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Detailed Chapter 9 जनसंचार, सामाजिक परिवर्तन एवं सामाजिक आन्द RBSE Solutions for Class 12 Sociology
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Class 12 Sociology Chapter 9 जनसंचार, सामाजिक परिवर्तन एवं सामाजिक आन्द RBSE Solutions PDF
Rbse Class 12 Sociology Chapter 9 अभ्यासार्थ प्रश्न
Rbse Class 12 Sociology Chapter 9 वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 1. निम्न में कौन - सी इकाई जनसंचार से संबंधित है -
(a) समय
(b) संदेश
(c) संस्था
(d) समुदाय
Answer: (b) संदेश
In simple words: जनसंचार में एक संदेश ही वह मुख्य चीज होती है जिसे लोगों तक पहुँचाया जाता है, जैसे खबर या कोई बात। संदेश ही जानकारी का मूल हिस्सा है.
🎯 Exam Tip: जनसंचार की इकाइयों में स्रोत, संदेश, माध्यम और लक्ष्य शामिल होते हैं। यह समझना जरूरी है कि हर इकाई का क्या काम है.
Question 2. संबंधित नहीं है –
Answer: इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए और जानकारी चाहिए, क्योंकि प्रश्न अधूरा है.
In simple words: यह सवाल पूरा नहीं है, इसलिए इसका जवाब नहीं दिया जा सकता.
🎯 Exam Tip: अधूरे प्रश्नों के लिए, यह पहचानना महत्वपूर्ण है कि जानकारी अधूरी है और आगे स्पष्टीकरण की आवश्यकता है.
Question 3. सीताराम दास कौन से आंदोलन से जुड़े थे?
(a) बिजौलिया
(b) भगत
(c) खेजड़ली
(d) आर्य समाज
Answer: (a) बिजौलिया
In simple words: सीताराम दास ने बिजौलिया किसान आंदोलन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिससे किसानों को न्याय मिल सके. यह आंदोलन किसानों के हकों के लिए लड़ा गया था.
🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक आंदोलनों के प्रमुख नेताओं और उनके योगदान को याद रखना महत्वपूर्ण है.
Question 4. भगत आंदोलन का केन्द्र क्या था?
(a) टाटगढ़
(b) मानगढ़
(c) खेजड़ली
(d) बिजौलिया
Answer: (b) मानगढ़
In simple words: भगत आंदोलन का मुख्य केंद्र मानगढ़ की पहाड़ी था, जहाँ गोविंद गुरु ने भील समुदाय को इकट्ठा किया था. इस जगह ने आंदोलन को एक मजबूत पहचान दी.
🎯 Exam Tip: आंदोलन के नाम के साथ उसका केंद्र और प्रमुख व्यक्ति हमेशा याद रखें.
Rbse Class 12 Sociology Chapter 9 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. जनसंचार का अर्थ क्या है?
Answer: जब कोई खबर या संदेश किसी माध्यम जैसे अखबार, टीवी या रेडियो से बहुत सारे लोगों तक पहुँचता है, तो उसे जनसंचार कहते हैं. इसका मुख्य काम जानकारी फैलाना होता है.
In simple words: जनसंचार वह प्रक्रिया है जब कोई जानकारी बड़े समूह तक किसी माध्यम से पहुँचती है.
🎯 Exam Tip: जनसंचार की परिभाषा में 'संदेश', 'माध्यम' और 'आमजन तक पहुँच' ये तीन मुख्य शब्द होने चाहिए.
Question 2. जनसंचार की प्रमुख इकाइयों के नाम लिखिए।
Answer: जनसंचार की मुख्य तीन इकाइयाँ हैं: स्रोत (जहाँ से संदेश निकलता है), संदेश (जो जानकारी दी जानी है), और लक्ष्य (जिन लोगों तक संदेश पहुँचाना है). ये सभी इकाइयाँ मिलकर जनसंचार को पूरा करती हैं.
In simple words: जनसंचार के तीन मुख्य हिस्से हैं - स्रोत, संदेश और लक्ष्य.
🎯 Exam Tip: जनसंचार के मूलभूत तत्वों को पहचानना और उनका सही क्रम समझना महत्वपूर्ण है.
Question 3. सामाजिक आंदोलन किसे कहते हैं?
Answer: समाज में जब कोई समूह या कई लोग मिलकर किसी खास बदलाव को लाने या रोकने के लिए कोशिश करते हैं, तो उसे सामाजिक आंदोलन कहा जाता है. ये प्रयास अक्सर किसी खास उद्देश्य के लिए होते हैं.
In simple words: सामाजिक आंदोलन तब होता है जब लोग मिलकर समाज में कोई बदलाव लाना चाहते हैं.
🎯 Exam Tip: सामाजिक आंदोलन की परिभाषा में 'सामूहिक प्रयास' और 'वांछित परिवर्तन' जैसे शब्दों का उपयोग करें.
Question 5. सामाजिक आंदोलन के किन्हीं दो तत्त्वों को बताइए।
Answer: सामाजिक आंदोलन के दो मुख्य तत्व हैं: विचारधारा (जिस सोच पर आंदोलन टिका है) और स्रोत (आंदोलन को चलाने के लिए जरूरी समर्थन और संसाधन). ये दोनों तत्व आंदोलन को दिशा और ताकत देते हैं.
In simple words: सामाजिक आंदोलन में एक खास विचार (विचारधारा) और उसे चलाने के लिए साधन (स्रोत) होते हैं.
🎯 Exam Tip: सामाजिक आंदोलन के तत्वों को परिभाषित करते समय, प्रत्येक तत्व के महत्व पर भी संक्षिप्त टिप्पणी करें.
Question 6. बिजौलिया किसान आंदोलन कब प्रारंभ हुआ?
Answer: बिजौलिया किसान आंदोलन की शुरुआत 1899 में हुई थी. यह उस समय पड़े बड़े अकाल के कारण शुरू हुआ था, जिसने किसानों की हालत खराब कर दी थी.
In simple words: बिजौलिया किसान आंदोलन 1899 में एक बड़े अकाल के कारण शुरू हुआ था.
🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक घटनाओं में वर्ष और मुख्य कारण को हमेशा याद रखना चाहिए.
Question 7. भगत आंदोलन का संचालन किसने किया था?
Answer: भगत आंदोलन का संचालन गोविंद गुरु ने किया था. वे बंजारा समुदाय से थे और उन्होंने इस समुदाय के लोगों में सुधार लाने का काम किया.
In simple words: भगत आंदोलन गोविंद गुरु ने चलाया था, जो बंजारा समुदाय के थे.
🎯 Exam Tip: आंदोलन के नेतृत्वकर्ता का नाम और वे किस समुदाय से जुड़े थे, यह बताना महत्वपूर्ण है.
Question 8. खेजड़ली आंदोलन का प्रमुख कारण क्या था?
Answer: खेजड़ली आंदोलन का मुख्य कारण खेजड़ी के हरे पेड़ों की बड़े पैमाने पर हो रही कटाई को रोकना था. लोग पेड़ों को बचाने के लिए आगे आए और इसका विरोध किया.
In simple words: खेजड़ी के हरे पेड़ों को कटने से बचाना इस आंदोलन का मुख्य कारण था.
🎯 Exam Tip: पर्यावरणीय आंदोलनों में पेड़-पौधों के संरक्षण के महत्व पर जोर देना चाहिए.
Question 9. ब्रह्म समाज की स्थापना किसने की थी?
Answer: ब्रह्म समाज की स्थापना 1828 में राजा राममोहन राय ने की थी. उन्होंने समाज में सुधार लाने के लिए यह संस्था बनाई.
In simple words: ब्रह्म समाज की स्थापना राजा राममोहन राय ने 1828 में की थी.
🎯 Exam Tip: सामाजिक सुधार आंदोलनों में संस्थापक और वर्ष दोनों याद रखना महत्वपूर्ण है.
