RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 12 पृथ्वी से परे

Get the most accurate RBSE Solutions for Class 6 Science Chapter 12 पृथ्वी से परे here. Updated for the 2026-27 academic session, these solutions are based on the latest RBSE textbooks for Class 6 Science. Our expert-created answers for Class 6 Science are available for free download in PDF format.

Detailed Chapter 12 पृथ्वी से परे RBSE Solutions for Class 6 Science

For Class 6 students, solving RBSE textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 6 Science solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 12 पृथ्वी से परे solutions will improve your exam performance.

Class 6 Science Chapter 12 पृथ्वी से परे RBSE Solutions PDF

Class 6th Science Chapter 12 Question Answer in Hindi Medium

Science Class 6 Chapter 12 Question Answer in Hindi

पृष्ठ 232

 

प्रश्न 1. कौन-सा तारा हमारे सबसे निकट है?
Answer: सूर्य हमारे सबसे निकट का तारा है। यह तारा हमें पृथ्वी से सबसे बड़ा और चमकदार दिखाई देता है क्योंकि यह हमारे सौरमंडल का केंद्र है।
In simple words: सूर्य ही हमारे सबसे पास का तारा है।

🎯 Exam Tip: तारों की दूरी और चमक को हमेशा ध्यान में रखें, क्योंकि जो तारे हमसे बहुत दूर होते हैं वे छोटे दिखते हैं, भले ही वे सूर्य से बड़े हों।

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

 

प्रश्न 1. निम्नलिखित कॉलम का मिलान कीजिए:

स्तंभ-Iस्तंभ-II
(i) पृथ्वी का उपग्रह(क) ओरायन
(ii) लाल ग्रह(ख) शुक्र
(iii) तारा मंडल(ग) मंगल
(iv) एक ग्रह जिसे सामान्यतः सांध्य तारा कहा जाता है।(घ) चंद्रमा

Answer:
स्तंभ-Iस्तंभ-II
(i) पृथ्वी का उपग्रह(घ) चंद्रमा
(ii) लाल ग्रह(ग) मंगल
(iii) तारा मंडल(क) ओरायन
(iv) एक ग्रह जिसे सामान्यतः सांध्य तारा कहा जाता है।(ख) शुक्र

In simple words: चंद्रमा पृथ्वी का उपग्रह है, मंगल लाल ग्रह है, ओरायन एक तारामंडल है और शुक्र को सांध्य तारा कहते हैं।

🎯 Exam Tip: मिलान करते समय, प्रत्येक जोड़ी को ध्यान से पढ़ें और सुनिश्चित करें कि दोनों भाग सही ढंग से संबंधित हों।

 

प्रश्न 2. (क) निम्नलिखित पहेलियों को हल कीजिए-
मेरे नाम का पहला अक्षर मंत्रणा में है यंत्रणा में नहीं, मेरे नाम का दूसरा अक्षर गगन और सागर दोनों में है, मेरे नाम का तीसरा अक्षर जल में है, जग में नहीं, मैं सूर्य की परिक्रमा करने वाला एक ग्रह हूँ।
(ख) इस प्रकार की दो पहेलियाँ आप स्वयं बनाइए।

Answer:
(क) पहला अक्षर : मं, दूसरा अक्षर = ग, तीसरा अक्षर = ल, अतः उत्तर होगा- मंगल। मंगल ग्रह अपने लाल रंग के कारण अक्सर 'लाल ग्रह' भी कहलाता है।
(ख) (i) मेरे नाम का पहला अक्षर शुरुआत में है अंत में नहीं, मेरे नाम का दूसरा अक्षर क्रम में है कम में नहीं, मैं सूर्य की परिक्रमा करने वाला एक ग्रह हूँ। मेरा नाम बुध है।
(ii) मेरा पहला अक्षर 'श' है और दूसरा अक्षर 'नि' है, मैं अपने चारों ओर वलयों के लिए प्रसिद्ध हूँ। मेरा नाम शनि है।
In simple words: पहली पहेली का उत्तर 'मंगल' है। दूसरी पहेली बनाने के लिए हमें अक्षरों और गुणों का उपयोग करना होता है।

🎯 Exam Tip: पहेलियों को हल करते समय, प्रत्येक संकेत को ध्यान से पढ़ें और अक्षरों को जोड़कर सही शब्द बनाने का प्रयास करें।

 

प्रश्न 3. निम्नलिखित में से कौन सौर परिवार का सदस्य नहीं है?
(क) लुब्धक
(ख) क्षुद्रग्रह
(ग) धूमकेतु
(घ) प्लूटो

Answer: (क) लुब्धक
In simple words: लुब्धक एक तारा है, जबकि क्षुद्रग्रह, धूमकेतु और प्लूटो सौर परिवार के सदस्य हैं।

🎯 Exam Tip: सौर परिवार के सदस्यों में ग्रह, बौने ग्रह, उपग्रह, क्षुद्रग्रह और धूमकेतु शामिल होते हैं, लेकिन तारे नहीं।

 

प्रश्न 4. निम्नलिखित में से कौन सूर्य का ग्रह नहीं है?
(क) बृहस्पति
(ख) वरुण
(ग) प्लूटो
(घ) शनि

Answer: (ग) प्लूटो
In simple words: प्लूटो को अब ग्रह नहीं बल्कि बौना ग्रह माना जाता है।

🎯 Exam Tip: ग्रहों की परिभाषा बदल गई है, इसलिए प्लूटो अब मुख्य ग्रहों में शामिल नहीं है।

 

प्रश्न 5. ध्रुव तारा और लुब्धक में से कौन अधिक चमकदार तारा है?
Answer: ध्रुव तारा की तुलना में लुब्धक अधिक चमकदार तारा है। लुब्धक, जिसे सीरियस भी कहते हैं, पृथ्वी के आकाश में सबसे चमकीले तारों में से एक है।
In simple words: लुब्धक, ध्रुव तारे से ज़्यादा चमकता है।

🎯 Exam Tip: तारों की चमक उनकी वास्तविक चमक और पृथ्वी से उनकी दूरी दोनों पर निर्भर करती है।

 

प्रश्न 6. सौर परिवार का किसी चित्रकार द्वारा बनाया गया चित्र दर्शाया गया है। क्या इसमें ग्रहों का क्रम ठीक है? यदि ठीक नहीं है, तो चित्र के नीचे दिए गए बॉक्स में उनका सही क्रम लिखिए।

चित्र - 12.12


Answer: चित्र में ग्रहों का क्रम ठीक नहीं है। सौर परिवार में सूर्य से दूरी के अनुसार ग्रहों का सही क्रम इस प्रकार है:
1. बुध
2. शुक्र
3. पृथ्वी
4. मंगल
5. बृहस्पति
6. शनि
7. यूरेनस
8. वरुण
सही क्रम-1 2 3 4 5 6 7 8
In simple words: चित्र में ग्रहों की जगह गलत है। सूर्य से दूर जाने पर सही क्रम है: बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस, वरुण।

🎯 Exam Tip: सौरमंडल के ग्रहों का सही क्रम हमेशा याद रखें, क्योंकि यह अक्सर पूछा जाता है। mnemonic devices (जैसे "My Very Eager Mother Just Served Us Noodles") का उपयोग करके इसे याद रखना आसान हो सकता है।

 

प्रश्न 7. रात्रि - आकाश का एक भाग चित्र में दर्शाया गया है। बिग डिपर एवं लिटिल डिपर के तारों को सरल रेखाओं द्वारा जोडिए । ध्रुव तारे को पहचानिए और चित्र में इसका नाम लिखिए।

सप्तर्षि (बिग डिपर) लिटिल डिपर ध्रुव तारा (पोल स्टार)
Answer: दिए गए चित्र में बिग डिपर (सप्तर्षि) और लिटिल डिपर के तारों को सरल रेखाओं से जोड़ा गया है। ध्रुव तारे को लिटिल डिपर के हैंडल के अंत में दिखाया गया है। यह उत्तरी दिशा को इंगित करता है।
In simple words: बिग डिपर और लिटिल डिपर के तारे रेखाओं से जुड़े हैं। ध्रुव तारा लिटिल डिपर के सिरे पर है।

