RBSE Solutions Class 12 Economics Chapter 18 व्यापारिक बैंकः अर्थ एवं कार्य

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Detailed Chapter 18 व्यापारिक बैंकः अर्थ एवं कार्य RBSE Solutions for Class 12 Economics

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Class 12 Economics Chapter 18 व्यापारिक बैंकः अर्थ एवं कार्य RBSE Solutions PDF

RBSE Class 12 Economics Chapter 18 अभ्यासार्थ प्रश्न

RBSE Class 12 Economics Chapter 18 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. व्यापारिक बैंक का प्रमुख कार्य है -
(अ) जमाएँ स्वीकार करना तथा ऋण प्रदान करना
(ब) नोट निर्गमन करना
(स) सरकार के बैंकर का कार्य करना
(द) बैंकों को आर्थिक सहायता पहुँचाना।
Answer: (अ) जमाएँ स्वीकार करना तथा ऋण प्रदान करना
In simple words: एक व्यापारिक बैंक का सबसे मुख्य काम लोगों से पैसे जमा करना और फिर उन्हें कर्ज देना होता है। यह बैंक की दो सबसे जरूरी सेवाएँ हैं।

🎯 Exam Tip: व्यापारिक बैंक के प्राथमिक कार्यों में जमा स्वीकार करना और ऋण देना सबसे महत्वपूर्ण हैं। इन्हें अच्छी तरह याद रखें।

 

Question 2. निम्नलिखित में से कौन-से जमा खाते में सर्वाधिक ब्याज दर देय है?
(अ) चालू खाता
(ब) आवर्ती जमा खाता
(स) बचत खाता
(द) सावधि जमा खाता।
Answer: (द) सावधि जमा खाता
In simple words: सावधि जमा खाते में सबसे ज्यादा ब्याज मिलता है क्योंकि इसमें पैसा एक तय समय के लिए बैंक में जमा रहता है। यह बैंक को आपके पैसे का इस्तेमाल लंबे समय तक करने की सुविधा देता है, इसलिए वे अधिक ब्याज देते हैं।

🎯 Exam Tip: अलग-अलग बैंक खातों में ब्याज दरें उनकी प्रकृति के अनुसार भिन्न होती हैं। सावधि जमा खाता आमतौर पर लंबी अवधि के निवेश के लिए सबसे अच्छा होता है।

 

Question 3. आधुनिक बैंकिंग की विशेषता है -
(अ) 24 घंटे बैंक काउन्टर खुला रखना
(ब) बैंक से तत्काल ऋण सुविधा
(स) स्वचालित कम्प्यूटरीकृत मशीन से 24 घंटे बैंकिंग सुविधा
(द) बैंक का सामान्य टैलर काउण्टर।
Answer: (स) स्वचालित कम्प्यूटरीकृत मशीन से 24 घंटे बैंकिंग सुविधा
In simple words: आज की बैंकिंग की मुख्य पहचान यह है कि आप ATM या ऑनलाइन सेवाओं से कभी भी, कहीं भी पैसों का लेन-देन कर सकते हैं। यह ग्राहकों को बहुत सुविधा देता है।

🎯 Exam Tip: आधुनिक बैंकिंग ग्राहकों को सुविधा प्रदान करने के लिए नई तकनीकियों, जैसे ATM और इंटरनेट बैंकिंग का उपयोग करती है।

 

Question 4. मोबाइल बैंकिंग के लिए आवश्यक है।
(अ) स्मार्ट फोन
(ब) इंटरनेट
(स) बैंक अकाउण्ट
(द) ये सभी
Answer: (द) ये सभी
In simple words: मोबाइल बैंकिंग का उपयोग करने के लिए आपके पास स्मार्टफोन, इंटरनेट और एक बैंक खाता, तीनों चीजें होनी चाहिए। ये सब मिलकर ही आपको मोबाइल से लेन-देन करने की सुविधा देते हैं।

🎯 Exam Tip: मोबाइल बैंकिंग से जुड़ी किसी भी तकनीकी आवश्यकता को पूरी तरह समझना महत्वपूर्ण है ताकि आप बिना किसी परेशानी के सेवाओं का उपयोग कर सकें।

 

Question 5. कौन-सी योजना के तहत लोग अपना खाता बैंक में निःशुल्क खुलवा सकते हैं?
(अ) प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना
(ब) प्रधानमंत्री जन-धन योजना
(स) प्रधानमंत्री राहत कोष योजना
(द) राष्ट्रीय बचत योजना
Answer: (ब) प्रधानमंत्री जन-धन योजना
In simple words: प्रधानमंत्री जन-धन योजना लोगों को बिना कोई पैसा जमा किए बैंक में खाता खोलने की सुविधा देती है। इस योजना का मकसद हर परिवार को बैंक से जोड़ना है।

🎯 Exam Tip: जन-धन योजना एक सरकारी पहल है जिसका उद्देश्य वित्तीय समावेशन को बढ़ाना है, यानी सभी को बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच प्रदान करना है।

RBSE Class 12 Economics Chapter 18 अतिलघु उत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. व्यापारिक बैंक की परिभाषा लिखिए।
Answer: व्यापारिक बैंक एक ऐसी वित्तीय संस्था है जो मुद्रा एवं साख का व्यवसाय करती है। यह संस्था पैसे का लेन-देन करती है और लोगों को कर्ज देती है।
In simple words: व्यापारिक बैंक एक कंपनी है जो पैसे का काम करती है, जैसे पैसे जमा करना और कर्ज देना।

🎯 Exam Tip: व्यापारिक बैंक की परिभाषा में 'मुद्रा और साख का व्यवसाय' जैसे कीवर्ड्स को शामिल करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 3. अधिविकर्ष को समझाइए।
Answer: जब बैंक चालू खाताधारक को यह सुविधा देती है कि वह अपने खाते में जमा रकम से ज्यादा राशि निकाल सके, तो इस निकाली गई अतिरिक्त राशि को अधिविकर्ष (Overdraft) कहते हैं। यह एक तरह का शॉर्ट-टर्म लोन होता है।
In simple words: अधिविकर्ष मतलब बैंक से ज्यादा पैसा निकालना जितना खाते में है, लेकिन सिर्फ चालू खाता वालों के लिए।

🎯 Exam Tip: अधिविकर्ष सुविधा केवल चालू खाताधारकों को ही मिलती है और यह एक अस्थायी ऋण है।

 

Question 4. इंटरनेट बैंकिंग क्या है?
Answer: आजकल बैंक अपने ग्राहकों को इंटरनेट बैंकिंग सुविधा देते हैं। इससे ग्राहक घर बैठे ही ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं या अपने खाते की जानकारी देख सकते हैं। यह सब बैंक द्वारा दिए गए लॉगिन आईडी और पासवर्ड से होता है।
In simple words: इंटरनेट बैंकिंग का मतलब है घर बैठे इंटरनेट से अपने बैंक का काम करना, जैसे बिल भरना या पैसे ट्रांसफर करना।

🎯 Exam Tip: इंटरनेट बैंकिंग आधुनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है, जिससे वित्तीय लेन-देन बहुत आसान हो गए हैं।

 

Question 5. ATM का पूरा नाम लिखिए।
Answer: ATM का पूरा नाम Automated Teller Machine (ऑटोमेटेड टैलर मशीन) है। यह एक ऐसी मशीन है जो आपको बैंक जाए बिना पैसे निकालने और जमा करने की सुविधा देती है।
In simple words: ATM का पूरा नाम ऑटोमेटेड टैलर मशीन है।

🎯 Exam Tip: ATM का पूरा नाम याद रखना एक बुनियादी सामान्य ज्ञान है जो परीक्षाओं में पूछा जा सकता है।

RBSE Class 12 Economics Chapter 18 लघु उत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. बचत खाते और चालू खाते के अन्तर को समझाइए।
Answer: बचत खाते और चालू खाते में मुख्य अंतर इस प्रकार हैं:
1. बचत खाता उन लोगों के लिए अच्छा होता है जिनकी आय कम या मध्यम होती है, या जो नौकरी करते हैं। जबकि चालू खाता उन लोगों के लिए बेहतर होता है जो व्यापारी, उद्योगपति या बड़ी संस्थाएँ हैं।
2. बचत खाते से पैसा निकालने पर कुछ सीमाएं या प्रतिबंध होते हैं, लेकिन चालू खाते में ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं होता, आप जितनी बार चाहें पैसे निकाल सकते हैं।
3. बचत खाते में जमा पैसों पर बैंक कुछ ब्याज देता है, लेकिन चालू खाते में जमा पैसों पर आमतौर पर कोई ब्याज नहीं मिलता। बैंक चालू खाते पर सेवाएं प्रदान करने के लिए शुल्क ले सकते हैं।
In simple words: बचत खाता आम लोगों के लिए है, जहाँ ब्याज मिलता है और निकालने की सीमा होती है। चालू खाता व्यापारियों के लिए है, जहाँ खूब लेन-देन होता है, कोई ब्याज नहीं मिलता और निकालने की कोई सीमा नहीं होती।

🎯 Exam Tip: इन दोनों खातों के बीच के मुख्य अंतरों को स्पष्ट बिंदुओं में बताना महत्वपूर्ण है, खासकर उनके उपयोग और ब्याज दरों के संबंध में।

 

Question 2. व्यापारिक बैंक के प्रमुख कार्य लिखिए।
Answer: व्यापारिक बैंक के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं:
1. लॉकर सुविधा – बैंक अपने ग्राहकों को कुछ शुल्क लेकर लॉकर की सुविधा देते हैं, जहाँ ग्राहक अपनी कीमती चीजें और कागजात सुरक्षित रख सकते हैं।
2. क्रेडिट कार्ड सुविधा – बैंक अपने ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड भी देते हैं। इससे कार्डधारक एक निश्चित राशि तक भुगतान कर सकते हैं और ऑनलाइन भुगतान भी कर सकते हैं। क्रेडिट कार्ड एक प्लास्टिक मनी का उदाहरण है।
In simple words: व्यापारिक बैंक लोगों को लॉकर और क्रेडिट कार्ड जैसी कई सुविधाएँ देते हैं ताकि वे अपने पैसे और संपत्ति को सुरक्षित रख सकें और आसानी से लेन-देन कर सकें।

🎯 Exam Tip: व्यापारिक बैंक द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं का वर्णन करते समय, प्रत्येक सेवा के मुख्य उद्देश्य और कार्यप्रणाली को स्पष्ट रूप से समझाएं।

 

Question 3. मोबाइल बैंकिंग क्या है? समझाइए।
Answer: आजकल व्यापारिक बैंक अपने ग्राहकों को स्मार्टफोन के जरिए मोबाइल ऐप से बैंकिंग की सुविधा देते हैं। ग्राहक अपने बैंक का ऐप अपने फोन पर डाउनलोड करके इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इससे ग्राहक बिना बैंक जाए, मोबाइल के जरिए कभी भी और कहीं भी सभी तरह के भुगतान कर सकते हैं, जैसे बिल भरना या पैसे ट्रांसफर करना।
In simple words: मोबाइल बैंकिंग एक ऐप से फोन पर बैंक का काम करना है, जिससे आप कभी भी, कहीं भी पैसे भेज और बिल भर सकते हैं।

🎯 Exam Tip: मोबाइल बैंकिंग की व्याख्या करते समय, 'स्मार्टफोन', 'मोबाइल ऐप', 'कभी भी, कहीं भी भुगतान' जैसे कीवर्ड्स का उपयोग करें।

 

Question 4. वर्तमान में बैंकों द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली कोई दो सेवाओं का वर्णन कीजिए।
Answer: बैंकों द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली दो सेवाएँ निम्नलिखित हैं:
1. लॉकर सुविधा – व्यापारिक बैंक अपने ग्राहकों को शुल्क लेकर लॉकर की सुविधा देते हैं। इन लॉकरों में ग्राहक अपनी बहुमूल्य वस्तुएँ और कागजात सुरक्षित रख सकते हैं। यह चोरी और नुकसान से बचाव का एक सुरक्षित तरीका है।
2. क्रेडिट कार्ड सुविधा – बैंक अपने ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड देकर बैंकिंग सुविधा प्रदान करते हैं। क्रेडिट कार्ड धारक एक तय राशि तक कार्ड से भुगतान कर सकता है। इसके जरिए कभी भी और कहीं भी ऑनलाइन भुगतान किया जा सकता है।
In simple words: बैंक लॉकर की सुविधा देते हैं ताकि लोग अपनी कीमती चीजें सुरक्षित रख सकें, और क्रेडिट कार्ड देते हैं जिससे लोग आसानी से खरीदारी और भुगतान कर सकें।

