RBSE Solutions Class 12 Sociology Chapter 7 नगरीय समाज में परिवर्तन, विकास एवं चुनौतिय

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Class 12 Sociology Chapter 7 नगरीय समाज में परिवर्तन, विकास एवं चुनौतिय RBSE Solutions PDF

RBSE Class 12 Sociology Chapter 7 अभ्यासार्थ प्रश्न

RBSE Class 12 Sociology Chapter 7 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. नगरीय का अर्थ कहाँ रहने वाले समुदाय से है?
(अ) कस्बा
(ब) नगर
(स) गाँव
(द) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Answer: (ब) नगर
In simple words: "नगरीय" शब्द का मतलब उन लोगों से है जो शहरों या नगरों में रहते हैं और एक समुदाय बनाते हैं।

🎯 Exam Tip: नगरीय समाज से संबंधित प्रश्नों में, हमेशा उस समुदाय की पहचान करें जो शहरों और कस्बों में निवास करता है, क्योंकि यही नगरीयता का मूल आधार है।

 

Question 3. किस लेखक ने शहरों की व्यथा पर 'ए टेल ऑफ टू सिटीज' पुस्तक लिखी?
(अ) चार्ल्स डिकेंस
(ब) पैट्रिक एबरकामी
(स) एल. डी. स्टाम्प
(द) लेविस
Answer: (अ) चार्ल्स डिकेंस
In simple words: चार्ल्स डिकेंस ने 'ए टेल ऑफ टू सिटीज' नाम की किताब लिखी, जिसमें शहरों की मुश्किलें बताई गई हैं।

🎯 Exam Tip: साहित्यिक कृतियों से संबंधित प्रश्नों में, लेखक और उनकी प्रसिद्ध रचनाओं को याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर जब वे किसी विशिष्ट सामाजिक विषय से जुड़ी हों।

 

Question 4. "नगर नियोजन का विचार नागरिकों के कल्याण और जनता के जीवन - स्तर के उन्नयन से सम्बन्धित है।" यह वक्तव्य किस विद्वान का है?
(अ) एल. डी. स्टाम्प
(ब) ए. ऑगिस्टन
(स) जॉन हॉब्स
(द) चार्ल्स डिकेंस
Answer: (अ) एल. डी. स्टाम्प
In simple words: एल. डी. स्टाम्प ने कहा कि नगर नियोजन का मुख्य काम लोगों को अच्छी सुविधाएँ देना और उनका जीवन बेहतर बनाना है।

🎯 Exam Tip: उद्धरण-आधारित प्रश्नों में, सही विद्वान के नाम को उद्धरण के साथ जोड़कर याद रखें, क्योंकि यह सटीक जानकारी पर आधारित होता है।

 

Question 5. एडवर्ड एम. बैसेट ने नगर नियोजन में कितने तत्त्वों के महत्त्व का उल्लेख किया है?
(अ) पाँच
(ब) दो
(स) सात
(द) छः
Answer: (स) सात
In simple words: एडवर्ड एम. बैसेट ने बताया कि नगर नियोजन में सात खास बातें होती हैं जो उसे सफल बनाती हैं।

🎯 Exam Tip: संख्या-आधारित प्रश्नों में, सही संख्या को संबंधित व्यक्ति या अवधारणा के साथ याद रखें ताकि भ्रम से बचा जा सके।

RBSE Class 12 Sociology Chapter 7 अति लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. नगरीय समाज के कैसे मूल्य हैं?
Answer: नगरीय समाज में लोग ज़्यादातर अपने बारे में सोचते हैं, यानी उनके मूल्य व्यक्तिवादी होते हैं। हर कोई अपने फायदे को देखता है और अपने हितों को पहले रखता है। यह शहरी जीवन की एक आम पहचान है जहाँ व्यक्तिगत स्वतंत्रता को अधिक महत्व दिया जाता है।
In simple words: शहरी लोग ज़्यादातर अपने लिए सोचते हैं और अपने फायदे को सबसे पहले रखते हैं।

🎯 Exam Tip: नगरीय समाज की विशेषताओं का वर्णन करते समय 'व्यक्तिवादिता' और 'स्वयंहित' जैसे मुख्य शब्दों का प्रयोग करें।

 

Question 2. स्वार्थजनित सामाजिक संबंध किस समाज की विशेषता या लक्षण है?
Answer: स्वार्थ पर आधारित सामाजिक संबंध शहरी समाज की एक खास पहचान है। शहरों में लोग अक्सर उन्हीं से रिश्ते रखते हैं जिनसे उनका कोई व्यक्तिगत लाभ हो। यह ग्रामीण समाजों से अलग है जहाँ संबंध ज़्यादातर सामुदायिक और भावनात्मक होते हैं।
In simple words: शहरों में लोग अक्सर फायदे के लिए रिश्ते बनाते हैं, जो शहरी समाज की एक विशेषता है।

🎯 Exam Tip: सामाजिक संबंधों की प्रकृति को समझाते समय, नगरीय समाज में 'स्वार्थ' और 'कार्य-आधारित' संबंधों पर ज़ोर दें।

 

Question 3. सुनियोजित बस्तियों का अभाव कहाँ पाया जा रहा है?
Answer: शहरी या नगरीय इलाकों में व्यवस्थित बस्तियों की कमी देखी जाती है। यहाँ की बस्तियाँ अक्सर बिना किसी योजना के विकसित हो जाती हैं, जिससे समस्याएँ बढ़ती हैं। यह अनियोजित विकास सुविधाओं की कमी का मुख्य कारण बनता है।
In simple words: शहरों और कस्बों में व्यवस्थित घर या बस्तियाँ कम मिलती हैं, जिससे कई समस्याएँ पैदा होती हैं।

🎯 Exam Tip: 'सुनियोजित बस्तियों के अभाव' का उल्लेख करते समय, शहरीकरण और अनियोजित विकास के परिणामों पर ध्यान केंद्रित करें।

 

Question 4. सामान्य आर्थिक विचारधारा के कारण संपूर्ण विश्व देशों के संघ की जगह किसका संघ बन गया है?
Answer: तेज़ी से बढ़ रही तकनीक और एक जैसी आर्थिक सोच के कारण आज पूरा विश्व देशों के समूह की बजाय 'शहरों के समूह' जैसा बन गया है। अब शहरों की भूमिका ज़्यादा महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि वे आर्थिक गतिविधियों के मुख्य केंद्र बन गए हैं।
In simple words: तेज़ तकनीक और एक जैसी आर्थिक सोच ने दुनिया को देशों की बजाय शहरों का समूह बना दिया है, क्योंकि शहर अब ज़्यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं।

🎯 Exam Tip: वैश्वीकरण और शहरीकरण के प्रभावों को समझाते समय, 'नगरों के संघ' जैसी अवधारणाओं का उपयोग करें जो शहरों के बढ़ते महत्व को दर्शाती हैं।

 

Question 5. देश में कितने प्रतिशत नगरीय जनसंख्या के लिए अपने घरों के आस - पास बरसाती पानी के निकासी की व्यवस्था नहीं है?
Answer: देश की लगभग 34 प्रतिशत शहरी आबादी के घरों के आसपास बरसाती पानी निकालने का उचित प्रबंध नहीं है। यह समस्या खासकर झुग्गी-झोपड़ियों और अनियोजित बस्तियों में ज़्यादा दिखती है, जिससे जलभराव और गंदगी की समस्याएँ बढ़ जाती हैं।
In simple words: भारत के शहरों में लगभग 34% लोगों के घरों के पास बारिश के पानी को निकालने का रास्ता नहीं है, जिससे जलभराव की समस्या होती है।

🎯 Exam Tip: शहरी बुनियादी ढाँचे से संबंधित आँकड़ों को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये शहरी चुनौतियों को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।

 

Question 6. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार कितने प्रतिशत शहरी जनसंख्या को पेयजल की आपूर्ति उसके परिसर में है?
Answer: 2011 की जनगणना के मुताबिक, 71.2 प्रतिशत शहरी लोगों को पीने का पानी उनके घर के अंदर या पास ही मिलता है। यह दर्शाता है कि अधिकांश शहरी घरों तक पानी की सुविधा पहुँच चुकी है, जिससे जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
In simple words: 2011 की जनगणना में, 71.2% शहरी लोगों को पीने का पानी उनके घर के अंदर ही मिल रहा था।

🎯 Exam Tip: जनगणना के आँकड़ों का उपयोग करते समय, प्रतिशत और वर्ष को सही ढंग से उद्धृत करें ताकि सटीक जानकारी प्रस्तुत हो सके।

 

Question 8. आव्रजन में भाग लेने वालों को क्या कहते हैं?
Answer: जो लोग एक जगह से दूसरी जगह जाकर बसते हैं, उन्हें आप्रवासी कहते हैं। वे अपनी जन्मभूमि को छोड़कर नई जगह पर रहने आते हैं, अक्सर बेहतर अवसरों की तलाश में।
In simple words: जो लोग दूसरी जगह जाकर बसते हैं, उन्हें आप्रवासी कहते हैं।

🎯 Exam Tip: 'आव्रजन' और 'आप्रवासी' जैसे शब्दों की परिभाषा को स्पष्ट रूप से समझें ताकि उनकी सही पहचान हो सके।

 

Question 9. वर्ष 1991 की जनगणना में कितने मनुष्य नगरीय अप्रवासियों के रूप में वर्गीकृत किये गये?
Answer: 1991 की जनगणना के हिसाब से, लगभग 2.5 करोड़ लोगों को शहरी आप्रवासी माना गया था। इसका मतलब है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग ग्रामीण इलाकों से शहरों की ओर काम या बेहतर जीवन की तलाश में चले गए थे।
In simple words: 1991 में, 2.5 करोड़ लोग शहरों में बसने वाले आप्रवासी गिने गए थे।

🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक जनगणना के विशिष्ट आँकड़ों को याद रखें, क्योंकि वे सामाजिक-जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का संकेत देते हैं।

 

Question 10. नगर नियोजन के संबंध में मैगस्थनीज ने भारत के किस नगर का उदाहरण प्रस्तुत किया?
Answer: मैगस्थनीज ने नगर नियोजन के बारे में बताते हुए भारत के प्राचीन नगर 'पाटलिपुत्र' का उदाहरण दिया था। यह नगर अपने समय में बहुत अच्छी तरह से योजनाबद्ध था और इसकी व्यवस्थाएँ बहुत उन्नत थीं, जिससे यह एक आदर्श शहरी केंद्र बन गया था।
In simple words: मैगस्थनीज ने नगर नियोजन के लिए भारत के पाटलिपुत्र शहर का उदाहरण दिया था।

🎯 Exam Tip: प्राचीन इतिहास से जुड़े तथ्यों में, व्यक्तियों और उनके द्वारा दिए गए विशिष्ट उदाहरणों को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 11. 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में कितने प्रतिशत आवास अच्छी स्थिति में है?
Answer: 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में लगभग 70% शहरी आवास अच्छी हालत में पाए गए हैं। इससे पता चलता है कि अधिकांश शहरी घर रहने योग्य स्थिति में थे, हालांकि अभी भी सुधार की गुंजाइश है और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति भिन्न हो सकती है।
In simple words: 2011 की जनगणना के हिसाब से, शहरों के करीब 70% घर अच्छी हालत में थे।

🎯 Exam Tip: आवास की स्थिति से संबंधित आँकड़ों में, कुल प्रतिशत और उनके निहितार्थों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें।

 

Question 12. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत के कितने प्रतिशत घरों के परिसर के अंदर शौचालयों की आवश्यकता है?
Answer: 2011 की जनगणना के आंकड़ों से पता चलता है कि अभी भी 18% शहरी घरों में परिसर के अंदर शौचालय की सुविधा नहीं है। यह स्वच्छता के मोर्चे पर एक बड़ी चुनौती है जिस पर काम करने की ज़रूरत है, खासकर सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए।
In simple words: 2011 की जनगणना के अनुसार, 18% घरों को अभी भी अपने परिसर में शौचालय की जरूरत है।

🎯 Exam Tip: स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य से संबंधित आँकड़ों को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये विकास के प्रमुख संकेतकों में से एक हैं।

RBSE Class 12 Sociology Chapter 7 लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. कीन और कारपेंटर ने नगरीयता के संबंध में क्या कहा, लिखें।
Answer: कीन और कारपेंटर नाम के समाजशास्त्रियों ने नगरीयता के बारे में बताया है कि यह एक ऐसी चीज़ है जिससे हमें पता चलता है कि लोग कहाँ और कैसे रहते हैं। उन्होंने कहा कि नगरीयता का मतलब यह जानना है कि लोग शहरों में किस तरह से जीवन बिताते हैं और उनकी जीवनशैली क्या है। यह परिभाषा निवास के पैटर्न और शहरी व्यवहार को समझने में मदद करती है।
In simple words: कीन और कारपेंटर ने कहा कि नगरीयता से पता चलता है कि लोग शहरों में कैसे रहते हैं और उनके रहने के तरीके क्या हैं।

