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Detailed Chapter 29 घरेलू हिसाब-किताब RBSE Solutions for Class 12 Home Science
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Class 12 Home Science Chapter 29 घरेलू हिसाब-किताब RBSE Solutions PDF
RBSE Class 12 Home Science Chapter 29 पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर
Question 1. निम्नलिखित में से सही उत्तर चुनें -
(i) निश्चित अवधि पर जो व्यय दोहराये जाते हैं, वे हैं –
(अ) उपभोग व्यय
(ब) निश्चित व्यय
(स) अर्द्ध-निश्चित व्यय
(द) पारिवारिक व्यय
Answer: (ब) निश्चित व्यय
In simple words: निश्चित व्यय वह खर्च होता है जो हर महीने या किसी तय समय पर होता है, जैसे किराया या बच्चों की फीस। यह खर्च तय होता है और बार-बार आता है।
🎯 Exam Tip: निश्चित व्यय को पहचानना महत्वपूर्ण है क्योंकि वे बजट का एक स्थिर हिस्सा होते हैं और इन्हें आमतौर पर टाला नहीं जा सकता।
Question 1. (iv) घरेलू हिसाब-किताब का प्रकार है -
(अ) बाजार खर्च
(ब) धोबी का हिसाब
(स) सम्पत्ति का हिसाब
(द) उपरोक्त सभी
Answer: (द) उपरोक्त सभी
In simple words: घर का हिसाब-किताब कई तरह का हो सकता है। इसमें बाजार का खर्च, धोबी का बिल और संपत्ति से जुड़े खर्च, ये सभी शामिल होते हैं।
🎯 Exam Tip: घरेलू हिसाब-किताब में सभी प्रकार के छोटे-बड़े खर्चों को शामिल करना चाहिए ताकि पूरी जानकारी मिल सके।
Question 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति करो -
1. .......... आर्थिक क्रियाओं का संचालक है।
2. उपभोग के बाद बचने वाली धनराशि .......... कहलाती है।
3. .......... व्यय, आय एवं परिस्थिति के अनुसार परिवर्तित होते रहते हैं।
4. आय को व्यय करने से पहले .......... बजट बनाना चाहिये।
5. घरेलू हिसाब से ....... का उचित संतुलन बनाए रखना आसान हो जाता है।
Answer:
1. मनुष्य परिवार की आर्थिक क्रियाओं का संचालक है।
2. उपभोग के बाद बचने वाली धनराशि बचत कहलाती है।
3. अर्द्धनिश्चित व्यय, आय एवं परिस्थिति के अनुसार परिवर्तित होते रहते हैं।
4. आय को व्यय करने से पहले पारिवारिक बजट बनाना चाहिये।
5. घरेलू हिसाब से आय-व्यय का उचित संतुलन बनाए रखना आसान हो जाता है।
In simple words: व्यक्ति ही परिवार की आर्थिक गतिविधियों को चलाता है। खर्च करने के बाद जो पैसा बचता है, उसे बचत कहते हैं। कुछ खर्च ऐसे होते हैं जो आय और हालात के हिसाब से बदलते रहते हैं। पैसे खर्च करने से पहले घर का बजट बनाना चाहिए। इससे घर के खर्चों और आय के बीच सही तालमेल बनाना आसान हो जाता है।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थानों की पूर्ति करते समय, वाक्य के संदर्भ को समझना और सही शब्द का चुनाव करना महत्वपूर्ण है।
Question 3. पारिवारिक व्यय किसे कहते हैं? इसे कितने भागों में विभाजित किया जा सकता है? समझाइये।
Answer: पारिवारिक आय का वह हिस्सा जो परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए खर्च होता है, उसे उपभोग व्यय कहते हैं। परिवार को हर महीने भोजन, कपड़े, घर, शिक्षा, मनोरंजन और इलाज जैसी चीजों पर अनिवार्य रूप से खर्च करना पड़ता है। इसलिए, आय का ज़्यादातर हिस्सा उपभोग की चीजों पर खर्च होता है। उपभोग व्यय वह धन है जो वस्तुओं और सेवाओं पर खर्च किया जाता है।
पारिवारिक व्यय को मुख्य रूप से दो भागों में विभाजित किया जा सकता है:
1. **उपभोग व्यय:** यह आय का वह हिस्सा है जो आवश्यकताओं पर खर्च होता है।
2. **बचत:** उपभोग व्यय के बाद आय का जो हिस्सा बचता है, उसे बचत कहते हैं। इस पैसे को भविष्य के लिए बचाया जाता है या कहीं निवेश किया जाता है। परिवार के लिए बचत करना भविष्य की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी होता है।
In simple words: पारिवारिक व्यय का मतलब है कि परिवार अपनी जरूरतों पर कितना पैसा खर्च करता है। इसे दो मुख्य हिस्सों में बांटा जा सकता है: उपभोग (जो रोजमर्रा की चीजों पर खर्च होता है) और बचत (जो भविष्य के लिए रखा जाता है)।
🎯 Exam Tip: पारिवारिक व्यय की परिभाषा में उपभोग और बचत दोनों को शामिल करें, और उनके महत्व को संक्षेप में बताएं।
Question 4. उपभोग व्यय पर प्रकाश डालते हुए इसके प्रकारों के बारे में बताइए।
Answer: उपभोग व्यय परिवार की आय का वह हिस्सा है जो विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं पर खर्च होता है। परिवार की ज्यादातर आय भोजन, कपड़े और मकान जैसी उपभोग की चीजों पर खर्च की जाती है। उपभोग व्यय को तीन मुख्य प्रकारों में बांटा जा सकता है:
1. **निश्चित व्यय:** ये वे खर्च होते हैं जो एक तय समय पर बार-बार होते हैं, जैसे राशन का बिल, घर का किराया और बच्चों की स्कूल फीस। ये खर्च अनिवार्य होते हैं और आमतौर पर हर महीने एक जैसे ही होते हैं। यह खर्च परिवार की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यक है।
2. **अर्द्धनिश्चित व्यय:** ये खर्च आय और परिस्थितियों के अनुसार बदल सकते हैं। उदाहरण के लिए, ज़्यादा आय होने पर बेहतर गुणवत्ता वाला भोजन खरीदा जा सकता है। इसमें आराम और विलासिता की वस्तुएं, साथ ही त्योहारों और खास अवसरों पर होने वाले खर्च भी शामिल होते हैं।
3. **अन्य व्यय:** ये खर्च पहले से तय नहीं होते और व्यक्ति की आय पर निर्भर करते हैं। जैसे मनोरंजन, गहने, वाहन या यात्रा पर होने वाला खर्च। यदि व्यक्ति की आय ज़्यादा होती है तो वह इन चीजों पर ज़्यादा खर्च कर सकता है।
In simple words: उपभोग व्यय वह पैसा है जो हम अपनी रोजमर्रा की जरूरतों और इच्छाओं पर खर्च करते हैं। इसके तीन प्रकार होते हैं: निश्चित (जो हमेशा तय होता है), अर्द्धनिश्चित (जो बदल सकता है) और अन्य (जो हमारी पसंद और आय पर निर्भर करता है)।
🎯 Exam Tip: उपभोग व्यय के प्रकारों को उदाहरणों के साथ समझाएं ताकि आपकी बात स्पष्ट हो सके और यह पता चले कि आप हर प्रकार के खर्च को पहचानते हैं।
Question 6. बजट की परिभाषा एवं प्रकार लिखिए।
Answer: आय का सही तरीके से इस्तेमाल करने के लिए एक योजना बनाना बहुत जरूरी है। इसलिए, पैसे खर्च करने से पहले बजट बनाना आवश्यक है। बजट किसी तय समय से पहले आय और व्यय का अनुमानित ब्यौरा होता है। यह वित्तीय योजना बनाने में मदद करता है।
बजट मुख्यतः तीन प्रकार के हो सकते हैं:
1. **सन्तुलित बजट:** इस बजट में जितनी आय होती है, उतना ही खर्च किया जाता है। इसमें न तो बचत होती है और न ही कर्ज लेने की जरूरत पड़ती है। यह बजट परिवार की कुल आय को देखकर बनाया जाता है। इसकी मुख्य कमी यह है कि इसमें भविष्य की जरूरतों और अचानक आने वाले खर्चों को अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है, जिससे परिवार वर्तमान में तो ठीक रहता है, पर भविष्य के लिए चिंतित रहता है। इसे मजदूरी का बजट भी कहते हैं।
2. **बचत का बजट:** यह सबसे अच्छा बजट माना जाता है। इसमें परिवार की ज़रूरतें भी पूरी होती हैं और भविष्य के लिए बचत भी हो जाती है। इस बजट से परिवार के सभी सदस्यों को अधिकतम संतुष्टि मिलती है और आय-व्यय में संतुलन बना रहता है। इसमें भविष्य के लिए कुछ धन बचाया जाता है। अर्थशास्त्री भी मानते हैं कि बचत का बजट ही सबसे बेहतर होता है क्योंकि यह भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
3. **घाटे का बजट:** जब खर्च आय से ज़्यादा हो जाता है, तो उसे घाटे का बजट कहते हैं। इस तरह के बजट में कर्ज लेना पड़ता है, इसलिए इसे कभी नहीं बनाना चाहिए। यह बजट परिवार की आर्थिक स्थिति को खराब कर देता है और परिवार को वित्तीय संकट में डाल देता है। घाटे का बजट कम समय के लिए बनाया जा सकता है, लेकिन लगातार घाटे का बजट बनाने से परिवार कर्ज के बोझ तले दब जाता है।
In simple words: बजट एक ऐसी योजना है जो बताती है कि एक तय समय में कितनी आय होगी और कितना खर्च होगा। यह तीन तरह का होता है: संतुलित (जितनी आय, उतना खर्च), बचत वाला (आय से कम खर्च करके बचाना) और घाटे वाला (आय से ज़्यादा खर्च करना)। बचत वाला बजट सबसे अच्छा होता है।
🎯 Exam Tip: बजट के हर प्रकार को उसकी मुख्य विशेषता और उदाहरण के साथ समझाएं ताकि परिभाषा स्पष्ट हो। बचत बजट को हमेशा सबसे अच्छा बताएं।
Question 9. हिसाब-किताब रखने के मुख्यतया कितने प्रकार है?
