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Detailed Chapter 6 कम्पनी के वित्तीय विवरण-एक परिचय RBSE Solutions for Class 12 Accountancy
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Class 12 Accountancy Chapter 6 कम्पनी के वित्तीय विवरण-एक परिचय RBSE Solutions PDF
Rajasthan Board RBSE Class 12 Accountancy Chapter 6 कम्पनी के वित्तीय विवरण-एक परिचय
RBSE Class 12 Accountancy Chapter 6 पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
RBSE Class 12 Accountancy Chapter 6 बहुचयनात्मक प्रश्न
Question 1. वित्तीय विवरण तैयार किये जाते हैं
(अ) व्यवसाय के प्रारम्भ के समय
(ब) लेखा वर्ष के अन्त में
(स) व्यवसाय के समापन के समय
(द) इनमें से कोई नहीं।
Answer: (ब) लेखा वर्ष के अन्त में
In simple words: Financial statements are made at the end of the accounting year to show how well a business did financially. This helps in understanding the company's performance over that period.
🎯 Exam Tip: Remember that financial statements give a snapshot of the company's health at a specific point or over a period, which is typically the end of the fiscal year.
Question 2. वह विवरण जो कम्पनी की वित्तीय स्थिति को दर्शाता है
(अ) स्थिति विवरण
(ब) रोकड़ प्रवाह विवरण
Answer: (अ) स्थिति विवरण
In simple words: The Balance Sheet (स्थिति विवरण) shows what a company owns (assets) and what it owes (liabilities and equity) at a specific time. It's like a financial snapshot.
🎯 Exam Tip: Distinguish between the Balance Sheet (स्थिति विवरण) which shows financial position at a point in time, and the Income Statement (लाभ-हानि विवरण) which shows performance over a period.
Question 4. कम्पनी के स्वामी कहलाते हैं
(अ) अंशधारी।
(ब) ऋणदाता
(स) लेनदार
(द) उपर्युक्त सभी ।
Answer: (अ) अंशधारी।
In simple words: People who own shares in a company are called shareholders (अंशधारी). They are the actual owners of the company.
🎯 Exam Tip: Shareholders are owners, while creditors (ऋणदाता) and lenders provide funds but are not owners.
Question 5. वित्तीय विवरण उपयोगी होते हैं
(अ) कर्मचारियों के लिए
(ब) प्रबन्धकों के लिए
(स) अंशधारियों के लिए
(द) सभी के लिए
Answer: (द) सभी के लिए
In simple words: Financial statements are useful for everyone involved with the company, including employees, managers, and shareholders. They help different groups make informed decisions.
🎯 Exam Tip: Understand that financial statements provide critical information for various stakeholders, each with different interests and decision-making needs.
Question 6. कम्पनी की दृष्टि से वित्तीय वर्ष समाप्त होता है
(अ) 30 जून को
(ब) 30 सितम्बर को
(स) 31 दिसम्बर को
(द) 31 मार्च को
Answer: (द) 31 मार्च को
In simple words: In India, the financial year for most companies ends on 31st March. This is a common practice for accounting and tax purposes.
🎯 Exam Tip: Note that while 31st March is common in India, financial year-ends can vary by country or company, such as 31st December or 30th June.
Question 7. आर्थिक चिट्टे में सामान्य संचय को किस शीर्षक के अन्तर्गत दिखाया जायेगा
(अ) अल्पकालीन आयोजन
(ब) अंश पूँजी
(स) विविध व्यय
(द) संचय एवं आधिक्य
Answer: (द) संचय एवं आधिक्य
In simple words: General Reserve (सामान्य संचय) is a fund that a company keeps for future needs. It is shown under the 'Reserves and Surplus' (संचय एवं आधिक्य) section in the balance sheet.
🎯 Exam Tip: Remember that reserves are accumulated profits kept aside, and they form part of the shareholders' equity under the 'Reserves and Surplus' head.
Question 9. जब लेखांकन आय कर योग्य आय से अधिक होती है तो उत्पन्न होता है
(अ) स्थगित कर दायित्व
(ब) स्थगित कर सम्पत्ति
(स) दीर्घकालीन ऋण
(द) इनमें से कोई नहीं।
Answer: (अ) स्थगित कर दायित्व
In simple words: When the income calculated by accounting rules is more than the income on which tax is actually paid, it creates a deferred tax liability (स्थगित कर दायित्व). This means the company will have to pay more tax later.
🎯 Exam Tip: Deferred tax liabilities arise from timing differences between accounting profit and taxable profit, meaning tax is postponed to a future period.
Question 10. निम्न में से कौन-सा व्यय कर्मचारी हित का व्यय नहीं है
(अ) वेतन
(ब) भविष्य निधि अंशदान
(स) कारखाने की मशीन मरम्मत
(द) ग्रेच्युइटी भुगतान
Answer: (स) कारखाने की मशीन मरम्मत
In simple words: Expenses like salaries, provident fund, and gratuity are all for employee benefits. Repairing a factory machine (कारखाने की मशीन मरम्मत) is an expense for maintaining assets, not for employee welfare.
🎯 Exam Tip: Classify expenses carefully: Employee benefits are directly related to staff, while maintenance costs relate to assets and operations.
RBSE Class 12 Accountancy Chapter 6 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. वित्तीय विवरणों से क्या आशय है ?
Answer: कम्पनी द्वारा मुख्य रूप से दो प्रकार के वित्तीय विवरण तैयार किये जाते हैं: स्थिति विवरण (बैलेंस शीट) और लाभ-हानि विवरण (इनकम स्टेटमेंट). ये विवरण कम्पनी के वित्तीय प्रदर्शन और स्थिति को दिखाते हैं. वे एक कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य को समझने में मदद करते हैं.
🎯 Exam Tip: Clearly state the two main types of financial statements and their primary purpose of reflecting a company's financial status.
Question 3. एक कम्पनी के स्थिति विवरण के सम्पत्ति भाग के प्रमुख शीर्षकों के नाम बताइए।
Answer: एक कम्पनी के स्थिति विवरण (बैलेंस शीट) के सम्पत्ति भाग के प्रमुख शीर्षक (मुख्य मदें) निम्नलिखित हैं:
• गैर-चालू सम्पत्तियाँ (Non-current Assets)
• चालू सम्पत्तियाँ (Current Assets).
ये श्रेणियाँ कंपनी की संपत्तियों को उनकी तरलता के आधार पर वर्गीकृत करती हैं.
🎯 Exam Tip: Remember to categorize assets as either non-current (long-term) or current (short-term) based on their expected realization period.
Question 4. वित्तीय विवरणों को ऐतिहासिक प्रपत्र क्यों कहा जाता है ?
Answer: वित्तीय विवरणों को ऐतिहासिक प्रपत्र कहा जाता है क्योंकि वे पिछली अवधि (जो समय बीत चुका है) से सम्बन्धित होते हैं. ये विवरण कम्पनी द्वारा पहले की गई लेन-देनों और घटनाओं को दर्शाते हैं. इसका मतलब है कि वे भविष्य की घटनाओं का अनुमान नहीं लगाते, बल्कि भूतकाल के प्रदर्शन को दर्ज करते हैं.
🎯 Exam Tip: The key reason for "historical document" is that financial statements reflect past transactions and events, not future predictions.
Question 5. संचालन चक्र क्या है ?
Answer: संचालन चक्र किसी सम्पत्ति को खरीदने और उसे नकद या नकद के बराबर चीजों में बदलने के बीच का समय है. जब इस संचालन चक्र की अवधि को मापा नहीं जा सकता, तो यह आमतौर पर 12 महीने मानी जाती है. यह दर्शाता है कि एक व्यवसाय कितनी जल्दी अपनी इन्वेंट्री को बिक्री में और फिर नकदी में बदल देता है.
🎯 Exam Tip: Define the operating cycle as the time from acquiring assets to converting them into cash, and mention the default 12-month period when it's not measurable.
Question 6. व्यापारिक देयता को परिभाषित कीजिए।
Answer: यदि कोई देयता व्यवसाय की सामान्य गतिविधियों या सेवाएँ प्राप्त करने से सम्बन्धित है और उसका भुगतान बाकी है, तो उसे व्यापारिक देयता कहते हैं. उदाहरण के लिए, इसमें विविध लेनदार (Sundry Creditors) और देयबिल (Bills Payable) शामिल होते हैं. ये वे देनदारियाँ हैं जो कंपनी को अपने नियमित संचालन के दौरान दूसरों को चुकानी होती हैं.
🎯 Exam Tip: Emphasize that trade payables arise from normal business operations like purchasing goods or services on credit, not from loans.
Question 7. लाभ-हानि विवरण किसे कहते हैं ?
Answer: लाभ-हानि विवरण (Profit and Loss Statement) एक वित्तीय रिपोर्ट है जो एक निश्चित अवधि में कम्पनी के राजस्व, व्यय और शुद्ध लाभ या हानि को दर्शाती है. यह विवरण दिखाता है कि कम्पनी ने एक विशिष्ट समय के दौरान कितना पैसा कमाया और कितना खर्च किया. इससे कम्पनी की लाभ कमाने की क्षमता का मूल्यांकन करने में मदद मिलती है.
🎯 Exam Tip: Focus on the P&L statement's purpose: showing financial performance (profit or loss) over a period by comparing income and expenses.
Question 8. चालू दायित्व से क्या आशय है?
Answer: चालू दायित्व वे देनदारियाँ होती हैं जिनका भुगतान कम्पनी के सामान्य संचालन चक्र के भीतर होने की उम्मीद होती है, या जिन्हें व्यवसाय करने के मुख्य उद्देश्य से रखा गया हो. इसके अलावा, वे देनदारियाँ भी चालू दायित्व होती हैं जिनका भुगतान विवरण तैयार करने की तिथि से 12 महीने के अंदर किया जाना है. इन दायित्वों को एक वर्ष के भीतर चुकाना होता है.
🎯 Exam Tip: The key characteristic of current liabilities is their short-term nature, meaning they are due for settlement within 12 months or one operating cycle.
Question 9. स्थिति विवरण में बकाया माँग को कैसे प्रदर्शित किया जाता है ?
Answer: स्थिति विवरण (बैलेंस शीट) में बकाया माँग (Calls-in-arrears) की राशि को अभिदत्त पूँजी (Subscribed Capital) में से घटाकर दिखाया जाता है. इसका मतलब है कि यह शेयरधारकों द्वारा अभी तक चुकाई गई राशि है, जिसे कम्पनी को प्राप्त करना बाकी है. यह एक कंपनी की इक्विटी अनुभाग में पारदर्शिता सुनिश्चित करता है.
🎯 Exam Tip: Remember that calls-in-arrears reduce the subscribed capital, indicating that shareholders have not yet paid the full amount due on their shares.
Question 10. 'अंश आवेदन राशि जब तक आवंटन न हो' से क्या आशय है ?
Answer: 'अंश आवेदन राशि जब तक आवंटन न हो' का मतलब उस पैसे से है जो किसी कम्पनी को शेयरों के लिए आवेदन शुल्क के रूप में मिल गया है, लेकिन बैलेंस शीट बनाने की तारीख तक शेयर आवंटित नहीं किए गए हैं. यह राशि तब तक एक अलग मद के रूप में दिखाई जाती है जब तक शेयर आधिकारिक तौर पर जारी नहीं हो जाते. यह राशि कंपनी के पास जमा रहती है लेकिन शेयरधारक के स्वामित्व में नहीं आती.
🎯 Exam Tip: This refers to the application money received for shares that have not yet been allotted, and it is shown as a separate item under 'Shareholder's Funds'.
RBSE Class 12 Accountancy Chapter 6 लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. कम्पनी अधिनियम, 2013 की धारा 2 (40) के अनुसार वित्तीय विवरणों में कौन-कौन से विवरण शामिल होते हैं ?
Answer: कम्पनी अधिनियम, 2013 की धारा 2 (40) के अनुसार, वित्तीय विवरणों में निम्नलिखित विवरण शामिल होते हैं:
• वित्तीय वर्ष के अंत में स्थिति विवरण (बैलेंस शीट).
• वित्तीय वर्ष के लिए लाभ-हानि विवरण (स्टेटमेंट ऑफ प्रॉफिट एंड लॉस).
• वित्तीय वर्ष के लिए रोकड़ प्रवाह विवरण (कैश फ्लो स्टेटमेंट).
• यदि लागू हो तो समता में परिवर्तनों का विवरण (स्टेटमेंट ऑफ चेंजेस इन इक्विटी).
• स्पष्टीकरण नोट (एक्स्प्लेनेटरी नोट्स).
ये सभी विवरण कंपनी की वित्तीय जानकारी को विस्तार से प्रस्तुत करते हैं.
🎯 Exam Tip: Be sure to list all five components of financial statements as per Section 2(40) of the Companies Act, 2013, including the often-forgotten 'Notes to Accounts'.
Question 2. वित्तीय विवरणों की प्रमुख विशेषताओं को बताए ।
Answer: वित्तीय विवरणों की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
• वित्तीय विवरण संस्था की लाभ कमाने की क्षमता को लाभ-हानि विवरण के माध्यम से दिखाते हैं, और इसकी वित्तीय स्थिति को बैलेंस शीट के माध्यम से प्रस्तुत करते हैं.
• वित्तीय विवरण जानकारी का उपयोग करने वालों (जैसे निवेशक, लेनदार) को कई तरह की जानकारी प्रदान करते हैं. वे वित्तीय निर्णयों के लिए एक महत्वपूर्ण आधार बनाते हैं.
🎯 Exam Tip: Highlight that financial statements serve two main purposes: showing profitability (P&L) and financial position (Balance Sheet), and providing useful information to stakeholders.
Question 3. वित्तीय विवरणों के उद्देश्य बताइए।
Answer: वित्तीय विवरणों के उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
• संस्था की सम्पत्तियों और देनदारियों के बारे में वित्तीय डेटा उपलब्ध कराना.
• व्यावसायिक संस्था की सही और वास्तविक स्थिति को प्रकट करना.
• भविष्य की गतिविधियों, योजनाओं और निर्णयों में सहायक बनना.
• संस्था को लाभ कमाने की शक्ति के भविष्य के अनुमान, तुलना और मूल्यांकन के लिए बैलेंस शीट, लाभ-हानि विवरण और वित्तीय गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत करना.
ये उद्देश्य सुनिश्चित करते हैं कि वित्तीय विवरण उपयोगकर्ताओं के लिए मूल्यवान हों.
🎯 Exam Tip: Focus on the core objectives: providing financial data, showing true position, aiding decision-making, and evaluating earning capacity.
Question 4. चालू सम्पत्ति किसे कहते हैं ?
Answer: चालू सम्पत्ति (Current Assets) वे सम्पत्तियाँ होती हैं जिन्हें एक वर्ष के भीतर आसानी से नकदी में बदला जा सकता है. इनमें नकदी, बैंक में जमा पैसा, प्राप्त बिल, अंतिम स्टॉक (इन्वेंटरी) और देनदार (डेटर्स) जैसी चीजें शामिल होती हैं. ये सम्पत्तियाँ कंपनी के दिन-प्रतिदिन के संचालन को चलाने के लिए महत्वपूर्ण हैं.
