RBSE Solutions Class 12 Economics Chapter 6 उत्पादन फलन

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Detailed Chapter 6 उत्पादन फलन RBSE Solutions for Class 12 Economics

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Class 12 Economics Chapter 6 उत्पादन फलन RBSE Solutions PDF

RBSE Class 12 Economics Chapter 6 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. उत्पादन फलन कौन-से दो चरों के मध्य सम्बन्ध बताता है?
(अ) पड़ता और निर्गत में
(ब) माँग और कीमत में
(स) पूर्ति और कीमत में
(द) उपभोग और आय में
Answer: (अ) पड़ता और निर्गत में
In simple words: उत्पादन फलन हमें बताता है कि उत्पादन के लिए जो चीजें हम लगाते हैं (पड़ता), उनसे कितनी चीजें बनती हैं (निर्गत). यह इन दोनों के बीच का रिश्ता दिखाता है.

Question 2. उत्पादन फलन साधनों व उत्पाद के कौन-से सम्बन्ध को व्यक्त करता है?
(अ) मात्रात्मक
(ब) गुणात्मक
Answer: (अ) मात्रात्मक
In simple words: उत्पादन फलन यह बताता है कि कितनी मात्रा में साधन लगाने पर कितनी मात्रा में उत्पाद मिलेगा. यह गिनती या माप के हिसाब से रिश्ता दिखाता है, गुणों के हिसाब से नहीं.

 

Question 3. उत्पादन फलन किस समयावधि से सम्बन्धित होता है?
(अ) अल्पकालीन
(ब) दीर्घकालीन
(स) मध्यकालीन
(द) दोनों (अ) और (ब)
Answer: (द) दोनों (अ) और (ब)
In simple words: उत्पादन फलन कम समय (अल्पकालीन) और लंबे समय (दीर्घकालीन) दोनों तरह की अवधियों से जुड़ा होता है.

 

Question 4. घटता हुआ सीमान्त उत्पादन नियम, शब्द का प्रयोग किसने नहीं किया है?
(अ) श्रीमती जॉन रोबिन्सन
(ब) मार्शल
(स) स्टिगलर
(द) ई.एच. चैम्बरेलीन
Answer: (द) ई.एच. चैम्बरेलीन
In simple words: अर्थशास्त्री ई.एच. चैम्बरेलीन ने घटते हुए सीमान्त उत्पादन नियम का शब्द प्रयोग नहीं किया है.

 

Question 5. उत्पादन फलन उ = फ (श्र, पूँ, भू, त, सा) में सिरे रेखा का अर्थ है।
(अ) सिरे रेखा के नीचे साधन परिवर्तनशील हैं
(ब) सिरे रेखा के नीचे साधन स्थिर हैं।
(स) सिरे रेखा के नीचे साधन समरूप हैं।
(द) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Answer: (ब) सिरे रेखा के नीचे साधन स्थिर हैं।
In simple words: उत्पादन फलन के सूत्र में सिरे रेखा का मतलब है कि जिन साधनों पर यह रेखा खींची गई है, वे साधन स्थिर हैं, उनमें कोई बदलाव नहीं होता.

🎯 Exam Tip: वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में सही विकल्प का चुनाव करते समय सभी विकल्पों को ध्यान से पढ़ना महत्वपूर्ण है, क्योंकि कई बार दो विकल्प सही लग सकते हैं, लेकिन एक अधिक उपयुक्त होता है.

 

RBSE Class 12 Economics Chapter 6 अतिलघु उत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. फलन किसे कहते हैं?
Answer: फलन का मतलब दो चीजों (एक जो बदलती है और दूसरी जो उस पर निर्भर करती है) के बीच के मात्रात्मक संबंध से होता है. यह बताता है कि एक चीज में बदलाव होने पर दूसरी चीज कितनी बदलती है.
In simple words: फलन दो बदलती हुई चीजों के बीच संख्या का रिश्ता बताता है.

🎯 Exam Tip: फलन की परिभाषा देते समय 'मात्रात्मक सम्बन्ध' और 'दो चरों' जैसे मुख्य शब्दों का उपयोग करें.

 

Question 3. समय के आधार पर उत्पादन फलन कितने प्रकार के होते हैं?
Answer: समय के आधार पर उत्पादन फलन दो तरह के होते हैं:
1. अल्पकालीन उत्पादन फलन (जो थोड़े समय के लिए होता है)
2. दीर्घकालीन उत्पादन फलन (जो लंबे समय के लिए होता है)
In simple words: समय के हिसाब से उत्पादन फलन दो तरह के होते हैं: कम समय वाला और ज्यादा समय वाला.

🎯 Exam Tip: उत्पादन फलन के प्रकारों को सूचीबद्ध करते समय अल्पकालीन और दीर्घकालीन शब्दों का सही प्रयोग करें.

 

Question 4. 'पड़तों' का क्या अभिप्राय है?
Answer: पड़तों (Inputs) से मतलब उन साधनों से है, जिन्हें हम कोई चीज बनाने में लगाते हैं. जैसे, कोई सामान बनाने के लिए कच्चा माल, मजदूर, मशीनें वगैरह पड़तें होती हैं.
In simple words: 'पड़तें' वो चीजें हैं जो हम किसी सामान को बनाने में इस्तेमाल करते हैं.

🎯 Exam Tip: 'पड़तों' की परिभाषा देते समय 'उत्पादन के साधनों' जैसे मुख्य शब्द का प्रयोग करें और उदाहरण देना सहायक हो सकता है.

 

Question 5. पैमाने शब्द का क्या अभिप्राय है?
Answer: पैमाने (Scale) शब्द का मतलब किसी चीज को मापने की एक खास इकाई से होता है. जैसे, लंबाई को मीटर में, वजन को किलोग्राम में या जमीन को हेक्टेयर में मापना. यह एक मानक इकाई है.
In simple words: 'पैमाना' किसी चीज को मापने की एक तय इकाई होता है, जैसे मीटर या किलोग्राम.

🎯 Exam Tip: पैमाने की परिभाषा देते समय 'मापने की विशेष इकाई' पर जोर दें और कुछ सामान्य उदाहरण दें.

 

RBSE Class 12 Economics Chapter 6 लघु उत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. उत्पादन फलन की अवधारणा को संक्षेप में समझाइए।
Answer: उत्पादन फलन का मतलब है कि कोई भी सामान बनाने के लिए हमें कुछ साधन लगाने पड़ते हैं. यह फलन बताता है कि इन साधनों और उनसे बनने वाले सामान के बीच क्या भौतिक संबंध है. यह संबंध मात्रात्मक होता है, यानी हम इसे गिन या माप सकते हैं, गुणों के हिसाब से नहीं. यह एक खास समय के लिए उत्पादन की मात्रा और साधनों के बीच का रिश्ता दिखाता है.
In simple words: उत्पादन फलन बताता है कि उत्पादन के लिए लगाए गए साधनों से कितनी चीजें बनती हैं. यह एक संख्या वाला रिश्ता है.

🎯 Exam Tip: उत्पादन फलन को समझाते समय 'उत्पत्ति के साधनों पर निर्भरता', 'भौतिक सम्बन्ध', और 'मात्रात्मक' जैसे शब्दों का उपयोग करें.

 

Question 2. उत्पादन फलन की विशेषताओं को संक्षेप में समझाइये।
Answer: उत्पादन फलन की कुछ मुख्य बातें ये हैं:
1. यह एक इंजीनियरिंग का विचार है.
2. इसका कीमतों से कोई संबंध नहीं है, सिर्फ भौतिक मात्रा से है.
3. यह एक तय समय से जुड़ा होता है.
4. यह एक खास तकनीक पर आधारित होता है.
5. यह मानता है कि साधनों को एक दूसरे की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है.
6. यह समय के हिसाब से अल्पकालीन और दीर्घकालीन हो सकता है.
7. यह अर्थशास्त्र के स्थैतिक हिस्से का विषय है.
8. यह बताता है कि साधनों को बदलकर उत्पादन कैसे बदलता है.
In simple words: उत्पादन फलन इंजीनियरिंग जैसा है, कीमतों से जुड़ा नहीं है, समय और तकनीक से संबंधित है, साधनों को बदल सकते हैं, और यह अर्थशास्त्र के स्थैतिक हिस्से में आता है.

