RBSE Solutions Class 6 Science Chapter 10 सजीव : विशेषताओं का अन्वेषण

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Detailed Chapter 10 सजीव - विशेषताओं का अन्वेषण RBSE Solutions for Class 6 Science

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Class 6 Science Chapter 10 सजीव - विशेषताओं का अन्वेषण RBSE Solutions PDF

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

 

Question 1. आप बीजों को सजीव या निर्जीव किस श्रेणी में रखेंगे?
Answer: हम बीजों को सजीव श्रेणी में रखेंगे. इसका कारण यह है कि बीज के अंदर एक पौधा अपने भ्रूण अवस्था में मौजूद होता है. यह भ्रूण शुरुआत में निष्क्रिय रहता है, लेकिन जब उसे सही वातावरण और परिस्थितियाँ मिलती हैं, तो वह सक्रिय होकर बढ़ना शुरू कर देता है. बीज का यह जीवन चक्र उसे सजीव बनाता है.
In simple words: बीज सजीव होते हैं क्योंकि उनके अंदर एक छोटा पौधा सोया रहता है. जब उसे पानी और धूप मिलती है, तो वह उग जाता है.

🎯 Exam Tip: सजीव और निर्जीव के बीच के अंतर को स्पष्ट करते समय हमेशा उनके मौलिक गुणों जैसे वृद्धि, श्वसन, जनन आदि का उल्लेख करें.

 

Question 2. नीचे तालिका में कुछ विवरण (डाटा) दिया गया है। तालिका का अध्ययन कीजिए और दूसरे व तीसरे स्तंभ में दी गई स्थितियों के लिए उपयुक्त उदाहरणों का पता लगाने का प्रयास कीजिए। यदि आपको लगता है कि नीचे दी गई किसी भी स्थिति के लिए उदाहरण संभव नहीं है, तो स्पष्ट कीजिए कि ऐसा क्यों है?

क्रम सं.क्या इसकी वृद्धि होती है?क्या यह श्वास लेता है?उदाहरणटिप्पणी
1.नहींनहींउदाहरण संभव नहीं है।सभी सजीव वृद्धि और श्वसन करते हैं, जबकि निर्जीव वस्तुओं में वृद्धि व श्वसन संभव नहीं है।
2.नहींहाँउदाहरण संभव नहीं है।क्योंकि सभी सजीव वृद्धि एवं श्वसन करते हैं जबकि निर्जीव वस्तुओं में श्वसन संभव नहीं है।
3.हाँनहींक्रिस्टलनिर्जीव वस्तुओं के आकार में संचयन के कारण वृद्धि हो सकती है, लेकिन श्वास क्रिया नहीं होती है।
4.हाँहाँजंतु, पौधेसजीव होते हैं।

Answer: इस तालिका से पता चलता है कि कौन सी चीजें सजीव हैं और कौन सी निर्जीव. सजीव वे होते हैं जो बढ़ते भी हैं और साँस भी लेते हैं, जैसे जानवर और पौधे. निर्जीव चीजें न तो बढ़ती हैं और न ही साँस लेती हैं, लेकिन कुछ निर्जीव चीजें, जैसे क्रिस्टल, आकार में बढ़ सकती हैं, पर वे साँस नहीं लेतीं.
In simple words: तालिका बताती है कि जो बढ़ते और साँस लेते हैं, वे सजीव हैं (जैसे पौधे और जानवर). जो न बढ़ते, न साँस लेते, वे निर्जीव हैं.

🎯 Exam Tip: सजीव और निर्जीव के गुणों को हमेशा स्पष्ट रूप से याद रखें ताकि आप दिए गए विवरणों के आधार पर सही वर्गीकरण कर सकें.

 

Question 3. आपने सीखा है कि बीजों के अंकुरण के लिए भिन्न-भिन्न परिस्थितियों की आवश्यकता होती है। अनाजों और दालों के उपयुक्त भंडारण के लिए हम इस ज्ञान का उपयोग किस प्रकार कर सकते हैं?
Answer: बीजों को अंकुरित होने के लिए पानी, हवा, मिट्टी और रोशनी की ज़रूरत होती है. इसलिए, अनाजों और दालों को अच्छे से स्टोर करने के लिए हमें ऐसी जगह रखनी चाहिए जहाँ नमी, हवा और प्रकाश बिल्कुल न हो या बहुत कम हो. ऐसा करने से बीज अंकुरित नहीं होते और खराब होने से बच जाते हैं. सूखे और ठंडे स्थान पर भंडारण बीजों को लंबे समय तक सुरक्षित रखता है.
In simple words: बीजों को अंकुरित होने के लिए पानी, हवा और रोशनी चाहिए. इसलिए, अनाज और दालों को खराब होने से बचाने के लिए उन्हें सूखी, बंद और अँधेरी जगह पर रखना चाहिए.

🎯 Exam Tip: बीजों के भंडारण की परिस्थितियों को हमेशा उनके अंकुरण की आवश्यकताओं के विपरीत रखें, ताकि वे निष्क्रिय रहें.

 

Question 4. आपने सीखा है कि टैडपोल की एक पूँछ होती है लेकिन जब वृद्धि के बाद यह मेंढक बनता है तो पूँछ लुप्त हो जाती है। टैडपोल अवस्था में पूँछ होने से क्या लाभ मिलता है?
Answer: टैडपोल की पूँछ उसे पानी में तैरने में मदद करती है. जब टैडपोल छोटा होता है और पानी में रहता है, तो पूँछ उसके लिए बहुत ज़रूरी होती है ताकि वह आसानी से घूम सके और अपना भोजन ढूंढ सके. पूँछ मेंढक को अपने शुरुआती जल जीवन में संतुलन और गति प्रदान करती है.
In simple words: टैडपोल की पूँछ उसे पानी में तैरने में मदद करती है, ताकि वह इधर-उधर जा सके.

🎯 Exam Tip: जीवन चक्र के दौरान अंगों के परिवर्तन और उनके कार्यों को समझने पर ध्यान दें.

 

Question 5. चरण का कहना है लकड़ी का लट्ठा निर्जीव है क्योंकि इसमें गति नहीं होती। इसके विपरीत चारु इसे सजीव मानती हैं, क्योंकि यह वृक्षों से प्राप्त होता है। चरण और चारु के कथनों के पक्ष या विपक्ष में अपने अपने तर्क दीजिए।
Answer:
चरण का तर्क: चरण का कहना सही है कि लकड़ी का लट्ठा निर्जीव है क्योंकि उसमें गति नहीं होती. पेड़ से अलग होने के बाद लकड़ी में सजीवों के कोई भी गुण नहीं दिखते, जैसे बढ़ना, साँस लेना या जनन करना, और इसलिए यह एक निर्जीव वस्तु बन जाती है. एक बार पेड़ से कटने के बाद, यह अब जीवन की प्रक्रियाओं को नहीं दर्शाता है.
चारु का तर्क: चारु का यह तर्क कि लकड़ी का लट्ठा सजीव है क्योंकि यह वृक्षों से मिलता है, केवल तभी तक सही था जब तक लकड़ी वृक्ष से जुड़ी हुई थी. पेड़ से अलग होने के बाद, वह लकड़ी का टुकड़ा सजीव नहीं रहता क्योंकि वह अपने आप भोजन नहीं बनाता या बढ़ता नहीं है.
In simple words: चरण सही है क्योंकि लकड़ी पेड़ से कटने के बाद हिलती-डुलती नहीं और उसके कोई भी सजीव गुण नहीं रहते. चारु का सोचना गलत है क्योंकि लकड़ी सिर्फ़ तब तक सजीव थी जब तक वह पेड़ का हिस्सा थी.

🎯 Exam Tip: किसी वस्तु को सजीव या निर्जीव साबित करने के लिए सभी आवश्यक गुणों (गति, वृद्धि, श्वसन, जनन, पोषण, उत्सर्जन, उद्दीपन के प्रति अनुक्रिया) पर विचार करें.

