RBSE Solutions Class 12 Home Science Chapter 8 विशिष्ट बच्चे

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Detailed Chapter 8 विशिष्ट बच्चे RBSE Solutions for Class 12 Home Science

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Class 12 Home Science Chapter 8 विशिष्ट बच्चे RBSE Solutions PDF

RBSE Class 12 Home Science Chapter 8 पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर

 

Question 1. (i) जिन बालकों के गुण समूह प्रतिमानों की अपेक्षा कम या अधिक होते हैं, उन्हें कहते हैं
(अ) साधारण बालक
(ब) अपंग बालक
(स) असाधारण बालक
(द) मन्द-बुद्धि बालक
Answer: (स) असाधारण बालक
In simple words: उन बच्चों को असाधारण बालक कहते हैं जिनके गुण सामान्य समूह के बच्चों से बहुत कम या बहुत ज्यादा होते हैं। वे औसत से अलग होते हैं।

🎯 Exam Tip: बाल विकास से संबंधित शब्दावली को ठीक से समझें। 'असाधारण बालक' उन बच्चों को संदर्भित करता है जो औसत से उल्लेखनीय रूप से भिन्न होते हैं।

 

Question 1. (iv) बौद्धिक कुशलता में पिछड़े हुए बालकों को कहते हैं -
(अ) दुर्बल
(ब) निर्बल
(स) निडर
(द) मन्द-बुद्धि बालक
Answer: (द) मन्द-बुद्धि बालक
In simple words: जिन बच्चों की सीखने या समझने की क्षमता कम होती है, उन्हें मन्द-बुद्धि बालक कहा जाता है। वे दूसरों की तुलना में चीजों को धीरे सीखते हैं।

🎯 Exam Tip: 'मन्द-बुद्धि बालक' शब्द का उपयोग उन बच्चों के लिए किया जाता है जिनकी बौद्धिक क्षमता औसत से कम होती है, इसे याद रखें।

 

Question 1. (v) मन्द-बुद्धि बालकों की बुद्धि-लब्धि (IQ) कम होती है -
(अ) 70 - 85
(ब) 90 - 95
(स) 95 - 100
(द) 105 - 110
Answer: (अ) 70 - 85
In simple words: मन्द-बुद्धि बच्चों का आईक्यू (बुद्धि-लब्धि) आमतौर पर 70 से 85 के बीच होता है। यह दर्शाता है कि उनकी समझने और सीखने की गति सामान्य से कम है।

🎯 Exam Tip: बुद्धि-लब्धि (IQ) की विभिन्न श्रेणियाँ याद रखें, खासकर मन्द-बुद्धि बालकों के लिए निर्धारित सीमा।

 

Question 1. (vi) सामाजिक रूप से अक्षम बालक होते हैं -
(अ) जो दिखने में असामान्य होते हैं।
(ब) जिनका समाज में कोई स्थान नहीं होता है।
(स) जिनका सामाजिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षिक स्तर निम्न होता है।
(द) जो पढ़ने विद्यालय नहीं जाते।
Answer: (स) जिनका सामाजिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षिक स्तर निम्न होता है।
In simple words: सामाजिक रूप से अक्षम बच्चे वे होते हैं जिनका सामाजिक जीवन, रीति-रिवाज या पढ़ाई का स्तर सामान्य से कम होता है। उन्हें समाज में घुलने-मिलने में मुश्किल होती है।

🎯 Exam Tip: सामाजिक अक्षमता की परिभाषा को समझें, जो मुख्य रूप से सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक एकीकरण से संबंधित है।

 

Question 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए -
1. असाधारण बालकों की विशेषताएँ उनकी व्यावहारिक...................और................को प्रभावित करती हैं।
2. उचित प्रकार से...................और................देकर अक्षम बालकों को भी समाज का उपयोगी सदस्य बनाया जा सकता है।
3. पूर्णतया अन्धे बालकों को अन्ध विद्यालय में...................पद्धति से शिक्षा दी जानी चाहिए।
4. बालक जो बोलने एवं सुनने में असमर्थ होते हैं उन्हें...................बालक कहते हैं।
5. शरीर में पौष्टिक तत्वों की कमी, लम्बे समय तक चलने वाली बीमारी या दोषपूर्ण रचना आदि के कारण बालक...................हो जाते हैं।
6. मानसिक रूप से दुर्बल व्यक्ति स्वयं अपना काम करने एवं अपनी सहायता करने के...................होते हैं।
7. मन्द-बुद्धि बालकों की रुचियों को विकसित करके उन्हें...................तथा...................आदि की शिक्षा प्रदान की जानी चाहिए।
8. प्रतिभाशाली बालकों की बुद्धि लब्धि...................अधिक होती है
Answer:
1. प्रतिक्रियाओं, कार्यों
2. शिक्षा, प्रशिक्षण
3. ब्रेल
4. मूक-बधिर
5. निर्बल
6. अयोग्य
7. संगीत, चित्रकला
8. 130-140
In simple words: दिए गए खाली स्थानों को सही शब्दों से भरें। ये शब्द बालकों की विशेष बातों और उनकी शिक्षा से जुड़े हैं, जैसे वे कैसे व्यवहार करते हैं या उन्हें किस तरह की मदद की ज़रूरत होती है।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, संबंधित अध्याय के मुख्य शब्दों और अवधारणाओं पर ध्यान दें ताकि उत्तर सटीक हों।

 

Question 3. असाधारण या विशिष्ट बालक को परिभाषित कीजिए।
Answer: असाधारण या विशिष्ट बालक वे होते हैं जिनके शारीरिक और मानसिक गुण सामान्य बच्चों से बहुत अलग होते हैं। हर बच्चा अपने आसपास के माहौल और अपने माता-पिता के गुणों के कारण दूसरे बच्चों से अलग होता है। इसी वजह से बच्चों में शारीरिक और मानसिक गुणों में बहुत अंतर पाया जाता है। किसी भी समूह या समाज के अधिकांश बच्चों में कुछ खास गुण होते हैं, लेकिन कुछ बच्चे ऐसे भी होते हैं जिनमें ये गुण कम या ज्यादा होते हैं। क्रो एंड क्रो के अनुसार, विशिष्ट शब्द किसी ऐसे व्यक्ति के लिए इस्तेमाल होता है जिसमें कुछ खास लक्षण हों, जिनकी वजह से वह दूसरों का ध्यान अपनी ओर खींचता है।
In simple words: असाधारण बच्चे वे होते हैं जो सामान्य बच्चों से शारीरिक या मानसिक रूप से अलग होते हैं। उनकी खूबियाँ औसत से या तो बहुत ज्यादा होती हैं या बहुत कम होती हैं।