🎯 Exam Tip: विशेषताओं को बताते समय प्रत्येक बिंदु को स्पष्ट और संक्षिप्त रखें, मुख्य अवधारणाओं को उजागर करें.

 

Question 3. उत्पादन फलन की मान्यताओं को बताइए।
Answer: उत्पादन फलन की कुछ मुख्य बातें जिन पर यह आधारित है, वे इस प्रकार हैं:
1. बनाने की तकनीक में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए.
2. उत्पादन फलन एक तय समय के लिए ही सही होता है.
3. उत्पादन के साधन छोटे-छोटे हिस्सों में बांटे जा सकने चाहिए.
4. उत्पादन के साधनों की कीमतें वैसी ही रहनी चाहिए.
5. उत्पादन में सबसे अच्छी तकनीक का इस्तेमाल होना चाहिए.
6. कंपनी का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा उत्पादन करना होना चाहिए.
7. उत्पादन के साधन एक जैसे होने चाहिए.
8. उत्पादन में साधनों को एक हद तक एक दूसरे की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है.
In simple words: उत्पादन फलन के लिए तकनीक स्थिर होनी चाहिए, समय तय होना चाहिए, साधन बांटे जा सकें, कीमतें स्थिर रहें, अच्छी तकनीक हो, ज्यादा उत्पादन हो, साधन एक जैसे हों और उन्हें बदला जा सके.

🎯 Exam Tip: मान्यताओं को सूचीबद्ध करते समय सुनिश्चित करें कि आप 'कोई परिवर्तन नहीं', 'निश्चित समयावधि', 'स्थिर कीमतें' जैसे प्रमुख बिंदुओं को शामिल करें.

 

Question 4. घटता हुआ सीमान्त उत्पादन नियम या साधनों के परिवर्तनशील अनुपातों के प्रतिफल के नियम में से कौन-सा नाम आपके अनुसार सही है व क्यों? संक्षेप में समझाइए।
Answer: घटते हुए सीमान्त उत्पादन नियम को पहले एडम स्मिथ, मार्शल जैसे अर्थशास्त्री खेती से जोड़ते थे. उनका मानना था कि अगर खेती में सुधार न हो तो जमीन पर ज्यादा मजदूर और पैसा लगाने से कुल उत्पादन पहले के अनुपात में कम बढ़ता है.

हालांकि, आजकल के अर्थशास्त्री इस बात से सहमत नहीं हैं. उनके अनुसार, यह नियम उत्पादन के हर क्षेत्र में लागू होता है. जॉन रोबिन्सन और स्टिगलर जैसे अर्थशास्त्री इस विचार के समर्थक हैं.

आधुनिक अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यह नियम उत्पादन के हर क्षेत्र पर लागू होता है. शुरुआत में उत्पादन बढ़ता है, फिर बराबर रहता है और अंत में घटता है. इसीलिए वे इसे 'साधनों के परिवर्तनशील अनुपातों के प्रतिफल के नियम' के नाम से जानते हैं. यह नाम ज्यादा सही लगता है क्योंकि यह उत्पादन की तीनों अवस्थाओं को समझाता है.
In simple words: 'साधनों के परिवर्तनशील अनुपातों का नियम' ज्यादा सही नाम है क्योंकि यह बताता है कि उत्पादन पहले बढ़ता है, फिर स्थिर होता है और आखिर में घटता है, जो हर जगह होता है.

🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में दोनों नामों का उल्लेख करें, फिर तर्क के साथ बताएं कि 'साधनों के परिवर्तनशील अनुपातों का नियम' अधिक उपयुक्त क्यों है, और इसके पीछे के आधुनिक अर्थशास्त्रियों के विचारों को भी बताएं.

 

Question 5. पैमाने के प्रतिफल व परिव्यय/खर्चे के प्रतिफल में अन्तर को संक्षेप में समझाइए।
Answer: पैमाने के प्रतिफल का मतलब है कि जब उत्पादन के सभी साधनों को एक ही अनुपात में बदला जाता है, तो उत्पादन में क्या बदलाव आता है. यह लंबी अवधि से जुड़ा होता है.

परिव्यय/खर्चे के प्रतिफल का मतलब है कि जब उत्पादन के साधनों पर होने वाले खर्च में बदलाव किया जाता है, तो उत्पादन में क्या फर्क पड़ता है. यह भी साधनों और उनके खर्चों के बीच के रिश्ते को बताता है.
In simple words: पैमाने के प्रतिफल में सारे साधनों को एक साथ बदला जाता है, जबकि परिव्यय के प्रतिफल में साधनों के खर्चों में बदलाव देखा जाता है.

🎯 Exam Tip: पैमाने के प्रतिफल और परिव्यय के प्रतिफल में अंतर बताते समय 'सभी साधनों को एक अनुपात में बदलना' और 'साधनों पर होने वाले खर्च में परिवर्तन' जैसे प्रमुख बिंदुओं को स्पष्ट करें.

 

Question 1. उत्पादन फलन की अवधारणा का विस्तृत वर्णन कीजिए।
Answer: **उत्पादन फलन का अर्थ**
'फलन' शब्द गणित से आया है और इसका मतलब है दो चीजों के बीच का रिश्ता, जहाँ एक चीज दूसरी पर निर्भर करती है. जैसे, किसी सामान की मांग उसकी कीमत पर निर्भर करती है.

जब यह रिश्ता समझ आ जाता है, तो उत्पादन फलन को समझना आसान हो जाता है. जब हम कोई चीज बनाते हैं, तो हमें जमीन, मजदूर, पूंजी, संगठन और साहस जैसे कई साधन चाहिए होते हैं. उत्पादन फलन बताता है कि इन साधनों की मात्रा और उनसे बनने वाले सामान की मात्रा के बीच कैसा भौतिक रिश्ता है. यानी, कितने साधन लगाने पर कितना उत्पादन मिलेगा.

**उत्पादन फलन की प्रमुख परिभाषाएँ**
* **अल्फा सी. चियांग** के अनुसार, फलन 'चरों का एक विशेष क्रम है', जिसमें एक चर का मूल्य दूसरे चर के एक खास मूल्य से तय होता है.
* **हैण्डरसन व क्वाण्ट** का कहना है कि उत्पादन फलन एक इंजीनियरिंग का विचार है. यह उत्पादन के साधनों और उत्पादन के बीच के तकनीकी और मात्रात्मक रिश्ते को समझाता है.
* **डॉ. बलवन्त कन्दोई** के अनुसार, उत्पादन फलन दिखाता है कि जब मजदूर, पूंजी, जमीन, प्रबंधन और तकनीक जैसे साधन लगाए जाते हैं, तो कितना उत्पादन मिलता है. इसे गणितीय रूप से Y = f(Ld, L, K,O) लिख सकते हैं.
* **एन. ग्रेगॉरी मेन्कीव** के शब्दों में, उत्पादन फलन, उत्पादन के साधनों की मात्रा और उत्पादन की मात्रा के बीच का संबंध है.
* **प्रो. वाटसन** के अनुसार, उत्पादन फलन किसी कंपनी द्वारा लगाई गई भौतिक पड़तों (Input) और उससे मिली भौतिक उपज (Output) के बीच का संबंध है.

इन परिभाषाओं के आधार पर, आसान शब्दों में, उत्पादन फलन उत्पादन (Output) और उसे बनाने में लगने वाले साधनों (Input) के बीच के भौतिक रिश्ते को कहते हैं.
In simple words: उत्पादन फलन बताता है कि उत्पादन के लिए जो चीजें हम लगाते हैं (जैसे मजदूर, मशीन), उनसे कितना सामान बनता है. यह गणितीय रूप से दिखाया जाता है और यह सिर्फ संख्या के हिसाब से रिश्ता बताता है.

🎯 Exam Tip: उत्पादन फलन की विस्तृत व्याख्या करते समय 'फलन' शब्द का अर्थ, उत्पादन फलन का मुख्य अर्थ, और कम से कम दो अर्थशास्त्रियों की परिभाषाएं अवश्य शामिल करें.