 

Question 6. मच्छर और मेंढक के जीवन चक्र में क्या समानताएँ और क्या विभेदकारी विशेषताएँ होती हैं?
Answer:
समानताएँ:
1. मच्छर और मेंढक दोनों का जीवन चक्र अंडे से शुरू होता है.
2. दोनों के जीवन चक्र में लार्वा अवस्था आती है.
3. दोनों अपने जीवन के शुरुआती समय में पानी में रहते हैं.
विभेदकारी विशेषताएँ:
1. मच्छर के जीवन चक्र में प्यूपा अवस्था होती है, लेकिन मेंढक के जीवन चक्र में प्यूपा अवस्था नहीं होती. मेंढक में लार्वा के बाद सीधा वयस्क अवस्था आती है, जबकि मच्छर में प्यूपा एक मध्यवर्ती चरण है.
2. मच्छर की वयस्क अवस्था हवा में रहती है, जबकि मेंढक की वयस्क अवस्था पानी और ज़मीन दोनों जगहों पर रह सकती है.
In simple words: मच्छर और मेंढक दोनों अंडे से शुरू होते हैं और उनके बच्चे पानी में रहते हैं. लेकिन मच्छर में प्यूपा बनता है और वह सिर्फ हवा में रहता है, जबकि मेंढक में प्यूपा नहीं होता और वह पानी-ज़मीन दोनों पर रहता है.

🎯 Exam Tip: जीवन चक्र के चरणों को याद रखना महत्वपूर्ण है, साथ ही उन विशिष्ट परिवर्तनों को भी जो प्रत्येक जीव के लिए अद्वितीय होते हैं.

 

Question 7. एक पौधे को उसकी वृद्धि के लिए उपयुक्त सभी स्थितियाँ उपलब्ध कराई गई हैं। एक सप्ताह पश्चात् आप इस पौधे के प्ररोह और जड़ में क्या देखने की अपेक्षा करते हैं? उसका चित्र बनाइए। इसके कारण भी लिखिए।
Answer: एक सप्ताह बाद, हम देखेंगे कि पौधे का प्ररोह (तना) ऊपर की ओर और जड़ें नीचे की ओर बढ़ती हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पौधे प्रकाश की ओर बढ़ते हैं, जिसे 'प्रकाशानुवर्तन' कहते हैं, और जड़ें गुरुत्वाकर्षण की ओर बढ़ती हैं, जिसे 'गुरुत्वानुवर्तन' कहते हैं. यह सुनिश्चित करता है कि पौधे को सही दिशा में बढ़ने के लिए आवश्यक पोषक तत्व और ऊर्जा मिले.

प्ररोह (ऊपर की ओर वृद्धि) जड़ (नीचे की ओर वृद्धि)
In simple words: पौधे का तना ऊपर की ओर बढ़ेगा जहाँ से उसे रोशनी मिलेगी, और जड़ें नीचे मिट्टी में जाएंगी क्योंकि गुरुत्वाकर्षण उन्हें खींचता है.

🎯 Exam Tip: पौधों में प्रकाशानुवर्तन (phototropism) और गुरुत्वानुवर्तन (geotropism) के सिद्धांतों को याद रखें.

 

Question 8. तारा और विजय ने एक प्रयोग का सेट अप तैयार किया है जिसे चित्र में दर्शाया गया है। आप क्या सोचते हैं कि वे क्या पता करना चाहते हैं? और उन्हें यह कैसे पता चलेगा कि वे सही हैं?
Answer: तारा और विजय शायद यह पता लगाना चाहते हैं कि पौधे की वृद्धि किस दिशा में होती है. वे देखना चाहते हैं कि जब रोशनी सभी दिशाओं से आती है, तो पौधे का तना ऊपर की ओर और जड़ें नीचे की ओर बढ़ती हैं. वे तीनों पौधों में यह देखेंगे कि तना सतह से ऊपर कितना बढ़ा है और जड़ें सतह से नीचे कितनी गई हैं, जिससे उन्हें पता चलेगा कि उनका अनुमान सही है या नहीं. यह प्रयोग पौधों की प्राकृतिक वृद्धि दिशा को समझने में मदद करता है.

पौधा पौधा पौधा प्रयोग का सेट-अप
In simple words: वे देखना चाहते हैं कि पौधे कैसे बढ़ते हैं - तना ऊपर की ओर और जड़ें नीचे की ओर. वे इसे पौधों की लंबाई देखकर पता लगाएँगे.

🎯 Exam Tip: वैज्ञानिक प्रयोगों के उद्देश्य और अवलोकन के तरीकों को स्पष्ट रूप से समझें.

 

Question 9. बीज अंकुरण पर तापमान के प्रभाव की जाँच करने के लिए एक प्रयोग की योजना लिखिए।
Answer: बीज अंकुरण पर तापमान के असर को जानने के लिए हम यह प्रयोग कर सकते हैं:
1. सबसे पहले, एक ही तरह के बीज लेकर उन्हें तीन अलग-अलग बीकर में रखें.
2. फिर, पहले बीकर को कम तापमान के लिए फ्रिज में, दूसरे बीकर को सामान्य तापमान पर कमरे में और तीसरे बीकर को ज़्यादा तापमान पर धूप में रख दें.
3. तीनों बीकर में एक बराबर मात्रा में पानी डालें और कुछ समय बाद उन पर ध्यान दें.
4. अंकुरित होने की गति को लिखें और फिर तुलना करें कि किस तापमान पर बीज सबसे जल्दी और अच्छे से अंकुरित हुए. इस प्रयोग से हम बीजों के लिए सबसे अच्छे तापमान का पता लगा सकते हैं.
In simple words: हम तीन बीकर में एक जैसे बीज रखेंगे, उन्हें अलग-अलग तापमान (ठंडा, सामान्य, गरम) देंगे और बराबर पानी डालेंगे. फिर देखेंगे कि किस तापमान पर बीज सबसे जल्दी उगते हैं.

🎯 Exam Tip: प्रयोग की योजना बनाते समय, सुनिश्चित करें कि आप केवल एक ही कारक (जैसे तापमान) को बदलते हैं, जबकि बाकी सभी कारक (जैसे पानी की मात्रा, बीज का प्रकार) समान रहते हैं.

 

Question 1. कीटभक्षी पधि का उदाहरण है-
(अ) ड्रोसेरा
(ब) बोगेनविलिया
(स) क्राइसेन्थम
(द) सनफ्लावर
Answer: (अ) ड्रोसेरा
In simple words: ड्रोसेरा वह पौधा है जो कीड़े-मकोड़े खाता है.

🎯 Exam Tip: कीटभक्षी पौधों के विशिष्ट उदाहरणों और उनके शिकार पकड़ने के तरीकों को याद रखें.

 

Question 2. किस पौधे की पत्तियाँ छूने पर अचानक सिकुड़ जाती हैं?
(अ) कैजुराइना
(ब) मिमोसा
(स) आँवला
(द) पिटूनिया
Answer: (ब) मिमोसा
In simple words: मिमोसा पौधे की पत्तियाँ छूने पर तुरंत बंद हो जाती हैं.

🎯 Exam Tip: पौधों में उद्दीपन के प्रति अनुक्रिया के उदाहरणों को जानें, जैसे स्पर्श के प्रति मिमोसा की प्रतिक्रिया.

 

Question 3. निम्न में से निर्जीव है-
(अ) छत्रक
(ब) कीट
(स) मच्छर
(द) जल
Answer: (द) जल
In simple words: पानी एक निर्जीव वस्तु है, जबकि बाकी सभी सजीव हैं.

🎯 Exam Tip: सजीव और निर्जीव के बीच अंतर करते समय सभी गुणों (वृद्धि, श्वसन, जनन आदि) पर विचार करें.

 

Question 4. किस पौधे द्वारा सूर्यास्त के बाद अपनी पत्तियाँ बन्द कर ली जाती हैं?
(अ) पिटूनिया
(स) नागफनी
(ब) नीम
(द) आँवला
Answer: (द) आँवला
In simple words: आँवले का पौधा सूरज डूबने के बाद अपनी पत्तियाँ बंद कर लेता है.

🎯 Exam Tip: पौधों की दैनिक गतियों और उनके उदाहरणों को समझें, खासकर वे जो प्रकाश से संबंधित हैं.

