Step-by-Step Textbook Solutions for Class 5 Hindi Chapter 14 धरती धोरां री
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आओ बात करें-
प्रश्न 1. कविता में धोरों की धरती राजस्थान का यश कौन-कौन सुनाता है?
Answer: कविता में राजस्थान की रेतीली धरती का यश सूर्य, चाँद, तारे, पक्षी, बाग-बगीचे, बादल, बिजली और यहाँ के वीर पुरुष और महिलाएँ सभी सुनाते हैं। यह सभी मिलकर राजस्थान की महिमा को बताते हैं।
In simple words: राजस्थान की रेतीली ज़मीन की तारीफ सूरज, चाँद, तारे, पंछी, पेड़-पौधे, बादल, बिजली और यहाँ के बहादुर लोग करते हैं।
🎯 Exam Tip: जब भी किसी कविता में 'यश' या 'महिमा' की बात हो, तो उन सभी प्राकृतिक और मानवीय तत्वों को शामिल करें जिनका कविता में उल्लेख किया गया है, जो उस स्थान की प्रसिद्धि में योगदान करते हैं।
प्रश्न 2. धोरों की धरती के कण-कण को चमकाने वाला कौन है?
Answer: धोरों की धरती के हर एक कण को सूर्य चमकाता है। सूर्य की किरणें रेत के हर दाने पर पड़कर उसे जगमगा देती हैं।
In simple words: धोरों वाली धरती के हर छोटे कण को सूरज अपनी रोशनी से चमकाता है।
🎯 Exam Tip: कविता में अक्सर प्राकृतिक तत्वों को विशेष क्रियाओं से जोड़ा जाता है। ऐसे प्रश्नों के उत्तर में मुख्य प्राकृतिक कारक (जैसे यहाँ सूर्य) और उसकी क्रिया (चमकाना) को स्पष्ट रूप से बताएँ।
प्रश्न 3. राजस्थान की धरती पर चन्दमा क्या बरसाता है?
Answer: राजस्थान की धरती पर चंद्रमा अमृत रस बरसाता है। चंद्रमा अपनी शीतल चाँदनी से पूरी धरती को शांति और शीतलता प्रदान करता है, जो अमृत के समान होती है।
In simple words: राजस्थान की धरती पर चाँद अमृत जैसी ठंडी रोशनी बरसाता है।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रतीकात्मक प्रश्नों में, 'अमृत रस' का मतलब शाब्दिक अमृत नहीं बल्कि चंद्रमा की शीतल और सुखद चाँदनी होती है जो धरती को शांति देती है।
सोचो और लिखो-
प्रश्न 1. नीचे दिए गए शब्दों का प्रयोग कर वाक्य बनाइए-
धरती = राजस्थान को मरुस्थल के कारण धरती धोरां री भी कहा जाता है।
बादल = __
बिजली = __
पंछी = __
Answer:
धरती = राजस्थान को मरुस्थल के कारण धरती धोरां री भी कहा जाता है।
बादल = आज आकाश में काले बादल छाए हुए हैं।
बिजली = बिजली से सब कुछ चमकता है।
पंछी = मेरा पसंदीदा पंछी मोर है।
In simple words: हर शब्द का इस्तेमाल करके एक आसान वाक्य बनाया गया है।
🎯 Exam Tip: वाक्य बनाते समय, शब्द का अर्थ स्पष्ट होना चाहिए और वाक्य सरल व छोटा होना चाहिए ताकि उसका मतलब आसानी से समझ आ सके।
प्रश्न 2. बरसात आने पर वातावरण कैसा हो जाता है? लिखिए?
Answer: बरसात आने पर चारों ओर का वातावरण ठंडा और साफ हो जाता है। धूल के कण हवा से हट जाते हैं और पेड़-पौधे ताज़े व हरे-भरे दिखते हैं। बारिश के बाद एक बहुत अच्छी और प्राकृतिक खुशबू भी महसूस होती है। बारिश का मौसम प्रकृति को नया जीवन देता है।
In simple words: बारिश आने पर मौसम ठंडा और साफ हो जाता है। धूल उड़ जाती है और पेड़ों से एक अच्छी खुशबू आती है।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, बारिश के शारीरिक प्रभावों (जैसे ठंडक, सफाई) और संवेदी अनुभवों (जैसे खुशबू, ताजगी) दोनों का उल्लेख करें।
प्रश्न 3. कविता में झाला देकर कौन बुला रहा है?