🎯 Exam Tip: ध्रुव तारे की पहचान उत्तरी गोलार्ध में दिशा निर्धारण के लिए महत्वपूर्ण है; इसे हमेशा लिटिल डिपर के हैंडल के अंत में देखें।

 

प्रश्न 8. रात्रि – आकाश का एक भाग चित्र में दर्शाया गया है। इसमें ओरायन तारा मंडल के तारों को सरल रेखाओं द्वारा जोड़िए। तारे लुब्धक

ओरायन लुब्धक (सिरियस) कैनिस मेजर वृष (टॉरस)

चित्र - 12.14


Answer: दिए गए चित्र में ओरायन तारामंडल को दर्शाया गया है, जिसमें तारों को सरल रेखाओं से जोड़ा गया है। ओरायन के तीन मध्य तारे उसकी बेल्ट बनाते हैं। लुब्धक तारा (सीरियस), जो कैनिस मेजर तारामंडल का हिस्सा है, ओरायन के पास दिखाई देता है। यह कैनिस मेजर ओरायन के पीछे दौड़ते हुए कुत्ते की तरह दिखाई देता है।
In simple words: चित्र में ओरायन तारामंडल और उसके पास लुब्धक तारा दिखाया गया है। ओरायन के तारों को रेखाओं से जोड़कर उसकी पहचान की जाती है।

🎯 Exam Tip: प्रमुख तारामंडलों की पहचान और उनके मुख्य तारों के नाम याद रखना खगोल विज्ञान को समझने में मदद करता है।

 

प्रश्न 9. आप उषाकाल में तारों को लुप्त होते तथा संध्याकाल में प्रकट होते देख सकते हैं। दिन के समय आप तारों को नहीं देख पाते हैं। ऐसा क्यों होता है? व्याख्या कीजिए।
Answer: दिन के समय, सूर्य की बहुत ज़्यादा चमक के कारण हम अन्य तारों को देख नहीं पाते हैं। सूर्य का प्रकाश इतना तीव्र होता है कि वह आकाश को नीला कर देता है और तारों की हल्की चमक को ढक लेता है। इसके अलावा, पृथ्वी का वायुमंडल सूर्य के प्रकाश को बिखेर देता है, जिससे दिन में आकाश चमकीला दिखाई देता है।
In simple words: दिन में सूर्य की रोशनी इतनी तेज़ होती है कि हमें तारे नहीं दिखते।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि तारे दिन में भी आकाश में होते हैं, लेकिन सूर्य के तेज प्रकाश के कारण दिखाई नहीं देते।

RBSE Class 6 Science Chapter 12 Important Questions in Hindi

 

प्रश्न 1. निम्नलिखित में से कौन ओरायन तारा मंडल का एक चमकदार तारा है?
(ब) ओरायन
(स) सिरियस
(द) बीटलजूज
उत्तर: लुब्धक

Answer: (स) सिरियस
In simple words: सिरियस तारा ओरायन तारामंडल का एक बहुत चमकीला तारा है।

🎯 Exam Tip: सिरियस वास्तव में कैनिस मेजर तारामंडल का सबसे चमकीला तारा है और ओरायन के बहुत करीब स्थित है।

 

प्रश्न 2. संपूर्ण आकाश को कितने तारामंडल क्षेत्रों में विभाजित किया गया है?
(अ) 78
(ब) 18
(स) 36
(द) 88

Answer: (द) 88
In simple words: पूरे आकाश को 88 तारामंडलों में बांटा गया है।

🎯 Exam Tip: अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) ने कुल 88 तारामंडलों को आधिकारिक तौर पर परिभाषित किया है।

 

प्रश्न 3. भारत में सप्तर्षि के नाम से किसे जाना जाता है?
(अ) बिग डिपर
(ब) लिटिल डिपर
(स) अल्डेबरान
(द) प्लायोडिज

Answer: (अ) बिग डिपर
In simple words: भारत में बिग डिपर को सप्तर्षि कहते हैं।

🎯 Exam Tip: सप्तर्षि एक प्रसिद्ध तारामंडल है जिसे प्राचीन काल से ही भारत में जाना जाता है।

 

प्रश्न 4. ध्रुव तारा किस तारामंडल का अंग है?
(अ) बिग डिपर
(ब) लिटिल डिपर
(स) ओरायन
(द) प्लायोडिज

Answer: (ब) लिटिल डिपर
In simple words: ध्रुव तारा लिटिल डिपर तारामंडल का हिस्सा है।

🎯 Exam Tip: ध्रुव तारा लिटिल डिपर तारामंडल के हैंडल के अंत में स्थित है, और यह लगभग हमेशा उत्तर दिशा में स्थिर रहता है।

 

प्रश्न 5. 'वामन ग्रह' कहलाता है-
(अ) शुक्र
(ब) बुध
(स) यूरेनस
(द) प्लूटो

Answer: (द) प्लूटो
In simple words: प्लूटो को 'वामन ग्रह' कहते हैं।

🎯 Exam Tip: 2006 में प्लूटो को एक बौना ग्रह के रूप में पुनः वर्गीकृत किया गया था, क्योंकि यह ग्रहों की नई परिभाषा को पूरा नहीं करता था।

 

प्रश्न 7. मंगल के कितने चंद्रमा हैं-
(अ) एक
(ब) दो
(स) तीन
(द) अनेक

Answer: (ब) दो
In simple words: मंगल ग्रह के दो चंद्रमा हैं।

🎯 Exam Tip: मंगल के दो चंद्रमाओं के नाम फोबोस और डीमोस हैं, और ये आकार में छोटे और अनियमित हैं।

 

प्रश्न 8. चंद्रमा पृथ्वी की एक परिक्रमा पूरी करने में लगभग कितने दिन का समय लेता है-
(अ) 27
(ब) 24
(स) 30
(द) 26

Answer: (अ) 27
In simple words: चंद्रमा को पृथ्वी के चारों ओर एक चक्कर लगाने में लगभग 27 दिन लगते हैं।

🎯 Exam Tip: चंद्रमा का पृथ्वी के चारों ओर घूमने का समय ही चंद्र महीने की लंबाई निर्धारित करता है।

 

प्रश्न 9. भारत ने चंद्रमा के अध्ययन के लिए कितने अभियान पूरे कर लिये हैं-
(अ) 1

Answer: भारत ने चंद्रमा के अध्ययन के लिए तीन सफल अभियान पूरे कर लिए हैं (चंद्रयान-1, चंद्रयान-2, चंद्रयान-3)। चंद्रयान-4 की योजना पर काम चल रहा है।
In simple words: भारत ने चंद्रमा पर तीन अभियान पूरे किए हैं।

🎯 Exam Tip: चंद्रयान-3 भारत का सबसे हालिया और सफल चंद्रमा मिशन है, जिसने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की।

 

प्रश्न 10. 'राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस' कब मनाया जाता है?
(अ) 28 सितम्बर
(ब) 23 अगस्त
(स) 14 नवम्बर
(द) 16 जुलाई

Answer: (ब) 23 अगस्त
In simple words: राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 23 अगस्त को मनाते हैं।

🎯 Exam Tip: यह दिवस चंद्रयान-3 की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग की याद में मनाया जाता है, जो भारत के लिए एक बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि है।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

 

1. रात्रि – आकाश का सर्वोत्तम अवलोकन __________ और __________ स्थान से किया जाता है।
Answer: खुले, अँधेरे। रात के आकाश को सबसे अच्छे से देखने के लिए हमें खुले और अँधेरे स्थान पर जाना चाहिए, जहाँ शहर की रोशनी कम हो।
In simple words: रात में तारे सबसे अच्छे से खुले और अँधेरे जगह पर दिखते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रकाश प्रदूषण कम होने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में रात के आकाश का नज़ारा सबसे शानदार होता है।

 