🎯 Exam Tip: बैंकों की विभिन्न सेवाओं का वर्णन करते समय, उन सेवाओं के लाभों पर भी ध्यान दें जो वे ग्राहकों को प्रदान करती हैं।

 

Question 5. व्यापारिक बैंकों की साख सृजन की सीमाएँ लिखिए।
Answer: व्यापारिक बैंकों की साख सृजन की निम्न सीमाएँ होती हैं:
1. केन्द्रीय बैंक की नीति – साख सृजन केन्द्रीय बैंक की मौद्रिक नीति पर निर्भर करता है। जब मौद्रिक नीति सरल होती है, तो साख सृजन बढ़ता है और जब यह कठोर होती है, तो साख सृजन कम होता है।
2. बैंकिंग आदत – साख सृजन लोगों की बैंकिंग आदतों से भी जुड़ा है। जहाँ लोग बैंकिंग सेवाओं का ज्यादा उपयोग करते हैं, वहाँ साख सृजन ज्यादा होता है। इसके उलट, जहाँ बैंकिंग कम होती है, वहाँ साख सृजन भी कम होता है।
3. बैंकिंग विकास – जहाँ बैंकिंग सुविधाएँ ज्यादा विकसित होती हैं, वहाँ साख सृजन भी ज्यादा होता है। इसके विपरीत, जहाँ सुविधाएँ कम विकसित होती हैं, वहाँ साख सृजन भी कम होता है। बैंक का नेटवर्क भी साख सृजन को प्रभावित करता है।
4. व्यावसायिक एवं औद्योगिक विकास – जिन देशों में औद्योगिक और व्यापारिक विकास का स्तर ऊँचा होता है, वहाँ साख सृजन ज्यादा होता है। इसके विपरीत, जहाँ यह विकास कम होता है, वहाँ साख सृजन भी कम होता है।
In simple words: बैंक उतनी ही साख बना पाते हैं जितनी केन्द्रीय बैंक की नीति, लोगों की बैंकिंग आदतें, बैंक सुविधाओं का विकास और देश का व्यापारिक विकास उन्हें इजाजत देता है।

🎯 Exam Tip: साख सृजन की सीमाओं को याद करते समय, प्रत्येक कारक (जैसे मौद्रिक नीति, बैंकिंग आदत) और वह साख सृजन को कैसे प्रभावित करता है, इसे स्पष्ट रूप से समझाएं।

RBSE Class 12 Economics Chapter 18 निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. व्यापारिक बैंक की परिभाषा लिखिए। व्यापारिक बैंकों के कार्यों का विस्तार से वर्णन कीजिए।
Answer: बैंक की परिभाषाएँ (Definition of Bank) – बैंक शब्द की कई परिभाषाएँ दी गई हैं, जिनमें से मुख्य परिभाषाएँ इस प्रकार हैं:
अधिनियमों के अनुसार
(i) ऑक्सफोर्ड शब्दकोश के अनुसार, "बैंक वह संस्था है जो अपने ग्राहकों से प्राप्त धन की रक्षा करती है। इसका मुख्य कार्य अपने ड्राफ्टों का भुगतान करना है। इसका लाभ ग्राहकों द्वारा इसके पास रखे धन से प्राप्त होता है।" यह ग्राहकों के धन को सुरक्षित रखने और भुगतान करने में मदद करता है।
(ii) भारतीय बैंकिंग नियम व अधिनियम, 1949 के अनुसार, "बैंकिंग कम्पनी वह है जो बैंकिंग का व्यवसाय करे। बैंकिंग का आशय जनता को उधार देने एवं विनियोग करने के लिए जमा स्वीकार करने से है जो माँगने अथवा अन्य प्रकार से लौटाया जाये तथा जिसकी निकासी चेक, ड्राफ्ट, आदेश आदि द्वारा हो सके।"
अर्थशास्त्रियों द्वारा दी गई प्रमुख परिभाषाएँ
1. हार्ट (Hart) के अनुसार, "बैंकर वह है जो अपने साधारण व्यवसाय के अंतर्गत उन व्यक्तियों द्वारा लिखे गए चेकों का भुगतान करता है जिनसे या जिनके लिए वह चालू खातों में धन प्राप्त करता है।"
2. किनले (Kinley) के अनुसार, "बैंक एक ऐसी संस्था है जो ऋण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे व्यक्ति को रुपया उधार देती है जिसे उसकी आवश्यकता है तथा जब लोगों को धन की आवश्यकता नहीं होती है तो वे अपना धन उसके पास जमा कर देते हैं।"
3. क्राउथर (Crowther) के शब्दों में, "बैंक का कार्य अन्य लोगों से ऋण लेकर बदले में अपना ऋण प्रदान करके मुद्रा का निर्माण करना है।"
4. फिन्डले शिराज (Findley Shirraz) के अनुसार, "बैंक वह व्यक्ति, फर्म या कम्पनी है जिसके पास व्यवसाय के लिए ऐसा स्थान हो जहाँ मुद्रा अथवा करेंसी की जमा द्वारा साख का कार्य किया जाता है और जिसकी जमा का ड्राफ्ट, चेक या ऑर्डर द्वारा भुगतान किया जाता है।"
उपरोक्त परिभाषाओं के आधार पर बैंक की एक सरल एवं संक्षिप्त परिभाषा निम्न प्रकार दी जा सकती है –
बैंक एक ऐसी वित्तीय संस्था है जो मुद्रा एवं साख का व्यवसाय करती है।
व्यापारिक बैंक के कार्य (Functions of Commercial Bank) – व्यापारिक बैंकों के कार्यों में पहले से अब तक काफी वृद्धि हुई है। आजकल बैंक अपने ग्राहकों को अनेक प्रकार की सेवाएँ देते हैं। बैंकों के कार्यों को तीन मुख्य हिस्सों में बांटा जा सकता है:
1. प्राथमिक अथवा मुख्य कार्य
(a) जमाएँ स्वीकार करना (Accepting Deposits) – बैंक लोगों से पैसे जमा करके पर्याप्त वित्तीय संसाधन इकट्ठा करते हैं। बैंक इन जमाओं पर ग्राहकों को ब्याज भी देते हैं। बैंक जनता की जमाओं को आकर्षित करने के लिए अलग-अलग तरह के खाते खोलने की सुविधा देते हैं। बैंकों में खोले जाने वाले मुख्य खाते निम्नलिखित हैं –
• बचत खाता (Saving Account)
• सावधि जमा खाता (Fixed Deposit Account)
• चालू खाता (Current Account)
• आवर्ती जमा खाता (Recurring Deposit Account)
• प्रधानमंत्री जन-धन खाता (Prime Minister Public Money Account)
(b) ऋण प्रदान करना (Granting Loans) – व्यापारिक बैंकों का दूसरा महत्वपूर्ण काम ग्राहकों को कर्ज देना है। बैंक व्यापारियों और उद्योगपतियों को तो कर्ज देते ही हैं, साथ ही आम ग्राहकों को भी घर बनाने, गाड़ी खरीदने, बच्चों की शिक्षा और शादी आदि के लिए कर्ज देते हैं। व्यापारिक बैंक अपनी जमा राशियों का एक निश्चित हिस्सा तरल कोष में रखकर बाकी राशि को कर्ज के रूप में ग्राहकों को दे देते हैं। बैंक आमतौर पर जमाओं पर मिलने वाले ब्याज से ज्यादा ब्याज ऋणों पर लेते हैं। बैंक कई तरह से ऋण देते हैं –
• ऋण अथवा अग्रिम (Loan or Advance)
• नकद साख (Cash Credit)
• अधिविकर्ष (Overdraft)
• विनिमय बिलों की कटौती (Discounting Bills of Exchange)
2. अभिकर्ता सम्बन्धी कार्य (Agency Related Functions) – बैंक अपने ग्राहकों के लिए एजेंट के रूप में भी काम करते हैं। इन कामों को करने के लिए ग्राहक को बैंक को लिखकर देना पड़ता है। इनमें से कुछ काम बैंक मुफ्त में करते हैं तो कुछ के लिए शुल्क लेते हैं। इस वर्ग के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं –
1. चेक, बिल संग्रह कार्य
2. चेक, बिल का भुगतान करना
3. ग्राहकों की ओर से भुगतान करना
4. ग्राहकों की ओर से भुगतान प्राप्त करना
5. अभिगोपन कार्य करना
6. ग्राहकों की ओर से अंश, ऋणपत्र तथा सरकारी प्रतिभूतियों का क्रय-विक्रय करना
7. धनराशि हस्तांतरण करना
8. वित्तीय सलाहकार के रूप में कार्य करना
9. लॉकर्स की सुविधा
10. विदेशी विनिमय की व्यवस्था
11. यात्री चेक की सुविधा
12. साख का निर्माण करना
13. सार्वजनिक ऋण की व्यवस्था करना
14. समाशोधन गृह का कार्य करना
15. सूचनाएँ एकत्रित व प्रकाशित करना
16. क्रेडिट कार्ड की सुविधा
17. इंटरनेट बैंकिंग सुविधा
18. मोबाइल बैंकिंग सुविधा
19. ATM सुविधा।
In simple words: व्यापारिक बैंक पैसे से जुड़े कई काम करते हैं। वे लोगों से पैसे जमा करते हैं, उन्हें कर्ज देते हैं, और उनके एजेंट के रूप में भी काम करते हैं। बैंक लॉकर, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग जैसी कई सुविधाएँ देते हैं और पैसे के लेन-देन को आसान बनाते हैं।

🎯 Exam Tip: व्यापारिक बैंक की परिभाषा को याद रखें और इसके प्राथमिक, अभिकर्ता और विविध कार्यों को उदाहरणों के साथ समझाएं। इन कार्यों को विस्तार से लिखने पर अच्छे अंक मिलते हैं।

 