🎯 Exam Tip: असाधारण बालक की परिभाषा लिखते समय, 'औसत से भिन्न' और 'विशेष लक्षणों' जैसे मुख्य शब्दों का उपयोग करें, और यदि संभव हो तो किसी मनोवैज्ञानिक का संदर्भ भी दें।

 

Question 4. टिप्पणी लिखो -
1. समस्यात्मक बालक
2. अपचारी बालक
3. प्रतिभाशाली बालक
Answer:
1. समस्यात्मक बालक: हर बच्चे को नए माहौल में ढलना पड़ता है। जो बच्चे ऐसा नहीं कर पाते, वे समस्यात्मक बन जाते हैं। जब बच्चों की इच्छाएँ पूरी नहीं होतीं, परिवार और समाज से सही मार्गदर्शन नहीं मिलता, प्यार की कमी होती है या उन पर बहुत सख्ती की जाती है, तो उनके जीवन में लगातार समस्याएँ आती हैं। इससे बच्चे का व्यवहार समस्यात्मक हो जाता है। समस्यात्मक बच्चे अंगूठा चूसते हैं, नाखून काटते हैं, बिस्तर गीला करते हैं, झूठ बोलते हैं, चोरी करते हैं और हकलाते भी हैं। वे दिन में सपने देखते हैं और डरते रहते हैं। ये बच्चे ईर्ष्यालु और गुस्सैल स्वभाव के होते हैं। माता-पिता, शिक्षक और दूसरे लोगों को शुरुआत से ही इन बच्चों की समस्याओं को सही तरीके से समझना चाहिए, ताकि उनका व्यवहार कुछ समय में सामान्य हो सके।
2. अपचारी बालक: जब कोई व्यक्ति समाज के बनाए नियमों को तोड़ता है, तो उसे अपराधी कहा जाता है। जब कोई बच्चा इन्हीं सामाजिक नियमों को तोड़ता है, तो उसे अपचारी बालक कहते हैं। बच्चों में अपराध के कई कारण होते हैं, जैसे परिवार का माहौल या विरासत में मिले गुण। बाल अपराधों को रोकने के लिए परिवार, स्कूल और समाज को मिलकर कोशिश करनी चाहिए। अपचारी बच्चों की समस्याओं को ध्यान से सुनना चाहिए और उन्हें हल करना चाहिए। अगर इन पर ध्यान न दिया जाए, तो बाद में यही अपचारी बच्चे अपराधी बन जाते हैं।
3. प्रतिभाशाली बालक: औसत से अधिक बुद्धि वाले बच्चों को प्रतिभाशाली बालक कहा जाता है। इनकी बुद्धि-लब्धि (IQ) 130 से 140 से ज्यादा होती है। टारमैन के अनुसार, 140 से ऊपर बुद्धि-लब्धि वाले बच्चे प्रतिभाशाली कहलाते हैं। प्रतिभाशाली बच्चे सामान्य बच्चों से अलग होते हैं। उनका स्वास्थ्य भी सामान्य बच्चों से बेहतर होता है और उनका व्यक्तित्व भी आकर्षक होता है। इन बच्चों में एकाग्रता, ग्रहणशीलता, समायोजन की क्षमता, संवेगात्मक परिपक्वता और तर्क शक्ति बहुत अच्छी होती है। ऐसे बच्चों को विशेष प्रोत्साहन देना चाहिए।
In simple words: समस्यात्मक बालक वे होते हैं जिन्हें एडजस्ट करने में दिक्कत होती है। अपचारी बालक वे होते हैं जो समाज के नियम तोड़ते हैं। प्रतिभाशाली बालक वे होते हैं जो बहुत बुद्धिमान होते हैं, उनका आईक्यू 130 से ऊपर होता है।

🎯 Exam Tip: हर तरह के बालक की विशेषताओं और उनके कारणों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें। उदाहरणों के साथ अपनी बात को मजबूत करें।

 

Question 5. बालक शारीरिक एवं सामाजिक रूप से सक्षम किन-किन कारणों से हो सकता है?
Answer: बच्चे के शारीरिक और सामाजिक रूप से असक्षम होने के कई कारण हो सकते हैं:
(1) शारीरिक अक्षमता के कारण:
1. वंशानुक्रम (Heredity): कुछ शारीरिक दोष बच्चों को विरासत में मिलते हैं या माँ के गर्भ में शिशु को चोट लगने से हो जाते हैं।
2. दोषपूर्ण वातावरण (Defective environment): कभी-कभी खराब माहौल के कारण भी शरीर के अंग खराब हो जाते हैं। जन्म के समय या बाद में खराब माहौल बच्चे के शरीर पर बुरा असर डालता है, जिससे अंगों का विकास ठीक से नहीं हो पाता। एक अच्छा वातावरण बच्चे के संपूर्ण विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
3. बीमारी (Illness): गंभीर या लंबी बीमारी के कारण भी बच्चों के अंगों का विकास ठीक से नहीं हो पाता।
4. दुर्घटनाएँ (Accidents): अलग-अलग दुर्घटनाएँ भी बच्चे के अंगों के विकास में रुकावट डालती हैं। यह दुर्घटना कभी भी हो सकती है। अगर गर्भावस्था में माँ को चोट लगे या जन्म के बाद बच्चे को कोई दुर्घटना हो, तो विकलांगता आ सकती है।
5. सामाजिक-आर्थिक स्थिति (Socio-economic status): प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक कारमाइकेल के अनुसार, गरीब सामाजिक और आर्थिक स्थिति वाले बच्चे, अमीर सामाजिक-आर्थिक स्थिति वाले बच्चों की तुलना में ज्यादा विकलांग होते हैं।
6. आयु (Age): आमतौर पर देखा जाता है कि 6-7 साल की उम्र में बच्चे ज्यादा कमजोर होते हैं। इस उम्र में उनके अंगों के खराब होने की संभावना ज्यादा होती है।
7. लिंग (Sex): कुछ अंगों के दोषपूर्ण होने की संभावना लड़कियों में अधिक होती है।
In simple words: बच्चों में शारीरिक और सामाजिक अक्षमता कई कारणों से हो सकती है, जैसे वंशानुक्रम (जो माता-पिता से मिलता है), खराब माहौल, बीमारियाँ, दुर्घटनाएँ, गरीब परिवार और बच्चे की उम्र व लिंग भी इसमें भूमिका निभाते हैं।