Question 10. स्वामी विवेकानंद ने किस संस्था की स्थापना की?
Answer: स्वामी विवेकानंद ने 1897 में रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी. इस मिशन का उद्देश्य मानवता की सेवा और आध्यात्मिक विकास था.
In simple words: स्वामी विवेकानंद ने 1897 में रामकृष्ण मिशन की स्थापना की.
🎯 Exam Tip: धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के संस्थापक और उनके उद्देश्यों को याद रखना चाहिए.
Question 11a. ब्रह्म समाज के उद्देश्य बताइए।
Answer: ब्रह्म समाज के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित थे:
1. लोगों के बीच भाईचारे की भावना बढ़ाना.
2. स्त्री-पुरुष के बीच की असमानता को खत्म करना.
3. कई देवी-देवताओं की पूजा और मूर्ति पूजा का विरोध करना.
4. बाल विवाह और जाति प्रथा को रोकना.
5. महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना.
6. 'शुद्धि आंदोलन' के जरिए धर्म बदलने वाले हिंदुओं को वापस हिंदू धर्म में लाना.
7. समाज में एकता और धार्मिक सौहार्द बढ़ाना.
8. सभी लोगों के प्रति प्यार और स्नेह की भावना फैलाना. यह समाज सुधार और धार्मिक सहिष्णुता के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास था.
In simple words: ब्रह्म समाज का लक्ष्य भाईचारा बढ़ाना, लैंगिक समानता लाना, मूर्ति पूजा का विरोध करना, बाल विवाह और जाति प्रथा रोकना, महिला शिक्षा को बढ़ावा देना, और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना था.
🎯 Exam Tip: किसी भी सामाजिक सुधार आंदोलन के उद्देश्यों को बिंदुवार और स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करना चाहिए.
Question 11. रामकृष्ण मिशन की स्थापना के उद्देश्य समझाइए।
Answer: रामकृष्ण मिशन की स्थापना 1897 में स्वामी विवेकानंद ने की थी. इसके मुख्य उद्देश्य इस प्रकार थे:
1. जाति प्रथा का विरोध करना और ब्राह्मणों के अधिकारवाद को चुनौती देना.
2. मानवता की सेवा के जरिए लोगों का भला करना.
3. छुआछूत जैसी समस्याओं को खत्म करना.
4. आम लोगों के जीवन में पश्चिमी देशों की नकल करने से रोकना.
5. 'बहुजन हिताय: बहुजन सुखाय' (सभी के कल्याण) के सिद्धांत पर आधारित मानव सेवा के काम करना. यह मिशन धर्म और समाज सेवा को एक साथ जोड़ता था.
In simple words: रामकृष्ण मिशन के उद्देश्य जातिवाद, छुआछूत और पश्चिमी प्रभाव को कम करना, गरीबों की सेवा करना और सभी के कल्याण के लिए काम करना था.
🎯 Exam Tip: रामकृष्ण मिशन के उद्देश्यों में 'मानव सेवा' और 'आध्यात्मिक विकास' के महत्व को रेखांकित करना न भूलें.
Rbse Class 12 Sociology Chapter 9 निबंधात्मक प्रश्न
Question 1. जनसंचार के अवधारणात्मक पक्ष को समझाते हुए इसकी संरचना की विवेचना कीजिए।
Answer: जनसंचार का अवधारणात्मक पक्ष:
समाजशास्त्र के अनुसार, जनसंचार एक सामाजिक प्रक्रिया है. इसमें सूचनाओं और संदेशों को एक जगह से दूसरी जगह तक पहुँचाया जाता है. लारसेन के अनुसार, जनसंचार वह प्रक्रिया है जिसमें एक ही समय में बहुत सारे लोगों तक कोई संदेश किसी गैर-व्यक्तिगत माध्यम से पहुँचाया जाता है. ऐसे माध्यम जैसे प्रेस, रेडियो, सिनेमा और टीवी सीधे अपने दर्शकों या पाठकों तक संदेश पहुँचाते हैं. ये संदेश नियमित और तात्कालिक दोनों तरह के हो सकते हैं.
जनसंचार की संरचना:
जनसंचार की संरचना को तीन मुख्य हिस्सों में समझा जा सकता है:
1. **प्रथम इकाई 'स्रोत':** यह जनसंचार का पहला हिस्सा है, जहाँ से कोई विचार या घटना शुरू होती है. उदाहरण के लिए, किसी नेता का भाषण या कोई घटना जो जनसंचार का आधार बनती है, स्रोत कहलाती है.
2. **दूसरी इकाई 'संदेश':** यह जनसंचार का दूसरा हिस्सा है, जिसे प्रतीकात्मक रूप में या किसी भाषा में व्यक्त किया जा सकता है. इसे 'विषय-वस्तु' भी कहते हैं. यह कोई बयान या घटना हो सकती है, जैसे हिंसा के लिए उकसाना, जो जनसंचार का संदेश होता है.
3. **तीसरी इकाई 'लक्ष्य':** यह जनसंचार का तीसरा हिस्सा है. लक्ष्य वह जनसमूह होता है जिसके लिए संदेश भेजा जाता है और जिससे नए विचार बनते हैं. जनसमूह के विचारों और व्यवहारों को बदलने के लिए उन तक जानकारी पहुँचाना ही जनसंचार है. यह तीन इकाइयाँ मिलकर जनसंचार की प्रक्रिया को पूरा करती हैं. समाज में विचारों के प्रसार के लिए ये सभी तत्व मिलकर काम करते हैं.
In simple words: जनसंचार का मतलब है, बड़े समूह तक जानकारी पहुँचाना. इसकी संरचना में तीन मुख्य भाग होते हैं: स्रोत (जहाँ से जानकारी आती है), संदेश (जो जानकारी भेजी जाती है), और लक्ष्य (जिन लोगों तक जानकारी पहुँचती है).
🎯 Exam Tip: जनसंचार के अवधारणात्मक पक्ष और उसकी संरचना को समझाते हुए, प्रत्येक घटक का स्पष्टीकरण उदाहरणों के साथ दें.
Question 2. सामाजिक आंदोलन के प्रमुख तत्वों का वर्णन करिए।
Answer: सामाजिक आंदोलन के प्रमुख तत्व इस प्रकार हैं:
1. **विचारधारा:** सामाजिक आंदोलन एक मजबूत विचारधारा पर आधारित होते हैं. यह विचारधारा आंदोलन की स्थिति को समझने में मदद करती है और उसकी पूरी योजना बताती है. इसी के आधार पर आंदोलन के उद्देश्य और उन्हें पाने के तरीके तय होते हैं.
2. **चमत्कारी नेतृत्व:** आंदोलन की विचारधारा को लोगों तक सही तरीके से पहुँचाने के लिए एक प्रभावशाली नेता बहुत जरूरी होता है. बिना अच्छे नेतृत्व के कोई आंदोलन सफल नहीं हो सकता. नेता पर ही निर्भर करता है कि कितने लोग आंदोलन से जुड़ेंगे.
3. **कटिबद्ध अनुयायी:** आंदोलन को सफल बनाने के लिए मजबूत और समर्पित समर्थक चाहिए होते हैं. अनुयायियों के कारण ही आंदोलन सभी तरह की चुनौतियों का सामना कर पाता है.
4. **व्यूह-योजना:** यह पूरे आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से चलाने की योजना होती है. यह नेतृत्व और अनुयायियों को अपनी क्षमताएं दिखाने का मौका देती है. उपरोक्त तत्वों से आंदोलन को एक नई दिशा मिलती है और वह सफल होता है. यह योजना आंदोलन की दिशा तय करती है और उसे मजबूत बनाती है.
In simple words: सामाजिक आंदोलन के मुख्य तत्व विचारधारा (सोच), चमत्कारी नेतृत्व (नेता), कटिबद्ध अनुयायी (समर्थक) और व्यूह-योजना (रणनीति) होते हैं.
