Get the most accurate RBSE Solutions for Class 12 Chemistry Chapter 14 जैव-अणु here. Updated for the 2026-27 academic session, these solutions are based on the latest RBSE textbooks for Class 12 Chemistry. Our expert-created answers for Class 12 Chemistry are available for free download in PDF format.
Detailed Chapter 14 जैव-अणु RBSE Solutions for Class 12 Chemistry
For Class 12 students, solving RBSE textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 12 Chemistry solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 14 जैव-अणु solutions will improve your exam performance.
Class 12 Chemistry Chapter 14 जैव-अणु RBSE Solutions PDF
Question 1. कोशिका का पावर हाऊस कहलाता है
(अ) गाल्जीकार्य
(ब) माइटोकॉन्ड्यिा
(स) साइटोसोम
(द) राइबोसोम
Answer: (ब) माइटोकॉन्ड्यिा
In simple words: माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का पावर हाउस कहा जाता है क्योंकि यह कोशिका के लिए ऊर्जा पैदा करता है। यह ऊर्जा एटीपी (ATP) के रूप में बनती है।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि माइटोकॉन्ड्रिया कोशिका के श्वसन का मुख्य स्थल है और ऊर्जा उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Question 2. निम्न में से कौन-सा डाइसैकेराइड है
(अ) स्टॉर्च
(ब) फ्रक्टोस
(स) लेक्टोस
(द) सैलुलोस
Answer: (स) लेक्टोस
In simple words: लैक्टोज एक डाइसैकेराइड है, जिसका मतलब है कि यह दो छोटी चीनी इकाइयों से मिलकर बना होता है। यह दूध में पाई जाने वाली चीनी है।
🎯 Exam Tip: डाइसैकेराइड वे कार्बोहाइड्रेट होते हैं जो जल-अपघटन करने पर दो मोनोसैकेराइड अणु देते हैं। लैक्टोज, सुक्रोज और माल्टोज प्रमुख डाइसैकेराइड हैं।
Question 4. सबसे सामान्य डाइसैकेराइड का अणुसूत्र है
(अ) \( (\text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6)_2 \)
(ब) \( \text{C}_{12}\text{H}_{22}\text{O}_{11} \)
(स) \( \text{C}_{10}\text{H}_{22}\text{O}_{11} \)
(द) \( \text{C}_{18}\text{H}_{12}\text{O}_{11} \)
Answer: (ब) \( \text{C}_{12}\text{H}_{22}\text{O}_{11} \)
In simple words: अधिकतर डाइसैकेराइड, जैसे सुक्रोज और लैक्टोज, का सामान्य सूत्र \( \text{C}_{12}\text{H}_{22}\text{O}_{11} \) होता है। यह दो मोनोसैकेराइड इकाइयों के जुड़ने से बनता है, जिसमें एक पानी का अणु निकल जाता है।
🎯 Exam Tip: मोनोसैकेराइड (जैसे ग्लूकोज) का सूत्र \( \text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6 \) होता है। दो मोनोसैकेराइड के जुड़ने पर एक पानी का अणु \( (\text{H}_2\text{O}) \) निकल जाता है, जिससे डाइसैकेराइड का सूत्र \( \text{C}_{12}\text{H}_{22}\text{O}_{11} \) बनता है।
Question 5. निम्न में से कौन-सी अपचायक शर्करा नहीं है
(अ) ग्लूकोस
(ब) फ्रक्टोस
(स) सुक्रोस
(द) माल्टोस
Answer: (स) सुक्रोस
In simple words: सुक्रोज एक ऐसी शर्करा है जो अपचायक नहीं है, क्योंकि इसमें फ्री एल्डिहाइड या कीटोन समूह नहीं होते। यह मीठे फलों और गन्ने में पाई जाती है।
🎯 Exam Tip: अपचायक शर्कराएँ वे होती हैं जिनमें मुक्त एल्डिहाइड (-CHO) या कीटोन (C=O) समूह होते हैं और जो टॉलेन या फेहलिंग अभिकर्मक को अपचयित कर सकती हैं। सुक्रोज इसका अपवाद है।
Question 6. प्रोटीन का जल अपघटन एन्जाइम की उपस्थिति में करने पर प्राप्त होता है
(अ) ऐमीनो अम्ल
(ब) हाइड्रॉक्सी अम्ल
(स) ऐरोमेटिक अम्ल
(द) डी-कार्बोक्सिलिक अम्ल
Answer: (अ) ऐमीनो अम्ल
In simple words: जब प्रोटीन को एन्जाइम की मदद से पानी के साथ तोड़ा जाता है, तो हमें ऐमीनो अम्ल मिलते हैं। ऐमीनो अम्ल प्रोटीन की सबसे छोटी इकाइयाँ होती हैं।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि प्रोटीन ऐमीनो अम्लों से बनी लंबी श्रृंखलाएँ होती हैं। जल-अपघटन एक प्रक्रिया है जिसमें पानी का उपयोग करके बड़े अणुओं को छोटे घटकों में तोड़ा जाता है।
Question 7. दावेदार प्रोटीन का उदाहरण है
(अ) कोलेजैन
(ब) इंसुलिन
(स) मायोसिन
(द) किरेटीन
Answer: (ब) इंसुलिन
In simple words: इंसुलिन एक हार्मोन है जो शरीर में रक्त शर्करा को नियंत्रित करता है, और यह एक गोलाकार प्रोटीन का उदाहरण है। यह रक्त में घुलनशील होता है।
🎯 Exam Tip: रेशेदार प्रोटीन (जैसे कोलाजन, मायोसिन, किरेटिन) आमतौर पर पानी में अघुलनशील होते हैं और संरचनात्मक भूमिका निभाते हैं, जबकि गोलाकार प्रोटीन (जैसे एंजाइम, हार्मोन, इंसुलिन) घुलनशील होते हैं और जैविक कार्य करते हैं।
Question 8. ऐलेनीन उदाहरण है
(अ) \( \alpha \) – ऐमीनो अम्ल
(ब) \( \beta \) – फ्रक्टोस
(स) \( \gamma \) – लेक्टोस
(द) \( \chi \) -सेलुलोस
Answer: (अ) \( \alpha \) – ऐमीनो अम्ल
In simple words: ऐलेनीन एक ऐमीनो अम्ल है, और इसे \( \alpha \)–ऐमीनो अम्ल कहा जाता है क्योंकि इसका ऐमीनो समूह और कार्बोक्सिल समूह एक ही कार्बन परमाणु से जुड़े होते हैं। यह प्रोटीन बनाने वाले महत्वपूर्ण घटक में से एक है।
🎯 Exam Tip: \( \alpha \) – ऐमीनो अम्ल वे होते हैं जिनमें ऐमीनो समूह और कार्बोक्सिल समूह एक ही कार्बन (अल्फा-कार्बन) से जुड़े होते हैं। अधिकांश प्राकृतिक ऐमीनो अम्ल \( \alpha \) – ऐमीनो अम्ल होते हैं।
Question 9. क्षारीय ऐमीनो अम्ल है
(अ) ग्लाइसीन
(ब) ऐस्पार्टिक अम्ल
Answer: (अ) ग्लाइसीन
In simple words: ग्लाइसीन एक ऐमीनो अम्ल है जो क्षारीय प्रकृति का नहीं होता। क्षारीय ऐमीनो अम्लों में एक अतिरिक्त ऐमीनो समूह होता है जो इसे क्षारीय गुण देता है, जैसे कि लाइसिन या आर्गिनिन।
🎯 Exam Tip: एक ऐमीनो अम्ल क्षारीय तब होता है जब उसमें एक से अधिक ऐमीनो समूह (-NH2) होते हैं, जो अम्लीय कार्बोक्सिल समूह (-COOH) को संतुलित करते हैं या उससे अधिक होते हैं।
Question 11. प्रोटीन का ऐमीनो अम्ल में परिवर्तन, निम्न में से किस एन्जाइम द्वारा होता है
(अ) लाइपेज
(ब) माल्टेस
(स) ट्रिप्सिन
(द) रेनिन
Answer: (स) ट्रिप्सिन
In simple words: प्रोटीन को ऐमीनो अम्ल में बदलने का काम ट्रिप्सिन नामक एन्जाइम करता है। यह हमारे पाचन तंत्र में मौजूद होता है और भोजन में प्रोटीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ने में मदद करता है।
