RBSE Solutions Class 12 Biology Chapter 38 मानव जनसंख्या

NCERT Solutions for Class 12 Biology: Chapter 38 मानव जनसंख्या

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Practice Class 12 Biology Solutions: Chapter 38 मानव जनसंख्या

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RBSE Class 12 Biology Chapter 38 बहुविकल्पीय प्रश्न

 

Question 1. मानव जनसंख्या के सन्दर्भ में सर्वप्रथम जनसंख्या सिद्धान्त का प्रतिपादन करने वाले वैज्ञानिक थे-
(अ) माल्थस
(ब) लैमार्क
(स) बोडेनहेमर
(द) डार्विन
Answer: (अ) माल्थस
In simple words: माल्थस वह पहले वैज्ञानिक थे जिन्होंने मानव जनसंख्या के बढ़ने के बारे में एक खास सिद्धांत दिया था.

🎯 Exam Tip: जनसंख्या सिद्धांतों और उनके प्रतिपादकों के नाम हमेशा याद रखें, क्योंकि यह अक्सर सीधे प्रश्न के रूप में पूछा जाता है.

 

Question 2. विश्व की कुल जनसंख्या में भारत का योगदान है।
(अ) 12.4 प्रतिशत

 

Question 3. विश्व जनसंख्या में तीव्र वृद्धि का कारण है-
(अ) जन्म दर बढ़ना,
(ब) जीवन-स्तर में सुधार
(स) विश्व का गर्म होना
(द) मृत्यु दर कम होना।
Answer: (द) मृत्यु दर कम होना।
In simple words: दुनिया में लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है क्योंकि बीमारियों और अन्य कारणों से मरने वाले लोगों की संख्या कम हो गई है.

🎯 Exam Tip: जनसंख्या वृद्धि के कारणों को समझते समय, जन्म दर और मृत्यु दर के बीच के संबंध को ध्यान में रखें.

 

Question 4. अधिकतम संख्या में वृद्धों में युक्त समष्टि का आकार
(अ) भविष्य में बढ़ने की सम्भावना
(ब) भविष्य में कम हो जाएगा।
(स) स्थिर रहेगा।
(द) उपरोक्त में से कोई नहीं।
Answer: (ब) भविष्य में कम हो जाएगा।
In simple words: अगर किसी समूह में बुजुर्ग लोग सबसे ज्यादा हैं, तो आने वाले समय में उस समूह का कुल आकार कम होने की संभावना है, क्योंकि बुजुर्गों की मृत्यु दर अधिक होती है और जन्म दर कम होती है.

🎯 Exam Tip: आयु संरचना पिरामिडों को समझते हुए जनसंख्या के भविष्य के रुझानों का अनुमान लगाना सीखें.

 

Question 5. निम्न में से कौन-सी गर्भ निरोधक नहीं है?
(अ) कंडोम
(ब) सहेली गोली
(स) वॉल्ट
(द) स्टेराइड पिल्स
Answer: (द) स्टेराइड पिल्स
In simple words: कंडोम, सहेली गोली और वॉल्ट सभी गर्भधारण रोकने के तरीके हैं, लेकिन स्टेराइड पिल्स गर्भनिरोधक नहीं हैं.

🎯 Exam Tip: विभिन्न गर्भनिरोधक विधियों के नाम और उनके कार्य को स्पष्ट रूप से समझें ताकि गलत विकल्पों को आसानी से पहचान सकें.

 

RBSE Class 12 Biology Chapter 38 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. जनसंख्या की परिभाषा दीजिए।
Answer: जनसंख्या वृद्धि वक्र (Growth Curve of Population) दर्शाता है कि जनसंख्या लगातार बढ़ती रहती है. यह बढ़ती हुई जनसंख्या मनुष्यों या किसी अन्य जीव की हो सकती है. बढ़ी हुई जनसंख्या प्रजनन करती है और अधिक बढ़ती है, जो एक निश्चित तरीके से होती है. इसी को जनसंख्या का वृद्धि वक्र कहते हैं.
In simple words: जनसंख्या वृद्धि वक्र दिखाता है कि समय के साथ किसी भी जीव की जनसंख्या कैसे बढ़ती है. यह वृद्धि एक खास पैटर्न में होती है.

🎯 Exam Tip: परिभाषा को सटीक और सरल शब्दों में लिखें, जिसमें मुख्य शब्दों जैसे 'वृद्धि वक्र' और 'निश्चित प्रतिरूप' का उल्लेख हो.

 

Question 3. भारत में मृत्युदर में कमी के लिये जिम्मेदार एक प्रमुख कारक को बताइये।
Answer: भारत में मृत्यु दर कम होने का एक बड़ा कारण बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध होना है, जिसमें बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण भी शामिल है. यह लोगों को स्वस्थ रहने में मदद करता है.
In simple words: भारत में कम मृत्यु दर का मुख्य कारण अच्छी स्वास्थ्य सेवा और टीकाकरण है.

🎯 Exam Tip: मृत्यु दर में कमी के लिए चिकित्सा प्रगति और स्वास्थ्य सुविधाओं को मुख्य कारक के रूप में हाइलाइट करें.