🎯 Exam Tip: सामाजिक आंदोलन के तत्वों को समझाते समय, प्रत्येक तत्व के महत्व और आंदोलन की सफलता में उसकी भूमिका को स्पष्ट करें.
Question 3. बिजौलिया किसान आंदोलन के घटनाक्रम की विवेचना कीजिए।
Answer: बिजौलिया किसान आंदोलन के जनक विजय सिंह पथिक थे, जिनका असली नाम भूपसिंह गुर्जर था. उनसे पहले साधु सीताराम दास ने इस आंदोलन का नेतृत्व किया था. विजय सिंह पथिक 1916 में बिजौलिया पहुँचे और आंदोलन की कमान संभाली. उन्होंने किसानों को एकजुट करके सामंती व्यवस्था के खिलाफ लोगों में जागरूकता पैदा की. माणिक्यलाल वर्मा भी पथिक के संपर्क में आए और किसानों को सामंती शोषण और उत्पीड़न के खिलाफ जागरूक किया.
बिजौलिया किसान आंदोलन के घटनाक्रम को निम्न बिंदुओं से समझा जा सकता है:
1. ब्रिटिश राज में जागीर प्रथा और सामंती शासन व्यवस्था बहुत मजबूत थी. आंदोलन में किसानों का शोषण और ठिकानेदारों द्वारा लगान वसूली मुख्य कारण थे. किसानों को एकजुट करने की कोशिशें हुईं.
2. विजय सिंह पथिक ने हर गाँव में किसान पंचायत की शाखाएँ खोलीं.
3. किसान पंचायतों का मुख्य उद्देश्य भूमिकर, अधिभार और बेगार से किसानों को मुक्त कराना था.
4. किसान पंचायतों ने भूमिकर देने से मना कर दिया, जिससे यह आंदोलन दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणा बन गया.
5. साहूकार किसानों का शोषण कर रहे थे, क्योंकि जमींदार उनका समर्थन करते थे. लेकिन किसान आंदोलन लगातार मजबूत होता रहा.
6. विजय सिंह पथिक की कोशिशों से 1920 में अजमेर में 'राजस्थान सेवा संघ' की स्थापना हुई, जिससे आंदोलन को और गति मिली.
7. ब्रिटिश सरकार आंदोलन के बड़े नेताओं और संगठन से बात करने को तैयार हो गई और राजस्थान के ए. जी. जी., हॉलैंड को बातचीत के लिए नियुक्त किया गया.
8. ब्रिटिश सरकार के प्रतिनिधि ने किसान पंचायत बोर्ड और राजस्थान सेवा संघ से बात की. जल्दी ही दोनों पक्षों में समझौता हो गया और किसानों की बड़ी जीत हुई. यह आंदोलन किसानों के अधिकारों के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया.
In simple words: बिजौलिया किसान आंदोलन विजय सिंह पथिक के नेतृत्व में शुरू हुआ था, जिसमें किसानों ने जागीर प्रथा और शोषण के खिलाफ लड़ाई लड़ी. इसमें किसान पंचायतें बनाई गईं और अंत में ब्रिटिश सरकार से समझौता हुआ, जिससे किसानों को राहत मिली.
🎯 Exam Tip: बिजौलिया किसान आंदोलन के घटनाक्रम को चरणबद्ध तरीके से प्रस्तुत करें, जिसमें प्रमुख घटनाओं और नेताओं का उल्लेख हो.
Question 4. खेजड़ली आंदोलन की घटना का वर्णन कीजिए। इससे क्या संदेश मिला समझाइए?
Answer: खेजड़ली आंदोलन की सबसे बड़ी घटना सितंबर 1730 में हुई थी. भारतीय पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की दसवीं तिथि को पर्यावरण सुरक्षा के लिए बलिदान का दिन माना जाता है. इस दिन अमृता देवी को पता चला कि जोधपुर महाराजा के लोग खेजड़ी गाँव में पेड़ों की कटाई के लिए आए थे. उनका मकसद पेड़ों को काटकर चूना बनाने के लिए इस्तेमाल करना था, जिससे महाराजा के लिए नया महल बनाया जा सके. खेजड़ी के पेड़ वहाँ आसानी से मिल जाते थे.
यह इलाका रेगिस्तान का हिस्सा था, लेकिन खेजड़ी के बहुत सारे पेड़ों के कारण यह क्षेत्र हरा-भरा था. अमृता देवी ने ठान लिया कि वे किसी भी कीमत पर एक भी पेड़ नहीं कटने देंगी. उन्होंने इसके बदले अपनी जान देने का फैसला किया और अपना बलिदान स्वीकार किया.
उनके साथ उनकी तीनों बेटियों ने भी अपनी जान दे दी. अमृता देवी और उनकी बेटियों के बलिदान की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई. 83 गाँवों के लोगों को इसकी जानकारी मिली और सभी ने मिलकर काम करने का फैसला किया. कुल 294 पुरुष और 69 महिलाएँ शहीद हो गए. ये सभी विश्नोई समुदाय के थे, जिनमें बूढ़े, जवान, विवाहित, अविवाहित, अमीर और गरीब सभी शामिल थे. खेजड़ली गाँव के इस आंदोलन से हमें बलिदान, त्याग, साहस और एकजुटता का संदेश मिलता है. यह घटना पर्यावरण संरक्षण के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है.
In simple words: खेजड़ली आंदोलन 1730 में जोधपुर महाराजा के आदेश पर खेजड़ी के पेड़ काटने से रोकने के लिए हुआ था. अमृता देवी और 363 विश्नोई समुदाय के लोगों ने पेड़ों को बचाने के लिए अपनी जान दे दी, जिससे पर्यावरण के प्रति बलिदान और एकजुटता का संदेश मिला.
🎯 Exam Tip: खेजड़ली आंदोलन की पूरी घटना को क्रमबद्ध तरीके से लिखें और यह भी बताएं कि इस घटना से क्या सीख मिलती है, जैसे पर्यावरण संरक्षण और एकजुटता.
Rbse Class 12 Sociology Chapter 9 अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
Rbse Class 12 Sociology Chapter 9 वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 1. जनसंचार क्या है?
(a) माध्यम
(b) साधन
(c) स्रोत
(d) सभी
Answer: (d) सभी
In simple words: जनसंचार में माध्यम, साधन और स्रोत सभी शामिल होते हैं, क्योंकि ये तीनों ही मिलकर जानकारी को लोगों तक पहुँचाने का काम करते हैं. ये सभी जनसंचार के विभिन्न पहलू हैं.
🎯 Exam Tip: जनसंचार की प्रक्रिया में सभी तत्वों (माध्यम, साधन, स्रोत) की भूमिका को समझें, क्योंकि ये एक-दूसरे से जुड़े होते हैं.
Question 3. जनसंचार की गति किस स्तर की है?
(a) वैश्विक
(b) क्षेत्रीय
(c) मानवीय
(d) कोई भी नहीं
Answer: (a) वैश्विक
In simple words: जनसंचार की गति बहुत तेज है और यह पूरी दुनिया को जोड़ती है, इसलिए इसे वैश्विक स्तर का कहा जाता है. इंटरनेट और सैटेलाइट के कारण यह संभव हुआ है.
🎯 Exam Tip: आधुनिक जनसंचार के साधनों (जैसे इंटरनेट) के कारण इसकी पहुँच और गति वैश्विक हो गई है, यह बिंदु उत्तर में शामिल करें.
Question 4. जनसंचार संबंधित है –
(a) आंदोलन
(b) परिवर्तन
(c) जागरूकता
(d) सभी
Answer: (d) सभी
In simple words: जनसंचार से आंदोलन, परिवर्तन और जागरूकता तीनों ही संभव होते हैं, क्योंकि यह लोगों को जानकारी देकर उनके विचारों और कार्यों को प्रभावित करता है. यह समाज के बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
🎯 Exam Tip: जनसंचार के विभिन्न सामाजिक प्रभावों को समझते हुए, इसे आंदोलन, परिवर्तन और जागरूकता तीनों से जोड़ना सही होगा.
