RBSE Solutions Class 5 Hindi Chapter 10 दोहे और पद

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Detailed Chapter 10 दोहे और पद RBSE Solutions for Class 5 Hindi

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Class 5 Hindi Chapter 10 दोहे और पद RBSE Solutions PDF

आओ बात करें-

 

Question 1. दादू और मीरा के दोहों से आपने क्या समझा? अपने शब्दों में बताइए।
Answer: दादू के दोहे शिक्षा देने वाले और नैतिक बातों से भरे हैं। इन दोहों में दादू ने ज्ञान पाने और दूसरों की भलाई करने की भावना को समझाया है। दूसरी ओर, मीरा के दोहे भगवान कृष्ण के प्रति भक्ति और प्यार की भावना से भरपूर हैं। इन दोहों में मीरा का कृष्ण के लिए गहरा समर्पण दिखाई देता है, जैसे एक भक्त पूरी तरह अपने आराध्य में लीन हो जाता है।
In simple words: दादू के दोहे ज्ञान और भलाई सिखाते हैं, जबकि मीरा के दोहे कृष्ण के लिए उनके सच्चे प्यार और भक्ति को दिखाते हैं।

🎯 Exam Tip: जब भी आप किसी कवि के दोहों या पदों की व्याख्या करें, तो उनकी मुख्य भावनाओं और संदेश को स्पष्ट रूप से लिखें, जैसे भक्ति, ज्ञान या नैतिकता।

 

Question 2. यदि आपको कबीर, दादू या मीरा से मिलने का अवसर मिलता तो आप उनसे क्या प्रश्न पूछते?
Answer: यदि मुझे कबीर, दादू या मीरा से मिलने का मौका मिलता, तो मैं मीराबाई से पूछती कि उन्हें भगवान कृष्ण के किस रूप को अपनी आँखों में बसाना सबसे अच्छा लगता है और उन्हें कृष्ण की भक्ति से इतना गहरा प्रेम कैसे हुआ। मैं उनसे पूछती कि उन्होंने अपने जीवन की सभी मुश्किलों का सामना कृष्ण भक्ति के सहारे कैसे किया। उनकी भक्ति की इतनी गहराई से मुझे प्रेरणा मिलती।
In simple words: मैं मीराबाई से पूछती कि उन्हें कृष्ण का कौन सा रूप सबसे अच्छा लगता है और उन्हें उनकी भक्ति से इतना प्यार कैसे हो गया।

🎯 Exam Tip: ऐसे कल्पनाशील प्रश्नों का उत्तर देते समय, उस व्यक्ति के जीवन और कार्यों से संबंधित एक वास्तविक और दिलचस्प प्रश्न बनाने का प्रयास करें।

 

Question 4. क्या अभ्यास से हर कठिन कार्य को सरल बनाया जा सकता है? अपने अनुभव साझा करें।
Answer: हाँ, लगातार अभ्यास से किसी भी कठिन काम को आसान बनाया जा सकता है। बार-बार प्रयास करने से हमारे कौशल में सुधार होता है और मस्तिष्क में उस काम के लिए नए रास्ते बन जाते हैं। जैसे-जैसे हम किसी काम को बार-बार करते हैं, हमारा दिमाग उस काम को करने में अधिक कुशल हो जाता है। उदाहरण के लिए, जब मैंने पहली बार साइकिल चलाना सीखा, तो यह बहुत मुश्किल लगा, मैं बार-बार गिरता था। लेकिन मैंने हार नहीं मानी और हर दिन अभ्यास किया। कुछ समय बाद, मैं आसानी से साइकिल चलाने लगा। मेरा अनुभव है कि लगातार अभ्यास ही सफलता की कुंजी है।
In simple words: हाँ, अभ्यास से हर मुश्किल काम आसान हो जाता है। जब मैं साइकिल चलाता था, तो बार-बार गिरने के बाद भी लगातार अभ्यास से मैंने इसे सीख लिया।

🎯 Exam Tip: अपने उत्तर को मजबूत बनाने के लिए व्यक्तिगत अनुभवों या रोजमर्रा के उदाहरणों का उपयोग करें, खासकर जब प्रश्न "अपने अनुभव साझा करें" जैसा हो।

सोचो और लिखो-

1. सही उत्तर चुनो-

 