2. सूर्य व्यास में पृथ्वी से लगभग __________ गुना बड़ा है।
Answer: 100। सूर्य का व्यास पृथ्वी के व्यास से लगभग 109 गुना बड़ा है, लेकिन आमतौर पर इसे 100 गुना कहा जाता है।
In simple words: सूर्य, पृथ्वी से लगभग 100 गुना बड़ा है।

🎯 Exam Tip: सूर्य का विशाल आकार ही इसे हमारे सौरमंडल का केंद्र बनाता है और इसके गुरुत्वाकर्षण बल के लिए जिम्मेदार है।

 

3. किसी पिंड का सूर्य के चारों ओर घूमना __________ कहलाता है।
Answer: परिक्रमण। कोई भी खगोलीय पिंड जब सूर्य के चारों ओर एक निश्चित पथ पर घूमता है, तो इस गति को परिक्रमण कहते हैं।
In simple words: सूर्य के चारों ओर घूमना परिक्रमण कहलाता है।

🎯 Exam Tip: परिक्रमण के कारण ही पृथ्वी पर ऋतुएँ बदलती हैं और एक वर्ष पूरा होता है।

 

4. ग्रहों के प्राकृतिक उपग्रहों को __________ कहा जाता है।
Answer: चंद्रमा। 'चंद्रमा' शब्द आमतौर पर पृथ्वी के उपग्रह को संदर्भित करता है, लेकिन इसे सामान्यतः 'प्राकृतिक उपग्रह' भी कहते हैं।
In simple words: ग्रहों के प्राकृतिक उपग्रहों को चंद्रमा कहते हैं।

🎯 Exam Tip: हमारे सौरमंडल में विभिन्न ग्रहों के कई प्राकृतिक उपग्रह हैं, जिनमें से कुछ पृथ्वी के चंद्रमा से भी बड़े हैं।

 

5. सूर्य एक __________ है जो ऊष्मा और प्रकाश उत्पन्न करता है।
Answer: तारा। सूर्य एक तारा है जो नाभिकीय संलयन (nuclear fusion) की प्रक्रिया से बहुत अधिक मात्रा में ऊष्मा और प्रकाश ऊर्जा उत्पन्न करता है।
In simple words: सूर्य एक तारा है जो गर्मी और रोशनी देता है।

🎯 Exam Tip: सूर्य की ऊर्जा पृथ्वी पर जीवन के लिए आवश्यक है, क्योंकि यह पौधों को भोजन बनाने में मदद करती है और हमारे ग्रह को गर्म रखती है।

 

1. तारामंडल ओरायन को प्रायः शिकारी के रूप में निरूपित किया जाता है। (सत्य / असत्य)
Answer: सत्य। ओरायन एक प्रसिद्ध तारामंडल है जिसे अक्सर एक शिकारी के रूप में कल्पना की जाती है, जिसके पास उसकी तलवार और बेल्ट भी होती है।
In simple words: ओरायन तारामंडल को शिकारी जैसा मानते हैं। यह सच है।

🎯 Exam Tip: ओरायन को सर्दियों में आसानी से देखा जा सकता है, और इसकी बेल्ट के तीन तारे इसे पहचानना आसान बनाते हैं।

 

2. विश्वस्तर पर प्रकाश प्रदूषण में कमी हो रही है। (सत्य / असत्य)
Answer: असत्य। विश्वस्तर पर प्रकाश प्रदूषण में कमी नहीं बल्कि वृद्धि हो रही है, जिससे रात के आकाश को देखना मुश्किल होता जा रहा है।
In simple words: प्रकाश प्रदूषण कम नहीं हो रहा, बल्कि बढ़ रहा है। यह गलत है।

🎯 Exam Tip: प्रकाश प्रदूषण कृत्रिम प्रकाश का अत्यधिक या गलत उपयोग है जो रात के पर्यावरण को प्रभावित करता है और खगोलीय अवलोकन में बाधा डालता है।

 

3. सूर्य की परिक्रमा करने के साथ-साथ पृथ्वी अपने अक्ष पर घूर्णन भी करती है। (सत्य / असत्य)
Answer: सत्य। पृथ्वी सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करती है और साथ ही अपने अक्ष पर भी घूमती है, जिससे दिन और रात होते हैं।
In simple words: पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमती है और अपनी धुरी पर भी घूमती है। यह सच है।

🎯 Exam Tip: पृथ्वी का अपनी धुरी पर घूर्णन 24 घंटे में एक बार होता है, जिससे दिन और रात का चक्र बनता है, जबकि सूर्य के चारों ओर परिक्रमण से एक वर्ष पूरा होता है।

 

4. क्षुद्रग्रहों का आकार 10 मीटर से लेकर लगभग 500 किलोमीटर तक होता है। (सत्य / असत्य)
Answer: सत्य। क्षुद्रग्रह चट्टान और धातु के छोटे-छोटे पिंड होते हैं, जिनका आकार कुछ मीटर से लेकर सैकड़ों किलोमीटर तक हो सकता है, जैसे कि सेरेस (अब एक बौना ग्रह) लगभग 940 किलोमीटर व्यास का है।
In simple words: क्षुद्रग्रहों का आकार 10 मीटर से 500 किलोमीटर तक होता है। यह सच है।

🎯 Exam Tip: अधिकांश क्षुद्रग्रह मंगल और बृहस्पति के बीच के क्षुद्रग्रह बेल्ट में पाए जाते हैं।

कॉलम – 1 में दिए गए शब्दों का मिलान कॉलम- 2 से कीजिए

 

प्रश्न 1.

कॉलम 1कॉलम 2
(1) आर्द्रा(A) अल्डेबरान
(2) कृत्तिका(B) सिरियस
(3) रोहिणी(C) बीटलज्ज
(4) लुब्धक(D) प्लायोडिज

Answer:
कॉलम 1कॉलम 2
(1) आर्द्रा(C) बीटलज्ज
(2) कृत्तिका(D) प्लायोडिज
(3) रोहिणी(A) अल्डेबरान
(4) लुब्धक(B) सिरियस

In simple words: आर्द्रा को बीटलज्ज कहते हैं, कृत्तिका को प्लायोडिज, रोहिणी को अल्डेबरान और लुब्धक को सिरियस कहते हैं।

🎯 Exam Tip: इन तारों और तारामंडलों के वैकल्पिक नामों को याद रखना खगोलीय संदर्भों को समझने में मदद करता है।

 

प्रश्न 2.

कॉलम 1कॉलम 2
(1) धूमकेतु(A) प्राकृतिक उपग्रह
(2) ध्रुव तारा(B) आकाश गंगा
(3) चंद्रमा(C) पोल स्टार
(4) मंदाकिनी(D) हेली

Answer:
कॉलम 1कॉलम 2
(1) धूमकेतु(D) हेली
(2) ध्रुव तारा(C) पोल स्टार
(3) चंद्रमा(A) प्राकृतिक उपग्रह
(4) मंदाकिनी(B) आकाश गंगा

In simple words: हेली एक धूमकेतु है, ध्रुव तारा को पोल स्टार कहते हैं, चंद्रमा एक प्राकृतिक उपग्रह है और मंदाकिनी एक आकाश गंगा है।

🎯 Exam Tip: यह मिलान खगोल विज्ञान के मूलभूत शब्दों और उनके संबंधित उदाहरणों को समझने में मदद करता है।

 

प्रश्न 2. ध्रुव तारा उत्तर दिशा में अचल दिखाई पड़ता है, जिसकी सहायता से उत्तरी गोलार्द्ध में उत्तर दिशा की पहचान की जा सकती है।
Answer: ध्रुव तारा उत्तर दिशा में लगभग स्थिर दिखाई देता है, क्योंकि यह पृथ्वी के घूर्णन अक्ष के करीब स्थित है। इसी कारण से उत्तरी गोलार्ध में ध्रुव तारे की मदद से उत्तर दिशा की आसानी से पहचान की जा सकती है, जो पुराने नाविकों और यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण था।
In simple words: ध्रुव तारा उत्तर में एक जगह पर दिखता है, जिससे उत्तर दिशा का पता चलता है।

🎯 Exam Tip: ध्रुव तारा एकमात्र ऐसा तारा है जो रात भर एक ही स्थान पर दिखाई देता है, जिससे यह दिशा निर्धारण के लिए बहुत उपयोगी है।

