RBSE Solutions Class 12 Accountancy Chapter 2 नये साझेदार का प्रवेश

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Class 12 Accountancy Chapter 2 नये साझेदार का प्रवेश RBSE Solutions PDF

RBSE Class 12 Accountancy Chapter 2 पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

RBSE Class 12 Accountancy Chapter 2 बहुचयनात्मक प्रश्न

 

Question 1. अधिलाभ है
(a) सामान्य लाभ – औसत लाभ
(b) औसत लाभ – सामान्य लाभ
(c) सामान्य लाभ + औसत लाभ
(d) इनमें से कोई नहीं।
Answer: (b) औसत लाभ – सामान्य लाभ
In simple words: अधिलाभ तब होता है जब एक फर्म का औसत लाभ उसके सामान्य लाभ से अधिक होता है. यह फर्म की अतिरिक्त कमाई को दर्शाता है.

🎯 Exam Tip: अधिलाभ की गणना करते समय, सामान्य लाभ को औसत लाभ से घटाया जाता है. यह ख्याति (goodwill) के मूल्यांकन का एक महत्वपूर्ण आधार है.

 

Question 2. अ व ब बराबर के साझेदार हैं जिनकी पूँजी क्रमशः Rs 16,000 वर Rs 12,000 है, स 1/4 हिस्से के लिए प्रवेश करता है व Rs 15,000 पूँजी के लाता है तो फर्म की ख्याति का मूल्य होगा।
(a) Rs 60,000
Answer: (c)
In simple words: नए साझेदार की पूँजी के आधार पर फर्म की कुल ख्याति का मूल्यांकन किया जाता है. कुल समायोजित पूँजी और नए साझेदार की पूँजी के अनुपात के बीच का अंतर ख्याति का मूल्य दर्शाता है.

🎯 Exam Tip: जब नया साझेदार पूँजी लाता है और उसका लाभ में हिस्सा ज्ञात हो, तो कुल फर्म की ख्याति की गणना 'छिपी हुई ख्याति' विधि से की जा सकती है. यह एक महत्वपूर्ण गणना है.

 

Question 3. कुल सम्पत्तियाँ Rs 70,000, दायित्व Rs 10,000, औसत लाभ Rs 8,000, सामान्य प्रत्याय दर 10 प्रतिशत अधिलाभ की राशि होगी।
(a) Rs 1,000
(b) Rs 2,000
(c) Rs 3,000
(d) Rs 4,000.
Answer: (b) Rs 2,000
In simple words: पहले व्यवसाय की विनियोजित पूँजी ज्ञात करें. फिर सामान्य लाभ की गणना करें (विनियोजित पूँजी पर सामान्य प्रत्याय दर से). अधिलाभ औसत लाभ और सामान्य लाभ के बीच का अंतर होता है.

🎯 Exam Tip: अधिलाभ की गणना के लिए सबसे पहले विनियोजित पूँजी और उस पर अपेक्षित सामान्य लाभ को सही ढंग से निकालना महत्वपूर्ण है. गलत गणना से ख्याति का मूल्य भी गलत हो सकता है.

 

Question 4. लाभों में हिस्सा बँटाने के लिए नया साझेदार. लाता है।
(a) पूँजी
(b) ऋण
(c) ख्याति
(d) इनमें से कोई नहीं।
Answer: (c) ख्याति
In simple words: जब कोई नया साझेदार फर्म में आता है, तो वह केवल पूँजी ही नहीं, बल्कि भविष्य के लाभों में हिस्सा पाने के लिए ख्याति (goodwill) का अपना हिस्सा भी लाता है.

🎯 Exam Tip: नए साझेदार द्वारा लाई गई ख्याति की राशि को त्याग करने वाले साझेदारों में उनके त्याग अनुपात में बांटा जाता है, क्योंकि वे अपने लाभ का हिस्सा छोड़ रहे होते हैं.

 

Question 5. फर्म की सम्पत्तियों में हिस्सा पाने के लिए नया साझेदार. चुकाता
(a) पूँजी
(b) ऋण
(c) ख्याति
(d) अनुदान
Answer: (a) पूँजी
In simple words: फर्म की सम्पत्तियों में हिस्सा पाने के लिए नया साझेदार अपनी पूँजी लाता है. यह पूँजी उसकी सम्पत्ति पर दावे का आधार बनती है.

🎯 Exam Tip: पूँजी एक साझेदार द्वारा फर्म में निवेश की गई राशि होती है, जिससे उसे फर्म की सम्पत्तियों और लाभों पर अधिकार प्राप्त होता है.

 

Question 6. पुनर्मूल्यांकन खाते की प्रकृति
(a) व्यक्तिगत खाता
(b) नाममात्र का खाता
(c) वास्तविक खाता
(d) इनमें से कोई नहीं।
Answer: (b) नाममात्र का खाता
In simple words: पुनर्मूल्यांकन खाता एक नाममात्र खाता है, जिसका उपयोग सम्पत्तियों और दायित्वों के मूल्यों में बदलाव से होने वाले लाभ या हानि को रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता है.

🎯 Exam Tip: नाममात्र खातों का उपयोग आय, व्यय, लाभ और हानि को रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता है, और पुनर्मूल्यांकन खाता इसी सिद्धांत पर काम करता है.

 

Question 7. नये साझेदार के प्रवेश पर जब सम्पत्तियों वे दायित्वों का मूल्य बदलना चाहते हैं, तो बनाये जाने वाला खाता होता है
(a) पुनर्मूल्यांकन खाता
(b) वसूली खाता
(c) स्मरणार्थ पुनर्मूल्यांकन खाता
Answer: (a)
In simple words: नए साझेदार के प्रवेश पर, सम्पत्तियों और दायित्वों के मूल्यों को संशोधित करने के लिए पुनर्मूल्यांकन खाता बनाया जाता है, ताकि सही मूल्य दिखाए जा सकें.

🎯 Exam Tip: पुनर्मूल्यांकन खाते का उद्देश्य सम्पत्तियों और दायित्वों के वर्तमान मूल्यों को दर्शाना और पुनर्मूल्यांकन से होने वाले लाभ या हानि को पुराने साझेदारों के बीच बांटना है.

 

Question 9. ख्याति का स्वभाव होता है
(a) बिल्ली के स्वभाव वाली
(b) कुत्ते के स्वभाव वाली
(c) चूहे के स्वभाव वाली
(d) उपर्युक्त सभी ।
Answer: (d) उपर्युक्त सभी
In simple words: ख्याति को समझने के लिए अलग-अलग तरह के स्वभाव बताए गए हैं, जैसे बिल्ली, कुत्ता, और चूहे के स्वभाव वाली ख्याति, जो दर्शाते हैं कि ग्राहक कैसे फर्म के प्रति वफादार रहते हैं.

🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार की ख्याति का स्वभाव फर्म के ग्राहकों की वफादारी और उनके व्यवहार पर निर्भर करता है, जो ख्याति के मूल्यांकन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

 

Question 10. A व B एक फर्म में 2:1 के अनुपात में साझेदार हैं। वे C को 1/3 हिस्से के लिए प्रवेश देते हैं तो उनको त्याग अनुपात होगा
(a) 2:3
(b) 1:2
(c) 2:1
(d) 1:1.
Answer: (c) 2:1
In simple words: जब कोई नया साझेदार आता है और पुराना लाभ विभाजन अनुपात अपरिवर्तित रहता है, तो पुराने साझेदारों का त्याग अनुपात आमतौर पर उनके पुराने लाभ विभाजन अनुपात के समान ही होता है.

🎯 Exam Tip: नए साझेदार के प्रवेश पर यदि त्याग अनुपात के बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं दी गई है, तो यह मान लिया जाता है कि पुराने साझेदार अपने पुराने लाभ विभाजन अनुपात में ही त्याग करेंगे.

RBSE Class 12 Accountancy Chapter 2 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. ख्याति की रकम नकद लाने पर पुराने साझेदारों में किस अनुपात में बाँटी जाती है ?
Answer: ख्याति की रकम नकद लाने पर पुराने साझेदारों में उनके त्याग अनुपात (Sacrificing Ratio) में बाँटी जाती है.
In simple words: जब कोई नया साझेदार आता है और ख्याति के पैसे नकद लाता है, तो पुराने साझेदारों को यह पैसा उनके त्याग अनुपात में मिलता है. यह इसलिए होता है क्योंकि उन्होंने नए साझेदार के लिए अपने लाभ का हिस्सा छोड़ दिया है.

🎯 Exam Tip: ख्याति का यह वितरण त्याग करने वाले साझेदारों को उनके लाभ के हिस्से के नुकसान की भरपाई करता है.

 

Question 2. अधिलाभ की गणना वास्तविक औसत लाभ में से सामान्य लाभ को घटाकर की जाती है जबकि औसत लाभ की गणना पिछले कुछ वर्षों के लाभों (हानि के सहित) का औसत निकालकर की जाती है।
Answer: यह कथन अधिलाभ (Super Profit) और औसत लाभ (Average Profit) की गणना के तरीकों को सही ढंग से बताता है. अधिलाभ वह अतिरिक्त लाभ है जो एक फर्म अपने सामान्य लाभ से ऊपर कमाती है, और औसत लाभ पिछले वर्षों के लाभ और हानियों का सामान्य औसत होता है.
In simple words: अधिलाभ तब निकलता है जब औसत कमाई सामान्य कमाई से ज्यादा हो. औसत कमाई कुछ सालों की कमाई का जोड़कर उसे सालों की संख्या से भाग देने पर मिलती है.

🎯 Exam Tip: अधिलाभ विधि से ख्याति का मूल्यांकन करते समय, लाभों में कोई असामान्य मदें (जैसे असामान्य लाभ या हानि) हों तो उन्हें समायोजित करना महत्वपूर्ण है.

 

Question 3. साझेदारी फर्म के पुनर्गठन से क्या अभिप्राय है ?
Answer: साझेदारों के मध्य विद्यमान अनुबन्ध में किसी प्रकार का परिवर्तन करना ही साझेदारी फर्म का पुनर्गठन कहलाता है.
In simple words: जब साझेदारों के बीच के पुराने समझौते में कोई बदलाव होता है, तो उसे साझेदारी फर्म का पुनर्गठन कहते हैं.

🎯 Exam Tip: पुनर्गठन के कई कारण हो सकते हैं, जैसे नए साझेदार का प्रवेश, किसी साझेदार का अवकाश ग्रहण, या लाभ विभाजन अनुपात में परिवर्तन.

 

Question 4. पुनर्मूल्यांकन खाते की प्रकृति क्या है ?
Answer: पुनर्मूल्यांकन खाते की प्रकृति अवास्तविक खाते की होती है.
In simple words: पुनर्मूल्यांकन खाता एक नाममात्र खाता होता है. यह आय और व्यय को रिकॉर्ड करता है.

🎯 Exam Tip: पुनर्मूल्यांकन खाता सम्पत्तियों और दायित्वों के पुनर्मूल्यांकन से होने वाले लाभ या हानि को दर्शाता है.

 

Question 5. एक फर्म में A व B साझेदार हैं जो 3:2 के अनुपात में लाभ विभाजन करते हैं। C लाभों में 20% हिस्से के लिए प्रवेश करता है तो नया लाभ विभाजन अनुपात व त्याग अनुपात क्या होगा ?
A and B are partners in a firm, sharing profits in the ratio of 3:2. C is admitted for 20% share in profits of the firm. Calculate New Profit Sharing Ratio & Sacrificing Ratio.
Answer:
माना फर्म का कुल लाभ = 1
C का हिस्सा = 20% या \( \frac{20}{100} = \frac{1}{5} \)
शेष लाभ \( = 1 - \frac{1}{5} = \frac{4}{5} \)
A का नया हिस्सा \( = \frac{3}{5} \times \frac{4}{5} = \frac{12}{25} \)
B का नया हिस्सा \( = \frac{2}{5} \times \frac{4}{5} = \frac{8}{25} \)
C का हिस्सा \( = \frac{1}{5} = \frac{5}{25} \)
नया लाभ विभाजन अनुपात = \( \frac{12}{25} : \frac{8}{25} : \frac{5}{25} = 12:8:5 \)

त्याग अनुपात की गणना:
पुराना अनुपात - नया अनुपात = त्याग अनुपात
A का त्याग \( = \frac{3}{5} - \frac{12}{25} = \frac{15 - 12}{25} = \frac{3}{25} \)
B का त्याग \( = \frac{2}{5} - \frac{8}{25} = \frac{10 - 8}{25} = \frac{2}{25} \)
त्याग अनुपात = \( \frac{3}{25} : \frac{2}{25} = 3:2 \)
In simple words: पहले C के हिस्से के बाद बचे हुए लाभ को पुराने साझेदारों के पुराने अनुपात में बांटकर नया अनुपात निकालते हैं. फिर पुराने अनुपात से नया अनुपात घटाकर त्याग अनुपात निकाला जाता है.

🎯 Exam Tip: नए साझेदार के प्रवेश पर नए लाभ विभाजन अनुपात और त्याग अनुपात की गणना एक महत्वपूर्ण कदम है, खासकर जब नया साझेदार अपने हिस्से के लाभ के लिए कोई विशेष शर्त नहीं रखता है.

 

Question 6. A, B C एक फर्म में साझेदार हैं जो 5:3:2 के अनुपात में लाभ विभाजन करते हैं। D लाभ में 1/5 हिस्से के लिए प्रवेश करता है। नया लाभ विभाजन अनुपात के त्याग अनुपात करो।
A, B & C are partners in a firm, sharing profits in the ratio of 5 : 3:2. D is admitted for 1/5th share in profits of the firm. Calculate New Profit Sharing Ratio & Sacrificing Ratio.
Answer:
D का हिस्सा \( = \frac{1}{5} \)
शेष लाभ \( = 1 - \frac{1}{5} = \frac{4}{5} \)
पुराना अनुपात \( = 5:3:2 \)
कुल हिस्सा \( = 5+3+2 = 10 \)
A का नया हिस्सा \( = \frac{5}{10} \times \frac{4}{5} = \frac{20}{50} = \frac{2}{5} = \frac{10}{25} \)
B का नया हिस्सा \( = \frac{3}{10} \times \frac{4}{5} = \frac{12}{50} = \frac{6}{25} \)
C का नया हिस्सा \( = \frac{2}{10} \times \frac{4}{5} = \frac{8}{50} = \frac{4}{25} \)
D का नया हिस्सा \( = \frac{1}{5} = \frac{5}{25} \)
नया लाभ विभाजन अनुपात \( = \frac{10}{25} : \frac{6}{25} : \frac{4}{25} : \frac{5}{25} = 10:6:4:5 \)

त्याग अनुपात की गणना:
पुराना लाभ विभाजन अनुपात - नया लाभ विभाजन अनुपात = त्याग अनुपात
A का त्याग \( = \frac{5}{10} - \frac{10}{25} = \frac{25 - 20}{50} = \frac{5}{50} \)
B का त्याग \( = \frac{3}{10} - \frac{6}{25} = \frac{15 - 12}{50} = \frac{3}{50} \)
C का त्याग \( = \frac{2}{10} - \frac{4}{25} = \frac{10 - 8}{50} = \frac{2}{50} \)
त्याग अनुपात \( = 5:3:2 \)
In simple words: पहले D के हिस्से के बाद बचे लाभ को पुराने साझेदारों के पुराने अनुपात में बांटकर उनका नया हिस्सा निकालते हैं. फिर सभी साझेदारों के नए हिस्से को मिलाकर नया लाभ विभाजन अनुपात ज्ञात करते हैं. त्याग अनुपात पुराने और नए लाभ अनुपात के अंतर से मिलता है.

🎯 Exam Tip: यह गणना तब की जाती है जब नया साझेदार अपने हिस्से के लिए कोई विशेष शर्त नहीं रखता, और पुराना अनुपात ही त्याग अनुपात बन जाता है. सभी अनुपातों को एक समान हर पर लाना सुनिश्चित करें.

