Get the most accurate RBSE Solutions for Class 12 Hindi Chapter 5 भूषन here. Updated for the 2026-27 academic session, these solutions are based on the latest RBSE textbooks for Class 12 Hindi. Our expert-created answers for Class 12 Hindi are available for free download in PDF format.
Detailed Chapter 5 भूषन RBSE Solutions for Class 12 Hindi
For Class 12 students, solving RBSE textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 12 Hindi solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 5 भूषन solutions will improve your exam performance.
Class 12 Hindi Chapter 5 भूषन RBSE Solutions PDF
Rajasthan Board RBSE Class 12 Hindi सृजन Chapter 5 भूषन
RBSE Class 12 Hindi सृजन Chapter 5 भूषन पाठ्य पुस्तक के प्रश्नोत्तर
RBSE Class 12 Hindi सृजन Chapter 5 भूषन वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 1. 'भनत' शब्द का अर्थ है -
(अ) कविता
(ब) कहना
(स) सजना
(द) खनकना
Answer: (ब) कहना
In simple words: 'भनत' शब्द का मतलब 'कहना' या 'बोलना' होता है। जब कवि कुछ कहते हैं या लिखते हैं, तो उसे 'भनत' कह सकते हैं।
🎯 Exam Tip: काव्य-ग्रंथों में प्रयुक्त शब्दों के अर्थ अक्सर उनके शाब्दिक अर्थ से थोड़े भिन्न होते हैं, इसलिए संदर्भ को समझना महत्वपूर्ण है।
RBSE Class 12 Hindi सृजन Chapter 5 भूषन अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. भूषण के संकलित छंदों में कौन-सा रस और कौन-सा गुण है?
Answer: भूषण के संकलित छंदों में वीर रस है और ओज गुण है। वीर रस का मतलब वीरता की भावना है, जबकि ओज गुण काव्य में जोश और उत्साह भर देता है।
In simple words: भूषण की कविताओं में वीरता की भावना (वीर रस) और जोश (ओज गुण) दिखाई देता है।
🎯 Exam Tip: वीर रस का स्थायी भाव उत्साह होता है, और ओज गुण इसकी अभिव्यक्ति को और तीव्र करता है, जो काव्य में वीरता की भावना को प्रभावी ढंग से व्यक्त करता है।
Question 2. कवि भूषण की दो रचनाओं के नाम बताइए।
Answer: कवि भूषण की दो मुख्य रचनाएँ हैं - 'शिवराज भूषण' और 'छत्रसाल दशक'। ये रचनाएँ उनकी वीर रस की कविता के लिए जानी जाती हैं।
In simple words: कवि भूषण की दो किताबें 'शिवराज भूषण' और 'छत्रसाल दशक' हैं।
🎯 Exam Tip: कवियों की प्रमुख रचनाओं के नाम याद रखना साहित्य के महत्वपूर्ण बिंदुओं में से एक है।
RBSE Class 12 Hindi सृजन Chapter 5 भूषन लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. भूषण ने अंधेरे पर किसका अधिकार बताया है?
Answer: कवि भूषण ने अंधकार पर सूर्य के प्रकाश का अधिकार बताया है। वे कहते हैं कि जिस प्रकार सूर्य के उगते ही सारा अंधकार खत्म हो जाता है, उसी तरह शिवाजी का प्रताप भी शत्रुओं के अंधकार को मिटा देता है। सूर्य की किरणें हमेशा अंधकार पर भारी पड़ती हैं।
In simple words: भूषण ने कहा है कि अंधकार पर सूरज की रोशनी का अधिकार होता है, जैसे सूरज की किरणें आते ही अंधेरा भाग जाता है।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रतीकात्मक प्रश्नों में कवि के मुख्य भाव को समझकर उत्तर देना चाहिए, जो अक्सर किसी महान व्यक्ति के गुणों को दर्शाता है।
Question 2. सहस्रबाहु पर किसने विजय प्राप्त की थी?
