Get the most accurate RBSE Solutions for Class 12 Biology Chapter 29 मानव में रासायनिक समन्वयन here. Updated for the 2026-27 academic session, these solutions are based on the latest RBSE textbooks for Class 12 Biology. Our expert-created answers for Class 12 Biology are available for free download in PDF format.
Detailed Chapter 29 मानव में रासायनिक समन्वयन RBSE Solutions for Class 12 Biology
For Class 12 students, solving RBSE textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 12 Biology solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 29 मानव में रासायनिक समन्वयन solutions will improve your exam performance.
Class 12 Biology Chapter 29 मानव में रासायनिक समन्वयन RBSE Solutions PDF
RBSE Class 12 Biology Chapter 29 बहुविकल्पीय प्रश्न
Question 1. अन्तःस्रावी ग्रन्थियों के स्राव कहलाते हैं-
(a) फीरोमोन
(b) एन्जाइम
(c) हार्मोन
(d) म्यूकस
Answer: (c) हार्मोन
In simple words: अन्तःस्रावी ग्रंथियां जो रस छोड़ती हैं, उन्हें हार्मोन कहते हैं। ये रसायन शरीर के अलग-अलग कामों को नियंत्रित करते हैं।
🎯 Exam Tip: हार्मोन (hormone) और एंजाइम (enzyme) के बीच के अंतर को याद रखें। हार्मोन सीधे खून में जाते हैं, जबकि एंजाइम नलिकाओं के माध्यम से निकलते हैं और खास कामों में मदद करते हैं।
Question 3. अन्तःस्रावी ग्रन्थियाँ हैं-
(a) नलिकायुक्त ग्रन्थियाँ
(b) अम्लीय ग्रन्थियाँ
(c) क्षारीय ग्रन्थियाँ
(d) नलिका रहित ग्रन्थियाँ ।
Answer: (d) नलिका रहित ग्रन्थियाँ ।
In simple words: अंतःस्रावी ग्रंथियों में कोई नली नहीं होती। वे अपने रसायन (हार्मोन) सीधे खून में छोड़ती हैं ताकि वे पूरे शरीर में जा सकें।
🎯 Exam Tip: अंतःस्रावी ग्रंथियों को "डक्टलेस ग्रंथियां" भी कहते हैं, क्योंकि वे हार्मोन सीधे रक्तप्रवाह में छोड़ती हैं, जबकि बहिःस्रावी ग्रंथियां नलिकाओं के माध्यम से स्राव करती हैं।
Question 4. किस हार्मोन के अल्पस्राव के कारण मूत्रलता उत्पन्न होती है ?
(a) थायरॉक्सिन
(b) वेसोप्रेसिन
(c) ऑक्सीटोसिन
(d) कैल्सिटोनिन
Answer: (b) वेसोप्रेसिन
In simple words: जब वेसोप्रेसिन हार्मोन कम बनता है, तो शरीर को बार-बार पेशाब आता है और बहुत सारा पानी बाहर निकल जाता है। यह हार्मोन गुर्दों को पानी बचाने में मदद करता है।
🎯 Exam Tip: वेसोप्रेसिन को एंटीडाययूरेटिक हार्मोन (ADH) भी कहते हैं। इसकी कमी से डायबिटीज इन्सिपिड्स (मूत्रमेह) नामक बीमारी होती है, जिसमें अत्यधिक पेशाब आता है।
Question 5. कैल्शियम व फास्फोरस उपापचय का नियन्त्रण करने वाला हार्मोन कहाँ से स्रावित होता है ?
(a) अग्नाशय
(b) थाइमस
(c) थायरॉइड
(d) पैराथायरॉइड
Answer: (d) पैराथायरॉइड
In simple words: पैराथायरॉइड ग्रंथि से एक हार्मोन निकलता है जो शरीर में कैल्शियम और फास्फोरस की मात्रा को सही रखता है। यह हार्मोन हड्डियों से कैल्शियम को खून में लाने में मदद करता है।
🎯 Exam Tip: पैराथायरॉइड हार्मोन (PTH) और कैल्सिटोनिन (calcitonin) दोनों ही कैल्शियम के स्तर को नियंत्रित करते हैं, लेकिन अलग-अलग तरीकों से काम करते हैं।
Question 7. संकटकालीन परिस्थितियों में मनुष्य को लड़ने, डरने तथा पलायन को प्रेरित करने वाली ग्रन्थि है-
(a) अधिवृक्क
(b) थायरॉइड
(c) पीयूष
(d) थाइमस
Answer: (a) अधिवृक्क
In simple words: अधिवृक्क ग्रंथि से एड्रेनालिन हार्मोन निकलता है, जो खतरे या तनाव के समय शरीर को लड़ने, भागने या जम जाने के लिए तैयार करता है। यह हार्मोन दिल की धड़कन और रक्तचाप बढ़ाता है।
🎯 Exam Tip: अधिवृक्क ग्रंथि को '3F' ग्रंथि (Fight, Flight, Fright) भी कहा जाता है, क्योंकि यह आपातकालीन स्थितियों में शरीर की प्रतिक्रिया को नियंत्रित करती है।
Question 8. कार्पस ल्यूटियम से निकलने वाले हार्मोन का नाम है-
(a) एन्ड्रोजन
(b) प्रोजेस्ट्रोन
(c) एस्ट्रोजन
(d) टेस्टोस्टरॉन
Answer: (b) प्रोजेस्ट्रोन
In simple words: कार्पस ल्यूटियम से प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन निकलता है। यह हार्मोन गर्भावस्था को बनाए रखने और मासिक धर्म चक्र को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
🎯 Exam Tip: प्रोजेस्ट्रोन को 'गर्भावस्था हार्मोन' भी कहते हैं, क्योंकि यह गर्भाशय को गर्भावस्था के लिए तैयार करता है और उसे बनाए रखने में मदद करता है।
Question 9. आयोडीन की कमी से मनुष्य में होने वाला रोग है-
(a) मधुमेह
(b) गलगण्ड
(c) बाँझपन
(d) एडीसन रोग
Answer: (b) गलगण्ड
In simple words: आयोडीन की कमी से गलगण्ड नाम की बीमारी होती है, जिसमें गर्दन की थायरॉइड ग्रंथि सूज जाती है। आयोडीन थायरॉइड हार्मोन बनाने के लिए जरूरी होता है।
🎯 Exam Tip: गलगण्ड (Goiter) से बचाव के लिए आयोडीन युक्त नमक का सेवन महत्वपूर्ण है, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में जहां पानी और मिट्टी में आयोडीन की कमी होती है।
Question 1. अन्तःस्रावी विज्ञान का जनक किसे कहा जाता है ?
