RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 11 प्रकृति की अमूल्य संपदा

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Detailed Chapter 11 प्रकृति की अमूल्य संपदा RBSE Solutions for Class 6 Science

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Class 6 Science Chapter 11 प्रकृति की अमूल्य संपदा RBSE Solutions PDF

पृष्ठ 215

 

Question 1. विभिन्न प्रकार के वाहन अलग-अलग ईंधन स्टेशन पर क्यों जाते हैं?
Answer: विभिन्न प्रकार के वाहन अलग-अलग ईंधन स्टेशन पर इसलिए जाते हैं क्योंकि वे अलग-अलग तरह के ईंधन का इस्तेमाल करते हैं। उदाहरण के लिए, कुछ वाहन पेट्रोल से चलते हैं, और कुछ डीजल से। यह समझना महत्वपूर्ण है कि हर वाहन की अपनी विशिष्ट ईंधन आवश्यकता होती है.
In simple words: गाड़ियों को अलग-अलग ईंधन स्टेशनों पर जाना पड़ता है क्योंकि हर गाड़ी अलग-अलग तरह का तेल पीती है, जैसे पेट्रोल या डीजल.

🎯 Exam Tip: यह एक सामान्य ज्ञान का प्रश्न है. इसमें बस यह बताना है कि अलग-अलग वाहन अलग-अलग प्रकार के ईंधन का उपयोग करते हैं.

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

 

चित्र 11-9 – प्राकृतिक संसाधन

 

अव्यवस्थित नामव्यवस्थित नामनवीकरणीय/ अनवीकरणीय संसाधन
(i) लजजलनवीकरणीय
(ii) नवपपवननवीकरणीय
(iii) नववननवीकरणीय

 

Question 2. बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य? यदि असत्य है, तो उन्हें सही कर के पुनः लिखिए-
(क) प्रकृति में मानव की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पर्याप्त संसाधन हैं।
(ख) मशीन प्रकृति में पाया जाने वाला एक संसाधन है।
(ग) प्राकृतिक गैस एक अनवीकरणीय संसाधन है।
(घ) वायु एक नवीकरणीय संसाधन है।
Answer:
(क) सत्य
(ख) असत्य
सही कथन: मशीनें इंसानों द्वारा बनाई जाती हैं, इसलिए ये प्राकृतिक संसाधन नहीं बल्कि मानव निर्मित संसाधन हैं।
(ग) सत्य
(घ) सत्य. हमें प्राकृतिक संसाधनों का समझदारी से उपयोग करना चाहिए ताकि वे भविष्य के लिए भी उपलब्ध रहें.
In simple words: (क) सही है, प्रकृति में काफी संसाधन हैं. (ख) गलत है, मशीनें इंसान बनाते हैं. (ग) सही है, प्राकृतिक गैस खत्म होने वाली है. (घ) सही है, हवा कभी खत्म नहीं होती.

🎯 Exam Tip: सत्य/असत्य प्रश्नों में, यदि कोई कथन असत्य है, तो उसे सही करके लिखना बहुत ज़रूरी है ताकि पूरे अंक मिल सकें.

 

Question 3. सबसे उपयुक्त विकल्प का उपयोग करके रिक्त स्थान भरें।
3.1 ईंधन जो सामान्यतः स्कूटर या बाइक जैसे दोपहिया वाहनों में उपयोग किया जाता है....
(क) मिट्टी का तेल
(ख) पेट्रोल
(ग) डीजल
(घ) सी.एन.जी.
3.2 नवीकरणीय संसाधन का एक उदाहरण है......
(क) कोयला
(ख) जल
(ग) प्राकृतिक गैस
(घ) पेट्रोल
Answer:
3.1 – (ख) पेट्रोल
3.2 – (ख) जल. जल एक नवीकरणीय संसाधन है क्योंकि यह प्राकृतिक चक्रों द्वारा निरंतर पुनःपूरित होता रहता है.
In simple words: स्कूटर और बाइक में पेट्रोल डलता है. जल एक ऐसा संसाधन है जो फिर से बन जाता है.

🎯 Exam Tip: नवीकरणीय और अनवीकरणीय संसाधनों के उदाहरण याद रखें. यह आपको ऐसे प्रश्नों को हल करने में मदद करेगा.

 

Question 4. निम्नलिखित को नवीकरणीय और अनवीकरणीय संसाधनों के रूप में वर्गीकृत करें- कोयला, प्राकृतिक गैस, वन और खनिज।
Answer:
नवीकरणीय संसाधन: वन (वन फिर से उगाए जा सकते हैं, हालांकि इसमें समय लगता है।)
अनवीकरणीय संसाधन: कोयला, प्राकृतिक गैस, खनिज (ये संसाधन बनने में लाखों साल लगते हैं और एक बार इस्तेमाल होने के बाद खत्म हो जाते हैं।)
In simple words: जो चीजें फिर से बन सकती हैं जैसे पेड़, वे नवीकरणीय हैं. जो चीजें खत्म हो जाती हैं जैसे कोयला, गैस और खनिज, वे अनवीकरणीय हैं.

🎯 Exam Tip: नवीकरणीय (renewable) और अनवीकरणीय (non-renewable) संसाधनों के बीच अंतर समझना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पर्यावरण संबंधी प्रश्नों का आधार है.

 

Question 5. हम यह क्यों कहते हैं कि पेट्रोलियम एक अनवीकरणीय संसाधन है?
Answer: पेट्रोलियम एक प्रकार का जीवाश्म ईंधन है। इसे बनने में लाखों साल लगते हैं। यह धरती में बहुत कम मात्रा में पाया जाता है। एक बार इस्तेमाल होने के बाद यह खत्म हो जाता है। यह थोड़े समय में फिर से नहीं बनता और न ही इसकी कमी पूरी होती है। इसलिए, पेट्रोलियम को अनवीकरणीय संसाधन कहा जाता है, जिसका मतलब है कि यह सीमित है और सावधानी से उपयोग करना चाहिए।
In simple words: पेट्रोलियम को अनवीकरणीय इसलिए कहते हैं क्योंकि इसे बनने में बहुत साल लगते हैं, यह सीमित है और एक बार खत्म हो जाए तो जल्दी दोबारा नहीं बनता.

🎯 Exam Tip: अनवीकरणीय संसाधनों की परिभाषा याद रखें, जिसमें उनके निर्माण में लगने वाला समय और सीमित उपलब्धता शामिल है. इससे आप आसानी से ऐसे प्रश्नों का उत्तर दे सकते हैं.

 

Question 6. वनों को पुनः उगाना कठिन है। इस कथन की पुष्टि कीजिए।
Answer: वनों को फिर से उगाना कठिन होता है क्योंकि पेड़ों को बड़ा होने में बहुत लंबा समय लगता है। इसके साथ ही, वनों का पारिस्थितिक तंत्र (eco-system) भी बहुत जटिल होता है। बहुत सारे पेड़ों को एक साथ सुरक्षित रखना और उनकी देखभाल करना भी मुश्किल और मेहनत भरा काम होता है। इस प्रक्रिया में कई दशकों का समय लग सकता है.
In simple words: पेड़ों को फिर से उगाना मुश्किल है क्योंकि इसमें बहुत समय लगता है, और जंगल का पूरा माहौल भी जटिल होता है. उन्हें बचाए रखना भी आसान नहीं है.

🎯 Exam Tip: वनों के महत्व और उनके संरक्षण के कारणों पर ध्यान दें. यह प्रकृति के संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है.