🎯 Exam Tip: ट्रिप्सिन एक प्रोटीएज़ एन्जाइम है जो पेप्टाइड बंधों को तोड़कर प्रोटीन को ऐमीनो अम्ल में परिवर्तित करता है। अन्य विकल्प जैसे लाइपेज वसा और माल्टेस माल्टोज पर कार्य करते हैं।
Question 12. 'रासायनिक दूत' कहलाते हैं
(अ) हार्मोन्स
(ब) एन्जाइम
(स) विटामिन
(द) न्यूक्लिक अम्ल
Answer: (अ) हार्मोन्स
In simple words: हार्मोन्स को रासायनिक दूत कहा जाता है क्योंकि वे शरीर के एक हिस्से में बनते हैं और खून के ज़रिए दूसरे हिस्सों तक पहुँचकर खास संदेश देते हैं। वे शरीर के कार्यों को नियंत्रित करते हैं।
🎯 Exam Tip: हार्मोन्स शरीर में बहुत कम मात्रा में होते हैं, लेकिन उनका प्रभाव बहुत बड़ा होता है। ये वृद्धि, विकास, उपापचय और प्रजनन जैसी कई प्रक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।
Question 13. मनुष्य में थाइराइड ग्रन्थि की संख्या है
(अ) एक
(ब) दो।
(स) तीन
(द) चार
Answer: (ब) दो
In simple words: मनुष्य के शरीर में दो थायरॉइड ग्रंथियाँ होती हैं जो गले के निचले हिस्से में स्थित होती हैं। ये तितली के आकार की होती हैं और शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों को नियंत्रित करती हैं।
🎯 Exam Tip: थायरॉइड ग्रंथियाँ थायरॉइड हार्मोन बनाती हैं, जो उपापचय, वृद्धि और विकास को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Question 14. वृद्धि हार्मोन्स स्त्रावित होते हैं-
(अ) थाइरॉइड ग्रन्थि द्वारा
(ब) पीयूष ग्रन्थि द्वारा
(स) थाइमस ग्रन्थि द्वारा
(द) अग्नाशय द्वारा
Answer: (ब) पीयूष ग्रन्थि द्वारा
In simple words: वृद्धि हार्मोन पीयूष ग्रंथि से निकलते हैं। यह ग्रंथि दिमाग के नीचे होती है और शरीर की वृद्धि को बढ़ावा देने में मदद करती है।
🎯 Exam Tip: पीयूष ग्रंथि को 'मास्टर ग्रंथि' भी कहा जाता है क्योंकि यह कई अन्य ग्रंथियों के कार्यों को नियंत्रित करती है, जिसमें वृद्धि हार्मोन का स्राव भी शामिल है।
Question 15. विटामिन A की कमी से होने वाला रोग है।
(अ) रतौंधी
(ब) स्कर्वी रोग
(स) बेरी-बेरी
(द) एनीमिया
Answer: (अ) रतौंधी
In simple words: विटामिन A की कमी के कारण रतौंधी नामक बीमारी होती है, जिसमें रात के समय या कम रोशनी में ठीक से दिखाई नहीं देता। यह आंखों की रोशनी के लिए बहुत ज़रूरी है।
🎯 Exam Tip: रतौंधी को नाइट ब्लाइंडनेस भी कहते हैं। विटामिन A आंखों की रोशनी, खासकर कम रोशनी में देखने के लिए महत्वपूर्ण रोडोप्सिन नामक पिगमेंट बनाने के लिए आवश्यक है।
Question 17. कितने न्यूक्लिटाइड का एक क्रम ऐमीनो अम्ल के लिए। संदेशवाहक RNA (mRNA) में एक कोडोन बनाता है
(अ) एक
(ब) दो
(स) तीन
(द) चार
Answer: (स) तीन
In simple words: तीन न्यूक्लियोटाइड मिलकर एक कोडोन बनाते हैं। यह कोडोन mRNA पर होता है और एक खास ऐमीनो अम्ल बनाने का संकेत देता है।
🎯 Exam Tip: प्रत्येक कोडोन एक विशिष्ट ऐमीनो अम्ल को कोड करता है, और इस तीन-न्यूक्लियोटाइड अनुक्रम को आनुवांशिक कोड का आधार माना जाता है।
Question 18. RNA वे DNA किरैलता असममित अणु होते हैं, इनकी किरैलता का कारण है-
(अ) असममित क्षार
(ब) D – शर्करा घटक
(स) L – शर्करा घटक
(द) असममित फॉस्फेट एस्टर इकाईयाँ
Answer: (ब) D – शर्करा घटक
In simple words: RNA और DNA की असममित बनावट का मुख्य कारण उनमें पाया जाने वाला D-शर्करा घटक है। इस शर्करा में एक खास तरह की संरचना होती है जो पूरे अणु को असममित बनाती है।
🎯 Exam Tip: D-राइबोज और D-2-डीऑक्सीराइबोज शर्कराओं में किरैल कार्बन परमाणु होते हैं, जो इन न्यूक्लिक अम्लों को चिरैल बनाते हैं।
Question 19. RNA में कार्बनिक क्षार है-
(अ) एडिनिन और यूरेसिल तथा साइटोसिन और ग्वानिन
(ब) एडिनिन और ग्वानिन तथा थाइमिन और साइटोसिन
(स) ऐडिनिन और थाइमिन तथा ग्वानिन और साइटोसिन
(द) एडिनिन और ग्वानिन तथा यूरेसिल और साइटोसिन
Answer: (द) एडिनिन और ग्वानिन तथा यूरेसिल और साइटोसिन
In simple words: RNA में चार तरह के कार्बनिक क्षार होते हैं: एडिनिन (A), ग्वानिन (G), साइटोसिन (C) और यूरेसिल (U)। डीएनए में थाइमिन (T) होता है, जबकि आरएनए में उसकी जगह यूरेसिल होता है।
🎯 Exam Tip: डीएनए और आरएनए में क्षारों का अंतर महत्वपूर्ण है: डीएनए में A, T, G, C होते हैं, जबकि आरएनए में T की जगह U होता है (A, U, G, C)।
Question 20. न्यूक्लिक अम्ल में क्रम है-
(अ) क्षार-शर्करा-फॉस्फेट
(ब) शर्करा-क्षार-फॉस्फेट
(स) फॉस्फेट- क्षार-शर्करा
(द) क्षार-फॉस्फेट-शर्करा
Answer: (अ) क्षार-शर्करा-फॉस्फेट
In simple words: न्यूक्लिक अम्ल में हर एक न्यूक्लियोटाइड का क्रम क्षार, शर्करा और फॉस्फेट से मिलकर बनता है। यह तीन चीजें एक साथ जुड़कर डीएनए और आरएनए की मूल इकाई बनाती हैं।
🎯 Exam Tip: न्यूक्लियोटाइड की संरचना में, क्षार हमेशा शर्करा से जुड़ा होता है, और शर्करा फॉस्फेट समूह से जुड़ी होती है।
RBSE Class 12 Chemistry Chapter 14 अति लघुत्तरात्मक प्रश्न
Question 21. कोशिका का रासायनिक संघटन लिखिए।
Answer: रासायनिक रूप से, कोशिका जैव अणुओं जैसे कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन, वसा या लिपिड, न्यूक्लिक अम्ल, जल और खनिज लवणों से मिलकर बनी होती है। ये सभी तत्व मिलकर कोशिका के विभिन्न कार्यों को पूरा करते हैं।
In simple words: कोशिका कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन, वसा, न्यूक्लिक अम्ल, पानी और खनिज लवणों से बनती है।
🎯 Exam Tip: कोशिका के रासायनिक संघटन में ये सभी घटक उसके जीवन और कार्यों के लिए आवश्यक होते हैं।
Question 22. मोनोसैकेराइड क्या होते हैं?
Answer: मोनोसैकेराइड वे कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जिन्हें पॉलीहाइड्रॉक्सी ऐल्डिहाइड और कीटोन के और अधिक सरल यौगिकों में जल-अपघटित नहीं किया जा सकता है। ये कार्बोहाइड्रेट की सबसे सरल इकाइयाँ होती हैं। उदाहरण के लिए, ग्लूकोज और फ्रक्टोज मोनोसैकेराइड हैं।
In simple words: मोनोसैकेराइड सबसे सरल चीनी अणु होते हैं जिन्हें पानी से तोड़कर और छोटा नहीं किया जा सकता। जैसे ग्लूकोज और फ्रक्टोज।
🎯 Exam Tip: मोनोसैकेराइड सीधे ऊर्जा के लिए उपयोग होते हैं और जटिल कार्बोहाइड्रेट (जैसे डाइसैकेराइड और पॉलीसैकेराइड) के निर्माण खंड होते हैं।
Question 23. अशर्करा क्या होती है?
