Official RBSE Solutions for Class 7 Science: Chapter 10 पादपों में जैव प्रक्रम
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Chapter-wise Solutions for Science: Chapter 10 पादपों में जैव प्रक्रम
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आइए, और अधिक सीखें
Question 1. निम्नलिखित तालिका को पूरा कीजिए
Answer:
| विशेषता | प्रकाश संश्लेषण | श्वसन |
|---|---|---|
| 1. कच्चा माल | कार्बन डाइऑक्साइड, जल, सूर्य का प्रकाश, क्लोरोफिल | ग्लूकोस, ऑक्सीजन |
| 2. उत्पाद | ग्लूकोस, ऑक्सीजन | कार्बन डाइऑक्साइड, जल, ऊर्जा |
| 3. शब्द समीकरण | कार्बन डाइऑक्साइड \( + \) जल \( \rightarrow \) ग्लूकोस \( + \) ऑक्सीजन | ग्लूकोस \( + \) ऑक्सीजन \( \rightarrow \) कार्बन डाइऑक्साइड \( + \) जल \( + \) ऊर्जा |
| 4. महत्त्व | भोजन व ऑक्सीजन उत्पन्न करना | ऊर्जा प्राप्त करना |
In simple words: प्रकाश संश्लेषण पौधों द्वारा भोजन बनाने की प्रक्रिया है, जिसमें उन्हें कार्बन डाइऑक्साइड, पानी और सूर्य का प्रकाश चाहिए होता है। श्वसन वह प्रक्रिया है जिससे जीव ऊर्जा प्राप्त करते हैं, इसमें ग्लूकोस और ऑक्सीजन का उपयोग होता है। ये दोनों प्रक्रियाएँ एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं।
🎯 Exam Tip: प्रकाश संश्लेषण और श्वसन के कच्चे माल, उत्पाद और समीकरणों को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये प्रकृति के दो सबसे बुनियादी जैविक चक्र हैं।
Question 2. ऐसी परिस्थिति की कल्पना कीजिए जहाँ पृथ्वी पर प्रकाश संश्लेषण करने वाले सभी जीव विलुप्त हो गए हैं। सजीवों पर इसका क्या प्रभाव होगा?
Answer: यदि पृथ्वी पर प्रकाश संश्लेषण करने वाले सभी जीव, जैसे कि पौधे और शैवाल, खत्म हो जाएँ, तो ऑक्सीजन का बनना बंद हो जाएगा। इससे हवा में ऑक्सीजन की बहुत कमी हो जाएगी। भोजन श्रृंखला भी टूट जाएगी क्योंकि पौधे भोजन के मुख्य स्रोत हैं। जानवर भोजन के बिना जीवित नहीं रह पाएँगे। वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बहुत बढ़ जाएगी, जिससे पृथ्वी का तापमान बढ़ेगा और ग्लोबल वार्मिंग बढ़ जाएगी, जो जीवन के लिए हानिकारक होगा।
In simple words: अगर पौधे और शैवाल जैसे प्रकाश संश्लेषण करने वाले जीव खत्म हो जाएँ, तो ऑक्सीजन कम हो जाएगी और भोजन भी नहीं मिलेगा। इससे सभी सजीवों का जीवन खतरे में पड़ जाएगा।
🎯 Exam Tip: यह समझना महत्वपूर्ण है कि प्रकाश संश्लेषण ऑक्सीजन और भोजन दोनों का उत्पादन करके पृथ्वी पर जीवन को कैसे बनाए रखता है।
Question 3. आलू का एक टुकड़ा आयोडीन विलयन से परीक्षण करने पर मंड (स्टार्च) की उपस्थिति दर्शाता है। आलू में मंड कहाँ से आता है? पौधे में भोजन का संश्लेषण कहाँ होता है और यह आलू तक कैसे पहुँचता है?