Question 5. "जनसंचार के साधन लोगों की मनोवृत्तियों व मूल्यों को प्रभावित करते हैं।" यह कथन किसका है?
(a) लारसेन
(b) सीमेल
(c) कर्वे
(d) पेज
Answer: (b) सीमेल
In simple words: सीमेल ने कहा था कि जनसंचार के साधन लोगों की सोच और उनके मूल्यों को बदल सकते हैं. वे मानते थे कि मीडिया का समाज पर गहरा असर होता है.
🎯 Exam Tip: समाजशास्त्रियों के कथनों को याद रखने के लिए, प्रमुख विचारकों और उनके मुख्य सिद्धांतों को एक साथ जोड़कर पढ़ें.
Question 6. जनसंचार की संरचना का निर्माण कितनी इकाइयों से होता है?
(a) चार
(b) सात
(c) ग्यारह
(d) विभिन्न इकाई
Answer: (d) विभिन्न इकाई
In simple words: जनसंचार की संरचना कई अलग-अलग इकाइयों से मिलकर बनती है, जैसे स्रोत, संदेश, माध्यम, लक्ष्य और प्रभाव आदि. ये सब मिलकर जनसंचार की प्रक्रिया को पूरा करते हैं.
🎯 Exam Tip: जनसंचार की संरचना में स्रोत, संदेश, माध्यम, प्राप्तकर्ता और प्रभाव जैसे मुख्य तत्वों को याद रखें. हालांकि मूल रूप से तीन मुख्य इकाइयां होती हैं, लेकिन व्यापक संदर्भ में कई अन्य तत्वों को भी शामिल किया जा सकता है.
Question 8. सामाजिक आंदोलन का केन्द्रीय तत्त्व है –
(a) विरोध
(b) संगठन
(c) योजना
(d) कोई भी नहीं
Answer: (b) संगठन
In simple words: किसी भी सामाजिक आंदोलन के सफल होने के लिए एक मजबूत संगठन बहुत जरूरी है, क्योंकि संगठन ही लोगों को एक साथ लाता है और उन्हें एक दिशा में काम करने में मदद करता है. बिना संगठन के आंदोलन बिखर सकता है.
🎯 Exam Tip: सामाजिक आंदोलन के केंद्रीय तत्व के रूप में 'संगठन' पर जोर दें, क्योंकि यह सामूहिक कार्रवाई और उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण है.
Question 9. सामाजिक परिवर्तन है –
(a) सार्वभौमिक
(b) अवश्यंभावी
(c) दोनों
(d) कोई भी नहीं
Answer: (c) दोनों
In simple words: सामाजिक परिवर्तन हर जगह होता है (सार्वभौमिक) और यह होना तय है (अवश्यंभावी). समाज में हमेशा कुछ न कुछ बदलता रहता है.
🎯 Exam Tip: सामाजिक परिवर्तन की विशेषताओं में सार्वभौमिकता और अवश्यंभाविता दोनों को शामिल करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये इसके मूल गुण हैं.
Question 10. बिजौलिया आंदोलन था –
(a) किसान
(b) मजदूर
(c) जाति
(d) सामंतवादी
Answer: (a) किसान
In simple words: बिजौलिया आंदोलन किसानों द्वारा अपने शोषण और भारी लगान के खिलाफ लड़ा गया था, इसलिए यह एक किसान आंदोलन था. इस आंदोलन ने किसानों को न्याय दिलाया.
🎯 Exam Tip: आंदोलन के नाम से ही अक्सर उसके प्रमुख पक्ष (जैसे किसान, मजदूर) का पता चलता है.
Question 12. किसानों से कितने प्रकार के कर वसूल किए जा रहे थे?
(a) 82
(b) 83
(c) 84
(d) 88
Answer: (c) 84
In simple words: बिजौलिया में किसानों से 84 तरह के कर लिए जाते थे, जो उनके लिए बहुत बड़ा बोझ था. इन अत्यधिक करों के कारण ही किसानों ने आंदोलन किया था.
🎯 Exam Tip: बिजौलिया आंदोलन में वसूल किए जा रहे करों की संख्या एक महत्वपूर्ण तथ्य है जिसे याद रखना चाहिए.
Question 13. पथिक को जेल से कब रिहा किया?
(a) 1926
(b) 1927
(c) 1928
(d) 1929
Answer: (b) 1927
In simple words: विजय सिंह पथिक को 1927 में जेल से छोड़ा गया था, जिसके बाद उन्होंने फिर से सामाजिक कार्यों में भाग लिया. उनकी रिहाई आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण घटना थी.
🎯 Exam Tip: प्रमुख नेताओं की गिरफ्तारी और रिहाई की तारीखें ऐतिहासिक घटनाओं के क्रम को समझने में मदद करती हैं.
Question 14. भगत आंदोलन संबंधित था –
(a) भील
(b) मीणा
(c) कूकी
(d) खासी
Answer: (a) भील
In simple words: भगत आंदोलन मुख्य रूप से भील समुदाय से जुड़ा था, जिसे गोविंद गुरु ने चलाया था. इस आंदोलन का उद्देश्य भील समुदाय में सुधार लाना था.
🎯 Exam Tip: जनजातीय आंदोलनों में उस विशेष जनजाति का नाम याद रखना आवश्यक है जिसके लिए आंदोलन किया गया था.
Question 16. गोविन्द गुरु का कार्यक्रम कितने सूत्रीय था?
(a) 30 सूत्रीय
(b) 32 सूत्रीय
(c) 33 सूत्रीय
(d) 35 सूत्रीय
Answer: (c) 33 सूत्रीय
In simple words: गोविंद गुरु ने भील समुदाय के उत्थान के लिए 33 सूत्रीय कार्यक्रम शुरू किया था, जिसमें सामाजिक सुधार और नैतिक मूल्यों को शामिल किया गया था. यह कार्यक्रम समुदाय के जीवन को बेहतर बनाने के लिए था.
🎯 Exam Tip: सामाजिक सुधार कार्यक्रमों में 'कितने सूत्रीय' मांगें थीं, यह अक्सर पूछा जाता है; संख्या को सटीक रूप से याद रखें.
Question 17. भगत आंदोलन का स्थल .......... था।
(a) मानगढ़
(b) भानगढ़
(c) टाटगढ़
(d) सूरजगढ़
Answer: (a) मानगढ़
In simple words: भगत आंदोलन का मुख्य स्थल मानगढ़ था, जहाँ गोविंद गुरु ने भील समुदाय को इकट्ठा किया और उनके बीच जागरूकता फैलाई थी. यह आंदोलन का केंद्र बिंदु था.
🎯 Exam Tip: किसी भी आंदोलन के प्रमुख स्थल को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उसकी पहचान से जुड़ा होता है.
Question 18. गोविंद गुरु किस जेल में रहे थे?
(a) फैजाबाद
(b) हैदराबाद
(c) फिरोजाबाद
(d) फरीदाबाद
Answer: (b) हैदराबाद
In simple words: गोविंद गुरु को हैदराबाद जेल में रखा गया था, जहाँ उन्होंने अपने आंदोलन के सिद्धांतों पर चिंतन किया. उनकी जेल यात्रा ने भी उनके प्रभाव को कम नहीं होने दिया.
🎯 Exam Tip: प्रमुख नेताओं की गिरफ्तारी और उनसे संबंधित स्थानों की जानकारी महत्वपूर्ण होती है.
Question 19. चिपको आंदोलन में कितनी महिलाएँ शहीद हो गयीं?
(a) 68
(b) 70
(c) 69
(d) 72
Answer: (c) 69
In simple words: चिपको आंदोलन में 69 महिलाएँ शहीद हुई थीं, जिन्होंने पेड़ों को बचाने के लिए अपनी जान दे दी. यह आंकड़ा इस आंदोलन के बलिदान को दर्शाता है.