 

Question 4. किसी समष्टि की जन्म दर एवं मृत्यु दर बराबर होने पर जनसंख्या वृद्धि का भविष्य क्या होगा?
Answer: यदि किसी समुदाय में जन्म दर और मृत्यु दर बराबर हो जाती है, तो उस समुदाय का आकार स्थिर हो जाएगा, जिसका मतलब है कि उसकी वृद्धि दर शून्य होगी. भविष्य में जनसंख्या वृद्धि पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, जनसंख्या स्थिर रहेगी.
In simple words: जब जन्म लेने वाले और मरने वाले लोगों की संख्या बराबर हो जाती है, तो जनसंख्या न बढ़ती है न घटती है, बल्कि स्थिर हो जाती है.

🎯 Exam Tip: स्थिर जनसंख्या की अवधारणा को स्पष्ट रूप से व्यक्त करें, यह बताते हुए कि जन्म दर और मृत्यु दर के बराबर होने पर वृद्धि दर शून्य हो जाती है.

 

Question 5. गर्भनिरोधक युक्तियाँ आई.यू.डी. क्या होती है?
Answer: आई.यू.डी. (इंट्रा-यूटराइन डिवाइस) गर्भनिरोधक युक्तियाँ होती हैं जिन्हें योनि के रास्ते गर्भाशय में लगाया जाता है. इनमें आई.यू.डी. एक लूप के आकार की होती है जो गर्भ ठहरने से रोकती है. यह एक छोटा सा उपकरण होता है.
In simple words: आई.यू.डी. एक छोटा उपकरण है जिसे गर्भधारण रोकने के लिए गर्भाशय में लगाया जाता है.

🎯 Exam Tip: आई.यू.डी. की परिभाषा में 'योनि मार्ग से गर्भाशय में लगाई जाने वाली युक्ति' और 'गर्भधारण रोकने का कार्य' जैसे मुख्य बिंदु शामिल करें.

 

Question 6. गर्भनिरोधक गोलियाँ क्या होती हैं?
Answer: गर्भनिरोधक गोलियाँ महिलाओं द्वारा खाई जाने वाली गोलियाँ हैं, जिनमें प्रोजेस्टोजन या प्रोजेस्टोजन और एस्ट्रोजन का मिश्रण होता है. इन्हें थोड़ी मात्रा में मौखिक रूप से लिया जाता है ताकि गर्भधारण को रोका जा सके. यह हार्मोनल गर्भनिरोधक होता है.
In simple words: गर्भनिरोधक गोलियाँ हार्मोन का मिश्रण होती हैं जिन्हें महिलाएँ गर्भधारण रोकने के लिए खाती हैं.

🎯 Exam Tip: गर्भनिरोधक गोलियों को 'हार्मोनल संयोजन' के रूप में परिभाषित करें, जो महिलाओं द्वारा मौखिक रूप से लिया जाता है.

 

Question 7. वासैक्टामी क्या होता है?
Answer: वासैक्टामी पुरुषों में की जाने वाली एक बंध्यकरण प्रक्रिया है. इसमें अंडकोष (Scrotum) में एक छोटा सा चीरा लगाकर शुक्राणु नलिका (vas deferens) के एक छोटे हिस्से को काटकर या बांधकर हटा दिया जाता है. यह शुक्राणुओं को बाहर निकलने से रोकता है, जिससे गर्भधारण नहीं हो पाता. इसे पुरुष नसबंदी भी कहते हैं.
In simple words: वासैक्टामी पुरुषों की नसबंदी है, जिसमें शुक्राणु नलिका को काटकर या बांधकर गर्भधारण रोका जाता है.

🎯 Exam Tip: वासैक्टामी की परिभाषा में 'पुरुषों में बंध्यकरण', 'शुक्राणु नलिका काटना/बांधना' और 'गर्भधारण रोकना' जैसे मुख्य बिंदुओं को शामिल करें.

 

Question 8. टूबैक्टोमी क्या होता है?
Answer: टूबैक्टोमी महिलाओं में की जाने वाली एक बंध्यकरण प्रक्रिया है. इसमें पेट में एक छोटा सा चीरा लगाकर या योनि के रास्ते डिंबवाहिनी नली (fallopian tube) के एक छोटे हिस्से को काटकर या बांधकर हटा दिया जाता है. यह अंडे को गर्भाशय तक पहुँचने से रोकता है, जिससे गर्भधारण नहीं हो पाता. इसे महिला नसबंदी भी कहते हैं.
In simple words: टूबैक्टोमी महिलाओं की नसबंदी है, जिसमें डिंबवाहिनी नली को काटकर या बांधकर गर्भधारण रोका जाता है.

🎯 Exam Tip: टूबैक्टोमी की परिभाषा में 'महिलाओं में बंध्यकरण', 'डिंबवाहिनी नली काटना/बांधना' और 'गर्भधारण रोकना' जैसे मुख्य बिंदुओं को शामिल करें.

