RBSE Solutions Class 12 Geography Chapter 6 विश्व मानव अधिवास

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Detailed Chapter 6 विश्व मानव अधिवास RBSE Solutions for Class 12 Geography

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Class 12 Geography Chapter 6 विश्व मानव अधिवास RBSE Solutions PDF

RBSE Class 12 Geography Chapter 6 पाठ्य पुस्तक के प्रश्नोत्तर

RBSE Class 12 Geography Chapter 6 बहुचयनात्मक प्रश्न

 

Question 1. मानव अधिवास के अनेक रूप हैं, निम्नलिखित में से आप किसे मानव अधिवास नहीं मानते हैं ?
(अ) मकान
(ब) नगरे
(स) गाँव
(द) गलियाँ
Answer: (द) गलियाँ
In simple words: मानव अधिवास ऐसे स्थान होते हैं जहाँ लोग रहते हैं, जैसे घर, शहर या गाँव। गलियाँ केवल रास्ते होती हैं, रहने की जगह नहीं।

🎯 Exam Tip: मानव अधिवास की परिभाषा को समझें कि इसमें रहने योग्य संरचनाएँ शामिल होती हैं, न कि केवल मार्ग या सड़कें।

 

Question 2. बुः Loading [MathJax]/extensions/MathZoom.jsजार के अधिवास बनाते हैं ?
(अ) मिश्रित अधिवास
(ब) गुच्छित अधिवास
(स) प्रकीर्ण अधिवास
(द) सघन अधिवास
Answer: (अ) मिश्रित अधिवास
In simple words: यह प्रश्न MathJax के कारण थोड़ा अस्पष्ट है, लेकिन दिए गए विकल्पों के अनुसार, मिश्रित अधिवास विभिन्न प्रकार के आवासों का मिश्रण होते हैं।

🎯 Exam Tip: अधिवासों के विभिन्न प्रकारों-मिश्रित, गुच्छित, प्रकीर्ण, सघन-को उनकी विशेषताओं के साथ याद रखें।

 

Question 3. पम्पासे व प्रेयरी घास के प्रदेशों में किस प्रकार के अधिवास बनाते हैं?
(अ) मिश्रित अधिवास
(ब) गुच्छित अधिवास
(स) प्रकीर्ण अधिवास
(द) सघन अधिवास
Answer: (स) प्रकीर्ण अधिवास
In simple words: पम्पासे और प्रेयरी जैसे खुले घास के मैदानों में लोग दूर-दूर बस्तियाँ बनाते हैं, जिन्हें प्रकीर्ण अधिवास कहते हैं।

🎯 Exam Tip: विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्रों के साथ अधिवासों के प्रतिरूपों को जोड़ना याद रखें, क्योंकि यह अक्सर पूछा जाता है।

 

Question 4. ग्रामीण क्षेत्रों में रेलमार्गों के सहारे बस्ती का विकास किस अधिवास प्रतिरूप में हैं?
(अ) तीर प्रतिरूप
(ब) रेखीय प्रतिरूप
(स) वृत्ताकार प्रतिरूप
(द) चौक पट्टी प्रतिरूप
Answer: (ब) रेखीय प्रतिरूप
In simple words: जब रेलमार्ग जैसी किसी सीधी रेखा के किनारे बस्तियाँ बनती हैं, तो वे एक लाइन में दिखती हैं, इसे रेखीय प्रतिरूप कहते हैं।

🎯 Exam Tip: अधिवास प्रतिरूपों को उनके आकार और जिस आधार पर वे बनते हैं, उनके साथ याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 5. भारत में महानगर की जनसंख्या का आकार है?
(अ) 5 लाख से अधिक
(ब) 10 लाख से अधिक
(स) 1 लाख से अधिक
(द) एक करोड़ से अधिक
Answer: (ब) 10 लाख से अधिक
In simple words: भारत में महानगर उन शहरों को कहते हैं जिनकी जनसंख्या 10 लाख (एक मिलियन) से ज़्यादा होती है।

🎯 Exam Tip: नगर, महानगर, सन्नगर और वृहत् नगर की जनसंख्या सीमाएँ याद रखें।

 

Question 6. भारत में मेगापोलिस नगर श्रेणी में शामिल नहीं है?
(अ) कोलकत्ता
(ब) दिल्ली
(स) जयपुर
(द) चेन्नई
Answer: (स) जयपुर
In simple words: मेगापोलिस बहुत बड़े शहर होते हैं। भारत में कोलकाता, दिल्ली और चेन्नई बड़े शहर हैं, लेकिन जयपुर मेगापोलिस श्रेणी में नहीं आता।

🎯 Exam Tip: विश्व के प्रमुख मेगापोलिस और भारत में उनकी पहचान वाले शहरों के उदाहरणों को याद रखें।

 

Question 7. एशिया की सबसे विशाल स्लम कच्ची बस्ती किस शहर में स्थित है?
(अ) दिल्ली
(ब) मुंबई
(स) [Missing option text]
(द) [Missing option text]
Answer: (ब) मुंबई
In simple words: एशिया की सबसे बड़ी कच्ची बस्ती धारावी, जो मुंबई में है, यहाँ पर स्थित है।

🎯 Exam Tip: दुनिया की प्रसिद्ध कच्ची बस्तियों और वे कहाँ स्थित हैं, इसका ज्ञान होना इस प्रकार के प्रश्नों में सहायक होता है।

 

Question 8. भारत में 2011 के अनुसार महानगरों की संख्या है?
(अ) 53
(ब) 27
(स) 35
(द) 47
Answer: (अ) 53
In simple words: 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में 53 ऐसे शहर थे जिनकी जनसंख्या 10 लाख से अधिक थी, जिन्हें महानगर कहते हैं।

🎯 Exam Tip: नवीनतम जनगणना आंकड़ों के अनुसार प्रमुख शहरी वर्गीकरणों की संख्याएँ याद रखना महत्वपूर्ण है।

RBSE Class 12 Geography Chapter 6 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. मानव निवास की मूलभूत इकाई क्या है?
Answer: मानव निवास की सबसे छोटी और बुनियादी इकाई एक अधिवास है। इसमें घर, मकान या निवास स्थान शामिल होता है.
In simple words: घर, मकान या आवास मानव के रहने की सबसे छोटी इकाई है।

🎯 Exam Tip: "अधिवास" शब्द की सरल परिभाषा याद रखें जो मानव के निवास स्थान को बताती है।

 

Question 2. मानव अधिवासों के निवास के आधार पर प्रकार बताइए।
Answer: मानव अधिवासों को निवास के समय के आधार पर दो मुख्य प्रकारों में बांटा जा सकता है: अस्थायी अधिवास और स्थायी अधिवास.
In simple words: मानव अधिवास दो तरह के होते हैं: अस्थायी (थोड़े समय के लिए) और स्थायी (हमेशा के लिए)।

🎯 Exam Tip: अधिवास के प्रकारों को याद रखें और प्रत्येक प्रकार का एक छोटा उदाहरण भी सोचें।

 

Question 3. मानव अधिवास का महत्त्वपूर्ण उपयोग किस कार्य के लिए होता है?
Answer: मानव अधिवास का मुख्य उपयोग निवास के लिए होता है, जहाँ मनुष्य सुरक्षित रूप से रह सके और अपने दैनिक जीवन के कार्य कर सके.
In simple words: मानव अधिवास का मुख्य काम लोगों को रहने की जगह देना है।

🎯 Exam Tip: अधिवासों के प्राथमिक उद्देश्य को स्पष्ट रूप से व्यक्त करें, जो कि निवास और सुरक्षा प्रदान करना है।

 

Question 4. प्रकीर्ण अधिवास की प्रमुख विशेषता कौन-सी है?
Answer: प्रकीर्ण अधिवासों की मुख्य विशेषता यह है कि इनमें घर एक-दूसरे से दूर-दूर और बिखरे हुए होते हैं, और ये अक्सर कृषि भूमि के आसपास बनाए जाते हैं.
In simple words: प्रकीर्ण अधिवास में घर एक-दूसरे से दूर-दूर और फैले हुए होते हैं।

🎯 Exam Tip: विभिन्न अधिवास प्रतिरूपों जैसे प्रकीर्ण, सघन, मिश्रित आदि की प्रमुख विशेषताओं को याद रखें।

 

Question 5. मानव अधिवासों के किन्हीं दो प्रतिरूपों के नाम बताइए।
Answer: मानव अधिवासों के दो सामान्य प्रतिरूप रेखीय प्रतिरूप और तीर प्रतिरूप हैं.
In simple words: रेखीय और तीर प्रतिरूप मानव अधिवासों के दो उदाहरण हैं।

🎯 Exam Tip: अधिवासों के विभिन्न प्रतिरूपों के नाम और उनके आकार की विशेषताएँ याद रखें।

RBSE Class 12 Geography Chapter 6 लघुत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. मानव अधिवास से क्या तात्पर्य है?
Answer: पृथ्वी की सतह पर इंसानों द्वारा बनाए गए और विकसित किए गए घरों के समूह को मानव अधिवास कहते हैं। इसे मानव बस्ती भी कहा जाता है। ये अधिवास आमतौर पर स्थायी होते हैं, लेकिन कुछ अस्थायी भी हो सकते हैं। इनका उपयोग मुख्य रूप से मानव के रहने के लिए होता है। मानव अधिवास गुच्छित, अर्द्धगुच्छित, पल्लीकृत और प्रकीर्ण जैसे कई रूपों में पाए जा सकते हैं.
In simple words: मानव अधिवास का मतलब है पृथ्वी पर इंसानों द्वारा बनाए गए घरों का समूह जहाँ वे रहते हैं। ये स्थायी या अस्थायी हो सकते हैं।

🎯 Exam Tip: मानव अधिवास की परिभाषा और उसके विभिन्न प्रकारों का उल्लेख करना आवश्यक है।

 

Question 2. ग्रामीण अधिवास किसे कहते हैं?
Answer: ग्रामीण अधिवास उन बस्तियों को कहते हैं जहाँ ज़्यादातर लोग खेती, पशुपालन, लकड़ी काटना, मछली पकड़ना, खनन और जंगल से चीजें इकट्ठा करने जैसे प्राथमिक काम करते हैं। इन अधिवासों पर आधुनिकता का असर कम दिखता है। यहाँ घरों के बीच की दूरी ज़्यादा होती है और लोग एक-दूसरे से करीब से जुड़े होते हैं.
In simple words: ग्रामीण अधिवास वे जगहें हैं जहाँ लोग खेती और पशुपालन जैसे शुरुआती काम करते हैं। यहाँ आधुनिकता कम होती है और लोग एक-दूसरे के साथ ज़्यादा घुल-मिलकर रहते हैं।

🎯 Exam Tip: ग्रामीण अधिवासों की परिभाषा में प्राथमिक क्रियाकलापों की प्रधानता और आधुनिकता के नगण्य प्रभाव का उल्लेख करें।

 

Question 3. ग्रामीण अधिवासों की कोई पाँच समस्याएँ बताइए।
Answer: ग्रामीण अधिवासों की पाँच मुख्य समस्याएँ इस प्रकार हैं:
1. आवागमन के साधनों की कमी या अभाव.
2. स्वच्छ पीने के पानी का अभाव.
3. स्वास्थ्य सेवाओं की कमी.
4. बिजली आपूर्ति की कमी.
5. रोजगार के अवसरों की कमी.
In simple words: ग्रामीण इलाकों में सड़कें, पानी, अस्पताल, बिजली और नौकरी की कमी जैसी पाँच बड़ी समस्याएँ होती हैं।

🎯 Exam Tip: ग्रामीण क्षेत्रों की सामाजिक और आर्थिक समस्याओं को पहचानकर उन्हें सूचीबद्ध करें।

 

Question 4. नगरीय अधिवासों की 5 प्रमुख समस्याओं का उल्लेख कीजिए।
Answer: नगरीय अधिवासों की 5 प्रमुख समस्याएँ इस प्रकार हैं:
1. अत्यधिक जनसंख्या घनत्व: तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण शहरों में आबादी बहुत ज़्यादा बढ़ गई है.
2. भीड़भाड़: बाहरी इलाकों से लोगों के शहरों में आने से जनसंख्या घनत्व बहुत ज़्यादा हो गया है.
3. स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधाओं की कमी: ज़्यादा जनसंख्या के कारण शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधाओं का स्तर कम होता जा रहा है.
4. परिवहन की समस्या: सड़कों पर भीड़भाड़ के कारण यातायात की समस्या बढ़ गई है.
5. प्रदूषण: उद्योगों और वाहनों से निकलने वाले धुएँ के कारण हवा और पानी प्रदूषित हो रहे हैं.
In simple words: शहरों में ज़्यादा भीड़, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, परिवहन की समस्या और प्रदूषण जैसी बड़ी समस्याएँ होती हैं क्योंकि लोग गाँवों से शहरों में आ रहे हैं।

