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Detailed Chapter 16 वन एवं वन्य जीव RBSE Solutions for Class 7 Science
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Class 7 Science Chapter 16 वन एवं वन्य जीव RBSE Solutions PDF
सही विकल्प का चयन कीजिए
Question 1. वनों से हमें क्या लाभ हैं
(अ) भूजलस्तर बढ़ता है।
(ब) वातावरणीय तापमान को नियन्त्रित करते हैं।
(स) भूमि का उपजाऊपन बढ़ाते हैं
(द) उपर्युक्त सभी
Answer: (द) उपर्युक्त सभी
In simple words: वन हमारे लिए बहुत तरीकों से उपयोगी हैं, जैसे वे धरती के नीचे पानी का स्तर बढ़ाते हैं, मौसम को ठंडा रखते हैं, और मिट्टी को उपजाऊ बनाते हैं।
🎯 Exam Tip: जब 'उपर्युक्त सभी' जैसा विकल्प हो, तो बाकी विकल्पों को भी ध्यान से देखें, क्योंकि अक्सर वे सही होते हैं और यह सही उत्तर की ओर इशारा करता है।
Question 2. वनोन्मूलन का दुष्परिणाम है
(अ) मृदा अपरदन में वृद्धि
(ब) मृदा अपरदन में कमी
(स) वन्यजीव जन्तुओं की संख्या में वृद्धि
(द) वर्षा में वृद्धि
Answer: (अ) मृदा अपरदन में वृद्धि
In simple words: जब जंगल काटे जाते हैं, तो मिट्टी अपनी जगह से हटकर बहने लगती है, जिसे मृदा अपरदन कहते हैं। पेड़ों की जड़ें मिट्टी को पकड़े रखती हैं, इसलिए उनके बिना मिट्टी आसानी से बह जाती है।
🎯 Exam Tip: वनोन्मूलन के परिणामों को याद करते समय, मिट्टी के कटाव (मृदा अपरदन), जलवायु परिवर्तन और जीव-जंतुओं पर पड़ने वाले प्रभावों पर विशेष ध्यान दें।
Question 3. राजस्थान का राज्य पुष्प व वृक्ष है
(अ) रोहिड़ा व खेजड़ी
(ब) जाल व रोहिड़ा
(स) रोहिड़ा व नीम
(द) कमल व बरगद
Answer: (अ) रोहिड़ा व खेजड़ी
In simple words: रोहिड़ा राजस्थान का राज्य फूल है और खेजड़ी राज्य का पेड़ है। ये दोनों ही राजस्थान की पहचान से जुड़े हुए हैं।
🎯 Exam Tip: राज्यों के प्रतीक चिन्हों (जैसे राज्य पुष्प, राज्य वृक्ष, राज्य पशु) को याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर जब वे स्थानीय संस्कृति और पर्यावरण से जुड़े हों।
Question 4. राजस्थान का राज्य-पक्षी है
(अ) कबूतर
(ब) मोर
(स) गोडावण
🎯 Exam Tip: इस तरह के सामान्य ज्ञान प्रश्नों के लिए, अपनी राज्य या राष्ट्रीय पहचान से जुड़ी जानकारियों को अपडेट रखें।
Question. कॉलम-1 तथा कॉलम-2 का मिलान कीजिए।
| कॉलम-1 | कॉलम-2 |
|---|---|
| (अ) रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान | (i) चित्तौड़गढ़ जिला |
| (ब) केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान | (ii) सिरोही जिला |
| (स) सीतामाता अभयारण्य | (iii) भरतपुर |
| (द) माउण्ट आबू अभयारण्य | (iv) सवाई माधोपुर |
(अ) (iv)
(ब) (iii)
(स) (i)
(द) (ii)
In simple words: इस प्रश्न में राजस्थान के कुछ राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों को उनके सही जिलों से मिलाना था। रणथम्भौर सवाई माधोपुर में है, केवलादेव भरतपुर में, सीतामाता चित्तौड़गढ़ में और माउण्ट आबू सिरोही में है।
🎯 Exam Tip: राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों के नाम के साथ उनके स्थान (जिले या राज्य) को याद रखना प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
Question. 1. भूमि का वह बड़ा क्षेत्र जो पेड-पौधों से ढका हो, वन्य जीव-जन्तु पाये जाते हैं, _______ कहलाता है।
2. वन _______ अपरदन रोकते हैं।
3. वन _______ का आवास है।
4. वन्य जीव संरक्षण हेतु राष्ट्रीय उद्यान एवं _______ की स्थापना की गई।
Answer:
1. वन
2. मृदा
3. वन्य जीवों
4. अभयारण्यों।
