RBSE Solutions Class 5 Hindi Chapter 16 उत्सर्ग

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Detailed Chapter 16 उत्सर्ग RBSE Solutions for Class 5 Hindi

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Class 5 Hindi Chapter 16 उत्सर्ग RBSE Solutions PDF

Class 5 Hindi Chapter 16 उत्सर्ग Question Answer

आओ बात करें-

 

Question 1. महाराजा के सामने लकड़ी की समस्या क्यों आई? इसका उन्होंने क्या समाधान निकाला?
Answer: महाराजा को लकड़ी की ज़रूरत इसलिए हुई क्योंकि उन्हें अपने महल बनाने और दूसरे सरकारी काम करने के लिए बहुत सारी लकड़ी चाहिए थी। उनके आस-पास के जंगल पहले ही काटे जा चुके थे, जिस कारण लकड़ी की कमी हो गई थी। इस समस्या को हल करने के लिए महाराज ने अपने सेवकों को आदेश दिया कि वे खेजड़ली गाँव के पास के जंगलों से खेजड़ी के पेड़ काटें, क्योंकि उस जगह पर ये पेड़ बड़ी संख्या में थे। पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए पेड़ों का महत्व समझना बहुत जरूरी है।
In simple words: महाराजा को महल बनाने के लिए बहुत लकड़ी चाहिए थी। उनके पास के जंगल खत्म हो गए थे, इसलिए उन्होंने खेजड़ली गाँव से पेड़ काटने का आदेश दिया।

🎯 Exam Tip: जब किसी समस्या और उसके समाधान के बारे में पूछा जाए, तो समस्या का कारण और फिर हल, दोनों स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 3. अमृतादेवी जब खेजड़ी के पेड़ों को काटने से रोकने गई तो किस-किसने उसका साथ दिया?
Answer: जब अमृतादेवी खेजड़ी के पेड़ों को काटने से रोकने के लिए गईं, तो सबसे पहले उनकी तीन बेटियों – अणसी, रतनी और भानू – ने उनका साथ दिया। इसके बाद, गाँव के बाकी विश्नोई समाज के पुरुषों और महिलाओं ने भी पेड़ों की रक्षा के लिए उनका साथ दिया और अपनी जान तक दे दी। यह एक सामूहिक प्रयास था जिसने पेड़ बचाने की मुहिम को मजबूत किया।
In simple words: अमृतादेवी को पेड़ों को बचाने के लिए उनकी तीन बेटियों (अणसी, रतनी, भानू) और गाँव के दूसरे विश्नोई लोगों ने साथ दिया।

🎯 Exam Tip: किसी घटना में शामिल लोगों के नाम और उनकी भूमिका को हमेशा ध्यान से याद रखें, खासकर जब यह एक ऐतिहासिक घटना हो।

 

Question 4. यदि अमृतादेवी के स्थान पर आप होते तो क्या करते? चर्चा कीजिए।
Answer: यदि मैं अमृतादेवी की जगह होता, तो मैं सबसे पहले राजा से मिलकर पेड़ों के महत्व को समझाने की कोशिश करता। मैं उन्हें बताता कि पेड़ पर्यावरण और जीवन के लिए कितने ज़रूरी हैं। अगर राजा मेरी बात नहीं मानते, तो मैं पेड़ों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन करता और लोगों को साथ आने के लिए प्रेरित करता। प्रकृति की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करना हमारा कर्तव्य है।
In simple words: अगर मैं अमृतादेवी की जगह होता, तो पहले राजा से बात करके पेड़ों का महत्व समझाता। अगर बात नहीं बनती, तो पेड़ों को बचाने के लिए आंदोलन करता।

🎯 Exam Tip: ऐसे कल्पना आधारित प्रश्नों में आपको अपनी सोच को स्पष्ट और तार्किक तरीके से प्रस्तुत करना चाहिए, जिसमें समस्या और उसके संभावित समाधान दोनों शामिल हों।

1. बहुविकल्पात्मक प्रश्न

 

Question. (क) जोधपुर के महाराजा को लकड़ी की आवश्यकता क्यों पड़ी?
(a) रसोईघर के लिए
(b) महल के निर्माण के लिए
(c) आय के लिए
(d) जंगल की सफाई के लिए
Answer: (b) महल के निर्माण के लिए
In simple words: जोधपुर के महाराजा को अपने महल बनाने के लिए बहुत सारी लकड़ी चाहिए थी।

🎯 Exam Tip: बहुविकल्पी प्रश्नों में, सभी विकल्पों को ध्यान से पढ़ें और कहानी के अनुसार सबसे सटीक उत्तर चुनें।

 

Question. (ख) खेजड़ली गाँव में कितने वृक्ष प्रेमियों ने अपने प्राणों की आहुति दी?
(a) 265
(b) 363
(c) 463
(d) 263
Answer: (b) 363
In simple words: खेजड़ली गाँव में 363 लोगों ने पेड़ों को बचाने के लिए अपनी जान दे दी थी।

🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़े तथ्यों और संख्याओं को बिल्कुल सही याद रखें, क्योंकि ये अक्सर सीधे पूछे जाते हैं।

 

Question. (क) खेजड़ली गाँव की भौगोलिक स्थिति कैसी थी?
Answer: खेजड़ली गाँव जोधपुर से लगभग 8 कोस पूर्व दिशा में स्थित था। यह गाँव सुनहरी रेत के टीलों से घिरा हुआ था। जहाँ पर सूखी जलवायु होने के कारण हरियाली बहुत कम थी। वहाँ के लोगों के लिए खेजड़ी के पेड़ ही जीवन और पर्यावरण का मुख्य सहारा थे। इस प्रकार, खेजड़ी के पेड़ रेगिस्तानी इलाके में जीवन का आधार थे।
In simple words: खेजड़ली गाँव जोधपुर से 8 कोस पूर्व दिशा में रेतीले टीलों से घिरा था। वहाँ कम हरियाली थी और खेजड़ी के पेड़ ही जीवन का सहारा थे।