🎯 Exam Tip: शहरी क्षेत्रों की समस्याओं को लिखते समय, जनसंख्या वृद्धि, संसाधनों पर दबाव और पर्यावरणीय प्रभावों पर ध्यान दें।

 

Question 5. ग्रामीण व नगरीय अधिवासों में अन्तर कीजिए।
Answer: ग्रामीण और नगरीय अधिवासों में निम्नलिखित अंतर हैं –

अन्तर का आधारग्रामीण अधिवासनगरीय अधिवास
1. लोगों के कार्यग्रामीण अधिवासों में रहने वाले लोग मुख्य रूप से प्राथमिक क्रियाकलापों में लगे होते हैं।नगरीय अधिवासों में रहने वाले लोग द्वितीयक और तृतीयक क्रियाकलापों में लगे होते हैं।
2. मकानों के बीच की दूरीइन अधिवासों में मकान आमतौर पर एक-दूसरे से ज़्यादा दूरी पर होते हैं।इन अधिवासों में मकानों के बीच की दूरी बहुत कम या न के बराबर होती है।
3. आधुनिकता का प्रभावइस प्रकार के अधिवासों पर आधुनिकता का प्रभाव बहुत कम होता है।नगरीय अधिवास आधुनिकता से पूरी तरह भरे होते हैं।
4. सामाजिक संगठनग्रामीण अधिवासों में सामाजिक संगठन बहुत मजबूत होता है।शहरी अधिवासों में सामाजिक संगठन की स्थिति आमतौर पर कमज़ोर होती है।
5. सामाजिक मूल्यों की स्थितिग्रामीण अधिवासों में सामाजिक मूल्यों को व्यक्तिगत मूल्यों से ऊपर रखा जाता है।नगरीय अधिवासों में व्यक्तिगत मूल्यों को सामाजिक मूल्यों से ऊपर रखा जाता है।

In simple words: ग्रामीण अधिवासों में लोग खेती करते हैं, घर दूर-दूर होते हैं, आधुनिकता कम होती है, और सामाजिक रिश्ते मजबूत होते हैं। नगरीय अधिवासों में लोग कारखाने या सेवा काम करते हैं, घर पास-पास होते हैं, आधुनिकता ज़्यादा होती है, और व्यक्तिगत सोच ज़्यादा होती है।

🎯 Exam Tip: ग्रामीण और नगरीय अधिवासों के अंतरों को स्पष्ट करने के लिए हर बिंदु पर तुलनात्मक रूप से विशेषताएँ लिखें।

RBSE Class 12 Geography Chapter 6 निबन्धात्मक प्रश्न

अधिवासों के बसाव की आकृति के आधार पर किए गए विभाजन को अधिवास प्रतिरूप कहा जाता है। मानव अधिवास प्रतिरूपों को निर्धारित करने वाले कई कारक होते हैं। आकृति के आधार पर अधिवास प्रतिरूपों को निम्नलिखित भागों में बांटा गया है –

  1. रेखीय प्रतिरूप
  2. तीर प्रतिरूप
  3. त्रिभुजाकार प्रतिरूप
  4. आयताकार प्रतिरूप
  5. अरीय त्रिज्या प्रतिरूप
  6. वृत्ताकार प्रतिरूप
  7. तारा प्रतिरूप
  8. पंखा प्रतिरूप
  9. अनियमित प्रतिरूप
  10. सीढ़ीनुमा प्रतिरूप
  11. मधुमक्खी छत्ता प्रतिरूप
  12. अन्य प्रतिरूप

1. रेखीय प्रतिरूप: जब सड़क मार्गों, रेलमार्गों, नहरों, नदियों या सागर तट के किनारे बस्तियों का विकास होता है, तो रेखीय प्रतिरूप वाले अधिवास बनते हैं। भारत में गंगा-यमुना के मैदानों में इस तरह के प्रतिरूप देखने को मिलते हैं।

U रेखीय प्रतिरूप

2. तीर प्रतिरूप: किसी अंतरीप के शीर्ष पर, नदी के मोड़ के सहारे या दो नदियों के बीच के इलाके में तीर के आकार के अधिवास बनते हैं। भारत में कन्याकुमारी और उड़ीसा में चिल्का झील के तट पर इस प्रकार के अधिवास प्रतिरूप देखे जाते हैं।

U तीर प्रतिरूप

3. त्रिभुजाकार प्रतिरूप: नदियों, नहरों और सड़कों के संगम पर इस प्रकार के प्रतिरूपों का विकास होता है। भारत में पंजाब और हरियाणा में इस प्रकार के प्रतिरूप पाए जाते हैं।

U त्रिभुजाकार प्रतिरूप

4. आयताकार प्रतिरूप:

U आयताकार प्रतिरूप

5. अरीय त्रिज्या प्रतिरूप: जब किसी इलाके में एक जगह पर कई दिशाओं से कच्ची या पक्की सड़कें मिलती हैं, तो मिलन स्थल से त्रिज्याकार रास्तों पर घर बनते हैं। लेकिन सभी गलियाँ मुख्य चौराहों पर मिलने के बाद भी समानांतर नहीं होती हैं। गंगा के ऊपरी मैदान में इस तरह के प्रतिरूप मिलते हैं।

U अरीय प्रतिरूप

6. वृत्ताकार प्रतिरूप: किसी झील, तालाब, कुएँ, किले, धार्मिक स्थान या चौपाल के चारों ओर घर बनने से बस्ती का आकार गोल हो जाता है, जिससे वृत्ताकार प्रतिरूप बनता है।

U वृत्ताकार प्रतिरूप U अर्द्धवृत्ताकार प्रतिरूप

7. तारा प्रतिरूप: तारा प्रतिरूप शुरुआत में अरीय प्रतिरूप जैसा दिखता है। लेकिन बाद में बाहर जाने वाली सड़कों के किनारे घर बनने से इसका आकार तारे जैसा हो जाता है। इसलिए इसे तारा प्रतिरूप कहते हैं।

U तारा प्रतिरूप

8. पंखा प्रतिरूप: जब किसी इलाके में केंद्रीय जगह के चारों ओर घर बनते हैं, तो बाद में बस्ती का विकास सड़कों के किनारे रेखीय प्रतिरूप में होता है, जिससे पंखे के आकार का प्रतिरूप बनता है।

U पंखा प्रतिरूप

11. मधुमक्खी छत्ता प्रतिरूप: आदिवासी जनजातियों के गुंबद के आकार की झोपड़ियों के अधिवास मधुमक्खी के छत्ते जैसे प्रतिरूप को दर्शाते हैं।

U मधुमक्खी छत्ता प्रतिरूप

12. अन्य प्रतिरूप: जिन अधिवासों का कोई खास आकार नहीं बनता, उन्हें अन्य प्रतिरूपों की श्रेणी में रखा जाता है।

 

Question 2. ग्रामीण अधिवासों पर एक लेख लिखिए।
Answer: ग्रामीण अधिवास उन मानवीय बस्तियों को कहते हैं जहाँ प्राथमिक व्यवसाय ज़्यादा होते हैं, जैसे खेती और भूमि से जुड़ी अन्य गतिविधियाँ। ग्रामीण अधिवासों को घरों की संख्या और उनके बीच की दूरी के आधार पर इन भागों में बांटा गया है:
1. सघन या गुच्छित अधिवास
2. प्रकीर्ण या एकाकी अधिवास
3. मिश्रित अधिवास
4. पल्ली अधिवास
1. सघन या गुच्छित अधिवास: इन्हें पुंजित, संहत, संकेन्द्रित या संकुलित अधिवास भी कहते हैं। ये घर उपजाऊ मैदानी इलाकों, समतल जगहों और जहाँ पानी आसानी से मिलता है, वहाँ पाए जाते हैं।
2. प्रकीर्ण या एकाकी अधिवास: इस प्रकार के अधिवास दूर-दूर और बिखरे हुए होते हैं। ये घर एक-दूसरे से काफी दूर और कृषि भूमि से अलग बनाए जाते हैं।
3. मिश्रित अधिवास: इन्हें अर्द्ध सघन या अर्द्ध केंद्रीय अधिवास भी कहा जाता है। ये सघन और प्रकीर्ण अधिवासों के बीच की स्थिति होती है।
4. पल्ली अधिवास: इस प्रकार के अधिवासों में घर एक-दूसरे से अलग होते हुए भी एक ही बस्ती में बसे होते हैं। बस्ती के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग जातियों के लोग रहते हैं।
ग्रामीण अधिवासों की प्रमुख समस्याएँ हैं: आवागमन के साधनों की कमी, स्वच्छ पेयजल का अभाव, स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव, बिजली की कमी, रोजगार के अवसरों की कमी, सूचना और तकनीकी सुविधाओं का अभाव, और उच्च तकनीकी व शिक्षा संस्थानों की कमी.
In simple words: ग्रामीण अधिवास वे जगहें हैं जहाँ लोग मुख्य रूप से खेती करते हैं। ये सघन, प्रकीर्ण, मिश्रित या पल्ली हो सकते हैं। इन अधिवासों में सड़कों, पानी, बिजली, शिक्षा और नौकरी जैसी सुविधाओं की कमी होती है।

🎯 Exam Tip: ग्रामीण अधिवासों की परिभाषा, प्रकार और समस्याओं को क्रमबद्ध तरीके से लिखें ताकि पूरा लेख स्पष्ट हो।

 

Question 3. नगरीय अधिवासों के वर्गीकरण के आधारों का उल्लेख करते हुए इसके प्रकारों का विस्तृत वर्णन कीजिए।
Answer: नगरीय बस्तियों के वर्गीकरण के सामान्य आधारों में जनसंख्या का आकार, लोगों के व्यवसाय, प्रशासनिक ढाँचा और ज़रूरी चीज़ें शामिल होती हैं। नगरीय अधिवासों को उनके आकार, उपलब्ध सुविधाओं और किए जाने वाले कार्यों व जनसंख्या के आधार पर निम्नलिखित भागों में बांटा गया है:
1. नगर
2. महानगर
3. सन्नगर
4. वृहत् नगर
1. नगर: एक लाख से ज़्यादा लेकिन दस लाख से कम जनसंख्या वाले अधिवासों को नगर कहते हैं। इनमें 50 प्रतिशत से ज़्यादा आबादी गैर-प्राथमिक कार्यों में लगी होती है। जैसे-भारत में राजस्थान का बीकानेर नगर.
2. महानगर: दस लाख से ज़्यादा जनसंख्या वाले अधिवासों को महानगर कहा जाता है। ये उद्योग, व्यापार, प्रशासन और शिक्षा की गतिविधियों के केंद्र होते हैं। जैसे-भारत में जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर। इन्हें मेट्रोपोसिटी भी कहते हैं.
3. सन्नगर: 1915 में पेट्रिक गिडिज ने यह शब्द दिया था। ये बहुत बड़े विकसित शहरी क्षेत्र होते हैं, जो अलग-अलग नगरों या शहरों के घरों से मिलकर एक विशाल शहरी क्षेत्र बन जाते हैं। ग्रेटर लंदन, टोक्यो, शिकागो आदि इसके उदाहरण हैं। भारत में ग्वालियर, लश्कर-मुरार, दिल्ली-गुड़गाँव, दिल्ली-नोएडा आदि सन्नगर के उदाहरण हैं.
4. वृहत् नगर: अंग्रेजी में इसे मेगालोपोलिस कहते हैं, जिसका मतलब विशाल नगर होता है। इसका प्रयोग सन् 1857 में जीन गोटमैन ने किया था। ये बहुत बड़े नगर होते हैं, जिनकी जनसंख्या 50 लाख से ज़्यादा होती है। इन नगरों को विश्व नगरी भी कहते हैं। जैसे-ग्रेटर लंदन, टोक्यो, पेरिस, न्यूयार्क, मास्को, बीजिंग, कोलकाता, मुम्बई, दिल्ली, चेन्नई आदि.
In simple words: शहरों को जनसंख्या, काम और व्यवस्था के आधार पर बांटा जाता है। इनमें नगर (1-10 लाख लोग), महानगर (10 लाख से ज़्यादा), सन्नगर (कई शहर मिलकर एक बड़ा इलाका) और वृहत् नगर (50 लाख से ज़्यादा लोग) शामिल हैं।

🎯 Exam Tip: नगरीय अधिवासों के वर्गीकरण के आधारों को स्पष्ट करें और प्रत्येक प्रकार के लिए जनसंख्या की सीमा तथा उदाहरणों को याद रखें।

मानवीय अधिवासों के प्रकार व प्रतिरूप में अंतर

  1. अधिवासों के प्रकारों का निर्धारण भौतिक, सामाजिक व सांस्कृतिक कारकों के आधार पर होता है, जबकि अधिवासों के प्रतिरूप का निर्धारण उनकी आकृति के आधार पर होता है।
  2. अधिवासों के प्रकार को मकानों के बीच की दूरी के आधार पर निर्धारित किया जाता है, जबकि प्रतिरूप का निर्धारण मकानों से बनने वाली किसी आकृति से किया जाता है।
  3. अधिवासों के प्रकार को निर्धारित करने में प्राकृतिक दशाओं व कार्यों को आधारभूत माना जाता है, जबकि अधिवासों के प्रतिरूप का निर्धारण करने में कार्यों की कोई भूमिका नहीं होती है।

