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Detailed Chapter 7 ताप एवं उसका मापन RBSE Solutions for Class 6 Science
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Class 6 Science Chapter 7 ताप एवं उसका मापन RBSE Solutions PDF
Question 1. क्या किसी व्यक्ति को केवल स्पर्श करके यह एकदम सही आँका जा सकता है कि उसे ज्वर है?
Answer: नहीं, हम सिर्फ छूकर यह ठीक से पता नहीं लगा सकते कि किसी व्यक्ति को बुखार है या नहीं. कोई चीज़ गरम है या ठंडी, यह जानने के लिए हम हमेशा अपनी त्वचा पर पूरी तरह भरोसा नहीं कर सकते हैं, क्योंकि हमारी स्पर्श इंद्रिय हर बार सही जानकारी नहीं देती है.
In simple words: नहीं, सिर्फ छूने से यह पक्का नहीं पता चलता कि किसी को बुखार है, क्योंकि हमारी त्वचा हमेशा तापमान को सही नहीं बताती.
🎯 Exam Tip: यह याद रखें कि हमारी स्पर्श इंद्रियां तापमान की पहचान में सटीक नहीं होतीं; वे केवल सापेक्ष गर्माहट या ठंडक बता सकती हैं.
Question 2. 37°C के समान ताप है-
(क) 97.4 °F
(ख) 97.6 °F
(ग) 98.4 °F
(घ) 98.6 °F
Answer: (घ) 98.6 °F
In simple words: 37°C तापमान 98.6°F के बराबर होता है, जो मानव शरीर का सामान्य तापमान है.
🎯 Exam Tip: सेल्सियस को फारेनहाइट में बदलने के लिए सूत्र \( \text{F} = (\text{C} \times \frac{9}{5}) + 32 \) का उपयोग करें.
Question 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
(क) किसी निकाय की गरमाहट अथवा ठंडापन उसके __________ से निर्धारित की जाती है।
(ख) हिमशीत जल का ताप __________ तापमापी द्वारा नहीं मापा जा सकता है।
(ग) ताप का मात्रक डिग्री __________ है।
Answer:
(क) तापमान
(ख) ज्वरमापी / डॉक्टरी
(ग) सेल्सियस
यहाँ दिए गए खाली स्थानों में सही शब्द भरने से वाक्य पूरे हो जाते हैं और हमें तापमान से जुड़ी मुख्य बातें सीखने को मिलती हैं.
In simple words: किसी चीज़ की गर्मी या ठंडक उसके तापमान से पता चलती है. डॉक्टरी थर्मामीटर से बहुत ठंडे पानी का तापमान नहीं माप सकते, और तापमान को डिग्री सेल्सियस में बताते हैं.
🎯 Exam Tip: 'तापमान' बताता है कि कोई चीज़ कितनी गरम या ठंडी है, 'ज्वरमापी' सिर्फ शरीर का तापमान नापता है, और 'सेल्सियस' तापमान मापने की एक इकाई है.
Question 4. प्रायः प्रयोगशाला तापमापी की मापन सीमा होती है-
(क) 10°C से 100°C
(ख) 10°C से 110°C
(ग) 32°C से 45°C
(घ) 35°C से 42°C
Answer: (ख) 10°C से 110°C
In simple words: प्रयोगशाला थर्मामीटर आमतौर पर -10°C से 110°C तक के तापमान को माप सकता है, जिसका मतलब है कि यह बहुत ठंडे से लेकर काफी गरम चीज़ों तक का तापमान बता सकता है.
🎯 Exam Tip: प्रयोगशाला तापमापी की सीमा डॉक्टरी तापमापी से काफी व्यापक होती है क्योंकि इसे विभिन्न पदार्थों के तापमान मापने के लिए बनाया जाता है.
Question 5. किस विद्यार्थी ने ताप मापन के लिए सही प्रक्रिया अपनाई?
(क) विद्यार्थी 1
(ख) विद्यार्थी 2
(ग) विद्यार्थी 3
(घ) विद्यार्थी 4
Answer: (ख) विद्यार्थी 2
In simple words: विद्यार्थी 2 ने तापमान मापने का सही तरीका अपनाया, जिसमें थर्मामीटर को सीधा रखा गया था और आँखों को द्रव के स्तर के ठीक सामने रखा गया था.
🎯 Exam Tip: तापमापी को हमेशा सीधा पकड़ना चाहिए और आँखों को पारे (या अन्य द्रव) के स्तर के बराबर रखना चाहिए ताकि रीडिंग सही आए.
Question 6. नीचे दिए गए तापमानों को तापमापियों (चित्र) के आरेखों पर स्तंभों में लाल रंग भरकर दर्शाइए।
Answer: इस प्रश्न में चित्र में दिखाए गए तापमापियों पर दिए गए तापमान (14°C, 17°C, 7.5°C) के अनुसार लाल रंग भरकर दर्शाना है. इसका मतलब है कि, पहले तापमापी में 14°C तक, दूसरे में 17°C तक और तीसरे में 7.5°C तक लाल रंग भरना होगा. इस तरह से हमें यह पता चलता है कि थर्मामीटर कैसे काम करता है और तापमान को कैसे पढ़ा जाता है.
In simple words: दिए गए थर्मामीटरों में, हर तापमान (14°C, 17°C, 7.5°C) तक लाल रंग भरें. यह दर्शाता है कि उस तापमान पर द्रव का स्तर कहाँ तक पहुँचेगा.
🎯 Exam Tip: जब आप थर्मामीटर पर रंग भरते हैं, तो सुनिश्चित करें कि रंग सही संख्या तक ही भरा हो और वह रीडिंग लेने के लिए सही स्थिति में हो.
Question 7. नीचे दर्शाए गए तापमापी के भाग का अवलोकन कीजिए और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(क) यह किस प्रकार का तापमापी है?
(ख) तापमापी का पाठ्यांक क्या है?
(ग) इस तापमापी द्वारा मापा जा सकने वाला न्यूनतम मान क्या है?
Answer:
(क) प्रयोगशाला तापमापी
(ख) 26°C
(ग) 1°C
दिए गए चित्र में प्रयोगशाला तापमापी को दिखाया गया है, जिसका उपयोग अक्सर प्रयोगशालाओं में विभिन्न रासायनिक पदार्थों के तापमान को मापने के लिए किया जाता है. इस तापमापी का न्यूनतम माप 1°C है, जिससे यह छोटी-छोटी रीडिंग भी सटीकता से माप सकता है.
In simple words: यह एक प्रयोगशाला थर्मामीटर है. यह 26°C तापमान दिखा रहा है. यह कम से कम 1°C माप सकता है.
🎯 Exam Tip: प्रयोगशाला तापमापी का उपयोग करते समय, सही पाठ्यांक के लिए अपनी आँख को द्रव के स्तर के बराबर रखना महत्वपूर्ण है.
Question 8. प्रयोगशाला तापमापी हमारे शरीर के ताप को मापने के लिए उपयोग में क्यों नहीं लाया जाता है? इसका एक कारण दीजिए।
Answer: प्रयोगशाला तापमापी का उपयोग हमारे शरीर के तापमान को मापने के लिए नहीं किया जाता है. इसका एक मुख्य कारण यह है कि इसकी तापमान सीमा -10°C से 110°C तक होती है, जो हमारे शरीर के तापमान की सामान्य सीमा (लगभग 35°C से 42°C) से बहुत अलग है. इस बड़ी सीमा के कारण यह शरीर का सटीक तापमान नहीं माप पाता, जबकि डॉक्टरी थर्मामीटर शरीर के तापमान के लिए सही सीमा में होता है.
In simple words: प्रयोगशाला थर्मामीटर शरीर का तापमान नहीं माप सकता, क्योंकि इसकी मापने की सीमा शरीर के तापमान से बहुत ज़्यादा होती है.
🎯 Exam Tip: प्रयोगशाला तापमापी की व्यापक सीमा इसे रासायनिक प्रतिक्रियाओं और अन्य औद्योगिक उपयोगों के लिए आदर्श बनाती है, लेकिन मानव शरीर के लिए डॉक्टरी तापमापी ही उपयुक्त है.
Question 9. (क) वैष्णवी का अंकित किया गया अधिकतम ताप क्या था?