 

RBSE Class 12 Biology Chapter 38 लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. जन्मदर व मृत्यु दर में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
Answer:
जन्मदर व मृत्युदर में अन्तर-

जन्मदर (Fertility)मृत्युदर (Mortality)
जन्मदर किसी जनसंख्या की वृद्धि का निर्धारक कारक है।किसी समष्टि की मृत्युदर प्रति एक हजार व्यष्टिगतों (Individuals) में प्रतिवर्ष मरने वाले व्यष्टिगतों की संख्या के बराबर होती है।
'प्रति एक हजार व्यक्तियों द्वारा प्रति वर्ष उत्पन्न किये गये शिशुओं की संख्या को उस समष्टि की जन्मदर कहा जाता है। 
इसे निम्न सूत्र द्वारा ज्ञात करते हैं-
\( N = \frac { B }{ t } \)
इसे निम्न सूत्र द्वारा ज्ञात करते हैं-
\( M = \frac { D }{ t } \)
जहाँ \( N \) = जन्मदर, \( B \) = प्रति हजार व्यक्तियों द्वारा उत्पन्न बच्चों की संख्या,
\( t \) = समयावधि वर्षों में
जहाँ \( M \) = मृत्युदर (Mortality), \( D \) = प्रति हजार व्यक्तियों में मरने वालों की संख्या,
\( t \) = समयावधि (वर्षों में) है।

(ब) मृत्युदर (Mortality)- किसी समष्टि में प्रति हजार व्यक्तियों में हर साल मरने वाले लोगों की संख्या को मृत्यु दर कहते हैं. इसे \( M = \frac { D }{ t } \) सूत्र से निकालते हैं. यहाँ \( M \) का मतलब मृत्यु दर, \( D \) का मतलब मरने वाले लोगों की संख्या, और \( t \) का मतलब सालों में समय है.
In simple words: जन्म दर बताती है कि कितने बच्चे पैदा हो रहे हैं, जबकि मृत्यु दर बताती है कि कितने लोग मर रहे हैं. दोनों ही जनसंख्या के आकार को तय करते हैं.

 

🎯 Exam Tip: जन्म दर और मृत्यु दर की परिभाषाओं, सूत्रों और जनसंख्या पर उनके प्रभाव को तालिका बनाकर याद करें.

 

Question 2. जनसंख्या घनत्व किसे कहते हैं? इसे निकालने की विधि लिखिए।
Answer: जनसंख्या घनत्व का मतलब है किसी खास जगह या आयतन की एक इकाई में पाए जाने वाले जीवों की कुल संख्या. यह एक संख्या के रूप में मापा जाता है. यह बताता है कि एक क्षेत्र में कितने जीव रहते हैं.
In simple words: जनसंख्या घनत्व यह बताता है कि किसी खास जगह में कितने जीव रहते हैं.

🎯 Exam Tip: जनसंख्या घनत्व की परिभाषा में 'प्रति इकाई क्षेत्र/आयतन' और 'जीवों की संख्या' जैसे मुख्य शब्दों को शामिल करें.

 

Question 3. जनसंख्या घनत्व की गणना की विधियों का वर्णन कीजिए।
Answer: जनसंख्या घनत्व को मापने के लिए कई तरीके इस्तेमाल किए जाते हैं:

  • सीधी गणना विधि (Direct Count Method): इस तरीके का इस्तेमाल उन जीवों के लिए होता है जो बड़े होते हैं या झुंड में रहते हैं. इसमें एक-एक जीव को गिना जाता है.
  • नमूना विधि द्वारा (By Sampling Method): इस विधि में किसी क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों से कुछ नमूने लिए जाते हैं. फिर हर नमूने में मौजूद सभी जीवों को गिनकर उनका औसत निकाला जाता है, जिससे कुल जनसंख्या घनत्व पता चल जाता है.
  • अंकन एवं पुनर्ग्रहण विधि द्वारा (By Marking and Recapture Method): इस विधि में पहले कुछ जीवों को पकड़ा जाता है, उन्हें खास निशान लगाकर छोड़ दिया जाता है. यह प्रक्रिया कई बार दोहराई जाती है. निशान लगाए गए और बिना निशान वाले जीवों के अनुपात से जनसंख्या घनत्व का अनुमान लगाया जाता है.
  • अप्रत्यक्ष विधियों द्वारा (By Indirect Method): इसमें ऑक्सीजन के इस्तेमाल या कार्बन डाइऑक्साइड के उत्पादन को मापकर जनसंख्या घनत्व का पता लगाया जाता है. यह खाने की मात्रा से भी पता चल सकता है.
  • खेत नमूना विधि द्वारा (By Sample Plot Method): इस विधि में पूरे क्षेत्र को बराबर-बराबर छोटे खेतों (Plot) में बाँट दिया जाता है. फिर हर खेत में जीवों की संख्या गिनकर उनका औसत निकाला जाता है. सभी खेतों की संख्या को जोड़कर कुल क्षेत्र का जनसंख्या घनत्व निकाल लेते हैं.


In simple words: जनसंख्या घनत्व मापने के कई तरीके हैं, जैसे सीधे गिनना, नमूने लेकर गिनना, जीवों को निशान लगाकर फिर से पकड़ना, या उनके व्यवहार से अनुमान लगाना.