Answer: अशर्कराएँ स्वादहीन, जल में अघुलनशील, और अक्रिस्टलीय ठोस होती हैं जो कोलॉइडी विलयन बनाती हैं। इनमें शर्करा के गुण नहीं होते। उदाहरण के लिए, सेलुलोज, स्टार्च और ग्लाइकोजन अशर्करा के प्रकार हैं।
In simple words: अशर्कराएँ मीठी नहीं होतीं, पानी में नहीं घुलतीं और क्रिस्टल नहीं बनातीं। जैसे स्टार्च और सेलुलोज।
🎯 Exam Tip: अशर्कराएँ आमतौर पर पॉलीसैकेराइड होती हैं, जो ऊर्जा भंडारण या संरचनात्मक भूमिकाओं के लिए कार्य करती हैं।
Question 24. स्टॉर्च तथा सैलुलोस में मुख्य संरचनात्मक अन्तर क्या
Answer: स्टॉर्च \( \alpha \)-ग्लूकोज का बहुलक है, जबकि सेलुलोज \( \beta \)-ग्लूकोज का बहुलक होता है। यही उनके मुख्य संरचनात्मक अंतर को दर्शाता है। यह अलग-अलग प्रकार के बंधन के कारण होता है।
In simple words: स्टार्च \( \alpha \)-ग्लूकोज से बनता है, और सेलुलोज \( \beta \)-ग्लूकोज से बनता है। यही उनकी बनावट में सबसे बड़ा अंतर है।
🎯 Exam Tip: \( \alpha \)-ग्लूकोज और \( \beta \)-ग्लूकोज में हाइड्रोक्सिल समूह की स्थिति में अंतर होता है, जिससे बनने वाले पॉलीमर (स्टार्च और सेलुलोज) की संरचना और गुण भिन्न हो जाते हैं।
Question 26. 'एन्जाइम' का प्रमुख कार्य क्या है?
Answer: एन्जाइम का प्रमुख कार्य जैविक अभिक्रियाओं की दर को बढ़ाना है। वे शरीर में रासायनिक प्रतिक्रियाओं को तेज करते हैं, जिससे पाचन, ऊर्जा उत्पादन और अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रियाएँ तेजी से हो पाती हैं।
In simple words: एन्जाइम शरीर में रासायनिक क्रियाओं को बहुत तेज करते हैं।
🎯 Exam Tip: एन्जाइम जैव उत्प्रेरक होते हैं, जिसका अर्थ है कि वे स्वयं उपभोग हुए बिना अभिक्रियाओं की गति को बढ़ाते हैं।
Question 27. हार्मोन्स 'ग्रन्थि रस' क्यों कहलाते हैं?
Answer: हार्मोन्स को 'ग्रंथि रस' कहा जाता है क्योंकि वे विशेष अन्तःस्त्रावी ग्रंथियों द्वारा उत्पन्न और स्रावित होते हैं। ये ग्रंथियाँ हार्मोन को सीधे रक्त में छोड़ती हैं ताकि वे शरीर के विभिन्न हिस्सों तक पहुँच सकें और उनके कार्यों को नियंत्रित कर सकें।
In simple words: हार्मोन्स को 'ग्रंथि रस' कहते हैं क्योंकि वे ग्रंथियों से निकलते हैं और शरीर में काम करते हैं।
🎯 Exam Tip: अन्तःस्त्रावी ग्रंथियाँ वे ग्रंथियाँ होती हैं जिनमें नलिकाएँ नहीं होतीं और वे अपने स्राव (हार्मोन) को सीधे रक्त में छोड़ती हैं।
Question 28. जल में विलेय विटामिन कौन-कौन से हैं?
Answer: जल में विलेय विटामिन विटामिन C और विटामिन B कॉम्प्लेक्स हैं। ये विटामिन पानी में घुल जाते हैं और शरीर इन्हें आसानी से अवशोषित कर लेता है, लेकिन इन्हें नियमित रूप से लेना पड़ता है क्योंकि शरीर इन्हें जमा नहीं करता।
In simple words: विटामिन C और B कॉम्प्लेक्स पानी में घुल जाते हैं।
🎯 Exam Tip: जल में विलेय विटामिन की अधिक मात्रा मूत्र के माध्यम से शरीर से बाहर निकल जाती है, इसलिए इन्हें नियमित रूप से आहार में शामिल करना महत्वपूर्ण है।
Question 29. DNA में पाए जाने वाले कार्बनिक क्षार कौन-से हैं?
Answer: DNA में पाए जाने वाले कार्बनिक क्षार थायमीन (T), साइटोसिन (C), एडेनीन (A) और ग्वानीन (G) हैं। ये क्षार डीएनए की सीढ़ी जैसी संरचना बनाने में मदद करते हैं।
In simple words: DNA में थायमीन, साइटोसिन, एडेनीन और ग्वानीन क्षार होते हैं।
🎯 Exam Tip: डीएनए में, एडेनीन हमेशा थायमीन से जुड़ता है और ग्वानीन हमेशा साइटोसिन से जुड़ता है, जिसे क्षार युग्मन का नियम कहते हैं।
Question 30. न्यूक्लिक अम्ल के महत्त्वपूर्ण कार्य क्या हैं?
Answer: न्यूक्लिक अम्ल के महत्वपूर्ण कार्य जीवधारियों के आनुवंशिक गुणों का निर्धारण करना, साथ ही जीवों में जनन, वृद्धि, मरम्मत और विकास जैसे कार्यों को नियंत्रित करना है। वे कोशिका में सभी आनुवंशिक जानकारी रखते हैं।
In simple words: न्यूक्लिक अम्ल आनुवंशिक जानकारी रखते हैं और जीवों की वृद्धि, प्रजनन और मरम्मत को नियंत्रित करते हैं।
🎯 Exam Tip: डीएनए (DNA) और आरएनए (RNA) दो मुख्य न्यूक्लिक अम्ल हैं। डीएनए आनुवंशिक सामग्री को संग्रहीत करता है, जबकि आरएनए जीन अभिव्यक्ति और प्रोटीन संश्लेषण में शामिल होता है।
RBSE Class 12 Chemistry Chapter 14 लघुत्तरात्मक प्रश्न
Question 31. कार्बोहाइड्रेट के कार्य लिखिए
Answer: कार्बोहाइड्रेट के मुख्य कार्य ऊर्जा प्रदान करना हैं, विशेष रूप से ग्लूकोज के रूप में, जो शरीर के लिए तुरंत ऊर्जा का स्रोत है। वे शरीर में ऊर्जा को ग्लाइकोजन के रूप में जमा भी करते हैं और कोशिका झिल्ली जैसे संरचनात्मक घटकों का हिस्सा होते हैं। इसके अलावा, वे प्रोटीन और वसा के उपापचय में भी सहायक होते हैं।
In simple words: कार्बोहाइड्रेट शरीर को ऊर्जा देते हैं, ऊर्जा को जमा करते हैं और शरीर के अंगों को बनाने में मदद करते हैं।
🎯 Exam Tip: कार्बोहाइड्रेट्स पौधों में प्रकाश संश्लेषण द्वारा बनते हैं और ये पृथ्वी पर सबसे प्रचुर जैव अणु हैं।
Question 32. ग्लूकोस बनाने की दो विधियाँ लिखिए।
Answer: ग्लूकोस बनाने की दो मुख्य विधियाँ इस प्रकार हैं:
(i) **सुक्रोज से:** सुक्रोज (गन्ने की चीनी) एक डाइसैकेराइड है जिसका सूत्र \( \text{C}_{12}\text{H}_{22}\text{O}_{11} \) है। जब सुक्रोज के जलीय विलयन को तनु HCl या \( \text{H}_2\text{SO}_4 \) के साथ उबाला जाता है, तो यह समान मात्रा में ग्लूकोज और फ्रक्टोज में टूट जाता है।
\( \text{C}_{12}\text{H}_{22}\text{O}_{11} + \text{H}_2\text{O} \xrightarrow{\text{H}^+} \text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6 \text{(ग्लूकोस)} + \text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6 \text{(फ्रक्टोज)} \)
(ii) **स्टार्च से:** स्टार्च एक पॉलीसैकेराइड है। स्टार्च को तनु \( \text{H}_2\text{SO}_4 \) के साथ 393 K तापमान और 2 से 3 वायुमंडलीय दाब पर गर्म करने पर ग्लूकोज प्राप्त होता है। यह विधि व्यावसायिक रूप से ग्लूकोज बनाने के लिए इस्तेमाल की जाती है।
\( (\text{C}_6\text{H}_{10}\text{O}_5)_\text{n} + \text{n H}_2\text{O} \xrightarrow{\text{H}^+, 393\text{K, 2-3 atm}} \text{n C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6 \text{(ग्लूकोस)} \)
In simple words: ग्लूकोज दो तरह से बनाया जा सकता है: पहला, चीनी (सुक्रोज) को पानी और एसिड के साथ उबालकर। दूसरा, स्टार्च को पानी और एसिड के साथ बहुत गर्म करके।
🎯 Exam Tip: दोनों विधियों में, जल-अपघटन (हाइड्रोलिसिस) प्रक्रिया होती है, जिसमें पानी के अणु का उपयोग करके बड़े अणुओं को छोटे अणुओं में तोड़ा जाता है।
Question 33. 'सिकिल सेल एनीमिया' रोग क्यों होता है?