🎯 Exam Tip: The defining characteristic of a current asset is its liquidity – the ability to be converted into cash within one year or one operating cycle.
Question 5. व्यापारिक प्राप्यताओं (Trade Receivables) का अर्थ बताइए।
Answer: व्यापारिक प्राप्यताएँ (Trade Receivables) वे राशियाँ होती हैं जो व्यवसाय को अपनी सामान्य व्यावसायिक गतिविधियों से प्राप्त करनी होती हैं. ये आमतौर पर माल बेचने या सेवाएँ प्रदान करने के बदले में प्राप्त होने वाली राशि होती हैं. इसमें विविध देनदार (Sundry Debtors) और प्राप्त बिल (Bills Receivable) शामिल होते हैं. यह राशि कंपनी को उन ग्राहकों से मिलनी बाकी है जिन्होंने क्रेडिट पर खरीदारी की है.
🎯 Exam Tip: Trade receivables represent amounts due from customers for goods sold or services rendered on credit in the ordinary course of business.
Question 6. स्थिति विवरण के संचय एवं आधिक्य' शीर्षक के अन्तर्गत लिखी जाने वाली चार मदें लिखिए।
Answer: स्थिति विवरण के 'संचय एवं आधिक्य' (Reserve and Surplus) शीर्षक के अन्तर्गत आने वाली चार मदें निम्नलिखित हैं:
1. सामान्य संचय (General Reserve).
2. पूँजी संचय (Capital Reserve).
3. प्रतिभूति प्रीमियम संचय (Securities Premium Reserve).
4. लाभ-हानि विवरण का आधिक्य (Surplus in Profit and Loss Statement).
ये मदें कंपनी के संचित लाभों और अधिशेषों को दर्शाती हैं.
🎯 Exam Tip: List common types of reserves and surpluses found in a balance sheet, understanding that these represent retained earnings and other accumulated profits.
Question 7. अंश विकल्प अदत्त खाता (Share Option Outstanding Account) क्या है ? समझाइये।
Answer: 'अंश विकल्प अदत्त खाता' (Share Option Outstanding Account) कर्मचारी क्षतिपूर्ति की एक योजना है. इसके तहत कम्पनी अपने कर्मचारियों को भविष्य में एक निश्चित समय पर, पहले से तय कीमत पर निश्चित मात्रा में शेयर खरीदने का विकल्प देती है. ये शेयर आमतौर पर बाजार मूल्य से कम (छूट दर पर) दिए जाते हैं. यह कर्मचारियों को कंपनी के विकास में भागीदार बनने का अवसर देता है.
🎯 Exam Tip: Define Employee Stock Option Plans (ESOPs) as a form of compensation that grants employees the right to purchase company shares at a pre-determined price, often below market value.
Question 8. गैर-चालू सम्पत्ति शीर्षक के अन्तर्गत आने वाले पाँच उप-शीर्षकों के नाम लिखिए ।
Answer: गैर-चालू सम्पत्ति (Non-current Assets) शीर्षक के अन्तर्गत आने वाले पाँच उपशीर्षक निम्न हैं:
• स्थायी सम्पत्ति (Fixed Assets), जिसमें मूर्त (Tangible) और अमूर्त (Intangible) सम्पत्तियाँ शामिल हैं.
• गैर-चालू विनियोग (Non-current Investment), ये लंबी अवधि के लिए किए गए निवेश होते हैं.
• दीर्घकालीन ऋण और अग्रिम (Long-term Loan and Advances), जो एक वर्ष से अधिक समय के लिए दिए गए हों.
• अन्य गैर-चालू सम्पत्ति (Other Non-current Assets), ऐसी संपत्तियाँ जो अन्य श्रेणियों में नहीं आतीं.
• स्थगित कर सम्पत्तियाँ (शुद्ध) (Deferred Tax Assets), भविष्य में कर लाभ का प्रतिनिधित्व करती हैं.
ये सभी संपत्तियां कंपनी के दीर्घकालिक विकास और संचालन के लिए महत्वपूर्ण हैं.
🎯 Exam Tip: When listing non-current asset sub-headings, ensure to include both tangible and intangible fixed assets, investments, and long-term loans/advances.
Question 9. रोकड़ तुल्य को समझाइये।
Answer: रोकड़ तुल्य (Cash Equivalents) ऐसे अल्पकालीन और बहुत तरल निवेश होते हैं जिन्हें तुरंत नकदी में बदला जा सकता है. इनके मूल्य में बदलाव का जोखिम भी बहुत कम होता है. किसी निवेश को रोकड़ तुल्य तभी माना जाता है जब उसकी परिपक्वता अवधि यानी उसे नकदी में बदलने का समय 3 महीने या उससे कम हो. ये कंपनी की अल्पकालिक तरलता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं.
🎯 Exam Tip: Highlight the two key characteristics of cash equivalents: high liquidity (convertible to cash quickly) and low risk of value change, with a maximum maturity of three months.
RBSE Class 12 Accountancy Chapter 6 निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. वित्तीय विवरणों से क्या आशय है ? इनकी विशेषताएँ बताते हुये इनके उद्देश्य लिखिए।
Answer:
वित्तीय विवरणों से आशय एवं परिभाषा (Meaning and Definition of Financial Statements):
वित्तीय विवरणों से तात्पर्य उन दस्तावेज़ों से है जो वित्तीय वर्ष के अंत में तैयार किए जाते हैं. ये दस्तावेज़ कम्पनी की आवश्यक वित्तीय जानकारी को दर्शाते हैं. ये कंपनी की आर्थिक स्थिति और प्रदर्शन का सार प्रस्तुत करते हैं.
आर. एन. एंथोनी के अनुसार, "वित्तीय विवरण ऐसे विवरण होते हैं जो लेखा अवधि की समाप्ति पर किसी व्यवसाय की वित्तीय स्थिति और व्यावसायिक कार्यों के परिणाम को दिखाते हैं."
वित्तीय विवरणों की विशेषताएँ (Characteristics of Financial Statements):
वित्तीय विवरणों की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. वित्तीय विवरणों में जानकारी को पैसों के रूप में दिखाया जाता है.
2. वित्तीय विवरण ऐतिहासिक दस्तावेज होते हैं क्योंकि वे पिछली अवधि से संबंधित जानकारी देते हैं.
3. वित्तीय विवरण कंपनी के लाभ को लाभ-हानि विवरण से, और वित्तीय स्थिति को बैलेंस शीट या स्थिति विवरण से दिखाते हैं.
4. वित्तीय विवरण जानकारी का उपयोग करने वाले विभिन्न लोगों को कई तरह की जानकारी उपलब्ध कराते हैं.
वित्तीय विवरणों के उद्देश्य (Objectives of Financial Statements):
वित्तीय विवरणों का मुख्य लक्ष्य किसी कंपनी की वित्तीय स्थिति, लाभ-हानि और नकदी प्रवाह के बारे में जानकारी देना है. वित्तीय विवरणों के उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
1. संस्था की सम्पत्तियों और देनदारियों के बारे में वित्तीय जानकारी उपलब्ध कराना.
2. व्यावसायिक संस्था की उचित और सही स्थिति प्रकट करना.
3. वित्तीय विवरणों में रुचि रखने वाले लोगों को पर्याप्त जानकारी उपलब्ध कराना.
4. निवेशकों और लेनदारों के लिए भविष्य में नकदी प्रवाह का अनुमान लगाने, तुलना करने और मूल्यांकन करने के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाना.
5. भविष्य की गतिविधियों के लिए आधार प्रस्तुत करना.
6. संस्था की लाभ कमाने की क्षमता के भविष्य के अनुमान, तुलना और मूल्यांकन के लिए स्थिति विवरण, आय विवरण और वित्तीय गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत करना.
7. संस्था द्वारा की गई उन सभी गतिविधियों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराना जो सामाजिक जिम्मेदारियों को पूरा करती हों.
8. संस्था द्वारा सामाजिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए किए गए कार्यों की जानकारी देना.
In simple words: Financial statements are important documents made at the end of a year that show a company's money situation and how it performed. They help people like owners and managers understand the business better. These statements use past information, show profits or losses, and help in making future plans.
🎯 Exam Tip: For comprehensive answers, define financial statements, then list their characteristics and objectives clearly. Use bullet points for easy readability and recall.
Question 2. चिट्टे से क्या आशय है ? इसका प्रारूप दीजिये।
Answer:
चिट्ठा से आशय (Meaning of Balance Sheet):
बैलेंस शीट (चिट्ठा या स्थिति विवरण) एक ऐसा वित्तीय विवरण है जो किसी विशेष तारीख पर एक कंपनी की सम्पत्तियों, देनदारियों और इक्विटी को दर्शाता है. यह एक कंपनी की वित्तीय स्थिति का एक स्नैपशॉट होता है. यह बताता है कि कंपनी के पास क्या है, कंपनी पर क्या बकाया है, और मालिकों का कितना पैसा कंपनी में लगा है.
फ्रांसिस आर. स्टीड के अनुसार, "स्थिति विवरण किसी निश्चित समय पर चालू व्यवसाय की वित्तीय स्थिति का मानचित्र है."
गुथमैन के अनुसार, "स्थिति विवरण को किसी व्यवसाय के दोहरे वित्तीय चित्र के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जो एक ओर तो इसके उपयोग में आने वाली सम्पत्तियों तथा दूसरी ओर उन सम्पत्तियों के स्रोतों को दर्शाता है."
इन परिभाषाओं से स्पष्ट है कि चिट्ठा एक ऐसा विवरण है जिसके दो पक्ष होते हैं. एक पक्ष उन साधनों को बताता है जिनसे व्यवसाय में धन आया है, और दूसरा पक्ष दिखाता है कि इन निधियों का उपयोग कैसे किया गया है. यह कंपनी के वित्तीय संतुलन को दर्शाता है, जहाँ संपत्ति देनदारियों और इक्विटी के बराबर होती है.
प्रारूप (Format):
| 1 | reporting period | reporting period | ||
|---|---|---|---|---|
| I. EQUITY AND LIABILITIES | 2 | 3 | 4 | |
| (1) Shareholder's Funds | ||||
| (a) Share capital | ||||
| (b) Reserves and surplus | ||||
| (c) Money received against share warrants | ||||
| (2) Share application money pending allotment | ||||
| (3) Non-Current Liabilities | ||||
| (a) Long-term borrowings | ||||
| (b) Deferred tax Liabilities (Net) | ||||
| (c) Other Long-term Liabilities | ||||
| (d) Long-term provisions | ||||
| (4) Current Liabilities | ||||
| (a) Short-term borrowings | ||||
| (b) Trade Payables | ||||
| (c) Other Current Liabilities | ||||
| (d) Short-term Provisions | ||||
| Total | ||||
| II. ASSETS | ||||
| (1) Non-current Assets | ||||
| (a) Fixed Assets | ||||
| (i) Tangible Assets | ||||
| (ii) Intangible Assets | ||||
| (iii) Capital Work-in-progress | ||||
| (iv) Intangible Assets under Development | ||||
| (b) Non-current Investments | ||||
| (c) Deferred Tax Assets (Net) | ||||
| (d) Long-term Loan and Advances | ||||
| (e) Other Non-Current Assets | ||||
| (2) Current Assets | ||||
| (a) Current Investments | ||||
| (b) Inventories | ||||
| (c) Trade Receivables |
🎯 Exam Tip: Clearly define the Balance Sheet as a statement of assets, liabilities, and equity at a specific date, and ensure the format includes the main categories under both Equity & Liabilities and Assets.
Question 3. लाभ-हानि विवरण का अर्थ बताइये तथा इसका प्रारूप दीजिये।
Answer:
लाभ-हानि विवरण का अर्थ (Meaning of Profit and Loss Statement):
लाभ-हानि विवरण एक ऐसा विवरण है जो एक निश्चित अवधि में व्यावसायिक गतिविधियों से होने वाले लाभ या हानि की जानकारी देता है. यदि इस खाते में आय का कुल योग व्यय के योग से अधिक है, तो लाभ होता है. यदि व्यय का योग आय के योग से अधिक है, तो हानि दर्शाता है. इसे आय या आधिक्य विवरण, आय लाभ एवं हानि विवरण, क्रियात्मक विवरण, अर्जन विवरण, आय लेखा, आय एवं व्यय विवरण जैसे कई नामों से जाना जाता है. यह कंपनी के प्रदर्शन को मापता है.
इसकी विभिन्न विद्वानों ने निम्न परिभाषाएँ दी हैं:
राय ए. फाल्के के अनुसार, "आय विवरण वह विवरण है जो व्यवसाय की एक निश्चित अवधि की आय एवं व्यय को दिखाता है, और उसके बाद लेखा अवधि के लाभ एवं हानि की अंतिम राशि को प्रदर्शित करता है."
जॉन एन. मॉयर के अनुसार, "आय विवरण किसी विशिष्ट अवधि के व्यवसाय की गतिविधियों का सारांश है, और इन गतिविधियों के परिणामों को शुद्ध लाभ या हानि के रूप में दर्शाता है."
उपर्युक्त परिभाषाओं से स्पष्ट है कि यह एक निश्चित समय के व्यापारिक व्ययों और हानियों को नाम पक्ष में, तथा सभी आगमों और लाभों को जमा पक्ष में दिखाता है. इसके दोनों पक्षों का अंतर लाभ या हानि दर्शाता है.
प्रारूप (Format):
| Particulars | Note No. | Figures for the current reporting period | Figures for the previous reporting period |
|---|---|---|---|
| I Revenue from Operations | XXX | XXX | |
| II Other Income | XXX | XXX | |
| III Total Revenue (I + II) | XXX | XXX | |
| IV Expenses : | |||
| Cost of Material Consumed | XXX | XXX | |
| Purchases of Stock-in-Trade | XXX | XXX | |
| Changes in inventory of finished goods | XXX | XXX | |
| Work-in-Progress and Stock-in-Trade | XXX | XXX | |
| Employee Benefits Expenses | XXX | XXX | |
| Finance Costs | XXX | XXX | |
| Depreciation and Amortization Expenses | XXX | XXX | |
| Other Expenses | XXX | XXX | |
| Total Expenses | XXX | XXX | |
| V Profit Before Tax (III - IV) | XXX | XXX | |
| VI Tax | XXX | XXX | |
| VII Profit After Tax (V-VI) | XXX | XXX |
🎯 Exam Tip: When providing the format, ensure to include all major components like Revenue from Operations, Other Income, various Expenses, and clearly show how Profit Before Tax and Profit After Tax are derived.
Question 4. आकस्मिक दायित्व एवं वचनबद्धताओं को समझाइए।
Answer: आकस्मिक दायित्व (Contingent Liabilities) और वचनबद्धताएँ (Commitments) दोनों ही संभावित भविष्य की वित्तीय जिम्मेदारियाँ हैं, लेकिन उनमें कुछ अंतर होता है. इन्हें इस प्रकार समझाया जा सकता है:
1. आकस्मिक दायित्व (Contingent Liabilities):
ये वे दायित्व होते हैं जो वर्तमान में निश्चित नहीं हैं, लेकिन भविष्य में किसी घटना के होने या न होने पर निर्भर करते हैं. इसका मतलब है कि यह तय नहीं है कि दायित्व उत्पन्न होगा या नहीं. आकस्मिक दायित्वों की राशि बैलेंस शीट के कुल योग में शामिल नहीं की जाती है. इसके बजाय, इनकी राशि को बैलेंस शीट के नीचे 'टिप्पणियों' में दिखाया जाता है. एक उदाहरण अदालत में विचाराधीन मुकदमा हो सकता है.