Answer: कविता में मक्के के खेत की फसल झाला देकर बुला रही है। यह दिखाता है कि जब मक्के की फसल बड़ी हो जाती है, तो वह हवा में झूलकर ऐसा लगती है जैसे किसी को बुला रही हो।
In simple words: कविता में बताया गया है कि मक्के के खेत की फसल हवा में हिलते हुए, जैसे इशारा करके बुला रही हो।
🎯 Exam Tip: 'झाला देकर बुलाना' एक प्रतीकात्मक वर्णन है। इसका अर्थ है कि फसलें अपनी हरियाली और लहराती हुई चाल से लोगों को आकर्षित कर रही हैं।
प्रश्न 4. नीचे दिए गए शब्दों को सही क्रम में लगाकर पंक्ति बनाओ-
Answer: `ईं पर तनड़ो मनड़ो वारां।`
In simple words: शब्दों को सही तरीके से जोड़कर 'ईं पर तनड़ो मनड़ो वारां' यह पंक्ति बनाई गई है।
🎯 Exam Tip: वाक्यों को सही क्रम में लगाने के लिए, पहले क्रिया और संज्ञा को पहचानें, फिर अन्य शब्दों को उनके साथ जोड़कर एक अर्थपूर्ण वाक्य बनाएँ।
प्रश्न 5. इस कविता के मूलभाव को अपने शब्दों में लिखिए।
Answer: इस कविता में राजस्थान की रेतीली धरती की खूबसूरती, वहाँ की संस्कृति, लोगों के मेहनती जीवन और प्राकृतिक सुंदरता को बहुत अच्छे से दिखाया गया है। यह धरती बहादुरी, मेहनत और प्यार की पहचान है। कविता यह संदेश देती है कि अपनी संस्कृति और भूमि पर गर्व करना चाहिए।
In simple words: यह कविता राजस्थान की सुंदरता, संस्कृति, मेहनत और प्रकृति के बारे में बताती है। यह धरती हिम्मत, मेहनत और प्यार की पहचान है।
🎯 Exam Tip: कविता का मूलभाव लिखते समय, कविता के मुख्य विषय (जैसे प्रकृति, संस्कृति, वीरता) और उससे मिलने वाले संदेश को संक्षेप में स्पष्ट करें।
मेरी बात सबकी बात-
प्रश्न 1. इस कविता में आए शब्दों से मिलते-जुलते मानक शब्द (समानार्थी या पर्यायवाची) लिखिए जैसे- सुरगां = स्वर्ग।
Answer:
सुरगां = स्वर्ग
सूरज = सूर्य
बाजरियों = बाजरा
इमरत = अमृत
जीवण = जीवन
In simple words: यहाँ कविता में आए शब्दों के आसान और एक जैसे अर्थ वाले शब्द बताए गए हैं।
🎯 Exam Tip: पर्यायवाची शब्द लिखते समय, यह सुनिश्चित करें कि दिया गया शब्द और उसका पर्यायवाची दोनों का अर्थ पूरी तरह से मेल खाता हो।
पढ़कर जानें-
प्रश्न 1. नीचे कविता की कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। जिनमें कुछ शब्द छूट हैं। छूटे स्थान पर कविता से खोजकर सही शब्द लिखिए-
पंछी _______ बोलै,
मीठे सुर स्यूं घोलै,
झीणं _______ पंपोळे,
धरती _______ री!
Answer:
पंछी मधरा-मधरा बोलै,
मीठे सुर स्यूं घोलै,
झीणं बायरियो पंपोळे,
धरती धोरां री!