🎯 Exam Tip: खेजड़ली आंदोलन में शहीद हुए लोगों की संख्या, विशेषकर महिलाओं की संख्या को याद रखना महत्वपूर्ण है.
RBSE Class 12 Sociology Chapter 9 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. क्या जनसंचार एक सामाजिक प्रक्रिया है?
Answer: हाँ, जनसंचार एक सामाजिक प्रक्रिया है। समाजशास्त्र के नज़रिए से, जनसंचार वह तरीका है जिससे जानकारी और संदेश एक जगह से दूसरी जगह लोगों तक पहुँचते हैं। यह समाज में विचारों के आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण साधन है।
In simple words: Yes, mass communication is a social process. It helps information and messages travel from one place to another, connecting people in society.
🎯 Exam Tip: When defining social processes, always highlight the collective interaction and information flow as key elements.
Question 2. अवैयक्तिक साधना किसे कहते हैं?
Answer: अवैयक्तिक साधन वे माध्यम होते हैं जो सीधे अपने श्रोताओं या पाठकों तक संदेश पहुँचाते हैं, जैसे सिनेमा, टेलीविज़न और प्रिंट मीडिया। इन साधनों में संदेश भेजने वाला व्यक्ति सीधे दर्शकों या पाठकों से व्यक्तिगत रूप से जुड़ा नहीं होता है।
In simple words: Impersonal means are ways like TV or newspapers that send messages to many people without a personal connection.
🎯 Exam Tip: Remember to give examples like TV, radio, and newspapers when asked to define impersonal communication methods.
Question 3. जनसंचार की इकाई स्रोत के उदाहरण उदाहरण दीजिए।
Answer: जनसंचार की इकाई 'स्रोत' के उदाहरणों में राजनेता का भाषण या कोई भड़काऊ बयान शामिल हैं। स्रोत वह बिंदु होता है जहाँ से कोई विचार या संदेश शुरू होता है।
In simple words: A source in mass communication is where a message begins, like a politician's speech or a strong statement.
🎯 Exam Tip: Identify the 'source' as the originator of the message, whether it's an individual, an event, or an idea, and provide a relevant example.
Question 4. जनसंचार का सबसे सशक्त माध्यम आज कौन - सा है?
Answer: आज जनसंचार का सबसे सशक्त माध्यम 'इंटरनेट' है। इंटरनेट लोगों को दुनिया भर की जानकारी तक तुरंत पहुँचने में मदद करता है।
In simple words: The internet is the most powerful mass communication tool today.
🎯 Exam Tip: When discussing modern communication, always recognize the internet's pervasive role and immediate reach.
Question 5. प्रिंट मीडिया किसे कहते हैं?
Answer: प्रिंट मीडिया वह माध्यम है जहाँ संदेश, सूचनाएँ और विचार पुस्तकों, पत्रिकाओं और समाचार पत्रों के ज़रिए आम लोगों तक पहुँचाए जाते हैं। यह छापने और पढ़ने पर आधारित होता है।
In simple words: Print media uses printed materials like books and newspapers to share news and ideas with many people.
🎯 Exam Tip: Explain print media by focusing on its physical, written format and common examples like newspapers and magazines.
Question 8. प्रचलित समाज व्यवस्था किससे प्रभावित होती है?
Answer: प्रचलित समाज व्यवस्था सामूहिक प्रयासों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होती है। जब कई लोग मिलकर किसी बदलाव के लिए काम करते हैं, तो समाज में परिवर्तन आता है।
In simple words: Society changes because of group efforts, both directly and indirectly.
🎯 Exam Tip: Mention both direct and indirect influence of collective efforts when explaining how social systems are affected.
Question 9. बिजौलिया किसान आंदोलन के जनक कौन थे?
Answer: बिजौलिया किसान आंदोलन के जनक 'विजय सिंह पथिक' थे। उनका असली नाम भूपसिंह गुर्जर था। पथिक जी ने किसानों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
In simple words: Vijay Singh Pathik, whose real name was Bhup Singh Gurjar, started the Bijolia peasant movement.
🎯 Exam Tip: Always remember to mention the real name alongside the popular name for key historical figures to show complete knowledge.
Question 10. पथिक किस किले में नजरबंद थे?
Answer: पथिक 'टाटगढ़ के किले में नजरबंद थे। यह उनकी गिरफ्तारी के बाद की स्थिति थी जब उन्हें आंदोलन से दूर रखा गया।
In simple words: Pathik was imprisoned in the Tatgarh Fort.
🎯 Exam Tip: Specific locations like 'Tatgarh Fort' are important keywords in historical questions.
Question 11. बिजौलिया किसान आंदोलन की शुरुआत किसने की थी?
Answer: बिजौलिया किसान आंदोलन की शुरुआत 'सीताराम दास' ने की थी। उन्होंने किसानों की समस्याओं को उजागर करने में शुरुआती भूमिका निभाई।
In simple words: Sitaram Das started the Bijolia peasant movement.
🎯 Exam Tip: Distinguish between the initial instigator and the later leader of a movement, as both roles are important.
Question 12. माणिक्यलाल वर्मा कौन थे?
Answer: माणिक्यलाल वर्मा किसान आंदोलन में पथिक के संपर्क में आए थे। उन्होंने बिजौलिया में किसानों को सामंती शोषण और अत्याचार के खिलाफ जागरूक करने में मदद की। वह आंदोलन के एक महत्वपूर्ण सहयोगी थे।
In simple words: Manikyalal Verma was a supporter of the peasant movement who helped make farmers aware of their rights.
🎯 Exam Tip: Recognize the roles of key supporters and their contributions, not just the main leaders, in social movements.
Question 13. के. एस. सिंह कौन है?
Answer: के. एस. सिंह एक प्रसिद्ध मानवशास्त्री हैं। उन्होंने भारतीय समाज और जनजातीय आंदोलनों पर महत्वपूर्ण शोध कार्य किया है।
In simple words: K. S. Singh is a famous anthropologist.
🎯 Exam Tip: When asked about scholars, state their field of expertise and a brief highlight of their contribution.
Question 15. गोविंद गुरु किस समुदाय से संबंध रखते थे?
Answer: गोविंद गुरु बंजारा समुदाय से संबंध रखते थे। उन्होंने इस समुदाय के उत्थान और सुधार के लिए बहुत काम किया।
In simple words: Govind Guru belonged to the Banjara community.
🎯 Exam Tip: Linking social reformers to their specific communities helps illustrate the targeted impact of their work.
Question 16. धूणी किसे कहा जाता है?
Answer: गोविंद गुरु ने जनजातीय समुदाय के लोगों को हवन करना सिखाया। जिस जगह पर यह हवन होता था, उसे 'धूणी' कहा जाता था। यह उनकी धार्मिक शिक्षाओं का एक हिस्सा था।
In simple words: Dhuni is the place where Govind Guru taught tribal people to perform a fire ritual.
🎯 Exam Tip: Explain the cultural or religious significance of specific terms, not just their literal meaning.
Question 17. धूणी की स्थापना कहाँ पर की गयी थी?
Answer: गोविंद गुरु ने मानगढ़ की पहाड़ी पर मुख्य धूणी की स्थापना की थी। यह स्थान उनके धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र बन गया।
In simple words: The main dhuni was set up by Govind Guru on the hill of Mangadh.
🎯 Exam Tip: Geographical locations are crucial for historical context; ensure accurate names.
Question 18. गोविंद गुरु को किन – किन नामों से जाना जाता था?
Answer: गोविंद गुरु को भगत, सामान्य भील, उजला भगत तथा भगत भील आदि नामों से जाना जाता था। ये सभी नाम उनके अनुयायियों द्वारा दिए गए थे।
In simple words: Govind Guru was known by names like Bhagat, Samanya Bhil, Ujala Bhagat, and Bhagat Bhil.