Question 2. साख सृजन किसे कहते है? व्यापारिक बैंकों द्वारा दी जाने वाली साख सृजन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाइए।
Answer: साख निर्माण का मतलब (Meaning of Credit Creation) – बैंक का एक मुख्य काम ऋणों के जरिए साख बनाना है। बैंक अपनी अंश पूंजी और जमा राशि से कई गुना ज्यादा ऋण देते हैं। इसी कारण उन्हें काफी लाभ होता है। अर्थशास्त्री सेयर्स के अनुसार, "बैंक केवल मुद्रा जुटाने वाली संस्थाएँ नहीं हैं बल्कि एक महत्वपूर्ण अर्थ में मुद्रा की निर्माता भी है।" प्रो. हॉम का कथन भी इसी संबंध में महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, "व्युत्पन्न निक्षेप का निर्माण ही साख का सृजन है।"
इस तरह, अपनी अंश पूंजी और जमा राशियों से ज्यादा ऋण (व्युत्पन्न निक्षेपों के जरिए) देना ही साख का सृजन कहलाता है।
साख सृजन की प्रक्रिया (Method of Credit Creation) – बैंक इन तरीकों से साख बनाते हैं –
(i) नोट निर्गमन द्वारा (By Issue of Notes) – आजकल लगभग सभी देशों में नोट छापने का काम उस देश का केंद्रीय बैंक करता है। ये बैंक नोट छापने के पीछे पूरा धातु कोष नहीं रखते हैं। वे बिना धातु कोष रखे या आंशिक कोष रखकर मुद्रा जारी करते हैं। इसी वजह से जो नोट बाजार में होते हैं, वे केंद्रीय बैंक की साख पर ही चलते हैं। यही साख सृजन है।
(ii) निक्षेपों द्वारा (By Deposits) – प्रो० हॉम ने निक्षेपों को दो हिस्सों में बांटा है –
(b) व्युत्पन्न निक्षेप (Derived Deposits) – जब बैंक किसी को ऋण देता है, तो वह ऋण की रकम नकद में न देकर उसके ऋण खाते में जमा कर देता है और उसे चेक बुक देता है। ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से उस खाते से पैसा निकाल सकता है। इस तरह ऋण देने से जमाएँ बनती हैं। ऐसे निक्षेपों को, जो ऋण देने के कारण बनते हैं, व्युत्पन्न निक्षेप कहते हैं। व्युत्पन्न निक्षेप ही साख बनाते हैं।
(iii) विनिमय बिलों की कटौती द्वारा (By Bills of Exchange) – बैंक विनिमय बिलों, प्रतिज्ञा पत्रों और हुंडियों आदि की कटौती और खरीद-बिक्री करके भी साख बनाते हैं।
साख सृजन की प्रक्रिया का उदाहरण द्वारा स्पष्टीकरण (Explanation of Credit Creation Process through Example) – बैंक द्वारा साख सृजन की प्रक्रिया को इस उदाहरण से समझा जा सकता है –
मान लीजिए बैंक को मांग जमा के रूप में Rs 20,000 मिलते हैं और उसे 20% नकद कोष अपने पास रखना होता है। तो यह बैंक Rs 20,000 का 20 प्रतिशत नकद (अर्थात् Rs 4,000) रखकर Rs 16,000 किसी एक व्यक्ति या कुछ व्यक्तियों को ऋण के रूप में दे देगा। यह ऋण राशि ऋणी को नकद में न देकर उसके खाते में जमा कर दी जाएगी और उसे जरूरत के हिसाब से पैसा निकालने की सुविधा होगी। बैंक जानता है कि एक निश्चित समय में लोग औसत रूप से 20% से ज्यादा पैसे नहीं निकालते हैं। इसलिए, वह Rs 16,000 का 20% (अर्थात् Rs 3,200) शेष रखकर बाकी राशि Rs 12,800 (16,000 - 3,200) फिर किसी और को ऋण दे देगा। फिर Rs 12,800 ऋणी के खाते में जमा कर दिए जाएंगे और इसका 20% (अर्थात् Rs 2,560) शेष रखकर बाकी राशि Rs 10,240 फिर से ऋण के रूप में दे दी जाएगी। यह क्रम तब तक चलता रहता है जब तक कि बैंक अपनी जमा राशि का पाँच गुना साख सृजन नहीं कर लेता है (20% नकद शेष रखने के कारण)।
इसको एक सूत्र द्वारा ज्ञात किया जा सकता है –
कुल माँग जमा \( (AD) = \frac { \Delta O }{ R } \) (प्रारम्भिक जमाराशि)
साख निर्माण की मात्रा \( (C) = \frac { \Delta O }{ R } - \Delta O \) (कुल जमाराशि - प्रारम्भिक जमाराशि)
यहाँ
\( AD \) = कुल जमाएँ
\( \Delta O \) = प्रारम्भिक जमाराशि
\( R \) = नकद कोष अनुपात
\( C \) = साख निर्माण
\[ C = \frac { 20,000 }{ 20\% } - 20,000 \] \[ C = \frac { 20,000 }{ \left( \frac { 20 }{ 100 } \right) } - 20,000 \] \[ C = \left( 20,000 \times \frac { 100 }{ 20 } \right) - 20,000 \] \[ C = (1,00,000) - 20,000 \] \[ C = 80,000 \]

प्रारम्भिक जमाराशिनकद कोष अनुपात (20%)ऋण राशि
I20,0004,00016,000 (20,000 - 4,000)
II16,0003,20012,800 (16,000 - 3,200)
III12,8002,56010,240 (12,800 - 2,560)
IV10,2402,0488,192 (10,240 - 2,048)
V8,1921,638.406,553.6 (8,192 – 1,638.40)
........................
योगAD = 1,00,000R = 20,000C = 80,000
उपरोक्त तालिका से साफ है कि कैसे व्यापारिक बैंक अपनी मांग जमाओं के आधार पर साख बनाते हैं। बैंक द्वारा कितनी साख बनाई जा सकती है, यह नकद कोष अनुपात पर निर्भर करता है। अगर नकद कोष अनुपात 20% है तो साख सृजन Rs 80,000 का होगा।
साख निर्माण की उपरोक्त प्रक्रिया एक आदर्श स्थिति दिखाती है। यह निम्न मान्यताओं पर आधारित है –
1. एक बैंक से मिला चेक दूसरे बैंक में जमा कर दिया जाता है।
2. बैंक का नकद कोष अनुपात स्थिर रहता है।
3. जनता बैंकों के ऋण देने की अधिकतम सीमा तक ऋण की मांग करती है।
4. बैंक भी अपनी पूरी क्षमता तक ऋण देने को तैयार रहते हैं।
साख सृजन की सीमाएँ (Limitations of Credit Creation) – बैंकों की साख सृजन की निम्न सीमाएँ हैं –
1. बैंकिंग विकास – जहाँ बैंकिंग विकास ज्यादा होता है वहाँ साख सृजन ज्यादा होता है। इसके विपरीत बैंकिंग विकास कम होने पर साख सृजन भी कम होता है।
2. बैंकिंग की आदत – जिस देश के लोगों द्वारा बैंकिंग सुविधाओं का ज्यादा प्रयोग किया जाता है उन देशों में साख सृजन ज्यादा होता है।
3. व्यावसायिक व औद्योगिक विकास-जिन देशों में व्यावसायिक एवं औद्योगिक विकास ज्यादा होता है उन देशों में साख निर्माण ज्यादा होता है। जिन देशों में ये ज्यादा विकसित नहीं होते हैं उन देशों में साख निर्माण कम होता है।
4. केन्द्रीय बैंक की मौद्रिक नीति - केन्द्रीय बैंक की मौद्रिक नीति भी साख निर्माण को प्रभावित करती है। सरल मौद्रिक नीति साख निर्माण को प्रोत्साहित करती है तथा कठोर मौद्रिक नीति साख निर्माण को हतोत्साहित करती है।
In simple words: साख सृजन का मतलब है कि बैंक अपने जमा पैसों से कई गुना ज्यादा कर्ज देकर पैसे बनाते हैं। यह कई बातों पर निर्भर करता है जैसे केंद्रीय बैंक की नीति, लोगों की बैंकिंग आदत, बैंकों का कितना विकास हुआ है और देश का व्यापार कितना बढ़ रहा है।

🎯 Exam Tip: साख सृजन की परिभाषा, प्रक्रिया और सीमाओं को विस्तार से समझाना महत्वपूर्ण है। उदाहरण और सूत्र का उपयोग करके स्पष्टीकरण को और अधिक प्रभावी बनाएं।

RBSE Class 12 Economics Chapter 18 अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

RBSE Class 12 Economics Chapter 18 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 2. बैंक एक संस्था है जो
(अ) मुद्रा में लेन-देन करता है।
(ब) धन का निवेश करता है।
(स) ऋण प्रदान करता है।
(द) ये सभी कार्य करता है।
Answer: (द) ये सभी कार्य करता है।
In simple words: बैंक सिर्फ पैसे का लेन-देन ही नहीं करता बल्कि धन का निवेश भी करता है और लोगों को कर्ज भी देता है।

🎯 Exam Tip: बैंक के कार्यों में धन का लेन-देन, निवेश और ऋण प्रदान करना तीनों शामिल हैं।

 

Question 3. निम्न में से कौन-सा व्यापारिक बैंक का कार्य नहीं है?
(अ) ऋण प्रदान करना
(ब) निक्षेप स्वीकार करना
(स) साख निर्माण करना
(द) साख नियन्त्रित करना
Answer: (द) साख नियन्त्रित करना
In simple words: व्यापारिक बैंक लोगों को कर्ज देते हैं और पैसे जमा करते हैं, वे साख भी बनाते हैं लेकिन साख को नियंत्रित करने का काम केंद्रीय बैंक का होता है।

🎯 Exam Tip: व्यापारिक बैंक के कार्यों और केंद्रीय बैंक के कार्यों के बीच का अंतर स्पष्ट रखें, विशेषकर साख नियंत्रण के संबंध में।

 

Question 4. बैंकों द्वारा जमाएँ स्वीकार की जाती है।
(अ) बचत खाते में
(ब) चालू खाते में
(स) सावधि जमा खाते में।
(द) इन सभी में
Answer: (द) इन सभी में
In simple words: बैंक बचत खाता, चालू खाता और सावधि जमा खाता – तीनों तरह के खातों में पैसे जमा करते हैं।

🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार के खातों के नाम याद रखें जिनमें बैंक जमा स्वीकार करते हैं।

 

Question 5. बैंक शब्द की उत्पत्ति हुई है।
(अ) बैंकिंग शब्द से
(ब) बैंको शब्द से
(स) बैंकम शब्द से
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (ब) बैंको शब्द से
In simple words: 'बैंक' शब्द इटालियन भाषा के 'बैंको' शब्द से आया है।

🎯 Exam Tip: 'बैंक' शब्द की उत्पत्ति से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों को याद रखना सामान्य ज्ञान के लिए उपयोगी है।

 

Question 6. व्यापारिक बैंक का कार्य है।
(अ) जमा स्वीकार करना
(ब) ऋण प्रदान करना
(स) साख निर्माण करना
(द) ये सभी
Answer: (द) ये सभी
In simple words: व्यापारिक बैंक पैसे जमा करते हैं, कर्ज देते हैं और साख भी बनाते हैं। यह उनके सभी मुख्य काम हैं।

🎯 Exam Tip: व्यापारिक बैंक के प्रमुख कार्यों को याद रखना महत्वपूर्ण है क्योंकि ये अक्सर परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।

 

Question 8. साख का अर्थशास्त्र में आशय है।
(अ) भविष्य में भुगतान करने से
(ब) जमा पक्ष से
(स) विश्वास से
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (स) विश्वास से
In simple words: अर्थशास्त्र में साख का मतलब है भरोसा। यह इस बात पर आधारित है कि उधार लेने वाला भविष्य में पैसे लौटा देगा।

🎯 Exam Tip: 'साख' शब्द का मूल अर्थ 'विश्वास' है, जो किसी भी वित्तीय लेन-देन की नींव होता है।

 

Question 9. नकद कोष अनुपात बढ़ने पर साख निर्माण की मात्रा
(अ) बढ़ जाती है।
(ब) घट जाती है।
(स) स्थिर रहती है।
(द) पहले बढ़ती है फिर घटती है।
Answer: (ब) घट जाती है।
In simple words: जब बैंक को ज्यादा पैसा अपने पास नकद रखना पड़ता है, तो उनके पास दूसरों को कर्ज देने के लिए कम पैसे बचते हैं, जिससे साख बनाने की क्षमता कम हो जाती है।

🎯 Exam Tip: नकद कोष अनुपात और साख निर्माण के बीच का संबंध विपरीत होता है; एक के बढ़ने पर दूसरा घटता है।

 

Question 10. 'व्युत्पन्न निक्षेपों का निर्माण ही साख का सृजन है।” यह विचार हैं।
(अ) सेयर्स के
(ब) हॉम के
(स) क्राउथर के
(द) किनले के
Answer: (ब) हॉम के
In simple words: यह बात प्रो. हॉम ने कही थी कि जब बैंक कर्ज देकर नए जमा खाते बनाते हैं, तो यही साख सृजन कहलाता है।

🎯 Exam Tip: विभिन्न अर्थशास्त्रियों द्वारा दिए गए प्रमुख कथनों और परिभाषाओं को याद रखना उपयोगी है।

RBSE Class 12 Economics Chapter 18 अतिलघु उत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. 'बैंक' शब्द की व्युत्पत्ति किस शब्द से हुई है?
Answer: बैंक शब्द की व्युत्पत्ति इटैलियन भाषा के 'बैंको' (Banco) शब्द से हुई है। यह शब्द उस समय के बेंचों को दर्शाता था जिन पर बैठकर लोग पैसे का लेन-देन करते थे।
In simple words: 'बैंक' शब्द इटैलियन भाषा के 'बैंको' शब्द से आया है।