🎯 Exam Tip: किसी स्थान के विवरण में, उसकी भौगोलिक विशेषताओं और वहां के जीवन पर उनके प्रभाव का उल्लेख करना महत्वपूर्ण होता है।

 

Question. (ख) अमृतादेवी के आह्वान पर कितने लोगों ने बलिदान दिया?
Answer: अमृतादेवी के बुलाने पर विश्नोई समाज के कुल 363 पुरुषों और महिलाओं ने पेड़ों की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। उन्होंने पर्यावरण के लिए एक महान त्याग किया। यह बलिदान पर्यावरण संरक्षण के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है।
In simple words: अमृतादेवी के कहने पर कुल 363 विश्नोई पुरुषों और महिलाओं ने पेड़ों को बचाने के लिए अपनी जान दे दी।

🎯 Exam Tip: संख्यात्मक तथ्यों को सटीक रूप से प्रस्तुत करें और यदि संभव हो तो उस घटना के महत्व का भी उल्लेख करें।

 

Question. (ग) खेजड़ली बलिदान की घटना का जब राजा को पता चला तो उन्होंने क्या निर्णय लिया?
Answer: जब राजा को खेजड़ली में हुए बलिदान की घटना के बारे में पता चला, तो वे बहुत दुःखी हुए और उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ। उन्होंने तुरंत पेड़ों की कटाई रुकवा दी और भविष्य में विश्नोई समाज के इलाकों में पेड़ों को न काटने का आदेश दिया। यह घटना राजा के मन में बड़ा बदलाव लेकर आई।
In simple words: बलिदान की खबर सुनकर राजा बहुत दुःखी हुए। उन्होंने तुरंत पेड़ों की कटाई रोक दी और आदेश दिया कि विश्नोई इलाकों में पेड़ न काटे जाएं।

🎯 Exam Tip: घटना के बाद के परिणामों और मुख्य पात्रों के निर्णयों को स्पष्ट और संक्षिप्त तरीके से बताएं।

 

Question. (घ) वर्तमान में पर्यावरण प्रदूषण की स्थिति पर विचार करते हुए प्रदूषण से बचने के उपायों पर एक अनुच्छेद लिखिए।
Answer: वर्तमान में पर्यावरण प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन चुका है। इसमें वायु, जल, ध्वनि और भूमि प्रदूषण शामिल हैं। उद्योगों, खेती के कामों, वाहनों आदि से निकलने वाले दूषित तत्व पर्यावरण और इंसानों की सेहत को बहुत नुकसान पहुँचा रहे हैं। इस समस्या को कम करने के लिए तत्काल कदम उठाना बहुत आवश्यक है।

पर्यावरण प्रदूषण से बचने के उपाय-

  • अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए।
  • सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा जैसे नए और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करना चाहिए।
  • पर्यावरण की रक्षा करनी चाहिए और लोगों को इसके बारे में जागरूक करना चाहिए।
  • उद्योगों से निकलने वाले कचरे और खेती के बचे हुए सामान को दोबारा उपयोग करने का प्रबंध करना चाहिए।

In simple words: प्रदूषण आज एक बड़ी चिंता है, जो हवा, पानी, ध्वनि और मिट्टी को दूषित कर रहा है। इसे रोकने के लिए हमें ज़्यादा पेड़ लगाने चाहिए, स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल करना चाहिए और लोगों को जागरूक करना चाहिए।

🎯 Exam Tip: अनुच्छेद लिखते समय, समस्या को संक्षेप में बताएं और फिर उसके समाधान के लिए व्यावहारिक उपाय बिंदुवार ढंग से प्रस्तुत करें।

 

Question. (ङ) आपको कहानी का सबसे रोचक हिस्सा कौनसा लगा और क्यों?
Answer: कहानी का सबसे रोचक हिस्सा मुझे अमृता देवी और उनके साथियों का पेड़ों से लिपटकर बलिदान देना लगा। यह साहस, आस्था और पर्यावरण प्रेम का एक अद्भुत उदाहरण है। यह दृश्य दिखाता है कि कुछ लोग प्रकृति की रक्षा के लिए अपनी जान तक दे सकते हैं, जो बहुत प्रेरणादायक है।
In simple words: मुझे कहानी का सबसे अच्छा हिस्सा अमृता देवी का पेड़ों को बचाने के लिए अपनी जान देना लगा, क्योंकि यह उनके साहस और पर्यावरण प्रेम को दिखाता है।

🎯 Exam Tip: अपने पसंदीदा हिस्से को बताते समय, उसके पीछे का कारण और वह आपको क्यों प्रभावित करता है, यह भी स्पष्ट करें।

 

Question. (च) महाराजा के सामने लकड़ी की समस्या क्यों आई? इसका उन्होंने क्या समाधान निकाला?
Answer: महाराजा को लकड़ी की ज़रूरत इसलिए हुई क्योंकि उन्हें अपने महल बनाने और दूसरे सरकारी काम करने के लिए बहुत सारी लकड़ी चाहिए थी। उनके आस-पास के जंगल पहले ही काटे जा चुके थे, जिस कारण लकड़ी की कमी हो गई थी। इस समस्या को हल करने के लिए महाराज ने अपने सेवकों को आदेश दिया कि वे खेजड़ली गाँव के पास के जंगलों से खेजड़ी के पेड़ काटें, क्योंकि उस जगह पर ये पेड़ बड़ी संख्या में थे। प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक उपयोग हमेशा ऐसी समस्याओं को जन्म देता है।
In simple words: महाराजा को महल बनाने के लिए बहुत लकड़ी चाहिए थी। उनके पास के जंगल खत्म हो गए थे, इसलिए उन्होंने खेजड़ली गाँव से पेड़ काटने का आदेश दिया।

🎯 Exam Tip: प्रश्नों में दिए गए तथ्यों को सही क्रम में और स्पष्ट रूप से बताएं, जैसे समस्या का कारण और फिर उसका समाधान।

रचनात्मक प्रश्न-

 