(ख) किस दिन और किस समय पर वैष्णवी का अधिकतम ताप अंकित किया गया था?
(ग) किस दिन वैष्णवी का ताप सामान्य हो गया?
Answer:
(क) 40.0°C
(ख) पहले दिन, सायं 7 बजे
(ग) तीसरे दिन
तालिका में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, वैष्णवी का अधिकतम तापमान 40.0°C था, जो पहले दिन शाम 7 बजे दर्ज किया गया था, और उसका तापमान तीसरे दिन सामान्य हो गया. यह दर्शाता है कि बुखार का ग्राफ कैसे देखा जाता है और कब शरीर का तापमान सामान्य सीमा में आता है.
In simple words: वैष्णवी का सबसे ज़्यादा बुखार 40.0°C था, जो पहले दिन शाम 7 बजे था. तीसरे दिन उसका तापमान सामान्य हो गया.
🎯 Exam Tip: तालिका-आधारित प्रश्नों में, सटीक उत्तर के लिए हमेशा पंक्तियों और स्तंभों को ध्यान से पढ़ें.
Question 10. यदि आपको 22.5°C ताप मापना है तो नीचे दर्शाए गए तापमापियों में से कौन-सा तापमापी उपयोग में लाएँगे? व्याख्या कीजिए।
Answer: यदि हमें 22.5°C तापमान मापना है, तो हमें ऐसा तापमापी चुनना चाहिए जिसका सबसे छोटा भाग 0.5°C तापमान मापने में सक्षम हो. दिए गए तापमापियों में से, हम तापमापी (ख) का उपयोग करेंगे, क्योंकि इसका सबसे छोटा भाग 0.5°C है और यह 22.5°C जैसी छोटी दशमलव वाली रीडिंग को भी सटीकता से माप सकता है. यह दर्शाता है कि सही उपकरण का चुनाव कैसे किया जाता है.
In simple words: 22.5°C तापमान मापने के लिए, हम उस थर्मामीटर का उपयोग करेंगे जो 0.5°C तक की छोटी रीडिंग भी माप सकता है, जैसे कि तापमापी (ख).
🎯 Exam Tip: सही थर्मामीटर चुनते समय, उसकी न्यूनतम माप (लीस्ट काउंट) पर ध्यान दें ताकि आप आवश्यक सटीकता के साथ तापमान माप सकें.
Question 11. चित्र में दिखाए गए तापमापी में दर्शाया गया ताप है-
(क) 28.0°C
(ख) 27.5°C
(ग) 26.5°C
(घ) 25.3°C
Answer: (ख) 27.5°C
In simple words: दिखाए गए थर्मामीटर में पारा 27.5°C के निशान पर रुका है, इसलिए यही उस समय का तापमान है.
🎯 Exam Tip: तापमान मापते समय, हमेशा थर्मामीटर को आँखों के स्तर पर रखें ताकि रीडिंग में कोई गलती न हो, खासकर जब छोटे निशान वाले थर्मामीटर हों.
Question 13. किसी तापमापी का स्केल बनाइए जिसमें न्यूनतम भाग 0.5°C ताप मापता है। आप केवल 10°C और 20°C के बीच के भाग को दर्शा सकते हैं।
Answer: 10°C और 20°C के बीच 0.5°C के न्यूनतम भाग वाला एक तापमापी स्केल बनाने के लिए, आपको 10°C और 20°C के हर पूर्णांक (जैसे 11°C, 12°C) के बीच एक मध्य बिंदु (जैसे 11.5°C) दर्शाना होगा. यह स्केल दर्शाता है कि आप छोटी से छोटी तापमान भिन्नताओं को भी सटीकता से कैसे माप सकते हैं. स्केल को बराबर भागों में बांटने से सही माप लेना आसान हो जाता है.
In simple words: 10°C से 20°C के बीच एक स्केल बनाएँ, जिसमें हर डिग्री के बीच में एक आधा डिग्री (0.5°C) का निशान हो. इससे आप दशमलव में भी तापमान माप सकते हैं.
🎯 Exam Tip: स्केल बनाते समय, सभी निशान बराबर दूरी पर होने चाहिए ताकि माप सटीक हो और कोई गलती न हो. यह सटीकता वैज्ञानिक मापन में बहुत महत्वपूर्ण होती है.
Question 14. कोई आपको बताता है कि उसे 101 डिग्री ज्वर है। क्या उसका तात्पर्य सेल्सियस स्केल से है अथवा फारेनहाइट स्केल से है?
Answer: यदि कोई व्यक्ति कहता है कि उसे 101 डिग्री ज्वर है, तो इसका मतलब फारेनहाइट स्केल पर है. ऐसा इसलिए है क्योंकि सेल्सियस स्केल पर 101°C का तापमान बहुत ज़्यादा होगा, जो जीवन के लिए खतरा होता है, जबकि 101°F एक सामान्य बुखार का संकेत देता है. इस तरह, यह समझना महत्वपूर्ण है कि बुखार का तापमान किस स्केल पर बताया जा रहा है.
In simple words: 101 डिग्री बुखार का मतलब फारेनहाइट स्केल पर है, क्योंकि सेल्सियस स्केल पर यह तापमान बहुत ही ज़्यादा होगा और जानलेवा हो सकता है.
🎯 Exam Tip: मानव शरीर का सामान्य तापमान 98.6°F (या 37°C) होता है. 100°F से ऊपर का तापमान बुखार माना जाता है, जो फारेनहाइट स्केल पर ही बताया जाता है.
Question. RBSE Class 6 Science Chapter 1 Important Questions in Hindi
Question. बहुचयनात्मक प्रश्न
Question 1. ताप का SI मात्रक है-
(अ) सेल्सियस
(ब) फारेनहाइट
(स) केल्विन
(द) उपर्युक्त सभी
Answer: (स) केल्विन
In simple words: तापमान को मापने की अंतरराष्ट्रीय मानक इकाई केल्विन है.
🎯 Exam Tip: तापमान के SI मात्रक केल्विन को \( \text{K} \) से दर्शाया जाता है, और इसे डिग्री (\( ^\circ \)) के चिह्न के बिना लिखा जाता है.
Question 2. तापमापी में प्रयुक्त किया जाता है-
(अ) लेड
(ब) मर्करी
(स) सिल्वर
(द) कॉपर
Answer: (ब) मर्करी
In simple words: थर्मामीटर में आमतौर पर मर्करी (पारा) का उपयोग किया जाता है क्योंकि यह तापमान के साथ फैलता और सिकुड़ता है, जिससे तापमान को मापना आसान हो जाता है.
🎯 Exam Tip: मर्करी एक चमकदार, चांदी के रंग का द्रव है जो गर्मी का अच्छा संवाहक होता है और कम तापमान पर भी द्रव अवस्था में रहता है, इसलिए यह तापमापी के लिए आदर्श है.
Question 3. तापमापी का एक प्रकार है-
(ब) मर्करी थर्मामीटर
(स) कक्ष – तापमापी
(द) अवरक्त तापमापी
Answer: (द) अवरक्त तापमापी
In simple words: अवरक्त तापमापी एक प्रकार का थर्मामीटर है जो बिना छुए तापमान को माप सकता है.
🎯 Exam Tip: अवरक्त तापमापी अक्सर दूर से या उन वस्तुओं का तापमान मापने के लिए उपयोग किया जाता है जिन्हें छूना मुश्किल या असुरक्षित हो.
Question 4. किसी व्यक्ति के शरीर का तापमान किस कारक पर निर्भर करता है-
(अ) उम्र
(ब) दिन का समय
(स) गतिविधि का स्तर
(द) उपर्युक्त सभी
Answer: (द) उपर्युक्त सभी
In simple words: व्यक्ति के शरीर का तापमान उसकी उम्र, दिन के समय और उसने कितनी शारीरिक गतिविधि की है, इन सभी बातों पर निर्भर करता है.
🎯 Exam Tip: शरीर का तापमान हमेशा स्थिर नहीं रहता है; यह शारीरिक प्रक्रियाओं और बाहरी कारकों के आधार पर पूरे दिन बदलता रहता है.