In simple words: कविता की खाली जगह में सही शब्द भरे गए हैं ताकि पंक्तियाँ पूरी हो जाएँ।
🎯 Exam Tip: खाली स्थान भरने के लिए, कविता की मूल पंक्तियों को याद करें या दिए गए संदर्भ से सबसे उपयुक्त शब्द का चयन करें।
प्रश्न 2. कुदरत दोनों हाथ से नहीं लुटाती है।
Answer: कुदरत दोनों हाथ से लुटाती है।
In simple words: प्रकृति हमें बहुत कुछ देती है, वह कुछ भी देने से पीछे नहीं हटती।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, दिए गए कथन की सच्चाई पर ध्यान दें और यदि कथन गलत है, तो उसे सही करके प्रस्तुत करें।
धरती धोरां री प्रश्न उत्तर
बहुविकल्पात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. इस कविता में किस प्रदेश की महिमा का वर्णन हुआ है-
(अ) राजस्थान की
(ब) पंजाब की
(स) उत्तरप्रदेश की
(द) गुजरात की
Answer: (अ) राजस्थान की
In simple words: इस कविता में राजस्थान की सुंदरता और महानता के बारे में बताया गया है।
🎯 Exam Tip: कविता के शीर्षक और विषय-वस्तु से पता चलता है कि इसमें किस प्रदेश का वर्णन किया गया है।
प्रश्न 2. राजस्थान का प्रसिद्ध पशु है?
(अ) हाथी
(ब) ऊँट
(स) घोड़ा
(द) बकरी
Answer: (ब) ऊँट
In simple words: राजस्थान का सबसे मशहूर जानवर ऊँट है, क्योंकि यह रेगिस्तान में आसानी से रह सकता है।
🎯 Exam Tip: राजस्थान एक रेगिस्तानी राज्य है, और ऊँट को 'रेगिस्तान का जहाज़' कहा जाता है, इसलिए यह वहाँ का प्रसिद्ध पशु है।
प्रश्न 3. कविता में 'धरती धोरां री' का अर्थ क्या है?
(अ) हरे-भरे खेत
(ब) रेतीली धरती
(स) पहाड़ी भूमि
Answer: (ब) रेतीली धरती
In simple words: 'धरती धोरां री' का मतलब ऐसी ज़मीन से है जहाँ रेत के बड़े-बड़े टीले या धोरे होते हैं।
🎯 Exam Tip: कविता का शीर्षक ही अक्सर उसके मुख्य विषय और अर्थ का संकेत देता है। 'धोरा' शब्द रेत के टीलों को दर्शाता है।
प्रश्न 4. "मिसरी मीठे सुर स्यूं घोलै" पंक्ति में 'मिसरी' किसे दर्शाती है?
(अ) मिठाई
(ब) कटुता
(स) मधुरता
(द) पानी
Answer: (स) मधुरता
In simple words: इस पंक्ति में 'मिसरी' का मतलब बहुत मीठी और प्यारी आवाज़ से है।
🎯 Exam Tip: 'मिसरी' को अक्सर मिठास और मधुरता के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, खासकर जब आवाज़ या बोली की बात हो।
प्रश्न 5. कविता का भाव मुख्यतः किस पर केन्द्रित है?
(अ) पर्वतों का सौन्दर्य
(ब) राजस्थान की संस्कृति और प्रकृति
(स) आधुनिक जीवन और संस्कृति
(द) पाश्चात्य संस्कृति और प्रकृति
Answer: (ब) राजस्थान की संस्कृति और प्रकृति
In simple words: यह कविता मुख्य रूप से राजस्थान की कला, जीवनशैली और उसके प्राकृतिक दृश्यों के बारे में बताती है।
🎯 Exam Tip: कविता के केंद्रीय भाव को समझने के लिए, उसके विभिन्न हिस्सों में वर्णित दृश्यों और भावनाओं को एक साथ देखें।
प्रश्न 6. “धरती धोरां री”! कविता किस भाषा में है?
(अ) अंग्रेजी
(ब) मराठी
(स) राजस्थानी
(द) उर्दू
Answer: (स) राजस्थानी
In simple words: यह कविता राजस्थानी भाषा में लिखी गई है, जो राजस्थान की स्थानीय बोली है।
🎯 Exam Tip: कविता के शब्दों और शैली से उसकी मूल भाषा का पता चलता है। यहाँ 'धोरा', 'स्यूं', 'री' जैसे शब्द राजस्थानी भाषा की पहचान हैं।
प्रश्न 7. कविता में कौन-सा गुण 'धरती' के लिए नहीं बताया गया है?