Question 1. 'रसरी आवत जात है, सिल पर करत निशान।' इस पंक्ति में किसका महत्त्व बताया गया है?
(क) प्रेम
(ख) धैर्य
(ग) निरंतर अभ्यास
(घ) त्याग
Answer: (ग) निरंतर अभ्यास
In simple words: यह पंक्ति हमें सिखाती है कि जैसे रस्सी के बार-बार आने-जाने से पत्थर पर निशान बन जाता है, वैसे ही लगातार कोशिश करने से कोई भी मुश्किल काम आसान हो जाता है।

🎯 Exam Tip: दोहों या कहावतों पर आधारित प्रश्नों में, उस कहावत के गहरे अर्थ को समझें ताकि सही विकल्प चुन सकें, जो यहाँ निरंतर अभ्यास है।

 

Question 2. मीरा किसके प्रति अपनी भक्ति व्यक्त कर रही हैं?
(क) दादू
(ख) कृष्ण
(ग) कबीर
(घ) तुलसीदास
Answer: (ख) कृष्ण
In simple words: मीराबाई अपने दोहों और पदों में सिर्फ भगवान कृष्ण की पूजा और प्रेम की बात करती हैं।

🎯 Exam Tip: कवियों और संतों के साहित्य को पढ़ते समय, उनके आराध्य या मुख्य विषय को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 3. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए-
(क) करत-करत अभ्यास के
(ख) मानसरोवर मांय जळ
(ग) दादू दीया है भला
Answer:
(क) करत-करत अभ्यास के - जड़मति होत सुजान।
(ख) मानसरोवर मांय जळ - प्यासा पीवै आय।
(ग) दादू दीया है भला - दिया करो सब कोय। एक दोहा अक्सर दो पंक्तियों में पूरा होता है, जिन्हें सही ढंग से जोड़ा जाना चाहिए।
In simple words: अभ्यास से मूर्ख भी समझदार बनता है, मानसरोवर का जल प्यासे को मिलता है, और दादू कहते हैं कि दिया तो भला है, इसलिए सभी को दान करना चाहिए।

🎯 Exam Tip: सुमेलित करने वाले प्रश्नों में, प्रत्येक पंक्ति का अर्थ समझें और फिर सही जोड़ी बनाने के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें, अक्सर ये पंक्तियाँ दोहों का हिस्सा होती हैं।

 

Question 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिये-
(क) रसरी आवत जात है, ______ पर परत निशान।
(ख) मीरा प्रभु ______ सुखदाई।
(ग) मोहनी मूरत, ______ सूरत, नैना बने बिसाल।
(घ) परमारथ रै कारणै ______ धारी देह।
Answer:
(क) रसरी आवत जात है, सिल पर परत निशान।
(ख) मीरा प्रभु संतन सुखदाई।
(ग) मोहनी मूरत, साँवरी सूरत, नैना बने बिसाल।
(घ) परमारथ रै कारणै च्यारां धारी देह। ये दोहे जीवन की सच्चाई और भक्ति सिखाते हैं।
In simple words: अभ्यास से पत्थर पर निशान पड़ता है, मीरा के प्रभु संतों को सुख देते हैं, कृष्ण की साँवली सूरत मन को मोह लेती है, और परोपकार के लिए चार तरह की चीजें शरीर धारण करती हैं।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, पूरे दोहे या वाक्य के संदर्भ को ध्यान में रखें ताकि सही शब्द का चयन कर सकें और उसका अर्थ सही रहे।

भाषा की बात-

1. नीचे दिए गए विशेषण शब्दों का वाक्यों में प्रयोग करें :

 

Question 1. (क) मीरा के कृष्ण ______ थे।
Answer: मीरा के कृष्ण भक्त वत्सल थे। 'भक्त वत्सल' का अर्थ है, भक्तों से प्यार करने वाला।
In simple words: मीरा के कृष्ण भक्तों से बहुत प्रेम करते थे।

🎯 Exam Tip: विशेषण शब्दों का प्रयोग करते समय, यह सुनिश्चित करें कि शब्द वाक्य के अर्थ और व्याकरण के अनुसार सही बैठे।

 

Question 1. (ख) अभ्यास करने से व्यक्ति ______ बन जाता है।
Answer: अभ्यास करने से व्यक्ति बुद्धिमान बन जाता है। निरंतर प्रयास से मुश्किल से मुश्किल काम भी आसान लगने लगता है।
In simple words: बार-बार अभ्यास करने से लोग चतुर बन जाते हैं।

