Official RBSE Solutions for Class 7 Science: Chapter 04 धातुओं और अधातुओं का संसार
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Chapter-wise Solutions for Science: Chapter 04 धातुओं और अधातुओं का संसार
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आइए, और अधिक सीखें
Question. निम्नलिखित में से कौन सी धातु जल के संपर्क में आने पर आग पकड़ लेती है?
(i) ताँबा
(ii) एल्युमिनियम
(iii) जिंक
(iv) सोडियम
Answer: (iv) सोडियम
In simple words: सोडियम धातु पानी के संपर्क में आते ही आग पकड़ लेती है क्योंकि यह बहुत अभिक्रियाशील होती है।
🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्नों में, आपको धातुओं की रासायनिक गुणों को याद रखना चाहिए, खासकर उनकी जल के साथ अभिक्रिया।
Question 3. कारण सहित बताएँ कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं अथवा असत्य।
(i) एल्युमिनियम और ताँबा, पात्रों और मूर्तियों को बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली अधातुओं के उदाहरण हैं।
Answer: यह कथन गलत है। एल्युमिनियम और ताँबा वास्तव में धातुएँ हैं, अधातुएँ नहीं। ये दोनों ही धातुएँ बहुत उपयोगी हैं क्योंकि इन्हें पीटा जा सकता है (आघातवर्धनीय), पतले तारों में खींचा जा सकता है (तन्य) और ये बिजली व गर्मी दोनों की अच्छी चालक होती हैं।
In simple words: यह कथन असत्य है। एल्युमिनियम और ताँबा अधातु नहीं, बल्कि धातुएँ हैं। ये चीजें बनाने के लिए अच्छे होते हैं।
🎯 Exam Tip: धातुओं और अधातुओं के बीच के मुख्य अंतरों को जानें, जैसे कि उनकी आघातवर्धनीयता, तन्यता और चालकता।
(ii) धातुएँ ऑक्सीजन के साथ मिलकर ऑक्साइड बनाती हैं जिनका विलयन नीले लिटमस पत्र को लाल में परिवर्तित कर देता है।
Answer: यह कथन असत्य है। धातुएँ ऑक्सीजन से मिलकर ऑक्साइड तो बनाती हैं, लेकिन ये ऑक्साइड अक्सर क्षारीय होते हैं। क्षारीय विलयन नीले लिटमस को लाल नहीं करते, बल्कि लाल लिटमस को नीला कर देते हैं। इस प्रकार, लिटमस पेपर के रंग में बदलाव से पता चलता है कि यह अम्लीय नहीं, बल्कि क्षारीय है।
In simple words: यह कथन गलत है। धातुएँ जब ऑक्सीजन से मिलती हैं तो जो ऑक्साइड बनते हैं, वे क्षारीय होते हैं। ये लाल लिटमस को नीला करते हैं, नीला को लाल नहीं।
🎯 Exam Tip: अम्लीय और क्षारीय पदार्थों की लिटमस पेपर पर क्या प्रतिक्रिया होती है, यह जानना महत्वपूर्ण है।
(iii) ऑक्सीजन श्वसन के लिए एक आवश्यक अधातु है।
Answer: यह कथन पूरी तरह सत्य है। ऑक्सीजन एक अधातु है और सभी जीवों के लिए सांस लेने (श्वसन) और जीवित रहने के लिए बहुत ज़रूरी है। इसके बिना जीवन संभव नहीं है।
In simple words: यह कथन सत्य है। ऑक्सीजन एक अधातु है और सांस लेने के लिए बहुत जरूरी होती है।
🎯 Exam Tip: ऑक्सीजन के महत्व और उसके वर्गीकरण (धातु/अधातु) को हमेशा याद रखें।
(iv) ताँबे के पात्रों का उपयोग जल उबालने के लिए किया जाता है क्योंकि वे विद्युत के सुचालक होते हैं।
Answer: यह कथन असत्य है। ताँबे के बर्तनों का उपयोग पानी उबालने के लिए इसलिए किया जाता है क्योंकि यह ऊष्मा का अच्छा सुचालक है, न कि विद्युत का। ऊष्मा का सुचालक होने के कारण पानी जल्दी गर्म हो जाता है। विद्युत चालकता यहाँ कोई मायने नहीं रखती।