(अ) वीरता
(ब) सुन्दरता
(स) डरपोकपन
(द) त्याग
Answer: (स) डरपोकपन
In simple words: कविता में राजस्थान की धरती को बहादुर, सुंदर और त्याग करने वाली बताया गया है, डरपोकपन का गुण नहीं बताया गया।
🎯 Exam Tip: कविता में जिस भूमि का गुणगान किया गया है, उसकी विशेषताओं पर ध्यान दें और पहचानें कि कौन सा विकल्प उसके वर्णन से मेल नहीं खाता।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
प्रश्न 1. ईं पर ______ रमण नै आवै।
Answer: ईं पर देव रमण नै आवै।
In simple words: इस धरती पर देवता भी घूमने आते हैं।
🎯 Exam Tip: खाली स्थान भरने के लिए कविता की पंक्तियों को याद करना ज़रूरी है या संदर्भ से सबसे उपयुक्त शब्द का चुनाव करना चाहिए।
प्रश्न 2. कुदरत दौन्यूं ______ लुटावै।
Answer: कुदरत दौन्यूं हाथ लुटावै।
In simple words: प्रकृति दोनों हाथों से अपनी देन लुटाती है।
🎯 Exam Tip: इस पंक्ति में 'हाथ' शब्द प्रकृति की उदारता और प्रचुरता को दर्शाता है, कि वह बिना किसी रोक-टोक के देती है।
प्रश्न 3. मदुआ ______ अणूंता खाथा।
Answer: मदुआ ऊँट अणूंता खाथा।
In simple words: मदमस्त ऊँट बहुत खाते हैं।
🎯 Exam Tip: कविता में 'मदुआ' शब्द ऊँट के विशेष स्वभाव को बताता है, जिसमें वह अपनी चाल में मस्त रहता है।
प्रश्न 4. ईं री ______ उडै गिगनारां।
Answer: ईं री धजा उडै गिगनारां।
In simple words: इस धरती की ध्वजा आसमान में फहराती है।
🎯 Exam Tip: 'धजा' या ध्वज, किसी भी स्थान के गौरव और पहचान का प्रतीक होता है। 'गिगनारां' का अर्थ है गगन में या आसमान में।
निम्नलिखित कथनों में से सत्य/असत्य बतलाइये-
प्रश्न 1. चन्दा कण-कण ने चमकावै।
Answer: असत्य
In simple words: यह बात गलत है, क्योंकि सूर्य कण-कण को चमकाता है, चाँद तो अमृत रस बरसाता है।
🎯 Exam Tip: कविता में सूर्य को कण-कण चमकाने वाला बताया गया है, जबकि चंद्रमा को अमृत बरसाने वाला। तथ्यों को ध्यान से पढ़ें।
प्रश्न 2. मक्का के खेत इशारा करके बुलाते हैं।
Answer: सत्य
In simple words: यह बात सही है, कविता में बताया गया है कि मक्के की फसल हवा में हिलते हुए बुलाती है।
🎯 Exam Tip: कवि ने मक्के के खेतों के लहराने को 'झाला देकर बुलाना' कहा है, जो एक सत्य कथन है।
प्रश्न 3. पंछी कड़वा कड़वा बोलै, मिसरी मीठे सुर स्यू घौले।
Answer: असत्य
In simple words: यह बात गलत है, क्योंकि पंछी मीठे सुर में बोलते हैं, कड़वा नहीं।
🎯 Exam Tip: कविता में पंछियों की बोली को 'मधुर-मधुर' और 'मिसरी मीठे सुर' से दर्शाया गया है, न कि कड़वी।
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. 'सूरज कण-कण नें चमकावै' इस पंक्ति में किसका वर्णन है?