🎯 Exam Tip: List all associated names or titles to demonstrate comprehensive knowledge about a historical figure.
Question 19. मैला भील किसे कहा जाता था?
Answer: मैला भील उन्हें कहा जाता था जो नियमित स्नान नहीं करते थे, मांसाहारी भोजन करते थे और हवन नहीं करते थे। यह शब्द उन भीलों के लिए इस्तेमाल होता था जो गोविंद गुरु के सुधारवादी विचारों का पालन नहीं करते थे।
In simple words: "Maila Bhil" referred to those who did not bathe regularly, ate non-vegetarian food, and did not perform fire rituals.
🎯 Exam Tip: Explain the criteria or characteristics associated with specific social labels to provide a full understanding.
Question 20. भगत आंदोलन कहाँ तक फैला था?
Answer: यह आंदोलन राजस्थान के दक्षिणी क्षेत्र, विशेष रूप से बांसवाड़ा, डूंगरपुर तथा कुशलगढ़ तक सीमित था। यह मुख्य रूप से भील समुदाय के बीच फैला था।
In simple words: The Bhagat movement spread across the southern parts of Rajasthan, including Banswara, Dungarpur, and Kushalgarh.
🎯 Exam Tip: Precisely state the geographical boundaries or regions affected by a movement.
Question 21. गोविंद गुरु की मृत्यु कब तथा कहाँ पर हुई?
Answer: गोविंद गुरु सन् 1931 में गुजरात के कम्बोई में लिम्बड़ी के पास रहे और वहीं उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने अपने जीवन के अंतिम वर्ष उसी क्षेत्र में बिताए।
In simple words: Govind Guru passed away in 1931 near Limdi in Kamboi, Gujarat.
🎯 Exam Tip: Always include both the year and location for death dates of historical figures.
Question 23. खेजड़ी क्या है?
Answer: खेजड़ी एक वृक्ष का नाम है, और इसी वृक्ष के नाम पर गाँव का नाम खेजड़ली पड़ा था। यह एक महत्वपूर्ण पेड़ है जो राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में पाया जाता है।
In simple words: Khejri is a type of tree after which the village Khejrali was named.
🎯 Exam Tip: When defining natural elements tied to historical events, mention their significance, like geographic relevance.
Question 24. किस समुदाय के सदस्यों का जीवन बलिदान हुआ था, खेजड़ली आंदोलन में?
Answer: खेजड़ली आंदोलन में विश्नोई समुदाय के कुल 363 सदस्यों ने अपने जीवन का बलिदान कर दिया था। उन्होंने पेड़ों को बचाने के लिए अपनी जान दी।
In simple words: In the Khejrali movement, 363 members of the Bishnoi community sacrificed their lives.
🎯 Exam Tip: Specific numbers and community names are crucial details for factual accuracy in historical events.
Question 25. प्रार्थना समाज की दो विशेषताएँ बताइए।
Answer: प्रार्थना समाज की दो मुख्य विशेषताएँ ये हैं:
1. नारी शिक्षा का प्रचार करना।
2. विधवा विवाह का समर्थन प्रदान करना।
प्रार्थना समाज ने सामाजिक सुधार के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
In simple words: Prarthana Samaj promoted education for women and supported widow remarriage.
🎯 Exam Tip: When listing characteristics, ensure each point is distinct and clearly explains an aspect of the subject.
RBSE Class 12 Sociology Chapter 9 लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. जनसंचार के साधन किस प्रकार से व्यक्ति के मूल्यों व मनोवृत्तियों को प्रभावित करते हैं?
Answer: जनसंचार के साधन व्यक्ति के मूल्यों और विचारों को कई तरह से प्रभावित करते हैं:
1. मूल्यों में बदलाव: लोगों को सही और गलत के बारे में जानकारी मिलती है, जिससे उनके मूल्यों में बदलाव आता है।
2. सामाजिक मानदंडों की जानकारी: इन साधनों से व्यक्ति को समाज में मान्य नियमों और व्यवहारों का पता चलता है।
3. विचारों में बदलाव: जनसंचार के विकास से लोगों के सोचने और व्यवहार करने के तरीकों में भी बदलाव आता है।
4. चेतना का विकास: इन साधनों से लोगों में जागरूकता बढ़ती है, जिससे वे अपने आसपास की दुनिया को बेहतर समझते हैं।
जनसंचार लोगों को दुनिया के बारे में सोचने और समझने का नया तरीका देता है।
In simple words: Mass communication changes what people value and how they think by providing new information, showing social rules, changing viewpoints, and increasing awareness.
🎯 Exam Tip: Focus on how communication shapes individual and collective thinking, leading to changes in beliefs and behaviors.
Question 2. सामाजिक परिवर्तन किसे कहते हैं?
Answer: सामाजिक परिवर्तन उसे कहते हैं जब किसी सामाजिक घटना में किसी भी प्रकार का अंतर आता है, यानी उसका पिछला रूप बदलकर वर्तमान में कुछ नया हो जाता है। यह बदलाव समाज के ढांचे या काम करने के तरीके में हो सकता है।
In simple words: Social change is when something in society becomes different from what it was before.
🎯 Exam Tip: Define social change by emphasizing the shift from a previous state to a current state in any aspect of society.
Question 3. सामाजिक परिवर्तन एवं सांस्कृतिक परिवर्तन में भेद कीजिए।
Answer: सामाजिक परिवर्तन और सांस्कृतिक परिवर्तन के बीच के अंतर निम्नलिखित हैं:
| क्र.सं. | सामाजिक परिवर्तन | सांस्कृतिक परिवर्तन |
|---|---|---|
| 1. | सामाजिक परिवर्तन का क्षेत्र सीमित होता है। | सांस्कृतिक परिवर्तन का क्षेत्र अधिक व्यापक होता है। |
| 2. | इसकी गति काफी तीव्र भी हो सकती है। | इसकी गति अपेक्षाकृत कम तीव्र होती है। |
| 3. | सामाजिक संबंधों में होने वाला परिवर्तन हैं। | धर्म, कला व भाषा आदि में होने वाला परिवर्तन है। |
| 4. | ये चेतन व अचेतन दोनों परिवर्तन के परिणामस्वरूप उत्पन्न होता है। | ये प्रायः जागरूक प्रयत्नों से घटित होता है। |
In simple words: Social change focuses on how society's structure changes, while cultural change focuses on changes in beliefs, values, and traditions.
🎯 Exam Tip: When comparing, use a table for clarity and highlight key differences in scope, speed, and nature of change.
Question 4. प्रिंट मीडिया की विशेषता बताइए।
Answer: प्रिंट मीडिया की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. लिखित रूप में सूचनाओं की प्राप्ति: प्रिंट मीडिया के माध्यम से लोगों को सभी जानकारी और सूचनाएँ लिखित रूप में मिलती हैं। यह पढ़ने और समझने में आसान होता है।
2. समस्त गतिविधियों की जानकारी: प्रिंट मीडिया समाज के सभी नागरिकों को अलग-अलग क्षेत्रों की जानकारी और विभिन्न गतिविधियों के बारे में सही तथ्य देता है, जिससे उनमें जागरूकता बढ़ती है।
प्रिंट मीडिया जानकारी को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में भी मदद करता है।
In simple words: Print media provides information in written form and gives details about many activities, helping people become more aware.
🎯 Exam Tip: Highlight the permanence and detailed nature of information as core strengths of print media.
Question 5. इंटरनेट के दो लाभ बताइए।
Answer: इंटरनेट के दो मुख्य लाभ ये हैं:
1. देश-विदेश की जानकारी: इंटरनेट से लोगों को देश और विदेश की जानकारी बहुत जल्दी मिल जाती है। इससे वे दुनिया भर की खबरों और घटनाओं से जुड़े रहते हैं।
2. कम समय में काम का होना: इंटरनेट के कारण लोगों के सभी काम कुछ ही मिनटों में पूरे हो जाते हैं। इससे बड़ी गणनाएँ भी आसानी से हो जाती हैं, जिससे समय की बचत होती है।
इंटरनेट ने संचार और सूचना प्राप्त करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है।
In simple words: Internet helps us get global information fast and complete tasks quickly, even complex calculations.