Answer: 'सिकिल सेल एनीमिया' रोग तब होता है जब हीमोग्लोबिन में वेलीन अम्ल, ग्लूमैटिक अम्ल की जगह ले लेता है। इस बदलाव से हीमोग्लोबिन के गुण बदल जाते हैं और लाल रक्त कोशिकाएँ गोल की जगह हँसिये (सिकल) के आकार की हो जाती हैं, जिससे ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता कम हो जाती है। यह एक आनुवंशिक रोग है।
In simple words: 'सिकिल सेल एनीमिया' एक खून की बीमारी है, जिसमें हीमोग्लोबिन में एक छोटी सी गलती के कारण लाल रक्त कोशिकाएँ हँसिये जैसी हो जाती हैं।
🎯 Exam Tip: हँसिये के आकार की लाल रक्त कोशिकाएँ छोटी रक्त वाहिकाओं में फंस सकती हैं, जिससे दर्द और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं।
Question 34. ग्लूकोस की 'हलिंग विलयन' तथा 'टॉलेन अभिकर्मक' से होने वाली अभिक्रिया लिखिए।
Answer: ग्लूकोस फेहलिंग विलयन और टॉलेन अभिकर्मक दोनों को अपचयित करता है और स्वयं ऑक्सीकृत होकर ग्लूकोनिक अम्ल बनाता है। यह ग्लूकोज में एल्डिहाइड समूह की उपस्थिति को दर्शाता है।
**टॉलेन अभिकर्मक के साथ अभिक्रिया:**
\( \text{CH}_2\text{OH}(\text{CHOH})_2 - \text{CHO} + 2\text{Ag}(\text{NH}_3)_2 \text{OH} \rightarrow \text{CH}_2\text{OH}(\text{CHOH})_4 \text{COOH} + 2\text{Ag} \downarrow + 4\text{NH}_3 + 2\text{H}_2\text{O} \)
**फेहलिंग विलयन के साथ अभिक्रिया:**
\( \text{CH}_2\text{OH}(\text{CHOH})_4 \text{CHO} + 2\text{Cu}(\text{OH})_2 \rightarrow \text{CH}_2\text{OH}(\text{CHOH})_4 \text{COOH} + \text{Cu}_2\text{O} \downarrow + 2\text{H}_2\text{O} \)
In simple words: ग्लूकोज, टॉलेन अभिकर्मक और फेहलिंग विलयन को बदल देता है। इस क्रिया से ग्लूकोज खुद ग्लूकोनिक अम्ल बन जाता है, और यह दिखाता है कि ग्लूकोज में एक खास रासायनिक समूह है।
🎯 Exam Tip: ये दोनों परीक्षण (टॉलेन और फेहलिंग) कार्बोहाइड्रेट में एल्डिहाइड समूह की पहचान के लिए उपयोग किए जाते हैं, और ये अपचायक शर्कराओं की उपस्थिति की पुष्टि करते हैं।
Question 35. हार्मोन्स को रासायनिक क्यों कहा जाता है?
Answer: हार्मोन्स को रासायनिक दूत कहा जाता है क्योंकि वे अपने उत्पत्ति स्थल से दूर की कोशिकाओं में जाकर कार्य करते हैं। वे विशेष ग्रंथियों द्वारा स्रावित होते हैं और रक्त के माध्यम से लक्षित अंगों तक पहुँचकर विशिष्ट रासायनिक संदेश देते हैं, जिससे शारीरिक प्रक्रियाओं का नियंत्रण होता है।
In simple words: हार्मोन्स को रासायनिक दूत कहते हैं क्योंकि वे एक जगह बनकर खून से दूसरी जगह जाकर काम करते हैं, शरीर को संदेश भेजते हैं।
🎯 Exam Tip: हार्मोन्स कोशिका से कोशिका संचार के प्रमुख साधन हैं और वे शरीर की समस्थिति (होमियोस्टेसिस) बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Question 37. एन्जाइम तथा हार्मोन्स में एक समानता तथा एक असमानता क्या है?
Answer: **समानता:** एन्जाइम की तरह हार्मोन्स भी शरीर में उत्प्रेरक (कैटालिस्ट) का काम करते हैं। वे बहुत कम मात्रा में उपयोग होते हैं और अभिक्रिया के दौरान स्वयं उपयोग नहीं होते। दोनों ही जैविक क्रियाओं को प्रभावित करते हैं।
**असमानता:** हार्मोन्स कुछ लक्षणों में एन्जाइम से अलग होते हैं:
(i) हार्मोन्स उन अंगों पर काम करते हैं जो उनके उत्पादन वाले अंगों या ग्रंथियों से अलग होते हैं।
(ii) संरचनात्मक रूप से, हार्मोन्स हमेशा प्रोटीन नहीं होते हैं; वे छोटे पॉलीपेप्टाइड, ऐमीनो अम्ल या स्टेरॉयड हो सकते हैं, जिनका अणुभार 30,000 से कम होता है।
(iii) हार्मोन्स को उपयोग से पहले ही रक्त में स्रावित कर दिया जाता है, जबकि एन्जाइम आमतौर पर लक्षित स्थान पर ही काम करते हैं।
In simple words: एन्जाइम और हार्मोन्स दोनों शरीर में चीजों को तेजी से करने में मदद करते हैं और कम मात्रा में लगते हैं। लेकिन हार्मोन्स हमेशा प्रोटीन नहीं होते, और वे अपने बनने की जगह से दूर काम करते हैं, जबकि एन्जाइम आमतौर पर एक ही जगह पर क्रिया करते हैं।
🎯 Exam Tip: एन्जाइम आमतौर पर बड़े प्रोटीन होते हैं जो विशिष्ट अभिक्रियाओं को उत्प्रेरित करते हैं, जबकि हार्मोन्स रासायनिक संदेशवाहक होते हैं जो शरीर के कार्यों को नियंत्रित करते हैं और संरचनात्मक रूप से अधिक विविध होते हैं।
Question 38. प्रोटीन का विकृतिकरण किसे कहते हैं? समझाइए।
Answer: प्रोटीन एक जटिल त्रिविमीय संरचना वाले अणु होते हैं। भौतिक परिवर्तनों, जैसे ताप, दाब, या pH में बदलाव और लवण या रासायनिक कारकों की उपस्थिति में, प्रोटीन की प्राकृतिक संरचना का बिखरना प्रोटीन का विकृतिकरण (Denaturation of Protein) कहलाता है। इन परिवर्तनों के कारण हाइड्रोजन बंधों में अस्त-व्यस्तता उत्पन्न हो जाती है, जिससे प्रोटीन अणु अपनी विशिष्ट आकृति से, अकुण्डलित होकर अधिक टेढ़ी-मेढ़ी आकृति में परिवर्तित हो जाते हैं। विकृतिकरण के कारण प्रोटीन अपनी जैविक सक्रियता खो देता है। रासायनिक रूप से विकृतिकरण प्रोटीन की द्वितीयक तथा तृतीयक संरचना को प्रभावित करता है, लेकिन प्राथमिक संरचना में कोई बदलाव नहीं होता है। विकृतिकरण की यह प्रक्रिया आमतौर पर अनुक्रमणीय नहीं होती है।
In simple words: प्रोटीन का विकृतिकरण मतलब जब प्रोटीन अपनी असली बनावट खो देता है, तो वह ठीक से काम नहीं कर पाता। यह बहुत गर्मी, ज्यादा एसिड या बेस जैसी चीजों से होता है।
🎯 Exam Tip: विकृतिकरण के दौरान प्रोटीन के प्राथमिक संरचना (ऐमीनो अम्ल का क्रम) में कोई परिवर्तन नहीं होता, केवल उसकी माध्यमिक, तृतीयक और चतुर्धातुक संरचनाएँ प्रभावित होती हैं।
Question 39. आनुवांशिक कूट किसे कहते हैं?