(अ) दो
(ब) तीन
(स) चार
(द) पाँच।
Answer: (ब) तीन
In simple words: हिसाब-किताब रखने के मुख्य तीन प्रकार होते हैं।
🎯 Exam Tip: हिसाब-किताब के मुख्य प्रकारों की संख्या याद रखें ताकि इस तरह के वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का सही उत्तर दे सकें।
Question 10. हिसाब-किताब रखने की प्रमुख विधियाँ हैं –
(अ) दो
(ब) तीन
(स) चार
(द) पाँचा
Answer: (स) चार
In simple words: हिसाब-किताब को ठीक से रखने के लिए चार मुख्य तरीके इस्तेमाल किए जाते हैं।
🎯 Exam Tip: हिसाब-किताब की विधियों की संख्या याद रखना इस तरह के वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 11. घाटे का बजट वह है जिसमें –
(अ) व्यक्ति की आय एवं खर्च बराबर होता है।
(ब) व्यय व्यक्ति की आय से कम होता है।
(स) व्यय कुछ नहीं होता सब आय में ही प्राप्त होता है।
(द) व्यय आय से अधिक होता है।
Answer: (द) व्यय आय से अधिक होता है।
In simple words: घाटे का बजट तब बनता है जब आपका खर्च आपकी कमाई से ज़्यादा हो जाता है।
🎯 Exam Tip: घाटे के बजट को हमेशा उस स्थिति के रूप में परिभाषित करें जहाँ व्यय आय से अधिक हो।
Question 12. सन्तुलित बजट में –
(अ) आय व व्यय का सदैव सन्तुलन रहता है
(ब) व्यय आय से अधिक होता है
(स) व्यय आय से काफी कम होता है
(द) व्यय होता ही नहीं है।
Answer: (अ) आय व व्यय का सदैव सन्तुलन रहता है
In simple words: संतुलित बजट का मतलब है कि आपकी कमाई और आपका खर्च हमेशा बराबर रहता है।
🎯 Exam Tip: संतुलित बजट की मुख्य विशेषता यह है कि आय और व्यय हमेशा बराबर रहते हैं, जिससे वित्तीय स्थिरता बनी रहती है।
Question 13. बजट की आवश्यकता होती है –
(अ) परिवार के आर्थिक लक्ष्य को स्पष्ट करने में
(ब) आवश्यकताओं की प्राथमिकता निर्धारित करने में
(स) सीमाओं के ज्ञान के अनुसार आय-व्यय का वितरण
(द) ये सभी।
Answer: (द) ये सभी।
In simple words: बजट बनाने की जरूरत इसलिए पड़ती है ताकि परिवार के वित्तीय लक्ष्यों को समझा जा सके, खर्चों की प्राथमिकता तय की जा सके और आय को सही तरीके से बांटा जा सके। यह सभी काम बहुत महत्वपूर्ण हैं।
🎯 Exam Tip: बजट की आवश्यकता के सभी बिंदुओं को याद रखें, क्योंकि यह परिवार के वित्तीय प्रबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है।
Question 14. हिसाब-किताब की आवश्यकता होती है –
(अ) धन व्यवस्थापन के लिए
(ब) अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाने के लिए
(स) पारिवारिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए
(द) ये सभी
Answer: (द) ये सभी
In simple words: हिसाब-किताब रखने की जरूरत इसलिए पड़ती है ताकि पैसे का सही इस्तेमाल हो सके, बेकार के खर्चों को रोका जा सके और परिवार के लक्ष्यों को पूरा किया जा सके। यह तीनों कारण हिसाब-किताब रखने के लिए जरूरी हैं।
🎯 Exam Tip: हिसाब-किताब की आवश्यकता के सभी बिंदुओं को समझें और उन्हें अपनी भाषा में स्पष्ट करें।
Question. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए -
1. मनुष्य .......... क्रियाओं की मूल इकाई है।
2. आय एवं व्यय की प्रक्रिया............. चलती है।
3. पारिवारिक ..........द्वारा किसी भी परिवार के आय एवं व्यय का ब्यौरा तैयार किया जाता है।
4. बजट बनाते समय परिवार के सभी सदस्यों का .......... होना चाहिए।
5. आय का वितरण प्रत्येक सदस्य की .......... को ध्यान में रखकर करना चाहिए।
6. बजट द्वारा सरकार.......... नीतियों का निर्धारण करती है।
7. घरेलू हिसाब-किताब किसी एक निश्चित समय में परिवार द्वारा किये गये घरेलू..........का लिखित ब्यौरा है।
8. आमतौर पर महीने के ............सप्ताह में सबसे अधिक खर्च होता है।
9. लिफाफा विधि प्रतिमाह होने वाले .......... खर्च के भुगतान के लिए काम में ली जाती है।
10. ..........एवं.......... धन व्यवस्थापन के प्रमुख सोपान हैं।
11. जब पारिवारिक आय-व्यय में सदैव संतुलन रहता है तो बज.............बजट कहलाता है।
12. जब बजट में व्यय पारिवारिक आय से अधिक होता है तो इसे..........का बजट कहते हैं।
Answer:
1. मनुष्य **परिवार** की आर्थिक क्रियाओं का मूल इकाई है।
2. आय एवं व्यय की प्रक्रिया **निरन्तर** चलती है।
3. पारिवारिक **आय-व्यय** द्वारा किसी भी परिवार के आय एवं व्यय का ब्यौरा तैयार किया जाता है।
4. बजट बनाते समय परिवार के सभी सदस्यों का **सहयोग** होना चाहिए।
5. आय का वितरण प्रत्येक सदस्य की **आय** को ध्यान में रखकर करना चाहिए।
6. बजट द्वारा सरकार **आर्थिक** नीतियों का निर्धारण करती है।
7. घरेलू हिसाब-किताब किसी एक निश्चित समय में परिवार द्वारा किये गये घरेलू **खर्चों** का लिखित ब्यौरा है।
8. आमतौर पर महीने के **प्रथम** सप्ताह में सबसे अधिक खर्च होता है।
9. लिफाफा विधि प्रतिमाह होने वाले **निश्चित** खर्च के भुगतान के लिए काम में ली जाती है।
10. **आय** एवं **व्यय** धन व्यवस्थापन के प्रमुख सोपान हैं।
11. जब पारिवारिक आय-व्यय में सदैव संतुलन रहता है तो **सन्तुलित** बजट कहलाता है।
12. जब बजट में व्यय पारिवारिक आय से अधिक होता है तो इसे **घाटे** का बजट कहते हैं।
In simple words: परिवार ही आर्थिक गतिविधियों की मूल इकाई है। आय और खर्च का काम लगातार चलता रहता है। परिवार की आय और खर्च का ब्यौरा बनाना बहुत जरूरी है। बजट बनाते समय घर के सभी सदस्यों का सहयोग होना चाहिए। आय को बांटते समय हर सदस्य की आय को ध्यान में रखें। सरकार बजट से आर्थिक नियम बनाती है। घर का हिसाब-किताब किसी तय समय के घरेलू खर्चों का लिखित हिसाब होता है। महीने के पहले हफ्ते में सबसे ज्यादा खर्च होता है। लिफाफा विधि से हर महीने होने वाले तय खर्चों का भुगतान किया जाता है। आय और व्यय, पैसे को व्यवस्थित करने के दो मुख्य तरीके हैं। जब आय और खर्च हमेशा बराबर रहें तो वह संतुलित बजट होता है। जब खर्च आय से ज़्यादा हो जाए तो वह घाटे का बजट कहलाता है।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थानों की पूर्ति करते समय, वाक्य के पूरे अर्थ को समझें और सही उत्तर भरने के लिए दिए गए विकल्पों (यदि कोई हों) पर ध्यान दें।
RBSE Class 12 Home Science Chapter 29 अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. व्यय किसे कहते हैं?