🎯 Exam Tip: अक्षमता के विभिन्न कारणों को सूचीबद्ध करते समय, उन्हें स्पष्ट रूप से वर्गीकृत करें (जैसे शारीरिक, सामाजिक, आयु-संबंधी) और प्रत्येक के लिए संक्षिप्त स्पष्टीकरण दें।

 

Question 6. मन्द-बुद्धि बालक को भी समाज का एक उपयोगी सदस्य बनाया जा सकता है। कैसे? उदाहरण सहित समझाइये।
Answer: मन्द-बुद्धि बच्चों को भी समाज का उपयोगी सदस्य बनाने के लिए इन बातों पर ध्यान देना चाहिए:

  • उनकी शिक्षा में शारीरिक गतिविधियों को खास महत्व देना चाहिए, जैसे खेल और हस्तकला।
  • उनकी ज्ञानेंद्रियों को प्रशिक्षित करके उनकी देखने-परखने की शक्ति बढ़ानी चाहिए।
  • उनकी रुचियों को पहचान कर उन्हें संगीत या चित्रकला जैसी कलाओं की शिक्षा देनी चाहिए, जिससे वे रचनात्मक बन सकें।
  • उनके प्रति दया नहीं, बल्कि पूरा प्यार और स्नेह दिखाना चाहिए, ताकि उनका आत्मविश्वास बढ़े। ऐसे बच्चों को सही दिशा और अवसर मिलें तो वे भी समाज में योगदान दे सकते हैं।

In simple words: मन्द-बुद्धि बच्चों को खेलकूद, कला और सही ट्रेनिंग देकर समाज का उपयोगी सदस्य बनाया जा सकता है। उन्हें दया नहीं, प्यार और समर्थन देना चाहिए।

🎯 Exam Tip: मन्द-बुद्धि बालकों को समाज में शामिल करने के तरीकों पर लिखते समय, उनकी शिक्षा और प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करें, और उदाहरण दें।

 

Question 7. आपके पड़ोस में एक शारीरिक रूप से अपंग बालक है। आप उसके साथ कैसा व्यवहार करेंगे ? कक्षा में अध्यापक की सहायता से चर्चा करें।
Answer: यदि हमारे पड़ोस में शारीरिक रूप से अपंग बच्चा है, तो हम उससे आत्मनिर्भर बनने में मदद करने के लिए इन तरीकों से व्यवहार कर सकते हैं:

  • पूरी तरह से नेत्रहीन बच्चे को ऐसे स्कूल भेजना चाहिए जहाँ ब्रेल लिपि से पढ़ाया जाता हो। इससे वे सामाजिक और व्यावसायिक कलाएँ, जैसे हस्तकला या गाना सीखकर कुशल बन सकें।
  • कमजोर आँखों वाले बच्चों को ऐसी क्लास में बैठाना चाहिए जहाँ बड़े अक्षरों वाली किताबें और सामग्री का उपयोग किया जा सके।
  • सामान्य स्कूलों में आँखों की समस्याओं को ठीक करने का इंतजाम होना चाहिए और क्लास में सही रोशनी की व्यवस्था होनी चाहिए।
  • पड़ोस के शारीरिक रूप से अपंग बच्चे के लिए खास उपकरण, जैसे कृत्रिम हाथ-पैर या व्हीलचेयर का इंतजाम करना चाहिए। उन्हें व्यावसायिक शिक्षा दिलवानी चाहिए ताकि उनकी शारीरिक अक्षमता उनके आत्मनिर्भर बनने में बाधा न बने। सहायक उपकरणों से वे सामान्य जीवन जी सकते हैं।
  • सामुदायिक जगहों को उनके लिए अनुकूल बनाना चाहिए, जैसे स्पष्ट बोर्ड और समान ऊँचाई वाली चीजें।
  • उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना चाहिए। उन्हें विशेष नौकरी के लिए ट्रेनिंग देनी चाहिए और उनके बनाए गए कला उत्पादों को सबके सामने लाना चाहिए, जिससे उन्हें प्रोत्साहन मिले।

In simple words: अपंग बच्चे को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमें उन्हें सही स्कूल, विशेष उपकरण, व्यावसायिक शिक्षा और प्यार भरा माहौल देना चाहिए। उनका आत्मविश्वास बढ़ाना सबसे ज़रूरी है।

🎯 Exam Tip: शारीरिक रूप से अपंग बालकों के प्रति व्यवहार के बारे में लिखते समय, समावेशी शिक्षा, विशेष उपकरणों और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाले बिंदुओं पर जोर दें।

RBSE Class 12 Home Science Chapter 8 अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

RBSE Class 12 Home Science Chapter 8 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. सामाजिक रूप से असक्षम बालक होते हैं -
(अ) जो दिखने में असामान्य होते हैं।
(ब) जिनका समाज में कोई स्थान नहीं होता
(स) जिनका सामाजिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षिक स्तर निम्न होता है।
(द) जो विद्यालय में पढ़ने नहीं जाते हैं।
Answer: (स) जिनका सामाजिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षिक स्तर निम्न होता है।
In simple words: सामाजिक रूप से असक्षम बच्चे वे होते हैं जिनका सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक जीवन का स्तर सामान्य से कम होता है। उन्हें समाज में घुलने-मिलने में परेशानी होती है।

🎯 Exam Tip: सामाजिक अक्षमता को परिभाषित करते समय, ध्यान रखें कि यह सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक एकीकरण की कमी को दर्शाती है।

 

Question 3. अन्धे बालकों को शिक्षा जिस विधि से दी जाती है, कहलाती है
(अ) विशेष विधि
(ब) जटिल विधि
(स) ब्रेल विधि या पद्धति
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (स) ब्रेल विधि या पद्धति
In simple words: ब्रेल विधि एक खास तरीका है जिससे अंधे बच्चे छूकर पढ़ और लिख सकते हैं। इसमें कागज़ पर उभरे हुए बिंदुओं का इस्तेमाल होता है।

🎯 Exam Tip: ब्रेल लिपि अंधे बच्चों की शिक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है, इसके नाम और कार्य को याद रखें।

 