🎯 Exam Tip: 'बैंक' शब्द की उत्पत्ति से जुड़े भाषाई और ऐतिहासिक संदर्भ को जानना सामान्य ज्ञान के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. आधुनिक बैंकिंग का विकास कहाँ हुआ था?
Answer: आधुनिक बैंकिंग का विकास यूरोप में हुआ था। यहीं पर पहली बार संगठित बैंकों की स्थापना हुई जिसने आज की बैंकिंग प्रणाली की नींव रखी।
In simple words: आधुनिक बैंकिंग की शुरुआत यूरोप में हुई थी।

🎯 Exam Tip: बैंकिंग के विकास से संबंधित ऐतिहासिक जानकारी, जैसे कि इसकी शुरुआत कहाँ हुई, अक्सर पूछी जाती है।

 

Question 3. भारत में व्यापारिक बैंकों का नियमन किस अधिनियम द्वारा होता है?
Answer: भारत में व्यापारिक बैंकों का नियमन 'भारतीय बैंकिंग कम्पनीज अधिनियम, 1949' द्वारा होता है। यह अधिनियम भारत में बैंकिंग के संचालन के लिए नियम और कानून तय करता है।
In simple words: भारत में व्यापारिक बैंक 'भारतीय बैंकिंग कम्पनीज अधिनियम, 1949' के नियमों से चलते हैं।

🎯 Exam Tip: भारत में बैंकिंग प्रणाली को नियंत्रित करने वाले प्रमुख अधिनियम का नाम याद रखना आवश्यक है।

 

Question 4. बैंक बचत खाता किन लोगों के लिए उपयुक्त रहता है?
Answer: बैंक बचत खाता छोटे बचतकर्ता और नौकरी पेशा लोगों के लिए उपयुक्त रहता है। यह उन लोगों के लिए बनाया गया है जो अपनी छोटी-छोटी बचत को सुरक्षित रखना चाहते हैं और उस पर कुछ ब्याज भी कमाना चाहते हैं।
In simple words: बैंक बचत खाता छोटे पैसे बचाने वाले और नौकरी करने वाले लोगों के लिए अच्छा है।

🎯 Exam Tip: विभिन्न बैंक खातों के उद्देश्यों को समझना महत्वपूर्ण है ताकि आप सही खाता चुन सकें या उसकी व्याख्या कर सकें।

 

Question 5. माँग जमाएँ क्या होती है?
Answer: माँग जमाएँ वह होती हैं जिनका भुगतान ग्राहक द्वारा माँग करने पर बैंकों को करना होता है। इसका मतलब है कि ग्राहक जब चाहें, इन पैसों को निकाल सकते हैं।
In simple words: माँग जमाएँ वह पैसे होते हैं जिन्हें ग्राहक कभी भी बैंक से निकाल सकता है।

🎯 Exam Tip: माँग जमाएँ और सावधि जमाएँ के बीच के अंतर को स्पष्ट रखें, खासकर तरलता के संबंध में।

 

Question 6. सावधि जमाएँ क्या होती है?
Answer: सावधि जमाएँ ऐसी जमाएँ होती हैं जो एक निश्चित अवधि के लिए बैंक के पास जमा की जाती हैं। इन पर ब्याज ऊँची दर से मिलता है क्योंकि बैंक को आपके पैसों को एक तय समय तक इस्तेमाल करने का मौका मिलता है।
In simple words: सावधि जमाएँ वह पैसे होते हैं जो एक तय समय के लिए बैंक में जमा किए जाते हैं और जिन पर ज्यादा ब्याज मिलता है।

🎯 Exam Tip: सावधि जमाएँ लंबी अवधि के निवेश के लिए आदर्श होती हैं और इनमें ब्याज दरें अक्सर बचत खातों से अधिक होती हैं।

 

Question 7. प्रधानमंत्री जन-धन योजना क्या है?
Answer: प्रधानमंत्री जन-धन योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक योजना है जिसका उद्देश्य देश के सभी परिवारों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना है। इस योजना के तहत लोग बिना किसी न्यूनतम जमा राशि के बैंक खाता खोल सकते हैं। इस योजना का मुख्य लक्ष्य वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना है।
In simple words: प्रधानमंत्री जन-धन योजना एक सरकारी योजना है जिसमें लोग बिना पैसे जमा किए बैंक खाता खोल सकते हैं ताकि सभी लोग बैंक से जुड़ सकें।

🎯 Exam Tip: जन-धन योजना के मुख्य उद्देश्य और इसकी विशेषताओं को याद रखें, जैसे 'शून्य बैलेंस खाता' और 'वित्तीय समावेशन'।

 

Question 9. बैंक की एजेन्सी सेवाओं से क्या आशय है?
Answer: बैंक की एजेंसी सेवाओं से आशय उन सेवाओं से है जो बैंक द्वारा ग्राहक के प्रतिनिधि के रूप में की जाती हैं। इसमें बैंक ग्राहक के कहने पर उसके लिए विभिन्न वित्तीय कार्य करता है, जैसे बिलों का भुगतान या पैसे ट्रांसफर करना।
In simple words: बैंक की एजेंसी सेवाएँ वह काम हैं जो बैंक अपने ग्राहक के लिए उसकी तरफ से करता है।

🎯 Exam Tip: एजेंसी सेवाओं में बैंक ग्राहक के विश्वासपात्र एजेंट के रूप में कार्य करता है, जो उसके वित्तीय लेन-देन को संभालता है।

 

Question 10. व्यापारी के लिए कौन-सा खाता खोलना उपयुक्त रहता है?
Answer: व्यापारी के लिए चालू खाता खोलना उपयुक्त रहता है। चालू खाते में व्यापारी जितनी बार चाहें पैसे जमा या निकाल सकते हैं, जो उनके रोजमर्रा के बड़े लेन-देन के लिए सुविधाजनक होता है।
In simple words: व्यापारियों को चालू खाता खोलना चाहिए क्योंकि इसमें वे बार-बार पैसे निकाल और जमा कर सकते हैं।

🎯 Exam Tip: चालू खाते की विशेषताएँ, जैसे असीमित लेन-देन और कोई ब्याज न मिलना, इसे व्यापारियों के लिए आदर्श बनाती हैं।

 

Question 11. वाहक चेक क्या होता है?
Answer: वाहक चेक से आशय ऐसे चेक से है जिसका भुगतान बैंक चेक के वाहक को खिड़की पर ही कर देता है। इसका मतलब है कि जो व्यक्ति चेक लेकर बैंक जाएगा, उसे बिना किसी पहचान या औपचारिकता के पैसा मिल जाएगा।
In simple words: वाहक चेक वह होता है जिसका पैसा कोई भी व्यक्ति बैंक से ले सकता है जो उसे लेकर गया हो।

🎯 Exam Tip: वाहक चेक में सुरक्षा का स्तर कम होता है, इसलिए इसे सावधानी से उपयोग करना चाहिए।

 

Question 12. रेखांकित चेक क्या होता है?
Answer: जब चेक के बाईं ओर ऊपर दो समानांतर रेखाएँ खींच दी जाती हैं तो यह रेखांकित चेक कहलाता है। ऐसे चेक का भुगतान बैंक खिड़की पर नहीं करता है, बल्कि खाताधारक के खाते में ही जमा करता है। यह चेक को अधिक सुरक्षित बनाता है।
In simple words: रेखांकित चेक वह होता है जिस पर दो लाइनें खींची होती हैं, और उसका पैसा सीधे बैंक खाते में जमा होता है, नकद नहीं मिलता।

🎯 Exam Tip: रेखांकित चेक का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना है कि भुगतान केवल सही प्राप्तकर्ता के खाते में ही जमा हो।

 

Question 13. बैंक साख का सृजन-कहाँ से करते हैं?
Answer: बैंक साख का सृजन ग्राहकों की जमाराशि से करते हैं। जब ग्राहक पैसा जमा करते हैं, तो बैंक उस पैसे का एक हिस्सा अपने पास रखकर बाकी को ऋण के रूप में दे देते हैं, जिससे नई जमाएँ बनती हैं और साख सृजन होता है।
In simple words: बैंक लोगों के जमा पैसों का उपयोग करके साख (कर्ज) बनाते हैं।

🎯 Exam Tip: साख सृजन की प्रक्रिया में ग्राहकों की जमा राशि एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक बिंदु होती है।

 

Question 14. प्रारम्भिक जमाएँ क्या होती है?
Answer: प्रारम्भिक जमाओं से आशय उन जमाओं से है जो जमाकर्ता द्वारा वास्तविक मुद्रा के रूप में बैंक में जमा की जाती हैं। ये वह पहली जमाएँ होती हैं जिनसे साख सृजन की प्रक्रिया शुरू होती है।
In simple words: प्रारम्भिक जमाएँ वह असली पैसे होते हैं जो लोग पहली बार बैंक में जमा करते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रारम्भिक जमाएँ बैंक के साख सृजन की नींव होती हैं, क्योंकि इन्हीं से बैंक ऋण देना शुरू करते हैं।

 

Question 16. भारत के केन्द्रीय बैंक का नाम बताइए।
Answer: भारत के केन्द्रीय बैंक का नाम 'भारतीय रिजर्व बैंक' (Reserve Bank of India) है। यह देश की मौद्रिक नीति को नियंत्रित करता है और सभी बैंकों का नियामक है।
In simple words: भारत का केंद्रीय बैंक 'भारतीय रिजर्व बैंक' है।

🎯 Exam Tip: भारत के केंद्रीय बैंक का नाम और उसके मुख्य कार्य, जैसे मौद्रिक नीति नियंत्रण, याद रखना आवश्यक है।

 

Question 17. बैंक ग्राहकों को 24 घंटे सेवाएँ किस प्रकार देती है?
Answer: बैंक ग्राहकों को इंटरनेट बैंकिंग और ATM (स्वचालित टैलर मशीन) द्वारा 24 घंटे सेवाएँ प्रदान करती है। इन सुविधाओं से ग्राहक कभी भी, कहीं भी पैसों का लेन-देन कर सकते हैं।
In simple words: बैंक इंटरनेट बैंकिंग और ATM से ग्राहकों को 24 घंटे सेवाएँ देते हैं।

🎯 Exam Tip: 24 घंटे बैंकिंग सेवाओं में एटीएम, ऑनलाइन बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग प्रमुख हैं।

 

Question 18. साख निर्माण से क्या आशय है?
Answer: बैंकों द्वारा व्युत्पन्न निक्षेपों का निर्माण करना ही साख निर्माण करना कहलाता है। व्युत्पन्न निक्षेपों का निर्माण ऋण स्वीकृत करके किया जाता है। इसका अर्थ है कि बैंक अपने पास जमा पैसों के आधार पर नए ऋण देकर बाजार में पैसे की मात्रा बढ़ाते हैं।
In simple words: साख निर्माण का मतलब है कि बैंक कर्ज देकर और नए खाते खोलकर बाजार में ज्यादा पैसे उपलब्ध कराते हैं।

🎯 Exam Tip: साख निर्माण की परिभाषा में 'व्युत्पन्न निक्षेपों' और 'ऋण स्वीकृति' जैसे शब्दों का उपयोग करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 19. साख से क्या आशय है?
Answer: अर्थशास्त्र में साख का आशय उधार लेन-देनों की क्षमता से लगाया जाता है। यह 'विश्वास' पर आधारित है कि उधार लेने वाला भविष्य में भुगतान करेगा। साख के दो लाभ इस प्रकार हैं:
1. भुगतान में सुविधा
2. जीवन-स्तर में सुधार।
In simple words: साख का मतलब है उधार लेने और देने की क्षमता, जो विश्वास पर टिकी होती है। इसके दो फायदे हैं - आसानी से भुगतान और बेहतर जीवन।

🎯 Exam Tip: साख की परिभाषा और उसके लाभों को एक साथ याद रखें, यह आर्थिक गतिविधियों को समझने में मदद करता है।

 