🎯 Exam Tip: समाजशास्त्रियों द्वारा दी गई परिभाषाओं को उनकी मूल भाषा में प्रस्तुत करना और उनके मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 3. जल प्रबंधन से क्या तात्पर्य है?
Answer: जल प्रबंधन का मतलब है पानी को इस तरह से इस्तेमाल करना कि वह सभी के लिए एक साझा चीज़ रहे और सबको मिले। शहरों के विकास के लिए यह बहुत ज़रूरी है क्योंकि इससे शहरों में पानी का सही और बेहतर इस्तेमाल होता है। जल प्रबंधन में बारिश के पानी को बचाना और उसे अच्छे से इस्तेमाल करना भी शामिल है, ताकि भविष्य के लिए पानी की कमी न हो और सतत विकास संभव हो सके।
In simple words: जल प्रबंधन का मतलब है पानी को सही तरीके से बचाना और सभी लोगों के लिए उसका इंतजाम करना, खासकर शहरों में जहाँ पानी बहुत ज़रूरी होता है।

🎯 Exam Tip: जल प्रबंधन की परिभाषा में 'सामूहिक संसाधन' और 'सतत उपयोग' जैसे शब्दों का समावेश करें, साथ ही इसके शहरी महत्व को भी उजागर करें।

 

Question 4. जॉन हॉब्स ने 'सामाजिक समानता' के संबंध में क्या कहा? लिखें।
Answer: जॉन हॉब्स ने कहा कि एक अच्छे राज्य को अपने नागरिकों को खुश रखना चाहिए। उनका मानना था कि समाज में सबसे बड़ी समस्या यह है कि गरीब लोग अपनी ज़रूरी ज़रूरतें पूरी नहीं कर पाते। इसी कारण समाज में बराबरी नहीं आ पाती है। इसलिए, हमें ऐसे साधन बनाने चाहिए जिससे गरीब लोगों का जीवन बेहतर हो सके। ऐसा करने से समाज में गरीबी कम होगी और सभी को आगे बढ़ने के एक जैसे मौके मिलेंगे, जिससे सच्ची सामाजिक समानता स्थापित होगी।
In simple words: जॉन हॉब्स के अनुसार, गरीबों की ज़रूरतें पूरी न होना समाज में बराबरी की सबसे बड़ी रुकावट है। उनका मानना था कि लोगों को समान अवसर मिलने चाहिए और उनका जीवन स्तर बेहतर होना चाहिए।

🎯 Exam Tip: किसी भी दार्शनिक या विचारक के सिद्धांत को समझाते समय, उनके मूल विचार को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें और उसके सामाजिक प्रभावों पर प्रकाश डालें।

 

Question 6. 'स्मार्ट सिटीज कार्यक्रम' के बारे में संक्षिप्त में लिखें।
Answer: 'स्मार्ट सिटीज कार्यक्रम' का मुख्य लक्ष्य भारत के शहरों को आधुनिक और बेहतर बनाना है। इसका उद्देश्य लोगों को अच्छी आर्थिक सुविधाएँ देना, साफ-सुथरा माहौल और नई तकनीक उपलब्ध कराकर उनके जीवन को बेहतर बनाना है। इस योजना में बिजली, पानी और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएँ देना शामिल है, साथ ही शहरों की सुरक्षा, शिक्षा और बेहतर प्रशासन पर भी ध्यान दिया जाता है, जिसमें नागरिकों की हिस्सेदारी भी ज़रूरी है। यह कार्यक्रम शहरी विकास को गति देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
In simple words: 'स्मार्ट सिटीज कार्यक्रम' का मकसद शहरों को बेहतर बनाना है, जहाँ लोगों को अच्छी सुविधाएँ, साफ माहौल और नई तकनीक मिले, साथ ही उनकी सुरक्षा और शिक्षा भी अच्छी हो।

🎯 Exam Tip: 'स्मार्ट सिटीज कार्यक्रम' का वर्णन करते समय उसके मुख्य उद्देश्यों (आर्थिक विकास, स्वस्थ पर्यावरण, प्रौद्योगिकी) और शामिल बुनियादी सुविधाओं (बिजली, पानी, स्वच्छता) को ज़रूर उजागर करें।

 

Question 7. आकार एवं क्षेत्र के अनुसार आव्रजन के प्रकार लिखें।
Answer: आव्रजन को दो मुख्य तरीकों से बांटा जा सकता है: आकार के हिसाब से और क्षेत्र के हिसाब से।
(1) आकार के अनुसार आव्रजन के प्रकार:
• वृहत् या बृहद् संख्यक आव्रजन: जब व्यक्तियों का समूह बड़ी मात्रा में प्रवास करता है तब उसे वृहत् आव्रजन कहा जाता है।
• लघु आव्रजन: जब व्यक्तियों का समूह बहुत ही कम मात्रा में प्रवास करता है, तब उसे लघु आव्रजन कहते हैं। यह संख्या पर आधारित विभाजन है।
(2) क्षेत्र के अनुसार आव्रजन के प्रकार:
• अन्तर्राष्ट्रीय आव्रजन: जब समाज में व्यक्तियों द्वारा प्रवास एक देश से अन्य दूसरे देशों में किया जाता है, तब उसे अंतर्राष्ट्रीय आव्रजन कहते हैं।
• अंतर्देशीय या आंतरिक आव्रजन: जब व्यक्तियों के द्वारा प्रवास एक देश के अंदर या भीतर किया जाता है तो उस प्रवास को आंतरिक आव्रजन कहते हैं। यह भौगोलिक सीमा पर आधारित विभाजन है।
In simple words: लोग जब जगह बदलते हैं तो उसे आव्रजन कहते हैं। यह दो तरह का होता है - ज़्यादा लोग जाते हैं या कम लोग; और दूसरा, लोग अपने देश के अंदर ही जाते हैं या दूसरे देश जाते हैं।

🎯 Exam Tip: आव्रजन के प्रकारों का वर्णन करते समय, प्रत्येक प्रकार की स्पष्ट परिभाषा दें और उसके भेदक गुणों (जैसे संख्या या भौगोलिक सीमा) को रेखांकित करें।

 

Question 9. एडवर्ड एम. बैसंट ने नगर नियोजन के जिन तत्त्वों का उल्लेख किया है, लिखें।
Answer: एडवर्ड एम. बैसेट ने नगर नियोजन के सात ज़रूरी तत्वों के बारे में बताया है। इनमें सबसे पहले, पक्की सड़कें बनाना शामिल है ताकि लोगों का आना-जाना आसान हो। फिर, मनोरंजन के लिए अच्छे पार्क और शादी-समारोह जैसे सामूहिक कार्यों के लिए जगहें तय करना। इसके अलावा, वृद्ध और अनाथ बच्चों के लिए सुरक्षित स्थान, लोगों के विकास के लिए अच्छे जिले बनाना, सुरक्षित आवागमन के लिए उपयोगी रास्ते, और गाँवों को शहरों से जोड़ने वाली छोटी सड़कें बनाना भी इसमें शामिल है। ये सभी तत्व एक शहर को बेहतर और रहने लायक बनाने में मदद करते हैं, जिससे उसका समग्र विकास होता है।
In simple words: एडवर्ड एम. बैसेट ने नगर नियोजन के सात खास बातें बताई हैं: अच्छी सड़कें, पार्क, सामूहिक कामों के लिए जगहें, बच्चों और बूढ़ों के लिए सुरक्षित स्थान, अच्छे जिले, आने-जाने के रास्ते और गाँवों को शहरों से जोड़ने वाली सड़कें।

🎯 Exam Tip: नगर नियोजन के तत्वों का उल्लेख करते समय, प्रत्येक तत्व के महत्व और उसके विशिष्ट उद्देश्य को संक्षेप में समझाएँ।

 

Question 10. आवास निर्माण के समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
Answer: घर बनाते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है। पहला, घर हमेशा ऊँची जगहों पर बनाने की कोशिश करनी चाहिए ताकि बारिश के पानी और गंदगी जैसी समस्याओं से बचा जा सके। दूसरा, घर ऐसा हो कि उसमें सूरज की रोशनी और ताजी हवा ठीक से आ सके, जिससे वह स्वस्थ और आरामदायक रहे। तीसरा, परिवार के सदस्यों की संख्या के हिसाब से कमरों का निर्माण करना चाहिए ताकि हर किसी के लिए पर्याप्त जगह हो और घर सुव्यवस्थित लगे।
In simple words: घर बनाते समय ऊँची जगह चुनें ताकि गंदगी न हो, रोशनी और हवा का अच्छा इंतज़ाम हो, और परिवार के हिसाब से कमरे बनें।

🎯 Exam Tip: आवास निर्माण से संबंधित बिंदुओं में, 'स्थान का चुनाव', 'वेंटिलेशन' और 'परिवार की ज़रूरत' जैसे व्यावहारिक पहलुओं को शामिल करें।

 

Question 11. आवासों के प्रकार लिखें।
Answer: आवासों को मुख्य रूप से तीन प्रकारों में बांटा जा सकता है। पहले प्रकार में 'पक्के आवास' आते हैं, जिनकी दीवारें ईंट-पत्थर की होती हैं और छत सीमेंट या पक्की खपरैल की होती है। ऐसे घर ज़्यादातर शहरों में मिलते हैं। दूसरे प्रकार में 'मिट्टी की दीवार वाले मकान' आते हैं, जिनकी छत खपरैल या टिन की होती है, ये घर शहरों की कच्ची बस्तियों में दिखाई देते हैं। तीसरे प्रकार में 'घास-फूस की झोपड़ियाँ' आती हैं, जो आमतौर पर गाँवों में पाए जाते हैं। इन तीनों प्रकारों में निर्माण सामग्री और स्थान में भिन्नता होती है।
In simple words: आवास तीन तरह के होते हैं: पक्के घर (शहरों में), मिट्टी के घर (कच्ची बस्तियों में), और घास-फूस की झोपड़ियाँ (गाँवों में)।

🎯 Exam Tip: आवास के प्रकारों का वर्णन करते समय, निर्माण सामग्री और उनकी सामान्य स्थान (शहर/गाँव/कच्ची बस्ती) के आधार पर वर्गीकरण करें।

RBSE Class 12 Sociology Chapter 7 निबंधात्मक प्रश्न

 

Question 1. नगरीय समाज के परिवर्तनों के बारे में लिखें।
Answer: शहरी समाज में कई बड़े बदलाव आते हैं। पहला, यहाँ लोग ज़्यादातर अपने फायदे के लिए संबंध बनाते हैं और काम खत्म होने पर एक-दूसरे से कोई मतलब नहीं रखते, जिससे मानवीय भावनाएँ कम होती हैं। दूसरा, सामाजिक रिश्ते कमज़ोर पड़ जाते हैं, लोग भीड़ में भी अकेलापन महसूस करते हैं। बढ़ती प्रतियोगिता और आपसी झगड़ों के कारण दूरियाँ बढ़ जाती हैं। तीसरा, शहरों में काम के बहुत सारे मौके होते हैं, जिससे गाँवों से लोग शहरों में आते हैं और शहरों की आबादी बढ़ती है। चौथा, महिलाओं की स्थिति में भी बदलाव आया है; उन्हें आज़ादी तो मिली है, पर उन्हें घर और काम दोनों जगह की ज़िम्मेदारियाँ निभानी पड़ती हैं। अंत में, शहरी परिवारों का आकार छोटा हो रहा है, अब ज़्यादातर माता-पिता और उनके अविवाहित बच्चे ही साथ रहते हैं, जिससे रिश्तों में पहले जैसी मिठास कम हो गई है। ये सभी बदलाव शहरी समाज में साफ़ दिखाई देते हैं और जीवनशैली को प्रभावित करते हैं।
In simple words: शहरी समाज में लोग स्वार्थी हो जाते हैं, रिश्ते कमज़ोर पड़ते हैं, काम के ज़्यादा मौके मिलते हैं, महिलाओं को दोहरी ज़िम्मेदारियाँ निभानी पड़ती हैं, और परिवार छोटे होते जा रहे हैं।

🎯 Exam Tip: नगरीय समाज में परिवर्तनों का विश्लेषण करते समय, व्यक्तिवादिता, व्यावसायिक बहुलता, गुमनामी, लैंगिक भूमिकाओं में बदलाव और परिवार के आकार जैसे बिंदुओं को शामिल करें।

 

Question 2. नगरीय समाज में विकास के मुद्दों की चर्चा कीजिए।
Answer: शहरी समाज के विकास के लिए कई बातों पर ध्यान देना ज़रूरी है। पहला, 'सुनियोजित बस्तियाँ' बनाना बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि गाँवों से लोग काम के लिए शहरों में आते हैं और उन्हें रहने की जगह की ज़रूरत होती है। इसलिए, व्यवस्थित घर बनाना ज़रूरी है। दूसरा, 'आवागमन के साधनों को बेहतर' करना चाहिए, ताकि लोग आसानी से कहीं भी आ-जा सकें। इसके लिए मज़बूत सड़कें बनाना और गाँवों को शहरों से जोड़ना ज़रूरी है। तीसरा, 'जल प्रबंधन' पर ध्यान देना चाहिए, ताकि सभी को पानी मिल सके और उसका सही इस्तेमाल हो। बारिश का पानी बचाना भी इसमें शामिल है। चौथा, 'ऊर्जा प्रबंधन' ज़रूरी है, ताकि शहरों में रहने वाले लोगों को पर्याप्त रोशनी मिले और वे अँधेरे से मुक्त होकर विकास कर सकें। ये सभी मुद्दे मिलकर शहरी जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
In simple words: शहरी विकास के लिए अच्छे घर, आसान आने-जाने के साधन, पानी का सही इस्तेमाल और बिजली की अच्छी व्यवस्था ज़रूरी है, ताकि सभी लोग अच्छे से रह सकें और आगे बढ़ें।