🎯 Exam Tip: विशेषण को वाक्य में सही जगह पर रखें ताकि वह संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता ठीक से बताए।

 

Question 1. (ग) दादू ने लोगों को ______ करने की प्रेरणा दी।
Answer: दादू ने लोगों को दान करने की प्रेरणा दी। दान करना एक महान पुण्य का कार्य है।
In simple words: दादू ने लोगों को दान करने के लिए कहा।

🎯 Exam Tip: प्रेरणा वाले वाक्यों में, यह स्पष्ट करें कि किस अच्छे कार्य के लिए प्रेरित किया गया है।

 

Question 1. (घ) ईश्वर ______ होते हैं, उनका कभी नाश नहीं होता।
Answer: ईश्वर अविनाशी होते हैं, उनका कभी नाश नहीं होता। इसका अर्थ है कि ईश्वर हमेशा से हैं और हमेशा रहेंगे, वे अमर हैं।
In simple words: ईश्वर कभी खत्म नहीं होते, वे हमेशा रहते हैं।

🎯 Exam Tip: "अविनाशी" जैसे शब्दों का प्रयोग करते समय, उसका अर्थ और महत्व भी संक्षिप्त में समझाएं ताकि वाक्य और अधिक स्पष्ट हो जाए।

2. नीचे दिए गए शब्दों को सही क्रम में लगाकर वाक्य बनाइए-

 

Question 2. (क) अभ्यास / सफलता / निरंतर / दिलाता है।
Answer: निरन्तर अभ्यास सफलता दिलाता है। लगातार कोशिश करने से ही हमें अपने लक्ष्य मिलते हैं।
In simple words: बार-बार अभ्यास करने से हमें सफलता मिलती है।

🎯 Exam Tip: वाक्य को सही क्रम में लिखते समय, पहले कर्ता, फिर कर्म और अंत में क्रिया का प्रयोग करें ताकि वाक्य का अर्थ स्पष्ट हो।

 

Question 2. (ग) कृष्ण / मीरा / आराध्य / को / मानती / थी ।
Answer: मीरा कृष्ण को आराध्य मानती थी। मीराबाई कृष्ण को अपने ईश्वर और पूज्य मानती थीं।
In simple words: मीरा कृष्ण को अपना भगवान मानती थी।

🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक या धार्मिक संदर्भ वाले वाक्यों में, तथ्यों की सटीकता बनाए रखें।

 

Question 2. (घ) अभ्यास / से / बुद्धिमान / जड़मति / बनता है।
Answer: अभ्यास से जड़मति बुद्धिमान बनता है। इसका मतलब है कि लगातार प्रयास से कम बुद्धि वाला व्यक्ति भी समझदार बन सकता है।
In simple words: अभ्यास करने से एक कम बुद्धि वाला व्यक्ति भी होशियार बन जाता है।

🎯 Exam Tip: ऐसे वाक्यों में, शब्दों का सही क्रम चुनकर मुहावरे के अर्थ को बनाए रखें।

दोहे और पद प्रश्न उत्तर

बहुविकल्पात्मक प्रश्न-

 

Question 1. 'जड़मति' शब्द का विलोम है-
(अ) बुद्धिहीन
(ब) मूर्ख
(स) सुजान
(द) अयोग्य
Answer: (स) सुजान
In simple words: 'जड़मति' का मतलब है कम बुद्धि वाला या मूर्ख, और इसका उल्टा 'सुजान' होता है जिसका मतलब है समझदार।

🎯 Exam Tip: विलोम शब्द चुनते समय, दिए गए शब्द का सही अर्थ समझें और फिर उसके बिल्कुल विपरीत अर्थ वाले शब्द को चुनें।

 

Question 2. 'सत्कार' शब्द का अर्थ नहीं है-
(अ) आदर
(ब) खातिरदारी
(स) तिरस्कार
(द) सम्मान
Answer: (स) तिरस्कार
In simple words: 'सत्कार' का मतलब आदर और सम्मान देना है, जबकि 'तिरस्कार' का मतलब किसी का अनादर करना है।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, पहले यह पहचानें कि दिए गए शब्द के समानार्थी शब्द कौन से हैं, फिर जो शब्द मेल नहीं खाता, वही आपका उत्तर होगा।

 