Answer: पुराणों के अनुसार, परशुराम ने प्रतापी राजा सहस्रबाहु पर विजय प्राप्त की थी। सहस्रबाहु ने ऋषि जमदग्नि की दैवी गाय बलपूर्वक छीन ली थी, जिससे क्रोधित होकर परशुराम ने युद्ध में उनका वध कर दिया। परशुराम ने न्याय के लिए सहस्रबाहु को हराया था।
In simple words: परशुराम ने सहस्रबाहु को हराया था क्योंकि सहस्रबाहु ने ऋषि जमदग्नि की गाय चुरा ली थी।
🎯 Exam Tip: पौराणिक कथाओं के पात्रों और उनकी मुख्य घटनाओं को याद रखना सहायक होता है।
Question 2. शिवाजी का क्रोध से लाल मुख देखकर औरंगजेब का मुख हो गया -
(क) पीला
(ख) लाल
(ग) काला
(घ) हरा
Answer: (ग) काला
In simple words: शिवाजी का गुस्सा देखकर औरंगजेब का चेहरा डर से काला पड़ गया था।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में अक्सर मुहावरों का प्रयोग होता है, जहाँ 'मुख काला होना' डर या अपमान को दर्शाता है।
Question 3. शिवाजी का अवतार हुआ है –
(क) दुष्टों के विनाश के लिए
(ख) राज्य विस्तार के लिए।
(ग) जगत् के भरण-पोषण के लिए
(घ) देश की स्वतंत्रता के लिए
Answer: (ग) जगत् के भरण-पोषण के लिए
In simple words: शिवाजी का जन्म दुनिया को संभालने और लोगों की रक्षा करने के लिए हुआ था।
🎯 Exam Tip: कवि अक्सर अपने नायक को दुनिया के रक्षक या पालक के रूप में चित्रित करते हैं, जो उनके महान कार्यों को दर्शाता है।
Question 4. बादलों पर किसका प्रभुत्व है?
(क) इन्द्र को
(ख) सूर्य को
(ग) समुद्र का
(घ) वायु का
Answer: (घ) वायु का
In simple words: हवा (वायु) का बादलों पर पूरा अधिकार होता है क्योंकि हवा ही बादलों को चलाती है।
🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्न में अक्सर प्राकृतिक शक्तियों के बीच संबंध पर आधारित उपमा या तुलना पूछी जाती है।
Question 5. भूषण ने शिवाजी का दावा बताया है –
(क) महाराष्ट्र पर
(ख) दिल्ली पर
(ग) सारे भारत पर
(घ) औरंगजेब के सारे राज्य पर
Answer: (घ) औरंगजेब के सारे राज्य पर
In simple words: भूषण के अनुसार, शिवाजी का अधिकार औरंगजेब के पूरे राज्य पर था।
🎯 Exam Tip: 'दावा' शब्द यहाँ अधिकार या प्रभाव को दर्शाता है, और कवि ने शिवाजी के प्रभाव को औरंगजेब के शासन पर दिखाया है।
RBSE Class 12 Hindi सृजन Chapter 5 भूषन अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. चतुरंगिणी सेना सजाकर शिवाजी कहाँ जा रहे हैं?
Answer: चतुरंगिणी सेना सजाकर शिवाजी युद्ध में विजय पाने के लिए जा रहे हैं। वे अपनी सेना के साथ शत्रुओं को हराने निकल पड़े थे।
In simple words: शिवाजी अपनी बड़ी सेना लेकर युद्ध जीतने जा रहे थे।
🎯 Exam Tip: 'चतुरंगिणी सेना' का अर्थ चारों अंगों (हाथी, घोड़े, रथ और पैदल) वाली सेना से है, जो प्राचीन काल में शक्तिशाली सेना का प्रतीक थी।
Question 2. हाथियों के मद से क्या हो रहा है?
Answer: हाथियों के मद (एक प्रकार का स्राव) के टपकने से छोटी-बड़ी नदियाँ बह रही हैं। यह हाथियों की विशाल संख्या और उनके उत्साह को दर्शाता है।
In simple words: हाथियों के मद से नदियाँ बह रही थीं।
🎯 Exam Tip: यह अतिशयोक्ति अलंकार का उदाहरण है, जहाँ किसी बात को बढ़ा-चढ़ाकर कहा जाता है ताकि उसका प्रभाव बढ़ जाए।
Question 3. शिवाजी की सेना के चलने से समुद्र पर क्या प्रभाव पड़ रहा है?