 

Question 7. पाँच दैनिक गतिविधियों की सूची बनाइए जहाँ आप प्राकृतिक संसाधनों का प्रयोग करते हैं। उनका उपयोग कम करने की विधियाँ सुझाएँ।
Answer:

दैनिक गतिविधिप्रयुक्त प्राकृतिक संसाधनउपयोग कम करने के उपाय
कागज का उपयोग करनापेड़ (वन)डिजिटल दस्तावेजों का उपयोग करके पुनर्चक्रित कागज का उपयोग करें।
पीने का पानीजलजल बचाने वाले नल का उपयोग करें।
खाना पकानाकोयला, प्राकृतिक गैस (जीवाश्म ईंधन)सौर कुकर का उपयोग करें।
बिजली का उपयोगकोयला, प्राकृतिक गैससौर पैनल से बिजली लें और कम बिजली खाने वाले उपकरण इस्तेमाल करें।
निजी वाहन का उपयोगपेट्रोलियमसार्वजनिक वाहन इस्तेमाल करें या थोड़ी दूरी के लिए साइकिल चलाएं।

In simple words: हम रोजमर्रा के कामों में बहुत सारे प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करते हैं। हम कागज, पानी, ईंधन और बिजली का उपयोग कम कर सकते हैं और साइकिल चलाकर पेट्रोल बचा सकते हैं.

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, केवल गतिविधियाँ बताना पर्याप्त नहीं है; आपको हर गतिविधि से जुड़े प्राकृतिक संसाधन और उन्हें बचाने के उपाय भी स्पष्ट रूप से बताने होंगे.

 

Question 9. आप अपने घर के आस-पास को हरित आवरण से समृद्ध बनाने के लिए किस प्रकार योगदान देंगे? ऐसे कार्यों की सूची बनाएँ।
Answer: अपने घर के आस-पास हरियाली बढ़ाने के लिए हम ये काम करेंगे:
1. मौजूदा पेड़ों और हरियाली वाली जगहों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
2. समुदाय के साथ मिलकर पेड़ लगाने के कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
3. स्थानीय पार्कों और खुली जगहों पर नए पेड़ लगाएंगे।
4. हरियाली बढ़ाने वाली पहलों के लिए स्थानीय स्कूलों की मदद करेंगे।
5. पड़ोसियों को अपने घरों, बालकनियों और आस-पास पौधे लगाने के लिए प्रेरित करेंगे। ये सभी प्रयास पर्यावरण को बेहतर बनाने में मदद करेंगे.
In simple words: हम अपने घर के पास और पेड़ लगाएंगे, पुराने पेड़ों को बचाएंगे, और लोगों को भी पौधे लगाने के लिए कहेंगे ताकि चारों ओर हरियाली बढ़े.

🎯 Exam Tip: यह एक व्यावहारिक प्रश्न है. इसमें ठोस और क्रियात्मक सुझाव दें, जो आसानी से लागू किए जा सकें.

 

Question 10. दिए गये चित्र में हम देखते हैं कि भोजन बनाया जा रहा है। निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(क) भोजन बनाने के लिए किस प्रकार की ऊर्जा का उपयोग हो रहा है?
(ख) भोजन बनाने के लिए इस प्रकार की ऊर्जा के उपयोग का एक लाभ और एक हानि लिखिए।
Answer:
(क) भोजन बनाने के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग हो रहा है।
(ख) इस प्रकार की ऊर्जा (सौर ऊर्जा) के उपयोग का एक लाभ यह है कि इससे कोई प्रदूषण नहीं होता है, जिससे पर्यावरण स्वच्छ रहता है। इसकी एक हानि यह है कि यह केवल दिन के समय उपलब्ध होती है और सूरज न होने पर काम नहीं करती है। सौर ऊर्जा नवीकरणीय और पर्यावरण-अनुकूल होती है.
In simple words: (क) भोजन बनाने के लिए धूप की शक्ति (सौर ऊर्जा) का उपयोग हो रहा है. (ख) इसका फायदा है कि प्रदूषण नहीं होता, लेकिन नुकसान यह है कि यह सिर्फ दिन में और धूप होने पर ही काम करती है.

🎯 Exam Tip: नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के लाभ और हानियाँ याद रखें. यह आपको ऐसे तुलनात्मक प्रश्नों में मदद करेगा.

 

Question 12. दो मानवीय गतिविधियाँ बताइए जिनसे वायु प्रदूषित होती है। एक कार्य सुझाएँ जो वायु प्रदूषण कम करने में सहायक हो।
Answer: मानवीय गतिविधियाँ जिनसे वायु प्रदूषित होती हैं:
1. वाहनों और उद्योगों में जीवाश्म ईंधन (जैसे पेट्रोल, डीजल, कोयला) का उपयोग करने से।
2. वनों की कटाई करने से, क्योंकि पेड़ हवा को साफ करने में मदद करते हैं।
वायु प्रदूषण कम करने हेतु एक सुझाव है कि सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए। इससे पेट्रोल-डीजल की खपत कम होगी और प्रदूषण में कमी आएगी.
In simple words: गाड़ियाँ और फैक्ट्रियाँ चलाने से हवा गंदी होती है, और पेड़ काटने से भी. हवा साफ करने के लिए हमें बस, ट्रेन जैसे सार्वजनिक वाहन इस्तेमाल करने चाहिए और इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ चलानी चाहिए.

🎯 Exam Tip: वायु प्रदूषण के कारणों और उसके समाधानों के लिए व्यावहारिक उदाहरण दें. यह सुनिश्चित करेगा कि आपका उत्तर पूर्ण और प्रासंगिक है.

 

Question 13. एक परिवार सौर पैनल बिजली उत्पादन के लिए, गैस स्टोव खाना बनाने के लिए और पवन चक्की कुएँ से पानी खींचने के लिए उपयोग करता है। क्या होगा यदि एक सप्ताह तक सूर्य का प्रकाश न हो?
Answer:
(i) यदि एक सप्ताह तक सूरज की रोशनी नहीं होगी, तो सौर पैनल से बिजली नहीं बन पाएगी। इससे घर में बिजली की कमी हो जाएगी।
(ii) गैस स्टोव से खाना बनाने पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह प्राकृतिक गैस से चलता है, सूरज की रोशनी से नहीं।
(iii) पवन चक्की से कुएँ से पानी खींचने का काम भी पहले जैसा ही चलता रहेगा। पवन चक्की को चलाने के लिए हवा की ज़रूरत होती है, सूरज की रोशनी की नहीं। इस प्रकार, ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों की निर्भरता अलग-अलग होती है, जो उनके उपयोग की परिस्थितियों को प्रभावित करती है.
In simple words: अगर एक हफ्ते तक सूरज नहीं निकला, तो सौर पैनल बिजली नहीं बना पाएगा, लेकिन गैस स्टोव और पवन चक्की पर कोई असर नहीं होगा क्योंकि वे सूरज की रोशनी पर निर्भर नहीं करते.

🎯 Exam Tip: विभिन्न ऊर्जा स्रोतों की कार्यप्रणाली और उनकी निर्भरता को समझें, ताकि आप यह बता सकें कि कौन सा स्रोत किस स्थिति में प्रभावित होगा.

प्रश्न 14. निम्नलिखित शब्दों का उपयोग करके रिक्त स्थानों की पूर्ति करें- (जीवाश्म ईंधन, वन, वायु, पेट्रोलियम, कोयला, जल और अनवीकरणीय संसाधन)

 

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

 

Question 1. चलती हुई वायु को ____ कहते हैं।
Answer: चलती हुई वायु को पवन कहते हैं। पवन ऊर्जा का एक नवीकरणीय स्रोत है, जिसका उपयोग बिजली बनाने और अन्य कार्यों में किया जाता है।
In simple words: जब हवा चलती है, तो उसे पवन कहते हैं.