Question 3. बिना आमन्त्रण या मान-मनुहार के हमें कहाँ नहीं जाना चाहिए-
(अ) विद्यालय में
Answer: बिना आमन्त्रण या मान-मनुहार के हमें किसी के घर नहीं जाना चाहिए। इस दोहे का अर्थ है कि जब तक कोई सम्मानपूर्वक न बुलाए, तब तक उनके घर में कदम नहीं रखना चाहिए।
In simple words: हमें किसी के घर तब तक नहीं जाना चाहिए जब तक वे हमें प्यार से बुलाएं नहीं।

🎯 Exam Tip: दोहों पर आधारित प्रश्नों में, दोहे के मुख्य नैतिक संदेश को समझकर उत्तर दें, भले ही विकल्पों में पूरी जानकारी न हो।

 

Question 4. 'परमारथ' शब्द का अर्थ है-
(अ) परमात्मा
(ब) महारथी
(स) दूसरों की भलाई
(द) अकल्याण
Answer: (स) दूसरों की भलाई
In simple words: 'परमारथ' का मतलब है दूसरों का भला करना या उनके लिए अच्छा काम करना।

🎯 Exam Tip: शब्दों के अर्थ से संबंधित प्रश्नों में, शब्द के मूल भाव को समझें। 'परम' यानी सर्वोच्च और 'अर्थ' यानी उद्देश्य, जिसका अर्थ है दूसरों का कल्याण।

 

Question 5. इस पाठ में 'मानसरोवर' शब्द प्रयुक्त हुआ है?
(अ) झील के लिए
(ब) पर्वत के लिए
(स) जगह के लिए
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (अ) झील के लिए
In simple words: 'मानसरोवर' शब्द का उपयोग एक पवित्र झील के लिए किया गया है जहाँ प्यासे अपनी प्यास बुझाते हैं।

🎯 Exam Tip: कविता या पाठ में प्रयुक्त विशिष्ट शब्दों का अर्थ समझने के लिए पूरे संदर्भ को ध्यान में रखें।

 

Question 6. 'देह' शब्द का समानार्थी शब्द है-
(अ) शरीर
(ब) काया
(स) तन
(द) उपरोक्त सभी
Answer: (द) उपरोक्त सभी
In simple words: 'देह' का मतलब शरीर है, और इसके अन्य समान अर्थ वाले शब्द 'काया' और 'तन' भी हैं।

🎯 Exam Tip: समानार्थी शब्द चुनते समय, यदि कई विकल्प सही लगते हैं, तो "उपरोक्त सभी" जैसे विकल्प पर ध्यान दें।

 

Question 7. "बसौ मेरे नैनन में नन्दलाल” पद में मीरा नन्दलाल के किस रूप को आँखों में बसाना चाहती है?
(अ) उनकी मोहिनी मूरत को
(ब) उनकी विशाल आँखों को
Answer: (अ) उनकी मोहिनी मूरत को
In simple words: मीरा भगवान कृष्ण की उस सुंदर और मन को मोह लेने वाली छवि को अपनी आँखों में हमेशा के लिए बसाना चाहती हैं।

🎯 Exam Tip: भक्ति पदों में, कवि अक्सर अपने आराध्य के रूप-सौंदर्य का वर्णन करते हैं; इसलिए, 'मोहिनी मूरत' जैसे शब्द प्रमुख होते हैं।

 

Question 8. इंजन क्या देखकर आता है?
(अ) रेलगाड़ी
(ब) सिग्नल
(स) यात्री
(द) स्टेशन
Answer: (ब) सिग्नल
In simple words: रेल का इंजन पटरी पर सिग्नल को देखकर आगे बढ़ता है, जैसे हमें कहीं जाने के लिए आमंत्रण का इंतजार करना चाहिए।

🎯 Exam Tip: यह प्रश्न एक उपमा से संबंधित है, जहाँ रेल के सिग्नल को आमंत्रण के प्रतीक के रूप में उपयोग किया गया है; इसे ध्यान में रखें।

 

Question 9. 'नूपुर सबद रसाल' यहाँ पर नुपूर का अर्थ है-
(अ) घुँघरू
(ब) आवाज
(स) पायल
(द) घंटियाँ
Answer: (स) पायल
In simple words: 'नूपुर' का मतलब पायल होता है, जिसकी मधुर ध्वनि को 'सबद रसाल' कहा गया है।