Answer: शिवाजी की विशाल सेना के चलने से समुद्र ऐसे हिल रहा है, जैसे किसी थाल में रखा पारा हिलता है। सेना के चलने से पूरी धरती काँप रही थी।
In simple words: शिवाजी की सेना के चलने से समुद्र थाली में रखे पारे की तरह हिल रहा था।
🎯 Exam Tip: यह उपमा अलंकार का प्रयोग है, जहाँ किसी वस्तु की तुलना किसी दूसरी वस्तु से की जाती है ताकि उसकी विशेषता स्पष्ट हो।
Question 4. शिवाजी औरंगजेब के दरबार में कहाँ खड़े होने योग्य थे?
Answer: शिवाजी औरंगजेब के दरबार में सबसे ऊपर, यानी सबसे सम्मानित स्थान पर खड़े होने योग्य थे। वे एक महान राजा और योद्धा थे।
In simple words: शिवाजी को दरबार में सबसे ऊँची जगह पर खड़ा होना चाहिए था।
🎯 Exam Tip: दरबार में स्थान का महत्व उस व्यक्ति के पद और सम्मान को दर्शाता था।
Question 5. औरंगजेब के अपमान पूर्ण व्यवहार से शिवाजी पर क्या प्रभाव पड़ा?
Answer: औरंगजेब के अपमान पूर्ण व्यवहार से शिवाजी को बहुत क्रोध आ गया। इस अपमान के कारण उन्होंने औरंगजेब को सलाम भी नहीं किया, जो उनके स्वाभिमान को दर्शाता है।
In simple words: औरंगजेब के बुरे व्यवहार से शिवाजी बहुत गुस्सा हो गए और उन्होंने उसे सलाम नहीं किया।
🎯 Exam Tip: शिवाजी का यह व्यवहार उनकी निर्भीकता और आत्मसम्मान का प्रतीक है।
Question 6. शिवाजी के क्रोध से लाल मुख को देखकर औरंगजेब तथा सिपाहियों का क्या हाल हुआ?
Answer: शिवाजी के क्रोध से लाल हुए मुख को देखकर औरंगजेब का मुख काला पड़ गया और उसके सिपाहियों के मुँह पीले पड़ गए। यह उनके डर और घबराहट को दर्शाता है।
In simple words: शिवाजी का गुस्सा देखकर औरंगजेब का चेहरा काला पड़ गया और सिपाही डर के मारे पीले पड़ गए।
🎯 Exam Tip: 'मुख काला पड़ना' और 'मुँह पीला पड़ना' दोनों ही मुहावरे हैं, जो क्रमशः अपमान/भय और अत्यधिक डर को दर्शाते हैं।
Question 8. भूषण ने संसार के भरण-पोषण में किसका दखल नहीं माना है?
Answer: भूषण ने संसार का भरण-पोषण करने में ईश्वर की कोई भूमिका नहीं मानी है। वे शिवाजी को ही संसार का पालनकर्ता और रक्षक मानते हैं, क्योंकि उनके अनुसार शिवाजी ही धरती का भार उठाते हैं।
In simple words: भूषण ने कहा है कि दुनिया को चलाने में भगवान का कोई काम नहीं है, बल्कि शिवाजी ही सब कुछ करते हैं।
🎯 Exam Tip: कवि अपने नायक की महानता को दर्शाने के लिए अक्सर उन्हें ईश्वरीय गुणों से जोड़ते हैं, जिससे उनकी प्रशंसा और प्रभावी लगती है।
Question 9. काल को कवि भूषण ने किस काम के लिए व्यर्थ ही बदनाम बताया है?
Answer: कवि भूषण ने दुष्टों का अंत करने वाले शिवाजी को मानते हुए, मृत्यु के देवता 'काल' को व्यर्थ ही बदनाम बताया है। उनके अनुसार दुष्टों का नाश शिवाजी ही करते हैं, इसलिए काल को यह श्रेय देना गलत है।
In simple words: कवि भूषण ने कहा है कि काल (मृत्यु का देवता) को दुष्टों को मारने के लिए बेकार में बदनाम किया जाता है, क्योंकि यह काम तो शिवाजी करते हैं।
🎯 Exam Tip: यहाँ भी कवि ने अतिशयोक्ति अलंकार का प्रयोग किया है, जिसमें नायक की शक्ति को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है।
Question 10. कवि भूषण ने जल पर किसका सदा ही प्रभुत्व माना है?