2. वचनबद्धताएँ (Commitments):
वचनबद्धताओं का अर्थ है "भविष्य में किसी निश्चित स्थिति में किसी निश्चित समय पर कोई खास काम करने का समझौता." वचनबद्धताओं को निम्न प्रकार से वर्गीकृत किया जा सकता है:
(a) उन ठेकों की अप्रयुक्त राशि जो अभी अधूरी हैं और जिनके लिए कोई प्रावधान नहीं बनाया गया है.
(b) आंशिक चुकता शेयरों पर नहीं माँगी गई कॉलों की राशि (Uncalled Liability on Partly Paid Shares). यदि किसी कंपनी ने किसी अन्य कंपनी के आंशिक चुकता शेयर निवेश के रूप में खरीदे हैं, तो इन शेयरों पर नहीं माँगी गई राशि कंपनी के लिए एक वचनबद्धता है, क्योंकि यह राशि भविष्य में चुकानी पड़ सकती है.
(c) अन्य वचनबद्धताएँ (Other Commitments), जैसे संचयी अधिमान शेयरों पर लाभांश की बकाया राशि (Arrear of Dividends on Cumulative Preference Shares).
ये वचनबद्धताएँ भविष्य में कंपनी के वित्तीय निर्णयों को प्रभावित कर सकती हैं.
🎯 Exam Tip: Clearly differentiate between contingent liabilities (uncertain future obligations not recognized in the balance sheet, but disclosed in notes) and commitments (firm agreements to perform future actions, also disclosed). Give clear examples for both.
Question 5. एक कम्पनी के स्थिति विवरण में निम्न मदों को आप किन शीर्षकों के अन्तर्गत दिखायेंगे ?
1. अंश वारण्ट के विरुद्ध प्राप्त धनराशि (Money received against share warrants),
2. भविष्य निधि के लिए आयोजन (Provision for provident fund),
3. विविध देनदार एवं प्राप्य बिल (Sundry Debtors and B/R),
4. माँग पर चुकता ऋण (Loan repayable on demand),
5. ख्याति पेटेण्ट एवं व्यापारिक चिह्न (Goodwill, Patents and Trade Marks),
6. सरकारी सहायता संचय (Government Subsidy Reserves),
7. जब्त अंश (Forfeited Shares),
8. अंश विकल्प अदत्त (Shares Options Outstanding),
9. ऋणपत्रों के शोधन पर प्रीमियम (Premium on Redemption of Debentures),
10. हिण्डालको. लि. के अंश (Shares in Hindalco. Ltd.)
Answer: निम्न मदों को स्थिति विवरण में उनके संबंधित शीर्षकों के अंतर्गत इस प्रकार दिखाया जाएगा:
| मद | मुख्य शीर्षक (Major Head) | उप-शीर्षक (Sub-Head) |
|---|---|---|
| 1. अंश वारण्ट के विरुद्ध प्राप्त धनराशि | अंशधारक निधि | |
| 2. भविष्य निधि के लिए आयोजन | गैर-चालू दायित्व | दीर्घकालीन प्रावधान |
| 3. विविध देनदार एवं प्राप्य बिल | चालू सम्पत्तियाँ | व्यापारिक प्राप्यताएँ |
| 4. माँग पर चुकता ऋण | चालू दायित्व | अल्पकालीन ऋण |
| 5. ख्याति, पेटेण्ट एवं व्यापारिक चिह्न | गैर-चालू सम्पत्तियाँ | अमूर्त सम्पत्तियाँ |
| 6. सरकारी सहायता संचय | संचय एवं आधिक्य | |
| 7. जब्त अंश | अंशधारक निधि | अंश पूँजी |
| 8. अंश विकल्प अदत्त | अंशधारक निधि | संचय एवं आधिक्य |
| 9. ऋणपत्रों के शोधन पर प्रीमियम | अंशधारक निधि | संचय एवं आधिक्य |
| 10. हिण्डालको लि. के अंश | गैर-चालू सम्पत्तियाँ | गैर-चालू विनियोग |
🎯 Exam Tip: Be precise in classifying each item. Remember that 'Money received against share warrants' is a part of shareholder's funds, and 'Forfeited Shares' are also part of Share Capital until re-issued. Also, long-term investments like 'Shares in Hindalco Ltd.' fall under non-current investments.
Question 6. एक कम्पनी के लाभ-हानि विवरण में निम्न मदों को आप किस मुख्य शीर्षक (Major Head) के अन्तर्गत दर्शाएँगे ?
1. प्राप्त किराया (Rent Received),
2. प्रोजेक्ट परामर्श से आय (Revenue from Project Consultancy),
3. संचालन क्रियाओं से आगम : वापसी (Revenue from Operations : Return),
4. व्यापारिक व्यय (Trade Expenses),
5. छुट्टियों के बदले नकद भुगतान (Leave Encashment Expenses),
6. कर वापसी (Refund of Income Tax),
7. हस्तान्तरण शुल्क (Transfer Fees),
8. विनियोगों के विक्रय से हानि (Loss on Sale of Investment),
9. अवशेष विक्रय (Sale of Scrap),
10. डिबेंचर पर ब्याज (Interest on Debentures),
11. अचल सम्पत्ति के विक्रय पर लाभ (Profit on Sale of Fixed Assets),
12. कर्मचारियों को बोनस (Bonus to Employees),
13. बिजली व्यय (Electricity Expenses),
14. ब्याज व्यय (Interest Expenses),
15. पट्टे का किराया (Lease Rent)
Answer:
| मद | मुख्य शीर्षक |
|---|---|
| 1. प्राप्त किराया (Rent Received) | अन्य आय (Other Income) |
| 2. प्रोजेक्ट परामर्श से आय (Revenue from Project Consultancy) | संचालन से आगम (Revenue from Operations) |
| 3. संचालन क्रियाओं से आगम : वापसी (Revenue from Operations : Return) | संचालन से आगम (Revenue from Operations) में से घटाया जाएगा |
| 4. व्यापारिक व्यय (Trade Expenses) | अन्य व्यय (Other Expenses) |
| 5. छुट्टियों के बदले नकद भुगतान (Leave Encashment Expenses) | कर्मचारी हित व्यय (Employee Benefit Expenses) |
| 6. कर वापसी (Refund of Income Tax) | कर व्यय (Tax Expenses) में से घटाया जाएगा |
| 7. हस्तान्तरण शुल्क (Transfer Fees) | अन्य व्यय (Other Expenses) |
| 8. विनियोगों के विक्रय से हानि (Loss on Sale of Investment) | अन्य व्यय (Other Expenses) |
| 9. अवशेष विक्रय (Sale of Scrap) | संचालन से आगम (Revenue from Operations) |
| 10. डिबेंचर पर ब्याज (Interest on Debentures) | वित्त लागत (Finance Costs) |
| 11. अचल सम्पत्ति के विक्रय पर लाभ (Profit on Sale of Fixed Assets) | अन्य आय (Other Income) |
| 12. कर्मचारियों को बोनस (Bonus to Employees) | कर्मचारी हित व्यय (Employee Benefit Expenses) |
| 13. बिजली व्यय (Electricity Expenses) | अन्य व्यय (Other Expenses) |
| 14. ब्याज व्यय (Interest Expenses) | वित्त लागत (Finance Costs) |
| 15. पट्टे का किराया (Lease Rent) | अन्य व्यय (Other Expenses) |
In simple words: लाभ-हानि विवरण में प्रत्येक खर्चे या आय को उसके प्रकार के आधार पर एक खास शीर्षक के तहत दिखाया जाता है. यह कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन को समझने में मदद करता है.
🎯 Exam Tip: लाभ-हानि विवरण की मदों को सही मुख्य शीर्षक के अंतर्गत वर्गीकृत करने के लिए प्रत्येक मद की प्रकृति और उसके कम्पनी पर पड़ने वाले प्रभाव को समझें।
Exercise 6 आंकिक प्रश्न
Question 1. निम्नलिखित सूचना से एक गैर वित्तीय कम्पनी की संचालन से आगम, अन्य आय तथा कुल आय की गणना कीजिए (From the following information's, calculate Revenue from operations, Other Income and Total Revenue of Non-financial Company:)
विक्रय की आगम (Revenue from Sales) Rs 30,00,000; विक्रय वापसी (Sales Return) Rs 6,50,000; स्क्रेप की बिक्री (Sale of Scrap) Rs 1,50,000; बैंक में जमा पर ब्याज (Interest on Bank Deposit) Rs 2,00,000; ऋणपत्रों पर अर्जित ब्याज (Interest earned on Debentures) Rs 50,000.
Answer:
| Particulars | Amount (Rs.) | Amount (Rs.) |
|---|---|---|
| 1. Revenue from Operation | ||
| Sales | 30,00,000 | |
| Less: Sales Return | (6,50,000) | 23,50,000 |
| Sale of Scrap | 1,50,000 | |
| Total Revenue from Operations | 25,00,000 | |
| 2. Other Income | ||
| Interest on Bank Deposit | 2,00,000 | |
| Interest Earned on Debenture | 50,000 | 2,50,000 |
| Total Revenue (1+2) | 27,50,000 |
In simple words: कुल आय निकालने के लिए, पहले कंपनी की मुख्य बिक्री से हुई कमाई (वापसी घटाकर) और कबाड़ बेचकर हुई कमाई को जोड़ते हैं. फिर, बैंक ब्याज और डिबेंचर ब्याज जैसी अन्य छोटी-मोटी कमाई को इसमें जोड़ दिया जाता है.
🎯 Exam Tip: गैर-वित्तीय कंपनी के लिए, संचालन से आगम में मुख्य व्यवसाय से प्राप्त राजस्व (बिक्री) और अन्य छोटी-मोटी परिचालन आय (जैसे कबाड़ की बिक्री) शामिल होती है। अन्य आय में गैर-परिचालन स्रोतों से प्राप्त आय (जैसे ब्याज) शामिल होती है।
Question 2. निम्रलिखित सूचना से रेलीगेयर लि. (एक वित्तीय कम्पनी) की संचालन से आगम्, अन्य आय तथा कुल आगम की गणना कीजिए (From the following information of Religare Ltd. (a financial company), calculate Revenue from Operations, Other Income and Total Revenue)
विनियोगों की बिक्री से लाभ (Profit on Sale of Investments) Rs 5,00,000; भवन की बिक्री के लाभ (Profit on Sale of Building) Rs 4,50,000; विविध आय (Miscellaneous Income) लाभांश प्राप्त (Dividend Received) Rs 4,00,000; ऋणों पर ब्याज (Interest on Loans) Rs 25,00,000.
Answer:
| Particulars | Amount (Rs.) | Amount (Rs.) |
|---|---|---|
| 1. Revenue from Operation | ||
| Profit on Sale of Building | 4,50,000 | |
| Sundry Income | 50,000 | |
| Dividend Received | 4,00,000 | |
| Interest on Debenture | 25,00,000 | 34,00,000 |
| 2. Other Income | ||
| Profit on Sale of Investment | 5,00,000 | 5,00,000 |
| Total Revenue (1+2) | 39,00,000 |
In simple words: एक वित्तीय कंपनी के लिए, मुख्य आय उसके वित्तीय कामकाज से आती है, जैसे ऋणों पर ब्याज. दूसरी आय में निवेश या संपत्तियों की बिक्री से होने वाला लाभ शामिल होता है. इन सबको जोड़कर कुल आय निकलती है.
🎯 Exam Tip: वित्तीय कंपनी के लिए, संचालन से आगम में निवेश और ऋणों से प्राप्त आय (जैसे ब्याज और लाभांश) शामिल होते हैं, जबकि गैर-वित्तीय कंपनी के लिए यह मुख्य रूप से बिक्री होती है।
Question 3. एक कम्पनी के तलपट से निम्नलिखित शेष लिए गये हैं (The following balances are taken from trial balance of a company 😊 IDBI से ऋण (Loan from IDBI) Rs 5,00,000; भूमि एवं भवन (Land and Building) Rs 3,70,000; संयन्त्र एवं मशीनी (Plant and Machinery) Rs 2,58,000; फर्नीचर (Furniture) Rs 45,000; विनियोग (Investments) Rs 2,47,000; लाभ हानि विवरण का नाम शेष (Dr. Balance of P & L Statement) Rs 50,000; व्यापारिक प्राप्य (Trade Receivables) Rs 2,25,000; स्कन्ध (Inventory) Rs 1,75,000; रोकड़ एवं रोकड़ तुल्य (Cash and Cash Equivalents) Rs 51,000, आपको कम्पनी अधिनियम 2013 के अनुसार चिट्टे का सम्पत्ति पक्ष तैयार करना है। You are required to draw up assets side of Balance Sheet as per companies act, 2013,
Answer:
| Particulars | Note No. | Amount (Rs.) |
|---|---|---|
| II. ASSETS | ||
| (1) Non-current Assets | ||
| (A) Fixed Assets | 01 | 6,73,000 |
| (B) Other Non-current Assets | ||
| (2) Current Assets | 02 | 6,98,000 |
| TOTAL ASSETS | 13,71,000 |
Notes to Account:
| Particulars | Amount (Rs.) | Amount (Rs.) |
|---|---|---|
| 1. Tangible Assets | ||
| Land and Building | 3,70,000 | |
| Plant and Machinery | 2,58,000 | |
| Furniture | 45,000 | 6,73,000 |
| 2. Current Assets | ||
| Investment | 2,47,000 | |
| Trade Receivables | 2,25,000 | |
| Inventory | 1,75,000 | |
| Cash and Cash Equivalents | 51,000 | 6,98,000 |
In simple words: कंपनी की संपत्तियों को दो मुख्य भागों में बांटा जाता है: गैर-चालू संपत्तियां (जो लंबे समय तक रहती हैं, जैसे जमीन और मशीनें) और चालू संपत्तियां (जो जल्दी ही नकद में बदल जाती हैं, जैसे नकदी और स्टॉक). बैलेंस शीट में इन सभी को सही ढंग से दिखाना ज़रूरी है.
🎯 Exam Tip: संपत्तियों को हमेशा उनके तरलता के क्रम में दिखाया जाता है, यानी जो सबसे पहले नकदी में बदल सकती हैं उन्हें सबसे ऊपर रखा जाता है। यह सुनिश्चित करें कि सभी संपत्तियां कंपनी अधिनियम 2013 के अनुसार सही शीर्षक के तहत वर्गीकृत हों।
Question 4. एक कम्पनी के तलपट से निम्नलिखित शेष लिये गये हैं (The following balances are taken from trial balance of a company 🙂 1,20,000 समता अंश Rs 10 वाले पूर्ण प्रदत्त Rs 12,00,000; बकाया माँग 5,000 अंशों पर Rs 2 प्रति अंश Rs 10,000; सामान्य संचय Rs 5,80,000; प्रारम्भिक व्यय से 20,000; भविष्य निधि आयोजन Rs 1,20,000; व्यापारिक देयताएँ Rs 3,00,000; बैंक से ऋण Rs 5,00,000; संदिग्ध ऋण आयोजन Rs 40,000, 1,20,000 Equity Share of Rs 10 each fully called up Rs 12,00,000; Calls-in-arrears on 5,000 shares @ Rs 2 each Rs 10,000; General Reserve Rs 5,80,000; Preliminary Expenses Rs 20,000; Provision for Provident Fund Rs 1,20,000; Trade Payable Rs 3,00,000; Loan from Bank Rs 5,00,000; Provision for Doubtful Debt Rs 40,000. आपको कम्पनी अधिनियम, 2013 के अनुसार चिट्टे का समता एवं दायित्व पक्ष तैयार करना है। You are required to prepare Equity and Liabilities side of Balance Sheet as per Companies Act, 2013.