 

प्रश्न 3. सूर्य का व्यास पृथ्वी से लगभग 100 गुना बड़ा है फिर भी यह हमें इतना छोटा क्यों दिखाई देता है?
Answer: सूर्य का व्यास पृथ्वी से लगभग 109 गुना बड़ा है, फिर भी यह हमें इतना छोटा इसलिए दिखाई देता है क्योंकि यह पृथ्वी से बहुत अधिक दूरी पर स्थित है। कोई भी वस्तु, चाहे वह कितनी भी बड़ी क्यों न हो, जब बहुत दूर होती है तो वह छोटी ही दिखती है।
In simple words: सूर्य बहुत दूर है, इसलिए बड़ा होने पर भी छोटा दिखता है।

🎯 Exam Tip: वस्तुओं का आभासी आकार उनकी वास्तविक आकार और दर्शक से दूरी पर निर्भर करता है; दूरी बढ़ने पर आभासी आकार घटता है।

 

प्रश्न 4. 'ग्रह' किसे कहते हैं?
Answer: ग्रह विशाल और लगभग गोलाकार खगोलीय पिंड होते हैं जो सूर्य की परिक्रमा करते हैं और अपने गुरुत्वाकर्षण बल के कारण लगभग गोलाकार हो गए हैं। ये अपने परिक्रमण पथ को भी साफ कर चुके होते हैं।
In simple words: ग्रह बड़े, गोल पिंड होते हैं जो सूर्य के चारों ओर घूमते हैं।

🎯 Exam Tip: ग्रहों को बौने ग्रहों से अलग करने के लिए तीन मुख्य मानदंड हैं: वे सूर्य की परिक्रमा करते हैं, उनका आकार पर्याप्त होता है जिससे उनका गुरुत्वाकर्षण उन्हें लगभग गोलाकार बना देता है, और उन्होंने अपने परिक्रमण पथ को साफ कर लिया है।

 

प्रश्न 5. ग्रह अपनी ऊर्जा किससे प्राप्त करते हैं?
Answer: ग्रह अपनी अधिकांश ऊर्जा सूर्य से प्राप्त करते हैं। सूर्य से आने वाला प्रकाश और ऊष्मा ही ग्रहों को गर्म रखती है और उन पर जीवन (जैसे पृथ्वी पर) के लिए आवश्यक ऊर्जा प्रदान करती है।
In simple words: ग्रह अपनी ज़्यादातर ऊर्जा सूर्य से लेते हैं।

🎯 Exam Tip: सूर्य से ग्रहों तक पहुंचने वाली ऊर्जा की मात्रा ग्रह की सूर्य से दूरी पर निर्भर करती है, जिससे विभिन्न ग्रहों पर तापमान में अंतर आता है।

 

प्रश्न 6. किस ग्रह को पहचानना सबसे आसान है; व क्यों?
Answer: ग्रहों में सबसे आसान शुक्र ग्रह को पहचानना होता है क्योंकि यह बहुत चमकदार होता है। यह अक्सर सुबह या शाम के समय आकाश में सबसे चमकीले पिंडों में से एक के रूप में दिखाई देता है।
In simple words: शुक्र ग्रह को पहचानना सबसे आसान है, क्योंकि यह बहुत चमकता है।

🎯 Exam Tip: शुक्र को 'भोर का तारा' या 'सांझ का तारा' भी कहते हैं क्योंकि यह सूर्योदय से पहले या सूर्यास्त के बाद सबसे पहले दिखाई देता है।

 

प्रश्न 7. कौनसे ग्रहों को बिना किसी प्रकाशिक उपकरण की सहायता के देखा जा सकता है?
Answer: शुक्र, बुध, मंगल, बृहस्पति एवं शनि को बिना किसी प्रकाशिक उपकरण (जैसे दूरबीन) की सहायता के खुली आँखों से देखा जा सकता है। ये ग्रह आकाश में चमकीले बिंदुओं के रूप में दिखाई देते हैं।
In simple words: शुक्र, बुध, मंगल, बृहस्पति और शनि को बिना दूरबीन के देख सकते हैं।

🎯 Exam Tip: इन ग्रहों की स्थिति और चमक समय-समय पर बदलती रहती है, लेकिन वे आमतौर पर रात के आकाश में आसानी से दिख जाते हैं।

 

प्रश्न 9. चंद्रमा पृथ्वी से कितनी दूरी पर है?
Answer: चंद्रमा पृथ्वी से लगभग 3,84,000 किलोमीटर की दूरी पर है। यह दूरी पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की औसत दूरी है, जो थोड़ी बदलती रहती है।
In simple words: चंद्रमा पृथ्वी से लगभग 3,84,000 किलोमीटर दूर है।

🎯 Exam Tip: यह दूरी पृथ्वी से किसी भी अन्य खगोलीय पिंड की तुलना में बहुत कम है, इसीलिए चंद्रमा हमें आकाश में इतना बड़ा दिखाई देता है।

 

प्रश्न 10. हेली धूमकेतु के बारे में आप क्या जानते हैं?
Answer: हेली धूमकेतु एक प्रसिद्ध धूमकेतु है जो प्रत्येक 76 वर्ष के बाद पृथ्वी से दिखाई देता है। यह एक आवधिक धूमकेतु है, जिसका मतलब है कि यह नियमित अंतराल पर लौटता है। पिछली बार यह 1986 में दिखाई दिया था और अगली बार 2061 में दिखाई देने की उम्मीद है।
In simple words: हेली धूमकेतु हर 76 साल में एक बार दिखता है, पिछली बार 1986 में दिखा था।

🎯 Exam Tip: धूमकेतु बर्फ, चट्टान और धूल से बने होते हैं, और जब वे सूर्य के करीब आते हैं तो उनकी पूंछ विकसित होती है।

 

प्रश्न 11. मंदाकिनी आकाश गंगा के परे क्या हैं?
Answer: हमारी मंदाकिनी (मिल्की वे) आकाश गंगा के परे बाहरी अंतरिक्ष में बहुत सारी अन्य मंदाकिनियाँ हैं। ब्रह्मांड अरबों आकाशगंगाओं से बना है, जिनमें से प्रत्येक में अरबों तारे, ग्रह और अन्य खगोलीय पिंड हैं।
In simple words: हमारी आकाश गंगा के बाहर बहुत सारी और आकाश गंगाएँ हैं।

🎯 Exam Tip: ब्रह्मांड में हमारी मंदाकिनी सिर्फ एक आकाशगंगा है; कई आकाशगंगाएं एक-दूसरे के करीब समूहों में भी मौजूद होती हैं।

 

प्रश्न 12. सप्तर्षि को देखने का सबसे उचित समय क्या है?
Answer: सप्तर्षि को देखने के लिए ग्रीष्म ऋतु के दौरान, रात्रि के लगभग 9 बजे आकाश का अवलोकन करना चाहिए। इस समय यह तारामंडल उत्तरी आकाश में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
In simple words: सप्तर्षि को गर्मी में रात 9 बजे देखना सबसे अच्छा होता है।

🎯 Exam Tip: सप्तर्षि की मदद से ध्रुव तारे की पहचान की जा सकती है, जो उत्तरी दिशा को इंगित करता है।

 

प्रश्न 13. तारे किसके प्रकाश से चमकते हैं?
Answer: तारे स्वयं के प्रकाश से चमकते हैं। वे हाइड्रोजन और हीलियम जैसी गैसों के नाभिकीय संलयन के कारण अपनी खुद की ऊर्जा और प्रकाश उत्पन्न करते हैं।
In simple words: तारे अपनी खुद की रोशनी से चमकते हैं।

🎯 Exam Tip: ग्रह और चंद्रमा सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करके चमकते हैं, लेकिन तारे अपनी आंतरिक ऊर्जा से चमकते हैं।

 