Answer: आलू में मंड (स्टार्च) पत्तियों में होने वाले प्रकाश संश्लेषण से आता है। पौधे की पत्तियाँ सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा का उपयोग करके अपना भोजन बनाती हैं, जो ग्लूकोस के रूप में होता है। यह ग्लूकोस बाद में मंड के रूप में जमा हो जाता है। यह मंड फिर पौधे के तने और जड़ों के माध्यम से आलू के कंद तक पहुँचता है, जहाँ यह ऊर्जा के स्रोत के रूप में जमा होता है।
In simple words: आलू में स्टार्च पत्तियों से आता है। पत्तियों में भोजन (स्टार्च) बनता है और फिर पौधे के अंदर से आलू तक पहुँचकर जमा हो जाता है।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि पौधे पत्तियों में प्रकाश संश्लेषण द्वारा भोजन बनाते हैं, जिसे वे बाद में स्टार्च के रूप में विभिन्न भंडारण अंगों, जैसे आलू, में जमा करते हैं।
Question 5. X, Y के उपयोग द्वारा विघटित होकर कार्बन डाइऑक्साइड Z और ऊर्जा निर्मुक्त करती है। X \( + \) Y कार्बन डाइऑक्साइड \( + \) Z \( + \) ऊर्जा X, Y और Z प्रक्रिया के तीन भिन्न घटक हैं। X, Y और Z किन्हें प्रदर्शित करते हैं?
Answer: यहाँ, यह प्रक्रिया श्वसन को दर्शाती है। श्वसन में ग्लूकोस और ऑक्सीजन का उपयोग होता है, जिससे कार्बन डाइऑक्साइड, जल और ऊर्जा उत्पन्न होती है।
X - ग्लूकोस
Y - ऑक्सीजन
Z - जल
In simple words: X ग्लूकोस है, Y ऑक्सीजन है, और Z जल है। ये सब मिलकर श्वसन की प्रक्रिया को दर्शाते हैं।
🎯 Exam Tip: श्वसन प्रक्रिया के मुख्य घटकों (ग्लूकोस, ऑक्सीजन) और उत्पादों (कार्बन डाइऑक्साइड, जल, ऊर्जा) को पहचानना सीखें।
Question 6. कृष्णा ने दो गमलों में लगे समान आमाप के पौधों से एक प्रयोग का व्यवस्थापन किया। उसने उनमें से एक गमले को सूर्य के प्रकाश में रखा और दूसरे को एक अंधेरे कमरे में रखा (चित्र 10.10)। निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
(i) इस प्रयोग के द्वारा वह किसकी जाँच कर रही है?
(ii) दोनों स्थितियों में पौधों में क्या अंतर दिखाई दे रहे हैं?
(iii) आपके अनुसार किस पौधे की पत्तियाँ मंड की उपस्थिति के लिए आयोडीन परीक्षण की पुष्टि करेंगी?
Answer:
(i) कृष्णा इस प्रयोग के माध्यम से यह जाँच कर रही है कि प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया के लिए सूर्य के प्रकाश की कितनी आवश्यकता होती है। यह एक नियंत्रित प्रयोग है।
(ii) सूर्य के प्रकाश में रखे गए पौधे की वृद्धि अच्छी होगी और उसकी पत्तियाँ हरी रहेंगी। वहीं, अंधेरे कमरे में रखे गए पौधे की पत्तियाँ पीली पड़ सकती हैं और उसकी वृद्धि बहुत कम या रुक जाएगी।
(iii) सूर्य के प्रकाश में रखा गया पौधा ही मंड (स्टार्च) की उपस्थिति के लिए आयोडीन परीक्षण में सकारात्मक परिणाम देगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि प्रकाश संश्लेषण केवल सूर्य के प्रकाश में ही होता है।
In simple words: कृष्णा यह जानना चाहती है कि पौधों को खाना बनाने के लिए सूरज की रोशनी ज़रूरी है या नहीं। जो पौधा सूरज में होगा, वह हरा और बड़ा होगा, जबकि अँधेरे वाला पीला पड़ जाएगा। सूरज वाले पौधे में ही स्टार्च मिलेगा।
🎯 Exam Tip: यह समझने के लिए कि एक कारक (जैसे सूर्य का प्रकाश) का पौधों पर क्या प्रभाव पड़ता है, नियंत्रित प्रयोगों को कैसे डिज़ाइन किया जाता है, इसका अभ्यास करें।
Question. एक प्रयोग में चार अलग-अलग व्यवस्थापन (क, ख, ग, घ) दिखाए गए हैं। प्रत्येक व्यवस्थापन की स्थिति नीचे दी गई है। इन व्यवस्थापनों को देखकर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
(क) सूर्य का प्रकाश और कार्बन डाइऑक्साइड उपस्थित
(ख) सूर्य का प्रकाश और कार्बन डाइऑक्साइड अनुपस्थित
(ग) अंधकार और कार्बन डाइऑक्साइड उपस्थित
(घ) अंधकार और कार्बन डाइऑक्साइड अनुपस्थित
(i) उपर्युक्त व्यवस्थापनों के किन पौधों में मंड बनेगा ?
(ii) उपर्युक्त व्यवस्थापनों के किन पौधों में मंड नहीं बनेगा?