🎯 Exam Tip: कविता में प्रयुक्त विशेष शब्दों के अर्थ को याद रखें, खासकर वे जो किसी वस्तु के लिए इस्तेमाल किए गए हों।

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

 

Question 10. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।
(i) यो ______ रो देर।
(ii) सिल पर परत ______ ।
(iii) घर में धरा न पाइए, जो कर ______ न होय।
(iv) अधर ______ मुरली राजत।
Answer:
(i) यो छूतां रो ढेर।
(ii) सिल पर परत निशान
(iii) घर में धरा न पाइए, जो कर दिया न होय।
(iv) अधर सुधारस मुरली राजत। ये पंक्तियाँ विभिन्न दोहों के अंश हैं जो अभ्यास, दान और भक्ति का महत्व बताते हैं।
In simple words: ये पंक्तियां उन दोहों को पूरा करती हैं जो हमें बताते हैं कि अभ्यास से निशान बनते हैं, दान देने से ही कुछ मिलता है, और कृष्ण के होठों पर अमृत जैसी मुरली शोभा देती है।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरने के लिए दोहों को अच्छी तरह से याद करें और उनके अर्थ को समझें ताकि सही शब्द का चयन कर सकें।

 

Question 11. सत्य/असत्य बताइए।
(i) मीरा बाई श्रीराम की भक्ति करती थी।
(ii) रहट से गन्ने का रस निकालते हैं।
(iii) संतजन दूसरों के हित में कार्य करते हैं।
Answer:
(i) मीरा बाई श्रीराम की भक्ति करती थी। - असत्य (मीरा कृष्ण की भक्ति करती थीं।)
(ii) रहट से गन्ने का रस निकालते हैं। - असत्य (रहट से कुएँ से पानी निकालते हैं, गन्ने का रस चरखे से निकलता है।)
(iii) संतजन दूसरों के हित में कार्य करते हैं। - सत्य (संतजन हमेशा दूसरों की भलाई के लिए काम करते हैं।) हर कथन की सच्चाई को उसके मूल संदर्भ के आधार पर जांचना महत्वपूर्ण है।
In simple words: मीरा कृष्ण भक्त थीं, रहट से पानी निकलता है न कि गन्ने का रस, और संत लोग हमेशा दूसरों का भला करते हैं।

🎯 Exam Tip: सत्य-असत्य प्रश्नों में, प्रत्येक कथन को ध्यान से पढ़ें और उसकी सत्यता पाठ में दी गई जानकारी से सत्यापित करें।

 

Question 12. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए-

खण्ड 'अ'खण्ड 'ब'
1. रसरी आवत जात ते(क) नैना बने बिसाल।
2. वो तो खेत हरियो करे(ख) यो छूतां से ढेर।
3. मोहनी मूरत, साँवरी(ग) प्यासा पीवै आय। सूरत
4. मानसरोवर मायं जल(घ) सिल पर परत निशान।
Answer:
खण्ड 'अ'खण्ड 'ब'
1. रसरी आवत जात ते(घ) सिल पर परत निशान।
2. वो तो खेत हरियो करे(ख) यो छूतां से ढेर।
3. मोहनी मूरत, साँवरी(क) नैना बने बिसाल।
4. मानसरोवर मायं जल(ग) प्यासा पीवै आय। सूरत
प्रत्येक दोहे की पहली पंक्ति का मिलान उसकी दूसरी पंक्ति से करना होता है ताकि उसका अर्थ पूरा हो सके।
In simple words: रस्सी के आने-जाने से पत्थर पर निशान पड़ते हैं, खेत को हरा-भरा करने से ढेर सारे सूखे पत्ते मिलते हैं, कृष्ण की सुंदर साँवली मूर्ति और बड़ी-बड़ी आँखें हैं, और मानसरोवर का पानी प्यासे को मिलता है।

🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, पहले खंड 'अ' की प्रत्येक पंक्ति को पढ़ें और फिर खंड 'ब' में उसका सही पूरक ढूंढें, जो एक पूर्ण अर्थ वाला दोहा या वाक्य बनाता हो।

 

Question 2. मीरा के नेत्रों में कौन निवास करता है?
Answer: मीरा के नेत्रों में श्रीकृष्ण निवास करते हैं। मीराबाई ने अपने पदों में भगवान कृष्ण के मनमोहक रूप को अपनी आँखों में बसाने की इच्छा व्यक्त की है।
In simple words: मीरा की आँखों में भगवान कृष्ण रहते हैं।