Answer:
| Particulars | Note No. | Amount (Rs.) |
|---|---|---|
| I. EQUITY AND LIABILITIES | ||
| (1) Shareholder's Fund | ||
| (A) Share Capital | 01 | 11,90,000 |
| (B) Reserve and Surplus | 02 | 6,00,000 |
| (2) Non-current Liabilities | ||
| (A) Long-term Borrowing (Loan from Bank) | 5,00,000 | |
| (3) Current-Liabilities | ||
| (A) Trade Payable | 3,00,000 | |
| (B) Short-term Provision (Provision for Provident fund) | 1,20,000 | |
| TOTAL EQUITY AND LIABILITIES | 27,10,000 |
Notes to Account:
| Particulars | Amount (Rs.) | Amount (Rs.) |
|---|---|---|
| 1. Share Capital | ||
| 1,20,000 Equity Share @ Rs 10 fully called | 12,00,000 | |
| Less : Calls in Arrear (5,000 Equity Share @ Rs 2 each) | (10,000) | 11,90,000 |
| 2. Reserve and Surplus | ||
| General Reserve | 5,80,000 | |
| Less: Preliminary Expenses | (20,000) | 5,60,000 |
| Provision for Doubtful Debt | 40,000 | 6,00,000 |
In simple words: कंपनी की देनदारियों और मालिक की पूंजी को बैलेंस शीट के 'इक्विटी और देनदारियां' पक्ष में दिखाया जाता है. इसमें शेयर पूंजी, कंपनी के पास जमा किया गया लाभ, और दूसरों से लिए गए कर्ज शामिल होते हैं. यह दिखाता है कि कंपनी के पास पैसा कहाँ से आया.
🎯 Exam Tip: इक्विटी और देनदारियां पक्ष तैयार करते समय, शेयर पूंजी को हमेशा 'कॉल्स-इन-एरियर' (बकाया मांग) घटाकर दिखाएं, और संचय व आधिक्य में से प्रारंभिक व्यय घटाना न भूलें। सुनिश्चित करें कि सभी चालू और गैर-चालू देनदारियां सही शीर्षक के तहत वर्गीकृत हों।
Question 5. 31 मार्च 2017 को समाप्त होने वाले वर्ष से सम्बन्धित निम्न सूचनाओं से कर्मचारी हित व्यय पर लेखांकन टिप्पणी तैयार कीजिए Prepare Notes.to Accounts on Employee Benefits Expenses from the following information for the year ended 31 March, 2017:
1. Entertainment Expenses Rs 1,50,000,
2. Staff Welfare Expenses Rs 2,70,000,
3. Travelling Expenses Rs 80,000,
4. Bonus Rs 5,50,000;
5. Salaries Rs 18,70,000;
6. Wages Rs 25,20,000.
Answer:
| Particulars | Amount (Rs.) |
|---|---|
| Staff Welfare Expenses | 2,70,000 |
| Bonus | 5,50,000 |
| Salaries | 18,70,000 |
| Wages | 25,20,000 |
| Total Employee Benefits Expenses | 52,10,000 |
In simple words: कर्मचारी हित व्यय में वह सभी खर्चे शामिल होते हैं जो कंपनी अपने कर्मचारियों के लिए करती है, जैसे वेतन, बोनस और उनके कल्याण पर खर्च. मनोरंजन और यात्रा के खर्चे इसमें नहीं गिने जाते क्योंकि वे सीधे कर्मचारी लाभ से जुड़े नहीं होते.
🎯 Exam Tip: कर्मचारी हित व्यय में केवल वे खर्चे शामिल करें जो सीधे कर्मचारियों को लाभ पहुँचाते हैं, जैसे वेतन, मजदूरी, बोनस और कर्मचारी कल्याण व्यय। मनोरंजन और यात्रा व्यय जैसे खर्चे इस श्रेणी में नहीं आते।
Question 6. 31 मार्च, 2017 को समाप्त होने वाले वर्ष की सुजुकी लि. की निम्नलिखित सूचनाओं से कम्पनी का चिट्ठा बनाइये
अंश पूँजी Rs 24,00,000; आस्थगित कर देयताएँ Rs 60,000; सामान्य संचय Rs 6,00,000; लाभ-हानि विवरण का शेष (क्रेडिट) Rs 5,20,000; दर्शनीय स्थायी सम्पत्तियाँ Rs 34,60,000; व्यापारिक प्राप्यताएँ Rs 8,00,000; संदिग्ध ऋण आयोजन Rs 40,000; व्यापारिक देयताएँ Rs 3,20,000; कर आयोजन Rs 80,000; प्रस्तावित लाभांश Rs 2,40,000.
From the following information's prepare Balance Sheet of Suzuki Ltd. as at 31st March, 2017 : Share Capital Rs 24,00,000; Deferred Tax Liabilities Rs 60,000; General Reserve Rs 6,00,000; Balance of Statement of Profit & Loss (Cr.) 5,20,000; Tangible Fixed Assets Rs 34,60,000; Trade Receivables Rs 8,00,000; Provision for Doubtful Debts Rs 40,000; Trade Payables Rs 3,20,000; Provision for Tax Rs 80,000; Proposed Dividend Rs 2,40,000.
Answer:
| Particulars | Note No. | Amount (Rs.) |
|---|---|---|
| I. EQUITY AND LIABILITIES | ||
| (1) Shareholder's Fund | ||
| (A) Share Capital | 24,00,000 | |
| (B) Reserve and Surplus | 01 | 14,80,000 |
| (2) Current Liabilities | ||
| Trade Payable | 3,20,000 | |
| (3) Non-Current Liabilities (Deferred Tax Liability) | 60,000 | |
| TOTAL EQUITY AND LIABILITIES | 42,60,000 | |
| II. Assets | ||
| (1) Fixed Assets | ||
| (i) Tangible Fixed Assets | 34,60,000 | |
| (2) Current Assets | ||
| Trade Receivable | 8,00,000 | |
| TOTAL ASSETS | 42,60,000 |
Notes to Accounts:
| Particulars | Amount (Rs.) | Amount (Rs.) |
|---|---|---|
| 1. Reserve and Surplus | ||
| General Reserve | 6,00,000 | |
| Balance of Statement of P & L (Cr.) | 5,20,000 | |
| Provision for Tax | 80,000 | |
| Proposed Dividend | 2,40,000 | |
| Provision for Doubtful Debts | 40,000 | 14,80,000 |
In simple words: बैलेंस शीट एक स्नैपशॉट की तरह है जो एक निश्चित तारीख पर कंपनी की वित्तीय स्थिति को दिखाता है. इसमें कुल संपत्ति और कुल देनदारियां हमेशा बराबर होनी चाहिए. यह दिखाता है कि कंपनी के पास क्या है और वह दूसरों को क्या देना चाहती है.
🎯 Exam Tip: बैलेंस शीट हमेशा संतुलित होनी चाहिए (कुल संपत्ति = कुल इक्विटी और देनदारियां)। सभी मदों को कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुसार सही शीर्षक और उप-शीर्षक के तहत वर्गीकृत करें, और नोट्स टू अकाउंट्स को सही ढंग से तैयार करें।
Question 7. शुभम लिमिटेड की 31 मार्च, 2017 को दी गई निम्न सूचनाओं से लाभ-हानि विवरण तैयार कीजिए
विक्रय Rs 45,00,000; उपभोग की सामग्री की लागत Rs 8,00,000; स्टॉक का क्रय Rs 30,00,000; 10% ऋणपत्र (1.4.16 को जारी) Rs 2,00,000; मशीन पर हास Rs 50,000; ब्याज प्राप्त Rs 60,000; मजदूरी Rs 1,80,000; वेतन Rs 60,000; स्क्रेप की ।बिक्री के 10,000; प्रारम्भिक स्टॉक Rs 3,00,000; अन्तिम स्टॉक Rs 5,00,000.
From the following information, prepare statement of Profit & Loss of Shubham Ltd., for the year ending 31 March, 2017:
Answer:
| Particulars | Note No. | Amount (Rs.) |
|---|---|---|
| I. Revenue from Operation | 01 | 45,10,000 |
| II. Other Income (Interest Received) | 60,000 | |
| III. Total Income (I + II) | 45,70,000 | |
| IV. Expenses | ||
| Cost of Material Consumed | 8,00,000 | |
| Purchase of Stock in Trade | 02 | 28,00,000 |
| Employee's Benefit Exp. | 03 | 2,40,000 |
| Finance Cost | 20,000 | |
| Depreciation and Amortization Exp. | 50,000 | |
| Total Expenses | 39,10,000 | |
| V. Profit Before Tax (III – IV) | 6,60,000 |
Notes to Accounts:
| Particulars | Amount (Rs.) | Amount (Rs.) |
|---|---|---|
| 1. Revenue from Operation | ||
| Sales | 45,00,000 | |
| Scrap Sale | 10,000 | 45,10,000 |
| 2. Purchase of Stock in Trade | ||
| Opening Stock | 3,00,000 | |
| Add : Purchase of Stock | 30,00,000 | |
| Less : Closing Stock | (5,00,000) | 28,00,000 |
| 3. Employee Benefit Exp. | ||
| Salary | 60,000 | |
| Wages | 1,80,000 | 2,40,000 |
In simple words: लाभ-हानि विवरण एक कंपनी की एक निश्चित अवधि में हुई कमाई और खर्चों को दिखाता है. इससे पता चलता है कि कंपनी ने साल भर में कितना लाभ कमाया या कितना घाटा हुआ. यह वित्तीय प्रदर्शन को समझने में मदद करता है.
🎯 Exam Tip: लाभ-हानि विवरण तैयार करते समय, सभी आय और व्यय को सही शीर्षकों के तहत वर्गीकृत करें। बिक्री वापसी और प्रारंभिक/अंतिम स्टॉक जैसे समायोजन को ध्यान से शामिल करें ताकि 'संचालन से आगम' और 'स्टॉक का क्रय' सही ढंग से प्रदर्शित हों।
Question 8. From the following information, prepare Balance Sheet of Ganesh Ltd. as at 31 March, 2017,
Fully paid Rs 50,000 Equity Shares Rs 10 each Rs 5,00,000; Rs 25,000 8% Preference Shares Rs 10 each fully paid up Rs 2,50,000; 7% Debentures Rs 5,00,000; Trade Creditors Rs 5,72,500; Cash and Cash Equivalents Rs 1,37,500; Provision for Tax Rs 85,000; Goodwill at Cost Rs 1,25,000; Balance of Statement of Profit & Loss (Dr.) Rs 1,50,000; Provision for Doubtful Debts Rs 10,100; Tangible Fixed Assets at Cost Rs 25,00,000; Other Current Assets Rs 3,25,000; General Reserves Rs 10,25,000; Short-term Loans Rs 13,50,000; Long-term Advances Rs 1,86,000; Short-term Advances Rs 56,500; Securities Premium Rs 2,37,500; Non-Current Investments Rs 1,00,000; Current Investments Rs 12,600; Sundry Debtors Rs 6,12,500; Creditors for Expenses Rs 1,00,000; Closing Stock : Store Rs 2,00,000; and Finished Goods Rs 3,75,000 (Total Rs 5,75,000); Capital Work-in-Progress Rs 1,00,000; Accumulated Depreciation on Fixed Assets Rs 2,50,000.
Answer:
| Particulars | Note No. | Amount (Rs.) |
|---|---|---|
| I. EQUITY AND LIABILITIES | ||
| (1) Shareholder's Fund | ||
| (A) Share Capital | 01 | 7,50,000 |
| (B) Reserve and Fund | 02 | 11,12,500 |
| (2) Non-Current Liabilities | ||
| (A) Long-term Loan (Debenture) | 5,00,000 | |
| (B) Other Long-term Liabilities (Trade Liabilities) | 5,72,500 | |
| (C) Deferred Tax Liabilities | 85,000 | |
| (3) Current Liabilities | ||
| (A) Short-term Liabilities | 13,50,000 | |
| (B) Creditor | 1,00,000 | |
| (4) Short-term Provision | ||
| Provision for Doubtful Debts | 10,100 | |
| TOTAL EQUITY AND LIABILITIES | 44,80,100 | |
| II. Assets | ||
| (1) Non-Current Assets | ||
| (A) Fixed Assets | ||
| (i) Tangible Assets | 25,00,000 | |
| (ii) Intangible Assets (Goodwill) | 1,25,000 | |
| (iii) Collected Depreciation on Fixed Assets | (2,50,000) | |
| (iv) Capital Work & Progress | 1,00,000 | |
| (B) Long-term Loan and Advance | 1,86,000 | |
| (C) Non-current Investment | 1,00,000 | |
| (2) Current Assets | ||
| (A) Current Investment | 12,600 | |
| (B) Trade Receivables | 6,12,500 | |
| (C) Inventories | 5,75,000 | |
| (D) Cash and Equivalent | 1,37,500 | |
| (E) Short-term Loan and Advance | 56,500 | |
| (F) Other Current Assets | 3,25,000 | |
| TOTAL ASSETS | 44,80,100 |
Notes to Accounts:
| Particulars | Amount (Rs.) | Amount (Rs.) |
|---|---|---|
| 1. Shareholder's Fund | ||
| (A) Share Capital | ||
| 50,000 Equity Share 8% @ Rs 10 each fully paid | 5,00,000 | |
| 25,000 Preference Share 8% @ Rs 10 each fully paid | 2,50,000 | 7,50,000 |
| 2. Reserve and Surplus | ||
| General Reserve | 10,25,000 | |
| Security Premium | 2,37,500 | |
| Debit Balance of Profit and Loss | (1,50,000) | 11,12,500 |
In simple words: गणेश लिमिटेड की बैलेंस शीट कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य को दर्शाती है. इसमें शेयर पूंजी, कंपनी के लाभ और देनदारियां एक तरफ होती हैं, और दूसरी तरफ कंपनी की सभी संपत्तियां होती हैं. दोनों पक्ष हमेशा बराबर होने चाहिए.