In simple words: जिस बड़े क्षेत्र में पेड़-पौधे और जंगली जानवर होते हैं, उसे वन कहते हैं। वन मिट्टी को बहने से रोकते हैं। वन जंगली जानवरों के रहने की जगह भी होते हैं। जंगली जानवरों को बचाने के लिए राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य बनाए जाते हैं।
🎯 Exam Tip: परिभाषाओं और मुख्य शब्दों को याद रखना रिक्त स्थान भरने वाले प्रश्नों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
लघु उत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. वनोन्मूलन के कारण लिखिए।
Answer: वनोन्मूलन के मुख्य कारण ये हैं:
• तेजी से बढ़ती आबादी, शहरों के विकास और उद्योगों के लिए ज्यादा जगह चाहिए। इसके लिए जंगलों को बिना सोचे-समझे काटा जाता है।
• बाँध बनाने, सड़क बनाने, खुदाई करने और नदी घाटी परियोजनाओं के लिए भी जंगलों में पेड़ काटे जाते हैं। यह मानवीय गतिविधियों का एक बड़ा हिस्सा है।
In simple words: ज्यादा लोग होने, शहर बढ़ने और नई फैक्ट्रियाँ बनाने के लिए पेड़ों को काटा जाता है। बाँध और सड़कें बनाने के लिए भी जंगल साफ किए जाते हैं।
🎯 Exam Tip: वनोन्मूलन के कारणों में मानवीय गतिविधियों और विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता से शामिल करें, क्योंकि ये मुख्य कारक हैं।
वन, सम्पदा के आवश्यकता से अधिक दोहन के प्रमुख दुष्परिणाम निम्नलिखित हैं।
Question 3. वनों से होने वाले लाभों को लिखिए।
Answer: वनों से हमें कई प्रकार के लाभ मिलते हैं:
• वनों से हमें घर और उद्योगों के लिए लकड़ी मिलती है।
• हमें जड़ी-बूटियाँ और अन्य महत्वपूर्ण चीजें जैसे रबड़, मोम, बाँस, घास, चारा, कत्था और रेजिन भी मिलती हैं। वनों से मिलने वाले उत्पाद हमारी अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
• वन ध्वनि और दूसरे प्रदूषण को कम करते हैं।
• पशु-पक्षियों और दूसरे जंगली जानवरों के लिए वन सबसे अच्छी जगह हैं रहने के लिए।
• वन हमारी प्रकृति की सुन्दरता बढ़ाते हैं।
• वे हवा में नमी बनाए रखते हैं।
• वन मिट्टी को उपजाऊ बनाते हैं।
• भू-जल स्तर और मिट्टी में पानी के स्तर को बढ़ाने में मदद करते हैं।
• वन मिट्टी के कटाव को रोकते हैं।
• वन हमें ऑक्सीजन देते हैं, जिससे हवा साफ रहती है।
• वन बारिश लाने में भी सहायक होते हैं।
In simple words: वनों से हमें लकड़ी, दवाइयाँ और कई उपयोगी चीजें मिलती हैं। वे प्रदूषण कम करते हैं, जानवरों को घर देते हैं, मौसम में नमी रखते हैं, मिट्टी और पानी के स्तर को अच्छा रखते हैं और हमें साफ हवा देते हैं।
🎯 Exam Tip: वनों के लाभों को लिखते समय, उनके पर्यावरणीय, आर्थिक और जैव विविधता संबंधी योगदानों को अलग-अलग बिंदुओं में स्पष्ट करें।
Question 4. राजस्थान के वन्य जीवों की प्रमुख प्रजातियों के नाम लिखिए।
Answer: राजस्थान में पाए जाने वाले कुछ प्रमुख वन्यजीवों के नाम इस प्रकार हैं:
(1) बाघ
(2) तेन्दुआ (बघेरा)
(3) जरख
(4) भेड़िया
(5) नीलगाय
(6) सांभर
(7) चीतल
(8) जंगली बिल्ली
(9) लोमड़ी
(10) हिरण और मृग
(11) काला हिरण (कृष्णसार)
(12) चीतल
(13) सांभर
(14) खरगोश
(15) सेही। राजस्थान का वन्यजीवन अपनी विविधता के लिए जाना जाता है, जिसमें कई प्रकार के स्तनधारी और पक्षी शामिल हैं।
In simple words: राजस्थान में बाघ, तेन्दुआ, जरख, भेड़िया, नीलगाय, सांभर, चीतल, जंगली बिल्ली, लोमड़ी, हिरण, काला हिरण, खरगोश और सेही जैसे कई जंगली जानवर पाए जाते हैं।
🎯 Exam Tip: किसी भी राज्य के प्रमुख वन्यजीवों की सूची को याद करते समय, सबसे प्रसिद्ध और राज्य-विशेष जानवरों पर ध्यान केंद्रित करें।
दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. वन संरक्षण के लिए अपने सुझाव लिखिए।
Answer: वनों को बचाने के लिए हमें ये काम करने चाहिए:
• ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने चाहिए।