🎯 Exam Tip: ऐसे सीधे प्रश्नों में, उत्तर को सीधे और स्पष्ट रूप से दें, बिना किसी अनावश्यक जानकारी के।

 

Question 3. कुएँ में से बार-बार पानी निकालते समय रस्सी से क्या होता है?
Answer: कुएँ में से बार-बार पानी निकालते समय रस्सी से पत्थर पर निशान पड़ जाता है। यह उदाहरण दिखाता है कि कैसे निरंतर प्रयास से कठिन से कठिन चीज पर भी प्रभाव पड़ता है।
In simple words: कुएँ से बार-बार पानी निकालते समय रस्सी पत्थर पर निशान बना देती है।

🎯 Exam Tip: यह प्रश्न 'करत-करत अभ्यास के...' दोहे से संबंधित है; दोहे के अर्थ को समझकर ही उत्तर दें।

 

Question 4. श्रीकृष्ण के हृदय पर क्या सुशोभित हो रही है?
Answer: श्रीकृष्ण के हृदय पर वैजयन्ती माला सुशोभित हो रही है। यह माला उनके सौंदर्य को और बढ़ाती है और उनकी दिव्य छवि का हिस्सा है।
In simple words: श्रीकृष्ण के दिल पर वैजयन्ती माला बहुत सुंदर लगती है।

🎯 Exam Tip: भगवान के वेशभूषा या आभूषण से संबंधित प्रश्नों में, सटीक नाम और विशेषता का उल्लेख करें।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-

 

Question 1. 'पर घर पग नी मेलणों, बिना मान मनवार' इस दोहे का क्या संदेश है?
Answer: इस दोहे का संदेश यह है कि जब तक आपको कोई व्यक्ति मान-सम्मान के साथ अपने घर पर आमंत्रित न करे, तब तक आपको उसके घर में नहीं जाना चाहिए। यदि आप बिना बुलाए जाते हैं, तो आपके अपमानित होने का डर रहता है। इस दोहे में सामाजिक शिष्टाचार और विनम्रता का महत्व समझाया गया है, कि हमें हमेशा दूसरों के सम्मान का ध्यान रखना चाहिए।
In simple words: यह दोहा सिखाता है कि बिना बुलाए या सम्मान के किसी के घर नहीं जाना चाहिए, वरना अपमान हो सकता है।

🎯 Exam Tip: दोहे के संदेश को स्पष्ट करने के लिए, उसके शाब्दिक अर्थ के साथ-साथ उसके निहित नैतिक पाठ को भी समझाएं।

 

Question 2. “परमारथ रे कारणै, च्यारां धारी देहा” यहाँ पर परमारथ के कारण कौन चारों देह धारण करते हैं?
Answer: इस दोहे में परोपकार (दूसरों की भलाई) के लिए चार चीजें शरीर धारण करती हैं: सरोवर, तरवर, संतजन और वर्षा। सरोवर दूसरों की प्यास बुझाने के लिए पानी भरता है। वृक्ष (तरवर) फल और छाया देकर दूसरों को लाभ पहुंचाते हैं। संतजन अपने श्रेष्ठ आचरण से सदाचार और सही व्यवहार की शिक्षा देते हैं, जबकि वर्षा पृथ्वी को हरा-भरा करके सभी जीवों का भला करती है। इस प्रकार, ये चारों परमार्थ (परोपकार) के लिए ही अपना अस्तित्व बनाए रखते हैं और कभी स्वार्थी नहीं होते।
In simple words: दूसरों की भलाई के लिए तालाब, पेड़, अच्छे लोग (संत) और बारिश - ये चार चीजें अपना जीवन जीते हैं।

🎯 Exam Tip: परोपकार के उदाहरण देते समय, प्रत्येक उदाहरण (जैसे सरोवर, तरवर) के कार्य को स्पष्ट करें और बताएं कि वह कैसे दूसरों की भलाई करता है।

 