Question 5. मानव शरीर की सामान्यतः ताप-परास होती है-
(अ) 35°C 42°C
(ब) 32°C-42°C
(स) 35°C
(द) 36°C 40°C
Answer: (अ) 35°C 42°C
In simple words: मानव शरीर का सामान्य तापमान 35°C से 42°C के बीच होता है, यह वह सीमा है जिसमें डॉक्टरी थर्मामीटर काम करता है.
🎯 Exam Tip: डॉक्टरी तापमापी की माप सीमा 35°C से 42°C तक होती है, क्योंकि मानव शरीर का तापमान शायद ही कभी इस सीमा से बाहर जाता है.
Question 6. फारेनहाइट स्केल पर मानव शरीर का सामान्य ताप होता है-
(अ) 37°F
(ब) 98.6°F
(स) 98.4°C
(द) 94.8°F
Answer: (ब) 98.6°F
In simple words: फारेनहाइट स्केल पर इंसान के शरीर का सामान्य तापमान 98.6°F होता है.
🎯 Exam Tip: 37°C सेल्सियस स्केल पर सामान्य मानव शरीर के तापमान के बराबर है, जिसे फारेनहाइट स्केल पर 98.6°F के रूप में जाना जाता है.
Question 7. निम्नलिखित में से कौन-सा डिजिटल थर्मामीटर है?
(द) मर्करी थर्मामीटर
Answer: (स) डिजिटल थर्मामीटर
In simple words: डिजिटल थर्मामीटर वह होते हैं जो तापमान को सीधे अंकीय (डिजिटल) रूप में दिखाते हैं.
🎯 Exam Tip: डिजिटल थर्मामीटर पारे के बजाय इलेक्ट्रॉनिक सेंसर का उपयोग करते हैं और अक्सर उपयोग में आसान होते हैं.
Question 8. ताप का स्केल नहीं है-
(अ) सेल्सियस स्केल
(ब) फारेनहाइट स्केल
(स) रिक्टर स्केल
(द) केल्विन स्केल
Answer: (स) रिक्टर स्केल
In simple words: रिक्टर स्केल भूकंप की तीव्रता मापने के लिए इस्तेमाल होता है, न कि तापमान मापने के लिए.
🎯 Exam Tip: सेल्सियस, फारेनहाइट और केल्विन सभी तापमान मापने के पैमाने हैं, जबकि रिक्टर स्केल भूकंप की ऊर्जा को मापने के लिए उपयोग किया जाता है.
Question 9. सामान्यतः प्रयोगशाला तापमापी द्वारा मापन योग्य न्यूनतम तापमान होता है-
(अ) 10°C
(ब) -10°C
(स) 0°C
(द) 100°C
Answer: (ब) -10°C
In simple words: प्रयोगशाला थर्मामीटर आमतौर पर -10°C तक के ठंडे तापमान को माप सकता है.
🎯 Exam Tip: प्रयोगशाला तापमापी की व्यापक सीमा इसे विभिन्न प्रयोगों में तरल पदार्थों और रसायनों के तापमान को मापने के लिए उपयुक्त बनाती है.
Question 10. भारत की मौसम विदुषी के रूप में किसे जाना जाता है-
(अ) अन्ना मलाई
(ब) अन्नामणि
(स) सुंदरराजन
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (ब) अन्नामणि
In simple words: अन्नामणि को भारत की मौसम विज्ञान में उनके महत्वपूर्ण काम के लिए 'भारत की मौसम विदुषी' के नाम से जाना जाता है.
🎯 Exam Tip: अन्नामणि एक भारतीय भौतिक विज्ञानी और मौसम विज्ञानी थीं जिन्होंने विकिरण, ओजोन और पवन ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया.
Question 3. स्वस्थ __________ मानव का सामान्य ताप 37°C या 98.6°F होता है।
Answer: वयस्क
In simple words: एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति का शरीर का सामान्य तापमान 37°C या 98.6°F होता है.
🎯 Exam Tip: उम्र, लिंग और गतिविधि के स्तर के आधार पर सामान्य शरीर के तापमान में थोड़ा बदलाव आ सकता है.
Question 4. डॉक्टरी थर्मामीटर का उपयोग __________ का ताप मापने के लिए किया जाता है।
Answer: मानव शरीर
In simple words: डॉक्टरी थर्मामीटर केवल इंसान के शरीर का तापमान मापने के लिए बनाया गया है.
🎯 Exam Tip: डॉक्टरी थर्मामीटर में किंक होता है जो पारा वापस बल्ब में जाने से रोकता है, जिससे रीडिंग स्थिर रहती है.
Question 5. __________ थर्मामीटर में पारे (मर्करी) का उपयोग नहीं होता है।
Answer: डिजिटल
In simple words: डिजिटल थर्मामीटर में पारा नहीं होता, यह तापमान मापने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सेंसर का उपयोग करता है.
🎯 Exam Tip: डिजिटल थर्मामीटर अधिक सुरक्षित होते हैं क्योंकि उनमें पारा नहीं होता, जो जहरीला हो सकता है.
Question 6. वह उपकरण जो ताप मापता है __________ कहलाता है।
Answer: तापमापी / थर्मामीटर
In simple words: जिस उपकरण से हम तापमान मापते हैं, उसे तापमापी या थर्मामीटर कहते हैं.
🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार के तापमापी अलग-अलग उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं, जैसे डॉक्टरी थर्मामीटर शरीर के लिए और प्रयोगशाला थर्मामीटर प्रयोगों के लिए.
Question. निम्न में से सत्य / असत्य कथन छांटिए
Question 1. कोई वस्तु गरम है या ठंडी, यह निश्चय करने के लिए हम सदैव अपनी स्पर्श इंद्रिय पर भरोसा कर सकते हैं। (सत्य / असत्य)
Answer: असत्य
In simple words: हम अपनी त्वचा पर हमेशा भरोसा नहीं कर सकते कि कोई चीज़ कितनी गरम या ठंडी है, क्योंकि हमारी स्पर्श इंद्रियां सिर्फ तुलनात्मक तापमान बता पाती हैं.
🎯 Exam Tip: हमारी स्पर्श इंद्रियां केवल सापेक्ष गर्माहट या ठंडक का एहसास कराती हैं, वास्तविक तापमान को सटीक रूप से मापने के लिए हमें थर्मामीटर जैसे उपकरणों की आवश्यकता होती है.
Question 2. ताप मापने के लिए डॉक्टरी थर्मामीटर में सामान्यतः उपयोग किया जाने वाला मापक्रम सेल्सियस स्केल है। सत्य / असत्य)
Answer: सत्य
In simple words: डॉक्टरी थर्मामीटर में तापमान आमतौर पर सेल्सियस स्केल में दिखाया जाता है, जिससे शरीर का तापमान आसानी से समझा जा सके.
🎯 Exam Tip: कई डॉक्टरी थर्मामीटर फारेनहाइट और सेल्सियस दोनों स्केल दिखाते हैं, लेकिन भारत और कई अन्य देशों में सेल्सियस अधिक सामान्य है.
Question 3. प्रत्येक व्यक्ति का ताप 37°C नहीं हो सकता है। (सत्य / असत्य)
Answer: सत्य
In simple words: हर इंसान का तापमान बिल्कुल 37°C नहीं होता, यह थोड़ा कम या ज़्यादा हो सकता है.
🎯 Exam Tip: 37°C एक औसत सामान्य तापमान है, लेकिन दिन के समय, गतिविधि और व्यक्तिगत शरीर क्रिया विज्ञान के आधार पर तापमान में थोड़ा उतार-चढ़ाव होना सामान्य है.
Question 1. कॉलम 1 को कॉलम 2 से सुमेलित कीजिए।
| कॉलम 1 | कॉलम 2 |
|---|---|
| (1) प्रयोगशाला तापमापी | (A) अवरक्त विकिरण |
| (2) डॉक्टरी तापमापी | (B) ऊष्मा – संवेदक |
| (3) डिजिटल तापमापी | (C) मर्करी |
| (4) अवरक्त तापमापी | (D) एल्कोहल |
Answer:
| कॉलम 1 | कॉलम 2 |
|---|---|
| (1) प्रयोगशाला तापमापी | (D) एल्कोहल |
| (2) डॉक्टरी तापमापी | (C) मर्करी |
| (3) डिजिटल तापमापी | (B) ऊष्मा – संवेदक |
| (4) अवरक्त तापमापी | (A) अवरक्त विकिरण |
In simple words: प्रयोगशाला थर्मामीटर में एल्कोहल, डॉक्टरी थर्मामीटर में मर्करी, डिजिटल थर्मामीटर में ऊष्मा संवेदक और अवरक्त थर्मामीटर में अवरक्त विकिरण का उपयोग होता है.