Question 4. नाजुक बालक होते हैं, जिनकी
(अ) कार्यक्षमता कम होती है।
(ब) जिन्हें कम सुनाई देता है।
(स) जो हकलाते हैं।
(द) जो बोल तो सकते हैं पर सुन नहीं पाते हैं।
Answer: (अ) कार्यक्षमता कम होती है।
In simple words: नाजुक बच्चे वे होते हैं जिनकी शरीर की कार्य करने की शक्ति कमज़ोर होती है। उन्हें अक्सर विशेष देखभाल की ज़रूरत पड़ती है।

🎯 Exam Tip: नाजुक बच्चों की मुख्य विशेषता उनकी कम कार्यक्षमता है, इसे ध्यान में रखें।

 

Question 5. प्रतिभाशाली बालकों की बुद्धि लब्धि होती है
(अ) 110-120
(ब) 130-140
(स) 140-150
(द) 100-120
Answer: (ब) 130-140
In simple words: प्रतिभाशाली बच्चों का आईक्यू (बुद्धि-लब्धि) 130 से 140 के बीच होता है, जिसका मतलब है कि वे सामान्य से बहुत अधिक बुद्धिमान होते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रतिभाशाली बच्चों के आईक्यू स्तर को याद रखें, क्योंकि यह उनकी पहचान का एक प्रमुख मानदंड है।

 

Question 7. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए -
1. जिन बालकों के गुण समूह मानदण्डों के...................होते हैं, उन्हें सामान्य बालक कहते हैं।
2. मानसिक रूप से...................व्यक्ति स्वयं अपना कार्य करने में अयोग्य होते हैं।
3. जिन बालकों की बुद्धि लब्धि 130-140 से अधिक होती है, वह...................बालक होता है।
4. जिन बालकों की...................व अस्थियाँ पूर्ण विकसित नहीं होती हैं, अक्षम या अपंग बालक कहलाते हैं।
5. वाणी का दोष...................या मानसिक कारणों से होता है।
6. सामाजिक नियमों को तोड़ने वाला बालक...................बालक कहलाता है।
Answer:
1. अनुरूप
2. दुर्बल
3. प्रतिभाशाली
4. माँसपेशियाँ
5. शारीरिक
6. अपचारी
In simple words: इन खाली जगहों को सही शब्दों से भरें। ये शब्द बच्चों के सामान्य गुणों, उनकी मानसिक स्थिति, बुद्धि, शारीरिक बनावट और सामाजिक व्यवहार से जुड़े हैं।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, संबंधित अध्याय की परिभाषाओं और मुख्य विशेषताओं को सटीक रूप से याद करें।

RBSE Class 12 Home Science Chapter 8 अति लघूत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. साधारण बालकों की विशिष्टता किन-किन भाषा आदि किसी भी एक या अधिक क्षेत्रों से सम्बन्धित क्षेत्रों से सम्बन्धित होती है? होती है।
Answer: साधारण बच्चों की खास बातें उनकी बुद्धि, शारीरिक बनावट, सामाजिक व्यवहार, खुद को माहौल में ढालने की क्षमता, भावनाओं और भाषा जैसे किसी एक या अधिक क्षेत्रों से जुड़ी होती हैं। इसका मतलब है कि हर बच्चा अपनी इन क्षमताओं में थोड़ा अलग होता है। ऐसे बच्चे अपने आस-पास के माहौल से भी सीखते हैं और उनका व्यवहार उसी के अनुसार ढलता है।
In simple words: सामान्य बच्चों की खासियतें उनकी बुद्धि, शरीर, समाज में घुलने-मिलने के तरीके, भावनाएँ और भाषा से जुड़ी होती हैं। इन सभी में हर बच्चा थोड़ा अलग होता है।

🎯 Exam Tip: किसी भी बच्चे की विशिष्टता को परिभाषित करते समय, बुद्धि, शारीरिक, सामाजिक, संवेगात्मक और भाषाई विकास जैसे विभिन्न आयामों पर विचार करें।

 

Question 2. असाधारण बालक कितने प्रकार के होते हैं?
Answer: असाधारण बालक मुख्य रूप से आठ प्रकार के होते हैं। इन प्रकारों में शारीरिक बनावट, सामाजिक व्यवहार, खुद को माहौल में ढालने की क्षमता और भावनाएँ शामिल हैं। हर प्रकार में बच्चे की कुछ खास जरूरतें और चुनौतियाँ होती हैं, जिन्हें समझने की ज़रूरत होती है।
In simple words: असाधारण बच्चे आठ तरह के होते हैं। यह उनके शरीर, समाज में घुलने-मिलने के तरीके और भावनाओं पर निर्भर करता है।

🎯 Exam Tip: असाधारण बालकों के मुख्य प्रकारों की संख्या (आठ) और उनके संबंधित क्षेत्रों (जैसे शारीरिक, सामाजिक, संवेगात्मक) को याद रखें।

 

Question 4. शारीरिक रूप से असक्षम बालक कौन से होते हैं?
Answer: शारीरिक रूप से असक्षम बच्चे वे होते हैं जिनके शरीर में कोई कमी होती है। इस कमी के कारण वे सामान्य काम ठीक से नहीं कर पाते या उनकी गतिविधियाँ सीमित हो जाती हैं। उनकी सामान्य बुद्धि, विकास और सीखने की क्षमता पर भी इसका असर पड़ता है। इन बच्चों को अपने दैनिक जीवन में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
In simple words: शारीरिक रूप से असक्षम बच्चे वे होते हैं जिनके शरीर में कोई कमी होती है, जिससे उन्हें सामान्य काम करने में मुश्किल होती है।

🎯 Exam Tip: शारीरिक अक्षमता की परिभाषा में 'शारीरिक दोष', 'सीमित क्रियाएँ' और 'विकास पर प्रभाव' जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल करें।

 

Question 5. शारीरिक असक्षमता किन कारणों से हो सकती है?
Answer: शारीरिक अक्षमता जन्म से हो सकती है, किसी दुर्घटना के कारण हो सकती है, या किसी गंभीर बीमारी की वजह से हो सकती है। इन सभी कारणों से बच्चों के शरीर के अंगों का विकास ठीक से नहीं हो पाता या वे ठीक से काम नहीं कर पाते। समय पर पहचान और उपचार से कई अक्षमताओं को रोका जा सकता है।
In simple words: शारीरिक अक्षमता जन्म से, किसी दुर्घटना से, या किसी बड़ी बीमारी के कारण हो सकती है।

🎯 Exam Tip: शारीरिक अक्षमता के कारणों को याद रखते समय, जन्मजात, दुर्घटना और बीमारी जैसे मुख्य वर्गों पर ध्यान दें।