🎯 Exam Tip: प्रत्येक विधि का नाम और उसकी संक्षिप्त व्याख्या को याद रखें, खासकर यह कि वह कब और कैसे लागू होती है.

 

Question 4. निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए-
(i) 'S' आकार का वृद्धि रूप
(ii) जनसंख्या को प्रभावित करने वाले कारक
(iii) मृत्यु दर एवं जन्म दर
Answer:
(i) 'S' आकार की वृद्धि रूप (“S” shaped growth curve): इस वृद्धि वक्र में, शुरुआत में जीवों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती है. फिर तेजी से बढ़ती है क्योंकि भोजन और जगह पर्याप्त होती है. लेकिन एक समय आता है जब संसाधन कम होने लगते हैं और जन्म दर तथा मृत्यु दर लगभग बराबर हो जाती हैं, जिससे जनसंख्या स्थिर हो जाती है. यह ग्राफ देखने में 'S' अक्षर जैसा लगता है.
(स) प्रवास या अभिगमन (Migration)- जब किसी प्रजाति के सदस्य एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं या दूसरी जगह से आते हैं, तो इसे प्रवास कहते हैं. यदि प्रजाति के सदस्य किसी और जगह जाते हैं, तो उसे उत्प्रवास (Emigration) कहते हैं, और अगर वे किसी जगह आते हैं, तो उसे आप्रवासन (Immigration) कहते हैं.
(द) आयुवितरण (Age Distribution)- किसी समुदाय में अलग-अलग उम्र के जीवों की संख्या को आयु वितरण कहते हैं. यह जनसंख्या की एक खास पहचान है और प्रजाति तथा समुदाय की स्थिति पर निर्भर करता है.
(ii) मृत्युदर एवं जन्मदर: दुनिया के ज्यादातर देशों में पिछले सालों में मरने वालों की संख्या लगातार कम हुई है, जिससे जनसंख्या वृद्धि दर बढ़ी है. जब प्रति हजार व्यक्तियों में मरने वालों की संख्या देखी जाती है, तो उन्नत चिकित्सा सुविधाओं और पर्याप्त भोजन-पानी की उपलब्धता के कारण मृत्यु दर में भारी कमी आई है. इसके उलट, प्रति हजार व्यक्तियों में हर साल पैदा हुए बच्चों की संख्या को जन्म दर कहते हैं. जन्म दर और मृत्यु दर, दोनों ही किसी जनसंख्या के आकार को तय करने में बहुत खास भूमिका निभाते हैं.
In simple words: 'S' आकार की वृद्धि वक्र दिखाता है कि जनसंख्या कैसे धीरे-धीरे बढ़ती है, फिर तेजी से और अंत में स्थिर हो जाती है. जनसंख्या को प्रवास और आयु वितरण जैसे कारक प्रभावित करते हैं. जन्म दर और मृत्यु दर जनसंख्या के बढ़ने या घटने को सीधे प्रभावित करते हैं.

🎯 Exam Tip: प्रत्येक टिप्पणी के लिए मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें. 'S' आकार के वृद्धि वक्र में विभिन्न चरणों (धीमी, तीव्र, स्थिर) का उल्लेख करें. प्रवास के प्रकार (उत्प्रवास, आप्रवासन) को जानें. जन्म और मृत्यु दर के महत्व को समझाएँ.

 

Question 5. समष्टि में आयु संरचना को स्पष्ट कीजिए।
Answer: समष्टि में आयु संरचना का मतलब है किसी समुदाय में अलग-अलग उम्र के जीवों की संख्या का अनुपात. यह जन्म दर और मृत्यु दर दोनों को प्रभावित करती है. यह प्रजाति और समुदाय की स्थिति पर निर्भर करती है, कि वह स्थिर है या बदल रही है. आयु संरचना यह भी दिखाती है कि समुदाय का भविष्य क्या होगा - क्या वह बढ़ेगा, घटेगा या स्थिर रहेगा. मृत्यु दर भी उम्र के साथ-साथ अलग-अलग समूहों तक सीमित रहती है.
In simple words: आयु संरचना बताती है कि किसी समूह में युवा, वयस्क और बुजुर्ग लोगों की संख्या कितनी है. यह समूह के भविष्य और वृद्धि को प्रभावित करती है.

🎯 Exam Tip: आयु संरचना की परिभाषा, इसके प्रभावित करने वाले कारक (जन्म और मृत्यु दर) और इसके महत्व (भविष्य के रुझानों का अनुमान) को याद रखें.

