RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 14 विद्युत परिपथ

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सही विकल्प का चयन कीजिए

 

Question 1. विद्युत सेल के टर्मिनल की संख्या होती है
(क) एक
(ख) दो
(ग) तीन
(घ) उपर्युक्त में कोई नहीं।
Answer: (ख) दो
In simple words: एक विद्युत सेल में दो सिरे होते हैं: एक धन (+) सिरा और एक ऋण (-) सिरा. ये दोनों सिरे बिजली के प्रवाह के लिए जरूरी हैं।

🎯 Exam Tip: विद्युत सेल के बुनियादी भागों को याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर उसके टर्मिनलों की संख्या को।

 

Question 2. निम्नलिखित में से किसमें विद्युत धारा प्रवाहित नहीं होती है ?
(क) ताँबा
(ख) लोहा
(ग) लकड़ी
(घ) ऐलुमिनियम
Answer: (ग) लकड़ी
In simple words: लकड़ी एक कुचालक है, जिसका मतलब है कि यह अपने माध्यम से बिजली को गुजरने नहीं देती है, जबकि अन्य विकल्प सुचालक हैं। लकड़ी हमें बिजली के झटके से बचाती है।

🎯 Exam Tip: सुचालकों (जैसे धातुएँ) और कुचालकों (जैसे लकड़ी, प्लास्टिक) के बीच अंतर को समझें, यह जानने के लिए कि बिजली कहाँ प्रवाहित होती है।

 

Question 3. विद्युत के तार बनाने में काम लिया जाता है
(क) लकड़ी
(ख) ताँबा
(ग) प्लास्टिक
(घ) धागा
Answer: (ख) ताँबा
In simple words: ताँबा एक अच्छा विद्युत सुचालक है, इसलिए इसका उपयोग आमतौर पर विद्युत तार बनाने के लिए किया जाता है। ताँबा आसानी से बिजली का प्रवाह करता है।

🎯 Exam Tip: उन सामान्य सामग्रियों की पहचान करें जो बिजली के तारों में सुचालक के रूप में उपयोग की जाती हैं, और उन सामग्रियों को भी पहचानें जो कुचालक के रूप में उपयोग की जाती हैं (जैसे तार के ऊपर प्लास्टिक की कोटिंग)।

 

Question 4. विद्युत से नहीं चलने वाली युक्ति है
(क) पंखा
(ख) कूलर
(ग) टेलीविजन
(घ) साइकिल
Answer: (घ) साइकिल
In simple words: एक साइकिल मानव शक्ति से चलती है, न कि बिजली से, जबकि अन्य विकल्प बिजली से चलने वाले उपकरण हैं। साइकिल चलाने में कोई बिजली खर्च नहीं होती।

🎯 Exam Tip: उपकरणों को उनके ऊर्जा स्रोत के आधार पर वर्गीकृत करना सीखें, ताकि यह पहचान सकें कि कौन से बिजली से चलते हैं और कौन से नहीं।

 

Question. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
(i) जिन पदार्थों में विद्युत धारा का प्रवाह हो सकता है उन्हें सुचालक कहते हैं।
(ii) बल्ब के अन्दर लगा दो मोटे तारों पर लगा पतला तार फिलामेंट कहलाता है।
Answer:
(i) सुचालक
(ii) फिलामेंट
In simple words: सुचालक वे चीजें हैं जिनसे बिजली गुजर सकती है, जैसे धातुएँ। बल्ब के अंदर जो पतला तार जलता है, उसे फिलामेंट कहते हैं।

🎯 Exam Tip: बिजली के घटकों के बुनियादी हिस्सों और विभिन्न सामग्रियों के गुणों को जानें।

 

लघु उत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. बिजली के खम्भों पर चढ़ने वाला व्यक्ति रबर के दस्ताने क्यों पहनता है ?
Answer: बिजली के खम्भों पर चढ़ने वाला व्यक्ति रबर के दस्ताने पहनता है क्योंकि रबर विद्युत का कुचालक होता है। बिजली का काम करते समय व्यक्ति के हाथ बिजली के तार से छू सकते हैं, और उसे करंट लग सकता है। रबर के दस्ताने पहनने से व्यक्ति को बिजली का झटका लगने से सुरक्षा मिलती है, क्योंकि रबर बिजली को अपने अंदर से नहीं गुजरने देता।
In simple words: रबर बिजली को अपने अंदर से नहीं जाने देता है, इसलिए बिजली के खंभों पर काम करने वाले लोग बिजली के झटके से बचने के लिए रबर के दस्ताने पहनते हैं।

🎯 Exam Tip: सुरक्षा के महत्व और रबर जैसे कुचालक पदार्थों के गुणों पर जोर दें।

 

Question 2. पेचकस और प्लायर के हत्थों पर प्लास्टिक व रबर की परत क्यों चढ़ी होती है ?
Answer: पेचकस और प्लायर के हत्थों पर प्लास्टिक या रबर की परत इसलिए चढ़ी होती है, क्योंकि प्लास्टिक और रबर विद्युत के कुचालक होते हैं। जब कोई व्यक्ति इन औजारों से बिजली का काम करता है, तो विद्युत धारा उसके हाथ तक नहीं पहुँच पाती है। इस कुचालक परत के कारण व्यक्ति को बिजली का झटका लगने की संभावना नहीं रहती है।
In simple words: पेचकस और प्लायर के हैंडल पर प्लास्टिक या रबर होता है ताकि बिजली का झटका न लगे, क्योंकि ये चीजें बिजली को रोकती हैं।

🎯 Exam Tip: उपकरण सुरक्षा को सामग्री गुणों से जोड़कर समझाएं, यह स्पष्ट करते हुए कि कुचालक परतें कैसे सुरक्षा प्रदान करती हैं।

 

Question 3. खुला परिपथ किसे कहते हैं ? चित्र द्वारा समझाइए।
Answer: जब किसी विद्युत परिपथ में लगा स्विच 'ऑफ' अवस्था में होता है, तो परिपथ अधूरा रहता है और उसमें विद्युत धारा प्रवाहित नहीं होती है। इस तरह के अधूरे परिपथ को 'खुला परिपथ' कहते हैं। खुले परिपथ में कोई भी उपकरण काम नहीं करता क्योंकि बिजली का रास्ता पूरा नहीं होता है।
In simple words: जब बिजली का स्विच बंद होता है, तो बिजली का रास्ता खुला रहता है और बिजली नहीं बहती; इसे खुला परिपथ कहते हैं।

🎯 Exam Tip: खुले परिपथ की परिभाषा को उसके कार्य और बिजली के प्रवाह पर प्रभाव के साथ स्पष्ट करें।

+ - स्विच खुला परिपथ चित्र- खुला परिपथ

 

 

Question 4. बन्द परिपथ व खुले परिपथ में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
Answer:
बन्द परिपथ: इसमें स्विच 'ऑन' स्थिति में होता है, जिससे विद्युत धारा पूरे परिपथ में लगातार बहती रहती है। बन्द परिपथ में उपकरण सामान्य रूप से काम करते हैं, जैसे बल्ब जलना। बिजली का रास्ता इसमें पूरा होता है।
खुला परिपथ: इसमें स्विच 'ऑफ' स्थिति में होता है, जिससे विद्युत धारा परिपथ में नहीं बहती है। खुले परिपथ में उपकरण काम नहीं करते क्योंकि बिजली का रास्ता कहीं से टूटा हुआ होता है।
In simple words: बंद परिपथ में स्विच चालू होता है और बिजली बहती है, जिससे उपकरण काम करते हैं। खुले परिपथ में स्विच बंद होता है, बिजली नहीं बहती, और उपकरण काम नहीं करते।
🎯 Exam Tip: बंद और खुले परिपथों के बीच मुख्य अंतरों को समझें, और यह भी कि वे विद्युत धारा के प्रवाह और उपकरणों के कार्य को कैसे प्रभावित करते हैं।

 

Question 5. चालक तथा अचालक किसे कहते हैं ? इसके तीन-तीन उदाहरण दीजिए।
Answer:
चालक (Electric Conductor): वे पदार्थ जिनसे होकर विद्युत धारा का प्रवाह आसानी से हो सकता है, चालक कहलाते हैं। इन पदार्थों में आवेश (इलेक्ट्रॉन) मुक्त रूप से गति कर सकते हैं। उदाहरण: ताँबा, लोहा, चाँदी। धातुएँ आमतौर पर अच्छी चालक होती हैं।
अचालक (Non-Conductor of Electric): वे पदार्थ जिनसे होकर विद्युत धारा प्रवाहित नहीं हो सकती है, अचालक कहलाते हैं। इन पदार्थों में आवेश मुक्त रूप से गति नहीं कर पाते हैं। उदाहरण: प्लास्टिक, काँच, लकड़ी।
In simple words: चालक वे चीजें हैं जो बिजली को गुजरने देती हैं, जैसे लोहा और ताँबा। अचालक वे चीजें हैं जो बिजली को रोकती हैं, जैसे प्लास्टिक और लकड़ी।
🎯 Exam Tip: सुचालकों और कुचालकों दोनों के लिए स्पष्ट परिभाषाएँ और कई उदाहरण प्रदान करें।

 