Question 4. "दादू दीया है भला जो कर दिया न होय।” यह दोहा किस प्रकार की शिक्षा प्रदान करता है?
Answer: यह दोहा हमें यह शिक्षा देता है कि जैसे दीपक दूसरों को रोशनी देकर उनका भला करता है, उसी प्रकार हमें भी अपने हाथों से दूसरों को दान-पुण्य करना चाहिए। दादू कहते हैं कि जो धन घरों में जमा रहता है, वह हमारे किसी काम नहीं आता। असली पुण्य तो उसी काम में है जो हम अपने हाथों से दूसरों के लिए करते हैं। यह दोहा निस्वार्थ भाव से दान करने और परोपकार का महत्व बताता है।
In simple words: यह दोहा सिखाता है कि जैसे दीपक दूसरों को प्रकाश देता है, वैसे ही हमें भी दान करना चाहिए क्योंकि जो दिया जाता है, वही अंत में हमारे साथ रहता है।

🎯 Exam Tip: दादू के दोहे नैतिक मूल्यों पर केंद्रित होते हैं; उत्तर देते समय उनके मूल शिक्षा बिंदु को स्पष्ट रूप से उजागर करें।

दीर्घउत्तरीय एवं निबन्धात्मक प्रश्न-

 

Question 1. इस पाठ से हमें क्या शिक्षा मिलती है? कोई पाँच बताइए।
Answer: इस पाठ से हमें नैतिक व्यवहार से संबंधित कई शिक्षाएँ मिलती हैं, जिनमें से पाँच प्रमुख इस प्रकार हैं:
1. जीवन में प्रेम, संबंध और लगाव बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, इनके बिना जीवन अधूरा लगता है। हमें अपने रिश्तों को संभालकर रखना चाहिए।
2. हमें हमेशा कड़ी मेहनत और प्रयास से काम करना चाहिए और किसी भी चीज का अधिक उपयोग नहीं करना चाहिए। सीमित संसाधनों का समझदारी से उपयोग करना चाहिए।
3. बार-बार अभ्यास करने से कम बुद्धि वाला व्यक्ति भी चतुर बन जाता है। अभ्यास हमें किसी भी काम में माहिर बना देता है।
4. सभी को ज्ञान प्राप्त करना चाहिए, क्योंकि ज्ञान के बिना धैर्य और शांति नहीं मिल सकती। ज्ञान हमें सही दिशा दिखाता है।
5. हमें अपने जीवन में परोपकार की भावना को अपनाना चाहिए। दूसरों की मदद करना ही सबसे बड़ा धर्म है।
In simple words: इस पाठ से हमें प्यार, मेहनत, अभ्यास, ज्ञान और दूसरों की भलाई करने जैसी महत्वपूर्ण बातें सीखने को मिलती हैं।

🎯 Exam Tip: जब कई बिंदु लिखने हों, तो प्रत्येक बिंदु को स्पष्ट और संक्षिप्त रखें और प्रयास करें कि हर बिंदु एक अलग शिक्षा पर केंद्रित हो।

 

Question 2. 'बसो मेरे नैनन में नन्दलाल' इस पद में मीराबाई श्रीकृष्ण के मनमोहक रूप का चित्रण करती है, इसे अपने शब्दों में लिखिए।
Answer: 'बसो मेरे नैनन में नन्दलाल' इस पद में मीराबाई भगवान श्रीकृष्ण को 'नन्दलाल' कहकर संबोधित करती हैं और उनसे अपनी आँखों में बस जाने की इच्छा व्यक्त करती हैं। वह कहती हैं कि श्रीकृष्ण की साँवली सूरत है, उनका व्यक्तित्व मन को मोह लेने वाला है, और उनकी आँखें बहुत बड़ी-बड़ी हैं। श्रीकृष्ण के अधरों पर अमृत जैसे रस से भरी मुरली सुशोभित हो रही है। उनके हृदय पर वैजयन्ती माला शोभायमान है, कमर में करधनी बंधी है, और पैरों में घुंघरू अत्यंत मधुर ध्वनि करते हैं। मीरा कहती हैं कि उनके प्रभु श्रीकृष्ण संतों को सुख देते हैं और भक्तों के लिए बहुत प्यारे हैं, हमेशा उनकी रक्षा करते हैं।
In simple words: मीराबाई इस भजन में कृष्ण के सुंदर रूप का वर्णन करती हैं: उनकी साँवली सूरत, बड़ी आँखें, होठों पर मुरली, गले में माला और कमर पर करधनी, पैरों में पायल। वह कहती हैं कि कृष्ण संतों को सुख देने वाले और भक्तों से प्रेम करने वाले हैं।