ग्रामीण अधिवासों के प्रकार: ग्रामीण अधिवासों को उनके भौतिक, सामाजिक व सांस्कृतिक कारकों तथा सुरक्षा के आधार पर निम्नलिखित भागों में बांटा गया है –

  1. सघन या गुच्छित अधिवास
  2. प्रकीर्ण या एकाकी अधिवास
  3. मिश्रित अधिवास
  4. पल्ली अधिवास

1. सघन या गुच्छित अधिवास: इन्हें पुंजित, संहत, संकेन्द्रित, संकुलित आदि नामों से भी जाना जाता है। सघन ग्रामीण अधिवास उपजाऊ मैदानी भागों, समतल तथा पर्याप्त जल की उपलब्धता वाले क्षेत्रों में विकसित होते हैं। जिनमें आवास, गृह पास-पास होते हैं और सम्पूर्ण गाँव सघन बसा होता है। आसान पहुँच के लिए इनके साथ सड़कों का निर्माण होता है। आवासों के साथ-साथ विद्यालय, सामाजिक व धार्मिक स्थल भी बने होते हैं।

2. प्रकीर्ण या एकाकी अधिवास: इस प्रकार के अधिवास छितरे व बिखरे होते हैं। ये आवास एक-दूसरे से दूर व कृषि भूमि को छोड़कर बनाये जाते हैं।

3. मिश्रित अधिवास: इन अधिवासों को अर्द्ध सघन या अर्द्ध केन्द्रीय अधिवास भी कहा जाता है। यह सघन व प्रकीर्ण अधिवासों के बीच की अवस्था होती है जो सामान्यतया किसी परिवार की संख्या में वृद्धि होने से आवासों की संख्या बढ़ने के कारण उत्पन्न होते हैं। इनकी उत्पत्ति में पर्यावरणीय कारणों के स्थान पर पारिवारिक कारण उत्तरदायी होते हैं।

4. पल्ली अधिवास: इस प्रकार के अधिवासों में आवास एक-दूसरे से अलग किन्तु एक ही बस्ती में बसे होते हैं। इसलिए उन सबका नाम एक रहता है। बस्ती के अलग-अलग भागों में अलग-अलग जातियों के लोग रहते हैं।

 

Question 1. विशाल नगरों की उत्पत्ति कब मानी जाती है?
(अ) 2000 वर्ष पूर्व
(ब) 3000 वर्ष पूर्व
(स) 4000 वर्ष पूर्व
(द) 5000 वर्ष पूर्व
Answer: (अ) 2000 वर्ष पूर्व
In simple words: बड़े शहरों का विकास लगभग 2000 साल पहले शुरू हुआ था।

🎯 Exam Tip: शहरों के ऐतिहासिक विकास के चरणों और संबंधित समय-अवधियों को याद रखें।

 

Question 2. इग्लू किसका घर है?
(अ) खिरगीज का
(ब) एस्किमो का
(स) बुशमैन का
(द) बर्दू का
Answer: (अ) खिरगीज का
In simple words: इग्लू एस्किमो लोगों का घर होता है, जो बर्फ से बना होता है।

🎯 Exam Tip: विश्व की विभिन्न जनजातियों और उनके आवासों के बारे में जानकारी रखें।

 

Question 3. स्थायी आवास की उत्पत्ति मानी जाती है –
(अ) उत्तर पाषाण काल में
(ब) पुरा पाषाण काल में
(स) ताम्रयुग में
(द) नव पाषाण काल में
Answer: (स) ताम्रयुग में
In simple words: लोगों ने हमेशा के लिए एक जगह रहना ताम्रयुग में शुरू किया, जब खेती और पशुपालन बढ़ने लगा।

🎯 Exam Tip: मानव सभ्यता के विकास के चरणों और स्थायी अधिवास के उद्भव को याद रखें।

 

Question 4. संहत अधिवास के नाम से जो जाना जाता है –
(अ) गुच्छित अधिवास
(ब) प्रकीर्ण अधिवास
(स) मिश्रित अधिवास
(द) पल्ली अधिवास
Answer: (ब) प्रकीर्ण अधिवास
In simple words: संहत अधिवास गुच्छित अधिवास को भी कहते हैं, जहाँ घर पास-पास होते हैं।

🎯 Exam Tip: अधिवासों के विभिन्न प्रकारों के पर्यायवाची नामों को भी जानना आवश्यक है।

 

Question 5. पर्वतीय प्रदेशों की निचली घाटियों में कौन से अधिवास मिलते हैं?
(अ) सघन
(ब) प्रकीर्ण
(स) मिश्रित
(द) आयताकार
Answer: (ब) प्रकीर्ण
In simple words: पहाड़ों की निचली घाटियों में अक्सर घर दूर-दूर बने होते हैं, जिन्हें प्रकीर्ण अधिवास कहते हैं।

🎯 Exam Tip: भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार अधिवास प्रतिरूपों के वितरण को याद रखें।

 

Question 7. डेनमार्क में नगरों की निर्धारक न्यूनतम जनसंख्या कितनी है?
(अ) 250
(ब) 500
(स) 1000
(द) 2000
Answer: (अ) 250
In simple words: डेनमार्क में एक जगह को नगर मानने के लिए कम से कम 250 लोग होने चाहिए।

🎯 Exam Tip: विभिन्न देशों में नगरों के निर्धारण के लिए आवश्यक न्यूनतम जनसंख्या के आंकड़े याद रखें।

 

Question 8. भारत में सन्नगर का उदाहरण निम्नलिखित में से कौन-सा है?
(अ) ग्रेटर लंदन
(ब) शिकागो
(स) लश्कर-मुरार
(द) टोकियो
Answer: (स) लश्कर-मुरार
In simple words: सन्नगर एक बड़ा शहरी इलाका होता है जो कई शहरों को मिलाकर बनता है, भारत में लश्कर-मुरार इसका एक उदाहरण है।

🎯 Exam Tip: सन्नगर की परिभाषा और भारत व विश्व के प्रमुख उदाहरणों को याद रखें।

 

Question 9. सन 2005 में विश्व में महानगरो की संख्या कितनी थी?
(अ) 265
(ब) 370
(स) 468
(द) 512
Answer: (स) 468
In simple words: 2005 में दुनिया भर में लगभग 468 शहर ऐसे थे जिनकी जनसंख्या 10 लाख से ज़्यादा थी, जिन्हें महानगर कहते हैं।

🎯 Exam Tip: विश्व के प्रमुख शहरीकरण के आंकड़ों, खासकर महानगरों की संख्या को याद रखने का प्रयास करें।

 

Question 10. एशिया की सबसे बड़ी कच्ची बस्ती कौन-सी है?
(अ) धारावी
(ब) कंठपुतली
(स) जवाहरनगर
(द) पालम
Answer: (अ) धारावी
In simple words: धारावी, मुंबई में स्थित है, और यह एशिया की सबसे बड़ी कच्ची बस्ती मानी जाती है।

🎯 Exam Tip: विश्व और एशिया की प्रमुख कच्ची बस्तियों के नाम और उनकी भौगोलिक स्थिति याद रखें।

 

स्तम्भ अ (अधिवास प्रतिरूप)स्तम्भ ब (अधिवास प्रतिरूप की उत्पत्ति)
(i) रेखीय प्रतिरूप(अ) जनजातियाँ क्षेत्रों में
(ii) तीर प्रतिरूप(ब) सड़कों के आपस में मिलन स्थल पर
(iii) वृत्ताकार प्रतिरूप(स) सड़क मार्ग, रेलमार्ग के सहारे
(iv) मधुमक्खी छता प्रतिरूप(द) झील, तालाब के चारों ओर
(v) आयताकार प्रतिरूप(य) नदी विसर्प के सहारे

उत्तर:

सही मिलान इस प्रकार है:

(i) रेखीय प्रतिरूप - (स) सड़क मार्ग, रेलमार्ग के सहारे

(ii) तीर प्रतिरूप - (य) नदी विसर्प के सहारे

(iii) वृत्ताकार प्रतिरूप - (द) झील, तालाब के चारों ओर

(iv) मधुमक्खी छता प्रतिरूप - (अ) जनजातियाँ क्षेत्रों में

(v) आयताकार प्रतिरूप - (ब) सड़कों के आपस में मिलन स्थल पर

स्तम्भ अ (राष्ट्र का नाम)स्तम्भ ब (नगर हेतु न्यूनतम जनसंख्या)
(i) स्वीडन(अ) 2000
(ii) आइसलैण्ड(ब) 5000
(iii) कनाडा(स) 300
(iv) कोलम्बिया(द) 3000
(v) पुर्तगाल(य) 1500
(vi) जापान(र) 250
(vii) भारत(ल) 1000

उत्तर:

सही मिलान इस प्रकार है:

(i) स्वीडन - (र) 250

(ii) आइसलैण्ड - (स) 300

(iii) कनाडा - (ल) 1000

(iv) कोलम्बिया - (य) 1500

(v) पुर्तगाल - (अ) 2000

(vi) जापान - (द) 3000

(vii) भारत - (ब) 5000

RBSE Class 12 Geography Chapter 6 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. मानव अधिवासों का क्या उपयोग करता है?
Answer: मानव अधिवासों का उपयोग निवास के साथ-साथ अपनी सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और धार्मिक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए करता है।
In simple words: इंसान रहने के लिए और अपने सामाजिक-धार्मिक काम पूरे करने के लिए अधिवासों का इस्तेमाल करते हैं।

🎯 Exam Tip: अधिवासों के बहुमुखी उपयोगों को समझें, न केवल निवास बल्कि सामाजिक-सांस्कृतिक आवश्यकताओं के लिए भी।

 

Question 2. ब्लॉश के अनुसार अधिवास क्या है?
Answer: प्रोफेसर विडाल-डी-ला-ब्लॉश के अनुसार, अधिवास एक ऐसी संरचना है जिसे मनुष्य अपने आवास और अपनी संपत्ति को रखने के लिए बनाता है।
In simple words: ब्लॉश के अनुसार, अधिवास एक ऐसी जगह है जिसे इंसान अपने रहने और सामान रखने के लिए बनाता है।

🎯 Exam Tip: किसी भी भूगोलवेत्ता की परिभाषा को लिखते समय उसका नाम सही ढंग से उल्लेख करें।

 

Question 3. मानव को स्थायी आवास की आवश्यकता क्यों पड़ी?
Answer: मानव ने अपनी विकास यात्रा में जब इकट्ठा करने और शिकार करने की स्थिति को पार करके पशुपालन और खेती करना शुरू किया, तब उसे पशुओं और अपनी सुरक्षा के लिए, साथ ही अनाज के भंडारण के लिए स्थायी आवास की ज़रूरत पड़ी।
In simple words: खेती और पशुपालन शुरू होने पर इंसानों को अपनी और अपने अनाज की सुरक्षा के लिए हमेशा के लिए घर बनाकर रहने की ज़रूरत पड़ी।

🎯 Exam Tip: मानव के विकास के चरणों और स्थायी आवास की आवश्यकता के कारणों को स्पष्ट करें।

 

Question 4. नगरों की उत्पत्ति कब व कहाँ हुई?
Answer: नगरों की उत्पत्ति लगभग 5000 साल पहले मिस्र (नील), सिंधु और दजला-फरात की घाटियों में मानी जाती है।
In simple words: शहरों का बनना 5000 साल पहले मिस्र, सिंधु और दजला-फरात नदियों के किनारे शुरू हुआ था।

🎯 Exam Tip: विश्व की प्राचीन सभ्यताओं और शहरीकरण के प्रारंभिक स्थलों को याद रखें।

 

Question 5. अधिवासों की उत्पत्ति को कितने भागों में बाँटा गया है?
Answer: मानव अधिवासों की उत्पत्ति को दो मुख्य भागों में बांटा गया है: अस्थायी अधिवास और स्थायी अधिवास.
In simple words: मानव के घरों के बनने को दो हिस्सों में बांटा गया है: अस्थायी घर और स्थायी घर।

🎯 Exam Tip: अधिवासों के मौलिक वर्गीकरण को याद रखें और प्रत्येक का अर्थ समझें।

 

Question 6. अस्थायी अधिवास किसे कहते हैं?
Answer: ऐसे अधिवास जो आवश्यकता के अनुसार या मौसम के साथ बदलते रहते हैं, उन्हें अस्थायी अधिवास कहते हैं। ये मुख्य रूप से शिकार, मौसम की अनुकूलता, पशुचारण और सुरक्षा के उद्देश्य से बनाए जाते हैं।
In simple words: अस्थायी अधिवास वे घर हैं जो ज़रूरत या मौसम के हिसाब से बदले जाते हैं, जैसे शिकारियों या चरवाहों के घर।

🎯 Exam Tip: अस्थायी अधिवासों की परिभाषा के साथ-साथ उनके निर्माण के कारणों को भी उल्लेख करें।