🎯 Exam Tip: इस तरह के मिलान प्रश्नों को हल करते समय, प्रत्येक वस्तु के मुख्य कार्य या संरचना को याद रखें; यह आपको सही उत्तर तक पहुँचाने में मदद करेगा.
Question 2. कॉलम 1 को कॉलम 2 से सुमेलित कीजिए।
| कॉलम 1 | कॉलम 2 |
|---|---|
| (1) -273.15°C | (A) सामान्य कक्ष |
| (2) 37°C | (B) ज्वर पीडित |
| (3) 39°C | (C) परम शून्य ताप |
| (4) 25°C | (D) स्वस्थ वयस्क |
Answer:
| कॉलम 1 | कॉलम 2 |
|---|---|
| (1) -273.15°C | (C) परम शून्य ताप |
| (2) 37°C | (D) स्वस्थ वयस्क |
| (3) 39°C | (B) ज्वर पीडित |
| (4) 25°C | (A) सामान्य कक्ष |
In simple words: -273.15°C परम शून्य ताप है. 37°C एक स्वस्थ वयस्क का तापमान है. 39°C बुखार वाले व्यक्ति का तापमान है. 25°C एक सामान्य कमरे का तापमान है.
🎯 Exam Tip: विभिन्न तापमान मानों और उनके महत्व को याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर परम शून्य ताप, सामान्य शरीर के तापमान और कमरे के तापमान जैसे मानों को.
Question. अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. उस उपकरण का नाम बताइए जिसके द्वारा ताप मापा जा सकता है?
Answer: ताप को मापने वाले उपकरण को तापमापी या थर्मामीटर कहते हैं. यह उपकरण हमें बताता है कि कोई चीज़ कितनी गरम या ठंडी है. अलग-अलग ज़रूरतों के लिए कई तरह के थर्मामीटर होते हैं, जैसे शरीर का तापमान मापने के लिए डॉक्टरी थर्मामीटर और प्रयोगशाला में पदार्थों का तापमान मापने के लिए प्रयोगशाला तापमापी.
In simple words: तापमान मापने वाले उपकरण को तापमापी (थर्मामीटर) कहते हैं.
🎯 Exam Tip: तापमापी एक ज़रूरी वैज्ञानिक उपकरण है जो सटीक तापमान माप प्रदान करता है, जो कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है.
Question 2. ताप मापने के लिए सामान्यतः कितने प्रकार के तापमापियों का प्रयोग किया जाता है? नाम बताइए।
Answer: तापमान मापने के लिए सामान्यतः दो मुख्य प्रकार के तापमापियों का उपयोग किया जाता है: (1) ज्वरमापी (या डॉक्टरी थर्मामीटर) और (2) प्रयोगशाला तापमापी. ज्वरमापी का उपयोग मानव शरीर का तापमान मापने के लिए होता है, जबकि प्रयोगशाला तापमापी का उपयोग रासायनिक प्रयोगों और विभिन्न पदार्थों के तापमान को मापने के लिए किया जाता है. ये दोनों थर्मामीटर अपनी-अपनी ज़रूरतों के हिसाब से बनाए गए हैं.
In simple words: तापमान मापने के लिए मुख्य रूप से दो तरह के थर्मामीटर इस्तेमाल होते हैं: डॉक्टरी थर्मामीटर और प्रयोगशाला थर्मामीटर.
🎯 Exam Tip: डॉक्टरी थर्मामीटर की माप सीमा कम होती है, जबकि प्रयोगशाला तापमापी की माप सीमा अधिक होती है, जिससे वे अलग-अलग उद्देश्यों के लिए उपयुक्त होते हैं.
Question 3. हम सेल्सियस स्केल का ताप केल्विन स्केल में किस प्रकार परिवर्तित कर सकते हैं?
Answer: हम सेल्सियस स्केल के तापमान को केल्विन स्केल में परिवर्तित करने के लिए एक सरल सूत्र का उपयोग कर सकते हैं. सूत्र है: \( \text{केल्विन तापमान} = \text{सेल्सियस तापमान} + 273.15 \). यह सूत्र दिखाता है कि केल्विन स्केल सेल्सियस स्केल से 273.15 इकाई ज़्यादा होता है, जिसका उपयोग वैज्ञानिक गणनाओं में किया जाता है.
In simple words: सेल्सियस तापमान को केल्विन में बदलने के लिए, सेल्सियस मान में 273.15 जोड़ना होता है.
🎯 Exam Tip: केल्विन तापमान को परम तापमान माना जाता है, जहाँ 0 केल्विन (या -273.15°C) वह बिंदु है जहाँ किसी पदार्थ में कोई गति नहीं होती.
Question 5. हम डॉक्टरी थर्मामीटर की मापन – सीमा के बाहर ताप कैसे माप सकते हैं?
Answer: डॉक्टरी थर्मामीटर की माप सीमा आमतौर पर 35°C से 42°C तक होती है, जो सिर्फ मानव शरीर के तापमान को मापने के लिए उपयुक्त है. यदि हमें इस सीमा से बाहर का तापमान मापना हो, जैसे बहुत ठंडा या बहुत गरम, तो हमें प्रयोगशाला तापमापी का उपयोग करना चाहिए. प्रयोगशाला तापमापी की सीमा व्यापक होती है (लगभग -10°C से 110°C), जिससे यह विभिन्न पदार्थों और वातावरण का तापमान माप सकता है. इसलिए, सही काम के लिए सही उपकरण चुनना ज़रूरी है.
In simple words: डॉक्टरी थर्मामीटर की सीमा से बाहर का तापमान मापने के लिए हमें प्रयोगशाला तापमापी का उपयोग करना चाहिए, क्योंकि इसकी सीमा अधिक होती है.
🎯 Exam Tip: हमेशा यह याद रखें कि डॉक्टरी थर्मामीटर केवल मानव शरीर के तापमान के लिए बना है और अन्य तरल पदार्थों या वातावरण के लिए प्रयोगशाला तापमापी का उपयोग करें.
Question 6. प्रयोगशाला तापमापी में तापमापन हेतु कौनसा द्रव प्रयुक्त किया जाता है?
Answer: प्रयोगशाला तापमापी में तापमान मापने के लिए सामान्यतः एल्कोहल या पारा (मर्करी) का उपयोग किया जाता है. एल्कोहल को अक्सर लाल रंग से रंगा जाता है ताकि उसे देखना आसान हो, जबकि पारा अपनी प्राकृतिक चांदी जैसी चमक के कारण स्पष्ट दिखाई देता है. ये दोनों द्रव तापमान के साथ नियमित रूप से फैलते और सिकुड़ते हैं, जिससे तापमान को सटीक रूप से मापा जा सकता है. एल्कोहल बहुत कम तापमान पर भी द्रव अवस्था में रहता है, जो इसे ठंडे तापमान को मापने के लिए उपयुक्त बनाता है.
In simple words: प्रयोगशाला थर्मामीटर में आमतौर पर एल्कोहल (अक्सर लाल रंग का) या पारा (मर्करी) का इस्तेमाल होता है, क्योंकि वे तापमान बदलने पर फैलते या सिकुड़ते हैं.
🎯 Exam Tip: एल्कोहल-आधारित तापमापी बहुत कम तापमान मापने के लिए उपयुक्त होते हैं, जबकि पारा-आधारित तापमापी अधिक उच्च तापमान के लिए उपयोगी होते हैं.
Question 7. एक सामान्य प्रयोगशाला तापमापी के लिए निम्न मान अंकित कीजिए-
(i) यह कितना न्यूनतम ताप माप सकता है?
(ii) यह कितना अधिकतम ताप माप सकता है?
(iii) तापमापी द्वारा पढ़ा जा सकने वाला अल्पतम तापमान कितना है?