🎯 Exam Tip: When listing benefits of technology, focus on both access to information and efficiency in tasks.
Question 7. सामाजिक आंदोलन का महत्त्व बताइए।
Answer: सामाजिक आंदोलन का महत्व इस प्रकार है:
1. परिवर्तन का सूचक: सामाजिक आंदोलन समाज में बदलाव लाने का एक महत्वपूर्ण तरीका है। इससे समाज में नई दिशा आती है और विकास होता है।
2. कुरीतियों का अंत: सामाजिक आंदोलनों के कारण समाज में फैली कई बुराइयाँ, जैसे बाल-विवाह, सती प्रथा और विधवा विवाह पर प्रतिबंध जैसी चीजें खत्म हुईं।
सामाजिक आंदोलन लोगों को अपनी समस्याओं के प्रति जागरूक करते हैं और उन्हें समाधान के लिए एकजुट होने का अवसर देते हैं।
In simple words: Social movements bring change, remove bad traditions, and help society develop and correct its flaws.
🎯 Exam Tip: When explaining the importance of social movements, emphasize their role in driving change and eradicating social evils.
Question 8. सामाजिक आन्दोलन में व्यूह – रचना का क्या महत्व है?
Answer: सामाजिक आंदोलन में व्यूह-रचना (रणनीति) का महत्व इस प्रकार है:
1. चरणबद्ध योजना का संचालन: रणनीति से आंदोलन की सभी गतिविधियाँ योजनाबद्ध तरीके से चलती हैं, जिससे पूरा आंदोलन एक सही दिशा में आगे बढ़ता है।
2. उद्देश्य प्राप्ति में सहायक: रणनीति के माध्यम से आंदोलन के उद्देश्यों को प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है। इससे सदस्यों को अपने लक्ष्य को पाने में आसानी होती है और उनमें संगठन की भावना भी विकसित होती है।
एक अच्छी रणनीति आंदोलन को सफल बनाने के लिए बहुत ज़रूरी है।
In simple words: Strategy helps social movements by planning steps and making it easier to achieve their goals, which strengthens unity among members.
🎯 Exam Tip: Highlight strategy's role in providing direction and enhancing the chances of success for social movements.
Question 10. अल्पसंख्यक समुदायों में हुए समाज सुधार आंदोलन पर प्रकाश डालिए।
Answer: भारत में अल्पसंख्यक समुदायों में कई समाज सुधार आंदोलन हुए हैं। मुसलमानों में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने और विश्व-बंधुत्व की भावना जगाने के लिए आंदोलन हुए। इनमें अहमदिया आंदोलन, अलीगढ़ आंदोलन (सर महमूद इकबाल द्वारा शुरू किया गया) और शेख अब्दुल हामिल शाह का आंदोलन प्रमुख थे।
पारसी समुदाय में भी गरीबों और महिलाओं को शिक्षित करने के लिए कार्यक्रम चलाए गए। 'पारसी पंचायत' इन प्रयासों में मुख्य थी, जिसने पारसी समुदाय की पुरानी सामाजिक रीति-रिवाजों को सुधारने का काम किया।
सिक्ख समुदाय में भी गुरुद्वारे के माध्यम से सामाजिक-धार्मिक सुधार के कई कार्यक्रम चलाए गए, जिन्होंने समाज सुधार आंदोलन का रूप ले लिया।
ये आंदोलन समुदायों में शिक्षा, समानता और बेहतर जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव लाए।
In simple words: Minority communities like Muslims, Parsis, and Sikhs had social reform movements to promote education, change old traditions, and bring awareness.
🎯 Exam Tip: When discussing reform movements in minority communities, provide specific examples of movements and their key objectives for each community.
Question 11. पर्यावरण आंदोलन की विशेषता बताइए।
Answer: पर्यावरण आंदोलन की मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
1. पर्यावरण संरक्षण: ये आंदोलन मुख्य रूप से पर्यावरण पर आधारित होते हैं। इनका मुख्य लक्ष्य पर्यावरण को सुरक्षित रखना और उसका संरक्षण करना होता है।
2. प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते हुए दबाव को रोकना: इन आंदोलनों का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव को रोकना है। औद्योगीकरण और शहरीकरण के कारण संसाधनों का अत्यधिक दोहन हो रहा था, जिससे पर्यावरण को बचाना विकास की एक ज़रूरी शर्त बन गई।
ये आंदोलन हमें सिखाते हैं कि प्रकृति का सम्मान और संतुलन बनाए रखना कितना ज़रूरी है।
In simple words: Environmental movements focus on protecting nature and stopping too much use of natural resources.
🎯 Exam Tip: Clearly state the dual focus of environmental movements: protection and sustainable resource management.
RBSE Class 12 Sociology Chapter 9 निबंधात्मक प्रश्न
Question 1. सामाजिक जीवन में जनसंचार के साधनों पर प्रकाश डालते हुए, उनकी भूमिका की विवेचना कीजिए।
Answer: आधुनिक युग प्रचार का युग है, और आज का समाज एक जनसमाज है। जनता से जुड़ने और बड़ी आबादी तक अपने विचार पहुँचाने के लिए जनसंचार के माध्यम बहुत उपयोगी होते हैं। जनसंचार के प्रमुख माध्यम निम्नलिखित हैं:
(1) समाचार-पत्र:
- समाचार-पत्र में हर दिन स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं की जानकारी छपती है।
- इसमें व्यापार, सेवा और विवाह से जुड़े विज्ञापन भी होते हैं, जिनके आधार पर लोग आपस में संपर्क करते हैं।
- जनता के विचार 'संपादक के नाम पत्र' वाले कॉलम में प्रकाशित होते हैं।
- संपादकीय समाचार-पत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि इसके माध्यम से संपादक अपने विचार जनता तक पहुँचाते हैं और लोग उन पर अपनी राय देते हैं।
- यह व्यक्ति का सीधा दर्शन कराता है, जिसका प्रभाव बहुत गहरा होता है।
- यह मनोरंजन का एक शक्तिशाली साधन है, ज्ञान बढ़ाता है और लोगों के व्यवहार को दिशा देता है।
- अब परिवारों में बातचीत की जगह दृश्य देखना बढ़ गया है, और परिवार एक सुनने वाले समूह में बदल रहा है।
- यह जनसंचार का एक बहुत सरल और प्रभावशाली साधन है। सिनेमा मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक संदेश देने का भी काम करता है।
- वर्तमान युग में इंटरनेट जनसंचार का एक बहुत ही शक्तिशाली माध्यम बन गया है।
- लोग इंटरनेट के माध्यम से दुनिया के किसी भी कोने में दूसरों से संपर्क कर सकते हैं।
- आज इंटरनेट जनता की एक शक्तिशाली आवाज़ है जो दुनिया के सभी क्षेत्रों में गूंजती है।
In simple words: Mass communication tools like newspapers, TV, cinema, and the internet help spread information, influence public opinion, entertain, educate, and connect people across the globe, shaping social life.
🎯 Exam Tip: When discussing the role of mass communication, categorize the different mediums (print, electronic, digital) and explain their specific functions and impacts on society.