Question 1. आपने जो कहानी पढ़ी है उसका नाम लेखक ने 'उत्सर्ग' रखा है। अपने समूह में चर्चा करके लिखिए कि लेखक ने इस कहानी का यह नाम क्यों दिया होगा? अपने उत्तर का कारण भी लिखिए।
Answer: लेखक ने कहानी का नाम 'उत्सर्ग' रखा होगा क्योंकि यह कहानी पेड़ों और पर्यावरण के लिए दिए गए महान बलिदान को दिखाती है। 'उत्सर्ग' का अर्थ है त्याग या बलिदान, और कहानी में लोगों ने पेड़ों को बचाने के लिए अपनी जान तक दे दी। इस प्रकार, यह नाम कहानी के मुख्य संदेश को बहुत अच्छे से बताता है। यह हमें सिखाता है कि कुछ चीजें हमारी जान से भी ज़्यादा कीमती हो सकती हैं।
In simple words: लेखक ने इस कहानी का नाम 'उत्सर्ग' इसलिए रखा क्योंकि इसमें पेड़ों को बचाने के लिए बहुत बड़ा बलिदान दिया गया था। 'उत्सर्ग' का मतलब ही त्याग होता है।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में आपको कहानी के मुख्य विषय और नाम के बीच संबंध बताना होता है। अपने विचार स्पष्ट और सरल शब्दों में लिखें।

 

Question 2. यदि आपको इस कहानी का कोई अन्य नाम देना हो तो आप क्या नाम देंगे? तर्क सहित उत्तर लिखो।
Answer: यदि मुझे इस कहानी को कोई दूसरा नाम देना होता, तो मैं इसे 'खेजड़ली का बलिदान' नाम देता। यह नाम सीधा और स्पष्ट है, जो घटना के मुख्य स्थान और उसमें हुए त्याग को बताता है। खेजड़ली गाँव और उसके लोगों का बलिदान कहानी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। एक और अच्छा नाम 'पेड़ों के रक्षक' हो सकता है क्योंकि यह लोगों के साहस को दर्शाता है।
In simple words: मैं इसे 'खेजड़ली का बलिदान' कहता, क्योंकि यह नाम घटना और उसमें हुए त्याग को सीधे बताता है। यह कहानी का सबसे खास हिस्सा है।

🎯 Exam Tip: जब आप किसी कहानी का नया नाम सुझाते हैं, तो हमेशा उस नाम का कारण भी बताएं और उसे कहानी के मुख्य विषय से जोड़ें।

 

Question 3. नीचे कहानी की एक पंक्ति दी गई है। इसे ध्यान से पढ़िए और विचार कीजिए। आपको इसका क्या अर्थ सम समझ आया? अपने विचार समूह में साझा कीजिए और अपनी अभ्यास-पुस्तिका में लिखिए। “जीव दया पालणी, रूख लीलौ नहीं घावै।”
Answer: इस पंक्ति का अर्थ है कि हमें जीवों पर दया करनी चाहिए और हरे-भरे पेड़ों को नहीं काटना चाहिए। यह विश्नोई समाज के नियमों में से एक है, जो प्रकृति और सभी प्राणियों के प्रति प्रेम और सम्मान सिखाता है। यह संदेश देता है कि हमें पर्यावरण की रक्षा करनी चाहिए और किसी भी जीव को नुकसान नहीं पहुँचाना चाहिए। प्रकृति के साथ सद्भाव में रहना ही असली मानवता है।
In simple words: इस पंक्ति का मतलब है कि हमें जानवरों पर दया करनी चाहिए और हरे पेड़ नहीं काटने चाहिए। यह प्रकृति की रक्षा करने का संदेश देती है।

🎯 Exam Tip: ऐसी नीतिपरक पंक्तियों का अर्थ बताते समय, उसके मुख्य संदेश को स्पष्ट करें और यदि संभव हो तो उसके व्यापक महत्व को भी बताएं।

 

Question 4. कहानी का सबसे रोचक हिस्सा आपको कौनसा लगा और क्यों?
Answer: कहानी का सबसे रोचक हिस्सा मुझे अमृता देवी और उनके साथियों का पेड़ों से लिपटकर बलिदान देना लगा। यह साहस, आस्था और पर्यावरण प्रेम का एक अद्भुत उदाहरण है। यह दृश्य दिखाता है कि कुछ लोग प्रकृति की रक्षा के लिए अपनी जान तक दे सकते हैं, जो बहुत प्रेरणादायक है। यह घटना हमें यह भी सिखाती है कि प्रकृति के प्रति हमारा कितना गहरा संबंध हो सकता है।
In simple words: मुझे कहानी का सबसे अच्छा हिस्सा अमृता देवी का पेड़ों को बचाने के लिए अपनी जान देना लगा, क्योंकि यह उनके साहस और पर्यावरण प्रेम को दिखाता है।

🎯 Exam Tip: अपने पसंदीदा हिस्से को बताते समय, उसके पीछे का कारण और वह आपको क्यों प्रभावित करता है, यह भी स्पष्ट करें।

भाषा की बात-

 

Question 1. मिलान कीजिए-
स्तम्भ-1: 1. प्रेम, 2. सूर्योदय, 3. गर्मी, 4. अर्थ, 5. स्वीकृत, 6. सहित, 7. हर्ष, 8. कायरता, 9. अज्ञात
स्तम्भ-2: 1. अनर्थ, 2. अस्वीकृत, 3. घृणा, 4. रहित, 5. सूर्यास्त, 6. सर्दी, 7. वीरता, 8. ज्ञात, 9. शोक
Answer:

स्तम्भ-1स्तम्भ-2
1. प्रेम3. घृणा
2. सूर्योदय5. सूर्यास्त
3. गर्मी6. सर्दी
4. अर्थ1. अनर्थ
5. स्वीकृत2. अस्वीकृत
6. सहित4. रहित
7. हर्ष9. शोक
8. कायरता7. वीरता
9. अज्ञात8. ज्ञात

In simple words: सही मिलान के लिए, एक शब्द के विपरीत अर्थ वाले शब्द को दूसरे स्तंभ से चुनकर जोड़ें।

🎯 Exam Tip: विलोम शब्द या विपरीतार्थी शब्द हमेशा याद रखें, क्योंकि मिलान वाले प्रश्नों में ये अक्सर पूछे जाते हैं।