🎯 Exam Tip: नगरीय विकास के मुद्दों को समझाते समय, सुनियोजित बस्तियों, सहज आवागमन, जल प्रबंधन और ऊर्जा प्रबंधन जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करें।

 

Question 3. नगरीय समाज की क्या चुनौतियाँ हैं? लिखें।
Answer: शहरी समाज को आज कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पहला, 'आवास की समस्या' है, जहाँ लाखों लोगों के पास रहने के लिए घर नहीं हैं। दूसरा, 'गरीबी की समस्या' है, जिससे कई लोग अपनी बुनियादी ज़रूरतें भी पूरी नहीं कर पाते और भिक्षावृत्ति जैसी समस्याएँ बढ़ती हैं। तीसरा, 'जनसंख्या वृद्धि' एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि बढ़ती आबादी के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। चौथा, 'अपराधों में वृद्धि' देखी जा रही है, खासकर गरीबी के कारण चोरी, लूटपाट जैसे अपराध बढ़ रहे हैं। पाँचवाँ, 'प्रदूषण' एक गंभीर समस्या है, जो उद्योगों के कारण बढ़ रहा है और हवा को खराब कर रहा है, जिससे बीमारियाँ और तापमान बढ़ रहा है। छठा, 'बेरोजगारी की समस्या' भी शहरों में बड़ी है, खासकर पढ़े-लिखे युवाओं में, जिससे उनमें निराशा बढ़ती है। ये सभी चुनौतियाँ शहरी जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं और उनके समाधान के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता है।
In simple words: शहरों में घर की कमी, गरीबी, बढ़ती आबादी, बढ़ते अपराध, प्रदूषण और बेरोजगारी जैसी कई बड़ी समस्याएँ हैं।

🎯 Exam Tip: नगरीय समाज की चुनौतियों का वर्णन करते समय, प्रत्येक चुनौती का कारण और उसके सामाजिक-आर्थिक परिणामों को स्पष्ट करें।

 

Question 4. नगरीय आधारभूत ढांचे की स्थिति का वर्णन कीजिए।
Answer: शहरी आधारभूत सुविधाओं की स्थिति को कुछ मुख्य बातों से समझा जा सकता है। पहला, 'पानी की आपूर्ति' की बात करें तो 2011 में 71.2% शहरी लोगों को घर पर पानी मिल रहा था, लेकिन अभी भी कई शहरों में 24 घंटे पानी नहीं मिलता। दूसरा, 'स्वच्छता' की स्थिति में, 2011 में 32.1% शहरी लोग पाइप से जुड़ी सीवेज प्रणाली का इस्तेमाल करते थे, पर 12.6% लोग खुले में शौच करते थे। स्वच्छता जाँच में 423 शहरों में से सिर्फ 39 ही खरे उतरे, जो चिंताजनक है। तीसरा, 'ठोस कूड़ा प्रबंधन' एक बड़ी समस्या है, क्योंकि शहरों में बहुत ज़्यादा कूड़ा निकलता है, जिसे ज़्यादातर भरकर दबा दिया जाता है और वैज्ञानिक तरीके से कूड़ा निस्तारण कम होता है। चौथा, 'शहरी परिवहन' की बात करें तो भारत में सिर्फ़ 22% लोग ही सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करते हैं, जबकि फिलीपींस जैसे देशों में यह आंकड़ा ज़्यादा है। 2012 में 423 शहरों में से केवल 65 शहरों में ही औपचारिक बस सेवा थी। सरकार को इस क्षेत्र में और निवेश करना चाहिए ताकि शहरी परिवहन सुगम हो सके।
In simple words: शहरी इलाकों में पानी, साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण और परिवहन जैसी ज़रूरी सुविधाओं में अभी भी बहुत सुधार की ज़रूरत है। ज़्यादातर लोगों को 24 घंटे पानी नहीं मिलता, खुले में शौच एक समस्या है, कूड़े का सही इंतज़ाम नहीं होता और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल कम है।

🎯 Exam Tip: नगरीय आधारभूत ढाँचे का विश्लेषण करते समय, जलापूर्ति, स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और शहरी परिवहन जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करें और प्रासंगिक आँकड़ों का उल्लेख करें।

 

Question 5. आव्रजन को परिभाषित करते हुए, उसके कारणों का विश्लेषण करें।
Answer: आव्रजन से तात्पर्य किसी व्यक्ति या समूह के एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थायी या अस्थायी रूप से जाने को कहते हैं। यह वह प्रक्रिया है जिसमें मनुष्य एक जगह को छोड़कर दूसरी जगह बस जाता है। इसके कई कारण होते हैं। 'प्राकृतिक कारणों' में मौसम बदलना, बाढ़, सूखा या भूकंप शामिल हैं, जो लोगों को अपनी जगह छोड़ने पर मजबूर करते हैं। ज़मीन का उपजाऊ न होना या खनिजों का खत्म हो जाना भी लोगों को दूसरी जगह जाने के लिए प्रेरित करता है, साथ ही रोज़ी-रोटी की तलाश में भी लोग जगह बदलते हैं। 'राजनीतिक कारणों' में मज़बूत इलाकों की ओर जाना, या युद्ध के कारण लोगों को जबरन दूसरी जगह भेजना शामिल है। 'आर्थिक कारणों' में शहरों की अच्छी अर्थव्यवस्था एक बड़ी वजह होती है, जिससे गाँवों से लोग काम की तलाश में शहरों में आते हैं। जिन जगहों पर अच्छे साधन होते हैं, वहाँ भी बाहर से लोग आकर बसते हैं। 'सामाजिक-सांस्कृतिक कारणों' में शिक्षा के अच्छे केंद्र भी लोगों को आकर्षित करते हैं, क्योंकि वे लोगों के कौशल को बढ़ाते हैं और पुरानी सोच से मुक्ति दिलाते हैं। इसके अलावा, गाँवों की लड़कियों की शादी शहरी परिवारों में होने पर भी वे शहरों में बस जाती हैं। इन सभी कारणों से लोग तेज़ी से एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं, जिससे जनसंख्या के पैटर्न में बदलाव आता है।
In simple words: आव्रजन मतलब लोगों का जगह बदलना, जिसके कारण प्राकृतिक आपदाएँ, काम की तलाश, बेहतर शिक्षा और जीवनशैली, या राजनीतिक हालात हो सकते हैं।

🎯 Exam Tip: आव्रजन को परिभाषित करते समय उसकी गतिशीलता (स्थायी/अस्थायी) और फिर उसके कारणों को प्राकृतिक, राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक-सांस्कृतिक कारकों में विभाजित करके समझाएँ।

 

Question 6. नगर नियोजन के उद्देश्यों एवं आदर्शों की चर्चा करें।
Answer: पैट्रिक एवरक्रामी ने नगर नियोजन के तीन मुख्य उद्देश्य बताए हैं। पहला उद्देश्य 'सौंदर्य' है, जिसका मतलब है कि शहर देखने में सुंदर और आकर्षक होने चाहिए, पर उनकी सुंदरता समय के साथ बनी रहे। शहरों को सुंदर बनाने के लिए पानी, बिजली और जल प्रबंधन की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए। दूसरा उद्देश्य 'सुविधा' है, यानी शहरों में लोगों के लिए सभी बुनियादी सुविधाएँ आसानी से मिलें। जैसे, औद्योगिक मजदूरों को काम की जगह तक आसानी से पहुँचने के लिए अच्छा परिवहन मिले, ताकि उनका जीवन सुरक्षित और आरामदायक हो। ये तीनों उद्देश्य मिलकर शहरों को रहने के लिए एक बेहतर जगह बनाते हैं।

नगर नियोजन के कुछ मुख्य आदर्श भी हैं। पहला, 'सभी के लिए विकास' जिसमें शहर का विकास वहाँ के लोगों की संस्कृति और रीति-रिवाजों के हिसाब से होना चाहिए। दूसरा, 'ठीक से घर बनाना' जिसमें लोगों के लिए घर और बहुमंज़िला इमारतें बनाते समय ज़रूरी सुविधाओं का ध्यान रखा जाए और बिना योजना के निर्माण को रोका जाए। तीसरा, 'व्यवस्थित योजना' बनाना ज़रूरी है ताकि शहर के विकास में भविष्य में कोई दिक्कत न आए। चौथा, 'मज़बूत आर्थिक आधार' जिसमें शहर की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के लिए व्यापार और अन्य क्षेत्रों में सही नीतियाँ हों। पाँचवाँ, 'ज़मीन को योजना में शामिल करना' जिसमें शहर के विकास और रहने की जगह को बेहतर बनाने के लिए आस-पास की ज़मीन को भी योजना में शामिल किया जाए। ये आदर्श शहरी विकास को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाते हैं।
In simple words: पैट्रिक एवरक्रामी ने नगर नियोजन के तीन लक्ष्य बताए हैं: शहर सुंदर दिखें, लोगों को सभी सुविधाएँ आसानी से मिलें, और शहर में अच्छी व्यवस्था बनी रहे। इसके आदर्शों में सभी के लिए विकास, व्यवस्थित घर, क्रमबद्ध योजना, मजबूत अर्थव्यवस्था और जमीन का सही इस्तेमाल शामिल हैं।

🎯 Exam Tip: नगर नियोजन के उद्देश्यों को समझाते समय, एवरक्रामी के तीन उद्देश्यों (सौंदर्य, सुविधा) को अलग से बताएं और फिर नगर नियोजन के आदर्शों (सामुदायिक विकास, सुनियोजित भवन, आर्थिक आधार) का विस्तार से वर्णन करें।

 

Question 7. आवास उपलब्धता के लिए सरकारी स्तर पर किये जाने वाले प्रयासों के संबंध में लिखें।
Answer: सरकार ने लोगों को घर उपलब्ध कराने के लिए कई कदम उठाए हैं। 'राष्ट्रीय आवास नीति' के तहत, 1950 के बाद से 12 पंचवर्षीय योजनाएँ बनाई गईं जिनका लक्ष्य आवास और शहरी विकास करना था। नेहरू जी ने गरीबों के लिए रोज़गार योजनाएँ शुरू कीं, और इन योजनाओं में सरकारी कर्मचारियों और कमज़ोर वर्गों के लिए घर बनाने पर ज़ोर दिया गया। 1998 में राष्ट्रीय आवास नीति लाई गई जिसका मकसद घरों की कमी को दूर करना और सभी को बुनियादी सुविधाएँ देना था। इसके अलावा, 'पुनर्वास योजना' के तहत शहरों में झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों के लिए खाली ज़मीन का उपयोग करके घर बनाए गए। सरकार ने 'कर्ज़ संबंधी सहायता' भी दी, ताकि गरीब लोग घर बनाने या खरीदने के लिए आसानी से कर्ज़ ले सकें। 'किफायती आवास' योजना के तहत कम कीमत पर घर उपलब्ध कराए गए, ताकि सभी को रहने की जगह मिल सके। 'नेतृत्व वाले आवास' कार्यक्रम में लाभार्थियों की मदद की गई ताकि वे अपने घरों का निर्माण या विस्तार कर सकें। राष्ट्रीय बिल्डिंग संगठन की स्थापना (1954) भी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
In simple words: सरकार ने घर उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय नीतियाँ बनाई हैं, गरीबों के लिए घर और कर्ज़ दिए हैं, सस्ते घर उपलब्ध कराए हैं, और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों के लिए पुनर्वास योजनाएँ चलाई हैं।

🎯 Exam Tip: आवास उपलब्धता के लिए सरकारी प्रयासों का वर्णन करते समय, प्रमुख नीतियों (राष्ट्रीय आवास नीति) और कार्यक्रमों (पुनर्वास, ऋण सहायता, किफायती आवास) का उल्लेख करें और उनकी स्थापना के वर्ष (यदि उपलब्ध हो) को ज़रूर शामिल करें।

RBSE Class 12 Sociology Chapter 7 अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

RBSE Class 12 Sociology Chapter 7 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. नगरीय का अर्थ किससे संबंधित है?
(अ) समुदाय से
(ब) संस्था से
(स) समिति से
(द) संस्कृति से
Answer: (अ) समुदाय से
In simple words: "नगरीय" शब्द का मतलब शहरों में रहने वाले लोगों के समूह या समुदाय से है।

🎯 Exam Tip: किसी भी अवधारणा का मूल अर्थ बताते समय, उसके सबसे प्रत्यक्ष और व्यापक संबंध पर ध्यान केंद्रित करें।

 

Question 2. किन समाजशस्त्रियों ने नगरीय समाज का अध्ययन किया है?
(अ) पार्क
(ब) विर्थ
(स) बर्गेस
(द) सभी ने
Answer: (द) सभी ने
In simple words: पार्क, विर्थ और बर्गेस जैसे समाजशास्त्रियों ने शहरी समाज के बारे में पढ़ाई की है।

🎯 Exam Tip: समाजशास्त्र में, नगरीय अध्ययन के लिए कई प्रमुख विद्वान हैं; यदि सूची में सभी महत्वपूर्ण नाम शामिल हैं, तो 'सभी विकल्प' अक्सर सही उत्तर होता है।

 

Question 4. 'American General of Sociology' पुस्तक के रचियता कौन हैं?
(अ) पार्क
(ब) जिमरमैन
(स) विर्थ
(द) बर्गेस
Answer: (स) विर्थ
In simple words: 'अमेरिकन जनरल ऑफ सोशियोलॉजी' नामक पुस्तक विर्थ ने लिखी थी। यह पुस्तक समाजशास्त्र के क्षेत्र में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