Answer: कवि भूषण बड़वाग्नि को जल पर सदा प्रभुत्व बनाए रखने वाला मानते हैं। बड़वाग्नि वह आग है जो समुद्र के जल में लगती है और उसे जलाती है, इस तरह वह जल पर अपना अधिकार रखती है।
In simple words: कवि भूषण ने कहा है कि समुद्र की आग (बड़वाग्नि) का हमेशा पानी पर अधिकार रहता है।
🎯 Exam Tip: 'बड़वाग्नि' एक विशेष प्रकार की आग है जिसे समुद्र में जलते हुए बताया जाता है, यह भी एक प्रतीकात्मक उपमा है।
Question 11. भगवान शिव को कवि ने रति के पति कामदेव पर प्रभुत्व रखने वाला क्यों बताया है?
Answer: कवि ने भगवान शिव को रति के पति कामदेव पर प्रभुत्व रखने वाला इसलिए बताया है क्योंकि कामदेव ने देवताओं के कहने पर शिवजी की तपस्या भंग करने की कोशिश की थी। तब शिवजी ने क्रोधित होकर कामदेव को भस्म कर दिया था, जिससे शिव की शक्ति और कामदेव पर उनका नियंत्रण सिद्ध होता है।
In simple words: शिवजी ने कामदेव को जला दिया था जब कामदेव ने उनकी तपस्या भंग करने की कोशिश की थी, इसलिए शिवजी का कामदेव पर अधिकार है।
🎯 Exam Tip: यह पौराणिक कथा शिव के तीसरे नेत्र और उनके क्रोध की शक्ति को दर्शाती है।
Question 12. 'दावा दुम दंड पर' कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।
Answer: 'दावा दुम दंड पर' कथन का अर्थ है कि जंगल की आग (दावानल) का वृक्षों पर पूर्ण प्रभुत्व होता है। जिस प्रकार जंगल में आग लगने पर वृक्ष उससे बच नहीं पाते और जलकर राख हो जाते हैं, वैसे ही कोई भी वृक्ष जंगल की आग से सुरक्षित नहीं रह पाता।
In simple words: इस बात का मतलब है कि जंगल की आग का पेड़ों पर पूरा अधिकार होता है, पेड़ उससे बच नहीं सकते।
🎯 Exam Tip: यह उपमा भी शिवाजी के शत्रुओं पर पूर्ण अधिकार को दर्शाने के लिए प्रयुक्त की गई है।
Question 13. कवि भूषण ने म्लेच्छवंश पर किसे 'शेर' बताया है?
Answer: कवि भूषण ने म्लेच्छवंश (मुगल वंश) पर आधिपत्य रखने वाला शेर शिवाजी को बताया है। जिस प्रकार शेर जंगल में सबसे ताकतवर होता है, उसी प्रकार शिवाजी भी मुगल शासकों पर भारी पड़ते थे।
In simple words: कवि भूषण ने शिवाजी को मुगल वंश पर शेर जैसा ताकतवर बताया है।
🎯 Exam Tip: 'शेर' का प्रतीक यहाँ पराक्रम, शक्ति और वर्चस्व को दर्शाता है।
Question 15. कवि भूषण पर्वतों पर इन्द्र का दावा किस आधार पर मानते हैं?
Answer: कवि भूषण पर्वतों पर इन्द्र का दावा इसलिए मानते हैं क्योंकि पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक समय पर्वत उड़ते थे। इन्द्र ने अपने वज्र के प्रहार से उनके पंख काट डाले और उन्हें स्थिर कर दिया, जिससे वे अचल हो गए। इन्द्र ने पर्वतों को उनके स्थान पर स्थिर किया था।
In simple words: भूषण के अनुसार, इन्द्र ने अपने वज्र से पहाड़ों के पंख काटकर उन्हें उड़ने से रोका था, इसलिए पहाड़ों पर इन्द्र का अधिकार है।
🎯 Exam Tip: यह उपमा इन्द्र की शक्ति और नियंत्रण को दर्शाती है, जिसका प्रयोग शिवाजी के प्रभाव को बताने के लिए किया गया है।
Question 16. भूषण के अनुसार सारे भूमण्डल के अंधकार पर किसका दावा है?