In simple words: यह कथन गलत है। ताँबा पानी उबालने के लिए अच्छा है क्योंकि यह गर्मी का अच्छा चालक है, बिजली का नहीं।
🎯 Exam Tip: गर्मी और बिजली की चालकता के बीच के अंतर को समझना महत्वपूर्ण है, खासकर जब धातुओं के उपयोग की बात आती है।
Question. स्तंभ । में दी गई धातुओं और अधातुओं के उपयोगों को स्तंभ ॥ में दी गई धातुओं और अधातुओं के अव्यवस्थित नामों से सुमेलित कीजिए।
| स्तंभ 1 | स्तंभ ॥ |
|---|---|
| (क) विद्युतीय तारों में उपयोग। | (i) ज न क्सी ऑ |
| (ख) प्रबल आघातवर्धनीय और तन्य | (ii) री न क्लो |
| (ग) जीव इसके बिना जीवित नहीं रह सकते हैं। | (iii) बा |
| (घ) जना इ ट्रो न मिलाया जाता है तब पौधे स्वस्थ | (iv) ज ना इ ट्रो न |
| (ङ) जल शुद्धिकरण में इसका उपयोग किया जाता है। | (v) ना सो |
Answer: स्तंभ I में दिए गए उपयोगों का स्तंभ II में दिए गए सही धातुओं या अधातुओं के नाम से मिलान करने पर हमें पता चलता है कि प्रत्येक उपयोग के लिए विशिष्ट धातु या अधातु का चुनाव उसके गुणों पर आधारित होता है। विभिन्न धातुओं और अधातुओं के गुण उन्हें अलग-अलग कार्यों के लिए उपयुक्त बनाते हैं।
| स्तंभ 1 | स्तंभ ॥ |
|---|---|
| (क) विद्युतीय तारों में उपयोग। | (iii) बा ताँ |
| (ख) प्रबल आघातवर्धनीय और तन्य | (v) ना सो |
| (ग) जीव इसके बिना जीवित नहीं रह सकते हैं। | (i) ज न क्सी ऑ |
| (घ) जना इ ट्रो न मिलाया जाता है तब पौधे स्वस्थ | (iv) ज ना इ ट्रो न |
| (ङ) जल शुद्धिकरण में इसका उपयोग किया जाता है। | (ii) री न क्लो |
In simple words: नीचे दी गई तालिका में, स्तंभ I में कुछ उपयोग दिए गए हैं और स्तंभ II में उनके सही नाम दिए गए हैं। आपको इन्हें सही ढंग से मिलाना है।
🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, आपको प्रत्येक वस्तु के गुणों और उनके विशिष्ट उपयोगों को ठीक से समझना चाहिए।
Question 7. निम्नलिखित आरेख को पूरा कीजिए।
Answer: यह आरेख मैग्नीशियम धातु की अभिक्रिया और उसके ऑक्साइड के गुण दर्शाता है। जब मैग्नीशियम वायु में ऊष्मा के साथ अभिक्रिया करता है तो राख बनती है, जो मैग्नीशियम ऑक्साइड होती है। इस राख को जब जल में घोला जाता है, तो मैग्नीशियम ऑक्साइड विलयन बनता है। यह विलयन लाल लिटमस को नीला कर देता है, जिससे पता चलता है कि यह क्षारीय प्रकृति का है, जबकि नीले लिटमस पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
मैग्नीशियम \( + \) वायु \( + \) ऊष्मा \( \implies \) राख
राख \( + \) जल \( \implies \) मैग्नीशियम ऑक्साइड विलयन
मैग्नीशियम ऑक्साइड विलयन \( \implies \) नीला और लाल लिटमस विलयन अलग-अलग मिलाएँ
नीले लिटमस के रंग में परिवर्तन \( \implies \) नहीं
लाल लिटमस के रंग में परिवर्तन \( \implies \) नीला
In simple words: मैग्नीशियम जब हवा में जलता है तो राख बनती है। इस राख को पानी में मिलाने पर जो घोल बनता है, वह लाल लिटमस को नीला कर देता है, जिसका मतलब है कि यह क्षारीय है।
🎯 Exam Tip: रासायनिक अभिक्रियाओं में पदार्थों के रंग और लिटमस पेपर पर उनके प्रभाव को हमेशा ध्यान रखें।
Question 9. आपको लोहे की तीन कीलें दी गई हैं जिनमें से प्रत्येक क्रमशः तेल, जल और सिरके में डूबी हुई हैं। कौन-सी लोहे की कील में जंग नहीं लगेगा और क्यों?