Answer: थॉमस एडिसन को अन्तःस्रावी विज्ञान का जनक माना जाता है। उन्होंने हार्मोन और ग्रंथियों के अध्ययन की नींव रखी।
In simple words: थॉमस एडिसन को एंडोक्राइनोलॉजी का पिता कहते हैं।
🎯 Exam Tip: जनक या 'फादर' वाले प्रश्नों में नाम और उनका प्रमुख योगदान याद रखना महत्वपूर्ण होता है।
Question 2. पीयूष ग्रन्थि कहाँ स्थित होती है ?
Answer: पीयूष ग्रन्थि कपाल की स्फिनॉइड अस्थि के एक छिछले गर्त जिसे सैला टर्सिका (Sella turcica) कहते हैं, में स्थित होती है। यह शरीर की कई अन्य ग्रंथियों को नियंत्रित करती है।
In simple words: पीयूष ग्रंथि दिमाग के नीचे एक छोटी हड्डी के गड्ढे में होती है।
🎯 Exam Tip: पीयूष ग्रंथि को 'मास्टर ग्रंथि' भी कहा जाता है, क्योंकि यह शरीर की अधिकांश अंतःस्रावी ग्रंथियों के कार्यों को नियंत्रित करती है।
Question 3. यदि शरीर में ADH की कमी हो जाए तो क्या प्रभाव होगा ?
Answer: यदि शरीर में ADH (एंटीडाययूरेटिक हार्मोन) की कमी हो जाती है, तो मूत्र के साथ जल की अत्यधिक मात्रा बाहर निकलने लगती है, जिससे मूत्र पतला और रुधिर गाढ़ा हो जाता है। इस स्थिति को मूत्रलता (Diuresis) या डायबिटीज इन्सिपिड्स (Diabetes insipidus) कहते हैं, जिसमें व्यक्ति को बार-बार और अत्यधिक मात्रा में पेशाब आता है। ADH की कमी से शरीर में पानी की कमी (निर्जलीकरण) हो सकती है।
In simple words: ADH हार्मोन कम होने पर शरीर से बहुत पेशाब आता है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है।
🎯 Exam Tip: ADH गुर्दों में पानी के पुन:अवशोषण को नियंत्रित करता है। इसकी कमी से होने वाले प्रभावों को स्पष्ट रूप से समझें और डायबिटीज मेलीटस (शर्करा मधुमेह) से इसकी तुलना करें।
Question 4. अन्तःस्रावी तन्त्र का सर्वोच्च कमाण्डर किसे कहते हैं ?
Answer: हाइपोथैलेमस को अन्तःस्रावी तन्त्र का सर्वोच्च कमाण्डर कहते हैं। यह पीयूष ग्रंथि को नियंत्रित करता है, जो आगे चलकर अन्य ग्रंथियों को नियंत्रित करती है।
In simple words: हाइपोथैलेमस पूरे हार्मोन सिस्टम का 'बॉस' होता है।
🎯 Exam Tip: हाइपोथैलेमस और पीयूष ग्रंथि के बीच के जटिल संबंध को समझें, क्योंकि ये दोनों मिलकर कई शारीरिक कार्यों को नियंत्रित करते हैं।
Question 5. पैराथायरॉइड से कौन-सा हार्मोन स्रावित होता है ?