Answer: आनुवांशिक कूट, न्यूक्लियोटाइड ट्रिप्लेट और ऐमीनो अम्ल के बीच के संबंध को दर्शाता है। इसे mRNA के तीन क्षारों के समूह द्वारा व्यक्त किया जाता है, जो किसी विशिष्ट प्रोटीन संश्लेषण का संकेत देते हैं। उदाहरण के लिए, DNA में निहित एक विशेष जीन न्यूक्लियोटाइडों के क्रम को दर्शाता है। जीव कोशिकाओं में प्रत्येक प्रोटीन का अपना एक विशिष्ट जीन होता है। कुल 20 ऐमीनो अम्लों के विशिष्ट क्रम में जुड़ने से सभी प्रकार के प्रोटीन बनते हैं।
In simple words: आनुवांशिक कूट वह नियम है जो बताता है कि तीन न्यूक्लियोटाइड मिलकर एक ऐमीनो अम्ल कैसे बनाते हैं, जिससे प्रोटीन बनते हैं।
🎯 Exam Tip: आनुवांशिक कूट सार्वभौमिक होता है, जिसका अर्थ है कि लगभग सभी जीवों में समान कोडोन समान ऐमीनो अम्ल को कोड करते हैं।
Question 40. प्रोटीन की प्राथमिक तथा द्वितीयक संरचना में विभेदीकरण कीजिए।
Answer: **प्राथमिक संरचना:** यह प्रोटीन में ऐमीनो अम्लों का रैखिक क्रम है, जो पेप्टाइड बंधों द्वारा जुड़े होते हैं। यह एक विशेष प्रोटीन की पहचान होती है और इसमें ऐमीनो अम्लों की संख्या और उनके क्रम का निर्धारण होता है। यह सबसे मूल स्तर की संरचना है और किसी भी कार्य के लिए महत्वपूर्ण है।
**द्वितीयक संरचना:** यह प्राथमिक संरचना के कुछ हिस्सों के स्थानीय दोहराए जाने वाले आकार को संदर्भित करती है, जैसे \( \alpha \)-हेलिक्स या \( \beta \)-प्लीकेटेड शीट। ये संरचनाएँ हाइड्रोजन बंधों के कारण बनती हैं, जो पॉलीपेप्टाइड रीढ़ के परमाणुओं के बीच बनते हैं।
In simple words: प्राथमिक संरचना प्रोटीन में ऐमीनो अम्लों का सीधा क्रम है, जैसे एक मोती की माला। द्वितीयक संरचना तब बनती है जब यह माला घूमकर खास आकार लेती है, जैसे स्प्रिंग ( \( \alpha \)-हेलिक्स) या मुड़ी हुई शीट ( \( \beta \)-प्लीकेटेड शीट)।
🎯 Exam Tip: प्रोटीन की प्राथमिक संरचना सबसे महत्वपूर्ण होती है क्योंकि यह उसकी द्वितीयक, तृतीयक और चतुर्धातुक संरचनाओं को निर्धारित करती है।
Question 41. परिवर्ती धुवण घूर्णन समझाइए।
Answer: परिवर्ती धुवण घूर्णन (Mutarotation) किसी पदार्थ के जलीय विलयन के विशिष्ट घूर्णन के मान में समय के साथ होने वाला परिवर्तन है। इसका मतलब है कि समय के साथ ध्रुवण घूर्णन का मान या तो बढ़ता है या घटता है। इस गुण को परिवर्ती धुवण घूर्णन कहते हैं। कई कार्बोहाइड्रेट, जैसे ग्लूकोज, में यह गुण पाया जाता है, जहाँ यह दो अलग-अलग अनौमेरिक रूपों के बीच संतुलन स्थापित होने के कारण होता है।
In simple words: परिवर्ती धुवण घूर्णन का मतलब है जब किसी चीज को पानी में घोलने पर उसका घूमने का गुण समय के साथ बदलता रहता है। यह ग्लूकोज जैसे कुछ शर्कराओं में दिखता है।
🎯 Exam Tip: ग्लूकोज के \( \alpha \) और \( \beta \) अनौमर रूपों के बीच साम्यावस्था स्थापित होने के कारण परिवर्ती धुवण घूर्णन होता है। प्रत्येक अनौमर का एक अलग विशिष्ट घूर्णन मान होता है।
Question 42. विटामिन B12, तथा विटामिन A की कमी से होने वाले रोगों के नाम बताइए तथा इन विटामिन के स्रोत के नाम दीजिए।
Answer: **विटामिन B12 (साइनोकोब्लेमीन):**
**स्रोत:** दूध, अंडा, यकृत, मछली और अन्य जंतु ऊतक।
**कमी से होने वाले रोग:** प्रकाशी रक्ताल्पता (मेगालोब्लास्टिक एनीमिया), चेतना शून्यता, जीभ और मुँह पर सूजन, झनझनाहट और घबराहट। यह विटामिन तंत्रिका तंत्र के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
**विटामिन A (रेटिनॉल):**
**स्रोत:** दूध, मक्खन, अंडे, मछली और कैरोटिनाइड (जो विटामिन A के अग्रदूत हैं)।
**कमी से होने वाले रोग:** रतौंधी (रात में कम दिखना), वृद्धि का रुकना, ज़ेरोसिस (त्वचा का सूखापन), और ज़ेरोफथाल्मिया (कॉर्निया का अपारदर्शक हो जाना)।
In simple words: विटामिन B12 की कमी से खून की कमी और नसें कमजोर होती हैं, यह दूध, अंडे में मिलता है। विटामिन A की कमी से रात में कम दिखता है और आँखें सूख जाती हैं, यह दूध, मक्खन, अंडे में मिलता है।
🎯 Exam Tip: विटामिन B12 लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और तंत्रिका तंत्र के कार्य के लिए महत्वपूर्ण है, जबकि विटामिन A आँखों की रोशनी, त्वचा के स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए आवश्यक है।
Question 43. DNA तथा RNA में बार अन्तर लिखिए।
Answer:
| क्र. | डी.एन.ए. | आर.एन.ए. |
|---|---|---|
| 1. | यह केन्द्रक में पाए जाने वाले गुणसूत्र (क्रोमोसोम) में पाया जाता है। | यह कोशिका द्रव्य में पाया जाता है। |
| 2. | डी.एन.ए. में डीऑक्सीराइबोज शर्करा होती है। | आर.एन.ए. में राइबोज शर्करा होती है। |
| 3. | डी.एन.ए. में कार्बनिक क्षार-ऐडेनीन (A), ग्वानिन (G), थायमीन (T) तथा साइटोसीन (C) होते हैं। | आर.एन.ए. में कार्बनिक क्षार-ऐडेनीन (A), ग्वानिन (G), यूरेसिल (U) तथा साइटोसीन (C) होता है। |
| 4. | यह आनुवांशिक गुणों के स्थानान्तरण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। | यह प्रोटीन संश्लेषण में मदद करता है। |
| 5. | इनकी संरचना द्विकुण्डलित हेलिक्स (Double helical) होती है। | इनकी एक सूत्री कुण्डली (Single Stranded) संरचना होती है। |
| 6. | इसके अणु अपेक्षाकृत बड़े होते हैं, जिनका अणुभार अधिक होता है। | इसके अणु अपेक्षाकृत छोटे होते हैं, जिनका अणुभार कम होता है। |
| 7. | डी.एन.ए. स्वयं द्विगुणन (Replication) कर सकता है। | यह स्वयं द्विगुणन नहीं कर सकता। |
🎯 Exam Tip: डीएनए आनुवंशिक जानकारी का स्थायी भंडार है, जबकि आरएनए जीन अभिव्यक्ति में एक अस्थाई भूमिका निभाता है।
Question 44. ग्लूकोस तथा फ्रक्टोस की हावर्थ संरचनाएँ लिखिए।
Answer: ग्लूकोज और फ्रक्टोज दोनों का अणुसूत्र \( \text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6 \) होता है, जिसका अर्थ है कि वे दोनों हेक्सोस शर्करा हैं। ग्लूकोज एक एल्डोहेक्सोस है, जबकि फ्रक्टोज एक कीटोहेक्सोस है। इनकी हावर्थ संरचनाएँ उनके चक्रीय रूपों को दिखाती हैं। ग्लूकोज मुख्य रूप से पाइरानोस रूप में (छह-सदस्यीय वलय) पाया जाता है, जबकि फ्रक्टोज मुख्य रूप से फ्यूरानोस रूप में (पांच-सदस्यीय वलय) होता है। दोनों के \( \alpha \) और \( \beta \) अनौमर होते हैं।
In simple words: ग्लूकोज और फ्रक्टोज दोनों एक ही तरह के शुगर (छह कार्बन वाले) होते हैं, लेकिन उनकी बनावट थोड़ी अलग होती है। ग्लूकोज आमतौर पर छह-कोने वाली रिंग बनाता है, जबकि फ्रक्टोज पांच-कोने वाली रिंग बनाता है।
🎯 Exam Tip: हावर्थ संरचनाएँ चक्रीय शर्कराओं की 3D संरचना को 2D में दर्शाने का एक सरल तरीका है, जहाँ वलय के ऊपरी और निचले हिस्से में जुड़े समूह दिखाए जाते हैं।
