों और वन्य जीवों के आवास को नुकसान: जंगलों के कटने से वन में रहने वाले लोग और जानवर बेघर हो जाते हैं।
3. वनों पर आधारित छोटे उद्योगों का समाप्त होना: जंगल से मिलने वाले कच्चे माल पर निर्भर छोटे उद्योग बंद हो जाते हैं।
4. सूखा, अकाल, बाढ़, भूमि-अपरदन और रेगिस्तान का विस्तार: पेड़ों के बिना मिट्टी बह जाती है और सूखा बढ़ जाता है।
5. मौसम और जलवायु में बदलाव: पेड़ों के कटने से बारिश का पैटर्न और तापमान बदल जाता है।
6. हरित गृह प्रभाव की वृद्धि: कम पेड़ होने से हवा में कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ जाती है, जिससे धरती गर्म होती है।
7. पर्वतीय क्षेत्रों में भू-स्खलन की घटनाओं में वृद्धि: पहाड़ों पर पेड़ न होने से मिट्टी ढीली पड़ जाती है और ज़मीन खिसकने लगती है।
In simple words: पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से कई समस्याएँ हो रही हैं, जैसे जानवर बेघर हो रहे हैं, बाढ़ और सूखा बढ़ रहा है, और धरती गर्म हो रही है।

🎯 Exam Tip: वन विनाश के कारणों और उसके परिणामों को स्पष्ट रूप से समझें और याद रखें, क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय मुद्दा है।

इसके लिए निम्न उपाय किए जाने चाहिए-

1. वनों की अन्धाधुन्ध कटाई पर रोक लगनी चाहिए।
2. स्थानान्तरित कृषि (झूम खेती) पर रोक लगनी चाहिए।
3. अनियंत्रित पशुचारण पर रोक लगनी चाहिए।
4. आवासों के लिए बंजर भूमि का उपयोग होना चाहिए, न कि उपजाऊ या वन भूमि का।
5. ईंधन के विकल्पों की खोज और उनका अधिक उपयोग करना चाहिए, जैसे सौर ऊर्जा।
6. विकास योजनाओं को ऐसी भूमि पर लागू किया जाए जहाँ पहले से वन न हों।
7. वनों की कटाई केवल वैज्ञानिक रूप से और लाइसेंस धारी व्यक्तियों द्वारा ही की जाए।
8. अवैध रूप से वनों की कटाई करने वालों के लिए कठोर दंड का प्रावधान होना चाहिए।
9. प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिवर्ष कम से कम एक पेड़ लगाना चाहिए और वन संरक्षण एक जन-आंदोलन बनना चाहिए।
10. वन संपदा के संरक्षण और विकास के लिए वन भूमि को वन्य जीव अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया जाना चाहिए।
11. वनों का महत्व बताकर लोगों में जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए।

पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर

 

Question 1. सही विकल्प को चुनिए
(i) रसदार फलों वाले वन पाये जाते हैं
(क) कोणधारी वन
(ख) शीतोष्ण सदाबहार वन
(ग) उष्णकटिबन्धीय सदाबहार वन
(घ) भूमध्य सागरीय वन।
(ii) खेजड़ली बलिदान संबंधित है
(क) वन संरक्षण
(ख) कृषि उत्पादन
(ग) औद्योगिक विकास
(घ) तकनीकी विकास
(iii) ऑस्ट्रेलिया
(a) अफ्रीका
(b) दक्षिणी अमेरिका
(c) स्टेपी
(d) डाउन्स
(iv) यूरेशिया
(a) प्रेयरी
(b) वेल्ड
(c) स्टेपी
(d) डाउन्स
Answer:
(i) (घ) भूमध्य सागरीय वन
(ii) (क) वन संरक्षण
(iii) (d) डाउन्स
(iv) (c) स्टेपी
In simple words: रसदार फल भूमध्य सागरीय वनों में मिलते हैं। खेजड़ली बलिदान पेड़ों को बचाने से जुड़ा है। ऑस्ट्रेलिया में डाउन्स घास के मैदान हैं, और यूरेशिया में स्टेपी घास के मैदान हैं।

🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार के वनों और उनके क्षेत्रों को याद रखें, साथ ही प्रमुख पर्यावरण आंदोलनों और उनके उद्देश्यों को भी समझें। घास के मैदानों के स्थानीय नामों पर विशेष ध्यान दें।

 

Question 3. वनस्पति किसे कहते हैं? संक्षेप में लिखिए।
Answer: किसी खास भौगोलिक जगह पर उगने वाले सभी तरह के पेड़, छोटे पौधे, बेलें, झाड़ियाँ, घास और काई जैसे प्राकृतिक पौधों के समूह को वनस्पति कहते हैं। यह किसी क्षेत्र के प्राकृतिक पर्यावरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
In simple words: किसी जगह पर उगने वाले सभी पेड़-पौधे, झाड़ियाँ और घास मिलकर वनस्पति कहलाते हैं।

🎯 Exam Tip: वनस्पति की परिभाषा को सरल शब्दों में याद रखें और यह भी समझें कि यह एक खास क्षेत्र के पौधों के समूह को दर्शाती है।

 

Question 4. विश्व के प्रमुख घास के मैदानों के नाम लिखिए।
Answer: विश्व में घास के मैदान दो मुख्य प्रकार के होते हैं:
उष्णकटिबंधीय घास के मैदान:
1. सवाना (अफ्रीका)
2. कंपोज (ब्राजील)
3. लानोज (वेनेजुएला)
शीतोष्ण कटिबंधीय घास के मैदान:
1. स्टेपी (यूरेशिया)
2. प्रेयरी (उत्तरी अमेरिका)
3. वेल्ड (दक्षिणी अफ्रीका)
4. डाउन्स (ऑस्ट्रेलिया)।
ये घास के मैदान विभिन्न जलवायु और मिट्टी की स्थितियों के अनुसार अलग-अलग महाद्वीपों पर फैले हुए हैं।
In simple words: दुनिया में दो तरह के घास के मैदान हैं - गर्म जगहों के (जैसे सवाना, कंपोज) और ठंडी जगहों के (जैसे स्टेपी, प्रेयरी)।

🎯 Exam Tip: उष्णकटिबंधीय और शीतोष्ण घास के मैदानों के उदाहरणों को उनके संबंधित महाद्वीपों के साथ याद रखें।

 

Question 5. वनों के प्रकार बताते हुए किसी एक वन क्षेत्र को वर्णन कीजिए?
Answer: वनों के प्रमुख प्रकार नीचे दिए गए हैं:
(1) सदाबहार वन
(ii) शीतोष्ण कटिबंधीय पतझड़ी वन
(3) भूमध्य सागरीय वन
(4) कोणधारी वन
(5) मरुस्थलीय वन-
(i) उष्ण कटिबंधीय मरुस्थलीय वन
(ii) शीत मरुस्थलीय वन
(6) घास के स्थल-
(i) उष्ण कटिबंधीय घास के मैदान
(ii) शीतोष्ण घास के मैदान।
इनमें से, उष्ण कटिबंधीय सदाबहार वन का वर्णन इस प्रकार है:
**स्थिति और विस्तार:** ये वन भूमध्य रेखा के दोनों ओर, लगभग 10° उत्तरी और दक्षिणी अक्षांशों के बीच पाए जाते हैं। ये मुख्य रूप से दक्षिणी अमेरिका के अमेजन बेसिन, अफ्रीका के कांगो बेसिन और दक्षिण-पूर्वी एशिया में मिलते हैं।
**वनस्पति:** इन क्षेत्रों में बहुत घने वन उगते हैं, जिनमें दुनिया की सबसे ज़्यादा बेलें (लताएँ) पाई जाती हैं। ये वन पूरे साल हरे रहते हैं क्योंकि यहाँ के पेड़ अलग-अलग समय पर पत्तियाँ गिराते हैं, इसलिए इन्हें सदाबहार वन कहते हैं। पेड़ों की सघनता के कारण सूर्य की रोशनी ज़मीन तक नहीं पहुँच पाती। आबनूस, महोगनी और रोज़वुड जैसे कीमती लकड़ी वाले पेड़ यहाँ मिलते हैं। इन वनों में मूल्यवान लकड़ियाँ होती हैं, लेकिन घने जंगल और पहुँचने में कठिनाई के कारण इनका पूरा उपयोग नहीं हो पाता।
**तापमान और वर्षा:** इन इलाकों में साल भर तापमान ऊँचा रहता है और वर्षा भी बहुत अधिक होती है।
**जीव-जंतु:** इन वनों में दुनिया की सबसे ज़्यादा जैव विविधता मिलती है। यहाँ दिन-रात अलग-अलग तरह के जीव-जंतु सक्रिय रहते हैं। बंदर, गोरिल्ला, कई प्रकार के पक्षी, कीड़े-मकोड़े, साँप, चमगादड़, छिपकली और गिलहरी जैसे जानवर पेड़ों पर रहते हैं। चीता, भैंसा, हाथी और सूअर जैसे बड़े जानवर भी यहाँ पाए जाते हैं। दुनिया का सबसे बड़ा साँप एनाकोंडा (दक्षिणी अमेरिका) भी इन्हीं वनों में पाया जाता है।
In simple words: वनों के कई प्रकार होते हैं, जैसे सदाबहार, पतझड़ी, मरुस्थलीय और कोणधारी वन। सदाबहार वन भूमध्य रेखा के पास पाए जाते हैं, जहाँ खूब बारिश होती है और घने पेड़ हमेशा हरे रहते हैं। यहाँ बहुत सारे जानवर और पौधे मिलते हैं।

🎯 Exam Tip: वनों के मुख्य प्रकारों को याद करें और किसी एक प्रकार (जैसे सदाबहार वन) की स्थिति, वनस्पति, जलवायु और जीव-जंतुओं के बारे में विस्तार से जानने का अभ्यास करें।

 

Question 6. खेजड़ली आन्दोलन एवं चिपको आन्दोलन क्यों प्रसिद्ध है? समझाइए।
Answer: खेजड़ली आंदोलन और चिपको आंदोलन दोनों ही पर्यावरण संरक्षण से जुड़े हैं। इनका संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है:
**1. खेजड़ली आंदोलन:** यह आंदोलन 1730 में राजस्थान के खेजड़ली गाँव में हुआ था। बिश्नोई समाज के लोगों ने, अमृता देवी बिश्नोई के नेतृत्व में, खेजड़ी के पेड़ों को काटने से बचाने के लिए अपनी जान दे दी। राजा के आदेश पर जब सैनिक पेड़ काटने आए, तो गाँव के लोग पेड़ों से चिपक गए ताकि उन्हें काटा न जा सके। इस आंदोलन में 363 लोगों ने पेड़ों को बचाने के लिए बलिदान दिया, जिसके बाद राजा ने पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी। यह आंदोलन पेड़ों और पर्यावरण के प्रति गहरे प्रेम का प्रतीक है।
**2. चिपको आंदोलन:** यह आंदोलन 1972 में उत्तराखंड के लोगों द्वारा प्रकृति प्रेम को दर्शाने के लिए शुरू किया गया था। यहाँ की महिलाओं ने पेड़ों को काटने से रोकने के लिए उनसे चिपककर विरोध किया था, इसलिए इसे 'चिपको आंदोलन' कहा गया। गौरा देवी ने इसका नेतृत्व किया और बाद में पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा भी इससे जुड़ गए। इस आंदोलन ने पेड़ों की कटाई का विरोध किया और हिमालय के पर्यावरण (खाद्य, चारा, ईंधन, उर्वरक और रेशेदार पेड़ों के रोपण) के संरक्षण का समर्थन किया, ताकि हिमालय का 60 प्रतिशत भाग वनाच्छादित रहे।
In simple words: खेजड़ली और चिपको आंदोलन दोनों ही पेड़ों को बचाने के लिए हुए थे। खेजड़ली में लोगों ने पेड़ों से चिपककर अपनी जान दी, जबकि चिपको में उत्तराखंड की महिलाओं ने पेड़ों को कटने से बचाया।