 

Question 7. स्त्रियों द्वारा प्रयुक्त गर्भनिरोधक युक्तियों का उल्लेख कीजिए।
Answer: महिलाओं द्वारा कई तरह की गर्भनिरोधक युक्तियाँ इस्तेमाल की जाती हैं, जिन्हें आमतौर पर अनुभवी नर्सें या डॉक्टर लगाते हैं. इनके कुछ उदाहरण हैं:

  • औषधिरहित आई.यू.डी. (जैसे लिप्पेस लूप): ये डिवाइस बिना किसी दवा के काम करती हैं.
  • ताँबा मोचक आई.यू.डी. (जैसे कॉपर-टी, कॉपर-7, मल्टीलोड 375): ये गर्भाशय के अंदर ताँबे के आयन छोड़ती हैं, जिससे शुक्राणुओं की गतिविधि और संख्या कम हो जाती है, और वे अंडे को निषेचित नहीं कर पाते.
  • हार्मोन मोचक आई.यू.डी.: ये हार्मोन जारी करती हैं जो गर्भाशय ग्रीवा को शुक्राणुओं के लिए प्रतिकूल बनाते हैं.


ये सभी युक्तियाँ शुक्राणुओं की भक्षण क्रिया को बढ़ा देती हैं, उनकी क्षमता और गतिशीलता को कम कर देती हैं, और गर्भाशय ग्रीवा को शुक्राणु विरोधी बना देती हैं. ये एक बहुत प्रभावी गर्भनिरोधक तरीका हैं.
In simple words: महिलाएँ गर्भधारण रोकने के लिए कई तरीके इस्तेमाल करती हैं, जैसे अलग-अलग तरह की आई.यू.डी. (जो ताँबे या हार्मोन छोड़ती हैं) जिन्हें डॉक्टर लगाते हैं. ये शुक्राणुओं को रोककर काम करती हैं.

🎯 Exam Tip: स्त्रियों द्वारा प्रयुक्त विभिन्न गर्भनिरोधक युक्तियों के नाम, प्रकार (जैसे आई.यू.डी. के उप-प्रकार) और उनके कार्य करने के तरीके को याद रखें.

 

Question 8. बंध्यकरण पर लेख लिखिए।
Answer: बंध्यकरण कुछ प्रमुख सर्जिकल विधियाँ हैं जिनका उपयोग लोग स्थायी रूप से गर्भधारण रोकने के लिए करते हैं, खासकर जब वे भविष्य में बच्चे नहीं चाहते. इसमें पुरुष या महिला में से किसी एक की प्रजनन नलिकाओं को अवरुद्ध कर दिया जाता है, जिससे शुक्राणु या अंडे का परिवहन रुक जाता है और गर्भाधान नहीं होता.
पुरुषों में इस प्रक्रिया को शुक्रवाहक-उच्छेदन (वासैक्टोमी - Vasectomy) कहते हैं, जहाँ अंडकोष में एक छोटा चीरा लगाकर शुक्रवाहक (vas deferens) के एक छोटे हिस्से को काटकर या बांध दिया जाता है. वहीं, महिलाओं में इसे डिम्बावाहिनी नलिका उच्छेदन (टूबैक्टोमी - Tubectomy) कहते हैं, जिसमें पेट में या योनि के रास्ते एक छोटा चीरा लगाकर डिंबवाहिनी नली (fallopian tube) के एक छोटे हिस्से को काटकर या बांध दिया जाता है. इन प्रक्रियाओं को आमतौर पर पुरुष नसबंदी और महिला नसबंदी के नाम से जाना जाता है.
In simple words: बंध्यकरण एक सर्जरी है जो स्थायी रूप से बच्चे पैदा करने से रोकती है. पुरुषों में इसे वासैक्टोमी और महिलाओं में टूबैक्टोमी कहते हैं, जिसमें प्रजनन नलिकाओं को बंद कर दिया जाता है.

🎯 Exam Tip: बंध्यकरण की परिभाषा, पुरुष (वासैक्टोमी) और महिला (टूबैक्टोमी) दोनों में इसके प्रकार और कार्यप्रणाली को स्पष्ट रूप से समझाएँ.

 

RBSE Class 12 Biology Chapter 38 निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. भारत की बढ़ती हुई जनसंख्या कल के लिये विकट समस्या पर अपने विचार प्रकट कीजिए।
Answer: मनुष्य एक बहुत शक्तिशाली जीव है. अपनी विविध क्षमताओं के कारण वह पृथ्वी पर हर तरह के वातावरण में पाया जाता है. अपनी मानसिक और शारीरिक क्षमताओं के कारण वह अन्य सभी जीवों से बेहतर है.
टी. आर. माल्थस ने 1778 में सबसे पहले बताया था कि जनसंख्या ज्यामितीय अनुपात (1, 2, 4, 8, ...) में बढ़ती है, लेकिन भोजन की उपलब्धता सिर्फ अंकगणितीय अनुपात (1, 2, 3, 4, ...) में बढ़ती है. 1900 ई. में दुनिया की जनसंख्या लगभग 2 अरब थी, जो 2000 ई. में तेजी से बढ़कर 6 अरब हो गई. भारत में भी यही समस्या है; आजादी के समय लगभग 350 मिलियन (35 करोड़) से बढ़कर 2000 ई. में एक अरब (1000 मिलियन) से ज्यादा हो गई है.
इसका मुख्य कारण मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी, साथ ही प्रजनन आयु के लोगों की संख्या में वृद्धि है. कई उपायों के बाद भी जनसंख्या वृद्धि दर में कोई खास कमी नहीं आ रही है. भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है, जिसकी आबादी 1.34 अरब है. अगर इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो 2030 तक भारत दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बन जाएगा, जिससे भोजन, कपड़े, आवास, पानी, पर्यावरण आदि जैसी कई गंभीर समस्याएँ पैदा हो जाएँगी. इन समस्याओं की शुरुआत हो चुकी है, और इन सभी का समाधान सिर्फ बढ़ती हुई जनसंख्या पर रोक लगाकर ही किया जा सकता है.
In simple words: भारत की बढ़ती जनसंख्या एक बड़ी समस्या है. माल्थस ने बताया था कि जनसंख्या तेजी से बढ़ती है जबकि संसाधन धीरे-धीरे. कम मृत्यु दर और अधिक जन्म दर के कारण भारत की आबादी बहुत बढ़ गई है, जिससे भविष्य में भोजन, पानी और आवास जैसी कई समस्याएँ पैदा होंगी. इस समस्या को रोकने के लिए जनसंख्या नियंत्रण बहुत जरूरी है.