Question 45. प्रोटीन को परिभाषित कीजिए व इसका वर्गीकरण लिखिए।
Answer: **परिभाषा:** प्रोटीन जटिल, उच्च-अणुभार वाले जैव अणु होते हैं जो ऐमीनो अम्लों की लंबी श्रृंखलाओं से बने होते हैं। ये पेप्टाइड बंधों द्वारा एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। "प्रोटीन" नाम बर्जीलियस ने 1938 में दिया था, जिसका अर्थ है 'प्राथमिक' या 'सबसे महत्वपूर्ण' क्योंकि ये जीवन के लिए आवश्यक रासायनिक पदार्थ हैं, जो वृद्धि, मरम्मत और अनुरक्षण के लिए महत्वपूर्ण हैं। प्रोटीन सभी जीवित कोशिकाओं में पाए जाते हैं और उनके उपापचय तथा संरचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जैसे बाल, त्वचा, हीमोग्लोबिन, नाखून और एंजाइम।
**वर्गीकरण:** प्रोटीन को उनकी संरचना के आधार पर मुख्य रूप से दो प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है:
1. **रेशेदार प्रोटीन (Fibrous Proteins):** ये रेखीय अणुओं से बने होते हैं, जिनमें पॉलीपेप्टाइड श्रृंखलाएँ हाइड्रोजन या सल्फाइड बंधों से जुड़ी होती हैं। ये लंबे धागे जैसी संरचनाएँ बनाती हैं, जिनमें पॉलीपेप्टाइड श्रृंखलाएँ एक-दूसरे के समानांतर होती हैं। ये आमतौर पर जल में अघुलनशील होते हैं और ताप या pH मान में परिवर्तन से कम प्रभावित होते हैं। ये जंतु ऊतकों के संरचनात्मक पदार्थ बनाते हैं। उदाहरण: कोलेजन, मायोसिन (मांसपेशियों में), किरेटिन (बाल और ऊन में)।
2. **गोलिकाकार प्रोटीन (Globular Proteins):** ये कुंडलित अणुओं से बने होते हैं, जिनमें पॉलीपेप्टाइड श्रृंखलाएँ आंतरिक हाइड्रोजन बंधों से जुड़ी रहती हैं। ये अम्ल, क्षार और लवणों के जलीय विलयन में घुलनशील होते हैं। इनका मुख्य कार्य जीवन चक्र को नियंत्रित करना और उसकी देखभाल करना है। उदाहरण: हीमोग्लोबिन, इंसुलिन, एल्बुमिन।
In simple words: प्रोटीन ऐमीनो अम्लों से बने बड़े अणु हैं जो शरीर की वृद्धि और मरम्मत के लिए ज़रूरी हैं। ये दो तरह के होते हैं: रेशेदार प्रोटीन (जैसे बाल) जो लंबे होते हैं और पानी में नहीं घुलते, और गोलिकाकार प्रोटीन (जैसे इंसुलिन) जो गोल होते हैं और पानी में घुल जाते हैं।
🎯 Exam Tip: प्रोटीन की संरचना और कार्य एक-दूसरे से बहुत गहराई से जुड़े होते हैं। कोई भी बदलाव, जैसे विकृतिकरण, प्रोटीन के कार्य को प्रभावित कर सकता है।
Question 46. ग्लूकोस की सामान्य रासायनिक अभिक्रिया दीजिए।
Answer: ग्लूकोज में एल्डिहाइड (CHO) और हाइड्रोक्सिल (-OH) समूह दोनों होते हैं, इसलिए यह दोनों समूहों की विशिष्ट रासायनिक अभिक्रियाएँ दर्शाता है।
1. **ऑक्सीकरण (Oxidation):** ग्लूकोज ब्रोमीन जल जैसे हल्के ऑक्सीकारक अभिकर्मकों द्वारा ऑक्सीकृत होकर ग्लूकोनिक अम्ल बनाता है। यह ग्लूकोज में एल्डिहाइड समूह की उपस्थिति को दर्शाता है।
\( \text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6 \text{(ग्लूकोज)} + [\text{O}] \xrightarrow{\text{Br}_2/\text{H}_2\text{O}} \text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_7 \text{(ग्लूकोनिक अम्ल)} \)
2. **अपचयन (Reduction):** ग्लूकोज सोडियम अमलगम जैसे अपचायक अभिकर्मकों द्वारा अपचयित होकर सॉर्बिटोल (एक पॉलीहाइड्रिक अल्कोहल) बनाता है।
\( \text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6 \text{(ग्लूकोज)} \xrightarrow{\text{Na-Hg}/\text{H}_2\text{O}} \text{CH}_2\text{OH}(\text{CHOH})_4\text{CH}_2\text{OH} \text{(सॉर्बिटोल)} \)
3. **एसीटिलीकरण (Acetylation):** ग्लूकोज एसिटिक एनहाइड्राइड के साथ अभिक्रिया करके ग्लूकोज पेंटाएसिटेट बनाता है, जो इसमें पांच हाइड्रोक्सिल समूहों की उपस्थिति को दर्शाता है।
\( \text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6 + 5(\text{CH}_3\text{CO})_2\text{O} \rightarrow \text{C}_6\text{H}_7\text{O}_6(\text{COCH}_3)_5 + 5\text{CH}_3\text{COOH} \)
In simple words: ग्लूकोज कई तरह की रासायनिक क्रियाएँ करता है, जैसे ऑक्सीजन के साथ मिलकर ग्लूकोनिक अम्ल बनाना, या कुछ खास चीजों से मिलकर सॉर्बिटोल बनाना। यह दिखाता है कि ग्लूकोज में कई अलग-अलग रासायनिक हिस्से होते हैं।
🎯 Exam Tip: ग्लूकोज की ये अभिक्रियाएँ इसके संरचनात्मक गुणों को समझने में मदद करती हैं और इसके एल्डिहाइड और हाइड्रॉक्सिल समूहों की पुष्टि करती हैं।
Question 47. सेलुलोस तथा स्टॉर्च के मुख्य स्रोत क्या है, इनकी संरचनाओं की संक्षिप्त में व्याख्या कीजिए।
Answer: **स्टार्च:**
**मुख्य स्रोत:** स्टार्च पौधों में संग्रहित होने वाला एक पॉलीसैकेराइड है। यह मनुष्यों के आहार का मुख्य स्रोत है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। इसके मुख्य स्रोतों में गेहूँ, मक्का, चावल, जौ, आलू, कंद और कुछ सब्जियाँ शामिल हैं। इसका अणुसूत्र \( (\text{C}_6\text{H}_{10}\text{O}_5)_\text{n} \) होता है।
**संरचना:** स्टार्च दो यौगिकों से मिलकर बना होता है: एमाइलोज और एमाइलोपेक्टिन। एमाइलोज जल में घुलनशील होता है और \( \alpha \)-ग्लूकोज इकाइयों की एक सीधी श्रृंखला होती है। एमाइलोपेक्टिन जल में अघुलनशील होता है और \( \alpha \)-ग्लूकोज इकाइयों की एक शाखित श्रृंखला होती है। दोनों ही \( \alpha \)-D-(+)-ग्लूकोज के बहुलक होते हैं।
**सेलुलोज:**
**मुख्य स्रोत:** सेलुलोज पौधों की कोशिका भित्ति का मुख्य घटक है, जो पौधों को संरचनात्मक सहायता प्रदान करता है। यह कपास, लकड़ी, जूट और रेशेदार सब्जियों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसका अणुसूत्र भी \( (\text{C}_6\text{H}_{10}\text{O}_5)_\text{n} \) होता है।
**संरचना:** सेलुलोज \( \beta \)-D-ग्लूकोज इकाइयों की एक लंबी, अशाखित श्रृंखला होती है, जो \( \beta \)-ग्लाइकोसिडिक बंधों द्वारा जुड़ी होती है। इसकी सीधी, रेशेदार संरचना इसे उच्च तन्यता शक्ति प्रदान करती है और इसे जल में अघुलनशील बनाती है।
In simple words: स्टार्च पौधों में ऊर्जा जमा करने वाला तत्व है जो आलू, चावल में मिलता है। यह दो तरह की चीनी से बनी शाखित या सीधी श्रृंखला होती है। सेलुलोज पौधों की दीवारों को बनाता है और लकड़ी, कपास में मिलता है। यह सीधी चीनी श्रृंखला से बनता है और पानी में नहीं घुलता।
🎯 Exam Tip: स्टार्च मुख्य रूप से ऊर्जा भंडारण के लिए होता है, जबकि सेलुलोज पौधों में संरचनात्मक सहायता प्रदान करता है। मनुष्यों में सेलुलोज को पचाने वाले एंजाइम नहीं होते हैं, जबकि स्टार्च आसानी से पच जाता है।
Question 48. निम्न के जल अपघटन पर प्राप्त होने वाले अन्तिम उत्पाद क्या है?