• जंगलों को आग से बचाने का सही इंतजाम होना चाहिए।
• पेड़ों को अलग-अलग बीमारियों से बचाना चाहिए।
• लोगों को पेड़ लगाने के लिए जागरूक करना चाहिए। यह सभी समुदायों की भागीदारी से ही संभव है।
• गैरकानूनी तरीके से पेड़ों को काटने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
• जंगलों को बचाने और पर्यावरण की रक्षा में हम सभी को मिलकर काम करना चाहिए।
• सरकार, अदालतों और दूसरी संस्थाओं द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करना चाहिए।
• उत्साह के साथ वन्य-जीव और वन संरक्षण सप्ताह जैसे कार्यक्रम चलाने चाहिए।
In simple words: हमें ज्यादा पेड़ लगाने चाहिए, जंगलों को आग और बीमारियों से बचाना चाहिए। लोगों को जागरूक करना चाहिए और पेड़ काटने वालों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। सभी को मिलकर जंगलों की रक्षा करनी चाहिए।
🎯 Exam Tip: वन संरक्षण के सुझावों को व्यवहारिक और प्रभावी बनाने के लिए, सरकारी प्रयासों, सामुदायिक भागीदारी और व्यक्तिगत जिम्मेदारियों को शामिल करें।
Question 2. केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान व रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान के बारे में लिखिए।
Answer:
(i) केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान- यह विश्व प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान भरतपुर के दक्षिण-पूर्व में है। यह दुनिया के सबसे आकर्षक प्रवासी पक्षियों का घर है। यह उद्यान भरतपुर जिले की गम्भीरी और बाणगंगा नदियों के मिलने की जगह पर स्थित है। पहले इसे 'घना बर्ड सेंचुरी' के नाम से जाना जाता था। यहाँ भारत के कई पक्षी पाए जाते हैं और खास मौसम में साइबेरियन सारस, जल मुर्गियाँ जैसे प्रवासी पक्षी भी आते हैं। इस उद्यान की जैव विविधता इसे पक्षी प्रेमियों के लिए एक अद्भुत स्थान बनाती है।
(ii) रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान- यह उद्यान सवाई माधोपुर के पास एक पुराने किले के चारों ओर फैला हुआ है। यहाँ बाघों की घटती संख्या को रोकने के लिए 'बाघ परियोजना' शुरू की गई थी। यहाँ बाघ, सियार, तेन्दुआ, नीलगाय और अन्य कई जानवर पाए जाते हैं। यह उद्यान प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीव संरक्षण का एक अद्भुत उदाहरण है।
In simple words: केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान भरतपुर में है और यह प्रवासी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है, पहले इसे घना बर्ड सेंचुरी कहते थे। रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान सवाई माधोपुर में है, जहाँ बाघों को बचाने के लिए बाघ परियोजना शुरू की गई थी।
🎯 Exam Tip: राष्ट्रीय उद्यानों के बारे में लिखते समय, उनके स्थान, प्रमुख वन्यजीवों और किसी विशेष महत्व (जैसे प्रवासी पक्षी या संरक्षण परियोजना) का उल्लेख करें।
Question 4. यदि वन नहीं होते तो क्या प्रभाव पड़ता है ? विस्तार से समझाइए।
Answer: वनों के न होने पर ये बुरे प्रभाव पड़ते हैं:
(i) हमें घर, व्यापार और उद्योगों के लिए लकड़ी नहीं मिलती। साथ ही, हमें विभिन्न जड़ी-बूटियाँ, दवाएँ और महत्वपूर्ण व्यावसायिक उत्पाद जैसे रबड़, मोम, बाँस, घास, चारा, कत्था और रेजिन भी नहीं मिल पाते। ये उत्पाद हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अभिन्न अंग हैं।
(ii) वन प्राकृतिक सुन्दरता बढ़ाते हैं और पशु-पक्षियों व वन्यजीवों के लिए सबसे अच्छी जगह हैं। अगर वन नहीं होंगे, तो जीव-जन्तुओं के जीवन पर बुरा असर पड़ेगा, क्योंकि वे अपना घर और भोजन खो देंगे।