🎯 Exam Tip: इस तरह के निबंधात्मक प्रश्नों में, समस्या की पहचान, उसके ऐतिहासिक संदर्भ (माल्थस का सिद्धांत), वर्तमान स्थिति (भारत की जनसंख्या), कारण (मृत्यु दर में कमी, प्रजनन आयु) और भविष्य के प्रभावों (संसाधनों की कमी) को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करें. अंत में समाधान का सुझाव दें.

 

Question 2. निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए-
(i) मानव आयु पिरैमिड।
(ii) भारतीय जनसंख्या में स्त्री-पुरुष का अनुपात।
Answer:
(i) मानव आयु पिरैमिड (Age Pyramid): यह सर्वविदित है कि किसी समुदाय में विभिन्न आयु समूहों के जीवों का वितरण पिरामिड के रूप में दिखाया जाता है. इसे आयु पिरामिड कहते हैं. इसमें विभिन्न आयु-वर्गों के प्राणियों की संख्या को लगातार क्षैतिज पट्टियों की तुलनात्मक चौड़ाई से दर्शाया जाता है. हमारी पारिस्थितिकी में यह पिरामिड तीन प्रकार के होते हैं:
(अ) चौड़े आधारी भाग वाला पिरैमिड (Apyramid with broad base): इस पिरामिड में शिशु (छोटी उम्र के) जीव अधिक होते हैं. इसमें हर आने वाली पीढ़ी में जीवों की संख्या पिछली पीढ़ी से ज्यादा होती है. उदाहरण: घरेलू मक्खी, यीस्ट, पैरामीशियम.
(ब) घण्टी के आकार का पोलीगन (A Bell-shaped polygon): यह पिरामिड उन समुदायों के लिए होता है जिनकी वृद्धि दर धीमी होकर स्थिर हो जाती है. इसमें प्रजनन और जननीय आयु समूह के जीव लगभग बराबर होते हैं, जबकि बाद के जननीय आयु समूह सबसे छोटे होते हैं. इस स्थिर समुदाय का आयु वितरण घंटी के आकार का होता है.
(स) जलपात्र के आकार के पिरैमिड (An Urn-shaped Pyramid): यह पिरामिड कम शिशु जीवों को दर्शाता है. इसमें जन्म दर बहुत कम हो जाती है, और पिछले जननीय आयु समूह की तुलना में वर्तमान और भविष्य के जननीय आयु समूह में वृद्धि होती है. इसका आयु वितरण पानी के पात्र जैसा होता है.

जनसंख्या समय चारघातांकी प्रवस्था पश्चता प्रवस्था

 

चित्र- मानव समष्टि के लिये आयु पिरैमिडों का निरूपण

 

(ii) भारतीय जनसंख्या में स्त्री-पुरुष का अनुपात: भारतीय जनसंख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन स्त्री-पुरुष का अनुपात एक खास बात है. भारत की कुल जनसंख्या में लगभग 69.7 करोड़ पुरुष और लगभग 65.2 करोड़ महिलाएँ हैं. लिंग अनुपात लगभग 9.45 महिलाएँ प्रति 1000 पुरुष है. यदि आयु के हिसाब से देखें, तो लगभग 50 प्रतिशत जनसंख्या 0-25 वर्ष की है. लगभग 72.2 प्रतिशत जनसंख्या शहरों में रहती है.
पश्चिमी देशों की जनसंख्या घट रही है, लेकिन भारत सहित एशिया और पिछड़े देशों में जनसंख्या बढ़ रही है, जिससे वहाँ की आर्थिक प्रगति और विकास प्रभावित हो रहा है. स्त्री और पुरुषों के बीच का अनुपात लगातार बदल रहा है, जिसके लिए सरकार कई तरह के उपाय कर रही है.
In simple words: मानव आयु पिरामिड अलग-अलग उम्र के लोगों की संख्या दिखाते हैं, जिससे जनसंख्या के बढ़ने या घटने का पता चलता है. भारतीय जनसंख्या में स्त्री-पुरुष का अनुपात एक महत्वपूर्ण सामाजिक और आर्थिक मुद्दा है, जो जनसंख्या वृद्धि से प्रभावित होता है.