🎯 Exam Tip: किसी कवि द्वारा किए गए चित्रण का वर्णन करते समय, उनके द्वारा उपयोग किए गए विशेषणों और अलंकरणों को शामिल करें ताकि उत्तर अधिक प्रभावशाली बने।

दोहे और पद Summary in Hindi

कठिन शब्दार्थ और सरलार्थ-

कठिन शब्दार्थ – पर घर = दूसरे के घर। पग नी मेलणों = कदम नहीं रखना। विना = बिना। मान = सम्मान। मनवार = मनुहार, सम्मानपूर्वक आग्रह।

सरलार्थ – जब तक आपको सम्मानपूर्वक आमंत्रित नहीं किया जाता, तब तक किसी के घर में कदम न रखें। एक रेल इंजन भी सिग्नल द्वारा आमंत्रित किए जाने पर ही स्टेशन पर पहुँचता है। इस दोहे में सामाजिक शिष्टाचार और विनम्रता का पाठ सिखाया है। किसी के घर में बिना बुलाए या बिना अनुमति लिए नहीं जाना चाहिए।

रेंठ फैर चरक्यो फैर, पण फरवा में फेर।
वो तो वाड़ हरयौ करै, यो छूता रो ढेर ॥ 2 ॥

कठिन शब्दार्थ – रहट = कुएँ से पानी निकालने के लिए एक पुरानी तकनीक। चरखो = गन्ने का रस निकालने का चरखा। पण = लेकिन। फरवा = फिरना, चक्र काटना। हरियो = हरा। छूतां = सूखे छिलके।

सरलार्थ – प्रस्तुत दोहे में बताया है कि रहट के फिरने और गन्ने का रस निकालने वाले चरखे के घूमने-घूमने में ही फर्क है। रहट घूमने की प्रक्रिया से खेत हरे-भरे हो जाते हैं। जबकि गन्ने का रस निकालने वाले चरखे से सूखे छिलकों का ढेर हो जाता है। कहने का आशय है कि कार्य दोनों के समान हैं किन्तु एक हरियाली फैलाता तो दूसरा कचरा फैलाता है।

कबीर
करत-करत अभ्यास के, जड़मति होत सुजान।
रसरी आवत जात ते, सिल पर परत निशान ॥ 1 ॥

कठिन शब्दार्थ – करत-करत = बार-बार। अभ्यास = प्रयास। जड़मति = मन्दबुद्धि। सुजान = समझदार, चतुर। रसरी = रस्सी। सिल = पत्थर। निशान = चिह्न।

परमारथ रै कारणै, च्यारां धारी देह ॥ 2 ॥

कठिन शब्दार्थ – सरवर = सरोवर, तालाब। तरवर = एक बड़ा या श्रेष्ठ वृक्ष। संतजन = सज्जन व्यक्ति। बरसै = बरसना। मेह = वर्षा। परमारथ = दूसरों की भलाई, कल्याण। देह = शरीर।

सरलार्थ – प्रस्तुति दोहे में परोपकार का महत्व बताया गया है। सरोवर, वृक्ष, सन्तजन एवं चौथा वर्षा बरसना। ये चारों परोपकार के लिए ही शरीर धारण करते हैं। अर्थात् वे कभी भी स्वार्थी नहीं होते हैं।

दादू दयाल
मानसरोवर मांय जळ, प्यासा पीवै आय।
दादू दोष न दीजिए, घर-घर कहण न जाय॥ 1

कठिन शब्दार्थ – मानसरोवर = मानसरोवर झील। मायं = के अन्दर। प्यासा = जिसे प्यास लगी हो। पीवै = पीने के लिए। कहण = कहना।

सरलार्थ-प्रस्तुत दोहे में मानसरोवर झील की महत्ता को चित्रित किया है। मानसरोवर झील में जो भी प्यासा है वो पानी पीने के लिए आता है। दादूदयाल जी कहते हैं कि दोष देने की बात नहीं है किसी को भी घर-घर कहने नहीं जाते कि तुम मानसरोवर झील से अपनी प्यास बुझाओ। सब अपनी आवश्यकता की पूर्ति के लिए ही मानसरोवर झील पर जाते हैं।

दादू दीया है भला, दिया करो सब कोय।
घर में धरा न पाइए, जो कर दिया न होय॥ 2 ॥

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