Answer: व्यय का अर्थ है कि परिवार अपनी आर्थिक कोशिशों से कमाए गए पैसे को कैसे, कितना और किस तरह से खर्च करता है। यह पैसों के इस्तेमाल की प्रक्रिया को दर्शाता है। यह दर्शाता है कि पैसे का वितरण कैसे किया जाता है।
In simple words: व्यय वह तरीका है जिससे परिवार अपनी कमाई को जरूरतों पर खर्च करता है।
🎯 Exam Tip: व्यय की परिभाषा में 'कैसे, कितना और किस प्रकार खर्च किया जाता है' इन तीनों बिंदुओं को शामिल करें।
Question 2. बचत किसे कहते हैं?
Answer: उपभोग यानी खर्च करने के बाद जो पैसा बच जाता है, उसे बचत कहते हैं। यह पैसा भविष्य की जरूरतों के लिए सुरक्षित रखा जाता है।
In simple words: बचत वह पैसा है जो खर्च करने के बाद बच जाता है।
🎯 Exam Tip: बचत की परिभाषा में 'उपभोग के बाद बची हुई धनराशि' को मुख्य बिंदु के रूप में बताएं।
Question 3. पारिवारिक बजट किसे कहते हैं?
Answer: परिवार की आय और व्यय के पूरे और विस्तृत ब्यौरे को पारिवारिक बजट कहते हैं। यह एक तय अवधि के लिए आय और खर्च की योजना होती है।
In simple words: पारिवारिक बजट एक योजना है जिसमें परिवार की कमाई और खर्च का पूरा हिसाब-किताब होता है।
🎯 Exam Tip: पारिवारिक बजट की परिभाषा में 'आय और व्यय के विस्तृत ब्यौरे' को प्रमुख रूप से उल्लेख करें।
Question 4. पारिवारिक बजट बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
Answer: पारिवारिक बजट बनाने का मुख्य उद्देश्य घर की अर्थव्यवस्था को सही तरीके से चलाना है। यह खर्चों को नियंत्रित करने और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने में मदद करता है।
In simple words: पारिवारिक बजट बनाने का खास मकसद घर के पैसों का इंतजाम अच्छे से करना है।
🎯 Exam Tip: पारिवारिक बजट के मुख्य उद्देश्य को 'गृह अर्थव्यवस्था को सुचारु बनाए रखना' के रूप में स्पष्ट करें।
Question 5. पारिवारिक बजट की सर्वाधिक उपयोगिता किसके लिए है?
Answer: पारिवारिक बजट की सबसे ज़्यादा उपयोगिता गृहिणियों के लिए है। वे घर के खर्चों और आय का प्रबंधन करती हैं, इसलिए बजट उनके लिए एक महत्वपूर्ण साधन है।
In simple words: पारिवारिक बजट गृहिणियों के लिए सबसे ज्यादा उपयोगी होता है।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न का उत्तर देते समय गृहिणियों की भूमिका पर प्रकाश डालें, क्योंकि वे घरेलू वित्त की मुख्य प्रबंधक होती हैं।
Question 7. दैनिक हिसाब-किताब के प्रकारों का वर्णन कीजिए।
Answer: दैनिक हिसाब-किताब में रोज़मर्रा के खर्चों को लिखा जाता है। इसके कुछ मुख्य प्रकार इस प्रकार हैं:
* दूध पर होने वाला खर्च
* बाजार से खरीदी गई चीजों पर होने वाला खर्च
* सब्जी और फलों पर होने वाला खर्च
* ईंधन (जैसे गैस या लकड़ी) पर होने वाला खर्च
* धोबी को दिए जाने वाले पैसे का हिसाब
ये सभी रोज़मर्रा के जीवन में होने वाले सामान्य खर्च हैं, जिन्हें दैनिक हिसाब-किताब में दर्ज किया जाता है।
In simple words: दैनिक हिसाब-किताब में रोज के खर्चों का रिकॉर्ड रखा जाता है। इसमें दूध, बाजार की चीजें, सब्जी, ईंधन और धोबी के बिल जैसे छोटे-छोटे खर्चे शामिल होते हैं।
🎯 Exam Tip: दैनिक हिसाब-किताब के प्रकारों को सूचीबद्ध करते समय, ऐसे सामान्य उदाहरण दें जो हर घर में होते हों।
Question 8. पारिवारिक बजट के कितने अंग होते हैं?
Answer: पारिवारिक बजट के मुख्य अंग निम्नलिखित हैं:
* **परिवार का परिचय:** इसमें परिवार के सदस्यों, उनकी उम्र और जरूरतों की जानकारी होती है।
* **परिवार की आय:** इसमें परिवार के सभी स्रोतों से आने वाली कुल आय का ब्यौरा होता है।
* **बजट की अवधि:** यह वह समय अवधि होती है जिसके लिए बजट बनाया गया है, जैसे एक महीना या एक साल।
* **व्यय की मद:** इसमें विभिन्न प्रकार के खर्चों का विवरण होता है, जैसे भोजन, वस्त्र, शिक्षा आदि।
इन अंगों के माध्यम से एक प्रभावी पारिवारिक बजट बनाया जा सकता है।
In simple words: पारिवारिक बजट के चार मुख्य हिस्से होते हैं: परिवार की जानकारी, परिवार की कमाई, बजट कितने समय के लिए है, और अलग-अलग खर्चों की सूची।
🎯 Exam Tip: पारिवारिक बजट के सभी अंगों को स्पष्ट और संक्षेप में बताएं, क्योंकि ये बजट बनाने के लिए आवश्यक घटक हैं।
Question 9. बजट की सफलता किस पर निर्भर करती है?
Answer: बजट की सफलता मुख्य रूप से व्यय नियन्त्रण पर निर्भर करती है। यदि खर्चों को योजना के अनुसार नियंत्रित किया जाए, तो बजट अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है। पैसों को जरूरत से ज्यादा खर्च करने से रोकना ही इसकी असली कामयाबी है।
In simple words: बजट तभी सफल होता है जब हम अपने खर्चों को कंट्रोल में रखते हैं।
🎯 Exam Tip: बजट की सफलता के लिए 'व्यय नियन्त्रण' को मुख्य कारक के रूप में हाइलाइट करें।
Question 11. आदर्श बजट किसे कहते हैं?
Answer: आदर्श बजट वह बजट कहलाता है जो आय और व्यय के बीच हमेशा समानता रखता है। इस बजट में कमाई और खर्च का संतुलन बना रहता है, जिससे कोई वित्तीय समस्या नहीं होती। यह एक स्वस्थ वित्तीय स्थिति का संकेत है।
In simple words: आदर्श बजट वह होता है जिसमें आपकी कमाई और आपका खर्च हमेशा बराबर रहता है।
🎯 Exam Tip: आदर्श बजट की परिभाषा में 'आय और व्यय के बीच समानता' को मुख्य बिंदु के रूप में बताएं।
Question 12. आय एवं व्यय किस प्रकार की प्रक्रिया है?