प्रश्न 14. भारत में ओरायन को कब अच्छे से देखा जा सकता है?
Answer: भारत में ओरायन को ज्यादा अच्छी तरह दिसंबर से अप्रैल महीनों में सूर्यास्त के बाद देखा जा सकता है। इन महीनों में यह दक्षिणी आकाश में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
In simple words: ओरायन को भारत में दिसंबर से अप्रैल तक शाम को अच्छे से देख सकते हैं।

🎯 Exam Tip: ओरायन अपनी "बेल्ट" के तीन चमकीले तारों के कारण आसानी से पहचाना जा सकता है।

 

प्रश्न 15. पृथ्वी की तुलना में चंद्रमा कितना बड़ा है?
Answer: चंद्रमा का व्यास पृथ्वी के व्यास का लगभग एक चौथाई है। इसका मतलब है कि चंद्रमा पृथ्वी से काफी छोटा है, लेकिन यह हमारी पृथ्वी का सबसे निकटतम खगोलीय पड़ोसी है।
In simple words: चंद्रमा पृथ्वी के आकार का लगभग एक चौथाई है।

🎯 Exam Tip: चंद्रमा का छोटा आकार और पृथ्वी से उसकी निकटता ही इसे आकाश में बड़ा दिखने का कारण है।

 

प्रश्न 17. 'सौर- परिवार' किसे कहते हैं?
Answer: सौर-परिवार सूर्य, आठ ग्रह, उनके उपग्रह और अनेक अपेक्षाकृत छोटे पिंडों, जिनमें क्षुद्रग्रह और धूमकेतु शामिल हैं, के समूह को कहते हैं। यह सभी पिंड सूर्य के गुरुत्वाकर्षण के कारण उसके चारों ओर परिक्रमा करते हैं।
In simple words: सूर्य, ग्रह, उनके चंद्रमा और छोटे पिंड मिलकर सौर परिवार बनाते हैं।

🎯 Exam Tip: सौर परिवार में सूर्य केंद्र में है और बाकी सभी पिंड गुरुत्वाकर्षण के कारण उससे जुड़े हुए हैं।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

प्रश्न 1. 'नक्षत्र' क्या होते हैं? समझाइए।
Answer: भारतीय खगोलशास्त्र में 'नक्षत्र' शब्द का उपयोग किसी तारे या तारामंडल के लिए किया जाता है। ये तारों के समूह होते हैं जिन्हें विशेष नाम दिए गए हैं, जैसे- आर्द्रा नक्षत्र (ओरायन तारामंडल का बीटलजूज), कृत्तिका नक्षत्र (वृष तारामंडल का प्लायोडिज समूह) और रोहिणी नक्षत्र (वृष तारामंडल का अल्डेबरान)। ये नक्षत्र प्राचीन समय से दिशा और समय बताने में उपयोगी रहे हैं।
In simple words: नक्षत्र तारों के समूह होते हैं, जिनके खास नाम होते हैं, जैसे आर्द्रा या रोहिणी।

🎯 Exam Tip: नक्षत्रों का उपयोग प्राचीन भारतीय पंचांग में समय और शुभ-अशुभ मुहूर्त निर्धारित करने के लिए भी किया जाता था।

 

प्रश्न 2. 'बिग डिपर लिटिल डिपर' से क्या तात्पर्य है?
Answer: बिग डिपर तारामंडल अर्सा मेजर का एक हिस्सा है, जो सात चमकीले तारों से बना एक बड़ा करछी जैसा दिखता है। भारत में इसे सप्तर्षि के नाम से जाना जाता है। लिटिल डिपर तारामंडल अर्सा माइनर का हिस्सा है, और इसके हैंडल के अंत में ध्रुव तारा (पोल स्टार) होता है। ये दोनों तारामंडल उत्तरी आकाश में पाए जाते हैं और एक-दूसरे के करीब होते हैं।
In simple words: बिग डिपर सप्तर्षि है, जो एक बड़ी करछी जैसा दिखता है, और लिटिल डिपर छोटा है, जिसमें ध्रुव तारा होता है।

🎯 Exam Tip: बिग डिपर के दो सिरे वाले तारों का उपयोग ध्रुव तारे का पता लगाने के लिए किया जा सकता है, जिससे उत्तर दिशा का पता चलता है।

 

प्रश्न 3. तारामंडलों में तारों के साथ भारतीय वनवासी समुदायों एवं जनजातियों की क्या कहानियाँ हैं?
Answer: भारत के अनेक वनवासी समुदायों और जनजातियों की तारामंडलों के संबंध में अपनी स्वयं की कहानियाँ हैं। उदाहरण के लिए, सप्तर्षि के चार तारे जो लगभग एक आयत जैसी आकृति बनाते हैं, मध्य भारत की जनजातियाँ उन्हें दादी माँ की चारपाई के रूप में देखती हैं। ऐसा माना जाता है कि तीन चोर (अन्य तीन तारे) उसे चुरा रहे हैं। कोंकण तट के मछुआरे इन चार तारों को एक नाव के रूप में देखते हैं, जिनके अंतिम तीन तारे उस नाव की ग्रीवा (गर्दन) दर्शाते हैं। ये कहानियाँ प्रकृति के साथ उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाती हैं।
In simple words: भारतीय जनजातियों की तारों और तारामंडलों के बारे में अपनी कहानियाँ हैं, जैसे सप्तर्षि को दादी माँ की चारपाई या नाव मानना।

🎯 Exam Tip: ये लोककथाएं केवल कहानियाँ नहीं हैं, बल्कि ये समुदायों के संस्कृति, जीवनशैली और खगोलीय ज्ञान को भी दर्शाती हैं।

 

प्रश्न 4. हम जिस स्थान पर हों क्या वहाँ से अपनी पसंद के किसी तारामंडल अथवा तारे को ढूँढ़ने का प्रयास कर सकते हैं?
Answer: हाँ, हम जिस स्थान पर हों, वहाँ से अपनी पसंद के किसी तारामंडल अथवा तारे को ढूँढ़ने का प्रयास कर सकते हैं। इसके लिए आकाश मानचित्रण ऐप (sky-mapping apps) का उपयोग किया जा सकता है, जिन्हें मोबाइल फोन पर डाउनलोड किया जा सकता है। स्काईमैप और स्टेलैरियम जैसे ऐप निःशुल्क उपलब्ध हैं। ये ऐप आकाश में तारों और तारामंडलों की स्थिति को दिखाते हैं, जिससे उन्हें पहचानना आसान हो जाता है।
In simple words: हाँ, हम जहां हैं, वहां से तारों और तारामंडलों को मोबाइल ऐप की मदद से ढूंढ सकते हैं।

🎯 Exam Tip: इन ऐप्स में समय और स्थान बदलने की सुविधा भी होती है, जिससे आप भविष्य या अतीत में आकाश के नजारे को भी देख सकते हैं।

 

Question 6. 'खगोलीय मात्रक' (एस्ट्रोनॉमिकल यूनिट या au) किसे कहते हैं?
Answer: पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी लगभग 15 करोड़ किलोमीटर है। इस दूरी को ही 'खगोलीय मात्रक' या 'एस्ट्रोनॉमिकल यूनिट (au)' कहा जाता है। इसका इस्तेमाल सौर परिवार में बहुत ज़्यादा दूरियों को आसानी से बताने के लिए किया जाता है, जिससे खगोलीय पिंडों के बीच की दूरी समझना आसान हो जाता है।
In simple words: 'खगोलीय मात्रक' वह दूरी है जो पृथ्वी और सूर्य के बीच है, लगभग 15 करोड़ किलोमीटर। इसे बड़ी-बड़ी अंतरिक्ष दूरियों को नापने के लिए इस्तेमाल करते हैं।

🎯 Exam Tip: खगोलीय मात्रक की परिभाषा को सटीक रूप से याद रखें और समझें कि इसका उपयोग खगोल विज्ञान में बड़ी दूरियों को मापने के लिए क्यों किया जाता है।

 