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. विद्युत धारा का प्रवाह किसे कहते हैं ? चित्र द्वारा समझाइए।
Answer: किसी चालक तार में आवेशों (इलेक्ट्रॉनों) के एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानान्तरण को विद्युत धारा का प्रवाह कहते हैं। जब किसी परिपथ में एक बल्ब को स्विच और बैटरी से सही ढंग से जोड़ा जाता है, तो परिपथ में विद्युत धारा का प्रवाह शुरू हो जाता है। इससे बल्ब प्रकाशमय (जलने) लगता है। विद्युत धारा हमेशा धन सिरे से ऋण सिरे की ओर बहती है।
In simple words: तारों में बिजली का बहना ही विद्युत धारा का प्रवाह है। जब बल्ब को बैटरी और स्विच से ठीक से जोड़ते हैं, तो बिजली बहने लगती है और बल्ब जल जाता है।
🎯 Exam Tip: विद्युत धारा की परिभाषा को स्पष्ट रूप से बताएँ और समझाएँ कि एक बंद परिपथ में बल्ब कैसे प्रकाशित होता है।

+ - सेल स्विच ऑन की स्थिति में

 

Question 2. घर पर अनावश्यक पड़े सेल को खोलकर परीक्षण करें तथा बताइए कि उसमें क्या-क्या सामग्री हैं ?
Answer: घर में उपयोग होने वाले सेल शुष्क सेल होते हैं। यदि एक शुष्क सेल को खोला जाए, तो हमें उसमें निम्नलिखित सामग्री मिलेंगी: इसमें जस्ते का एक बेलनाकार बर्तन होता है जो ऋण टर्मिनल का काम करता है। इस बर्तन के ऊपर कागज और प्लास्टिक की एक अवरोधी परत चढ़ी होती है। बर्तन के बीच में एक ग्रेफाइट की छड़ होती है जिसके ऊपर पीतल की एक टोपी लगी होती है, यह धन टर्मिनल का काम करती है। ग्रेफाइट की छड़ के चारों ओर काले रंग का कार्बन और मैंगनीज डाइऑक्साइड का मिश्रण भरा होता है।
In simple words: एक पुराने सेल को खोलने पर आपको बाहर जस्ते का डिब्बा, ऊपर पीतल की टोपी, और अंदर काले रंग का मिश्रण तथा एक ग्रेफाइट की छड़ मिलेगी। पीतल की टोपी धन सिरा है और जस्ते का डिब्बा ऋण सिरा।
🎯 Exam Tip: एक शुष्क सेल की आंतरिक संरचना और उसके सभी घटकों के कार्यों को पहचानें।

 

Question 3. टॉर्च बल्ब की बनावट का वर्णन कीजिए। आवश्यक नामांकित चित्र बनाइए।
Answer: टॉर्च के बल्ब में एक काँच का खोखला गोला होता है। इसका एक सिरा थोड़ा संकरा होता है और एक धातु की टोपी में फंसा होता है। इस खोखले गोले के अंदर दो मोटे तार होते हैं, जिनके शीर्ष पर एक पतली स्प्रिंग जैसी तार लगी होती है, जिसे फिलामेंट कहते हैं। मोटे तारों में से एक तार धातु की टोपी से जुड़ा होता है, जबकि दूसरा तार बल्ब के आधार पर बनी एक नोंक से जुड़ा होता है। धातु की टोपी ऋण टर्मिनल का और आधार पर बनी नोंक धन टर्मिनल का काम करती है। फिलामेंट ही वह हिस्सा है जो बिजली मिलने पर प्रकाश देता है।
In simple words: टॉर्च बल्ब में एक काँच का गोला होता है जिसके अंदर एक पतला, कुंडलित तार (फिलामेंट) होता है। दो मोटे तार इस फिलामेंट को थामे रहते हैं। एक मोटा तार धातु की टोपी से जुड़ता है, और दूसरा बल्ब के आधार पर बनी नोंक से। टोपी ऋण सिरा है और नोंक धन सिरा।
🎯 Exam Tip: एक टॉर्च बल्ब के सभी भागों का वर्णन करने और यह समझाने में सक्षम रहें कि वे एक साथ कैसे काम करते हैं।

बल्ब की टोपी को छूटी हुई पत्ती सीसा बल्ब स्विच परिपथ तार या धातु की पत्ती सेल सेल ऋण टर्मिनल प्लास्टिक का खोल

 

क्रिया कार्य

 

Question 1. विद्युत बल्ब के आविष्कार करने वाले वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडीसन की जीवनी का पता लगाकर आलेख लिखिए।
Answer: थॉमस अल्वा एडीसन का जन्म 11 फरवरी को मिलान, ओहायो, संयुक्त राज्य अमेरिका में हुआ था। बचपन में वे बहुत शरारती थे और उन्हें स्कूल छोड़ना पड़ा। उन्होंने अपनी शिक्षा अपनी माताजी के सहयोग से घर पर ही पूरी की। बचपन से ही एडीसन तरह-तरह के आविष्कार करने में लगे रहते थे। उन्होंने पैसा कमाने के लिए कई छोटे-मोटे काम किए, जैसे अखरोट बेचना, चाय बेचना, फल बेचना आदि। 20 साल की उम्र तक, एडीसन ने तार कर्मचारी के रूप में काम किया। 1869 में उन्होंने अपना पहला आविष्कार, 'विद्युत मतदान गणक' का पेटेंट कराया। 1870-76 के बीच उन्होंने कई आविष्कार किए। 21 अक्टूबर, 1879 को एडीसन ने 40 घंटे से अधिक समय तक बिजली से जलने वाला निर्वात बल्ब दुनिया को दिया। 18 अक्टूबर, 1931 को उनका निधन हो गया। एडीसन का जीवन लगन और प्रयोगों से भरा रहा।
In simple words: थॉमस एडीसन ने बिजली का बल्ब बनाया था। वह बचपन से ही बहुत जिज्ञासु और मेहनती थे, और उन्होंने अपनी माँ से पढ़ाई की। उन्होंने बहुत सारे आविष्कार किए और 1931 में उनका निधन हो गया।
🎯 Exam Tip: प्रसिद्ध वैज्ञानिकों और उनके आविष्कारों के बारे में प्रमुख तथ्यों को याद रखें, खासकर उन आविष्कारों के बारे में जो हमारे दैनिक जीवन को प्रभावित करते हैं।

 

Question 2. एक खराब टॉर्च लेकर उसके आन्तरिक भाग का अवलोकन कीजिए तथा उसका चित्र बनाइए।
Answer: एक खराब टॉर्च के आंतरिक भाग में एक बल्ब, एक स्विच, और सेल (बैटरी) होते हैं, जो तार या धातु की पट्टियों से जुड़े होते हैं। बल्ब के दो टर्मिनल होते हैं, एक धातु की टोपी से जुड़ा होता है और दूसरा टॉर्च के आधार पर बनी नोंक से। सेल टॉर्च के अंदर एक के बाद एक जुड़े होते हैं। स्विच बिजली के प्रवाह को नियंत्रित करता है, उसे चालू या बंद करता है। यदि कोई तार टूटा हो या बल्ब फ्यूज हो, तो टॉर्च काम नहीं करेगी।
In simple words: एक खराब टॉर्च के अंदर बल्ब, स्विच और बैटरी तार से जुड़े होते हैं। बल्ब के दो सिरे होते हैं। यदि कोई तार टूटा हो या बल्ब खराब हो, तो टॉर्च नहीं जलती।
🎯 Exam Tip: एक टॉर्च के आंतरिक घटकों की पहचान करें और बताएं कि वे कैसे एक साथ काम करते हैं ताकि प्रकाश उत्पन्न हो सके।

 

पाठगत प्रश्नोत्तर

 

Question 1. विद्युत सेल का उपयोग हम कहाँ-कहाँ करते हैं ? सूची बनाइए। (पृष्ठ 118)
Answer: विद्युत सेल का उपयोग हम कई उपकरणों में करते हैं जो हमारे दैनिक जीवन में काम आते हैं:
1. रेडियो
2. विद्युत टार्च
3. केलकुलेटर
4. टी.वी. का रिमोट कन्ट्रोल
5. घड़ियाँ
6. मोबाईल फोन (कुछ पुराने मॉडलों में)
7. बच्चों के स्वचालित खिलौने
इन सभी उपकरणों को चलाने के लिए बिजली के स्रोत के रूप में सेल की आवश्यकता होती है।
In simple words: हम विद्युत सेल का उपयोग रेडियो, टॉर्च, कैलकुलेटर, टीवी रिमोट, घड़ियों, मोबाइल फोन और बच्चों के खिलौनों जैसी चीजों में करते हैं।
🎯 Exam Tip: ऐसे उपकरणों की अधिकतम संख्या सूचीबद्ध करें जो विद्युत सेल का उपयोग करते हैं और सुनिश्चित करें कि उनके नाम सही हों।

 

Question 2. घरों में काम आने वाले बल्ब और टार्च बल्ब में क्या समानता है ? अवलोकन कीजिए। (पृष्ठ 119)
Answer: घरों में उपयोग होने वाले बल्ब और टॉर्च बल्ब दोनों में कई समानताएँ होती हैं। दोनों में एक काँच का आवरण होता है जो अंदर के तत्वों को बचाता है। दोनों के अंदर एक पतला तन्तु या फिलामेंट होता है, जो गर्म होकर प्रकाश उत्पन्न करता है। साथ ही, दोनों में विद्युत कनेक्शन के लिए धन (+) और ऋण (-) सिरे होते हैं। दोनों का मुख्य कार्य विद्युत ऊर्जा को प्रकाश ऊर्जा में बदलना है।
In simple words: घर के बल्ब और टॉर्च के बल्ब दोनों में काँच का हिस्सा, एक पतला तार (फिलामेंट) और धन-ऋण सिरे होते हैं। दोनों ही बिजली से रोशनी देते हैं।
🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार के बल्बों की मुख्य समान विशेषताओं को पहचानें और सूचीबद्ध करें।

 