 

Question 2. उत्पादन फलन की विशेषताओं को संक्षेप में समझाइये।
Answer: उत्पादन फलन की अवधारणा कुछ खास बातों पर आधारित है, जो इसकी मुख्य विशेषताएं हैं:

**उत्पादन फलन की मान्यताएँ:**
1. उत्पादन करने की तकनीक में कोई बदलाव नहीं होता.
2. उत्पादन फलन एक खास समय के लिए होता है.
3. अच्छी से अच्छी तकनीक का इस्तेमाल होता है.
4. उत्पादन के साधनों की कीमतें नहीं बदलतीं.
5. उत्पादन के साधन छोटे-छोटे हिस्सों में बांटे जा सकते हैं.
6. उत्पादन के साधन एक जैसे होते हैं.
7. उत्पादन के साधनों को एक हद तक एक दूसरे की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है.
8. कंपनी का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा फायदा कमाना होता है.

**उत्पादन फलन की प्रमुख विशेषताएँ:**
1. यह एक इंजीनियरिंग का विचार है.
2. इसकी कीमतों से कोई मतलब नहीं है; यह सिर्फ सामान की भौतिक मात्रा और साधनों से जुड़ा है.
3. इसका संबंध एक तय समय से होता है.
4. यह एक तय तकनीक पर आधारित होता है.
5. यह मानता है कि साधनों को एक दूसरे की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है.
6. यह समय के हिसाब से अल्पकालीन (कम समय) और दीर्घकालीन (लंबे समय) हो सकता है.
7. यह अर्थशास्त्र के स्थैतिक (Static) हिस्से का विषय है.
8. यह बताता है कि साधनों को बदलने से उत्पादन कैसे बदलता है.
In simple words: उत्पादन फलन में तकनीक स्थिर रहती है, कीमतें नहीं बदलतीं, साधन छोटे हो सकते हैं, यह एक खास समय और तकनीक से जुड़ा है, साधनों को बदल सकते हैं, और यह बताता है कि उत्पादन कैसे साधनों पर निर्भर करता है.

🎯 Exam Tip: विशेषताओं को बताते समय, मान्यताओं और प्रमुख विशेषताओं को अलग-अलग बिंदुओं में सूचीबद्ध करें ताकि उत्तर स्पष्ट और व्यवस्थित लगे.

 

Question 2. अल्पकालीन व दीर्घकालीन उत्पादन फलन में अन्तर करते हुए विस्तार से समझाइए।
Answer: समय के हिसाब से उत्पादन फलन दो तरह के होते हैं: अल्पकालीन और दीर्घकालीन उत्पादन फलन.

(i) **अल्पकालीन उत्पादन फलन:** यह कम समय की अवधि को बताता है. इसमें उत्पादन के सभी साधनों को तुरंत नहीं बदला जा सकता, क्योंकि समय कम होता है. इसमें सिर्फ कुछ साधनों को ही बदला जा सकता है (जैसे मजदूर), जबकि कुछ साधन (जैसे मशीन या जमीन) स्थिर रहते हैं. इस फलन में स्थिर और बदलने वाले साधनों का अनुपात बदलता रहता है.

(ii) **दीर्घकालीन उत्पादन फलन:** यह लंबे समय की अवधि को बताता है. इसमें उत्पादन के सभी साधनों को बदला जा सकता है, इसलिए कोई भी साधन स्थिर नहीं रहता. इसमें तकनीक में सुधार को शामिल नहीं किया जाता है. इस फलन को 'स्थिर अनुपातों का उत्पादन फलन' भी कहते हैं क्योंकि इसमें सभी साधन समान अनुपात में बदलते हैं. यह 'पैमाने के प्रतिफल' का विषय है, जिसमें बड़े पैमाने पर उत्पादन का अध्ययन किया जाता है.

**अल्पकालीन और दीर्घकालीन उत्पादन फलन में मुख्य अंतर:**
(a) अल्पकाल में स्थिर और बदलने वाले साधनों का अनुपात उत्पादन में बदलाव के साथ बदलता है, जबकि दीर्घकाल में सभी साधनों के अनुपात पहले जैसे ही रहते हैं.
(b) अल्पकालीन उत्पादन फलन में तकनीक की स्थिति वैसी ही रहती है, जबकि दीर्घकाल में तकनीक की स्थिति लचीली होती है.
In simple words: अल्पकालीन उत्पादन फलन थोड़े समय का होता है, जहाँ कुछ साधन स्थिर रहते हैं और कुछ बदलते हैं. दीर्घकालीन उत्पादन फलन लंबे समय का होता है, जहाँ सभी साधन बदले जा सकते हैं और कोई स्थिर नहीं रहता.

🎯 Exam Tip: अल्पकालीन और दीर्घकालीन उत्पादन फलन को समझाते समय 'साधनों की परिवर्तनशीलता' और 'समयावधि' पर विशेष ध्यान दें, और उनके बीच के मुख्य अंतरों को स्पष्ट रूप से बताएं.

 

RBSE Class 12 Economics Chapter 6 अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न

 

RBSE Class 12 Economics Chapter 6 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. अल्पकालीन उत्पादन फलन में
(अ) सभी साधन स्थिर होते हैं।
(ब) सभी साधन परिवर्तनशील होते हैं।
(स) कुछ स्थिर तथा कुछ परिवर्तनशील होते हैं
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (स) कुछ स्थिर तथा कुछ परिवर्तनशील होते हैं
In simple words: थोड़े समय के उत्पादन फलन में, कुछ साधन (जैसे मशीन) स्थिर रहते हैं और कुछ साधन (जैसे मजदूर) बदले जा सकते हैं.

 

Question 2. दीर्घकालीन उत्पादन फलन में
(अ) सभी साधन स्थिर होते हैं।
(ब) सभी साधन परिवर्तनशील होते हैं।
(स) कुछ साधन स्थिर तथा कुछ परिवर्तनशील होते हैं
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (ब) सभी साधन परिवर्तनशील होते हैं।
In simple words: लंबे समय के उत्पादन फलन में, सभी साधन बदले जा सकते हैं; कोई भी साधन स्थिर नहीं रहता.

 

Question 4. परिवर्तनशील अनुपातों के नियम का सम्बन्ध है।
(अ) अल्पकाल से
(ब) दीर्घकाल से
(स) अल्पकाल व दीर्घकाल दोनों से
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (अ) अल्पकाल से
In simple words: परिवर्तनशील अनुपातों का नियम थोड़े समय (अल्पकाल) से जुड़ा है, जहाँ कुछ साधन स्थिर रहते हैं और कुछ बदलते हैं.

 

Question 5. उत्पादन फलन की विशेषता नहीं है।
(अ) उत्पादन फलन कीमत निरपेक्ष होता है।
(ब) उत्पादन फलन अभियांत्रिकी समस्या है।
(स) उत्पादन फलन प्रावैगिक अर्थशास्त्र का विषय है।
(द) उत्पादन फलन समय निरपेक्ष धारणा है।
Answer: (स) उत्पादन फलन प्रावैगिक अर्थशास्त्र का विषय है।
In simple words: उत्पादन फलन स्थैतिक अर्थशास्त्र का विषय है, प्रावैगिक (बदलते समय के साथ) का नहीं. इसलिए यह उसकी विशेषता नहीं है.

 

Question 6. फलन शब्द लिया गया है।
(अ) समाजशास्त्र से
(ब) गणित से
(स) भौतिकी से
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (ब) गणित से
In simple words: 'फलन' शब्द गणित विषय से आया है.

 

Question 7. 'फलन' का अर्थ है।
(अ) स्वतन्त्र तथा आश्रित चर के बीच पाये जाने वाले मात्रात्मक सम्बन्ध से
(ब) दो चरों के बीच पाये जाने वाले गुणात्मक सम्बन्ध से
(स) दो चरों के बीच पाये जाने वाले गुणात्मक एवं मात्रात्मक सम्बन्ध से
(द) उपरोक्त में से किसी से नहीं
Answer: (अ) स्वतन्त्र तथा आश्रित चर के बीच पाये जाने वाले मात्रात्मक सम्बन्ध से
In simple words: फलन का मतलब है कि दो चीजों के बीच संख्या का रिश्ता, जिसमें एक चीज दूसरी पर निर्भर करती है.