🎯 Exam Tip: दोनों आंदोलनों के मुख्य नेता, स्थान और उनका उद्देश्य याद रखें। यह भी समझें कि दोनों का मूल विचार पर्यावरण की रक्षा करना था।

 

Question 7. वन विनाश से होने वाले दुष्परिणाम के बारे में संक्षेप में लिखिए।
Answer: पेड़ों की अनियंत्रित कटाई के कारण हवा में कार्बन-डाईऑक्साइड गैस बढ़ रही है, जिससे अम्ल वर्षा और पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है। इसके बुरे प्रभावों में जैव विविधता का नुकसान (पेड़-पौधे और जानवर कम हो रहे हैं), जंगल में रहने वाले लोगों और जानवरों के लिए खतरा, छोटे उद्योगों का बंद होना, प्राकृतिक आपदाओं (जैसे बाढ़ और सूखा) का बढ़ना, मौसम और जलवायु में बदलाव, और ग्रीनहाउस प्रभाव (धरती का गर्म होना) शामिल हैं।
In simple words: वन विनाश से हवा में कार्बन-डाईऑक्साइड बढ़ती है, बारिश में तेज़ाब आता है, जीव-जंतु और इंसान खतरे में पड़ते हैं, और मौसम भी बदल जाता है।

🎯 Exam Tip: वन विनाश के पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक परिणामों को याद रखें। अम्ल वर्षा और ग्रीनहाउस प्रभाव जैसे शब्दों को समझने का प्रयास करें।

 

Question 8. विश्व का फलोद्यान किसे कहते हैं? यहाँ पाये जाने वाले प्रमुख वृक्षों की सूची बनाइए।
Answer: विश्व में सबसे ज़्यादा फलों का उत्पादन भूमध्यसागरीय प्रदेशों में होता है, इसलिए इस क्षेत्र को 'विश्व का फलोद्यान' कहा जाता है। ये क्षेत्र उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध दोनों में 30° से 40° अक्षांशों के बीच पाए जाते हैं। इनका सबसे ज़्यादा विस्तार भूमध्य सागर के पास के इलाकों में है। इसके अलावा, कैलिफोर्निया (संयुक्त राज्य अमेरिका), दक्षिण अफ्रीका के दक्षिण-पश्चिमी भाग, मध्य चिली (दक्षिणी अमेरिका) और ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण-पश्चिमी भाग में भी ये क्षेत्र मिलते हैं। यहाँ जैतून, अंगूर, संतरा, अंजीर और नींबू जैसे रसदार फल बहुतायत में उगाए जाते हैं।
In simple words: भूमध्यसागरीय क्षेत्र को विश्व का फलोद्यान कहते हैं क्योंकि यहाँ बहुत सारे फल उगते हैं। जैतून, अंगूर और संतरे यहाँ के मुख्य फल हैं।

🎯 Exam Tip: 'विश्व का फलोद्यान' किसे कहते हैं, यह याद रखें और वहाँ उगने वाले मुख्य फलों के नाम भी जानें। इन क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति को समझना महत्वपूर्ण है।

अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

वस्तुनिष्ठ

 

Question 1. विश्व का सबसे बड़ा साँप 'ऐनाकोंडा' पाया जाता है।
(क) अफ्रीका में
(ख) दक्षिणी अमेरिका में
(ग) आस्ट्रेलिया में
(घ) दक्षिणी-पूर्वी एशिया में।
Answer: (ख) दक्षिणी अमेरिका में
In simple words: ऐनाकोंडा, जो दुनिया का सबसे बड़ा साँप है, दक्षिणी अमेरिका में पाया जाता है। यह अक्सर वहाँ के घने वर्षावनों और नदियों में रहता है।

🎯 Exam Tip: प्रमुख जीव-जंतुओं और उनके प्राकृतिक आवासों को याद रखें।

 

Question 3. नीम, महुआ, शीशम, जामुन किस वन प्रदेश के वृक्ष हैं?
(क) उष्ण कटिबन्धीय सदाबहार वन
(ख) उष्ण-कटिबन्धीय मानसूनी बन
(ग) भूमध्य सागरीय वन
(घ) कोणधारी वन्।
Answer: (ख) उष्ण-कटिबन्धीय मानसूनी बन
In simple words: नीम, महुआ, शीशम और जामुन जैसे पेड़ मानसूनी वनों में पाए जाते हैं, जहाँ बारिश एक खास मौसम में होती है।

🎯 Exam Tip: विभिन्न वन प्रकारों के प्रमुख वृक्षों के नाम याद रखें और उनके अनुकूलन को समझें।

 

Question 4. ध्रुवीय भालू किस वन प्रदेश में मिलते हैं ?
(क) कोणधारी वन
(ख) भूमध्य सागरीय वन
(ग) मरुस्थलीय वन
(घ) शीतोष्ण घास के मैदान।
Answer: (क) कोणधारी वन
In simple words: ध्रुवीय भालू ठंडे कोणधारी वनों वाले क्षेत्रों में मिलते हैं, जहाँ बर्फ और ठंडी जलवायु होती है।

🎯 Exam Tip: जानवरों को उनके प्राकृतिक आवासों से जोड़कर याद रखें, खासकर उन जानवरों को जो किसी विशेष जलवायु क्षेत्र के प्रतीक हैं।

 

Question 5. टैगा वन मिलते हैं।
(क) कनाड़ा में
(ख) संयुक्त राज्य अमेरिका में
(ग) यूरोप में
(घ) एशिया में।
Answer: (क) कनाड़ा में
In simple words: टैगा वन मुख्य रूप से कनाडा में पाए जाते हैं, जो ठंडे और उत्तरी क्षेत्रों में फैला हुआ वन है।

🎯 Exam Tip: विभिन्न वन प्रकारों के भौगोलिक वितरण को याद रखें। टैगा वनों का संबंध कनाडा और उत्तरी गोलार्ध के ठंडे क्षेत्रों से है।

 

Question 6. कालाहारी मरुस्थल किस महाद्वीप में स्थित है ?
(क) यूरोप में
(ख) अफ्रीका में
(ग) एशिया में
(घ) ऑस्ट्रेलिया में
Answer: (ख) अफ्रीका में
In simple words: कालाहारी मरुस्थल अफ्रीका महाद्वीप में स्थित एक बड़ा सूखा क्षेत्र है।

🎯 Exam Tip: प्रमुख मरुस्थलों और पर्वतों को उनके संबंधित महाद्वीपों के साथ याद रखें।

 

Question 7. खेजड़ली आन्दोलन का नेतृत्व करने वाली महिला थी
(क) गौरा देवी
(ख) अमृता देवी विश्नोई
(ग) हेमलता राजपूत
(घ) सुनीता विलियम्स।
Answer: (ख) अमृता देवी विश्नोई
In simple words: खेजड़ली आंदोलन की अगुवाई अमृता देवी विश्नोई ने की थी, जिन्होंने पेड़ों को बचाने के लिए अपनी जान दे दी।

🎯 Exam Tip: प्रमुख आंदोलनों और उनसे जुड़े व्यक्तियों के नाम याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 8. अप्पिको आन्दोलन किस राज्य में चलाया गया था ?
(क) उत्तर प्रदेश
(ख) उत्तराखण्ड
(ग) झारखण्ड
(घ) कर्नाटक
Answer: (घ) कर्नाटक
In simple words: अप्पिको आंदोलन कर्नाटक राज्य में पेड़ों को बचाने के लिए शुरू किया गया था, जैसे चिपको आंदोलन उत्तराखंड में हुआ था।

🎯 Exam Tip: भारत में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न आंदोलनों और उनके राज्यों को याद रखें, क्योंकि यह अक्सर पूछा जाता है।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

 

Question 1. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(i) वृक्ष और झाड़ियों से ढके विस्तृत भूभाग को ..... कहते हैं।
(ii) उष्ण कटिबन्धीय मानसूनी वनों को पतझड़ी या ..... वन भी कहते हैं।
(iii) फर्नीचर बनाने के लिए ..... सबसे अच्छी लकड़ी मानी जाती है।
(iv) कोणधारी वनों को कनाडा में ..... वन भी होते हैं।
Answer:
(i) वृक्ष और झाड़ियों से ढके विस्तृत भूभाग को **वन** कहते हैं।
(ii) उष्ण कटिबन्धीय मानसूनी वनों को पतझड़ी या **पर्णपाती** वन भी कहते हैं।
(iii) फर्नीचर बनाने के लिए **सागवन** सबसे अच्छी लकड़ी मानी जाती है।
(iv) कोणधारी वनों को कनाडा में **टैगा** वन भी होते हैं।
In simple words: पेड़ों और झाड़ियों से ढका बड़ा इलाका वन कहलाता है। मानसूनी वनों को पर्णपाती वन भी कहते हैं। सागवन की लकड़ी फर्नीचर के लिए अच्छी होती है। कनाडा के कोणधारी वनों को टैगा वन भी कहा जाता है।

🎯 Exam Tip: वनस्पति के प्रकार, उनके स्थानीय नाम और आर्थिक महत्व को याद रखें। यह भी ध्यान दें कि कौन से वन किस क्षेत्र में पाए जाते हैं।

अति लघूत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. वनस्पति और वन्य जीवन में विभिन्नता क्यों मिलती है?
Answer: पेड़-पौधों और जानवरों में विभिन्नता मुख्य रूप से अलग-अलग जगहों की जलवायु, मिट्टी और ऊँचाई के कारण मिलती है। जंगल के अलग-अलग हिस्सों में मौसम, ज़मीन और ज़मीन का स्तर अलग होता है, जिससे वहाँ अलग-अलग तरह के पेड़-पौधे और जानवर उगते व रहते हैं।
In simple words: वनस्पति और वन्य जीवन में अंतर जलवायु, मिट्टी और ज़मीन की ऊँचाई के कारण होता है।

🎯 Exam Tip: विभिन्नता के मुख्य कारकों (जलवायु, मिट्टी, उच्चावच) को याद रखें और समझें कि वे कैसे पौधों और जानवरों को प्रभावित करते हैं।

 

Question 3. उष्ण-कटिबन्धीय सदाबहार वन का सर्वाधिक विस्तार किस क्षेत्र में मिलता है।
Answer: उष्ण-कटिबन्धीय सदाबहार वनों का सबसे ज़्यादा विस्तार दक्षिणी अमेरिका के अमेज़न बेसिन में मिलता है। यहाँ साल भर गर्म तापमान और भारी वर्षा होती है, जो इन घने, हमेशा हरे-भरे वनों के विकास के लिए आदर्श परिस्थितियाँ प्रदान करती है।
In simple words: सबसे ज़्यादा उष्ण-कटिबन्धीय सदाबहार वन दक्षिणी अमेरिका के अमेज़न बेसिन में फैले हैं।

🎯 Exam Tip: उष्णकटिबंधीय सदाबहार वनों के मुख्य वितरण क्षेत्र (जैसे अमेज़न बेसिन) को याद रखें।