(iii) वन जलवायु को नियंत्रित करते हैं और वनों से तापमान कम होता है। वृक्षों के पत्तों से पानी हवा में वाष्प बनकर जाता है, जिससे हवा में नमी बनी रहती है। अगर वन नहीं होंगे, तो हवा में नमी कम हो जाएगी और तापमान बढ़ जाएगा।
(iv) वन में पेड़ पानी के तेज बहाव को कम करते हैं, जिससे पानी धीरे-धीरे जमीन में चला जाता है और भू-जल स्तर बढ़ता है। अगर वन नहीं होंगे, तो भू-जल स्तर कम हो जाएगा क्योंकि पानी तेजी से बह जाएगा और जमीन में नहीं रिस पाएगा।
(v) वनों के न होने पर मिट्टी का कटाव बढ़ जाता है। पेड़ों की जड़ें मिट्टी को बांधे रखती हैं, उनके बिना मिट्टी आसानी से बारिश या हवा से बह जाएगी।
In simple words: अगर वन नहीं होंगे, तो हमें लकड़ी और दवाएँ नहीं मिलेंगी, जानवर अपने घर खो देंगे, मौसम गर्म और सूखा हो जाएगा, जमीन के नीचे पानी कम हो जाएगा और मिट्टी का कटाव बढ़ जाएगा।
🎯 Exam Tip: वनों के न होने के प्रभावों को लिखते समय, पर्यावरण, जीव-जन्तुओं और मानव जीवन पर पड़ने वाले सभी नकारात्मक पहलुओं को शामिल करें।
पाठात प्रश्नोत्तर
Question 1. अपने आस-पास के पेड़-पौधों एवं जीव-जन्तुओं के नाम निम्नलिखित सारणी में भरिए। (पृष्ठ 158)
| पेड़-पौधे | जीव-जन्तु | |
|---|---|---|
| 1. | रोहिड़ा | हिरन |
| 2. | खेजड़ी | सियार |
| 3. | पीलू | नील गाय |
| 4. | बबूल | चिंकारा |
| 5. | कैर | चीतल |
| 6. | आकड़ा | खरगोश |
| 7. | नीम | बंदर |
In simple words: इस सारणी में हमारे आस-पास पाए जाने वाले कुछ पेड़-पौधों और जंगली जानवरों के नाम दिए गए हैं। यह हमें स्थानीय जैव विविधता को समझने में मदद करता है।
🎯 Exam Tip: अपने स्थानीय पर्यावरण में पाए जाने वाले पेड़-पौधों और जीव-जन्तुओं के नाम जानना प्राकृतिक विज्ञान के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 2. आप खेतों, पहाड़ों व अन्य प्राकृतिक स्थानों पर घूमने गए होंगे। आपके द्वारा वहाँ पर देखे गए जीव-जन्तुओं व पेड़-पौधों के नामों की सूची बनाइए। (पृष्ठ 162)
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों के लिए, अपनी वास्तविक यात्राओं के अनुभवों को याद करें और देखे गए पौधों और जानवरों के नाम सही ढंग से सूचीबद्ध करें।
Question 3. राजस्थान में स्थित अभयारण्यों, उनके जिलों के नाम तथा संरक्षित जन्तुओं के नामों की सारणी चार्ट पर बनाइए।
| अभयारण्य | जिला | संरक्षित जन्तु |
|---|---|---|
| 1. सरिस्का अभयारण्य | अलवर | बाघ, बघेरे, जरख, नीलकंठ, गौरेया, सांभर, चीतल, चिंकारा, नीलगाय, जंगली सुअर, तीतर, बटेर, सूर्य पक्षी आदि |
| 2. तालछापर अभयारण्य | चुरू | काले हिरण, चिंकारा, डेमोजल, सारस आदि |
| 3. सीतामाता अभयारण्य | चित्तौड़गढ़ | उड़न गिलहरियाँ, जरख, रीछ, जंगली सुअर, भेड़िया, सांभर व नील गाय आदि |
| 4. वन विहार अभयारण्य | धौलपुर | सफेद साइबेरियन सारस, रीछ, बघेरे, जरख तथा मुर्गियाँ आदि |
| 5. चम्बल अभयारण्य | कोटा | घड़ियाल, कछुआ आदि |
| 6. जयसमन्द अभयारण्य | उदयपुर | बघेरा, चीतल, चिंकारा, सुअर, रोजड़े आदि |
| 7. रावली टाडगढ़ अभयारण्य | अजमेर, पाली, उदयपुर | रीछ, बघेरा, जरख, नीलगाय व गीदड़ आदि |
| 8. भैसरोड़ अभयारण्य | चित्तौड़गढ़ | घड़ियाल |
In simple words: इस सारणी में राजस्थान के विभिन्न अभयारण्यों, वे किस जिले में हैं, और उनमें कौन-कौन से जानवर संरक्षित किए गए हैं, इसकी जानकारी दी गई है। यह राजस्थान की वन्यजीव सम्पदा को दर्शाता है।
🎯 Exam Tip: अभयारण्यों, उनके जिलों और वहाँ पाए जाने वाले मुख्य जानवरों का सही मिलान करने के लिए उन्हें ध्यान से याद करें।
अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
बहुविकल्पीय प्रश्न
Question 1. निम्न में से कौन वनों का कार्य नहीं है ?