🎯 Exam Tip: आयु पिरामिडों के तीनों प्रकारों (चौड़ा आधार, घंटी, जलपात्र) को उनकी विशेषताओं और उदाहरणों के साथ समझाएँ. भारतीय जनसंख्या में लिंग अनुपात और उसके प्रभावों पर विस्तार से चर्चा करें.

 

Question 3. जनसंख्या वृद्धि वक्रों का सविस्तार वर्णन कीजिए।
Answer: जनसंख्या वृद्धि वक्र (Population Growth Curve) यह दिखाता है कि कैसे मानव या अन्य जीवों की बढ़ती हुई जनसंख्या एक खास पैटर्न में बढ़ती है. वृद्धिवक्र आकार के हिसाब से दो तरह के होते हैं:
(i) 'S' आकार का वृद्धि वक्र (S' Shaped Growth Curve): इस तरह की वृद्धि जीवों में प्राकृतिक रूप से होती है. शुरुआत में वृद्धि की गति धीमी होती है, क्योंकि जीव क्षेत्र में समायोजित हो रहे होते हैं और अपनी जगह बना रहे होते हैं, जिससे प्रजनन करने वाले जीवों की संख्या कम होती है. जब जीव अपनी जगह बना लेते हैं, तो उनमें वृद्धि तेज गति से होती है, जिसे स्थापना अवस्था कहते हैं. इस दौरान प्रजनन योग्य जीवों की संख्या बढ़ जाती है और भोजन व आवास पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होते हैं. इसे मध्य प्रावस्था या चरघातांकी प्रावस्था कहते हैं. जब मध्य प्रावस्था में जीवों की वृद्धि तेज होती है, तो भोजन और रहने के लिए जगह कम हो जाती है, जिससे जीवों में संघर्ष होता है. इसके परिणामस्वरूप, जीव संख्या एक ऐसे स्तर पर पहुँच जाती है जहाँ जन्म दर और मृत्यु दर बराबर हो जाती हैं. अंत में, जीव अपने वातावरण के साथ संतुलन स्थापित कर लेते हैं, जिसे स्थिर या स्तब्ध अवस्था शून्य वृद्धि प्रावस्था (Stationary phase) कहते हैं. इस तरह, बढ़ती हुई जीव संख्या और समय के बीच ग्राफ बनाने पर इसकी आकृति 'S' जैसी बनती है.

जनसंख्या समय चारघातांकी प्रवस्था - पश्चता प्रवस्था

चित्र - मानव जनसंख्या वृद्धि को प्रदर्शित करता S आकार का वृद्धि वक्र

(2) 'J' आकार का वृद्धि वक्र ("J' Shaped Growth Curve): जब जीव संख्या बहुत तेजी से बढ़ती है और एक निश्चित ऊपरी सीमा पर स्थिर हो जाती है, यानी मृत्यु दर और जन्म दर बराबर हो जाती है, तब वृद्धि दर शून्य हो जाती है. यह भोजन की कमी के कारण होता है. यह वृद्धि वक्र 'J' आकृति का होता है. इसकी तीन अवस्थाएँ होती हैं:
(i) पश्चता प्रावस्था (Lagphase): इस अवस्था में वृद्धि बहुत कम होती है.
(ii) चरघातांकी प्रावस्था (Exponential Phase): इस अवस्था में जनसंख्या ज्यामितीय रूप से बहुत तेजी से बढ़ती है.
(iii) अंन्तिम या विनाश प्रावस्था (Crash Phase): यह जनसंख्या वृद्धि के रुकने की अवस्था होती है. यह अवस्था तब आती है जब पर्यावरण की धारण क्षमता पार हो जाती है और जीवों के जीवित रहने के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी हो जाती है. इसलिए इसे अंतिम या विनाश प्रावस्था कहते हैं.
इसमें 'J' आकृति का वक्र बनता है जो वातावरणीय प्रतिरोध को नगण्य और शून्य स्थिति को दर्शाता है. दुनिया में मानव जनसंख्या की 'J' आकृति की स्थिति वक्र दर्शाती है, जैसे कीड़े (Insects) में.
In simple words: जनसंख्या वृद्धि वक्र दो तरह के होते हैं - 'S' आकार और 'J' आकार. 'S' वक्र में जनसंख्या पहले धीरे, फिर तेज और अंत में स्थिर होती है. 'J' वक्र में जनसंख्या तेजी से बढ़ती है और फिर अचानक संसाधनों की कमी से गिर जाती है.

 

🎯 Exam Tip: 'S' और 'J' दोनों वृद्धि वक्रों की विशेषताओं, उनके चरणों और प्रत्येक वक्र के लिए दिए गए उदाहरणों को अच्छी तरह से समझें. चित्रों को सही ढंग से बनाना भी महत्वपूर्ण है.