Question 2. प्रजातांत्रिक समाजों में प्रेस के महत्व पर प्रकाश डालिए।
Answer: आधुनिक युग में प्रेस प्रचार का सबसे प्रमुख साधन बन गया है। इसके द्वारा विभिन्न समाचार-पत्रों, पत्रिकाओं, विज्ञापनों, पुस्तकों और अन्य सामग्री का प्रकाशन होता है।
प्रेस को जनसंचार का सबसे महत्वपूर्ण साधन माना जाता है, जिससे समाचार, विज्ञापन, कार्टून, लेख, कहानियाँ, उपन्यास, कविताएँ और संपादकीय लेख आदि प्रकाशित होते हैं। प्रेस में प्रकाशित सामग्री आम लोगों के लिए आसानी से उपलब्ध होती है और यह उनके विचारों और व्यवहारों पर प्रभाव डालती है। प्रजातांत्रिक समाजों में प्रेस के महत्व को निम्नलिखित आधारों पर स्पष्ट कर सकते हैं:
1. प्रजातंत्र बहुमत पर आधारित शासन व्यवस्था है। प्रजातंत्र एक बहुदलीय व्यवस्था है, जिसमें विभिन्न राजनैतिक दल सत्ता पाने के लिए चुनाव की राजनीति में भाग लेते हैं। प्रेस सामग्री के माध्यम से राजनैतिक दल जनता तक पहुँचते हैं। संपादकीय लेखों और अपीलों या आकर्षित विज्ञापनों के माध्यम से विशिष्ट उम्मीदवारों को सफल बनाने का आग्रह करते हैं। पोस्टर, बिल्ले और दुकानों पर छपे झंडे भी प्रेस की ही देन हैं।
2. वर्तमान युग विज्ञापन का युग है। कोई वस्तु तभी ज़्यादा बिकती है जब उसका विज्ञापन अधिक होता है। मासिक पत्रिकाएँ और दैनिक तथा साप्ताहिक समाचार-पत्र इन विज्ञापनों से भरे रहते हैं जिन्हें देखकर लोग अपनी ज़रूरत के हिसाब से वस्तुएँ खरीदते हैं।
3. नए विचार और पाश्चात्य परिवार प्रणाली की जानकारी प्रेस के द्वारा मिलती है, जिससे भारत में प्रजातांत्रिक परिवार का विकास हो रहा है, जहाँ बच्चों के अधिकारों का ध्यान रखा जाता है और नारी को समानता का स्तर मिलता है, बल्कि उसे परिवार की स्वामिनी समझा जाता है।
4. शिक्षा प्रजातंत्र का आधार है। प्रेस शिक्षा प्रसार का मुख्य साधन है। पूरी शिक्षा प्रेस पर निर्भर करती है। साक्षरता और स्कूली शिक्षा के प्रसार के अलावा, सामाजिक शिक्षा के विस्तार में भी प्रेस बहुत सहायक रहा है। प्रेस द्वारा उपलब्ध ज्ञान सामग्री समाज में राजनैतिक चेतना जगाने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों और व्यवहारों को फैलाने में महत्वपूर्ण योगदान देती है।
5. धार्मिक क्षेत्र में प्रेस का विशेष योगदान है। जैसे 'गीता प्रेस गोरखपुर' के द्वारा हिंदू धर्म पर विशाल धार्मिक साहित्य का प्रकाशन और प्रचार-प्रसार हुआ है। घर-घर में रामायण और गीता पहुँचाने का श्रेय गीता प्रेस को ही जाता है। इसी प्रकार से हर दिन धार्मिक पुरुषों के विचार और प्रवचन छपकर जनता के सामने आते हैं, जिनका प्रभाव समाज पर पड़ता है।
प्रेस लोकतांत्रिक व्यवस्था का एक मज़बूत स्तंभ है, जो सूचना और जागरूकता फैलाकर समाज को सशक्त बनाता है।
In simple words: In democracies, the press is vital because it spreads political information, helps in advertising, shares new social ideas, promotes education, and influences religious thought, acting as a powerful tool for public awareness and democratic participation.
🎯 Exam Tip: Explain the multifaceted role of the press in a democracy, covering its functions in politics, commerce, social reform, education, and religion.
Question 4. सामाजिक परिवर्तन की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
Answer: सामाजिक परिवर्तन की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. परिवर्तन समाज का एक मौलिक तत्व है। सभी समाजों में परिवर्तन निश्चित रूप से होता है।
2. परिवर्तन की मात्रा अलग-अलग हो सकती है, लेकिन सामाजिक परिवर्तन की संभावना हमेशा बनी रहती है। समाज लगातार बदलता रहता है।
3. सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रिया सार्वभौमिक है। यह दुनिया के सभी देशों में और हर समय होता आया है।
4. सामाजिक परिवर्तन को मापना संभव नहीं है। भौतिक चीजों को मापना आसान होता है, लेकिन अमूर्त चीजों की प्रकृति गुणात्मक होती है, इसलिए परिवर्तन भी अमूर्त होते हैं और अमूर्त तथ्यों को मापा नहीं जा सकता।
5. प्रकृति गुणात्मक होती है, इस कारण परिवर्तन भी अमूर्त होते हैं तथा अमूर्त तथ्यों का मापन संभव नहीं है।
6. सामाजिक परिवर्तन अनिश्चित होता है। परिवर्तन का समय, दिशा और परिणाम सब कुछ अनिश्चित होता है। इसके बारे में कोई भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।
7. परिवर्तन की गति में भिन्नता होती है। कुछ समाजों में परिवर्तन तेज़ होता है तो कहीं धीमा। समाज में होने वाले परिवर्तन की गति, उस समाज के मूल्यों और मान्यताओं पर निर्भर करती है।
8. सामाजिक परिवर्तन एक व्यक्तिगत परिवर्तन नहीं है, बल्कि एक सामुदायिक परिवर्तन को दर्शाता है।
सामाजिक परिवर्तन एक स्वाभाविक प्रक्रिया है जो समय के साथ समाज को नया रूप देती रहती है।
In simple words: Social change is a fundamental, universal, and continuous process that is often unpredictable in its pace and direction, affecting communities rather than just individuals.
🎯 Exam Tip: List the characteristics of social change clearly, emphasizing its universal, continuous, and often unpredictable nature.
सामाजिक आंदोलन की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –
1. प्रत्येक सामाजिक आंदोलन का जन्म किसी संकट या समस्या के कारण ही होता है।
2. किसी भी आंदोलन को सामाजिक आंदोलन तभी कहा जाएगा जब उसमें समाज के अनेक व्यक्ति शामिल हों।
3. प्रत्येक सामाजिक आंदोलन का एक अनौपचारिक संगठन होता है। इस संगठन के द्वारा ही आंदोलन के लक्ष्यों को प्राप्त करने की योजना बनायी जाती है।
4. सामाजिक आंदोलन में परिवर्तन की एक निश्चित दिशा होती है।
5. सामाजिक आंदोलन के कुछ निश्चित उद्देश्य होते हैं, जिन्हें पाने के लिए आंदोलन किया जाता है।
6. प्रत्येक सामाजिक आंदोलन का कोई न कोई नेता अवश्य होता है, उसके अभाव में आंदोलन चल नहीं सकता।
7. कोई भी आंदोलन एक बनी-बनाई चीज़ नहीं होता, बल्कि उसका धीरे-धीरे विकास होता है।
8. सामाजिक आंदोलन के लिए एक निश्चित योजना बनायी जाती है और विभिन्न चरणों में उसे पूरा करने का सामूहिक प्रयास किया जाता है।
9. सामजिक आंदोलन की प्रकृति प्रचलित समाज व्यवस्था अथवा संस्कृति में पूर्ण या आंशिक सुधार लाना होता है।
10. जब पुरानी व्यवस्था में दोष उत्पन्न हो जाते हैं, तो उसमें परिवर्तन एवं सुधार लाना आवश्यक हो जाता है, तब सामाजिक आंदोलन का मार्ग अपनाया जाता है।
11. प्रत्येक सामाजिक आंदोलन के पीछे एक विचारधारा या सोच होती है। यह मूल्यों एवं प्रकृति का एक ऐसा योग होता है।
12. जिसमें मानव के भूतकाल के अनुभव निहित होते हैं और इसका प्रयोग वह वर्तमान की किसी घटना की व्याख्या करने अथवा उसे उचित सिद्ध करने के लिए करता है।
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