Question 21. साख की दो हानियाँ बताइए।
Answer: साख की दो हानियाँ निम्नलिखित हैं:
1. अपव्यय को बढ़ावा – जब लोग आसानी से कर्ज ले पाते हैं, तो वे अक्सर अनावश्यक चीजों पर खर्च करते हैं, जिससे फिजूलखर्ची बढ़ती है।
2. अति उत्पादन को भय – साख की अधिक उपलब्धता से कभी-कभी उत्पादक जरूरत से ज्यादा उत्पादन कर लेते हैं, जिससे बाजार में सामान की भरमार हो जाती है और कीमतें गिर सकती हैं।
In simple words: साख से दो बड़े नुकसान हैं - लोग फालतू खर्चे करते हैं और कभी-कभी बहुत ज्यादा चीजें बन जाती हैं जिससे बाजार बिगड़ जाता है।

🎯 Exam Tip: साख के लाभों के साथ-साथ इसकी हानियों को भी समझना महत्वपूर्ण है, ताकि साख के संतुलित उपयोग को समझा जा सके।

 

Question 23. साख निर्माण की दो मान्यताएँ बताइए।
Answer: साख निर्माण (Credit Creation) की मुख्य दो मान्यताएँ इस प्रकार हैं:
1. बैंक का नकद कोष अनुपात हमेशा स्थिर रहता है, यानी बदलता नहीं है। यह बैंकों को एक निश्चित अनुपात में ही अपने पास नकदी रखने में मदद करता है।
2. बैंक अपनी ऋण देने की पूरी क्षमता का उपयोग करने के लिए तैयार रहते हैं और हमेशा ऋण देने के लिए तत्पर रहते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिले।
In simple words: साख बनाने के लिए बैंक यह मानकर चलते हैं कि उनकी नकदी का अनुपात स्थिर रहेगा और वे हमेशा जितना हो सके, उतना उधार देने को तैयार रहेंगे।

🎯 Exam Tip: साख निर्माण की मान्यताओं को याद रखना महत्वपूर्ण है क्योंकि ये बैंकों की ऋण देने की क्षमता की आधारशिला हैं और इनके बिना आर्थिक मॉडल काम नहीं करता है।

 

Question 24. “व्युत्पन्न जमा का निर्माण ही साख का सृजन होता है।” यह किसका कथन है?
Answer: यह कथन अर्थशास्त्री हॉम का है। उन्होंने समझाया कि जब बैंक ऋण देते हैं, तो वह सीधे नकदी के बजाय ग्राहकों के खातों में जमा के रूप में देते हैं, जिससे नई जमाएँ बनती हैं जिन्हें व्युत्पन्न जमा कहते हैं।
In simple words: यह बात अर्थशास्त्री हॉम ने कही थी कि जब बैंक उधार देते हैं, तो उससे नई जमाएँ बनती हैं, और यही साख निर्माण है।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, अर्थशास्त्री का नाम और उसका कथन बिल्कुल सही बताना जरूरी है। यह अर्थशास्त्र के बुनियादी सिद्धांतों में से एक है।

 

Question 25. केन्द्रीय बैंक साख का निर्माण किस प्रकार करता है?
Answer: केन्द्रीय बैंक साख का निर्माण नोट निर्गमन (नोट जारी करके) के द्वारा करता है। वह न्यूनतम कोष को अपने पास रखकर पत्र मुद्रा जारी करता है, जिससे अर्थव्यवस्था में मुद्रा की आपूर्ति बढ़ती है और साख का सृजन होता है। यह एक देश की मौद्रिक नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
In simple words: केन्द्रीय बैंक नोट छापकर और उन्हें जारी करके साख बनाता है। वे अपने पास कुछ पैसा रखकर नए नोट जारी करते हैं।

🎯 Exam Tip: केन्द्रीय बैंक की भूमिका में नोट जारी करना और साख को नियंत्रित करना उसके मुख्य कार्यों में से है, जो अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने में मदद करता है।

 

Question 26. आवर्ती जमा खाता क्या है?
Answer: आवर्ती जमा खाता (Recurring Deposit Account) एक ऐसा खाता होता है जिसमें ग्राहक एक निश्चित अवधि के लिए हर महीने एक तय राशि जमा करता है। इस खाते पर बचत खाते की तुलना में अधिक ब्याज मिलता है, और यह छोटी-छोटी बचत करने वाले लोगों के लिए अच्छा होता है।
In simple words: आवर्ती जमा खाता वह है जहाँ लोग हर महीने एक ही रकम एक तय समय के लिए बैंक में जमा करते हैं और उस पर ब्याज कमाते हैं।

🎯 Exam Tip: आवर्ती जमा खाता उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो नियमित रूप से बचत करना चाहते हैं और अपनी बचत पर अच्छा ब्याज पाना चाहते हैं।

 

Question 27. बैंक के एजेन्सी सम्बन्धी दो कार्य बताइए।
Answer: बैंक के एजेन्सी सम्बन्धी दो मुख्य कार्य इस प्रकार हैं:
1. ट्रस्टी के रूप में कार्य करना: बैंक अपने ग्राहकों के लिए ट्रस्टी (न्यासी) या उनके प्रतिनिधि के रूप में काम करते हैं, उनकी संपत्ति और वित्तीय मामलों का प्रबंधन करते हैं।
2. ग्राहकों के लिए अंश, ऋणपत्र आदि का क्रय-विक्रय करना: बैंक अपने ग्राहकों की ओर से शेयर (अंश), बॉन्ड (ऋणपत्र) और अन्य सरकारी प्रतिभूतियाँ खरीदते और बेचते हैं। ये सेवाएँ ग्राहकों को निवेश में मदद करती हैं।
In simple words: बैंक अपने ग्राहकों के लिए ट्रस्टी का काम करते हैं और उनकी ओर से शेयर या बॉन्ड जैसी चीजें खरीदते-बेचते हैं।

🎯 Exam Tip: बैंक के एजेन्सी कार्य ग्राहकों के वित्तीय प्रबंधन को आसान बनाते हैं, जिससे उन्हें अपनी संपत्ति और निवेश को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलती है।

 

Question 28. 'क्रेडिट कार्ड' से क्या लाभ है?
Answer: क्रेडिट कार्ड से कई लाभ होते हैं, जैसे कि यह आपात स्थिति में तुरंत धन की उपलब्धता सुनिश्चित करता है। क्रेडिट कार्ड से ग्राहक ऑनलाइन और ऑफलाइन भुगतान आसानी से कर सकते हैं, जिससे खरीदारी सुविधाजनक हो जाती है। यह खर्चों को ट्रैक करने और मासिक बजट बनाने में भी मदद करता है।
In simple words: क्रेडिट कार्ड से हमें अचानक पैसों की जरूरत होने पर मदद मिलती है, हम आसानी से खरीदारी कर सकते हैं, और अपने खर्चों पर नजर रख सकते हैं।

🎯 Exam Tip: क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते समय हमेशा समय पर बिल का भुगतान करना याद रखें, ताकि आप ब्याज शुल्क से बच सकें और अपना क्रेडिट स्कोर अच्छा बनाए रख सकें।

 

Question 30. मोबाइल बैंकिंग के लिए क्या होना आवश्यक है?
Answer: मोबाइल बैंकिंग का उपयोग करने के लिए कुछ चीजें आवश्यक हैं:
1. एक स्मार्टफोन होना चाहिए।
2. इंटरनेट कनेक्शन होना चाहिए।
3. बैंक में एक सक्रिय खाता होना चाहिए।
इन सभी चीजों के बिना मोबाइल बैंकिंग सुविधा का लाभ नहीं उठाया जा सकता, क्योंकि यह सुविधा ऑनलाइन काम करती है।
In simple words: मोबाइल बैंकिंग के लिए आपको स्मार्टफोन, इंटरनेट और बैंक खाता चाहिए।

🎯 Exam Tip: मोबाइल बैंकिंग सुविधा का उपयोग करते समय हमेशा अपने बैंक खाते की सुरक्षा के लिए एक मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें।

RBSE Class 12 Economics Chapter 18 लघु उत्तरात्मक प्रश्न (SA-I)

 

Question 1. बैंक' शब्द के उद्गम को संक्षेप में बताइए।
Answer: 'बैंक' शब्द की उत्पत्ति इटैलियन भाषा के 'बैंको' (Banco) शब्द से हुई है। इटली में पुराने समय में लोग बेंचों पर बैठकर मुद्रा बदलने का काम करते थे। कुछ लोगों का मानना है कि यह शब्द जर्मन भाषा के 'बैंके' (Banck) से भी आया है। बाद में यह 'बैंक' शब्द अंग्रेजी भाषा में भी इस्तेमाल होने लगा, जिसका अर्थ है वित्तीय संस्था।
In simple words: 'बैंक' शब्द इटैलियन 'बैंको' से आया है, जहाँ लोग बेंचों पर बैठकर पैसे का लेनदेन करते थे। कुछ मानते हैं कि यह जर्मन शब्द 'बैंके' से भी आया है।

🎯 Exam Tip: 'बैंक' शब्द की उत्पत्ति के बारे में लिखते समय, 'बैंको' (इटैलियन) और 'बैंके' (जर्मन) शब्दों का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये इसके भाषाई मूल को दर्शाते हैं।

 

Question 2. आधुनिक बैंकिंग का विकास कहाँ हुआ था?
Answer: आधुनिक बैंकिंग का विकास मुख्य रूप से यूरोप में हुआ था। इसकी शुरुआत 1157 में इटली में बैंक ऑफ वेनिस की स्थापना के साथ हुई। समय के साथ, बार्सिलोना, जिनेवा, एम्स्टर्डम और हैम्बर्ग जैसे शहरों में भी बैंक स्थापित हुए। यह विकास व्यापार और वाणिज्य की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए हुआ।
In simple words: आधुनिक बैंकिंग यूरोप में शुरू हुई, सबसे पहले इटली में बैंक ऑफ वेनिस के साथ, और फिर दूसरे शहरों में फैली।

🎯 Exam Tip: आधुनिक बैंकिंग के विकास की शुरुआत को अक्सर इटली में बैंक ऑफ वेनिस की स्थापना से जोड़ा जाता है, जो इसकी ऐतिहासिक नींव को समझने में महत्वपूर्ण है।

 

Question 3. भारत में व्यापारिक बैंकों का नियमन किस अधिनियम द्वारा होता है?
Answer: भारत में व्यापारिक बैंकों का नियमन 'भारतीय बैंकिंग कम्पनीज नियमन अधिनियम, 1949' द्वारा होता है। यह अधिनियम देश में बैंकों के संचालन, विनियमन और उनके कार्यों को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया था, ताकि वित्तीय प्रणाली मजबूत और सुरक्षित रहे।
In simple words: भारत में व्यापारिक बैंकों को 'भारतीय बैंकिंग कम्पनीज नियमन अधिनियम, 1949' के नियमों के अनुसार चलाया जाता है।

🎯 Exam Tip: अधिनियम का पूरा नाम और उसका वर्ष सही-सही लिखना बहुत जरूरी है, क्योंकि यह भारत में बैंकिंग कानून की नींव है।

 

Question 4. बैंक बचत खाता किन लोगों के लिए उपयुक्त रहता है?
Answer: बैंक बचत खाता छोटे बचतकर्ताओं और नौकरीपेशा लोगों के लिए बहुत उपयुक्त रहता है। यह खाता उन लोगों को सुविधा देता है जो नियमित रूप से अपनी कमाई का कुछ हिस्सा बचाना चाहते हैं और उस पर ब्याज भी कमाना चाहते हैं। यह उनके पैसों को सुरक्षित रखने का एक आसान तरीका है।
In simple words: बचत खाता उन लोगों के लिए अच्छा है जो थोड़ी-थोड़ी बचत करना चाहते हैं और नौकरी करते हैं।

🎯 Exam Tip: बचत खाते के मुख्य फायदे सुरक्षा, ब्याज और निकासी की सुविधा हैं, जो इसे आम जनता के लिए एक उपयोगी विकल्प बनाते हैं।

 

Question 5. माँग जमाएँ क्या होती है?
Answer: माँग जमाएँ (Demand Deposits) वे जमाएँ होती हैं जिनका भुगतान बैंक को ग्राहक द्वारा माँग करने पर तुरंत करना होता है। इन जमाओं को ग्राहक चेक, एटीएम या ऑनलाइन लेनदेन के माध्यम से कभी भी निकाल सकता है। ये मुख्य रूप से चालू खातों में रखी जाती हैं और इन पर आमतौर पर कोई ब्याज नहीं मिलता।
In simple words: माँग जमाएँ वह पैसा है जिसे ग्राहक अपनी इच्छा से कभी भी बैंक से निकाल सकता है।