(अ) ध्वनि प्रदूषण कम करना
(ब) वायु की आर्द्रता बनाए रखना
(स) मृदा अपरदन कम करना
(द) पर्यावरणीय प्रदूषण
Answer: (द) पर्यावरणीय प्रदूषण
In simple words: वन ध्वनि कम करते हैं, हवा में नमी रखते हैं और मिट्टी के कटाव को रोकते हैं। वे पर्यावरण के लिए अच्छे होते हैं, इसलिए पर्यावरणीय प्रदूषण फैलाना उनका काम नहीं है।
🎯 Exam Tip: वनों के सकारात्मक प्रभावों पर ध्यान दें; जो विकल्प नकारात्मक प्रभाव दर्शाता है, वह आमतौर पर वनों का कार्य नहीं होगा।
Question 3. वनोन्मूलन का दुष्परिणाम नहीं है
(अ) पर्यावरण सन्तुलन बिगड़ना
(ब) मृदा अपरदन में वृद्धि
(स) वर्षा में कमी
(द) ओजोन परत अपक्षय
Answer: (द) ओजोन परत अपक्षय
In simple words: वनोन्मूलन से पर्यावरण का संतुलन बिगड़ता है, मिट्टी का कटाव बढ़ता है और बारिश कम होती है। लेकिन ओजोन परत का पतला होना सीधे तौर पर वनोन्मूलन का परिणाम नहीं है।
🎯 Exam Tip: पर्यावरणीय प्रभावों को अलग-अलग समझना महत्वपूर्ण है; वनोन्मूलन के सीधे परिणामों और अप्रत्यक्ष या असंबंधित प्रभावों के बीच अंतर करें।
Question 4. माउण्ट आबू अभयारण्य किस जिले में स्थित है
(अ) भरतपुर में
(ब) जयपुर में
(स) जालोर में
(द) सिरोही में
Answer: (द) सिरोही में
In simple words: माउण्ट आबू अभयारण्य राजस्थान के सिरोही जिले में है। यह अपने अनोखे वन्यजीवन और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है।
🎯 Exam Tip: राजस्थान के प्रमुख अभयारण्यों और उनके जिलों को याद रखना प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 5. प्रसिद्ध भारतीय पक्षी वैज्ञानिक हैं।
(अ) डॉ. सलीम अली
(ब) हरगोविन्द खुराना
(स) जगदीश चन्द्र बसु
(द) होमी जहाँगीर भाभा
Answer: (अ) डॉ. सलीम अली
In simple words: डॉ. सलीम अली भारत के बहुत प्रसिद्ध पक्षी वैज्ञानिक थे। उन्होंने पक्षियों पर बहुत शोध किया और उन्हें 'भारत के बर्डमैन' के नाम से जाना जाता है।
🎯 Exam Tip: प्रसिद्ध वैज्ञानिकों और उनके योगदानों के बारे में जानकारी रखना सामान्य ज्ञान के लिए उपयोगी है।
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. वन किसे कहते हैं ?
Answer: भूमि का वह बड़ा क्षेत्र जो पेड़-पौधों से ढका हो और जहाँ जंगली जानवर रहते हों, उसे वन (forest) कहते हैं। यह प्राकृतिक संतुलन के लिए आवश्यक है।
In simple words: वन एक बड़ी जगह है जहाँ बहुत सारे पेड़ और जंगली जानवर रहते हैं।
🎯 Exam Tip: किसी भी परिभाषा को लिखते समय, मुख्य तत्वों (जैसे पेड़-पौधे और वन्यजीव) को शामिल करना न भूलें।
Question 2. ह्यूमस किसे कहते हैं ?
Answer: मिट्टी की सबसे ऊपरी परत में मौजूद मृत और सड़े हुए कार्बनिक पदार्थ को ह्यूमस कहते हैं। यह मिट्टी को उपजाऊ बनाता है।
In simple words: जमीन की ऊपरी मिट्टी में जो गले-सड़े पेड़-पौधे और जानवरों के हिस्से होते हैं, उन्हें ह्यूमस कहते हैं।
🎯 Exam Tip: ह्यूमस की परिभाषा में 'मृत कार्बनिक पदार्थ' और 'मिट्टी की ऊपरी परत' जैसे मुख्य शब्दों का उल्लेख करें।
Question 3. वनोन्मूलन का प्रमुख कारण क्या है ?
Answer: जलाने के लिए ईंधन, औद्योगिक जरूरतों और इमारती लकड़ी की बढ़ती माँग के कारण वनों की अंधाधुंध कटाई वनोन्मूलन का प्रमुख कारण है। बढ़ती जनसंख्या की आवश्यकताएँ भी इसमें योगदान करती हैं।
In simple words: पेड़ों को ईंधन, फैक्ट्रियों और इमारती लकड़ी के लिए काटा जाना वनोन्मूलन का मुख्य कारण है।
🎯 Exam Tip: वनोन्मूलन के कारणों को संक्षेप में और स्पष्ट रूप से बताएं, जैसे मानवीय गतिविधियों की बढ़ती ज़रूरतें।
Question 4. वन संरक्षण के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण उपाय क्या है ?
Answer: बहुत ज्यादा पेड़ लगाना (वृक्षारोपण) वन संरक्षण के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपाय है। इससे काटे गए पेड़ों की भरपाई होती है और नए वन बनते हैं।
In simple words: वन बचाने का सबसे अच्छा तरीका है कि हम बहुत सारे पेड़ लगाएं।
🎯 Exam Tip: वन संरक्षण के सबसे प्रभावी उपाय के रूप में वृक्षारोपण को रेखांकित करें।
Question 5. राष्ट्रीय उद्यान एवं अभयारण्यों की स्थापना क्यों की गयी है ?