 

Question 6. शारीरिक अक्षमता के प्रकार लिखिए।
Answer: शारीरिक अक्षमता के कई प्रकार होते हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं: कमजोर या नाजुक बच्चे, मूक और बधिर (जो बोल और सुन नहीं पाते), हकलाने वाले और वाणी दोष वाले बच्चे, तथा अंधे और कमजोर नज़र वाले बच्चे। इन सभी प्रकारों में विशेष देखभाल और प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है।
In simple words: शारीरिक अक्षमता के प्रकारों में कमजोर, बहरे, बोलने में दिक्कत वाले, और देखने में दिक्कत वाले बच्चे शामिल हैं।

🎯 Exam Tip: शारीरिक अक्षमता के विभिन्न प्रकारों को याद रखें, जैसे सुनने, बोलने या देखने की क्षमता से संबंधित अक्षमताएँ।

 

Question 7. कम अपंग बालकों को किन क्रियाओं द्वारा सामान्य बनाया जा सकता है?
Answer: जिन बच्चों में थोड़ी कम अपंगता होती है, उन्हें व्यायाम, खेलकूद और दूसरी शारीरिक गतिविधियों के द्वारा सामान्य बनाया जा सकता है। नियमित अभ्यास और सही मार्गदर्शन से वे अपने शरीर का बेहतर उपयोग करना सीख सकते हैं और आत्मविश्वास हासिल कर सकते हैं। यह उनके शारीरिक और मानसिक विकास दोनों में मदद करता है।
In simple words: कम अपंग बच्चों को व्यायाम और खेलकूद जैसी गतिविधियों से सामान्य बनाने में मदद मिलती है।

🎯 Exam Tip: कम अपंगता वाले बच्चों के विकास के लिए शारीरिक गतिविधियों और खेलों के महत्व पर जोर दें।

 

Question 8. अन्धे बालकों को किस पद्धति से शिक्षा दी जाती है?
Answer: अंधे बच्चों को ब्रेल पद्धति (Braille method) से शिक्षा दी जाती है। यह एक विशेष लिपि है जिसमें उभरे हुए बिंदुओं का उपयोग किया जाता है, जिन्हें बच्चे छूकर पढ़ते और लिखते हैं। ब्रेल लिपि उन्हें स्वतंत्र रूप से सीखने और जानकारी प्राप्त करने में मदद करती है, जिससे वे समाज में एक सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
In simple words: अंधे बच्चों को ब्रेल पद्धति से पढ़ाया जाता है, जहाँ वे छूकर अक्षरों को पहचानते हैं।

🎯 Exam Tip: ब्रेल पद्धति अंधे बच्चों की शिक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण तरीका है, इसे सही ढंग से याद करें।

 

Question 9. मूक बधिर बालक को शिक्षा देने की पद्धति क्या है?
Answer: मूक-बधिर बच्चों को ओष्ठ पठन विधि द्वारा शिक्षा दी जाती है। इस विधि में बच्चे होंठों की हरकतों को देखकर शब्दों और वाक्यों को समझते हैं। इसके अलावा, उन्हें सांकेतिक भाषा और विशेष सुनने वाले उपकरणों का उपयोग करके भी सिखाया जाता है। सही प्रशिक्षण से वे संवाद करने में सक्षम हो पाते हैं।
In simple words: मूक-बधिर बच्चों को ओष्ठ पठन विधि से सिखाया जाता है, जहाँ वे होंठों की हरकतें देखकर बातें समझते हैं।

🎯 Exam Tip: मूक-बधिर बच्चों की शिक्षा के लिए ओष्ठ पठन विधि (लिप-रीडिंग) और सांकेतिक भाषा के महत्व को जानें।

 

Question 11. दोषपूर्ण वाणी वाले बालक किस प्रकार बोलते हैं?
Answer: जिन बच्चों की वाणी दोषपूर्ण होती है, उनकी आवाज़ अक्सर साफ नहीं होती है और वे नाक से बोलते हैं। उनकी आवाज़ कर्कश हो सकती है और वे हकलाते या तुतलाते हैं। यह उनके आत्मविश्वास को कम कर सकता है और उन्हें दूसरों से बात करने में कठिनाई महसूस होती है।
In simple words: वाणी दोष वाले बच्चे साफ नहीं बोल पाते, उनकी आवाज़ कर्कश होती है, और वे हकलाते या तुतलाते हैं।

🎯 Exam Tip: दोषपूर्ण वाणी वाले बच्चों की मुख्य विशेषताओं (अस्पष्टता, कर्कशता, हकलाना, तुतलाना) को याद रखें।

 

Question 12. दोषपूर्ण वाणी वाले बालकों को किस प्रकार की व्यावसायिक शिक्षा दी जानी चाहिए?
Answer: दोषपूर्ण वाणी वाले बच्चों को ऐसी व्यावसायिक शिक्षा देनी चाहिए जिसमें उनकी वाणी की कमी बाधा न बने। उन्हें लकड़ी का काम, कुर्सी बुनना, दर्जी का काम, मिट्टी के खिलौने बनाना, चित्रकला, मूर्तिकला आदि जैसे हस्तकला-आधारित प्रशिक्षण दिए जा सकते हैं। ये हुनर उन्हें आत्मनिर्भर बनने और समाज में सम्मान के साथ जीने में मदद करते हैं।
In simple words: वाणी दोष वाले बच्चों को लकड़ी का काम, बुनाई, सिलाई, चित्रकला और मूर्तिकला जैसे हाथ के काम सिखाने चाहिए।

🎯 Exam Tip: वाणी दोष वाले बच्चों के लिए व्यावसायिक शिक्षा चुनते समय, उनके कौशल और क्षमताओं को ध्यान में रखें, न कि उनकी वाणी की कमी को।

 

Question 13. मानसिक मन्दता का क्या अर्थ है ?
Answer: मानसिक मन्दता का मतलब है औसत से कम मानसिक क्षमता होना। जिन बच्चों में सीखने, समझने और सोचने की क्षमता सामान्य से कम होती है, उन्हें मानसिक रूप से मन्द कहा जाता है। ऐसे बच्चों को सामान्य विकास के लिए विशेष सहायता और शिक्षा की आवश्यकता होती है।
In simple words: मानसिक मन्दता का मतलब है कि किसी बच्चे की दिमागी शक्ति औसत से कम है, जिससे उसे सीखने और समझने में मुश्किल होती है।