Answer: पैराथायरॉइड ग्रन्थि से पैराथार्मोन हार्मोन का स्राव किया जाता है। यह हार्मोन शरीर में कैल्शियम और फास्फोरस के स्तर को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
In simple words: पैराथायरॉइड ग्रंथि पैराथार्मोन नाम का हार्मोन बनाती है।
🎯 Exam Tip: पैराथार्मोन का मुख्य कार्य रक्त में कैल्शियम के स्तर को बढ़ाना है, जबकि थायरॉइड ग्रंथि से निकलने वाला कैल्सिटोनिन इसे कम करता है।
Question 8. शरीर में लैंगिक जैविक घड़ी की भाँति कार्य करने वाली ग्रन्थि का नाम लिखिए।
Answer: पीनियल काय (Pineal body) ग्रन्थि शरीर में लैंगिक जैविक घड़ी की भाँति कार्य करने वाली ग्रन्थि होती है। यह मेलेटोनिन हार्मोन स्रावित करती है जो नींद और जागने के चक्र को नियंत्रित करता है।
In simple words: पीनियल ग्रंथि शरीर की नींद और लैंगिक चक्र को नियंत्रित करती है।
🎯 Exam Tip: पीनियल ग्रंथि को 'शरीर की जैविक घड़ी' कहा जाता है क्योंकि यह सर्कैडियन लय (दिन-रात के चक्र) को बनाए रखने में मदद करती है।
Question 9. लैंगर हैंस द्वीपकाएँ शरीर में कहाँ पायी जाती हैं ?
Answer: लैंगर हैन्स द्वीपकाएँ शरीर में अग्न्याशय ग्रन्थि (Pancreas) की पालियों के बीच-बीच में उपस्थित होती हैं। ये कोशिकाएं हार्मोन का उत्पादन करती हैं जो रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करते हैं।
In simple words: लैंगर हैन्स द्वीपकाएँ अग्नाशय के अंदर छोटी-छोटी जगहों पर होती हैं।
🎯 Exam Tip: लैंगर हैन्स द्वीपकाएं शरीर में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करने वाले इंसुलिन और ग्लूकागन हार्मोन का स्रावण करती हैं।
Question 10. अधिवृक्क ग्रन्थि के वल्कुट भाग द्वारा स्रावित एक हार्मोन का नाम लिखो।
Answer: अधिवृक्क ग्रंथि के वल्कुट भाग द्वारा स्रावित एक हार्मोन मिनरैलो कॉर्टिकॉयड्स (Mineralocorticoids) हॉर्मोन है। यह शरीर में नमक और पानी के संतुलन को बनाए रखता है।
In simple words: अधिवृक्क ग्रंथि के बाहरी हिस्से से मिनरैलो कॉर्टिकॉयड्स हार्मोन निकलता है।
🎯 Exam Tip: अधिवृक्क वल्कुट से तीन प्रकार के हार्मोन स्रावित होते हैं: मिनरैलो कॉर्टिकॉयड्स, ग्लूकोकॉर्टिकॉयड्स और सेक्स हार्मोन।
Question 11. सिक्रेटीन नामक हॉर्मोन की सर्वप्रथम खोज किसने की थी ?
Answer: बैलिस एवं स्टर्लिंग ने सिक्रेटीन नामक हॉर्मोन की सर्वप्रथम खोज की थी। यह खोज हार्मोन विज्ञान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर थी।
In simple words: सिक्रेटीन हार्मोन को सबसे पहले बैलिस और स्टर्लिंग ने खोजा था।
🎯 Exam Tip: सिक्रेटीन पहला हार्मोन था जिसे खोजा गया था, जो हार्मोन की अवधारणा को स्थापित करने में मदद करता है।
Question 12. थायरॉइड ग्रन्थि द्वारा कौन-सा हार्मोन स्रावित किया जाता है ?
Answer: थायरॉइड ग्रन्थि के द्वारा थायरॉक्सिन हॉर्मोन का स्रावण किया जाता है। यह शरीर के चयापचय और विकास को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
In simple words: थायरॉइड ग्रंथि थायरॉक्सिन हार्मोन बनाती है।
🎯 Exam Tip: थायरॉक्सिन हार्मोन में आयोडीन होता है। इसकी कमी या अधिकता से कई बीमारियां हो सकती हैं।
Question 13. लैंगर हैन्स की द्वीपकाओं की बीटा कोशिकाओं द्वारा कौन-सा हार्मोन स्रावित होता है ?