 

Question 4. शीतोष्ण कटिबन्धीय सदाबहार वन के प्रमुख क्षेत्रों के नाम बताइए?
Answer: शीतोष्ण कटिबन्धीय सदाबहार वन मध्य अक्षांशों के तटीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं। इनका विस्तार मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्वी अमेरिका, दक्षिण-पूर्वी ब्राजील और दक्षिण चीन में मिलता है। इन क्षेत्रों में हल्की ठंडी जलवायु और पर्याप्त वर्षा होती है, जिससे पेड़-पौधे साल भर हरे-भरे रहते हैं।
In simple words: शीतोष्ण सदाबहार वन दक्षिण-पूर्वी अमेरिका, दक्षिण-पूर्वी ब्राजील और दक्षिण चीन में मिलते हैं।

🎯 Exam Tip: शीतोष्ण सदाबहार वनों के प्रमुख क्षेत्रों को उनके महाद्वीपीय स्थानों के साथ याद रखें।

 

Question 5. शीतोष्ण कटिबन्धीय पतझड़ी वन के प्रमुख क्षेत्रों के नाम बताइए?
Answer: शीतोष्ण कटिबन्धीय पतझड़ी वन उच्च अक्षांशों में पाए जाते हैं। ये मुख्य रूप से न्यूज़ीलैंड, चिली, उत्तरी-पूर्वी अमेरिका और पश्चिमी यूरोप के तटीय भागों में मिलते हैं। इन वनों के पेड़ ठंड से बचने के लिए सर्दियों में अपनी पत्तियाँ गिरा देते हैं, और फिर वसंत में नई पत्तियाँ आती हैं।
In simple words: न्यूज़ीलैंड, चिली, उत्तरी-पूर्वी अमेरिका और पश्चिमी यूरोप में शीतोष्ण पतझड़ी वन मिलते हैं।

🎯 Exam Tip: शीतोष्ण पतझड़ी वनों के प्रमुख क्षेत्रों और उनकी मौसमी विशेषताओं को याद रखें।

 

Question 6. उष्ण कटिबन्धीय घास के मैदानों की स्थिति तथा वन्य जीवों का उल्लेख कीजिए?
Answer: उष्ण कटिबन्धीय घास के मैदान भूमध्य रेखा के दोनों ओर उष्ण कटिबन्धीय क्षेत्रों में फैले हैं। ये आमतौर पर अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका में मिलते हैं, जहाँ गर्म जलवायु होती है। यहाँ पाए जाने वाले प्रमुख वन्यजीवों में हिरण, तेंदुआ, हाथी, ज़ेबरा और जिराफ शामिल हैं, जो इस खुले वातावरण में रहने के लिए अनुकूलित हैं।
In simple words: उष्ण कटिबन्धीय घास के मैदान भूमध्य रेखा के पास होते हैं। यहाँ हिरण, तेंदुआ, हाथी, ज़ेबरा और जिराफ जैसे जानवर रहते हैं।

🎯 Exam Tip: उष्णकटिबंधीय घास के मैदानों की स्थिति और वहाँ पाए जाने वाले मुख्य जानवरों के नाम याद रखें।

 

Question 7. लाल आँकड़ा किताब (Red Data Book) क्या है।
Answer: 'लाल आँकड़ा किताब' (Red Data Book) एक ऐसी सूची है जिसमें दुनिया भर की उन सभी पेड़-पौधों और जानवरों की प्रजातियों को दर्ज किया जाता है जो खत्म होने के कगार पर हैं या जिन्हें खतरा है। इस पुस्तक को 'इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर' (IUCN) द्वारा प्रकाशित किया जाता है, ताकि इन संकटग्रस्त प्रजातियों को बचाने के लिए उपाय किए जा सकें।
In simple words: लाल आँकड़ा किताब में उन जानवरों और पौधों की सूची होती है जिन पर लुप्त होने का खतरा है। IUCN इसे प्रकाशित करता है।

🎯 Exam Tip: लाल आँकड़ा किताब का उद्देश्य और इसे प्रकाशित करने वाली संस्था (IUCN) का नाम याद रखें।

लघूत्तरीय प्रश्न

 

Question 2. भूमध्य सागरीय वन का विस्तार किन-किन भागों में मिलता है? बताइए।
Answer: भूमध्य सागरीय वन महाद्वीपों के पश्चिमी और दक्षिणी-पश्चिमी किनारों पर, उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध दोनों में 30° से 40° अक्षांशों के बीच पाए जाते हैं। इनका सबसे ज़्यादा विस्तार भूमध्य सागर के तटवर्ती इलाकों (पश्चिमी एशिया, उत्तरी अफ्रीका और दक्षिणी यूरोप) में है। इसके अलावा, ये संयुक्त राज्य अमेरिका के कैलिफोर्निया, दक्षिणी अफ्रीका के दक्षिणी-पश्चिमी भाग, दक्षिणी अमेरिका के मध्य चिली और ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण-पश्चिमी भाग में भी मिलते हैं।
In simple words: भूमध्य सागरीय वन भूमध्य सागर के आसपास, कैलिफोर्निया, दक्षिणी अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के कुछ हिस्सों में मिलते हैं।

🎯 Exam Tip: भूमध्य सागरीय वनों के विश्वव्यापी वितरण को याद रखें, खासकर उन प्रमुख देशों या क्षेत्रों को जहाँ ये पाए जाते हैं।

 

Question 3. शीत मरुस्थलीय वन प्रदेश के भौगोलिक पर्यावरण, वनस्पति तथा वन्य जीवों का उल्लेख कीजिए?
Answer: शीत मरुस्थलीय वन ध्रुवीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं जहाँ साल भर तापमान बहुत कम रहता है। इन जगहों पर प्राकृतिक वनस्पति के नाम पर कम समय की गर्मी में उगने वाली काई और कुछ छोटे फूल ही मिलते हैं। यह क्षेत्र एशिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका के ध्रुवीय हिस्सों में फैला है। यहाँ सील, वालरस और ध्रुवीय भालू जैसे जानवर बड़ी संख्या में पाए जाते हैं, जो ठंडी जलवायु में जीवित रहने के लिए विशेष रूप से अनुकूलित हैं।
In simple words: शीत मरुस्थल ठंडे ध्रुवीय इलाकों में होते हैं। यहाँ केवल काई और छोटे फूल उगते हैं। सील, वालरस और ध्रुवीय भालू जैसे जानवर यहाँ रहते हैं।

🎯 Exam Tip: शीत मरुस्थलीय क्षेत्रों की कठोर जलवायु, वहाँ की सीमित वनस्पति और प्रमुख वन्यजीवों (जैसे ध्रुवीय भालू) को याद रखें।

 

Question 4. चिपको आन्दोलन का प्रारम्भ किस प्रकार हुआ?
Answer: चिपको आंदोलन की शुरुआत हिमाचल प्रदेश और टिहरी गढ़वाल में लगातार प्राकृतिक आपदाओं (जैसे बाढ़ और भूस्खलन) के कारण लोगों में बढ़ती जागरूकता का परिणाम था। लोगों ने देखा कि पेड़ों की कटाई के कारण पहाड़ कमज़ोर हो रहे थे और भूस्खलन जैसी घटनाएँ बढ़ रही थीं। उन्होंने महसूस किया कि स्थानीय ठेकेदारों द्वारा बड़े पैमाने पर वनों की कटाई इन समस्याओं का मुख्य कारण है। इसलिए, 1972 में, गाँव की महिलाओं ने पेड़ों को कटने से रोकने के लिए उनसे चिपककर इस आंदोलन की शुरुआत की।
In simple words: चिपको आंदोलन हिमाचल प्रदेश में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और बढ़ती आपदाओं के कारण शुरू हुआ। 1972 में महिलाओं ने पेड़ों से चिपककर उन्हें बचाया।

🎯 Exam Tip: चिपको आंदोलन के पीछे के कारणों (प्राकृतिक आपदाएँ, पेड़ों की कटाई) और इसके शुरुआत के तरीके (महिलाओं द्वारा पेड़ों से चिपकना) को याद रखें।

 

Question 5. शीतोष्ण कटिबन्धीय घास के मैदानों के महत्त्व, वनस्पति तथा जीव जन्तुओं का नामोल्लेख कीजिए?
Answer: शीतोष्ण कटिबन्धीय घास के मैदान पशुओं को चराने के लिए बहुत उपयोगी होते हैं। यहाँ की घासें आमतौर पर छोटी और पौष्टिक होती हैं, जो पशुओं के लिए अच्छी होती हैं। घास के साथ-साथ यहाँ ओक, पाइन, एल्म, बर्च, एस्पेन और विलो जैसे पेड़ भी पाए जाते हैं। इन क्षेत्रों में शाकाहारी जानवर ज़्यादा होते हैं। यहाँ सामान्य रूप से हिरण, बाइसन, एंटीलोप, जंगली भैंस, खरगोश, ज़ेबरा, गाय, मोर, भेड़िये, लोमड़ी, बाज़ और कई चिड़ियाँ तथा बिलों में रहने वाले जीव बड़ी संख्या में पाए जाते हैं।
In simple words: शीतोष्ण घास के मैदान पशुओं के लिए महत्वपूर्ण हैं, जहाँ छोटी और पौष्टिक घास उगती है। यहाँ हिरण, बाइसन और खरगोश जैसे कई शाकाहारी जानवर रहते हैं।

🎯 Exam Tip: शीतोष्ण घास के मैदानों के महत्व (पशुचारण), प्रमुख वनस्पति और वहाँ पाए जाने वाले जानवरों के नाम याद रखें।

 

Question 6. अप्पिको आन्दोलन के बारे में आप क्या जानते हैं?
Answer: अप्पिको आंदोलन 1983 में कर्नाटक में शुरू हुआ एक पर्यावरण संरक्षण आंदोलन था। यह चिपको आंदोलन से प्रेरित था और इसका मुख्य उद्देश्य पेड़ों की अंधाधुंध कटाई को रोकना था। इस आंदोलन में स्थानीय लोगों ने, खासकर महिलाओं ने, पेड़ों को गले लगाकर उन्हें बचाने का प्रयास किया। 'अप्पिको' शब्द कन्नड़ भाषा का है, जिसका अर्थ 'गले लगाना' होता है। इस आंदोलन ने पश्चिमी घाट के वनों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
In simple words: अप्पिको आंदोलन 1983 में कर्नाटक में पेड़ों को बचाने के लिए शुरू हुआ था, जहाँ लोग पेड़ों से चिपककर उनकी रक्षा करते थे।

🎯 Exam Tip: अप्पिको आंदोलन के स्थान (कर्नाटक), वर्ष (1983), और मुख्य उद्देश्य (पेड़ संरक्षण) को याद रखें, और इसकी चिपको आंदोलन से समानता पर ध्यान दें।

दीर्घ उत्तरीय पश्न

 