Answer: इस पंक्ति में सूर्य की रोशनी का वर्णन है। यह बताता है कि सूर्य कैसे अपनी तेज़ किरणों से धरती के हर हिस्से को रोशन करता है।
In simple words: इस पंक्ति में सूरज की रोशनी के बारे में बताया गया है।
🎯 Exam Tip: कविता की सीधी पंक्तियों से जुड़े प्रश्नों में, पंक्ति का सीधा अर्थ और उसका मुख्य विषय स्पष्ट रूप से बताएँ।
प्रश्न 2. 'बिजली डरती ओला खावै' इस पंक्ति में कौनसा मौसम दर्शाया गया है?
Answer: इस पंक्ति में वर्षा ऋतु का वर्णन किया गया है। बिजली का चमकना और ओले गिरना बरसात के मौसम की पहचान हैं।
In simple words: यह पंक्ति बारिश के मौसम को दिखाती है, जब बिजली चमकती है और ओले गिरते हैं।
🎯 Exam Tip: बिजली और ओले सीधे तौर पर बारिश के मौसम से जुड़े हुए हैं। ऐसे प्रतीकों से मौसम का अनुमान लगाना आसान होता है।
प्रश्न 3. “मदुआ ऊँट अणूंता खाथा।” पंक्ति में ऊँट की क्या विशेषता बताई गई है?
Answer: इस पंक्ति में ऊँट को मदमस्त, अनोखा और उतावला पशु बताया गया है। यह उसकी मस्ती भरी चाल और बड़े आकार को दर्शाता है।
In simple words: यह पंक्ति बताती है कि ऊँट मस्ती से चलने वाला, अनोखा और तेज़ी से चलने वाला जानवर है।
🎯 Exam Tip: पंक्ति में दिए गए विशेषणों ('मदुआ', 'अणूंता') पर ध्यान दें, क्योंकि वे सीधे तौर पर जानवर की विशेषताओं का वर्णन करते हैं।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1. वर्षाकाल में मरुभूमि का दृश्य कैसा हो जाता है?
Answer: वर्षाकाल में मरुभूमि का दृश्य बहुत आकर्षक हो जाता है। यहाँ काले बादल छाए हुए दिखते हैं। जब बारिश होती है, तो ऐसा लगता है जैसे घुँघुरूओं की मधुर आवाज़ सुनाई दे रही हो। आसमान में बिजलियाँ चमकती हैं और पूरा नज़ारा बहुत सुंदर और मनमोहक हो जाता है। बारिश से धरती को नया जीवन मिलता है।
In simple words: बारिश के समय रेगिस्तान में काले बादल छा जाते हैं, बिजली चमकती है और सब कुछ बहुत सुंदर लगने लगता है।
🎯 Exam Tip: मरुभूमि में वर्षा का वर्णन करते समय, बादलों, बिजली, आवाज़ों और वातावरण की सुंदरता पर ध्यान केंद्रित करें।
प्रश्न 2. कवि ने राजस्थान की किन-किन विशेषताओं का वर्णन किया है?
Answer: कवि ने राजस्थान की कई विशेषताओं का वर्णन किया है, जैसे सूर्य की चमक, वीरों की बहादुरी, वर्षाकाल का सुंदर वातावरण, राजस्थान की फसलें, पशु-पक्षियों की मीठी आवाज़, यहाँ की मधुर भाषा, आँगन की सजावट, ऊँटों के झुंड, वाद्य यंत्रों की धुन और वहाँ की पुरानी परंपराएँ। कवि ने इन सभी चीज़ों का सुंदर चित्रण किया है। यह सब मिलकर राजस्थान की पहचान बनाते हैं।
In simple words: कवि ने राजस्थान के सूरज, बहादुर लोगों, बारिश, फसल, पंछियों, मीठी भाषा, घर की सजावट, ऊँटों और पुराने रिवाजों के बारे में बताया है।
🎯 Exam Tip: जब विशेषताओं का वर्णन करें, तो प्राकृतिक सुंदरता, मानवीय गुण, सांस्कृतिक तत्व और दैनिक जीवन के पहलुओं को शामिल करें।
प्रश्न 3. इस कविता से हमें क्या प्रेरणा मिलती है?