 

Question 7. A, B व C एक फर्म में साझेदार हैं जिनका लाभ विभाजन अनुपात: \( \frac{3}{6}:\frac{2}{6}:\frac{1}{6} \) है। D लाभ में 1/6 हिस्से के लिए प्रवेश करता है। नया लाभ विभाजन अनुपात व त्याग अनुपात ज्ञात करो।
A, B & C are partners in a firm sharing profits in the ratio of 3/6: 2/6 : 1/6. D is admitted for 1/6th share in profits of the firm. Calculate New Profit Sharing Ratio & Sacrificing Ratio.
Answer:
D का हिस्सा \( = \frac{1}{6} \)
शेष लाभ \( = 1 - \frac{1}{6} = \frac{5}{6} \)
A का नया हिस्सा \( = \frac{3}{6} \times \frac{5}{6} = \frac{15}{36} \)
B का नया हिस्सा \( = \frac{2}{6} \times \frac{5}{6} = \frac{10}{36} \)
C का नया हिस्सा \( = \frac{1}{6} \times \frac{5}{6} = \frac{5}{36} \)
D का नया हिस्सा \( = \frac{1}{6} = \frac{6}{36} \)
नया लाभ विभाजन अनुपात \( = \frac{15}{36} : \frac{10}{36} : \frac{5}{36} : \frac{6}{36} = 15:10:5:6 \)

त्याग अनुपात की गणना:
त्याग अनुपात = पुराना लाभ विभाजन अनुपात - नया लाभ विभाजन अनुपात
A का त्याग \( = \frac{3}{6} - \frac{15}{36} = \frac{18 - 15}{36} = \frac{3}{36} \)
B का त्याग \( = \frac{2}{6} - \frac{10}{36} = \frac{12 - 10}{36} = \frac{2}{36} \)
C का त्याग \( = \frac{1}{6} - \frac{5}{36} = \frac{6 - 5}{36} = \frac{1}{36} \)
त्याग अनुपात \( = 3:2:1 \)
In simple words: पहले नए साझेदार के हिस्से के बाद बचे लाभ को पुराने साझेदारों के पुराने अनुपात में बांटकर उनका नया हिस्सा निकालते हैं. फिर सभी के नए हिस्से को मिलाकर नया लाभ विभाजन अनुपात ज्ञात करते हैं. त्याग अनुपात पुराने और नए लाभ अनुपात का अंतर होता है.

🎯 Exam Tip: जब नया साझेदार आता है और पुराना अनुपात ही त्याग अनुपात होता है (यदि कोई विशेष शर्त नहीं है), तो गणना आसान हो जाती है. सभी अनुपातों को एक ही हर पर लाना सुनिश्चित करें.

 

Question 8. A व B एक फर्म में साझेदार हैं। C को लाभ में 1/4 हिस्से के लिए प्रवेश देते हैं। नया लाभ विभाजन अनुपात व त्याग अनुपात ज्ञात करो।
A and B are partners in a firm, sharing profits in the firm C is admitted for 1/4th share in profits of the firm. Calculate New Profit Sharing Ratio & Sacrificing ratio.
Answer:
माना फर्म का कुल लाभ = 1
C का हिस्सा \( = \frac{1}{4} \)
शेष लाभ \( = 1 - \frac{1}{4} = \frac{3}{4} \)
A और B का पुराना अनुपात \( = 1:1 \) (क्योंकि कोई अनुपात नहीं दिया है)
A का नया हिस्सा \( = \frac{1}{2} \times \frac{3}{4} = \frac{3}{8} \)
B का नया हिस्सा \( = \frac{1}{2} \times \frac{3}{4} = \frac{3}{8} \)
C का नया हिस्सा \( = \frac{1}{4} = \frac{2}{8} \)
नया लाभ विभाजन अनुपात \( = \frac{3}{8} : \frac{3}{8} : \frac{2}{8} = 3:3:2 \)

त्याग अनुपात की गणना:
A का त्याग \( = \frac{1}{2} - \frac{3}{8} = \frac{4 - 3}{8} = \frac{1}{8} \)
B का त्याग \( = \frac{1}{2} - \frac{3}{8} = \frac{4 - 3}{8} = \frac{1}{8} \)
त्याग अनुपात \( = \frac{1}{8} : \frac{1}{8} = 1:1 \)
In simple words: पहले कुल लाभ में से C का हिस्सा घटाकर बचा हुआ लाभ निकालते हैं. फिर इस बचे हुए लाभ को A और B में बराबर-बराबर बांटते हैं क्योंकि उनका पुराना अनुपात नहीं दिया था. यह उनका नया लाभ हिस्सा बन जाता है. C के हिस्से को भी नए अनुपात में बदल लेते हैं. त्याग अनुपात पुराने और नए हिस्से के बीच का अंतर होता है.

🎯 Exam Tip: जब पुराने साझेदारों का लाभ विभाजन अनुपात नहीं दिया गया हो, तो यह मान लिया जाता है कि वे बराबर अनुपात में लाभ बांटते थे. नए साझेदार के प्रवेश पर त्याग अनुपात अक्सर पुराने लाभ विभाजन अनुपात के समान ही होता है.

 

Question 9. A व B एक फर्म में साझेदार हैं जो 2 : 1 के अनुपात में लाभ विभाजन करते हैं । C को लाभों में 1/4 हिस्से के लिए प्रवेश देते हैं।C के प्रवेश के बाद D को लाभों में 10% हिस्से के लिए प्रवेश देते हैं। D के प्रवेश के बाद नया लाभ विभाजन अनुपात ज्ञात करो।
A and B are partners in a firm, sharing profits in the ratio of 2 : 1. C is admitted for 1/4th share in profits of the firm. After admission of C, D is admitted for 10% share in profits of the firm. Find New Profit Sharing Ratio after admission of D.
Answer:
C के प्रवेश पर नया अनुपात:
C का हिस्सा \( = \frac{1}{4} \)
शेष लाभ \( = 1 - \frac{1}{4} = \frac{3}{4} \)
A का नया हिस्सा \( = \frac{2}{3} \times \frac{3}{4} = \frac{6}{12} = \frac{1}{2} \)
B का नया हिस्सा \( = \frac{1}{3} \times \frac{3}{4} = \frac{3}{12} = \frac{1}{4} \)
C का हिस्सा \( = \frac{1}{4} \)
C के प्रवेश के बाद नया अनुपात (A, B, C) \( = \frac{1}{2} : \frac{1}{4} : \frac{1}{4} = 2:1:1 \)

D के प्रवेश पर नया अनुपात:
D का हिस्सा \( = 10\% = \frac{10}{100} = \frac{1}{10} \)
D के प्रवेश के बाद शेष लाभ \( = 1 - \frac{1}{10} = \frac{9}{10} \)
A का हिस्सा \( = \frac{2}{4} \times \frac{9}{10} = \frac{18}{40} \)
B का हिस्सा \( = \frac{1}{4} \times \frac{9}{10} = \frac{9}{40} \)
C का हिस्सा \( = \frac{1}{4} \times \frac{9}{10} = \frac{9}{40} \)
D का हिस्सा \( = \frac{1}{10} = \frac{4}{40} \)
नया लाभ विभाजन अनुपात (A, B, C, D) \( = \frac{18}{40} : \frac{9}{40} : \frac{9}{40} : \frac{4}{40} = 18:9:9:4 \)
In simple words: पहले C के आने पर नया लाभ अनुपात निकालते हैं. फिर D के आने पर (बचे हुए लाभ को A, B, C के नए अनुपात में बांटकर) सभी साझेदारों का अंतिम लाभ अनुपात ज्ञात करते हैं. यह एक-एक करके नए साझेदारों को शामिल करने की प्रक्रिया है.

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, प्रत्येक नए साझेदार के प्रवेश के बाद बचे हुए लाभ को पुराने साझेदारों के बीच उनके संबंधित अनुपात में बांटना सुनिश्चित करें. यह एक चरण-दर-चरण प्रक्रिया है.

 

Question 10. A एक फर्म में साझेदार हैं जो 3: 2 के अनुपात में लाभ विभाजन करते हैं। C लाभों में 1/5 हिस्से के लिए प्रवेश करता है। C को लाभों में 1/5 हिस्से के लिए प्रवेश करता है। C अपना पूरा हिस्सा A से प्राप्त करता है। नया लाभ विभाजन अनुपात व त्याग अनुपात ज्ञात करो।
Answer:
C का लाभ \( = \frac{1}{5} \)
C अपना पूरा हिस्सा A से प्राप्त करता है.
A का त्याग \( = \frac{1}{5} \)
A का नया लाभ विभाजन अनुपात \( = \frac{3}{5} - \frac{1}{5} = \frac{2}{5} \)
B का नया लाभ विभाजन अनुपात \( = \frac{2}{5} \)
C का लाभ विभाजन अनुपात \( = \frac{1}{5} \)
नया लाभ विभाजन अनुपात (A, B, C) \( = \frac{2}{5} : \frac{2}{5} : \frac{1}{5} = 2:2:1 \)

त्याग अनुपात की गणना:
यहां केवल A ही त्याग कर रहा है, इसलिए त्याग अनुपात \( = 1:0 \)
In simple words: जब नया साझेदार अपना सारा हिस्सा केवल एक पुराने साझेदार से लेता है, तो उस पुराने साझेदार का हिस्सा नए साझेदार के हिस्से जितना कम हो जाता है. दूसरा साझेदार कुछ भी नहीं छोड़ता, इसलिए त्याग अनुपात केवल पहले साझेदार का होता है.

🎯 Exam Tip: इस तरह के मामलों में, केवल वही साझेदार त्याग करेगा जिससे नया साझेदार अपना हिस्सा प्राप्त कर रहा है. दूसरे साझेदारों का हिस्सा अपरिवर्तित रहेगा.

 

Question 11. A, B, C एक फर्म में साझेदार हैं जो 3:2:1 के अनुपात में लाभ विभाजन करते हैं। D लाभ में 1/6 भाग के लिए प्रवेश करता है। यह अपना हिस्सा A, B, C से बराबर-बराबर प्राप्त करता है। नया लाभ विभाजन अनुपात ज्ञात करो।
A, B and C are partners in a firm, sharing profits in the ratio of 3:2:1.D is admitted for 1/6th share in profits of the firm which he acquired in equal proportions from A, B & C. Calculate New Profit Sharing Ratio.
Answer:
D का लाभ में हिस्सा \( = \frac{1}{6} \)
D अपना हिस्सा A, B, C से बराबर-बराबर प्राप्त करता है.
प्रत्येक साझेदार द्वारा त्याग \( = \frac{1}{6} \times \frac{1}{3} = \frac{1}{18} \)
पुराना अनुपात \( = 3:2:1 \)
कुल हिस्सा \( = 3+2+1 = 6 \)
A का नया लाभ \( = \frac{3}{6} - \frac{1}{18} = \frac{9 - 1}{18} = \frac{8}{18} \)
B का नया लाभ \( = \frac{2}{6} - \frac{1}{18} = \frac{6 - 1}{18} = \frac{5}{18} \)
C का नया लाभ \( = \frac{1}{6} - \frac{1}{18} = \frac{3 - 1}{18} = \frac{2}{18} \)
D का लाभ \( = \frac{1}{6} = \frac{3}{18} \)
नया लाभ विभाजन अनुपात (A, B, C, D) \( = \frac{8}{18} : \frac{5}{18} : \frac{2}{18} : \frac{3}{18} = 8:5:2:3 \)
In simple words: पहले D के हिस्से को सभी पुराने साझेदारों में बराबर बांटते हैं, यह उनका त्याग बन जाता है. फिर पुराने अनुपात में से त्याग घटाकर नया लाभ अनुपात निकालते हैं. D के हिस्से को भी नए अनुपात में बदलकर सभी का अंतिम अनुपात ज्ञात करते हैं.

🎯 Exam Tip: जब नया साझेदार अपना हिस्सा पुराने साझेदारों से बराबर अनुपात में लेता है, तो प्रत्येक पुराने साझेदार के हिस्से में समान कमी आती है. गणना में हर को समान रखना महत्वपूर्ण है.

 

Question 12. A व B 3: 2 के अनुपात में लाभ विभाजन करते हुए साझेदार हैं। C लाभ में 1/4 हिस्से के लिए प्रवेश करता है। C अपना हिस्सा A व B से 2:3 के अनुपात में प्राप्त करता है। नया लाभ विभाजन अनुपात ज्ञात करो।
Answer:
C का लाभ में हिस्सा \( = \frac{1}{4} \)
C अपना हिस्सा A व B से \( 2:3 \) के अनुपात में प्राप्त करता है.
A द्वारा त्याग \( = \frac{1}{4} \times \frac{2}{5} = \frac{2}{20} = \frac{1}{10} \)
B द्वारा त्याग \( = \frac{1}{4} \times \frac{3}{5} = \frac{3}{20} \)
पुराना अनुपात \( = 3:2 \)
कुल हिस्सा \( = 3+2 = 5 \)
A का नया हिस्सा \( = \frac{3}{5} - \frac{1}{10} = \frac{6 - 1}{10} = \frac{5}{10} \)
B का नया हिस्सा \( = \frac{2}{5} - \frac{3}{20} = \frac{8 - 3}{20} = \frac{5}{20} \)
C का हिस्सा \( = \frac{1}{4} = \frac{5}{20} \)
नया लाभ विभाजन अनुपात (A, B, C) \( = \frac{5}{10} : \frac{5}{20} : \frac{5}{20} = \frac{10}{20} : \frac{5}{20} : \frac{5}{20} = 2:1:1 \)
In simple words: पहले C के हिस्से को A और B के त्याग अनुपात में बांटकर प्रत्येक साझेदार का त्याग निकालते हैं. फिर पुराने लाभ हिस्से में से यह त्याग घटाकर नया लाभ अनुपात ज्ञात करते हैं.

🎯 Exam Tip: जब नया साझेदार अपना हिस्सा पुराने साझेदारों से एक विशिष्ट मात्रा में प्राप्त करता है, तो त्याग की गणना सावधानी से करनी चाहिए और फिर प्रत्येक पुराने साझेदार के हिस्से में से यह त्याग घटाना चाहिए.

 

Question 13. A व B एक फर्म में साझेदार हैं जो 3:2 के अनुपात में लाभ विभाजन करते हैं। वे C को लाभ में 1/5 हिस्से के लिए प्रवेश देते हैं। C अपना पूरा हिस्सा B से प्राप्त करता है। नया लाभ विभाजन अनुपात ज्ञात करो।
A and B are partners in a firm, sharing profits in the ratio of 3 : 2. C is admitted for 1/5th share in profits of the firm which he acquired entirely from B. Calculate new Profit Sharing Ratio.
Answer:
C का लाभ में हिस्सा \( = \frac{1}{5} \)
C अपना पूरा हिस्सा B से प्राप्त करता है.
A का हिस्सा \( = \frac{3}{5} \) (अपरिवर्तित रहेगा)
B का नया हिस्सा \( = \frac{2}{5} - \frac{1}{5} = \frac{1}{5} \)
C का हिस्सा \( = \frac{1}{5} \)
नया लाभ विभाजन अनुपात (A, B, C) \( = \frac{3}{5} : \frac{1}{5} : \frac{1}{5} = 3:1:1 \)
In simple words: चूंकि C अपना सारा हिस्सा केवल B से ले रहा है, तो A का हिस्सा वही रहेगा. B के हिस्से में से C का हिस्सा घटाया जाएगा. फिर A, B और C के नए हिस्सों को मिलाकर नया लाभ विभाजन अनुपात बन जाएगा.

🎯 Exam Tip: जब नया साझेदार अपना पूरा हिस्सा केवल एक साझेदार से प्राप्त करता है, तो केवल उस साझेदार के लाभ के हिस्से में कमी आती है, जबकि अन्य साझेदारों के हिस्से में कोई बदलाव नहीं होता है.