 

Question 6. मच्छर की कौनसी अवस्था जल में रहती है?
(अ) लार्वा व वयस्क
(ब) लार्वा व प्यूपा
(द) अण्डा व वयस्क
(स) प्यूपा व वयस्क
Answer: (ब) लार्वा व प्यूपा
In simple words: मच्छर के लार्वा और प्यूपा दोनों अवस्थाएँ पानी में रहती हैं.

🎯 Exam Tip: मच्छर के जीवन चक्र के सभी चरणों और प्रत्येक चरण के निवास स्थान को याद रखें.

 

Question 7. रेशम कीट (सिल्क मॉथ) के जीवन में कितनी अवस्थाएँ होती हैं?
(अ) 4
(ब) 3
(स) 2
(द) 5
Answer: (अ) 4
In simple words: रेशम कीट के जीवन में चार मुख्य अवस्थाएँ होती हैं.

🎯 Exam Tip: रेशम कीट जैसे विभिन्न कीटों के जीवन चक्र के चरणों की संख्या और क्रम को जानें.

 

Question 8. मेंढक के जीवन चक्र की अवस्थाओं का सही क्रम है-
(अ) अण्डा, मंडूकक, टैडपोल, वयस्क
(ब) टैडपोल, अण्डा, मंडूकक, वयस्क
(स) अण्डा, टैडपोल, मंडूकक, वयस्क
(द) वयस्क, मंडूकक, टैडपोल, अण्डा
Answer: (स) अण्डा, टैडपोल, मंडूकक, वयस्क
In simple words: मेंढक का जीवन अंडे से शुरू होता है, फिर वह टैडपोल, मंडूकक और आखिर में वयस्क मेंढक बनता है.

🎯 Exam Tip: मेंढक के जीवन चक्र के विभिन्न चरणों और उनके सही अनुक्रम को समझना महत्वपूर्ण है.

 

Question 10. (i) कॉलियस (ii) पिटूनिया (iii) कैलेंडुला (iv) जीनिया में से कौनसे पौधे में बीजांकुरण के लिए अंधकार की आवश्यकता होती है?
(अ) (i) व (ii)
(ब) (ii) व (iii)
(स) (iii) व (iv)
(द) (i) व (iv)
Answer: (स) (iii) व (iv)
In simple words: कैलेंडुला और जीनिया जैसे पौधों के बीजों को उगने के लिए अंधेरे की ज़रूरत होती है.

🎯 Exam Tip: याद रखें कि सभी बीजों को अंकुरण के लिए प्रकाश की आवश्यकता नहीं होती है; कुछ को बेहतर अंकुरण के लिए अंधेरे की ज़रूरत होती है.

 

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

 

Question 1. कीटभक्षी पौधे अपने पोषण के लिए _______ पर निर्भर होते हैं।
Answer: कीटभक्षी पौधे अपने पोषण के लिए कीटों पर निर्भर होते हैं। वे कीड़े-मकोड़ों को पकड़कर खाते हैं ताकि उन्हें आवश्यक पोषक तत्व मिल सकें.
In simple words: कीड़े खाने वाले पौधे अपनी खुराक के लिए कीड़े-मकोड़ों पर निर्भर करते हैं.

🎯 Exam Tip: कीटभक्षी पौधों के पोषण संबंधी अनुकूलन को याद रखें, जो उन्हें नाइट्रोजन जैसे पोषक तत्वों की कमी वाली मिट्टी में जीवित रहने में मदद करते हैं.

 

Question 2. समस्त सजीव _______ के प्रति अनुक्रिया करते हैं।
Answer: समस्त सजीव उद्दीपन के प्रति अनुक्रिया करते हैं। इसका मतलब है कि वे अपने आसपास के बदलावों पर प्रतिक्रिया देते हैं. जैसे, जब तापमान बदलता है या कोई स्पर्श करता है, तो जीव प्रतिक्रिया देते हैं.
In simple words: सभी जीवित चीजें अपने आसपास के बदलावों पर प्रतिक्रिया देती हैं.

🎯 Exam Tip: उद्दीपन और अनुक्रिया सजीवों के मूलभूत गुणों में से एक है, जो उन्हें वातावरण के साथ तालमेल बिठाने में मदद करता है.

 

Question 3. शरीर से अपशिष्ट उत्पाद के निष्कासन को _______ कहते हैं।
Answer: शरीर से अपशिष्ट उत्पाद के निष्कासन को उत्सर्जन कहते हैं। यह प्रक्रिया शरीर से अनावश्यक और हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करती है.
In simple words: शरीर से खराब चीजें बाहर निकालने को उत्सर्जन कहते हैं.

🎯 Exam Tip: उत्सर्जन एक महत्वपूर्ण जैविक प्रक्रिया है जो शरीर के आंतरिक संतुलन (होमोस्टैसिस) को बनाए रखने में मदद करती है.

 

Question 4. बीज के बाह्य आवरण को _______ कहते हैं।
Answer: बीज के बाह्य आवरण को बीजावरण कहते हैं। यह आवरण बीज को बाहरी खतरों से बचाता है और अंकुरण तक आंतरिक भ्रूण की रक्षा करता है.
In simple words: बीज के बाहरी कवच को बीजावरण कहते हैं.

🎯 Exam Tip: बीजावरण बीज की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, खासकर अंकुरण के प्रारंभिक चरणों में.

 

निम्न में से सत्य / असत्य कथन छाँटिए

 

Question 1. पौधों में पुष्प केवल दिन के समय ही खिलते हैं। (सत्य / असत्य)
Answer: असत्य
In simple words: यह गलत है, कुछ फूल रात में भी खिलते हैं.

🎯 Exam Tip: फूलों के खिलने के समय को याद रखें, क्योंकि कुछ फूल दिन में और कुछ रात में खिलते हैं.

 

Question 2. सभी सजीव जनन करते हैं। (सत्य / असत्य)
Answer: सत्य
In simple words: हाँ, सभी जीवित चीजें अपनी तरह के नए जीव पैदा करती हैं.

🎯 Exam Tip: जनन सजीवों के प्रमुख गुणों में से एक है, जो प्रजातियों की निरंतरता सुनिश्चित करता है.

 

Question 3. पौधे को सीधा रखे जाने पर जड़ नीचे की ओर वृद्धि करती है और प्ररोह की वृद्धि ऊपर की दिशा में होती है। (सत्य / असत्य)
Answer: सत्य
In simple words: यह सही है, पौधे की जड़ नीचे जाती है और तना ऊपर की ओर बढ़ता है.

🎯 Exam Tip: पौधों में गुरुत्वानुवर्तन (जड़) और प्रकाशानुवर्तन (तना) के सिद्धांतों को याद रखें.

 

Question 4. सभी बीजों को अंकुरण के लिए प्रकाश की आवश्यकता होती है। (सत्य / असत्य)
Answer: असत्य
In simple words: यह गलत है, सभी बीजों को उगने के लिए रोशनी की ज़रूरत नहीं होती.

🎯 Exam Tip: याद रखें कि कुछ बीजों को अंकुरण के लिए प्रकाश की आवश्यकता होती है, जबकि कुछ को अंधेरे की, और कुछ को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.

 

कॉलम – 1 में दिए गए शब्दों का मिलान कॉलम- 2 से कीजिए

 

Question 1.

कॉलम 1कॉलम 2
(1) उद्दीपन(A) अपशिष्ट पदार्थों का निष्कासन
(2) उत्सर्जन(B) अपने समान संतति उत्पन्न करना
(3) श्वसन(C) वातावरण में होने वाले परिवर्तन
(4) जनन(D) श्वास क्रिया

Answer:

कॉलम 1कॉलम 2
(1) उद्दीपन(C) वातावरण में होने वाले परिवर्तन
(2) उत्सर्जन(A) अपशिष्ट पदार्थों का निष्कासन
(3) श्वसन(D) श्वास क्रिया
(4) जनन(B) अपने समान संतति उत्पन्न करना

In simple words: हमें सही शब्द को उसके सही अर्थ से मिलाना है: उद्दीपन वातावरण में बदलाव हैं, उत्सर्जन शरीर से कचरा निकालना है, श्वसन साँस लेने की क्रिया है, और जनन अपने जैसे बच्चे पैदा करना है.