Answer: भूषण के अनुसार, सारे भूमण्डल के अंधकार पर सूर्य की किरणों का दावा है। सूर्य के उगते ही उसकी किरणें फैल जाती हैं और सारा अंधकार दूर हो जाता है, क्योंकि अंधकार सूर्य के सामने टिक नहीं पाता।
In simple words: भूषण ने कहा है कि पूरे संसार के अंधेरे पर सूरज की किरणों का अधिकार है, क्योंकि किरणें आते ही अंधेरा खत्म हो जाता है।
🎯 Exam Tip: सूर्य और अंधकार का प्रतीक अक्सर प्रकाश (ज्ञान, शक्ति) और अज्ञान/बुराई के बीच संघर्ष को दर्शाता है।
Question 17. समस्त भारत में पूर्व में पश्चिम तथा उत्तर से दक्षिण तक शिवाजी का दावा कहाँ-कहाँ है?
Answer: भूषण के अनुसार, समस्त भारत में जहाँ-जहाँ बादशाह औरंगजेब का शासन है, वहाँ-वहाँ वीर शिवाजी की तूती बोलती है। इसका अर्थ है कि शिवाजी का प्रभाव औरंगजेब के पूरे साम्राज्य में फैला हुआ था, चाहे वह पूरब हो या पश्चिम, उत्तर हो या दक्षिण।
In simple words: भूषण ने कहा है कि पूरे भारत में, जहाँ-जहाँ औरंगजेब का राज है, वहाँ-वहाँ शिवाजी का प्रभाव चलता है।
🎯 Exam Tip: 'तूती बोलना' एक मुहावरा है जिसका अर्थ है किसी का अत्यधिक प्रभाव या प्रभुत्व होना।
Question 18. कवि भूषण की कविता का प्रधान रस कौन-सा है?
Answer: कवि भूषण की कविता का प्रधान रस वीररस है। उनकी रचनाओं में वीरता, युद्ध और उत्साह का वर्णन प्रमुखता से मिलता है।
In simple words: कवि भूषण की कविताओं का मुख्य भाव वीरता (वीररस) है।
🎯 Exam Tip: 'रस' काव्य की आत्मा होता है, जो पाठक के मन में विशेष भावनाएँ जगाता है। भूषण की कविताएँ जोश और उत्साह जगाती हैं।
Question 19. भूषण की कविता के नायक कौन हैं?
Answer: भूषण की कविता के मुख्य नायक महाराज शिवाजी और छत्रसाल हैं। इन दोनों राजाओं की वीरता और पराक्रम का वर्णन उन्होंने अपनी कविताओं में प्रमुखता से किया है।
In simple words: भूषण की कविताओं के हीरो महाराज शिवाजी और छत्रसाल हैं।
🎯 Exam Tip: कवि अक्सर किसी विशेष व्यक्ति को नायक बनाकर अपनी भावनाओं और संदेश को व्यक्त करते हैं।
Question 20. भूषण ने शिवाजी को अपनी रचनाओं में किस रूप में प्रस्तुत किया है?
Answer: भूषण ने शिवाजी को अपनी रचनाओं में एक वीर पुरुष, अन्याय के विरोधी, और अत्याचारियों को आतंकित करने वाले राष्ट्रीय नायक के रूप में प्रस्तुत किया है। उन्होंने शिवाजी के पराक्रम और लोक कल्याणकारी स्वरूप को दर्शाया है।
In simple words: भूषण ने शिवाजी को बहादुर योद्धा, गलत के खिलाफ लड़ने वाले और बुरे लोगों को डराने वाले एक बड़े नेता के रूप में दिखाया है।
🎯 Exam Tip: नायक का चित्रण उनकी विशेषताओं और समाज में उनकी भूमिका को दर्शाता है, जिसे कवि अपनी रचनाओं में उजागर करते हैं।
RBSE Class 12 Hindi सृजन Chapter 5 भूषन लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. शिवाजी की सेना के प्रस्थान के दृश्य का वर्णन कीजिए।
Answer: शिवाजी जब अपनी विशाल चतुरंगिणी सेना सजाकर युद्ध जीतने के लिए निकलते हैं, तो उनके नगाड़ों की तेज़ ध्वनि चारों ओर गूँजने लगती है। हाथियों की कनपटियों से टपकने वाला मद नदियों और नालों की तरह बहने लगता है। सेना के चलने से उड़ने वाली धूल से सूर्य भी तारे जैसा छोटा दिखने लगता है और धरती ऐसे काँपती है जैसे थाल में रखा पारा हिल रहा हो। पूरी दुनिया में खलबली मच जाती है।
In simple words: शिवाजी की सेना जब युद्ध के लिए निकलती है, तो नगाड़ों की आवाज गूँजती है, हाथियों का मद बहने लगता है, धूल उड़ती है, सूरज छोटा दिखता है, और धरती हिलने लगती है।
🎯 Exam Tip: इस तरह के वर्णनात्मक प्रश्नों में कवि द्वारा प्रयोग किए गए अलंकारों और प्रतीकों को समझकर विस्तार से वर्णन करना चाहिए।