(iii) उपर्युक्त व्यवस्थापनों के किन पौधों में ऑक्सीजन उत्पन्न होगी?
(iv) उपर्युक्त व्यवस्थापनों के किस पौधे में ऑक्सीजन उत्पन्न नहीं होगी?
Answer:
(i) मंड बनेगा – (क) सूर्य का प्रकाश और कार्बन डाइऑक्साइड दोनों उपस्थित होने पर ही पौधा मंड बनाएगा।
(ii) मंड नहीं बनेगा – (ख), (ग), (घ) इन तीनों स्थितियों में प्रकाश संश्लेषण के लिए कोई न कोई आवश्यक शर्त मौजूद नहीं है।
(iii) ऑक्सीजन उत्पन्न होगी – (क) क्योंकि ऑक्सीजन प्रकाश संश्लेषण का एक उत्पाद है, जो केवल तभी होता है जब दोनों आवश्यक शर्तें पूरी हों।
(iv) ऑक्सीजन उत्पन्न नहीं होगी – (ख), (ग), (घ) इन स्थितियों में या तो सूर्य का प्रकाश या कार्बन डाइऑक्साइड अनुपस्थित है, इसलिए प्रकाश संश्लेषण नहीं होगा।
In simple words: पौधा तभी खाना बनाएगा और ऑक्सीजन देगा जब उसे सूरज की रोशनी और कार्बन डाइऑक्साइड दोनों मिलें। अगर इनमें से कुछ भी नहीं है, तो पौधा खाना नहीं बनाएगा।
🎯 Exam Tip: प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक सभी शर्तों (सूर्य का प्रकाश, कार्बन डाइऑक्साइड, जल, क्लोरोफिल) को याद रखें और समझें कि इनमें से किसी एक की भी अनुपस्थिति प्रक्रिया को रोक सकती है।
Question 8. अनन्या ने चार परखनलियाँ लीं और प्रत्येक को पानी से तीन चौथाई भर लिया। उसने उन्हें क, ख, ग, घ नामांकित किया (चित्र 10.12)। परखनली 'क' में उसने एक घोंघे को रखा, परखनली 'ख' में उसने एक जलीय पौधे को रखा, परखनली 'ग' में घोंघे और पौधे दोनों को रखा, और परखनली 'घ' में केवल जल रखा। अनन्या ने सभी परखनलियों में कार्बन डाइऑक्साइड सूचक डाला। उसने जल के आरंभिक रंग को अभिलेखित किया और 2-3 घंटे बाद पुनः देखा कि क्या परखनलियों के रंग में कोई परिवर्तन हुआ है? आपके विचार से वह क्या पता करना चाहती है? उसे कैसे पता लगेगा कि वह सही है?
Answer: अनन्या इस प्रयोग से यह पता करना चाहती है कि श्वसन की प्रक्रिया के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड गैस निकलती है। यदि परखनली में रंग बैंगनी से पीला हो जाता है, तो इसका मतलब है कि कार्बन डाइऑक्साइड गैस वहाँ मौजूद है। परखनली 'क' (जिसमें घोंघा है) और 'ग' (जिसमें घोंघा और पौधा दोनों हैं) में रंग परिवर्तन होगा, क्योंकि दोनों में घोंघा श्वसन कर रहा है और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ रहा है।
In simple words: अनन्या देखना चाहती है कि साँस लेने से कार्बन डाइऑक्साइड बनती है। अगर पानी का रंग बदल जाए (बैंगनी से पीला हो जाए), तो मतलब है कि कार्बन डाइऑक्साइड वहाँ मौजूद है।
🎯 Exam Tip: विभिन्न जीवों द्वारा छोड़ी जाने वाली गैसों की पहचान करने के लिए संकेतकों का उपयोग कैसे किया जाता है, इसे जानें, खासकर श्वसन के संदर्भ में।
Question 9. पौधों में जल परिवहन गर्म स्थिति में अधिक तीव्र गति से होता है या ठंडी स्थिति में? इसके अवलोकन के लिए एक प्रयोग अभिकल्पित कीजिए।
Answer: पौधों में जल परिवहन गर्म स्थिति में अधिक तेजी से होता है, क्योंकि गर्म तापमान में वाष्पोत्सर्जन की दर बढ़ जाती है। वाष्पोत्सर्जन पत्तियों से जलवाष्प के रूप में पानी का बाहर निकलना है, और यह पानी के ऊपर की ओर बढ़ने में मदद करता है।
प्रयोग के लिए, आप दो एक जैसे पौधों के तनों को रंगीन जल में रख सकते हैं। एक पौधे को गर्म कमरे में रखें और दूसरे को ठंडे कमरे में। कुछ समय बाद आप देखेंगे कि गर्म कमरे वाले पौधे में रंगीन जल तेजी से ऊपर की ओर चढ़ता है।