Answer: जल अपघटन पर प्राप्त होने वाले अंतिम उत्पाद इस प्रकार हैं:
4. **स्टार्च जल-अपघटन \( \rightarrow \) ग्लूकोज:** स्टार्च एक पॉलीसैकेराइड है जो जल-अपघटन के बाद ग्लूकोज के कई अणुओं में टूट जाता है।
5. **सेलुलोज जल-अपघटन \( \rightarrow \beta \)-ग्लूकोज:** सेलुलोज भी एक पॉलीसैकेराइड है जो जल-अपघटन के बाद \( \beta \)-ग्लूकोज के अणुओं में टूट जाता है।
In simple words: जब स्टार्च को पानी से तोड़ा जाता है, तो हमें ग्लूकोज मिलता है। इसी तरह, जब सेलुलोज को पानी से तोड़ा जाता है, तो \( \beta \)-ग्लूकोज मिलता है।
🎯 Exam Tip: जल-अपघटन एक रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें पानी का उपयोग करके एक बड़े अणु को दो या दो से अधिक छोटे अणुओं में तोड़ा जाता है।
Question 49. प्रोटीन को परिभाषित कीजिए। इसका जल अपघटन दीजिए। प्रोटीन की प्राथमिक तथा द्वितीयक संरचना समझाइए।
Answer: **परिभाषा:** प्रोटीन ऐमीनो अम्लों से बनी लंबी श्रृंखलाएँ होती हैं जो पेप्टाइड बंधों द्वारा जुड़ी होती हैं। ये जीवित कोशिकाओं के लिए आवश्यक जैव अणु हैं जो शरीर की वृद्धि, मरम्मत और कार्यों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
**जल अपघटन:** प्रोटीन के जल अपघटन से ऐमीनो अम्ल प्राप्त होते हैं। एन्जाइम या अम्ल/क्षार की उपस्थिति में प्रोटीन के पेप्टाइड बंध टूट जाते हैं, और प्रोटीन अपनी मूल ऐमीनो अम्ल इकाइयों में विभाजित हो जाता है।
**\( \text{R}-\text{CH}(\text{NH}_2)\text{CONH}-\text{R}' \xrightarrow{\text{H}_2\text{O}/\text{Enzyme}} \text{R}-\text{CH}(\text{NH}_2)\text{COOH} + \text{H}_2\text{N}-\text{R}' \)**
**प्राथमिक संरचना:** यह प्रोटीन में ऐमीनो अम्लों का सटीक अनुक्रम है, जो एक सीधी रेखा में जुड़े होते हैं। यह अनुक्रम प्रोटीन की पहचान निर्धारित करता है।
**द्वितीयक संरचना:** यह प्राथमिक संरचना के भीतर पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला के कुछ हिस्सों की स्थानीय तह को संदर्भित करती है, जैसे \( \alpha \)-हेलिक्स (कुंडलित आकार) और \( \beta \)-प्लीकेटेड शीट (मुड़ी हुई शीट)। ये संरचनाएँ हाइड्रोजन बंधों द्वारा स्थिर होती हैं।
In simple words: प्रोटीन ऐमीनो अम्लों से बनी चीजें हैं जो शरीर के लिए ज़रूरी हैं। पानी से तोड़ने पर ये ऐमीनो अम्ल में बदल जाती हैं। इसकी प्राथमिक बनावट ऐमीनो अम्लों का सीधा क्रम है, और द्वितीयक बनावट सीधी रेखा में मुड़कर खास आकार लेती है।
🎯 Exam Tip: प्रोटीन की प्राथमिक संरचना सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही इसकी सभी उच्च-स्तरीय संरचनाओं और अंततः उसके जैविक कार्य को निर्धारित करती है।
Question 50. एन्जाइम के कार्य लिखिए। इनका वर्गीकरण कीजिए।
Answer: **एन्जाइम के कार्य:**
एन्जाइम जैव उत्प्रेरक (Bio Catalyst) होते हैं, जो जीवित कोशिकाओं द्वारा संश्लेषित होते हैं। इनका मुख्य कार्य जैविक अभिक्रियाओं की दर को बढ़ाना है। वे पाचन, श्वसन, ऊर्जा उत्पादन, और पोषक तत्वों के संश्लेषण जैसी शरीर की लगभग सभी रासायनिक प्रतिक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
**एन्जाइम का वर्गीकरण:** एन्जाइम को उनके द्वारा उत्प्रेरित अभिक्रियाओं के प्रकार के आधार पर छह मुख्य वर्गों में वर्गीकृत किया गया है:
1. **ऑक्सीडोरेडक्टेस (Oxidoreductases):** ऑक्सीकरण-अपचयन अभिक्रियाओं को उत्प्रेरित करते हैं।
2. **ट्रांसफेरेसिस (Transferases):** एक अणु से दूसरे अणु में कार्यात्मक समूहों को स्थानांतरित करते हैं।
3. **हाइड्रोलेसिस (Hydrolases):** जल-अपघटन अभिक्रियाओं को उत्प्रेरित करते हैं, जिसमें पानी का उपयोग करके बंध तोड़े जाते हैं।
4. **लायेसिस (Lyases):** जल-अपघटन या ऑक्सीकरण के बिना बंधों को तोड़ते हैं।
5. **आइसोमेरेसिस (Isomerases):** एक ही अणु के भीतर समूहों के पुनर्व्यवस्थापन को उत्प्रेरित करते हैं, जिससे आइसोमर बनते हैं।
6. **लाइगेसिस (Ligases):** दो अणुओं को एक साथ जोड़ने के लिए नए बंधों के निर्माण को उत्प्रेरित करते हैं, अक्सर एटीपी (ATP) के उपयोग के साथ।
In simple words: एन्जाइम शरीर में रासायनिक क्रियाओं को तेज करते हैं। इन्हें छह मुख्य तरीकों से बांटा गया है, इस आधार पर कि वे किस तरह की क्रियाएँ करते हैं, जैसे तोड़ने, जोड़ने या बदलने वाली क्रियाएँ।
🎯 Exam Tip: हर एन्जाइम बहुत विशिष्ट होता है, यानी वह केवल एक या कुछ खास प्रकार की अभिक्रियाओं को ही उत्प्रेरित करता है। यह विशिष्टता उसके सक्रिय स्थल (active site) की संरचना के कारण होती है।
Question 51. पीयूष ग्रन्थि तथा थाइराइड ग्रन्थि द्वारा स्त्रावित होने वाले हार्मोन्स के नाम तथा जैविक कार्य लिखिए।
Answer: **पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland):**
यह एक 'मास्टर ग्रंथि' है जो कई हार्मोन स्रावित करती है जो अन्य ग्रंथियों को नियंत्रित करते हैं।
**स्रावित हार्मोन:** वृद्धि हार्मोन (Growth Hormone - GH), थायरॉयड-उत्तेजक हार्मोन (Thyroid-Stimulating Hormone - TSH), एड्रेनोकॉर्टिकोट्रोपिक हार्मोन (Adrenocorticotropic Hormone - ACTH), प्रोलैक्टिन (Prolactin), फॉलिकल-उत्तेजक हार्मोन (Follicle-Stimulating Hormone - FSH), ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन (Luteinizing Hormone - LH) और वैसोप्रेसिन (Vasopressin) / ऑक्सीटोसिन (Oxytocin)।
**जैविक कार्य:** वृद्धि हार्मोन शरीर की वृद्धि को नियंत्रित करता है, TSH थायरॉयड ग्रंथि को उत्तेजित करता है, FSH और LH प्रजनन कार्यों को नियंत्रित करते हैं, और वैसोप्रेसिन जल संतुलन को नियंत्रित करता है।
**थायरॉयड ग्रंथि (Thyroid Gland):**
**स्रावित हार्मोन:** थायरोक्सिन (Thyroxine - \( \text{T}_4 \)) और ट्राईआयोडोथायरोनिन (Triiodothyronine - \( \text{T}_3 \))।
**जैविक कार्य:** ये हार्मोन शरीर के उपापचय दर, वृद्धि और विकास को नियंत्रित करते हैं। ये ऊर्जा के उपयोग, प्रोटीन संश्लेषण और शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
In simple words: पीयूष ग्रंथि से वृद्धि हार्मोन जैसे कई हार्मोन निकलते हैं जो शरीर की ग्रोथ और बाकी ग्रंथियों को कंट्रोल करते हैं। थायरॉइड ग्रंथि से थायरोक्सिन हार्मोन निकलता है जो शरीर की ऊर्जा और विकास को संभालता है।
🎯 Exam Tip: पीयूष ग्रंथि, जिसे मास्टर ग्रंथि भी कहते हैं, और थायरॉइड ग्रंथि, जो उपापचय को नियंत्रित करती है, दोनों ही अन्तःस्त्रावी तंत्र के महत्वपूर्ण हिस्से हैं जो शरीर के समुचित कार्य के लिए आवश्यक हैं।
Question 52. विटामिन B-कॉम्पलेक्स क्या है? इनकी कमी से होने वाले रोगों के नाम लिखिए।
Answer: विटामिन B-कॉम्प्लेक्स पानी में घुलनशील विटामिनों का एक समूह है, जिसमें कई अलग-अलग विटामिन B शामिल होते हैं, जैसे B1 (थायमिन), B2 (राइबोफ्लेविन), B3 (नियासिन), B5 (पैंटोथेनिक अम्ल), B6 (पाइरिडोक्सिन), B7 (बायोटिन), B9 (फोलेट), और B12 (कोबालामिन)। ये सभी विटामिन विभिन्न उपापचयी प्रक्रियाओं और तंत्रिका तंत्र के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं।