2. मुहावरे

 

Question. कहानी में आए मुहावरों को छाँटकर उनके अर्थ लिखते हुए वाक्य में प्रयोग करें।
Answer: कहानी में कुछ मुहावरे आए हैं जिनके अर्थ और वाक्य प्रयोग नीचे दिए गए हैं:

1. सहम जाना - डर जाना।
वाक्य प्रयोग: पड़ोस में आग लगते ही मौहल्लेवासी सहम गए। अचानक किसी मुश्किल का सामना करने पर लोग अक्सर डर जाते हैं।

2. सिर कटवाना - बलिदान करना।
वाक्य प्रयोग: स्वतंत्रता संग्राम में अनेक देशभक्तों ने सिर कटवाए। देश के लिए जान देना एक बड़ा त्याग होता है।
In simple words: मुहावरे ऐसे छोटे वाक्य होते हैं जिनका सीधा मतलब नहीं होता, बल्कि उनका एक खास छिपा हुआ अर्थ होता है। इन्हें वाक्यों में इस्तेमाल करने से भाषा सुंदर बनती है।

🎯 Exam Tip: मुहावरों के अर्थ को सटीक रूप से याद करें और उनका वाक्य में इस तरह प्रयोग करें कि अर्थ स्पष्ट हो जाए।

3. देशज शब्द-

 

Question. पाठ में आए देशज शब्दों की सूची बनाकर लिखिए।
Answer: देशज शब्द वे होते हैं जो किसी क्षेत्र विशेष की बोलियों से हिंदी भाषा में आते हैं। पाठ में आए कुछ देशज शब्द इस प्रकार हैं:

  • धोरे
  • खेजड़ली
  • उजाड़
  • पालणी
  • टीले
  • रुख
  • करोड़ों

इन शब्दों का उपयोग स्थानीय भाषा के मिठास को बनाए रखता है।
In simple words: देशज शब्द वे शब्द होते हैं जो किसी खास इलाके में बोले जाते हैं और फिर हिंदी में भी इस्तेमाल होने लगते हैं।

🎯 Exam Tip: देशज शब्दों को पहचानने के लिए, यह ध्यान रखें कि वे अक्सर ग्रामीण या क्षेत्रीय बोलियों से जुड़े होते हैं और उनका उपयोग कहानियों या लेखों में स्थानीय रंग भरने के लिए किया जाता है।

4. विराम चिह्न-

 

Question. नीचे दिए गए गद्यांश से विराम चिह्न हटा दिए गए हैं। आप पुनः उपयुक्त विराम चिह्न लगाकर लिखिए- मयंक और काजल स्कूल जा रहे थे तभी काजल का पैर कीचड़ से भरे गड्ढे में गया और काजल गिर पड़ी मयंक बोला अरे ये क्या हुआ काजल कराहते हुए उठी और बोली मैं तो सामने झाड़ी पर बैठी तितली देखने लगी और पता ही नहीं चला कि कब गड्ढा आया और गिर पड़ी सारे कपड़े ही खराब हो गए मयंक ने कहा चलो अब पहले इस गड्ढे को मिट्टी से भर देते हैं नहीं तो कोई और भी गिर सकता है दोनों दोस्त मिलकर गड्ढे को भर देते हैं
Answer:

मयंक और काजल स्कूल जा रहे थे, तभी काजल का पैर कीचड़ से भरे गड्ढे में गया और काजल गिर पड़ी। मयंक बोला, "अरे! ये क्या हुआ?" काजल कराहते हुए उठी और बोली, "मैं तो सामने झाड़ी पर बैठी तितली देखने लगी और पता ही नहीं चला कि कब गड्ढा आया और गिर पड़ी। सारे कपड़े ही खराब हो गए।" मयंक ने कहा, "चलो अब पहले इस गड्ढे को मिट्टी से भर देते हैं, नहीं तो कोई और भी गिर सकता है।" दोनों दोस्त मिलकर गड्ढे को भर देते हैं। विराम चिह्नों का सही प्रयोग वाक्य के अर्थ को स्पष्ट करता है।
In simple words: विराम चिह्न लगाने से वाक्य सही तरीके से पढ़े जाते हैं और उनका मतलब साफ समझ में आता है। जैसे, कहाँ रुकना है और कहाँ सवाल पूछा गया है।

🎯 Exam Tip: विराम चिह्नों का सही प्रयोग करने के लिए, वाक्य के भाव और अर्थ को समझें। प्रश्नवाचक चिह्न प्रश्न के लिए, विस्मयादिबोधक चिह्न आश्चर्य के लिए और पूर्ण विराम वाक्य के अंत में आता है।

बहुविकल्पात्मक प्रश्न-

 

Question 1. खेजड़ली ग्राम किस राज्य में स्थित है?
(a) उत्तरप्रदेश
(b) राजस्थान
(c) गुजरात
(d) मध्यप्रदेश
Answer: (b) राजस्थान
In simple words: खेजड़ली गाँव भारत के राजस्थान राज्य में है।

🎯 Exam Tip: स्थानों और राज्यों के नाम को सही ढंग से याद रखना चाहिए, क्योंकि यह सामान्य ज्ञान का हिस्सा है।

 

Question 2. अमृतादेवी किस समुदाय से सम्बन्धित थी?
(a) जाट
(b) राजपूत
(c) विश्नोई
(d) मारवाड़ी
Answer: (c) विश्नोई
In simple words: अमृतादेवी विश्नोई समुदाय से जुड़ी हुई थीं, जो प्रकृति प्रेमी होते हैं।

🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक पात्रों के समुदाय या पृष्ठभूमि को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उनके कार्यों और प्रेरणाओं को समझने में मदद करता है।

 

Question 3. खेजड़ली बलिदान में कितने लोगों ने प्राणों की आहुति दी?
(a) 173
(b) 300
(c) 363
(d) 400
Answer: (c) 363
In simple words: खेजड़ली में पेड़ों को बचाने के लिए 363 लोगों ने अपनी जान कुर्बान कर दी थी।