In simple words: पौधों में पानी तेज़ी से ऊपर जाता है जब गर्मी होती है, क्योंकि पत्तियों से पानी भाप बनकर ज़्यादा तेज़ी से उड़ता है। इसे देखने के लिए, आप दो पौधों को रंगीन पानी में रख सकते हैं, एक को गर्म जगह पर और एक को ठंडी जगह पर।
🎯 Exam Tip: वाष्पोत्सर्जन एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जो पौधों में जल के ऊपर की ओर गति को नियंत्रित करती है, और तापमान इसका एक प्रमुख कारक है।
Question 10. प्रकाश संश्लेषण और श्वसन प्रकृति में संतुलन बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। चर्चा कीजिए।
Answer: प्रकाश संश्लेषण और श्वसन दोनों प्रक्रियाएँ प्रकृति में गैसों का संतुलन बनाए रखने के लिए बहुत ज़रूरी हैं। प्रकाश संश्लेषण में पौधे कार्बन डाइऑक्साइड \( (CO_2) \) लेते हैं और ऑक्सीजन \( (O_2) \) छोड़ते हैं। वहीं, श्वसन में जीव ऑक्सीजन \( (O_2) \) लेते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड \( (CO_2) \) छोड़ते हैं। ये दोनों प्रक्रियाएँ मिलकर वायुमंडल में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर को संतुलित रखती हैं, जो सभी सजीवों के जीवन के लिए आवश्यक है। यह संतुलन एक प्राकृतिक चक्र बनाता है।
In simple words: प्रकाश संश्लेषण और श्वसन दोनों मिलकर हवा में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का संतुलन बनाए रखते हैं। यह संतुलन सभी जीवों के लिए बहुत ज़रूरी है।
🎯 Exam Tip: प्रकाश संश्लेषण द्वारा \( O_2 \) का उत्पादन और श्वसन द्वारा \( CO_2 \) का उत्पादन किस प्रकार एक-दूसरे को संतुलित करता है, इसे समझें। यह गैसीय विनिमय जीवन के लिए महत्वपूर्ण है।
(पृष्ठ 141)
Question 1. सूर्य का प्रकाश पौधों में मंड के उत्पादन में किस प्रकार योगदान देता है?
Answer: सूर्य का प्रकाश पौधों में मंड (स्टार्च) के उत्पादन के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में, पौधे सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा का उपयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड और जल को ग्लूकोस में बदलते हैं, जो बाद में मंड के रूप में जमा हो जाता है। सूरज की रोशनी के बिना, यह प्रक्रिया संभव नहीं है, और पौधा भोजन नहीं बना पाएगा।
In simple words: सूरज की रोशनी पौधों को खाना बनाने (प्रकाश संश्लेषण) की शक्ति देती है। इसी शक्ति से पौधे कार्बन डाइऑक्साइड और पानी को स्टार्च में बदल पाते हैं।
🎯 Exam Tip: प्रकाश संश्लेषण के लिए सूर्य के प्रकाश की भूमिका को एक ऊर्जा स्रोत के रूप में स्पष्ट रूप से पहचानें जो रासायनिक प्रतिक्रियाओं को शक्ति प्रदान करता है।
(पृष्ठ 143)
Question 2. पौधों द्वारा भोजन निर्माण की प्रक्रिया के अंतर्गत वायु में उपस्थित कौन-सी गैस अनिवार्य है?
Answer: पौधों द्वारा भोजन निर्माण की प्रक्रिया, जिसे प्रकाश संश्लेषण कहते हैं, के लिए वायु में उपस्थित कार्बन डाइऑक्साइड \( (CO_2) \) गैस अनिवार्य है। पौधे इस गैस को अपनी पत्तियों में छोटे छिद्रों (स्टोमेटा) के माध्यम से ग्रहण करते हैं।
In simple words: पौधे खाना बनाने के लिए हवा में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड गैस का इस्तेमाल करते हैं।
🎯 Exam Tip: प्रकाश संश्लेषण के लिए कार्बन डाइऑक्साइड को एक महत्वपूर्ण कच्चे माल के रूप में याद रखें, जो ग्लूकोस अणु का कार्बन स्रोत है।
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