Question 3. हम देखते हैं कि कई बार परिपथ पूरा होने पर भी बल्ब नहीं जलता। इसका क्या कारण है? (पृष्ठ 119)
Answer: ऐसा कई कारणों से हो सकता है कि परिपथ पूरा होने पर भी बल्ब न जले। मुख्य कारणों में से एक यह है कि परिपथ का संयोजन पूर्ण न हो, जिसका अर्थ है कि कहीं कोई तार ढीला हो या ठीक से जुड़ा न हो। दूसरा कारण यह हो सकता है कि बल्ब स्वयं खराब हो गया हो, यानी उसका फिलामेंट टूट गया हो। इन दोनों स्थितियों में विद्युत धारा का प्रवाह बाधित हो जाता है।
In simple words: बल्ब के न जलने का कारण यह हो सकता है कि तार ठीक से जुड़े न हों, या बल्ब ही खराब हो गया हो, जिससे बिजली का रास्ता टूट जाता है।
🎯 Exam Tip: बल्ब के न जलने के सभी संभावित कारणों को सूचीबद्ध करें, जैसे कि खराब कनेक्शन, टूटा हुआ फिलामेंट, या खराब बैटरी।

 

Question 4. अच्छे बल्ब एवं फ्यूज बल्ब का अवलोकन करके पता कीजिए कि इनमें क्या अन्तर है ? (पृष्ठ 119)
Answer: एक अच्छा बल्ब वह होता है जिसका तन्तु (फिलामेंट) पूरी तरह से ठीक हो और उससे जुड़े ताँबे के तार भी पूरी तरह से जुड़े हुए हों। ऐसे बल्ब में विद्युत धारा का प्रवाह निर्बाध रूप से होता है। इसके विपरीत, एक फ्यूज बल्ब वह होता है जिसका फिलामेंट टूट गया हो, या उससे जुड़े ताँबे के तार कहीं से कटे हुए हों। फिलामेंट के टूटने या तारों के कटने से परिपथ अधूरा हो जाता है और बल्ब प्रकाश नहीं देता।
In simple words: अच्छे बल्ब में फिलामेंट और तार ठीक होते हैं। फ्यूज बल्ब में फिलामेंट टूटा होता है या तार कटे होते हैं, जिससे वह जलता नहीं है।
🎯 Exam Tip: फिलामेंट और तारों की स्थिति के आधार पर अच्छे और फ्यूज बल्ब के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझाएं।

 

Question 6. क्या सभी प्रकार के पदार्थों में विद्युत का प्रवाह हो सकता है ? (पृष्ठ 120)
Answer: नहीं, सभी प्रकार के पदार्थों में विद्युत का प्रवाह नहीं हो सकता है। विद्युत धारा केवल उन पदार्थों में प्रवाहित होती है जिन्हें विद्युत का चालक (Conductor) कहते हैं। कुचालक (Insulator) पदार्थों में विद्युत धारा का प्रवाह नहीं होता है, क्योंकि वे बिजली को अपने अंदर से नहीं गुजरने देते। उदाहरण के लिए, धातुएँ चालक हैं, जबकि प्लास्टिक और लकड़ी कुचालक हैं।
In simple words: नहीं, बिजली हर चीज़ में नहीं बह सकती। यह सिर्फ उन्हीं चीज़ों में बहती है जो बिजली की सुचालक होती हैं, जैसे धातुएँ।
🎯 Exam Tip: स्पष्ट रूप से बताएं कि विद्युत प्रवाह केवल विशेष प्रकार की सामग्रियों तक ही सीमित होता है, जिन्हें चालक कहा जाता है।

 

क्रियाकलाप

गतिविधि-2 (पृष्ठ 119)

+ - ON + - OFF चित्र-सरल विद्युत परिपथ

 

Question. ऐसा क्यों होता है ? इसके कारणों को अपने साथियों से चर्चा कीजिए।
Answer: विद्युत बल्ब तभी प्रकाशित होता है जब परिपथ के तार सही ढंग से जुड़े हों। जैसे- लाल तार को सेल के धन सिरे और बल्ब के धन सिरे से जोड़ा जाना चाहिए, और काले तार को सेल के ऋण सिरे और बल्ब के ऋण सिरे से जोड़ा जाना चाहिए। यदि तारों का संयोजन गलत तरीके से किया गया हो, तो बल्ब प्रकाशित नहीं होगा, जैसा कि चित्र की स्थिति 'ब' में दिखाया गया है। इसका मुख्य कारण बिजली का रास्ता अधूरा रहना है।
In simple words: बल्ब तभी जलता है जब सारे तार सही जगह पर जुड़े हों, धन सिरा धन से और ऋण सिरा ऋण से। अगर तार गलत जुड़े हों, तो बल्ब नहीं जलेगा।
🎯 Exam Tip: एक परिपथ के कार्य करने के लिए सही कनेक्शनों के महत्व पर जोर दें, और समझाएं कि गलत कनेक्शन से बल्ब क्यों नहीं जलता।

 

अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

बहुविकल्पीय प्रश्न

 

Question 1. बिजली से चलने वाला उपकरण नहीं है ?
(अ) फ्रिज
(ब) कूलर
(ग) टेलीविजन
(घ) साइकिल
Answer: (घ) साइकिल
In simple words: साइकिल बिजली से नहीं चलती है, बल्कि इसे चलाने के लिए इंसान की ताकत का इस्तेमाल होता है।
🎯 Exam Tip: उन उपकरणों को पहचानें जो बिजली से चलते हैं और जो नहीं चलते हैं, उनके ऊर्जा स्रोत के आधार पर।

 

Question 2. विद्युत धारा का प्रवाह होता है
(अ) धन सिरे से ऋण सिरे की ओर
(ब) ऋण सिरे से धन सिरे की ओर
(स) कभी धन सिरे से ऋण सिरे की ओर कभी ऋण सिरे से धन सिरे की ओर
(द) इनमें से कोई नहीं।
Answer: (अ) धन सिरे से ऋण सिरे की ओर
In simple words: बिजली का प्रवाह हमेशा बैटरी के सकारात्मक (+) छोर से नकारात्मक (-) छोर की ओर होता है।
🎯 Exam Tip: विद्युत धारा की पारंपरिक दिशा को याद रखें, जो धन टर्मिनल से ऋण टर्मिनल की ओर होती है।

 

Question 3. टॉर्च के सेल में धन टर्मिनल होता है
(अ) सेल की तली में
(ब) पीतल की टोपी में
(स) प्लास्टिक का कवर में
(द) कहीं भी
Answer: (ब) पीतल की टोपी में
In simple words: एक टॉर्च सेल का सकारात्मक (+) सिरा ऊपर की पीतल की टोपी होता है।
🎯 Exam Tip: एक शुष्क सेल के धन और ऋण टर्मिनलों की पहचान करना सीखें।

 

Question 4. चालक पदार्थ है
(अ) लोहे की कील
(ब) प्लास्टिक की रिफिल
(स) लकड़ी
(द) ये सभी।
Answer: (अ) लोहे की कील
In simple words: लोहे की कील एक चालक पदार्थ है क्योंकि लोहा एक धातु है जो बिजली को अपने अंदर से गुजरने देता है।
🎯 Exam Tip: धातुओं को सामान्य चालकों के रूप में याद रखें, और लकड़ी तथा प्लास्टिक को कुचालकों के रूप में।

 

रिक्त स्थान

 

Question. निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
(i) विद्युत हमारे दैनिक जीवन में बहुत उपयोगी है।
(ii) बल्ब में काँच के आवरण से अन्दर एक पतला तार होता है जिसे फिलामेंट कहते हैं।
(iii) सेल के दो टर्मिनल होते हैं।
Answer:
(i) विद्युत
(ii) फिलामेंट
(iii) दो
In simple words: बिजली हमारे जीवन में बहुत उपयोगी है। बल्ब के अंदर का पतला तार फिलामेंट कहलाता है। एक सेल के दो सिरे होते हैं।
🎯 Exam Tip: बिजली के बुनियादी घटकों और सिद्धांतों को जानें, जैसे कि उपयोगिता, बल्ब का हिस्सा, और सेल के टर्मिनल।

 

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. बिजली से चलने वाले दो विद्युत यन्त्रों के नाम लिखिए।
Answer: बिजली से चलने वाले दो विद्युत यन्त्रों के नाम हैं:
1. कूलर
2. वॉशिंग मशीन
ये उपकरण बिजली का उपयोग करके काम करते हैं और हमारे दैनिक जीवन को आसान बनाते हैं।
In simple words: बिजली से चलने वाली दो चीजें हैं कूलर और वॉशिंग मशीन।
🎯 Exam Tip: अपने दैनिक जीवन से बिजली के उपकरणों के सामान्य उदाहरण प्रदान करें।

 

Question 2. पॉवर हाउस किसे कहते हैं ?
Answer: पॉवर हाउस वह स्थान होता है जहाँ से बिजली उत्पन्न की जाती है और फिर हमारे घरों तक पहुँचाई जाती है। इसे विद्युत उत्पादन संयंत्र भी कहते हैं। बड़े-बड़े जनरेटर यहाँ बिजली बनाते हैं।
In simple words: पॉवर हाउस वह जगह है जहाँ से हमारे घरों में बिजली आती है।
🎯 Exam Tip: अपने घरों के लिए बिजली के मूल स्रोत को समझें और उसकी परिभाषा दें।

 