 

Question 14. A व B एक फर्म में साझेदार हैं जो 7:5 के अनुपात में लाभ विभाजन करते हैं। C को लाभ में 1/6 हिस्से के लिए प्रवेश देते हैं। C 1/24 हिस्सा A से व 1/8 हिस्सा B से प्राप्त करता है। नया लाभ विभाजन अनुपात व त्याग अनुपात ज्ञात करो।
A and B are partners in a firm, sharing profits in the ratio of 7:5. C is admitted for 1/6th share in profits of the firm. C acquires 1/24 from A and 1/8 from B. Calculate New Profit Sharing Ratio & Sacrificing Ratio.
Answer:
A का त्याग \( = \frac{1}{24} \)
B का त्याग \( = \frac{1}{8} = \frac{3}{24} \)
कुल त्याग \( = \frac{1}{24} + \frac{3}{24} = \frac{4}{24} = \frac{1}{6} \) (जो C का हिस्सा है)
त्याग अनुपात (A : B) \( = \frac{1}{24} : \frac{3}{24} = 1:3 \)
पुराना अनुपात (A : B) \( = 7:5 \)
कुल हिस्सा \( = 7+5 = 12 \)
A का नया लाभ \( = \frac{7}{12} - \frac{1}{24} = \frac{14 - 1}{24} = \frac{13}{24} \)
B का नया लाभ \( = \frac{5}{12} - \frac{3}{24} = \frac{10 - 3}{24} = \frac{7}{24} \)
C का हिस्सा \( = \frac{1}{6} = \frac{4}{24} \)
नया लाभ विभाजन अनुपात (A, B, C) \( = \frac{13}{24} : \frac{7}{24} : \frac{4}{24} = 13:7:4 \)
In simple words: पहले यह देखते हैं कि C अपना हिस्सा A और B से कितना-कितना लेता है, यही उनका त्याग है. फिर पुराने लाभ हिस्से में से यह त्याग घटाकर नया लाभ हिस्सा निकालते हैं. तीनों साझेदारों के नए लाभ हिस्से को मिलाकर नया लाभ विभाजन अनुपात बनता है.

🎯 Exam Tip: जब नया साझेदार अपना हिस्सा पुराने साझेदारों से एक विशिष्ट मात्रा में प्राप्त करता है, तो त्याग अनुपात सीधे दी गई मात्राओं के अनुपात से निर्धारित होता है. इस स्थिति में, नए साझेदार का कुल हिस्सा पुराने साझेदारों के त्याग के योग के बराबर होना चाहिए.

 

Question 15. A व B एक फर्म में साझेदार हैं जो 3:1 के अनुपात में लाभ विभाजन करते हैं। C को प्रवेश देते हैं। A अपने हिस्से का 2/3 व B अपने हिस्से का 1/3 C के पक्ष में समर्पण करते हैं। नया लाभ विभाजन अनुपात व त्याग अनुपात ज्ञात करे ।
A and B are partners in a firm, sharing profits in the ratio of 3:1. A new partner C is admitted. A surrenders 2/3 of his share & B surrenders 1/3 of his share in favor of C. Calculate New Profit Sharing Ratio.
Answer:
A का पुराना हिस्सा \( = \frac{3}{4} \)
B का पुराना हिस्सा \( = \frac{1}{4} \)
A द्वारा समर्पण \( = \frac{3}{4} \times \frac{2}{3} = \frac{6}{12} = \frac{1}{2} \)
B द्वारा समर्पण \( = \frac{1}{4} \times \frac{1}{3} = \frac{1}{12} \)
C का कुल हिस्सा \( = \frac{1}{2} + \frac{1}{12} = \frac{6 + 1}{12} = \frac{7}{12} \)
A का नया हिस्सा \( = \frac{3}{4} - \frac{1}{2} = \frac{3 - 2}{4} = \frac{1}{4} = \frac{3}{12} \)
B का नया हिस्सा \( = \frac{1}{4} - \frac{1}{12} = \frac{3 - 1}{12} = \frac{2}{12} \)
C का नया हिस्सा \( = \frac{7}{12} \)
नया लाभ विभाजन अनुपात (A, B, C) \( = \frac{3}{12} : \frac{2}{12} : \frac{7}{12} = 3:2:7 \)

त्याग अनुपात की गणना:
A का त्याग \( = \frac{1}{2} = \frac{6}{12} \)
B का त्याग \( = \frac{1}{12} \)
त्याग अनुपात \( = 6:1 \)
In simple words: पहले यह ज्ञात करते हैं कि A और B अपने हिस्से का कितना भाग C को दे रहे हैं, यह उनका त्याग है. फिर उनके पुराने हिस्से में से यह त्याग घटाकर नया हिस्सा निकालते हैं. C का हिस्सा उनके त्याग को जोड़कर बनता है. अंत में त्याग अनुपात उनके द्वारा छोड़े गए हिस्सों का अनुपात होता है.

🎯 Exam Tip: 'अपने हिस्से का' (of his share) शब्द पर ध्यान दें, जिसका अर्थ है कि त्याग की गणना पुराने साझेदारों के लाभ के हिस्से के एक भाग के रूप में की जाएगी, न कि कुल लाभ के भाग के रूप में.

 

Question 16. A व B एक फर्म में साझेदार हैं जो 2:1 के अनुपात में लाभ विभाजन करते हैं।C को प्रवेश देते हैं। A अपने हिस्से में से 1/3 भाग व B अपने हिस्से में से 1/3 भाग C के पक्ष में त्याग करते हैं। नया लाभ विभाजन अनुपात व त्याग अनुपात करो।।
Answer:
A का पुराना हिस्सा \( = \frac{2}{3} \)
B का पुराना हिस्सा \( = \frac{1}{3} \)
A द्वारा समर्पण \( = \frac{2}{3} \times \frac{1}{3} = \frac{2}{9} \)
B द्वारा समर्पण \( = \frac{1}{3} \times \frac{1}{3} = \frac{1}{9} \)
C का कुल हिस्सा \( = \frac{2}{9} + \frac{1}{9} = \frac{3}{9} = \frac{1}{3} \)
A का नया हिस्सा \( = \frac{2}{3} - \frac{2}{9} = \frac{6 - 2}{9} = \frac{4}{9} \)
B का नया हिस्सा \( = \frac{1}{3} - \frac{1}{9} = \frac{3 - 1}{9} = \frac{2}{9} \)
C का नया हिस्सा \( = \frac{1}{3} = \frac{3}{9} \)
नया लाभ विभाजन अनुपात (A, B, C) \( = \frac{4}{9} : \frac{2}{9} : \frac{3}{9} = 4:2:3 \)

त्याग अनुपात की गणना:
A का त्याग \( = \frac{2}{9} \)
B का त्याग \( = \frac{1}{9} \)
त्याग अनुपात \( = 2:1 \)
In simple words: पहले A और B अपने-अपने हिस्से का कितना भाग C को देते हैं, यह ज्ञात करते हैं. यही उनका त्याग है. फिर उनके पुराने हिस्से में से यह त्याग घटाकर नया लाभ अनुपात निकालते हैं. C का हिस्सा दोनों के त्याग को जोड़कर बनता है. त्याग अनुपात उनके द्वारा दिए गए हिस्सों का अनुपात होता है.

🎯 Exam Tip: यह प्रश्न भी 'अपने हिस्से का' (of his share) पर आधारित है, इसलिए त्याग की गणना व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक साझेदार के पुराने लाभ के हिस्से के आधार पर की जाती है.

 

Question 17. A, B व C एक फर्म में साझेदार हैं जो 5:3:2 के अनुपात में लाभ विभाजन करते हैं। D को लाभों में 2/10 हिस्से के लिए प्रवेश देते हैं। C का हिस्सा पूर्ववत रहेगा। नया लाभ विभाजन अनुपात ज्ञात करो।
A, B & C are partners in a firm, sharing profits in the ratio of 5: 3: 2. D is admitted for 2/10 share in profits of the firm. C will retain his original share. Calculate New Profit Sharing Ratio.
Answer:
D का हिस्सा \( = \frac{2}{10} \)
C का हिस्सा पूर्ववत रहेगा \( = \frac{2}{10} \)
शेष लाभ \( = 1 - \frac{2}{10} \text{ (D का हिस्सा)} - \frac{2}{10} \text{ (C का हिस्सा)} = 1 - \frac{4}{10} = \frac{6}{10} \)
इस शेष लाभ को A और B उनके पुराने अनुपात में (जो \( 5:3 \) है) बांटेंगे.
A का नया हिस्सा \( = \frac{5}{8} \times \frac{6}{10} = \frac{30}{80} = \frac{15}{40} \)
B का नया हिस्सा \( = \frac{3}{8} \times \frac{6}{10} = \frac{18}{80} = \frac{9}{40} \)
C का नया हिस्सा \( = \frac{2}{10} = \frac{8}{40} \)
D का नया हिस्सा \( = \frac{2}{10} = \frac{8}{40} \)
नया लाभ विभाजन अनुपात (A, B, C, D) \( = \frac{15}{40} : \frac{9}{40} : \frac{8}{40} : \frac{8}{40} = 15:9:8:8 \)
In simple words: पहले D और C के हिस्से को कुल लाभ में से घटाकर बचा हुआ लाभ निकालते हैं. यह बचा हुआ लाभ केवल A और B में उनके पुराने अनुपात में बांटा जाता है. फिर सभी साझेदारों के नए हिस्सों को एक साथ मिलाकर अंतिम लाभ विभाजन अनुपात ज्ञात करते हैं.

🎯 Exam Tip: जब कोई साझेदार अपना पुराना हिस्सा बनाए रखने का निर्णय लेता है, तो उसके हिस्से को नए साझेदार के हिस्से के साथ कुल लाभ में से पहले घटाया जाता है. शेष लाभ को शेष साझेदारों के बीच उनके पुराने लाभ विभाजन अनुपात में बांटा जाता है.

 

Question 18. A व B एक फर्म में साझेदार हैं। वे C व D को लाभ में क्रमश: 1/5 व 1/6 हिस्सा देकर प्रवेश देते हैं। नया लाभ विभाजन अनुपात ज्ञात करो।
Answer:
माना फर्म का कुल लाभ = 1
C का हिस्सा \( = \frac{1}{5} \)
D का हिस्सा \( = \frac{1}{6} \)
शेष लाभ \( = 1 - \frac{1}{5} - \frac{1}{6} = \frac{30 - 6 - 5}{30} = \frac{19}{30} \)
A और B का पुराना अनुपात नहीं दिया है, इसलिए \( 1:1 \) मानेंगे.
A का नया हिस्सा \( = \frac{1}{2} \times \frac{19}{30} = \frac{19}{60} \)
B का नया हिस्सा \( = \frac{1}{2} \times \frac{19}{30} = \frac{19}{60} \)
C का हिस्सा \( = \frac{1}{5} = \frac{12}{60} \)
D का हिस्सा \( = \frac{1}{6} = \frac{10}{60} \)
नया लाभ विभाजन अनुपात (A, B, C, D) \( = \frac{19}{60} : \frac{19}{60} : \frac{12}{60} : \frac{10}{60} = 19:19:12:10 \)
In simple words: पहले C और D दोनों के हिस्सों को कुल लाभ में से घटाकर बचा हुआ लाभ निकालते हैं. फिर इस बचे हुए लाभ को A और B में बराबर-बराबर बांटते हैं क्योंकि उनका पुराना अनुपात नहीं दिया था. सभी साझेदारों के नए लाभ हिस्से को मिलाकर अंतिम लाभ विभाजन अनुपात ज्ञात करते हैं.

🎯 Exam Tip: जब दो नए साझेदार एक साथ प्रवेश करते हैं, तो कुल लाभ में से दोनों के हिस्से घटाकर शेष लाभ ज्ञात करें. यदि पुराने साझेदारों का अनुपात नहीं दिया है, तो वे शेष लाभ को बराबर बांटेंगे.

 

Question 19. A, B, C एक फर्म में साझेदार है जो 3:2:1 के अनुपात में लाभ विभाजन करते हैं। D को प्रवेश देते हैं, D अपने हिस्से का 1/4 भाग C से प्राप्त करता है A अपने हिस्से का 3/10 भाग व B अपने हिस्से का 1/10 भाग D के पक्ष में त्याग करते हैं। नया लाभ विभाजन अनुपात व त्याग अनुपात ज्ञात करो।
Answer:
D का हिस्सा \( = \frac{1}{4} \)
D को अपना हिस्सा C से \( \frac{1}{4} \) मिलता है.
A का पुराना हिस्सा \( = \frac{3}{6} \)
B का पुराना हिस्सा \( = \frac{2}{6} \)
C का पुराना हिस्सा \( = \frac{1}{6} \)

A द्वारा D के पक्ष में त्याग \( = \frac{3}{6} \times \frac{3}{10} = \frac{9}{60} \)
B द्वारा D के पक्ष में त्याग \( = \frac{2}{6} \times \frac{1}{10} = \frac{2}{60} \)
D का कुल हिस्सा \( = \frac{1}{4} \)
A और B के त्याग का योग \( = \frac{9}{60} + \frac{2}{60} = \frac{11}{60} \)
C द्वारा त्याग \( = \frac{1}{4} - \frac{11}{60} = \frac{15 - 11}{60} = \frac{4}{60} \)

A का नया अनुपात \( = \frac{3}{6} - \frac{9}{60} = \frac{30 - 9}{60} = \frac{21}{60} \)
B का नया अनुपात \( = \frac{2}{6} - \frac{2}{60} = \frac{20 - 2}{60} = \frac{18}{60} \)
C का नया अनुपात \( = \frac{1}{6} - \frac{4}{60} = \frac{10 - 4}{60} = \frac{6}{60} \)
D का नया अनुपात \( = \frac{1}{4} = \frac{15}{60} \)
नया लाभ विभाजन अनुपात (A, B, C, D) \( = \frac{21}{60} : \frac{18}{60} : \frac{6}{60} : \frac{15}{60} = 21:18:6:15 \)
यह अनुपात 3 से भाज्य है: \( 7:6:2:5 \)
त्याग अनुपात \( = \frac{9}{60} : \frac{2}{60} : \frac{4}{60} = 9:2:4 \)
In simple words: पहले यह ज्ञात करते हैं कि A और B कितना हिस्सा D को देते हैं. फिर D के कुल हिस्से में से A और B का हिस्सा घटाकर C का हिस्सा निकालते हैं. फिर हर साझेदार के पुराने हिस्से में से उसके द्वारा छोड़ा गया हिस्सा घटाकर नया अनुपात निकालते हैं. त्याग अनुपात उनके द्वारा छोड़े गए हिस्सों का अनुपात होता है.

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, नए साझेदार का कुल हिस्सा प्राप्त करने के लिए विभिन्न पुराने साझेदारों द्वारा किए गए त्याग को जोड़ना सुनिश्चित करें. यदि प्रश्न में जानकारी विरोधाभासी लगे, तो सबसे तार्किक व्याख्या का पालन करें, जैसा कि समाधान में दिखाया गया है.

RBSE Class 12 Accountancy Chapter 2 लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. फर्म की सम्पत्तियों में हिस्सा प्राप्त करने का अधिकार नये साझेदार को फर्म का समापन होने पर उसकी समस्त सम्पत्तियों में से अपना हिस्सा प्राप्त करने का अधिकार प्राप्त होता है। फर्म के भावी लाभों में हिस्सा प्राप्त करने का अधिकार-नये साझेदार को साझेदारी में प्रवेश करने के दिन से ही फर्म के लाभों में अपना हिस्सा प्राप्त करने का अधिकार प्राप्त हो जाता है।
Answer: नये साझेदार को फर्म में प्रवेश करने पर दो मुख्य अधिकार मिलते हैं:
1. **फर्म की सम्पत्तियों में हिस्सा पाने का अधिकार:** नया साझेदार फर्म के विघटन पर सभी सम्पत्तियों में से अपना हिस्सा प्राप्त करने का हकदार होता है.
2. **फर्म के भविष्य के लाभों में हिस्सा पाने का अधिकार:** साझेदार को उसके प्रवेश की तारीख से फर्म के भविष्य के लाभों में हिस्सा पाने का अधिकार मिल जाता है.
In simple words: जब कोई नया आदमी व्यापार में आता है, तो उसे दो खास अधिकार मिलते हैं: पहला, जब व्यापार बंद होगा तो उसे व्यापार की चीजों में अपना हिस्सा मिलेगा; और दूसरा, वह जिस दिन से व्यापार में आया है, उस दिन से होने वाले मुनाफे में भी उसका हिस्सा होगा.