🎯 Exam Tip: संख्यात्मक तथ्यों को सटीक रूप से याद रखें, क्योंकि ये सीधे प्रश्न में पूछे जाते हैं।

 

Question 4. अमृता देवी ने पेड़ों को बचाने के लिए क्या किया?
(a) राजा को समझाया
(b) पेड़ों से लिपट गई
(c) लोगों को इकट्ठा किया
(d) सिपाहियों से झगड़ा किया
Answer: (b) पेड़ों से लिपट गई
In simple words: अमृता देवी ने पेड़ों को बचाने के लिए खुद पेड़ों से चिपक गईं ताकि कोई उन्हें काट न सके।

🎯 Exam Tip: किसी व्यक्ति के मुख्य कार्य या योगदान को याद रखें, खासकर जब वह किसी महत्वपूर्ण घटना से जुड़ा हो।

 

Question 5. अमृता देवी की कितनी बेटियों ने उनका साथ दिया?
(a) दो
(b) चार
(c) तीन
(d) एक
Answer: (c) तीन
In simple words: अमृता देवी की तीन बेटियों ने पेड़ों को बचाने के उनके काम में साथ दिया।

🎯 Exam Tip: किसी घटना में शामिल प्रमुख व्यक्तियों और उनके संबंधियों की संख्या को सटीक रूप से याद रखें।

 

Question 6. खेजड़ी का वृक्ष विश्नोई समाज के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण है?
(a) यह फलदार होता है
(b) इससे आय होती है
(c) यह आस्था और जीवन से जुड़ा है
(d) यह छाया देता है
Answer: (c) यह आस्था और जीवन से जुड़ा है
In simple words: खेजड़ी का पेड़ विश्नोई समाज के लिए बहुत खास है क्योंकि यह उनकी आस्था और उनके जीवन से जुड़ा है।

🎯 Exam Tip: किसी समूह या समुदाय के लिए किसी वस्तु के महत्व को बताते समय, उसके भावनात्मक या सांस्कृतिक पहलू पर ध्यान दें।

 

Question 7. खेजड़ली बलिदान की घटना किस वर्ष हुई थी?
(a) 1800
(b) 1730
(c) 1750
(d) 1857
Answer: (b) 1730
In simple words: खेजड़ली में पेड़ों को बचाने के लिए बलिदान की घटना साल 1730 में हुई थी।

🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक घटनाओं की तारीखों को हमेशा सटीक रूप से याद करें।

 

Question 8. राजा को जब बलिदान की जानकारी मिली तो उन्होंने क्या किया?
(a) सैनिकों को दण्डित किया
(b) जंगल जलवा दिए
(c) पेड़ों की कटाई रुकवा दी
(d) और पेड़ लगाने का आदेश दिया
Answer: (c) पेड़ों की कटाई रुकवा दी
In simple words: जब राजा को बलिदान की बात पता चली, तो उन्होंने तुरंत पेड़ों को काटने का काम रुकवा दिया।

🎯 Exam Tip: किसी महत्वपूर्ण घटना के बाद मुख्य पात्रों की प्रतिक्रिया या निर्णयों को याद रखें।

 

Question 1. खेजड़ली गाँव _______ राज्य में स्थित है।
Answer: खेजड़ली गाँव राजस्थान राज्य में स्थित है। यह गाँव अपनी खास ऐतिहासिक घटना के लिए जाना जाता है।
In simple words: खेजड़ली गाँव राजस्थान में है।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, आपको सटीक जानकारी का उपयोग करना चाहिए जो कहानी के मुख्य तथ्यों से संबंधित हो।

 

Question 2. _______ समाज पेड़-पौधों और जीवों की रक्षा के लिए प्रसिद्ध है।
Answer: विश्नोई समाज पेड़-पौधों और जीवों की रक्षा के लिए प्रसिद्ध है। यह समाज पर्यावरण संरक्षण के लिए बहुत जागरूक रहता है।
In simple words: विश्नोई समाज पेड़ों और जानवरों की रक्षा के लिए जाना जाता है।

🎯 Exam Tip: किसी समुदाय या समूह की मुख्य विशेषताओं को याद रखना चाहिए।

 

Question 3. _______ गाँव में पेड़ों की कटाई का विरोध किया गया।
Answer: खेजड़ली गाँव में पेड़ों की कटाई का विरोध किया गया। इस गाँव के लोगों ने पेड़ों को बचाने के लिए अपनी जान तक दे दी।
In simple words: खेजड़ली गाँव में पेड़ों को काटने का विरोध हुआ था।

🎯 Exam Tip: घटना के मुख्य स्थान को पहचानना और उसे याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 4. विश्नोई समाज ने _______ को बचाने के लिए जान की बाजी लगाई।
Answer: विश्नोई समाज ने पेड़ों को बचाने के लिए जान की बाजी लगाई। यह उनका प्रकृति के प्रति गहरा प्रेम दिखाता है।
In simple words: विश्नोई समाज ने पेड़ों को बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी थी।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, कहानी के केंद्रीय विषय को याद रखें और उसके अनुरूप शब्द का चयन करें।

निम्नलिखित कथनों में से सत्य/असत्य बतलाइये-

 

Question 1. खेजडली गाँव उत्तरप्रदेश में स्थित है
Answer: असत्य। खेजड़ली गाँव राजस्थान में स्थित है, न कि उत्तरप्रदेश में। यह एक ऐतिहासिक गाँव है।
In simple words: यह गलत है। खेजड़ली गाँव राजस्थान में है।

🎯 Exam Tip: तथ्यों की सत्यता को ध्यान से जांचें, खासकर भौगोलिक स्थानों से संबंधित जानकारी को।

 

Question 2. खेजड़ली का पेड़ विश्नोई समाज के लिए पूज्य माना जाता है।
Answer: सत्य। खेजड़ली का पेड़ विश्नोई समाज के लिए बहुत पवित्र माना जाता है, क्योंकि यह उनके जीवन और आस्था से जुड़ा है। वे इसकी पूजा करते हैं और इसकी रक्षा करते हैं।
In simple words: यह सही है। विश्नोई समाज खेजड़ी के पेड़ को पवित्र मानता है।