🎯 Exam Tip: माँग जमाओं की मुख्य विशेषता उनकी तरलता है, यानी इन्हें कभी भी नकदी में बदला जा सकता है, जो इन्हें व्यापारिक लेनदेन के लिए आदर्श बनाता है।

 

Question 6. सावधि जमाएँ क्या होती है?
Answer: सावधि जमाएँ (Fixed Deposits) ऐसी जमाएँ होती हैं जो एक निश्चित अवधि के लिए बैंक के पास जमा की जाती हैं। इन जमाओं पर ब्याज दरें बचत खातों से अधिक होती हैं, क्योंकि ग्राहक एक तय समय के लिए अपने पैसे को निकालने का अधिकार छोड़ देता है। अवधि पूरी होने पर ही ग्राहक अपनी जमा राशि ब्याज सहित निकाल सकता है।
In simple words: सावधि जमाएँ वह पैसा है जिसे एक तय समय के लिए बैंक में जमा किया जाता है और इस पर ज्यादा ब्याज मिलता है।

🎯 Exam Tip: सावधि जमाएँ उन लोगों के लिए अच्छी होती हैं जो अपनी बचत को सुरक्षित रूप से बढ़ाना चाहते हैं और उन्हें निकट भविष्य में उन पैसों की जरूरत नहीं होती।

 

Question 7. प्रधानमंत्री जन-धन योजना क्या है?
Answer: प्रधानमंत्री जन-धन योजना (PMJDY) भारत सरकार द्वारा 28 अगस्त, 2014 को शुरू की गई एक योजना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के हर परिवार को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ना था। इसके तहत लोग बिना किसी न्यूनतम जमा राशि के 'शून्य-शेष' खाते खोल सकते हैं और उन्हें 5,000 रुपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा भी मिलती है, जिससे वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलता है।
In simple words: प्रधानमंत्री जन-धन योजना एक सरकारी स्कीम है जो हर किसी को बिना पैसे के बैंक खाता खोलने और कुछ उधार पाने में मदद करती है।

🎯 Exam Tip: प्रधानमंत्री जन-धन योजना का उद्देश्य वित्तीय समावेशन है, जिसका अर्थ है कि देश के हर नागरिक को बैंक सेवाओं तक पहुँच मिले, खासकर कमजोर वर्गों को।

 

Question 8. यात्री चेक सुविधा से क्या आशय है?
Answer: यात्री चेक (Traveller's Cheque) सुविधा उन लोगों के लिए होती है जो देश-विदेश यात्रा करते हैं। बैंक उन्हें यात्री चेक प्रदान करते हैं, जिन्हें वे यात्रा के दौरान आवश्यकता पड़ने पर किसी भी बैंक शाखा से भुना सकते हैं। इससे यात्रियों को बड़ी मात्रा में नकदी साथ ले जाने का जोखिम नहीं रहता और उनकी यात्रा सुरक्षित और सुविधाजनक बन जाती है।
In simple words: यात्री चेक एक सुविधा है जिससे यात्रा करने वाले लोग नकदी ले जाने की बजाय चेक ले जा सकते हैं, जिन्हें वे रास्ते में बैंक से बदलवा सकते हैं।

🎯 Exam Tip: यात्री चेक नकदी की चोरी के जोखिम को कम करता है और खो जाने पर आसानी से बदला जा सकता है, जिससे यह यात्रियों के लिए एक सुरक्षित भुगतान विकल्प बन जाता है।

 

Question 9. बैंक की एजेन्सी सेवाओं से क्या आशय है?
Answer: बैंक की एजेन्सी सेवाओं से आशय उन सेवाओं से है जो बैंक अपने ग्राहकों के प्रतिनिधि (एजेंट) के रूप में प्रदान करते हैं। इन सेवाओं में ग्राहकों की ओर से भुगतान प्राप्त करना, भुगतान करना, चेक/बिल जमा करना और निकालना, अंशों/ऋणपत्रों का क्रय-विक्रय करना आदि शामिल हैं। बैंक इन सेवाओं के लिए ग्राहकों से कुछ शुल्क ले सकता है।
In simple words: बैंक की एजेन्सी सेवाएँ वे काम हैं जो बैंक अपने ग्राहकों के लिए उनकी जगह पर करता है, जैसे पैसे लेना या देना।

🎯 Exam Tip: एजेन्सी सेवाएँ ग्राहकों के लिए वित्तीय लेनदेन को सरल बनाती हैं और उन्हें समय बचाने में मदद करती हैं, जिससे वे अपने मुख्य कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

 

Question 10. व्यापारी के लिए कौन-सा खाता खोलना उपयुक्त रहता है?
Answer: व्यापारी के लिए 'चालू खाता' (Current Account) खोलना सबसे उपयुक्त रहता है। चालू खाते में व्यापारी दिन में कितनी भी बार पैसा जमा कर सकता है और निकाल सकता है, जो उनके लगातार होने वाले व्यावसायिक लेन-देन के लिए आवश्यक है। इस खाते पर आमतौर पर कोई ब्याज नहीं मिलता है, लेकिन यह व्यापारिक गतिविधियों के लिए उच्च तरलता प्रदान करता है।
In simple words: व्यापारियों को 'चालू खाता' खोलना चाहिए क्योंकि इससे वे दिन में कई बार पैसे डाल और निकाल सकते हैं, जो उनके व्यापार के लिए जरूरी है।

🎯 Exam Tip: चालू खाते की असीमित लेनदेन क्षमता और चेक बुक सुविधा इसे व्यापारियों और बड़े संस्थानों के लिए एक अनिवार्य वित्तीय उपकरण बनाती है।

 

Question 11. वाहक चेक क्या होता है?
Answer: वाहक चेक (Bearer Cheque) वह चेक होता है जिसका भुगतान बैंक चेक को प्रस्तुत करने वाले किसी भी व्यक्ति को कर देता है। इस चेक को प्राप्त करने वाला व्यक्ति बैंक की खिड़की पर इसे प्रस्तुत करके नकदी प्राप्त कर सकता है, इसमें पहचान या हस्ताक्षर की जाँच की जरूरत नहीं होती। यह सबसे कम सुरक्षित प्रकार का चेक होता है।
In simple words: वाहक चेक वह होता है जिसे कोई भी व्यक्ति बैंक में दिखाकर पैसे ले सकता है।

🎯 Exam Tip: वाहक चेक में सुरक्षा सबसे कम होती है, इसलिए इसे किसी विश्वसनीय व्यक्ति को ही देना चाहिए या सावधानी से संभालना चाहिए, क्योंकि यह खो जाने पर कोई भी इसे भुना सकता है।

 

Question 12. रेखांकित चेक क्या होता है?
Answer: रेखांकित चेक (Crossed Cheque) वह चेक होता है जिसकी बाईं ओर ऊपर की तरफ दो समानांतर रेखाएँ खींची होती हैं। ऐसे चेक का भुगतान बैंक नकदी के रूप में खिड़की पर नहीं करता है, बल्कि इसे केवल खाताधारक के बैंक खाते में ही जमा किया जा सकता है। यह चेक सुरक्षित होता है क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि पैसा सही व्यक्ति के खाते में ही जाए।
In simple words: रेखांकित चेक वह होता है जिस पर दो लाइनें खींची होती हैं, और इसका पैसा सीधे बैंक खाते में ही जाता है, न कि नकदी के रूप में।

🎯 Exam Tip: रेखांकित चेक का मुख्य उद्देश्य धोखाधड़ी को रोकना है, क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि चेक का भुगतान केवल एक बैंक खाते के माध्यम से हो, जिससे लेनदेन का रिकॉर्ड उपलब्ध रहता है।

 

Question 13. बैंक साख का सृजन-कहाँ से करते हैं?
Answer: बैंक साख का सृजन मुख्य रूप से ग्राहकों की जमाराशियों से करते हैं। जब ग्राहक बैंकों में पैसा जमा करते हैं, तो बैंक उस जमा राशि के एक हिस्से को न्यूनतम आरक्षित अनुपात के रूप में रखकर शेष राशि को ऋण के रूप में दे देते हैं। यह ऋण राशि फिर से बैंक में जमा हो जाती है, जिससे और अधिक साख का निर्माण होता है।
In simple words: बैंक अपने ग्राहकों द्वारा जमा किए गए पैसे से ही नया पैसा या साख बनाते हैं।

🎯 Exam Tip: बैंक साख सृजन की प्रक्रिया अर्थव्यवस्था में मुद्रा की आपूर्ति को बढ़ाती है, जिससे आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिलता है।

 

Question 14. प्रारम्भिक जमाएँ क्या होती है?
Answer: प्रारम्भिक जमाएँ (Primary Deposits) उन जमाओं को कहते हैं जो जमाकर्ता द्वारा वास्तविक मुद्रा (नकदी या चेक) के रूप में सीधे बैंक में जमा की जाती हैं। ये बैंक की कुल जमा राशियों का आधार बनती हैं और इन्हीं जमाओं के आधार पर बैंक आगे चलकर साख का निर्माण करते हैं। यह जमा बैंक के लिए शुरुआती पूंजी का काम करती है।
In simple words: प्रारम्भिक जमाएँ वह असली पैसा है जो लोग सीधे बैंक में जमा करते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रारम्भिक जमाएँ साख निर्माण प्रक्रिया का शुरुआती बिंदु होती हैं, क्योंकि ये बैंकों को ऋण देने के लिए आवश्यक धन उपलब्ध कराती हैं।

 

Question 11. बैंक द्वारा प्रदत्त लॉकर सुविधा क्या होती है?
Answer: बैंक अपने ग्राहकों को वार्षिक शुल्क लेकर लॉकर सुविधा प्रदान करते हैं। इस सुविधा में ग्राहक अपने बहुमूल्य सामान, गहने, दस्तावेज आदि को बैंक के मजबूत लॉकर में सुरक्षित रख सकते हैं। इसमें चोरी या नुकसान का खतरा बहुत कम होता है। लॉकर की एक चाबी ग्राहक के पास और दूसरी बैंक के पास होती है, और दोनों चाबियों के बिना लॉकर नहीं खुल सकता।
In simple words: बैंक अपने ग्राहकों को लॉकर देते हैं, जहाँ वे अपनी कीमती चीजें फीस देकर सुरक्षित रख सकते हैं।

🎯 Exam Tip: लॉकर सुविधा ग्राहकों को उनके कीमती सामान की सुरक्षा प्रदान करती है, जिससे उन्हें मन की शांति मिलती है, खासकर जब वे घर से बाहर हों।

 

Question 12. क्रेडिट कार्ड सुविधा क्या होती है?
Answer: क्रेडिट कार्ड सुविधा में बैंक अपने ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड प्रदान करते हैं, जिससे वे एक निश्चित क्रेडिट सीमा तक भुगतान कर सकते हैं। ग्राहक इस कार्ड का उपयोग करके बिना तुरंत नकदी दिए बाजार से सामान खरीद सकता है, ऑनलाइन भुगतान कर सकता है, और विभिन्न सेवाओं के बिल चुका सकता है। देय तिथि पर ग्राहक को बैंक को भुगतान करना होता है, अन्यथा उस पर ब्याज लगता है।
In simple words: क्रेडिट कार्ड एक सुविधा है जिससे हम उधार पर चीजें खरीद सकते हैं और बाद में बैंक को पैसा चुका सकते हैं।

🎯 Exam Tip: क्रेडिट कार्ड का बुद्धिमानी से उपयोग करने पर यह वित्तीय सुविधा प्रदान करता है, लेकिन इसे जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना महत्वपूर्ण है ताकि कर्ज में न डूबें।

 