**इनकी कमी से होने वाले रोग:**
* **विटामिन B1 (थायमिन) की कमी:** बेरी-बेरी (तंत्रिका और हृदय संबंधी समस्याएँ)।
* **विटामिन B2 (राइबोफ्लेविन) की कमी:** चिलोसिस (मुँह के कोनों पर दरारें) और ग्लोसिटिस (जीभ की सूजन)।
* **विटामिन B3 (नियासिन) की कमी:** पेलाग्रा (त्वचाशोथ, दस्त और मनोभ्रंश)।
* **विटामिन B6 (पाइरिडोक्सिन) की कमी:** एनीमिया, तंत्रिका संबंधी समस्याएँ, त्वचाशोथ।
* **विटामिन B9 (फोलेट) की कमी:** मेगालोब्लास्टिक एनीमिया और गर्भावस्था में न्यूरल ट्यूब दोष।
* **विटामिन B12 (कोबालामिन) की कमी:** परनीसियस एनीमिया, तंत्रिका संबंधी क्षति, थकान।
In simple words: विटामिन B-कॉम्प्लेक्स कई सारे B विटामिनों का एक समूह है जो शरीर के लिए बहुत ज़रूरी हैं। इनकी कमी से अलग-अलग बीमारियाँ होती हैं, जैसे बेरी-बेरी, खून की कमी और त्वचा की समस्याएँ।
🎯 Exam Tip: चूंकि विटामिन B-कॉम्प्लेक्स पानी में घुलनशील होते हैं, शरीर इन्हें जमा नहीं करता है, इसलिए इनकी नियमित आपूर्ति आहार के माध्यम से आवश्यक होती है।
Question 53. DNA की आणविक संरचना समझाइए।
Answer: डीएनए (DNA) अणु दोहरे कुंडली (double helix) वाली संरचना होती है, जिसे 'वाटसन और क्रिक मॉडल' के नाम से जाना जाता है। इसकी प्राथमिक संरचना में डीएनए एक बड़ा अणु होता है जिसका अणुभार कई लाख तक होता है।
**मुख्य बिंदु:**
1. **दोहरी कुंडली:** डीएनए दो पॉलीन्यूक्लियोटाइड श्रृंखलाओं से बना होता है जो एक दूसरे के चारों ओर सर्पिल रूप से कुंडलित होती हैं।
2. **न्यूक्लियोटाइड:** प्रत्येक श्रृंखला न्यूक्लियोटाइड नामक इकाइयों से बनी होती है। हर न्यूक्लियोटाइड में एक डीऑक्सीराइबोज शर्करा, एक फॉस्फेट समूह और एक नाइट्रोजनस क्षार (एडेनीन (A), ग्वानीन (G), साइटोसिन (C), या थायमीन (T)) होता है।
3. **क्षार युग्मन:** दोनों श्रृंखलाएँ आपस में हाइड्रोजन बंधों द्वारा जुड़ी होती हैं। एडेनीन (A) हमेशा थायमीन (T) से दो हाइड्रोजन बंधों के साथ जुड़ता है, और ग्वानीन (G) हमेशा साइटोसिन (C) से तीन हाइड्रोजन बंधों के साथ जुड़ता है। इसे क्षार युग्मन का नियम कहते हैं।
4. **किरैलता:** डीएनए अणु असममित (चिरल) होते हैं, जिसका मुख्य कारण डी-शर्करा घटक की उपस्थिति है।
5. **आनुवंशिक जानकारी:** डीएनए में आनुवंशिक जानकारी उसके क्षार अनुक्रम में संग्रहित होती है।
सन् 1953 में जे.डी. वाटसन और एफ.एच.सी. क्रिक ने एक्स-रे विवर्तन अध्ययनों के आधार पर डीएनए की इस दोहरे कुंडली संरचना का प्रस्ताव रखा था, जिसके लिए उन्हें 1962 में नोबेल पुरस्कार मिला।
In simple words: DNA दो रस्सियों जैसा दिखता है जो एक दूसरे के चारों ओर लिपटी होती हैं। इसकी हर रस्सी छोटी इकाइयों (न्यूक्लियोटाइड) से बनी होती है, जिनमें शुगर, फॉस्फेट और चार तरह के क्षार होते हैं। A हमेशा T से और G हमेशा C से जुड़ता है, जो हमारे आनुवंशिक कोड को बनाता है।
🎯 Exam Tip: वाटसन और क्रिक मॉडल ने डीएनए की संरचना को समझाकर जीव विज्ञान में क्रांति ला दी, जिससे आनुवंशिकी और वंशानुक्रम की समझ में महत्वपूर्ण प्रगति हुई।
Question 54. न्यूक्लिक अम्ल द्वारा प्रोटीन को संश्लेषण कैसे होता है? समझाइए।
Answer: न्यूक्लिक अम्ल द्वारा प्रोटीन का संश्लेषण एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें डीएनए (DNA) और आरएनए (RNA) मिलकर काम करते हैं। यह प्रक्रिया दो मुख्य चरणों में होती है: अनुलेखन (Transcription) और अनुवादन (Translation)।
1. **अनुलेखन (Transcription):** डीएनए में मौजूद आनुवंशिक जानकारी (जीन) को मैसेंजर आरएनए (mRNA) नामक एक अणु में कॉपी किया जाता है। यह क्रिया कोशिका के नाभिक में होती है। डीएनए का एक हिस्सा खुलकर mRNA बनाता है, जिसमें थाइमिन की जगह यूरेसिल होता है।
2. **अनुवादन (Translation):** mRNA अणु नाभिक से निकलकर राइबोसोम (कोशिका द्रव्य में प्रोटीन बनाने वाली मशीनें) तक पहुँचता है। राइबोसोम पर, mRNA के कोडोन (तीन न्यूक्लियोटाइड का क्रम) को ट्रांसफर आरएनए (tRNA) द्वारा पढ़ा जाता है। प्रत्येक tRNA एक विशिष्ट ऐमीनो अम्ल को लाता है जो mRNA कोडोन से मेल खाता है। ऐमीनो अम्ल एक-एक करके जुड़ते जाते हैं, जिससे एक लंबी पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला बनती है, जो अंततः एक प्रोटीन बन जाती है। कुल 20 ऐमीनो अम्ल विभिन्न क्रमों में जुड़कर सभी प्रकार के प्रोटीन बनाते हैं।
In simple words: प्रोटीन बनाने के लिए, पहले DNA से जानकारी mRNA में कॉपी होती है (अनुलेखन)। फिर, यह mRNA जानकारी राइबोसोम पर जाती है, जहाँ tRNA ऐमीनो अम्लों को लाकर जोड़ता है, जिससे प्रोटीन बनता है (अनुवादन)।
🎯 Exam Tip: यह 'सेंट्रल डोग्मा' का सिद्धांत है, जो जीव विज्ञान में आनुवंशिक जानकारी के प्रवाह को DNA से RNA से प्रोटीन तक समझाता है।
There is no educational content (questions or answers) between pages 15 and 16 of the provided document. The content on these pages consists entirely of navigation links, SEO titles, and footer information, which are to be ignored according to the processing rules.Free study material for Chemistry
RBSE Solutions Class 12 Chemistry Chapter 14 जैव-अणु
Students can now access the RBSE Solutions for Chapter 14 जैव-अणु prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 12 Chemistry textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest RBSE syllabus.
Detailed Explanations for Chapter 14 जैव-अणु
Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 12 Chemistry chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 12 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these RBSE Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.
Benefits of using Chemistry Class 12 Solved Papers
Using our Chemistry solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 12 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 14 जैव-अणु to get a complete preparation experience.
FAQs
The complete and updated RBSE Solutions Class 12 Chemistry Chapter 14 जैव-अणु is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 12 Chemistry are as per latest RBSE curriculum.
Yes, our experts have revised the RBSE Solutions Class 12 Chemistry Chapter 14 जैव-अणु as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Chemistry concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using RBSE language because RBSE marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our RBSE Solutions Class 12 Chemistry Chapter 14 जैव-अणु will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 12 Chemistry. You can access RBSE Solutions Class 12 Chemistry Chapter 14 जैव-अणु in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 12 Chemistry Chapter 14 जैव-अणु in printable PDF format for offline study on any device.