Answer:
(i) -10°C
(ii) 110°C
(iii) 1.0°C
एक सामान्य प्रयोगशाला तापमापी की माप सीमा -10°C से 110°C तक होती है, जिसका अर्थ है कि यह बहुत ठंडे से लेकर उबलते पानी तक का तापमान माप सकता है. इसका अल्पतम तापमान 1.0°C होता है, जिसका मतलब है कि यह 1 डिग्री सेल्सियस तक की सटीकता से माप सकता है. इस प्रकार, यह विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए बहुत उपयोगी है.
In simple words: सामान्य प्रयोगशाला थर्मामीटर कम से कम -10°C और ज़्यादा से ज़्यादा 110°C माप सकता है. इसकी सबसे छोटी माप 1.0°C होती है.
🎯 Exam Tip: अल्पतम तापमान (लीस्ट काउंट) थर्मामीटर की सटीकता को दर्शाता है; कम अल्पतम तापमान का मतलब है अधिक सटीक माप.
Question 8. 'कक्ष तापमापी' किसे कहते हैं?
Answer: 'कक्ष तापमापी' वे तापमापी होते हैं जो कमरे के तापमान का अनुमानित मान बताते हैं. इन्हें मुख्य रूप से घर या कार्यालय जैसे बंद जगहों में हवा का तापमान मापने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. ये तापमापी आमतौर पर प्रयोगशाला या डॉक्टरी थर्मामीटर की तरह बहुत सटीक नहीं होते, लेकिन दैनिक उपयोग के लिए पर्याप्त होते हैं. ये हमें यह समझने में मदद करते हैं कि हमारा वातावरण कितना गरम या ठंडा है.
In simple words: जो थर्मामीटर कमरे का तापमान बताते हैं, उन्हें कक्ष तापमापी कहते हैं.
🎯 Exam Tip: कक्ष तापमापी अक्सर दीवार पर लगे होते हैं और उनका मुख्य उद्देश्य घर या कार्यस्थल पर आरामदायक तापमान बनाए रखने में मदद करना होता है.
Question 9. डॉक्टरी थर्मामीटर में सामान्यतः उपयोग किया जाने वाला ताप मापक्रम कौनसा है ? इसका मात्रक भी बताइए ।
Answer: डॉक्टरी थर्मामीटर में सामान्यतः उपयोग किया जाने वाला ताप मापक्रम सेल्सियस स्केल है. इस मापक्रम पर तापमान का मात्रक डिग्री सेल्सियस है, जिसे \( ^\circ \text{C} \) से दर्शाया जाता है. यह स्केल मानव शरीर के तापमान को मापने के लिए सुविधाजनक और आसानी से समझा जाने वाला तरीका प्रदान करता है. बहुत से डॉक्टरी थर्मामीटर फारेनहाइट स्केल भी दिखाते हैं, लेकिन सेल्सियस स्केल का उपयोग दुनिया के अधिकांश हिस्सों में अधिक प्रचलित है.
In simple words: डॉक्टरी थर्मामीटर आमतौर पर सेल्सियस स्केल का उपयोग करता है, और इसका मात्रक डिग्री सेल्सियस (\( ^\circ \text{C} \)) है.
🎯 Exam Tip: डॉक्टरी थर्मामीटर की सीमा 35°C से 42°C तक सीमित होती है, जो मानव शरीर के तापमान के लिए पर्याप्त होती है और इसे अधिक संवेदनशील बनाती है.
Question 11. डॉक्टरी थर्मामीटर की ताप परास फारेनहाइट स्केल पर बताइए?
Answer: डॉक्टरी थर्मामीटर की ताप परास फारेनहाइट स्केल पर 94°F से 108°F होती है. यह सीमा विशेष रूप से मानव शरीर के तापमान को मापने के लिए तय की गई है, क्योंकि मानव शरीर का तापमान आमतौर पर इसी सीमा के भीतर रहता है. यह सीमा हमें यह जानने में मदद करती है कि शरीर का तापमान सामान्य है या उसमें कोई असामान्य बदलाव है. यह तापमान मापन के लिए एक सुरक्षित और सटीक उपकरण है.
In simple words: फारेनहाइट स्केल पर डॉक्टरी थर्मामीटर की सीमा 94°F से 108°F होती है, जो मानव शरीर के तापमान के लिए बनाई गई है.
🎯 Exam Tip: मानव शरीर का सामान्य तापमान फारेनहाइट में 98.6°F होता है, जो इस सीमा के ठीक बीच में आता है.
Question 12. कोविड- 19 महामारी के काल में कुछ विशेष तापमापी उपयोग में लाए गए जो किसी व्यक्ति के शरीर का ताप दूर से भी माप सकते थे। वे कौन से तापमापी थे?
Answer: कोविड-19 महामारी के दौरान, ऐसे विशेष तापमापी उपयोग में लाए गए जो किसी व्यक्ति के शरीर का तापमान दूर से ही माप सकते थे. इन तापमापियों को संपर्क रहित तापमापी या अवरक्त तापमापी कहा जाता है. ये तापमापी व्यक्ति को सीधे छुए बिना उसके शरीर का तापमान माप सकते थे, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बहुत कम हो गया था. यह तकनीक महामारी के समय में लोगों की सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हुई.
In simple words: कोविड-19 के समय में, संपर्क रहित या अवरक्त तापमापी इस्तेमाल किए गए, जो बिना छुए दूर से ही तापमान माप सकते थे, जिससे बीमारी फैलने का खतरा कम हुआ.
🎯 Exam Tip: अवरक्त तापमापी शरीर से निकलने वाली अवरक्त ऊर्जा को मापकर तापमान बताते हैं, जिससे वे तेजी से और बिना संपर्क के रीडिंग ले सकते हैं.
Question 13. किसी व्यक्ति के शरीर का तापमान किन कारकों पर निर्भर करता है?
Answer: किसी व्यक्ति के शरीर का तापमान कई कारकों पर निर्भर करता है. इनमें प्रमुख कारक उम्र, दिन का समय और गतिविधि का स्तर शामिल हैं. उदाहरण के लिए, बच्चों और बुजुर्गों के तापमान में वयस्कों की तुलना में थोड़ा अंतर हो सकता है. दिन के अलग-अलग समय पर (जैसे सुबह की तुलना में शाम को) तापमान में slight बदलाव आता है, और व्यायाम या शारीरिक गतिविधि करने पर शरीर का तापमान बढ़ जाता है. यह दर्शाता है कि शरीर का तापमान हमेशा स्थिर नहीं रहता बल्कि विभिन्न आंतरिक और बाहरी कारकों से प्रभावित होता है.
In simple words: इंसान के शरीर का तापमान उसकी उम्र, दिन के समय और वह कितनी गतिविधि करता है, इन सब बातों पर निर्भर करता है.
🎯 Exam Tip: शरीर का तापमान को प्रभावित करने वाले कारकों को समझना शारीरिक स्वास्थ्य का मूल्यांकन करते समय महत्वपूर्ण होता है.
Question 14. मानव शरीर का सामान्य ताप परास क्या होता है?
Answer: मानव शरीर का तापमान सामान्यतः 35°C से नीचे और 42°C से ऊपर नहीं जाता है. यह डॉक्टरी थर्मामीटर की मापन सीमा भी है. शरीर एक स्वस्थ स्थिति बनाए रखने के लिए इस तापमान सीमा को नियंत्रित करता है. इस सीमा से बाहर का तापमान अक्सर किसी बीमारी या गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत होता है, जिसे चिकित्सा ध्यान की आवश्यकता होती है.
In simple words: इंसान के शरीर का तापमान आमतौर पर 35°C से कम और 42°C से ज़्यादा नहीं होता है.
🎯 Exam Tip: शरीर का मुख्य तापमान 37°C या 98.6°F होता है, और इस सीमा से किसी भी तरह का महत्वपूर्ण बदलाव स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है.
Question 15. किसी स्थान विशेष का अधिकतम और न्यूनतम वायु तापमान प्रतिदिन क्यों परिवर्तित होते रहते हैं?