Answer: लैंगरहैन्स की द्वीपकाओं की बीटा कोशिकाओं द्वारा इन्सुलिन (Insulin) हार्मोन स्रावित होता है। इंसुलिन रक्त में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है।
In simple words: लैंगर हैन्स की बीटा कोशिकाएं इंसुलिन हार्मोन बनाती हैं।
🎯 Exam Tip: इंसुलिन की कमी से मधुमेह (डायबिटीज मेलीटस) रोग होता है, जो रक्त शर्करा के उच्च स्तर से जुड़ा है।
RBSE Class 12 Biology Chapter 29 लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. अन्तःस्रावी तथा बहिःस्रावी ग्रन्थियों में उदाहरण सहित अन्तर लिखो।
Answer: अन्तःस्रावी तथा बहिःस्रावी ग्रन्थियों में अन्तर नीचे दी गई तालिका में दर्शाया गया है। दोनों ग्रंथियाँ शरीर के अलग-अलग महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आवश्यक हैं।
| अन्तःस्रावी ग्रन्थियाँ (Endocrine Glands) | बहिःस्रावी ग्रन्थियाँ (Exocrine Glands) |
|---|---|
| 1. ये ग्रन्थियाँ अपने स्रावों को रक्त द्वारा शरीर के विभिन्न अंगों तथा ऊतकों में पहुँचाती हैं। | ये ग्रन्थियाँ अपने स्रावों को नलिकाओं द्वारा शरीर के विभिन्न भागों को पहुँचाती हैं। |
| 2. अन्तःस्रावी ग्रन्थियों के द्वारा किये गये स्राव शरीर के अन्दर त्यागे जाते हैं। | बहिःस्रावी अर्थात् जिनके स्राव बाहर त्याग दिये जाएँ। |
| 3. ये ग्रन्थियाँ नलिकाविहीन होती हैं। | ये नलिका युक्त ग्रन्थियाँ होती हैं। |
| 4. जैसे- पीयूष ग्रन्थि, थायरॉइड ग्रन्थि, पैराथाइरॉइड ग्रन्थि आदि। | जैसे-पसीने की ग्रन्थियाँ (Sweat Glands), लार ग्रन्थियाँ (Salivary Glands), स्तन ग्रन्थियाँ (Mammary Glands) आदि। |
🎯 Exam Tip: इन दोनों प्रकार की ग्रंथियों के बीच के प्रमुख अंतरों को याद रखें, खासकर उनकी स्राव विधि और उदाहरणों पर ध्यान दें।
Question 2. थायरॉक्सिन हॉर्मोन के कार्यों को समझाइये।
Answer: थायरॉक्सिन हॉर्मोन के कार्य (Functions of thyroxin) निम्नलिखित हैं:
- यह शरीर की वृद्धि और विकास में सहायता करता है। यह हार्मोन शरीर की कोशिकाओं को बढ़ने और ठीक से काम करने में मदद करता है।
- यह हॉर्मोन आंत्र द्वारा ग्लूकोज के अवशोषण, ऑक्सीजन की खपत तथा शरीर की आधारी उपापचयी दर (BMR) में वृद्धि करता है।
🎯 Exam Tip: थायरॉक्सिन के कार्यों को याद करते समय चयापचय (metabolism) और विकास (growth) पर इसके मुख्य प्रभावों पर ध्यान दें।
Question 3. लैंगर द्वीपकाओं द्वारा स्रावित हार्मोनों के कार्य लिखो।
Answer: लैंगरहैंस की द्वीपकाओं द्वारा स्रावित हार्मोन के कार्य-
- ग्लूकेगान (Glucagon) के कार्य: यह हॉर्मोन ग्लाइकोजन को ग्लूकोज में बदलकर रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को बढ़ाता है। यह वसीय अम्लों व ऐमीनो अम्लों से ग्लूकोनियोजेनेसिस क्रिया द्वारा ग्लूकोज के संश्लेषण को भी प्रेरित करता है।
- इन्सुलिन (Insulin) के कार्य: इसके द्वारा रुधिर में ग्लूकोज की मात्रा सामान्य बनी रहती है। यह यकृत में ग्लूकोज को ग्लाइकोजन के संश्लेषण के लिए प्रेरित करता है। यह कोशिकाओं में आधारी उपापचयी दर (BMR) तथा RNA से प्रोटीन, वसा और पेशियों में ग्लाइकोजन के संश्लेषण को बढ़ाता है। इंसुलिन की कमी से मधुमेह हो सकता है।
- सोमेटोस्टेटिन (Somatostatin) के कार्य: यह हॉर्मोन इन्सुलिन तथा ग्लूकेगॉन के स्राव को रोकता है तथा पचे हुए भोजन के स्वांगीकरण की अवधि को बढ़ा देता है।
🎯 Exam Tip: लैंगरहैंस द्वीपकाओं के तीनों मुख्य हार्मोन (इंसुलिन, ग्लूकागन, सोमेटोस्टेटिन) के कार्यों और वे कैसे रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करते हैं, इसे समझना महत्वपूर्ण है।
Question 4. थॉयरॉक्सिन हार्मोन का स्रोत बताइये।
Answer: थायरॉक्सिन हॉर्मोन का स्रोत थाइरॉइड ग्रन्थि है। यह ग्रंथि अनेक छोटी-छोटी गोलाकार पुटकों की बनी होती है। इन्हीं पुटकीय कोशिकाओं को थाइरॉक्सिन हॉर्मोन का स्रोत कहा जाता है, क्योंकि यह पुटकीय कोशिकाएँ थाइरॉइड उत्तेजक हार्मोन (TSH) की उपस्थिति में इस हार्मोन का निर्माण करती हैं। थायरॉक्सिन हॉर्मोन की कुल मात्रा 65 से 90% तक होती है। आयोडीन इस हार्मोन के निर्माण के लिए आवश्यक है।
In simple words: थायरॉक्सिन हार्मोन थायरॉइड ग्रंथि से बनता है, जो गर्दन में होती है।
🎯 Exam Tip: थायरॉक्सिन हार्मोन के संश्लेषण में थायरॉइड उत्तेजक हार्मोन (TSH) और आयोडीन की भूमिका को स्पष्ट रूप से याद रखें।