Answer: आय एवं व्यय एक निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है। यह जीवनभर चलती रहती है, जहाँ व्यक्ति पैसे कमाता है और उसे अपनी जरूरतों पर खर्च करता है। यह चक्र कभी नहीं रुकता।
In simple words: आय और व्यय एक ऐसी प्रक्रिया है जो लगातार चलती रहती है।
🎯 Exam Tip: आय और व्यय को 'निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया' के रूप में परिभाषित करें, क्योंकि यह वित्तीय जीवन का एक बुनियादी सिद्धांत है।
Question 13. घरेलू हिसाब-किताब किसे कहते हैं?
Answer: परिवार द्वारा एक निश्चित समय में किए गए खर्च का ब्यौरा घरेलू हिसाब-किताब कहलाता है। यह घर के सभी वित्तीय लेन-देन का रिकॉर्ड रखने का एक तरीका है, जिससे पैसों के प्रबंधन में मदद मिलती है।
In simple words: घर का हिसाब-किताब एक तय समय में परिवार के खर्चों का पूरा रिकॉर्ड होता है।
🎯 Exam Tip: घरेलू हिसाब-किताब की परिभाषा में 'निश्चित समय' और 'खर्च का ब्यौरा' शब्दों का प्रयोग करें।
Question 14. घरेलू हिसाब-किताब की कोई दो मुख्य आवश्यकताएँ बताइए।
Answer: घरेलू हिसाब-किताब की दो मुख्य आवश्यकताएँ हैं:
* **अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाना:** हिसाब-किताब रखने से पता चलता है कि कहाँ फालतू खर्च हो रहा है, जिससे उन्हें रोका जा सके।
* **धन व्यवस्थापन करना:** इससे पैसों को सही तरीके से मैनेज किया जा सकता है, ताकि जरूरत पड़ने पर पैसा उपलब्ध हो।
हिसाब-किताब परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करता है।
In simple words: घर का हिसाब-किताब इसलिए जरूरी है ताकि हम बेकार के खर्चों को रोक सकें और पैसों को अच्छे से संभाल सकें।
🎯 Exam Tip: घरेलू हिसाब-किताब की आवश्यकताओं को स्पष्ट और व्यावहारिक बिंदुओं में बताएं, जैसे अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण और धन प्रबंधन।
Question 15. हिसाब-किताब की पृष्ठ विधि क्या है?
Answer: हिसाब-किताब की पृष्ठ विधि में, एक कागज या बोर्ड पर सभी खर्चों को लिखा जाता है। इस शीट को दीवार पर या दरवाजे के पीछे टांग दिया जाता है ताकि यह आसानी से दिख सके। फिर, सप्ताह या महीने के अंत में सभी खर्चों को जोड़कर कुल खर्चे का अनुमान लगाया जाता है। यह एक सरल और प्रभावी तरीका है।
In simple words: पृष्ठ विधि में एक कागज पर सभी खर्चों को लिखकर टांग दिया जाता है, और फिर बाद में कुल खर्च का हिसाब लगाया जाता है।
🎯 Exam Tip: पृष्ठ विधि को समझाते समय, यह स्पष्ट करें कि इसमें एक पृष्ठ पर खर्चों को लिखा जाता है और अंत में कुल योग का अनुमान लगाया जाता है।
RBSE Class 12 Home Science Chapter 29 लघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. उपभोग व्यय कितने प्रकार से हो सकता है?
Answer: उपभोग व्यय तीन मुख्य प्रकार से हो सकता है:
* **निश्चित व्यय:** ये वे खर्च होते हैं जो हर महीने या किसी तय अवधि पर अनिवार्य रूप से होते हैं, जैसे राशन का बिल और मकान का किराया।
* **अर्द्धनिश्चित व्यय:** ये खर्च आय और परिस्थितियों के अनुसार बदल सकते हैं, जैसे त्योहारों पर होने वाला खर्च या विशेष आयोजनों पर किया गया व्यय।
* **अन्य व्यय:** ये खर्च व्यक्ति की पसंद और आय पर निर्भर करते हैं, जैसे मनोरंजन, आभूषण खरीदना, या यात्रा पर जाना।
इन सभी प्रकारों का प्रबंधन प्रभावी बजटिंग के लिए महत्वपूर्ण है।
In simple words: उपभोग व्यय तीन तरह का होता है: निश्चित (जैसे किराया), अर्द्धनिश्चित (जैसे त्योहारों पर खर्च) और अन्य (जैसे मनोरंजन)।
🎯 Exam Tip: उपभोग व्यय के तीनों प्रकारों को उदाहरणों के साथ स्पष्ट करें, जिससे उनकी प्रकृति और अंतर साफ हो।
Question 2. बजट को परिभाषित कीजिए।
Answer: बजट एक परिवार के लिए किसी खास समय में होने वाली आय और व्यय का अनुमानित ब्यौरा होता है। यह एक वित्तीय योजना है। ग्रॉस और क्रेण्डल के अनुसार, "बजट भविष्य में होने वाले खर्चों का एक आयोजन है।" महिन्द्र कौरमान के अनुसार, "पारिवारिक बजट पिछले खर्चों का विवरण होता है और इसमें भविष्य के खर्चों और आय का भी ब्यौरा रहता है, जिसे अलग-अलग समय पर अलग-अलग कामों में खर्च किया जाता है।" बजट बनाना परिवार को वित्तीय स्थिरता प्रदान करता है।
In simple words: बजट एक योजना है जो बताती है कि एक परिवार एक निश्चित समय में कितना कमाएगा और कितना खर्च करेगा। यह पिछली आय और व्यय का रिकॉर्ड भी रखती है।
🎯 Exam Tip: बजट की परिभाषा देते समय, इसे केवल अनुमानित व्यय तक सीमित न रखें, बल्कि इसे भविष्य के खर्चों के आयोजन और पिछले खर्चों के विवरण के रूप में भी समझाएं।
Question 3. आदर्श बजट क्या है?
Answer: आदर्श बजट वह बजट कहलाता है जिसमें आय और व्यय के बीच हमेशा समानता बनी रहती है। इसे बनाने का एक आसान तरीका है: आप दो-तीन महीने तक अपने घर के कुल खर्चों को लिखें। फिर यह अनुमान लगाएं कि किस चीज पर ज़्यादा खर्च हुआ और किस पर कम। यदि खर्च ज़्यादा हो रहा है, तो अनावश्यक खर्चों में कटौती करनी चाहिए। खर्च पूरा करने के लिए कर्ज लेने की आदत नहीं डालनी चाहिए। अगर किसी कारणवश कर्ज लेना पड़े, तो उसे जल्द से जल्द चुका देना चाहिए। यह वित्तीय अनुशासन बनाए रखने में मदद करता है।
In simple words: आदर्श बजट वह है जहाँ कमाई और खर्च बराबर होते हैं। इसे बनाने के लिए आपको अपने खर्चों पर नज़र रखनी चाहिए और अनावश्यक खर्चों को कम करना चाहिए, ताकि कर्ज लेने से बचा जा सके।
🎯 Exam Tip: आदर्श बजट की परिभाषा के साथ-साथ उसे प्राप्त करने के लिए व्यावहारिक सुझाव भी दें, जैसे खर्चों का मूल्यांकन और कटौती।
Question 4. बजट के मुख्य बिन्दुओं पर प्रकाश डालिए।
Answer: बजट बनाते समय प्रत्येक परिवार को अपनी आय के अनुसार अपने व्यय का बजट बनाना चाहिए। पारिवारिक बजट बनाते समय निम्नलिखित मुख्य बिन्दुओं को ध्यान में रखना चाहिए:
* जरूरत पड़ने पर खर्चों में बदलाव करने के लिए बजट को लचीला (Flexible) बनाना चाहिए।
* भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए बजट में कम से कम 10% बचत का प्रावधान होना चाहिए। यह परिवार की भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
* मासिक बजट बनाते समय पूरे साल के बजट का भी ध्यान रखना चाहिए।
इन बिंदुओं का पालन करके एक प्रभावी और संतुलित बजट बनाया जा सकता है।
In simple words: बजट बनाते समय हमें कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए: यह लचीला हो, भविष्य के लिए कम से कम 10% बचत हो, और मासिक बजट बनाते समय पूरे साल के बजट का भी सोचना चाहिए।
🎯 Exam Tip: बजट के मुख्य बिन्दुओं को सूचीबद्ध करते समय, लचीलेपन, बचत के प्रावधान और दीर्घकालिक दृष्टिकोण को शामिल करें।
Question 5. बजट की आवश्यकता क्यों होती है?