Answer: किसी विशेष स्थान का अधिकतम और न्यूनतम वायु तापमान प्रतिदिन कई कारकों के कारण बदलता रहता है. इनमें सूर्य का प्रकाश (सौर विकिरण), बादलों का आवरण, हवा की गति, आर्द्रता और दिन-रात का चक्र शामिल हैं. दिन में सूर्य की ऊर्जा से तापमान बढ़ता है, जबकि रात में ऊर्जा का विकिरण होता है जिससे तापमान गिरता है. बादलों के कारण सूर्य की किरणें रुक सकती हैं या रात में गर्मी फँस सकती है, जिससे भी तापमान बदलता है. ये सभी कारक मिलकर हर दिन के तापमान में उतार-चढ़ाव पैदा करते हैं.
In simple words: किसी जगह का सबसे गरम और सबसे ठंडा तापमान हर दिन बदलता रहता है क्योंकि सूर्य की रोशनी, बादल, हवा और दिन-रात का समय जैसे कई मौसम संबंधी कारक इस पर असर डालते हैं.
🎯 Exam Tip: अधिकतम और न्यूनतम तापमान के दैनिक परिवर्तन जलवायु अध्ययन और मौसम पूर्वानुमान के लिए महत्वपूर्ण होते हैं.
Question 16. 'परम शून्य ताप' किसे कहते हैं?
Answer: परम शून्य ताप वह न्यूनतम संभावित तापमान है, जिसे -273.15°C (या 0 केल्विन) के रूप में परिभाषित किया गया है. इस तापमान पर किसी भी पदार्थ के अणु या परमाणु की गति पूरी तरह से रुक जाती है. यह एक सैद्धांतिक बिंदु है जिसे वास्तव में प्राप्त करना असंभव है, लेकिन यह भौतिकी में एक महत्वपूर्ण अवधारणा है. परम शून्य ताप ऊर्जा के न्यूनतम स्तर को दर्शाता है. इसका उपयोग वैज्ञानिक शोध और प्रशीतन प्रौद्योगिकी में किया जाता है.
In simple words: 'परम शून्य ताप' सबसे ठंडा तापमान है, जो -273.15°C या 0 केल्विन होता है, इस बिंदु पर किसी भी चीज़ के कणों की सारी गति रुक जाती है.
🎯 Exam Tip: परम शून्य ताप को कभी भी पूरी तरह से प्राप्त नहीं किया जा सकता है, लेकिन वैज्ञानिक इसे बहुत करीब तक पहुँचने का प्रयास करते हैं.
लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. प्रत्येक व्यक्ति का ताप 37°C क्यों नहीं हो सकता है?
Answer: स्वस्थ व्यक्तियों के एक बड़े समूह के शरीर का औसत तापमान 37°C होता है. इसलिए, किसी एक पूरी तरह स्वस्थ व्यक्ति का सामान्य तापमान 37°C से थोड़ा अलग हो सकता है. हर व्यक्ति का शरीर थोड़ा अलग होता है, इसलिए यह भिन्नता सामान्य है.
In simple words: सभी स्वस्थ लोगों का औसत तापमान 37°C होता है. लेकिन हर स्वस्थ व्यक्ति का तापमान इस औसत से थोड़ा अलग हो सकता है.
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न का उत्तर देते समय "औसत" तापमान और "व्यक्तिगत भिन्नता" के मुख्य बिंदुओं को ज़रूर बताएं.
Question 2. तापमापी आविष्कार से पूर्व ज्वर का पता कैसे लगाया जाता था?
Answer: प्राचीन भारत में लोग जानते थे कि बुखार होने पर व्यक्ति की नब्ज़ की गति बदल जाती है. लेकिन नब्ज़ की गति सिर्फ बुखार से नहीं, बल्कि कई दूसरी वजहों से भी बदल सकती है. इसलिए, सिर्फ नब्ज़ की गति देखकर यह पक्का नहीं कहा जा सकता था कि किसी को बुखार है या नहीं. नब्ज़ की जांच एक संकेत थी, पर पूरी तरह सही नहीं थी.
In simple words: पहले लोग नब्ज़ देखकर बुखार का पता लगाते थे. पर नब्ज़ सिर्फ बुखार से नहीं, और भी कई कारणों से बदलती है, तो यह तरीका हमेशा सही नहीं था.
🎯 Exam Tip: बुखार के एकमात्र संकेतक के रूप में नब्ज़ की दर का उपयोग करने की सीमा को स्पष्ट करें.
Question 3. प्रयोगशाला तापमापी का उपयोग करते समय कौनसी सावधानियाँ रखनी चाहिए?
Answer: प्रयोगशाला तापमापी का उपयोग करते समय नीचे दी गई सावधानियाँ बरतनी चाहिएं:
(i) इसे बहुत ध्यान से इस्तेमाल करना चाहिए. अगर यह किसी सख्त चीज़ से टकरा जाए, तो टूट सकता है. ये थर्मामीटर नाज़ुक होते हैं.
(ii) इसे बल्ब वाले हिस्से से पकड़कर नहीं उठाना चाहिए, क्योंकि इससे रीडिंग गलत आ सकती है या तापमापी खराब हो सकता है.
In simple words: इसे सावधानी से इस्तेमाल करें ताकि टूटे नहीं, और बल्ब से कभी न पकड़ें.
🎯 Exam Tip: वैज्ञानिक उपकरणों को संभालते समय हमेशा विशिष्ट सावधानियों को सूचीबद्ध करें.
Question 5. 'अन्ना मणि' कौन है? इनका योगदान बताइए।
Answer: अन्ना मणि एक भारतीय वैज्ञानिक थीं, जिन्हें 'भारत की मौसम विदुषी' के नाम से जाना जाता था. उन्होंने मौसम मापने वाले कई उपकरण बनाए और उनमें सुधार किया, जिससे भारत को दूसरे देशों पर कम निर्भर रहना पड़ा. उन्होंने पवन ऊर्जा और सौर ऊर्जा के इस्तेमाल की संभावनाओं पर भी खोज की. उनके काम से भारत दुनिया के प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा वाले देशों में से एक बन गया. उनका काम विज्ञान में महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है.
In simple words: अन्ना मणि 'भारत की मौसम विदुषी' थीं. उन्होंने मौसम के उपकरण बनाए और सौर-पवन ऊर्जा पर काम किया, जिससे भारत आत्मनिर्भर बना.
🎯 Exam Tip: उनके दोनों योगदानों को याद रखें: मौसम उपकरण और नवीकरणीय ऊर्जा अनुसंधान.
Question 6. अधिकतम तथा न्यूनतम संभव तापमान कितना होता है?
Answer: अधिकतम तापमान की कोई ऊपरी सीमा नहीं है, यह बहुत अधिक हो सकता है. लेकिन वैज्ञानिक सिद्धांतों के अनुसार, न्यूनतम तापमान की एक सीमा तय है. यह तापमान -273.15°C (जिसे 0 केल्विन भी कहते हैं) के करीब होता है और इसे 'परम शून्य ताप' कहा जाता है. इस तापमान पर सभी कणों की गति रुक जाती है.
In simple words: सबसे ज़्यादा तापमान की कोई सीमा नहीं है. लेकिन सबसे कम तापमान -273.15°C (0 केल्विन) होता है, जिसे परम शून्य कहते हैं.
🎯 Exam Tip: असीमित अधिकतम तापमान और न्यूनतम तापमान के लिए निर्धारित परम शून्य के बीच स्पष्ट अंतर करें.
Question 7. मर्करी थर्मामीटर डिजिटल थर्मामीटर में से कौनसा बेहतर है व क्यों?
Answer: डिजिटल थर्मामीटर, मर्करी थर्मामीटर से बेहतर होते हैं. मर्करी थर्मामीटर में पारा (मर्करी) होता है, जो बहुत ज़हरीला होता है और अगर थर्मामीटर टूट जाए तो पारे को संभालना मुश्किल होता है. डिजिटल थर्मामीटर में इस तरह का कोई खतरा नहीं होता है. वे तापमान को संख्याओं में दिखाते हैं, जिससे पढ़ना आसान होता है. डिजिटल थर्मामीटर उपयोग करने में ज़्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक होते हैं.
In simple words: डिजिटल थर्मामीटर बेहतर हैं क्योंकि उनमें ज़हरीला पारा नहीं होता और उन्हें पढ़ना आसान होता है.