Question 5. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित मोचक तथा निरोधी हॉर्मोन्स के नाम लिखिए।
Answer: हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित हॉर्मोन के नाम निम्नलिखित हैं:
- वृद्धि हॉर्मोन मोचक हॉर्मोन (GHRH)
- थाइरोट्रोपिन मोचक हॉर्मोन (TRH)
- प्रोलैक्टिन मोचक हॉर्मोन (PRH)
- मैलैनोसाइट स्टीमुलेटिंग हॉर्मोन मोचक हार्मोन (MSH-RH)
- कार्टिकोपिन मोचक हॉर्मोन (CRH)
- प्रोलैक्टिक मोचक निरोधी हॉर्मोन (PRIH)
- मैलेनोसाइट स्टीमुलेटिंग हॉर्मोन निरोधी (MSH-IH)
In simple words: हाइपोथैलेमस कई हार्मोन छोड़ता है जो दूसरे हार्मोन को बनाने या रोकने में मदद करते हैं, जैसे वृद्धि हार्मोन मोचक हार्मोन और प्रोलैक्टिन निरोधी हार्मोन।
🎯 Exam Tip: हाइपोथैलेमस के मोचक (releasing) और निरोधी (inhibiting) हार्मोन को याद रखें, क्योंकि ये पीयूष ग्रंथि और पूरे अंतःस्रावी तंत्र को नियंत्रित करते हैं।
Question 6. अधिवृक्क ग्रन्थि के अनियमित स्राव के फलस्वरूप होने वाले रोगों को संक्षेप में बताइये।
Answer: अधिवृक्क ग्रन्थि (Adrenal gland) के अनियमित स्राव से निम्नलिखित रोग हो जाते हैं:
- ऐडीसन का रोग (Addison's Disease): यह अधिवृक्क ग्रन्थि के अल्पस्राव के कारण होता है। इसमें ऐड्रीनल कॉर्टेक्स हार्मोन के कम होने से शरीर में सोडियम और जल की कमी हो जाती है, जिससे निर्जलीकरण होता है।
- कॉन्स रोग (Conn's Disease): यह रोग मिनरैलो कॉर्टिकॉयड्स के अधिक स्राव के कारण होता है। इसमें सोडियम और पोटैशियम का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे मांसपेशियों में ऐंठन और तंत्रिका संबंधी समस्याएं होती हैं।
- हिरसूटिज्म या एड्रीनल विरिलिज्म (Hirsutism or Adrenal virilism): यह एड्रीनेलीन हॉर्मोन की अधिकता से होता है, जिसमें स्त्रियों में पुरुषों जैसे लक्षण (जैसे चेहरे पर दाढ़ी-मूंछ और शरीर पर घने बाल) दिखाई देते हैं।
- गाइनेकोमैस्टिया (Gynaecomastia): इसमें एड्रीनल हॉर्मोन के अतिस्राव के कारण स्त्रियों में नर जननांग बनने लगते हैं।
- ईडीमा (Oedema): शरीर में सोडियम तथा जल की मात्रा बढ़ने से रुधिर दाब बढ़ जाता है तथा शरीर जगह-जगह से फूल जाता है।
🎯 Exam Tip: अधिवृक्क ग्रंथियों से जुड़े प्रत्येक रोग का नाम, उसका कारण (अल्पस्राव या अतिस्राव), और मुख्य लक्षण याद रखें।
Question 7. घेघा की बीमारी पहाड़ी क्षेत्र पर रहने वाले मनुष्यों में ज्यादा होती है, कारण सहित समझाइये।
Answer: घेघा की बीमारी जिसे Goiter भी कहते हैं, यह पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले मनुष्यों में अधिक पाई जाती है। इस बीमारी के होने का मुख्य कारण भोजन में आयोडीन की कमी होना होता है। पहाड़ी क्षेत्रों में वहाँ के पानी और मिट्टी में स्वाभाविक रूप से आयोडीन की कमी होती है, जिससे भोजन में भी आयोडीन की मात्रा कम हो जाती है। शरीर में आयोडीन की कमी से थायरॉइड ग्रंथि को थायरॉक्सिन हार्मोन बनाने में कठिनाई होती है, जिसके कारण वह सूज जाती है।
In simple words: पहाड़ी इलाकों में लोगों को घेघा रोग ज्यादा होता है क्योंकि वहां के खाने और पानी में आयोडीन कम होता है। आयोडीन की कमी से थायरॉइड ग्रंथि सूज जाती है।
🎯 Exam Tip: घेघा रोग का संबंध थायरॉइड ग्रंथि और आयोडीन की कमी से है। भौगोलिक कारणों को भी स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 8. ऐडिनोहाइपोफाइसिस से स्रावित होने वाले हॉर्मोनों के नाम लिखो।
Answer: ऐडिनोहाइपोफाइसिस (पीयूष ग्रंथि का अग्रभाग) से स्रावित होने वाले हॉर्मोनों के नाम निम्नलिखित हैं:
- सोमेटोट्रोपिक हॉर्मोन या वृद्धि हॉर्मोन (Somatotropic Hormone, STH or Growth hormone, GH)
- लैक्टोजेनिक ट्रॉपिक या प्रोलेक्टिन अथवा मैमोट्रापिक हॉर्मोन (Lactogenic Tropic or Prolactin or Mammotropic Hormone, LTH)
- मिलैनोसाइट प्रेरक हॉर्मोन (Melanocyte Stimulating Hormone, MSH)
In simple words: ऐडिनोहाइपोफाइसिस से वृद्धि हार्मोन, प्रोलैक्टिन और मेलेनिन स्टिमुलेटिंग हार्मोन निकलते हैं।
🎯 Exam Tip: पीयूष ग्रंथि के अग्रभाग (ऐडिनोहाइपोफाइसिस) और पश्चभाग (न्यूरोहाइपोफाइसिस) द्वारा स्रावित होने वाले हार्मोनों को अलग-अलग याद रखें।
Question 9. यदि मानव की थायरॉइड निकाल दें तो क्या प्रभाव होगा?