🎯 Exam Tip: ये दोनों अधिकार एक नए साझेदार के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये उसकी फर्म में स्थिति और लाभ पर उसके दावे को परिभाषित करते हैं.

 

Question 2. लाभ-हानि समायोजन खाता या पुनर्मूल्यांकन खाता क्यों बनाया जाता है ?
Answer: नये साझेदार के प्रवेश के समय सम्पत्तियों एवं दायित्वों को वर्तमान मूल्य पर दिखाने के लिए उनका पुनर्मूल्यांकन किया जाता है. क्योंकि सम्पत्तियों के मूल्यों में वृद्धि होने तथा दायित्वों के मूल्यों में कमी होने पर लाभ होता है और सम्पत्तियों के मूल्यों में कमी होने तथा दायित्वों के मूल्यों में वृद्धि होने पर हानि होती है. लाभ होने पर पुराने साझेदार नये को नहीं देना चाहते हैं तथा हानि होने पर नया साझेदार उसे वहन नहीं करना चाहता है. इसलिए पुनर्मूल्यांकन के लाभ/हानि को पुराने साझेदारों में बाँटने के लिए लाभ-हानि समायोजन खाता या पुनर्मूल्यांकन खाता बनाया जाता है.
In simple words: नया साझेदार आने पर सम्पत्तियों और कर्जों का सही मूल्य दिखाने के लिए पुनर्मूल्यांकन खाता बनाते हैं. इससे जो भी फायदा या नुकसान होता है, वह पुराने साझेदार आपस में बांट लेते हैं.

🎯 Exam Tip: पुनर्मूल्यांकन खाते का मुख्य उद्देश्य नए साझेदार के प्रवेश से पहले सम्पत्तियों और दायित्वों के मूल्यों में किसी भी परिवर्तन से उत्पन्न लाभ या हानि को पुराने साझेदारों के बीच उनके पुराने लाभ विभाजन अनुपात में समायोजित करना है.

 

Question 3. ख्याति के मूल्य की गणना गत पाँच वर्षों के औसत लाभ के 3 वर्षों के क्रय के आधार पर की जाती है। लाभ इस प्रकार से है- Rs 30,000, Rs 25,000, Rs 40,000, Rs 35,000,Rs 20,000 फर्म की ख्याति की गणना कीजिए।
Goodwill of the firm is valued at three year's purchase of average profits of last five years. The firm earned the following profits during last five years : Rs 30,000, Rs 25,000, Rs 40,000, Rs 35,000, Rs 20,000.
Answer:
औसत लाभ (Average Profit) \( = \frac{30,000 + 25,000 + 40,000 + 35,000 + 20,000}{5} \)
\( = \frac{1,50,000}{5} = \text{Rs } 30,000 \)
ख्याति (Goodwill) = औसत लाभ \( \times \) वर्षों के क्रय की संख्या
\( = 30,000 \times 3 = \text{Rs } 90,000 \)
In simple words: पहले पिछले पांच सालों के लाभों को जोड़कर उसका औसत निकालते हैं. फिर इस औसत लाभ को जितने सालों के क्रय के आधार पर ख्याति गिननी है, उससे गुणा करते हैं.

🎯 Exam Tip: औसत लाभ विधि से ख्याति की गणना करते समय, लाभों को सही ढंग से जोड़ना और फिर वर्षों की संख्या से भाग देना महत्वपूर्ण है. क्रय के वर्षों की संख्या प्रश्न में स्पष्ट रूप से दी होती है.

 

Question 4. एक फर्म की ख्याति गत चार वर्षों के औसत लाभ के दो वर्षीय क्रय के आधार पर की जाती है।
वर्ष 2013 2014 2015 2016
लाभ/हानि Rs 10,000 Rs 16,000 Rs (6,000) हानि Rs 12,000
ख्याति का मूल्य भारित औसत लाभ के 3 वर्षों के क्रय के आधार पर कीजिये।
Profits of the firm for last five years :
Answer:
कुल लाभ = \( 10,000 + 16,000 - 6,000 + 12,000 = \text{Rs } 32,000 \)
औसत लाभ \( = \frac{32,000}{4} = \text{Rs } 8,000 \)
ख्याति (Goodwill) \( = \text{औसत लाभ} \times \text{क्रय के वर्ष} \)
\( = 8,000 \times 2 = \text{Rs } 16,000 \)
In simple words: पहले पिछले सालों के लाभों और हानियों को जोड़कर कुल लाभ निकालते हैं. फिर इसे सालों की संख्या से भाग देकर औसत लाभ निकालते हैं. अंत में, इस औसत लाभ को ख्याति के क्रय के सालों से गुणा करके ख्याति का मूल्य ज्ञात करते हैं.

🎯 Exam Tip: औसत लाभ विधि से ख्याति की गणना करते समय, हानियों को घटाना और लाभों को जोड़ना न भूलें. क्रय के वर्षों की संख्या प्रश्न में स्पष्ट रूप से दी होती है.

 

Question 5. एक फर्म के फ्छिले 4 वर्षों के लाभ-हानि निम्न थे
2013 – Rs 20,000 – (सट्टे के लाभ Rs 4,000 शामिल)
2014 – Rs (2,000) - (असामान्य हानि चार्ज की गयी Rs 16,000)
2015 - Rs 17,000 - (अन्तिम स्टॉक का मूल्यांकन Rs 2,000 से अधिक किया गया)
2016 - Rs 19,000 - (मशीन विक्रय के लाभ Rs 2,000 शामिल)
औसत लाभों के तीन गुने के आधार पर ख्याति की गणना करें।
Profits of the firm for last four years-
2013 – Rs 20,000 (including Rs 4,000 speculative profits)
2014 - Loss Rs 2,000 (after charging on abnormal loss of Rs 16,000)
2015 - Rs 17,000 (Closing stock overvalued by Rs 2,000)
2016 – Rs 19,000 (including profit on sale of machine Rs 2,000)
Goodwill of the firm is valued three times of average profits of last four years.
Answer:
लाभों का समायोजन:
2013: \( 20,000 - 4,000 \text{ (सट्टे का लाभ)} = \text{Rs } 16,000 \)
2014: \( -2,000 + 16,000 \text{ (असामान्य हानि)} = \text{Rs } 14,000 \)
2015: \( 17,000 - 2,000 \text{ (अन्तिम स्टॉक का अधिक मूल्यांकन)} = \text{Rs } 15,000 \)
2016: \( 19,000 - 2,000 \text{ (मशीन विक्रय का लाभ)} = \text{Rs } 17,000 \)

समायोजित औसत लाभ \( = \frac{16,000 + 14,000 + 15,000 + 17,000}{4} \)
\( = \frac{62,000}{4} = \text{Rs } 15,500 \)
ख्याति (Goodwill) \( = \text{औसत लाभ} \times \text{क्रय के वर्ष} \)
\( = 15,500 \times 3 = \text{Rs } 46,500 \)
In simple words: पहले हर साल के लाभ को ठीक करते हैं, असामान्य लाभ या हानि को हटाकर. फिर इन सही किए गए लाभों का औसत निकालते हैं. इस औसत लाभ को ख्याति के क्रय के सालों से गुणा करके ख्याति का मूल्य ज्ञात करते हैं.

🎯 Exam Tip: असामान्य लाभ या हानि, स्टॉक का गलत मूल्यांकन, और सम्पत्तियों की बिक्री से होने वाले लाभ को औसत लाभ की गणना से पहले हमेशा समायोजित किया जाना चाहिए ताकि वास्तविक परिचालन लाभ मिल सके.

 

Question 6. एक फर्म के गत पाँच वर्षों के लाभ इस प्रकार हैं

वर्ष20122013201420152016
लाभ (Rs)10,00012,00015,00019,00029,000
भार12345

ख्याति का मूल्य भारित औसत लाभ के 3 वर्षों के क्रय के आधार पर कीजिये।
Profits of the firm for last five years :
Answer:
वर्षलाभभारउत्पाद (लाभ \( \times \) भार)
201210,000110,000
201312,000224,000
201415,000345,000
201519,000476,000
201629,00051,45,000
कुल153,00,000

भारित औसत लाभ (Weighted Average Profit) \( = \frac{\text{उत्पादों का कुल योग}}{\text{भारों का कुल योग}} \)
\( = \frac{3,00,000}{15} = \text{Rs } 20,000 \)
ख्याति (Goodwill) \( = \text{भारित औसत लाभ} \times \text{क्रय के वर्ष} \)
\( = 20,000 \times 3 = \text{Rs } 60,000 \)
In simple words: जब लाभ हर साल बढ़ते या घटते हैं, तो हर साल को एक 'भार' दिया जाता है. लाभ को भार से गुणा करके 'उत्पाद' निकालते हैं. सभी उत्पादों को जोड़कर कुल भार से भाग देते हैं, तो भारित औसत लाभ मिलता है. फिर इसे ख्याति के क्रय के सालों से गुणा करते हैं.

🎯 Exam Tip: भारित औसत लाभ विधि का उपयोग तब किया जाता है जब लाभ में एक निश्चित प्रवृत्ति (बढ़ने या घटने की) होती है. यह सुनिश्चित करें कि आप प्रत्येक वर्ष को सही भार दें और गणना सही हो.

 

Question 7. एक फर्म की पूँजी Rs 2,00,000 है वे औसत लाभर Rs 30,000 सामान्य प्रत्याय दर 10% है । ख्याति का मूल्य अधिलाभों के तीन वर्षों के क्रय के आधार पर ज्ञात कीजिये।
(Capital of the firm is Rs 2,00,000. Normal Rate of Return is 10% and average profit of the firm is Rs 30,000. Goodwill is to be valued at three years purchase of super profits.)
Answer:
सामान्य लाभ (Normal Profit) \(=\) विनियोजित पूँजी (Capital Employed) \( \times \) सामान्य प्रत्याय दर (Normal Rate of Return)
\( = \text{Rs } 2,00,000 \times \frac{10}{100} = \text{Rs } 20,000 \)
औसत लाभ (Average Profit) \( = \text{Rs } 30,000 \)
अधिलाभ (Super Profit) \( = \) औसत लाभ (Average Profit) \( - \) सामान्य लाभ (Normal Profit)
\( = \text{Rs } 30,000 - \text{Rs } 20,000 = \text{Rs } 10,000 \)
ख्याति (Goodwill) \( = \) अधिलाभ (Super Profit) \( \times \) वर्षों के क्रय की संख्या (No. of Year's Purchase)
\( = \text{Rs } 10,000 \times 3 = \text{Rs } 30,000 \)
In simple words: पहले हमने फर्म का सामान्य लाभ निकाला. फिर औसत लाभ में से सामान्य लाभ घटाकर अधिलाभ (एक्स्ट्रा प्रॉफिट) निकाला. अंत में, इस अधिलाभ को तीन से गुणा करके ख्याति का मूल्य पता किया.

🎯 Exam Tip: Remember to clearly identify and differentiate between normal profit, average profit, and super profit as a first step to avoid errors.

 

Question 8. [अपूर्ण प्रश्न] ...000 है व औसत लाभर Rs 24,000 हैं । सामान्य प्रत्याय दर 12% मानते हुए पूँजीकरण विधि से ख्याति
Answer:
(The question seems incomplete, but based on the provided solution, it appears to ask for the calculation of goodwill using the capitalization method, with an assumed capital employed of Rs 1,80,000 and average profit of Rs 24,000.)
पूँजीकरण विधि से ख्याति की गणना:
पूँजीकृत औसत लाभ (Capitalized Value of Average Profit) \( = \frac{\text{औसत लाभ (Average Profit) } \times 100}{\text{सामान्य प्रत्याय दर (Normal Rate of Return)}} \)
\( = \frac{\text{Rs } 24,000 \times 100}{12} = \text{Rs } 2,00,000 \)
ख्याति (Goodwill) \( = \) पूँजीकृत औसत लाभ (Capitalized Value of Average Profit) \( - \) विनियोजित पूँजी (Capital Employed)
\( = \text{Rs } 2,00,000 - \text{Rs } 1,80,000 = \text{Rs } 20,000 \)
In simple words: हमने औसत लाभ को प्रत्याय दर से पूँजीकृत किया, फिर उसमें से लगी हुई पूँजी घटा दी. जो बचा, वही ख्याति का मूल्य है.

🎯 Exam Tip: When a question appears incomplete, use the available data and the context of the solution provided to infer the missing parts, and state any assumptions made.

 

Question 9. A व B एक फर्म में साझेदार हैं। फर्म की विनियोजित पूँजी Rs 5,00,000 है और सामान्य प्रत्याय की दर 10% वार्षिक है। प्रत्येक साझेदार का वार्षिक वेतन Rs 8,000 है । औसत लाभ Rs 80,000 हैं। अधिलाभों के पूँजीकरण के आधार पर ख्याति की गणना करो।
(A & B are partners in a firm. Firm employed capital of the firm is Rs 5,00,000. Normal Rate of Return is 10% and Salary of each partner is Rs 8,000 p.a. average profit of the firm is Rs 80,000. Calculate value of goodwill according to capitalization of super profit method.)
Answer:
औसत लाभ (Average Profit) \( = \text{Rs } 80,000 \)
साझेदारों का कुल वेतन (Total Partners' Salary) \( = 2 \times \text{Rs } 8,000 = \text{Rs } 16,000 \)
समायोजित औसत लाभ (Actual Average Profit) \( = \) औसत लाभ \( - \) साझेदारों का वेतन
\( = \text{Rs } 80,000 - \text{Rs } 16,000 = \text{Rs } 64,000 \)
विनियोजित पूँजी (Capital Employed) \( = \text{Rs } 5,00,000 \)
सामान्य प्रत्याय दर (Normal Rate of Return) \( = 10\% \)
सामान्य लाभ (Normal Profit) \( = \) विनियोजित पूँजी \( \times \) सामान्य प्रत्याय दर
\( = \text{Rs } 5,00,000 \times \frac{10}{100} = \text{Rs } 50,000 \)
अधिलाभ (Super Profit) \( = \) समायोजित औसत लाभ \( - \) सामान्य लाभ
\( = \text{Rs } 64,000 - \text{Rs } 50,000 = \text{Rs } 14,000 \)
ख्याति (Goodwill) \( = \frac{\text{अधिलाभ (Super Profit) } \times 100}{\text{सामान्य प्रत्याय दर (Normal Rate of Return)}} \)
\( = \frac{\text{Rs } 14,000 \times 100}{10} = \text{Rs } 1,40,000 \)
In simple words: पहले हमने साझेदारों का वेतन घटाकर असली औसत लाभ निकाला. फिर सामान्य लाभ की गणना की. दोनों को घटाकर अधिलाभ मिला, जिसे प्रत्याय दर से पूँजीकृत करके ख्याति का मूल्य निकाला गया.

🎯 Exam Tip: Always adjust the average profit for any non-recurring items or partners' salaries before calculating super profit.