 

Question 8. अर्थशास्त्र में जिस वस्तु का उत्पादन किया जाता है उसे कहते हैं
(अ) आदा या पड़त
(ब) प्रदा या उपज
(स) आदा तथा प्रदा दोनों
Answer: (ब) प्रदा या उपज
In simple words: अर्थशास्त्र में जो सामान बनाया जाता है, उसे 'प्रदा' या 'उपज' कहते हैं.

🎯 Exam Tip: MCQ प्रश्नों के उत्तर देते समय, पहले प्रश्न को ध्यान से पढ़ें और फिर सभी विकल्पों का मूल्यांकन करें, विशेषकर जब 'दोनों' या 'कोई नहीं' जैसे विकल्प दिए गए हों.

 

RBSE Class 12 Economics Chapter 6 अतिलघु उत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. अल्पकाल से क्या आशय है?
Answer: अल्पकाल वह कम समय होता है जिसमें उत्पादन के सभी साधनों को तुरंत बदला नहीं जा सकता. इसमें केवल बदलने वाले साधन ही बदल पाते हैं, जैसे मजदूरों की संख्या बढ़ाना या घटाना.
In simple words: अल्पकाल वह छोटा समय है जब उत्पादन के सिर्फ कुछ साधनों को ही बदला जा सकता है.

🎯 Exam Tip: अल्पकाल की परिभाषा देते समय 'केवल परिवर्तनशील साधनों में बदलाव' पर जोर दें.

 

Question 2. दीर्घकाल से क्या आशय है?
Answer: दीर्घकाल वह लंबा समय होता है जिसमें एक कंपनी उत्पादन के सभी साधनों को बदल सकती है. इस अवधि में कोई भी साधन स्थिर नहीं रहता; सभी को जरूरत के हिसाब से बदला जा सकता है.
In simple words: दीर्घकाल वह लंबा समय है जब उत्पादन के सभी साधनों को बदला जा सकता है.

🎯 Exam Tip: दीर्घकाल की परिभाषा में 'सभी साधनों में परिवर्तन करने में सक्षम' और 'कोई साधन स्थिर नहीं' जैसे वाक्यांश शामिल करें.

 

Question 3. अल्पकालीन उत्पादन फलन से क्या आशय है?
Answer: अल्पकालीन उत्पादन फलन का मतलब उस स्थिति से है, जहाँ बाकी साधनों को स्थिर रखते हुए सिर्फ एक साधन में बदलाव किया जाता है. इससे उत्पादन में क्या फर्क पड़ता है, यह बताता है.
In simple words: अल्पकालीन उत्पादन फलन तब होता है जब एक साधन को बदला जाता है और बाकी स्थिर रहते हैं.

🎯 Exam Tip: अल्पकालीन उत्पादन फलन को परिभाषित करते समय 'अन्य साधनों के स्थिर रहते हुए एक साधन में परिवर्तन' को मुख्य बिंदु बनाएं.

 

Question 4. दीर्घकालीन उत्पादन फलन क्या होता है?
Answer: दीर्घकालीन उत्पादन फलन तब होता है जब लंबे समय में उत्पादन के सभी साधन बदले जा सकते हैं. इस अवधि में उत्पादन और साधनों के बीच के संबंध को दीर्घकालीन उत्पादन फलन कहा जाता है, क्योंकि सभी साधन परिवर्तनशील होते हैं.
In simple words: दीर्घकालीन उत्पादन फलन तब होता है जब लंबे समय में उत्पादन के सभी साधनों को बदला जा सकता है.

🎯 Exam Tip: दीर्घकालीन उत्पादन फलन की परिभाषा में 'सभी साधन परिवर्तनशील होते हैं' पर जोर दें.

 

Question 5. परिवर्तनशील अनुपातों का नियम किस काल से सम्बन्धित है?
Answer: परिवर्तनशील अनुपातों का नियम अल्पकाल से संबंधित है. यह तब लागू होता है जब कम समय में कुछ साधन स्थिर रहते हैं और कुछ बदले जाते हैं.
In simple words: परिवर्तनशील अनुपातों का नियम थोड़े समय (अल्पकाल) से जुड़ा है.

🎯 Exam Tip: सीधे उत्तर दें कि परिवर्तनशील अनुपातों का नियम अल्पकाल से संबंधित है.

 

Question 7. समय के आधार पर उत्पादन फलन कितने प्रकार के होते हैं?
Answer: समय के आधार पर उत्पादन फलन दो तरह के होते हैं:
1. अल्पकालीन उत्पादन फलन
2. दीर्घकालीन उत्पादन फलन
In simple words: समय के हिसाब से उत्पादन फलन दो तरह के होते हैं: अल्पकालीन और दीर्घकालीन.

🎯 Exam Tip: उत्पादन फलन के दो मुख्य प्रकारों को स्पष्ट रूप से लिखें.

 

Question 8. उत्पादन फलन की दो मान्यताएँ बताइए।
Answer: उत्पादन फलन की दो मुख्य बातें (मान्यताएँ) हैं:
1. तकनीकी ज्ञान का स्तर हमेशा एक जैसा रहता है, उसमें कोई बदलाव नहीं आता.
2. उत्पादन के सभी साधन एक जैसे होते हैं (समरूप होते हैं).
In simple words: उत्पादन फलन मानता है कि तकनीक स्थिर है और सभी साधन एक जैसे हैं.

🎯 Exam Tip: दो मान्यताओं को स्पष्ट और संक्षिप्त बिंदुओं में बताएं.

 

Question 9. उत्पादन फलन की दो विशेषताएँ बताइए।
Answer: उत्पादन फलन की दो मुख्य विशेषताएँ ये हैं:
1. उत्पादन फलन कीमतों से प्रभावित नहीं होता, यानी यह कीमत निरपेक्ष होता है.
2. उत्पादन फलन एक इंजीनियरिंग की समस्या है, न कि आर्थिक समस्या.
In simple words: उत्पादन फलन कीमतों पर निर्भर नहीं करता और यह एक तकनीकी समस्या है.

🎯 Exam Tip: विशेषताओं को बताते समय 'कीमत निरपेक्ष' और 'अभियांत्रिकी समस्या' जैसे मुख्य शब्दों का उपयोग करें.

 

Question 10. पैमाना (Scale) शब्द का क्या आशय है?
Answer: पैमाना शब्द का मतलब किसी चीज को मापने की एक खास इकाई से होता है. जैसे, तरल पदार्थ को लीटर में, लंबाई को मीटर में, वजन को किलोग्राम में या जमीन को हेक्टेयर में मापना. यह एक मानक इकाई है.
In simple words: 'पैमाना' किसी चीज को मापने की एक निश्चित इकाई है, जैसे लीटर या मीटर.

🎯 Exam Tip: पैमाने की परिभाषा देते समय 'मापने की विशेष इकाई' पर जोर दें और उदाहरण अवश्य दें.

 

Question 11. पैमाने के प्रतिफल से क्या आशय है?
Answer: अर्थशास्त्र में पैमाने के प्रतिफल का मतलब उत्पादन की उस स्थिति से है, जहाँ उत्पादन के सभी साधनों को एक खास अनुपात या प्रतिशत में बदला जाता है. इससे उत्पादन में क्या बदलाव आता है, यह देखा जाता है.
In simple words: पैमाने के प्रतिफल का मतलब है जब उत्पादन के सभी साधनों को एक ही अनुपात में बदला जाए तो उत्पादन में क्या फर्क पड़ता है.

🎯 Exam Tip: पैमाने के प्रतिफल की परिभाषा में 'सभी उत्पत्ति के साधनों को एक निश्चित अनुपात या प्रतिशत में परिवर्तित करना' को मुख्य बिंदु बनाएं.

 

Question 13. 'उत्पादन फलन' के कोई दो प्रकार बताइए।
Answer: उत्पादन फलन के दो मुख्य प्रकार ये हैं:
1. कॉब-डगलस (Cobb-Douglas) का उत्पादन फलन
2. रेखीय समरूप (Linear Homogeneous) उत्पादन फलन
In simple words: उत्पादन फलन के दो प्रकार हैं: कॉब-डगलस फलन और रेखीय समरूप फलन.