🎯 Exam Tip: किसी समुदाय की मान्यताओं या धार्मिक महत्व से जुड़े तथ्यों को सही ढंग से प्रस्तुत करें।

 

Question 3. राजा ने बलिदान के बाद भी पेड़ों की कटाई जारी रखी।
Answer: असत्य। राजा को जब बलिदान की जानकारी मिली, तो उन्होंने तुरंत पेड़ों की कटाई रुकवा दी और भविष्य में विश्नोई समाज के इलाकों में पेड़ न काटने का आदेश दिया। उन्हें अपनी गलती का एहसास हो गया था।
In simple words: यह गलत है। राजा ने बलिदान की बात पता चलते ही पेड़ों की कटाई रोक दी थी।

🎯 Exam Tip: कहानी के मोड़ और मुख्य पात्रों के अंतिम निर्णयों को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 4. अमृता देवी विश्नोई समाज से थी।
Answer: सत्य। अमृता देवी विश्नोई समाज से थीं और उन्होंने अपने समाज की पर्यावरण संरक्षण की परंपरा का पालन करते हुए पेड़ों की रक्षा के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया।
In simple words: यह सही है। अमृता देवी विश्नोई समाज की थीं।

🎯 Exam Tip: मुख्य पात्रों की पहचान और उनके समुदाय के बारे में सटीक जानकारी दें।

निम्नलिखित को सही सुमेलित कीजिए-

 

Question. निम्नलिखित को सही सुमेलित कीजिए-
खण्ड 'अ': 1. अमृता देवी, 2. विश्नोई समाज, 3. खेजड़ली गाँव, 4. 363 लोग
खण्ड 'ब': (घ) पेड़ों की रक्षा के लिए, (क) पर्यावरण प्रेमी समुदाय, (ख) राजस्थान में स्थित, (ग) बलिदान देने वाले
Answer:

खण्ड 'अ'खण्ड 'ब'
1. अमृता देवी(घ) पेड़ों की रक्षा के लिए
2. विश्नोई समाज(क) पर्यावरण प्रेमी समुदाय
3. खेजड़ली गाँव(ख) राजस्थान में स्थित
4. 363 लोग(ग) बलिदान देने वाले

In simple words: सही मिलान के लिए, खंड 'अ' के हर बिंदु को खंड 'ब' में उसके सही विवरण से मिलाएं।

🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, दोनों स्तंभों के तत्वों को ध्यान से पढ़ें और उनके बीच के संबंध को पहचानकर सही जोड़ी बनाएं।

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-

 

Question 1. खेजड़ी का पेड़ किस प्रकार का होता है?
Answer: खेजड़ी का पेड़ शुष्क भूमि में उगने वाला एक जीवनदायी वृक्ष है। यह रेगिस्तानी इलाकों में भी आसानी से पनपता है और कई तरह से उपयोगी होता है। इसकी पत्तियाँ, फलियाँ और लकड़ी सभी काम आती हैं।
In simple words: खेजड़ी का पेड़ सूखी जमीन पर उगता है और यह जीवन देने वाला पेड़ होता है, खासकर रेगिस्तान में।

🎯 Exam Tip: किसी वस्तु या जीव की विशेषताओं का वर्णन करते समय, उसकी मुख्य और महत्वपूर्ण बातों को ही बताएं।

 

Question 2. राजा ने पेड़ों को क्यों कटवाना चाहा?
Answer: राजा ने अपने महल के निर्माण के लिए लकड़ी जुटाने हेतु पेड़ों को कटवाना चाहा। उस समय महल बनाने के लिए बहुत सारी लकड़ी की आवश्यकता थी, और राजा ने यह आदेश दिया था।
In simple words: राजा को महल बनाने के लिए लकड़ी चाहिए थी, इसलिए उन्होंने पेड़ कटवाने का आदेश दिया।

🎯 Exam Tip: किसी घटना के पीछे के कारण को स्पष्ट और संक्षिप्त तरीके से बताएं।

 

Question 4. अमृता देवी ने पेड़ काटने वालों को क्या चेतावनी दी थी?
Answer: अमृता देवी ने पेड़ काटने वालों को यह चेतावनी दी थी कि "पहले हमें काटो, फिर पेड़।" यह उनके दृढ़ संकल्प और पेड़ों के प्रति गहरे प्रेम को दर्शाता है। वह अपनी जान देने को तैयार थीं, लेकिन पेड़ों को कटने नहीं देना चाहती थीं।
In simple words: अमृता देवी ने कहा था, "पहले हमें काटो, फिर पेड़।"

🎯 Exam Tip: किसी व्यक्ति द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण कथन को उद्धरण चिह्नों में और बिल्कुल सटीक रूप से प्रस्तुत करें।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-

 

Question 1. खेजड़ली गाँव की घटना क्या थी?
Answer: खेजड़ली गाँव की घटना 1730 ई. में हुई थी, जब अमृता देवी और विश्नोई समाज के 363 लोगों ने पेड़ों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। यह घटना पर्यावरण संरक्षण का पहला बड़ा जनांदोलन माना जाता है, जिसने पूरे देश को प्रकृति प्रेम की प्रेरणा दी। यह एक असाधारण साहस और त्याग का उदाहरण है।
In simple words: खेजड़ली गाँव में 1730 में अमृता देवी और 363 लोगों ने पेड़ों को बचाने के लिए अपनी जान दी थी। यह पर्यावरण बचाने का पहला बड़ा आंदोलन था।

🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक घटनाओं का वर्णन करते समय, तारीख, मुख्य पात्र, घटना और उसके परिणाम को संक्षेप में बताएं।

 

Question 2. अमृतादेवी ने क्या साहसिक कार्य किया?
Answer: जब सैनिक पेड़ काटने आए, तो अमृतादेवी अपनी तीनों बेटियों और अन्य ग्रामीणों के साथ पेड़ों से लिपट गईं। उन्होंने सैनिकों से कहा, "पेड़ काटने से पहले मुझे काटो।" यह उनका बहुत साहसिक कार्य था, जिसमें उन्होंने पेड़ों को बचाने के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी। उनका यह कार्य पर्यावरण संरक्षण के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।
In simple words: अमृतादेवी अपनी बेटियों और गाँव वालों के साथ पेड़ों से चिपक गईं और कहा, "पेड़ काटने से पहले हमें काटो।" उन्होंने पेड़ों को बचाने के लिए अपनी जान दे दी।