🎯 Exam Tip: मानसिक मन्दता की परिभाषा में 'औसत से कम मानसिक योग्यता' इस मुख्य अवधारणा को शामिल करें।

 

Question 14. मन्द-बुद्धि बालक किन्हें कहते हैं?
Answer: मन्द-बुद्धि बालक वे होते हैं जिनकी सोचने, समझने और किसी भी बात पर विचार करने की शक्ति सामान्य बच्चों से कम होती है। वे नई चीज़ें धीरे सीखते हैं और उन्हें याद रखने में भी कठिनाई होती है। ऐसे बच्चों को अपनी रोज़मर्रा की ज़रूरतों को पूरा करने और सामाजिक रूप से ढलने में भी मदद की ज़रूरत होती है।
In simple words: मन्द-बुद्धि बच्चे वे होते हैं जिनकी सोचने, समझने और सोचने की शक्ति कमजोर होती है।

🎯 Exam Tip: मन्द-बुद्धि बालकों की पहचान करते समय, उनकी सोचने और समझने की क्षमता की कमी पर ध्यान दें।

 

Question 15. मन्द-बुद्धि बालकों की बुद्धि-लब्धि कितनी होती है ?
Answer: मन्द-बुद्धि बच्चों की बुद्धि-लब्धि (IQ) आमतौर पर 70 से 85 के बीच होती है। यह आईक्यू स्तर दर्शाता है कि उनकी सीखने और समझने की क्षमता सामान्य औसत से काफी कम है। उन्हें विशेष शिक्षा कार्यक्रमों और लगातार समर्थन की ज़रूरत होती है।
In simple words: मन्द-बुद्धि बच्चों का आईक्यू 70 से 85 के बीच होता है।

🎯 Exam Tip: मन्द-बुद्धि बच्चों के लिए बुद्धि-लब्धि की सटीक सीमा (70-85) को याद रखें।

 

Question 16. मन्द-बुद्धि बालकों के दो लक्षण बताइए।
Answer: मन्द-बुद्धि बालकों के दो मुख्य लक्षण ये हैं:

  • इनमें आत्मविश्वास की कमी होती है। वे अक्सर खुद पर भरोसा नहीं कर पाते और नए काम करने से डरते हैं।
  • उनकी संकल्प शक्ति (किसी काम को करने का दृढ़ निश्चय) बहुत कम होती है, जिसके कारण वे किसी भी काम को पूरा करने में मुश्किल महसूस करते हैं। वे जल्दी हार मान लेते हैं। ऐसे बच्चों को लगातार प्रोत्साहन और समर्थन की आवश्यकता होती है।

In simple words: मन्द-बुद्धि बच्चों में आत्मविश्वास कम होता है और उनकी किसी काम को करने की इच्छाशक्ति भी कमजोर होती है।

🎯 Exam Tip: मन्द-बुद्धि बच्चों के लक्षणों को याद रखते समय, आत्मविश्वास की कमी और कमजोर संकल्प शक्ति जैसे भावनात्मक और व्यवहारिक पहलुओं पर ध्यान दें।

RBSE Class 12 Home Science Chapter 8 लघूत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. असाधारण बालक किसे कहते हैं? अथवा असाधारण बालक को परिभाषित कीजिए।
Answer: असाधारण बालक वे होते हैं जिनके गुण, जैसे मानसिक, शारीरिक, सामाजिक और भावनात्मक क्षमताएँ, सामान्य बच्चों के समूह के मानकों से या तो बहुत कम या बहुत अधिक होती हैं। क्रो और क्रो के अनुसार, असाधारण बच्चा वह होता है जिसमें मानसिक, शारीरिक, सामाजिक और भावनात्मक गुणों में औसत से कुछ खास अंतर होता है। यह अंतर इतना अधिक होता है कि उसे अपनी पूरी क्षमता तक पहुँचने के लिए विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है। यह बच्चे को उसके विकास में सहायता प्रदान करता है।
In simple words: असाधारण बच्चे वे होते हैं जिनकी क्षमताएँ (मानसिक, शारीरिक, सामाजिक) सामान्य बच्चों से बहुत अलग होती हैं। उन्हें अपनी पूरी क्षमता तक पहुँचने के लिए विशेष मदद की ज़रूरत होती है।

🎯 Exam Tip: असाधारण बालक की परिभाषा लिखते समय, 'औसत से महत्वपूर्ण भिन्नता' और 'विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता' जैसे मुख्य वाक्यांशों का उपयोग करें।

 

Question 2. शारीरिक रूप से अक्षम बालक प्रायः अन्य बालकों से कैसे पिछड़ जाते हैं?
Answer: शारीरिक रूप से अक्षम बच्चे, भले ही मानसिक रूप से ठीक हों, लेकिन अपने शरीर की कमी के कारण पीछे रह जाते हैं। उन्हें समाज और जीवन की अलग-अलग स्थितियों में ढलने में न केवल कठिनाई होती है, बल्कि वे अक्सर दूसरों के मज़ाक का पात्र भी बन जाते हैं। इससे उनमें हीन भावना पैदा हो जाती है और वे खुद को दूसरों से कम समझने लगते हैं। इस तरह, वे सामान्य बच्चों की तुलना में पीछे छूट जाते हैं और उनका आत्मविश्वास भी कम होता है।
In simple words: शारीरिक रूप से अक्षम बच्चे अपनी शारीरिक कमी के कारण समाज में घुलने-मिलने और दूसरों के मज़ाक का शिकार होने से पीछे रह जाते हैं।

🎯 Exam Tip: शारीरिक अक्षमता वाले बच्चों के पिछड़ने के कारणों में सामाजिक समायोजन में कठिनाई, उपहास और हीन भावना को प्रमुखता से उल्लेख करें।

 

Question 3. शारीरिक अक्षमता कितने प्रकार की होती है? लिखिए।
Answer: शारीरिक अक्षमता निम्न प्रकार की हो सकती है:

  • अपंग (Crippled): ऐसे बच्चे जिनके शरीर के अंग ठीक से काम नहीं करते या विकृत होते हैं।
  • अन्धे तथा कमजोर नज़र वाले (Blind and weak sighted): जिन बच्चों को देखने में बहुत दिक्कत होती है या वे बिल्कुल नहीं देख पाते।
  • मूक एवं बधिर (Deaf and dumb) तथा कम सुनने वाले (Hard hearing): जिन बच्चों को सुनने और बोलने में समस्या होती है।
  • निर्बल या नाजुक (Weak): वे बच्चे जिनका शरीर कमजोर होता है और वे आसानी से बीमार पड़ जाते हैं।
  • हकलाने वाले तथा दोषमुक्त वाणी वाले (Stuttering and stammering): जिन बच्चों को बोलने में कठिनाई होती है या वे अटक-अटक कर बोलते हैं।

