RBSE Solutions Class 7 Science Chapter 12 पृथ्वी, चंद्रमा एवं सूर्य

Official RBSE Solutions for Class 7 Science: Chapter 12 पृथ्वी, चंद्रमा एवं सूर्य

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Chapter-wise Solutions for Science: Chapter 12 पृथ्वी, चंद्रमा एवं सूर्य

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Question 1. चित्र 12.17 में पृथ्वी के एक घूर्णन के दौरान उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव पर सूर्य का प्रकाश कितने- कितने घंटे रहता है?
Answer: चित्र 12.17 में दिखाई गई स्थिति के अनुसार, दक्षिणी गोलार्द्ध पर सूर्य का प्रकाश 12 घंटे से ज़्यादा समय तक रहता है, जबकि उत्तरी गोलार्द्ध पर यह प्रकाश 12 घंटे से कम समय के लिए रहता है। पृथ्वी का झुकाव और सूर्य के चारों ओर उसकी परिक्रमा ही दिन और रात की अवधि में इस अंतर का कारण बनती है।
In simple words: चित्र में जो स्थिति दिखाई गई है, उसके हिसाब से दक्षिणी हिस्से पर सूरज की रोशनी 12 घंटे से ज़्यादा देर तक पड़ती है, और उत्तरी हिस्से पर 12 घंटे से कम देर तक।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय चित्र में दिखाई गई विशिष्ट स्थिति का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि पृथ्वी की स्थिति के अनुसार दिन की अवधि बदलती रहती है।

 

Question 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति करो:
(i) तारे ________ दिशा में उदित होते हैं और ________ दिशा में अस्त होते हैं।
(ii) दिन और रात पृथ्वी के ________ के कारण होते हैं।
(iii) जब चंद्रमा हमारी दृष्टि के सामने सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है तो यह ________ सूर्य ग्रहण कहलाती है।
Answer:
(i) तारे **पूर्व** दिशा में उदित होते हैं और **पश्चिम** दिशा में अस्त होते हैं।
(ii) दिन और रात पृथ्वी के **घूर्णन (घूमने)** के कारण होते हैं।
(iii) जब चंद्रमा हमारी दृष्टि के सामने सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है तो यह **पूर्ण** सूर्य ग्रहण कहलाती है। यह खगोलीय घटनाएँ ब्रह्मांड की नियमित गति को दर्शाती हैं।
In simple words: तारे पूरब से निकलते हैं और पश्चिम में छिपते हैं। दिन और रात पृथ्वी के अपनी जगह पर घूमने से होते हैं। जब चाँद सूरज को पूरा ढक लेता है, उसे पूर्ण सूर्य ग्रहण कहते हैं।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय हमेशा सबसे सटीक और उचित वैज्ञानिक शब्द का प्रयोग करें।

 

Question 3. बताइए निम्नलिखित कथन सत्य हैं अथवा असत्य:
(i) जब सूर्य पृथ्वी और चंद्रमा के बीच आता है तो सूर्य- ग्रहण होता है।
(ii) गुजरात में सूर्योदय झारखंड से पहले होता है।
(iii) चेन्नई में सबसे लंबा दिन ग्रीष्म अयनांत में होता है।
(iv) हमें सूर्य ग्रहण सीधा अपनी खुली आँखों से देखना चाहिए।
(v) ऋतु परिवर्तन पृथ्वी के घूर्णन अक्ष के झुकाव तथा इसकी गोल आकृति के कारण होता है।
(vi) सूर्य के परितः पृथ्वी के परिक्रमण के और रात होते हैं।
Answer:
(i) **असत्य** (सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच आता है, न कि सूर्य बीच में)
(ii) **असत्य** (झारखंड भारत के पूर्व में है, इसलिए वहाँ सूर्योदय गुजरात से पहले होता है। पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है जिससे पूर्वी स्थानों पर सूर्योदय पहले होता है।)
(iii) **सत्य**
(iv) **असत्य** (सूर्य ग्रहण को सीधा देखना आँखों के लिए बहुत हानिकारक है। विशेष चश्मे या सुरक्षित तरीकों का उपयोग करना चाहिए।)
(v) **सत्य**
(vi) **असत्य** (सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की परिक्रमा के कारण ऋतु परिवर्तन होता है, दिन और रात पृथ्वी के घूर्णन के कारण होते हैं।)
In simple words: सूर्य ग्रहण तब होता है जब चाँद सूरज और धरती के बीच आता है। गुजरात में सूर्योदय झारखंड से बाद में होता है क्योंकि झारखंड पूर्व में है। चेन्नई में गर्मी के बड़े दिन सबसे लंबे होते हैं, यह सच है। सूर्य ग्रहण को सीधी आँखों से नहीं देखना चाहिए, यह गलत है। ऋतुएँ पृथ्वी के झुके हुए अक्ष और उसकी गोल आकृति के कारण बदलती हैं, यह सच है। दिन और रात पृथ्वी के घूमने से होते हैं, सूर्य के चारों ओर घूमने से नहीं।