Question 7. ऐसा कैसे है कि सूर्य हमें बड़ा दिखाई देता है जबकि अन्य तारे रात्रि आकाश में चमकदार बिंदुओं की तरह दिखाई पड़ते हैं और दिन के समय तो ये दिखाई भी नहीं देते हैं?
Answer: सूर्य हमें बहुत बड़ा इसलिए दिखता है क्योंकि यह पृथ्वी के सबसे करीब है, जबकि दूसरे तारे हमसे बहुत दूर हैं। इसलिए, बाकी तारे रात में छोटे चमकदार बिंदुओं जैसे दिखते हैं। दिन के समय, सूर्य की तेज रोशनी के कारण हमें दूसरे तारे दिखाई नहीं देते, क्योंकि सूर्य का प्रकाश उन्हें ढक लेता है।
In simple words: सूर्य हमारे बहुत पास है, इसलिए यह बड़ा दिखता है। बाकी तारे बहुत दूर हैं, इसलिए वे छोटे बिंदु जैसे दिखते हैं। दिन में सूर्य की तेज रोशनी के कारण हम दूसरे तारों को नहीं देख पाते हैं।

🎯 Exam Tip: यह याद रखें कि सूर्य की निकटता ही उसके बड़े दिखने और दिन में अन्य तारों के छिप जाने का मुख्य कारण है।

 

Question 8. पृथ्वी के एक 'दिन' से क्या तात्पर्य है?
Answer: पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमने के साथ-साथ अपनी धुरी पर भी घूमती है। जब पृथ्वी अपनी धुरी पर एक पूरा चक्कर लगा लेती है, तो इसमें लगभग 24 घंटे का समय लगता है। इसी समय को एक 'दिन' कहा जाता है। इस घूमने की वजह से ही दिन और रात होते हैं।
In simple words: पृथ्वी अपनी जगह पर एक बार पूरा घूमती है, जिसमें लगभग 24 घंटे लगते हैं। इसी समय को एक दिन कहते हैं।

🎯 Exam Tip: 'एक दिन' की परिभाषा को पृथ्वी के अपनी धुरी पर एक पूरे घुमाव से जोड़कर समझें, जिसमें लगभग 24 घंटे लगते हैं।

 

Question 9. जो ग्रह केवल आंखों से दिखाई नहीं देते हैं, उन्हें देखने के लिए हम क्या कर सकते हैं?
Answer: जिन ग्रहों को हम अपनी आँखों से नहीं देख पाते हैं, उन्हें देखने के लिए हम खास उपकरणों जैसे दूरबीन (बाइनॉक्युलर) या टेलीस्कोप का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये उपकरण ग्रहों और दूसरे आकाशीय पिंडों को ज़्यादा चमकीला और बड़ा दिखाते हैं, जिससे उन्हें आसानी से देखा जा सकता है।
In simple words: हम ऐसे ग्रहों को देखने के लिए दूरबीन या टेलीस्कोप का इस्तेमाल कर सकते हैं जो आँखों से नहीं दिखते। ये उपकरण उन्हें बड़ा और चमकीला दिखाते हैं।

🎯 Exam Tip: ऐसे उपकरणों के नाम याद रखें जो अदृश्य खगोलीय पिंडों को देखने में मदद करते हैं, जैसे दूरबीन और टेलीस्कोप।

 

Question 11. क्षुद्रग्रह तथा क्षुद्रग्रह पटरी से क्या तात्पर्य है?
Answer: क्षुद्रग्रह सौर मंडल में छोटे, चट्टानी और बेतरतीब आकार के पिंड होते हैं। ये सूर्य के चारों ओर घूमते हैं। क्षुद्रग्रह पटरी एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ मंगल और बृहस्पति ग्रहों की कक्षाओं के बीच बहुत सारे क्षुद्रग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं। यह पटरी इन दो बड़े ग्रहों के बीच स्थित है।
In simple words: क्षुद्रग्रह छोटे, चट्टानी और अजीब आकार के पिंड हैं जो सूर्य के चारों ओर घूमते हैं। क्षुद्रग्रह पटरी वह जगह है जहाँ मंगल और बृहस्पति के बीच कई क्षुद्रग्रह पाए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: क्षुद्रग्रहों की परिभाषा और क्षुद्रग्रह पटरी की स्थिति (मंगल और बृहस्पति के बीच) को स्पष्ट रूप से समझें और याद रखें।

 

Question 12. क्या ब्रह्मांड में अन्यत्र कहीं जीवन है?
Answer: अभी तक हमें यह ठीक से नहीं पता कि ब्रह्मांड में हमारी पृथ्वी के अलावा कहीं और जीवन है या नहीं। हमारी अपनी आकाशगंगा में कई ऐसे ग्रह मिले हैं जो अपने तारों के चारों ओर घूमते हैं। हालांकि, वैज्ञानिकों को अभी तक इन दूसरे ग्रहों पर जीवन होने का कोई पक्का सबूत नहीं मिला है, पर जीवन की तलाश अभी भी जारी है।
In simple words: हमें अभी तक नहीं पता कि ब्रह्मांड में और कहीं जीवन है या नहीं। वैज्ञानिकों को दूसरे ग्रहों पर जीवन का सबूत नहीं मिला है, लेकिन वे इसकी तलाश कर रहे हैं।

🎯 Exam Tip: इस बात पर जोर दें कि ब्रह्मांड में जीवन की खोज अभी भी जारी है और वैज्ञानिक अभी तक निश्चित प्रमाण नहीं पाए हैं।

दीर्घउत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. 'नक्षत्र' क्या होते हैं? समझाइए।
Answer: भारतीय ज्योतिष में 'नक्षत्र' शब्द का इस्तेमाल किसी खास तारे या तारों के समूह (तारामंडल) के लिए किया जाता है। ये अंतरिक्ष के वे हिस्से हैं जिनसे चंद्रमा गुजरता हुआ दिखता है। उदाहरण के लिए, ओरायन तारामंडल में एक तारा 'बीटलजूज' है जिसे आर्द्रा नक्षत्र कहते हैं, और वृष तारामंडल में 'प्लायोडिज' तारों का समूह कृत्तिका नक्षत्र कहलाता है। वृष तारामंडल में एक तारा 'अल्डेबरान' है जिसे रोहिणी नक्षत्र के नाम से जानते हैं।
In simple words: 'नक्षत्र' भारतीय ज्योतिष में खास तारों या तारों के समूहों को कहते हैं। ये ऐसे हिस्से हैं जहाँ से चंद्रमा आकाश में चलता हुआ दिखता है।

🎯 Exam Tip: भारतीय खगोलशास्त्र में नक्षत्रों के महत्व और उनके कुछ उदाहरणों को याद रखें।

 

Question 2. 'तारामंडल' किसे कहते हैं? इनकी परिसीमाओं का निर्धारण किस प्रकार होता है?
Answer: तारामंडल तारों के ऐसे समूह होते हैं जो आकाश में कोई खास आकृति बनाते हुए दिखते हैं, जैसे कोई जानवर या वस्तु। पुराने समय में लोग इन तारा समूहों को उनकी बनावट के आधार पर पहचानते थे। आज, तारामंडल आकाश के उन निश्चित क्षेत्रों को कहा जाता है जहाँ ऐसे तारों के पैटर्न दिखाई देते हैं। इनकी सीमाएँ अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) द्वारा तय की गई हैं ताकि आकाश को व्यवस्थित रूप से अध्ययन किया जा सके।
In simple words: तारामंडल तारों के ऐसे समूह होते हैं जो आकाश में खास आकृतियाँ बनाते हैं। वैज्ञानिक इन समूहों की सीमाओं को तय करते हैं ताकि आकाश का अध्ययन आसान हो सके।

🎯 Exam Tip: तारामंडलों को तारों के समूहों के रूप में पहचानें और अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ द्वारा उनकी सीमाओं के निर्धारण को समझें।

 