🎯 Exam Tip: बैलेंस शीट तैयार करते समय, सभी मदों को कंपनी अधिनियम 2013 के अनुसार सही शीर्षकों और उप-शीर्षकों के तहत वर्गीकृत करें। विशेष रूप से, 'डेबिट बैलेंस ऑफ प्रॉफिट एंड लॉस' को रिजर्व और सरप्लस से घटाना चाहिए क्योंकि यह कंपनी के नुकसान को दर्शाता है।
RBSE Class 12 Accountancy Chapter 6 पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
RBSE Class 12 Accountancy Chapter 6 बहुचयनात्मक प्रश्न
Question 1. वित्तीय विवरण तैयार किये जाते हैं
(अ) व्यवसाय के प्रारम्भ के समय
(ब) लेखा वर्ष के अन्त में
(स) व्यवसाय के समापन के समय
(द) इनमें से कोई नहीं।
Answer: (ब) लेखा वर्ष के अन्त में
In simple words: वित्तीय विवरण कंपनी की आर्थिक सेहत को दिखाते हैं. इन्हें आमतौर पर लेखा वर्ष के आखिर में बनाया जाता है ताकि पूरे साल का हिसाब मिल सके.
🎯 Exam Tip: याद रखें कि वित्तीय विवरण (जैसे बैलेंस शीट और लाभ-हानि खाता) हमेशा एक निश्चित अवधि के अंत में तैयार किए जाते हैं, न कि शुरुआत में.
Question 2. वह विवरण जो कम्पनी की वित्तीय स्थिति को दर्शाता है
(अ) स्थिति विवरण
(ब) रोकड़ प्रवाह विवरण
Answer: (अ) स्थिति विवरण
In simple words: स्थिति विवरण एक खास रिपोर्ट है जो कंपनी की सभी संपत्ति और देनदारियों को एक साथ दिखाती है, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति का पता चलता है. यह एक तस्वीर की तरह होता है जो बताता है कि एक निश्चित समय पर कंपनी के पास क्या है और उस पर क्या बकाया है.
🎯 Exam Tip: याद रखें कि 'स्थिति विवरण' (Balance Sheet) ही कंपनी की वित्तीय स्थिति का मुख्य सूचक होता है, जबकि 'लाभ-हानि विवरण' प्रदर्शन और 'रोकड़ प्रवाह विवरण' नकदी गतिविधियों को दर्शाता है.
Question 4. कम्पनी के स्वामी कहलाते हैं
(अ) अंशधारी।
(ब) ऋणदाता
(स) लेनदार
(द) उपर्युक्त सभी ।
Answer: (अ) अंशधारी।
In simple words: अंशधारी वे लोग होते हैं जो कंपनी के शेयर खरीदते हैं और इस तरह वे कंपनी के मालिक बन जाते हैं. उनका कंपनी में एक हिस्सा होता है और वे उसके लाभ-हानि में भागीदार होते हैं.
🎯 Exam Tip: 'अंशधारी' (shareholders) कंपनी के वास्तविक मालिक होते हैं, जबकि 'ऋणदाता' (creditors) और 'लेनदार' (debtors) कंपनी को ऋण या सेवाएं देने वाले बाहरी पक्ष होते हैं.
Question 5. वित्तीय विवरण उपयोगी होते हैं
(अ) कर्मचारियों के लिए
(ब) प्रबन्धकों के लिए
(स) अंशधारियों के लिए
(द) सभी के लिए
Answer: (द) सभी के लिए
In simple words: वित्तीय विवरण कंपनी की जानकारी को दर्शाते हैं, जो केवल मालिकों के लिए ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों, प्रबंधकों, निवेशकों और सरकार जैसे सभी हितधारकों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं. इससे हर कोई कंपनी के बारे में सही फैसले ले पाता है.
🎯 Exam Tip: वित्तीय विवरण कई अलग-अलग उपयोगकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि वे कंपनी के प्रदर्शन और स्थिति के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं, जो निर्णय लेने के लिए आवश्यक है.
Question 6. कम्पनी की दृष्टि से वित्तीय वर्ष समाप्त होता है
(अ) 30 जून को
(ब) 30 सितम्बर को
(स) 31 दिसम्बर को
(द) 31 मार्च को
Answer: (द) 31 मार्च को
In simple words: भारत में, ज़्यादातर कंपनियों के लिए वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होकर अगले साल 31 मार्च को खत्म होता है. यह एक मानक तारीख है जिसका पालन सभी को करना होता है.
🎯 Exam Tip: भारत में कंपनी अधिनियम के तहत, वित्तीय वर्ष सामान्यतः 31 मार्च को समाप्त होता है, यह अकाउंटेंसी के प्रश्नों में एक सामान्य तथ्य है जिसे याद रखना चाहिए.
Question 7. आर्थिक चिट्टे में सामान्य संचय को किस शीर्षक के अन्तर्गत दिखाया जायेगा
(अ) अल्पकालीन आयोजन
(ब) अंश पूँजी
(स) विविध व्यय
(द) संचय एवं आधिक्य
Answer: (द) संचय एवं आधिक्य
In simple words: कंपनी अपनी कमाई का एक हिस्सा भविष्य की ज़रूरतों या अनिश्चितताओं के लिए अलग रख देती है, जिसे संचय कहते हैं. यह पैसा आर्थिक चिट्टे में 'संचय एवं आधिक्य' वाले भाग में दिखाया जाता है, जो कंपनी की इक्विटी का हिस्सा होता है.
🎯 Exam Tip: सामान्य संचय कंपनी के लाभ का वह हिस्सा होता है जिसे भविष्य के लिए बचाया जाता है, और यह 'संचय एवं आधिक्य' शीर्षक के अंतर्गत आता है जो शेयरधारकों के फंड का एक महत्वपूर्ण भाग है.
Question 9. जब लेखांकन आय कर योग्य आय से अधिक होती है तो उत्पन्न होता है
(अ) स्थगित कर दायित्व
(ब) स्थगित कर सम्पत्ति
(स) दीर्घकालीन ऋण
(द) इनमें से कोई नहीं।
Answer: (अ) स्थगित कर दायित्व
In simple words: कभी-कभी, कंपनी की किताबों में दिखने वाली आय और जिस आय पर टैक्स लगता है, उनमें अंतर होता है. अगर लेखांकन आय ज़्यादा है तो इसका मतलब है कि कंपनी को भविष्य में ज़्यादा टैक्स देना पड़ सकता है, जिसे 'स्थगित कर दायित्व' कहते हैं.
🎯 Exam Tip: स्थगित कर दायित्व तब उत्पन्न होता है जब लेखांकन लाभ (बुक प्रॉफिट) कर योग्य लाभ से अधिक होता है, जिससे भविष्य में अधिक कर भुगतान की संभावना बनती है.
Question 10. निम्न में से कौन-सा व्यय कर्मचारी हित का व्यय नहीं है
(अ) वेतन
(ब) भविष्य निधि अंशदान
(स) कारखाने की मशीन मरम्मत
(द) ग्रेच्युइटी भुगतान
Answer: (स) कारखाने की मशीन मरम्मत
In simple words: वेतन, भविष्य निधि और ग्रेच्युइटी सभी कर्मचारियों को सीधे मिलने वाले फायदे हैं. लेकिन कारखाने की मशीन की मरम्मत कंपनी के उत्पादन से जुड़ा खर्च है, जो सीधे कर्मचारी के फायदे के लिए नहीं होता, बल्कि मशीन को ठीक रखने के लिए होता है.
🎯 Exam Tip: कर्मचारी हित के व्यय वे होते हैं जो सीधे कर्मचारियों के वेतन, भत्तों या कल्याण से संबंधित होते हैं, जबकि मशीन मरम्मत जैसे व्यय परिचालन से संबंधित होते हैं.
RBSE Class 12 Accountancy Chapter 6 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. वित्तीय विवरणों से क्या आशय है ?
Answer: वित्तीय विवरण ऐसे दस्तावेज होते हैं जो एक कंपनी की वित्तीय जानकारी को दिखाते हैं. कंपनी मुख्य रूप से दो तरह के वित्तीय विवरण बनाती है, जिससे पता चलता है कि उसकी आर्थिक स्थिति कैसी है और उसने कितना लाभ या हानि कमाया है. ये विवरण वित्तीय वर्ष के अंत में तैयार किए जाते हैं.
• स्थिति विवरण
• लाभ-हानि विवरण
In simple words: वित्तीय विवरण कंपनी के कागजात होते हैं जो उसकी आर्थिक स्थिति और कमाई-खर्च का पूरा ब्योरा देते हैं, जैसे बैलेंस शीट और लाभ-हानि खाता.
🎯 Exam Tip: वित्तीय विवरणों की परिभाषा देते समय 'वित्तीय जानकारी' और 'निश्चित अवधि के अंत में तैयार' जैसे शब्दों का प्रयोग करना महत्वपूर्ण है.
Question 3. एक कम्पनी के स्थिति विवरण के सम्पत्ति भाग के प्रमुख शीर्षकों के नाम बताइए।
Answer: कंपनी के स्थिति विवरण (बैलेंस शीट) के संपत्ति वाले हिस्से में मुख्य रूप से दो बड़े शीर्षक होते हैं. ये शीर्षक कंपनी की सभी संपत्तियों को व्यवस्थित रूप से दिखाते हैं.
• Non-current Assets (गैर-चालू संपत्तियाँ)
• Current Assets (चालू संपत्तियाँ)
In simple words: कंपनी की बैलेंस शीट में संपत्ति के दो मुख्य हिस्से होते हैं: लंबी अवधि वाली गैर-चालू संपत्तियाँ और छोटी अवधि वाली चालू संपत्तियाँ.
🎯 Exam Tip: संपत्ति पक्ष के प्रमुख शीर्षकों में गैर-चालू संपत्तियाँ और चालू संपत्तियाँ शामिल होती हैं; यह विभाजन कंपनी की तरलता और दीर्घकालिक निवेश को समझने में मदद करता है.
Question 4. वित्तीय विवरणों को ऐतिहासिक प्रपत्र क्यों कहा जाता है ?
Answer: वित्तीय विवरणों को ऐतिहासिक प्रपत्र इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे कंपनी के पिछले वित्तीय प्रदर्शन और स्थिति के बारे में जानकारी देते हैं. ये विवरण बीते हुए समय की गतिविधियों पर आधारित होते हैं, जो यह बताते हैं कि कंपनी ने पहले क्या किया था. ये भविष्य के बारे में अनुमान लगाने में मदद करते हैं.
In simple words: वित्तीय विवरण पुराने रिकॉर्ड होते हैं क्योंकि वे कंपनी के बीते हुए समय के लेन-देन और नतीजों को दिखाते हैं.
🎯 Exam Tip: 'ऐतिहासिक प्रपत्र' शब्द का अर्थ है कि वित्तीय विवरण भूतकाल की जानकारी पर आधारित होते हैं, जो कंपनी के पिछले प्रदर्शन को दर्शाते हैं.
Question 5. संचालन चक्र क्या है ?
Answer: संचालन चक्र उस समय को कहते हैं जो किसी कंपनी द्वारा एक संपत्ति खरीदने से लेकर उसे नकदी में बदलने तक लगता है. इसमें माल खरीदना, उसे बनाना, बेचना और फिर ग्राहकों से पैसे इकट्ठा करना शामिल है. अगर इस चक्र की अवधि को ठीक से मापा नहीं जा सकता, तो इसे आमतौर पर 12 महीने का मान लिया जाता है.
In simple words: संचालन चक्र वह समय है जब कंपनी कोई चीज़ खरीदती है और उसे बेचकर वापस पैसा कमा लेती है; अगर इसे माप नहीं सकते, तो यह 12 महीने का होता है.
🎯 Exam Tip: संचालन चक्र की परिभाषा में 'संपत्ति के क्रय से नकदी में परिवर्तन' और '12 माह की डिफ़ॉल्ट अवधि' जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल करें.
Question 6. व्यापारिक देयता को परिभाषित कीजिए।
Answer: व्यापारिक देयताएँ वे भुगतान होते हैं जो एक व्यवसाय को अपनी सामान्य गतिविधियों के दौरान किसी से सामान खरीदने या सेवाएं लेने के बदले में करने होते हैं. ये ऐसे पैसे होते हैं जो व्यवसाय को दूसरों को देने होते हैं. इनके उदाहरणों में विविध लेनदार और देयबिल शामिल हैं.
In simple words: व्यापारिक देयताएँ वह पैसा है जो कंपनी को अपने रोजमर्रा के कारोबार में सामान या सेवाओं के बदले दूसरों को चुकाना होता है.
🎯 Exam Tip: व्यापारिक देयताओं की परिभाषा में 'सामान्य व्यावसायिक क्रियाओं' और 'सामान या सेवाओं के बदले भुगतान' जैसे मुख्य शब्दों पर जोर दें, साथ ही उदाहरण भी दें.
Question 7. लाभ-हानि विवरण किसे कहते हैं ?
Answer: लाभ-हानि विवरण एक कंपनी की वित्तीय रिपोर्ट है जो यह बताती है कि एक निश्चित समय में कंपनी ने कितना पैसा कमाया (राजस्व) और कितना खर्च किया (व्यय). इस विवरण से यह पता चलता है कि कंपनी ने उस अवधि में लाभ कमाया या हानि उठाई. यह कंपनी के काम करने के तरीके और उसके प्रदर्शन को समझने में मदद करता है.
In simple words: लाभ-हानि विवरण एक रिपोर्ट होती है जो बताती है कि कंपनी ने एक तय समय में कितना कमाया और कितना खर्च किया, और अंत में उसे कितना लाभ या हानि हुई.
🎯 Exam Tip: लाभ-हानि विवरण की परिभाषा में 'निश्चित अवधि', 'राजस्व', 'व्यय' और 'लाभ/हानि' जैसे शब्दों का उल्लेख करना अनिवार्य है.
Question 8. चालू दायित्व से क्या आशय है ?
Answer: चालू दायित्व वे देनदारियाँ होती हैं जिनका भुगतान कंपनी को अपने सामान्य व्यवसाय संचालन चक्र के भीतर या वित्तीय विवरण तैयार करने की तारीख से 12 महीने के अंदर करना होता है. ये अल्पकालिक देनदारियाँ होती हैं जो कंपनी को जल्दी चुकानी होती हैं. उदाहरण के लिए, अल्पकालिक ऋण और व्यापारिक लेनदार.
In simple words: चालू दायित्व वे पैसे होते हैं जो कंपनी को एक साल के अंदर चुकाने होते हैं, जो उसके रोजमर्रा के काम से जुड़े होते हैं.
🎯 Exam Tip: चालू दायित्वों की पहचान 'एक वर्ष या एक परिचालन चक्र के भीतर देय' होने के आधार पर की जाती है; यह कंपनी की अल्पकालिक देनदारियों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है.
Question 9. स्थिति विवरण में बकाया माँग को कैसे प्रदर्शित किया जाता है ?
Answer: स्थिति विवरण (बैलेंस शीट) में, बकाया माँग राशि को 'सब्सक्राइबड कैपिटल' (Subscribed Capital) में से घटाकर दिखाया जाता है. 'सब्सक्राइबड कैपिटल' वह पूँजी होती है जिसके लिए निवेशकों ने शेयर खरीदे हैं, लेकिन 'बकाया माँग' वह पैसा है जो अभी तक कंपनी को नहीं मिला है. इस तरह, बैलेंस शीट में सही इक्विटी मूल्य दिखता है.
In simple words: कंपनी की बैलेंस शीट में बकाया माँग को सब्सक्राइब्ड कैपिटल में से घटाकर दिखाया जाता है.