🎯 Exam Tip: इन वैज्ञानिक शब्दों की परिभाषाओं को अच्छे से समझें ताकि आप उनका सही मिलान कर सकें.

 

Question 2.

कॉलम 1कॉलम 2
(1) बीज(A) रंध्र
(2) मेंढक(B) प्यूपा
(3) मच्छर(C) टैडपोल
(4) पत्ती(D) भ्रूण

Answer:

कॉलम 1कॉलम 2
(1) बीज(D) भ्रूण
(2) मेंढक(C) टैडपोल
(3) मच्छर(B) प्यूपा
(4) पत्ती(A) रंध्र

In simple words: बीज में भ्रूण होता है. मेंढक का बच्चा टैडपोल कहलाता है. मच्छर में प्यूपा अवस्था होती है. पत्ती में छोटे छेद होते हैं जिन्हें रंध्र कहते हैं.

🎯 Exam Tip: जीवन चक्र के विभिन्न चरणों और पौधों की संरचनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण शब्दों को याद रखें.

 

सजीवों द्वारा अपनी तरह के नवजातों को जन्म देने की प्रक्रिया जनन कहलाती है।

 

Question 2. अंकुरित बीज से क्या तात्पर्य है?
Answer: अंकुरित बीज वह होता है जब किसी बीज से छोटा पौधा या अंकुर निकलना शुरू हो जाता है. यह तब होता है जब बीज को बढ़ने के लिए सही परिस्थितियाँ, जैसे पानी और उपयुक्त तापमान, मिलती हैं. यह बीज में जीवन की शुरुआत का पहला संकेत है.
In simple words: जब बीज से छोटा सा पौधा निकलने लगता है, तो उसे अंकुरित बीज कहते हैं.

🎯 Exam Tip: अंकुरित बीज की परिभाषा को सरल शब्दों में याद रखें और यह भी कि अंकुरण के लिए किन परिस्थितियों की आवश्यकता होती है.

 

Question 3. सजीवों को अपनी वृद्धि और विकास के लिए किसकी आवश्यकता होती है?
Answer: सजीवों को अपनी वृद्धि और विकास के लिए भोजन (पोषण) की आवश्यकता होती है. भोजन से उन्हें ऊर्जा मिलती है और उनके शरीर के निर्माण व मरम्मत के लिए आवश्यक सामग्री भी मिलती है. सही पोषण के बिना कोई भी जीव ठीक से बढ़ नहीं सकता या विकसित नहीं हो सकता.
In simple words: सजीवों को बढ़ने और विकसित होने के लिए भोजन चाहिए.

🎯 Exam Tip: पोषण सजीवों के सात मूलभूत गुणों में से एक है; याद रखें कि यह वृद्धि और ऊर्जा के लिए आवश्यक है.

 

Question 4. पौधे श्वसन किस प्रकार करते हैं?
Answer: पौधे श्वसन पत्तियों की सतह पर मौजूद छोटे-छोटे छेदों के ज़रिए करते हैं, जिन्हें रंध्र कहते हैं. इन रंध्रों से पौधे हवा से कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं और ऑक्सीजन बाहर छोड़ते हैं. यह प्रक्रिया पौधों को जीवित रहने के लिए ऊर्जा प्रदान करती है.
In simple words: पौधे पत्तियों में छोटे-छोटे छेदों (रंध्र) से साँस लेते हैं.

🎯 Exam Tip: याद रखें कि पौधे के विभिन्न भाग (पत्ती, तना, जड़) श्वसन में शामिल होते हैं, लेकिन पत्ती के रंध्र मुख्य भूमिका निभाते हैं.

 

Question 5. उत्सर्जन किसे कहते हैं?
Answer: उत्सर्जन उस प्रक्रिया को कहते हैं जिसमें सजीव अपने शरीर से अनुपयोगी या हानिकारक अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालते हैं. यह शरीर को साफ रखने और ठीक से काम करने के लिए बहुत ज़रूरी है. यह शरीर के आंतरिक वातावरण को स्थिर बनाए रखने में मदद करता है.
In simple words: शरीर से बेकार चीजें बाहर निकालने की प्रक्रिया को उत्सर्जन कहते हैं.

🎯 Exam Tip: उत्सर्जन की परिभाषा को स्पष्ट रूप से याद रखें और समझें कि यह सजीवों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है.

 

Question 6. क्या पौधे भी उत्सर्जन करते हैं?
Answer: हाँ, पौधे भी उत्सर्जन करते हैं. वे अपनी पत्तियों की सतह से अतिरिक्त पानी और कुछ खनिज पदार्थों को छोटी-छोटी बूँदों के रूप में बाहर निकालते हैं, जिसे वाष्पोत्सर्जन कहते हैं. इसके अलावा, पौधे कुछ अपशिष्ट पदार्थों को अपनी पत्तियों, छाल या जड़ों में जमा कर लेते हैं, जिन्हें बाद में गिरा देते हैं.
In simple words: हाँ, पौधे भी बेकार चीज़ें बाहर निकालते हैं, जैसे पत्तियों से पानी.

🎯 Exam Tip: वाष्पोत्सर्जन पौधों में उत्सर्जन का एक महत्वपूर्ण रूप है; इसे विशेष रूप से याद रखें.

 

Question 7. 'उद्दीपन' किसे कहते हैं?
Answer: कोई भी वस्तु या घटना जो सजीवों को प्रतिक्रिया देने के लिए प्रेरित करती है, उसे उद्दीपन कहते हैं. यह बाहरी (जैसे प्रकाश, गर्मी, स्पर्श) या आंतरिक (जैसे भूख, प्यास) हो सकता है. जीव इन उद्दीपनों का पता लगाते हैं और उनके अनुसार प्रतिक्रिया करते हैं.
In simple words: कोई भी ऐसी चीज़ या घटना जो किसी सजीव को प्रतिक्रिया देने के लिए मजबूर करे, उसे उद्दीपन कहते हैं.

🎯 Exam Tip: उद्दीपन और अनुक्रिया सजीवों के महत्वपूर्ण गुण हैं; विभिन्न प्रकार के उद्दीपनों (प्रकाश, गर्मी, स्पर्श, आदि) को याद रखें.

 

Question 9. किसी पौधे को कब मृत माना जाता है?
Answer: किसी पौधे को तब मृत माना जाता है जब वह बढ़ना बंद कर देता है और सभी ज़रूरी परिस्थितियाँ मिलने के बाद भी उसमें जीवन की गतिविधियाँ, जैसे श्वसन, पोषण या जनन, धीरे-धीरे खत्म हो जाती हैं. जब उसमें जीवन के कोई संकेत नहीं दिखते, तो उसे मृत समझा जाता है. पौधे का मरना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन बाहरी कारक भी इसे प्रभावित कर सकते हैं.
In simple words: जब पौधा बढ़ना बंद कर दे और उसकी सभी जीवन क्रियाएँ खत्म हो जाएँ, भले ही उसे सब कुछ मिल रहा हो, तो उसे मृत माना जाता है.

🎯 Exam Tip: पौधे को मृत मानने के लिए उसके विकास और जीवन प्रक्रियाओं के पूर्ण ठहराव को मुख्य संकेत के रूप में देखें.

 

Question 10. मच्छर अपने जीवन चक्र में कौन-कौन सी अवस्थाओं से गुजरते हैं?
Answer: मच्छर अपने जीवन चक्र में चार अवस्थाओं से गुजरते हैं: (i) अंडा, (ii) लार्वा, (iii) प्यूपा और (iv) वयस्क अवस्था. यह चक्र पानी और हवा दोनों में पूरा होता है, जिससे मच्छर की आबादी बढ़ती रहती है.
In simple words: मच्छर चार अवस्थाओं से गुजरते हैं: अंडा, लार्वा, प्यूपा और वयस्क.

🎯 Exam Tip: मच्छर के जीवन चक्र के चारों चरणों को सही क्रम में याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह कई बीमारियों के नियंत्रण में सहायक होता है.