Question 2. सेना के प्रस्थान के दृश्य का वर्णन करते हुए, भूषण की भाषा-शैली में आप क्या विशेषताएँ देखते हैं? लिखिए।
Answer: कवि भूषण ने वीर शिवाजी की सेना के प्रस्थान का बहुत ही जीवंत और अतिशयोक्तिपूर्ण वर्णन किया है। उनकी भाषा-शैली में ओज गुण प्रमुख है, जिसमें सटीक शब्दों का चुनाव और नाद-सौंदर्य है। वे वीरता, उत्साह और सेना के दबदबे को साकार करने में सफल रहे हैं। भाषा में उर्दू शब्दों का प्रयोग भी देखने को मिलता है।
In simple words: भूषण ने शिवाजी की सेना का बहुत जोश भरा और बढ़ा-चढ़ाकर वर्णन किया है। उनकी भाषा में जोश और सुंदर शब्द हैं जो वीरता दिखाते हैं।
🎯 Exam Tip: काव्य की भाषा-शैली का विश्लेषण करते समय, प्रयुक्त रस, गुण, अलंकार और शब्द चयन जैसी विशेषताओं पर ध्यान देना चाहिए।
Question 3. औरंगजेब के दरबार में शिवाजी के क्रोधित होने का क्या कारण था? स्पष्ट कीजिए।
Answer: शिवाजी को औरंगजेब के दरबार में अपमानजनक व्यवहार के कारण क्रोध आया था। उन्हें उचित सम्मान देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन दरबार में उन्हें छह हज़ारी मनसबदारों जैसे साधारण दरबारी के पास खड़ा कर दिया गया। शिवाजी एक वीर और स्वाभिमानी राजा थे, और वे इस अपमान को सहन नहीं कर सके। इस वजह से उन्होंने औरंगजेब को सलाम भी नहीं किया और अपना विरोध व्यक्त किया।
In simple words: औरंगजेब ने शिवाजी का अपमान किया और उन्हें कम सम्मान दिया, जिससे शिवाजी गुस्सा हो गए।
🎯 Exam Tip: शिवाजी का स्वाभिमान और उनके पद के प्रति सम्मान की अपेक्षा इस घटना के मूल में थी, जो उनके चरित्र का महत्वपूर्ण पहलू है।
Question 4. शिवाजी के क्रोधित होने पर औरंगजेब तथा उसके सिपाहियों की क्या दशा हुई और क्यों? लिखिए।
Answer: शिवाजी के क्रोधित होने पर औरंगजेब का मुख काला पड़ गया और उसके सिपाहियों के मुँह पीले पड़ गए। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि शिवाजी ने भरे दरबार में बादशाह को चुनौती दी और उन्हें सलाम नहीं किया, जिससे बादशाह अपमानित महसूस कर रहा था। सिपाही भी किसी बड़े संकट की आशंका से डर गए थे।
In simple words: शिवाजी के गुस्से से औरंगजेब का चेहरा काला पड़ गया और सिपाही डर गए, क्योंकि शिवाजी ने उसका अपमान किया था।
🎯 Exam Tip: इस घटना से शिवाजी की निर्भीकता औरंगजेब के दरबार में भी साफ झलकती है, जो उनकी प्रभावशाली व्यक्तित्व को दर्शाती है।
Question 5. "तेरी ही भुजानि पर भूतल को भार" कवि भूषण के इस कथन में शिवाजी की प्रशंसा किस रूप में की गई है? छंद के आधार पर लिखिए।
Answer: इस कथन में कवि भूषण ने शिवाजी की प्रशंसा एक आदर्श शासक और राष्ट्रीय नायक के रूप में की है। कवि ने शिवाजी को शेषनाग, दिग्गज हाथियों और हिमालय से भी बढ़कर बताया है, जो धरती का भार उठाते हैं। भूषण मानते हैं कि वास्तव में धरती का भार शिवाजी ही उठाते हैं और वे ही जनता की रक्षा करते हैं। शिवाजी पृथ्वी के एकमात्र असली रक्षक हैं।
In simple words: कवि भूषण ने कहा है कि शिवाजी ही धरती का सारा बोझ उठाते हैं। उन्होंने शिवाजी को शेषनाग और पहाड़ों से भी बड़ा रक्षक बताया है।
🎯 Exam Tip: कवि ने यहाँ शिवाजी को प्रकृति और पौराणिक प्रतीकों से बड़ा दिखाकर उनकी असाधारण शक्ति और महत्व को दर्शाया है।
Question 6. जिस व्यक्ति का जीवन अपने सुख, स्वार्थ और नाम पाने में बीतता है, उसे समाज में सम्मान नहीं मिलता। ऐसे लोग आते हैं और चले जाते हैं। जो अपना जीवन दूसरों के हित में लगाते हैं, उन्हीं का जीना धन्य माना जाता है। शिवाजी ऐसे ही शासक थे। वे अन्य राजाओं के समान भोग-विलाकवि भूषण की कविता में आपके लिए क्या संदेश निहित है?