🎯 Exam Tip: वायु और पवन के बीच का अंतर समझें – पवन चलती हुई वायु को कहते हैं. यह एक मूल वैज्ञानिक शब्द है.

 

Question 4. प्रकृति द्वारा प्रदत्त संसाधनों को ____ संसाधन कहते हैं।
Answer: प्रकृति द्वारा प्रदत्त संसाधनों को प्राकृतिक संसाधन कहते हैं। ये संसाधन मानव जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं और हमें प्रकृति से सीधे मिलते हैं।
In simple words: जो चीजें हमें प्रकृति से मिलती हैं, उन्हें प्राकृतिक संसाधन कहते हैं.

🎯 Exam Tip: प्राकृतिक संसाधनों की परिभाषा याद रखें, क्योंकि यह अध्याय का एक मूलभूत अवधारणा है.

 

Question 5. पृथ्वी की सतह का लगभग दो-तिहाई भाग ____ से घिरा हुआ है।
Answer: पृथ्वी की सतह का लगभग दो-तिहाई भाग जल से घिरा हुआ है। पृथ्वी को नीला ग्रह भी कहा जाता है क्योंकि इसका अधिकांश भाग पानी से ढका हुआ है।
In simple words: धरती का ज्यादातर हिस्सा पानी से ढका हुआ है.

🎯 Exam Tip: पृथ्वी पर जल की मात्रा से संबंधित आँकड़े याद रखें. यह भूगोल और पर्यावरण विज्ञान में अक्सर पूछा जाता है.

 

Question 6. सूर्य का प्रकाश पौधों को ____ तैयार करने में सहायता प्रदान करता है।
Answer: सूर्य का प्रकाश पौधों को भोजन तैयार करने में सहायता प्रदान करता है। पौधे सूर्य के प्रकाश का उपयोग प्रकाश संश्लेषण नामक प्रक्रिया द्वारा अपना भोजन बनाने के लिए करते हैं।
In simple words: सूरज की रोशनी से पौधे अपना खाना बनाते हैं.

🎯 Exam Tip: प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में सूर्य के प्रकाश की भूमिका को समझें. यह जीव विज्ञान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.

 

निम्न में से सत्य / असत्य कथन छाँटिए

 

Question 1. पवन चक्की और फिरकी की कार्यप्रणाली समान है। (सत्य / असत्य)
Answer: सत्य. पवन चक्की और फिरकी दोनों हवा की गति का उपयोग करके घूमते हैं, जिससे उनकी कार्यप्रणाली समान मानी जाती है।
In simple words: पवन चक्की और फिरकी एक जैसे काम करते हैं, हवा से घूमते हैं, यह सच है.

🎯 Exam Tip: ऐसे तुलनात्मक प्रश्नों में, दोनों वस्तुओं के बीच के मुख्य समानता बिंदु पर ध्यान केंद्रित करें.

 

Question 2. महासागरों एवं समुद्रों में पाया जाने वाला जल मृदु होता है। (सत्य / असत्य)
Answer: असत्य. महासागरों और समुद्रों में पाया जाने वाला जल खारा (नमकीन) होता है, मृदु (मीठा) नहीं। पीने या कृषि के लिए हमें मृदु जल की आवश्यकता होती है।
In simple words: समुद्र का पानी मीठा नहीं होता, वह खारा होता है, यह बात गलत है.

🎯 Exam Tip: जल के प्रकारों (खारा और मीठा) और उनके स्रोतों को अच्छी तरह से समझें. यह एक सामान्य भ्रांति है.

 

Question 3. पेट्रोल, डीजल तथा मिट्टी का तेल पेट्रोलियम से प्राप्त होता है। (सत्य / असत्य)
Answer: सत्य. पेट्रोल, डीजल और मिट्टी का तेल (केरोसिन) सभी कच्चे पेट्रोलियम (क्रूड ऑयल) के अलग-अलग उत्पादों से प्राप्त होते हैं। पेट्रोलियम एक जीवाश्म ईंधन है।
In simple words: पेट्रोल, डीजल और केरोसिन तेल पेट्रोलियम से ही निकलते हैं, यह बात सच है.

🎯 Exam Tip: पेट्रोलियम के विभिन्न उत्पादों को जानें. यह ऊर्जा स्रोतों के बारे में आपके ज्ञान को बढ़ाता है.

 

Question 4. विद्युत वाहन किसी भी प्रकार के धुएँ का निष्कासन नहीं करते हैं। (सत्य / असत्य)
Answer: सत्य. विद्युत वाहन बैटरी से चलते हैं और सीधे कोई धुआँ या हानिकारक गैसें नहीं छोड़ते हैं, जिससे वे पर्यावरण के लिए अधिक स्वच्छ होते हैं। यह उन्हें जीवाश्म ईंधन से चलने वाले वाहनों से बेहतर विकल्प बनाता है।
In simple words: इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ धुआँ नहीं छोड़तीं, यह बात सच है.

🎯 Exam Tip: स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में विद्युत वाहनों के महत्व को समझें.

 

Question. Match the following columns.

कॉलम 1कॉलम 2
(1) वायु(D) पवन
(2) पेट्रोलियम(A) डीजल
(3) खनिज(C) ऐलुमिनियम
(4) जल(B) हिम

Answer:

कॉलम 1कॉलम 2
(1) वायु(D) पवन
(2) पेट्रोलियम(A) डीजल
(3) खनिज(C) ऐलुमिनियम
(4) जल(B) हिम

In simple words: इस मिलान में, वायु का संबंध पवन से है, पेट्रोलियम का डीजल से, खनिज का एल्यूमीनियम से, और जल का बर्फ से है.

🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, पहले उन जोड़ियों को मिलाएँ जिनके बारे में आप निश्चित हैं, फिर बाकी विकल्पों पर ध्यान दें.

 

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. हमें प्राकृतिक संपदाओं की आवश्यकता क्यों होती है?
Answer: हमें प्राकृतिक संपदाओं की ज़रूरत इसलिए होती है क्योंकि ये हमारे जीवन को बचाए रखने और उसे ज़्यादा आरामदायक बनाने में मदद करती हैं। ये हमें भोजन, पानी, हवा और रहने की जगह जैसी बुनियादी चीजें प्रदान करती हैं। प्राकृतिक संसाधन हमारे दैनिक जीवन का आधार हैं.
In simple words: हमें प्राकृतिक चीज़ों की ज़रूरत इसलिए होती है ताकि हम जीवित रह सकें और अपना जीवन अच्छे से जी सकें.

🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में, उत्तरजीविता (survival) और जीवन को सुविधाजनक बनाने (making life convenient) जैसे प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान दें.

 

Question 2. पृथ्वी के चारों ओर उपस्थित वायु का संघटन बताइए।
Answer: पृथ्वी के चारों ओर की हवा कई गैसों का मिश्रण है। इसमें मुख्य रूप से नाइट्रोजन (78%), ऑक्सीजन (21%), आर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड और कुछ अन्य गैसें (1%) होती हैं। हवा का यह मिश्रण जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
In simple words: धरती के चारों ओर की हवा में 78% नाइट्रोजन, 21% ऑक्सीजन और 1% बाकी गैसें होती हैं, जैसे कार्बन डाइऑक्साइड और आर्गन.

🎯 Exam Tip: वायु के संघटन में मुख्य गैसों और उनके प्रतिशत को याद रखना महत्वपूर्ण है. ये पर्यावरण विज्ञान के मूल तथ्य हैं.