 

Question 8. मानव बस्ती का स्थायित्व किन-किन बातों पर निर्भर करता है ?
Answer: किसी भी मानव बस्ती का स्थायी होना कई बातों पर निर्भर करता है। इसमें आस-पास मौजूद प्राकृतिक संसाधन, बाहरी इलाकों से उसका जुड़ाव, भविष्य में तरक्की की संभावना, सुरक्षा के इंतजाम और धार्मिक, सांस्कृतिक व आर्थिक कारण शामिल हैं।
In simple words: किसी बस्ती की स्थिरता वहां के संसाधनों, बाहरी संपर्कों, भविष्य की संभावनाओं, सुरक्षा और सांस्कृतिक-आर्थिक कारणों पर निर्भर करती है।

🎯 Exam Tip: जब भी स्थायित्व जैसे कारकों पर प्रश्न आए, हमेशा भौगोलिक, सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा पहलुओं को शामिल करें।

 

Question 9. मानव अधिवासों को आधारभूत कार्यों के आधार पर किन भागों में बाँटा गया है?
Answer: मानव अधिवासों को उनके मुख्य कामों के आधार पर दो भागों में बांटा गया है: ग्रामीण अधिवास और नगरीय अधिवास। ये दोनों अधिवास अपने कार्यों और जीवनशैली में अलग होते हैं।
In simple words: मुख्य कामों के आधार पर मानव बस्तियों को ग्रामीण और शहरी अधिवासों में बांटा गया है।

🎯 Exam Tip: ग्रामीण और नगरीय अधिवासों के मूलभूत अंतरों को हमेशा याद रखें, जैसे उनके मुख्य व्यवसाय।

 

Question 10. ग्रामीण अधिवासों के प्रकारों के लिए कौन से कारक उत्तरदायी है?
Answer: ग्रामीण अधिवासों के अलग-अलग प्रकारों के लिए कई कारक जिम्मेदार होते हैं। इनमें भौतिक कारक (जैसे पानी की उपलब्धता और जमीन), सामाजिक और सांस्कृतिक कारक (जैसे जाति-धर्म) और सुरक्षा संबंधी कारण मुख्य होते हैं।
In simple words: ग्रामीण बस्तियों के प्रकार भौतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और सुरक्षा जैसे कारकों पर निर्भर करते हैं।

🎯 Exam Tip: ग्रामीण अधिवासों के प्रकारों को समझने के लिए हमेशा प्राकृतिक (भौतिक) और मानवीय (सामाजिक-सांस्कृतिक) दोनों कारकों पर ध्यान दें।

 

Question 11. ग्रामीण अधिवासों के प्रकार कौन से हैं?
Answer: ग्रामीण अधिवासों के चार मुख्य प्रकार हैं। इनमें सघन या गुच्छित अधिवास (जहाँ घर पास-पास होते हैं), प्रकीर्ण या एकाकी अधिवास (जहाँ घर बिखरे होते हैं), मिश्रित अधिवास (दोनों का मिश्रण) और पल्ली अधिवास (जहाँ अलग-अलग समुदाय अलग-अलग हिस्सों में रहते हैं) शामिल हैं।
In simple words: ग्रामीण अधिवास चार प्रकार के होते हैं: सघन, प्रकीर्ण, मिश्रित और पल्ली।

🎯 Exam Tip: प्रत्येक प्रकार के अधिवास की मुख्य विशेषता को ध्यान में रखें, खासकर उनके बसाव के पैटर्न को।

 

Question 12. सघन अधिवासों के अन्य नाम कौन-कौन से हैं?
Answer: सघन अधिवासों को कई अन्य नामों से भी जाना जाता है, जैसे पुंजित, संहत, गुच्छित, संकेन्द्रित, संकुलित और सामूहिक अधिवास। इन सभी नामों का अर्थ है कि घर एक-दूसरे के करीब और समूह में बने होते हैं।
In simple words: सघन अधिवासों को पुंजित, संहत, गुच्छित, संकेन्द्रित, संकुलित और सामूहिक अधिवास भी कहते हैं।

🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार के अधिवासों के वैकल्पिक नामों को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रश्न किसी भी नाम से आ सकता है।

 

Question 14. भारत में सघन अधिवास कहाँ मिलते हैं?
Answer: भारत में सघन अधिवास मुख्य रूप से गंगा-सतलज के मैदानों, मालवा के पठार, विन्ध्यन पठार, नर्मदा घाटी और राजस्थान के मैदानी भागों में पाए जाते हैं। ये क्षेत्र आमतौर पर उपजाऊ होते हैं और पानी की अच्छी उपलब्धता होती है।
In simple words: भारत में सघन बस्तियां गंगा-सतलज के मैदानों, मालवा, विन्ध्यन, नर्मदा घाटी और राजस्थान के मैदानी इलाकों में मिलती हैं।

🎯 Exam Tip: सघन अधिवासों के वितरण क्षेत्रों को याद करते समय, हमेशा उन क्षेत्रों की भौगोलिक विशेषताओं पर ध्यान दें जो घने बसाव का समर्थन करती हैं।

 

Question 15. प्रकीर्ण अधिवास किसे कहते हैं ?
Answer: प्रकीर्ण अधिवास उन बस्तियों को कहते हैं जहाँ घर एक-दूसरे से दूर और बिखरे हुए होते हैं। इन अधिवासों में घर कृषि भूमि को छोड़कर बनाए जाते हैं, जिससे वे एक-दूसरे से काफी दूरी पर दिखते हैं।
In simple words: प्रकीर्ण अधिवास वे होते हैं जहाँ घर दूर-दूर और बिखरे हुए होते हैं, अक्सर खेत की जमीन से अलग बनाए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रकीर्ण अधिवास की परिभाषा देते समय, घरों के 'बिखरे हुए' और 'दूर-दूर' होने पर जोर दें।

 

Question 16. मिश्रित अधिवासों से क्या तात्पर्य है?
Answer: मिश्रित अधिवास उन बस्तियों को कहते हैं जो सघन और प्रकीर्ण अधिवासों के बीच की स्थिति में होते हैं। ऐसे अधिवासों की उत्पत्ति में अक्सर पारिवारिक कारकों का मुख्य योगदान होता है, जैसे एक परिवार का बढ़ना। इन्हें अर्द्ध-सघन या अर्द्ध-केन्द्रीय अधिवास भी कहते हैं।
In simple words: मिश्रित अधिवास सघन और प्रकीर्ण बस्तियों के बीच के होते हैं, और ये अक्सर परिवार के बढ़ने के कारण बनते हैं।

🎯 Exam Tip: मिश्रित अधिवास को सघन और प्रकीर्ण के 'बीच की अवस्था' के रूप में परिभाषित करें और पारिवारिक कारकों के महत्व पर प्रकाश डालें।

 

Question 17. पल्ली या पुराना अधिवास क्या है?
Answer: पल्ली या पुराना अधिवास उन बस्तियों को कहते हैं जहाँ घर एक-दूसरे से अलग-अलग होते हैं, फिर भी वे एक ही बस्ती का हिस्सा होते हैं। इन बस्तियों के अलग-अलग भागों में अलग-अलग जातियों के लोग रहते हैं।
In simple words: पल्ली अधिवास में घर दूर-दूर होते हुए भी एक ही बस्ती में होते हैं, जहाँ अलग-अलग जातियों के लोग अलग-अलग हिस्सों में रहते हैं।

🎯 Exam Tip: पल्ली अधिवास की विशेषता बताते समय 'एक ही बस्ती' और 'अलग-अलग जातियों' के सह-अस्तित्व पर जोर दें।

 

Question 18. अधिवास प्रतिरूप से क्या तात्पर्य है?
Answer: अधिवास प्रतिरूप से आशय अधिवासों के बसाव की वह आकृति या ढाँचा है जो सामने आता है। यह अधिवासों के घरों के वितरण और उनके स्थानिक संगठन को दर्शाता है।
In simple words: अधिवास प्रतिरूप का मतलब है कि घर और बस्तियाँ ज़मीन पर किस तरह से व्यवस्थित और बने हुए हैं।

🎯 Exam Tip: अधिवास प्रतिरूप को हमेशा घरों की 'आकृति' या 'स्वरूप' से जोड़कर परिभाषित करें।

 

Question 19. ग्रामीण अधिवासों के प्रतिरूप को नियंत्रित करने वाले कारक कौन-से हैं?
Answer: भारत में रेखीय प्रतिरूप के अधिवास गंगा-यमुना के मैदान व मध्य हिमालय क्षेत्र में पाये जाते हैं।
In simple words: भारत में रेखीय बस्तियाँ गंगा-यमुना मैदान और मध्य हिमालय में मिलती हैं।

🎯 Exam Tip: अधिवासों के प्रतिरूपों के वितरण को याद करते समय, प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों को उनके विशिष्ट प्रतिरूपों के साथ जोड़कर पढ़ें।

 

Question 21. तीर प्रतिरूप वाले अधिवासों का विकास क्यों होता है ?
Answer: तीर प्रतिरूप वाले अधिवासों का विकास तब होता है जब नदियों के मोड़ों (विसर्पों) या दोआबों (दो नदियों के बीच की भूमि) में बस्ती बनाने के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं होती। ऐसे में नदी की सीमा विकास में बाधा डालती है और अधिवास का विकास नदी से दूर, पीछे की तरफ होने लगता है, जिससे तीर जैसा आकार बन जाता है।
In simple words: तीर के आकार की बस्तियाँ तब बनती हैं जब नदी के पास जगह कम होती है, तो घर नदी से दूर पीछे की तरफ फैलने लगते हैं।

🎯 Exam Tip: तीर प्रतिरूप के विकास के पीछे 'भूमि की अनुपलब्धता' और 'विकास का पृष्ठभाग की ओर' होने के कारणों को याद रखें।

 

Question 22. तारा प्रतिरूप कैसे बनता है?
Answer: तारा प्रतिरूप शुरू में अरीय प्रतिरूप की तरह विकसित होता है, जहाँ घर एक केंद्रीय बिंदु से कई दिशाओं में फैलते हैं। लेकिन बाद में, जब बाहर जाने वाली सड़कों के किनारे भी घर बनने लगते हैं, तो बस्ती का आकार तारे जैसा दिखने लगता है।
In simple words: तारा प्रतिरूप तब बनता है जब घरों का फैलाव सड़कों के किनारे होने से बस्ती तारे के आकार की हो जाती है।

🎯 Exam Tip: तारा प्रतिरूप के विकास में सड़कों के किनारे के बसाव की भूमिका पर विशेष ध्यान दें।

 

Question 23. पंखा प्रतिरूप कब बनता है?
Answer: पंखा प्रतिरूप तब बनता है जब किसी गाँव में घरों का निर्माण पहले केंद्रीय स्थान के चारों ओर होता है। इसके बाद, बस्ती का विकास सड़क के किनारे रेखीय रूप में आगे बढ़ता है, जिससे बस्ती का आकार पंखे जैसा हो जाता है।
In simple words: पंखा प्रतिरूप तब बनता है जब घरों का विकास केंद्रीय जगह से शुरू होकर सड़कों के किनारे फैलने लगता है।

🎯 Exam Tip: पंखा प्रतिरूप में केंद्रीय बसाव के बाद सड़कों के सहारे रेखीय विकास के क्रम को याद रखें।

 

Question 24. मधुमक्खी छत्ता प्रतिरूप कहाँ मिलते हैं?
Answer: मधुमक्खी छत्ता प्रतिरूप वाले अधिवास मुख्य रूप से जनजातीय क्षेत्रों में मिलते हैं। भारत में टोडा जनजाति के आवास, आन्ध्र प्रदेश के समुद्र तटीय मछुवारों के गाँव और दक्षिणी अफ्रीका के जुलू लोगों के आवास इस प्रतिरूप को दर्शाते हैं। ये अधिवास अक्सर गुम्बदनुमा झोपड़ियों के रूप में होते हैं।
In simple words: मधुमक्खी छत्ता प्रतिरूप जनजातीय क्षेत्रों, टोडा जनजाति, मछुआरों के गांवों और दक्षिण अफ्रीका के जुलू लोगों में पाया जाता है।

🎯 Exam Tip: इस प्रतिरूप के लिए जनजातीय क्षेत्रों और विशेष समुदायों के उदाहरणों को याद रखें।

 

Question 25. बेरोजगारी के कितने प्रारूप ग्रामीण अधिवासों में देखने को मिलते हैं?
Answer: ग्रामीण अधिवासों में बेरोजगारी के तीन मुख्य प्रकार देखने को मिलते हैं: पूर्ण बेरोजगारी (जब कोई काम ही न हो), छिपी बेरोजगारी (जब लोग काम करते दिखें लेकिन उनका योगदान न हो) और मौसमी बेरोजगारी (जो किसी खास मौसम में ही होती है, जैसे कृषि में)।
In simple words: ग्रामीण बस्तियों में पूर्ण, छिपी और मौसमी बेरोजगारी जैसे तीन तरह के रूप देखने को मिलते हैं।