🎯 Exam Tip: लेखकों और उनकी महत्वपूर्ण पुस्तकों के नाम याद रखना परीक्षा में अच्छे अंक दिलाने में मदद करता है।

 

Question 5. 'जीवन का ढंग' क्या कहलाता है?
(अ) क्षेत्र
(ब) नगरीयता
(स) कस्बा
(द) गांव
Answer: (ब) नगरीयता
In simple words: जिस तरह से लोग शहरों में रहते हैं, काम करते हैं और अपना जीवन बिताते हैं, उसे नगरीयता कहते हैं। यह शहरी जीवन का एक खास तरीका है।

🎯 Exam Tip: नगरीयता की विशेषताओं को समझना शहरी समाज के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 6. व्यक्तिवादिता कहाँ की विशेषता है?
(अ) गांव
(ब) समुदाय
(स) नगर
(द) कोई भी नहीं
Answer: (स) नगर
In simple words: व्यक्तिवादिता का मतलब है कि हर व्यक्ति अपने फायदे के बारे में ज्यादा सोचता है। यह सोच शहरों में ज्यादा देखने को मिलती है क्योंकि वहां लोग अक्सर अकेले रहते हैं।

🎯 Exam Tip: नगरीय समाज में व्यक्तिवादिता, गुमनामी और व्यवसायों की बहुलता जैसी विशेषताओं पर ध्यान दें।

 

Question 7. एकाकी परिवार सर्वाधिक कहाँ पाए जाते हैं?
Answer: एकाकी परिवार सर्वाधिक नगरों में पाए जाते हैं। शहरों में लोग अक्सर माता-पिता और उनके अविवाहित बच्चों के साथ छोटे परिवारों में रहते हैं। आधुनिक जीवनशैली और नौकरियों की तलाश में लोग ऐसे परिवार बनाना पसंद करते हैं।
In simple words: एकाकी परिवार अधिकतर शहरों में होते हैं, जहाँ केवल माता-पिता और उनके बच्चे साथ रहते हैं।

🎯 Exam Tip: एकाकी परिवार की बढ़ती संख्या शहरीकरण और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के साथ जुड़ी है, जो ग्रामीण समाजों से भिन्न है।

 

Question 8. भारतीय समाज में किस सत्ता का प्रचलन है?
(अ) पितृसत्तात्मक
(ब) मातृसत्तात्मक
(स) दोनों
(द) कोई भी नहीं
Answer: (अ) पितृसत्तात्मक
In simple words: भारतीय समाज में पितृसत्तात्मक व्यवस्था है, जहाँ पुरुष (पिता) परिवार का मुखिया होता है और उसके फैसले माने जाते हैं। यह लंबे समय से चली आ रही परंपरा है।

🎯 Exam Tip: भारतीय समाज की पारंपरिक संरचना में पितृसत्ता की भूमिका को समझना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह परिवार और समाज में शक्ति संबंधों को परिभाषित करती है।

 

Question 9. किशोर अपराधों में कितने प्रतिशत वृद्धि हुई है?
(अ) 44%
(ब) 45%
(स) 46%
(द) 47%
Answer: (द) 47%
In simple words: किशोरों द्वारा किए जाने वाले अपराधों में 47 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। यह एक गंभीर सामाजिक समस्या है।

🎯 Exam Tip: अपराध दर जैसे सामाजिक आंकड़ों को याद रखने से आप समाजशास्त्र के प्रश्नों में सटीक जानकारी दे सकते हैं।

 

Question 10. भारत में विवाह - विच्छेद की दर प्रति हजार पर कितनी हो गयी है?
(अ) 12
(ब) 13
(स) 14
(द) 15
Answer: (ब) 13
In simple words: भारत में हर हजार शादियों में से लगभग 13 शादियाँ टूट जाती हैं। यह दर देश में तलाक के बढ़ते रुझान को दिखाती है।

🎯 Exam Tip: सामाजिक परिवर्तनों को समझने के लिए विवाह - विच्छेद जैसे आँकड़े महत्वपूर्ण हैं; ध्यान दें कि ये आँकड़े समय के साथ बदल सकते हैं।

 

Question 11. वर्तमान में बड़े नगरों की संख्या कितनी है?
(अ) 17
(ब) 18
(स) 19
Answer: (स) 19
In simple words: अभी भारत में 19 बड़े नगर या महानगर हैं, जहाँ बड़ी संख्या में लोग रहते हैं और विकास हो रहा है। इन नगरों को आमतौर पर मेट्रो शहर भी कहा जाता है।

🎯 Exam Tip: बड़े नगरों की संख्या और उनकी विशेषताओं को समझना शहरीकरण के प्रभावों पर प्रश्नों के लिए उपयोगी है।

 

Question 13. भारत में कितने प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवन - यापन कर रहे हैं?
(अ) 19%
(ब) 20%
(स) 22%
(द) 28%
Answer: (स) 22%
In simple words: भारत में लगभग 22 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिनकी आय इतनी कम है कि वे अपनी बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं कर पाते हैं, यानी वे गरीबी रेखा से नीचे जी रहे हैं।

🎯 Exam Tip: गरीबी रेखा से नीचे के आंकड़े भारत की सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों को दर्शाते हैं; इन आंकड़ों का उल्लेख आपके उत्तरों को मजबूत करता है।

 

Question 14. 'राज्य' की उत्पत्ति का सिद्धांत किसने दिया था?
(अ) रूसो
(ब) हॉब्स
(स) लॉक
(द) कोई भी नहीं
Answer: (ब) हॉब्स
In simple words: थॉमस हॉब्स ने बताया कि कैसे राज्य बना। उनके अनुसार, लोगों ने अपनी सुरक्षा के लिए मिलकर एक सरकार बनाई और अपने कुछ अधिकार उसे दे दिए।

🎯 Exam Tip: राजनीतिक दर्शन में, हॉब्स, लॉक और रूसो जैसे विचारकों के प्रमुख सिद्धांतों को जानना आवश्यक है।

 

Question 15. 'बेस्ट' बस की औसत गति कितनी है?
(अ) 9 किमी. प्रति घण्टा
(ब) 10 किमी. प्रति घण्टा
(स) 12 किमी. प्रति घण्टा
(द) 14 किमी. प्रति घण्टा
Answer: (स) 12 किमी. प्रति घण्टा
In simple words: 'बेस्ट' बसों की औसत रफ्तार 12 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह शहरों में यातायात की धीमी गति को दिखाती है।

🎯 Exam Tip: शहरी परिवहन से संबंधित प्रश्नों में, औसत गति जैसे विशिष्ट आंकड़े देना आपके उत्तर को अधिक प्रामाणिक बनाता है।

 

Question 17. आव्रजन सामाजिक ................... का सूचक है?
(अ) स्थिति
(ब) विषमता
(स) परिवर्तन
(द) गतिशीलता
Answer: (स) परिवर्तन
In simple words: आव्रजन यानी एक जगह से दूसरी जगह जाना, समाज में बदलाव आने का संकेत है। यह समाज में होने वाले बड़े परिवर्तनों को दिखाता है।

🎯 Exam Tip: आव्रजन को सामाजिक परिवर्तन के एक महत्वपूर्ण संकेतक के रूप में समझना चाहिए, क्योंकि यह जनसंख्या, संस्कृति और अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव डालता है।

 

Question 18. आव्रजन के कितने रूप होते हैं?
(अ) एक
(ब) दो
(स) तीन
(द) चार
Answer: (ब) दो
In simple words: आव्रजन के दो मुख्य प्रकार होते हैं - एक ही देश के अंदर लोगों का एक जगह से दूसरी जगह जाना, और दूसरा एक देश से दूसरे देश में जाना।

🎯 Exam Tip: आव्रजन के प्रकारों को याद रखना इसके कारणों और प्रभावों को समझने में मदद करता है।

 

Question 19. नगर नियोजन कैसी योजना है?
(अ) राजनीतिक
(ब) प्रशासकीय
(स) सामाजिक
(द) आर्थिक
Answer: (ब) प्रशासकीय
In simple words: नगर नियोजन एक ऐसी योजना है जिसे सरकार या अधिकारी शहर के विकास और व्यवस्था के लिए बनाते हैं। इसमें योजना बनाना और उसे लागू करना शामिल होता है।

🎯 Exam Tip: नगर नियोजन के प्रशासनिक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करें, जैसे कि योजना, कार्यान्वयन और विनियमन।

 

Question 20. अयोध्या का निर्माण किस काल में हुआ था?
Answer: अयोध्या का निर्माण गुप्त काल में हुआ था। इसे नियोजित ढंग से बनवाया गया था, जो उस समय की वास्तुकला और शहरी नियोजन को दर्शाता है।
In simple words: अयोध्या शहर गुप्त काल में बनाया गया था, और इसका निर्माण बहुत योजनाबद्ध तरीके से किया गया था।

🎯 Exam Tip: प्राचीन शहरों के निर्माण काल और उनके वास्तुकारों या राजाओं के नाम जैसे ऐतिहासिक तथ्यों को याद रखना सामान्य ज्ञान के प्रश्नों के लिए उपयोगी है।

 

Question 21. 'जयपुर' का निर्माण किस वर्ष में हुआ था?
(अ) 1725
(ब) 1726
(स) 1727
(द) 1728
Answer: (स) 1727
In simple words: जयपुर शहर को 1727 में बनाया गया था। इसे सवाई जय सिंह द्वितीय ने बहुत सोच-समझकर डिजाइन करवाया था।

🎯 Exam Tip: भारत के प्रमुख शहरों के निर्माण वर्ष और उनके संस्थापक राजाओं के नाम याद रखने से इतिहास और सामान्य ज्ञान के प्रश्नों में मदद मिलती है।

 

Question 22. 2011 में कितने प्रतिशत घर विद्युत का उपयोग कर पाये?
(अ) 90%
(ब) 91%
(स) 92%
(द) 93%
Answer: (द) 93%
In simple words: 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में 93 प्रतिशत घरों में बिजली का इस्तेमाल होता था। यह बिजली तक पहुंच में सुधार को दिखाता है।

🎯 Exam Tip: जनगणना के आंकड़े सामाजिक और आर्थिक विकास के सूचकों को दर्शाते हैं; बिजली की पहुंच जैसे आंकड़े महत्वपूर्ण हैं।

 

Question 23. राष्ट्रीय आवास नीति की घोषणा कब की गई?
(अ) 1998
(ब) 1999
(स) 1995
(द) 1994
Answer: (अ) 1998
In simple words: राष्ट्रीय आवास नीति की घोषणा 1998 में की गई थी। इसका मकसद सभी को घर दिलाना और बुनियादी सुविधाएं देना था।

🎯 Exam Tip: सरकारी नीतियों और उनके घोषणा वर्ष को याद रखना नीति-निर्माण और सामाजिक विकास के प्रश्नों के लिए उपयोगी है।

RBSE Class 12 Sociology Chapter 7 अति लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. 'नगरीय' शब्द किसे दर्शाता है?
Answer: 'नगरीय' शब्द ऐसे समुदाय को दर्शाता है जो किसी नगरीय क्षेत्र में निवास करता है। यह उस विशेष जीवनशैली और सामाजिक व्यवस्था का संकेत है जो शहरों में पाई जाती है।
In simple words: 'नगरीय' शब्द उन लोगों को दिखाता है जो शहरों या कस्बों में रहते हैं।

🎯 Exam Tip: 'नगरीय' शब्द की परिभाषा को स्पष्ट और संक्षिप्त रखें, इसमें स्थान और समुदाय दोनों को शामिल करें।

 

Question 3. 'श्रम - विभाजन' तथा 'विशेषीकरण' कहाँ की विशेषता है?
Answer: 'श्रम - विभाजन' तथा 'विशेषीकरण' नगरीय समाज की प्रमुख विशेषताएँ हैं। शहरों में लोग अलग-अलग खास काम करते हैं, जिससे वे एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं। यह व्यवस्था शहरों के आर्थिक विकास में सहायता करती है।
In simple words: शहरों में लोग अलग-अलग काम करते हैं और हर कोई अपने खास काम में माहिर होता है, इसी को श्रम-विभाजन और विशेषीकरण कहते हैं।

🎯 Exam Tip: नगरीय समाज की विशेषताओं को समझाते समय, श्रम-विभाजन और विशेषीकरण को उदाहरणों के साथ स्पष्ट करें।

 

Question 4. एकाकी परिवार किसे कहते हैं?
Answer: जिस परिवार में माता - पिता तथा उनके अविवाहित बच्चे ही निवास करते हैं, उसे एकाकी परिवार कहते हैं। यह परिवार स्वरूप अक्सर शहरी क्षेत्रों में अधिक देखा जाता है।
In simple words: एकाकी परिवार वह है जिसमें माता-पिता और उनके अविवाहित बच्चे ही साथ रहते हैं।

🎯 Exam Tip: परिवार के विभिन्न प्रकारों की परिभाषाओं को उनके सदस्यों की संरचना के आधार पर याद रखें।

 

Question 5. किस संस्कृति ने नगरीय समाज को भावनात्मक रूप से शून्य कर दिया है?
Answer: भौतिकवादी संस्कृति ने नगरीय समाज को भावनात्मक रूप से शून्य कर दिया है। लोग अब चीजों और पैसों को ज्यादा महत्व देते हैं, जिससे आपसी रिश्ते कमजोर हो गए हैं और भावनाएं कम होती जा रही हैं।
In simple words: भौतिकवादी सोच ने शहरी समाज में लोगों की भावनाओं को कम कर दिया है।