In simple words: शारीरिक अक्षमता कई तरह की होती है, जैसे अपंगता, आँखों की कमज़ोरी, बहरापन, बोलने में दिक्कत और शारीरिक कमज़ोरी।

🎯 Exam Tip: शारीरिक अक्षमता के विभिन्न प्रकारों को सूचीबद्ध करते समय, उनके सामान्य नामों और अंग्रेजी अनुवादों दोनों को शामिल करें।

 

Question 5. मानसिक रूप से अक्षम बालकों की क्या पहचान है? वर्णन कीजिए। अथवा मानसिक रूप से अक्षम बालकों की चार विशेषताएँ लिखिए।
Answer:
मानसिक रूप से मन्द बालक की परिभाषा: "मानसिक रूप से मन्द बालक वे होते हैं जिनकी मानसिक योग्यता औसत से कम होती है।" मानसिक मन्दता का मतलब है कि इन बच्चों की बुद्धि-लब्धि (IQ) सामान्य बच्चों की तुलना में कम होती है। इसलिए उनमें सोचने, समझने और सीखने की अलग-अलग क्षमताएँ कम होती हैं।
मानसिक रूप से अक्षम बच्चों की मुख्य विशेषताएँ:
1. इन बच्चों में ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बहुत कम होती है।
2. किसी भी नई चीज़ को सीखने में वे बहुत गलतियाँ करते हैं।
3. वे सीखी हुई बात को नई स्थितियों में इस्तेमाल नहीं कर पाते।
4. इनकी याददाश्त और निरीक्षण शक्ति बहुत कमजोर होती है।
5. इनकी रुचि बौद्धिक कामों की बजाय शारीरिक कामों में ज्यादा होती है।
6. ये बच्चे स्कूल की परीक्षाओं में अक्सर फेल हो जाते हैं।
7. स्कूल में फेल होने से इन्हें बहुत जल्दी निराशा होती है।
8. ये बच्चे बहुत संवेदनशील होते हैं और अपनी भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रख पाते।
9. छोटी-से-छोटी बात भी इन्हें चुभ जाती है।
10. बात करने की बजाय ये दूसरों की बातें ज्यादा सुनते हैं।
11. इन्हें दूसरे लोगों की तुलना में अपनी चिंता ज्यादा रहती है।
12. ये मुश्किल विषयों, जैसे गणित, विज्ञान या व्याकरण पर गहराई से सोच नहीं पाते, इसलिए इन विषयों में इनकी रुचि नहीं होती।
13. इन बच्चों की संकल्प शक्ति (किसी काम को पूरा करने का निश्चय) बहुत कम होती है, जिससे वे दृढ़ निश्चय नहीं कर पाते।
14. आत्मविश्वास की कमी के कारण ये बच्चे फैसले नहीं ले पाते।
15. इन बच्चों की बुद्धि-लब्धि 70-85% कम होती है।
In simple words: मानसिक रूप से अक्षम बच्चे वे होते हैं जिनकी बुद्धि-लब्धि औसत से कम होती है। उनकी पहचान कम ध्यान, सीखने में गलतियाँ, कमजोर याददाश्त, शारीरिक कामों में ज्यादा रुचि और आत्मविश्वास की कमी जैसे लक्षणों से की जा सकती है।

🎯 Exam Tip: मानसिक अक्षमता वाले बच्चों की विशेषताओं को याद करते समय, उनकी संज्ञानात्मक, भावनात्मक और सामाजिक कठिनाइयों पर ध्यान केंद्रित करें।

 

Question 7. अपंग बालकों के प्रति अपनाये जाने वाले व्यवहार को समझाइए।
Answer: अपंग बच्चों के प्रति हमें संवेदनशील और सहायक व्यवहार अपनाना चाहिए। शारीरिक बनावट में कमी या दुर्घटना के कारण बच्चे अपंग हो सकते हैं। इन बच्चों को उनकी अपंगता के अनुसार विशेष उपकरणों, जैसे कृत्रिम हाथ-पैर या व्हीलचेयर का उपयोग करने की सलाह देनी चाहिए। अधिक अपंग बच्चों को विशेष स्कूलों में भेजना चाहिए जहाँ उन्हें व्यावसायिक शिक्षा दी जाए, ताकि उनकी शारीरिक अक्षमता उनके आत्मनिर्भर बनने में बाधा न बने। कम अपंग बच्चों को व्यायाम, खेलकूद आदि शारीरिक गतिविधियों के माध्यम से सामान्य बनाने का प्रयास करना चाहिए। उन्हें समाज में सम्मान और अवसर प्रदान करना महत्वपूर्ण है।
In simple words: अपंग बच्चों के प्रति हमें सहायक व्यवहार अपनाना चाहिए। उन्हें विशेष उपकरण, व्यावसायिक शिक्षा और व्यायाम जैसी चीजों से मदद करके आत्मनिर्भर बनाना चाहिए।

🎯 Exam Tip: अपंग बच्चों के प्रति सही व्यवहार पर लिखते समय, सहायक उपकरण, विशेष शिक्षा और उन्हें सामान्य जीवन में शामिल करने के तरीकों पर ध्यान दें।

 

Question 8. असामान्य पारिवारिक संरचना तथा सामाजिक व्यवस्था किस प्रकार बालक में मानसिक अक्षमता लाती है?
Answer: असामान्य पारिवारिक संरचना, जैसे- माता-पिता का अलग होना, अनाथ होना, या अविवाहित माता-पिता के बच्चों में सामाजिक अक्षमता आ जाती है। ऐसे बच्चे दूसरे परिवारों को देखकर खुद को हीन महसूस करते हैं। समाज के कुछ लोग उन्हें गलत नज़र से भी देखते हैं, जिससे वे सामाजिक रूप से अक्षम हो जाते हैं। सामाजिक व्यवस्थाएँ, जैसे जाति, वर्ग और लिंग भेद भी बच्चों में अक्षमता का कारण बन सकती हैं। जातीय ऊँच-नीच या लड़के-लड़की में भेदभाव बच्चे के मन पर बुरा असर डालते हैं, जिससे वे समाज के प्रति विद्रोही बन जाते हैं। जब उन्हें सही समाधान नहीं मिलता, तो वे अक्षमता का शिकार होने लगते हैं। इन बच्चों को अपने विचारों और भावनाओं को व्यक्त करने का अवसर मिलना चाहिए।
In simple words: असामान्य परिवार (जैसे टूटे हुए परिवार) और समाज में मौजूद भेदभाव (जैसे जाति, लिंग भेद) बच्चों में सामाजिक अक्षमता पैदा कर सकते हैं। इससे बच्चे हीन महसूस करते हैं और समाज में घुलने-मिलने में मुश्किल होती है।