🎯 Exam Tip: उत्पादन फलन के प्रकारों के नाम सही ढंग से लिखें.

 

Question 14. अर्थशास्त्र में उत्पादन फलन को क्या उपयोग है?
Answer: अर्थशास्त्र में, सबसे अच्छा उत्पादन कैसे किया जाए, यह तय करने के लिए उत्पादन फलन की जानकारी बहुत जरूरी होती है. किसी भी सामान या सेवा के लिए अलग-अलग तरीकों से उत्पादन करने के फलन को जानना और उनकी तुलना करना प्रबंधकों को सही फैसले लेने में मदद करता है. इससे सही निर्णय लिए जा सकते हैं.
In simple words: उत्पादन फलन यह जानने में मदद करता है कि सबसे अच्छा उत्पादन कैसे किया जाए, ताकि सही फैसले लिए जा सकें.

🎯 Exam Tip: उत्पादन फलन का उपयोग 'अनुकूलतम उत्पादन से सम्बन्धित निर्णय' और 'वैकल्पिक उत्पादन फलनों की जानकारी' के संदर्भ में बताएं.

 

Question 15. अल्पकालीन व दीर्घकालीन उत्पादन फलन में अन्तर बताइए।
Answer: अल्पकालीन उत्पादन फलन में स्थिर और बदलने वाले साधनों का अनुपात उत्पादन के साथ बदलता रहता है. वहीं, दीर्घकालीन उत्पादन फलन में सभी साधनों का अनुपात पहले जैसा ही रहता है, क्योंकि सभी साधन बदले जा सकते हैं.
In simple words: अल्पकाल में साधनों का अनुपात बदलता है, जबकि दीर्घकाल में यह वही रहता है क्योंकि सभी साधन बदले जा सकते हैं.

🎯 Exam Tip: अल्पकालीन और दीर्घकालीन उत्पादन फलन के बीच के अंतर को 'साधनों के अनुपात' के संदर्भ में स्पष्ट करें.

 

Question 16. अल्पकाल में उत्पादन के स्थिर साधनों की पूर्ति कैसी होती है?
Answer: अल्पकाल में उत्पादन के स्थिर साधनों की पूर्ति बेलोचदार होती है. इसका मतलब है कि कम समय में इन साधनों की मात्रा को आसानी से बदला नहीं जा सकता, चाहे उनकी कीमत कुछ भी हो.
In simple words: अल्पकाल में स्थिर साधनों की पूर्ति बेलोचदार होती है, यानी उन्हें आसानी से बदला नहीं जा सकता.

🎯 Exam Tip: 'बेलोचदार' शब्द का उपयोग करके स्पष्ट करें कि स्थिर साधनों की पूर्ति को अल्पकाल में बदलना मुश्किल होता है.

 

Question 17. वस्तुओं व सेवाओं के उत्पादन की मात्रा किन दो बातों पर निर्भर करती है?
Answer: वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन की मात्रा इन दो बातों पर निर्भर करती है:
1. उत्पादन के साधनों की कीमत (जो साधन इस्तेमाल होते हैं, उनकी लागत).
2. उत्पादन फलन (जो बताता है कि साधनों से कितना उत्पादन मिलेगा).
In simple words: किसी भी चीज का उत्पादन कितना होगा, यह साधनों की कीमत और उत्पादन फलन पर निर्भर करता है.

🎯 Exam Tip: उत्पादन की मात्रा को प्रभावित करने वाले दो मुख्य कारकों को बिंदुवार बताएं.

 

Question 19. उत्पादन फलन को हिन्दी में संकेताक्षरों के रूप में किस प्रकार लिख सकते हैं?
Answer: उत्पादन फलन को हिन्दी में संकेताक्षरों के रूप में इस प्रकार लिख सकते हैं:
उ = फ (श्र, पूँ, भू, त, सा)
यहाँ,
उ = उत्पादन फलन
फ = फलन का संकेत चिह्न
श्र = श्रम (मजदूर)
पूँ = पूँजी (पैसा या मशीन)
भू = भूमि (जमीन)
त = तकनीक व प्रबन्धन (बनाने का तरीका और व्यवस्था)
सा = साहस (जोखिम लेने की क्षमता)
In simple words: उत्पादन फलन को 'उ = फ (श्र, पूँ, भू, त, सा)' लिखा जा सकता है, जहाँ 'उ' उत्पादन है और बाकी अक्षर अलग-अलग साधनों को दिखाते हैं.

🎯 Exam Tip: सूत्र को सही ढंग से लिखें और प्रत्येक संकेताक्षर का पूरा अर्थ स्पष्ट करें.

 

Question 20. विभिन्न उत्पादन फलनों में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण किस उत्पादन फलन को माना जाता है?
Answer: अलग-अलग उत्पादन फलनों के प्रकारों में से 'कॉब-डगलस (Cobb-Douglas) का उत्पादन फलन' सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है.
In simple words: कॉब-डगलस उत्पादन फलन को सबसे जरूरी माना जाता है.

🎯 Exam Tip: सबसे महत्वपूर्ण उत्पादन फलन का नाम 'कॉब-डगलस' सही ढंग से लिखें.

 

Question 21. कॉब-डगलस उत्पादन फलन का प्रतिपादन किसके द्वारा किया गया है?
Answer: कॉब-डगलस उत्पादन फलन को प्रो. सी.डब्ल्यू. कॉब (C.W. Cobb) और पी.एच. डगलस (P.H. Douglas) ने मिलकर बनाया था.
In simple words: इसे प्रो. सी.डब्ल्यू. कॉब और पी.एच. डगलस ने बनाया था.

🎯 Exam Tip: दोनों अर्थशास्त्रियों के नाम (सी.डब्ल्यू. कॉब और पी.एच. डगलस) सही स्पेलिंग के साथ लिखें.

 

Question 22. उत्पादन फलन का विचार कौन-से अर्थशास्त्र का विषय है?
Answer: उत्पादन फलन का विचार स्थैतिक अर्थशास्त्र (Static Economics) का विषय है. इसे स्थैतिक इसलिए मानते हैं क्योंकि इसमें साधनों की कीमतें, तकनीक का ज्ञान और समय जैसी चीजों को स्थिर या तय माना जाता है.
In simple words: उत्पादन फलन स्थैतिक अर्थशास्त्र का हिस्सा है क्योंकि यह स्थिर चीजों को मानता है.

🎯 Exam Tip: उत्पादन फलन को 'स्थैतिक अर्थशास्त्र' का विषय बताते हुए इसका कारण (कीमतें, तकनीक ज्ञान, समयावधि का स्थिर होना) भी संक्षेप में बताएं.

 

Question 23. उत्पादन फलन को गणितीय समीकरण के रूप में व्यक्त कीजिए।
Answer: उत्पादन फलन को गणितीय समीकरण के रूप में इस तरह लिख सकते हैं:
\( X = f(a, b, c...n) \)
यहाँ, \( X \) = वस्तु की उत्पादन मात्रा
\( a, b, c...n \) = उत्पादन के साधन (जैसे भूमि, श्रम, पूंजी)
\( f \) = फलन का संकेत चिह्न
In simple words: उत्पादन फलन को \( X = f(a, b, c...n) \) के रूप में दिखाते हैं, जहाँ \( X \) उत्पादन है और \( a, b, c...n \) साधन हैं.

🎯 Exam Tip: गणितीय समीकरण को सही ढंग से लिखें और प्रत्येक प्रतीक का अर्थ स्पष्ट करें.

 

Question 24. जिस वस्तु का फर्म द्वारा उत्पादन किया जाता है उसे अर्थशास्त्र में क्या कहते हैं?
Answer: किसी कंपनी द्वारा जिस वस्तु का उत्पादन किया जाता है, उसे अर्थशास्त्र में 'उत्पाद' या 'उपज' या 'प्रदा' या 'निर्गत' (Output) कहते हैं.
In simple words: कंपनी जो सामान बनाती है, उसे अर्थशास्त्र में 'उत्पाद' या 'आउटपुट' कहते हैं.