 

Question 3. 'पवन' से क्या तात्पर्य है?
Answer: चलती हुई वायु को 'पवन' कहते हैं। पवन एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है जिसका उपयोग विभिन्न कार्यों के लिए किया जा सकता है।
In simple words: पवन का मतलब है, चलती हुई हवा.

🎯 Exam Tip: 'वायु' (air) और 'पवन' (wind) के बीच के अंतर को स्पष्ट रखें. वायु स्थिर हो सकती है, जबकि पवन हमेशा गतिमान होती है.

 

Question 4. हमें अपने दैनिक जीवन में किन कार्यों के लिए जल की आवश्यकता होती है?
Answer: हमें अपने दैनिक जीवन में कई कामों के लिए पानी की ज़रूरत होती है, जैसे पीने के लिए, कपड़े धोने के लिए, साफ-सफाई के लिए, फसलें उगाने के लिए और उद्योगों में काम करने के लिए। पानी जीवन के लिए एक अनिवार्य संसाधन है।
In simple words: हम रोज पानी पीते हैं, कपड़े धोते हैं, साफ-सफाई करते हैं, खेती करते हैं और फैक्ट्रियों में भी पानी का उपयोग होता है.

🎯 Exam Tip: जल के उपयोग से संबंधित प्रश्नों में, आप विभिन्न क्षेत्रों से उदाहरण दे सकते हैं जैसे घरेलू, कृषि और औद्योगिक उपयोग.

 

Question 6. जल की हानि को कम करने के कुछ उपाय बताइए।
Answer: पानी की बर्बादी कम करने के कई तरीके हैं। कुछ मुख्य उपाय इस प्रकार हैं:
1. जब नल का उपयोग न हो रहा हो, तो उसे बंद रखें।
2. पानी के रिसाव को तुरंत ठीक करवाएं।
3. पानी का पुनर्चक्रण करें और वर्षा जल संचयन करें। इन उपायों से पानी बचाने में मदद मिलती है और भूजल स्तर भी बना रहता है.
In simple words: पानी बचाने के लिए, हमें नल बंद रखना चाहिए, लीकेज ठीक करानी चाहिए और बारिश का पानी जमा करना चाहिए.

🎯 Exam Tip: जल संरक्षण के व्यावहारिक और प्रभावी उपायों को सूचीबद्ध करें. यह सामाजिक जागरूकता से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रश्न है.

 

Question 7. भारत में अनेक परिवारों द्वारा सुबह-सुबह सूर्य को जल क्यों अर्पित किया जाता है?
Answer: भारत में कई परिवार सुबह-सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करते हैं। यह सूर्य के प्रति अपनी श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक तरीका है, क्योंकि सूर्य को जीवन और ऊर्जा का स्रोत माना जाता है। यह एक सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा है।
In simple words: भारत में लोग सुबह-सुबह सूरज को पानी चढ़ाते हैं ताकि वे सूरज का शुक्रिया अदा कर सकें, क्योंकि सूरज ही हमें रोशनी और जीवन देता है.

🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को स्पष्ट रूप से बताएं. यह केवल वैज्ञानिक कारण नहीं है, बल्कि एक परंपरा भी है.

 

Question 8. नेलिकाई किसे कहते हैं?
Answer: कन्नड़ भाषा में आँवले को नेलिकाई कहते हैं। आँवला एक औषधीय फल है जो विटामिन सी से भरपूर होता है।
In simple words: कन्नड़ में आँवले को नेलिकाई कहते हैं.

🎯 Exam Tip: यह एक सीधा सा प्रश्न है. आपको केवल उस शब्द का स्थानीय नाम और उसके हिंदी पर्याय का उल्लेख करना है.

 

Question 9. विभिन्न स्थानों की मृदा को छूने के बाद अपने हाथों को अच्छी तरह से क्यों धोना चाहिए?
Answer: अलग-अलग जगहों की मिट्टी को छूने के बाद अपने हाथ अच्छी तरह से धोने चाहिए क्योंकि मिट्टी में कई बार गंदगी और ऐसे कीटाणु हो सकते हैं जो हमारे लिए हानिकारक हों। हाथ धोने से इन कीटाणुओं से होने वाले संक्रमण से बचा जा सकता है और स्वस्थ रहा जा सकता है।
In simple words: मिट्टी छूने के बाद हाथ धोने चाहिए क्योंकि उसमें कीटाणु हो सकते हैं जो हमें बीमार कर सकते हैं.

🎯 Exam Tip: स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी ऐसे प्रश्नों में, सीधे स्वास्थ्य जोखिम और निवारक उपाय बताएं.

 

Question 10. मृदा एक अमूल्य संपदा क्यों है?
Answer: मृदा एक बहुत कीमती संपत्ति है क्योंकि यह धरती पर जीवन की विविधता (जैव-विविधता) को सहारा देती है। मिट्टी में ही पौधे उगते हैं, जो जानवरों और मनुष्यों के लिए भोजन का मुख्य स्रोत हैं। यह कई सूक्ष्मजीवों और कीटों का घर भी है, जो पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं।
In simple words: मिट्टी एक कीमती चीज़ है क्योंकि यह कई तरह के जीवन को जगह देती है, जैसे पौधे और छोटे जीव.

🎯 Exam Tip: मृदा के महत्व पर प्रकाश डालते समय, जैव-विविधता (biodiversity) और खाद्य श्रृंखला में उसकी भूमिका का उल्लेख करें.

 

Question 11. मृदा कैसे बनती है?
Answer: मृदा का निर्माण लंबे समय (हजारों वर्षों) में चट्टानों के टूटने से होता है। यह प्रक्रिया सूरज की गर्मी, पानी और सजीवों (जैसे पेड़-पौधे और सूक्ष्मजीव) के कारण होती है। इन कारकों के प्रभाव से चट्टानें छोटे-छोटे टुकड़ों में टूटकर मिट्टी का रूप ले लेती हैं।
In simple words: मिट्टी बहुत लंबे समय में बनती है, जब धूप, पानी और जीव-जंतुओं के कारण चट्टानें छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाती हैं.

🎯 Exam Tip: मृदा निर्माण की प्रक्रिया में शामिल मुख्य कारकों (सूर्य, जल, सजीवों) पर जोर दें. यह एक धीमी और जटिल प्रक्रिया है.

 

Question 13. खनिजों से कौन-कौनसी महत्त्वपूर्ण धातुएँ प्राप्त की जाती हैं?
Answer: खनिजों से कई महत्वपूर्ण धातुएँ प्राप्त की जाती हैं, जैसे ऐलुमिनियम, सोना, ताँबा और लोहा. ये धातुएँ हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी और उद्योगों में बहुत काम आती हैं.
In simple words: खनिजों से ऐलुमिनियम, सोना, ताँबा और लोहा जैसी महत्वपूर्ण धातुएँ मिलती हैं.

🎯 Exam Tip: खनिजों और उनसे प्राप्त होने वाली धातुओं के नाम सही ढंग से याद करें.

 

Question 14. परिवहन के लिए हम जिन वाहनों का उपयोग करते हैं उनमें से अधिकांश वाहन किस ईंधन का उपयोग करते हैं?
Answer: परिवहन के लिए उपयोग किए जाने वाले ज़्यादातर वाहन जीवाश्म ईंधन का इस्तेमाल करते हैं. इनमें पेट्रोल और डीज़ल जैसे ईंधन शामिल हैं, जो गाड़ियों को चलाने में मदद करते हैं. जीवाश्म ईंधन ज़मीन के अंदर लाखों सालों में बनते हैं.
In simple words: परिवहन के लिए ज़्यादातर वाहन जीवाश्म ईंधन (जैसे पेट्रोल और डीज़ल) का उपयोग करते हैं.