 

 

जनसंख्या समय

चित्र (अ) J आकार का वृद्धि वक्र

 

 

जनसंख्या घनत्व समय

चित्र (ब) J आकार की वृद्धि रूप के कारण जीव संख्या के विलुप्त होने से बना वक्र

 

Question 4. जनसंख्या को नियन्त्रण करने वाले विभिन्न कारकों का वर्णन कीजिए।
Answer: जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के कई तरीके हैं:
(i) विवाह की आयु में वृद्धि (Increase in age of marriage): पुराने समय में बाल-विवाह एक आम बुराई थी. अब इसे रोकना बहुत जरूरी हो गया है. इसके लिए कानूनी तौर पर लड़कियों की शादी की उम्र 21 साल और लड़कों की 24 साल कर देनी चाहिए, ताकि वे देर से शादी करें और परिवार नियोजन को बेहतर ढंग से अपना सकें.
(ii) शिक्षा प्रसार: शिक्षा एक ऐसा साधन है जिससे अज्ञानता और गरीबी को दूर करके जनसंख्या वृद्धि को रोका जा सकता है. लोगों को परिवार नियोजन के फायदों के बारे में बताना चाहिए और इसके लिए यौन शिक्षा की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए. शिक्षित लोग छोटे परिवार के महत्व को बेहतर समझते हैं.
(iii) प्राकृतिक विधियाँ (Natural Methods): इन विधियों का सिद्धांत अंडाणु (ओवम) और शुक्राणु को मिलने से रोकना है. इसमें आवधिक संयम (periodic abstinence) अपनाकर गर्भधारण को रोका जा सकता है, जहाँ दंपत्ति मासिक धर्म चक्र के सुरक्षित दिनों में शारीरिक संबंध नहीं बनाते. इसके अलावा, बाहरी स्खलन या अंतरित मैथुन (Coitus Interruptus) भी एक तरीका है जिसमें पुरुष साथी संभोग के दौरान वीर्य स्खलन से ठीक पहले योनि से बाहर निकाल लेता है.
(iv) परिवार नियोजन (कल्याण) (Family Planning Welfare): परिवार नियोजन ही एकमात्र प्रभावी तरीका है जिससे बढ़ती जनसंख्या की समस्या को काफी हद तक हल किया जा सकता है. इसके तहत विवाहित दंपत्तियों को गर्भनिरोधक साधनों के उपयोग के बारे में जानकारी दी जाती है, ताकि वे अपनी इच्छा से बच्चे पैदा कर सकें और परिवार वृद्धि को नियंत्रित कर सकें. भारत और राज्य सरकारें इस पर बहुत पैसा खर्च कर रही हैं क्योंकि यह जनसंख्या वृद्धि को रोकने का एक महत्वपूर्ण तरीका है. इसके अंतर्गत निम्नलिखित साधन उपयोग किए जाते हैं:
(अ) रोध (Barrier): इस विधि में कंडोम जैसे अवरोधक उपायों का उपयोग होता है, जो अंडे और शुक्राणु को शारीरिक रूप से मिलने से रोकते हैं. इसके अतिरिक्त डायाफ्राम, गर्भाशय ग्रीवा टोपी और वॉल्ट जैसे उपाय भी प्रयोग किए जाते हैं. शुक्राणुनाशक क्रीम, जेली और झाग भी आमतौर पर इस्तेमाल होते हैं.
(ब) गर्भाशयी युक्ति (Intra Uterine Device; IVD): ये युक्तियाँ डॉक्टर या अनुभवी नर्सें योनि के रास्ते गर्भाशय में लगाती हैं. जैसे-आई.यू.डी., ताँबा मोचक आई.यू.डी. और हॉर्मोन मोचक आई.यू.डी. ये डिवाइस गर्भाशय में शुक्राणुओं की क्रियाशीलता को कम करती हैं.
(स) गर्भनिरोधक गोलियाँ: ये गोलियाँ 'पिल्स' के नाम से जानी जाती हैं. जैसे सहेली आदि. इन्हें महिलाएँ प्रोजेस्टोजन या प्रोजेस्ट्रोजन और एस्ट्रोजन के संयोजन के रूप में मौखिक रूप से लेती हैं. ये हार्मोनल संतुलन को प्रभावित करके गर्भधारण रोकती हैं.
(द) शल्यक्रिया विधियाँ: इसमें बंध्यकरण विधि अपनाई जाती है. पुरुषों में इसे वासैक्टोमी (पुरुष नसबंदी) और महिलाओं में टूबैक्टोमी (महिला नसबंदी) कहते हैं. यह स्थायी गर्भनिरोधक तरीका है.
In simple words: जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए विवाह की उम्र बढ़ाना, शिक्षा फैलाना, प्राकृतिक तरीके (जैसे संयम), और परिवार नियोजन के साधन (जैसे कंडोम, आई.यू.डी., गोलियाँ और नसबंदी) जैसे विभिन्न उपाय अपनाए जाते हैं.

🎯 Exam Tip: जनसंख्या नियंत्रण के लिए दिए गए सभी कारकों (सामाजिक, शैक्षिक, प्राकृतिक, चिकित्सा) को विस्तार से समझाएँ. प्रत्येक विधि का नाम और उसकी संक्षिप्त व्याख्या स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें.

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