🎯 Exam Tip: भौतिकवाद के सामाजिक प्रभावों पर टिप्पणी करते समय, भावनात्मक शून्यता जैसे नकारात्मक परिणामों पर जोर दें।

 

Question 6. नाबालिगों द्वारा किये जाने वाले अपराधों की संख्या 2014 तक कितनी हो गयी है?
Answer: नाबालिगों द्वारा किये जाने वाले अपराधों की संख्या 2014 तक 33,526 हो गयी है। यह आंकड़ा समाज में बढ़ती चिंता को दर्शाता है।
In simple words: 2014 तक बच्चों द्वारा किए गए अपराधों की संख्या 33,526 हो गई थी।

🎯 Exam Tip: ऐसे संख्यात्मक आंकड़ों को सटीक रूप से प्रस्तुत करना आपके उत्तर की विश्वसनीयता बढ़ाता है।

 

Question 7. बोरनेट कहाँ के प्रसिद्ध समाजशास्त्री हैं?
Answer: बोरनेट 'University of Southern California' के प्रसिद्ध समाजशास्त्री हैं। उन्होंने समाजशास्त्र के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
In simple words: बोरनेट कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के एक मशहूर समाजशास्त्री हैं।

🎯 Exam Tip: प्रमुख समाजशास्त्रियों और उनके संबंधित संस्थानों को याद रखना अकादमिक प्रश्नों में सहायक होता है।

 

Question 8. प्राकृतिक तथा सांस्कृतिक संसाधनों का संरक्षण सर्वाधिक किस शहर में है?
Answer: 'चंडीगढ़' देश के उन शहरों में से एक है, जहाँ प्राकृतिक तथा सांस्कृतिक संसाधनों का संरक्षण सर्वाधिक होता है। चंडीगढ़ को उसके बेहतरीन शहरी नियोजन और हरियाली के लिए भी जाना जाता है।
In simple words: चंडीगढ़ में प्राकृतिक और सांस्कृतिक चीजों को सबसे अच्छे तरीके से बचाया जाता है।

🎯 Exam Tip: ऐसे शहरों के नाम याद रखें जो पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाने जाते हैं।

 

Question 9. 'National Award for Smart Growth Achievement' का पुरस्कार किसे मिला है?
Answer: यह पुरस्कार 2015 में प्रदान किया गया था। यह अवार्ड आमतौर पर उन शहरों या परियोजनाओं को मिलता है जिन्होंने शहरी विकास में स्मार्ट और टिकाऊ तरीके अपनाए हों।
In simple words: यह पुरस्कार 2015 में दिया गया था।

🎯 Exam Tip: यदि संभव हो, तो विशिष्ट पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं का उल्लेख करें; यदि जानकारी उपलब्ध न हो, तो केवल वर्ष और पुरस्कार का उद्देश्य बताएं।

 

Question 11. नगरों में सबसे बड़ी समस्या कौन - सी उत्पन्न हुई है?
Answer: अत्यधिक जनसंख्या के संकेन्द्रण के कारण विश्व के वृहत् नगरों में आवास की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। शहरों में बढ़ती जनसंख्या के कारण सभी को घर मिल पाना मुश्किल हो गया है।
In simple words: शहरों में बहुत ज्यादा लोग रहने लगे हैं, इसलिए सबको घर नहीं मिल पा रहा है, जो सबसे बड़ी समस्या है।

🎯 Exam Tip: शहरीकरण से संबंधित समस्याओं पर लिखते समय, आवास की कमी को एक प्रमुख चुनौती के रूप में प्रस्तुत करें।

 

Question 12. किस देश का जनसंख्या घनत्व सबसे अधिक है?
Answer: भारत में जनसंख्या का घनत्व विश्वभर में सबसे अधिक है। इसका अर्थ है कि भारत में प्रति वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में सबसे ज्यादा लोग रहते हैं।
In simple words: भारत में दुनिया के बाकी देशों से ज्यादा लोग एक साथ छोटे से इलाके में रहते हैं।

🎯 Exam Tip: जनसंख्या घनत्व के आंकड़े देश की जनसंख्या संबंधी चुनौतियों और संसाधनों पर दबाव को दर्शाते हैं।

 

Question 13. कितने शहरों में औपचारिक सिटी बस सेवा उपलब्ध है?
Answer: केवल 65 शहरों में ही औपचारिक सिटी बस सेवा उपलब्ध है। यह दर्शाता है कि भारत में शहरी परिवहन प्रणाली अभी भी विकास के शुरुआती चरण में है।
In simple words: भारत के सिर्फ 65 शहरों में ही सरकारी बसें चलती हैं।

🎯 Exam Tip: शहरी परिवहन से जुड़े आंकड़ों को याद रखें, क्योंकि यह शहरी आधारभूत संरचना के मूल्यांकन में सहायक होता है।

 

Question 14. चार्ल्स डिकेंस की पुस्तक का क्या नाम है?
Answer: चार्ल्स डिकेंस की पुस्तक का नाम 'A Tale of Two Cities' है, जिसमें उन्होंने नगरों के विषय में व्याख्या की है। यह पुस्तक औद्योगिक क्रांति के दौरान के सामाजिक परिवर्तनों पर आधारित है।
In simple words: चार्ल्स डिकेंस ने 'ए टेल ऑफ टू सिटीज' नाम की किताब लिखी है, जिसमें उन्होंने शहरों की बातें बताई हैं।

🎯 Exam Tip: साहित्यिक कृतियों और उनके लेखकों के नाम को सटीकता से याद करें, खासकर जब वे सामाजिक विषयों से संबंधित हों।

 

Question 15. दिवंगत राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने नगरों के विकास के लिए किस कार्यक्रम की पहल की थी?
Answer: दिवंगत राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने नगरों के विकास के लिए 'Provision of Urban Amenities to Rural Areas' (पुरा) कार्यक्रम की पहल की थी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी सुविधाएं प्रदान करना था ताकि गांवों से शहरों की ओर पलायन कम हो सके।
In simple words: अब्दुल कलाम ने शहरों के विकास के लिए 'पुरा' नाम का एक कार्यक्रम शुरू किया था, जिसका मतलब था कि गांवों में भी शहर जैसी सुविधाएं मिलें।

🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रमों और उनके प्रणेताओं को याद रखना नीति-निर्माण संबंधी प्रश्नों के लिए उपयोगी है।

 

Question 16. 'अमृत मिशन' का मुख्य उद्देश्य क्या है?
Answer: 'अमृत मिशन' का मुख्य उद्देश्य घरों में बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराना है, जैसे कि जल आपूर्ति, सीवेज और शहरी परिवहन आदि, जिससे सभी नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि हो सके। यह शहरी क्षेत्रों में जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।
In simple words: अमृत मिशन का मुख्य लक्ष्य घरों को पानी, सीवेज और परिवहन जैसी अच्छी सुविधाएं देना है, ताकि लोगों का जीवन बेहतर हो सके।

🎯 Exam Tip: 'अमृत मिशन' जैसे सरकारी कार्यक्रमों के उद्देश्यों और उनके मुख्य घटकों को समझना महत्वपूर्ण है।

 

Question. यूरोपीय आप्रवासी किसे कहा जाता है?
Answer: उत्तरी अमेरिका में यूरोप से आये हुए लोगों को यूरोपीय आप्रवासी कहा जाता है। ये लोग बेहतर जीवन और अवसरों की तलाश में यूरोप से पलायन कर उत्तरी अमेरिका में बस गए थे।
In simple words: यूरोप से उत्तरी अमेरिका में आकर बसे लोगों को यूरोपीय आप्रवासी कहते हैं।

🎯 Exam Tip: आप्रवासन के ऐतिहासिक संदर्भों को याद रखें, जैसे कि विभिन्न महाद्वीपों के बीच जनसंख्या के प्रवास का कारण क्या था।

 

Question 19. आव्रजन के कितने रूप होते हैं?
Answer: आव्रजन के दो रूप होते हैं - आंतरिक आव्रजन तथा अन्तर्राष्ट्रीय आव्रजन। आंतरिक आव्रजन देश के भीतर होता है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय आव्रजन एक देश से दूसरे देश में होता है।
In simple words: आव्रजन दो तरह का होता है - अपने देश के अंदर जाना (आंतरिक) और दूसरे देश जाना (अंतर्राष्ट्रीय)।

🎯 Exam Tip: आव्रजन के प्रकारों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें और उनके बीच का अंतर बताएं।

 

Question 20. आंतरिक आव्रजन की प्रक्रिया का आरंभ किस काल में हुआ?
Answer: आंतरिक आव्रजन की प्रक्रिया उपनिवेश काल से ही आरंभ हुई थी। इस दौरान लोग रोजगार और संसाधनों की तलाश में एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में जाने लगे थे।
In simple words: आंतरिक आव्रजन की शुरुआत उपनिवेश काल में हुई थी।

🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक अवधियों के साथ सामाजिक प्रक्रियाओं को जोड़ना आपके उत्तरों को अधिक जानकारीपूर्ण बनाता है।

 

Question 21. किन राज्यों में अधिक शहरीकरण नहीं हुआ है?
Answer: बिहार, उत्तर - प्रदेश तथा उड़ीसा जैसे राज्यों में अधिक शहरीकरण नहीं हुआ है। इन राज्यों में ग्रामीण आबादी का अनुपात अभी भी अधिक है।
In simple words: बिहार, उत्तर-प्रदेश और उड़ीसा जैसे राज्यों में अभी भी ज्यादा लोग गांवों में रहते हैं, शहरों में कम लोग हैं।

🎯 Exam Tip: शहरीकरण के क्षेत्रीय असमानताओं पर ध्यान दें और उन राज्यों के नाम याद रखें जहां यह प्रक्रिया धीमी रही है।

 

Question 22. कौन - सी दो विपरीत गुणों वाली शक्तियाँ जनसंख्या में आकार, गति व दिशा को नियंत्रित करती हैं?
Answer: 'आकर्षण शक्ति' और 'प्रतिकर्षण शक्ति' दो ऐसी विपरीत गुणों वाली शक्तियां हैं जो जनसंख्या के आकार, गति व दिशा को नियंत्रित करती हैं। लोग उन जगहों पर खींचे जाते हैं जहां सुविधाएं होती हैं (आकर्षण) और उन जगहों को छोड़ते हैं जहां समस्याएं होती हैं (प्रतिकर्षण)।
In simple words: 'खींचने वाली शक्ति' और 'धकेलने वाली शक्ति' ये दो चीजें जनसंख्या के बढ़ने, घटने और लोगों के एक जगह से दूसरी जगह जाने को तय करती हैं।

🎯 Exam Tip: जनसंख्या प्रवास के सिद्धांतों को समझने के लिए आकर्षण और प्रतिकर्षण शक्तियों की अवधारणा महत्वपूर्ण है।

 

Question 23. प्रागैतिहासिक आव्रजन किस कारण से होता है?
Answer: प्रागैतिहासिक आव्रजन मुख्यतः जलवायु परिवर्तन के कारण होता है। प्राचीन समय में, लोग भोजन और पानी की तलाश में या बदलती जलवायु परिस्थितियों के कारण एक जगह से दूसरी जगह जाते थे।
In simple words: पुराने समय में लोग मुख्य रूप से मौसम बदलने के कारण एक जगह से दूसरी जगह जाते थे।

🎯 Exam Tip: प्रागैतिहासिक काल में मानव प्रवास के प्रमुख कारणों को याद रखें, खासकर पर्यावरणीय कारकों को।

 

Question 24. 'जयपुर' का निर्माण किस राजा ने किया था?
Answer: 'जयपुर' का निर्माण सवाई जय सिंह द्वितीय ने नियोजित ढंग से बनवाया था। उन्होंने इस शहर को विज्ञान और खगोलशास्त्र के सिद्धांतों के आधार पर डिजाइन करवाया था।
In simple words: जयपुर शहर को राजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने बनवाया था।

🎯 Exam Tip: शहरों के संस्थापकों और उनके योगदान को याद रखना ऐतिहासिक तथ्यों को मजबूत करता है।

RBSE Class 12 Sociology Chapter 7 लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. नगरीय शब्द की अवधारणा को स्पस्ट कीजिए।
Answer: नगरीय शब्द की अवधारणा को हम निम्नांकित बिंदुओं के आधार पर स्पष्ट कर सकते हैं –
1. 'नगरीय' का अर्थ ऐसे समुदाय से है जो किसी नगर में निवास करता है।
2. 'नगरीय' शब्द विशेष रूप से उस समुदाय को इंगित करता है जो नगरीय क्षेत्र में रहता है।
3. नगरीय क्षेत्र को एक ऐसे स्थान के रूप में समझा जाता है जहाँ मुख्य रूप से उद्योग, नौकरी, व्यापार तथा अन्य व्यवसाय होते हैं।
4. नगरीय समुदाय मुख्य रूप से तकनीकी कार्यों और वस्तुओं के निर्माण से संबंधित होता है।
5. नगरीय मानव जीवन की एक विशिष्ट सामाजिक व्यवस्था होती है।
6. नगरीय सामाजिक व्यवस्था में व्यक्ति को अपनी पसंद की व्यावसायिक क्रियाएँ करने की स्वतंत्रता होती है। यह शहरों की जीवनशैली का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
In simple words: नगरीय शब्द का मतलब है शहरों में रहने वाले लोग। यह शहर की खास तरह की जिंदगी, काम और सामाजिक व्यवस्था को दिखाता है।