Question 1. उष्ण कटिबन्धीय मानसूनी वनों की भौगोलिक स्थिति, वनस्पति एवं जीव जन्तुओं का सक्षप्त वर्णन कीजिए?
Answer: **स्थिति एवं विस्तार:** उष्ण कटिबन्धीय मानसूनी वन दोनों गोलार्धों में मानसूनी जलवायु वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं। इनका विस्तार दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी एशिया, दक्षिणी चीन, पश्चिमी द्वीप समूह, उत्तरी ऑस्ट्रेलिया, पूर्वी अफ्रीका और ब्राजील के तटीय क्षेत्रों में मिलता है। यहाँ एक विशेष मौसम में भारी बारिश होती है।
**वनस्पति:** यहाँ पतझड़ी वन पाए जाते हैं। ये वन साल में एक बार शुष्क मौसम में अपनी पत्तियाँ 6 से 8 सप्ताह के लिए गिरा देते हैं ताकि पानी बचाया जा सके, इसीलिए इन्हें पतझड़ी वन कहते हैं। नीम, शीशम, महुआ, जामुन, साल और सागवन जैसे कठोर लकड़ी के पेड़ यहाँ पाए जाते हैं। इन पेड़ों की लकड़ी फर्नीचर, यातायात, निर्माण सामग्री और घरेलू सामान बनाने के लिए बहुत उपयोगी होती है।
**जीव-जंतु:** यहाँ शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के जीव पाए जाते हैं। अनेक प्रकार के पक्षी और कीड़े-मकोड़ों के अलावा, हाथी, घोड़ा, गैंडा, जंगली भैंसा, बाघ, शेर, लंगूर और बंदर जैसे जानवर भी यहाँ मिलते हैं।
In simple words: उष्ण कटिबन्धीय मानसूनी वन एशिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे मानसूनी इलाकों में मिलते हैं। यहाँ के पेड़ सूखे मौसम में अपनी पत्तियाँ गिरा देते हैं और इनकी लकड़ी बहुत काम आती है। हाथी, बाघ और कई तरह के पक्षी यहाँ रहते हैं।

🎯 Exam Tip: मानसूनी वनों की भौगोलिक स्थिति, उनके पेड़ों की विशेषता (पतझड़ी होना, कठोर लकड़ी) और प्रमुख जानवरों को याद रखें।

 

Question 2. कोणधारी वनों की स्थिति, वनस्पति एवं जीव-जन्तुओं का सक्षिप्त वर्णन कीजिए?
Answer: **स्थिति एवं विस्तार:** कोणधारी वन उत्तरी गोलार्ध के उच्च अक्षांशों (50° से 70°) में पाए जाते हैं। इनका सबसे ज़्यादा विस्तार उत्तरी अमेरिका और यूरेशिया में मिलता है। रूस में ये सबसे ज़्यादा फैले हुए हैं। यह ठंडे क्षेत्रों में पाए जाते हैं, जहाँ बर्फ पड़ती है।
**वनस्पति:** कोणधारी वनों की पत्तियाँ नुकीली होती हैं, जिससे बर्फ उन पर टिकती नहीं है। कनाडा में इन्हें 'टैगा वन' भी कहते हैं। इनमें मुलायम और नरम लकड़ी वाले सदाबहार वृक्ष पाए जाते हैं। कागज़ बनाने की लुगदी इन्हीं वनों से मिलती है। माचिस और पैकिंग के डिब्बे बनाने के लिए भी इन्हीं लकड़ियों का उपयोग किया जाता है। देवदार, चीड़, लार्च, पूस, पाइन, बर्च और फर जैसे प्रमुख वृक्ष यहाँ मिलते हैं। झाड़ियाँ, काई और लाइकेन जैसी वनस्पति भी यहाँ पाई जाती हैं।
**जीव-जंतु:** छोटे-छोटे जीव-जंतुओं के साथ ही यहाँ बारहसिंगा, लोमड़ी और ध्रुवीय भालू जैसे बड़े जानवर बड़ी संख्या में पाए जाते हैं, जो इन ठंडे वातावरण में रहने के लिए अनुकूलित हैं।
In simple words: कोणधारी वन उत्तरी गोलार्ध के ठंडे इलाकों में मिलते हैं, जैसे रूस और कनाडा। इनके पेड़ नुकीली पत्तियों वाले होते हैं और इनकी लकड़ी से कागज़ और माचिस बनती है। बारहसिंगा, लोमड़ी और ध्रुवीय भालू यहाँ के मुख्य जानवर हैं।

🎯 Exam Tip: कोणधारी वनों की ठंडी स्थिति, उनकी नुकीली पत्तियाँ, मुलायम लकड़ी के उपयोग और प्रमुख वन्यजीवों (जैसे ध्रुवीय भालू) को याद रखें।

 

Question 3. उष्ण कटिबन्धीय मरुस्थलीय वनों पर टिप्पणी निखिए?
Answer: एशिया में अरब, भारत और पाकिस्तान में थार जैसे बड़े मरुस्थलीय भाग और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के मरुस्थलीय भाग प्रमुख हैं। इन क्षेत्रों में साल भर ऊँचा तापमान बना रहता है और वार्षिक वर्षा का औसत 25 सेंटीमीटर से भी कम होता है। इन वनों में कम पानी में जीवित रहने वाले पेड़-पौधे पाए जाते हैं, जैसे कैक्टस और कांटेदार झाड़ियाँ, जिनकी पत्तियाँ छोटी या अनुपस्थित होती हैं ताकि पानी का वाष्पीकरण कम हो।
In simple words: उष्ण कटिबन्धीय मरुस्थलीय वन गर्म और सूखे इलाकों में होते हैं, जैसे थार मरुस्थल। यहाँ गर्मी ज़्यादा और बारिश कम होती है, इसलिए यहाँ कैक्टस और कांटेदार झाड़ियाँ उगती हैं।

🎯 Exam Tip: मरुस्थलीय वनों की पहचान (उच्च तापमान, कम वर्षा, कांटेदार वनस्पति) और उनके मुख्य क्षेत्रों को याद रखें।

 

Question 4. वन-विनाश से आप क्या समझाते हैं? वन विनाश के कारणों का उल्लेख कीजिए।
Answer: वर्तमान समय में जनसंख्या तेज़ी से बढ़ रही है, और लोगों की ज़रूरतें भी बढ़ती जा रही हैं। इसका नतीजा यह है कि लोग प्रकृति से मिले संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल कर रहे हैं। वन-विनाश इन्हीं समस्याओं में से एक बड़ी त्रासदी है। जब मानवीय गतिविधियों के कारण वन क्षेत्रों में पेड़-पौधों और जानवरों को नुकसान पहुँचता है, तो इसे वन-विनाश कहते हैं। इससे पर्यावरण में गंभीर समस्याएँ पैदा हो रही हैं।
वन-विनाश के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं-
1. व्यापारिक उद्देश्य से वनों की व्यापक कटाई: लकड़ी और अन्य वन उत्पादों के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ों को काटना।
2. घरेलू ईंधन के लिए वनों का कटाव: खाना पकाने और घरों को गर्म रखने के लिए लकड़ी का इस्तेमाल।
3. स्थानान्तरित कृषि (झूम खेती) हेतु वनों का सिलसिलेवार काटना: खेती के लिए जंगल के एक हिस्से को काटकर फिर जला देना।
4. अत्यधिक और अवैध पशुचारण: पशुओं को चराने के लिए बड़े क्षेत्रों में पेड़ों को नुकसान पहुँचाना।
5. खनन और औद्योगीकरण के परिणामस्वरूप वनों का अंधाधुंध कटाव: खदानें बनाने और उद्योगों के लिए ज़मीन खाली करना।
6. अम्ल वर्षा का होना: वायु प्रदूषण के कारण होने वाली अम्ल वर्षा से पेड़ों को नुकसान पहुँचना।
7. वनों में लगने वाली आग, कीटाणुओं और रोगों से वनों की क्षति: प्राकृतिक और मानवीय कारणों से लगने वाली जंगल की आग से पेड़ों का जलना।
8. वन भूमि को कृषि और चारागाह के रूप में प्रयोग करने के लिए साफ करना: जंगल की ज़मीन को खेती या पशुओं के लिए इस्तेमाल करना।
9. अनावृष्टि (कम बारिश) और बाढ़: जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाली प्राकृतिक आपदाएँ।
10. पुनर्वास और वनवासियों को बेदखल करने वाली आर्थिक और सामाजिक विकास की योजनाएँ: विकास परियोजनाओं के नाम पर वनवासियों को उनके घरों से हटाना।
In simple words: वन-विनाश का मतलब है इंसानों द्वारा पेड़ों को बहुत ज़्यादा काटना, जिससे जंगल और जानवर खतरे में आ जाते हैं। इसके कारणों में लकड़ी के लिए कटाई, खेती, उद्योग और जंगल की आग शामिल हैं।

🎯 Exam Tip: वन-विनाश की परिभाषा और उसके सभी मुख्य कारणों को विस्तार से याद रखें, क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण विषय है।

5 वन और वन्य जीवन

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न एवं उनके उत्तर

आओ करके देखें।

 

Question 1. अपने आस-पास पाये जाने वाले प्रमुख पेड़ों एवं वन्य जीवों की सूची बनाइए? (पृष्ठ 50)
Answer: हम राजस्थान के जोधपुर जिले में रहते हैं, जो एक गर्म रेगिस्तानी क्षेत्र है। यहाँ थार का मरुस्थल भी है। हमें यहाँ नागफनी, कैक्टस, खैर, बबूल, कीकर और खेजड़ी जैसे पेड़ मिलते हैं। कई प्रकार की छोटी घासें भी यहाँ उगती हैं। ऊँट, भेड़-बकरियां, गाय, बैल और अन्य कई जीव-जंतु भी यहाँ देखे जाते हैं। यह क्षेत्र अपनी अनूठी वनस्पति और जीव-जंतुओं के लिए प्रसिद्ध है, जो रेगिस्तानी परिस्थितियों के अनुकूल हैं।
In simple words: हमारे आस-पास के क्षेत्र में नागफनी, बबूल जैसे पेड़ और ऊँट, भेड़ जैसे जानवर पाए जाते हैं। यह एक रेगिस्तानी इलाका है।

🎯 Exam Tip: जब भी आप किसी क्षेत्र की वनस्पति और वन्यजीवों का वर्णन करें, तो उस क्षेत्र की भौगोलिक विशेषताओं (जैसे रेगिस्तान, पहाड़) का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. अपने शिक्षक या परिवार के किसी बड़े व्यक्ति के साथ किसी वन क्षेत्र का भ्रमण कीजिए तथा वहाँ के वृक्षों को पहचानिए एवं जीवों के क्रियाकलापों का अवलोकन कीजिए। (पृष्ठ 50)
Answer: मैंने अपने पिताजी के साथ रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान का दौरा किया था। वहाँ मैंने आम, इमली, बबूल और कदम्ब जैसे कई पेड़ देखे। मैंने बाघ, चीतल, हिरण और सांभर जैसे जंगली जानवर भी देखे। वन्यजीव बिना किसी डर के अपने प्राकृतिक व्यवहार में लगे हुए थे, जो एक अद्भुत दृश्य था।
In simple words: मैंने रणथम्भौर उद्यान में आम, बबूल जैसे पेड़ और बाघ, हिरण जैसे जानवर देखे। सभी जानवर वहाँ आज़ादी से घूम रहे थे।

🎯 Exam Tip: वन्यजीव अभयारण्यों में जानवरों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने से उनके व्यवहार को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है।

 