Question 3. विद्युत आपूर्ति बन्द होने और फिर अन्धेरा हो जाने पर हम कौन-कौन सी युक्तियों को प्रयोग में लाते हैं ? केवल दो नाम लिखिए।
Answer: विद्युत आपूर्ति बन्द होने और अन्धेरा हो जाने पर हम प्रकाश और ऊर्जा के लिए निम्नलिखित दो युक्तियों का प्रयोग करते हैं:
1. टॉर्च
2. इनवर्टर
टॉर्च बैटरी से चलती है और इनवर्टर बिजली कटने पर बैटरी से घर के उपकरणों को बिजली देता है।
In simple words: जब बिजली चली जाती है और अँधेरा हो जाता है, तो हम टॉर्च और इनवर्टर का इस्तेमाल करते हैं।
🎯 Exam Tip: बिजली गुल होने की स्थिति में उपयोग किए जाने वाले उपकरणों के नाम दें और उनके कार्यों को संक्षेप में समझाएं।

 

Question 4. क्या जनरेटर विद्युत उत्पन्न कर सकता है ?
Answer: हाँ, जनरेटर विद्युत उत्पन्न कर सकता है। जनरेटर एक ऐसा यंत्र है जो यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है। इसका उपयोग अक्सर बिजली की कमी होने पर या जहाँ बिजली की सुविधा न हो, वहाँ बिजली प्रदान करने के लिए किया जाता है।
In simple words: हाँ, जनरेटर बिजली बना सकता है। जनरेटर एक ऐसी मशीन है जो बिजली पैदा करती है।
🎯 Exam Tip: जनरेटर की परिभाषा और उसके कार्य को स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 5. घरों में प्रत्येक उपकरण में स्विच क्यों लगाया जाता है ?
Answer: घरों में प्रत्येक उपकरण में स्विच इसलिए लगाया जाता है ताकि हम अपनी आवश्यकतानुसार उपकरणों को आसानी से बन्द और चालू कर सकें। स्विच विद्युत परिपथ को पूरा या बाधित करके विद्युत धारा के प्रवाह को नियंत्रित करता है, जिससे ऊर्जा की बचत होती है और उपकरण सुरक्षित रहते हैं।
In simple words: घर के हर उपकरण में स्विच इसलिए लगाया जाता है ताकि हम उसे अपनी मर्जी से चालू या बंद कर सकें।
🎯 Exam Tip: स्विच के मूल उद्देश्य को स्पष्ट रूप से समझाएं, जिसमें बिजली के प्रवाह को नियंत्रित करना शामिल है।

 

Question 7. बल्ब एवं सेल के दोनों टर्मिनलों को क्या कहते हैं ?
Answer: बल्ब और सेल के दोनों टर्मिनलों को धन टर्मिनल (+) और ऋण टर्मिनल (-) कहते हैं। ये टर्मिनल बिजली के प्रवाह के लिए आवश्यक होते हैं। धन टर्मिनल वह सिरा है जहाँ से पारंपरिक रूप से विद्युत धारा निकलती है, और ऋण टर्मिनल वह सिरा है जहाँ विद्युत धारा प्रवेश करती है।
In simple words: बल्ब और सेल के दो सिरे होते हैं जिन्हें धन (पॉजिटिव) सिरा और ऋण (नेगेटिव) सिरा कहते हैं।
🎯 Exam Tip: धन और ऋण टर्मिनलों को सही ढंग से पहचानें और उनका नाम बताएं।

 

लघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. एक सेल का नामांकित चित्र बनाइए।
Answer: एक सेल का नामांकित चित्र नीचे दिया गया है, जिसमें उसके मुख्य भाग और टर्मिनल दिखाए गए हैं। इसमें ऊपर की पीतल की टोपी धन (+) सिरा होती है, जबकि नीचे का जस्ते का बर्तन ऋण (-) सिरा होता है।
In simple words: नीचे एक सेल का चित्र है, जिसमें पीतल की टोपी धन सिरा है और जस्ते का बर्तन ऋण सिरा है।
🎯 Exam Tip: एक सेल के सभी मुख्य भागों को सही ढंग से नामांकित करना सीखें।

पीतल की टोपी जस्ते का बर्तन जो प्लास्टिक या कागज से ढका रहता है। ऋण सिरा (टर्मिनल) + - चित्र - विद्युत सेल

 

Question 2. खतरे के निशान का चित्र बनाकर इसकी चेतावनी को बताइए।
Answer: नीचे बिजली के खतरे का निशान दिया गया है, जो एक खोपड़ी और हड्डियों का प्रतीक है। यह चेतावनी उन स्थानों पर लगी होती है जहाँ बिजली का उच्च वोल्टेज या अन्य विद्युत खतरा मौजूद होता है, जैसे विद्युत खंभे, ट्रांसफार्मर, और बिजली के तार वाली जगहें। यह निशान लोगों को सावधान रहने और इन स्थानों से दूर रहने की चेतावनी देता है, क्योंकि वहाँ जानलेवा बिजली का झटका लगने का जोखिम होता है। यह एक महत्वपूर्ण सुरक्षा संकेत है।
In simple words: यह खोपड़ी और हड्डियों वाला निशान बिजली के खतरे को दिखाता है। यह बताता है कि इस जगह पर बिजली का झटका लग सकता है, इसलिए यहाँ से दूर रहना चाहिए।
🎯 Exam Tip: बिजली के खतरे के निशान को पहचानें और इसके अर्थ को समझाएं, साथ ही बिजली सुरक्षा के महत्व पर जोर दें।

DANGER! चित्र- खतरे का निशान

 

Question. विद्युत के सुचालक तथा अचालक क्या होते हैं ? उदाहरण देकर समझाइए।
Answer:
विद्युत सुचालक (Electric Conductor): ये वे पदार्थ होते हैं जिनसे होकर विद्युत धारा आसानी से प्रवाहित हो सकती है, यानी जिनसे बिजली बह सकती है। इनमें इलेक्ट्रॉन मुक्त रूप से गति करते हैं। उदाहरण: धातुएँ जैसे लोहा, चाँदी, ताँबा आदि। नमक का घोल, ग्रेफाइट और इलेक्ट्रोलाइट विलयन भी सुचालक हैं।
विद्युत अचालक (Non-Conductor of Electric): ये वे पदार्थ होते हैं जिनसे होकर विद्युत धारा प्रवाहित नहीं हो सकती है, यानी जो बिजली को अपने अंदर से नहीं गुजरने देते। इनमें इलेक्ट्रॉन मुक्त रूप से गति नहीं कर पाते। उदाहरण: सूखी लकड़ी, अधातुएँ (जैसे अभ्रक, सिलिकॉन), शुद्ध पानी, काँच, प्लास्टिक और रबर आदि।
In simple words: सुचालक वे चीजें हैं जैसे लोहा और ताँबा, जो बिजली को गुजरने देती हैं। अचालक वे चीजें हैं जैसे प्लास्टिक और लकड़ी, जो बिजली को रोकती हैं।
🎯 Exam Tip: सुचालकों और कुचालकों दोनों की स्पष्ट परिभाषाएँ दें और उनके कई उदाहरणों को सूचीबद्ध करें।

 

Question 2. अपने घरों में विद्युत से चलने वाले विभिन्न उपकरणों की सूची बनाइए।
Answer: घरों में विद्युत से चलने वाले विभिन्न उपकरण इस प्रकार हैं:
1. टेलीविजन
2. फ्रिज
3. रेडियो
4. विद्युत प्रेस
5. माइक्रोवेव
6. वॉशिंग मशीन
7. टेप रिकार्डर
8. विद्युत बल्ब
9. ट्यूब लाइट
10. वैक्यूम क्लीनर
ये सभी उपकरण बिजली का उपयोग करके हमारे दैनिक जीवन के कई कार्यों को आसान बनाते हैं।
In simple words: हमारे घरों में बिजली से चलने वाली चीजों में टीवी, फ्रिज, रेडियो, प्रेस, माइक्रोवेव, वॉशिंग मशीन, टेप रिकॉर्डर, बल्ब, ट्यूबलाइट और वैक्यूम क्लीनर शामिल हैं।
🎯 Exam Tip: घरों में पाए जाने वाले बिजली के उपकरणों की एक विस्तृत सूची बनाएं।
 

सही विकल्प का चयन कीजिए

 

Question 1. विद्युत सेल के टर्मिनल की संख्या होती है
(a) एक
(b) दो
(c) तीन
(d) उपर्युक्त में कोई नहीं।
Answer: (b) दो
In simple words: एक विद्युत सेल के दो सिरे होते हैं: एक धन (+) सिरा और एक ऋण (-) सिरा, जो बिजली के प्रवाह को पूरा करते हैं।
🎯 Exam Tip: हमेशा याद रखें कि विद्युत सेल में दो टर्मिनल होते हैं, एक सकारात्मक और एक नकारात्मक, जो विद्युत परिपथ बनाने के लिए आवश्यक हैं।

 

Question 2. निम्नलिखित में से किसमें विद्युत धारा प्रवाहित नहीं होती है ?
(a) ताँबा
(b) लोहा
(c) लकड़ी
(d) ऐलुमिनियम
Answer: (c) लकड़ी
In simple words: लकड़ी में बिजली का प्रवाह नहीं होता क्योंकि यह एक कुचालक है। ताँबा, लोहा और ऐलुमिनियम में बिजली बहती है।
🎯 Exam Tip: पदार्थों को सुचालक और कुचालक में बाँटते समय, याद रखें कि धातुएँ (ताँबा, लोहा, ऐलुमिनियम) सुचालक होती हैं, जबकि लकड़ी और प्लास्टिक जैसी चीजें कुचालक होती हैं।

 