🎯 Exam Tip: बकाया माँग (Calls-in-Arrears) को हमेशा सब्सक्राइब्ड कैपिटल में से घटाकर दिखाया जाता है, यह शेयरधारकों के फंड के सही मूल्यांकन के लिए महत्वपूर्ण है.
Question 10. 'अंश आवेदन राशि जब तक आवंटन न हो' से क्या आशय है ?
Answer: 'अंश आवेदन राशि जब तक आवंटन न हो' का मतलब उस पैसे से है जो कंपनी को शेयरों के आवेदन शुल्क के रूप में मिल चुका है. लेकिन, बैलेंस शीट बनाने की तारीख तक कंपनी ने उन आवेदकों को शेयर अभी तक आवंटित नहीं किए हैं. यह राशि तब तक एक विशेष खाते में रखी जाती है जब तक शेयर आवंटित नहीं हो जाते.
In simple words: यह वह पैसा है जो कंपनी को शेयर के आवेदन के रूप में मिला है, लेकिन बैलेंस शीट बनने तक शेयर दिए नहीं गए हैं.
🎯 Exam Tip: 'अंश आवेदन राशि जब तक आवंटन न हो' एक अंतरिम आइटम है जिसे शेयर आवंटित होने तक बैलेंस शीट में अलग से दिखाया जाता है; यह इक्विटी के तहत आता है लेकिन शेयर कैपिटल नहीं होता.
RBSE Class 12 Accountancy Chapter 6 लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. कम्पनी अधिनियम, 2013 की धारा 2 (40) के अनुसार वित्तीय विवरणों में कौन-कौन से विवरण शामिल होते हैं ?
Answer: कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 2 (40) के अनुसार, वित्तीय विवरणों में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल होते हैं जो कंपनी की वित्तीय स्थिति और प्रदर्शन को दर्शाते हैं. एक कंपनी को इन सभी विवरणों को तैयार करना होता है ताकि उसकी वित्तीय जानकारी पूरी तरह से पारदर्शी रहे.
• वित्तीय वर्ष के अंत में स्थिति विवरण (Balance Sheet)
• वित्तीय वर्ष के लिए लाभ-हानि का विवरण (Statement of Profit and Loss)
• वित्तीय वर्ष के लिए रोकड़ प्रवाह विवरण (Cash Flow Statement)
• यदि लागू हो तो समता में परिवर्तनों का विवरण (Statement of Changes in Equity)
• स्पष्टीकरण नोट (Notes to Accounts)
In simple words: कंपनी कानून 2013 के हिसाब से वित्तीय विवरणों में बैलेंस शीट, लाभ-हानि स्टेटमेंट, कैश फ्लो स्टेटमेंट, इक्विटी चेंज स्टेटमेंट और नोट्स शामिल होते हैं.
🎯 Exam Tip: कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत वित्तीय विवरणों में शामिल सभी घटकों को सूचीबद्ध करते समय उनकी सही शब्दावली का उपयोग करें.
Question 2. वित्तीय विवरणों की प्रमुख विशेषताओं को बताए ।
Answer: वित्तीय विवरणों की कुछ मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं जो उन्हें महत्वपूर्ण बनाती हैं:
• ये जानकारी को पैसों के रूप में दिखाते हैं, जिससे तुलना करना आसान हो जाता है.
• ये पिछले समय के रिकॉर्ड होते हैं, क्योंकि इनमें बीते हुए समय की जानकारी होती है.
• ये कंपनी का लाभ (लाभ-हानि विवरण से) और उसकी आर्थिक स्थिति (स्थिति विवरण से) साफ-साफ बताते हैं.
• ये अलग-अलग लोगों (जैसे मालिक, निवेशक, बैंक) को कंपनी के बारे में कई तरह की ज़रूरी बातें बताते हैं, जिससे वे सही फैसले ले पाते हैं.
In simple words: वित्तीय विवरण कंपनी की पैसे से जुड़ी जानकारी को दिखाते हैं, वे पुराने आंकड़ों पर आधारित होते हैं, लाभ और स्थिति बताते हैं, और कई लोगों के लिए उपयोगी होते हैं.
🎯 Exam Tip: वित्तीय विवरणों की विशेषताओं को सूचीबद्ध करते समय, 'मौद्रिक जानकारी', 'ऐतिहासिक प्रकृति', 'लाभप्रदता और स्थिति का प्रदर्शन', और 'बहु-उपयोगकर्ता उपयोगिता' जैसे प्रमुख बिंदुओं को याद रखें.
Question 3. वित्तीय विवरणों के उद्देश्य बताइए।
Answer: वित्तीय विवरणों के कई मुख्य उद्देश्य होते हैं जो कंपनी के अंदर और बाहर के लोगों को सही निर्णय लेने में मदद करते हैं. इनके कुछ प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं:
• कंपनी की संपत्तियों और देनदारियों के बारे में पैसे से जुड़ी जानकारी देना.
• व्यवसाय की सही और पूरी आर्थिक स्थिति दिखाना.
• कंपनी से जुड़े सभी लोगों (जैसे निवेशक, बैंक, कर्मचारी) को ज़रूरी जानकारी देना.
• निवेशकों और लेनदारों को भविष्य में कंपनी के पास कितने पैसे आएंगे, इसका अंदाज़ा लगाने में मदद करना.
• भविष्य की योजनाएँ बनाने के लिए आधार प्रदान करना.
• कंपनी की कमाई की क्षमता का अनुमान लगाने और मूल्यांकन करने के लिए जानकारी देना.
• कंपनी के सामाजिक दायित्वों को पूरा करने वाली गतिविधियों की जानकारी देना.
• कंपनी ने समाज और पर्यावरण के लिए क्या काम किए हैं, यह बताना.
In simple words: वित्तीय विवरणों का लक्ष्य कंपनी की संपत्ति, देनदारी, लाभ, भविष्य की योजनाओं और सामाजिक कामों की जानकारी देना है, ताकि लोग सही फैसले ले सकें.
🎯 Exam Tip: वित्तीय विवरणों के उद्देश्यों को लिखते समय, 'सूचना प्रदान करना', 'निर्णय लेने में सहायक', 'प्रदर्शन का मूल्यांकन', और 'सामाजिक उत्तरदायित्व' जैसे प्रमुख थीमों को कवर करें.
Question 4. चालू सम्पत्ति किसे कहते हैं ?
Answer: चालू संपत्तियाँ वे संपत्तियाँ होती हैं जिन्हें कंपनी एक साल के भीतर या अपने सामान्य व्यावसायिक संचालन चक्र के भीतर नकदी में बदल सकती है. ये संपत्तियाँ कंपनी के दिन-प्रतिदिन के कामों में इस्तेमाल होती हैं और इनकी तरलता (जल्दी नकदी में बदलने की क्षमता) अधिक होती है. इनमें नकदी, बैंक में जमा पैसा, प्राप्त करने योग्य बिल, स्टॉक और देनदार जैसी चीजें शामिल होती हैं.
In simple words: चालू संपत्तियाँ वे होती हैं जिन्हें कंपनी एक साल के अंदर आसानी से कैश में बदल सकती है, जैसे कैश, बैंक बैलेंस और स्टॉक.
🎯 Exam Tip: चालू संपत्तियों की परिभाषा में 'एक वर्ष के भीतर नकदी में परिवर्तन' और उनके सामान्य उदाहरणों (जैसे नकदी, देनदार, स्टॉक) को शामिल करना महत्वपूर्ण है.
Question 5. व्यापारिक प्राप्यताओं (Trade Receivables) का अर्थ बताइए।
Answer: व्यापारिक प्राप्यताएँ (Trade Receivables) वे राशियाँ होती हैं जो एक व्यवसाय को अपने ग्राहकों से, उसके सामान्य व्यावसायिक कार्यों के तहत बेचे गए सामान या प्रदान की गई सेवाओं के बदले में मिलनी होती हैं. ये एक तरह से कंपनी के देनदार होते हैं, जिनसे भविष्य में पैसे मिलने की उम्मीद होती है. इसमें 'विविध देनदार' (Sundry Debtors) और 'प्राप्य बिल' (Bills Receivable) शामिल होते हैं.
In simple words: व्यापारिक प्राप्यताएँ वह पैसा होता है जो कंपनी को ग्राहकों से सामान बेचने या सेवा देने के बदले मिलना बाकी होता है.
🎯 Exam Tip: व्यापारिक प्राप्यताओं की परिभाषा में 'सामान्य व्यावसायिक क्रियाओं' और 'बिक्री या सेवाओं के बदले प्राप्त होने वाली राशि' पर जोर दें, और देनदार एवं प्राप्य बिल को उदाहरण के रूप में बताएं.
Question 6. स्थिति विवरण के संचय एवं आधिक्य' शीर्षक के अन्तर्गत लिखी जाने वाली चार मदें लिखिए।
Answer: स्थिति विवरण (बैलेंस शीट) में 'संचय एवं आधिक्य' शीर्षक के अंतर्गत कंपनी के संचित लाभों और आरक्षित निधियों को दिखाया जाता है. इसके अंतर्गत आने वाली चार मुख्य मदें निम्नलिखित हैं:
• सामान्य संचय (General Reserve)
• पूँजी संचय (Capital Reserve)
• प्रतिभूति प्रीमियम संचय (Securities Premium Reserve)
• लाभ-हानि विवरण का आधिक्य (Surplus in Statement of Profit and Loss)
In simple words: संचय और आधिक्य में वे पैसे आते हैं जो कंपनी ने मुनाफे से बचाए हैं, जैसे सामान्य संचय, पूँजी संचय, प्रीमियम संचय और लाभ-हानि खाते का बचा हुआ पैसा.
🎯 Exam Tip: 'संचय एवं आधिक्य' कंपनी की शेयरधारक इक्विटी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है; इसके अंतर्गत आने वाली मदें कंपनी की वित्तीय मजबूती और लाभांश वितरण क्षमता को दर्शाती हैं.
Question 7. अंश विकल्प अदत्त खाता (Share Option Outstanding Account) क्या है ? समझाइये।
Answer: 'अंश विकल्प अदत्त खाता' एक कर्मचारी लाभ योजना है जिसके तहत कंपनी अपने कर्मचारियों को यह अधिकार देती है कि वे भविष्य में एक तय समय पर, पहले से तय कीमत पर कंपनी के शेयर खरीद सकें. यह कीमत आमतौर पर बाजार मूल्य से कम होती है, जिससे कर्मचारियों को फायदा होता है. यह योजना कर्मचारियों को कंपनी में भागीदारी का अवसर देती है और उन्हें कंपनी के साथ बनाए रखने में मदद करती है.
In simple words: अंश विकल्प अदत्त खाता एक तरीका है जिससे कंपनी अपने कर्मचारियों को भविष्य में सस्ते दामों पर शेयर खरीदने का मौका देती है, ताकि वे प्रेरित रहें और कंपनी के मालिक बनें.
🎯 Exam Tip: अंश विकल्प अदत्त खाता कर्मचारी प्रतिधारण और प्रेरणा के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है; यह अक्सर बाजार मूल्य से कम दर पर शेयर खरीदने का अधिकार देता है.
Question 8. गैर-चालू सम्पत्ति शीर्षक के अन्तर्गत आने वाले पाँच उप-शीर्षकों के नाम लिखिए ।
Answer: गैर-चालू संपत्तियाँ वे संपत्तियाँ होती हैं जिन्हें कंपनी एक वर्ष से अधिक समय तक अपने पास रखती है और उनका उपयोग अपने व्यवसाय संचालन के लिए करती है. इनके अंतर्गत आने वाले पाँच मुख्य उप-शीर्षक इस प्रकार हैं:
• स्थायी संपत्तियाँ (Fixed Assets): जैसे भूमि, भवन, मशीनरी.
• गैर-चालू विनियोग (Non-current Investment): कंपनी द्वारा किए गए दीर्घकालिक निवेश.
• दीर्घकालिक ऋण और अग्रिम (Long-term Loan and Advances): कंपनी द्वारा दिए गए लंबे समय के ऋण.
• अन्य गैर-चालू संपत्तियाँ (Other Non-current Assets): वे संपत्तियाँ जो ऊपर की श्रेणियों में नहीं आतीं.
• स्थगित कर संपत्तियाँ (Deferred Tax Assets): भविष्य में करों में छूट मिलने की संभावना.
In simple words: गैर-चालू संपत्तियों में वे चीज़ें आती हैं जिन्हें कंपनी लंबे समय तक इस्तेमाल करती है, जैसे बिल्डिंग, मशीनें, लंबे समय के निवेश और दिए गए ऋण.
🎯 Exam Tip: गैर-चालू संपत्तियाँ वे संपत्तियाँ होती हैं जिनका लाभ एक वर्ष से अधिक समय तक अपेक्षित होता है, और इसमें मूर्त, अमूर्त संपत्तियाँ, दीर्घकालिक निवेश और ऋण शामिल होते हैं.
Question 9. रोकड़ तुल्य को समझाइये।
Answer: रोकड़ तुल्य (Cash Equivalents) ऐसे बहुत कम समय वाले निवेश होते हैं जिन्हें बहुत तेज़ी से नकदी में बदला जा सकता है और उनके मूल्य में बदलाव का खतरा बहुत कम होता है. ये इतने तरल होते हैं कि उन्हें लगभग नकदी के बराबर ही माना जाता है. किसी भी निवेश को 'रोकड़ तुल्य' तभी कहा जाता है जब उसे खरीदने की तारीख से उसकी परिपक्वता अवधि 3 महीने या उससे कम हो.
In simple words: रोकड़ तुल्य उन निवेशों को कहते हैं जिन्हें बहुत जल्दी और बिना नुकसान के कैश में बदल सकते हैं, और जिनकी मैच्योरिटी 3 महीने से कम होती है.
🎯 Exam Tip: रोकड़ तुल्य की मुख्य पहचान उसकी 'उच्च तरलता', 'मूल्य में नगण्य परिवर्तन का जोखिम', और '3 महीने या उससे कम की परिपक्वता अवधि' है.
RBSE Class 12 Accountancy Chapter 6 निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. वित्तीय विवरणों से क्या आशय है ? इनकी विशेषताएँ बताते हुये इनके उद्देश्य लिखिए।
Answer:
वित्तीय विवरणों से आशय एवं परिभाषा (Meaning and Definition of Financial Statements):
वित्तीय विवरण ऐसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होते हैं जो एक वित्तीय वर्ष के अंत में कंपनी की वित्तीय स्थिति और प्रदर्शन का पूरा ब्योरा देते हैं. ये आवश्यक वित्तीय जानकारी को सारगर्भित रूप से प्रस्तुत करते हैं. आर. एन. एंथोनी के अनुसार, "वित्तीय विवरण ऐसे स्टेटमेंट होते हैं जो लेखा अवधि के अंत में व्यवसाय की आर्थिक स्थिति और उसके कामकाज के नतीजों को दिखाते हैं."
वित्तीय विवरणों की विशेषताएँ (Characteristics of Financial Statement):
वित्तीय विवरणों की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. ये सभी जानकारी को पैसे के रूप में प्रस्तुत करते हैं, जिससे विश्लेषण आसान होता है.
2. ये ऐतिहासिक होते हैं क्योंकि ये पिछली अवधियों के लेनदेन और घटनाओं से संबंधित होते हैं, जो यह दर्शाते हैं कि कंपनी पहले कैसी रही है.