 

Question 10. X व Y की समायोजित पूँजी क्रमशः Rs 30,000 व Rs 25,000 हैं। Z जो लाभों में 1/4 हिस्से के लिए Rs 25,000 पूँजी लाता है। ख्याति की गणना कीजिये।
(Adjusted capital of X and Y is 30,000 and Rs 25,000 respectively. Z bring in Rs 25,000 as capital for 1/4 share of profits in the firm. Calculate value of goodwill.)
Answer:
Z के पूँजी योगदान के आधार पर फर्म की कुल पूँजी का मूल्यांकन (Valuation of Firm's Total Capital based on Z's Capital Contribution):
Z का हिस्सा \( = \frac{1}{4} \)
Z द्वारा लायी गयी पूँजी \( = \text{Rs } 25,000 \)
फर्म की कुल पूँजी \( = \text{Rs } 25,000 \times \frac{4}{1} = \text{Rs } 1,00,000 \)
सभी साझेदारों की वास्तविक कुल पूँजी (Actual Total Capital of all Partners):
X की समायोजित पूँजी \( = \text{Rs } 30,000 \)
Y की समायोजित पूँजी \( = \text{Rs } 25,000 \)
Z की लायी गयी पूँजी \( = \text{Rs } 25,000 \)
कुल वास्तविक पूँजी \( = \text{Rs } 30,000 + \text{Rs } 25,000 + \text{Rs } 25,000 = \text{Rs } 80,000 \)
छिपी हुई ख्याति (Hidden Goodwill) \( = \) फर्म की कुल पूँजी \( - \) कुल वास्तविक पूँजी
\( = \text{Rs } 1,00,000 - \text{Rs } 80,000 = \text{Rs } 20,000 \)
In simple words: हमने नए साझेदार की पूँजी के आधार पर पूरी फर्म की वैल्यू निकाली. फिर सभी साझेदारों की असल पूँजी को जोड़ा. दोनों के बीच का अंतर ही फर्म की छिपी हुई ख्याति है.

🎯 Exam Tip: Hidden goodwill arises when the total actual capital of all partners is less than the firm's capital implied by the new partner's contribution. Always compare these two values.

 

Question 11. 31.12.2016 को समाप्त होने वाले वर्ष के चिट्टे में A व B की पूँजी क्रमशः Rs 40,000 वर Rs 30,000 है तथा सामान्य संचय में Rs 20,000 का शेष है। C लाभों में 1/3 हिस्से के लिए 1.1.17 को प्रवेश करता है और पूँजी Rs 50,000 लेकर आता है । ख्याति की गणना कीजिये ।
(Balance of Capital A/cs of A & B were Rs 40,000 & 30,000 respectively. For the year ended 31.12.2016. Balance of General Reserve Stood at Rs 20,000. C is admitted on 1.01.2017 for 1/3rd share in profits. C brings in Rs 50,000 for his share of capital. Calculate value of goodwill.)
Answer:
पुराने साझेदारों की समायोजित पूँजी (Adjusted Capital of Old Partners):
A की पूँजी \( = \text{Rs } 40,000 \)
B की पूँजी \( = \text{Rs } 30,000 \)
सामान्य संचय (General Reserve) \( = \text{Rs } 20,000 \)
कुल समायोजित पूँजी \( = \text{Rs } 40,000 + \text{Rs } 30,000 + \text{Rs } 20,000 = \text{Rs } 90,000 \)
C की पूँजी के आधार पर फर्म की कुल पूँजी (Total Capital of the Firm based on C's Capital):
C का हिस्सा \( = \frac{1}{3} \)
C द्वारा लायी गयी पूँजी \( = \text{Rs } 50,000 \)
फर्म की कुल पूँजी \( = \text{Rs } 50,000 \times \frac{3}{1} = \text{Rs } 1,50,000 \)
छिपी हुई ख्याति (Hidden Goodwill) \( = \) फर्म की कुल पूँजी \( - \) (पुराने साझेदारों की समायोजित पूँजी \( + \) नए साझेदार की पूँजी)
\( = \text{Rs } 1,50,000 - (\text{Rs } 90,000 + \text{Rs } 50,000) \)
\( = \text{Rs } 1,50,000 - \text{Rs } 1,40,000 = \text{Rs } 10,000 \)
In simple words: हमने पहले पुराने साझेदारों की कुल पूँजी को उनके संचय के साथ जोड़ा. फिर नए साझेदार की पूँजी के आधार पर पूरी फर्म की वैल्यू निकाली. इस वैल्यू में से सभी साझेदारों की कुल पूँजी घटाकर छिपी हुई ख्याति का पता चला.

🎯 Exam Tip: When calculating hidden goodwill, remember to add any reserves or undistributed profits to the old partners' capital before comparing with the total capitalized value of the firm.

 

Question 12. किसी फर्म के अधिलाभ के Rs 10,000 हैं। यदि 5 वर्ष के लिए 10% ब्याज दर पर एक रुपये की वार्षिकी का वर्तमान मूल्य 3.791 है तो ख्याति का मूल्य होगा।
(Super profit of a firm is Rs 10,000. The present value of an annuity of Rs 1 for five years at 10% per annum may taken at 3.791. Find the value of goodwill of the firm.)
Answer:
अधिलाभ (Super Profit) \( = \text{Rs } 10,000 \)
5 वर्षों के लिए 10% ब्याज दर पर वार्षिकी का वर्तमान मूल्य (Present Value of an Annuity of Rs 1 for 5 years at 10%) \( = 3.791 \)
ख्याति (Goodwill) \( = \) अधिलाभ (Super Profit) \( \times \) वार्षिकी का वर्तमान मूल्य (Present Value of Annuity)
\( = \text{Rs } 10,000 \times 3.791 = \text{Rs } 37,910 \)
In simple words: फर्म का एक्स्ट्रा प्रॉफिट 10,000 रुपये है. हमने इस एक्स्ट्रा प्रॉफिट को 5 साल के लिए एक रुपये की वार्षिकी के आज के मूल्य से गुणा किया. इससे हमें फर्म की ख्याति का मूल्य मिला.

🎯 Exam Tip: The annuity method values goodwill by multiplying the super profit by the present value of an annuity factor, reflecting future super profits.

 

Question 13. किसी व्यवसाय का क्रय प्रतिफल Rs 3,50,000 तय हुआ। इस व्यवसाय की सम्पत्तियाँ Rs 4,00,000 वे दायित्व Rs 80,000 है तो ख्याति का मूल्य होगा।
(Purchase consideration of a business is determined at Rs 3,50,000. Assets were Rs 4,00,000 & liabilities were worth Rs 80,000. Find the value of goodwill of the firm.)
Answer:
कुल सम्पत्तियाँ (Total Assets) \( = \text{Rs } 4,00,000 \)
कुल दायित्व (Total Liabilities) \( = \text{Rs } 80,000 \)
शुद्ध सम्पत्तियाँ (Net Assets) \( = \) कुल सम्पत्तियाँ \( - \) कुल दायित्व
\( = \text{Rs } 4,00,000 - \text{Rs } 80,000 = \text{Rs } 3,20,000 \)
क्रय प्रतिफल (Purchase Consideration) \( = \text{Rs } 3,50,000 \)
ख्याति (Goodwill) \( = \) क्रय प्रतिफल \( - \) शुद्ध सम्पत्तियाँ
\( = \text{Rs } 3,50,000 - \text{Rs } 3,20,000 = \text{Rs } 30,000 \)
In simple words: पहले हमने कुल संपत्ति में से देनदारियों को घटाकर शुद्ध संपत्ति की कीमत निकाली. फिर जितना पैसा बिज़नेस खरीदने के लिए दिया गया था, उसमें से यह शुद्ध संपत्ति घटा दी. जो बचा, वह बिज़नेस की ख्याति है.

🎯 Exam Tip: Goodwill in this context is the excess of purchase consideration paid over the net identifiable assets acquired of a business.

 

Question 14. A व B एक फर्म में 2:1 के अनुपात में लाभों को बाँटते हुए साझेदार हैं। वे C को लाभों का 1/6 हिस्सा देकर प्रवेश देते हैं। C Rs 40,000, पूँजी वर Rs 15,000 ख्याति के लिए नकद लेकर आता है। A व B ख्याति की राशि निकाल लेते हैं। C के प्रवेश की तिथि को पुस्तकों में ख्याति खाता Rs 30,000 पर प्रकट होता है । आवश्यक प्रविष्टियाँ कीजिए।
(A and B are partners in a firm sharing profits in the ratio of 2: 1. They admitted C as a new partner. C brought in Rs 40,000 for his share of capital and Rs 15,000 as Goodwill for 1/6th share in profits of the firm. Goodwill withdrawn by A & B from the firm. On C's admission goodwill appeared in the books of the firm at Rs 30,000. Record necessary Journal entries.)
Answer:
त्याग अनुपात (Sacrificing Ratio) \( = \) पुराना अनुपात (Old Ratio) \( = 2:1 \)
C द्वारा लाई गई ख्याति (Goodwill brought by C) \( = \text{Rs } 15,000 \)
A और B द्वारा ख्याति का आहरण (Goodwill withdrawn by A and B) \( = \text{Rs } 15,000 \)
A द्वारा आहरण \( = \text{Rs } 15,000 \times \frac{2}{3} = \text{Rs } 10,000 \)
B द्वारा आहरण \( = \text{Rs } 15,000 \times \frac{1}{3} = \text{Rs } 5,000 \)
पुस्तकों में पहले से दिखाई गई ख्याति (Goodwill already appearing in books) \( = \text{Rs } 30,000 \)
Journal Entries:

DateParticularsL.F.Amount (Dr.) RsAmount (Cr.) Rs
A's Capital A/c Dr.20,000
B's Capital A/c Dr.10,000
 To Goodwill A/c30,000
(Being existing goodwill A/c is written off)
Cash A/c Dr.55,000
 To Goodwill A/c15,000
 To C's Capital A/c40,000
(Being C's amount of goodwill brought in cash)
Goodwill A/c Dr.15,000
 To A's Capital A/c10,000
 To B's Capital A/c5,000
(Being goodwill transferred to sacrificing partners capital A/c)
A's Capital A/c Dr.10,000
B's Capital A/c Dr.5,000
 To Cash A/c15,000
(Being amount of goodwill withdrawn by sacrificing partners)

In simple words: हमने सबसे पहले पुरानी ख्याति को खत्म किया. फिर C की पूँजी और ख्याति का पैसा बैंक में जमा किया. C की ख्याति का पैसा पुराने साझेदारों A और B के खातों में बांटा गया, और अंत में A और B ने अपनी ख्याति का हिस्सा निकाल लिया.

🎯 Exam Tip: When goodwill is already present in the books and new goodwill is brought in, remember to write off the old goodwill first in the old ratio, then distribute the new goodwill in the sacrificing ratio.

 

Question 15. A व B एक साझेदारी फर्म में 3:2 में लाभ विभाजन करते हैं। वे C को लाभों का 1/5 हिस्से के लिए प्रवेश देते हैं। C अपना पूरा हिस्सा A से प्राप्त करता है, Rs 50,000 पूँजी वर Rs 10,000 ख्याति के लिए नकद लेकर आता है। C के प्रवेश की तिथि को पुस्तकों में ख्याति खाता Rs 25,000 पर बताया गया है। आवश्यक प्रविष्टियाँ कीजिए।
Answer:
त्याग अनुपात (Sacrificing Ratio): चूंकि C अपना पूरा हिस्सा A से प्राप्त करता है, इसलिए केवल A ही त्याग कर रहा है। (Since C acquires his entire share from A, only A is sacrificing.)
त्याग अनुपात \( = \) A:B \( = 1:0 \)
C द्वारा लाई गई ख्याति (Goodwill brought by C) \( = \text{Rs } 10,000 \)
पुस्तकों में पहले से दिखाई गई ख्याति (Goodwill already appearing in books) \( = \text{Rs } 25,000 \)
A और B का पुराना लाभ विभाजन अनुपात (Old Profit Sharing Ratio of A and B) \( = 3:2 \)
Journal Entries:

DateParticularsL.F.Amount (Dr.) RsAmount (Cr.) Rs
A's Capital A/c Dr.15,000
B's Capital A/c Dr.10,000
 To Goodwill A/c25,000
(Being existing goodwill A/c is written off)
Cash A/c Dr.60,000
 To C's Capital A/c50,000
 To Goodwill A/c10,000
(Being amount of goodwill and capital brought in cash)
Goodwill A/c Dr.10,000
 To A's Capital A/c10,000
(Being amount of goodwill transferred to A's Capital A/c)

In simple words: हमने पहले से दर्ज ख्याति को पुराने साझेदारों के खातों में बांटकर खत्म किया. फिर C की लाई हुई पूँजी और ख्याति को बैंक खाते में जमा किया. चूंकि C ने अपना पूरा हिस्सा A से लिया, इसलिए C की ख्याति का पैसा सिर्फ A के खाते में गया.

🎯 Exam Tip: When a new partner acquires their share entirely from one existing partner, only that specific partner sacrifices, and the goodwill premium is credited solely to their capital account.

 

Question 16. A व B 3:2 के अनुपात में लाभ विभाजन करते हुए साझेदार हैं ये C को लाभों का 1/5 हिस्से के लिए प्रवेश देते हैं। C के प्रवेश की तिथि को फर्म की ख्याति Rs 25,000 पर मूल्यांकित की जाती है । C ने अपनी पूँजी व ख्याति के लिए निम्न सम्पत्तियों का योगदान दिया। देनदार Rs 10,000, स्टॉक Rs 15,000 उपर्युक्त को प्रभावी करने के लिए आवश्यक प्रविष्टियाँ कीजिए।
(A and B are partners in a firm sharing profits in the ratio of 3 : 2. They admitted C as a new partner for 1/5th share in profits of the firm. On the date of C's admission goodwill was valued at Rs 25,000.C contributed the following assets to his capital and his share of goodwill. Debtors Rs 10,000 & Stock Rs 15,000. Record necessary Journal entries.)
Answer:
C का ख्याति का हिस्सा (C's Share of Goodwill) \( = \text{Rs } 25,000 \times \frac{1}{5} = \text{Rs } 5,000 \)
C द्वारा लाई गई कुल संपत्ति (Total Assets brought by C) \( = \) देनदार (Debtors) \( + \) स्टॉक (Stock)
\( = \text{Rs } 10,000 + \text{Rs } 15,000 = \text{Rs } 25,000 \)
C की पूँजी (C's Capital) \( = \) कुल संपत्ति \( - \) ख्याति का हिस्सा
\( = \text{Rs } 25,000 - \text{Rs } 5,000 = \text{Rs } 20,000 \)
त्याग अनुपात (Sacrificing Ratio) \( = \) A:B का पुराना अनुपात (Old Ratio of A:B) \( = 3:2 \)
Journal Entries:

DateParticularsL.F.Amount (Dr.) RsAmount (Cr.) Rs
Debtors A/c Dr.10,000
Stock A/c Dr.15,000
 To C's Capital A/c20,000
 To Goodwill A/c5,000
(Being assets contributed by C for his capital and goodwill)
Goodwill A/c Dr.5,000
 To A's Capital A/c3,000
 To B's Capital A/c2,000
(Being goodwill transferred to old partner capital A/c)

In simple words: C ने पूँजी और ख्याति के लिए कुछ संपत्ति लाई. हमने देनदारों और स्टॉक को डेबिट किया और C की पूँजी व ख्याति को क्रेडिट किया. फिर C के ख्याति के हिस्से को पुराने साझेदारों A और B के खातों में उनके त्याग अनुपात में बांट दिया.

🎯 Exam Tip: When a new partner brings assets other than cash for capital and goodwill, record the assets at their fair value, and then distribute the goodwill premium to the sacrificing partners.

 

Question 17. A, B व C एक फर्म में 3:2:1 के अनुपात में लाभ विभाजन करते हुए साझेदार हैं। वे D को लाभों में 2/10 हिस्से के लिए प्रवेश देते हैं। D पूँजी के लिए Rs 1,00,000 वर Rs 45,000 ख्याति के लिए लेकर आता है। आवश्यक प्रविष्टियाँ दीजिए।
(A, B and C are partners in a firm sharing profits in the ratio of 3 : 2 : 1. They admitted D as new partner for 2/10 share in profits of the firm. D brought in Rs 1,00,000 as his capital and Rs 45,000 as goodwill. Record necessary Journal entries.)
Answer:
दिया गया है कि इस स्थिति में पुराना लाभ विभाजन अनुपात और त्याग अनुपात समान होगा (It is given that in this situation, the old profit sharing ratio and the sacrificing ratio will be the same).
पुराना अनुपात (Old Ratio) A:B:C \( = 3:2:1 \)
त्याग अनुपात (Sacrificing Ratio) A:B:C \( = 3:2:1 \)
D द्वारा लाई गई पूँजी (Capital brought by D) \( = \text{Rs } 1,00,000 \)
D द्वारा लाई गई ख्याति (Goodwill brought by D) \( = \text{Rs } 45,000 \)
Journal Entries:

DateParticularsL.F.Amount (Dr.) RsAmount (Cr.) Rs
Cash A/c Dr.1,45,000
 To D's Capital A/c1,00,000
 To Goodwill A/c45,000
(Being capital and goodwill brought by D)
Goodwill A/c Dr.45,000
 To A's Capital A/c22,500
 To B's Capital A/c15,000
 To C's Capital A/c7,500
(Being goodwill distributed among sacrificing partners)

In simple words: हमने पहले D द्वारा लाई गई पूँजी और ख्याति को कैश अकाउंट में जमा किया. फिर D द्वारा लाई गई ख्याति को पुराने साझेदारों A, B और C के खातों में उनके त्याग अनुपात में बांट दिया.