🎯 Exam Tip: ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी के तीनों प्रकारों को उनके अर्थ के साथ याद रखें, खासकर मौसमी और छिपी बेरोजगारी को।

 

Question 27. नगरीय अधिवासों की मुख्य विशेषताएँ कौन-सी हैं?
Answer: नगरीय अधिवासों की मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
1. उच्च जनसंख्या घनत्व: इन क्षेत्रों में प्रति वर्ग किलोमीटर अधिक लोग रहते हैं।
2. त्वरित गतिशीलता: लोगों का आवागमन और जीवनशैली तेज होती है।
3. पक्की सड़कें एवं पक्के मकान: यहाँ की सड़कें और घर आमतौर पर पक्के होते हैं।
4. रोजगार की उपलब्धता या रोजगार के साधनों की प्रधानता: शहरों में काम के अधिक अवसर होते हैं।
5. यातायात के व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक साधनों की अधिक उपलब्धता: निजी और सार्वजनिक परिवहन के साधन आसानी से मिलते हैं।
6. उच्च शिक्षा एवं गहन चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता: बेहतर स्कूल, कॉलेज और अस्पताल मौजूद होते हैं।
7. 50 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या का गैर प्राथमिक कार्यों में संलग्न होना: ज़्यादातर लोग कृषि के अलावा अन्य व्यवसाय करते हैं।
8. जटिल श्रम विभाजन की प्रक्रिया: काम को कई छोटे-छोटे जटिल हिस्सों में बांटा जाता है।
9. सामाजिक प्रगाढ़ता का अभाव एवं व्यक्तिवादिता का मिलना: सामाजिक जुड़ाव कम और व्यक्तिगत स्वतंत्रता अधिक होती है।
10. तीव्र सामाजिक एवं आर्थिक अन्तर एवं वर्ग विभाजन का पाया जाना: अमीर-गरीब के बीच बड़ा फर्क और समाज में वर्गों का बंटवारा होता है।
In simple words: शहरी बस्तियों में ज़्यादा लोग, तेज़ आवागमन, पक्की सड़कें, काम के अवसर, अच्छे स्कूल-अस्पताल, गैर-कृषि काम, जटिल काम और सामाजिक असमानता मुख्य विशेषताएं हैं।

🎯 Exam Tip: नगरीय अधिवासों की विशेषताओं को हमेशा सामाजिक, आर्थिक, भौतिक और प्रशासनिक पहलुओं में बांटकर याद करें।

 

Question 28. नगरीय अधिवासों को किन आधारों पर वर्गीकृत किया गया है?
Answer: नगरीय अधिवासों को वर्गीकृत करने के मुख्य आधार जनसंख्या का आकार, लोगों के व्यवसाय की संरचना, प्रशासनिक व्यवस्था और अन्य आवश्यक दशाएँ हैं। इन आधारों पर शहरों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाता है।
In simple words: नगरीय बस्तियों को जनसंख्या, काम के तरीके, प्रशासन और अन्य खास जरूरतों के आधार पर बांटा जाता है।

🎯 Exam Tip: नगरीय वर्गीकरण के मुख्य आधारों (जनसंख्या, व्यवसाय, प्रशासन) को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 29. नगरीय अधिवासों को आकार के आधार पर किन-किन भागों में बाँटा गया है।
Answer: नगरीय अधिवासों को उनके आकार के आधार पर मुख्य रूप से नगर, महानगर, सन्नगर और वृहत नगरों में बांटा गया है। ये सभी श्रेणियां जनसंख्या के हिसाब से बढ़ती जाती हैं।
In simple words: नगरीय बस्तियों को आकार के हिसाब से नगर, महानगर, सन्नगर और वृहत नगर में बांटा गया है।

🎯 Exam Tip: आकार के आधार पर नगरीय अधिवासों के वर्गीकरण को बढ़ते क्रम (नगर से वृहत नगर तक) में याद करें।

 

Question 30. नगर से क्या तात्पर्य है?
Answer: नगर एक मानव निर्मित नगरीय अधिवास समूह होता है जहाँ की जनसंख्या 1 लाख से ज़्यादा होती है, लेकिन 10 लाख से कम रहती है। यहाँ के लोग मुख्य रूप से गैर-कृषि कार्यों में लगे होते हैं।
In simple words: नगर वह शहरी बस्ती है जहाँ 1 लाख से ज़्यादा पर 10 लाख से कम लोग रहते हैं और गैर-कृषि काम करते हैं।

🎯 Exam Tip: नगर की जनसंख्या सीमा (1 लाख से 10 लाख) और मुख्य व्यवसाय (गैर-कृषि) को याद रखना आवश्यक है।

 

Question 31. महानगर किसे कहते हैं?
Answer: महानगर मानव निर्मित नगरीय अधिवासों का एक ऐसा रूप है जिसकी जनसंख्या 10 लाख से ज़्यादा होती है। इन बड़े शहरों को मेट्रोपोसिटी भी कहते हैं, जहाँ औद्योगिक, व्यापारिक, प्रशासनिक और शैक्षिक गतिविधियाँ प्रमुख होती हैं।
In simple words: महानगर 10 लाख से ज़्यादा जनसंख्या वाले शहर होते हैं, जिन्हें मेट्रोपोसिटी भी कहते हैं।

🎯 Exam Tip: महानगर की जनसंख्या सीमा (10 लाख से अधिक) और इसके अन्य नाम (मेट्रोपोसिटी) को ध्यान में रखें।

 

Question 33. सन्नगर शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम कब व किसने किया था?
Answer: सन्नगर शब्द का प्रयोग सबसे पहले 1915 में पेट्रिक गिडिज नाम के एक विद्वान ने किया था। यह शब्द ऐसे विशाल शहरी क्षेत्रों के लिए इस्तेमाल होता है जो कई अलग-अलग शहरों के जुड़ने से बनते हैं।
In simple words: 'सन्नगर' शब्द का इस्तेमाल सबसे पहले पेट्रिक गिडिज ने 1915 में किया था।

🎯 Exam Tip: सन्नगर शब्द के प्रवर्तक (पेट्रिक गिडिज) और वर्ष (1915) को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 34. विश्व में मिलने वाले प्रमुख सन्नगरों के उदाहरण लिखिए।
Answer: विश्व के कुछ प्रमुख सन्नगरों के उदाहरण हैं: ग्रेटर लंदन, टोकियो, शिकागो। भारत में ग्वालियर, हैदराबाद-सिकन्दराबाद, लश्कर-मुरार, दिल्ली-मेरठगाजियाबाद, दिल्ली-गुड़गाँव आदि भी सन्नगरों के मुख्य उदाहरण हैं।
In simple words: ग्रेटर लंदन, टोकियो, शिकागो, ग्वालियर, हैदराबाद-सिकन्दराबाद, और दिल्ली-गुड़गाँव जैसे क्षेत्र प्रमुख सन्नगर हैं।

🎯 Exam Tip: सन्नगर के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों उदाहरणों को याद रखें।

 

Question 35. वृहत नगर से क्या तात्पर्य है?
अथवा विश्वनगरी किसे कहते हैं?
अथवा मेगालोपोलिस से क्या अभिप्राय है?

Answer: वृहत नगर ऐसे मानव निर्मित नगरीय अधिवास होते हैं जहाँ 50 लाख से ज़्यादा जनसंख्या निवास करती है। इन शहरों को विश्वनगरी या मेगालोपोलिस भी कहा जाता है, क्योंकि ये अत्यधिक बड़े होते हैं और वैश्विक महत्व रखते हैं।
In simple words: वृहत नगर, विश्वनगरी या मेगालोपोलिस वे बहुत बड़े शहर होते हैं जहाँ 50 लाख से ज़्यादा लोग रहते हैं।

🎯 Exam Tip: वृहत नगर की जनसंख्या सीमा (50 लाख से अधिक) और इसके पर्यायवाची शब्दों (विश्वनगरी, मेगालोपोलिस) को हमेशा याद रखें।

 

Question 36. विश्व के प्रमुख वृहत नगरों के नाम लिखिए।
Answer: विश्व के प्रमुख वृहत नगरों में ग्रेटर लंदन, टोकियो, पेरिस, न्यूयार्क, मास्को, बीजिंग, कोलकाता, मुम्बई, दिल्ली और चेन्नई आदि शामिल हैं। ये सभी शहर बहुत बड़ी जनसंख्या वाले और वैश्विक रूप से महत्वपूर्ण हैं।
In simple words: ग्रेटर लंदन, टोकियो, पेरिस, न्यूयार्क, मास्को, बीजिंग, कोलकाता, मुम्बई, दिल्ली और चेन्नई विश्व के प्रमुख वृहत नगर हैं।

🎯 Exam Tip: विश्व के सबसे बड़े शहरों के उदाहरण याद करते समय, अलग-अलग महाद्वीपों से कुछ प्रमुख शहरों को शामिल करने का प्रयास करें।

 

Question 37. ग्रामीण युवा जनसंख्या नगरों में क्यों बसने लगी है?
Answer: ग्रामीण युवा जनसंख्या शहरों में इसलिए बसने लगी है क्योंकि कृषि क्षेत्रों में मशीनों का उपयोग बढ़ गया है, शिक्षा का विकास हुआ है, और ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंख्या बढ़ने के कारण रोजगार के अवसर कम हो गए हैं। इस वजह से युवाशक्ति बेहतर रोजगार की तलाश में शहरों की ओर पलायन कर रही है।
In simple words: मशीनीकरण, शिक्षा और बढ़ती जनसंख्या के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार कम होने से युवा शहरों में बसने लगे हैं।

🎯 Exam Tip: ग्रामीण-शहरी प्रवास के कारणों में हमेशा 'रोजगार की कमी' और 'बेहतर अवसरों की तलाश' पर जोर दें।

 

Question 39. धारावी बस्ती की स्थापना कब व किसके द्वारा हुई?
Answer: धारावी बस्ती की स्थापना लगभग 70 वर्ष पूर्व गुजरात के कुम्हारों (मिट्टी के बर्तन बनाने वाले) के द्वारा की गई थी। वे काम की तलाश में यहाँ आए थे और धीरे-धीरे एक बड़ी बस्ती बन गई।
In simple words: धारावी बस्ती की शुरुआत करीब 70 साल पहले गुजरात के कुम्हारों ने की थी।

🎯 Exam Tip: धारावी बस्ती से संबंधित प्रश्नों में इसकी उत्पत्ति के समय और संस्थापक समुदाय का उल्लेख करें।

 

Question 40. धारावी बस्ती में स्वरोजगार के कौन-कौन से स्वरूप देखने को मिलते हैं?
Answer: धारावी बस्ती में स्वरोजगार के कई रूप देखने को मिलते हैं। यहाँ के लोग मिट्टी के बर्तन बनाने, मृत्तिका शिल्प (सेरेमिक्स), कसीदाकारी, जरी का काम, चमड़ा तैयार करने, धातु का कार्य, सुंदर आभूषण बनाने, फर्नीचर निर्माण और उच्च फैशन के कपड़े सिलने जैसे कामों में लगे होते हैं।
In simple words: धारावी में मिट्टी के बर्तन, हस्तशिल्प, कढ़ाई, चमड़ा, धातु का काम, आभूषण, फर्नीचर और कपड़े सिलने जैसे कई स्वरोजगार हैं।

🎯 Exam Tip: धारावी में स्वरोजगार के उदाहरण देते समय विभिन्न प्रकार के कुटीर उद्योगों और हस्तशिल्पों का उल्लेख करें।

 

Question 41. धारावी बस्ती को पुनस्थापित करने की योजना का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
Answer: धारावी बस्ती को फिर से बसाने की योजना का मुख्य उद्देश्य वहाँ के निवासियों को बेहतर जीवन देना है। इसमें उन्हें स्वास्थ्यपूर्ण वातावरण, स्वच्छ पीने का पानी, बिजली, शुद्ध हवा, शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराना शामिल है। साथ ही, लोगों को गरीबी, भूख, बेरोजगारी और बीमारियों से बचाकर आने वाली पीढ़ियों को अच्छी शिक्षा देना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है।
In simple words: धारावी को फिर से बसाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को बेहतर सुविधाएँ देना, गरीबी हटाना और आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा देना है।

🎯 Exam Tip: पुनर्विकास योजनाओं के उद्देश्यों में हमेशा 'जीवन की गुणवत्ता सुधारना', 'बुनियादी सुविधाएँ प्रदान करना' और 'सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण' जैसे बिंदु शामिल करें।

RBSE Class 12 Geography Chapter 6 लघूत्तरात्मक प्रश्न (SA-I)

 