Answer: जो लोहे की कील तेल में डुबोई गई है, उसमें जंग नहीं लगेगा। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि तेल एक सुरक्षात्मक परत बना देता है। यह परत हवा (ऑक्सीजन) और पानी दोनों को कील के संपर्क में आने से रोकती है। जंग लगने के लिए हवा और पानी दोनों का होना जरूरी है, और तेल की परत इसे रोक देती है।
In simple words: जो कील तेल में डूबी होगी, उसमें जंग नहीं लगेगा। तेल हवा और पानी को कील से दूर रखता है, जिससे जंग नहीं लगती।
🎯 Exam Tip: जंग लगने के लिए हवा (ऑक्सीजन) और पानी दोनों की उपस्थिति आवश्यक है; किसी एक की अनुपस्थिति जंग को रोक सकती है।
Question 10. धातुओं और अधातुओं के दैनिक जीवन में उपयोग को उनके विभिन्न गुणों के आधार पर कैसे निर्धारित किया जाता है?
Answer: हमारे रोजमर्रा के जीवन में धातुओं और अधातुओं का उपयोग उनके खास गुणों के कारण होता है। धातुओं में कई उपयोगी गुण होते हैं। जैसे, 'आघातवर्धनीयता' के कारण उन्हें पीटकर पतली चादरें बनाई जा सकती हैं, जिससे एल्युमिनियम फॉयल या बर्तन बनते हैं। 'तन्यता' के कारण उन्हें पतले तारों में खींचा जा सकता है, इसलिए ताँबे और एल्युमिनियम के तार बिजली में उपयोग होते हैं। 'चालकता' यानी बिजली और ऊष्मा का अच्छा वाहक होना उन्हें बिजली के उपकरण और खाना बनाने के बर्तन बनाने में मदद करता है। 'ध्वानिकता' के कारण धातुएँ टकराने पर खास आवाज़ करती हैं, जिससे घंटियाँ और संगीत वाद्ययंत्र बनते हैं। अधातुओं के गुण भी उन्हें कई कामों में उपयोगी बनाते हैं। ये आमतौर पर बिजली और ऊष्मा के 'कुचालक' होते हैं, इसलिए इनके हत्थे (हैंडल) प्लास्टिक या रबड़ के बने होते हैं। 'भंगुरता' के कारण अधातुएँ टूटने वाली होती हैं, जैसे फॉस्फोरस का उपयोग माचिस में होता है। गैस वाली अधातुएँ जैसे ऑक्सीजन सांस लेने के लिए और नाइट्रोजन पौधों की वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, कार्बन जीवों की बनावट का हिस्सा है और क्लोरीन पानी साफ करने में मदद करती है।
In simple words: धातुओं को उनके खास गुणों जैसे पीटने पर फैलना, तार बनना, बिजली और गर्मी ले जाना, और आवाज़ करना, के कारण इस्तेमाल किया जाता है। अधातुओं को भी उनके गुणों जैसे गर्मी और बिजली न ले जाना और आसानी से टूट जाना, के कारण उपयोग किया जाता है।
🎯 Exam Tip: प्रत्येक धातु और अधातु के कम से कम दो-तीन मुख्य गुणों और उनके संबंधित दैनिक उपयोगों को याद रखें।
Question 12. एक लोहार उपकरण बनाने से पूर्व लोहे को गरम करता है। इस प्रक्रिया में गरम करना क्यों आवश्यक है?