🎯 Exam Tip: किसी व्यक्ति के साहसिक कार्य का वर्णन करते समय, उसकी मुख्य क्रियाओं और उसके पीछे की प्रेरणा को स्पष्ट करें।

 

Question 3. खेजड़ली की घटना का आज क्या महत्त्व है?
Answer: खेजड़ली की घटना आज पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बन चुकी है। हर साल इसे "विश्व वृक्ष दिवस" के रूप में याद किया जाता है। यह घटना हमें सिखाती है कि प्रकृति के लिए बलिदान देना एक महान कार्य है और हमें पर्यावरण की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। यह हमें बताता है कि पर्यावरण के लिए सामूहिक प्रयास कितने महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
In simple words: खेजड़ली की घटना आज पर्यावरण बचाने का प्रतीक है। इसे "विश्व वृक्ष दिवस" की तरह याद किया जाता है और यह हमें प्रकृति के लिए बलिदान की सीख देती है।

🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक घटनाओं के वर्तमान महत्व को बताते समय, उनके प्रतीकात्मक मूल्य और उनसे मिलने वाली सीख पर जोर दें।

 

Question 4. खेजड़ी वृक्ष के क्या लाभ हैं?
Answer: खेजड़ी वृक्ष गर्म और शुष्क जलवायु में भी हरा-भरा रहता है। यह रेगिस्तानी क्षेत्रों में जीवनदाता माना जाता है। यह पेड़ पशुओं के लिए चारा, इमारती लकड़ी और घनी छाया प्रदान करता है। इससे मिट्टी की उपजाऊ शक्ति भी बनी रहती है, क्योंकि इसकी जड़ें मिट्टी को बांधे रखती हैं। विश्नोई समाज इसे पवित्र मानकर इसकी रक्षा करता है।
In simple words: खेजड़ी का पेड़ सूखी जगहों पर हरा रहता है। यह जानवरों को चारा, लकड़ी, छाया देता है और मिट्टी को उपजाऊ बनाता है।

🎯 Exam Tip: किसी पेड़ या पौधे के लाभों का वर्णन करते समय, उसके पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक महत्व को शामिल करें।

 

Question. खेजड़ली की घटना से हमें कौन-सी सीख मिलती है?
Answer: खेजड़ली की घटना से हमें कई महत्वपूर्ण सीख मिलती हैं:

  • प्रकृति की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है।
  • अमृता देवी और विश्नोई समाज ने निःस्वार्थ भाव से पर्यावरण के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए। यह बलिदान आज भी हमें प्रेरणा देता है कि हम पेड़ों, जल और जीवों की रक्षा करें।
  • यह घटना बताती है कि लोगों का साहस बड़ा बदलाव ला सकता है। खेजड़ली गाँव का बलिदान और साहस आज भी पर्यावरण संरक्षण की एक मिसाल बना हुआ है। हमें भी साहस, प्रेम और समर्पण से प्रकृति की रक्षा करनी चाहिए।

यह घटना हमें सामूहिक जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाती है।
In simple words: खेजड़ली की घटना हमें सिखाती है कि प्रकृति की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है, पर्यावरण के लिए बलिदान महान है, और लोगों का साहस बदलाव ला सकता है।

🎯 Exam Tip: किसी ऐतिहासिक घटना से मिलने वाली सीख को बताते समय, उसे नैतिक या सामाजिक मूल्यों से जोड़कर स्पष्ट करें।

 

Question 2. विश्नोई समाज का पर्यावरण के प्रति व्यवहार हमें क्या सिखाता है?
Answer: विश्नोई समाज का हर व्यक्ति पेड़ों, पशुओं और प्रकृति से बहुत गहराई से जुड़ा होता है। वे न तो पेड़ काटते हैं और न ही किसी जीव को नुकसान पहुँचाते हैं। उनके नियमों में प्रकृति और सभी जीव-जंतुओं की रक्षा को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। यह समाज हमें सिखाता है कि प्रकृति के साथ संतुलन में जीना ही असली मानवता है। उनका जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि बिना किसी स्वार्थ के भी पर्यावरण की रक्षा की जा सकती है, और उसके प्रति प्रेम और सम्मान का भाव होना चाहिए।
In simple words: विश्नोई समाज हमें सिखाता है कि पेड़ों और जानवरों को नुकसान न पहुँचाएं और प्रकृति के साथ प्यार से रहें। वे पर्यावरण को बचाने के लिए निस्वार्थ भाव से काम करते हैं।

🎯 Exam Tip: किसी समुदाय की जीवनशैली या सिद्धांतों का वर्णन करते समय, उनके मुख्य मूल्यों और उनसे मिलने वाली प्रेरणा को स्पष्ट करें।

पठित गद्यांश

निम्नलिखित गद्यांशों को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

अमृता देवी ने अपने पति रामोजी का आह्वान करते हुए कहा, " हमें चलना होगा। हमें जांभोजी द्वारा बताए गए नियम 'जीव दया पालणी, रूख लीलो नहीं घावै' का पालन करना है।” बिलौना छोड़कर अमृता और उनके पीछे रामोजी, भागू, अणसी तथा रतनी जंगल की तरफ दौड़ पड़े। इसकी सूचना खेजड़ली ग्राम तथा आसपास के गाँवों में भी तेजी से फैल गई तथा आसपास के प्रकृति प्रेमी विश्नोई पंथ के अनुयायियों ने भी खेजड़ली पहुँचने का प्रण कर लिया और जो जहाँ था वहाँ से खेजड़ली की ओर दौड़ पड़ा।

 

Question 1. अमृता ने किसका आह्वान किया?
Answer: अमृता ने अपने पति रामोजी का आह्वान किया। उन्होंने उन्हें पेड़ों को बचाने के लिए अपने साथ चलने को कहा था।
In simple words: अमृता ने अपने पति रामोजी को बुलाया।