🎯 Exam Tip: सत्य/असत्य प्रश्नों में, हर कथन को ध्यान से पढ़ें और खगोलीय घटनाओं के पीछे के सही वैज्ञानिक कारणों को समझें।

 

Question 5. नंदिनी ने 21 जून को मध्यरात्रि में एक तारा समूह को उदित होते हुए देखा अगले वर्ष मध्यरात्रि में वह तारों के इस समूह को कब उदित होते हुए देखेगी?
Answer: पृथ्वी सूर्य के चारों ओर एक साल में अपनी परिक्रमा पूरी करती है। इसी कारण, अगले साल नंदिनी ठीक उसी तारीख यानी 21 जून को, उसी मध्यरात्रि के समय, उसी तारा समूह को फिर से उसी जगह से उगते हुए देखेगी। यह पृथ्वी की नियमित गति के कारण होता है।
In simple words: अगले साल भी नंदिनी 21 जून को आधी रात में वही तारा समूह उगते हुए देखेगी, क्योंकि धरती एक साल में सूरज का चक्कर पूरा करती है।

🎯 Exam Tip: पृथ्वी की परिक्रमा गति के कारण आकाशीय पिंडों की स्थिति समय के साथ दोहराई जाती है।

 

Question 6. अभय के ध्यान में यह बात आई कि जब भारत में दिन होता है तो अमेरिका में रहने वाले उसके चाचा जी उस समय सो रहे होते हैं क्योंकि वहाँ उस समय रात होती है। इस अंतर का क्या कारण है?
Answer: यह अंतर पृथ्वी के अपनी धुरी पर घूर्णन (घूमने) के कारण होता है। जब पृथ्वी का वह भाग, जहाँ भारत स्थित है, सूर्य के सामने होता है, तो वहाँ दिन होता है। उसी समय, पृथ्वी का दूसरा भाग, जहाँ अमेरिका स्थित है, सूर्य से दूर होता है, इसलिए वहाँ रात होती है। पृथ्वी का घूर्णन ही दिन और रात के चक्र को बनाता है।
In simple words: ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पृथ्वी अपनी जगह पर घूमती रहती है। जब भारत सूरज के सामने होता है तो दिन होता है, और उसी समय अमेरिका सूरज से दूर होता है तो वहाँ रात होती है।

🎯 Exam Tip: दिन और रात के होने का मुख्य कारण पृथ्वी का अपनी अक्ष पर घूमना (घूर्णन) है, न कि सूर्य के चारों ओर उसकी परिक्रमा।

 

Question 7. चार मित्रों ने सूर्य ग्रहण के अवलोकन हेतु निम्नलिखित चार ढंग अपनाए। इनमें से किसने असावधानी बरती?
(i) रवि किशन ने ने सूर्य ग्रहण देखने वाले नजर के चश्मे का उपयोग किया।
(ii) ज्योति ने सूर्य का प्रतिबिंब पर्दे पर बनाने के लिए दर्पण का उपयोग किया।
(iii) आदित्य ने सीधे अपनी खाली आँखों से सूर्य का अवलोकन किया।
(iv) अरुणा ने कृत्रिम नभोमंडल द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया।
Answer: इनमें से आदित्य ने असावधानी बरती। उसने सीधे अपनी खाली आँखों से सूर्य का अवलोकन किया, जो बहुत ही खतरनाक है। सूर्य ग्रहण को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सीधे देखना आँखों को स्थायी नुकसान पहुँचा सकता है।
In simple words: आदित्य ने गलती की क्योंकि उसने बिना किसी सुरक्षा के अपनी सीधी आँखों से सूर्य ग्रहण देखा, जो आँखों के लिए बहुत बुरा होता है।