3. ये लाभ-हानि विवरण के माध्यम से कंपनी की लाभ कमाने की क्षमता और स्थिति विवरण (बैलेंस शीट) के माध्यम से उसकी आर्थिक स्थिति को बताते हैं.
4. ये विभिन्न उपयोगकर्ताओं (जैसे निवेशक, लेनदार, प्रबंधन) को कई प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराते हैं, जिससे वे सूचित निर्णय ले सकें.
वित्तीय विवरणों के उद्देश्य (Objectives of Financial Statement):
वित्तीय विवरणों का मुख्य लक्ष्य कंपनी की आर्थिक स्थिति, कमाई और नकदी प्रवाह के बारे में जानकारी देना है. इनके कुछ अन्य उद्देश्य इस प्रकार हैं:
1. कंपनी की संपत्तियों और देनदारियों से संबंधित वित्तीय डेटा प्रदान करना.
2. व्यवसाय की सही और निष्पक्ष वित्तीय स्थिति को दर्शाना.
3. कंपनी में रुचि रखने वाले सभी पक्षों को पर्याप्त और विश्वसनीय जानकारी देना.
4. निवेशकों और लेनदारों को भविष्य के नकदी प्रवाह का अनुमान लगाने, तुलना करने और मूल्यांकन करने के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना.
5. भविष्य की व्यावसायिक गतिविधियों की योजना बनाने के लिए एक आधार प्रस्तुत करना.
6. कंपनी की लाभ कमाने की क्षमता का अनुमान लगाने, तुलना करने और मूल्यांकन करने के लिए स्थिति विवरण, आय विवरण और वित्तीय गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत करना.
7. कंपनी की उन सभी गतिविधियों के बारे में जानकारी देना जो उसके सामाजिक उत्तरदायित्वों को पूरा करती हैं.
8. कंपनी द्वारा सामाजिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए किए गए कार्यों की जानकारी देना, जो एक जिम्मेदार व्यवसाय के रूप में उसकी छवि को मजबूत करता है.
In simple words: वित्तीय विवरण कंपनी के अंत की वित्तीय स्थिति और परिणामों को दिखाते हैं. इनकी खासियत है कि ये पैसे में जानकारी देते हैं, पुरानी बातों पर आधारित होते हैं, लाभ और स्थिति बताते हैं, और कई लोगों के लिए उपयोगी होते हैं. इनका मकसद संपत्ति, देनदारी, लाभ कमाने की क्षमता, भविष्य की योजनाएं और सामाजिक काम की जानकारी देना है.
🎯 Exam Tip: एक विस्तृत उत्तर के लिए, परिभाषा, विशेषताओं और उद्देश्यों को अलग-अलग बिंदुओं में स्पष्ट रूप से बताएं. प्रत्येक भाग के लिए महत्वपूर्ण शब्दों और अवधारणाओं का उपयोग करें.
Question 2. चिट्टे से क्या आशय है ? इसका प्रारूप दीजिये।
Answer:
चिट्टे से आशय (Meaning of Balance Sheet):
चिट्ठा, जिसे स्थिति विवरण भी कहते हैं, एक वित्तीय विवरण है जो किसी निश्चित तारीख पर एक कंपनी की संपत्तियों, देनदारियों और इक्विटी (पूँजी) की स्थिति को दिखाता है. यह एक कंपनी की वित्तीय सेहत का 'स्नैपशॉट' होता है. फ्रांसिस आर. स्टीड के अनुसार, "स्थिति विवरण किसी निश्चित समय पर चालू व्यवसाय की वित्तीय स्थिति का मानचित्र है." गुथमैन के अनुसार, "स्थिति विवरण को किसी उपक्रम को दोहरे वित्तीय चित्र के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जो कि एक ओर तो इसके प्रयोग में आने वाली संपत्तियों तथा दूसरी ओर उन संपत्तियों के स्रोतों को दर्शाता है." इन परिभाषाओं से स्पष्ट है कि चिट्ठे के दो मुख्य पक्ष होते हैं: एक पक्ष यह बताता है कि व्यवसाय में धन कहाँ से आया (स्रोतों) और दूसरा पक्ष यह बताता है कि धन का उपयोग कैसे किया गया (अनुप्रयोग). यह कंपनी की वित्तीय स्थिरता और संरचना को समझने में मदद करता है.
प्रारूप (Format):
कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुसूची III, भाग I के अनुसार एक कंपनी के चिट्ठे का प्रारूप निम्नलिखित है:
| Particulars | Note No. | reporting period | reporting period |
|---|---|---|---|
| I. EQUITY AND LIABILITIES | |||
| (1) Share holder's Funds | |||
| (a) Share capital | |||
| (b) Reserves and surplus | |||
| (c) Money received against share warrants | |||
| (2) Share application money pending allotment | |||
| (3) Non-Current Liabilities | |||
| (a) Long-term borrowings | |||
| (b) Deferred tax Liabilities (Net) | |||
| (c) Other Long-term Liabilities | |||
| (d) Long-term provisions | |||
| (4) Current Liabilities | |||
| (a) Short-term borrowings | |||
| (b) Trade Payables | |||
| (c) Other Current Liabilities | |||
| (d) Short-term Provisions | |||
| Total | |||
| II. ASSETS | |||
| (1) Non-current Assets | |||
| (a) Fixed Assets | |||
| (i) Tangible Assets | |||
| (ii) Intangible Assets | |||
| (iii) Capital Work-in-progress | |||
| (iv) Intangible Assets under Development | |||
| (b) Non-current Investments | |||
| (c) Deferred Tax Assets (Net) | |||
| (d) Long-term Loan and Advances | |||
| (e) Other Non-Current Assets | |||
| (2) Current Assets | |||
| (a) Current Investments | |||
| (b) Inventories | |||
| (c) Trade Receivables |
In simple words: चिट्ठा एक खास तारीख पर कंपनी की संपत्ति, कर्ज और खुद की पूंजी की लिस्ट है, जो बताता है कि कंपनी के पास क्या है और उस पर कितना बकाया है. इसका प्रारूप इक्विटी और देनदारियों को एक तरफ और संपत्तियों को दूसरी तरफ दिखाता है.
🎯 Exam Tip: चिट्ठे की परिभाषा के साथ उसका सही प्रारूप प्रस्तुत करना आवश्यक है; 'इक्विटी और देनदारियाँ' तथा 'संपत्तियाँ' दो मुख्य खंड होते हैं जिन्हें नोट्स के संदर्भ में दिखाना होता है.
Question 3. लाभ-हानि विवरण का अर्थ बताइये तथा इसका प्रारूप दीजिये।
Answer:
लाभ-हानि विवरण का अर्थ (Meaning of Profit and Loss Statement):
लाभ-हानि विवरण एक वित्तीय रिपोर्ट है जो एक निश्चित अवधि के लिए कंपनी के व्यावसायिक कार्यों से होने वाले लाभ या हानि को दर्शाती है. यदि आय का कुल योग खर्चों से अधिक होता है, तो लाभ होता है; और यदि खर्चों का कुल योग आय से अधिक होता है, तो हानि होती है. इसे कई अन्य नामों से भी जाना जाता है, जैसे आय या आधिक्य विवरण, आय लाभ एवं हानि विवरण, क्रियात्मक विवरण, अर्जन विवरण, आय लेखा, और आय एवं व्यय विवरण. राय ए. फाल्के के अनुसार, "आय विवरण वह विवरण है जो व्यवसाय की एक निश्चित अवधि की आय और व्यय को प्रदर्शित करता है और उसके बाद लेखांकन अवधि के लाभ और हानि की अंतिम राशि को दिखाता है." जॉन एन. मॉयर के अनुसार, "आय विवरण किसी विशेष अवधि के व्यवसाय की गतिविधियों का संक्षिप्तीकरण करता है और इन गतिविधियों के परिणामों को शुद्ध लाभ या हानि के रूप में दिखाता है." इन परिभाषाओं से स्पष्ट है कि यह विवरण व्यावसायिक खर्चों और हानियों को नाम पक्ष में और सभी आय तथा लाभों को जमा पक्ष में दिखाता है, जिसका अंतर अंत में लाभ या हानि के रूप में प्रदर्शित होता है.
प्रारूप (Format):
कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुसूची III, भाग II के अनुसार एक कंपनी के लाभ-हानि विवरण का प्रारूप निम्नलिखित है:
| Particulars | Note No. | Figures for the current reporting period | Figures for the previous reporting period |
|---|---|---|---|
| I Revenue from Operations | XXX | XXX | |
| II Other Income | XXX | XXX | |
| III Total Revenue (I + II) | XXX | XXX | |
| IV Expenses : | |||
| Cost of Material Consumed | XXX | XXX | |
| Purchases of Stock-in-Trade | XXX | XXX | |
| Changes in inventory of finished goods Work-in-Progress and Stock-in-Trade | XXX | XXX | |
| Employee Benefits Expenses | XXX | XXX | |
| Finance Costs | XXX | XXX | |
| Depreciation and Amortization Expenses | XXX | XXX | |
| Other Expenses | XXX | XXX | |
| Total Expenses | XXX | XXX | |
| V Profit Before Tax (III - IV) | XXX | XXX | |
| VI Tax | XXX | XXX | |
| VII Profit After Tax (V-VI) | XXX | XXX |
In simple words: लाभ-हानि विवरण एक रिपोर्ट है जो एक निश्चित समय में कंपनी की कमाई, खर्च और अंत में लाभ या हानि को बताती है. इसके प्रारूप में राजस्व, अन्य आय और विभिन्न खर्चों को सूचीबद्ध किया जाता है ताकि कर से पहले और बाद के लाभ की गणना की जा सके.
🎯 Exam Tip: लाभ-हानि विवरण के प्रारूप को याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर मुख्य शीर्षकों जैसे 'परिचालन से राजस्व', 'अन्य आय' और विभिन्न 'व्यय' श्रेणियों को. सुनिश्चित करें कि कुल राजस्व और कुल व्यय की गणना सही ढंग से की गई है.
Question 4. आकस्मिक दायित्व एवं वचनबद्धताओं को समझाइए।
Answer: आकस्मिक दायित्व और वचनबद्धताएँ दोनों ही कंपनी के संभावित भविष्य के भुगतानों से संबंधित होते हैं, लेकिन उनमें कुछ महत्वपूर्ण अंतर होते हैं.
1. आकस्मिक दायित्व (Contingent Liabilities):
आकस्मिक दायित्व ऐसे संभावित दायित्व होते हैं जो वर्तमान में वास्तविक दायित्व नहीं हैं. इनका होना या न होना भविष्य में किसी अनिश्चित घटना के घटने या न घटने पर निर्भर करता है. दूसरे शब्दों में, इनका भुगतान करना निश्चित नहीं होता है. आकस्मिक दायित्वों की राशि को चिट्ठे (बैलेंस शीट) के कुल योग में शामिल नहीं किया जाता है, बल्कि उन्हें नोट्स टू अकाउंट्स में अलग से दर्शाया जाता है ताकि उपयोगकर्ताओं को संभावित जोखिमों की जानकारी मिल सके.
2. वचनबद्धताएँ (Commitments):
वचनबद्धताएँ उन समझौतों या अनुबंधों को संदर्भित करती हैं जिनके तहत कंपनी भविष्य में किसी निश्चित समय पर कोई विशिष्ट कार्य करने या भुगतान करने के लिए सहमत होती है. ये भविष्य में होने वाले निश्चित भुगतान या कार्यों के वादे होते हैं. वचनबद्धताओं को विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है:
(a) ऐसे अनुबंधों की शेष राशि जो अभी पूरी नहीं हुई हैं और जिनके लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया है.
(b) आंशिक रूप से चुकता शेयरों पर नहीं माँगी गई राशि (Uncalled Liability on Partly Paid Shares): यदि कंपनी ने किसी अन्य कंपनी के आंशिक रूप से चुकता शेयर खरीदे हैं, तो इन शेयरों पर अभी तक नहीं माँगी गई राशि कंपनी के लिए एक वचनबद्धता है, क्योंकि भविष्य में यह राशि चुकानी पड़ सकती है.
(c) अन्य वचनबद्धताएँ (Other Commitments): इनमें संचयी पूर्वाधिकार शेयरों पर लाभांश की बकाया राशि शामिल हो सकती है, जो कंपनी को भविष्य में चुकानी होगी.
In simple words: आकस्मिक दायित्व ऐसे कर्ज होते हैं जो शायद भविष्य में चुकाने पड़ें, जिनकी निश्चितता नहीं होती. वहीं, वचनबद्धताएँ भविष्य में किसी निश्चित काम या भुगतान के लिए किए गए वादे होते हैं.
🎯 Exam Tip: आकस्मिक दायित्वों और वचनबद्धताओं के बीच का अंतर स्पष्ट करें: आकस्मिक दायित्व अनिश्चित होते हैं और नोट्स में दिखाए जाते हैं, जबकि वचनबद्धताएँ निश्चित होती हैं और उनके लिए प्रावधान किया जा सकता है या नोट्स में बताया जा सकता है.
Question 5. एक कम्पनी के स्थिति विवरण में निम्न मदों को आप किन शीर्षकों के अन्तर्गत दिखायेंगे ?
1. अंश वारण्ट के विरुद्ध प्राप्त धनराशि (Money received against share warrants),
2. भविष्य निधि के लिए आयोजन (Provision for provident fund),
3. विविध देनदार एवं प्राप्य बिल (Sundry Debtors and B/R),
4. माँग पर चुकता ऋण (Loan repayable on demand),
5. ख्याति पेटेण्ट एवं व्यापारिक चिह्न (Goodwill, Patents and Trade Marks),
6. सरकारी सहायता संचय (Government Subsidy Reserves),
7. जब्त अंश (Forfeited Shares),
8. अंश विकल्प अदत्त (Shares Options Outstanding),
9. ऋणपत्रों के शोधन पर प्रीमियम (Premium on Redemption of Debentures),
10. हिण्डालको. लि. के अंश (Shares in Hindalco. Ltd.)
Answer: एक कंपनी के स्थिति विवरण में विभिन्न मदों को कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुसार सही शीर्षकों और उप-शीर्षकों के तहत वर्गीकृत किया जाता है. नीचे दी गई मदों को उनके संबंधित शीर्षकों के अंतर्गत इस प्रकार दिखाया जाएगा:
| S. No. | Particulars | Major Head | Sub-Head |
|---|---|---|---|
| 1. | अंश वारण्ट के विरुद्ध प्राप्त धनराशि (Money Received against Share Warrants) | Shareholders Fund | Money received against share warrants |
| 2. | भविष्य निधि के लिये आयोजन (Provision for Provident Fund) | Non-current Liabilities | Long-term Provision |
| 3. | विविध देनदार एवं प्राप्यबिल (Sundry Debtors and Bills Receivable) | Current Assets | Trade Receivables |
| 4. | माँग पर चुकता ऋण (Loan Repayable on Demand) | Current Liabilities | Short-term Borrowings |
| 5. | ख्याति, पेटेण्ट एवं व्यापारिक चिह्न (Goodwill, Patent and Trade Mark) | Fixed Assets | Intangible Assets |
| 6. | सरकारी सहायता संचय (Government Subsidy Reserve) | Reserve & Surplus | |
| 7. | जब्त अंश (Forfeited Shares) | Shareholders Fund (Equity & Liability) | Subscribed Capital |
| 8. | अंश विकल्प अदत्त (Share Option Outstanding) | Shareholders Fund (Equity & Liability) | Reserve and Surplus |
| 9. | ऋणपत्रों के शोधन पर प्रीमियम (Premium on Redemption on Debentures) | Shareholders Fund (Equity & Liability) | Reserve and Surplus |
| 10. | हिण्डालको लि. के अंश (Share in Hindalco. Ltd.) | Non-Current Assets (Assets) | Non-Current Investment |
In simple words: कंपनी की बैलेंस शीट में हर चीज़ को सही जगह पर दिखाना ज़रूरी होता है. यह तालिका बताती है कि कौन सी मद किस मुख्य शीर्षक और उप-शीर्षक के तहत आएगी, जिससे पूरी जानकारी सही दिखे.