🎯 Exam Tip: सामाजिक अक्षमता के कारणों पर लिखते समय, पारिवारिक संरचना, सामाजिक भेदभाव और उनके बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को विस्तार से समझाएँ।

 

Question 2. मन्द – बुद्धि बालक को परिभाषित करते हुए उनकी विशेषताएँ बताइए। अथवा मानसिक रूप से असक्षम बालकों की प्रमुख विशेषताएँ बताइए।
Answer: मन्द-बुद्धि बालक वे होते हैं जिनकी मानसिक योग्यता सामान्य बच्चों से कम होती है। ऐसे बच्चों की बुद्धि लब्धि (IQ) भी सामान्य बालकों से कम पाई जाती है, जिससे उनमें सोचने-समझने की क्षमता कम होती है। यह स्थिति अक्सर सीखने और नए कौशल प्राप्त करने में चुनौतियों का कारण बनती है। मानसिक रूप से अक्षम बालकों की मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं:

  1. ये बच्चे किसी एक चीज़ पर ज्यादा देर तक ध्यान नहीं दे पाते।
  2. कुछ भी नया सीखते समय ये बहुत गलतियाँ करते हैं।
  3. सीखी हुई बातों को नई जगहों या स्थितियों में इस्तेमाल नहीं कर पाते।
  4. इनकी याददाश्त और देखने-परखने की शक्ति बहुत कमजोर होती है।
  5. इनको दिमाग वाले काम से ज्यादा शरीर से करने वाले काम पसंद आते हैं।
  6. स्कूल की परीक्षाओं में ये बच्चे बार-बार फेल हो जाते हैं।
  7. स्कूल में सफल न हो पाने पर ये बहुत जल्दी निराश हो जाते हैं।
  8. ये बहुत संवेदनशील होते हैं और अपनी भावनाओं को काबू में नहीं रख पाते।
  9. छोटी-छोटी बातें भी इन्हें बहुत बुरी लग जाती हैं।
  10. बात करते समय ये सुनने पर ज्यादा ध्यान देते हैं, बोलने पर कम।
  11. ये दूसरों की तुलना में अपने बारे में ज्यादा चिंता करते हैं।
  12. ये मुश्किल विषयों पर गहराई से नहीं सोच पाते, जैसे गणित, विज्ञान या व्याकरण।
  13. इनमें कोई काम करने का पक्का इरादा (संकल्प शक्ति) बहुत कम होता है, इसलिए ये जल्दी हार मान लेते हैं।
  14. आत्मविश्वास की कमी के कारण ये खुद से कोई फैसला नहीं ले पाते।
  15. इनकी बुद्धि-लब्धि (IQ) 70 से 85% के बीच कम होती है।

In simple words: मन्द-बुद्धि बालक वे हैं जिनकी सोचने और समझने की क्षमता सामान्य बच्चों से कम होती है, और जिनकी बुद्धि लब्धि कम होती है। ये बच्चे आसानी से सीख नहीं पाते, ध्यान नहीं लगा पाते और स्कूल में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं। इनमें आत्मविश्वास की कमी भी होती है।

🎯 Exam Tip: परिभाषा में हमेशा मुख्य शब्द (जैसे 'मानसिक योग्यता' और 'बुद्धि लब्धि') शामिल करें और विशेषताओं को क्रमबद्ध तरीके से लिखें ताकि उत्तर स्पष्ट रहे।

 

Question 3. सामाजिक रूप से अक्षम बालक कौन से होते हैं? उनमें कौन-सी विशेषताएँ निहित होती हैं?
Answer: सामाजिक रूप से अक्षम बालक वे बच्चे होते हैं, जो शारीरिक या मानसिक रूप से अक्षम बालकों की तरह ही होते हैं। इनकी सामाजिक व्यवस्था, जैसे जाति, वर्ग, लिंग, और सांस्कृतिक माहौल सामान्य नहीं होता। परिवार की बनावट भी अलग हो सकती है, जिससे ये बच्चे आम बच्चों की तरह सामाजिक रूप से सक्षम नहीं हो पाते। ऐसे बच्चे समाज में अपनी पहचान बनाने में अक्सर संघर्ष करते हैं। इन बच्चों में निम्नलिखित विशेषताएँ होती हैं:

  • इन बच्चों को समाज में सामान्य बच्चों जैसी पहचान, आदर, सुविधाएँ और काम नहीं मिल पाते हैं।
  • इस वजह से वे हीन भावना महसूस करते हैं और अपनी काबिलियत होने के बावजूद आगे नहीं बढ़ पाते।
  • सामाजिक रूप से अक्षम बच्चों का सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, नैतिक, जातीय, शैक्षिक और बौद्धिक जीवन-स्तर सामान्य से कम होता है।
  • हालांकि, इन बच्चों में अपनी अक्षमता को काबिलियत में बदलने की शक्ति होती है।
  • अगर ऐसे बच्चों को सही मार्गदर्शन, अच्छा माहौल और शिक्षा मिले, तो वे एक सफल नागरिक बन सकते हैं और समाज व देश के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।

In simple words: सामाजिक रूप से अक्षम बालक वे हैं जो अपनी सामाजिक पृष्ठभूमि (जैसे जाति, परिवार) या लिंग के कारण समाज में बराबरी का मौका नहीं पाते। उनमें आत्मविश्वास कम होता है, और उन्हें समाज में पहचान व सुविधाएँ नहीं मिलतीं, लेकिन सही मदद मिलने पर वे भी सफल हो सकते हैं।

🎯 Exam Tip: सामाजिक अक्षमता के कारणों और प्रभावों को स्पष्ट रूप से समझाएँ, साथ ही इस बात पर भी जोर दें कि उचित सहयोग से ऐसे बच्चे कैसे आगे बढ़ सकते हैं।

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