🎯 Exam Tip: सूर्य ग्रहण देखते समय हमेशा विशेष सुरक्षा चश्मे या प्रोजेक्शन विधियों का उपयोग करें ताकि आँखों को नुकसान से बचाया जा सके।

 

Question 8. चित्र 12.18 के वृत्तों में सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण के लिए उपयुक्त शब्द भरिए।
Answer: चित्र 12.18 में दिए गए वृत्तों में उचित शब्दों को भरने पर यह स्थिति बनती है:
**सूर्य-ग्रहण** वाले चित्र में क्रम होगा: सूर्य - चंद्रमा - पृथ्वी (जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आता है)
**चंद्र-ग्रहण** वाले चित्र में क्रम होगा: सूर्य - पृथ्वी - चंद्रमा (जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आती है)
ये ग्रहण पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य के एक सीधी रेखा में आने पर होते हैं।
In simple words: सूर्य ग्रहण तब होता है जब सूरज, चाँद और धरती एक लाइन में होते हैं और चाँद बीच में होता है। चंद्र ग्रहण तब होता है जब सूरज, धरती और चाँद एक लाइन में होते हैं और धरती बीच में होती है।

🎯 Exam Tip: सूर्य और चंद्र ग्रहण में ग्रहों की सही स्थिति को याद रखना महत्वपूर्ण है। सूर्य ग्रहण में चंद्रमा बीच में आता है, जबकि चंद्र ग्रहण में पृथ्वी बीच में आती है।

 

Question 9. चंद्रमा सूर्य की तुलना में बहुत छोटा है फिर भी पूर्ण सूर्य ग्रहण के समय यह हमारी दृष्टि से सूर्य को पूरी तरह से ओझल कर देता है। ऐसा क्यों संभव होता है?
Answer: यह इसलिए संभव होता है क्योंकि पृथ्वी से देखने पर सूर्य और चंद्रमा का आभासी आकार लगभग एक जैसा दिखता है। हालाँकि चंद्रमा वास्तव में सूर्य से बहुत छोटा है, पर वह पृथ्वी के बहुत पास है। इसके उलट, सूर्य बहुत बड़ा होने के बावजूद पृथ्वी से बहुत दूर है। इसी कारण, चंद्रमा पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य को हमारी दृष्टि से पूरी तरह ढक सकता है।
In simple words: चाँद सूरज से छोटा है, पर वह धरती के बहुत पास है। सूरज बहुत बड़ा है, पर वह धरती से बहुत दूर है। इसलिए, जब चाँद बीच में आता है, तो वह सूरज को पूरा ढक लेता है।

🎯 Exam Tip: आभासी आकार का यह सिद्धांत हमें बताता है कि वस्तु की दूरी उसके वास्तविक आकार को देखने के तरीके को कैसे प्रभावित करती है।

 

Question 10. ऑस्ट्रेलिया में भारतीय क्रिकेट टीम के मैच प्रायः दिसंबर में होते हैं। अपनी इस यात्रा के लिए उन्हें सरदी के कपड़े ले जाने चाहिए या गरमी के।
Answer: भारतीय क्रिकेट टीम को ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए गरमी के कपड़े ले जाने चाहिए। दिसंबर का महीना भारत में सर्दियों का होता है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित है। जब उत्तरी गोलार्द्ध में सर्दी होती है, तब दक्षिणी गोलार्द्ध में गरमी होती है। इसलिए, दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया में गरमी का मौसम होता है।
In simple words: उन्हें गरमी के कपड़े ले जाने चाहिए। दिसंबर में जब भारत में ठंड होती है, तब ऑस्ट्रेलिया में गरमी होती है क्योंकि वह धरती के दूसरे हिस्से में है।