🎯 Exam Tip: डिजिटल थर्मामीटर के बेहतर होने के मुख्य कारणों के रूप में सुरक्षा (पारे की विषाक्तता) और उपयोग में आसानी (डिजिटल डिस्प्ले) पर ध्यान दें.
दीर्घउत्तरीय प्रश्न
Question 1. अंकीय डॉक्टरी तापमापी का उपयोग करते समय कौन- सी सावधानियाँ रखनी चाहिए?
Answer: अंकीय (डिजिटल) डॉक्टरी तापमापी का उपयोग करते समय नीचे दी गई सावधानियाँ बरतनी चाहिएं:
1. तापमापी का उपयोग करने से पहले, उसकी निर्देश पुस्तिका (मैनुअल) को ध्यान से पढ़ना चाहिए. हर उपकरण का सही इस्तेमाल जानना ज़रूरी है.
2. तापमापी के आगे वाले हिस्से को उपयोग करने से पहले और बाद में साबुन और पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए. यह भी ध्यान रखना चाहिए कि संख्या दिखाने वाले डिस्प्ले पर पानी न गिरे.
In simple words: इस्तेमाल से पहले मैनुअल पढ़ें, और आगे के हिस्से को साबुन-पानी से धोएं, लेकिन डिस्प्ले पर पानी न जाने दें.
🎯 Exam Tip: चिकित्सा उपकरणों के लिए हमेशा निर्देशों का पालन करने और स्वच्छता बनाए रखने का उल्लेख करें.
Question 3. ताप के विभिन्न मापक्रमों (स्केल) के मात्रक किस प्रकार लिखे जाते हैं? समझाइए।
Answer: ताप के अलग-अलग मापक्रमों (स्केल) के मात्रकों को लिखने के कुछ नियम होते हैं, जिन्हें समझना ज़रूरी है:
1. जब सेल्सियस स्केल, फारेनहाइट स्केल और केल्विन स्केल जैसे नामों को अंग्रेज़ी में लिखा जाता है, तो उनके पहले अक्षर बड़े अक्षरों में ही होने चाहिएं. यह एक मानक तरीका है.
2. ताप के मात्रक के नामों में आमतौर पर डिग्री जैसे शब्द छोटे अक्षरों में ही लिखे जाते हैं, लेकिन 'सेल्सियस' और 'फारेनहाइट' शब्द बड़े अक्षर से शुरू होते हैं. वहीं, 'केल्विन' शब्द छोटे अक्षर से शुरू होता है.
3. 'डिग्री' का संकेत (°) 'K' (केल्विन) के साथ नहीं लगाया जाता है. इसके अलावा, वाक्य के आखिर को छोड़कर, कहीं भी प्रतीकों के बाद बिंदी (फुल स्टॉप) नहीं लगाई जाती है.
4. ताप के मान को लिखते समय, संख्या और उसके मात्रक के बीच हमेशा एक खाली जगह छोड़नी चाहिए, जैसे 25°C या 30 K.
5. अंग्रेज़ी में एक से ज़्यादा डिग्री सेल्सियस को दर्शाने के लिए 'degrees Celsius' लिखते हैं, जबकि हिंदी में केवल 'डिग्री सेल्सियस' ही लिखा जाता है.
In simple words: सेल्सियस, फारेनहाइट, केल्विन के नाम बड़े अक्षर से शुरू करें. मात्रकों के नाम छोटे अक्षर में लिखें (पर सेल्सियस, फारेनहाइट बड़े से). 'K' के साथ डिग्री का निशान न लगाएं. संख्या और मात्रक के बीच जगह छोड़ें.
🎯 Exam Tip: तापमान के मान और इकाइयों को लिखते समय पूंजीकरण नियमों, डिग्री प्रतीक के उपयोग और रिक्ति पर ध्यान दें.
Question 4. अंकीय डॉक्टरी थर्मामीटर को सचित्र समझाइए।
Answer: अंकीय (डिजिटल) डॉक्टरी थर्मामीटर वे होते हैं जो तापमान को संख्याओं के रूप में दिखाते हैं. इनमें एक छोटी बैटरी लगी होती है जिससे ये काम करते हैं. ये थर्मामीटर पारंपरिक पारे वाले थर्मामीटर से ज़्यादा सुरक्षित और पढ़ने में आसान होते हैं. इनकी मदद से हम बिना किसी परेशानी के तापमान की सटीक रीडिंग ले सकते हैं.
In simple words: डिजिटल डॉक्टरी थर्मामीटर तापमान को सीधे नंबरों में दिखाते हैं और बैटरी से चलते हैं.
🎯 Exam Tip: वर्णनात्मक प्रश्नों के लिए, डिवाइस की मुख्य विशेषताओं और कार्य सिद्धांत को हमेशा शामिल करें.
Question 5. प्रयोगशाला तापमापी की संरचना को चित्र बनाते हुए समझाइए।
Answer: प्रयोगशाला तापमापी एक लंबी, बंद कांच की नली होती है, जिसका व्यास एक समान होता है. इस नली के एक सिरे पर एक बल्ब लगा होता है, जिसमें कोई द्रव (जैसे शराब या पारा) भरा होता है. बाहर से देखने पर, बल्ब के ऊपर द्रव का एक पतला स्तंभ दिखाई देता है. नली पर सेल्सियस स्केल भी बना होता है. द्रव स्तंभ का ऊपरी स्तर जहाँ रुकता है, वही तापमान की रीडिंग होती है. ये तापमापी अलग-अलग तरल पदार्थों का तापमान मापने के लिए इस्तेमाल होते हैं.
In simple words: प्रयोगशाला तापमापी एक लंबी कांच की नली होती है, जिसके बल्ब में द्रव भरा होता है. इसमें सेल्सियस स्केल होता है, जिससे हम तापमान पढ़ते हैं.
🎯 Exam Tip: किसी उपकरण का वर्णन करते समय, उसके प्रमुख घटकों और वह कैसे कार्य करता है, इसका उल्लेख करना सुनिश्चित करें.
Question 6. डिजिटल डॉक्टरी थर्मामीटर के उपयोग की विधि को समझाइए।
Answer: डिजिटल डॉक्टरी थर्मामीटर का उपयोग करके हम अपने शरीर का तापमान इस तरह माप सकते हैं:
1. सबसे पहले, अपने हाथ और डिजिटल थर्मामीटर के आगे वाले हिस्से को साबुन और पानी से अच्छी तरह धो लें. यह स्वच्छता के लिए ज़रूरी है.
2. अब थर्मामीटर के रीसेट बटन को दबाकर उसे वापस सामान्य स्थिति में ले आएं.
3. थर्मामीटर को अपनी जीभ के नीचे रखें और अपना मुँह बंद कर लें.
4. जब तक 'बीप' की आवाज़ न आए या डिस्प्ले चमकने न लगे, तब तक इंतज़ार करें. यह बताता है कि रीडिंग ले ली गई है.
5. मुँह से थर्मामीटर निकालें और संख्या वाले डिस्प्ले पर तापमान पढ़ें.
6. उपयोग के बाद, थर्मामीटर के आगे वाले हिस्से को फिर से साबुन और पानी से साफ करके सुखा लें.
In simple words: थर्मामीटर को धोएं, रीसेट करें, जीभ के नीचे रखें, बीप का इंतज़ार करें, रीडिंग पढ़ें और फिर से साफ करें.
🎯 Exam Tip: चरण-दर-चरण प्रक्रियाओं के लिए, सभी चरणों को स्पष्ट, अनुक्रमिक तरीके से सूचीबद्ध करना सुनिश्चित करें.
Question 7. कक्ष-ताप और जल का ताप मापन करने हेतु व्यवस्थित उपकरणों को चित्र द्वारा दर्शाइए।
Answer: इस प्रश्न में कक्ष के तापमान और पानी के तापमान को मापने के लिए उपकरणों को व्यवस्थित तरीके से दिखाने के लिए कहा गया है. जैसा कि चित्र 7.11 में दर्शाया गया है (चित्र में एक स्टैंड पर एक बीकर में पानी दिखाया गया है), इसमें कक्ष का तापमान मापने के लिए एक तापमापी हवा में रखा गया है और दूसरा तापमापी पानी का तापमान मापने के लिए बीकर के अंदर डूबा हुआ है. यह सेटअप दिखाता है कि कैसे एक साथ दो अलग-अलग माध्यमों का तापमान मापा जा सकता है. कक्ष तापमापी को 'तापमापी 1' और प्रयोगशाला तापमापी को 'तापमापी 2' के रूप में दिखाया गया है.