Question 1. अधिवास क्या हैं?
Answer: अधिवास घरों या मकानों के समूह को कहते हैं, जो कुछ घरों से लेकर हज़ारों घरों तक हो सकते हैं। एक आवास, मकान, घर या निवास स्थान अधिवास की सबसे छोटी इकाई होती है। ये अधिवास छोटी झोपड़ियों से लेकर भव्य इमारतों तक के रूप में हो सकते हैं। छोटी बस्तियाँ विकसित होकर बड़े नगर, महानगर, वृहत नगर और मिलियन सिटी बन सकती हैं। इन बस्तियों में पैदल रास्ते, गलियाँ, सड़कें, नहरें और परिवहन मार्ग लोगों को आपस में जोड़ते हैं।
In simple words: अधिवास घरों का समूह है, जो एक झोपड़ी से लेकर बड़े शहर तक हो सकता है, और ये लोगों को आपस में जोड़ते हैं।

🎯 Exam Tip: अधिवास की परिभाषा देते समय 'घरों के समूह' और उनके 'आकार की विविधता' पर जोर दें।

 

Question 2. मानव अधिवासों का निर्माण किन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किया जाता है?
Answer: मानव अधिवासों का निर्माण कई उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किया जाता है। मानव अपने निवास के साथ-साथ अपने सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यों को पूरा करने के लिए भी अधिवासों का उपयोग करता है। ये अधिवास सुरक्षा, आराम और समुदाय में रहने की भावना प्रदान करते हैं।
In simple words: मानव अधिवासों का निर्माण रहने, सुरक्षा, और सामाजिक-आर्थिक-सांस्कृतिक जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाता है।

🎯 Exam Tip: मानव अधिवासों के उद्देश्यों में 'निवास', 'सुरक्षा' और 'सामाजिक-आर्थिक-सांस्कृतिक गतिविधियों' जैसे बिंदुओं को शामिल करें।

 

Question 3. सघन अधिवासों की विशेषता बंताइए।
अथवा गुच्छित अधिवासों की विशेषताएँ लिखिए।

Answer: सघन या गुच्छित अधिवासों की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं –
1. ये अधिवास आमतौर पर खेतों के बीच किसी ऊँची और बाढ़ से सुरक्षित जगह पर बने होते हैं।
2. सभी घर एक-दूसरे के पास-पास बने होते हैं, जिससे बस्ती घनी दिखती है।
3. सभी घर एक ही जगह पर केंद्रित होते हैं, और यहाँ के निवासी बाहरी हमलों का मिलकर मुकाबला करते हैं।
4. सामाजिक मेल-जोल बहुत ज़्यादा होता है, जिससे निवासी एक-दूसरे के सुख-दुःख में साथ देते हैं।
5. इन अधिवासों में घरों की संख्या 40-50 से लेकर सैकड़ों तक हो सकती है।
6. इनकी जनसंख्या उपलब्ध संसाधनों के आधार पर 500 से 1000 या इससे ज़्यादा हो सकती है।
In simple words: सघन बस्तियाँ ऊँची और सुरक्षित जगह पर होती हैं, घर पास-पास होते हैं, लोग सामाजिक रूप से जुड़े होते हैं और जनसंख्या भी ज़्यादा होती है।

🎯 Exam Tip: सघन अधिवासों की विशेषताओं में घरों की सघनता, सामाजिक एकजुटता और सुरक्षा जैसे पहलुओं पर जोर दें।

 

Question 4. प्रकीर्ण अधिवासों की विशेषताएँ बंताइए।
अथवा एकाकी अधिवास किन-किन विशेषताओं से युक्त होते हैं?

Answer: प्रकीर्ण या एकाकी अधिवासों में निम्नलिखित विशेषताएँ देखने को मिलती हैं –
1. इन अधिवासों में घर एक-दूसरे से काफी दूर-दूर बने होते हैं, जिससे बस्ती बिखरी हुई लगती है।
2. इन अधिवासों में लोग अक्सर अकेले या छोटे समूहों में रहते हैं, न कि बड़े समुदायों में।
3. लोग स्वतंत्र जीवन-यापन के आदी होते हैं और अपनी मर्जी से काम करते हैं।
4. इन निवासियों में एक-दूसरे के सहयोग की भावना कम होती है, क्योंकि वे दूर रहते हैं।
5. ऐसे अधिवासों के अंदर कृषि से जुड़े लोगों में जातिगत ऊँच-नीच की भावना पाई जाती है।
In simple words: प्रकीर्ण बस्तियों में घर दूर-दूर होते हैं, लोग अकेले रहते हैं, स्वतंत्र जीवन जीते हैं, और सामाजिक सहयोग कम होता है, साथ ही जातिगत भावनाएँ भी होती हैं।

🎯 Exam Tip: प्रकीर्ण अधिवासों की विशेषताओं में 'दूर-दूर घर', 'कम सामाजिक संपर्क' और 'व्यक्तिवादिता' पर ध्यान दें।

 

Question 5. अनियमित प्रतिरूप कहाँ व क्यों विकसित होता है?
Answer: अनियमित प्रतिरूप उन जगहों पर विकसित होता है जहाँ मकानों का निर्माण बिना किसी पूर्व योजना के किया जाता है। ऐसी स्थिति में, बस्ती का कोई निश्चित आकार या व्यवस्था नहीं बन पाती। सड़कें और गलियाँ भी बची हुई ज़मीन पर बाद में विकसित होती हैं, जिससे वे घुमावदार और अव्यवस्थित हो जाती हैं।
In simple words: अनियमित बस्तियाँ बिना योजना के बनती हैं, जिससे घरों और सड़कों का कोई निश्चित आकार नहीं होता।

🎯 Exam Tip: अनियमित प्रतिरूप के लिए 'बिना योजना' और 'अव्यवस्थित विकास' जैसे प्रमुख शब्दों का प्रयोग करें।

 

Question 6. नगरीय अधिवासों की विशेषताएँ लिखिए।
Answer: नगरीय अधिवासों में निम्नलिखित विशेषताएँ देखने को मिलती हैं –
1. उच्च जनसंख्या घनत्व का स्वरूप: शहरी इलाकों में प्रति वर्ग किलोमीटर ज़्यादा लोग रहते हैं।
2. त्वरित गतिशीलता: लोगों का आवागमन और जीवनशैली बहुत तेज़ होती है।
3. पक्की सड़कें एवं पक्के मकानों का स्वरूप: शहरों में सड़कें और मकान आमतौर पर पक्के और टिकाऊ होते हैं।
4. रोजगार की उपलब्धता या रोजगार के साधनों की प्रधानता: शहरों में काम के अधिक अवसर होते हैं और लोग ज़्यादातर गैर-कृषि व्यवसायों में लगे होते हैं।
5. यातायात के व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक साधनों का अधिक मिलना: निजी वाहन और सार्वजनिक परिवहन (जैसे बस, ट्रेन) आसानी से उपलब्ध होते हैं।
6. उच्च शिक्षा एवं गहन चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता: यहाँ बेहतर स्कूल, कॉलेज और अस्पताल मौजूद होते हैं।
7. 50 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या का गैर प्राथमिक कार्यों में संलग्न होना: ज़्यादातर लोग कृषि के अलावा अन्य उद्योगों, सेवाओं आदि में काम करते हैं।
8. जटिल श्रम विभाजन की प्रक्रिया का मिलना: काम को कई छोटे और विशिष्ट हिस्सों में बांटा जाता है, जिसमें हर व्यक्ति एक खास काम करता है।
9. सामाजिक प्रगाढ़ता का अभाव एवं व्यक्तिवादिता का मिलना: शहरों में लोग व्यक्तिगत स्वतंत्रता को ज़्यादा महत्व देते हैं और सामाजिक मेल-जोल ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में कम होता है।
10. तीव्र सामाजिक एवं आर्थिक अन्तर एवं वर्ग विभाजन का पाया जाना: अमीर और गरीब के बीच बड़ा आर्थिक और सामाजिक अंतर होता है, जिससे समाज में अलग-अलग वर्ग दिखते हैं।
In simple words: शहरी बस्तियों में ज़्यादा जनसंख्या, तेज़ जीवन, पक्के घर, ज़्यादा काम, अच्छे परिवहन, शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधाएँ, गैर-कृषि काम, जटिल श्रम, कम सामाजिकता और वर्ग भेद मुख्य विशेषताएं हैं।

🎯 Exam Tip: नगरीय अधिवासों की विशेषताओं को हमेशा सामाजिक, आर्थिक, भौतिक और प्रशासनिक पहलुओं में बांटकर याद करें, क्योंकि यह एक विस्तृत उत्तर है।

 

Question 7. जनसंख्या के आकार के आधार पर विश्व में नगरों के निर्धारण को स्पष्ट कीजिए।
अथवा विश्व में नगरों के निर्धारण हेतु जनसंख्या का आकार भिन्न-भिन्न होता है, कैसे?

Answer: विश्व में नगरों को परिभाषित करने के लिए जनसंख्या के आकार की सीमा अलग-अलग मानी गई है। विभिन्न देशों में नगरीय क्षेत्र की श्रेणी में आने के लिए जनसंख्या की न्यूनतम सीमाएँ अलग-अलग हैं:
- डेनमार्क, स्वीडन और फिनलैंड: 250 व्यक्ति
- आइसलैंड: 300 व्यक्ति
- कनाडा और वेनेजुएला: 1000 व्यक्ति
- कोलंबिया: 1500 व्यक्ति
- पुर्तगाल और अर्जेंटीना: 2000 व्यक्ति
- संयुक्त राज्य अमेरिका और थाईलैंड: 2500 व्यक्ति
- जापान: 3000 व्यक्ति
- भारत: 5000 व्यक्ति
भारत में 5000 जनसंख्या के अतिरिक्त, जनसंख्या घनत्व भी 400 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर होना चाहिए, और प्राथमिक व्यवसाय में लगे लोगों की संख्या को भी देखा जाता है। इससे पता चलता है कि नगर की परिभाषा हर जगह एक जैसी नहीं होती।
In simple words: दुनिया भर में शहरों की पहचान के लिए जनसंख्या का आकार अलग-अलग है, जैसे डेनमार्क में 250 लोग तो भारत में 5000 लोग और साथ में घनत्व व काम के आधार पर भी तय होता है।

🎯 Exam Tip: विभिन्न देशों में नगरों के निर्धारण के लिए जनसंख्या के अलग-अलग मानकों को उदाहरण सहित याद रखें।

 

Question 8. जनसंख्या का बढ़ता आकार पर्यावरण प्रदूषण व अनेक बीमारियों को उत्पन्न कर रहा है, कैसे? स्पष्ट कीजिए।
Answer: किसी क्षेत्र में बढ़ती जनसंख्या के कारण पर्यावरण प्रदूषण की स्थिति लगातार बिगड़ती है। जनसंख्या बढ़ने से शहरों का विकास (नगरीयकरण) भी तेज़ी से बढ़ा है। इस नगरीयकरण ने उद्योगों को बढ़ावा दिया है, जिनसे चिमनियों से काला धुआँ निकलता है। साथ ही, सड़कों पर बढ़ते वाहनों से निकलने वाला धुआँ वायुमंडल को प्रदूषित कर रहा है। यह प्रदूषण हवा, पानी और मिट्टी को खराब करता है, जिससे लोगों में हृदय, श्वसन, नाड़ी तंत्र, मानसिक स्वास्थ्य और त्वचा संबंधी कई बीमारियाँ बढ़ती हैं।
In simple words: बढ़ती जनसंख्या और नगरीयकरण से उद्योगों व वाहनों का प्रदूषण बढ़ता है, जिससे हवा-पानी खराब होता है और लोगों को कई तरह की बीमारियाँ होती हैं।

🎯 Exam Tip: जनसंख्या वृद्धि को पर्यावरण प्रदूषण और बीमारियों से जोड़ते हुए, औद्योगिकरण और शहरीकरण के प्रभावों पर ध्यान दें।

RBSE Class 12 Geography Chapter 6 लघूत्तरात्मक प्रश्न (SA-II)

 

Question 9. नगरीय कच्ची (गंदी) बस्तियों के विशिष्ट लक्षण लिखिए।
अथवा आप किसी नगरीय क्षेत्र में कच्ची बस्तियों का पता किन लक्षणों के आधार पर लगा सकते हैं?

Answer: नगरीय कच्ची बस्तियों का पता निम्नलिखित लक्षणों के आधार पर लगाया जा सकता है –
1. इन बस्तियों में कच्ची और अस्थायी झोपड़-पट्टियाँ ज़्यादा पाई जाती हैं, जो ठीक से नहीं बनी होतीं।
2. इन बस्तियों में सड़कों के नाम पर 2 से 4 फीट चौड़ी, घुमावदार और उबड़-खाबड़ गलियाँ होती हैं, जहाँ चलना मुश्किल होता है।
3. इन बस्तियों में पुराने और टूटे-फूटे घर मिलते हैं, और यहाँ ताज़ी हवा, रोशनी, पीने का पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएँ बहुत कम या न के बराबर होती हैं।
4. यहाँ बहुत ज़्यादा भीड़-भाड़ होती है, और लोग कम वेतन वाले तथा जोखिम भरे कामों में लगे होते हैं।
5. गरीबी के कारण इन बस्तियों में शराब, अपराध, गुंडागर्दी और नशीली दवाओं का सेवन जैसी समस्याएँ ज़्यादा देखने को मिलती हैं।
In simple words: कच्ची बस्तियों में अस्थायी झोपड़ियाँ, सँकरी-उबड़-खाबड़ गलियाँ, खराब घर, बुनियादी सुविधाओं की कमी, भीड़-भाड़, कम वेतन वाले काम और अपराध जैसी समस्याएँ होती हैं।

🎯 Exam Tip: कच्ची बस्तियों की समस्याओं को सामाजिक, आर्थिक और भौतिक (बुनियादी सुविधाएँ) पहलुओं में वर्गीकृत करके याद करें।

 

Question 1. मानव अधिवासों की उत्पत्ति प्रक्रिया को स्पष्ट कीजिए।
अथवा मानव अधिवासों का उत्पन्न होना एक प्रक्रिया का प्रतिफल है, कैसे?