🎯 Exam Tip: When the old profit-sharing ratio is also the sacrificing ratio, goodwill premium is distributed among old partners in that same ratio.

 

Question 18. L, M तथा N एक फर्म में साझेदार हैं और लाभ को 2:2:1 के अनुपात में बाँटते हैं। वे निर्णय लेते हैं कि भविष्य में N को लाभों में 1/4 हिस्सा मिलेगा। फर्म की ख्याति का मूल्यांकन के Rs 80,000 किया गया था। पुस्तकों में ख्याति Rs 20,000 दिखाई गई है। जर्नल में अपेक्षित प्रविष्टियाँ कीजिए।
(L, M and N are partners in a firm sharing profits in the ratio of 2 : 2 : 1. They decided that N will get 1/4th share in future profit. Goodwill of the firm was valued Rs 80,000. Goodwill already appeared in the books Rs 20,000. Pass necessary journal entries.)
Answer:
पुराना लाभ विभाजन अनुपात (Old Profit Sharing Ratio) L:M:N \( = 2:2:1 \) या \( \frac{2}{5}:\frac{2}{5}:\frac{1}{5} \)
N का नया हिस्सा (N's New Share) \( = \frac{1}{4} \)
शेष हिस्सा (Remaining Share) \( = 1 - \frac{1}{4} = \frac{3}{4} \)
L और M का नया हिस्सा (New Shares of L and M): वे शेष हिस्से को अपने पुराने अनुपात 2:2 (या 1:1) में बाँटेंगे.
L का नया हिस्सा \( = \frac{3}{4} \times \frac{2}{4} = \frac{6}{16} \)
M का नया हिस्सा \( = \frac{3}{4} \times \frac{2}{4} = \frac{6}{16} \)
N का नया हिस्सा \( = \frac{1}{4} = \frac{4}{16} \)
नया लाभ विभाजन अनुपात (New Profit Sharing Ratio) L:M:N \( = \frac{6}{16}:\frac{6}{16}:\frac{4}{16} = 3:3:2 \)
त्याग/लाभ अनुपात की गणना (Calculation of Sacrificing/Gaining Ratio):
त्याग \( = \) पुराना हिस्सा \( - \) नया हिस्सा
L का त्याग \( = \frac{2}{5} - \frac{6}{16} = \frac{32-30}{80} = \frac{2}{80} \) (त्याग)
M का त्याग \( = \frac{2}{5} - \frac{6}{16} = \frac{32-30}{80} = \frac{2}{80} \) (त्याग)
N का लाभ \( = \frac{4}{16} - \frac{1}{5} = \frac{20-16}{80} = \frac{4}{80} \) (लाभ)
फर्म की ख्याति का मूल्यांकन (Firm's Goodwill Valuation) \( = \text{Rs } 80,000 \)
N के लाभ का ख्याति का हिस्सा (N's Share of Goodwill Gain) \( = \text{Rs } 80,000 \times \frac{4}{80} = \text{Rs } 4,000 \)
पुस्तकों में दिखाई गई ख्याति (Goodwill appearing in books) \( = \text{Rs } 20,000 \)
Journal Entries:

ParticularsDr. (Rs)Cr. (Rs)
L's Capital A/c Dr.8,000
M's Capital A/c Dr.8,000
N's Capital A/c Dr.4,000
 To Goodwill A/c20,000
(Being goodwill A/c written off)
N's Capital A/c Dr.4,000
 To L's Capital A/c2,000
 To M's Capital A/c2,000
(Being goodwill adjusted on change in profit sharing ratio)

In simple words: हमने पहले पुरानी ख्याति को L, M और N के पुराने अनुपात में उनके खातों से डेबिट करके खत्म किया. फिर N को जितना लाभ हो रहा था, उस हिस्से की ख्याति के लिए N के खाते को डेबिट किया और L और M के खातों को क्रेडिट किया क्योंकि उन्हें त्याग हो रहा था.

🎯 Exam Tip: When there's a change in the profit-sharing ratio and goodwill is revalued, remember to first write off any existing goodwill, then calculate the sacrificing/gaining ratio, and finally pass an adjustment entry for the new goodwill through the partners' capital accounts.

RBSE Class 12 Accountancy Chapter 2 निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. नये साझेदार के प्रवेश से क्या समझते हैं ? ख्याति की गणना की विभिन्न विधियों को उदाहरण सहित समझाइये।
(What do you understand by the admission of a new partner? Explain the different methods of calculating goodwill with examples.)
Answer:
**नये साझेदार का प्रवेश (Admission of a New Partner)**
नये साझेदार का प्रवेश का अर्थ है साझेदारी के व्यवसाय में एक नए व्यक्ति का मालिक के रूप में शामिल होना, जिससे साझेदारों की कुल संख्या बढ़ जाती है. जब एक नया साझेदार फर्म में शामिल होता है, तो पुरानी साझेदारी खत्म हो जाती है और एक नई साझेदारी शुरू हो जाती है. एक नया साझेदार लाभ में हिस्सा लेने और फर्म की संपत्ति में हिस्सा लेने के अधिकार प्राप्त करता है.
**नये साझेदार के प्रवेश के समय की मुख्य समस्याएँ और समायोजन:**
एक नए साझेदार के प्रवेश पर कुछ मुख्य समस्याएँ आती हैं, जिनके लिए विशेष समायोजन करने पड़ते हैं:
1. **नये लाभ विभाजन अनुपात व त्याग अनुपात की गणना (Calculation of New Profit Sharing Ratio & Sacrificing Ratio):**
नया साझेदार अपने लाभ का हिस्सा पुराने साझेदारों से प्राप्त करता है, जिसके कारण उनका लाभ विभाजन अनुपात बदल जाता है. इसलिए, नए लाभ विभाजन अनुपात की गणना की जाती है. पुराने साझेदार अपने लाभ के हिस्से का जितना त्याग करते हैं, उसे त्याग अनुपात कहते हैं.
त्याग अनुपात \( = \) पुराना लाभ विभाजन अनुपात \( - \) नया लाभ विभाजन अनुपात
2. **ख्याति से सम्बन्धित समायोजन (Adjustment Related to Goodwill):**
नए साझेदार के प्रवेश पर फर्म की ख्याति का मूल्यांकन करके उसके समायोजन से संबंधित लेखांकन किया जाता है. ख्याति के मूल्यांकन की प्रमुख विधियाँ निम्नलिखित हैं:
(i) **वर्षों की क्रय विधि (Year's Purchase Method):**
जब ख्याति का मूल्यांकन व्यवसाय के लाभों को कुछ वर्षों के गुणा के आधार पर किया जाता है, तो इसे वर्षों की क्रय विधि कहते हैं. यह विधि दो आधारों पर गणना करती है:
(अ) **औसत लाभ आधार (Average Profit Base):**
इस विधि में ख्याति का मूल्यांकन पिछले कुछ वर्षों के औसत लाभों (हानियों सहित) के आधार पर होता है. औसत लाभ की गणना करते समय पिछले वर्षों के लाभों में निम्नलिखित समायोजन किए जाते हैं:
* संबंधित वर्ष की आय में से असामान्य लाभ/आय को घटा दें.
* संबंधित वर्ष की आय में असामान्य हानि/व्यय को जोड़ दें.
* संबंधित वर्ष की आय में से गैर-व्यापारिक विनियोगों पर प्राप्त आय को घटा दें.
औसत लाभ (Average Profit) \( = \frac{\text{कुल समायोजित लाभ (Total Adjusted Profit)}}{\text{वर्षों की संख्या (No. of Years)}} \)
ख्याति (Goodwill) \( = \) वास्तविक औसत लाभ (Actual Average Profit) \( \times \) वर्षों के क्रय की संख्या (No. of Years Purchase)
**उदाहरण:**
पिछले पाँच वर्षों के औसत लाभ के आधार पर चार वर्षों के क्रय मूल्य पर ख्याति की गणना कीजिए. पिछले पाँच वर्षों के लाभ क्रमशः Rs 40,000, Rs 50,000, Rs 60,000, Rs 50,000 तथा Rs 60,000 थे.
**हल:**
कुल लाभ (Total Profit) \( = \text{Rs } 40,000 + \text{Rs } 50,000 + \text{Rs } 60,000 + \text{Rs } 50,000 + \text{Rs } 60,000 = \text{Rs } 2,60,000 \)
औसत लाभ (Average Profit) \( = \frac{\text{Rs } 2,60,000}{5} = \text{Rs } 52,000 \)
ख्याति (Goodwill) \( = \text{Rs } 52,000 \times 4 = \text{Rs } 2,08,000 \)
(ब) **भारित औसत लाभ (Weighted Average Profit):**
जब फर्म के लाभ लगातार बढ़ रहे हों या लगातार घट रहे हों, तब भारित औसत लाभ विधि का उपयोग होता है. इसमें प्रत्येक वर्ष के लाभ को संबंधित भारों से गुणा करके कुल गुणनफल निकाला जाता है. फिर भारित औसत लाभ निकालने के लिए गुणनफलों के योग को भारित संख्याओं के योग से भाग दिया जाता है. ख्याति निकालने के लिए भारित औसत लाभ को स्वीकृत वर्षों की संख्या से गुणा किया जाता है.
भारित औसत लाभ (Weighted Average Profit) \( = \frac{\text{लाभों का कुल गुणनफल (Total Products of Profit)}}{\text{भारों का कुल योग (Total of Weights)}} \)
ख्याति (Goodwill) \( = \) भारित औसत लाभ (Weighted Average Profit) \( \times \) वर्षों के क्रय की संख्या (Agreed Number of Years Purchase)
(ii) **अधिलाभ आधार (Super Profit Base):**
यदि फर्म का वास्तविक औसत लाभ उसी व्यवसाय को करने वाली अन्य फर्मों के सामान्य लाभ से अधिक हो, तो यह अंतर अधिलाभ कहलाता है. इस विधि में, ख्याति का मूल्य ज्ञात करने के लिए अधिलाभ को वर्षों के क्रय की संख्या से गुणा किया जाता है.
अधिलाभ (Super Profit) \( = \) वास्तविक औसत लाभ (Actual Average Profit) \( - \) सामान्य लाभ (Normal Profit)
सामान्य लाभ (Normal Profit) \( = \frac{\text{विनियोजित पूँजी (Capital Employed) } \times \text{सामान्य प्रत्याय दर (Normal Rate of Return)}}{100} \)
विनियोजित पूँजी (Capital Employed) \( = \) प्रयुक्त सम्पत्तियाँ (Assets Employed) \( - \) बाह्य दायित्व (Outside Liabilities)
सामान्य प्रत्याय दर (Normal Rate of Return) \( = \) ब्याज की दर (Rate of Interest) \( + \) जोखिम तत्व (Risk Factor)
ख्याति (Goodwill) \( = \) अधिलाभ (Super Profit) \( \times \) वर्षों के क्रय की संख्या (No. of Year's Purchase)
2. **पूँजीकरण विधि (Capitalization Method):**
इस विधि में व्यवसाय द्वारा कमाए गए लाभों को पूँजीकृत करके ख्याति का मूल्य ज्ञात किया जाता है. इसमें ख्याति का मूल्यांकन दो आधारों पर किया जा सकता है:
(अ) **औसत लाभों की पूँजीकरण विधि (Capitalization of Average Profits Method):**
इस विधि में औसत लाभ को पूँजीकृत करके फर्म की कुल पूँजी निकाली जाती है, और फिर इस पूँजी में से विनियोजित पूँजी को घटाकर ख्याति का मूल्य ज्ञात किया जाता है.
ख्याति (Goodwill) \( = \frac{\text{औसत लाभ (Average Profit) } \times 100}{\text{सामान्य प्रत्याय दर (Normal Rate of Return)}} - \text{विनियोजित पूँजी (Capital Employed)} \)
**उदाहरण:**
एक फर्म का औसत लाभ Rs 25,000 है और फर्म की पूँजी Rs 2,00,000 है. सामान्य प्रत्याय दर 10 प्रतिशत है. औसत लाभों की पूँजीकरण विधि से ख्याति की गणना कीजिए.
**हल:**
पूँजीकृत औसत लाभ (Capitalized Average Profit) \( = \frac{\text{Rs } 25,000 \times 100}{10} = \text{Rs } 2,50,000 \)
विनियोजित पूँजी (Capital Employed) \( = \text{Rs } 2,00,000 \)
ख्याति (Goodwill) \( = \text{Rs } 2,50,000 - \text{Rs } 2,00,000 = \text{Rs } 50,000 \)
(ब) **अधिलाभों की पूँजीकरण विधि (Capitalization of Super Profits Method):**
इस विधि में अधिलाभ को सामान्य प्रत्याय दर पर पूँजीकृत करके सीधे ख्याति का मूल्य ज्ञात किया जाता है.
ख्याति (Goodwill) \( = \frac{\text{अधिलाभ (Super Profit) } \times 100}{\text{सामान्य प्रत्याय दर (Normal Rate of Return)}} \)
3. **छिपी हुई या अनुमानित ख्याति विधि (Hidden Goodwill Method):**
यह विधि नए साझेदार के लाभ के हिस्से और उसके द्वारा लाई गई पूँजी के आधार पर फर्म की कुल पूँजी ज्ञात करने के लिए उपयोग की जाती है. ख्याति का मूल्य इस तरह निकाला जाता है.
ख्याति (Goodwill) \( = \) कुल पूँजी (Total Capital) \( - \) (पुराने साझेदारों की समायोजित पूँजी (Adjusted Capital of Old Partners) \( + \) नए साझेदार की पूँजी (New Partner's Capital))
पुराने साझेदारों की समायोजित पूँजी \( = \) पूँजी शेष (Capital Balance) \( + \) संचय (Reserve) \( + \) लाभ (Profit) \( - \) हानि (Loss)
**उदाहरण:**
A और B एक फर्म में साझेदार हैं जिनके पूँजी खातों के शेष Rs 15,000 और Rs 25,000 हैं. चिट्टे में अवितरित संचय Rs 10,000 का है. C को 1/4 हिस्से के लिए फर्म में प्रवेश देते हैं जो Rs 25,000 पूँजी लाता है. ख्याति का मूल्य ज्ञात कीजिए.
**हल:**
C की पूँजी के आधार पर फर्म की कुल पूँजी \( = \frac{\text{Rs } 25,000 \times 4}{1} = \text{Rs } 1,00,000 \)
A की समायोजित पूँजी \( = \text{Rs } 15,000 + \text{Rs } 5,000 (\text{संचय का हिस्सा}) = \text{Rs } 20,000 \)
B की समायोजित पूँजी \( = \text{Rs } 25,000 + \text{Rs } 5,000 (\text{संचय का हिस्सा}) = \text{Rs } 30,000 \)
A और B की कुल समायोजित पूँजी \( = \text{Rs } 20,000 + \text{Rs } 30,000 = \text{Rs } 50,000 \)
कुल वास्तविक पूँजी \( = \text{Rs } 50,000 + \text{Rs } 25,000 (\text{C की पूँजी}) = \text{Rs } 75,000 \)
फर्म की ख्याति (Goodwill) \( = \text{Rs } 1,00,000 - \text{Rs } 75,000 = \text{Rs } 25,000 \)
5. **वार्षिकी विधि (Annuity Method):**
इस विधि में ख्याति का मूल्य भविष्य में कमाए जाने वाले अधिलाभ के वर्तमान मूल्य के बराबर माना जाता है. अधिलाभों के वर्तमान मूल्य की गणना वार्षिकी तालिकाओं के आधार पर होती है. इसमें अधिलाभ को वार्षिकी के वर्तमान मूल्य से गुणा करके ख्याति का मूल्यांकन किया जाता है.
ख्याति (Goodwill) \( = \) अधिलाभ (Super Profit) \( \times \) वार्षिकी का वर्तमान मूल्य (Present Value of Annuity)
यदि वार्षिकी का वर्तमान मूल्य नहीं दिया गया है, तो इसे इस सूत्र से निकालते हैं:
\[ \text{वार्षिकी का वर्तमान मूल्य (Present Value of Annuity)} = \frac{1 - \frac{1}{(1+r)^n}}{r} \]
जहाँ, \( n = \) वर्षों की संख्या (Number of Years) और \( r = \) सामान्य प्रत्याय दर (Normal Rate of Return)
**उदाहरण:**
औसत लाभ \( = \text{Rs } 40,000 \), विनियोजित पूँजी \( = \text{Rs } 2,00,000 \), सामान्य प्रत्याय की दर \( = 10\% \), वर्तमान मूल्य \( = 2.487 \) वार्षिकी विधि से ख्याति का मूल्य ज्ञात कीजिए.
**हल:**
सामान्य लाभ (Normal Profit) \( = \text{Rs } 2,00,000 \times \frac{10}{100} = \text{Rs } 20,000 \)
अधिलाभ (Super Profit) \( = \text{Rs } 40,000 - \text{Rs } 20,000 = \text{Rs } 20,000 \)
ख्याति (Goodwill) \( = \text{Rs } 20,000 \times 2.487 = \text{Rs } 49,740 \)
**पुनर्मूल्यांकन खाते के लिए जर्नल प्रविष्टियाँ (Journal Entries for Revaluation Account)**
नये साझेदार के प्रवेश के समय, संपत्ति और देनदारियों को नए मूल्यों पर दिखाने के लिए उनका पुनर्मूल्यांकन किया जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि संपत्ति के मूल्य बढ़ने या देनदारियों के मूल्य घटने पर लाभ होता है, और संपत्ति के मूल्य घटने या देनदारियों के मूल्य बढ़ने पर हानि होती है. लाभ होने पर पुराने साझेदार नए साझेदार को नहीं देना चाहेंगे, और हानि होने पर नया साझेदार उसे वहन नहीं करना चाहेगा. इसलिए पुनर्मूल्यांकन के लाभ-हानि को पुराने साझेदारों में उनके पुराने लाभ विभाजन अनुपात में बांटा जाता है. इसके लिए एक विशेष खाता खोला जाता है, जिसे पुनर्मूल्यांकन खाता (Revaluation Account) या लाभ-हानि समायोजन खाता (P & L Adjustment A/c) कहते हैं. यह एक अवास्तविक खाता (Nominal Account) है.