🎯 Exam Tip: ऋतुओं का निर्धारण पृथ्वी के अक्षीय झुकाव और सूर्य के चारों ओर उसकी परिक्रमा से होता है, जिसके कारण उत्तरी और दक्षिणी गोलार्द्ध में विपरीत ऋतुएँ होती हैं।

 

Question 11. जब चंद्र ग्रहण होता है तो इसे पृथ्वी के एक बड़े भाग से देखा जा सकता है किंतु पूर्ण सूर्य ग्रहण केवल पृथ्वी के एक छोटे भाग से ही देखा जा सकता है। आपके विचार में ऐसा क्यों होता है?
Answer: ऐसा चंद्रमा की छाया (umbra) के आकार के कारण होता है। सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर एक छोटे से क्षेत्र में ही पड़ती है, क्योंकि चंद्रमा का आकार पृथ्वी की तुलना में बहुत छोटा है। इसके विपरीत, चंद्र ग्रहण में पृथ्वी की छाया चंद्रमा के आकार से बड़ी होती है, और यह छाया चंद्रमा पर पड़ती है जिसे पृथ्वी के बड़े हिस्से से देखा जा सकता है। यह अंतर ग्रहण के प्रकार पर निर्भर करता है।
In simple words: चंद्र ग्रहण को धरती के बड़े हिस्से से देख सकते हैं क्योंकि धरती की छाया चाँद से बड़ी होती है। सूर्य ग्रहण को सिर्फ छोटे हिस्से से देख सकते हैं क्योंकि चाँद की छाया धरती पर छोटी पड़ती है।

🎯 Exam Tip: ग्रहण किस ग्रह की छाया के कारण होता है, इससे उसका आकार और देखने का क्षेत्र प्रभावित होता है। चंद्रमा की छोटी छाया पूर्ण सूर्य ग्रहण को सीमित क्षेत्र तक ही सीमित रखती है।

 

Question 12. व्याख्या कीजिए कि यदि पृथ्वी का घूर्णन अक्ष इसके परिक्रमण तल के सापेक्ष झुका हुआ ना होता तो ऋतुओं पर इसका क्या प्रभाव होता?
Answer: अगर पृथ्वी का घूर्णन अक्ष झुका हुआ न होता, तो सूर्य की किरणें पूरे साल पृथ्वी के हर भाग पर लगभग एक जैसी पड़तीं। इस कारण पृथ्वी पर ऋतुओं का कोई चक्र नहीं होता और पूरे साल लगभग एक जैसी ऋतुएँ बनी रहतीं। पृथ्वी का झुकाव ही विभिन्न मौसमों के लिए जिम्मेदार है।
In simple words: अगर धरती सीधी होती, तो सूरज की किरणें हमेशा हर जगह एक बराबर पड़तीं। इससे कोई मौसम नहीं बदलता और पूरे साल एक ही मौसम रहता।

🎯 Exam Tip: पृथ्वी का 23.5 डिग्री का अक्षीय झुकाव ही विभिन्न अक्षांशों पर सूर्य की किरणों के कोण को बदलता है, जिससे हमें विभिन्न ऋतुएँ मिलती हैं।

 

(पृष्ठ 172)

 

Question 1. पृथ्वी के घूर्णन के कारण पृथ्वी पर दिन और रात कैसे होते हैं?
Answer: पृथ्वी अपने अक्ष पर पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है। इसी घूर्णन के कारण दिन-रात का चक्र चलता है। जब पृथ्वी का जो भाग सूर्य के सामने आता है, वहाँ दिन होता है। वहीं, पृथ्वी का दूसरा भाग जो सूर्य से दूर होता है और अंधेरे में रहता है, वहाँ रात होती है। यह प्रक्रिया लगातार चलती रहती है।
In simple words: धरती अपने चारों ओर घूमती है। जो हिस्सा सूरज के सामने होता है, वहाँ दिन होता है, और जो हिस्सा सूरज से दूर होता है, वहाँ रात होती है।