Answer: मानव अधिवासों की उत्पत्ति एक लंबी विकास प्रक्रिया का परिणाम है। शुरुआत में मानव खानाबदोश था, जो भोजन इकट्ठा करने और शिकार करने के लिए घूमता रहता था। जब उसने पशुपालन और कृषि करना शुरू किया, तो उसे अपने पशुओं और अनाज की सुरक्षा के लिए स्थायी घरों की ज़रूरत महसूस हुई। प्राचीन काल में, बस्तियाँ पशुपालकों और किसानों पर आधारित थीं। जैसे-जैसे जनसंख्या बढ़ी और संघर्ष की स्थिति पैदा हुई, सुरक्षा के लिए घरों की संख्या भी बढ़ने लगी। लोग अलग-अलग जगहों पर घर बनाकर रहने लगे। धीरे-धीरे, उत्पादन बढ़ने के साथ व्यापार और परिवहन का विकास हुआ। तकनीकी उन्नति और जनसंख्या वृद्धि ने गाँवों की संख्या को बढ़ाया। पुराने गाँवों के आकार बढ़ने से शहरों का विकास शुरू हुआ। आज से लगभग 5000 साल पहले मिस्र, सिंधु और दजला-फरात की घाटियों में बड़े शहर विकसित हुए, और इस प्रकार मानव अधिवासों का अस्तित्व सामने आया।
In simple words: मानव अधिवास पहले शिकार-संग्रह से कृषि-पशुपालन तक के सफर में बने। सुरक्षा, व्यापार और जनसंख्या बढ़ने से गाँव और फिर शहर विकसित हुए, जो 5000 साल पहले शुरू हुआ था।

🎯 Exam Tip: मानव अधिवासों की उत्पत्ति को ऐतिहासिक क्रम में याद रखें: खानाबदोश जीवन से कृषि, फिर गाँव और अंत में शहरों का विकास।

 

Question 2. निवास के आधार पर अधिवासों की उत्पत्ति को स्पष्ट कीजिए।
Answer: निवास के आधार पर मानव अधिवासों को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा गया है: अस्थायी अधिवास और स्थायी अधिवास।
1. अस्थायी अधिवास: ये ऐसे घर होते हैं जो ज़रूरत या मौसम के अनुसार बदलते रहते हैं। ये शिकार, मौसम की अनुकूलता, पशुओं को चराने या सुरक्षा जैसे उद्देश्यों के लिए बनाए जाते हैं। दुनिया भर की कई जनजातियाँ ऐसे ही घर बनाती हैं। उदाहरण के लिए, मध्य एशिया के स्टेपी मैदान में खिरगीज़ जनजाति चारे की उपलब्धता के लिए अस्थायी घर बनाती है। एस्किमो, बद्दू, रेड इंडियन और बुशमैन भी अस्थायी आवासों में रहते हैं, जैसे एस्किमो बर्फ के इग्लू बनाते हैं।
2. स्थायी अधिवास: स्थायी अधिवास मानव विकास के क्रम का हिस्सा हैं। जब से मानव समुदाय एक जगह बसने लगा, तभी से स्थायी घरों का विकास हुआ। ये मानव सभ्यता और संस्कृति के प्रतीक हैं। स्थायी घर मजबूत होते हैं और लंबे समय तक चलते हैं, जो सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और धार्मिक ज़रूरतों को पूरा करते हैं।
In simple words: निवास के आधार पर बस्तियां दो तरह की होती हैं - अस्थायी (जो मौसम या ज़रूरत के हिसाब से बदलें, जैसे इग्लू) और स्थायी (जो हमेशा के लिए बनें, जैसे आधुनिक घर)।

🎯 Exam Tip: अस्थायी और स्थायी अधिवासों को उनकी विशेषताओं, उद्देश्यों और उदाहरणों के साथ स्पष्ट करें।

 

Question 3. प्रकीर्ण अधिवासों के वितरण प्रारूप को स्पष्ट कीजिए।
Answer: प्रकीर्ण अधिवासों का वितरण कई भौगोलिक क्षेत्रों में पाया जाता है। उत्तरी अमेरिका में संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा के प्रेयरी क्षेत्र, एशिया के स्टेपी मैदान, भारत में गंगा के खादर क्षेत्र, हिमालय के पहाड़ी और तराई क्षेत्र, भाबर क्षेत्र में ऐसे अधिवास मिलते हैं। इसके अलावा, मध्य और दक्षिण अमेरिका के अर्जेंटीना के पम्पाज़ प्रदेश, ऑस्ट्रेलिया के डाउन्स और दक्षिणी अफ्रीका के वेल्ड्स प्रदेश में भी ये अधिवास दिखते हैं। भारत में, दक्षिणी राजस्थान के उदयपुर, राजसमंद, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा जैसे ज़िलों में, और मरुस्थलीय प्रदेशों में प्रकीर्ण अधिवास मुख्य रूप से पाए जाते हैं।
In simple words: प्रकीर्ण अधिवास उत्तरी अमेरिका, एशिया के स्टेपी मैदान, भारत के गंगा क्षेत्र, हिमालय और दक्षिणी राजस्थान जैसे कई क्षेत्रों में पाए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रकीर्ण अधिवासों के वितरण को याद करते समय विभिन्न महाद्वीपों और भारत के प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों के उदाहरणों को शामिल करें।

 

Question 4. कच्ची बस्तियों की समस्याओं का वर्णन कीजिए।
Answer: कच्ची बस्तियों में निम्नलिखित समस्याएँ आमतौर पर देखने को मिलती हैं –
1. अस्वास्थ्यपूर्ण पर्यावरण: इन बस्तियों में घरों का निर्माण बहुत खराब और अस्वास्थ्यकर वातावरण में होता है।
2. सड़कों का अभाव: यहाँ अच्छी सड़कों की कमी होती है, और गलियाँ सँकरी व गंदी होती हैं।
3. पेयजल सुविधा, प्रकाश व शुद्ध वायु की कमी: पीने के साफ पानी, पर्याप्त रोशनी और ताज़ी हवा जैसी बुनियादी सुविधाएँ नहीं होतीं।
4. अत्यधिक भीड़-भाड़ से संक्रमण का बढ़ता खतरा: ज़्यादा भीड़ के कारण बीमारियाँ और संक्रमण तेज़ी से फैलते हैं।
5. कच्चे मकान होने से आग लग जाने का खतरा उत्पन्न होना: ज़्यादातर घर कच्चे होने के कारण आग लगने का डर ज़्यादा रहता है।
6. शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव: पर्याप्त शौचालयों की कमी एक बड़ी समस्या है, जिससे स्वच्छता प्रभावित होती है।
7. स्वास्थ्य सेवाओं की कमी: इन बस्तियों में चिकित्सा सुविधाएँ न के बराबर होती हैं, जिससे लोग बीमारियों से जूझते हैं।
8. कम मजदूरी में जोखिम भरा काम और असुरक्षित जीवन: यहाँ के लोग अक्सर कम पैसे में खतरनाक काम करते हैं, जिससे उनका जीवन असुरक्षित रहता है।
In simple words: कच्ची बस्तियों में खराब वातावरण, सड़कों-पानी-बिजली की कमी, भीड़-भाड़, आग का खतरा, कम शौचालय, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और असुरक्षित जीवन जैसी समस्याएँ होती हैं।

🎯 Exam Tip: कच्ची बस्तियों की समस्याओं को सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय श्रेणियों में बांटकर याद करें, जिससे उत्तर व्यवस्थित दिखेगा।

 

Question 5. धारावी बस्ती के भौगोलिक परिदृश्य को स्पष्ट कीजिए।
Answer: धारावी बस्ती एशिया की सबसे बड़ी कच्ची बस्ती है, जो भारत के मुंबई महानगर में स्थित है। इस बस्ती की शुरुआत लगभग 70 साल पहले गुजरात के कुम्हारों ने की थी, जिन्होंने यहाँ आकर अस्थायी घर बनाए। यह बस्ती मुंबई शहर में, जुहू से लगभग 12 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में, उपनगरीय रेलमार्गों के बीच स्थित है। इसका कुल क्षेत्रफल 557 एकड़ है और यह कई छोटी बस्तियों का एक सामूहिक क्षेत्र है। इस बस्ती में लगभग 6 लाख लोग निवास करते हैं। यहाँ जनसंख्या की तुलना में घरों की कमी है, और अक्सर एक घर के एक ही कमरे में 10 से 15 व्यक्ति रहते हैं।
In simple words: धारावी एशिया की सबसे बड़ी कच्ची बस्ती है, जो मुंबई में स्थित है। यह 70 साल पहले गुजरात के कुम्हारों ने बसाई थी, जहाँ 6 लाख लोग छोटे घरों में भीड़-भाड़ में रहते हैं।

🎯 Exam Tip: धारावी बस्ती के भौगोलिक परिदृश्य का वर्णन करते समय उसके स्थान, आकार, जनसंख्या और घरों की स्थिति जैसे प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान दें।

RBSE Class 12 Geography Chapter 6 निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. ग्रामीण अधिवासों की समस्याओं का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।
Answer: ग्रामीण अधिवासों में निम्नलिखित समस्याएँ मुख्य रूप से मिलती हैं –
1. आवागमन के साधनों की कमी: ग्रामीण बस्तियों तक पहुँचने के लिए अक्सर सार्वजनिक परिवहन के साधनों का अभाव होता है। निजी साधन ही उपलब्ध होते हैं, जिससे साधनहीन लोगों के लिए आवागमन एक बड़ी समस्या बन जाती है।
2. स्वच्छ पेयजल का अभाव: वर्तमान में पीने के पानी की समस्या ग्रामीण बस्तियों में एक गंभीर रूप ले चुकी है। इस वजह से यहाँ के निवासी कई बीमारियों के शिकार हो रहे हैं, क्योंकि उन्हें दूषित पानी पीना पड़ता है।
3. स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव: यहाँ के निवासियों को छोटी-छोटी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पास के शहरों या कस्बों में जाना पड़ता है। समय पर उचित उपचार न मिलने के कारण कई बार मरीजों की मृत्यु भी हो जाती है।
4. विद्युत आपूर्ति का अभाव या कमी: ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति या तो कम होती है या बिल्कुल नहीं होती, जिससे लोगों का जीवन प्रभावित होता है।
5. रोजगार के अवसरों की कमी: गाँवों में रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं होते, जिससे युवा शहरों की ओर पलायन करते हैं।
6. सूचना व तकनीकी सुविधाओं का अभाव: इन समस्याओं के कारण ग्रामीण बस्तियाँ सूचना तकनीक और इंटरनेट से नहीं जुड़ पातीं, जिससे छोटे-मोटे कामों के लिए भी पास के कस्बों या शहरों में जाना पड़ता है। इससे धन और समय दोनों का दुरुपयोग होता है।
7. उच्च शिक्षा व तकनीकी संस्थानों की कमी: उच्च और तकनीकी शिक्षा उपलब्ध न होने से ज़्यादातर युवा-युवतियों को प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा के बाद अपनी पढ़ाई बंद करनी पड़ जाती है, जिससे उनके विकास के अवसर सीमित हो जाते हैं।
In simple words: ग्रामीण बस्तियों में आवागमन, स्वच्छ पानी, स्वास्थ्य सेवाएँ, बिजली और रोजगार की कमी होती है। साथ ही, सूचना तकनीक, उच्च शिक्षा और तकनीकी संस्थानों की भी कमी होती है, जिससे लोगों का जीवन मुश्किल होता है।

🎯 Exam Tip: ग्रामीण अधिवासों की समस्याओं का वर्णन करते समय, उन्हें बुनियादी सुविधाएँ, आर्थिक अवसर और सामाजिक विकास के संदर्भ में विस्तार से समझाएँ।

 

Question 2. नगरीय बस्तियों का वर्गीकरण किन आधारों पर किया जाता है? स्पष्ट कीजिए।
अथवा नगरीय बस्तियों के वर्गीकरण के आधारों का विस्तृत वर्णन कीजिए।