 

Question 11. मच्छरों के लार्वा और प्यूपा बार-बार जल की सतह पर क्यों आते हैं?
Answer: मच्छरों के लार्वा और प्यूपा पानी में रहते हैं, लेकिन उन्हें साँस लेने के लिए हवा की ज़रूरत होती है. इसलिए वे बार-बार पानी की सतह पर आते हैं ताकि हवा से ऑक्सीजन ले सकें. यह उनके जीवित रहने के लिए बहुत ज़रूरी है, क्योंकि वे पानी में घुली ऑक्सीजन का उपयोग नहीं कर पाते.
In simple words: मच्छर के लार्वा और प्यूपा पानी में रहते हैं, पर उन्हें साँस लेने के लिए हवा चाहिए, इसलिए वे बार-बार पानी की ऊपरी सतह पर आते हैं.

🎯 Exam Tip: याद रखें कि लार्वा और प्यूपा के श्वसन अनुकूलन (पानी की सतह पर आना) उन्हें अन्य जलीय जीवों से अलग करते हैं.

 

Question 12. जलांडक के रूप में किसे जाना जाता है?
Answer: मेंढक के अंडों के समूह को, जो जेली जैसे चिपचिपे पदार्थ में लिपटे होते हैं, जलांडक के रूप में जाना जाता है. यह जेली अंडों को सूखने और शिकारियों से बचाने में मदद करती है. यह अक्सर तालाबों और धीमी गति से बहने वाले पानी में पाए जाते हैं.
In simple words: मेंढक के अंडों के समूह को, जो जेली में लिपटे होते हैं, जलांडक कहते हैं.

🎯 Exam Tip: मेंढक के जीवन चक्र के शुरुआती चरण और उससे जुड़े विशिष्ट शब्दों को याद रखें.

 

Question 13. मेंढक के जीवन चक्र में कौन-कौन सी अवस्थाएँ पाई जाती हैं?
Answer: मेंढक के जीवन चक्र में चार मुख्य अवस्थाएँ पाई जाती हैं: (i) अंडा, (ii) टैडपोल, (iii) मंडूकक (फ्रॉगलेट) और (iv) वयस्क अवस्था. इन अवस्थाओं में मेंढक के शरीर में कई बड़े बदलाव होते हैं.
In simple words: मेंढक के जीवन चक्र में अंडा, टैडपोल, मंडूकक और वयस्क अवस्थाएँ होती हैं.

🎯 Exam Tip: मेंढक के जीवन चक्र के सभी चरणों, विशेषकर मेटामॉर्फोसिस (कायापलट) की प्रक्रिया को समझें.

 

Question 14. सजीवों की निरंतरता को कौन सुनिश्चित करता है?
Answer: जनन की प्रक्रिया सजीवों की निरंतरता को सुनिश्चित करती है. जनन के माध्यम से जीव अपनी ही तरह के नए जीवों को जन्म देते हैं, जिससे उनकी प्रजाति पृथ्वी पर बनी रहती है. यह सुनिश्चित करता है कि जीव हमेशा मौजूद रहें और लुप्त न हों.
In simple words: जनन की प्रक्रिया से सजीव अपनी प्रजाति को हमेशा बनाए रखते हैं.

🎯 Exam Tip: जनन को सजीवों के एक महत्वपूर्ण गुण के रूप में याद रखें, जो प्रजाति के अस्तित्व के लिए आवश्यक है.

 

लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. क्या पौधे भी गतियाँ दर्शाते हैं? उदाहरण दीजिए।
Answer: हाँ, यद्यपि पौधे एक जगह से दूसरी जगह नहीं जा पाते, फिर भी वे कुछ खास तरह की गतियाँ दिखाते हैं. ये गतियाँ उनके विकास, पर्यावरण के प्रति प्रतिक्रिया या प्रजनन से जुड़ी होती हैं.
उदाहरण:
1. पौधों में गति का एक उदाहरण फूलों का सुबह खिलना और शाम को बंद हो जाना है.
2. कुछ बेल वाली लताएँ (आरोही लताएँ) अपने पास रखी किसी चीज़, जैसे किसी लकड़ी या सहारे के चारों ओर लिपट जाती हैं, ताकि वे ऊपर चढ़ सकें. यह भी एक तरह की गति है.
In simple words: हाँ, पौधे भी हिलते-डुलते हैं, जैसे फूल का खिलना या बेल का किसी सहारे पर लपट जाना.

🎯 Exam Tip: पौधों की गतियों को याद रखें और उनके उदाहरणों को समझें, खासकर प्रकाशानुवर्तन, गुरुत्वानुवर्तन और स्पर्शनुवर्तन जैसी गतियों को.

 

Question 2. सभी सजीवों में कौनसी सामान्य विशेषताएँ पाई जाती हैं?
Answer: सभी सजीवों में कुछ सामान्य विशेषताएँ होती हैं जो उन्हें निर्जीव वस्तुओं से अलग करती हैं. इनमें शामिल हैं:
1. गति: सभी सजीव कुछ न कुछ गति दिखाते हैं, भले ही वे एक जगह से दूसरी जगह न जाएँ.
2. पोषण: सभी सजीवों को ऊर्जा और वृद्धि के लिए भोजन की ज़रूरत होती है.
3. वृद्धि: सजीवों के शरीर में धीरे-धीरे वृद्धि होती है.
4. श्वसन: जीवित रहने के लिए सजीवों को लगातार साँस लेने की ज़रूरत होती है.
5. जनन: सजीव अपनी प्रजाति को बनाए रखने के लिए अपने जैसे नए जीव पैदा करते हैं.
6. उद्दीपन के प्रति अनुक्रिया: सजीव अपने वातावरण में होने वाले बदलावों पर प्रतिक्रिया देते हैं.
7. उत्सर्जन: सजीव अपने शरीर से बेकार पदार्थ बाहर निकालते हैं.
और अंत में, सभी सजीव एक निश्चित समय के बाद मर जाते हैं.
In simple words: सभी सजीव हिलते-डुलते हैं, खाते हैं, बढ़ते हैं, साँस लेते हैं, बच्चे पैदा करते हैं, बदलावों पर प्रतिक्रिया देते हैं, बेकार चीज़ें बाहर निकालते हैं, और अंत में मर जाते हैं.

🎯 Exam Tip: सजीवों के सात मूलभूत गुणों (गति, पोषण, वृद्धि, श्वसन, जनन, उद्दीपन के प्रति अनुक्रिया, उत्सर्जन) को हमेशा याद रखें.

 

Question 3. जंतुओं में उत्सर्जन के दो उत्पादों के बारे में बताइए।
Answer: जंतुओं में उत्सर्जन के दो मुख्य उत्पाद ये हैं:
(i) पसीना: यह त्वचा से निकलने वाला एक तरल पदार्थ है जिसमें पानी और कुछ नमक होते हैं. पसीना शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में भी मदद करता है.
(ii) मूत्र: यह गुर्दों द्वारा बनाया गया एक अपशिष्ट उत्पाद है जिसमें यूरिया (नाइट्रोजन युक्त अपशिष्ट), पानी और अन्य घुले हुए पदार्थ होते हैं. मूत्र शरीर से अतिरिक्त पानी और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
In simple words: जंतुओं में पसीना और मूत्र दो मुख्य बेकार चीजें हैं जो शरीर से बाहर निकलती हैं. पसीने में पानी और नमक होता है, और मूत्र में पानी और यूरिया होता है.

🎯 Exam Tip: जंतुओं में उत्सर्जन के प्राथमिक उत्पादों (पसीना और मूत्र) और उनके प्रमुख घटकों को याद रखें.