🎯 Exam Tip: जीवाश्म ईंधन को अनवीकरणीय संसाधन के रूप में पहचानें और उनके पर्यावरण पर प्रभाव को समझें.

 

Question 15. पेट्रोलियम से क्या प्राप्त होता है?
Answer: पेट्रोलियम से हमें कई ज़रूरी चीज़ें मिलती हैं, जैसे पेट्रोल, डीज़ल और मिट्टी का तेल (केरोसिन). पेट्रोलियम एक गाढ़ा, काला तरल पदार्थ है जिसे ज़मीन के अंदर से निकाला जाता है और फिर अलग-अलग उत्पादों में बदला जाता है.
In simple words: पेट्रोलियम से पेट्रोल, डीज़ल और मिट्टी का तेल प्राप्त होता है.

🎯 Exam Tip: पेट्रोलियम को अक्सर 'काला सोना' कहा जाता है क्योंकि यह बहुत मूल्यवान होता है और कई उत्पादों का स्रोत है.

 

Question 16. सी. एन. जी. तथा एल.पी.जी. का पूरा नाम लिखिए।
Answer: सी. एन. जी. का पूरा नाम 'संपीडित प्राकृतिक गैस' (Compressed Natural Gas) है और एल.पी.जी. का पूरा नाम 'द्रवित पेट्रोलियम गैस' (Liquefied Petroleum Gas) है. ये दोनों ईंधन आजकल वाहनों और रसोई में इस्तेमाल होते हैं.
In simple words: CNG का मतलब 'संपीडित प्राकृतिक गैस' है और LPG का मतलब 'द्रवित पेट्रोलियम गैस' है.

🎯 Exam Tip: इन इंधनों के पूरे नामों के साथ-साथ उनके उपयोग और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को भी जानें.

 

Question 17. हम जीवाश्म ईंधन के संरक्षण में अपना योगदान कैसे दे सकते हैं? इसके दो उपाय बताइए।
Answer: हम जीवाश्म ईंधन को बचाने में इस तरह मदद कर सकते हैं: 1. छोटे रास्तों के लिए पैदल चलें या साइकिल का उपयोग करें. 2. निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें. ये तरीके न केवल ईंधन बचाते हैं, बल्कि प्रदूषण को भी कम करते हैं.
In simple words: जीवाश्म ईंधन बचाने के लिए हम कम दूरी पर पैदल चल सकते हैं या साइकिल चला सकते हैं और सार्वजनिक गाड़ियों का उपयोग कर सकते हैं.

🎯 Exam Tip: ईंधन बचाने के व्यावहारिक और रोज़मर्रा के तरीकों पर ध्यान दें, जो पर्यावरण के लिए भी अच्छे हों.

 

Question 18. नवीकरणीय संसाधन किसे कहते हैं?
Answer: जिन संसाधनों को स्वाभाविक रूप से या थोड़े समय में दोबारा बनाया जा सकता है, उन्हें नवीकरणीय संसाधन कहते हैं. ये ऐसे संसाधन हैं जो उपयोग करने पर खत्म नहीं होते या फिर से बन जाते हैं. उदाहरण के लिए, सूरज की रोशनी और हवा कभी खत्म नहीं होते.
In simple words: जो संसाधन खुद-ब-खुद फिर से बन सकते हैं या जिनकी भरपाई की जा सकती है, उन्हें नवीकरणीय संसाधन कहते हैं.

🎯 Exam Tip: नवीकरणीय संसाधनों के उदाहरण और उनकी विशेषताओं को स्पष्ट रूप से समझें.

 

Question 20. प्रकृति में पुनर्चक्रण का एक उदाहरण दीजिए।
Answer: प्रकृति में पुनर्चक्रण का एक अच्छा उदाहरण यह है कि जब पेड़ों से पत्तियाँ गिरती हैं और सड़ जाती हैं, तो वे मिट्टी को पोषक तत्वों से भरपूर कर देती हैं. इस पोषक तत्व वाली मिट्टी का उपयोग फिर से नए पौधों को उगाने के लिए किया जाता है. इस तरह प्रकृति में लगातार पुनर्चक्रण चलता रहता है, जिससे मिट्टी हमेशा उपजाऊ बनी रहती है.
In simple words: पेड़ की पत्तियाँ जब मिट्टी में सड़ जाती हैं, तो वे मिट्टी को उपजाऊ बना देती हैं और फिर उसी मिट्टी में नए पौधे उगते हैं. यह प्रकृति का पुनर्चक्रण है.

🎯 Exam Tip: प्राकृतिक पुनर्चक्रण के उदाहरणों को उनकी पूरी प्रक्रिया के साथ समझाना महत्वपूर्ण है.

 

Question 21. मोबाइल फोन निर्माण में कौन-कौन से प्रमुख खनिजों का उपयोग होता है?
Answer: मोबाइल फोन बनाने में कई महत्वपूर्ण खनिजों का उपयोग होता है. इनमें सोना, चाँदी, ताँबा और कोबाल्ट जैसे धातुएँ प्रमुख हैं. ये धातुएँ मोबाइल फोन के अंदर के सर्किट और अन्य हिस्सों को बनाने के लिए ज़रूरी होती हैं. इन खनिजों की मांग के कारण इनके खनन और पर्यावरण पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंताएं भी बढ़ी हैं.
In simple words: मोबाइल फोन बनाने में सोना, चाँदी, ताँबा और कोबाल्ट जैसे मुख्य खनिजों का इस्तेमाल होता है.

🎯 Exam Tip: इलेक्ट्रॉनिक्स में उपयोग होने वाले खनिजों और उनके महत्व को जानें, साथ ही उनके पर्यावरणीय प्रभावों पर भी ध्यान दें.

लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. श्वास को रोकने पर हम असहज क्यों हो जाते हैं?
Answer: हमें साँस रोकने पर असहज महसूस होता है क्योंकि जब हम साँस लेते हैं, तो हवा से ऑक्सीजन हमारे शरीर में जाती है. ऑक्सीजन शरीर को ठीक से काम करने के लिए बहुत ज़रूरी होती है. अगर हम ज़्यादा देर तक साँस रोकते हैं, तो शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है और इसी वजह से हमें बेचैनी महसूस होती है.
In simple words: साँस रोकने पर हमें असहज महसूस होता है क्योंकि शरीर को काम करने के लिए ज़रूरी ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है.

🎯 Exam Tip: ऑक्सीजन के महत्व और साँस लेने की प्रक्रिया को सरल शब्दों में समझाएँ.

 

Question 2. पवन चक्की से क्या तात्पर्य है? इनका उपयोग बताइए।
Answer: पवन चक्की एक बड़े पंखे जैसी संरचना होती है, जिसके बड़े-बड़े पंख हवा के ज़ोर से घूमते हैं. इन घूमते हुए पंखों से ऊर्जा पैदा होती है. पवन चक्की का उपयोग कई कामों के लिए किया जा सकता है, जैसे आटे की चक्की चलाना, कुएँ से पानी खींचना या बिजली बनाना.
In simple words: पवन चक्की एक बड़े पंखे जैसी मशीन है जो हवा से घूमती है और इसका उपयोग आटा पीसने, पानी खींचने या बिजली बनाने में होता है.

🎯 Exam Tip: पवन चक्की के कार्य सिद्धांत और उसके विभिन्न उपयोगों को उदाहरण सहित स्पष्ट करें.