Question 3. तारामंडल 'ओरायन' का वर्णन कीजिए।
Answer: ओरायन एक बहुत मशहूर तारामंडल है जिसे अक्सर आकाश में एक शिकारी के रूप में दर्शाया जाता है। इसके बीच में तीन चमकीले तारे होते हैं जो शिकारी की बेल्ट (कमरबंध) जैसे दिखते हैं। लोग सोचते हैं कि यह शिकारी ओरायन, वृष तारामंडल (बैल) से लड़ रहा है, और इसका कुत्ता, कैनिस मेजर तारामंडल, उसके पीछे चल रहा है।
In simple words: ओरायन तारामंडल एक शिकारी जैसा दिखता है। इसके तीन तारे शिकारी की बेल्ट कहलाते हैं। यह एक बैल से लड़ता हुआ और उसके पीछे उसका कुत्ता चलता हुआ दिखाया जाता है।

🎯 Exam Tip: ओरायन तारामंडल को उसके विशिष्ट शिकारी आकार, बेल्ट के तारों और उससे जुड़ी पौराणिक कथाओं के लिए याद रखें।

 

Question 4. 'प्रकाश प्रदूषण' किसे कहते हैं? यह रात्रि- आकाश अवलोकन को किस प्रकार प्रभावित कर रहा है?
Answer: 'प्रकाश प्रदूषण' तब होता है जब रात के समय बहुत ज़्यादा बनावटी (कृत्रिम) रोशनी चारों तरफ फैल जाती है। इसका असर यह होता है कि रात में आकाश में तारे और दूसरे खगोलीय पिंड ठीक से दिखाई नहीं देते, जिससे उन्हें देखने में मजा नहीं आता। दुनिया भर में यह प्रदूषण बढ़ रहा है, इसलिए कुछ जगहों को 'अंधेरे आकाश वाले संरक्षित क्षेत्र' बनाया गया है ताकि वहाँ रात के आकाश को साफ रखा जा सके और खगोलीय अध्ययन हो सके।
In simple words: प्रकाश प्रदूषण रात में बहुत ज्यादा बनावटी रोशनी का होना है। यह तारों को देखने में दिक्कत पैदा करता है क्योंकि उनकी चमक इस रोशनी में छिप जाती है।

🎯 Exam Tip: प्रकाश प्रदूषण की परिभाषा, उसके प्रभावों और अंधेरे आकाश वाले संरक्षित क्षेत्रों के महत्व को जानें।

 

Question 5. अधिकांश प्राचीन सभ्यताओं में सूर्य को देवता के पद पर प्रतिष्ठित क्यों किया गया है?
Answer: ज्यादातर पुरानी सभ्यताओं में सूर्य को भगवान इसलिए माना जाता था क्योंकि यह आकाश में सबसे चमकीला है और पृथ्वी पर रोशनी व गर्मी का मुख्य स्रोत है। सूर्य की गर्मी से पृथ्वी पर ऐसा तापमान बना रहता है जिस पर जीवन मुमकिन है। सूर्य का प्रकाश पौधों के लिए जरूरी है, और पौधे हमें खाना व ऑक्सीजन देते हैं। सूर्य ही मौसम, हवा और पानी के चक्र का कारण भी है, जो पृथ्वी पर जीवन बनाए रखने के लिए बहुत खास है।
In simple words: पुरानी सभ्यताओं में सूर्य को देवता इसलिए मानते थे क्योंकि यह हमें रोशनी और गर्मी देता है, जिससे पृथ्वी पर जीवन संभव होता है। यह पौधों और मौसम के लिए भी बहुत ज़रूरी है।

🎯 Exam Tip: सूर्य के पृथ्वी पर जीवन के लिए आवश्यक कई महत्वपूर्ण भूमिकाओं को सूचीबद्ध करें, जैसे प्रकाश, ऊष्मा, पौधों की वृद्धि और जलचक्र।

 

Question 6. आंतरिक एवं बाह्य ग्रह से क्या तात्पर्य है? समझाइए।
Answer: सौर मंडल में सूर्य से दूरी के हिसाब से आठ ग्रह हैं: बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और वरुण।
**आंतरिक ग्रह:** सूर्य के सबसे पास के चार ग्रह - बुध, शुक्र, पृथ्वी और मंगल - आंतरिक ग्रह कहलाते हैं। ये आकार में छोटे होते हैं और इनकी सतह ठोस व चट्टानी होती है। इन ग्रहों को स्थलीय ग्रह भी कहते हैं।
**बाह्य ग्रह:** सबसे बाहर के चार ग्रह - बृहस्पति, शनि, यूरेनस और वरुण - बाह्य ग्रह कहलाते हैं। ये पृथ्वी से बहुत बड़े होते हैं और ज़्यादातर गैसों से बने हैं। इन बड़े गैस वाले ग्रहों के चारों ओर धूल और चट्टानों से बनी बड़ी, चपटी रिंग (वलय) जैसी संरचनाएँ भी होती हैं।
In simple words: आंतरिक ग्रह सूर्य के पास के छोटे, चट्टानी ग्रह हैं जैसे बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल। बाह्य ग्रह सूर्य से दूर के बड़े, गैस वाले ग्रह हैं जैसे बृहस्पति, शनि, यूरेनस, वरुण।

🎯 Exam Tip: आंतरिक और बाह्य ग्रहों के बीच के मुख्य अंतरों को याद रखें, जैसे उनका आकार, बनावट और सूर्य से दूरी।

 

Question 8. 'वामन ग्रह' क्या होते हैं? समझाइए।
Answer: 'वामन ग्रह' वे खगोलीय पिंड होते हैं जो सूर्य की परिक्रमा करते हैं, गोल आकार के होते हैं, लेकिन अपने रास्ते में आने वाले दूसरे छोटे पिंडों को हटा नहीं पाते। प्लूटो भी एक ऐसा ही पिंड है, जिसे पहले ग्रह माना जाता था। लेकिन 2006 में, जब वैज्ञानिकों ने ग्रह की परिभाषा बदली, तो प्लूटो जैसे छोटे पिंडों को 'वामन ग्रह' कहा जाने लगा क्योंकि वे कुछ शर्तों को पूरा नहीं करते।
In simple words: वामन ग्रह छोटे खगोलीय पिंड हैं जो सूर्य के चारों ओर घूमते हैं, लेकिन पूरी तरह से ग्रह नहीं माने जाते क्योंकि वे अपने रास्ते को साफ नहीं कर पाते। प्लूटो एक वामन ग्रह है।

🎯 Exam Tip: वामन ग्रह की परिभाषा और प्लूटो को क्यों एक वामन ग्रह माना गया, यह समझने पर ध्यान दें।

 

Question 9. भारतीय खगोलीय वेधशाला, हान्ले, लद्याख पर टिप्पणी लिखिए।
Answer: भारतीय खगोलीय वेधशाला हान्ले, लद्दाख में स्थित है, जो दिगपा रत्सा री नामक ऊँची पर्वत चोटी पर बनी है। इस चोटी का नाम अब बदलकर सरस्वती पर्वत रख दिया गया है। यह वेधशाला दुनिया की सबसे ऊँची जगहों पर स्थित वेधशालाओं में से एक है और इसमें कई टेलीस्कोप लगे हैं, जिनमें से एक को हिमालयी चंद्र टेलीस्कोप कहा जाता है। दिसंबर 2022 में, इस वेधशाला के आसपास के क्षेत्र को 'हान्ले डार्क स्काई रिजर्व' घोषित किया गया, जहाँ रात में आकाश बहुत साफ दिखता है। यह रिजर्व पूरे साल लोगों के लिए खुला रहता है। स्थानीय लोगों को छोटे टेलीस्कोप भी दिए गए हैं और उन्हें खगोलीय गाइड के तौर पर ट्रेनिंग दी गई है ताकि वे आने वाले लोगों को मार्गदर्शन दे सकें।
In simple words: हान्ले, लद्दाख में बनी भारतीय खगोलीय वेधशाला दुनिया की सबसे ऊँची वेधशालाओं में से एक है। यहाँ कई टेलीस्कोप हैं। इसके आसपास का इलाका अब 'डार्क स्काई रिजर्व' बन गया है जहाँ तारों को साफ देखा जा सकता है।

🎯 Exam Tip: हान्ले वेधशाला की भौगोलिक स्थिति, प्रमुख विशेषताओं (जैसे हिमालयी चंद्र टेलीस्कोप), और 'डार्क स्काई रिजर्व' के रूप में उसकी पहचान को याद रखें।

निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. निम्न पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए-
(i) सूर्यं
(ii) भोर का तारा
(iii) लाल ग्रह
(iv) नीला ग्रह।
Answer:
(i) **सूर्य:** सूर्य हमारी पृथ्वी के सबसे पास का तारा है। यह बहुत गर्म गैसों से बना एक बड़ा गोला है। सूर्य बहुत सारी ऊर्जा निकालता है, जिसकी वजह से यह इतना चमकीला दिखाई देता है। सूर्य की गर्मी और रोशनी ही पृथ्वी पर जीवन के लिए सबसे ज़रूरी ऊर्जा का स्रोत है।
(iv) **नीला ग्रह:** पृथ्वी को 'नीला ग्रह' भी कहा जाता है क्योंकि इसकी ज़्यादातर सतह पानी से ढकी हुई है। अंतरिक्ष से देखने पर पृथ्वी नीले रंग की दिखाई देती है, जो महासागरों के फैलाव को दर्शाता है।
In simple words: सूर्य हमारी पृथ्वी का सबसे नज़दीकी तारा है। यह गैसों का एक गर्म गोला है जो बहुत रोशनी और गर्मी देता है, जो पृथ्वी पर जीवन के लिए ज़रूरी है। पृथ्वी को नीला ग्रह कहते हैं क्योंकि इस पर बहुत सारा पानी है। अंतरिक्ष से देखने पर यह नीली दिखती है।

🎯 Exam Tip: सूर्य और पृथ्वी (नीला ग्रह) के बारे में उनकी विशेषताओं, महत्व और पहचान संबंधी प्रमुख बिंदुओं को संक्षेप में स्पष्ट करें।

 

Question 2. टिप्पणी लिखिए –
(i) चंद्रमा
(ii) धूमकेतु।
Answer:
(i) **चंद्रमा:** चंद्रमा पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह है और यह हमारे अंतरिक्ष में सबसे करीब का पड़ोसी है। पृथ्वी के उलट, चंद्रमा पर हवा (वायुमंडल) बहुत कम है। इसकी सतह पर गोल गड्ढे दिखते हैं जिन्हें क्रेटर कहते हैं, जो ज़्यादातर अंतरिक्ष से गिरे पत्थरों के टकराने से बने हैं। चंद्रमा पर हवा, पानी और जीवन नहीं है। इसका आकार पृथ्वी के आकार का लगभग एक चौथाई है। चंद्रमा पृथ्वी का एक चक्कर लगभग 27 दिनों में पूरा करता है।
(ii) **धूमकेतु:** धूमकेतु ऐसे खगोलीय पिंड हैं जो कभी-कभी सौर मंडल के बाहर से आते हैं। इन्हें 'कॉमेट' भी कहते हैं। इनकी एक लंबी पूँछ होती है। ये धूल, गैस, पत्थर और बर्फ से बने होते हैं। जब कोई धूमकेतु सूर्य के पास आता है, तो उसकी बर्फ और दूसरे पदार्थ गर्म होकर भाप बन जाते हैं, जिससे एक चमकीली पूँछ बनती है। जैसे-जैसे धूमकेतु सूर्य से दूर जाता है, उसकी चमक कम होती जाती है और आखिर में वह आँखों से दिखना बंद हो जाता है।
In simple words: चंद्रमा पृथ्वी का उपग्रह है, जो हमारे सबसे पास है। इसमें हवा और पानी नहीं है, और इसकी सतह पर गड्ढे हैं। यह पृथ्वी का एक चक्कर लगभग 27 दिन में पूरा करता है। धूमकेतु लंबी पूँछ वाले पिंड होते हैं जो धूल, गैस और बर्फ से बने होते हैं। सूर्य के पास आने पर इनकी पूँछ बनती है और ये चमकीले दिखते हैं।

🎯 Exam Tip: चंद्रमा की प्रमुख विशेषताओं (उपग्रह, वायुमंडल का अभाव, क्रेटर) और धूमकेतु की संरचना (धूल, गैस, बर्फ) एवं उनकी पूँछ बनने की प्रक्रिया को समझें।

 

Question 3. भारत के 'चंद्रयान अभियान' का वर्णन कीजिए।
Answer: मानव ने चंद्रमा को बेहतर ढंग से समझने के लिए कई अंतरिक्ष यान भेजे हैं। भारत ने भी अब तक चंद्रमा के अध्ययन के लिए तीन चंद्रयान मिशन सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं और चौथे मिशन की तैयारी चल रही है। भारत का पहला चंद्रयान-1 साल 2008 में लॉन्च हुआ था, और दूसरा चंद्रयान-2 साल 2019 में भेजा गया था। सबसे हालिया, चंद्रयान-3, जुलाई 2023 में लॉन्च किया गया था। इसका लैंडर 'विक्रम' और रोवर 'प्रज्ञान' 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक उतरे। इस मिशन के साथ, भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उपकरण उतारने वाला दुनिया का पहला देश बन गया। अब, चंद्रयान-4 की योजना बनाई जा रही है, जिसका उद्देश्य चंद्रमा से मिट्टी और पत्थरों के नमूने लेकर वापस पृथ्वी पर लाना है।
In simple words: भारत ने चंद्रमा को समझने के लिए तीन चंद्रयान मिशन भेजे हैं। चंद्रयान-3 ने 2023 में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की, जिससे भारत ऐसा करने वाला पहला देश बन गया। चंद्रयान-4 की तैयारी चल रही है।

🎯 Exam Tip: भारत के चंद्रयान अभियानों की संख्या, उनके लॉन्च वर्ष, और चंद्रयान-3 की दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग के महत्व को याद रखें।

RBSE Class 6 Science Chapter 12 Notes in Hindi

5. सूर्य हमारे सबसे निकट का तारा है। सूर्य ऊष्मा एवं प्रकाश उत्पन्न करता है जो पृथ्वी पर ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है।
6. ग्रह एक विशाल और लगभग गोलाकार पिंड होता है, जो सूर्य की परिक्रमा करता है।
7. सूर्य से बढ़ती दूरी के क्रम में सौर परिवार के आठ ग्रह हैं- बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस एवं वरुण।
8. शुक्र को भोर या संध्या का तारा, मंगल को लाल-ग्रह, पृथ्वी को नीला ग्रह कहा जाता है।
9. ग्रहों की परिक्रमा करने वाले पिंडों को सामान्यतः उपग्रह कहा जाता है।
10. पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह चंद्रमा, पृथ्वी की एक परिक्रमा पूरी करने में लगभग 27 दिन का समय लेता है।
11. सौर परिवार में ऐसे अनेक छोटे पिंड हैं, जो चट्टानी हैं और अनियमित आकार के हैं, क्षुद्रग्रह कहलाते हैं।
12. सौर परिवार में सूर्य, ग्रह, उपग्रह, क्षुद्रग्रह और धूमकेतु शामिल होते हैं।
13. हमारा सौर परिवार मंदाकिनी आकाश गंगा का भाग है।

Free study material for Science

RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 12 पृथ्वी से परे

Students can now access the RBSE Solutions for Chapter 12 पृथ्वी से परे prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 6 Science textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest RBSE syllabus.

Detailed Explanations for Chapter 12 पृथ्वी से परे

Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 6 Science chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 6 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these RBSE Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.

Benefits of using Science Class 6 Solved Papers

Using our Science solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 6 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 12 पृथ्वी से परे to get a complete preparation experience.

FAQs

Where can I find the latest RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 12 पृथ्वी से परे for the 2026-27 session?

The complete and updated RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 12 पृथ्वी से परे is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 6 Science are as per latest RBSE curriculum.

Are the Science RBSE solutions for Class 6 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 12 पृथ्वी से परे as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Science concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 6 RBSE solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using RBSE language because RBSE marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 12 पृथ्वी से परे will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 12 पृथ्वी से परे in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 6 Science. You can access RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 12 पृथ्वी से परे in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Science RBSE solutions for Class 6 as a PDF?

Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 12 पृथ्वी से परे in printable PDF format for offline study on any device.