Question 3. विद्युत के तार बनाने में काम लिया जाता है
(a) लकड़ी
(b) ताँबा
(c) प्लास्टिक
(d) धागा
Answer: (b) ताँबा
In simple words: ताँबे का उपयोग बिजली के तार बनाने में होता है क्योंकि यह बिजली का अच्छा सुचालक है। लकड़ी, प्लास्टिक और धागा बिजली नहीं पहुँचाते।
🎯 Exam Tip: विद्युत तारों के लिए हमेशा सुचालक धातुओं का उपयोग किया जाता है, जैसे ताँबा, क्योंकि वे विद्युत को आसानी से गुजरने देते हैं।

 

Question 4. विद्युत से नहीं चलने वाली युक्ति है
(a) पंखा
(b) कूलर
(c) टेलीविजन
(d) साइकिल
Answer: (d) साइकिल
In simple words: साइकिल को चलाने के लिए बिजली की ज़रूरत नहीं पड़ती; यह पैरों से चलती है। पंखा, कूलर और टेलीविजन बिजली से चलते हैं।
🎯 Exam Tip: यह पहचानने के लिए कि कोई उपकरण बिजली से चलता है या नहीं, सोचें कि क्या उसे चलाने के लिए प्लग लगाने या बैटरी की आवश्यकता होती है।

 

Question 1. जिन पदार्थों में विद्युत धारा का प्रवाह हो सकता है उन्हें............ कहते हैं।
Answer: जिन पदार्थों में विद्युत धारा का प्रवाह हो सकता है उन्हें सुचालक कहते हैं। ये ऐसे पदार्थ होते हैं जो बिजली को अपने अंदर से आसानी से गुजरने देते हैं, जिससे विद्युत परिपथ पूरा हो पाता है।
In simple words: जिन चीजों से बिजली आसानी से गुजर सकती है, उन्हें सुचालक कहते हैं।
🎯 Exam Tip: सुचालक पदार्थ वे होते हैं जिनमें मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं, जो विद्युत आवेश को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में मदद करते हैं।

 

Question 2. बल्ब के अन्दर लगा दो मोटे तारों पर लगा पतला तार ........ कहलाता है।
Answer: बल्ब के अन्दर लगा दो मोटे तारों पर लगा पतला तार फिलामेंट कहलाता है। जब बिजली फिलामेंट से गुजरती है, तो यह बहुत गर्म होकर प्रकाश उत्पन्न करता है।
In simple words: बल्ब के अंदर जो पतला तार होता है जिससे रोशनी निकलती है, उसे फिलामेंट कहते हैं।
🎯 Exam Tip: फिलामेंट आमतौर पर टंगस्टन धातु से बना होता है, क्योंकि इसका गलनांक बहुत अधिक होता है और यह उच्च तापमान पर भी नहीं पिघलता।

 

लघु उत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. बिजली के खम्भों पर चढ़ने वाला व्यक्ति रबर के दस्ताने क्यों पहनता है ?
Answer: बिजली के खंभों पर चढ़ने वाला व्यक्ति रबर के दस्ताने पहनता है क्योंकि रबर विद्युत की कुचालक होती है। यह व्यक्ति को बिजली के झटके से बचाती है क्योंकि बिजली रबर के माध्यम से प्रवाहित नहीं हो पाती है, जिससे व्यक्ति सुरक्षित रहता है।
In simple words: बिजली का काम करने वाले लोग रबर के दस्ताने इसलिए पहनते हैं ताकि उन्हें बिजली का झटका न लगे। रबर बिजली को अपने आर-पार नहीं जाने देती।
🎯 Exam Tip: विद्युत संबंधी कार्यों में सुरक्षा के लिए कुचालक सामग्री, जैसे रबर या प्लास्टिक का उपयोग करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे बिजली के प्रवाह को रोकते हैं।

 

Question 2. पेचकस और प्लायर के हत्थों पर प्लास्टिक व रबर की परत क्यों चढ़ी होती है ?
Answer: पेचकस और प्लायर के हत्थों पर प्लास्टिक या रबर की परत इसलिए चढ़ी होती है क्योंकि प्लास्टिक और रबर दोनों विद्युत के कुचालक होते हैं। यह परत बिजली का काम करते समय उपयोगकर्ता को बिजली के झटके से बचाती है, जिससे बिजली का प्रवाह व्यक्ति के शरीर में नहीं होता।
In simple words: पेचकस और प्लायर के हैंडल पर प्लास्टिक या रबर चढ़ा होता है ताकि बिजली का काम करते समय हाथ में करंट न लगे, क्योंकि ये चीजें बिजली को रोकती हैं।
🎯 Exam Tip: उपकरण के हत्थों पर कुचालक सामग्री का उपयोग यह सुनिश्चित करता है कि बिजली का प्रवाह केवल उपकरण के धात्विक भाग में रहे, न कि उपयोगकर्ता तक पहुँचे।

 

Question 3. खुला परिपथ किसे कहते हैं ? चित्र द्वारा समझाइए।
Answer: खुला परिपथ वह होता है जब विद्युत परिपथ में स्विच 'ऑफ' स्थिति में होता है, जिससे परिपथ पूरा नहीं होता। ऐसे में विद्युत धारा प्रवाहित नहीं होती है और कोई भी उपकरण कार्य नहीं करता। यह सर्किट टूटा हुआ होता है। + स्विच खुला परिपथ
In simple words: जब बिजली का रास्ता कहीं से टूटा हुआ हो (जैसे स्विच बंद होने पर), तो उसे खुला परिपथ कहते हैं। इसमें बिजली नहीं बहती और बल्ब नहीं जलता।
🎯 Exam Tip: एक खुले परिपथ की मुख्य पहचान यह है कि इसमें स्विच 'ऑफ' होता है या कहीं से तार टूटा होता है, जिससे विद्युत प्रवाह बाधित हो जाता है।

 

Question 4. बन्द परिपथ व खुले परिपथ में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
Answer: बन्द परिपथ और खुले परिपथ में मुख्य अंतर इस प्रकार हैं:
(i) बन्द परिपथ: इसमें स्विच 'ऑन' की स्थिति में रहता है और विद्युत धारा पूरे परिपथ में प्रवाहित होती है। इस परिपथ में लगे उपकरण (जैसे बल्ब) कार्य करते हैं। यह एक पूरा और लगातार रास्ता प्रदान करता है।
(ii) खुला परिपथ: इसमें स्विच 'ऑफ' की स्थिति में रहता है और विद्युत धारा परिपथ में प्रवाहित नहीं होती। इस परिपथ में लगे उपकरण कार्य नहीं करते हैं क्योंकि विद्युत प्रवाह का रास्ता बाधित होता है।
In simple words: बंद परिपथ में स्विच ऑन होता है और बिजली बहती है, जिससे उपकरण चलते हैं। खुले परिपथ में स्विच ऑफ होता है और बिजली नहीं बहती, इसलिए उपकरण काम नहीं करते।
🎯 Exam Tip: परिपथ की स्थिति (खुला या बंद) को समझने के लिए, हमेशा स्विच की स्थिति और यह देखें कि क्या बिजली का मार्ग कहीं से भी टूटा हुआ है।

 

Question 5. चालक तथा अचालक किसे कहते हैं ? इसके तीन-तीन उदाहरण दीजिए।
Answer: चालक और अचालक पदार्थ विद्युत प्रवाह की क्षमता के आधार पर वर्गीकृत किए जाते हैं:
(i) चालक (Electric Conductor): ऐसे पदार्थ जिनमें से होकर विद्युत धारा आसानी से प्रवाहित हो सकती है, उन्हें चालक कहते हैं। ये पदार्थ अपने अंदर से बिजली को गुजरने देते हैं। उदाहरण के लिए: ताँबा, लोहा, चाँदी।
(ii) अचालक (Non-Conductor of Electric): ऐसे पदार्थ जिनमें से होकर विद्युत धारा प्रवाहित नहीं हो सकती, उन्हें अचालक कहते हैं। ये पदार्थ बिजली के प्रवाह को रोकते हैं। उदाहरण के लिए: प्लास्टिक, काँच, लकड़ी।
In simple words: चालक वो होते हैं जिनसे बिजली गुजर सकती है, जैसे ताँबा। अचालक वो होते हैं जिनसे बिजली नहीं गुजर सकती, जैसे प्लास्टिक।
🎯 Exam Tip: धातुओं को आमतौर पर अच्छा चालक माना जाता है, जबकि अधातुएँ और उनके यौगिक अक्सर अचालक होते हैं।

 

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. विद्युत धारा का प्रवाह किसे कहते हैं ? चित्र द्वारा समझाइए।
Answer: किसी चालक तार में आवेशों (जैसे इलेक्ट्रॉन) के स्थानान्तरण को विद्युत धारा का प्रवाह कहते हैं। जब एक विद्युत परिपथ में बल्ब, स्विच और बैटरी को सही ढंग से जोड़ा जाता है, तो बैटरी से निकलने वाली विद्युत धारा स्विच के माध्यम से बल्ब तक पहुँचती है, जिससे बल्ब प्रकाशित हो उठता है। यह ऊर्जा का एक रूप है जो उपकरणों को शक्ति प्रदान करता है। स्विच ऑन की स्थिति में + सेल In simple words: विद्युत धारा का प्रवाह तब होता है जब बिजली के छोटे कण (आवेश) किसी तार में एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं। जैसे ही हम स्विच ऑन करते हैं, बिजली बहने लगती है और बल्ब जल उठता है।
🎯 Exam Tip: विद्युत धारा की दिशा को हमेशा धन टर्मिनल से ऋण टर्मिनल की ओर माना जाता है, भले ही इलेक्ट्रॉन विपरीत दिशा में चलते हों।

 