S.No.ParticularsDr. (Rs)Cr. (Rs)
(1)सम्पत्तियों के मूल्य में वृद्धि होने पर (For Increase in Value of Assets)
Assets A/c Dr.
 To Revaluation A/c
(2)सम्पत्तियों के मूल्य में कमी होने पर (For Decrease in Value of Assets)
Revaluation A/c Dr.
 To Assets A/c
(3)अअंकित सम्पत्तियों के लिए (For Unrecorded Assets)
Unrecorded Assets A/c Dr.
 To Revaluation A/c
(4)दायित्वों के मूल्य में वृद्धि होने पर (For Increase in Value of Liabilities)
Revaluation A/c Dr.
 To Liabilities/Provision A/c
(5)दायित्वों के मूल्य में कमी होने पर (For Decrease in Value of Liabilities)
Liabilities/Provision A/c Dr.
 To Revaluation A/c
(6)अअंकित दायित्वों के लिए (For Unrecorded Liabilities)
Revaluation A/c Dr.
 To Unrecorded Liabilities A/c
(7)पुनर्मूल्यांकन पर लाभ के लिए (For Profit on Revaluation)
Revaluation A/c Dr.
 To Old Partner's Capital A/c (In OPSR)
(8)पुनर्मूल्यांकन पर हानि के लिए (For Loss on Revaluation)
Old Partner's Capital A/c Dr.
 To Revaluation A/c (In OPSR)

In simple words: नए साझेदार के आने का मतलब है कि एक नया व्यक्ति फर्म का मालिक बन जाता है. इसके लिए लाभ बांटने, ख्याति को समझने और संपत्ति व देनदारियों का नया मूल्यांकन करने जैसे कई काम करने पड़ते हैं. ख्याति को मापने के अलग-अलग तरीके हैं, जैसे औसत लाभ, अधिलाभ या पूँजीकरण विधि. हर विधि का अपना तरीका है कि वह फर्म की वैल्यू कैसे निकालती है.

🎯 Exam Tip: For essay questions, structure your answer with clear headings and sub-headings, define key terms, explain concepts with relevant formulas and examples, and summarize the main points. Also, mention the journal entries for revaluation as it's a common adjustment.

 

पुनर्मूल्यांकन खाते का प्रारूप (Format Of Revaluation Account)

ParticularsAmount RsParticularsAmount Rs
To Decrease in Value of AssetsBy Increase in Value of Assets
To Increase in the Value of Liabilities/provisionBy Decrease in the value of, Liabilities/provision
To Unrecorded LiabilitiesBy Unrecorded Assets
To Profit on RevaluationBy Loss on Revaluation
Transfer to old Partner's Capital A/c (In OPSR)Transfer to old Partner's Capital, A/c (In OPSR)

 

Question 3. एक नये साझेदार के प्रवेश के समय कौन-सी समस्याएँ आती हैं ? उनके समाधान हेतु कौन-कौन से समायोजन किये जाते हैं ? वर्णन कीजिए।
Answer: नये साझेदार के प्रवेश के समय एक साझेदारी फर्म को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इनमें नया लाभ विभाजन अनुपात तय करना, नये साझेदार के त्याग का हिस्सा निर्धारित करना, ख्याति का मूल्यांकन करना, सम्पत्तियों और दायित्वों का पुनर्मूल्यांकन करना, संचय और अवितरित लाभों का समायोजन करना और पूँजी का समायोजन करना शामिल है। इन समस्याओं को हल करने के लिए कई समायोजन किए जाते हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं:
1. नये लाभ विभाजन अनुपात व त्याग अनुपात की गणना (Calculation of New Profit Sharing Ratio & Sacrificing Ratio):
जब कोई नया साझेदार आता है, तो पुराने साझेदारों का लाभ बाँटने का अनुपात बदल जाता है, क्योंकि नये साझेदार को भी लाभ का हिस्सा मिलता है। इसलिए, नया लाभ विभाजन अनुपात निकालना ज़रूरी हो जाता है। पुराने साझेदार अपने लाभ के जिस हिस्से को नये साझेदार के लिए छोड़ते हैं, उसे 'त्याग अनुपात' कहते हैं। यह अनुपात पुराने लाभ विभाजन अनुपात में से नये लाभ विभाजन अनुपात को घटाकर निकाला जाता है:
त्याग अनुपात \( = \) पुराना लाभ विभाजन अनुपात \( - \) नया लाभ विभाजन अनुपात
कुछ खास स्थितियाँ जब त्याग अनुपात की गणना की जाती है:

  • जब नया साझेदार अपना हिस्सा अलग-अलग अनुपात में पुराने साझेदारों से लेता है।
  • जब नया साझेदार अपना पूरा हिस्सा सिर्फ एक पुराने साझेदार से लेता है।
  • जब नया साझेदार अपना हिस्सा पुराने साझेदारों से एक तय अनुपात में लेता है।
  • जब पुराने साझेदार अपने हिस्से का कुछ भाग नये साझेदार के लिए छोड़ते हैं।

2. ख्याति से सम्बन्धित समायोजन (Adjustment Related to Goodwill):
नये साझेदार के आने पर, ख्याति (गुडविल) की कीमत निकाली जाती है और इसे खातों में सही तरीके से दर्ज किया जाता है। ख्याति को मापने के मुख्य तरीके ये हैं:
  • वर्षों की क्रय विधि
  • पूँजीकरण विधि
  • छिपी हुई या अनुमानित ख्याति विधि
  • क्रय प्रतिफल विधि
  • वार्षिकी विधि

ख्याति का हिसाब रखने के लिए अलग-अलग स्थितियाँ हो सकती हैं:
  • जब ख्याति का पैसा निजी तौर पर चुकाया जाता है।
  • जब नया साझेदार अपने हिस्से की ख्याति नकद में लाता है।
  • जब नया साझेदार ख्याति का पैसा नकद में नहीं लाता है।
  • जब नया साझेदार अपने हिस्से की ख्याति का कुछ हिस्सा नकद में लाता है।
  • जब नया साझेदार ख्याति के बदले कोई संपत्ति लाता है।

3. सम्पत्तियों तथा दायित्वों का पुनर्मूल्यांकन (Revaluation of Assets and Liabilities):
जब कोई नया साझेदार फर्म में शामिल होता है, तो वह यह जानना चाहता है कि फर्म की संपत्ति और देनदारियों का मूल्य बैलेंस शीट में सही दिखाया गया है या नहीं। इसके लिए सभी संपत्ति और देनदारियों का मूल्य फिर से आँका जाता है (पुनर्मूल्यांकन)। संपत्ति के मूल्य में कमी या बढ़ोतरी और देनदारियों में कमी या बढ़ोतरी को पुनर्मूल्यांकन खाते में दर्ज किया जाता है। यह खाता एक नॉमिनल अकाउंट होता है। अगर संपत्ति का मूल्य घटता है या देनदारियाँ बढ़ती हैं, तो फर्म को नुकसान होता है। इसके उलट, अगर संपत्ति का मूल्य बढ़ता है या देनदारियाँ घटती हैं, तो फर्म को फायदा होता है।
यदि पुनर्मूल्यांकन खाते के क्रेडिट पक्ष का कुल योग डेबिट पक्ष से अधिक होता है, तो लाभ होता है। वहीं, अगर डेबिट पक्ष का योग क्रेडिट पक्ष से अधिक होता है, तो हानि होती है। पुनर्मूल्यांकन खाते से होने वाले लाभ या हानि को पुराने साझेदारों के बीच उनके पुराने लाभ-हानि अनुपात में बाँट दिया जाता है।
4. पूँजी का समायोजन (Adjustment of Capital):
नये साझेदार के फर्म में आने पर, साझेदारों की पूँजी को इन तीन तरीकों से समायोजित किया जा सकता है:
  • पुराने साझेदारों की पूँजी का समायोजन नये साझेदार की पूँजी के आधार पर:
    जब पुराने साझेदारों की पूँजी को नये साझेदार की पूँजी के हिसाब से समायोजित किया जाता है, तो पहले पूरी फर्म की कुल पूँजी निकाली जाती है। फिर इस पूँजी को नये लाभ विभाजन अनुपात में सभी साझेदारों के बीच बाँटा जाता है। जिन साझेदारों की पूँजी कम या ज़्यादा होती है, वे या तो फर्म में पैसे लाते हैं या फर्म से पैसे निकालते हैं, ताकि पूँजी बराबर हो जाए। यह समायोजन नकद में या साझेदारों के चालू खाते के ज़रिये किया जा सकता है। अगर सवाल में कोई ख़ास जानकारी नहीं दी गई हो, तो इसे नकद में ही किया जाता है।
  • नये साझेदार की पूँजी का निर्धारण पुराने साझेदारों की पूँजी के आधार पर:
    इस तरीके में, नये साझेदार के प्रवेश के बाद पुराने साझेदारों की पूँजी में ख्याति (गुडविल), बिना बाँटे हुए लाभ, पुनर्मूल्यांकन से होने वाले लाभ या हानि जैसे सभी समायोजन कर दिए जाते हैं। इन समायोजनों के बाद बची हुई पूँजी के कुल योग के आधार पर फर्म की कुल पूँजी निकाली जाती है, और फिर नये साझेदार की पूँजी का हिस्सा तय किया जाता है।
  • जब नयी फर्म की कुल पूँजी पहले से दी गई हो:
    यदि प्रश्न में नयी फर्म की कुल पूँजी पहले से बताई गई हो, तो उस पूँजी को नये लाभ विभाजन अनुपात के अनुसार सभी साझेदारों में बाँटा जाता है। नया साझेदार अपने हिस्से की पूँजी लाता है। पुराने साझेदार भी अपनी पूँजी को नये अनुपात के हिसाब से समायोजित करते हैं; यदि उनकी पूँजी कम पड़ती है तो वे पैसे लाते हैं, और यदि ज़्यादा होती है तो निकाल लेते हैं। यह समायोजन नकद में या चालू खातों के माध्यम से किया जा सकता है।
In simple words: नये साझेदार के आने पर, लाभ बाँटने का अनुपात, ख्याति का हिसाब, संपत्ति-देनदारियों का मूल्य और साझेदारों की पूँजी को ठीक करना ज़रूरी होता है। इसके लिए कुछ ख़ास नियम और तरीके अपनाए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: इस तरह के लंबे सवालों में हर एक समायोजन को छोटे-छोटे हिस्सों में बाँटकर समझना और हल करना सबसे अच्छा तरीका है।

 

Question 4. स्मरणार्थ पुनर्मूल्यांकन खाता क्या है ? यह पुनर्मूल्यांकन खाते से किस प्रकार भिन्न है ?
Answer: स्मरणार्थ पुनर्मूल्यांकन खाता (Memorandum Revaluation Account):
नये साझेदार के प्रवेश पर, कभी-कभी साझेदार यह तय करते हैं कि वे संपत्ति और देनदारियों का पुनर्मूल्यांकन तो करेंगे, लेकिन उनके बदले हुए मूल्यों को खातों में नहीं दिखाएंगे। इसका मतलब है कि संपत्ति और देनदारियाँ पुरानी कीमतों पर ही दिखेंगी। ऐसी स्थिति में 'स्मरणार्थ पुनर्मूल्यांकन खाता' बनाया जाता है। इस खाते में संपत्ति के पुनर्मूल्यांकन से हुई हानि को डेबिट किया जाता है और लाभ को क्रेडिट किया जाता है। इस खाते का बचा हुआ लाभ या हानि पुराने साझेदारों के पूँजी खातों में उनके पुराने अनुपात में बाँट दिया जाता है। बाद में, इसी राशि को सभी साझेदारों के पूँजी खातों में उनके नये अनुपात में उलट प्रविष्टि (रिवर्स एंट्री) के रूप में दर्ज किया जाता है।

स्मरणार्थ पुनर्मूल्यांकन खाता तथा पुनर्मूल्यांकन खाते में अन्तर:

स्मरणार्थ पुनर्मूल्यांक खातापुनर्मूल्यांकन खाता
(1) इसमें लेखा पुस्तकों में सम्पत्तियों एवं दायित्वों का नया मूल्य नहीं दर्शाया जाता है।(1) इसमें सम्पत्तियों एवं दायित्वों को पुनर्मूल्यांकित मूल्य पर ही दिखाया जाता है।
(2) यह खाता केवल पुनर्मूल्यांकन के लाभ/हानि को बाँटने के लिए बनाया जाता है।(2) यह सम्पत्तियों एवं दायित्वों के पुनर्मूल्यांकन के प्रभाव से उत्पन्न हानि या लाभ को बाँटने के लिए बनाया जाता है।


In simple words: स्मरणार्थ पुनर्मूल्यांकन खाता सिर्फ़ हिसाब के लिए होता है और संपत्ति-देनदारियों का मूल्य नहीं बदलता, जबकि सामान्य पुनर्मूल्यांकन खाता वास्तविक मूल्यों को दिखाता है।

🎯 Exam Tip: स्मरणार्थ पुनर्मूल्यांकन खाते का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पुस्तकों में संपत्ति और देनदारियों के पुराने मूल्य बने रहें, जबकि लाभ-हानि का समायोजन किया जा सके।