Answer: यदि मानव की थायरॉइड ग्रंथि को निकाल दिया जाए, तो थायरॉक्सिन हार्मोन का स्राव बंद हो जाएगा, जिससे शरीर पर कई गंभीर प्रभाव पड़ेंगे। जीवन की रफ्तार धीमी हो जाएगी, यानी चयापचय दर बहुत कम हो जाएगी। ग्लूकोज का अवशोषण, ऑक्सीजन की खपत और ऊर्जा उत्पादन घट जाएगा। हृदय की धड़कन धीमी हो जाएगी और प्रोटीन संश्लेषण भी प्रभावित होगा। शरीर का तापमान नियंत्रण भी बिगड़ जाएगा। संक्षेप में, थायरॉइड ग्रंथि को हटाने से शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्य बाधित हो जाएंगे और कई गंभीर रोग उत्पन्न हो जाएंगे।
In simple words: थायरॉइड ग्रंथि निकालने पर शरीर की सभी क्रियाएं धीमी पड़ जाएंगी, ऊर्जा कम बनेगी, और कई बीमारियां हो जाएंगी।
🎯 Exam Tip: थायरॉक्सिन हार्मोन के प्रमुख शारीरिक कार्यों (जैसे चयापचय, वृद्धि, ऊर्जा उत्पादन) को याद रखें ताकि इसकी अनुपस्थिति के प्रभावों का वर्णन कर सकें।
Question 10. मिक्सीडिमा रोग के लक्षण लिखो।
Answer: मिक्सीडिमा रोग थायरॉइड ग्रंथि के अल्प स्रावण (हाइपोथायरायडिज्म) के कारण प्रौढ़ व्यक्तियों में होता है। इसके मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं:
- त्वचा मोटी और फूली हुई हो जाती है, खासकर चेहरे और गर्दन पर।
- मानव के बाल झड़ने लगते हैं।
- याददाश्त कमजोर हो जाती है और सोचने की क्षमता घट जाती है।
- व्यक्ति की त्वचा पीली पड़ जाती है।
- जनन क्षमता कम हो जाती है।
- शारीरिक और मानसिक सुस्ती महसूस होती है।
🎯 Exam Tip: मिक्सीडिमा के लक्षणों को याद करते समय शरीर के विभिन्न अंगों (त्वचा, बाल, मस्तिष्क, प्रजनन) पर पड़ने वाले प्रभावों को ध्यान में रखें।
RBSE Class 12 Biology Chapter 29 लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. पीयूष ग्रन्थि का नामांकित चित्र बनाते हुए न्यूरोहाइपोफाइसिस द्वारा स्रावित हॉर्मोन का वर्णन कीजिए।
Answer: पीयूष ग्रन्थि मस्तिष्क के नीचे स्थित एक छोटी ग्रंथि है जो शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों को नियंत्रित करती है। इसका पश्च भाग (न्यूरोहाइपोफाइसिस) दो मुख्य हार्मोन स्रावित करता है।न्यूरोहाइपोफाइसिस द्वारा स्रावित हॉर्मोन निम्नलिखित हैं-
- वेसोप्रेसिन या ऐन्टीडाईयूरेटिक हॉर्मोन (Vasopressin or Antidiuretic Hormone, ADH): यह हॉर्मोन जल का पुन:अवशोषण बढ़ाता है, इसलिए इसे मूत्र विरोधी हॉर्मोन भी कहते हैं। यह कार्य वृक्क नलिकाएँ करती हैं। इस हॉर्मोन की कमी होने से मूत्र के साथ जल की अधिक मात्रा निकल जाती है, जिससे मूत्र पतला और रुधिर गाढ़ा हो जाता है। इसमें व्यक्ति मूत्र का अत्यधिक उत्सर्जन करता है, जिसे डायबिटीज इन्सिपिड्स (Diabetes insipidus) कहते हैं। यह हॉर्मोन रक्तचाप को भी बढ़ाता है। इसका स्राव हाइपोथैलेमस के परासरण केन्द्र द्वारा नियंत्रित होता है।
- ऑक्सीटोसिन (Oxytocin): इस हॉर्मोन का स्रावण महिलाओं में गर्भावस्था की अंतिम अवस्था में गर्भाशय की दीवार की अनैच्छिक पेशियों के संकुचन को प्रेरित करता है, जो शिशु जन्म में सहायक क्रिया है। यह प्रसव के बाद गर्भाशय की दीवार को सामान्य बनाने में मदद करता है और स्तन ग्रंथियों द्वारा दूध निष्कासन को भी प्रेरित करता है।
🎯 Exam Tip: पीयूष ग्रंथि के चित्र में उसके विभिन्न भागों (अग्रपालि, पश्च पालि, पार्स इण्टरमीडिया, पार्स डिस्टेलिस) को सही ढंग से नामांकित करना और न्यूरोहाइपोफाइसिस के हार्मोनों के विशिष्ट कार्यों को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 2. थायरॉइड ग्रन्थि के द्वारा स्रावित हॉर्मोन्स व उनके अनियमित स्राव के कारण उत्पन्न रोगों को संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
Answer: थायरॉइड ग्रन्थि द्वारा स्रावित हॉर्मोन्स निम्नलिखित हैं:
- थायरॉक्सिन (Thyroxin): इसका निर्माण आयोडीन व टायरोसिन के द्वारा होता है। यह चयापचय और वृद्धि को नियंत्रित करता है।
- ट्राई आयोडोथाइरोनिन (Tri-iodothyronine, T3): यह आयोडीन युक्त हॉर्मोन, \( T4 \) की तुलना में अधिक सक्रिय और शक्तिशाली होता है।