Question 13. इंटरनेट बैंकिंग क्या है?
Answer: इंटरनेट बैंकिंग का आशय इंटरनेट के माध्यम से बैंक के कार्यों को करना है। इस सुविधा के द्वारा ग्राहक अपने घर बैठे ही अपने बैंक खाते की जानकारी ले सकता है, पैसे ट्रांसफर कर सकता है, बिलों का भुगतान कर सकता है और ऑनलाइन खरीदारी कर सकता है। इस सुविधा का उपयोग करने के लिए बैंक ग्राहक को लॉगिन आईडी और पासवर्ड जारी करता है।
In simple words: इंटरनेट बैंकिंग का मतलब है कि आप इंटरनेट का उपयोग करके अपने बैंक के सारे काम घर बैठे ही कर सकते हैं।

🎯 Exam Tip: इंटरनेट बैंकिंग समय बचाती है और वित्तीय लेनदेन को सुविधाजनक बनाती है, लेकिन अपनी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए।

 

Question 14. मोबाइल बैंकिंग क्या है?
Answer: मोबाइल बैंकिंग का मतलब है कि ग्राहक अपने स्मार्टफोन पर मोबाइल ऐप के जरिए बैंकिंग सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं। इसमें ग्राहक अपने खाते का बैलेंस देख सकते हैं, पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं, बिलों का भुगतान कर सकते हैं और अन्य वित्तीय लेनदेन कर सकते हैं। इस सुविधा के लिए ग्राहक को यूजर आईडी और पासवर्ड का उपयोग करना होता है।
In simple words: मोबाइल बैंकिंग का मतलब है कि आप अपने फोन से बैंक के ऐप का इस्तेमाल करके बैंक के काम कर सकते हैं।

🎯 Exam Tip: मोबाइल बैंकिंग त्वरित और सुलभ वित्तीय लेनदेन प्रदान करती है, लेकिन अपने मोबाइल डिवाइस और ऐप को सुरक्षित रखना बहुत महत्वपूर्ण है।

 

Question 15. बैंक द्वारा प्रमुख रूप से किन खातों में जमाएँ स्वीकार की जाती है?
Answer: बैंक प्रमुख रूप से निम्नलिखित खातों में जमाएँ स्वीकार करते हैं:
1. बचत खाता (Saving Account): यह छोटी बचत करने वाले और नौकरीपेशा लोगों के लिए होता है, जिस पर ब्याज मिलता है।
2. चालू खाता (Current Account): यह व्यापारियों और संस्थाओं के लिए होता है, जिसमें असीमित लेनदेन की सुविधा होती है और आमतौर पर ब्याज नहीं मिलता।
3. सावधि जमा खाता (Fixed Deposit Account): इसमें एक निश्चित अवधि के लिए राशि जमा की जाती है, जिस पर उच्च ब्याज दर मिलती है।
4. आवर्ती जमा खाता (Recurring Deposit Account): इसमें हर महीने एक निश्चित राशि जमा की जाती है, जो नियमित बचत को बढ़ावा देती है।
5. प्रधानमंत्री जन-धन योजना खाता (Prime Minister Jan-Dhan Yojana Account): यह शून्य-शेष खाता है जो वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है।
ये खाते विभिन्न ग्राहकों की जरूरतों के हिसाब से पैसे जमा करने की सुविधा देते हैं।
In simple words: बैंक बचत खाता, चालू खाता, सावधि जमा, आवर्ती जमा और जन-धन खाते जैसे कई तरह के खाते खोलते हैं ताकि लोग अपने पैसे जमा कर सकें।

🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार के खातों की विशेषताओं को समझना महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रत्येक खाता विभिन्न वित्तीय आवश्यकताओं और लक्ष्यों को पूरा करता है।

 

Question 16. बैंकों द्वारा ऋण प्रदान करने के विभिन्न रूपों का वर्णन कीजिए।
Answer: बैंक कई रूपों में ऋण प्रदान करते हैं, जिससे वे व्यवसायों और व्यक्तियों की वित्तीय जरूरतों को पूरा कर सकें। प्रमुख रूप इस प्रकार हैं:
1. ऋण तथा अग्रिम (Loan and Advance): इसमें बैंक एक निश्चित अवधि के लिए एक निश्चित राशि ऋण के रूप में देता है, जिस पर ब्याज लिया जाता है। यह व्यक्तिगत और व्यावसायिक दोनों जरूरतों के लिए होता है।
2. नकद साख (Cash Credit): इसमें बैंक तैयार माल या अन्य चल संपत्ति की जमानत पर एक निश्चित सीमा तक ऋण देता है। ग्राहक अपनी सुविधा अनुसार इस सीमा तक पैसा निकाल और जमा कर सकता है।
3. अधिविकर्ष (Overdraft): यह सुविधा चालू खाताधारकों को दी जाती है, जिसमें वे अपने खाते में जमा राशि से अधिक पैसे निकाल सकते हैं। यह अल्पकालीन जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है।
4. विनिमय बिलों की कटौती (Discounting Bills of Exchange): बैंक सावधि विनिमय बिलों को उनकी परिपक्वता तिथि से पहले भुनाकर ऋण प्रदान करते हैं। वे बिल की रकम से बकाया अवधि का ब्याज काटकर शेष राशि दे देते हैं।
ये सभी तरीके अर्थव्यवस्था में तरलता बनाए रखने में मदद करते हैं।
In simple words: बैंक कई तरह से उधार देते हैं, जैसे सीधा ऋण, नकद साख, ओवरड्राफ्ट और बिलों की कटौती करके।

🎯 Exam Tip: ऋण प्रदान करने के विभिन्न रूपों को समझना महत्वपूर्ण है क्योंकि ये बैंकों की आय के प्रमुख स्रोत होते हैं और अर्थव्यवस्था में तरलता बनाए रखने में मदद करते हैं।

 

Question 17. विनिमय बिलों की कटौती से क्या आशय है?
Answer: विनिमय बिलों की कटौती (Discounting of Bills of Exchange) का मतलब है कि व्यापारिक बैंक सावधि विनिमय बिलों को उनकी परिपक्वता तिथि से पहले ही भुना देते हैं। जब कोई विक्रेता बैंक को अपना बिल देता है, तो बैंक उसकी पूरी राशि से बकाया अवधि का ब्याज काटकर शेष राशि विक्रेता को दे देता है। इससे विक्रेता को तुरंत पैसा मिल जाता है और क्रेता को भुगतान के लिए समय मिल जाता है।
In simple words: विनिमय बिलों की कटौती का मतलब है कि बैंक किसी बिल की मैच्योरिटी डेट से पहले ही उसका पैसा देकर कुछ ब्याज काट लेता है।

🎯 Exam Tip: विनिमय बिलों की कटौती व्यापारियों को तुरंत नकदी उपलब्ध कराकर उनके व्यापारिक लेनदेन को आसान बनाती है।

 

Question 18. बैंकों द्वारा अभिगोपन (Underwriting) कार्य को समझाइए।
Answer: अभिगोपन (Underwriting) का कार्य तब होता है जब बैंक कंपनियों द्वारा जारी किए गए अंशों (शेयरों) और ऋणपत्रों (डिबेंचरों) को बेचने की गारंटी देते हैं। इसका मतलब है कि यदि जनता इन अंशों या ऋणपत्रों को पूरी तरह से नहीं खरीद पाती है, तो बैंक बचे हुए हिस्से को खुद खरीदने का वादा करता है। इससे कंपनी को इस बात की चिंता नहीं रहती कि उसके शेयर बिकेंगे या नहीं। यह बैंक के लिए एक शुल्क-आधारित सेवा है।
In simple words: अभिगोपन का मतलब है कि बैंक कंपनियों के शेयर या बॉन्ड बेचने की गारंटी लेता है; अगर जनता नहीं खरीदती, तो बैंक उन्हें खरीद लेता है।

🎯 Exam Tip: अभिगोपन कंपनियों को पूंजी जुटाने में मदद करता है और निवेशकों को विश्वास दिलाता है, जिससे पूंजी बाजार में तरलता बढ़ती है।

 

Question 19. सावधि जमाएँ क्या होती है?
Answer: सावधि जमाएँ (Fixed Deposits) ऐसी जमाएँ होती हैं जहाँ ग्राहक एक निश्चित अवधि के लिए एक निश्चित राशि बैंक में जमा करता है। इन जमाओं पर मिलने वाली ब्याज दर जमा की अवधि के अनुसार अलग-अलग होती है, यानी लंबी अवधि की जमाओं पर ज्यादा ब्याज मिलता है। ग्राहक को जमा रसीद (FDR) मिलती है, जिसमें जमा का पूरा विवरण होता है।
In simple words: सावधि जमाएँ वह पैसा है जिसे एक तय समय के लिए बैंक में जमा किया जाता है और जिस पर ब्याज उस समय के हिसाब से मिलता है।

🎯 Exam Tip: सावधि जमाएँ कम जोखिम वाले निवेशकों के लिए एक सुरक्षित निवेश विकल्प हैं, जो उन्हें एक निश्चित अवधि के लिए अपनी बचत पर बेहतर रिटर्न पाने में मदद करती हैं।

RBSE Class 12 Economics Chapter 18 लघु उत्तरात्मक प्रश्न (SA-II)

 

Question 1. बैंक अभिकर्ता के रूप में मुख्य रूप से कौन-कौन-से कार्य करता है?
Answer: बैंक अपने ग्राहकों के लिए अभिकर्ता (Agent) के रूप में कई महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। इनमें से कुछ प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं:
1. चेक, बिल आदि का भुगतान करना: बैंक ग्राहकों की ओर से उनके चेक और बिलों का भुगतान करते हैं।
2. चेक, बिल आदि का संग्रह करना: बैंक ग्राहकों के चेक और बिलों को एकत्र करके उनके खाते में जमा करते हैं।
3. ग्राहकों की ओर से भुगतान प्राप्त करना: बैंक ग्राहकों के लिए वेतन, पेंशन, किराया आदि प्राप्त करते हैं।
4. ग्राहकों की ओर से विभिन्न प्रकार के भुगतान करना: बैंक ग्राहकों की ओर से बीमा प्रीमियम, बिजली बिल आदि का भुगतान करते हैं।
5. ग्राहकों के लिए अंश, ऋणपत्र आदि का क्रय-विक्रय करना: बैंक शेयर बाजार में ग्राहकों की ओर से निवेश करते हैं।
6. अभिगोपन का कार्य करना: बैंक कंपनियों के शेयरों और डिबेंचरों को बेचने की गारंटी देते हैं।
7. ट्रस्टी के रूप में कार्य करना: बैंक ग्राहकों की संपत्ति और वित्तीय मामलों का प्रबंधन करते हैं।
8. वित्तीय सलाहकार के रूप में कार्य करना: बैंक ग्राहकों को निवेश और वित्तीय योजनाओं पर सलाह देते हैं।
9. संदर्भ-पत्र जारी करना: बैंक अपने ग्राहकों की वित्तीय स्थिति के बारे में अन्य बैंकों या पार्टियों को संदर्भ-पत्र जारी करते हैं।
ये सेवाएँ ग्राहकों के वित्तीय प्रबंधन को सरल और प्रभावी बनाती हैं।
In simple words: बैंक अपने ग्राहकों के लिए एजेंट के रूप में कई काम करते हैं, जैसे पैसे का लेनदेन करना, निवेश में मदद करना और सलाह देना।

🎯 Exam Tip: अभिकर्ता संबंधी कार्यों की पूरी सूची को याद रखना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बैंकों द्वारा प्रदान की जाने वाली विविध सेवाओं को दर्शाता है।

 