Answer: कवि भूषण ने शिवाजी की प्रशंसा केवल आश्रयदाता के रूप में नहीं की है, बल्कि उन्हें एक आदर्श शासक और राष्ट्रीय नायक मानते हैं। छंद में कवि ने शिवाजी को शेषनाग, दिशाओं को हाथियों और हिमालय से भी बढ़कर दिखाया है। कवि मानते हैं कि वास्तव में जिस व्यक्ति का जीवन दूसरों के हित में लगता है, वही धन्य है। शिवाजी ने अत्याचारी शासकों से जनता की रक्षा कर अपने जीवन को सफल बनाया था। ऐसे व्यक्ति ही समाज में सम्मान पाते हैं।
In simple words: कवि कहते हैं कि जो अपना जीवन दूसरों की भलाई में लगाता है, वही असली महान व्यक्ति होता है। शिवाजी ऐसे ही थे, उन्होंने लोगों की रक्षा करके अपना जीवन सफल बनाया।
🎯 Exam Tip: यह उत्तर शिवाजी के जीवन-दर्शन और उनके कार्यों के पीछे की प्रेरणा को स्पष्ट करता है, जो सभी के लिए एक संदेश है।
Question 7. भूषण ने शिवाजी के 'म्लेच्छ वंश' पर शिवाजी के प्रभुत्व की तुलना किन पौराणिक चीजों से की है? लिखिए।
Answer: भूषण ने शिवाजी के 'म्लेच्छ वंश' (मुगल शासकों) पर प्रभुत्व की तुलना कई पौराणिक शक्तियों से की है: इन्द्र का जुंभासुर पर, भगवान राम का राक्षसराज रावण पर, भगवान शिव का कामदेव पर, और परशुराम का सहस्रबाहु पर प्रभुत्व। इन सभी उदाहरणों से कवि यह दर्शाते हैं कि जैसे ये महान शक्तियाँ अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त करती थीं, वैसे ही शिवाजी भी मुगल शासकों पर भारी पड़ते थे।
In simple words: भूषण ने शिवाजी के मुगल शासकों पर अधिकार की तुलना इन्द्र का राक्षस जुंभासुर पर, राम का रावण पर, शिव का कामदेव पर और परशुराम का सहस्रबाहु पर विजय से की है।
🎯 Exam Tip: पौराणिक उपमाओं का प्रयोग नायक की शक्ति और प्रभाव को अत्यधिक प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने का एक प्रभावी तरीका है।
Question 8. "इन्द्रजिमि जंभ................सिवराज है।” छंद की काव्यगत विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
Answer: इस छंद की भाषा साहित्यिक ब्रजभाषा है और यह ओजपूर्ण है। इसमें कवि ने विषय के अनुरूप शब्दों का चयन किया है, जिससे नाद-सौंदर्य उत्पन्न होता है। यह छंद अतिशयोक्तिमयी शैली में वीररस को जगाने वाला है। इसमें अनुप्रास के साथ उपमाओं की एक लंबी श्रृंखला है, जैसे 'दावा द्रुमदण्ड पर', 'चीत मृग झुंड पर' और 'भूषन वितुंड पर'। यह छंद पाठकों में शिवाजी के प्रति सम्मान और वीरता, पर-रक्षा, अत्याचार-विरोध जैसे मानवीय गुणों को अपनाने की प्रेरणा देता है।
In simple words: यह कविता ब्रजभाषा में है और इसमें जोश भरा है। इसमें वीर रस और उपमा अलंकार का अच्छा इस्तेमाल हुआ है। यह शिवाजी की वीरता को दिखाता है।
🎯 Exam Tip: किसी भी काव्य की विशेषताओं का वर्णन करते समय उसकी भाषा, रस, अलंकार, गुण और सामाजिक संदेश पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
Question 9. छंद गरुड़ कौ दा...............दावा सिवराज कौ” में अलंकार और रस योजना पर अपने विचार प्रस्तुत कीजिए।
Answer: इस छंद में कवि भूषण की अलंकार प्रियता स्पष्ट दिखती है। इसमें अनुप्रास अलंकार जैसे "अखंड, नवखंड, महिमंडल" और यमक अलंकार ('नाग' के दो अर्थ: सर्प और हाथी) का प्रयोग है। मालोपमा अलंकार भी है, जहाँ अनेक उदाहरण देकर शिवाजी के प्रभुत्व की तुलना की गई है। इस छंद में वीररस की योजना है, जो शिवाजी के पराक्रम और दबदबे का वर्णन करके पाठकों के हृदयों में उत्साह का संचार करती है।