 

Question 3. पवन चक्की फार्म क्या होते हैं? भारत के प्रमुख पवन चक्की फार्म के नाम बताइए।
Answer: पवन चक्की फार्म एक ऐसा बड़ा क्षेत्र होता है जहाँ बिजली बनाने के लिए बहुत सारी पवन चक्कियाँ एक साथ लगाई जाती हैं. ये फार्म हवा की ऊर्जा का उपयोग करके बिजली पैदा करते हैं. भारत में तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में प्रमुख पवन चक्की फार्म मौजूद हैं.
In simple words: पवन चक्की फार्म वह जगह है जहाँ बहुत सारी पवन चक्कियाँ लगाकर हवा से बिजली बनाई जाती है. भारत में तमिलनाडु और गुजरात में ऐसे फार्म हैं.

🎯 Exam Tip: पवन चक्की फार्म की परिभाषा और भारत में उनके प्रमुख स्थानों का उल्लेख करें.

 

Question 5. सौर ऊर्जा के उपयोग के तीन उदाहरण दीजिए।
Answer: सौर ऊर्जा के उपयोग के तीन उदाहरण इस प्रकार हैं: 1. सौर पैनल सूर्य की रोशनी को इकट्ठा करके बिजली बनाते हैं. 2. सोलर कुकर सूर्य की गर्मी का उपयोग करके खाना बनाने के काम आता है. 3. सौर जल ऊष्मक (Solar water heater) सूर्य की ऊर्जा से पानी गर्म करता है, जिसका उपयोग नहाने आदि के लिए किया जाता है. सौर ऊर्जा एक स्वच्छ और प्राकृतिक स्रोत है.
In simple words: सौर ऊर्जा से बिजली बनती है, सोलर कुकर में खाना पकता है और सौर जल ऊष्मक से पानी गर्म होता है.

🎯 Exam Tip: सौर ऊर्जा के विभिन्न व्यावहारिक अनुप्रयोगों को स्पष्ट और संक्षिप्त रूप में बताएँ.

 

Question 6. "हम सभी ऊर्जा के मुख्य स्रोत सूर्य पर निर्भर करते हैं।” इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
Answer: सूर्य के बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है. पृथ्वी पर ऊर्जा का मुख्य स्रोत सूर्य ही है. पौधे सूर्य की रोशनी का उपयोग करके अपना भोजन बनाते हैं. फिर इन पौधों को शाकाहारी जानवर खाते हैं, और उन जानवरों को माँसाहारी जानवर खाते हैं. यहाँ तक कि जीवाश्म ईंधन भी लाखों साल पहले सूर्य की ऊर्जा से बने पौधों और जीवों से ही बने हैं. इस तरह, पृथ्वी पर हर जीव और ऊर्जा का हर स्रोत सीधे या परोक्ष रूप से सूर्य पर ही निर्भर करता है.
In simple words: पृथ्वी पर सभी जीव और ऊर्जा के सभी स्रोत सूर्य पर निर्भर करते हैं, क्योंकि पौधे सूर्य से भोजन बनाते हैं, और दूसरे जीव पौधों को खाते हैं.

🎯 Exam Tip: इस कथन को स्पष्ट करते समय खाद्य श्रृंखला और ऊर्जा के प्राथमिक स्रोत के रूप में सूर्य की भूमिका को उजागर करें.

 

Question 7. हमें वनों का संरक्षण और दायित्वपूर्वक उपयोग क्यों करना चाहिए?
Answer: हमें वनों का संरक्षण और ज़िम्मेदारी से उपयोग करना चाहिए क्योंकि वन पक्षियों, कीटों और कई जंगली जानवरों के लिए प्राकृतिक घर होते हैं. वे उन्हें भोजन और रहने की जगह प्रदान करते हैं. जंगल पृथ्वी पर जीवन संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं, क्योंकि हर जीव दूसरे जीव पर निर्भर करता है. पेड़ों को बड़े पैमाने पर काटना जंगल के क्षेत्र को कम कर रहा है, और नए जंगल उगाने में बहुत साल लग जाते हैं. इसलिए, हमें वनों को बचाना चाहिए और उनका ध्यान से उपयोग करना चाहिए ताकि वे भविष्य के लिए बने रहें.
In simple words: जंगल जानवरों के घर हैं, हमें ऑक्सीजन देते हैं और पर्यावरण के लिए ज़रूरी हैं, इसलिए हमें उन्हें बचाना चाहिए और सोच-समझकर इस्तेमाल करना चाहिए.

🎯 Exam Tip: वनों के पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक महत्व को उजागर करते हुए उनके संरक्षण के कारणों को समझाएँ.

 

Question 8. 'वन महोत्सव' क्या है? इसका उद्देश्य बताइए।
Answer: 'वन महोत्सव' पूरे भारत में जुलाई महीने में मनाया जाने वाला एक सप्ताह का कार्यक्रम है. इस उत्सव के दौरान नए पौधे लगाए जाते हैं और लोगों को पेड़ों के महत्व के बारे में जागरूक किया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य देश में हरियाली को बढ़ाना और पर्यावरण को सुरक्षित रखना है. यह लोगों को पेड़-पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित करता है.
In simple words: वन महोत्सव जुलाई में मनाया जाने वाला एक हफ़्ते का त्योहार है जिसका उद्देश्य नए पेड़ लगाना और हरियाली बढ़ाना है.

🎯 Exam Tip: वन महोत्सव के समय और उसके मुख्य लक्ष्य को स्पष्ट रूप से बताएँ.

 

Question 10. पारंपरिक घरेलू ईंधन का नाम बताइए। अब इनका स्थान कौन से ईंधन ले रहे हैं?
Answer: पहले घरों में खाना बनाने के लिए पारंपरिक रूप से कोयला, लकड़ी और गोबर के उपलों का इस्तेमाल होता था. लेकिन अब इनकी जगह कम प्रदूषण फैलाने वाले ईंधन, जैसे प्राकृतिक गैस और द्रवित पेट्रोलियम गैस (LPG) धीरे-धीरे ले रहे हैं. ये नए ईंधन ज़्यादा साफ़ और इस्तेमाल करने में आसान होते हैं.
In simple words: पहले घरों में कोयला, लकड़ी और गोबर के उपले इस्तेमाल होते थे, अब उनकी जगह प्राकृतिक गैस और LPG ले रहे हैं.

🎯 Exam Tip: पारंपरिक और आधुनिक घरेलू इंधनों के नामों के साथ-साथ उनके फायदे और नुकसान को भी समझें.

 

Question 11. प्राकृतिक संसाधन तथा मानव निर्मित संसाधन में अन्तर कीजिए।
Answer: प्राकृतिक और मानव निर्मित संसाधनों में अंतर इस प्रकार है:

प्राकृतिक संसाधनमानव निर्मित संसाधन
1. वे संसाधन जो हमें प्रकृति से मिलते हैं, उन्हें प्राकृतिक संसाधन कहते हैं.1. वे संसाधन जो इंसान द्वारा बनाए जाते हैं, उन्हें मानव निर्मित संसाधन कहते हैं.
2. इनका निर्माण प्राकृतिक प्रक्रियाओं से होता है.2. इनका निर्माण प्राकृतिक संसाधनों से प्राप्त सामग्री से होता है.
3. उदाहरण – वायु, जल, वन, मृदा, सौर ऊर्जा, चट्टानें, खनिज, जीवाश्म ईंधन आदि.3. उदाहरण – विद्युत बल्ब, फर्नीचर, सौर पैनल, साइकिल आदि.