🎯 Exam Tip: नगरीय अवधारणा को परिभाषित करते समय, इसके विभिन्न पहलुओं-जैसे समुदाय, आर्थिक गतिविधियों और सामाजिक व्यवस्था-को विस्तार से बताएं।

 

Question 2. समाजशास्त्री विर्थ ने नगरीय समाज के किन लक्षणों की विवेचना की है?
Answer: समाजशास्त्री विर्थ ने नगरीय समाज की अनेक लक्षणों की विवेचना की है जो निम्नलिखित हैं –
1. विषमताः विर्थ के अनुसार नगरों में बहुत विषमता पाई जाती है। यहाँ पर अनेक प्रकार के लोग रहते हैं, जिनकी संस्कृति, खान-पान, रीति-रिवाज और मूल्य अलग-अलग होते हैं।
2. पारस्परिक निर्भरता: विर्थ के अनुसार नगरों में श्रम-विभाजन और विशेषीकरण के कारण लोग एक-दूसरे पर बहुत निर्भर होते हैं। हर व्यक्ति अपने विशेष काम के लिए दूसरों पर आश्रित रहता है।
3. दिखावे की प्रवृत्तिः उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि नगरों में निवास करने वाले लोगों में दिखावे की प्रवृत्ति अधिक होती है। उनके संबंधों की प्रकृति सच्ची भावनाओं पर आधारित न होकर केवल काम से जुड़ी होती है।
4. उच्च जीवन प्रणाली: नगरों में निवास करने वाले कुछ वर्गों का जीवन स्तर काफी उच्च होता है। उनके पास सभी साधन होते हैं जिनका प्रयोग वे समझदारी और योजना के साथ करते हैं।
In simple words: विर्थ ने बताया कि शहरों में लोग अलग-अलग होते हैं, एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं, दिखावा ज्यादा करते हैं, और कुछ लोग बहुत अच्छी जिंदगी जीते हैं।

🎯 Exam Tip: समाजशास्त्रियों के सिद्धांतों को उनके प्रमुख बिंदुओं के साथ याद रखें, खासकर जब वे सामाजिक संरचनाओं की व्याख्या करते हों।

 

Question 4. नगरों में बच्चों में बढ़ते एकाकीपन के क्या कारण हैं?
Answer: नगरों में बच्चों में बढ़ते एकाकीपन के निम्नलिखित कारण हैं –
1. अभिभावकों की व्यस्तताः नगरों में माता-पिता दोनों ही अपने काम - धंधे पर जाकर काम करते हैं, जिससे उनके पास अपने बच्चों के लिए पर्याप्त समय नहीं होता है। इसके कारण बच्चों में अकेलेपन की भावना आ जाती है।
2. विवाह - विच्छेद की प्रवृत्तिः नगरों में आजकल विवाह - विच्छेद की प्रवृत्ति में काफी वृद्धि हुई है, जिसके कारण माता और पिता अलग रहते हैं। ऐसे में बच्चों की ठीक से देखभाल नहीं हो पाती है और उन्हें अपने माता-पिता का प्यार भी नहीं मिल पाता है, जिसके कारण बच्चों में अकेलेपन की भावना आती है।
3. एकाकी परिवार की प्रवृत्तिः नगरों में एकाकी परिवारों का चलन अधिक है, जिसमें केवल माता-पिता और उनके बच्चे ही शामिल रहते हैं। जबकि संयुक्त परिवारों में अनेक सदस्य एक साथ निवास करते हैं, जहाँ सभी सदस्यों का मनोरंजन होता रहता है। इस कारण एकाकी परिवार में सदस्यों की कम संख्या और पर्याप्त समय के अभाव के कारण बच्चों में अकेलेपन की प्रवृत्ति जन्म लेती है।
In simple words: शहरों में बच्चों के अकेलेपन के मुख्य कारण माता-पिता की व्यस्तता, तलाक और छोटे परिवारों का होना है, जिससे बच्चों को पूरा समय और प्यार नहीं मिल पाता है।

🎯 Exam Tip: बच्चों में एकाकीपन के कारणों को समझाते समय, पारिवारिक संरचना, माता-पिता की भूमिका और सामाजिक बदलावों पर ध्यान केंद्रित करें।

 

Question 5. नगरीय समाज में सोशल नेटवर्किंग तथा इंटरनेट ने किस प्रकार से बदलाव उत्पन्न किया है?
Answer: नगरीय समाज में सोशल नेटवर्किंग तथा इंटरनेट प्रणाली ने अनेक प्रकार से लोगों की जीवन पद्धति में तीव्र बदलाव उत्पन्न किये हैं, जो निम्न प्रकार हैं –
1. नवीन सूचनाओं की प्राप्तिः सोशल साइट्स और इंटरनेट से लोगों को देश-विदेश व अपने सभी सहकर्मियों तथा पारिवारिक सदस्यों की सूचनाएँ आसानी से मिल जाती हैं। लोगों की दूरी में कमी आई है। अब हर व्यक्ति दुनिया के किसी भी कोने में लोगों से संपर्क स्थापित कर सकता है। इस प्रणाली ने लोगों के बीच दूरी को घटा दिया है और उन्हें एक-दूसरे से जोड़े रखा है।
In simple words: सोशल मीडिया और इंटरनेट ने शहरी लोगों के जीवन को बहुत बदल दिया है। इससे नई जानकारी मिलती है और लोग दूर बैठे भी एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं।

🎯 Exam Tip: सोशल नेटवर्किंग के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रभावों को समझाएं, और बताएं कि इसने कैसे सामाजिक संपर्क को बदला है।

 

Question 6. सुनियोजित बस्तियों की विशेषताएँ बताइए।
Answer: सुनियोजित बस्तियों की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –
1. नगरों में स्थापित बस्तियों का निर्माण लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप किया जाता है, जिससे उन्हें रहने में कोई समस्या न हो।
2. नगरों में सुनियोजित बस्तियों का निर्माण विकास नीतियों के आधार पर किया जाता है।
3. सुनियोजित बस्तियों में लोगों को सभी सुविधाएँ उपलब्ध होती हैं। उनमें लोगों को पीने का साफ पानी, पर्याप्त ऊर्जा और अन्य आवश्यक सुविधाएँ भी प्राप्त होती हैं।
4. सुनियोजित बस्तियों में लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे स्वस्थ और सुरक्षित रह सकें।
In simple words: सुनियोजित बस्तियां लोगों की जरूरत के हिसाब से बनी होती हैं, जहाँ सभी सुविधाएं मिलती हैं और स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाता है।

🎯 Exam Tip: सुनियोजित बस्तियों की विशेषताओं को स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध करें, जिसमें सुविधाएं, स्वास्थ्य और नियोजन पर ध्यान दें।

 

Question 7. सहज आवागमन के लिए क्या प्रयास किये जाने चाहिए?
Answer: सहज आवागमन के लिए अनेक प्रयास किये जाने चाहिए -
1. पक्की सड़कों का निर्माण: निवासियों को एक सहज आवागमन प्रदान के लिए यह आवश्यक है कि पक्की व मजबूत सड़कों का निर्माण किया जाए, जिससे लोगों को असुविधा न हो। ये सड़कें शहरों के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।
2. छोटी सड़कों का निर्माण: सहज आवागमन के लिए यह आवश्यक है कि गांवों को नगरों से जोड़ा जाए, इसके लिए छोटी सड़कों के निर्माण पर विशेष रूप से बल दिया जाना चाहिए, जिससे ग्रामीण विकास को भी बल मिले।
3. समुचित बस सेवा: निवासियों को सहज आवागमन प्रदान करने के लिए समुचित बस सेवा उपलब्ध करानी चाहिए। नगरों में सिटी बस सेवा को प्रोत्साहन देना चाहिए, जिससे लोगों को सफर करने के दौरान कोई भी असुविधा न हो।
In simple words: लोगों के आसानी से आने-जाने के लिए अच्छी सड़कें और बस सेवा होनी चाहिए, खासकर गांवों को शहरों से जोड़ने वाली सड़कें।

🎯 Exam Tip: शहरी परिवहन से संबंधित प्रश्नों में, सड़कों की गुणवत्ता और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर जोर दें।

 

Question 8. जल प्रबंधन की समस्याओं को स्पष्ट कीजिए।
Answer: जल प्रबंधन की समस्याओं को स्पष्ट करने के लिए कई बिंदु निम्नलिखित हैं –
1. जल वितरण एजेंसियों को प्रदान किया जाता है ताकि लोगों को पर्याप्त मात्रा में जल मिल सके, परंतु एजेंसियों के कर्मचारी इस कार्य का उत्तरदायित्व उचित प्रकार से निभा नहीं पाते हैं।
2. शहरी क्षेत्रों में पानी की बर्बादी अधिक होती है, जिससे जल संसाधनों पर अनावश्यक दबाव पड़ता है।
3. पुरानी पाइपलाइनें और लीकेज भी जल प्रबंधन की एक बड़ी समस्या है, जिससे पानी बर्बाद होता है।
4. जल प्रदूषण भी एक महत्वपूर्ण समस्या है, जो पीने योग्य पानी की उपलब्धता को कम करता है।
In simple words: जल प्रबंधन में समस्याएं इसलिए हैं क्योंकि पानी सही से बांटा नहीं जाता, बर्बाद होता है, पुरानी पाइपों से रिसता है, और पानी प्रदूषित हो जाता है।

🎯 Exam Tip: जल प्रबंधन की समस्याओं को समझाते समय, वितरण, बर्बादी, प्रदूषण और आधारभूत संरचना की कमियों पर ध्यान केंद्रित करें।

 

Question 9. कचरे के प्रबंध से होने वाले दो लाभ का उल्लेख कीजिए।
Answer: कचरे के प्रबंध से दो लाभों का वर्णन निम्न प्रकार से है –
1. खाद या उर्वरक के रूप में प्रयोग: नगरों में जमा होने वाले कचरे के प्रबंध से उसका प्रयोग कृषि में खाद के रूप में किया जाता है। नगरों में एकत्रित कचरे को कृषि में उपयोग किया जाता है, जिससे कृषि की पैदावार में वृद्धि होती है।
2. बिजली के निर्माण में सहायक: नगरों में जमा होने वाले सूखे कचरे की सहायता से उसका प्रयोग बिजली के निर्माण में किया जाता है। इसमें सूखे कचरे को एकत्रित करके उसे रूपांतरित कर बिजली का निर्माण किया जाता है, जिससे बिजली तो बनती ही है, साथ ही लोगों के लिए बिजली की कमी को पूरा भी करती है।
In simple words: कचरे को सही तरीके से संभालने से दो फायदे हैं - इसे खेती में खाद के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है और इससे बिजली भी बनाई जा सकती है।

🎯 Exam Tip: कचरा प्रबंधन के लाभों को बताते समय, पर्यावरण और आर्थिक दोनों पहलुओं को शामिल करें।

 

Question 10. प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के उपायों को स्पष्ट कीजिए।
Answer: प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण हम निम्न उपायों के आधार पर कर सकते हैं –
1. वृक्षारोपण के माध्यम से: पर्यावरण या प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए यह आवश्यक है कि अधिक से अधिक वृक्षों को लगाया जाए। वृक्षों के द्वारा हमारा वातावरण शुद्ध रहता है तथा जलवायु पर भी नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है। इससे लोगों का स्वास्थ्य भी ठीक रहता है।
2. वनों की कटाई पर रोक: मानव ने अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए वनों की काफी मात्रा में कटाई की है, जिसके परिणामस्वरूप जलवायु व वातावरण पर काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इससे मृदा का क्षय भी होता है। इसलिए वनों की कटाई पर रोक लगाना आवश्यक है।
3. प्राकृतिक संसाधनों का उचित मात्रा में प्रयोगः आने वाले भविष्य में नई पीढ़ी के सदस्यों के लिए यह आवश्यक है कि संसाधनों के उचित प्रयोग पर ध्यान दिया जाए। मृदा, वायु, बिजली तथा पानी इन सभी प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग आवश्यकतानुसार ही किया जाना चाहिए।
In simple words: प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए ज्यादा पेड़ लगाएं, पेड़ों की कटाई रोकें और सभी संसाधनों का इस्तेमाल सही मात्रा में करें ताकि भविष्य के लिए भी बचे रहें।

🎯 Exam Tip: प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के उपायों को समझाते समय, व्यावहारिक समाधानों और उनके दीर्घकालिक प्रभावों पर जोर दें।

प्रदूषण:

 

प्रदूषण का अर्थ 'दूषित वातावरण' है। पर्यावरण के घटकों - जैसे वायु, जल और भूमि - के भौतिक, रासायनिक या जैविक लक्षणों में वह अवांछनीय परिवर्तन जो मानव और उसके लिए लाभदायक, दूसरे जीवों, औद्योगिक प्रक्रमों, जैविक दशाओं एवं सांस्कृतिक विरासतों को हानि पहुँचाता है, वह 'पर्यावरण प्रदूषण' कहलाता है। संक्षेप में, पर्यावरण में होने वाला किसी ऐसे परिवर्तन को जो मनुष्य व उसके लाभदायक सजीवों व निर्जीवों को हानि पहुँचाए, उसे पर्यावरण प्रदूषण कहते हैं। प्रदूषण पर्यावरण संतुलन को बिगाड़ता है और सभी जीवित प्राणियों को नुकसान पहुंचाता है।