Answer: वन्य जीवन की सुरक्षा, उसे बढ़ाने और उसका ठीक से प्रबंधन करने के लिए राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्यों की स्थापना की गई है। ये स्थान जीवों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करते हैं।
In simple words: राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य जंगली जानवरों को बचाने और उनकी देखभाल करने के लिए बनाए गए हैं।
🎯 Exam Tip: राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्यों के उद्देश्य को स्पष्ट रूप से बताएं: वन्यजीव संरक्षण और प्रबंधन।
Question 6. राजस्थान में बाघ परियोजना कहाँ प्रारम्भ की गयी है ?
Answer: राजस्थान में बाघ परियोजना रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान, सवाई माधोपुर में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य बाघों की घटती संख्या को रोकना और उन्हें बचाना था।
In simple words: राजस्थान में बाघों को बचाने की परियोजना रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान में शुरू की गई है।
🎯 Exam Tip: बाघ परियोजना से संबंधित स्थान और उसके उद्देश्य को याद रखें।
Question 8. राजस्थान में पाए जाने वाले चार प्रमुख वन्य जन्तुओं के नाम लिखिए।
Answer: राजस्थान में पाए जाने वाले चार प्रमुख वन्य जन्तु हैं:
1. बाघ
2. बघेरा (तेन्दुआ)
3. जरख
4. भेड़िया। ये सभी राजस्थान के वनों और अभयारण्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
In simple words: राजस्थान में बाघ, तेन्दुआ, जरख और भेड़िया जैसे मुख्य जंगली जानवर मिलते हैं।
🎯 Exam Tip: प्रमुख वन्यजीवों की सूची में ऐसे जानवरों को शामिल करें जो उस क्षेत्र की पहचान हों।
Question 9. काला हिरण (कृष्ण सार) के लिए कौन-सा अभयारण्य प्रसिद्ध है ?
Answer: काला हिरण (कृष्ण सार) के लिए तालछापर अभयारण्य, चुरू, प्रसिद्ध है। यह अभयारण्य विशेष रूप से काले हिरणों के संरक्षण के लिए जाना जाता है।
In simple words: चुरू जिले में तालछापर अभयारण्य काले हिरणों के लिए मशहूर है।
🎯 Exam Tip: किसी विशेष जानवर के लिए प्रसिद्ध अभयारण्य का नाम और उसका स्थान याद रखें।
Question 10. राज्य पशु चिंकारा व ऊँट किस श्रेणी के राज्य पशु हैं ?
Answer: चिंकारा वन्य जीव श्रेणी का राज्य पशु है, जबकि ऊँट पशुधन श्रेणी का राज्य पशु है। चिंकारा एक जंगली जानवर है, वहीं ऊँट को पालतू जानवर के रूप में महत्व दिया जाता है।
In simple words: चिंकारा को जंगली जानवरों की श्रेणी में राज्य पशु माना जाता है, जबकि ऊँट को पालतू पशुओं की श्रेणी में राज्य पशु माना जाता है।
🎯 Exam Tip: राज्य पशुओं को उनकी श्रेणियों (वन्यजीव या पशुधन) के साथ याद रखना महत्वपूर्ण है।
लघु उत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. वनों से हमें ठण्डक का अनुभव क्यों होता है ?
Answer: पेड़-पौधों की पत्तियों में छोटे-छोटे छिद्र होते हैं, जिन्हें रन्ध्र कहते हैं। इन रन्ध्रों से पानी भाप बनकर हवा में निकलता रहता है। इससे हवा में नमी बढ़ जाती है, जिसे आर्द्रता कहते हैं। वनों में पेड़ों के कारण हवा में यह नमी ज्यादा होती है, इसीलिए हमें ठण्डक महसूस होती है। यह प्रक्रिया वाष्पोत्सर्जन कहलाती है जो वातावरण को ठंडा रखती है।
In simple words: पेड़ों की पत्तियाँ पानी को भाप बनाकर हवा में छोड़ती हैं, जिससे हवा में नमी बढ़ जाती है और हमें ठण्डक महसूस होती है।
🎯 Exam Tip: ठण्डक के अनुभव को वाष्पोत्सर्जन और वायु में आर्द्रता बढ़ने की प्रक्रिया से जोड़कर समझाएँ।
Question 2. वन भूमि का उपजाऊपन बढ़ाने में किस प्रकार सहायक हैं ?
Answer: वनों के पेड़-पौधों की पुरानी पत्तियाँ और टहनियाँ टूटकर गिरती रहती हैं। इन्हें मिट्टी में रहने वाले छोटे जीव (अपघटक) गलाते रहते हैं। इस प्रक्रिया से ह्यूमस बनता है, जो मिट्टी को उपजाऊ बनाता है। ह्यूमस मिट्टी में पोषक तत्व बढ़ाता है और उसकी पानी रोकने की क्षमता भी बढ़ा देता है।
In simple words: वनों के सूखे पत्ते और टहनियाँ मिट्टी में गिरकर सड़ती हैं, जिससे ह्यूमस बनता है। यह ह्यूमस मिट्टी को ज्यादा उपजाऊ बनाता है।
🎯 Exam Tip: भूमि के उपजाऊपन में वनों की भूमिका को ह्यूमस निर्माण और पोषक तत्वों के चक्रण से जोड़कर समझाएँ।
Question 4. भूमि की नमी बनाए रखने तथा भू-जलस्तर में वृद्धि में वन किस प्रकार अपना योगदान देते हैं ?