🎯 Exam Tip: उत्पादन की गई वस्तु के लिए 'उत्पाद', 'उपज', 'प्रदा' या 'निर्गत' जैसे सही शब्दों का उपयोग करें.

 

RBSE Class 12 Economics Chapter 6 लघु उत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. 'फलन' का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
Answer: 'फलन' गणित का शब्द है. इसका आम मतलब है दो चीजों के बीच का संख्यात्मक संबंध, जहाँ एक चीज (आश्रित चर) दूसरी चीज (स्वतन्त्र चर) पर निर्भर करती है. उदाहरण के लिए, \( y = f(x) \) में \( y \) आश्रित चर है जो \( x \) पर निर्भर करता है. यानी \( y \) का मान \( x \) के मान से तय होता है. इसका मतलब यह है कि आश्रित चर \( x \) पर मात्रात्मक रूप से निर्भर करता है.
In simple words: 'फलन' दो चीजों के बीच का संख्या का रिश्ता है, जहाँ एक चीज दूसरी पर निर्भर करती है.

🎯 Exam Tip: फलन के अर्थ को समझाते समय 'स्वतन्त्र व आश्रित चर' और 'मात्रात्मक सम्बन्ध' जैसे मुख्य शब्दों का उपयोग करें, और एक सरल उदाहरण दें.

 

Question 2. अल्फा सी. चियांग द्वारा दी गई फलन की परिभाषा बताइए।
Answer: अल्फा सी. चियांग ने फलन की परिभाषा इस प्रकार दी है: "फलन चरों (स्वतन्त्र और आश्रित) के जोड़ों का एक खास क्रम है. इसकी खासियत यह है कि फलन उन चरों के बीच \( x \) के किसी एक मूल्य से \( y \) के एक खास मूल्य को तय करता है."
In simple words: अल्फा सी. चियांग कहते हैं कि फलन चरों का एक क्रम है, जहाँ एक चर के मूल्य से दूसरे चर का मूल्य तय होता है.

🎯 Exam Tip: परिभाषा को उद्धरण चिह्नों में लिखें और 'स्वतन्त्र व आश्रित चर' तथा 'अद्वितीय मूल्य' जैसे प्रमुख शब्दों को शामिल करें.

 

Question 3. उत्पादन फलन की कोई दो परिभाषा दीजिए।
Answer: उत्पादन फलन की दो परिभाषाएँ इस प्रकार हैं:
(i) **हैण्डरसन एवं क्वॉण्ट (Handerson and Quandt) के शब्दों में:** "उत्पादन फलन एक अभियांत्रिकी (Engineering) संकल्पना है. यह उत्पादन के साधनों की मदद से उत्पादन के बीच मौजूद तकनीकी और मात्रात्मक संबंध को समझाता है."
(ii) **एन. ग्रेगॉरी मेन्कीव (N. Gregory Mankiw) के अनुसार:** "उत्पादन फलन, उत्पादन के साधनों की मात्रा और उत्पादन की मात्रा के बीच का संबंध है."
In simple words: हैण्डरसन और मेन्कीव दोनों कहते हैं कि उत्पादन फलन साधनों और उत्पादन के बीच के तकनीकी और मात्रात्मक रिश्ते को बताता है.

🎯 Exam Tip: दो अलग-अलग अर्थशास्त्रियों की परिभाषाएं दें और उनके नाम सही ढंग से लिखें.

 

Question 4. अल्पकालीन व दीर्घकालीन उत्पादन फलन में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
Answer: अल्पकालीन और दीर्घकालीन उत्पादन फलन में अंतर साधनों के अनुपात के आधार पर किया जाता है. अल्पकाल में उत्पादन में बदलाव परिवर्तनशील साधनों (जिनको बदला जा सकता है) के कारण होता है. इस वजह से स्थिर और परिवर्तनशील साधनों का अनुपात उत्पादन की मात्रा के साथ बदलता रहता है.

वहीं, दीर्घकाल में परिवर्तन समान अनुपात में ही होते हैं, इसलिए सभी साधनों के अनुपात पहले जैसे ही रहते हैं. इसका मतलब है कि दीर्घकालीन उत्पादन फलन में सभी साधनों को बदला जा सकता है.
In simple words: अल्पकाल में साधनों का अनुपात बदलता रहता है क्योंकि कुछ साधन स्थिर होते हैं, जबकि दीर्घकाल में सभी साधन बदल जाते हैं इसलिए अनुपात वही रहता है.

🎯 Exam Tip: अंतर को 'साधन अनुपातों के आधार' पर स्पष्ट करें और बताएं कि कैसे अल्पकाल में अनुपात बदलते हैं जबकि दीर्घकाल में नहीं.

 

उत्पादन फलन के प्रकार
1. रेखीय समरूप (Linear Homogeneous) उत्पादन फलन
2. कॉब-डगलस (Cobb-Douglas) का उत्पादन फलन
3. आदा-प्रदा प्रकार (Input-Output) का उत्पादन फलन
4. प्रक्रिया विश्लेषण (Activity Analysis) उत्पादन फलन
5. अतिक्रमी लघुगुणकीय (Transcendental-Logarithmic) उत्पादन फलन।
In simple words: ये उत्पादन फलन के अलग-अलग रूप हैं जो बताते हैं कि साधनों से उत्पादन कैसे होता है.

🎯 Exam Tip: उत्पादन फलन के विभिन्न प्रकारों को सही नामों से सूचीबद्ध करें.

 

Question 6. उत्पादन फलन का क्या महत्व है?
Answer: भले ही उत्पादन फलन का सीधा संबंध अर्थशास्त्र से न होकर इंजीनियरिंग से है, फिर भी सबसे अच्छा उत्पादन करने के फैसले लेने में इसकी बहुत बड़ी भूमिका है. क्योंकि किसी भी चीज या सेवा के लिए अलग-अलग तरीकों से उत्पादन करने के फलन को जानना बहुत जरूरी होता है. इनकी तुलना करके ही प्रबंधक सही फैसला ले पाते हैं. उत्पादन फलनों की तुलना करके सही निर्णय लेने के लिए इसका ज्ञान और समझ बहुत जरूरी मानी जाती है.
In simple words: उत्पादन फलन हमें सबसे अच्छा उत्पादन करने के तरीके खोजने में मदद करता है, ताकि प्रबंधक सही फैसले ले सकें.

🎯 Exam Tip: उत्पादन फलन के महत्व को 'अनुकूलतम उत्पादन', 'निर्णय लेने में भूमिका' और 'वैकल्पिक फलनों की तुलना' के संदर्भ में बताएं.

 

Question 7. अल्पकालीन उत्पादन अवधि से क्या आशय है?
Answer: अल्पकालीन उत्पादन अवधि का मतलब उस समय से है जिसमें उत्पादन के सभी साधनों को बदला नहीं जा सकता, क्योंकि उत्पादन का समय बहुत कम होता है. इस अवधि में केवल श्रम ही एक ऐसा साधन होता है जिसे बदला जा सकता है. बाकी सभी साधन स्थिर रहते हैं. इसे फलन में स्थिर साधनों के ऊपर एक लाइन खींचकर दिखाया जाता है.
In simple words: अल्पकालीन उत्पादन वह कम समय है जब सिर्फ मजदूर जैसे साधन बदले जा सकते हैं, बाकी मशीनें और जमीन जैसे साधन स्थिर रहते हैं.

🎯 Exam Tip: अल्पकालीन अवधि को परिभाषित करते समय 'सभी साधनों में परिवर्तन संभव नहीं', 'श्रम का परिवर्तनशील होना', और 'बाकी साधनों का स्थिर होना' जैसे मुख्य बिंदुओं को शामिल करें.