🎯 Exam Tip: गद्यांश आधारित प्रश्नों में, उत्तर सीधे गद्यांश से ही ढूंढें और सटीक जानकारी दें।

 

Question 2. जांभोजी का नियम क्या था?
Answer: जांभोजी द्वारा बताया गया नियम था, "जीव दया पालणी, रूख लीलो नहीं घावै"। इस नियम का अर्थ है कि हमें जीवों पर दया करनी चाहिए और हरे-भरे पेड़ों को नहीं काटना चाहिए। यह प्रकृति संरक्षण का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है।
In simple words: जांभोजी का नियम था, "जीवों पर दया करो और हरे पेड़ मत काटो।"

🎯 Exam Tip: उद्धृत कथन को बिल्कुल वैसा ही लिखें जैसा गद्यांश में दिया गया है और उसका अर्थ भी बताएं।

 

Question 4. किसके अनुयायियों ने खेजड़ली पहुंचने का प्रण लिया?
Answer: विश्नोई पंथ के अनुयायियों ने खेजड़ली पहुँचने का प्रण लिया। वे प्रकृति प्रेमी थे और पेड़ों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार थे।
In simple words: विश्नोई पंथ के मानने वाले लोगों ने खेजड़ली जाने का प्रण लिया।

🎯 Exam Tip: गद्यांश से विशिष्ट समूह या व्यक्ति की पहचान करें जिन्होंने कोई विशेष कार्य किया हो।

2. “ये खेजड़ी हमारी माँ है, हम सिर कटवा लेंगे, परन्तु पेड़ नहीं कटने देंगे।” अमृता देवी अपनी पुत्रियों और पति सहित पेड़ों से लिपट गई और सिपाहियों को ललकारा ” खेजड़ी से पहले मेरी गर्दन पर वार करना होगा अन्यथा ये खेजड़ी नहीं कटेगी।” सैनिकों ने सबसे पहला वार अमृता की गर्दन पर किया और देखते ही देखते रामोजी, भागू, अणसी और रतनी ने अपने बलिदान की गाथा लिख दी। रेगिस्तान की स्वर्णमयी धरती रक्त की धारा से लाल हो गई। अमृता के बलिदान से प्रेरित होकर उपस्थित नर-नारियों ने हरी-भरी खेजड़ियों को अपने गले लगाकर सर्वोच्च बलिदान का वरण किया। शक्ति, शौर्य और शांति के लिए विख्यात मरुधरा पर एक के बाद एक 363 वृक्षप्रेमियों ने पेड़ों से लिपटकर अपने प्राणों की आहुति दे दी।

 

Question 1. 'खेजडी से पहले मेरी गर्दन पर वार करना होगा।' यह पंक्ति किसने कही थी.
Answer: यह पंक्ति अमृता देवी ने कही थी। उन्होंने यह बात पेड़ों को काटने आए सैनिकों से कही थी, जो उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
In simple words: यह बात अमृता देवी ने कही थी।

🎯 Exam Tip: किसी उद्धृत कथन के वक्ता की पहचान सीधे गद्यांश से करें।

 

Question 2. रक्त की धारा से कौन लाल हो गयी?
Answer: रक्त की धारा से रेगिस्तान की स्वर्णमयी धरती लाल हो गई। यह बलिदान की भयावहता और त्याग की गहराई को दर्शाता है।
In simple words: बलिदान के कारण रेगिस्तान की सुनहरी धरती खून से लाल हो गई।

🎯 Exam Tip: गद्यांश में दिए गए प्रतीकात्मक या वर्णनात्मक विवरण को समझें और उसका सही उत्तर दें।

 

Question 3. मरुधरा क्यों विख्यात है?
Answer: मरुधरा शक्ति, शौर्य और शांति के लिए विख्यात है। यहाँ के लोग अपनी दृढ़ता और शांतिपूर्ण स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। यह उनकी संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
In simple words: मरुधरा अपनी शक्ति, बहादुरी और शांति के लिए प्रसिद्ध है।

🎯 Exam Tip: गद्यांश से किसी स्थान की विशेषताओं या उसकी ख्याति के कारणों को पहचानें।

 

Question 4. कितने वृक्ष प्रेमियों ने पेड़ों से चिपक कर अपने प्राणों की आहुति दी?
Answer: 363 वृक्ष प्रेमियों ने पेड़ों से चिपक कर अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने पेड़ों की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
In simple words: 363 पेड़ प्रेमियों ने पेड़ों से चिपककर अपनी जान दी।

🎯 Exam Tip: संख्यात्मक तथ्यों को सटीक रूप से याद करें और उन्हें गद्यांश के संदर्भ में प्रस्तुत करें।

 

कठिन शब्दार्थ: उत्सर्ग = बलिदान, समर्पण। संवेदनशील = भावुक या भावनाओं को समझने वाला। प्राणों की आहुति = जीवन का बलिदान देना। संरक्षण = रक्षा करना, सुरक्षित रखना। अमिट = जिसे मिटाया न जा सके, स्थायी। प्रेरणा = उत्साह या हिम्मत देने वाली भावना। धरोहर = विरासत। सद्भावना = अच्छा भाव या भावना। रमणीय = अच्छा लगने वाला। निर्भिक = निडर। कलरव = पक्षियों के बोलने की आवाज। उद्यत = तैयार। शोक = दुःख। गाथा = कहानी, गाथा। मद्धम = धीमी। पालणी = पालन करना। लीलो = हरा। घावै = काटना। आवती = आती हुई। करडो = बहुत सारा। कोड = प्रेम। रुख = वृक्ष। राखस्यां = रखेंगे। होड़ = मुकाबला। थूहांसू = आपसे।
In simple words: यह सूची कहानी में आए मुश्किल शब्दों का आसान अर्थ बताती है, जिससे कहानी को समझना आसान हो जाता है।

🎯 Exam Tip: कठिन शब्दार्थ को याद करने से पाठ की समझ बढ़ती है और आप प्रश्नों के उत्तर बेहतर ढंग से दे पाते हैं।

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