Answer: बजट की आवश्यकता इसलिए होती है ताकि आय और व्यय का संतुलन बना रहे। व्यक्ति अपनी योग्यता और मेहनत से पैसे कमाता है, और फिर अपनी पसंद की चीजें खरीदने पर खर्च करता है। घर के आर्थिक सिस्टम को सही रखने के लिए पारिवारिक बजट बनाया गया है। पारिवारिक बजट में, परिवार की आय को ध्यान में रखते हुए, एक निश्चित समय में होने वाले सभी खर्चों का हिसाब रखा जाता है। यह एक व्यवस्थित दस्तावेज है जो परिवार की आय और व्यय को दिखाता है। बजट हमें यह समझने में मदद करता है कि हमारी कमाई कहाँ जा रही है और हम उसे कैसे बेहतर ढंग से इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए, आय और व्यय को संतुलित रखने के लिए बजट बनाना बहुत जरूरी है।
In simple words: बजट हमें यह जानने में मदद करता है कि हम कितना कमाते हैं और कितना खर्च करते हैं। इससे हम अपने पैसों को अच्छे से प्लान कर पाते हैं और कोई भी फालतू खर्च रोक सकते हैं।
🎯 Exam Tip: बजट की परिभाषा और उसके मुख्य उद्देश्यों को हमेशा स्पष्ट रूप से बताएँ, क्योंकि ये किसी भी वित्तीय प्रबंधन प्रश्न के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Question 6. एक मध्यमवर्गीय परिवार का अनुमानित बजट तैयार कीजिए। उससे होने वाले विभिन्न लाभों का वर्णन कीजिए।
Answer: एक मध्यमवर्गीय परिवार का अनुमानित बजट नीचे दी गई तालिका में दिखाया गया है। यह बजट परिवार को अपनी आय का सही उपयोग करने और खर्चों को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे वे भविष्य के लिए बचत कर सकें।
| व्यय की मदें | आय 6000 Rs. प्रति मास | ||
|---|---|---|---|
| रुपया व्यय | प्रतिशत व्यय | ||
| 1. | भोजन | 1800 | 30% |
| 2. | कपड़ा | 600 | 10% |
| 3. | आवास | 1500 | 25% |
| 4. | ईंधन एवं प्रकाश | 1200 | 20% |
| 5. | शिक्षा एवं स्वास्थ्य | 600 | 10% |
| 6. | मनोरंजन एवं अन्य खर्च | 300 | 5% |
| 7. | बचत | ||
| कुल योग | 6000 Rs. | 100% |
In simple words: यह टेबल दिखाता है कि एक परिवार अपनी 6000 रुपये की मासिक आय को कैसे अलग-अलग चीजों पर खर्च करता है, जैसे खाना, कपड़े, घर और पढ़ाई। इस बजट में पति-पत्नी, दो स्कूल जाने वाले बच्चे और एक वृद्ध पिता शामिल हैं।
🎯 Exam Tip: जब भी आप बजट तालिका बनाएँ, तो सभी खर्चों को यथार्थवादी और संतुलित तरीके से विभाजित करें, और कुल आय के बराबर होना सुनिश्चित करें।
Question 8. पारिवारिक बजट से लाभ बताइये।
Answer: पारिवारिक बजट बनाने से कई फायदे होते हैं। यह आय को एक सीमा में रखने में मदद करता है और परिवार के आर्थिक लक्ष्यों को स्पष्ट करता है, साथ ही अनावश्यक खर्चों को कम करने में भी सहायता करता है। बजट बनाने से आय और व्यय की सही जानकारी मिलती है, और यह भविष्य के लिए योजना बनाने में भी मददगार होता है। इससे दीर्घकालीन लक्ष्यों को प्राप्त करना आसान हो जाता है। बचत बजट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे बचत करने की आदत बनती है और वर्तमान तथा भविष्य की जरूरतों को संतुलित किया जा सकता है। बजट हमें यह समझने में भी मदद करता है कि वस्तुओं की कीमतें कैसे बदल रही हैं। इससे परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सुधार होता है, सभी सदस्यों की इच्छाएँ पूरी होती हैं, और परिवार का जीवन-स्तर बेहतर बनता है। बजट बचत को बढ़ावा देता है, जिससे भविष्य सुरक्षित रहता है।
In simple words: बजट बनाने से हमें पता चलता है कि हमारे पैसे कहाँ जा रहे हैं, हम फालतू खर्च रोक पाते हैं और भविष्य के लिए पैसे बचा पाते हैं। इससे परिवार की आर्थिक हालत अच्छी रहती है और सभी की ज़रूरतें पूरी हो पाती हैं।
🎯 Exam Tip: पारिवारिक बजट के लाभों को हमेशा बिंदुवार तरीके से प्रस्तुत करें, ताकि परीक्षक को सभी महत्वपूर्ण फायदे स्पष्ट रूप से दिखें।
Question 9. साप्ताहिक एवं मासिक हिसाब-किताब किसे कहते हैं?
Answer: साप्ताहिक हिसाब-किताब वह होता है जहाँ व्यक्ति एक हफ्ते में हुए कुल खर्च को लिखता है, और हफ्ते के आखिर में उन सभी खर्चों को जोड़ता है ताकि यह पता चले कि आय कम हुई है या ज्यादा। इसी तरह, मासिक हिसाब-किताब में एक महीने के कुल खर्च का रिकॉर्ड रखा जाता है। हिसाब-किताब लिखने के लिए एक डायरी, पुस्तिका या साधारण रजिस्टर का उपयोग किया जा सकता है। यह हमें छोटे समय के लिए अपने खर्चों को ट्रैक करने में मदद करता है, जिससे वित्तीय निर्णय लेना आसान हो जाता है।
In simple words: साप्ताहिक हिसाब-किताब मतलब एक हफ्ते के सभी खर्चों का हिसाब रखना, और मासिक हिसाब-किताब मतलब एक महीने के सभी खर्चों का हिसाब रखना।
🎯 Exam Tip: साप्ताहिक और मासिक हिसाब-किताब के बीच अंतर को स्पष्ट रूप से समझाएँ और यह भी बताएँ कि इन्हें क्यों रखा जाता है।
Question 10. लिफाफा विधि के अन्तर्गत किस प्रकार हिसाब-किताब रखा जाता है ? समझाइये।
Answer: लिफाफा विधि हर महीने होने वाले तय खर्चों के लिए इस्तेमाल की जाती है। इसमें मकान का किराया, बच्चों की स्कूल फीस, बीमा प्रीमियम, अखबार, दूध, बिजली का बिल आदि जैसे खर्च शामिल हैं। इस विधि को दो तरीकों से उपयोग किया जा सकता है।
पहली विधि में, एक बड़े लिफाफे में अलग-अलग खर्चों के लिए कुल पैसे रख दिए जाते हैं। फिर, लिफाफे के ऊपर रखी गई कुल राशि और विभिन्न खर्चों का विवरण लिख दिया जाता है। परिवार का कोई भी सदस्य इस लिफाफे से पैसे निकालकर भुगतान कर सकता है।
दूसरी विधि में, प्रत्येक खर्च मद के लिए अलग-अलग लिफाफे में पैसे रखे जाते हैं। हर लिफाफे पर मद और राशि लिख दी जाती है। परिवार का कोई भी सदस्य अपने संबंधित लिफाफे से भुगतान कर सकता है। यह विधि व्यक्ति को अपनी सुविधा और जरूरत के अनुसार चुनने की आजादी देती है और खर्चों को अलग-अलग रखने में मदद करती है।
In simple words: लिफाफा विधि में, आप अलग-अलग लिफाफों में अपने महीने भर के तय खर्चों के लिए पैसे अलग-अलग रखते हैं। इससे आपको पता रहता है कि किस खर्च के लिए कितने पैसे हैं।
🎯 Exam Tip: लिफाफा विधि के दोनों मुख्य तरीकों को स्पष्ट रूप से समझाएँ और प्रत्येक के उपयोग का एक उदाहरण दें।
Question 11. हिसाब-किताब रखने से क्या अभिप्राय है?