- कैल्सिटोनिन (Calcitonin): इस ग्रन्थि की 'C' कोशिकाओं द्वारा कैल्सिटोनिन हॉर्मोन का निर्माण होता है। इसके कारण मूत्र में कैल्शियम के उत्सर्जन में वृद्धि हो जाती है। यह अस्थियों के विघटन को कम करने का कार्य करता है।
(A) अल्पस्रावण के द्वारा होने वाले रोग:
- सामान्य घेघा या गलगण्ड (Goiter): थायरॉइड ग्रन्थि के फूलने के कारण गर्दन मोटी हो जाती है। भोजन में आयोडीन की कमी इसका मुख्य कारण है।
- हाशीमोटो का रोग (Hashimoto's Disease): यह रोग अल्पस्राव के उपचार में दी जाने वाली औषधि के प्रति शरीर में एंटीबॉडी बनने के कारण होता है, जिससे थायरॉइड ग्रंथि नष्ट हो जाती है।
(B) अतिस्राव से होने वाले रोग:
- नेत्रोत्सेधी गलगण्ड (Exophthalmic Goiter): इसमें व्यक्ति के नेत्र गोलक के नीचे श्लेष्म जमा हो जाने से आँखें बाहर निकल आती हैं, जिससे दृष्टि डरावनी लगती है।
- प्लूमर के रोग (Plumer's disease): इसमें थायरॉइड ग्रन्थि में जगह-जगह गांठें बन जाती हैं।
- ग्रेवी का रोग (Grave's disease): इस ग्रन्थि के फूल जाने की अवस्था को ग्रेवी का रोग कहते हैं।
In simple words: थायरॉइड ग्रंथि थायरॉक्सिन और कैल्सिटोनिन जैसे हार्मोन बनाती है। यदि ये हार्मोन कम या ज्यादा होते हैं, तो घेघा, हाशीमोटो रोग, या नेत्रोत्सेधी गलगण्ड जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
🎯 Exam Tip: थायरॉइड हार्मोन के नाम, उनके कार्य, और अल्पस्राव/अतिस्राव से होने वाले रोगों के लक्षणों को वर्गीकृत करके याद करें।
Question 3. अधिवृक्क ग्रन्थि के द्वारा स्रावित विभिन्न हॉर्मोनों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
Answer: अधिवृक्क ग्रन्थि के द्वारा स्रावित विभिन्न हॉर्मोनों का संक्षेप में वर्णन इस प्रकार है-
(1) अधिवृक्क वल्कुट द्वारा स्रावित हॉर्मोन (Hormones secreted by Adrenalcortex):
- मिनरैलो कॉर्टिकॉयड्स (Mineralocorticoids): ये हार्मोन वृक्क नलिकाओं में \( Na^{+} \) तथा \( Cl^{-} \) आयनों के अवशोषण और \( K^{+} \) आयनों के उत्सर्जन में वृद्धि करते हैं। यह रक्त में खनिज आयनों की सांद्रता को नियंत्रित करते हैं।
- ग्लूकोकॉर्टिकॉयड्स (Glucocorticoids): कॉर्टिसोल एवं कॉर्टिसोन जैसे हार्मोन कार्बोहाइड्रेट, वसा तथा प्रोटीन के चयापचय को नियंत्रित करते हैं। ये किसी भी ऊतक में संक्रमण होने पर प्रतिरक्षी पदार्थों (Antibodies) के बनने को भी रोकते हैं।
- लिंग हॉर्मोन्स (Sex Hormones): ऐन्ड्रोजन, ऐस्ट्रोजन तथा प्रोजेस्टरॉन जैसे हार्मोन इस ग्रंथि द्वारा स्रावित होते हैं। ये बाह्य जनन अंगों एवं यौन व्यवहार को प्रभावित करते हैं। स्त्रियों के चेहरे पर बाल आदि का आना इसी हॉर्मोन की अधिकता से होता है।
(2) अधिवृक्क मध्यांश द्वारा स्रावित हॉर्मोन (Hormones secreted by Adrenal medulla):अधिवृक्क मध्यांश से एड्रेनालिन (Epinephrine) और नॉर-एड्रेनालिन (Norepinephrine) हार्मोन स्रावित होते हैं। ये हार्मोन हृदय की पेशियों को उत्तेजित करते हैं, जिससे रुधिर दाब बढ़ना, दिल की धड़कन बढ़ना, और संकटकालीन परिस्थितियों में 'लड़ने या भागने' (fight or flight) जैसी अनुक्रियायें उत्पन्न होती हैं। ये शरीर को तनाव या खतरे का सामना करने के लिए तैयार करते हैं।
In simple words: अधिवृक्क ग्रंथि के दो भाग होते हैं: बाहरी भाग (कॉर्टेक्स) मिनरैलो कॉर्टिकॉयड्स, ग्लूकोकॉर्टिकॉयड्स और लिंग हार्मोन बनाता है, जो नमक, शुगर और प्रजनन को नियंत्रित करते हैं। अंदरूनी भाग (मेडुला) एड्रेनालिन हार्मोन बनाता है जो खतरे में शरीर को तैयार करता है, जिससे दिल की धड़कन और रक्तचाप बढ़ता है।
🎯 Exam Tip: अधिवृक्क ग्रंथि के दोनों भागों (वल्कुट और मध्यांश) द्वारा स्रावित हार्मोनों और उनके विशिष्ट शारीरिक कार्यों को स्पष्ट रूप से समझें।
Question 4. अण्डाशय से कौन-कौन से हॉर्मोन स्रावित होते हैं, किन्हीं दो का वर्णन कीजिए।
Answer: अण्डाशय (Ovaries) से ऐस्ट्रोजन (Estrogen), प्रोजेस्टरोन (Progesterone) तथा रिलेक्सिन (Relaxin) हार्मोन स्रावित होते हैं। इनमें से दो का वर्णन निम्न प्रकार है-