 

Question 4. मच्छरों के जीवन चक्र को किस प्रकार भंग किया जा सकता है? उदाहरण द्वारा समझाइए।
Answer: मच्छरों के जीवन चक्र को कई तरीकों से तोड़ा जा सकता है, जिससे उनकी आबादी को कम किया जा सके. एक आसान तरीका है स्थिर पानी पर मिट्टी का तेल छिड़कना. जब मिट्टी का तेल पानी की सतह पर एक पतली परत बना लेता है, तो यह परत हवा को पानी से अलग कर देती है. इससे मच्छर के लार्वा और प्यूपा, जिन्हें साँस लेने के लिए हवा की ज़रूरत होती है, पानी की सतह से हवा नहीं ले पाते और मर जाते हैं. इसी तरह, पानी को जमा होने से रोकना या पानी के स्रोतों को ढक कर रखना भी प्रभावी उपाय हैं.
In simple words: मच्छरों को बढ़ने से रोकने के लिए, रुके हुए पानी पर मिट्टी का तेल छिड़क सकते हैं. तेल की परत से लार्वा और प्यूपा को हवा नहीं मिल पाती, और वे मर जाते हैं.

🎯 Exam Tip: मच्छरों के जीवन चक्र को तोड़ने के लिए उनके श्वसन तंत्र की कमजोरी (पानी की सतह से हवा लेना) का उपयोग करने के तरीके को याद रखें.

 

Question 6. क्या बीजों के अंकुरण के लिए सूर्य का प्रकाश अनिवार्य है?
Answer: सामान्य तौर पर, ज़्यादातर बीजों को अंकुरित होने के लिए सीधे सूर्य के प्रकाश की ज़रूरत नहीं होती है; वे अक्सर अंधेरे या कम रोशनी में भी अंकुरित हो जाते हैं. लेकिन, बीज अंकुरित होने के बाद, छोटे पौधे (नवोद्भिद) की वृद्धि और प्रकाश संश्लेषण के लिए सूर्य का प्रकाश बहुत ज़रूरी होता है. कुछ बीज ऐसे भी होते हैं जिन्हें अंकुरण के लिए विशेष रूप से प्रकाश की आवश्यकता होती है, जबकि कुछ को अंधेरे की. यह पौधों की प्रजाति पर निर्भर करता है.
In simple words: आमतौर पर, बीजों को उगने के लिए सीधे सूरज की रोशनी की ज़रूरत नहीं होती, पर जब पौधा उग जाता है, तो उसे बढ़ने के लिए धूप चाहिए.

🎯 Exam Tip: याद रखें कि अंकुरण के लिए प्रकाश की आवश्यकता बीज के प्रकार पर निर्भर करती है, लेकिन नवोद्भिद की वृद्धि के लिए यह लगभग हमेशा आवश्यक होता है.

 

Question 7. फली के अंकुरित बीज का नामांकित चित्र बनाइए।
Answer:

भ्रूण बीजावरण अंकुरित बीज
In simple words: चित्र में एक उगते हुए फली के बीज को दिखाया गया है, जहाँ उसके अंदर का छोटा पौधा (भ्रूण) और बाहरी कवच (बीजावरण) दिख रहा है.

🎯 Exam Tip: अंकुरित बीज के विभिन्न भागों (जैसे भ्रूण, बीजावरण, मूलांकुर, प्रांकुर) को पहचानना और नामांकित करना सीखें.

 

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. क्या पौधे भी उद्दीपन के प्रति अनुक्रिया दर्शाते हैं? उदाहरण द्वारा समझाइए।
Answer: हाँ, पौधे भी उद्दीपन के प्रति अनुक्रिया दिखाते हैं, यानी वे अपने आसपास के बदलावों पर प्रतिक्रिया देते हैं. हालाँकि, उनकी प्रतिक्रियाएँ जानवरों जितनी तेज़ या स्पष्ट नहीं होतीं, लेकिन वे निश्चित रूप से मौजूद होती हैं.
उदाहरण:
1. छुई-मुई (मिमोसा) का पौधा: जब आप इस पौधे की पत्तियों को छूते हैं, तो वे तुरंत सिकुड़ जाती हैं और नीचे झुक जाती हैं. यह स्पर्श के प्रति उसकी प्रतिक्रिया है.
2. सूर्यमुखी का पौधा: सूर्यमुखी का फूल पूरे दिन सूरज की दिशा में घूमता रहता है, यह प्रकाश के प्रति उसकी प्रतिक्रिया है.
3. कुछ पौधों की पत्तियाँ: आँवला जैसे कुछ पौधों की पत्तियाँ सूर्यास्त के बाद अपने आप बंद हो जाती हैं.
4. फूलों का खिलना: कुछ फूल केवल दिन में खिलते हैं जबकि कुछ केवल रात में. यह प्रकाश और अंधेरे के प्रति उनकी प्रतिक्रिया है.
5. जड़ों की वृद्धि: पौधों की जड़ें हमेशा पानी और पोषक तत्वों की तलाश में मिट्टी में नीचे की ओर बढ़ती हैं, यह गुरुत्वाकर्षण और नमी के प्रति प्रतिक्रिया है.
In simple words: हाँ, पौधे भी बदलावों पर प्रतिक्रिया देते हैं. जैसे, छुई-मुई का पौधा छूने पर सिकुड़ जाता है, और सूर्यमुखी का फूल सूरज की तरफ मुड़ता है.

🎯 Exam Tip: पौधों में उद्दीपन के प्रति अनुक्रिया के कम से कम 3-4 उदाहरणों को याद रखें, जो विभिन्न प्रकार के उद्दीपनों (स्पर्श, प्रकाश, गुरुत्वाकर्षण) से संबंधित हों.

RBSE Class 6 Science Chapter 10 Notes in Hindi

  • अपने आस-पास की चीजों को हम सजीव या निर्जीव श्रेणी में बाँट सकते हैं।
  • सभी सजीवों की कुछ मुख्य बातें होती हैं, जैसे - वे चलते हैं, खाना खाते हैं, साँस लेते हैं, बढ़ते हैं, शरीर से बेकार चीजें निकालते हैं, आसपास के बदलावों पर प्रतिक्रिया करते हैं, बच्चे पैदा करते हैं और अंत में मर जाते हैं। अगर कोई चीज इनमें से कोई भी बात नहीं करती, तो वह सजीव नहीं है।
  • जब किसी बीज से पौधा निकलने लगता है, तो उसे अंकुरित बीज कहते हैं। बीजों के अंकुरण के लिए पानी, हवा और प्रकाश या अँधेरा जैसी कई चीजों की जरूरत होती है।
  • बीजों के अंकुरण के समय पौधे का ऊपरी हिस्सा (प्ररोह) ऊपर की ओर और जड़ें नीचे की ओर बढ़ती हैं।
  • एक पौधा अपने पूरे जीवन में कई चरणों से गुजरता है। यह बीज से शुरू होता है और फिर बढ़ता है। इसमें फूल आना और बीज बनाना भी शामिल है।
  • मच्छर और मेंढक जैसे कुछ जीवों के जीवन चक्र में उनके शरीर के आकार, बनावट और रहने की जगह में बड़े बदलाव आते हैं।

 

Question 3. जगदीश चंद्र बोस के योगदान पर चर्चा कीजिए।
Answer: जगदीश चंद्र बोस भारत के एक महान वैज्ञानिक थे. उन्होंने पौधों पर कई मजेदार प्रयोग किए. उन्होंने एक खास मशीन बनाई जिसे क्रेस्कोग्राफ कहते हैं, जिससे पता चलता था कि पौधे कितने तेजी से बढ़ते हैं. उन्होंने यह भी दिखाया कि पौधे रोशनी, गर्मी, बिजली और गुरुत्वाकर्षण जैसी बाहरी चीजों को महसूस कर सकते हैं और उन पर प्रतिक्रिया देते हैं. यह साबित करता है कि पौधे भी जीवंत होते हैं.
In simple words: जगदीश चंद्र बोस एक भारतीय वैज्ञानिक थे जिन्होंने पौधों पर प्रयोग किए. उन्होंने दिखाया कि पौधे बढ़ते हैं और रोशनी व गर्मी जैसी चीजों को महसूस करके प्रतिक्रिया देते हैं.

🎯 Exam Tip: जब किसी वैज्ञानिक के योगदान के बारे में पूछा जाए, तो उनके मुख्य आविष्कार या खोज और उनके महत्व को संक्षेप में बताएं.