Answer: वनों में पेड़ों से प्राप्त ह्यूमस के कारण बारिश का पानी धीरे-धीरे जमीन में रिसता रहता है। इससे मिट्टी में पर्याप्त नमी बनी रहती है और पेड़ों को पर्याप्त पानी मिलता रहता है। वन में पेड़ पानी के तेज बहाव को कम कर देते हैं, जिससे पानी रिस-रिसकर जमीन में गहराई तक पहुँचता रहता है और भू-जल स्तर बढ़ता है। इस तरह वन जल संचयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
In simple words: वन की मिट्टी में ह्यूमस होता है, जिससे बारिश का पानी धीरे-धीरे जमीन में रिसता है। पेड़ पानी के बहाव को धीमा करते हैं, जिससे ज्यादा पानी जमीन के अंदर जाकर भू-जल स्तर को बढ़ाता है और मिट्टी में नमी बनाए रखता है।
🎯 Exam Tip: वनों की भूमिका को भू-जल पुनर्भरण और मिट्टी की नमी बनाए रखने के लिए पानी के धीमे रिसने की प्रक्रिया से जोड़कर समझाएँ।
Question 5. वर्तमान में वन संरक्षण की आवश्यकता क्यों है ?
Answer: वन हमारे लिए बहुत जरूरी हैं। वनों की लगातार ज्यादा कटाई और विनाश से उनकी संख्या कम हो रही है, जो चिंता का विषय है। पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में वनों का बहुत बड़ा योगदान है। इसलिए, वर्तमान समय में वनों को बचाना और उन्हें फिर से उगाना बहुत जरूरी है। वनों के बिना, हमारा पारिस्थितिकी तंत्र अस्थिर हो जाएगा।
In simple words: वन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उनकी लगातार कटाई हो रही है। पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए अब वनों को बचाना और नए पेड़ लगाना बहुत जरूरी है।
🎯 Exam Tip: वन संरक्षण की आवश्यकता को पर्यावरणीय संतुलन, जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के संदर्भ में समझाएँ।
Question 6. राजस्थान के प्रमुख वन्य जीव अभयारण्यों के नाम लिखिए।
Answer: राजस्थान के प्रमुख वन्यजीव अभयारण्यों के नाम हैं:
(i) रामगढ़ विषधारी वन्य जीव अभयारण्य, बूंदी
(ii) नाहरगढ़ वन्य जीव अभयारण्य, जयपुर
(iii) सीतामाता वन्य जीव अभयारण्य, प्रतापगढ़
(iv) तालछापर वन्य जीव अभयारण्य, चुरू
(v) माउण्टआबू अभयारण्य, सिरोही। ये सभी अभयारण्य राज्य की जैव विविधता को संरक्षित करने में मदद करते हैं।
In simple words: राजस्थान के कुछ मुख्य वन्यजीव अभयारण्य हैं: रामगढ़ विषधारी (बूंदी), नाहरगढ़ (जयपुर), सीतामाता (प्रतापगढ़), तालछापर (चुरू) और माउण्ट आबू (सिरोही)।
🎯 Exam Tip: राजस्थान के प्रमुख अभयारण्यों और उनके जिलों को सही ढंग से याद करें।
Question 7. राजस्थान में पायी जाने वाली हिरण की प्रजातियों का वर्णन कीजिए।
Answer: राजस्थान में चिंकारा, काला हिरण, चौसिंगा और नीलगाय जैसी हिरण की प्रजातियाँ पाई जाती हैं। मृग वंश की मुख्य रूप से सांभर और चीतल दो प्रजातियाँ राजस्थान में मिलती हैं। ये सभी प्रजातियाँ राज्य के विभिन्न वनों और घास के मैदानों में निवास करती हैं।
In simple words: राजस्थान में चिंकारा, काला हिरण, चौसिंगा, नीलगाय, सांभर और चीतल जैसी हिरण की कई प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
🎯 Exam Tip: हिरण की विभिन्न प्रजातियों के नाम याद रखें और यदि संभव हो तो उनकी मुख्य विशेषताओं पर भी गौर करें।
Question 9. राजस्थान में कौन-कौन से पक्षी पाए जाते हैं ?