- ऐस्ट्रोजन (Estrogen) हॉर्मोन: इस हार्मोन का स्रावण ग्राफीयन पुटकों द्वारा होता है। यह एक विशेष प्रकार का हॉर्मोन होता है जो मादा में द्वितीयक लैंगिक लक्षणों जैसे-गर्भाशय, अण्डवाहिनी, योनि, क्लाइटोरिस, स्तनों आदि का विकास करता है। इसके अतिरिक्त इस हार्मोन के द्वारा आवाज का बारीक होना, शालीनता एवं मैथुन इच्छा जागृत होना इत्यादि का भी विकास होता है। इस हॉर्मोन के अल्पस्राव के कारण मादा में द्वितीयक लैंगिक लक्षणों के विकास में कमी तथा मासिक चक्र में अनियमितता हो जाती है। ऐस्ट्रोजन हॉर्मोन के अतिस्रावण से अनियमित मासिक चक्र की अवस्था शुरू हो जाती है। यह हार्मोन हड्डियों के स्वास्थ्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- प्रोजेस्टरोन हॉर्मोन (Progesterone Hormone): अण्डाशय में अण्डोत्सर्ग के पश्चात् विकसित पीले रंग की ग्रन्थि कार्पस ल्युटियम द्वारा इस हार्मोन का स्रावण होता है। इस ग्रन्थि का नियन्त्रण ल्युटिनाइजिंग हॉर्मोन के द्वारा होता है। यह हॉर्मोन स्त्रियों में स्तनों के विकास, दुग्ध ग्रन्थियों की वृद्धि एवं सक्रियण आदि के लिए जिम्मेदार होता है। इसके अतिरिक्त गर्भधारण के लिए आवश्यक संरचनात्मक व कार्यिकीय परिवर्तन, गर्भाशय भित्ति में रक्त परिवहन का बढ़ना तथा ग्लाइकोजन व वसाओं के संचयन आदि कार्यों को प्रेरणा मिलती है।
🎯 Exam Tip: अण्डाशय से स्रावित होने वाले मुख्य हार्मोनों और उनके विशिष्ट कार्यों (जैसे द्वितीयक लैंगिक लक्षण, मासिक चक्र, गर्भावस्था) को याद रखें।
The requested page range (page 15 to page 15) does not contain any educational content such as questions or answers. The content on page 15 consists solely of navigation links, copyright information, and watermarks, which are to be ignored according to the processing rules. Therefore, the output is empty.Free study material for Biology
RBSE Solutions Class 12 Biology Chapter 29 मानव में रासायनिक समन्वयन
Students can now access the RBSE Solutions for Chapter 29 मानव में रासायनिक समन्वयन prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 12 Biology textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest RBSE syllabus.
Detailed Explanations for Chapter 29 मानव में रासायनिक समन्वयन
Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 12 Biology chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 12 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these RBSE Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.
Benefits of using Biology Class 12 Solved Papers
Using our Biology solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 12 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 29 मानव में रासायनिक समन्वयन to get a complete preparation experience.
FAQs
The complete and updated RBSE Solutions Class 12 Biology Chapter 29 मानव में रासायनिक समन्वयन is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 12 Biology are as per latest RBSE curriculum.
Yes, our experts have revised the RBSE Solutions Class 12 Biology Chapter 29 मानव में रासायनिक समन्वयन as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Biology concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using RBSE language because RBSE marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our RBSE Solutions Class 12 Biology Chapter 29 मानव में रासायनिक समन्वयन will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 12 Biology. You can access RBSE Solutions Class 12 Biology Chapter 29 मानव में रासायनिक समन्वयन in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 12 Biology Chapter 29 मानव में रासायनिक समन्वयन in printable PDF format for offline study on any device.