Answer: इस कविता से हमें अपनी संस्कृति, परंपराओं और अपनी जन्मभूमि के प्रति गर्व और प्रेम की प्रेरणा मिलती है। इसके साथ ही, यह हमें अपने देश और क्षेत्र की पुरानी विरासत को सँभालने और उसका सम्मान करने की भावना भी सिखाती है। यह हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखती है।
In simple words: यह कविता हमें अपनी संस्कृति और देश से प्यार करना सिखाती है। यह हमें अपनी पुरानी बातों और विरासत का सम्मान करने की प्रेरणा भी देती है।
🎯 Exam Tip: कविता से मिलने वाली प्रेरणा बताते समय, भावनात्मक जुड़ाव (गर्व, प्रेम) और सामाजिक संदेश (विरासत का सम्मान) दोनों को उजागर करें।
प्रश्न 4. कविता में "ईंरा फल फुलड़ा मन भावण” पंक्ति से कवि क्या बताना चाहता है?
Answer: इस पंक्ति से कवि यह बताना चाहता है कि राजस्थान की धरती पर उगने वाले फल और फूल बहुत मनमोहक और सुंदर होते हैं। यह पंक्ति यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और खुशहाली को दर्शाती है, जो मन को भा जाती है। राजस्थान की वनस्पति भी उतनी ही आकर्षक है।
In simple words: कवि इस पंक्ति से कहता है कि राजस्थान के फल और फूल बहुत खूबसूरत होते हैं जो मन को अच्छे लगते हैं।
🎯 Exam Tip: प्रतीकात्मक पंक्तियों का अर्थ समझाते समय, कविता के सामान्य विषय (जैसे यहाँ प्रकृति की सुंदरता) से जोड़कर व्याख्या करें।
प्रश्न 1. “धरती धोरां री” कविता में कवि ने राजस्थान की प्रकृति और संस्कृति की विशेषताओं का वर्णन कैसे किया है? बताइए।
Answer: कविता में कवि ने राजस्थान की सुंदरता, बहादुरी और सांस्कृतिक विरासत को बहुत ही प्रभावशाली तरीके से दिखाया है। कवि बताते हैं कि इस धरती पर सूर्य की किरणें, रेत के टीले, पक्षियों की मीठी बोली और मन को लुभाने वाले फल-फूल हैं। यहाँ के आँगन सजे हुए होते हैं, और लोक संगीत व नृत्य जीवन में उत्साह भर देते हैं। इसके अलावा, कवि ने राजस्थान के लोगों की बहादुरी, ईमानदारी और आत्मसम्मान की भावना का भी ज़िक्र किया है। यह कविता राजस्थान की गौरवशाली परंपराओं को बहुत सुंदर ढंग से दर्शाती है। कवि ने हर छोटे तत्व को बड़े प्रेम से चित्रित किया है।
In simple words: कवि ने राजस्थान की सुंदरता, बहादुरी, संस्कृति और प्रकृति को बहुत अच्छे से बताया है। उन्होंने सूरज, रेत के टीले, पंछियों की आवाज़, फल-फूल, लोक संगीत, नृत्य और लोगों की हिम्मत की बात की है।
🎯 Exam Tip: ऐसे विस्तृत उत्तर में, प्राकृतिक दृश्यों, सांस्कृतिक प्रथाओं और मानवीय गुणों को अलग-अलग बिंदुओं में समझाएँ ताकि वर्णन स्पष्ट हो।
प्रश्न 2. “ईंरी धजा उड़ै गिगनारा” इस पंक्ति का क्या प्रतीकात्मक अर्थ है और यह पंक्ति कवि की किस भावना को प्रकट करती है?