 

Question 8. दीर्घकालीन उत्पादन अवधि क्या होती है?
Answer: दीर्घकालीन उत्पादन अवधि का मतलब अर्थशास्त्र में उस लंबी अवधि से है जिसमें एक कंपनी उत्पादन के सभी साधनों को बदल सकती है. इस अवधि में कोई भी साधन स्थिर नहीं रहता, बल्कि सभी साधन बदले जा सकते हैं. हालांकि, दीर्घकालीन उत्पादन अवधि में तकनीक में सुधार को शामिल नहीं किया जाता है. यानी तकनीक का स्तर पहले जैसा ही माना जाता है.
In simple words: दीर्घकालीन उत्पादन वह लंबा समय है जब कंपनी उत्पादन के सभी साधनों को बदल सकती है, और कोई भी साधन स्थिर नहीं रहता.

🎯 Exam Tip: दीर्घकालीन अवधि को 'सभी साधनों में परिवर्तन संभव' और 'तकनीक स्तर पूर्ववत' जैसे वाक्यांशों के साथ स्पष्ट करें.

 

Question 9. परिव्यय/खर्चे (Outlays) के प्रतिफल से क्या आशय है?
Answer: परिव्यय/खर्चे के प्रतिफल का मतलब है कि जब उत्पादन के साधनों पर होने वाले खर्च में समान या अलग-अलग अनुपात में बदलाव किया जाता है, तो उत्पादन पर क्या असर पड़ता है. यह साधनों की लागत और उत्पादन के बीच का रिश्ता दिखाता है.
In simple words: परिव्यय के प्रतिफल का मतलब है कि जब साधनों पर खर्च बदला जाता है, तो उत्पादन में क्या फर्क आता है.

🎯 Exam Tip: परिव्यय के प्रतिफल की परिभाषा में 'साधनों पर होने वाले परिव्यय को बदलना' और 'उत्पादन पर प्रभाव' को मुख्य बिंदु बनाएं.

 

Question 11. उत्पादन फलन कीमत निरपेक्ष होता है। इस विशेषता को स्पष्ट कीजिए।
Answer: उत्पादन फलन का सम्बन्ध केवल उत्पादन की भौतिक मात्रा से होता है। इसका उत्पादन के साधनों और उत्पादित वस्तु की कीमतों से कोई सम्बन्ध नहीं होता है। हालांकि, यह बात सही है कि जब कोई उत्पादक उत्पादन का स्तर तय करता है और साधनों का चुनाव करता है, तो उसे वस्तु और साधनों की कीमतों पर ध्यान देना होता है।
In simple words: Production function deals only with the physical amount of production, not with the prices of goods or resources. However, producers do consider prices when making production decisions.

🎯 Exam Tip: Emphasize that the production function focuses on physical relationships, while acknowledging that prices influence practical decisions.

 

Question 12. उत्पादन फलन साधनों की प्रतिस्थापन सम्भावनाओं को स्वीकार करता है। इस तथ्य को स्पष्ट कीजिए।
Answer: उत्पादन फलन की अवधारणा यह मानती है कि उत्पादन के साधनों को एक-दूसरे की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका मतलब है कि एक खास साधन की जगह किसी दूसरे साधन का उपयोग किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, पूंजी को श्रम के स्थान पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
In simple words: Production function allows for substituting one resource with another, like using capital instead of labor.

🎯 Exam Tip: Provide a clear example of factor substitution, such as capital for labor, to illustrate this characteristic.

 

Question 13. उत्पादन फलन को स्थैतिक अर्थशास्त्र का विषय क्यों माना जाता है?
Answer: उत्पादन फलन को स्थैतिक अर्थशास्त्र का विषय इसलिए माना जाता है क्योंकि इसके सिद्धांत में साधनों की कीमतें, तकनीकी ज्ञान का स्तर और समयावधि को निश्चित या स्थिर माना गया है। इसीलिए यह गतिशील (Dynamic) अर्थशास्त्र का विषय न होकर स्थैतिक अर्थशास्त्र के अध्ययन का विषय बन जाता है।
In simple words: It's a static economics topic because it assumes factor prices, technology, and time period are constant, making it a study of fixed conditions rather than changing ones.

🎯 Exam Tip: Mention the key assumptions of constant prices, technology, and time period to explain why it's considered a static concept.

 

Question 14. दीर्घकालीन उत्पादन फलन से क्या आशय है?
Answer: दीर्घकालीन उत्पादन फलन के अन्तर्गत उत्पादन के सभी साधनों की मात्रा में परिवर्तन के कारण उत्पादन की मात्रा में होने वाले बदलावों का अध्ययन किया जाता है। दीर्घकाल में उत्पादन के सभी साधन परिवर्तनशील होते हैं। इस कारण दीर्घकाल में पैमाने के प्रतिफल का अध्ययन किया जाता है।
In simple words: Long-run production function studies how output changes when all inputs are varied. All factors are flexible in the long run, and it relates to returns to scale.

🎯 Exam Tip: Clearly state that all factors are variable in the long run and link it to the concept of returns to scale.

 

Question 16. परिवर्तन अनुपातों के प्रतिफल के नियम तथा घटते हुए सीमान्त उत्पादन नियम को एक ही क्यों माना जाता है?
Answer: आजकल अर्थशास्त्री घटते हुए सीमान्त उत्पादन नियम को परिवर्तनशील अनुपातों के प्रतिफल का नियम कहते हैं। परिवर्तनशील अनुपातों के प्रतिफल नियम के अनुसार, जब एक स्थिर साधन के साथ एक परिवर्तनशील साधन का उपयोग किया जाता है, तो साधनों का अनुपात बदल जाता है, और इसका प्रभाव उत्पादन पर दिखाई देता है। यह प्रभाव बढ़ते हुए प्रतिफल, समान प्रतिफल और घटते हुए प्रतिफल-तीनों रूपों में दिख सकता है। बढ़ते हुए प्रतिफल की स्थिति आमतौर पर शुरुआती चरण में होती है। आखिर में, हमेशा घटता हुआ प्रतिफल ही होता है। इसलिए, परिवर्तनशील अनुपातों के प्रतिफल नियम में ही घटता हुआ सीमान्त उत्पादन नियम शामिल है, और यही कारण है कि इन दोनों को एक ही माना जाता है।
In simple words: Economists now see the law of diminishing marginal returns as part of the law of variable proportions. This is because when a variable input is added to a fixed input, the ratio changes, leading to initial increasing returns, then constant, and eventually diminishing returns, which is the final outcome.

🎯 Exam Tip: Explain how the law of variable proportions encompasses increasing, constant, and diminishing returns, with diminishing returns being the eventual and most significant stage, thus linking it to the law of diminishing marginal product.

 

Question 17. उत्पादन फलन को सूत्र रूप में व्यक्त करते समय अल्पकाल में किन साधनों के संकेतों के ऊपर 'सिरे रेखा' खींची जाती हैं?
Answer: अल्पकालीन उत्पादन फलन की स्थिति में केवल श्रम ही परिवर्तनशील साधन होता है। बाकी सभी साधन स्थिर रहते हैं। इसलिए, श्रम को छोड़कर शेष सभी स्थिर साधनों के संकेतों के ऊपर एक 'सिरे रेखा' खींची जाती है, ताकि यह दिखाया जा सके कि वे स्थिर हैं।
In simple words: In short-run production, only labor is variable. All other inputs are fixed, so a bar (सिरे रेखा) is drawn over their symbols in the production function formula to show they are constant.

🎯 Exam Tip: Remember that in the short run, only variable factors change. The bar notation specifically highlights the fixed factors.

 

Question 18. परिवर्तनशील अनुपातों के उत्पादन फलन की स्थिति को तालिका के रूप में दर्शाइये।
Answer: परिवर्तनशील अनुपातों के उत्पादन फलन की स्थिति दर्शाने वाली तालिका नीचे दी गई है:

भूमि (हेक्टेयर में)श्रम (घंटे में)कुल उत्पादनभूमि एवं श्रम अनुपात
2002:0
2122:1
2252:2
23122:3
24192:4
25192:5
26152:6

यह तालिका दिखाती है कि भूमि की मात्रा स्थिर है, जबकि श्रम में बदलाव हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप कुल उत्पादन में भी परिवर्तन होता है। इस प्रक्रिया में साधनों का अनुपात लगातार बदलता रहता है।
In simple words: This table shows that as more labor (variable input) is added to a fixed amount of land, the total output changes. The ratio between land and labor also changes continuously.