Question 2. घर पर अनावश्यक पड़े सेल को खोलकर परीक्षण करें तथा बताइए कि उसमें क्या-क्या सामग्री हैं ?
Answer: घर पर अनावश्यक पड़े सेल (शुष्क सेल) को खोलने पर उसमें निम्नलिखित सामग्री पाई जाती है:
(i) जस्ते का बर्तन: यह सेल का बाहरी आवरण होता है और यह ऋण टर्मिनल के रूप में कार्य करता है। इसके ऊपर कागज़ या प्लास्टिक की एक अवरोधी परत चढ़ी होती है।
(ii) ग्रेफाइट की छड़: यह सेल के बीचों-बीच लगी होती है और धन टर्मिनल के रूप में कार्य करती है। इसके ऊपर पीतल की एक टोपी लगी होती है।
(iii) कार्बन एवं मैग्नीज डाइऑक्साइड का मिश्रण: यह काला मिश्रण ग्रेफाइट की छड़ के चारों ओर भरा होता है और रासायनिक अभिक्रियाओं में मदद करता है। जस्ते का खोल पीतल की टोपी ग्रेफाइट की छड़ कार्बन + मैग्नीज डाइ-आक्साइड का मिश्रण कागज या प्लास्टिक का कवर चित्र
In simple words: एक सूखे सेल के अंदर जस्ते का बाहरी खोल, बीच में ग्रेफाइट की छड़ और उनके बीच कार्बन व मैग्नीज डाइऑक्साइड का काला मिश्रण मिलता है। जस्ते का खोल ऋण ध्रुव और पीतल की टोपी वाला ग्रेफाइट धन ध्रुव होता है।
🎯 Exam Tip: शुष्क सेल में रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदला जाता है, और यह अभिक्रिया ग्रेफाइट छड़ व मिश्रण के बीच होती है।

 

Question 3. टॉर्च बल्ब की बनावट का वर्णन कीजिए। आवश्यक नामांकित चित्र बनाइए।
Answer: टॉर्च बल्ब में मुख्य रूप से एक काँच का खोखला गोला होता है। इस गोले का एक सिरा संकरा होता है और एक धातु की टोपी में कसा होता है। बल्ब के अंदर दो मोटे तार होते हैं। इन मोटे तारों के सिरे पर एक पतली, स्प्रिंग जैसी तार लगी होती है, जिसे फिलामेंट कहते हैं। एक मोटा तार धातु की टोपी से जुड़ा होता है, और दूसरा मोटा तार बल्ब के आधार पर बनी एक नोंक से जुड़ा होता है। धातु की टोपी ऋण टर्मिनल और आधार पर बनी नोंक धन टर्मिनल का काम करती है। टोपी मोटे तार फिलामेंट नोंक चित्र-टॉर्च का बल्ब
In simple words: टॉर्च के बल्ब में काँच का एक गोला होता है, जिसके अंदर दो मोटे तारों से एक पतला तार (फिलामेंट) जुड़ा होता है। यही फिलामेंट गरम होकर रोशनी देता है।
🎯 Exam Tip: बल्ब का फिलामेंट टंगस्टन का बना होता है, जो बिजली गुज़रने पर अत्यधिक गर्म होकर प्रकाश देता है और इस धातु का गलनांक उच्च होता है।

 

क्रिया कार्य

 

Question 1. विद्युत बल्ब के आविष्कार करने वाले वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडीसन की जीवनी का पता लगाकर आलेख लिखिए।
Answer: थॉमस अल्वा एडीसन एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे जिनका जन्म 11 फरवरी को मिलान, ओहायो, संयुक्त राज्य अमेरिका में हुआ था। बचपन में वे शरारती स्वभाव के कारण स्कूल छोड़ना पड़ा, और उनकी शिक्षा उनकी माताजी ने घर पर ही करवाई। वे बचपन से ही नए-नए आविष्कार करने में रुचि रखते थे और उन्होंने अपनी कमाई के लिए कई छोटे-मोटे काम किए, जैसे अख़बार बेचना, चाय बेचना और फल बेचना। 20 साल की उम्र तक, एडीसन ने तार कर्मचारी के रूप में काम किया। उन्होंने 1869 में अपना पहला आविष्कार, 'विद्युत मतदान गणक', का पेटेंट कराया। 1870-76 के बीच उन्होंने कई और आविष्कार किए। 21 अक्टूबर, 1879 को, उन्होंने 40 घंटे से अधिक समय तक जलने वाला निर्वात बल्ब दुनिया को दिया। 18 अक्टूबर, 1931 को उनका निधन हो गया। एडीसन के आविष्कारों ने आधुनिक जीवन को बहुत प्रभावित किया।
In simple words: थॉमस अल्वा एडीसन, जिन्होंने बिजली का बल्ब बनाया, एक अमेरिकी वैज्ञानिक थे। उन्होंने बचपन से ही कई आविष्कार किए और कई छोटे-मोटे काम करके पैसे कमाए। उन्होंने 1879 में बिजली का बल्ब बनाया और 1931 में उनका निधन हो गया।
🎯 Exam Tip: थॉमस एडीसन का नाम हमेशा विद्युत बल्ब के आविष्कार से जुड़ा है, लेकिन उन्होंने टेलीग्राफ और फोनोग्राफ जैसे कई अन्य महत्वपूर्ण आविष्कार भी किए।

 

Question 2. एक खराब टॉर्च लेकर उसके आन्तरिक भाग का अवलोकन कीजिए तथा उसका चित्र बनाइए।
Answer: एक खराब टॉर्च के आंतरिक भाग का अवलोकन करने पर एक सरल विद्युत परिपथ दिखाई देता है। इसमें एक बल्ब, दो या तीन सेल (बैटरी), एक स्विच और कुछ तार या धातु की पत्तियाँ होती हैं जो इन सभी घटकों को जोड़ती हैं। स्विच को 'ऑन' करने पर यह परिपथ पूरा होता है, और 'ऑफ' करने पर टूट जाता है। प्लास्टिक का खोल बल्ब बल्ब की टोपी को छूटी हुई पत्ती स्विच सेल + सेल + ऋण टर्मिनल परिपथ तार या धातु की पत्ती In simple words: एक टूटी हुई टॉर्च के अंदर एक बल्ब, कुछ बैटरी सेल और एक स्विच होता है। ये सभी पतले तारों या धातु की पत्तियों से जुड़े होते हैं, जिससे बिजली का पूरा रास्ता बन सके।
🎯 Exam Tip: टॉर्च के आंतरिक भाग का अवलोकन करते समय, प्रत्येक घटक की पहचान करें और यह समझें कि वे बिजली के प्रवाह को कैसे सक्षम करते हैं।

 

पाठगत प्रश्नोत्तर

 

Question 1. विद्युत सेल का उपयोग हम कहाँ-कहाँ करते हैं ? सूची बनाइए। (पृष्ठ 118)
Answer: विद्युत सेल का उपयोग हम अपने दैनिक जीवन में कई उपकरणों में करते हैं, खासकर उन उपकरणों में जिन्हें पोर्टेबल होना चाहिए और तार के बिना काम करना चाहिए। कुछ प्रमुख उपयोग इस प्रकार हैं:
1. रेडियो
2. विद्युत टार्च
3. कैलकुलेटर
4. टी.वी. का रिमोट कंट्रोल
5. घड़ियाँ
6. मोबाइल फोन
7. बच्चों के स्वचालित खिलौने
In simple words: विद्युत सेल का इस्तेमाल रेडियो, टॉर्च, कैलकुलेटर, टीवी रिमोट, घड़ियों, मोबाइल फोन और बच्चों के खिलौनों जैसी चीज़ों में होता है, क्योंकि ये इन चीजों को बिना तार के चला सकते हैं।
🎯 Exam Tip: विद्युत सेल उन छोटे उपकरणों के लिए आदर्श होते हैं जिन्हें बिजली के आउटलेट से दूर ले जाना पड़ता है, जिससे वे बैटरी चालित होते हैं।

 

Question 2. घरों में काम आने वाले बल्ब और टार्च बल्ब में क्या समानता है ? अवलोकन कीजिए। (पृष्ठ 119)
Answer: घरों में काम आने वाले सामान्य बल्ब और टॉर्च बल्ब दोनों में कुछ महत्वपूर्ण समानताएँ होती हैं। दोनों में एक काँच का बल्ब होता है जिसके अंदर एक फिलामेंट या तन्तु लगा होता है। साथ ही, दोनों में धन (+) और ऋण (-) सिरे होते हैं जो बिजली प्राप्त करने के लिए जुड़े होते हैं। दोनों का मुख्य कार्य विद्युत ऊर्जा को प्रकाश ऊर्जा में बदलना है।
In simple words: घर के बल्ब और टॉर्च के बल्ब दोनों में एक काँच का हिस्सा, एक फिलामेंट और बिजली के लिए धन-ऋण सिरे होते हैं। दोनों का काम रोशनी देना है।
🎯 Exam Tip: दोनों प्रकार के बल्बों का सिद्धांत एक ही है: फिलामेंट गर्म होने पर प्रकाश उत्पन्न करता है, जिससे विद्युत ऊर्जा प्रकाश में बदल जाती है।

 