Answer: इस पंक्ति का प्रतीकात्मक अर्थ यह है कि राजस्थान की वीरता, आत्मसम्मान और गौरव की पहचान इतनी ऊँची है कि उसकी ध्वजा आसमान तक फहराती है। यह दिखाता है कि राजस्थान का सम्मान दूर-दूर तक फैला हुआ है। यह पंक्ति कवि की गहरी देशभक्ति और अपनी मातृभूमि पर गर्व की भावना को प्रकट करती है। कवि यह बताना चाहते हैं कि राजस्थान की धरती पर जन्म लेने वाले लोग बहुत साहसी, निडर और गौरवशाली होते हैं, जिनका नाम इतिहास में हमेशा के लिए अमर रहता है। यह भाव भूमि के प्रति अगाध प्रेम को दर्शाता है।
In simple words: इस पंक्ति का मतलब है कि राजस्थान की बहादुरी और गौरव इतना बड़ा है कि उसकी पहचान आसमान तक पहुँचती है। यह कवि के गहरे देश प्रेम और अपनी मातृभूमि पर गर्व को दिखाता है।
🎯 Exam Tip: प्रतीकात्मक अर्थ बताते समय, मूल शब्द (धजा, गिगनारा) के साथ जुड़े गहरे भाव (गौरव, पहचान) को स्पष्ट करें और कवि की भावना (देशभक्ति, गर्व) को जोड़ें।
धरती धोरां री Summary in Hindi
कठिन शब्दार्थ और सरलार्थ-
धरती धोरां री! यह राजस्थान की रेतीली भूमि का वर्णन करती है।
आ तो सुरगां नै सरमावै, ईं पर देव रमण नै आवै, ईं रो जस नर-नारी गावै, धरती धोरां री! - यह धरती स्वर्ग को भी शर्मिंदा कर देती है, इस पर देवता भी घूमने आते हैं, और यहाँ के पुरुष और महिलाएँ इसकी प्रशंसा के गीत गाते हैं। यह राजस्थान की रेतीली धरती है।
सूरज कण-कण नै चमकावै, चंदो इमरत रस बरसावै, तारा निछावल कर ज्यावै, धरती धोरां री! - सूर्य यहाँ के हर कण को चमकाता है, चंद्रमा अमृत रस बरसाता है, तारे इस पर न्यौछावर हो जाते हैं। यह राजस्थान की रेतीली धरती है।
कठिन शब्दार्थ-धोरां = रेत के टीले। सुरगां = स्वर्ग। सरमावै = शर्मिंदा होना। जस = यश। नर-नारी = पुरुष और स्त्री। इमरत = अमृत। निछरावल = न्यौछावर।
काळ्य बादलिया घहरावै, बिरखा घूघरिया घमकावै, बिजली डरती ओला खावै, धरती धोरां री! - काले-काले बादल यहाँ मंडराते हैं, बारिश घुँघुरूओं की आवाज़ के साथ आती है, बिजली चमकती हुई ओले खा जाती है। यह राजस्थान की रेतीली धरती है।
लुळ लुळ बाजरियो लैरावै, मक्की झालो दे'र बुलावै, कुदरत दोन्यं हाथ लुटावै, धरती धोरां री! - बाजरा झूल-झूलकर लहराता है, मक्के की फसल इशारा करके बुलाती है, प्रकृति दोनों हाथों से अपनी देन लुटाती है। यह राजस्थान की रेतीली धरती है।
कठिन शब्दार्थ-बादलिया = बादल। बिरखा = बारिश। ओला खावै = छूती है। लुळ लुळ = झुक-झुक कर। झालो = इशारा करना। दोन्यू हाथ = दोनों हाथों से। कुदरत = प्रकृति।
सरलार्थ-रेगिस्तानी धरती पर काले-काले बादल गरजते हैं, बारिश की बूँदें तेज़ी से गिरती हैं, बिजलियाँ चमकती हैं और ओले गिरते हैं। इसका मतलब यह है कि वर्षाकाल में यहाँ का दृश्य बहुत मनमोहक हो जाता है। आसमान में सूर्य यहाँ के रेतीले कणों को चमकाता है तो रात में चंद्रमा शीतलता का अमृत-रस बरसाता है। सितारे तो इस धरती पर न्यौछावर होते हैं। इस धोरों की धरती पर प्रकृति का सौन्दर्य हमेशा बरसता रहता है। खेतों में लहराता हुआ बाजरा मानो झुक-झुककर बुला रहा है। मक्का भी इशारा देकर लोगों को निमंत्रित कर रहा है। धन-धान्य की समृद्धि देखकर ऐसा लगता है कि प्रकृति अपने दोनों हाथों से अपनी चीज़ें लुटा रही है। ऐसी यह रेतीली धोरों की धरती है। यहाँ के नजारे देखने लायक होते हैं।