 

Question 12. 'अमृत मिशन' पर संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए।
Answer: 'अमृत मिशन' का मुख्य उद्देश्य घरों में बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराना है, जैसे कि जल आपूर्ति, सीवेज, शहरी परिवहन आदि, जिससे सभी नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि हो सके। यह मिशन शहरों में जीवन को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। 'अमृत मिशन' के मूल तत्त्व निम्नलिखित हैं –
1. सेप्टिक सुधार के अंतर्गत मल प्रबंधन व नाली की यांत्रिक सफाई कराना।
2. उचित फुटपाथों तथा रास्तों का निर्माण करना।
3. गैर - मोटर चलित परिवहन के लिए सुविधाएँ उपलब्ध कराना।
4. सीवेज सुविधा के अंतर्गत भूमिगत सीवेज प्रणाली का निर्माण एवं रख - रखाव करना।
5. जलापूर्ति प्रणालियों का निर्माण एवं रख - रखाव, और पुराने जल निकायों का कायाकल्प करना आदि।
In simple words: 'अमृत मिशन' एक सरकारी योजना है जिसका लक्ष्य शहरों में सभी को साफ पानी, अच्छी नालियां और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाएं देना है, ताकि जीवन बेहतर हो सके।

🎯 Exam Tip: 'अमृत मिशन' के मुख्य उद्देश्यों और उनके कार्यान्वयन के बिंदुओं को विस्तार से समझाएं, क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण शहरी विकास योजना है।

RBSE Class 12 Sociology Chapter 7 लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. राष्ट्रीय शहरी परिवहन नीति के उद्देश्यों को स्पष्ट कीजिए।
Answer: इस नीति का उद्देश्य अपने शहरों के भीतर नौकरी, मनोरंजन तथा ऐसी अन्य आवश्यकताओं को बढ़ती नगरीय आबादी के लिए सुरक्षित करना आदि है। यह सुनिश्चित करना है कि शहर निवासियों की जरूरतों को पूरा कर सकें। इस नीति के उद्देश्यों को निम्न आधारों के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है –
1. शहरी यातायात को परिणामी जरूरत की बजाए शहरी नियोजन स्तर पर प्रमुख मानक के रूप में समाहित करना।
2. सभी शहरों में एकीकृत भूमि उपयोग पर बल देना।
3. परिवहन विकल्पों में सुधार करके लोगों के लिए एक जगह से दूसरी जगह जाने में दूरी को कम किया जा सके।
In simple words: राष्ट्रीय शहरी परिवहन नीति का मकसद शहरों में लोगों के लिए नौकरी और मनोरंजन तक पहुंच आसान बनाना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि शहरी यातायात और भूमि का उपयोग योजनाबद्ध तरीके से हो।

🎯 Exam Tip: राष्ट्रीय शहरी परिवहन नीति के मुख्य लक्ष्यों को स्पष्ट करें, जिसमें शहरी नियोजन, यातायात और जीवन की गुणवत्ता पर इसके प्रभावों को शामिल करें।

 

Question. अवधि के आधार पर आव्रजन के प्रकारों का वर्णन कीजिए।
Answer: अवधि के आधार पर आव्रजन के प्रकारों को चार भागों में विभाजित कर सकते हैं –
1. दीर्घकालीन आव्रजन: ब्रिटिश काल में चाय बगानों में काम करने के लिए श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका आदि में भारतीय श्रमिकों का आव्रजन काफी हुआ है। इसमें लोग लंबे समय तक दूसरे देशों में बस जाते हैं।
2. अल्पकालीन आव्रजन: देशाटन (पर्यटन), तीर्थयात्रा एवं राजनीतिक उद्देश्यों के लिए हुआ स्थानांतरण इसमें सम्मिलित है। इसमें लोग थोड़े समय के लिए ही प्रवास करते हैं।
3. दैनिक आव्रजन: बड़े नगर या औद्योगिक केन्द्र में बाहर उपनगरीय क्षेत्रों से बड़ी संख्या में रोज लोगों का आव्रजन होता है। लोग हर दिन काम के लिए शहर आते हैं और शाम को वापस लौट जाते हैं।
4. मौसमी आव्रजन: जिन स्थलों का मौसम अत्यधिक ठंडा तथा शुष्क होता है वहाँ मानव स्थानांतरण होता है। लोग मौसम बदलने पर कुछ समय के लिए गर्म या नमी वाले स्थानों पर चले जाते हैं।
In simple words: आव्रजन को अवधि के हिसाब से चार हिस्सों में बांटा जा सकता है: लंबे समय के लिए (दीर्घकालीन), थोड़े समय के लिए (अल्पकालीन), हर दिन के लिए (दैनिक), और मौसम के बदलने पर (मौसमी)।

🎯 Exam Tip: आव्रजन के विभिन्न प्रकारों को उनकी अवधि के अनुसार स्पष्ट करें और प्रत्येक का उपयुक्त उदाहरण भी दें।

 

Question 3. नगर - नियोजन की विशेषताएँ बताइए।
Answer: नगर - नियोजन की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –
1. नगर नियोजन, नगरों में पायी जाने वाली समस्याओं को दूर करने का एक महत्त्वपूर्ण साधन है।
2. नगर नियोजन के द्वारा नगरों में पुराने नगरों के उद्धार की उपर्युक्त योजनाओं को क्रियान्वित किया जाता है।
3. नगर नियोजन नगरों की विकास की प्रक्रिया से संबंधित है। यह भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाता है।
4. नगर नियोजन व्यक्तियों के कल्याण व उनके जीवन स्तर को उन्नत करने में सहायक है।
5. नगर नियोजन एक प्रशासकीय योजना है जो नगर के वर्तमान तथा भावी विकास के लिए विस्तृत कार्यक्रमों का निर्माण करती है।
In simple words: नगर नियोजन एक तरीका है जिससे शहर की समस्याओं को दूर किया जाता है, शहरों को बेहतर बनाया जाता है, लोगों के जीवन को सुधारा जाता है और भविष्य के लिए योजनाएं बनाई जाती हैं।

🎯 Exam Tip: नगर नियोजन की विशेषताओं को स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध करें, जिसमें इसकी समस्याओं को हल करने, विकास को बढ़ावा देने और जीवन स्तर को बेहतर बनाने की भूमिका शामिल है।

 

Question 4. भारत में नगर - नियोजन के मार्ग में कौन - सी बाधाएँ हैं?
Answer: भारत में नगर नियोजन के मार्ग में अनेक बाधाएँ हैं जो निम्नलिखित हैं –
1. नगरीय योजना नगर निगम की सीमा द्वारा सीमित होती है। इस सीमित योजना के परिणामस्वरूप पंचायतों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले उपनगरों के बिना आधार संरचनात्मक समर्थन के उद्योगों की स्थापना, एक ऐसी समस्या बन कर उभरी है जिसके कारण नगरीय स्थान का अव्यवस्थित विकास होता है।
2. आधारभूत संरचनाओं के मध्य समन्वयता के अभाव के चलते नगरीय विकास अवरुद्ध होता है, यथा विद्युत, जलापूर्ति, गंदगी निस्तारण तथा टेलीफोन जैसी सेवाओं के मध्य समन्वय का अभाव नवस्थापित उद्योगों का विकास धीमे कर देता है।
3. योजना निर्माण एवं उसके क्रियान्वयन के मध्य एक गहरा अंतराल होने के कारण अल्पविकसित आधार संरचना के फलस्वरूप नगरीय विस्तार मूलभूत सुविधाओं के बगैर होता है। इससे शहरों का विकास धीमा पड़ जाता है।
In simple words: भारत में नगर नियोजन में कई रुकावटें हैं, जैसे कि योजना का सीमित क्षेत्र, विभिन्न सेवाओं के बीच तालमेल की कमी और योजनाओं को लागू करने में देरी, जिससे शहर का विकास रुक जाता है।

🎯 Exam Tip: नगर नियोजन की बाधाओं को समझाते समय, प्रशासनिक सीमाओं, समन्वय की कमी और कार्यान्वयन की चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करें।

RBSE Class 12 Sociology Chapter 7 निबंधात्मक प्रश्न

 

Question 1. नगरों का समाज पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों का उल्लेख कीजिए।
Answer: नगरीय समाज के सकारात्मक प्रभाव कई तरह से देखे जा सकते हैं:
1. **आर्थिक गतिविधियों पर प्रभाव:** शहरों में सुविधाओं के कारण उद्योग बढ़े हैं। शहर व्यापार के केंद्र बन गए हैं, जिससे लोगों को नौकरी के अवसर मिले हैं। यहाँ काम बंटा होता है और लोग एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं।
2. **महिलाओं की स्थिति में सुधार:** शहरों में महिलाओं की सामाजिक इज्जत बढ़ी है और वे अब आर्थिक रूप से पुरुषों पर कम निर्भर हैं। बाल विवाह कम हुए हैं और विधवाओं के फिर से विवाह होने से उनकी सामाजिक पहचान मजबूत हुई है। अब महिलाएं हर क्षेत्र में काम कर रही हैं।
3. **जाति व्यवस्था पर प्रभाव:** शहरों में लोग किसी व्यक्ति को उसकी जाति से नहीं बल्कि उसके गुणों और काम से आंकते हैं। जाति व्यवस्था का बंधन यहाँ कमजोर हो गया है। एक ही व्यवसाय में कई जातियों के लोग मिलकर काम करते हैं। शहरों में मिलने वाले अवसर लोगों को बेहतर जीवन जीने में मदद करते हैं।
In simple words: शहरों में काम के ज्यादा अवसर मिलते हैं, महिलाओं को बराबरी मिलती है, और लोग जाति से ज्यादा काबिलियत देखते हैं।

🎯 Exam Tip: नगरीय समाज के सकारात्मक प्रभावों को लिखते समय आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक बिंदुओं को शामिल करें, खासकर महिलाओं की स्थिति और जाति प्रथा में आए बदलावों पर जोर दें।

 

Question 2. नगरों का समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों का उल्लेख कीजिए।
Answer: नगरीय समाज के कई नकारात्मक प्रभाव भी हैं, जिन्हें नीचे समझाया गया है:
1. **अपराधों में बढ़ोतरी:** शहरों में गाँव के मुकाबले ज्यादा अपराध होते हैं। यहाँ परिवार, धर्म, पड़ोस, खून के रिश्ते और जाति का नियंत्रण कमजोर होने से अपराध बढ़ते हैं।
2. **आवास की समस्या:** शहरों में घर एक बड़ी समस्या है। कई घरों में हवा और रोशनी की कमी होती है, और शौचालय भी नहीं होते। कुछ शहरी घर तो बीमारियों का अड्डा बन जाते हैं।
3. **मानसिक तनाव और झगड़े:** शहरों में लोग ज्यादा मानसिक तनाव और झगड़ों का सामना करते हैं, जिससे कई बार उन्हें नींद की गोलियाँ लेनी पड़ती हैं।
4. **सामाजिक विघटन:** व्यक्तिवाद के कारण शहरों में सामाजिक नियंत्रण कम होता है। परिवार, धर्म और जाति का असर कम होने से समाज विरोधी काम बढ़ते हैं। गरीबी, तलाक, बाल-अपराध और हड़ताल जैसी समस्याएं आम हैं।
5. **भिक्षावृत्ति:** शहरों में भीख मांगने वाले ज्यादा दिखते हैं, खासकर मंदिरों और मस्जिदों के पास। यह शहरों में फैली गरीबी को दिखाता है।
6. **बढ़ती जनसंख्या:** शहरों में बढ़ती आबादी से यातायात, शिक्षा, प्रशासन और सुरक्षा की दिक्कतें बढ़ी हैं। सभी को अच्छी शिक्षा, यातायात और सुरक्षा देना, साथ ही शहर चलाना मुश्किल हो गया है।
7. **बेरोजगारी की समस्या:** उद्योगों में मशीनों के आने से कई लोगों का काम छिन गया है, जिससे बेरोजगारी बढ़ी है। शहरों का तेज विकास कई बार सामाजिक समस्याओं को भी साथ लाता है।
In simple words: शहरों में अपराध बढ़ते हैं, घर कम मिलते हैं, लोगों को तनाव रहता है, और बेरोजगारी भी एक बड़ी दिक्कत है।

🎯 Exam Tip: नगरीय समाज के नकारात्मक प्रभावों को बताते समय सामाजिक विघटन, आर्थिक असमानता और पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर ध्यान दें।

 