Question 3. हम देखते हैं कि कई बार परिपथ पूरा होने पर भी बल्ब नहीं जलता। इसका क्या कारण है? (पृष्ठ 119)
Answer: कई बार परिपथ पूरा होने पर भी बल्ब न जलने के कुछ सामान्य कारण हो सकते हैं। पहला, हो सकता है कि परिपथ का संयोजन ठीक से न हुआ हो, यानी तार सही जगह पर न जुड़े हों। दूसरा, यह भी हो सकता है कि बल्ब खुद खराब हो गया हो, जिसका फिलामेंट टूट गया हो। इसके अलावा, यदि बैटरी कमजोर हो या खत्म हो गई हो, तो भी बल्ब नहीं जलेगा क्योंकि उसे पर्याप्त बिजली नहीं मिल पाएगी।
In simple words: बल्ब के न जलने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे तार ठीक से न जुड़े होना, बल्ब का खराब हो जाना, या बैटरी का कमजोर होना।
🎯 Exam Tip: किसी परिपथ में समस्या निवारण करते समय, हमेशा पहले बिजली स्रोत (बैटरी), फिर बल्ब (फिलामेंट की जाँच करें), और अंत में तारों के कनेक्शन की जाँच करें।

 

Question 4. अच्छे बल्ब एवं फ्यूज बल्ब का अवलोकन करके पता कीजिए कि इनमें क्या अन्तर है ? (पृष्ठ 119)
Answer: एक अच्छे बल्ब और एक फ्यूज बल्ब में मुख्य अंतर उनके फिलामेंट की स्थिति में होता है। एक अच्छे बल्ब का फिलामेंट (तन्तु) सही सलामत होता है और उससे जुड़े ताँबे के तार भी पूरी तरह से जुड़े होते हैं, जिससे बिजली का प्रवाह बिना किसी बाधा के होता है। इसके विपरीत, एक फ्यूज बल्ब में फिलामेंट टूट गया होता है, या फिर उससे जुड़े ताँबे के तार कहीं से कटे हुए होते हैं, जिससे विद्युत परिपथ टूट जाता है और बिजली का प्रवाह रुक जाता है, फलस्वरूप बल्ब नहीं जलता।
In simple words: अच्छे बल्ब का पतला तार (फिलामेंट) सही होता है, जिससे बिजली बहती है। फ्यूज बल्ब का फिलामेंट टूट जाता है या तार कट जाते हैं, जिससे बिजली नहीं बह पाती और बल्ब नहीं जलता।
🎯 Exam Tip: फ्यूज बल्ब में फिलामेंट की निरंतरता की जाँच करना सबसे आसान तरीका है यह पता लगाने का कि बल्ब काम कर रहा है या नहीं।

 

Question 6. क्या सभी प्रकार के पदार्थों में विद्युत का प्रवाह हो सकता है ? (पृष्ठ 120)
Answer: नहीं, सभी प्रकार के पदार्थों में विद्युत का प्रवाह नहीं हो सकता। विद्युत का प्रवाह केवल उन्हीं पदार्थों में हो सकता है जो विद्युत के चालक होते हैं। कुचालक पदार्थ, जैसे लकड़ी, प्लास्टिक, और काँच, अपने अंदर से विद्युत धारा को प्रवाहित नहीं होने देते।
In simple words: नहीं, बिजली सभी चीजों में से नहीं गुजर सकती। यह सिर्फ उन चीजों में से गुजरती है जो बिजली की सुचालक होती हैं, जैसे धातुएँ।
🎯 Exam Tip: सुचालक और कुचालक पदार्थों के बीच का अंतर समझना विद्युत सुरक्षा और परिपथ डिजाइन के लिए आवश्यक है।

 

क्रियाकलाप

गतिविधि-2 (पृष्ठ 119)

 

Question 1. ऐसा क्यों होता है ? इसके कारणों को अपने साथियों से चर्चा कीजिए।
Answer: विद्युत बल्ब तभी प्रकाशित होता है जब परिपथ के तारों को सही ढंग से जोड़ा जाए। इसका मतलब है कि लाल तार को सेल के धन (+) सिरे से और बल्ब के धन सिरे से जोड़ना चाहिए, और काले तार को सेल के ऋण (-) सिरे से तथा बल्ब के ऋण सिरे से जोड़ना चाहिए। यदि टर्मिनल गलत तरीके से जोड़े जाते हैं, जैसा कि स्थिति 'ब' में दिखाया गया है (चित्र सरल विद्युत परिपथ), तो बल्ब प्रकाशित नहीं होता है क्योंकि परिपथ पूरा नहीं होता या विद्युत धारा सही दिशा में प्रवाहित नहीं हो पाती। + + चित्र-सरल विद्युत परिपथ In simple words: बल्ब तभी जलता है जब उसके तार बैटरी के सही ध्रुवों (धन से धन और ऋण से ऋण) से जुड़े हों। अगर तार गलत जुड़े हों, तो बिजली का रास्ता पूरा नहीं होता और बल्ब नहीं जलता।
🎯 Exam Tip: एक साधारण परिपथ में विद्युत प्रवाह के लिए, सभी घटकों को एक पूर्ण और बंद लूप में सही ध्रुवीयता के साथ जोड़ा जाना आवश्यक है।

 

अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

बहुविकल्पीय प्रश्न

 

Question 1. बिजली से चलने वाला उपकरण नहीं है ?
(a) फ्रिज
(b) कूलर
(c) पंखा
(d) साइकिल
Answer: (d) साइकिल
In simple words: साइकिल को चलाने के लिए बिजली की ज़रूरत नहीं होती है। यह मानव शक्ति से चलती है। फ्रिज, कूलर और पंखा बिजली से चलते हैं।
🎯 Exam Tip: उन उपकरणों को पहचानें जो बाहरी ऊर्जा स्रोत (जैसे बिजली) पर निर्भर करते हैं, बनाम जो यांत्रिक या मानवीय शक्ति से चलते हैं।

 

Question 2. विद्युत धारा का प्रवाह होता है
(a) धन सिरे से ऋण सिरे की ओर
(b) ऋण सिरे से धन सिरे की ओर
(c) कभी धन सिरे की ओर कभी ऋण सिरे की ओर
(d) इनमें से कोई नहीं।
Answer: (a) धन सिरे से ऋण सिरे की ओर
In simple words: विद्युत धारा हमेशा बैटरी के धन सिरे से निकलकर ऋण सिरे की ओर जाती है। यही सही दिशा है।
🎯 Exam Tip: विद्युत धारा की पारंपरिक दिशा हमेशा उच्च विभव (धन) से निम्न विभव (ऋण) की ओर मानी जाती है।

 

Question 3. टॉर्च के सेल में धन टर्मिनल होता है
(a) सेल की तली में
(b) पीतल की टोपी में
(c) प्लास्टिक का कवर में
(d) कहीं भी
Answer: (b) पीतल की टोपी में
In simple words: टॉर्च के सेल में, ऊपर की तरफ जो पीतल की टोपी होती है, वही धन टर्मिनल का काम करती है।
🎯 Exam Tip: शुष्क सेल में, पीतल की टोपी कार्बन इलेक्ट्रोड से जुड़ी होती है, जो धन टर्मिनल के रूप में कार्य करती है।

 

Question 4. चालक पदार्थ है
(a) लोहे की कील
(b) प्लास्टिक की रिफिल
(c) लकड़ी
(d) ये सभी।
Answer: (a) लोहे की कील
In simple words: लोहे की कील एक चालक है क्योंकि लोहा धातु है और बिजली को अपने अंदर से गुजरने देता है। प्लास्टिक और लकड़ी बिजली के कुचालक हैं।
🎯 Exam Tip: सभी धातुएँ अच्छे चालक होती हैं क्योंकि उनमें मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं जो विद्युत प्रवाह में मदद करते हैं।

 

रिक्त स्थान

निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

 

Question 1. .......... हमारे दैनिक जीवन में बहुत उपयोगी है।
Answer: विद्युत हमारे दैनिक जीवन में बहुत उपयोगी है। यह हमें रोशनी, गर्मी और ऊर्जा प्रदान करती है, जिससे हमारे उपकरण चलते हैं।
In simple words: बिजली हमारे रोज़ के जीवन में बहुत काम आती है।
🎯 Exam Tip: विद्युत के विभिन्न उपयोगों को पहचानना और समझना महत्वपूर्ण है, जैसे कि प्रकाश, हीटिंग, और मोटर चालित उपकरणों के लिए।

 

Question 2. बल्ब में काँच के आवरण से अन्दर एक पतला तार होता है जिसे ............. कहते हैं।
Answer: बल्ब में काँच के आवरण से अन्दर एक पतला तार होता है जिसे फिलामेंट कहते हैं। जब इससे विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो यह चमकने लगता है।
In simple words: बल्ब के अंदर जो पतला तार होता है, जिससे रोशनी आती है, उसे फिलामेंट कहते हैं।
🎯 Exam Tip: फिलामेंट टंगस्टन धातु से बना होता है क्योंकि यह उच्च तापमान पर भी नहीं पिघलता और चमकने लगता है।

 

Question 3. सेल के..........टर्मिनल होते हैं।
Answer: सेल के दो टर्मिनल होते हैं। ये धन (+) और ऋण (-) टर्मिनल होते हैं जो विद्युत परिपथ को पूरा करते हैं।
In simple words: एक सेल में दो सिरे होते हैं, एक धन वाला और एक ऋण वाला।
🎯 Exam Tip: विद्युत परिपथ को सही ढंग से जोड़ने के लिए सेल के दोनों टर्मिनलों की पहचान करना महत्वपूर्ण है।

 

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. बिजली से चलने वाले दो विद्युत यन्त्रों के नाम लिखिए।
Answer: बिजली से चलने वाले दो विद्युत यंत्रों के नाम हैं:
1. कूलर
2. वॉशिंग मशीन
ये उपकरण विद्युत ऊर्जा का उपयोग करके अपने कार्य पूरे करते हैं।
In simple words: बिजली से चलने वाले दो उपकरण कूलर और वॉशिंग मशीन हैं।
🎯 Exam Tip: ऐसे उपकरणों के नाम चुनें जो सामान्यतः घरों में उपयोग होते हैं और जिनके लिए विद्युत ऊर्जा आवश्यक होती है।