In simple words: इस कविता में अनुप्रास, यमक और मालोपमा जैसे अलंकार हैं। इसमें वीर रस का इस्तेमाल हुआ है, जो शिवाजी की ताकत और प्रभाव को दिखाता है।
🎯 Exam Tip: किसी भी छंद में अलंकार और रस योजना का विश्लेषण करते समय, कवि द्वारा प्रयुक्त प्रतीकों और उपमाओं को समझना महत्वपूर्ण है।
Question 10. संकलित छंदों के आधार पर बताइए कि कवि भूषण की कविता में आपके लिए क्या संदेश निहित है?
Answer: कवि भूषण की कविता में हमारे लिए यह संदेश निहित है कि अन्याय और अत्याचार का डटकर मुकाबला करना चाहिए। शिवाजी महाराज जैसे वीर पुरुषों ने अपने देश और धर्म की रक्षा के लिए संघर्ष किया और अत्याचारी शासकों को चुनौती दी। यह कविता हमें स्वाभिमान, निर्भीकता और देशप्रेम की भावना को अपनाने की प्रेरणा देती है, ताकि हम भी अपने समाज और राष्ट्र के लिए योगदान दे सकें।
In simple words: भूषण की कविता हमें बताती है कि हमें अन्याय से लड़ना चाहिए, बहादुर बनना चाहिए और अपने देश से प्यार करना चाहिए, जैसे शिवाजी महाराज ने किया था।
🎯 Exam Tip: साहित्यिक रचनाओं का अध्ययन करते समय, उनमें निहित नैतिक, सामाजिक या राष्ट्रीय संदेश को समझना और उसे अपने जीवन में उतारने का प्रयास करना महत्वपूर्ण है।
There are no questions found in the specified page range (pages 15 to 19). The content on these pages consists of explanations, vocabulary, contextual information, features, and website navigation/footer elements, not standalone questions.Free study material for Hindi
RBSE Solutions Class 12 Hindi Chapter 5 भूषन
Students can now access the RBSE Solutions for Chapter 5 भूषन prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 12 Hindi textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest RBSE syllabus.
Detailed Explanations for Chapter 5 भूषन
Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 12 Hindi chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 12 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these RBSE Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.
Benefits of using Hindi Class 12 Solved Papers
Using our Hindi solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 12 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 5 भूषन to get a complete preparation experience.
FAQs
The complete and updated RBSE Solutions Class 12 Hindi Chapter 5 भूषन is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 12 Hindi are as per latest RBSE curriculum.
Yes, our experts have revised the RBSE Solutions Class 12 Hindi Chapter 5 भूषन as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using RBSE language because RBSE marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our RBSE Solutions Class 12 Hindi Chapter 5 भूषन will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 12 Hindi. You can access RBSE Solutions Class 12 Hindi Chapter 5 भूषन in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 12 Hindi Chapter 5 भूषन in printable PDF format for offline study on any device.