Answer: लोहार औजार बनाने से पहले लोहे को गर्म करते हैं क्योंकि गर्मी से लोहे की 'तन्यता' (तार बनाने की क्षमता) और 'आघातवर्धनीयता' (पीटकर चादर बनाने की क्षमता) बढ़ जाती है। इससे लोहे को आसानी से पीटा और मोड़ा जा सकता है, जिससे मनचाहे आकार के औजार बनाना आसान हो जाता है। ठंडा लोहा बहुत सख्त होता है और उसे सही आकार देना मुश्किल होता है।
In simple words: लोहार लोहे को गर्म करते हैं ताकि उसे आसानी से पीटकर और मोड़कर औजार बना सकें, क्योंकि गर्म लोहा नरम हो जाता है और उसे आकार देना आसान होता है।
🎯 Exam Tip: धातुओं को गर्म करने से उनके भौतिक गुण कैसे बदलते हैं, यह समझना महत्वपूर्ण है, खासकर तन्यता और आघातवर्धनीयता।
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Question 1. क्या सभी धातुएँ कठोर और ठोस होती हैं?
Answer: नहीं, सभी धातुएँ कठोर और ठोस नहीं होतीं। कुछ धातुएँ, जैसे सोडियम और पोटैशियम, इतनी नरम होती हैं कि उन्हें चाकू से आसानी से काटा जा सकता है। इसके अलावा, पारा (मर्करी) एक अनोखी धातु है जो कमरे के सामान्य तापमान पर भी द्रव अवस्था में रहती है। यह दर्शाता है कि धातुओं में भी विविधता होती है।
In simple words: नहीं, सभी धातुएँ कठोर नहीं होतीं। सोडियम और पोटैशियम बहुत नरम होती हैं, और पारा तो कमरे के तापमान पर भी तरल रहता है।
🎯 Exam Tip: सोडियम, पोटैशियम और पारे जैसी धातुओं के अपवादों को याद रखें, क्योंकि ये धातुओं के सामान्य गुणों से अलग व्यवहार करती हैं।
Question 2. हथौड़े से पीटने पर कौनसी वस्तुएँ सपाट हो जाती हैं?
Answer: जो वस्तुएँ 'आघातवर्धनीय' (अर्थात जिन्हें पीटकर पतली चादरों में बदला जा सकता है) होती हैं, वे हथौड़े से पीटने पर सपाट हो जाती हैं। धातुएँ इस गुण को दर्शाती हैं। उदाहरण के लिए, एल्युमिनियम, ताँबा, लोहा, सोना और चाँदी को पीटने पर ये फैलकर सपाट हो जाती हैं, टूटती नहीं हैं।
In simple words: जो चीजें 'आघातवर्धनीय' होती हैं, यानी जिन्हें पीटने पर वे फैलती हैं, वे हथौड़े से पीटने पर सपाट हो जाती हैं। धातुएँ ऐसी ही होती हैं।
🎯 Exam Tip: आघातवर्धनीयता धातुओं का एक महत्वपूर्ण गुण है जो उन्हें चादरों में बदलने की अनुमति देता है।
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Question 3. आप धातु के तारों का उपयोग कहाँ देखते हैं?
Answer: हम धातु के तारों का उपयोग कई जगहों पर देखते हैं। बिजली के कनेक्शन और घरों की वायरिंग में ताँबे और एल्युमिनियम के तार इस्तेमाल होते हैं। इसके अलावा, आभूषण बनाने में जैसे चूड़ियाँ, हार और झुमके में पतले तारों का प्रयोग होता है। संगीत वाद्ययंत्रों जैसे वीणा, सितार, वायलिन और गिटार में भी धातु के तारों का उपयोग किया जाता है।
In simple words: धातु के तार बिजली के कामों में और गहने बनाने में इस्तेमाल होते हैं। संगीत के वाद्ययंत्रों में भी तार होते हैं।
🎯 Exam Tip: धातुओं के तार बनाने के गुण (तन्यता) के कारण ही उनका इतना व्यापक उपयोग संभव है।
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Question 5. क्या आप कुछ धातुओं के नाम बता सकते हैं जिनका उपयोग खाना बनाने के पात्रों को बनाने में किया जाता है? क्या आप जानते हैं कि इन धातुओं का उपयोग इसके लिए क्यों किया जाता है ?