Question 3. क्या आपके आस-पास के क्षेत्रों में वनों की अन्धाधुन्ध कटाई हो रही हैं? यदि हाँ तो उसके दुष्परिणामों की चर्चा कीजिए। (पृष्ठ 50)
Answer: वर्तमान में, बढ़ती जनसंख्या और बढ़ती ज़रूरतों के कारण वनों की अंधाधुंध कटाई हो रही है। इस वजह से कई पर्यावरणीय समस्याएँ पैदा हो रही हैं। वन विनाश के कुछ मुख्य बुरे प्रभाव नीचे दिए गए हैं:
1. जैव विविधता में कमी: कई पौधों और जानवरों की प्रजातियाँ अपना घर खो देती हैं, जिससे उनकी संख्या कम हो जाती है या वे लुप्त हो जाती हैं।
2. वनवासियों और वन्यजीवों के आवास को नुकसान: जंगलों में रहने वाले लोग और जानवर अपने रहने की जगह खो देते हैं।
3. वनों पर आधारित छोटे उद्योगों का समाप्त होना: लकड़ी और अन्य वन उत्पादों पर निर्भर छोटे-मोटे उद्योग बंद हो जाते हैं।
4. सूखा, अकाल, बाढ़, भूमि-अपरदन और रेगिस्तान का विस्तार: पेड़ न होने से मिट्टी कटने लगती है, बाढ़ और सूखे की संभावना बढ़ जाती है, और रेगिस्तान फैलने लगते हैं।
5. मौसम और जलवायु में बदलाव: पेड़ जलवायु को स्थिर रखने में मदद करते हैं, उनकी कमी से मौसम के पैटर्न बदल जाते हैं।
6. हरित गृह प्रभाव में वृद्धि: पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड सोखते हैं, उनकी कमी से वायुमंडल में यह गैस बढ़ जाती है, जिससे धरती गर्म होती है।
7. पर्वतीय क्षेत्रों में भू-स्खलन की घटनाओं में वृद्धि: पेड़ों की जड़ें मिट्टी को रोक कर रखती हैं, उनकी कटाई से पहाड़ों पर मिट्टी खिसकने का खतरा बढ़ जाता है।
In simple words: हाँ, हमारे आस-पास के क्षेत्रों में पेड़ों की बहुत कटाई हो रही है। इसके बुरे नतीजों में जानवरों का घर उजड़ना, बाढ़ आना और मौसम में बदलाव शामिल हैं।

🎯 Exam Tip: जब वनों की कटाई के दुष्परिणामों पर चर्चा करें, तो पर्यावरण, वन्यजीवों और मानव जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों को अलग-अलग बिंदुओं में स्पष्ट करें।

इसके लिए निम्न उपाय किए जाने चाहिए-

1. वनों की अंधाधुंध कटाई पर पूरी तरह रोक लगानी चाहिए।
2. स्थानान्तरित कृषि (झूम खेती) को बंद करना चाहिए।
3. पशुओं द्वारा खेतों और जंगलों में अनियंत्रित चराई को रोकना चाहिए।
4. घर बनाने और उद्योगों के लिए खाली पड़ी बंजर भूमि का उपयोग करना चाहिए।
5. ईंधन के लिए लकड़ी के बदले दूसरे विकल्पों की खोज करनी चाहिए और उनका ज़्यादा उपयोग करना चाहिए।
6. विकास के लिए जो भी योजनाएँ बनें, उन्हें ऐसी ज़मीन पर लागू करें जहाँ पेड़ न हों।
7. पेड़ों की कटाई केवल वही लोग करें जिनके पास सरकार से मिला वैज्ञानिक लाइसेंस हो।
8. जो लोग गैर-कानूनी तरीके से पेड़ काटते हैं, उन पर सख़्त जुर्माना लगाना चाहिए।
9. हर व्यक्ति को हर साल कम से कम एक पेड़ लगाना चाहिए और वन संरक्षण को एक बड़ा जन-आंदोलन बनाना चाहिए।
10. वन संपदा की रक्षा और विकास के लिए वन भूमि को वन्य जीव अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान बनाना चाहिए।
11. वनों के महत्व के बारे में लोगों को बताकर जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।

पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर

 

Question 1. सही विकल्प को चुनिए
(i) रसदार फलों वाले वन पाये जाते हैं
(क) कोणधारी वन
(ख) शीतोष्ण सदाबहार वन
(ग) उष्णकटिबन्धीय सदाबहार वन
(घ) भूमध्य सागरीय वन्।
Answer: (घ) भूमध्य सागरीय वन्।
In simple words: भूमध्यसागरीय क्षेत्र में रसदार फल जैसे नींबू, संतरा, अंगूर बहुत पाए जाते हैं क्योंकि यहाँ की जलवायु इनके लिए अच्छी होती है।

🎯 Exam Tip: भूमध्यसागरीय वन अपनी खट्टे फलों की खेती के लिए प्रसिद्ध हैं, क्योंकि यहाँ की गर्म, शुष्क गर्मियाँ और हल्की, नम सर्दियाँ इनके विकास के लिए अनुकूल होती हैं।

 

Question 1. (ii) खेजड़ली बालदान सम्वन्धित है
(क) वन संरक्षण
(ख) कृषि उत्पादन
(ग) औद्योगिक रण
(घ) तकनीकी विकास
Answer: (क) वन संरक्षण
In simple words: खेजड़ली आंदोलन पेड़ों को बचाने के लिए शुरू किया गया था, जहाँ लोगों ने पेड़ों को कटने से बचाने के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया था।

🎯 Exam Tip: खेजड़ली आंदोलन भारत में पर्यावरण संरक्षण के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना है, जो लोगों के प्रकृति प्रेम को दर्शाता है।

 

Question 1. (iii) ऑस्ट्रेलिया
(c) स्टेपी
(d) डाउन्स
Answer: (d) डाउन्स
In simple words: ऑस्ट्रेलिया में डाउन्स नाम के घास के मैदान हैं, जो वहाँ के पशुओं के चरने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

🎯 Exam Tip: अलग-अलग महाद्वीपों में घास के मैदानों के अलग-अलग नाम होते हैं; उन्हें उनके संबंधित क्षेत्रों के साथ याद रखना चाहिए।

 

Question 1. (iv) यूरेशिया
(c) स्टेपी
(d) डाउन्स
Answer: (c) स्टेपी
In simple words: यूरेशिया (यूरोप और एशिया का एक बड़ा हिस्सा) में स्टेपी नाम के घास के मैदान पाए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: घास के मैदानों के क्षेत्रीय नामों को याद रखें, जैसे उत्तरी अमेरिका में प्रेयरी और दक्षिणी अफ्रीका में वेल्ड।

 

Question 3. वनस्पति किसे कहते हैं? संक्षेप में लिखिए।
Answer: किसी खास भौगोलिक जगह में उगने वाले सभी तरह के पेड़, छोटे पौधे, लताएँ, झाड़ियाँ, घास और काई जैसे पौधों को वनस्पति कहते हैं। यह उस क्षेत्र के जलवायु, मिट्टी और ऊँचाई पर निर्भर करती है।
In simple words: एक जगह पर पाए जाने वाले सभी तरह के पेड़-पौधे और घास को वनस्पति कहते हैं। यह वहाँ की मिट्टी और मौसम पर निर्भर करती है।

🎯 Exam Tip: वनस्पति को परिभाषित करते समय, विभिन्न प्रकार के पौधों को शामिल करना और यह बताना कि यह किसी क्षेत्र की पारिस्थितिकी का हिस्सा है, महत्वपूर्ण है।

 

Question 4. विश्व के प्रमुख घास के मैदानों के नाम लिखिए।
Answer: दुनिया में घास के मैदान मुख्य रूप से दो तरह के होते हैं:
**उष्ण कटिबन्धीय घास के मैदान:**
1. सवाना (अफ्रीका में)
2. कम्पोज (ब्राजील में)
3. लानौज (वेनेजुएला में)
**शीतोष्ण कटिबन्धीय घास के मैदान:**
1. स्टेपी (यूरेशिया में)
2. प्रेयरी (उत्तरी अमेरिका में)
3. वेल्ड (दक्षिणी अफ्रीका में)
4. डाउन्स (ऑस्ट्रेलिया में)। ये घास के मैदान विभिन्न क्षेत्रों की जलवायु और जानवरों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
In simple words: घास के मैदान दो तरह के होते हैं- गर्म और ठंडे। सवाना (अफ्रीका), कम्पोज (ब्राजील), स्टेपी (यूरेशिया) और डाउन्स (ऑस्ट्रेलिया) कुछ मुख्य घास के मैदानों के नाम हैं।

🎯 Exam Tip: घास के मैदानों के प्रकारों को उनके संबंधित महाद्वीपों या क्षेत्रों के साथ याद रखें, यह आपके उत्तर को सटीक बनाएगा।

 

Question 5. वनों के प्रकार बताते हुए किसी एक वन क्षेत्र को वर्णन कीजिए?
Answer: वनों के मुख्य प्रकार नीचे दिए गए हैं:
(1) सदाबहार वन
(ii) शीतोष्ण कटिबन्धीय पतझड़ी वन
(3) भूमध्य सागरीय वन
(4) कोणधारी वन
(5) मरुस्थलीय वन-
(i) उष्ण कटिबन्धीय मरुस्थलीय वन
(ii) शीत मरुस्थलीय वन
(6) घास के स्थल-
(i) उष्ण कटिबन्धीय घास के मैदान
(ii) शीतोष्ण घास के मैदान।

**उष्ण कटिबन्धीय सदाबहार वन (Tropical Evergreen Forest) का वर्णन:**
**स्थिति एवं विस्तार:** ये वन विषुवत रेखा के दोनों ओर, लगभग 10° उत्तरी और दक्षिणी अक्षांशों के बीच पाए जाते हैं। ये दक्षिणी अमेरिका के अमेज़न बेसिन, अफ्रीका के कांगो बेसिन और दक्षिण-पूर्वी एशिया में बहुत फैले हुए हैं। यह क्षेत्र अपनी घनी हरियाली के लिए जाना जाता है।
**वनस्पति:** इन क्षेत्रों में बहुत घने जंगल मिलते हैं। दुनिया की सबसे ज़्यादा लताएँ इन्हीं वनों में पाई जाती हैं। ये जंगल साल भर हरे-भरे रहते हैं क्योंकि पेड़ अलग-अलग समय पर अपनी पत्तियाँ गिराते हैं, इसलिए इन्हें सदाबहार वन कहा जाता है। पेड़ों की इतनी ज़्यादा सघनता होती है कि सूरज की रोशनी नीचे ज़मीन तक नहीं पहुँच पाती। यहाँ कई तरह के पेड़ पाए जाते हैं। आबनूस, महोगनी और रोज़वुड जैसे मूल्यवान लकड़ी वाले पेड़ यहाँ मिलते हैं। हालांकि, इन वनों की सघनता और भौगोलिक मुश्किलों के कारण इनका पूरा उपयोग संभव नहीं हो पाया है।
**तापमान एवं वर्षा:** इन क्षेत्रों में साल भर ऊँचा तापमान बना रहता है और बहुत ज़्यादा बारिश होती है। यह गर्म और नम जलवायु पेड़ों के विकास के लिए बहुत अच्छी होती है।
**जीव-जन्तु:** दुनिया में सबसे ज़्यादा जैव विविधता इन्हीं वनों में पाई जाती है। यहाँ विभिन्न प्रकार के जीव-जंतु दिन-रात सक्रिय रहते हैं। बंदर, गोरिल्ला, कई प्रकार के पक्षी, कीड़े-मकोड़े, साँप, चमगादड़, छिपकली और गिलहरी जैसे पेड़ पर रहने वाले जीव बहुतायत में पाए जाते हैं। चीता, भैंसा, हाथी और सूअर जैसे बड़े जानवर भी यहाँ प्रमुख हैं। दुनिया का सबसे बड़ा साँप, एनाकोंडा (दक्षिणी अमेरिका में) भी इन्हीं वनों में पाया जाता है।
In simple words: वन कई प्रकार के होते हैं, जैसे सदाबहार, पतझड़ी और मरुस्थलीय वन। उष्ण कटिबन्धीय सदाबहार वन भूमध्य रेखा के पास पाए जाते हैं, जहाँ साल भर गर्मी और बारिश होती है। इन जंगलों में बहुत घने पेड़ और कई तरह के जानवर मिलते हैं।