Answer: हिसाब-किताब रखने का मतलब है कि एक व्यक्ति अपने परिवार की इच्छाओं और जरूरतों को पूरा करने के लिए पैसे कमाता है, और फिर उन पैसों को अपनी जरूरतों पर खर्च करके संतुष्टि प्राप्त करता है। वह कितनी कमाई करता है और कितना खर्च करता है, इसका पूरा हिसाब अपनी डायरी में लिखता है। इससे उसे बाजार में हर वस्तु की कीमत की जानकारी मिलती रहती है, और वह पारिवारिक आय और व्यय के बीच संतुलन बनाकर अपने पैसों का सही प्रबंधन कर पाता है। इस पूरी प्रक्रिया को ही सामान्य भाषा में हिसाब-किताब रखना कहते हैं। हिसाब-किताब किसी खास समय अवधि में परिवार द्वारा किए गए घरेलू खर्चों का लिखित रिकॉर्ड होता है। यह हमें खर्च किए गए पैसों की पूरी जानकारी देता है और हमें बेहतर वित्तीय निर्णय लेने में मदद करता है।
In simple words: हिसाब-किताब रखने का मतलब है कि आप अपनी कमाई और खर्च का पूरा रिकॉर्ड रखते हैं। इससे आपको पता चलता है कि आपके पैसे कहाँ जा रहे हैं, और आप उन्हें ठीक से इस्तेमाल कर पाते हैं।
🎯 Exam Tip: हिसाब-किताब की परिभाषा को याद रखें और यह भी समझाएँ कि यह परिवार के वित्तीय प्रबंधन में कैसे सहायक होता है।
हिसाब-किताब के निम्न प्रकार हैं –
(1) बाजार खर्च:
आय का बड़ा हिस्सा रोजमर्रा की चीजों पर खर्च होता है, जैसे खाने का सामान, फल, सब्जियां और साबुन। हर गृहिणी को इन दैनिक खर्चों का हिसाब लिखना चाहिए। बाजार खर्च के लिए एक अलग डायरी बनाकर उसमें रोज शाम को हिसाब दर्ज करना चाहिए। यह परिवार के दैनिक उपभोग पर नज़र रखने में मदद करता है।
In simple words: बाजार खर्च मतलब रोजमर्रा की जरूरतों जैसे खाना, सब्जी और साबुन पर होने वाले खर्च का हिसाब रखना।
🎯 Exam Tip: दैनिक खर्चों को प्रबंधित करने के लिए बाजार खर्च के महत्व पर जोर दें और यह भी बताएं कि इसका हिसाब कैसे रखा जाना चाहिए।
(2) दूध का हिसाब:
हर दिन कितना दूध खरीदा गया, इसका रिकॉर्ड किसी नोटबुक या कागज पर रखना चाहिए। इससे महीने के आखिर में दूध के खर्च का सही हिसाब लगाया जा सकता है। यह छोटे-मोटे, लेकिन नियमित खर्चों को ट्रैक करने में महत्वपूर्ण है।
In simple words: रोज कितना दूध खरीदा, उसका रिकॉर्ड रखना ताकि महीने के अंत में कुल खर्च पता चल सके।
🎯 Exam Tip: छोटे और नियमित खर्चों का हिसाब रखने की आवश्यकता को समझाएँ, जैसे दूध का खर्च, जो कुल बजट पर असर डाल सकता है।
(3) धोबी का हिसाब:
धोबी से धुलवाए, इस्त्री करवाए या भट्टी लगवाए गए कपड़ों का पूरा हिसाब रखना चाहिए। इसमें कपड़ों की संख्या और काम की जानकारी शामिल होनी चाहिए, ताकि महीने के आखिर में कोई गलती न हो। यह सुनिश्चित करता है कि सेवाओं पर खर्च किए गए पैसे का सही हिसाब हो।
In simple words: धोबी से कपड़ों पर किए गए सभी खर्चों और काम का पूरा हिसाब रखें, ताकि महीने के अंत में कोई गड़बड़ न हो।
🎯 Exam Tip: सेवाओं पर होने वाले खर्चों, जैसे धोबी के बिल, को ट्रैक करने के महत्व पर प्रकाश डालें ताकि वित्तीय पारदर्शिता बनी रहे।
(4) सम्पत्ति का हिसाबः
इस हिसाब में मकान का किराया, जमा की गई किस्तों, वाहन की किस्तों और बीमा प्रीमियम जैसी चीजों का रिकॉर्ड रखा जाता है। इनके भुगतान के बाद मिली रसीदों को भी संभाल कर रखना चाहिए। यह बड़े और महत्वपूर्ण खर्चों का एक स्थायी रिकॉर्ड बनाता है।
In simple words: घर के किराए, वाहन की किस्तों और बीमा जैसे बड़े खर्चों का हिसाब रखें और उनकी रसीदें संभालकर रखें।
🎯 Exam Tip: संपत्ति से संबंधित खर्चों और उनके दस्तावेजीकरण की आवश्यकता को समझाएँ, क्योंकि ये बड़े वित्तीय निर्णय होते हैं।
(5) बीमा तथा अन्य बचत साधन का हिसाब:
मासिक खर्चों के बाद बची हुई राशि को बीमा, बैंक, पोस्ट ऑफिस या किसी अन्य बचत खाते में निवेश किया जाता है। शेयर, ऋण पत्र या मियादी जमा जैसे निवेशों का हिसाब भी इसी श्रेणी में आता है। इन सभी जमा रसीदों और दस्तावेजों को एक जगह संभालकर रखना चाहिए। यह भविष्य के लिए वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
In simple words: बचत के पैसों को बीमा, बैंक या दूसरे निवेशों में लगाने का हिसाब रखें और सभी जरूरी कागजात संभालकर रखें।
🎯 Exam Tip: बचत और निवेश को बजट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानें, और विभिन्न बचत साधनों का सही हिसाब रखने के महत्व पर जोर दें।
RBSE Class 12 Home Science Chapter 29 निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. व्यय की प्रमुख मदों का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
Answer: व्यय की प्रमुख मदें वे श्रेणियाँ हैं जिनमें परिवार अपनी आय को खर्च करता है। इन मदों को विभाजित करके सेवाओं और वस्तुओं पर होने वाले कुल खर्च का पूरा विवरण लिखा जाता है। एक परिवार के लिए मुख्य खर्च मदें इस प्रकार हैं:
**(1) भोजन:** जीवित रहने और काम करने के लिए भोजन सबसे जरूरी है। परिवार की ज्यादातर कमाई खाने पर खर्च होती है। भोजन ऐसा होना चाहिए जिससे भूख मिटे और काम करने की ताकत मिले, न कि सिर्फ महंगे खाने पर पैसे बर्बाद हों। पोषण पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।
**(2) वस्त्र:** कपड़ों की जरूरत शरीर को ढकने के साथ-साथ अलग-अलग मौसमों में सुरक्षा के लिए भी होती है, ताकि शरीर स्वस्थ रहे। हर परिवार अपनी जीवनशैली और आय के अनुसार अपनी आय का लगभग 18% कपड़ों पर खर्च करता है। इसमें सिर्फ पहनने वाले कपड़े ही नहीं, बल्कि घर के बिस्तर, तौलिए, पर्दे और कपड़ों की सिलाई का खर्च भी शामिल होता है। कपड़े हमारे सामाजिक स्थिति को भी दर्शाते हैं।
**(3) आवास:** भोजन और कपड़ों के बाद घर की जरूरत होती है। मकान का किराया, उसकी मरम्मत, गृह-कर और बिजली का खर्च जैसी चीजें इस मद में आती हैं। यह रहने के लिए एक सुरक्षित और आरामदायक जगह प्रदान करता है।
**(4) अन्य आवश्यक व्यय:**
**(i) शिक्षा:** बच्चों की स्कूल और कॉलेज की फीस, किताबों और कॉपियों पर खर्च, तथा उच्च शिक्षा की व्यवस्था करना परिवार की एक बड़ी जिम्मेदारी है। शिक्षा एक बच्चे के भविष्य को आकार देती है।
**(ii) मनोरंजन:** हर व्यक्ति के जीवन में मनोरंजन जरूरी है। परिवार अपनी आय का कुछ हिस्सा मनोरंजन पर खर्च करता है। बच्चों के लिए खिलौने, कहानियों की किताबें, टीवी, वीडियो, सिनेमा और पिकनिक आदि पर खर्च होता है। मनोरंजन तनाव कम करने और खुशियाँ लाने में मदद करता है।