 

Question 2. पॉवर हाउस किसे कहते हैं ?
Answer: पॉवर हाउस (या विद्युत गृह) वह स्थान होता है जहाँ बड़े पैमाने पर विद्युत ऊर्जा का उत्पादन किया जाता है। यहाँ से बिजली को तारों के माध्यम से घरों और उद्योगों तक पहुँचाया जाता है। यह बिजली का मुख्य स्रोत होता है।
In simple words: पॉवर हाउस वो जगह होती है जहाँ बिजली बनाई जाती है, फिर उसे घरों तक भेजा जाता है।
🎯 Exam Tip: पॉवर हाउस में विभिन्न स्रोतों (जैसे कोयला, पानी, परमाणु) से बिजली बनाई जा सकती है।

 

Question 3. विद्युत आपूर्ति बन्द होने और फिर अन्धेरा हो जाने पर हम कौन-कौन सी युक्तियों को प्रयोग में लाते हैं ? केवल दो नाम लिखिए।
Answer: विद्युत आपूर्ति बंद होने और अंधेरा हो जाने पर हम प्रकाश के लिए निम्नलिखित दो युक्तियों का प्रयोग करते हैं:
1. टॉर्च
2. इनवर्टर
ये उपकरण बैटरी से चलते हैं या आपातकालीन स्थिति में बिजली प्रदान करते हैं।
In simple words: जब लाइट चली जाती है और अँधेरा हो जाता है, तो हम टॉर्च और इनवर्टर का इस्तेमाल करते हैं।
🎯 Exam Tip: आपातकालीन प्रकाश स्रोतों के रूप में टॉर्च और इनवर्टर घरों और कार्यालयों में आवश्यक उपकरण हैं।

 

Question 4. क्या जनरेटर विद्युत उत्पन्न कर सकता है ?
Answer: हाँ, जनरेटर विद्युत उत्पन्न कर सकता है। जनरेटर एक ऐसा यांत्रिक उपकरण है जो यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है, जिससे बिजली पैदा होती है। इसका उपयोग अक्सर बिजली की कमी होने पर या जहाँ बिजली उपलब्ध न हो, वहाँ किया जाता है।
In simple words: हाँ, जनरेटर बिजली बना सकता है। यह एक मशीन है जो दूसरी तरह की ताकत का इस्तेमाल करके बिजली पैदा करती है।
🎯 Exam Tip: जनरेटर विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के सिद्धांत पर कार्य करता है, जहाँ एक चुंबकीय क्षेत्र में तार के कुंडल को घुमाकर विद्युत धारा उत्पन्न की जाती है।

 

Question 5. घरों में प्रत्येक उपकरण में स्विच क्यों लगाया जाता है ?
Answer: घरों में प्रत्येक उपकरण में स्विच इसलिए लगाया जाता है ताकि हम अपनी आवश्यकतानुसार उपकरणों को 'चालू' (ऑन) या 'बंद' (ऑफ) कर सकें। स्विच विद्युत परिपथ को जोड़कर या तोड़कर विद्युत धारा के प्रवाह को नियंत्रित करता है, जिससे उपकरण की कार्यक्षमता नियंत्रित होती है और बिजली की बचत भी होती है।
In simple words: घरों में उपकरणों में स्विच इसलिए लगाते हैं ताकि ज़रूरत पड़ने पर उन्हें चालू या बंद कर सकें और बिजली बचा सकें।
🎯 Exam Tip: स्विच एक सरल लेकिन आवश्यक सुरक्षा उपकरण है जो विद्युत प्रवाह को नियंत्रित करके उपकरणों को सुरक्षित रूप से संचालित करने में मदद करता है।

 

Question 6. बल्ब एवं सेल के दोनों टर्मिनलों को क्या कहते हैं ?
Answer: बल्ब एवं सेल दोनों के दोनों टर्मिनलों को क्रमशः धन टर्मिनल (+) और ऋण टर्मिनल (-) कहते हैं। ये टर्मिनल विद्युत परिपथ में विद्युत धारा के प्रवाह के लिए आवश्यक होते हैं।
In simple words: बल्ब और सेल के दो सिरे होते हैं जिन्हें धन (+) और ऋण (-) टर्मिनल कहते हैं।
🎯 Exam Tip: विद्युत परिपथ को सही ढंग से जोड़ने के लिए इन ध्रुवों की पहचान करना और उनका सही मिलान करना महत्वपूर्ण है।

 

लघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. एक सेल का नामांकित चित्र बनाइए।
Answer: एक सेल के नामांकित चित्र में उसके मुख्य भाग दिखाए जाते हैं, जैसे पीतल की टोपी (जो धन टर्मिनल है), जस्ते का बर्तन (जो ऋण टर्मिनल है) और आंतरिक सामग्री जैसे कार्बन रॉड और पेस्ट। जस्ते का बर्तन जो प्लास्टिक या कागज से ढका रहता है। पीतल की टोपी ऋण सिरा (टर्मिनल) चित्र - विद्युत सेल
In simple words: एक सेल में एक पीतल की टोपी (जो धन सिरा है), एक जस्ते का बाहरी खोल (जो ऋण सिरा है) और अंदर कुछ रसायन होते हैं।
🎯 Exam Tip: सेल के आंतरिक भागों को याद रखें: ग्रेफाइट रॉड (धन), जिंक कंटेनर (ऋण), और मैग्नीज डाइऑक्साइड पेस्ट।

 

Question 2. खतरे के निशान का चित्र बनाकर इसकी चेतावनी को बताइए।
Answer: खतरे का निशान एक खोपड़ी और क्रॉस हड्डियों का प्रतीक होता है, जो गंभीर जोखिम या खतरे की चेतावनी देता है। यह निशान अक्सर विद्युत खंभों, ट्रांसफार्मर, खतरनाक रसायनों वाले स्थानों और उच्च वोल्टेज वाले क्षेत्रों पर लगा होता है। यह चेतावनी देता है कि यहाँ पर जान का खतरा हो सकता है और सावधानी बरतना आवश्यक है। चित्र- खतरे का निशान
In simple words: खतरे का निशान एक खोपड़ी और क्रॉस हड्डियों का चित्र होता है। यह हमें बताता है कि जिस जगह पर यह लगा है, वहाँ बिजली या किसी और वजह से जान को खतरा हो सकता है, इसलिए सावधान रहना चाहिए।
🎯 Exam Tip: खतरे के निशान सुरक्षा संकेतों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इनका पालन हमेशा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया जाना चाहिए।

 

Question 1. विद्युत के सुचालक तथा अचालक क्या होते हैं ? उदाहरण देकर समझाइए।
Answer: विद्युत के सुचालक और अचालक वे पदार्थ होते हैं जो विद्युत धारा के प्रवाह की क्षमता के आधार पर वर्गीकृत किए जाते हैं।
(i) विद्युत सुचालक (Electric Conductor): ऐसे पदार्थ जिनसे होकर विद्युत धारा आसानी से प्रवाहित हो सकती है, उन्हें विद्युत सुचालक कहते हैं। ये पदार्थ विद्युत आवेशों को अपने अंदर से गुजरने देते हैं।
उदाहरण: धातुएँ (जैसे लोहा, चाँदी, ताँबा), नमक का घोल, ग्रेफाइट, इलेक्ट्रोलाइट विलयन।
(ii) विद्युत अचालक (Non-Conductor of Electric): ऐसे पदार्थ जिनसे होकर विद्युत धारा प्रवाहित नहीं हो सकती है, उन्हें विद्युत अचालक कहते हैं। ये पदार्थ विद्युत आवेशों के प्रवाह को रोकते हैं।
उदाहरण: सूखी लकड़ी, अधातुएँ (जैसे अभ्रक, सिलिकॉन), शुद्ध पानी, काँच, प्लास्टिक, रबर।
In simple words: सुचालक वो चीज़ें हैं जिनसे बिजली आसानी से गुजर जाती है, जैसे लोहा। अचालक वो चीज़ें हैं जिनसे बिजली नहीं गुजर पाती, जैसे प्लास्टिक।
🎯 Exam Tip: सुचालकों में मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं जो बिजली के प्रवाह में मदद करते हैं, जबकि अचालकों में ऐसे मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं होते।

 

Question 2. अपने घरों में विद्युत से चलने वाले विभिन्न उपकरणों की सूची बनाइए।
Answer: हमारे घरों में विद्युत से चलने वाले विभिन्न उपकरण हमारे दैनिक जीवन को आसान और सुविधाजनक बनाते हैं। यहाँ कुछ मुख्य उपकरणों की सूची दी गई है:
1. टेलीविजन
2. फ्रिज
3. रेडियो
4. विद्युत प्रेस
5. माइक्रोवेव
6. वॉशिंग मशीन
7. टेप रिकॉर्डर
8. विद्युत बल्ब
9. ट्यूब लाइट
10. वैक्यूम क्लीनर
In simple words: घरों में टीवी, फ्रिज, रेडियो, प्रेस, माइक्रोवेव, वॉशिंग मशीन, टेप रिकॉर्डर, बल्ब, ट्यूब लाइट और वैक्यूम क्लीनर जैसे कई उपकरण बिजली से चलते हैं।
🎯 Exam Tip: यह सूची दर्शाती है कि आधुनिक घरों में विद्युत ऊर्जा का कितना व्यापक उपयोग होता है और यह हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग बन गई है।

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