 

Question 4. रेशम कीट (सिल्क मॉथ) के जीवन चक्र तथा महत्त्व को समझाइए।
Answer: रेशम कीट (जिसे सिल्क मॉथ भी कहते हैं) अपने जीवन में चार मुख्य चरणों से गुजरता है: अंडा, लार्वा, प्यूपा और वयस्क. अंडे छोटे से फूटकर लार्वा बनते हैं जो बढ़ते हैं. फिर लार्वा प्यूपा में बदल जाता है. प्यूपा बनने से पहले, लार्वा धागे जैसा पदार्थ निकालता है जो अपने चारों ओर लपेट लेता है, जिससे कोकून बनता है. यह प्यूपा बाद में वयस्क रेशम कीट बन जाता है. रेशम के कीड़े का जीवन चक्र प्रकृति का एक अद्भुत उदाहरण है.
महत्व – रेशम कीट के लार्वा से निकलने वाले रेशे का उपयोग रेशमी कपड़े बनाने में किया जाता है, जो बहुत कीमती होते हैं.
In simple words: रेशम कीट अपने जीवन में अंडा, लार्वा, प्यूपा और वयस्क इन चार चरणों से गुजरता है. लार्वा जो धागा बनाता है, उससे रेशमी कपड़े बनते हैं.

🎯 Exam Tip: जीवन चक्र के चरणों को सही क्रम में लिखें और हर चरण की मुख्य विशेषता और महत्व को स्पष्ट करें.

 

Question 5. कीटभक्षी पौधे के उदाहरण द्वारा पौधों में गति को समझाइए।
Answer: पौधों में गति का एक अच्छा उदाहरण कीटभक्षी पौधों में देखा जा सकता है. कीटभक्षी पौधे ऐसे होते हैं जो अपने खाने के लिए कीड़ों पर निर्भर करते हैं. इसका एक उदाहरण ड्रोसेरा है. ड्रोसेरा की पत्तियां एक तश्तरी जैसी होती हैं, जिन पर अलग-अलग लंबाई के बाल जैसे बहुत सारे रेशे होते हैं. इन रेशों के सिरे चिपचिपी बूंदों वाले होते हैं. जब कोई कीड़ा पत्ती को छूता है, तो ये बाल अंदर की ओर मुड़ जाते हैं और कीड़े को अपनी चिपचिपी नोक से पकड़ लेते हैं. इस तरह वे कीड़े को फंसा लेते हैं. यह उनकी पोषण प्राप्त करने की एक अनोखी विधि है.
In simple words: कीटभक्षी पौधे, जैसे ड्रोसेरा, कीड़ों को फंसाने के लिए अपनी पत्तियों में हरकत दिखाते हैं. उनकी चिपचिपी पत्तियों पर कीड़ा बैठते ही पत्ते मुड़कर उसे पकड़ लेते हैं.

🎯 Exam Tip: कीटभक्षी पौधों के उदाहरण के साथ उनकी क्रियाविधि (कैसे वे कीड़ों को पकड़ते हैं) को स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है.

 

Question 6. “भले ही पौधे एक स्थान से दूसरे स्थान पर नहीं जाते हैं, फिर भी वे गतिशीलता प्रदर्शित करते हैं।” कथन को स्पष्ट कीजिए।
Answer: पौधे एक जगह से दूसरी जगह नहीं जा सकते, लेकिन फिर भी वे कुछ खास तरह की हरकतें दिखाते हैं. पौधों में गति के कई उदाहरण हैं: जैसे फूलों का खिलना और बंद होना. कुछ फूल दिन में खिलते हैं और रात में बंद हो जाते हैं, जबकि कुछ सिर्फ रात में खिलते हैं. कीटभक्षी पौधे अपनी पत्तियों को हिलाकर कीड़ों को पकड़ते हैं. आरोही लताएं (चढ़ने वाली बेलें) अपने पास की चीजों के चारों ओर लिपट जाती हैं. यह दिखाता है कि पौधे बाहरी उत्तेजनाओं के प्रति प्रतिक्रिया करते हैं, भले ही वे चलते न हों.
In simple words: पौधे एक जगह से दूसरी जगह नहीं जा सकते, पर वे फूल खिलने, कीड़ों को पकड़ने या बेलों के लिपटने जैसी हरकतें दिखाते हैं. ये उनकी गतिशीलता है.

🎯 Exam Tip: इस तरह के कथन-आधारित प्रश्नों में, कथन को सिद्ध करने के लिए एक से अधिक उदाहरण देना आवश्यक है.

 

निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. उन सामान्य विशेषताओं का वर्णन कीजिए जो सजीवों को निर्जीव वस्तुओं से पृथक् करती हैं?
Answer: सजीवों में कुछ खास बातें होती हैं जो उन्हें निर्जीव चीजों से अलग बनाती हैं:
(1) गति – सभी सजीव हरकत दिखाते हैं. जैसे, पौधे भले ही एक जगह से दूसरी जगह नहीं जाते, लेकिन वे फूल खिलने या पत्तियां हिलाने जैसी खास तरह की हरकतें करते हैं.
(2) वृद्धि – सभी सजीवों का शरीर समय के साथ बढ़ता है.
(3) पोषण – सभी सजीवों को बढ़ने और ठीक से काम करने के लिए खाने (भोजन) की जरूरत होती है.
(4) श्वसन – सजीवों को जिंदा रहने के लिए लगातार साँस लेना जरूरी है. वे हवा अंदर लेते हैं और बाहर निकालते हैं. पौधों में, पत्तियों पर छोटे-छोटे छेद होते हैं जिन्हें रंध्र कहते हैं, जो इसमें मदद करते हैं.
(5) उत्सर्जन – सभी सजीव अपने शरीर से बेकार चीजों को बाहर निकालते हैं. जानवरों में यह पसीने और पेशाब के रूप में होता है, जबकि पौधे अपनी पत्तियों से पानी और खनिजों को छोटी बूंदों के रूप में बाहर निकालते हैं.
(6) उद्दीपन के प्रति अनुक्रिया – सभी सजीव अपने आसपास के बदलावों (जैसे रोशनी, गर्मी या छूना) पर प्रतिक्रिया देते हैं. यह उनकी सुरक्षा और अस्तित्व के लिए जरूरी है.
In simple words: सजीव बढ़ते हैं, खाते हैं, साँस लेते हैं, बेकार चीजें बाहर निकालते हैं, हरकत करते हैं और आसपास के बदलावों पर प्रतिक्रिया देते हैं. निर्जीव चीजें ये सब नहीं करतीं.

🎯 Exam Tip: सजीवों की मुख्य विशेषताओं को याद रखें और हर विशेषता का एक छोटा उदाहरण दें ताकि आपका उत्तर पूरी तरह से स्पष्ट हो.

 

Question 2. बीजांकुरण के लिए आवश्यक परिस्थितियों का वर्णन कीजिए।
Answer: बीजों के अंकुरण के लिए कुछ खास बातों का होना बहुत जरूरी है. ये परिस्थितियाँ हैं:
(1) जल – बीजों को उगने के लिए पानी की जरूरत होती है. पानी बीजों को बढ़ने में मदद करता है. यह बीज के बाहरी खोल को भी नरम करता है, जिसे बीजावरण कहते हैं, ताकि अंदर का छोटा पौधा आसानी से विकसित हो सके.
(2) वायु एवं मिट्टी – बीजों को उगने के लिए हवा की जरूरत होती है. बीज मिट्टी के कणों के बीच की हवा का इस्तेमाल करते हैं. मिट्टी में जड़ें भी आसानी से बढ़ती हैं. मिट्टी बीजों को सहारा भी देती है.
(3) प्रकाश एवं अंधकार – आमतौर पर, ज्यादातर बीजों को उगने के लिए रोशनी की जरूरत नहीं होती है. लेकिन जब बीज से नया पौधा निकल आता है, तो उसकी अच्छी बढ़त के लिए सूरज की रोशनी जरूरी होती है.
In simple words: बीजों को उगने के लिए पानी, हवा और सही मिट्टी की जरूरत होती है. ज्यादातर बीजों को शुरुआत में अंधेरा चाहिए होता है, पर बढ़ने के बाद उन्हें रोशनी चाहिए होती है.