पंछी मधरा-मधरा बोलै, मिसरी मीठे सुर स्यूं घोलै, झीणं बायरियो पंपोळे, धरती धोरां री! - पंछी मीठी-मीठी आवाज़ में बोलते हैं, उनकी बोली मिश्री जैसी मीठी लगती है, धीमी हवा सहलाती है। यह राजस्थान की रेतीली धरती है।
नारा नागौरी हिद् ताता, मदुआ ऊँट अणूंता खाथा, ईं रै घोड़ां री के बातां, धरती धोरां री! - नागौरी बैल बहुत मजबूत होते हैं, मदमस्त ऊँट खूब खाते हैं, यहाँ के घोड़ों की बात ही कुछ और है। यह राजस्थान की रेतीली धरती है।
कठिन शब्दार्थ – मधरा-मधरा = मधुर-मधुर। मिसरी = मिश्री। झीणं - धीमी। बायरियो = हवा। पंपोले = सहलाता है। नारा = बैल। मदुआ = मदमस्त। सगला = सभी। बड़-भागण = बहुत सौभाग्यशाली।
सरलार्थ-राजस्थान की धरती पर पक्षियों की मधुर-मधुर आवाज़ सुनाई देती है। उनके सुर इतने मीठे होते हैं कि मानो कानों में मिश्री घुल गई हो। साथ ही मंद गति से चलने वाली हवा सहलाती रहती है, ऐसी यह धोरों की धरती है।
यहाँ के प्रसिद्ध नागौरी बैल पूरे भारत में जाने जाते हैं। मदमस्त, अनोखे, उतावले ऊँट यहाँ पाये जाते हैं और यहाँ के घोड़ों की बात तो कुछ और ही है। यह धोरों की धरती पशु-सम्पदा से भी भरपूर है।
यहाँ की रेतीली भूमि पर खिलने वाले फल-फूल मन को भाने वाले हैं। यहाँ के घर-घर, आँगन-आँगन में दुधारू पशुओं की संपत्ति है। जो यहाँ जन्म लेते हैं, वे बड़े सौभाग्यशाली हैं। यह रेतीले टीलों की धरती महान है।
ईं पर तनड़ो-मनड़ो वारां, ईं पर जीवण-प्राण उवारां, ईं री धजा उड़ै गिगनारां, ईं रो मोटो भाग सरावां, धरती धोरां री! - इस पर तन-मन न्यौछावर हैं, इस पर जीवन-प्राण समर्पित हैं, इसकी ध्वजा आसमान में फहराती है, इसकी बड़ी किस्मत की हम सब सराहना करते हैं। यह राजस्थान की रेतीली धरती है।
इं नै मोत्यां थाल बधावां, ईं री धूल लिलाड़ लगावां, ईं रै सत री आण निभावां, ईं रै पत नै नहीं लजावां, ईं नै माथो भेंट चढ़ावां, मायड़ कोड़ां री, धरती धोरां री! - इसे मोतियों से थाल भरकर बधाई दें, इसकी धूल को माथे पर लगाएँ, इसके सत्य की मर्यादा निभाएँ, इसकी प्रतिष्ठा को कभी कम न होने दें, इसे अपना सिर भेंट चढ़ाएँ। यह हमारी मातृभूमि, हमारी धरती धोरां री है।
कठिन शब्दार्थ-उबारां = न्यौछावर करना। धजा = ध्वजा, झंडा। गिगनारा = गगन में। मायड़ = माता। लिलाड = ललाट। सरावां = सराहना करना। आण = आन, मर्यादा।
कवि हमें संबोधित करते हुए कहते हैं कि हमें इसकी सच्चाई और मर्यादा को हमेशा बनाए रखना चाहिए। इसकी प्रतिष्ठा कभी कम न हो, इसके लिए हमें हमेशा कोशिश करनी चाहिए। यदि इसकी मर्यादा की रक्षा के लिए हमें अपना सिर भी कुर्बान करना पड़े तो हमें पीछे नहीं हटना चाहिए। यह धरती माँ सबसे अच्छी है। मरुभूमि मेरी माँ के समान है।
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