🎯 Exam Tip: दिन और रात का चक्र पृथ्वी के घूर्णन की सीधी वजह से होता है, जिससे ग्रह के हर हिस्से को बारी-बारी से सूर्य का प्रकाश मिलता है।

 

(पृष्ठ 174)

 

Question 2. क्योंकि पृथ्वी घूम रही है तो क्या सूर्य की भाँति सितारे भी आकाश में घूमते हुए प्रतीत नहीं होने चाहिए।
Answer: हाँ, बिल्कुल! क्योंकि पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की ओर घूर्णन कर रही है, इसलिए तारे भी सूर्य की तरह आकाश में घूमते हुए दिखाई देते हैं। यह हमें केवल इसलिए महसूस होता है क्योंकि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूम रही है। ब्रह्मांड में सभी चीजें एक दूसरे के सापेक्ष गति में हैं।
In simple words: हाँ, तारे भी घूमते हुए लगते हैं, ठीक वैसे ही जैसे सूरज। यह बस इसलिए है क्योंकि धरती अपनी जगह पर घूम रही है।

🎯 Exam Tip: यह आभासी गति पृथ्वी के घूर्णन के कारण होती है, न कि तारों की अपनी वास्तविक गति के कारण।

 

(पृष्ठ 175)

(पृष्ठ 177)

 

Question 4. प्रत्येक वर्ष में ऋतुएँ एक निश्चित चक्रीय क्रम में आती हैं। क्या यह किसी तरह सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की परिक्रमा करने से संबंधित है?
Answer: हाँ, यह पूरी तरह से पृथ्वी के सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करने से संबंधित है। इसके साथ ही, पृथ्वी का घूर्णन अक्ष अपनी कक्षा के सापेक्ष सीधा नहीं बल्कि झुका हुआ है। पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमते समय अपने इस झुकाव को बनाए रखती है। इसी अक्षीय झुकाव और पृथ्वी के गोलाकार होने के कारण हमें साल भर में अलग-अलग ऋतुएँ देखने को मिलती हैं।
In simple words: हाँ, ऋतुएँ इसलिए बदलती हैं क्योंकि धरती सूरज के चारों ओर घूमती है और उसका घूमने वाला डंडा थोड़ा झुका हुआ है।

🎯 Exam Tip: ऋतु परिवर्तन का मुख्य कारण पृथ्वी का अक्षीय झुकाव और सूर्य के चारों ओर उसकी परिक्रमा है, घूर्णन नहीं।

 

(पृष्ठ 179)

 

Question 5. क्या पृथ्वी और सूर्य के बीच परिक्रमा करने वाले दो ग्रहों द्वारा सूर्य से आने वाला प्रकाश अवरुद्ध किया जा सकता है?
Answer: पृथ्वी और सूर्य के बीच परिक्रमा करने वाले ग्रह, जैसे बुध और शुक्र, सूर्य के प्रकाश को पूरी तरह से अवरुद्ध नहीं कर सकते। हालाँकि, चंद्रमा ऐसा कर सकता है। जब चंद्रमा सूर्य के प्रकाश को पूरी तरह अवरुद्ध कर देता है, तो इस स्थिति को सूर्य ग्रहण कहते हैं। बुध और शुक्र आकार में चंद्रमा से बड़े होने के बावजूद, वे पृथ्वी से बहुत दूर हैं, इसलिए उनकी छाया पृथ्वी पर नहीं पड़ती।
In simple words: बुध और शुक्र सूरज की रोशनी को नहीं रोक सकते। लेकिन चाँद ऐसा कर सकता है। जब चाँद सूरज की रोशनी को रोकता है, तो उसे सूर्य ग्रहण कहते हैं। बुध और शुक्र दूर होने के कारण ऐसा नहीं कर पाते।

🎯 Exam Tip: किसी ग्रह या उपग्रह द्वारा प्रकाश को अवरुद्ध करने की क्षमता उसके सापेक्ष आकार और दूरी पर निर्भर करती है, न कि केवल उसके वास्तविक आकार पर।

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Science Class 7 Curriculum Solutions: Chapter 12 पृथ्वी, चंद्रमा एवं सूर्य

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