Question 2. बैंकों के सामान्य उपयोगी कार्य कौन-कौन से हैं?
Answer: बैंकों के सामान्य उपयोगी कार्य वे हैं जो बैंक अपने ग्राहकों और समाज को व्यापक स्तर पर प्रदान करते हैं। ये कार्य वित्तीय प्रणाली को सुचारू रूप से चलाने में मदद करते हैं। निम्नलिखित प्रमुख सामान्य उपयोगी कार्य हैं:
1. विदेशी विनिमय की व्यवस्था करना: बैंक विदेशी मुद्राओं का क्रय-विक्रय करते हैं, जिससे अंतर्राष्ट्रीय व्यापार आसान हो जाता है।
2. सार्वजनिक ऋण की व्यवस्था करना: बैंक सरकार और सार्वजनिक संस्थाओं के लिए ऋण जुटाने में मदद करते हैं।
3. लॉकर्स की सुविधा प्रदान करना: बैंक ग्राहकों को उनके कीमती सामान को सुरक्षित रखने के लिए लॉकर प्रदान करते हैं।
4. यात्री चेक की सुविधा प्रदान करना: यात्रा करने वाले लोगों को नकदी के बजाय सुरक्षित भुगतान का विकल्प मिलता है।
5. सूचनाएँ संकलित एवं प्रकाशित करना: बैंक आर्थिक और वित्तीय जानकारी एकत्र करके प्रकाशित करते हैं, जो आर्थिक निर्णय लेने में सहायक होती है।
6. समाशोधन गृह का कार्य करना: बैंक विभिन्न बैंकों के बीच चेक और अन्य वित्तीय दावों को निपटाने में मदद करते हैं।
7. साख का निर्माण करना: बैंक जमाओं के आधार पर ऋण देकर अर्थव्यवस्था में मुद्रा की आपूर्ति बढ़ाते हैं।
ये कार्य बैंकों को केवल वित्तीय संस्थाओं से बढ़कर समाज के लिए महत्वपूर्ण सहयोगी बनाते हैं।
In simple words: बैंक बहुत सारे उपयोगी काम करते हैं, जैसे विदेशी पैसा बदलना, लॉकर देना, यात्रा चेक देना, जानकारी इकट्ठा करना और पैसा बनाना।

🎯 Exam Tip: सामान्य उपयोगी कार्य बैंकिंग प्रणाली को मजबूत बनाते हैं और ग्राहकों को कई सुविधाएँ प्रदान करते हैं, जिससे वे अपने वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें।

 

Question 4. बचत बैंक खाता क्या होता है? यह किन लोगों के लिए उपयुक्त रहता है?
Answer: बचत बैंक खाता (Saving Bank Account) एक ऐसा खाता होता है जिसे कोई भी व्यक्ति, चाहे वह अकेला हो या संयुक्त रूप से, खोल सकता है। यह खाता मुख्य रूप से छोटे बचतकर्ताओं और नौकरीपेशा लोगों के लिए उपयुक्त होता है। बैंक इन खातों में न्यूनतम जमा राशि तय करते हैं और इससे कम होने पर जुर्माना भी लगाते हैं। इस खाते पर कुछ ब्याज मिलता है और चेकबुक की सुविधा भी दी जाती है। आमतौर पर, निकासी पर कुछ प्रतिबंध होते हैं, जैसे एक सप्ताह में दो बार ही पैसा निकालने की अनुमति। यह खाता लोगों को अपनी बचत बढ़ाने और सुरक्षित रखने में मदद करता है।
In simple words: बचत खाता उन लोगों के लिए है जो थोड़ी-थोड़ी बचत करते हैं या नौकरी करते हैं; इसमें पैसा रखने पर ब्याज मिलता है और यह सुरक्षित रहता है।

🎯 Exam Tip: बचत खाते की मुख्य विशेषताएँ ब्याज दर, सीमित निकासी और सुरक्षा हैं, जो इसे आम लोगों के लिए बचत का एक पसंदीदा विकल्प बनाती हैं।

 

Question 5. नकद कोष अनुपात (Cash Fund Ratio) क्या होता है? इसका साख निर्माण पर क्या प्रभाव पड़ता है?
Answer: नकद कोष अनुपात (Cash Reserve Ratio - CRR) वह प्रतिशत होता है जो प्रत्येक बैंक को अपनी कुल जमाओं का एक निश्चित हिस्सा नकदी के रूप में केन्द्रीय बैंक के निर्देशों के अनुसार रखना पड़ता है। यह अनुपात बैंकों की साख निर्माण की क्षमता को सीधे प्रभावित करता है। यदि नकद कोष अनुपात ऊँचा होता है, तो बैंकों के पास ऋण देने के लिए कम पैसा बचता है, जिससे साख निर्माण कम होता है। इसके विपरीत, यदि अनुपात कम होता है, तो बैंकों के पास अधिक पैसा ऋण देने के लिए उपलब्ध होता है, जिससे साख निर्माण बढ़ता है। उदाहरण के लिए, यदि CRR 20% है, तो बैंक 100 रुपये की जमा पर केवल 80 रुपये का ऋण दे पाएगा। यह मौद्रिक नीति का एक महत्वपूर्ण उपकरण है।
In simple words: नकद कोष अनुपात वह हिस्सा है जो बैंकों को अपनी कुल जमा राशि का नकदी के रूप में रखना होता है। अगर यह अनुपात ज्यादा होता है, तो बैंक कम उधार दे पाते हैं और साख कम बनती है।

🎯 Exam Tip: CRR केन्द्रीय बैंक द्वारा अर्थव्यवस्था में मुद्रा की आपूर्ति और तरलता को नियंत्रित करने का एक शक्तिशाली साधन है, जिसका सीधा प्रभाव ब्याज दरों और निवेश पर पड़ता है।

RBSE Class 12 Economics Chapter 18 निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. व्यापारिक बैंक में खोले जाने वाले विभिन्न खातों का वर्णन कीजिए।
अथवा
व्यापारिक बैंक किन खातों के माध्यम से जनता से जमाएँ स्वीकार करती है?
अथवा
बचत बैंक खाता एवं चालू खाते को स्पष्ट रूप से समझाइए।
Answer: व्यापारिक बैंक जनता से कई तरह के खातों के माध्यम से जमाएँ स्वीकार करते हैं, जिससे विभिन्न ग्राहकों की वित्तीय जरूरतों को पूरा किया जा सके। प्रमुख खाते निम्नलिखित हैं:
(i) बचत बैंक खाता (Saving Bank Account): यह खाता मुख्य रूप से छोटे बचतकर्ताओं और नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए बनाया गया है। इसमें ग्राहक अपनी कमाई का एक हिस्सा जमा करके उस पर ब्याज अर्जित करते हैं। बैंक एक न्यूनतम शेष राशि बनाए रखने को कह सकते हैं और निकासी की संख्या पर प्रतिबंध लगा सकते हैं। इसमें चेकबुक सुविधा भी मिलती है।
(ii) चालू खाता (Current Account): यह खाता व्यापारियों, उद्योगपतियों और बड़ी संस्थाओं के लिए उपयुक्त है, जिनकी दिन-प्रतिदिन की लेनदेन की संख्या अधिक होती है। इसमें ग्राहक दिन में कितनी भी बार पैसा जमा या निकाल सकते हैं। इस खाते पर आमतौर पर कोई ब्याज नहीं मिलता, बल्कि बैंक सेवा शुल्क वसूलते हैं। इसमें भी चेकबुक की सुविधा उपलब्ध होती है।
(iii) सावधि जमा खाता (Fixed Deposit Account): इस खाते में एक निश्चित धनराशि एक निश्चित समय के लिए जमा की जाती है, जैसे 1 वर्ष, 3 वर्ष या 5 वर्ष। बैंक अलग-अलग अवधि के लिए अलग-अलग ब्याज दरें प्रदान करते हैं, जो बचत खाते से अधिक होती हैं। ग्राहक को एक सावधि जमा रसीद (FDR) मिलती है, जिसमें जमा राशि, अवधि और ब्याज दर का विवरण होता है। समय से पहले निकासी करने पर जुर्माना लग सकता है।
(iv) आवर्ती जमा खाता (Recurring Deposit Account): यह खाता उन लोगों के लिए है जो नियमित रूप से छोटी-छोटी बचत करना चाहते हैं। इसमें ग्राहक हर महीने एक तय राशि एक निश्चित अवधि के लिए जमा करता है। इस पर ब्याज दर सावधि जमा के समान या उससे थोड़ी कम होती है। अवधि पूरी होने पर जमा राशि ब्याज सहित वापस मिल जाती है।
(v) प्रधानमंत्री जन-धन योजना खाता (Prime Minister Jan-Dhan Yojana Account): यह भारत सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य देश के सभी परिवारों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना है। इसमें शून्य-शेष (zero-balance) पर खाता खोलने की सुविधा है और नियमित लेनदेन करने वाले खाताधारकों को 5,000 रुपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा भी दी जाती है। यह योजना वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए 28 अगस्त, 2014 को शुरू की गई थी।
ये खाते विभिन्न प्रकार की बचत और निवेश आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।
In simple words: व्यापारिक बैंक लोगों से पैसे जमा करने के लिए कई तरह के खाते खोलते हैं, जैसे बचत खाता (जमा और ब्याज के लिए), चालू खाता (व्यापार के रोजमर्रा के लेनदेन के लिए), सावधि जमा (एक तय समय के लिए ज्यादा ब्याज पर), आवर्ती जमा (हर महीने बचत के लिए), और जन-धन खाता (सभी को बैंक से जोड़ने के लिए)।

🎯 Exam Tip: प्रत्येक खाते की विशेषताओं, उसके उद्देश्य और किन लोगों के लिए वह उपयुक्त है, का स्पष्टीकरण देना एक पूर्ण उत्तर के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. बैंकों द्वारा ऋण प्रदान करने की विभिन्न विधियों को विस्तार से समझाइए।
Answer: व्यापारिक बैंकों का दूसरा महत्वपूर्ण कार्य अपने ग्राहकों को विभिन्न विधियों के माध्यम से ऋण प्रदान करना है। बैंक अपनी जमाराशियों का एक निश्चित प्रतिशत तरल कोष (जैसे नकद कोष अनुपात) के रूप में रखकर शेष राशि को ऋण के रूप में देते हैं। ऋणों पर ब्याज दर आमतौर पर जमाराशियों पर मिलने वाले ब्याज से अधिक होती है। बैंकों द्वारा ऋण प्रदान करने की प्रमुख विधियाँ निम्नलिखित हैं:
(ii) नकद साख (Cash Credit): इस विधि में बैंक व्यापारी एवं उद्योगपतियों को उनके तैयार माल या अन्य चल संपत्ति की जमानत पर एक निश्चित सीमा तक धनराशि निकालने की सुविधा देते हैं। ऋणी अपनी सुविधानुसार इस सीमा के भीतर पैसा निकाल सकता है और जमा कर सकता है। बैंक केवल उस राशि पर ब्याज वसूलता है जो वास्तव में ऋणी के पास रहती है। यह कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उपयोगी है।
(iii) अधिविकर्ष (Overdraft): यह सुविधा मुख्य रूप से चालू खाताधारकों को दी जाती है। इसके तहत ग्राहक अपने खाते में जमा राशि से अधिक राशि एक निश्चित सीमा तक निकाल सकते हैं। यह सुविधा अल्पकालीन वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए दी जाती है। अधिविकर्ष की सुविधा और सीमा ग्राहक की साख (Goodwill) पर निर्भर करती है। बैंक निकाली गई अतिरिक्त राशि पर ब्याज वसूल करता है।
(iv) विनिमय बिलों की कटौती (Discounting of Bills of Exchange): इस विधि में व्यापारिक बैंक सावधि विनिमय बिलों को उनकी परिपक्वता तिथि से पूर्व भुनाकर व्यापारियों को ऋण सुविधा प्रदान करते हैं। बैंक बिल की बकाया अवधि का ब्याज काटकर बिल की रकम को ऋण के रूप में देते हैं। परिपक्वता तिथि पर बैंक बिल स्वीकार करने वाले व्यापारी से पूरी राशि वसूल लेता है। यह सुविधा विक्रेताओं को तुरंत नकदी प्रदान करती है और खरीदारों को भुगतान के लिए समय देती है।
ये सभी विधियाँ अर्थव्यवस्था में तरलता बनाए रखने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
In simple words: बैंक कई तरीकों से लोगों को उधार देते हैं, जैसे नकद साख (जमानत पर पैसा निकालना), ओवरड्राफ्ट (खाते में जमा से ज्यादा निकालना) और बिलों की कटौती (बिल का पैसा पहले ही दे देना)। इन सब तरीकों से पैसे की जरूरत पूरी होती है।

🎯 Exam Tip: ऋण प्रदान करने की प्रत्येक विधि की विशेषताओं और उसके उपयोग को समझना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये बैंकों की लाभप्रदता और अर्थव्यवस्था में उनकी भूमिका को दर्शाते हैं।

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