🎯 Exam Tip: स्थिति विवरण में मदों को सही शीर्षकों और उप-शीर्षकों के अंतर्गत वर्गीकृत करना बहुत महत्वपूर्ण है; यह कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुसूची III के अनुसार किया जाता है. प्रत्येक मद की प्रकृति को समझें.
Question 6. एक कम्पनी के लाभ-हानि विवरण में निम्न मदों को आप किस मुख्य शीर्षक (Major Head) के अन्तर्गत दर्शाएँगे ?
1. प्राप्त किराया (Rent Received),
2. प्रोजेक्ट परामर्श से आय (Revenue from Project Consultancy),
3. संचालन क्रियाओं से आगम : वापसी (Revenue from Operations : Return),
4. व्यापारिक व्यय (Trade Expenses),
5. छुट्टियों के बदले नकद भुगतान (Leave Encashment Expenses),
6. कर वापसी (Refund of Income Tax),
7. हस्तान्तरण शुल्क (Transfer Fees),
8. विनियोगों के विक्रय से हानि (Loss on Sale of Investment),
9. अवशेष विक्रय (Sale of Scrap),
15. पट्टे का किराया (Lease Rent)
Answer: एक कंपनी के लाभ-हानि विवरण में इन मदों को उनके संबंधित मुख्य शीर्षकों के अंतर्गत वर्गीकृत किया जाएगा:
1. प्राप्त किराया (Rent Received): अन्य आय (Other Income)
2. प्रोजेक्ट परामर्श से आय (Revenue from Project Consultancy): परिचालन से राजस्व (Revenue from Operations)
3. संचालन क्रियाओं से आगम : वापसी (Revenue from Operations : Return): परिचालन से राजस्व (Revenue from Operations)
4. व्यापारिक व्यय (Trade Expenses): अन्य व्यय (Other Expenses) या सामग्री लागत में शामिल (Depending on specific nature)
5. छुट्टियों के बदले नकद भुगतान (Leave Encashment Expenses): कर्मचारी लाभ व्यय (Employee Benefits Expenses)
6. कर वापसी (Refund of Income Tax): अन्य आय (Other Income) (आयकर प्रावधानों के समायोजन के रूप में)
7. हस्तान्तरण शुल्क (Transfer Fees): अन्य आय (Other Income)
8. विनियोगों के विक्रय से हानि (Loss on Sale of Investment): अन्य व्यय (Other Expenses)
9. अवशेष विक्रय (Sale of Scrap): परिचालन से राजस्व (Revenue from Operations)
15. पट्टे का किराया (Lease Rent): अन्य व्यय (Other Expenses)
In simple words: कंपनी के लाभ-हानि विवरण में, हर कमाई और खर्च को सही श्रेणी में दिखाया जाता है, जैसे किराया 'अन्य आय' में, कर्मचारियों को दिए पैसे 'कर्मचारी लाभ' में और मशीन की मरम्मत 'अन्य खर्च' में.
🎯 Exam Tip: लाभ-हानि विवरण की मदों को वर्गीकृत करते समय, यह निर्धारित करना महत्वपूर्ण है कि आय या व्यय कंपनी के मुख्य परिचालन से संबंधित है या नहीं, क्योंकि यह 'परिचालन से राजस्व' बनाम 'अन्य आय/व्यय' को निर्धारित करता है.
RBSE Class 12 Accountancy Chapter 6 आंकिक प्रश्न
Question 1. निम्नलिखित सूचना से एक गैर वित्तीय कम्पनी की संचालन से आगम, अन्य आय तथा कुल आय की गणना कीजिए (From the following information, calculate Revenue from operations, Other Income and Total Revenue of Non-financial Company:)
विक्रय की आगम (Revenue from Sales) Rs 30,00,000;
विक्रय वापसी (Sales Return) Rs 6,50,000;
स्क्रेप की बिक्री (Sale of Scrap) Rs 1,50,000;
बैंक में जमा पर ब्याज (Interest on Bank Deposit) Rs 2,00,000;
ऋणपत्रों पर अर्जित ब्याज (Interest earned on Debentures) Rs 50,000.
Answer: एक गैर-वित्तीय कंपनी के लिए संचालन से आगम, अन्य आय और कुल आय की गणना निम्नानुसार की जाती है:
| Particulars | Note No. | Amount (Rs) |
|---|---|---|
| I. Revenue from Operation | 01 | 25,00,000 |
| II. Other Income | 02 | 2,50,000 |
| III. Total Revenue (I + II) | 27,50,000 |
Notes to Accounts
| Particulars | Amount (Rs) | Amount (Rs) |
|---|---|---|
| 1. Revenue from Operation— | ||
| Sales | 30,00,000 | |
| Less—Sales Return | (6,50,000) | 23,50,000 |
| Sales of Scrap | 1,50,000 | |
| Total Revenue from Operations | 25,00,000 | |
| 2. Other Income | ||
| Interest on Bank Deposit | 2,00,000 | |
| Interest Earned on Debenture | 50,000 | |
| Total Other Income | 2,50,000 |
In simple words: संचालन से आगम निकालने के लिए कुल बिक्री में से बिक्री वापसी घटाते हैं और स्क्रैप बिक्री जोड़ते हैं. अन्य आय में बैंक ब्याज और ऋणपत्रों पर ब्याज शामिल होता है. इन दोनों को जोड़कर कुल आय मिलती है.
🎯 Exam Tip: गैर-वित्तीय कंपनी के लिए, संचालन से आगम में मुख्य व्यावसायिक गतिविधियों से आय शामिल होती है, जबकि अन्य आय में गैर-परिचालन स्रोत जैसे ब्याज और स्क्रैप बिक्री शामिल होते हैं. गणना करते समय इन दोनों को स्पष्ट रूप से अलग करें.
Question 2. निम्नलिखित सूचनाओं से रेलीगेयर लि. (एक वित्तीय कम्पनी) की संचालन से आगम्, अन्य आय तथा कुल आगम की गणना कीजिए (From the following information of Religare Ltd. (a financial company), calculate Revenue from Operations, Other Income and Total Revenue)
विनियोगों की बिक्री से लाभ (Profit on Sale of Investments) Rs 5,00,000;
भवन की बिक्री के लाभ (Profit on Sale of Building) Rs 4,50,000;
विविध आय (Miscellaneous Income) लाभांश प्राप्त (Dividend Received) Rs 4,00,000;
ऋणों पर ब्याज (Interest on Loans) Rs 25,00,000.
Answer: रेलीगेयर लिमिटेड (एक वित्तीय कंपनी) के लिए संचालन से आगम, अन्य आय और कुल आगम की गणना निम्नानुसार है:
Religare Ltd
Statement of Profit and Loss
| Particulars | Amount (Rs) |
|---|---|
| I. Revenue from Operation | |
| Profit on Sale of Investments | 5,00,000 |
| Interest on Loans | 25,00,000 |
| Total Revenue from Operations | 30,00,000 |
| II. Other Income | |
| Profit on Sale of Building | 4,50,000 |
| Sundry Income | 50,000 |
| Dividend Received | 4,00,000 |
| Interest on Debenture | 25,00,000 |
| Total Other Income | 34,00,000 |
| III. Total Revenue (I + II) | 39,00,000 |
In simple words: एक वित्तीय कंपनी के लिए, निवेश की बिक्री और ऋण पर ब्याज जैसी चीजें परिचालन आय होती हैं. भवन की बिक्री, अन्य विविध आय और लाभांश जैसे स्रोत अन्य आय होते हैं. इन सबको जोड़कर कुल आय निकलती है.
🎯 Exam Tip: वित्तीय कंपनी के लिए, 'परिचालन से राजस्व' में मुख्य वित्तीय गतिविधियों से आय शामिल होती है (जैसे ऋण पर ब्याज, निवेश की बिक्री से लाभ). गैर-वित्तीय कंपनी से यह भिन्न होता है, जहाँ बिक्री मुख्य परिचालन आय होती है. यह अंतर महत्वपूर्ण है.
Question 3. एक कम्पनी के तलपट से निम्नलिखित शेष लिए गये हैं (The following balances are taken from trial balance of a company) IDBI से ऋण (Loan from IDBI) Rs 5,00,000; भूमि एवं भवन (Land and Building) Rs 3,70,000; संयन्त्र एवं मशीनी (Plant and Machinery) Rs 2,58,000; फर्नीचर (Furniture) Rs 45,000; विनियोग (Investments) Rs 2,47,000; लाभ हानि विवरण का नाम शेष (Dr. Balance of P & L Statement) Rs 50,000; व्यापारिक प्राप्य (Trade Receivables) Rs 2,25,000; स्कन्ध (Inventory) Rs 1,75,000; रोकड़ एवं रोकड़ तुल्य (Cash and Cash Equivalents) Rs 51,000, आपको कम्पनी अधिनियम 2013 के अनुसार चिट्टे का सम्पत्ति पक्ष तैयार करना है। You are required to draw up assets side of Balance Sheet as per companies act, 2013,
Answer: कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुसार गणेश लिमिटेड का संपत्ति पक्ष निम्नानुसार तैयार किया जाएगा:
Balance Sheet
| Particulars | Note No. | Amount (Rs) |
|---|---|---|
| I. ASSETS | ||
| (1) Non-current Assets | ||
| (a) Fixed Assets | 01 | 6,73,000 |
| (b) Other Non-current Assets | 02 | 6,98,000 |
| (2) Current Assets | ||
| (a) Current Investments | ||
| (b) Inventories | ||
| (c) Trade Receivables | ||
| (d) Cash and Cash Equivalents | ||
| (e) Short-term Loan and Advances | ||
| Total | 13,71,000 |
Notes to Account:
| Particulars | Amount (Rs) | Amount (Rs) |
|---|---|---|
| 1. Tangible Assets | ||
| Land and Building | 3,70,000 | |
| Plant and Machinery | 2,58,000 | |
| Furniture | 45,000 | 6,73,000 |
| 2. Current Assets | ||
| Investment | 2,47,000 | |
| Bills Receivable | 2,25,000 | |
| Stock | 1,75,000 | |
| Cash | 51,000 | 6,98,000 |
In simple words: बैलेंस शीट के संपत्ति पक्ष को दो मुख्य भागों में बांटा जाता है: गैर-चालू संपत्तियाँ (जैसे भूमि, भवन, मशीनरी) और चालू संपत्तियाँ (जैसे रोकड़, स्टॉक, देनदार). हर संपत्ति को सही शीर्षक और उप-शीर्षक के तहत दिखाया जाता है.
🎯 Exam Tip: संपत्ति पक्ष तैयार करते समय, हमेशा पहले गैर-चालू संपत्तियों को विस्तृत करें, फिर चालू संपत्तियों को. सुनिश्चित करें कि मूर्त और अमूर्त संपत्तियों को अलग-अलग दिखाया गया है और सभी संबंधित नोट संख्याओं का उल्लेख किया गया है.
Question 4. एक कम्पनी के तलपट से निम्नलिखित शेष लिये गये हैं (The following balances are taken from trial balance of a company) 1,20,000 समता अंश Rs 10 वाले पूर्ण प्रदत्त Rs 12,00,000; बकाया माँग 5,000 अंशों पर Rs 2 प्रति अंश Rs 10,000; सामान्य संचय Rs 5,80,000; प्रारम्भिक व्यय Rs 20,000; भविष्य निधि आयोजन Rs 1,20,000; व्यापारिक देयताएँ Rs 3,00,000; बैंक से ऋण Rs 5,00,000; संदिग्ध ऋण आयोजन Rs 40,000, आपको कम्पनी अधिनियम, 2013 के अनुसार चिट्टे का समता एवं दायित्व पक्ष तैयार करना है। You are required to prepare Equity and Liabilities side of Balance Sheet as per Companies Act, 2013.
Answer: कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुसार गणेश लिमिटेड का इक्विटी और देनदारियों का पक्ष निम्नानुसार तैयार किया जाएगा:
| Particulars | Note No. | Amount (Rs) |
|---|---|---|
| I. EQUITY AND LIABILITIES | ||
| (1) Shareholder's Fund | Free study material for AccountancyRBSE Solutions Class 12 Accountancy Chapter 6 कम्पनी के वित्तीय विवरण-एक परिचयStudents can now access the RBSE Solutions for Chapter 6 कम्पनी के वित्तीय विवरण-एक परिचय prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 12 Accountancy textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest RBSE syllabus. Detailed Explanations for Chapter 6 कम्पनी के वित्तीय विवरण-एक परिचयOur expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 12 Accountancy chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 12 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these RBSE Questions and Answers your basic concepts will improve a lot. Benefits of using Accountancy Class 12 Solved PapersUsing our Accountancy solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 12 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 6 कम्पनी के वित्तीय विवरण-एक परिचय to get a complete preparation experience. FAQsWhere can I find the latest RBSE Solutions Class 12 Accountancy Chapter 6 कम्पनी के वित्तीय विवरण-एक परिचय for the 2026-27 session? The complete and updated RBSE Solutions Class 12 Accountancy Chapter 6 कम्पनी के वित्तीय विवरण-एक परिचय is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 12 Accountancy are as per latest RBSE curriculum. Are the Accountancy RBSE solutions for Class 12 updated for the new 50% competency-based exam pattern? Yes, our experts have revised the RBSE Solutions Class 12 Accountancy Chapter 6 कम्पनी के वित्तीय विवरण-एक परिचय as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Accountancy concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions. How do these Class 12 RBSE solutions help in scoring 90% plus marks? Toppers recommend using RBSE language because RBSE marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our RBSE Solutions Class 12 Accountancy Chapter 6 कम्पनी के वित्तीय विवरण-एक परिचय will help students to get full marks in the theory paper. Do you offer RBSE Solutions Class 12 Accountancy Chapter 6 कम्पनी के वित्तीय विवरण-एक परिचय in multiple languages like Hindi and English? Yes, we provide bilingual support for Class 12 Accountancy. You can access RBSE Solutions Class 12 Accountancy Chapter 6 कम्पनी के वित्तीय विवरण-एक परिचय in both English and Hindi medium. Is it possible to download the Accountancy RBSE solutions for Class 12 as a PDF? Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 12 Accountancy Chapter 6 कम्पनी के वित्तीय विवरण-एक परिचय in printable PDF format for offline study on any device. |