**(iii) आवागमन:** परिवार के किसी भी सदस्य द्वारा बस, स्कूटर आदि पर आने-जाने में किया गया खर्च इस मद में आता है। यह काम, स्कूल या अन्य जगहों पर जाने के लिए आवश्यक है।
**(iv) स्वास्थ्य और चिकित्सा:** परिवार के किसी भी सदस्य के बीमार होने पर दवाइयों, डॉक्टर की फीस और अस्पताल के खर्च इस मद में आते हैं। स्वास्थ्य पर खर्च करना बहुत महत्वपूर्ण है ताकि परिवार स्वस्थ रहे और बीमारी की स्थिति में मदद मिल सके।
**(vi) अन्य खर्च:** इसमें नौकरों का वेतन, धोबी का बिल, जेब खर्च, पत्र-पत्रिकाओं पर खर्च, शादी-विवाह पर खर्च, रिश्तेदारों से लेन-देन और मेहमानों के आने पर अतिरिक्त खर्च शामिल हैं। ये खर्च अक्सर अप्रत्याशित होते हैं।
**बचत:** बजट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बचत भी है, जो दो प्रकार की होती है। पहली, वह बचत जो किसी खास उद्देश्य के लिए निवेश की जाती है, जैसे भविष्य के लिए। दूसरी, छोटी बचत जो किसी खास जगह निवेश नहीं की जाती, बल्कि अचानक आने वाले खर्चों या रोजमर्रा के खर्चों में से कुछ पैसे बचाकर रखी जाती है।
In simple words: परिवार अपनी कमाई को कई हिस्सों में खर्च करता है, जैसे खाना, कपड़े, घर, बच्चों की पढ़ाई, मनोरंजन, आने-जाने का किराया, और स्वास्थ्य पर। कुछ पैसे भविष्य के लिए बचाए भी जाते हैं।
🎯 Exam Tip: व्यय की प्रत्येक मद को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें और उसके महत्व तथा उससे जुड़े उप-खर्चों का वर्णन करें। यह सुनिश्चित करें कि सभी मुख्य मदें कवर हो जाएँ।
Question 2. घरेलू हिसाब-किताब की परिभाषा दीजिए। हिसाब-किताब रखने के लिए दैनिक हिसाब-किताब तालिका बनाइये।
Answer: घरेलू हिसाब-किताब किसी खास समय में परिवार द्वारा किए गए घर के खर्चों का लिखित रिकॉर्ड होता है। कुछ लोग इसे मौखिक रूप से याद रखते हैं, लेकिन यह हमेशा लिखित होना चाहिए ताकि पैसों का प्रबंधन आसानी से हो सके। लिखित हिसाब-किताब को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है, और जरूरत पड़ने पर उसकी समीक्षा की जा सकती है। इससे खर्च करने के तरीकों का मूल्यांकन होता है, और अगर वर्तमान में कोई खर्च अनावश्यक है तो उसे भविष्य में रोका जा सकता है। यह परिवार के किसी भी सदस्य को जरूरत के हिसाब से तुरंत दिखाया जा सकता है। इसलिए ज्यादातर लोग अपनी हिसाब-किताब डायरी में लिखकर रखते हैं।
दैनिक हिसाब-किताब तालिका बनाने के लिए, हम एक सारणी का उपयोग कर सकते हैं जिसमें वस्तुओं या सेवाओं पर किए गए दैनिक खर्चों को दर्ज किया जाता है। यह विधि बहुत आसान होती है और एक महीने के कुल खर्च को जोड़ने पर परिवार का कुल मासिक व्यय स्पष्ट हो जाता है। उदाहरण के लिए, एक तालिका में तारीख, खरीदी गई वस्तु, मात्रा, मूल्य और कुल खर्च दर्ज किया जा सकता है।
| दिनांक | वस्तु का नाम | मात्रा | मूल्य (Rs.) |
|---|---|---|---|
| 2.5.17 | बिस्कुट | 4 पैकेट | 80.00 |
| किताब | 1 | 250.00 | |
| पेट्रोल | 1 लीटर | 75.00 | |
| कपड़े | 1 ड्रेस | 500.00 | |
| 3.5.17 | धुलाई पाउडर | 500 ग्राम | 100.00 |
| जूते | 1 जोड़ी | 500.00 | |
| मटर | 1 किलो | 40.00 | |
| 4.5.17 | ब्रेड | 1 पैकेट | 20.00 |
| घी | 1 किग्रा. | 350.00 | |
| तेल | 5 किग्रा. | 500.00 |
In simple words: घरेलू हिसाब-किताब मतलब अपने घर के सारे खर्चों को लिखकर रखना। एक तालिका बनाकर आप रोज की चीजें जैसे बिस्कुट, पेट्रोल, कपड़े, दूध आदि पर कितना पैसा खर्च करते हैं, उसका हिसाब रख सकते हैं।
🎯 Exam Tip: हिसाब-किताब की परिभाषा को सही ढंग से बताएँ और दैनिक हिसाब-किताब तालिका का एक सरल उदाहरण देकर समझाएँ, जिसमें दिनांक, वस्तु, मात्रा और मूल्य शामिल हों।
Question 3. बजट से होने वाले विभिन्न लाभ बताइए।
Answer: बजट बनाने से परिवार को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलते हैं:
**(1) आय का उचित उपयोग:** गृहिणी की जिम्मेदारी होती है कि वह परिवार की आय का सही उपयोग करे। पारिवारिक बजट में सभी जरूरतों और खर्चों को स्पष्ट रूप से लिखा जाता है, जिससे खर्च सार्थक होता है और पैसों का सही इस्तेमाल हो पाता है।
**(2) अनावश्यक पारिवारिक व्यय पर नियन्त्रण:** बजट बनाने से खर्चों पर नियंत्रण रहता है, जिससे परिवार का खर्च आय से ज्यादा नहीं होता। अगर बजट बनाकर खर्चों पर नियंत्रण नहीं रखा जाता, तो परिवार को कर्ज लेना पड़ सकता है।
**(3) ऋण से मुक्ति:** जब बजट के कारण अनावश्यक खर्चों की संभावना कम हो जाती है और आय का सबसे अच्छा उपयोग होता है, तो परिवार कर्ज से मुक्त हो जाता है। कर्ज से मुक्ति मिलने पर परिवार कई बुरी स्थितियों से बच जाता है, क्योंकि कर्ज का बोझ बहुत दुखदायी होता है और इससे परिवार की आर्थिक शक्ति कमजोर हो जाती है।
**(4) आय – व्यय में सामंजस्य:** पारिवारिक बजट से परिवार के सभी सदस्यों को आय की सही जानकारी मिलती है। इससे उनके बीच खर्च और आय को लेकर मतभेद की संभावना कम हो जाती है, जिससे परिवार में शांति और सुख बना रहता है।
**(5) प्रत्येक सदस्य की आवश्यकता की पूर्ति:** पारिवारिक बजट से परिवार के हर सदस्य की जरूरी जरूरतों का खास ध्यान रखा जाता है और उन्हें पूरा करने की कोशिश की जाती है। यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी सदस्य वंचित न रहे।
**(6) बजट द्वारा विभिन्न आवश्यकताओं की प्राथमिकता का निर्धारण:** बजट से यह तय किया जाता है कि कौन सी जरूरतें पहले पूरी करनी हैं और कौन सी कम जरूरी जरूरतों को भविष्य के लिए टाला जा सकता है। यह परिवार को अपनी आय का सही वितरण करने में मदद करता है।
**(7) बजट बनाने से परिवार के आर्थिक लक्ष्य स्पष्ट होते हैं:** चाहे वे छोटे समय के लक्ष्य हों या बड़े समय के, जैसे बच्चों की उच्च शिक्षा या शादी का खर्च। बजट गृहिणी को अपनी आय का वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के बीच सही वितरण करने में मदद करता है। यह एक योजनाबद्ध दृष्टिकोण प्रदान करता है।
In simple words: बजट बनाने से हम अपने पैसे सही जगह खर्च कर पाते हैं, फालतू खर्च रोक पाते हैं, कर्ज से बचते हैं, और परिवार की सभी जरूरतों को पूरा करते हुए भविष्य के लिए योजना बना पाते हैं।