🎯 Exam Tip: बीजांकुरण की प्रत्येक आवश्यक परिस्थिति (जल, वायु, ताप, प्रकाश/अंधकार) को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें और बताएं कि वे कैसे महत्वपूर्ण हैं.

 

Question 3. सूर्य का प्रकाश पौधों के विभिन्न भागों की वृद्धि की दिशा को किस प्रकार प्रभावित करता है? नामांकित चित्र बनाते हुए समझाइए।
Answer: सूर्य का प्रकाश पौधों के अलग-अलग हिस्सों के बढ़ने की दिशा को बहुत प्रभावित करता है. पौधों की वृद्धि पर सूर्य के प्रकाश का असर नीचे दिया गया है:
(1) सभी दिशाओं से आते सूर्य के प्रकाश में रखा सीधा पौधा – जब पौधे को सीधा रखा जाता है और उसे हर तरफ से रोशनी मिलती है, तो उसकी जड़ें नीचे की ओर बढ़ती हैं और उसका तना (प्ररोह) ऊपर की ओर बढ़ता है. यह गुरुत्वाकर्षण और प्रकाश के प्रति पौधे की सामान्य प्रतिक्रिया है.
(2) एक दिशा से आते सूर्य के प्रकाश में रखा सीधा पौधा – यदि पौधे को किसी एक तरफ से रोशनी मिलती है, तो उसका तना रोशनी की तरफ मुड़कर बढ़ता है, जबकि जड़ें रोशनी से दूर नीचे की ओर बढ़ती रहती हैं. इससे पौधा रोशनी की ओर झुक जाता है.
(3) बॉक्स के पिछले भाग में छेद वाला पौधा – यदि पौधे को एक ऐसे बॉक्स में रखा जाए जिसमें पीछे की तरफ एक छोटा छेद हो, तो पौधे का तना उस छेद से आने वाली रोशनी की ओर बढ़ता है. इससे पौधा अंधेरे से निकलकर रोशनी की तरफ झुकता है.
In simple words: पौधे की जड़ें हमेशा नीचे की ओर बढ़ती हैं, जबकि तना रोशनी की दिशा में बढ़ता है. अगर रोशनी एक तरफ से आए, तो तना उधर ही झुक जाता है.

🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में चित्र के साथ व्याख्या करना आवश्यक है. चित्र में जड़ों और प्ररोह की वृद्धि की दिशा को स्पष्ट रूप से दर्शाएं और हर स्थिति का वर्णन करें.

 

Question 4. एक पौधे के जीवन चक्र को आरेख बनाते हुए समझाइए।
Answer: एक पौधे का जीवन चक्र बीज के उगने (अंकुरण) से शुरू होता है और फिर वह कई चरणों से गुजरते हुए बढ़ता और विकसित होता है. इसमें फूल आना और बीज बनाना भी शामिल है. इस चक्र के दौरान बने नए बीज फिर से उगकर नए पौधे बनाते हैं और यह चक्र ऐसे ही चलता रहता है. यह प्रकृति में जीवन की निरंतरता को दर्शाता है.
अवस्था 1 (बीज): यह जीवन चक्र की शुरुआती अवस्था है.
अवस्था 2 (बीज का अंकुरण): बीज से छोटा पौधा निकलना शुरू होता है.
अवस्था 3 (पत्तियों का प्रकटन): पौधे पर पत्तियां निकलने लगती हैं.
अवस्था 4 (फूलों का प्रकटन): पौधे पर फूल आते हैं.
अवस्था 5 (फलों का प्रकटन): फूलों से फल बनते हैं, जिनके अंदर बीज होते हैं.
पौधे की मृत्यु: समय के साथ पौधा अपना जीवन चक्र पूरा करके मर जाता है, लेकिन इसके बीज नए चक्र की शुरुआत करते हैं.
In simple words: पौधे का जीवन बीज से शुरू होता है, फिर वह उगता है, पत्तियां, फूल और फल बनाता है. फल में बीज होते हैं जो फिर से नया पौधा बनाते हैं, और यह चक्र चलता रहता है.

🎯 Exam Tip: आरेख बनाते समय, जीवन चक्र के सभी प्रमुख चरणों को स्पष्ट रूप से लेबल करें और हर चरण का संक्षिप्त विवरण दें. तीर के निशान (एरो) सही क्रम में हों.

 

Question 5. मच्छर के जीवन चक्र का सचित्र वर्णन कीजिए।
Answer: मच्छर अपने जीवन में चार मुख्य चरणों से गुजरते हैं. एक मच्छर का जीवन अंडे से शुरू होता है. इन अंडों से लार्वा निकलता है. लार्वा विकसित होकर प्यूपा बनता है, और फिर प्यूपा से वयस्क मच्छर बनता है. प्यूपा से निकलने के बाद वयस्क मच्छर पानी की सतह पर थोड़ी देर आराम करता है और फिर उड़ जाता है. एक वयस्क मच्छर लगभग 10 से 15 दिनों तक जिंदा रह सकता है. मादा मच्छर सीधे पानी पर या उसके पास अंडे देती है, और यह जीवन चक्र ऐसे ही चलता रहता है. यह चक्र मच्छरों की संख्या को बनाए रखने में मदद करता है.
अवस्था I (अंडा): मादा मच्छर पानी में अंडे देती है.
अवस्था II (लार्वा): अंडों से लार्वा निकलते हैं जो पानी में रहते हैं.
अवस्था III (प्यूपा): लार्वा प्यूपा में बदल जाता है.
अवस्था IV (वयस्क मच्छर): प्यूपा से पूरी तरह विकसित वयस्क मच्छर निकलता है.
In simple words: मच्छर का जीवन अंडे से शुरू होता है, फिर लार्वा, प्यूपा और आखिर में वयस्क मच्छर बनता है. यह पूरा चक्र पानी में ही चलता है.

🎯 Exam Tip: मच्छर के जीवन चक्र के हर चरण को सही क्रम में बताएं और यह भी बताएं कि प्रत्येक चरण कहाँ होता है (जैसे पानी में या हवा में).

 

Question 6. मेंढक के जीवन चक्र का सचित्र वर्णन कीजिए।
Answer: मेंढक के जीवन चक्र में चार अवस्थाएँ होती हैं. मेंढक का जीवन अंडे से शुरू होता है, जिन्हें जेली जैसे पदार्थ के समूह में "जलांडक" कहा जाता है. ये अंडे भ्रूण में बदल जाते हैं. भ्रूण से टैडपोल अवस्था विकसित होती है, जिसमें पहले पूँछ और बिना पैर वाली छोटी अवस्था आती है, फिर पीछे के पैर विकसित होते हैं. टैडपोल फिर मंडूकक (फ्रॉगलेट) अवस्था में बदल जाता है, इस दौरान पूँछ पूरी तरह से गायब हो जाती है और पैर मजबूत हो जाते हैं. मंडूकक से वयस्क मेंढक का विकास होता है, जो जल और स्थल दोनों जगह रहने योग्य होता है. यह मेटामॉर्फोसिस का एक उत्कृष्ट उदाहरण है.
अवस्था I (भ्रूण): यह अंडे में विकसित होता है. इसमें 3-4 दिन लगते हैं.
अवस्था II (पूँछ के साथ टैडपोल): अंडे से टैडपोल निकलता है. इसमें 7-10 दिन लगते हैं.
अवस्था II (पैरों के साथ टैडपोल): टैडपोल में पैर विकसित होते हैं. इसमें 8-10 सप्ताह लगते हैं.
अवस्था III (मंडूकक): टैडपोल पूरी तरह से मंडूकक में बदल जाता है, पूँछ गायब हो जाती है. इसमें 12 सप्ताह लगते हैं.
In simple words: मेंढक अंडे से शुरू होता है, फिर टैडपोल बनता है जिसमें पूँछ और पैर आते हैं. टैडपोल बड़ा होकर मंडूकक बनता है जिसकी पूँछ चली जाती है, और अंत में वयस्क मेंढक बनता है जो जमीन और पानी दोनों में रहता है.

🎯 Exam Tip: मेंढक के जीवन चक्र के सभी चरणों को सही क्रम में लिखें और हर चरण की मुख्य शारीरिक विशेषताओं का वर्णन करें.

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