🎯 Exam Tip: वनों के प्रकारों को याद रखें और किसी एक प्रकार का वर्णन करते समय उसकी स्थिति, वनस्पति, जलवायु और जीव-जंतुओं को क्रमबद्ध तरीके से बताएं।

 

Question 6. खेजड़ली आन्दोलन एवं चिपको आन्दोलन क्यों प्रसिद्ध है? समझाइए।
Answer: खेजड़ली आंदोलन और चिपको आंदोलन दोनों ही पर्यावरण संरक्षण से जुड़े हुए हैं। इनका संक्षिप्त वर्णन इस प्रकार है:
2. **चिपको आन्दोलन:** यह आंदोलन उत्तराखंड के लोगों के प्रकृति प्रेम को दर्शाता है। सन् 1972 में, उत्तराखंड के गाँवों की महिलाओं ने पेड़ों को काटने से रोकने के लिए उनसे चिपककर विरोध किया था। तभी से इस आंदोलन को 'चिपको आंदोलन' कहा जाने लगा। चिपको आंदोलन का नेतृत्व गौरा देवी ने किया था, और बाद में पर्यावरणविद् सुंदर लाल बहुगुणा भी इससे जुड़ गए। इस आंदोलन ने पेड़ों की कटाई का विरोध किया और हिमालय के खाली इलाकों में खाने की चीजें, चारा, ईंधन, खाद और रेशेदार पेड़ लगाने का समर्थन किया, ताकि हिमालय का 60 प्रतिशत हिस्सा वनों से भरा रहे। इस आंदोलन ने दुनिया को पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया।
In simple words: खेजड़ली और चिपको आंदोलन दोनों ही पेड़ों को बचाने के लिए हुए थे। चिपको आंदोलन में महिलाओं ने पेड़ों को कटने से बचाने के लिए उनसे चिपक गई थीं।

🎯 Exam Tip: दोनों आंदोलनों के मुख्य नेताओं और उनके उद्देश्यों को याद रखें, क्योंकि ये भारत के पर्यावरण आंदोलन के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।

 

Question 7. वन विनाश से होने वाले दुष्परिणाम के बारे में संक्षेप में लिखिए।
Answer: पेड़ों की लगातार और अनियंत्रित कटाई के कारण वायुमंडल में कार्बन-डाईऑक्साइड गैस बढ़ रही है, जिससे अम्ल वर्षा और पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है। इसके कई बुरे प्रभाव पड़ रहे हैं, जैसे जैव विविधता में कमी, वन में रहने वाले लोगों और जानवरों के लिए खतरा, छोटे उद्योगों को नुकसान, प्राकृतिक आपदाओं में वृद्धि, मौसम और जलवायु में बदलाव, और ग्रीनहाउस प्रभाव का बढ़ना। यह सब पर्यावरण के लिए बड़ी समस्याएँ पैदा करता है।
In simple words: पेड़ों के कटने से हवा में कार्बन-डाईऑक्साइड बढ़ती है, बारिश अम्लीय हो जाती है, और प्रकृति का संतुलन बिगड़ जाता है। इससे जीव-जंतुओं और इंसानों को भी नुकसान होता है।

🎯 Exam Tip: वन विनाश के प्रभावों को लिखते समय, सीधे तौर पर पर्यावरणीय समस्याओं, जैसे जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता के नुकसान पर ध्यान केंद्रित करें।

 

Question 8. विश्व का फलोद्यान किसे कहते हैं? यहाँ पाये जाने वाले प्रमुख वृक्षों की सूची बनाइए।
Answer: भूमध्यसागरीय प्रदेश को विश्व का फलोद्यान कहते हैं, क्योंकि यहाँ दुनिया में सबसे ज़्यादा फलों का उत्पादन होता है। ये प्रदेश भूमध्य रेखा से 30 से 40 डिग्री अक्षांशों के बीच पाए जाते हैं। इनका सबसे ज़्यादा फैलाव भूमध्य सागर के पास वाले क्षेत्रों में है। इसके अलावा, कैलिफोर्निया (संयुक्त राज्य अमेरिका), दक्षिण अफ्रीका के दक्षिण-पश्चिमी भाग, मध्य चिली (दक्षिणी अमेरिका) और ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण-पश्चिमी भाग में भी ये फैले हुए हैं। यहाँ जैतून, अंगूर, संतरा, अंजीर और नींबू जैसे रसदार फल बहुत ज़्यादा उगाए जाते हैं। इस क्षेत्र की विशिष्ट जलवायु फलों की खेती के लिए बहुत अनुकूल है।
In simple words: भूमध्यसागरीय प्रदेश को विश्व का फलोद्यान कहा जाता है क्योंकि वहाँ बहुत सारे फल उगते हैं। जैतून, अंगूर और संतरे यहाँ के मुख्य फल हैं।

🎯 Exam Tip: "विश्व का फलोद्यान" के लिए भूमध्यसागरीय क्षेत्र का उल्लेख करें और कुछ प्रमुख फलों के नाम ज़रूर लिखें।

अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

वस्तुनिष्ठ

 

Question 1. विश्व का सबसे बड़ा साँप 'ऐनाकोंडा' पाया जाता है।
(क) अफ्रीका में
(ख) दक्षिणी अमेरिका में
(ग) आस्ट्रेलिया में
(घ) दक्षिणी-पूर्वी एशिया में।
Answer: (ख) दक्षिणी अमेरिका में
In simple words: ऐनाकोंडा साँप, जो बहुत बड़ा होता है, दक्षिणी अमेरिका के जंगलों और नदियों में पाया जाता है।

🎯 Exam Tip: जानवरों और उनके प्राकृतिक आवास को याद रखना भूगोल के वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 3. नीम, महुआ, शीशम, जामुन किस वन प्रदेश के वृक्ष
(क) उष्ण कटिबन्धीय सदाबहार वन
(ख) उष्ण-कटिबन्धीय मानसूनी बन
(ग) भूमध्य सागरीय वन
(घ) कोणधारी वन्।
Answer: (ख) उष्ण-कटिबन्धीय मानसूनी बन
In simple words: नीम, महुआ और शीशम जैसे पेड़ उष्ण-कटिबन्धीय मानसूनी वनों में पाए जाते हैं, जो सूखे मौसम में अपनी पत्तियाँ गिराते हैं।

🎯 Exam Tip: पेड़ों के प्रकार और वे किस प्रकार के वनों में पाए जाते हैं, यह समझना वनस्पति के वर्गीकरण के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 4. ध्रुवीय भालू किस वन प्रदेश में मिलते हैं ?
(क) कोणधारी वन
(ख) भूमध्य सागरीय वन
(ग) मरुस्थलीय वन
(घ) शीतोष्ण घास के मैदान।
Answer: (क) कोणधारी वन
In simple words: ध्रुवीय भालू बहुत ठंडे कोणधारी वनों वाले इलाकों में रहते हैं, जहाँ उन्हें शिकार करने और ठंड से बचने में मदद मिलती है।

🎯 Exam Tip: जानवरों को उनके विशिष्ट आवास के साथ जोड़ें; ध्रुवीय भालू ध्रुवीय और ठंडे क्षेत्रों में पाए जाते हैं।

 

Question 5. टैगा वन मिलते हैं।
(क) कनाड़ा में
(ख) संयुक्त राज्य अमेरिका में
(ग) यूरोप में
(घ) एशिया में।
Answer: (क) कनाड़ा में
In simple words: टैगा वन ठंडे इलाकों के कोणधारी वन होते हैं और यह सबसे ज़्यादा कनाडा जैसे देशों में पाए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार के वनों और उनके प्रमुख भौगोलिक वितरण को याद रखें।

 

Question 6. कालाहारी मरुस्थल किस महाद्वीप में स्थित है ?
(क) यूरोप में
(ख) अफ्रीका में
(ग) एशिया में
(घ) दक्षिणी अमेरिका में
Answer: (ख) अफ्रीका में
In simple words: कालाहारी मरुस्थल अफ्रीका महाद्वीप के दक्षिणी भाग में है और यह अपनी अनूठी वन्यजीवों के लिए जाना जाता है।

🎯 Exam Tip: विश्व के प्रमुख मरुस्थलों और उनके महाद्वीपों को याद रखना भूगोल के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 7. खेजड़ली आन्दोलन का नेतृत्व करने वाली महिला थी
(क) गौरा देवी
(ख) अमृता देवी विश्नोई
(ग) हेमलता राजपूत
(घ) सुनीता विलियम्स।
Answer: (ख) अमृता देवी विश्नोई
In simple words: अमृता देवी विश्नोई ने खेजड़ली आंदोलन का नेतृत्व किया था, जहाँ उन्होंने पेड़ों को बचाने के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया था।

🎯 Exam Tip: पर्यावरण आंदोलनों के प्रमुख व्यक्तित्वों को याद रखना चाहिए, क्योंकि वे अक्सर परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।

 

Question 8. अप्पिको आन्दोलन किस राज्य में चलाया गया था ?
(क) उत्तर प्रदेश
(ख) उत्तराखण्ड
(ग) झारखण्ड
(घ) कर्नाटक
Answer: (घ) कर्नाटक
In simple words: अप्पिको आंदोलन, पेड़ों को बचाने के लिए एक और बड़ा आंदोलन, भारत के कर्नाटक राज्य में शुरू हुआ था।

🎯 Exam Tip: चिपको और अप्पिको आंदोलन दोनों ही पर्यावरण संरक्षण से संबंधित हैं, लेकिन उनके शुरुआती राज्य अलग-अलग हैं (उत्तराखंड और कर्नाटक)।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

 

Question (i) वृक्ष और झाड़ियों से ढके विस्तृत भूभाग को ..... कहते हैं।
Answer: (i) वन
In simple words: बड़े क्षेत्र जहाँ पेड़ और झाड़ियाँ बहुत ज़्यादा हों, उन्हें वन कहते हैं।

🎯 Exam Tip: वन पृथ्वी के पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इन्हें अक्सर बड़े क्षेत्रों के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ पेड़-पौधे उगते हैं।

 

Question (ii) उष्ण कटिबन्धीय मानसूनी वनों को पतझड़ी या वन भी कहते हैं।
Answer: (ii) पर्णपाती
In simple words: उष्ण कटिबन्धीय मानसूनी वन अपनी पत्तियाँ एक खास मौसम में गिराते हैं, इसलिए उन्हें पतझड़ी या पर्णपाती वन भी कहते हैं।

🎯 Exam Tip: पर्णपाती शब्द उन पेड़ों और वनों के लिए उपयोग किया जाता है जो शुष्क मौसम के दौरान अपनी पत्तियाँ गिरा देते हैं।

 

Question (iii) फर्नीचर बनाने के लिए ..... सबसे अच्छी लकड़ी मानी जाती है।
Answer: (iii) सागवन
In simple words: सागवन की लकड़ी मज़बूत होती है और पानी से खराब नहीं होती, इसलिए फर्नीचर बनाने के लिए इसे सबसे अच्छा माना जाता है।

🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार की लकड़ी और उनके उपयोगों को याद रखना, खासकर जो टिकाऊ होते हैं, महत्वपूर्ण है।

 

Question (iv) कोणधारी वर्गों को कनाडा में ..... वन भी होते हैं।
Answer: (iv) टैगा
In simple words: कनाडा जैसे ठंडे देशों में कोणधारी वनों को टैगा वन कहा जाता है, जहाँ चीड़ और देवदार जैसे पेड़ पाए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: टैगा कोणधारी वनों का एक विशिष्ट नाम है जो उत्तरी गोलार्ध के ठंडे क्षेत्रों में पाए जाते हैं।

अति लघूत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. वनस्पति और वन्य जीवन में विभिन्नता क्यों मिलती
Answer: वनस्पति और वन्य जीवन में भिन्नता इसलिए मिलती है क्योंकि विभिन्न क्षेत्रों की जलवायु, मिट्टी और ऊँचाई का उन पर बहुत गहरा असर पड़ता है। हरेक जगह का अलग मौसम, ज़मीन और पहाड़ जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों के लिए अलग-अलग माहौल बनाते हैं। यही वजह है कि एक जगह पर पाए जाने वाले जीव और पेड़-पौधे दूसरी जगह से अलग होते हैं।
In simple words: वनस्पति और वन्य जीवन में अंतर इसलिए होता है क्योंकि हर जगह का मौसम, मिट्टी और ज़मीन की ऊँचाई अलग-अलग होती है।

🎯 Exam Tip: वनस्पति और वन्यजीवों में भिन्नता के मुख्य कारणों के रूप में जलवायु, मिट्टी और उच्चावच को याद रखें।

 

Question 3. या-कटिबन्धीय सदाबहार क्न का सर्वाधिक विस्तार किस क्षेत्र में मिलता है।
Answer: उष्ण-कटिबन्धीय सदाबहार वनों का सबसे ज़्यादा फैलाव दक्षिणी अमेरिका के अमेज़न बेसिन में मिलता है। अमेज़न वर्षावन दुनिया के सबसे बड़े और सबसे ज़्यादा जैव विविधता वाले सदाबहार वनों में से एक हैं।
In simple words: उष्ण-कटिबन्धीय सदाबहार वन ज़्यादातर दक्षिणी अमेरिका के अमेज़न बेसिन में फैले हुए हैं।

🎯 Exam Tip: सदाबहार वनों का सबसे बड़ा विस्तार अमेज़न बेसिन है, जो अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है।

 

Question 4. शीतोष्ण कटिबन्धीय सदाबहार वन के प्रमुख क्षेत्रों के नाम बताइए?
Answer: शीतोष्ण कटिबन्धीय सदाबहार वन मध्य अक्षांशों के समुद्र तट के पास वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं। इनका फैलाव दक्षिण-पूर्वी अमेरिका, दक्षिण-पूर्वी ब्राजील और दक्षिणी चीन में देखने को मिलता है। इन वनों में मध्यम तापमान और पर्याप्त बारिश होती है, जिससे पेड़-पौधे साल भर हरे-भरे रहते हैं।
In simple words: शीतोष्ण कटिबन्धीय सदाबहार वन दक्षिण-पूर्वी अमेरिका, दक्षिण-पूर्वी ब्राजील और दक्षिणी चीन में पाए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: शीतोष्ण सदाबहार वनों के लिए तटीय क्षेत्रों और उनके विशिष्ट भौगोलिक स्थानों को याद रखें।

 

Question 5. शीतोष्ण कटिबन्धीय पतझड़ी वन के प्रमुख क्षेत्रों। व
Answer: शीतोष्ण कटिबन्धीय पतझड़ी वन उच्च अक्षांशों में पाए जाते हैं। इनके मुख्य क्षेत्र न्यूजीलैण्ड, चिली, उत्तरी-पूर्वी अमेरिका और पश्चिमी यूरोप के तटीय भाग हैं। ये वन ठंडी सर्दियों और गर्म गर्मियों वाले इलाकों में पनपते हैं, और सूखे या ठंडे मौसम से बचने के लिए अपनी पत्तियाँ गिरा देते हैं।
In simple words: शीतोष्ण पतझड़ी वन न्यूजीलैण्ड, चिली, उत्तरी-पूर्वी अमेरिका और पश्चिमी यूरोप के तटीय इलाकों में पाए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: पतझड़ी वनों के लिए उनके पत्ते गिराने की विशेषता और उच्च अक्षांशों में उनके वितरण को याद रखें।

 

Question 6. उष्ण कटिबन्धीय घास के मैदानों की स्थिति तथा वन्य जीवों का उल्लेख कीजिए?
Answer: उष्ण कटिबन्धीय घास के मैदान भूमध्य रेखा के दोनों ओर, उष्ण कटिबन्धीय क्षेत्रों में फैले हुए हैं। यहाँ पाए जाने वाले प्रमुख जीव हिरण, तेन्दुआ, हाथी, जेब्रा और जिराफ हैं। ये मैदान शाकाहारी जानवरों के लिए भोजन का मुख्य स्रोत होते हैं और यहाँ बड़ी संख्या में शिकारी जानवर भी मिलते हैं।
In simple words: उष्ण कटिबन्धीय घास के मैदान भूमध्य रेखा के पास होते हैं। यहाँ हिरण, हाथी और जेब्रा जैसे जानवर पाए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: उष्ण कटिबन्धीय घास के मैदानों को अक्सर सवाना के रूप में जाना जाता है, और उनके विशिष्ट बड़े शाकाहारी व मांसाहारी जानवरों को याद रखें।

 

Question 7. लाल आँकड़ा किताब (Red Data Book) क्या है।
Answer: 'लाल आँकड़ा किताब' दुनिया की उन सभी प्रजातियों की सूची है जो संकट में हैं या जिनके लुप्त होने का खतरा है। इस पुस्तक को 'इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर' (IUCN) द्वारा छापा जाता है। यह किताब हमें बताती है कि कौन से पौधे और जानवर खतरे में हैं ताकि उन्हें बचाने के लिए काम किया जा सके।
In simple words: लाल आँकड़ा किताब उन जानवरों और पौधों की सूची है जिन पर लुप्त होने का खतरा है। इसे IUCN छापता है।

🎯 Exam Tip: लाल आँकड़ा किताब का मुख्य उद्देश्य संकटग्रस्त प्रजातियों को पहचानना और उनके संरक्षण के प्रयासों में मदद करना है, IUCN इसका प्रकाशन करता है।

लघूत्तरीय प्रश्न

 

Question 2. भूमध्य सागरीय वन का विस्तार किन-किन भागों में मिलता है? बताइए।
Answer: भूमध्यसागरीय वन महाद्वीपों के पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी किनारों पर 30 से 40 डिग्री अक्षांशों के बीच पाए जाते हैं। ये वन भूमध्य सागर के पास वाले क्षेत्रों-जैसे पश्चिमी एशिया, उत्तरी अफ्रीका और दक्षिणी यूरोप में फैले हुए हैं। इसके अलावा, संयुक्त राज्य अमेरिका के पश्चिमी भाग में कैलिफोर्निया, दक्षिणी अफ्रीका के दक्षिण-पश्चिमी भाग, दक्षिण अमेरिका के मध्य चिली और ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण-पश्चिमी भाग में भी ये वन पाए जाते हैं। इन क्षेत्रों में गर्म, शुष्क गर्मियाँ और हल्की, नम सर्दियाँ होती हैं।
In simple words: भूमध्यसागरीय वन महाद्वीपों के पश्चिमी किनारों पर होते हैं, जैसे पश्चिमी एशिया, दक्षिणी यूरोप, कैलिफोर्निया, दक्षिणी अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के कुछ हिस्सों में।

🎯 Exam Tip: भूमध्यसागरीय वनों के लिए महाद्वीपों के पश्चिमी किनारे और 30-40 डिग्री अक्षांशों के बीच के विशिष्ट क्षेत्रों को याद रखना चाहिए।

 

Question 3. शीत मरुस्थलीय वन प्रदेश के भौगोलिक पर्यावरण, वनस्पति तथा वन्य जीवों का उल्लेख कीजिए?
Answer: शीत मरुस्थलीय वन ध्रुवीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं जहाँ साल भर तापमान बहुत कम रहता है। यहाँ की प्राकृतिक वनस्पति में गर्मियों के छोटे समय में काई और कुछ छोटे फूल ही उगते हैं। यह क्षेत्र एशिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका के ध्रुवीय भागों में फैला हुआ है। यहाँ सील, वालरस और ध्रुवीय भालू जैसे जानवर बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। ये जानवर ठंडी परिस्थितियों के अनुकूल होते हैं।
In simple words: शीत मरुस्थलीय वन ठंडे ध्रुवीय क्षेत्रों में होते हैं, जहाँ बहुत कम तापमान रहता है। यहाँ काई और छोटे फूल उगते हैं, और सील, वालरस, ध्रुवीय भालू जैसे जानवर रहते हैं।

🎯 Exam Tip: शीत मरुस्थलीय वनों के लिए उनके ध्रुवीय स्थान, विरल वनस्पति और शीत-अनुकूल जानवरों को याद रखें।

 

Question 4. चिपको आन्दोलन का प्रारम्भ किस प्रकार हुआ?
Answer: चिपको आंदोलन की शुरुआत हिमाचल प्रदेश और टिहरी गढ़वाल में लगातार प्राकृतिक आपदाओं (जैसे बाढ़ और पहाड़ों के खिसकने) से बढ़ी जागरूकता का नतीजा था। लोगों ने देखा कि स्थानीय ठेकेदारों द्वारा पेड़ों की कटाई इन आपदाओं का मुख्य कारण है। इसलिए, सन् 1972 में, गाँव की महिलाओं ने पेड़ों को कटने से बचाने के लिए इस आंदोलन को शुरू किया था। उन्होंने पेड़ों को गले लगाकर कटाई का विरोध किया।
In simple words: चिपको आंदोलन हिमाचल प्रदेश में शुरू हुआ था क्योंकि लोग लगातार बाढ़ और ज़मीन खिसकने से परेशान थे। गाँव की महिलाओं ने 1972 में पेड़ों को कटने से बचाने के लिए यह आंदोलन शुरू किया।

🎯 Exam Tip: चिपको आंदोलन के कारणों में प्राकृतिक आपदाएँ, ठेकेदारों द्वारा कटाई और महिलाओं का नेतृत्व शामिल है।

 

Question 5. शीतोष्ण कटिबन्धीय घास के मैदानों के महत्त्व, वनस्पति तथा जीव जन्तुओं का नामोल्लेख कीजिए?
Answer: शीतोष्ण कटिबन्धीय घास के मैदान पशुओं को चराने के लिए बहुत उपयोगी हैं। यहाँ की घासें छोटी और पौष्टिक होती हैं। घास के साथ-साथ यहाँ ओक, पाइन, एल्ममैपिल, बर्च और आस्पेन जैसे पेड़ भी पाए जाते हैं। इन क्षेत्रों में शाकाहारी जानवर बहुत ज़्यादा होते हैं। यहाँ सामान्य रूप से हिरण, बाइसन, एंटीलोप, जंगली भैंस, खरगोश, जेब्रा, गाय, मोर, भेड़िये, लोमड़ी, बाज और कई चिड़ियाँ तथा बिलों में रहने वाले जीव पाए जाते हैं।
In simple words: शीतोष्ण घास के मैदान पशुओं के चरने के लिए अच्छे होते हैं। यहाँ छोटी घास, ओक जैसे पेड़ और हिरण, बाइसन, खरगोश जैसे जानवर मिलते हैं।