Answer: खाना बनाने के बर्तन बनाने के लिए लोहा, स्टील, पीतल, ताँबा और एल्युमिनियम जैसी धातुओं का उपयोग किया जाता है। इन धातुओं को इसलिए चुना जाता है क्योंकि ये सभी ऊष्मा की बहुत अच्छी सुचालक होती हैं। इससे बर्तन जल्दी गर्म होते हैं और खाना भी तेज़ी से और समान रूप से पकता है।
In simple words: खाना बनाने के बर्तन लोहा, स्टील, ताँबा और एल्युमिनियम से बनते हैं। ये धातुएँ गर्मी को अच्छे से फैलाती हैं, जिससे खाना जल्दी पकता है।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि खाना पकाने के बर्तनों के लिए धातुओं का ऊष्मा चालकता का गुण सबसे महत्वपूर्ण होता है।
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Question 6. क्या आपने विद्युतकर्मी को पेचकस उपयोग करते देखा है? उसका हत्था किस सामग्री से बना होता है? आपने यह भी देखा होगा कि विद्युतकर्मी काम करते समय रबड़ के जूते पहनते हैं। इसका क्या कारण हो सकता है?
Answer: हाँ, हमने विद्युतकर्मी को पेचकस का उपयोग करते देखा है। उनके पेचकस का हत्था (हैंडल) प्लास्टिक का बना होता है। साथ ही, विद्युतकर्मी काम करते समय रबड़ के जूते और दस्ताने भी पहनते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि प्लास्टिक और रबड़ दोनों ही बिजली के 'कुचालक' होते हैं। ये बिजली को अपने अंदर से गुजरने नहीं देते, जिससे विद्युतकर्मी को बिजली का झटका लगने से सुरक्षा मिलती है। यह सुरक्षा उपकरण बहुत महत्वपूर्ण होते हैं।
In simple words: इलेक्ट्रीशियन के पेचकस का हैंडल प्लास्टिक का और उनके जूते रबड़ के होते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि प्लास्टिक और रबड़ बिजली को रोकते हैं, जिससे उन्हें करंट नहीं लगता।
🎯 Exam Tip: बिजली के काम में सुरक्षा के लिए हमेशा उन सामग्रियों का उपयोग करें जो विद्युत के कुचालक हों, जैसे रबड़ और प्लास्टिक।
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Question 7. प्रायः आपने देखा होगा कि लोहे की वस्तुओं को कुछ दिनों के लिए खुले में छोड़ देने से उन पर भूरे रंग का निक्षेप विकसित हो जाता है। किन परिस्थितियों में ऐसा होता है?
→ जब ये केवल वायु के संपर्क में आती हैं।
→ जब ये केवल जल के संपर्क में आती हैं।
→ जब ये वायु और जल दोनों के संपर्क में आती हैं।
Answer: जब ये वायु और जल दोनों के संपर्क में आती हैं।
In simple words: लोहे में जंग तब लगता है जब वह हवा और पानी दोनों के संपर्क में आता है। जंग लगने के लिए ये दोनों चीजें एक साथ चाहिए।
🎯 Exam Tip: जंग लगने की प्रक्रिया के लिए ऑक्सीजन (वायु) और नमी (जल) दोनों का होना आवश्यक है।
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RBSE Solutions for Class 7 Science Chapter 04 धातुओं और अधातुओं का संसार
Textbook Solutions for Class 7 Science Chapter 04 धातुओं और अधातुओं का संसार
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