Answer: राजस्थान में अन्तर्राष्ट्रीय पक्षी सफेद सारस (साइबेरियन सारस), राष्ट्रीय पक्षी मोर और राज्य पक्षी गोडावण पाए जाते हैं। इनके अलावा, कोयल, गौरैया, नीलकंठ, भारतीय सारस आदि भी मिलते हैं। यह राज्य पक्षी प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण गंतव्य है।
In simple words: राजस्थान में सफेद सारस, मोर, गोडावण, कोयल, गौरैया, नीलकंठ और भारतीय सारस जैसे कई पक्षी पाए जाते हैं।
🎯 Exam Tip: राजस्थान में पाए जाने वाले पक्षियों की सूची में राष्ट्रीय और राज्य पक्षियों के साथ-साथ प्रवासी पक्षियों को भी शामिल करें।
Question 10. प्रसिद्ध पक्षी विज्ञानी डॉ. सलीम अली द्वारा रचित प्रमुख पुस्तकों के नाम लिखिए।
Answer: प्रसिद्ध पक्षी विज्ञानी डॉ. सलीम अली द्वारा लिखी गई प्रमुख पुस्तकें हैं:
(i) बुक ऑफ इण्डियन बर्ड्स
(ii) हैण्डबुक ऑफ द बर्ड्स ऑफ इण्डिया एण्ड पाकिस्तान
(iii) द फॉल ऑफ ए स्पैरो। इन पुस्तकों ने भारत में पक्षी विज्ञान के अध्ययन को काफी बढ़ावा दिया।
In simple words: डॉ. सलीम अली की कुछ मुख्य किताबें 'बुक ऑफ इण्डियन बर्ड्स', 'हैण्डबुक ऑफ द बर्ड्स ऑफ इण्डिया एण्ड पाकिस्तान' और 'द फॉल ऑफ ए स्पैरो' हैं।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण व्यक्तियों और उनके प्रसिद्ध कार्यों या किताबों को याद रखना सामान्य ज्ञान और जीवनी संबंधी प्रश्नों के लिए उपयोगी होता है।
दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. राजस्थान में पाए जाने वाले वन्य जीवों को वर्गीकृत कीजिए।
Answer: राजस्थान में पाए जाने वाले वन्य जीवों को मुख्य रूप से इन वर्गों में बांटा जा सकता है:
• माँसाहारी जीव: जैसे बाघ, सियार, भेड़िया, तेंदुआ, जरख, लोमड़ी, जंगली कुत्ता, नेवला, रेगिस्तानी बिल्ली और जंगली बिलाव। ये जानवर शिकार करके अपना भोजन प्राप्त करते हैं।
• शाकाहारी जीव: जैसे हिरण, सांभर, नीलगाय, चिंकारा, चीतल, चौसिंघा, भालू, जंगली सुअर, खरगोश, लंगूर और बन्दर। ये मुख्य रूप से पेड़-पौधों और घास खाते हैं।
• रेंगने वाले जीव: जैसे अजगर, पाटागोह, घड़ियाल, मगरमच्छ, नाग, सांडा और कोबरा। ये सभी ठंडे खून वाले जीव होते हैं।
• कुतरकर खाने वाले जीव: जैसे गिलहरी, जरावल, सेही और चूहा। ये जानवर छोटे होते हैं और अपने दांतों का इस्तेमाल चीज़ों को कुतरने के लिए करते हैं।
In simple words: राजस्थान के जंगली जानवरों को उनके खाने की आदतों और शारीरिक बनावट के आधार पर बांटा जा सकता है, जैसे माँसाहारी, शाकाहारी, रेंगने वाले और कुतरने वाले जानवर।
🎯 Exam Tip: वन्यजीवों का वर्गीकरण करते समय, उनके आहार या शारीरिक विशेषताओं के आधार पर स्पष्ट श्रेणियां बनाएं।
Question 2. प्रसिद्ध भारतीय पक्षी विज्ञानी डॉ. सलीम अली पर एक संक्षिप्त लेख लिखिए।
Answer: डॉ. सलीम अली का जन्म 12 नवम्बर, 1896 को बॉम्बे (अब मुम्बई) में हुआ था। वे एक भारतीय पक्षी वैज्ञानिक और प्रकृतिवादी थे। डॉ. सलीम अली को भारत में 'बर्डमैन' के नाम से जाना जाता है। वे भारत के पहले व्यक्ति थे जिन्होंने पूरे देश में पक्षियों का व्यवस्थित तरीके से सर्वेक्षण किया। उन्होंने पक्षियों पर कई किताबें लिखीं, जिनसे भारत में पक्षी-विज्ञान के विकास में बहुत मदद मिली। उनके काम ने पक्षियों के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ाई।
In simple words: डॉ. सलीम अली भारत के एक प्रसिद्ध पक्षी वैज्ञानिक थे, जिनका जन्म 1896 में बॉम्बे में हुआ था। उन्हें 'भारत का बर्डमैन' कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने पूरे भारत में पक्षियों का अध्ययन किया और उन पर कई महत्वपूर्ण किताबें लिखीं।
🎯 Exam Tip: किसी भी जीवनी को लिखते समय, व्यक्ति के जन्म, उनके मुख्य योगदान और उनके उपनाम (यदि कोई हो) को शामिल करें।
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