🎯 Exam Tip: शीतोष्ण घास के मैदानों के लिए उनकी कृषि उपयोगिता, कम ऊँचाई वाली घास और शाकाहारी जानवरों की बहुतायत को याद रखना चाहिए।

 

Question 6. अप्पिको आन्दोलन के बारे में आप क्या जानते हैं?
Answer: अप्पिको आंदोलन दक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य में शुरू हुआ एक पेड़-बचाओ अभियान था। यह चिपको आंदोलन से प्रेरित था, जहाँ 'अप्पिको' शब्द कन्नड़ में 'गले लगाना' होता है। इस आंदोलन में भी स्थानीय लोगों ने पेड़ों को कटने से बचाने के लिए उनसे चिपककर विरोध किया था। यह आंदोलन पर्यावरण संरक्षण, पेड़ों के महत्व और समुदाय की भागीदारी पर ज़ोर देता है।
In simple words: अप्पिको आंदोलन कर्नाटक में शुरू हुआ था, जिसमें लोगों ने पेड़ों को कटने से बचाने के लिए उन्हें गले लगाया था। यह चिपको आंदोलन जैसा ही था।

🎯 Exam Tip: अप्पिको आंदोलन को चिपको आंदोलन के दक्षिणी संस्करण के रूप में याद रखें, जिसमें पेड़ों को गले लगाकर बचाने की प्रथा थी।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. उष्ण कटिबन्धीय मानसूनी वनों की भौगोलिक स्थिति, वनस्पति एवं जीव जन्तुओं का सक्षप्त वर्णन कीजिए?
Answer: **स्थिति एवं विस्तार:** उष्ण कटिबन्धीय मानसूनी वन दोनों गोलार्धों में मानसूनी जलवायु वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं। इनका फैलाव दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी एशिया, दक्षिणी चीन, पश्चिमी द्वीप समूह, उत्तरी ऑस्ट्रेलिया, पूर्वी अफ्रीका और ब्राजील के तटीय क्षेत्रों में होता है। ये वन आमतौर पर ऐसे क्षेत्रों में होते हैं जहाँ विशिष्ट शुष्क और नम मौसम होता है।
**वनस्पति:** यहाँ पतझड़ी वन पाए जाते हैं। ये वन साल में एक बार शुष्क मौसम में पानी बचाने के लिए अपनी पत्तियाँ 6 से 8 हफ्तों के लिए गिरा देते हैं। इसीलिए इन्हें पतझड़ी वन कहते हैं। नीम, शीशम, महुआ, जामुन, साल और सागवान जैसे मज़बूत लकड़ी वाले पेड़ यहाँ पाए जाते हैं। इन पेड़ों की लकड़ी फर्नीचर, यातायात और घर के सामान बनाने के लिए बहुत उपयोगी होती है।
**जीव-जंतु:** यहाँ शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के जीव पाए जाते हैं। कई तरह के पक्षी और कीड़े-मकोड़ों के अलावा, हाथी, घोड़ा, गैंडा, जंगली भैंसा, बाघ, शेर और लंगूर जैसे जानवर भी यहाँ रहते हैं। ये सभी जीव-जंतु मानसूनी जलवायु के अनुसार खुद को ढाल लेते हैं।
In simple words: उष्ण कटिबन्धीय मानसूनी वन दक्षिण-पूर्वी एशिया जैसे मानसूनी इलाकों में होते हैं। यहाँ के पेड़ सूखे में पत्तियाँ गिराते हैं, जैसे नीम और सागवन। हाथी, बाघ और कई पक्षी यहाँ पाए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: मानसूनी वनों का वर्णन करते समय उनकी पत्तियाँ गिराने की विशेषता, मजबूत लकड़ी वाले पेड़ों और मानसूनी जलवायु को प्रमुख बिंदुओं के रूप में शामिल करें।

 

Question 2. कोणधारी वनों की स्थिति, वनस्पति एवं जीव-जन्तुओं का सक्षिप्त वर्णन कीजिए?
Answer: **स्थिति एवं विस्तार:** कोणधारी वन उत्तरी गोलार्ध के ऊँचे अक्षांशों (50 से 70 डिग्री) में पाए जाते हैं। इनका सबसे ज़्यादा फैलाव उत्तरी अमेरिका और यूरेशिया में मिलता है। रूस में ये सबसे बड़े क्षेत्र में फैले हुए हैं। यह ठंडे क्षेत्रों की विशेषता है।
**वनस्पति:** कोणधारी वनों की पत्तियाँ नुकीली होती हैं। कनाडा में इन्हें 'टैगा वन' भी कहते हैं। इनमें मुलायम और नरम लकड़ी वाले सदाबहार पेड़ पाए जाते हैं। इन्हीं वनों से कागज बनाने की लुगदी मिलती है। इन्हीं लकड़ियों का उपयोग माचिस और पैकिंग के डिब्बे बनाने के लिए भी किया जाता है। देवदार, चीड़, लार्च, पुस, पाइन, बर्च और फर जैसे प्रमुख पेड़ यहाँ हैं। झाड़ियाँ, काई और लाइकेन जैसी वनस्पति भी यहाँ पाई जाती हैं।
**जीव-जंतु:** छोटे-छोटे जीव-जंतुओं के साथ-साथ बारहसिंगा, लोमड़ी और ध्रुवीय भालू जैसे बड़े जानवर भी यहाँ बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। ये सभी जानवर ठंडे मौसम में रहने के लिए अनुकूल होते हैं।
In simple words: कोणधारी वन उत्तरी गोलार्ध के ठंडे इलाकों (50-70 डिग्री अक्षांश) में होते हैं, खासकर उत्तरी अमेरिका और रूस में। यहाँ के पेड़ों की पत्तियाँ नुकीली होती हैं, जैसे चीड़ और देवदार। लोमड़ी और ध्रुवीय भालू जैसे जानवर यहाँ पाए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: कोणधारी वनों के लिए उनके ठंडे उत्तरी स्थान, नुकीली पत्तियाँ, मुलायम लकड़ी और ठंडे मौसम में रहने वाले जानवरों का उल्लेख करें।

 

Question 3. उष्ण कटिबन्धीय मरुस्थलीय वनों पर टिप्पणी निखिए?
Answer: एशिया में अरब, भारत और पाकिस्तान का थार मरुस्थल, साथ ही पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के मरुस्थलीय भाग, उष्ण कटिबन्धीय मरुस्थलीय वनों के प्रमुख क्षेत्र हैं। इन क्षेत्रों में साल भर तापमान बहुत ऊँचा रहता है और वार्षिक वर्षा का औसत 25 सेंटीमीटर से भी कम होता है। कम वर्षा और उच्च तापमान के कारण यहाँ की वनस्पति बहुत कम होती है, जिसमें मुख्य रूप से कंटीली झाड़ियाँ और छोटे पेड़ शामिल होते हैं जो पानी की कमी को सह सकते हैं। यहाँ के जानवर भी कम पानी में रहने के लिए अनुकूलित होते हैं।
In simple words: उष्ण कटिबन्धीय मरुस्थलीय वन अरब, थार और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में होते हैं। यहाँ साल भर गर्मी रहती है और बहुत कम बारिश होती है, इसलिए ज़्यादा पेड़ नहीं होते।

🎯 Exam Tip: मरुस्थलीय वनों के लिए कम वर्षा, उच्च तापमान और कंटीली वनस्पति को प्रमुख विशेषताओं के रूप में बताएं।

 

Question 4. वन-विनाश से आप क्या समझाते हैं? वन विनाश के कारणों का उल्लेख कीजिए।
Answer: वन-विनाश का मतलब है जंगलों का बड़े पैमाने पर कटना या नष्ट होना। यह एक बड़ी समस्या है जो तब होती है जब पेड़ों को लगातार काटा जाता है और उनके स्थान पर दूसरे काम किए जाते हैं। वर्तमान समय में जनसंख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है और लोगों की ज़रूरतें भी बढ़ती जा रही हैं। इसका नतीजा यह हो रहा है कि लोग प्रकृति के संसाधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल कर रहे हैं। वनों के क्षेत्रों में इंसानों की गतिविधियों से जैव संपदा के खत्म होने को हम वन-विनाश कहते हैं। इससे पर्यावरण को कई गंभीर समस्याएँ हो रही हैं।
**वन-विनाश के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:**
1. **व्यापारिक उद्देश्य से वनों की व्यापक कटाई:** लकड़ी, कागज़ और अन्य वन उत्पादों के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ों को काटना।
2. **घरेलू ईंधन के लिए वनों का कटाव:** गाँवों में लोगों द्वारा खाना बनाने और गर्मी के लिए लकड़ियों का उपयोग करना।
3. **स्थानान्तरित कृषि (झूम खेती) हेतु वनों का कटान:** किसान ज़मीन साफ करके खेती करते हैं और फिर नई जगह चले जाते हैं।
4. **अत्यधिक और अवैध पशुचारण:** जानवर बहुत ज़्यादा घास चरते हैं, जिससे पेड़ों के नए पौधे नहीं उग पाते और ज़मीन खाली हो जाती है।
5. **खनन और औद्योगीकरण के परिणामस्वरूप वनों को अंधाधुंध कटाव:** खदानें बनाने और उद्योग लगाने के लिए जंगलों को साफ करना।
6. **अम्ल वर्षा का होना:** कारखानों से निकलने वाला प्रदूषण अम्ल वर्षा का कारण बनता है, जिससे पेड़ों को नुकसान होता है।
7. **वनों में लगने वाली आग, कीटाणुओं और रोगों से वनों की क्षति:** जंगल में आग लगने से या बीमारियों से बड़े पैमाने पर पेड़ नष्ट हो जाते हैं।
8. **वन भूमि को कृषि और चारागाह के रूप में प्रयोग करने के लिए साफ करना:** खेती और पशुओं को चराने के लिए जंगल की ज़मीन को साफ करना।
9. **अनावृष्टि और बाढ़:** पेड़ों की कमी से सूखा और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएँ बढ़ जाती हैं।
10. **पुनर्वास और वनवासियों को बेदखल करने वाली आर्थिक और सामाजिक विकास की योजनाएँ:** विकास परियोजनाओं के लिए लोगों को उनके घरों से हटाना, जिससे वन क्षेत्रों पर दबाव बढ़ता है।
In simple words: वन-विनाश का मतलब है जंगलों को काटना, जिससे पर्यावरण को बहुत नुकसान होता है। इसके मुख्य कारणों में लकड़ी की ज़रूरत, खेती के लिए ज़मीन, उद्योगों का बढ़ना और जंगल में आग लगना शामिल हैं।

🎯 Exam Tip: वन-विनाश को परिभाषित करें और इसके कारणों को व्यापारिक, कृषि, औद्योगिक और पर्यावरणीय कारकों में वर्गीकृत करके बताएं।

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Do you offer RBSE Solutions Class 7 Social Science Chapter 5 वन और वन्य जीवन in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 7 Social Science. You can access RBSE Solutions Class 7 Social Science Chapter 5 वन और वन्य जीवन in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Social Science RBSE solutions for Class 7 as a PDF?

Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 7 Social Science Chapter 5 वन और वन्य जीवन in printable PDF format for offline study on any device.