Question 3. जनसंख्या वृद्धि के परिणामस्वरूप नगरों में किन समस्याओं का उदय होता है?
Answer: जनसंख्या बढ़ने से शहरों में कई तरह की समस्याएं पैदा होती हैं, जो नीचे बताई गई हैं:
1. **पूंजी निर्माण में कमी:** जनसंख्या बढ़ने से हर व्यक्ति के लिए प्राकृतिक साधन कम पड़ जाते हैं और काम करने की क्षमता भी घट जाती है। ऐसी हालत में शहरों में नया निवेश करना मुश्किल हो जाता है।
2. **खाने की समस्या:** जब जनसंख्या तेजी से बढ़ती है, तो गरीब और विकासशील देशों में खाने की चीजों की मांग पूरी नहीं हो पाती। शहरों में भूखमरी की समस्या पैदा होती है और विदेशों से अनाज मंगाना पड़ता है।
3. **शिक्षा की समस्या:** जनसंख्या बढ़ने से गरीब देशों में अनपढ़ लोगों की संख्या बढ़ जाती है। शहरों की झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोग कम कमाई के कारण अपने बच्चों को पढ़ा नहीं पाते।
4. **वस्तुओं की मांग में वृद्धि:** जनसंख्या बढ़ने से चीजों की मांग तो बढ़ती है, लेकिन उतनी चीजें बन नहीं पातीं। इससे शहरों में चीजों की कीमतें भी बढ़ जाती हैं।
5. **आवास की समस्या:** जनसंख्या बढ़ने पर लोगों को रहने और स्वस्थ घर उपलब्ध कराने में दिक्कत आती है, जिससे शहरों में आवास की बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है।
6. **अपराधों में बढ़ोतरी:** जब शहरों में जनसंख्या बहुत तेजी से बढ़ती है, तो सभी लोगों के लिए पेट भरना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में गरीबी, बेरोजगारी और अपराध बढ़ जाते हैं।
7. **नागरिक समस्याएं:** जनसंख्या बढ़ने से शहरों में कई नागरिक समस्याएं आती हैं। उद्योगों के बढ़ने और शहरों के फैलने से समाज में मानसिक तनाव, झगड़े, प्रतिस्पर्धा और शराब पीने जैसी दिक्कतें पैदा होती हैं।
8. **गरीबी की समस्या:** शहरों में जरूरत से ज्यादा लोग होने पर गरीबी बढ़ती है। हर देश में प्राकृतिक साधन और जमीन सीमित होती है। जब इनका इस्तेमाल ज्यादा जनसंख्या के लिए होता है, तो हर व्यक्ति को कम साधन मिलते हैं। इससे देश की कुल कमाई और प्रति व्यक्ति आय पर भी असर पड़ता है, और शहरों में आम गरीबी बनी रहती है। तेजी से बढ़ती आबादी किसी भी शहर के संसाधनों पर बहुत दबाव डालती है।
In simple words: जनसंख्या बढ़ने से शहरों में खाने, रहने, शिक्षा और नौकरी की कमी हो जाती है, साथ ही अपराध और गरीबी भी बढ़ जाती है।

🎯 Exam Tip: जनसंख्या वृद्धि के परिणामों को समझाते समय आर्थिक, सामाजिक और शहरी बुनियादी ढांचे पर पड़ने वाले प्रभावों को विस्तार से बताएं।

 

Question 4. जल प्रदूषण का नगरीय जन जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है? जल प्रदूषण की रोकथाम के उपाय बताइए।
Answer: जल प्रदूषण का शहरी जीवन पर कई बुरे प्रभाव पड़ते हैं और इसे रोकने के लिए कुछ उपाय भी हैं:
**जल प्रदूषण के प्रभाव:**
1. **पानी के जीवों को नुकसान:** दूषित पानी में रहने वाली मछलियाँ, दूसरे जीव और पेड़-पौधे मर जाते हैं। इससे पर्यावरण का संतुलन बिगड़ जाता है।
2. **फसलों को हानि:** अगर गंदे पानी से खेतों में सिंचाई की जाए तो फसलें खराब हो जाती हैं। प्रदूषित पानी में मौजूद जहरीले तत्व फसलों, फलों और सब्जियों में मिल जाते हैं।
3. **पर्यावरण पर असर:** जल प्रदूषण से पानी का पीएच मान, ऑक्सीजन और कैल्शियम की मात्रा बदल जाती है। जस्ता और सीसा जैसे तत्व मिले गंदे पानी में कोई भी जीव जिंदा नहीं रह सकता। शुद्ध जल जीवन का आधार है, और इसकी कमी से स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है।
**जल प्रदूषण रोकने के उपाय:**
1. **पानी का दोबारा उपयोग (पुनःचक्रण):** शहरों और उद्योगों के गंदे पानी को नदियों में डालने से पहले साफ करना चाहिए। कूड़ा-करकट, मल-मूत्र और दूसरे अपशिष्ट पदार्थों को रासायनिक तरीकों से साफ करके उनसे उपयोगी चीजें बनाई जा सकती हैं।
2. **जैविक नियंत्रण:** झीलों और तालाबों के पानी को साफ रखने के लिए शैवालों (काई) का इस्तेमाल करना चाहिए।
3. **कठोर नियम:** सरकार को जल प्रदूषण रोकने के लिए सिर्फ नियम ही नहीं बनाने चाहिए, बल्कि उन्हें सख्ती से लागू भी करना चाहिए।
4. **पर्यावरण शिक्षा:** प्रदूषण कम करने के लिए लोगों को जागरूक करना बहुत जरूरी है। इसके लिए समय-समय पर पर्यावरण से जुड़े कार्यक्रम और कैंप लगाने चाहिए ताकि लोग जल प्रदूषण के बारे में जागरूक हों।
In simple words: गंदा पानी जलीय जीवों और फसलों को नुकसान पहुँचाता है और पर्यावरण को खराब करता है। इसे रोकने के लिए हमें पानी को साफ करके दोबारा इस्तेमाल करना चाहिए, नियम बनाने चाहिए और लोगों को जागरूक करना चाहिए।

🎯 Exam Tip: जल प्रदूषण के प्रभावों और रोकथाम के उपायों को लिखते समय पारिस्थितिक संतुलन, मानव स्वास्थ्य और टिकाऊ विकास के संदर्भ में महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल करें।

 

Question 5. नगरीय विकास योजनाओं की आवश्यकताओं के क्या कारण हैं?
Answer: नगरीय विकास योजनाएं कई कारणों से सफल नहीं हो पाईं, जो इस प्रकार हैं:
1. **गलत विकास रणनीति:** ज्यादातर शहरी योजनाओं में बड़े उद्योगों पर ज्यादा ध्यान दिया गया। यह सोचा गया था कि इससे विकास तेज होगा और इसका फायदा सभी को मिलेगा, लेकिन न तो विकास तेज हुआ, न रोजगार बढ़ा, और न ही गरीब लोगों को इसका लाभ मिला।
2. **कृषि में धीमी प्रगति:** खेती के क्षेत्र में कई कारणों से धीमी गति रही, जिससे शहरी विकास योजनाएं सफल नहीं हो पाईं। शहर गांवों से जुड़े होते हैं और सारा सामान गांवों से ही आता है। इसलिए कृषि में समस्या होने पर शहरी योजनाएं भी प्रभावित हुईं।
3. **खराब प्रशासनिक व्यवस्था:** चुनाव और राजनीति के कारण आर्थिक नीतियाँ बार-बार बदलती रहीं, जिससे शहरी विकास के काम को नुकसान हुआ। प्रशासन में अकुशलता और भ्रष्टाचार के कारण योजनाएं ठीक से लागू नहीं हो पाईं। मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और ईमानदार प्रशासन की कमी के कारण योजनाओं का काम ठीक से नहीं हो पाया।
4. **संघीय ढांचा:** भारत का संघीय ढांचा भी शहरी विकास योजनाओं में कई बार रुकावट बना है। केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल न होने से दिक्कतें आती हैं, खासकर जब केंद्र और राज्य में अलग-अलग सरकारें होती हैं, तब दोनों के बीच कई बार विवाद हो जाता है।
5. **उद्योगों में धीमी तरक्की:** बिजली की कमी, जरूरी उद्योगों का न होना, कच्चे माल की कमी, मशीनों और तकनीक के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता, औद्योगिक शांति न होना, पैसों की कमी और सरकारी उद्योगों में खराब काम जैसे कारणों से औद्योगिक क्षेत्र में विकास धीमा रहा। ये सभी कारण मिलकर शहरी विकास योजनाओं को कामयाब नहीं होने देते।
In simple words: शहरों की विकास योजनाएं गलत नीतियों, कृषि की धीमी तरक्की, खराब प्रशासन, केंद्र-राज्य विवाद और उद्योगों में कमी के कारण सफल नहीं हो पातीं।

🎯 Exam Tip: योजनाओं की असफलता के कारणों को समझाते समय नीतिगत गलतियों, प्रशासनिक कमियों और अंतर-सरकारी समन्वय की कमी पर प्रकाश डालें।

 

Question 6. नगरों पर आव्रजन के पड़ने वाले दुष्प्रभावों का वर्णन कीजिए।
Answer: शहरों में लोगों के आने से कई बुरे प्रभाव पड़ते हैं, जो नीचे दिए गए हैं:
1. **खाने की समस्या:** जब लोग शहरों में आकर बसते हैं, तो शहरों में जमीन कम पड़ जाती है। कई बार लोगों की जरूरत के हिसाब से अनाज का उत्पादन कम हो जाता है, जिससे शहर के लोगों को पूरा और पौष्टिक खाना नहीं मिल पाता।
2. **पूंजी निर्माण में कमी:** लोगों के आने से आबादी तेजी से बढ़ती है, जिससे खर्च बढ़ जाता है और बचत कम हो जाती है। सरकार को भी लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ता है। इस तरह, लोगों और सरकार दोनों की बचत कम हो जाती है। इससे देश में नया निवेश कम होता है, जिसका असर आर्थिक विकास पर भी पड़ता है। आबादी का अचानक बढ़ना शहरों के संसाधनों पर बहुत दबाव डालता है।
3. **भूमि से जुड़ी समस्याएं:** लोगों के आने से जमीन पर आबादी का बोझ बढ़ जाता है। इससे खेतों का आकार छोटा होता जाता है और जमीन के छोटे-छोटे टुकड़े हो जाते हैं, जिससे खेती मुश्किल हो जाती है।
4. **आर्थिक विकास पर बुरा असर:**
* लोगों के आने से जनसंख्या बढ़ती है, जिससे आर्थिक विकास में रुकावट आती है।
* शहरों में बेरोजगारी और छुपी हुई बेरोजगारी बढ़ जाती है।
* परिवहन, संचार साधन और ऊर्जा के स्रोतों पर लगातार दबाव बढ़ता रहता है।
* शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन की दूसरी जरूरी जरूरतें पूरी न होने से लोगों की काम करने की क्षमता कम हो जाती है।
In simple words: शहरों में लोगों के आने से खाने की कमी, पैसों की बचत कम होना, जमीन की दिक्कत और आर्थिक विकास पर बुरा असर पड़ता है।

🎯 Exam Tip: आव्रजन के दुष्प्रभावों को समझाते समय जनसंख्या घनत्व, संसाधनों पर दबाव और सामाजिक-आर्थिक असंतुलन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान दें।

 

Question 7. नगरों में आवासीय समस्या को हल करने के लिए उपायों का वर्णन कीजिए।
Answer: शहरों में रहने की समस्या को हल करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं:
1. **आवास के लिए पैसे की व्यवस्था:** आजादी के बाद से भारत में घरों के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने पर ध्यान दिया गया है। 1970 तक, जीवन बीमा निगम ही एकमात्र सरकारी संस्था थी जो घर बनाने के लिए कर्ज देती थी। मध्यम और कम आय वाले लोगों को लंबे समय के लिए कर्ज देने के लिए 1977 में आवास विकास वित्त निगम (HDFC) बनाया गया।
इसके अलावा, जीवन बीमा निगम, राज्य हाउसिंग बोर्ड और सरकारी बैंक भी घर के लिए पैसे देते हैं। सरकार ने जुलाई 1988 में राष्ट्रीय आवास बैंक (National Housing Bank) की स्थापना की ताकि आवास के लिए ज्यादा पैसे मिलें और इससे जुड़ी संस्थाओं को बढ़ावा मिले। यह बैंक आवास क्षेत्र की संस्थाओं को फिर से वित्त प्रदान करता है और सीधे कर्ज भी देता है। बड़े शहरों में फुटपाथ पर रहने वालों के लिए केंद्र सरकार ने रैनबसेरा योजनाएं भी चलाई हैं।
2. **राष्ट्रीय बिल्डिंग संगठन:** सामाजिक और आर्थिक पहलुओं के साथ-साथ कम लागत में अच्छे घर बनाने और आवास की स्थिति सुधारने के लिए 1954 में राष्ट्रीय बिल्डिंग संगठन की स्थापना की गई थी। यह संगठन घर बनाने से जुड़ी नई जानकारी और तकनीकों पर शोध करता है।
शहरों में घर की समस्या को हल करने के लिए सरकार को खास ध्यान देना चाहिए।
* सरकार को शहर नियोजन (सिटी प्लानिंग) पर ज्यादा जोर देना चाहिए।
* लोगों के लिए उनकी आय के हिसाब से सुनियोजित और सही घरों की व्यवस्था होनी चाहिए।
* झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को कम दाम पर घर और दूसरी सुविधाएं मिलनी चाहिए।
* घर की समस्या को हल करने में सरकारी और निजी, दोनों क्षेत्रों को मिलकर काम करना चाहिए। सही योजना और वित्तीय सहायता से हर किसी के लिए घर का सपना साकार हो सकता है।
In simple words: सरकार ने शहरों में रहने की समस्या को दूर करने के लिए घर बनाने के लिए पैसे देने, संस्थाएं बनाने और सही योजना बनाने जैसे कई उपाय किए हैं, ताकि सभी को घर मिल सके।

🎯 Exam Tip: आवासीय समस्या के समाधानों को समझाते समय वित्तीय सहायता, नीतिगत पहल और सार्वजनिक-निजी भागीदारी जैसे प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करें।

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