प्राकृतिक संसाधन हमारी मूल ज़रूरतों को पूरा करते हैं, जबकि मानव निर्मित संसाधन हमारी सुविधा और विकास के लिए होते हैं.
In simple words: प्राकृतिक संसाधन प्रकृति से मिलते हैं (जैसे हवा, पानी), जबकि मानव निर्मित संसाधन इंसान बनाते हैं (जैसे बल्ब, फर्नीचर).

🎯 Exam Tip: प्रत्येक प्रकार के संसाधन की परिभाषा और कम से कम तीन-चार स्पष्ट उदाहरण दें.

 

Question 12. नवीकरणीय तथा अनवीकरणीय संसाधन में अन्तर कीजिए।
Answer: नवीकरणीय और अनवीकरणीय संसाधनों में अंतर इस प्रकार है:

नवीकरणीय संसाधनअनवीकरणीय संसाधन
1. ये संसाधन उचित समय में फिर से बन सकते हैं या इनकी भरपाई हो सकती है.1. ये संसाधन लाखों साल में बनते हैं और इनकी भरपाई नहीं हो पाती है.
2. ये असीमित मात्रा में उपलब्ध होते हैं या प्राकृतिक रूप से फिर से भर जाते हैं.2. ये सीमित मात्रा में होते हैं और एक बार इस्तेमाल होने के बाद खत्म हो जाते हैं.
3. उदाहरण – वायु, जल, वन, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा.3. उदाहरण – खनिज, मृदा, चट्टानें, कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस.

इन दोनों प्रकार के संसाधनों को समझना पर्यावरण संरक्षण के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.
In simple words: नवीकरणीय संसाधन वे हैं जो दोबारा बन सकते हैं (जैसे हवा, पानी), जबकि अनवीकरणीय संसाधन वे हैं जो खत्म हो जाते हैं और दोबारा नहीं बनते (जैसे कोयला, पेट्रोल).

🎯 Exam Tip: दोनों प्रकार के संसाधनों की स्पष्ट परिभाषाएँ और प्रत्येक के लिए कम से कम तीन उदाहरण दें.

 

Question 13. हमें प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण क्यों करना चाहिए?
Answer: हमें प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण इसलिए करना चाहिए क्योंकि ये हमें प्रकृति से मिलते हैं और इंसान सहित सभी जीव-जंतु अपने जीवन के लिए इन पर निर्भर करते हैं. इन्हें बचाने और ज़िम्मेदारी से इस्तेमाल करने से हम पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना अपनी ज़रूरतें पूरी कर सकते हैं और इन्हें भविष्य के लिए भी बचा सकते हैं. यह सुनिश्चित करता है कि आने वाली पीढ़ियों को भी ये संसाधन मिल सकें.
In simple words: प्राकृतिक संसाधन हमारे जीवन के लिए ज़रूरी हैं, इसलिए हमें उन्हें बचाना चाहिए और समझदारी से इस्तेमाल करना चाहिए ताकि वे भविष्य के लिए भी उपलब्ध रहें.

🎯 Exam Tip: संरक्षण के महत्व को स्पष्ट करने के लिए वर्तमान और भविष्य की ज़रूरतों पर ज़ोर दें.

 

Question 14. 'चिपको आंदोलन' क्या है? समझाइये।
Answer: 'चिपको आंदोलन' भारत में 1970 के दशक में उत्तराखंड में शुरू हुआ एक प्रसिद्ध पर्यावरण आंदोलन था. इस आंदोलन में स्थानीय महिलाओं ने पेड़ों को कटने से बचाने के लिए एक अनूठा तरीका अपनाया था. वे पेड़ों से चिपक जाती थीं या उन्हें गले लगा लेती थीं ताकि लकड़ी काटने वाले उन्हें न काट सकें. यह आंदोलन वनों के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने और पेड़ों को बचाने का एक सफल प्रयास था.
In simple words: चिपको आंदोलन 1970 के दशक में उत्तराखंड में शुरू हुआ एक आंदोलन था, जिसमें पेड़ों को कटने से बचाने के लिए लोग उनसे लिपट जाते थे.

🎯 Exam Tip: चिपको आंदोलन के मुख्य उद्देश्य, कब और कहाँ शुरू हुआ, और इसके प्रभाव को संक्षेप में बताएँ.

दीर्घउत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. हमें जल कहाँ-कहाँ से प्राप्त होता है? किस स्रोत से प्राप्त जल हमारे लिए उपयोगी होता है?
Answer: पृथ्वी का लगभग दो-तिहाई हिस्सा पानी से ढका हुआ है. हमें ज़्यादातर पानी महासागरों और समुद्रों से मिलता है, लेकिन यह पानी नमकीन होता है और इसलिए घरेलू, खेती या उद्योगों के लिए इस्तेमाल नहीं हो सकता है. हमें इन सभी कामों के लिए मीठे पानी की ज़रूरत होती है. मीठा पानी हमें पृथ्वी की सतह पर बर्फ की चादरों (ग्लेशियर), हिम, नदियों, झीलों और ज़मीन के नीचे के भू-जल से मिलता है. हालांकि, बर्फ की चादरों और भू-जल से पानी निकालना थोड़ा मुश्किल होता है, लेकिन नदियों, झीलों, तालाबों और कुओं से इसे आसानी से प्राप्त किया जा सकता है. मीठा पानी ही हमारे लिए सबसे उपयोगी स्रोत है.
In simple words: हमें पानी महासागरों, नदियों, झीलों, ग्लेशियरों और भू-जल से मिलता है. मीठा पानी (नदियों, झीलों, कुओं से) हमारे लिए सबसे उपयोगी होता है.

🎯 Exam Tip: जल के विभिन्न स्रोतों और मीठे पानी के महत्व को स्पष्ट करें, साथ ही नमकीन पानी के उपयोग पर भी प्रकाश डालें.

 

Question 3. अनवीकरणीय संसाधनों को उदाहरण देते हुए समझाइए।
Answer: अनवीकरणीय संसाधन वे हैं जिन्हें बनने में लाखों साल लगते हैं. ये संसाधन प्रकृति में बहुत सीमित मात्रा में पाए जाते हैं और एक बार इस्तेमाल होने के बाद खत्म हो जाते हैं. ये फिर से जल्दी से नहीं बन सकते और न ही इनकी भरपाई हो पाती है. उदाहरण के लिए, कोयला, पेट्रोलियम (पेट्रोल, डीज़ल), प्राकृतिक गैस, खनिज और चट्टानें अनवीकरणीय संसाधन हैं. इनका अत्यधिक उपयोग करने से ये खत्म हो सकते हैं, जिससे भविष्य की पीढ़ियों के लिए समस्याएँ खड़ी हो सकती हैं.
In simple words: अनवीकरणीय संसाधन वे हैं जिन्हें बनने में लाखों साल लगते हैं, ये सीमित होते हैं और एक बार इस्तेमाल होने पर खत्म हो जाते हैं. जैसे- कोयला, पेट्रोल, गैस और खनिज.

🎯 Exam Tip: अनवीकरणीय संसाधनों की परिभाषा, उनके बनने की प्रक्रिया और उदाहरणों को विस्तार से समझाएँ.

निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. 'वर्षा जल संचयन' से क्या तात्पर्य है? भारत में इसकी परंपरा के बारे में बताइए।
Answer: वर्षा जल संचयन का मतलब है बारिश के पानी को इकट्ठा करना और उसे भविष्य में इस्तेमाल के लिए बचाकर रखना. यह पानी बचाने का एक तरीका है, जिसमें आमतौर पर घरों की छतों या अन्य जगहों से बारिश के पानी को बड़े टैंकों या ज़मीन के अंदर के जलाशयों में जमा किया जाता है. भारत में वर्षा जल संचयन की परंपरा बहुत पुरानी है. उदाहरण के लिए, राजस्थान और गुजरात जैसे पानी की कमी वाले राज्यों में, लोगों ने सदियों से बावड़ियाँ (सीढ़ीदार कुएँ) और वाव बनाए हैं. ये संरचनाएँ बारिश के पानी को तो जमा करती ही हैं, साथ ही आस-पास की झीलों, तालाबों और नदियों से रिसने वाले पानी को भी इकट्ठा कर लेती हैं. इन खाइयों की अंदरूनी दीवारें पत्थर के टुकड़ों से बनी होती थीं, जिससे पानी आसानी से रिसकर अंदर जमा हो सके.
In simple words: वर्षा जल संचयन का मतलब बारिश के पानी को जमा करना है. भारत में यह एक पुरानी परंपरा है, जहाँ राजस्थान में बावड़ी और वाव जैसे ढाँचे बनाकर पानी इकट्ठा किया जाता था.

🎯 Exam Tip: वर्षा जल संचयन की परिभाषा, उसके तरीकों और भारत में इसके ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालें.

 

Question 2. चट्टानें मानव जीवन में किस प्रकार महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है और इनका संरक्षण क्यों आवश्यक है?
Answer: चट्टानें मानव जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. इनका उपयोग घर, भवन, मंदिर, सड़क, बाँध और मेज के ऊपरी भाग जैसी चीज़ें बनाने में होता है. स्लेट जैसी चट्टानें छत बनाने के काम आती हैं, और लेटराइट चट्टानें ईंट जैसी निर्माण सामग्री के रूप में इस्तेमाल होती हैं. ग्रेनाइट, बलुआ पत्थर और संगमरमर भी महत्वपूर्ण चट्टानें हैं जो निर्माण में काम आती हैं. इसके अलावा, चट्टानों से खनिज मिलते हैं, जिनका उपयोग हवाई जहाज, कार, आभूषण, सौंदर्य उत्पाद, बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने में होता है. इस प्रकार, चट्टानें मानव जीवन में बेहद अहम हैं. चट्टानें खनिजों से बनती हैं और इनके फिर से बनने में हजारों से लाखों साल लगते हैं. इसलिए, इनका संरक्षण और ज़िम्मेदारी से उपयोग करना बहुत ज़रूरी है ताकि ये भविष्य के लिए उपलब्ध रहें.
In simple words: चट्टानें घर, सड़क और इमारतें बनाने के लिए और खनिजों को निकालने के लिए बहुत ज़रूरी हैं. क्योंकि इन्हें बनने में बहुत समय लगता है, इसलिए इन्हें बचाना और सही से इस्तेमाल करना चाहिए.

🎯 Exam Tip: चट्टानों के विभिन्न उपयोगों और उनके संरक्षण की आवश्यकता को विस्तार से समझाएँ, क्योंकि वे अनवीकरणीय संसाधन हैं.

 

Question 4. प्राकृतिक संसाधन से क्या तात्पर्य है? इन्हें किस प्रकार वर्गीकृत किया जाता है?
Answer: प्राकृतिक संसाधन वे संसाधन हैं जो हमें प्रकृति से मिलते हैं. वायु, जल, सौर ऊर्जा, वन, मिट्टी, चट्टानें, खनिज और जीवाश्म ईंधन इसके प्रमुख उदाहरण हैं. ये सभी संसाधन प्रकृति द्वारा प्रदान किए जाते हैं और समय के साथ इनमें से कुछ प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा फिर से भर जाते हैं. इस आधार पर, प्राकृतिक संसाधनों को दो मुख्य भागों में बांटा जा सकता है: 1. **नवीकरणीय संसाधन:** ये वे संसाधन हैं जो उचित समय में नए बन सकते हैं, फिर से भर सकते हैं या दोबारा स्थापित किए जा सकते हैं. जैसे- वायु, जल और वन नवीकरणीय प्राकृतिक संसाधनों के उदाहरण हैं. प्रकृति खुद ही इनकी भरपाई कर देती है. 2. **अनवीकरणीय संसाधन:** ये वे संसाधन हैं जिन्हें बनने में लाखों साल लगते हैं. ये सीमित मात्रा में पाए जाते हैं और एक बार इस्तेमाल होने के बाद खत्म हो जाते हैं. ये उचित समय में फिर से नहीं बनते और न ही इनकी भरपाई हो पाती है. ऐसे संसाधनों को अनवीकरणीय संसाधन कहते हैं. उदाहरण के लिए- खनिज, मिट्टी, चट्टानें, कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैसें. इन संसाधनों के सही वर्गीकरण को समझना उनके प्रभावी प्रबंधन और भविष्य के लिए संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है.
In simple words: प्राकृतिक संसाधन प्रकृति से मिलने वाली चीज़ें हैं, जैसे हवा, पानी, जंगल. इन्हें दो तरह से बांटा जाता है: नवीकरणीय (जो दोबारा बन सकते हैं, जैसे हवा) और अनवीकरणीय (जो खत्म हो जाते हैं और दोबारा नहीं बनते, जैसे कोयला).

🎯 Exam Tip: प्राकृतिक संसाधनों की परिभाषा, उनके दोनों मुख्य प्रकारों और प्रत्येक के लिए स्पष्ट उदाहरणों को याद रखें.

RBSE Class 6 Science Chapter 11 Notes in Hindi

  • प्रकृति द्वारा हमें ज़्यादातर वे संसाधन मिलते हैं जो हमारे जीवन के लिए बहुत ज़रूरी हैं.
  • प्रकृति से मिलने वाले संसाधनों को प्राकृतिक संसाधन कहते हैं, जैसे जंगल, हवा, खनिज, चट्टानें, मिट्टी और जीवाश्म ईंधन.
  • जंगल बड़े इलाके होते हैं जहाँ अलग-अलग तरह के पौधे घने उगते हैं.
  • मिट्टी कई हज़ार सालों में सूर्य, पानी और जीव-जंतुओं द्वारा चट्टानों के टूटने से बनती है. मिट्टी एक बहुत कीमती चीज़ है क्योंकि यह कई तरह के जीवन को सहारा देती है.
  • चट्टानें खनिजों से बनी होती हैं, जिनसे कई महत्वपूर्ण धातुएँ मिलती हैं.
  • प्राकृतिक गैस, कोयला और पेट्रोलियम को जीवाश्म ईंधन कहते हैं.
  • इंसानों द्वारा अपनी ज़रूरतें पूरी करने के लिए बनाए गए संसाधनों को मानव निर्मित संसाधन कहते हैं.
  • प्राकृतिक संसाधनों को दो हिस्सों में बांटा जा सकता है: (i) नवीकरणीय संसाधन और (ii) अनवीकरणीय संसाधन.
  • वे संसाधन जो थोड़े समय में खुद ही बन जाते हैं, फिर से भर जाते हैं या ठीक हो जाते हैं, उन्हें नवीकरणीय संसाधन कहते हैं. जैसे- पानी, हवा और जंगल.
  • वे संसाधन जो उचित समय में नहीं बन पाते और न ही उनकी भरपाई होती है, उन्हें अनवीकरणीय संसाधन कहते हैं. जैसे- खनिज, मिट्टी, कोयला, पेट्रोलियम आदि.
  • इंसान सहित सभी जीव-जंतु अपने जीवन के लिए प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर करते हैं, इसलिए हमें अपने प्राकृतिक संसाधनों को बचाना चाहिए और उन्हें बेवजह बर्बाद किए बिना ज़िम्मेदारी से इस्तेमाल करना चाहिए.

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