🎯 Exam Tip: When drawing a table for variable proportions, ensure one input (like land) remains constant while the other (like labor) increases, showing the corresponding changes in total output and the input ratio.

 

Question 20. क्या दीर्घकालीन उत्पादन फलन के सूत्र में साधनों के ऊपर सिरे रेखा खींची जाती है?
Answer: दीर्घकालीन उत्पादन फलन की स्थिति में सभी साधन परिवर्तनशील होते हैं, कोई भी साधन स्थिर नहीं रहता है। इस कारण, दीर्घकालीन उत्पादन फलन के सूत्र में उत्पादन के साधनों के ऊपर कोई 'सिरे रेखा' नहीं खींची जाती है। इस स्थिति में उत्पादन फलन का सूत्र इस प्रकार होगा:
\( उ = फ (श्र, भू, पूँ त, सा) \)
In simple words: No, a bar is not drawn over the symbols in the long-run production function. This is because all factors of production are variable in the long run, meaning none of them are fixed. The formula shows all inputs without a bar.

🎯 Exam Tip: Clearly differentiate between short-run (fixed factors with bars) and long-run (all factors variable, no bars) production functions when writing their formulas.

 

RBSE Class 12 Economics Chapter 6 निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. परिवर्तनशील अनुपात के नियम तथा पैमाने के प्रतिफल में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
Answer: अल्पकालीन तथा दीर्घकालीन उत्पादन फलन में प्रमुख अन्तर नीचे दिए गए हैं:
(i) अल्पकालीन उत्पादन फलन, परिवर्तनशील अनुपातों के नियम से जुड़ा है, जबकि दीर्घकालीन उत्पादन फलन पैमाने के प्रतिफल से जुड़ा है।
(ii) अल्पकालीन उत्पादन फलन (यानी परिवर्तनशील अनुपातों के नियम) के तहत कुछ साधन स्थिर रहते हैं और कुछ साधन परिवर्तनशील होते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि फर्म के पास सभी साधनों को बदलने के लिए पर्याप्त समय नहीं होता है। इसके विपरीत, दीर्घकालीन उत्पादन फलन (यानी पैमाने के प्रतिफल) के तहत सभी साधन परिवर्तनशील होते हैं क्योंकि फर्म के पास सभी उत्पत्ति के साधनों को बदलने के लिए पर्याप्त समय होता है।
(iii) अल्पकालीन उत्पादन फलन वास्तविक होता है क्योंकि इसे वास्तविक रूप में देखा जा सकता है, जबकि दीर्घकालीन उत्पादन फलन आमतौर पर व्यवहार में नहीं देखा जाता है।
In simple words: The law of variable proportions is for the short run where some factors are fixed, while returns to scale is for the long run where all factors are variable. The short-run function is more realistic and observable.

🎯 Exam Tip: Structure your answer by clearly distinguishing between short-run and long-run scenarios, highlighting the variability of factors and the associated economic laws (variable proportions vs. returns to scale).

 

Question 2. उत्पादन फलने की परिभाषा दीजिए तथा इसकी सामान्य विशेषताएँ बताइए।
Answer: उत्पादन फलन, उत्पादन और उत्पादन में योगदान करने वाले साधनों के बीच के भौतिक या मात्रात्मक सम्बन्ध को कहते हैं। उत्पादन फलन की कुछ मुख्य परिभाषाएँ इस प्रकार हैं:
(i) हैण्डरसन और क्वॉण्ट (Handerson and Quandt) के अनुसार, "उत्पादन फलन एक अभियांत्रिकी (Engineering) संकल्पना है, जो उत्पादन के साधनों (Inputs) की मदद से उत्पादन (Output) के बीच मौजूदा तकनीकी और मात्रात्मक सम्बन्ध को समझाता है।"
(ii) डॉ. बलवन्त कन्दोई (Dr. Balwant Kandoi) के शब्दों में, "यदि एक फर्म द्वारा उत्पादित उत्पादन की मात्रा 'Y' है, जब उत्पादन के साधन श्रम (\( Ld \)), पूंजी (\( L \)), भूमि (\( K \)), प्रबंधन व तकनीक (\( O \)) तथा साहस या उद्यमशीलता को उत्पादन में लगाया जाता है, तो हम उत्पादन फलन को इस प्रकार लिखेंगे - \( Y = f(Ld, L, K,O) \)"
(iii) एन. ग्रेगॉरी मेन्कीव (N. Gregory Mankiw) के अनुसार, "उत्पादन के साधनों की मात्रा और उत्पादन की मात्रा के बीच का सम्बन्ध उत्पादन फलन कहलाता है।"
(iv) प्रो. वाटसन (Prof. Watson) के शब्दों में, "किसी फर्म की भौतिक पड़तों (Input) और उपज की भौतिक मात्रा के बीच के सम्बन्ध को उत्पादन फलन कहते हैं।"
इन परिभाषाओं के आधार पर, उत्पादन फलन को सरल शब्दों में प्रदा (Output) और आदा (Input) के बीच के भौतिक सम्बन्ध के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।
उत्पादन फलन की कुछ सामान्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
(i) उत्पादन फलन कीमत निरपेक्ष होता है: इसका मतलब है कि उत्पादन फलन का वस्तु और साधनों की कीमतों से कोई सम्बन्ध नहीं होता है। इसका सम्बन्ध केवल उत्पादन की भौतिक मात्रा से होता है। हालांकि, प्रत्येक उत्पादक को उत्पादन स्तर और साधनों के चुनाव के समय वस्तु और साधनों की कीमतों पर ध्यान देना होता है।
(iv) उत्पादन फलन साधनों की प्रतिस्थापन सम्भावनाओं को स्वीकार करता है: उत्पादन फलन यह मानता है कि उत्पादन के साधनों को एक-दूसरे की जगह बदला जा सकता है। जैसे, श्रम की जगह पूंजी का उपयोग किया जा सकता है।
(v) उत्पादन फलन साधनों की पूरी विभाज्यता को स्वीकार करता है: उत्पादन फलन मानता है कि उत्पत्ति के सभी साधन पूरी तरह से विभाज्य हैं, यानी सभी उत्पत्ति के साधनों को छोटे हिस्सों में बांटा जा सकता है।
(vi) उत्पादन फलन दी गई तकनीक से सम्बन्धित होता है: उत्पादन फलन हमेशा एक खास, दी गई तकनीक पर आधारित होता है। तकनीक में बदलाव होने पर, बिना साधनों को बढ़ाए भी उत्पादन में वृद्धि हो सकती है।
(vii) उत्पादन फलन स्थैतिक अर्थशास्त्र का विषय है: उत्पादन फलन की अवधारणा में तकनीकी ज्ञान के स्तर, वस्तु और साधनों की कीमत, और समयावधि को निश्चित माना जाता है। इसलिए, यह गतिशील अर्थशास्त्र का विषय न होकर स्थैतिक अर्थशास्त्र के अध्ययन का विषय बन जाता है।
(viii) अवधि के आधार पर उत्पादन फलन अल्पकालीन और दीर्घकालीन होता है: उत्पादन फलन को समय के आधार पर दो भागों में बांटा जाता है- अल्पकालीन उत्पादन फलन और दीर्घकालीन उत्पादन फलन। इन दोनों उत्पादन फलनों में साधनों के अनुपात के आधार पर अंतर होता है। अल्पकाल में जहां स्थिर और परिवर्तनशील साधनों का अनुपात उत्पादन के साथ बदलता रहता है, वहीं दीर्घकाल में सभी साधनों का अनुपात पहले जैसा ही रहता है।
In simple words: The production function describes the physical relationship between inputs and outputs. It is an engineering concept, showing how much output can be produced from different combinations of inputs using a given technology. Its key features include being independent of prices, allowing for factor substitution, assuming full divisibility of inputs, being tied to a specific technology, being a static concept, and varying between short-run (fixed and variable inputs) and long-run (all inputs variable) periods.

🎯 Exam Tip: When defining the production function, ensure you include definitions from at least two prominent economists. For its characteristics, provide brief explanations and examples for each point, clearly distinguishing between short-run and long-run aspects.

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