🎯 Exam Tip: बजट के लाभों को हमेशा बिंदुवार तरीके से प्रस्तुत करें और प्रत्येक लाभ को संक्षेप में समझाएँ ताकि आपका उत्तर पूर्ण और स्पष्ट हो।
Question 4. हिसाब-किताब रखने के प्रकार लिखिए। उचित उदाहरण द्वारा प्रत्येक प्रकार का वर्णन कीजिए।
Answer: हिसाब-किताब रखने के मुख्यतः तीन प्रकार होते हैं: दैनिक, साप्ताहिक एवं मासिक, और वार्षिक। ये विधियाँ परिवार को अपनी वित्तीय स्थिति पर नज़र रखने में मदद करती हैं।
**1. प्रतिदिन या दैनिक हिसाब-किताब (Daily Account):**
इस विधि में हर दिन खरीदी गई वस्तुओं या सेवाओं पर किए गए खर्च का पूरा विवरण लिखा जाता है। यह तरीका बहुत आसान होता है और एक महीने के कुल खर्च को जोड़ने पर परिवार का कुल मासिक व्यय स्पष्ट हो जाता है। उदाहरण के लिए, एक तालिका बनाकर प्रतिदिन के खर्चों को दर्ज किया जा सकता है, जिसमें तारीख, वस्तु, मात्रा और मूल्य जैसी जानकारी शामिल हो। यह रोजमर्रा के छोटे खर्चों को ट्रैक करने में बहुत उपयोगी है।
| दिनांक | वस्तु का नाम | मात्रा | मूल्य (Rs.) |
|---|---|---|---|
| 2.6.17 | बिस्कुट | 4 पैकेट | 80.00 |
| किताब | 1 | 250.00 | |
| पेट्रोल | 1 लीटर | 75.00 | |
| कपड़े | 1 ड्रेस | 500.00 | |
| 3.6.17 | धुलाई पाउडर | 500 ग्राम | 100.00 |
| जूते | 1 जोड़ी | 500.00 | |
| मटर | 1 किलो | 40.00 | |
| 4.6.17 | ब्रेड | 1 पैकेट | 20.00 |
| घी | 1 किग्रा. | 350.00 | |
| तेल | 5 किग्रा. | 500.00 |
**2. साप्ताहिक एवं मासिक हिसाब-किताब (Weekly and Monthly Account):**
इस विधि में व्यक्ति एक हफ्ते या एक महीने में हुए कुल खर्चों को लिखता है। हफ्ते के अंत में सभी खर्चों को जोड़ा जाता है ताकि कुल व्यय का पता चले। इसी तरह, मासिक हिसाब-किताब में भी महीने के खर्चों को जोड़कर महीने के अंत में कुल खर्च का हिसाब रखा जाता है। यह विधि हमें नियमित, मध्यम अवधि के खर्चों का प्रबंधन करने में मदद करती है।
| सप्ताह/माह | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि | रवि | कुल |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| प्रथम सप्ताह | ||||||||
| द्वितीय सप्ताह | ||||||||
| तृतीय सप्ताह | ||||||||
| चतुर्थ सप्ताह | ||||||||
| कुल |
**3. वार्षिक हिसाब-किताब (Annual Account):**
इस विधि में पूरे साल के खर्चों का ब्यौरा तैयार किया जाता है। वार्षिक हिसाब-किताब को एक बड़ी तालिका के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है, जिसमें मासिक खर्चों को वर्ष भर की अवधि के लिए संकलित किया जाता है। यह तरीका लंबी अवधि के वित्तीय नियोजन और मूल्यांकन के लिए बहुत उपयोगी है। यह हमें साल भर के वित्तीय पैटर्न को समझने में मदद करता है।
| माह | व्यय | मासिक बचत | आय | बचत | आय (Rs.) |
|---|---|---|---|---|---|
| जनवरी | |||||
| फरवरी | |||||
| मार्च | |||||
| अप्रैल | |||||
| मई | |||||
| जून | |||||
| जुलाई | |||||
| अगस्त | |||||
| सितम्बर | |||||
| अक्टूबर | |||||
| नवम्बर | |||||
| दिसम्बर |
In simple words: हिसाब-किताब रखने के तीन मुख्य तरीके हैं: रोज के खर्च का हिसाब (दैनिक), हफ्ते और महीने के खर्च का हिसाब (साप्ताहिक/मासिक), और पूरे साल के खर्च का हिसाब (वार्षिक)। हर तरीके में एक तालिका बनाकर खर्चों को दर्ज किया जाता है।
🎯 Exam Tip: हिसाब-किताब के तीनों प्रकारों को उनकी अवधि और उद्देश्य के साथ स्पष्ट रूप से समझाएँ, और प्रत्येक के लिए एक सरल तालिका का उदाहरण दें।
Question 5. एक परिवार की आय 60,000 Rs. प्रतिमाह है। इस परिवार का ऐंजिल्स के सिद्धान्त की सहायता से बजट तैयार कीजिए।
Answer: ऐंजिल्स के सिद्धान्त के अनुसार, डॉ. अर्नेस्ट ऐंजिल्स ने 1857 में 'सेक्सोनी प्रांत' में विभिन्न वर्गों के परिवारों के बजट का अध्ययन करके कुछ मुख्य निष्कर्ष निकाले हैं, जो इस प्रकार हैं:
- जैसे-जैसे परिवार की आय बढ़ती है, वैसे-वैसे भोजन पर किया जाने वाला खर्च का प्रतिशत कम होता जाता है।
- कपड़े, घर का किराया, प्रकाश और ईंधन पर होने वाले खर्च का प्रतिशत हमेशा एक जैसा रहता है।
- सांस्कृतिक जरूरतों, विलासिता, मनोरंजन, शिक्षा और स्वास्थ्य पर किया जाने वाला खर्च का प्रतिशत बढ़ता जाता है।
यदि एक परिवार की मासिक आय 60,000 Rs. है और उसमें 4 सदस्य (1 पुरुष, 1 स्त्री, 2 बच्चे) हैं, तो ऐंजिल्स के सिद्धान्त के अनुसार बजट तैयार करते समय इन बातों का ध्यान रखा जाएगा:
- **भोजन पर खर्च:** आय अधिक होने के कारण भोजन पर खर्च का प्रतिशत कम रखा जाएगा, जिससे अन्य जरूरतों के लिए अधिक पैसे उपलब्ध हों।
- **वस्त्र, आवास, प्रकाश, ईंधन पर खर्च:** इन मदों पर खर्च का प्रतिशत स्थिर रहेगा, जैसा कि सिद्धांत में बताया गया है, जो आवश्यक जरूरतों को पूरा करेगा।
- **शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोरंजन और विलासिता पर खर्च:** चूंकि आय अधिक है, इन मदों पर खर्च का प्रतिशत बढ़ाया जाएगा ताकि परिवार की सांस्कृतिक और जीवन-स्तर से जुड़ी जरूरतों को पूरा किया जा सके।
यह सिद्धांत परिवार को अपनी आय के स्तर के अनुसार खर्चों को प्राथमिकता देने में मदद करता है, जिससे एक संतुलित और प्रभावी बजट तैयार हो सके।
In simple words: ऐंजिल्स का सिद्धांत बताता है कि जब परिवार की कमाई बढ़ती है, तो वे खाने पर कम प्रतिशत खर्च करते हैं, कपड़े-किराए पर उतना ही प्रतिशत खर्च करते हैं, और पढ़ाई-मनोरंजन जैसी चीजों पर ज्यादा प्रतिशत खर्च करते हैं। 60,000 Rs. कमाने वाला परिवार भी इसी सिद्धांत के हिसाब से अपना बजट बनाएगा।
🎯 Exam Tip: ऐंजिल्स के सिद्धान्त के मुख्य निष्कर्षों को स्पष्ट रूप से समझाएँ और फिर एक उदाहरण परिवार पर इन सिद्धांतों को कैसे लागू किया जाए, इसका वर्णन करें, भले ही पूरी तालिका न बनाएँ।
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RBSE Solutions Class 12 Home Science Chapter 29 घरेलू हिसाब-किताब
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FAQs
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Yes, we provide bilingual support for Class 12 Home Science. You can access RBSE Solutions Class 12 Home Science Chapter 29 घरेलू हिसाब-किताब in both English and Hindi medium.
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