In simple words: कक्ष का तापमान और पानी का तापमान मापने के लिए, एक तापमापी हवा में और दूसरा पानी में डूबा होता है, जैसा कि चित्र में दिखाया गया है.
🎯 Exam Tip: जब किसी आरेख का वर्णन कर रहे हों, तो घटकों को स्पष्ट रूप से लेबल करें और सेटअप में उनके कार्य की व्याख्या करें.
Question 8. डॉक्टरी तापमापी तथा प्रयोगशाला तापमापी में तुलना कीजिए।
Answer: डॉक्टरी तापमापी और प्रयोगशाला तापमापी की तुलना नीचे दी गई है:
**समानताएँ:**
1. दोनों तापमापी एक ही तरह की कांच की लंबी, बंद नली से बने होते हैं.
2. दोनों तापमापियों में एक पतला द्रव स्तंभ होता है और नली के एक सिरे पर बल्ब होता है, जिसमें द्रव (पारा या एल्कोहल) भरा होता है.
3. दोनों में ही सेल्सियस स्केल अंकित होता है, जिससे तापमान पढ़ा जा सकता है.
**अंतर:**
1. डॉक्टरी तापमापी की तापमान मापने की सीमा 35°C से 42°C तक होती है, जबकि प्रयोगशाला तापमापी की सीमा -10°C से 110°C तक होती है.
2. डॉक्टरी तापमापी का उपयोग केवल शरीर का तापमान मापने के लिए किया जाता है, जबकि प्रयोगशाला तापमापी का उपयोग विभिन्न वस्तुओं और तरल पदार्थों का तापमान मापने के लिए होता है. इन दोनों थर्मामीटरों का डिज़ाइन उनके उपयोग के हिसाब से अलग होता है.
In simple words: दोनों कांच की नली वाले थर्मामीटर हैं, जिनमें द्रव और सेल्सियस स्केल होता है. पर डॉक्टरी थर्मामीटर की सीमा कम (35-42°C) होती है और यह शरीर का तापमान मापता है, जबकि प्रयोगशाला थर्मामीटर की सीमा ज़्यादा (-10-110°C) होती है और यह चीज़ों का तापमान मापता है.
🎯 Exam Tip: तुलनात्मक प्रश्नों के लिए, हमेशा समानताओं और अंतरों को स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध करें, अक्सर अलग-अलग उप-वर्गों या बुलेट बिंदुओं का उपयोग करके.
निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. गरम जल का ताप मापन
Answer: गर्म पानी का तापमान मापते समय ये सावधानियाँ बरतनी चाहिएं:
1. जब तापमापी को पानी से भरे बीकर में डुबोया जाए, तो उसका बल्ब बीकर की तली या दीवारों को छूना नहीं चाहिए, क्योंकि इससे गलत रीडिंग आ सकती है.
2. तापमापी को सीधा (ऊर्ध्वाधर) रखना चाहिए, उसे टेढ़ा नहीं करना चाहिए. सीधी स्थिति सही रीडिंग के लिए ज़रूरी है.
3. तापमान तभी पढ़ना चाहिए जब तापमापी का बल्ब पूरी तरह पानी में डूबा हुआ हो और पानी के संपर्क में हो.
4. तापमान पढ़ते समय, आँख की स्थिति द्रव स्तंभ के स्तर के ठीक सामने (सीध में) होनी चाहिए, ताकि पैरेलैक्स त्रुटि से बचा जा सके.
In simple words: बीकर के तले या किनारे से बल्ब न छुए. थर्मामीटर सीधा रखें. बल्ब पूरा पानी में डूबा हो. आँख द्रव के स्तर के बराबर हो.
🎯 Exam Tip: तापमापी से रीडिंग लेते समय सटीकता और पैरेलैक्स त्रुटि से बचने पर जोर दें.
Question 2. तापमापी क्या होते हैं? सामान्यतः उपयोग में लाए जाने वाले विभिन्न तापमापियों के बारे में बताइए।
Answer: तापमापी वह उपकरण होता है जिससे तापमान मापा जाता है, इसे थर्मामीटर भी कहते हैं. अलग-अलग उद्देश्यों के लिए कई तरह के तापमापियों का उपयोग किया जाता है. उनमें से कुछ प्रमुख तापमापी इस प्रकार हैं:
1. **डॉक्टरी तापमापी:** इसे ज्वरमापी भी कहते हैं. यह पारे (मर्करी) का बना होता है और इसका उपयोग मानव शरीर का तापमान मापने के लिए किया जाता है. इसमें एक घुमाव (किंक) होता है जो पारे को अपने आप नीचे आने से रोकता है.
2. **अंकीय (डिजिटल) तापमापी:** ये तापमापी तापमान को सीधे संख्याओं (डिजिटल रूप) में दिखाते हैं. ये बैटरी से चलते हैं और इनमें पारा नहीं होता, जिससे ये सुरक्षित होते हैं और इन्हें पढ़ना भी आसान होता है. ये आजकल बहुत इस्तेमाल होते हैं.
In simple words: तापमापी तापमान मापने वाले उपकरण हैं. मुख्य प्रकार हैं: डॉक्टरी थर्मामीटर (पारे वाला, शरीर के लिए) और डिजिटल थर्मामीटर (नंबर दिखाने वाला, बैटरी से चलने वाला).
🎯 Exam Tip: किसी पद को परिभाषित करते समय और प्रकारों को सूचीबद्ध करते समय, प्रत्येक प्रकार के लिए संक्षिप्त कार्य का उल्लेख करना सुनिश्चित करें.
RBSE Class 6 Science Chapter 7 Notes in Hindi
- किसी भी चीज़ का तापमान यह बताता है कि वह कितनी गरम या ठंडी है.
- तापमान मापने वाले यंत्र को तापमापी या थर्मामीटर कहते हैं.
- तापमान मापने के लिए आमतौर पर दो तरह के तापमापी इस्तेमाल होते हैं: डॉक्टरी थर्मामीटर (ज्वरमापी) और प्रयोगशाला तापमापी.
- डॉक्टरी थर्मामीटर का उपयोग मानव शरीर का तापमान मापने के लिए किया जाता है.
- एक स्वस्थ बड़े व्यक्ति का सामान्य तापमान 37.0°C या 98.6°F होता है.
- प्रयोगशाला तापमापी की मापन सीमा लगभग -10°C से 110°C तक होती है.
- तापमान मापने के लिए तीन मुख्य स्केल सबसे ज़्यादा उपयोग होते हैं:
- सेल्सियस स्केल: इसमें तापमान को डिग्री सेल्सियस (जिसे \(^\circ\)C से दिखाते हैं) में मापा जाता है.
- फारेनहाइट स्केल: इसमें तापमान को डिग्री फारेनहाइट (जिसे \(^\circ\)F से दिखाते हैं) में मापा जाता है.
- केल्विन स्केल: इसमें तापमान को केल्विन (जिसे K से दिखाते हैं) में मापा जाता है. यह ताप का SI मात्रक भी है.
- कक्ष तापमापी कमरे के तापमान का अंदाज़ा देता है.
- मौसम और हवा का तापमान भी महत्वपूर्ण होता है, इसलिए इसे दुनिया भर के मौसम स्टेशनों पर मापा जाता है.
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RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 7 ताप एवं उसका मापन
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Detailed Explanations for Chapter 7 ताप एवं उसका मापन
Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 6 Science chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 6 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these RBSE Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.
Benefits of using Science Class 6 Solved Papers
Using our Science solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 6 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 7 ताप एवं उसका मापन to get a complete preparation experience.
FAQs
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Yes, our experts have revised the RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 7 ताप एवं उसका मापन as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Science concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using RBSE language because RBSE marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 7 ताप एवं उसका मापन will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 6 Science. You can access RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 7 ताप एवं उसका मापन in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 7 ताप एवं उसका मापन in printable PDF format for offline study on any device.