Answer: नगरीय बस्तियों के वर्गीकरण के लिए मुख्य रूप से जनसंख्या का आकार, लोगों के व्यवसाय की संरचना, प्रशासनिक व्यवस्था और अन्य आवश्यक दशाओं को आधार माना जाता है। इन सभी कारकों का संक्षिप्त विवरण नीचे दिया गया है –
1. जनसंख्या का आकार: विश्व के नगरीय क्षेत्रों को परिभाषित करने के लिए जनसंख्या के आकार को मुख्य आधार माना जाता है। हालाँकि, दुनिया भर में नगरों के निर्धारण के लिए जनसंख्या का न्यूनतम आकार अलग-अलग है। उदाहरण के लिए, डेनमार्क, स्वीडन और फिनलैंड में 250, आइसलैंड में 300, कनाडा और वेनेजुएला में 1000, कोलंबिया में 1500, पुर्तगाल और अर्जेंटीना में 2000, संयुक्त राज्य अमेरिका और थाईलैंड में 2500, जापान में 3000 और भारत में 5000 व्यक्तियों की न्यूनतम संख्या मानी जाती है।
2. व्यावसायिक संरचना: नगरीय बस्तियों के लिए जनसंख्या के आकार के अलावा, व्यावसायिक कार्यों को भी आधार माना जाता है। जैसे, इटली जैसे कुछ देशों में 50% से अधिक जनसंख्या का गैर-कृषि कार्यों में लगा होना ज़रूरी है। भारत में यह मापदंड 75% है, जहाँ प्रमुख आर्थिक गतिविधियों को भी नगरीय बस्तियों के लिए मापदंड माना गया है।
3. प्रशासनिक ढाँचा: कुछ स्थितियों में, किसी बस्ती को नगरीय बस्ती में शामिल करने के लिए प्रशासनिक संरचना को ही मापदंड माना जाता है। जैसे, भारत में किसी स्थान को नगर घोषित करने के लिए स्थानीय प्रशासन (जैसे नगर पालिका, नगर निगम) का होना भी एक महत्वपूर्ण शर्त है।
In simple words: शहरी बस्तियों को जनसंख्या, काम के तरीके और प्रशासनिक व्यवस्था जैसे आधारों पर बांटा जाता है, और हर देश में इसके नियम अलग-अलग होते हैं।

🎯 Exam Tip: नगरीय बस्तियों के वर्गीकरण के आधारों को स्पष्ट करते समय, प्रत्येक आधार के लिए विभिन्न देशों के उदाहरणों को शामिल करना प्रभावी होता है।

 

Question 3. नगरीय अधिवासों की समस्याओं का विस्तृत वर्णन कीजिए।
Answer: नगरीय बस्तियों में निम्नलिखित समस्याएँ देखने को मिलती हैं –
1. अत्यधिक जनसंख्या घनत्व व नगरों के बढ़ते आकार की समस्या: कृषि में मशीनीकरण, शिक्षा के विकास और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती जनसंख्या के कारण रोजगार की कमी हुई है, जिससे युवा शक्ति रोजगार की तलाश में शहरों की ओर पलायन कर रही है। इससे शहरों का आकार और जनसंख्या घनत्व तेज़ी से बढ़ रहा है। शहरी ज़मीन की कीमतें बढ़ने से लोगों को छोटे घरों में रहना पड़ रहा है। यातायात का दबाव बढ़ने से सुबह-शाम आवागमन बाधित होता है और दुर्घटनाएँ बढ़ रही हैं।
2. गंदी बस्तियों के प्रादुर्भाव की समस्या: शहरों में जनसंख्या और घनत्व बढ़ने से घरों की कमी हो गई है, जिससे गंदी बस्तियाँ पनपने लगी हैं। औद्योगिक और व्यापारिक महानगरों में तो एक छोटे से कमरे में पूरा परिवार रहता है। महानगरों में धीरे-धीरे गंदी बस्तियों का आकार लगातार बढ़ रहा है।
3. पर्यावरण प्रदूषण की समस्या: शहरीकरण के कारण शहरों में कई तरह के पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहे हैं। उद्योगों की चिमनियों से निकलने वाला काला जहरीला धुआँ और बढ़ते वाहनों से निकलने वाला धुआँ वायुमंडल को प्रदूषित करता है, जो मानव और पशुओं के साथ वनस्पतियों पर भी बुरा असर डालता है। प्रदूषित हवा से हृदय, श्वसन, नाड़ी तंत्र, मानसिक स्वास्थ्य और त्वचा संबंधी रोग बढ़ते हैं।
4. उपभोक्ता वस्तुओं के उच्च मूल्य की समस्या: शहरों में जीवन-यापन की लागत अधिक होने के कारण उपभोक्ता वस्तुओं के दाम बहुत ऊँचे होते हैं, जिससे कम आय वाले लोगों को मुश्किल होती है।
5. खाद्य पदार्थों में मिलावट की समस्या: शहरों में व्यापारी अधिक लाभ कमाने के लिए खाद्य पदार्थों में मिलावट करते हैं। मिलावटी भोजन सामग्री नागरिकों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती है और उन्हें कई बीमारियों का सामना करना पड़ता है।
6. अपराधों के बढ़ते स्तर की समस्या: ग्रामीण क्षेत्रों से रोजगार की तलाश में शहरों में आने वाली जनसंख्या में पुरुषों की संख्या अधिक होती है, जिससे लिंगानुपात बिगड़ जाता है। इसके परिणामस्वरूप अपहरण, दुष्कर्म, हत्या जैसी घटनाएँ बढ़ जाती हैं। पर्याप्त मजदूरी न मिलने या जल्दी अमीर बनने के लालच में युवा समाजकंटकों के चक्कर में फंसकर अपराध करने लगते हैं, जिससे अपराधों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
7. सामाजिक-आर्थिक विषमता एवं सामाजिक असहयोग की समस्या: शहरों में मकानों और संसाधनों की उपलब्धता में अंतर होने से सामाजिक-आर्थिक विषमता साफ दिखती है। व्यक्तिगत स्वार्थ से प्रेरित होने के कारण सामाजिक सहयोग का अभाव पाया जाता है। महानगरों में एक तरफ गगनचुंबी, विशाल वातानुकूलित इमारतें दिखती हैं, तो दूसरी तरफ फुटपाथ पर खुले आसमान के नीचे जीवन का संघर्ष दिखाई देता है।
8. स्वास्थ्य व चिकित्सा सुविधाओं की कमी की समस्या: शहरों में जनसंख्या वृद्धि के कारण प्रदूषण बढ़ने से नागरिक बीमार हो जाते हैं। जनसंख्या के अनुपात में चिकित्सा और अस्पतालों की कमी होती है। निजी चिकित्सा सुविधा आम जनता की पहुँच से बाहर हो जाती है, जिससे लोगों को समय पर पूरी चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती।
In simple words: शहरी बस्तियों में भीड़-भाड़, गंदी बस्तियाँ, प्रदूषण, ऊँची कीमतें, खाने में मिलावट, अपराध, सामाजिक असमानता और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी जैसी बड़ी समस्याएँ होती हैं।

🎯 Exam Tip: नगरीय अधिवासों की समस्याओं का वर्णन करते समय, प्रत्येक समस्या को उसके कारणों और प्रभावों के साथ स्पष्ट करें।

 

Question 4. कच्ची बस्तियों के समाधान हेतु क्या-क्या कदम उठाये जाने चाहिए।
अथवा गंदी बस्तियों की समस्याओं के समाधान हेतु कौन-से उपाय अपनाने चाहिए?

Answer: कच्ची बस्तियों की समस्याओं के समाधान हेतु निम्नलिखित कदम उठाये जाने चाहिए –
सरकार द्वारा न्यूनतम दर पर आवास उपलब्ध कराना: कच्ची बस्तियों की जगह पर ही बहुमंजिले आवासों में ऐसे लोगों को बसाने से ताज़ी हवा, रोशनी और शौचालय की सुविधाएँ अपने आप पूरी हो जाएँगी। इससे स्वास्थ्यपूर्ण वातावरण में जीवन जीने से उम्मीद भी बढ़ जाएगी। कोटा और अहमदाबाद की तर्ज पर कच्ची बस्तियों के लोगों को न्यूनतम दर पर आसान किश्तों में परिवार के आकार के अनुसार आवास उपलब्ध कराये जाने चाहिए।
1. नल या टैंकरों द्वारा स्वच्छ पीने के पानी की आपूर्ति न्यूनतम दर पर या बिलकुल मुफ्त की जानी चाहिए।
2. स्वास्थ्य सुविधाएँ: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और मोबाइल डिस्पेंसरी लगाकर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि लोगों को बीमारियों से बचाया जा सके।
3. बच्चों की शिक्षा हेतु समुचित व्यवस्था करनी चाहिए: कच्ची बस्तियों में रहने वाले बच्चों के लिए स्कूलों और कॉलेजों में उचित शिक्षा की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि वे बेहतर भविष्य बना सकें।
4. रोजगार के अवसर: लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने चाहिए और न्यूनतम मजदूरी निर्धारित कर रोजगार उपलब्ध कराना चाहिए।
In simple words: कच्ची बस्तियों की समस्याओं के लिए सरकार को सस्ते घर, साफ पानी, स्वास्थ्य सुविधाएँ, बच्चों की शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए।

🎯 Exam Tip: कच्ची बस्तियों के समाधान के उपायों को बुनियादी सुविधाएँ, आवास, शिक्षा और रोजगार के संदर्भ में वर्गीकृत करें।

 

प्रश्न 5. धारावी बस्ती के सामाजिक, सांस्कृतिक व आर्थिक परिदृश्य को स्पष्ट कीजिए।
Answer:
1. सामाजिक परिदृश्य: धारावी बस्ती मुंबई की सबसे बड़ी कच्ची बस्ती है, जहाँ लगभग 6 लाख लोग रहते हैं। अक्सर, एक ही कमरे में 10 से 15 लोग रहते हैं। यहाँ घर आमतौर पर अस्थायी और दो से तीन मंजिला होते हैं, जिनमें जंग लगी लोहे की सीढ़ियाँ होती हैं। बस्ती से केवल एक मुख्य सड़क, जिसे नाइन्टीफुट रोड कहते हैं, गुजरती है। यहाँ परिवहन की बसें या ऑटो रिक्शा अंदर नहीं आ पाते, क्योंकि गलियाँ बहुत संकरी हैं।
2. सांस्कृतिक परिदृश्य: इस बस्ती में स्वच्छ पानी, हवा और रोशनी की सही व्यवस्था नहीं है। गंदे पानी की निकासी का कोई सिस्टम भी नहीं है। यहाँ बुनियादी सुविधाओं की कमी है। बस्ती में हर जगह काले कौवे और लंबे भूरे चूहे बहुत ज्यादा दिखते हैं। यहाँ मछुआरे समुदाय के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं।
3. आर्थिक परिदृश्य: इस बस्ती में मिट्टी के उत्पाद बनाने और ईंट भट्टे का काम होता है। प्लास्टिक का पुनर्चक्रण भी बहुत बड़े पैमाने पर होता है, जिसमें सौंदर्य उत्पादों से लेकर कंप्यूटर के बोर्ड तक सब कुछ रीसाइकल किया जाता है। मुंबई के 80% कचरे का पुनर्चक्रण धारावी में ही होता है, जिससे काला और जहरीला धुआँ फैलता है। संकरी और गंदी गलियों वाली इस बस्ती में मछुआरों की संख्या ज्यादा है, जो मछली पकड़ने का काम करते हैं। धारावी में मिट्टी के बर्तन, सिरेमिक शिल्प, कढ़ाई, जरी का काम, चमड़े का काम, धातु का काम, बेहतरीन गहने, फर्नीचर और ऊंचे फैशन के कपड़े बनाने जैसे कई स्वरोजगार के काम होते हैं। यह एक बड़ा पर्यटन केंद्र और फिल्मों के नए कलाकारों का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र है। 85% से अधिक लोग खुद रोजगार पाते हैं। यहाँ बनी चीजें मुंबई के साथ-साथ अरब देशों, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय देशों में भी निर्यात होती हैं।
In simple words: धारावी मुंबई की एक बड़ी बस्ती है जहाँ लगभग 6 लाख लोग रहते हैं, अक्सर एक कमरे में कई लोग। यहाँ अस्थायी घर हैं और संकरी गलियों के कारण परिवहन सुविधा कम है। स्वच्छ पानी और हवा जैसी बुनियादी सुविधाएं भी कम हैं। आर्थिक रूप से, यहाँ मिट्टी के बर्तन, शिल्प, रीसाइक्लिंग और अन्य स्वरोजगार के काम होते हैं, और यहाँ से बने उत्पाद निर्यात भी किए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: जब किसी बस्ती के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक पहलुओं का वर्णन करने को कहा जाए, तो प्रत्येक पहलू के लिए अलग-अलग बिंदु बनाकर विस्तार से लिखें। जनसंख्या, आवास, सुविधाएं, और रोजगार के अवसर जैसे महत्वपूर्ण विवरण शामिल करें।

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