 

Question 5. किसी साझेदार के प्रवेश के समय भारतीय AS-26/Indian AS-38 के अनुसार ख्याति का लेखांकन संव्यवहार बतायें।
Answer: भारतीय लेखा मानक (AS-26 और Indian AS-38) के अनुसार, ख्याति (गुडविल) को खातों में तभी दिखाया जाता है जब इसे खरीदने के लिए नकद या किसी और रूप में कुछ दिया गया हो। इसका मतलब है कि सिर्फ़ खरीदी गई ख्याति को ही किताबों में दर्ज किया जाएगा। जब कोई नया साझेदार आता है, या कोई साझेदार अवकाश लेता है, या साझेदारों के बीच लाभ-हानि का अनुपात बदलता है, तो फर्म द्वारा खुद बनाई गई (स्व-अर्जित) ख्याति को पूँजी खातों या चालू खातों के माध्यम से समायोजित किया जाता है, न कि सीधे किताबों में दिखाया जाता है।

नये साझेदार के प्रवेश पर ख्याति का लेखा (Goodwill Treatment on Admission of New Partner):
लेखा मानक 26 के आधार पर, नये साझेदार के प्रवेश के समय ख्याति के संबंध में निम्नलिखित प्रकार से लेखा किया जाता है:
2. (a) नए साझेदार के द्वारा अपने हिस्से की ख्याति की राशि नकद लाना:
Cash/Bank A/c Dr.
To Goodwill A/c
(नये साझेदार द्वारा ख्याति के लिए लाई गई नकद राशि)
(b) पुराने साझेदारों के द्वारा ख्याति की राशि को अपने लाभ के त्याग के अनुपात (Sacrificing ratio) में बाँट लेना:
Goodwill A/c Dr.
To Old Partner's Capital A/c (त्याग अनुपात में)
(त्याग करने वाले पुराने साझेदारों के पूँजी खातों में ख्याति प्रीमियम जमा की गई)
3. प्रश्नानुसार पुराने साझेदारों के द्वारा अपने हिस्से की ख्याति की राशि को पूर्णत/आंशिक रूप में निकाल लेना:
Old Partner's Capital A/c Dr.
To Cash/Bank A/c
(पुराने साझेदारों द्वारा ख्याति की राशि पूरी या आंशिक रूप से निकाली गई)
4. नया साझेदार अपने हिस्से की ख्याति की राशि नकद नहीं लाए तो फर्म की ख्याति का मूल्यांकन कर नए साझेदार के लाभ के आधार पर इसके हिस्से की ख्याति की राशि निकालना:
New Partner's Current A/c Dr.
To Old Partner's Capital A/c (त्याग अनुपात में)
(नये साझेदार के चालू खाते में ख्याति की राशि डेबिट की गई और पुराने साझेदारों के पूँजी खातों में जमा की गई)
5. आर्थिक चिठ्ठा में प्रदर्शित खाता को पुराने साझेदारों के द्वारा उनके पुराने लाभ-हानि अनुपात में अपलिखित करना:
Old Partner's Capital A/c Dr.
To Goodwill A/c
(मौजूदा ख्याति को पुराने साझेदारों के पूँजी खातों में पुराने लाभ-हानि अनुपात में अपलिखित किया गया)

In simple words: ख्याति को तभी रिकॉर्ड करते हैं जब उसे खरीदा गया हो। नये साझेदार के आने पर, ख्याति को कैसे दर्ज करना है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि वह नकद में लाई गई है या नहीं, और पुराने साझेदार इसे निकालते हैं या नहीं।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि भारतीय लेखा मानक (AS-26) के तहत, सिर्फ़ खरीदी गई ख्याति को ही बैलेंस शीट में दिखाया जा सकता है। स्व-अर्जित ख्याति को आंतरिक रूप से समायोजित किया जाता है।

RBSE Class 12 Accountancy Chapter 2 आंकिक प्रश्न

 

Question 1. A व B एक फर्म में 3:1 के अनुपात में लाभ विभाजन करते हुए साझेदार हैं। वे C को लाभों का 1/4 हिस्से के लिए प्रवेश देते हैं। C के प्रवेश की तिथि को फर्म की ख्याति Rs 40,000 पर मूल्यांकित की गयी । निम्न परिस्थितियों में ख्याति के लेखांकन हेतु प्रविष्टियाँ दीजिये
Answer:

सबसे पहले, हम लाभ विभाजन अनुपात की गणना करते हैं:
C का लाभ में हिस्सा \( = \frac{1}{4} \)
C के प्रवेश के बाद शेष लाभ \( = 1 - \frac{1}{4} = \frac{3}{4} \)
A का नया लाभ \( = \frac{3}{4} \times \frac{3}{4} = \frac{9}{16} \)
B का नया लाभ \( = \frac{3}{4} \times \frac{1}{4} = \frac{3}{16} \)
A, B तथा C का नया लाभ-हानि अनुपात \( = \frac{9}{16} : \frac{3}{16} : \frac{1}{4} = 9:3:4 \)
A तथा B का त्याग अनुपात \( = 3:1 \)

अब हम विभिन्न परिस्थितियों में प्रविष्टियाँ देखेंगे:
(a) निजी तौर पर ख्याति का हिस्सा देने पर फर्म की पुस्तकों में कोई लेखा नहीं होगा।

(b) C अपने हिस्से की ख्याति नकद में लाता है:
(i) Cash A/c Dr. Rs 10,000
    To Goodwill A/c Rs 10,000
(ख्याति की राशि नकद में लाई गई)
(ii) Goodwill A/c Dr. Rs 10,000
    To A's Capital A/c Rs 7,500
    To B's Capital A/c Rs 2,500
(ख्याति की राशि त्याग करने वाले साझेदारों के पूँजी खातों में हस्तांतरित की गई)

(c) C अपने हिस्से की ख्याति नकद में लाता है और A व B आधी ख्याति निकाल लेते हैं:
(i) Cash A/c Dr. Rs 10,000
    To Goodwill A/c Rs 10,000
(ख्याति की राशि नकद में लाई गई)
(ii) Goodwill A/c Dr. Rs 10,000
    To A's Capital A/c Rs 7,500
    To B's Capital A/c Rs 2,500
(ख्याति की राशि त्याग करने वाले साझेदारों के पूँजी खातों में हस्तांतरित की गई)
(iii) A's Capital A/c Dr. Rs 3,750
     B's Capital A/c Dr. Rs 1,250
     To Cash A/c Rs 5,000
(आधी ख्याति की राशि साझेदारों द्वारा निकाली गई)

(d) C अपने हिस्से की ख्याति में से Rs 6,000 नकद में लाता है:
(i) Cash A/c Dr. Rs 6,000
    To Goodwill A/c Rs 6,000
(ख्याति की नकद में लाई गई राशि)
(ii) Goodwill A/c Dr. Rs 6,000
     C's Current A/c Dr. Rs 4,000
     To A's Capital A/c Rs 7,500
     To B's Capital A/c Rs 2,500
(ख्याति की राशि (नकद और चालू खाते के माध्यम से) त्याग करने वाले साझेदारों के पूँजी खातों में हस्तांतरित की गई)

(e) C अपने हिस्से की ख्याति नकद में लाने में असमर्थ है:
C's Current A/c Dr. Rs 10,000
    To A's Capital A/c Rs 7,500
    To B's Capital A/c Rs 2,500
(नये साझेदार की ख्याति का हिस्सा चालू खाते के माध्यम से समायोजित किया गया)

In simple words: ख्याति को नकद में लाने, आंशिक रूप से लाने या न लाने पर अलग-अलग प्रविष्टियाँ की जाती हैं। नकद लाने पर कैश/गुडविल और गुडविल/पुराने साझेदारों का कैपिटल, जबकि न लाने पर चालू खाते का उपयोग होता है।

🎯 Exam Tip: ख्याति के लेखांकन में हमेशा यह ध्यान रखें कि नया साझेदार ख्याति का हिस्सा नकद में ला रहा है या नहीं, और क्या पुराने साझेदार उस राशि को निकाल रहे हैं। इससे सही जर्नल एंट्री तय होगी।

 

Question 2. अ और ब एक व्यवसाय के लाभों को 5 : 3 में बाँटते हैं। वे स को लाभ में 1/4 हिस्से के लिए शामिल करते हैं जो कि अ तथा ब द्वारा बराबर दिया जायेगा । स के प्रवेश के समय फर्म का चिट्ठा निम्न प्रकार था

LiabilitiesAmount RsAssetsAmount Rs
A's Capital50,000Goodwill10,000
B's Capital30,000Machinery35,000
General Reserve16,000Furniture15,000
Creditors14,000Stock10,000
Employee's Provident Fund10,000Debtors10,000
Bank40,000
Total1,20,000Total1,20,000


C के प्रवेश की शर्तें निम्न प्रकार थीं:
1. C अपनी पूँजी और ख्याति के हिस्से के लिए Rs 30,000 लाएगा।
2. फर्म की ख्याति का मूल्यांकन पिछले चार वर्षों के औसत अधिलाभ के तीन गुना पर किया जाएगा। पिछले चार वर्षों का औसत लाभ Rs 20,000 है, जबकि विनियोजित पूँजी पर सामान्य लाभ Rs 12,000 है।
3. मशीनरी, फर्नीचर और स्टॉक का पुनर्मूल्यांकन क्रमशः Rs 30,000, Rs 12,000 और Rs 8,000 पर किया गया है।
4. एक पुराने ग्राहक का खाता जिसे डूबत ऋण मान लिया गया था, वह Rs 1,200 चुकाने के लिए तैयार हो जाता है।

उपरोक्त के आधार पर पुनर्मूल्यांकन खाता, साझेदारों के पूँजी खाते और नयी फर्म का चिट्ठा बनाइए। यदि यह तय किया गया कि सम्पत्तियों व दायित्वों को पुराने मूल्यों पर ही दिखाया जाए, तो स्मरणार्थ पुनर्मूल्यांकन खाता, साझेदारों के पूँजी खाते और चिट्ठा बनाइए।

Answer:

कार्य नोट 1: ख्याति की गणना
सुपर प्रॉफिट \( = \) औसत लाभ \( - \) सामान्य लाभ
सुपर प्रॉफिट \( = \) Rs \( 20,000 - \) Rs \( 12,000 = \) Rs \( 8,000 \)
फर्म की ख्याति \( = \) सुपर प्रॉफिट \( \times \) वर्षों की खरीद
फर्म की ख्याति \( = \) Rs \( 8,000 \times 3 = \) Rs \( 24,000 \)
C का ख्याति में हिस्सा \( = \) Rs \( 24,000 \times \frac{1}{4} = \) Rs \( 6,000 \)

पुनर्मूल्यांकन खाता (Revaluation Account)

Dr. ParticularsAmount RsCr. ParticularsAmount Rs
To Machinery A/c5,000By Bad-Debts Recovered1,200
To Furniture A/c3,000By Loss to:
To Stock A/c2,000A's Capital A/c5,500
B's Capital A/c3,300
Total10,000Total10,000


साझेदारों के पूँजी खाते (Partner's Capital A/c)

Dr. ParticularsA RsB RsC RsCr. ParticularsA RsB RsC Rs
To Revaluation A/c5,5003,300-By Balance b/d50,00030,000-
To Goodwill6,2503,750-By Cash A/c--24,000
To Cash A/c1,5001,500-By General Reserve A/c10,0006,000-
To Balance c/d49,75030,45024,000By Goodwill3,0003,000-
Total63,00039,00024,000Total63,00039,00024,000


कार्य नोट 2: रोकड़ खाता (Cash Account)

ParticularsAmount RsParticularsAmount Rs
To Balance b/dNilBy A's Capital1,500
To Goodwill6,000By B's Capital1,500
To C's Capital24,000By Balance c/d27,000
Total30,000Total30,000


नयी फर्म का चिट्ठा (Balance Sheet of New Firm)

LiabilitiesAmount RsAssetsAmount Rs
C's Capital24,000Stock8,000
Creditors14,000Debtors10,000
Employees Provident Fund10,000Add: Bad Debts Recovered1,200
11,200
A's Capital49,750Bank40,000
B's Capital30,450Cash in hand27,000
Total1,28,200Total1,28,200

In simple words: इस सवाल में, पुनर्मूल्यांकन के बाद संपत्ति और देनदारियों के मूल्यों को समायोजित किया गया, ख्याति को रिकॉर्ड किया गया और साझेदारों की पूँजी को नए सिरे से तय किया गया, जिससे एक नई बैलेंस शीट बनी।

🎯 Exam Tip: जब पुनर्मूल्यांकन के बाद संपत्ति और देनदारियों को पुराने मूल्यों पर दिखाने का विकल्प हो, तो 'स्मरणार्थ पुनर्मूल्यांकन खाता' बनाया जाता है, जिसमें लाभ-हानि का समायोजन तो होता है, लेकिन बैलेंस शीट में मूल्य नहीं बदलते।

 

Question 7. अ और ब लाभ 3:2 के अनुपात में बाँटते हैं। 31 मार्च, 2017 को उनका चिट्ठा निम्न प्रकार था

LiabilitiesAmount RsAssetsAmount Rs
Creditors39,700Cash at Bank36,600
Provision for Bad Debts800Bills Receivable3,000
Capital : A30,000Debtors16,000
Capital : B10,000Stock18,000
Office Furniture900
Land & Building30,000
Total1,04,500Total1,04,500


C के प्रवेश की निम्न शर्तें थीं:
1. स लाभों में 1/5 भाग के लिए Rs 14,000 पूँजी वे ख्याति के लाएगा ।
2. फर्म की ख्याति का मूल्यांकन Rs 20,000 किंया गया।
3. स्टॉक तथा फर्नीचर का मूल्य 10% से कम किया जाये तथा देनदारों पर 5% की दर से संदिग्ध ऋणों के लिये प्रावधान बनाया जायेगा।
4. भूमि और भवन का मूल्य 20% से बढ़ाया जायेगा।
5. साझेदारों के पूँजी खाते को नये साझेदार की पूँजी के अनुपात में समायोजित किया जायेगा तथा किसी आधिक्य या कमी को के चालू खाते में हस्तान्तरित किया जायेगा।

पुनर्मूल्यांकन खस्ता साझेदारों के पूँजी खाते तथा नई फर्म का चिट्ठा बनाइए।
Answer:

कार्य नोट 1:

A, B और C का नया लाभ विभाजन अनुपात \( = 4:2:2 \) या \( 2:1:1 \)


पुनर्मूल्यांकन खाता (Revaluation A/c)

Dr. ParticularsAmount RsCr. ParticularsAmount Rs
To Stock A/c2,000By Furniture A/c6,000
To Provident Fund1,000By Provision for Doubtful Debts1,000
To Profit on Revaluation :
A's Capital A/c2,500
B's Capital A/c1,500
Total7,000Total7,000


साझेदारों के पूँजी खाते (Partner's Capital A/c)

Dr. ParticularsA RsB RsC RsCr. ParticularsA RsB RsC Rs
To Balance c/d47,50034,50024,000By Balance b/d40,00030,000-
By Workmen Compensation Reserve1,250750-
By Revaluation (Profit)2,5001,500-
By Cash--24,000
By Goodwill3,7502,250-
Total47,50034,50024,000Total47,50034,50024,000

In simple words: साझेदार A और B की शुरुआती पूँजी में ख्याति, पुनर्मूल्यांकन लाभ और वर्कमैन कंपनसेशन रिज़र्व को जोड़ा गया। C ने नकद में पूँजी लाई। फिर, अंतिम पूँजी शेष निकाले गए, जिससे साझेदारों की नई पूँजी पता चली।

🎯 Exam Tip: पार्टनर के कैपिटल अकाउंट बनाते समय, सुनिश्चित करें कि सभी समायोजन जैसे ख्याति, पुनर्मूल्यांकन लाभ/हानि, और आरक्षित निधियों को सही अनुपात में दर्ज किया गया है।

RBSE Class 12 Accountancy Chapter 2 निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 4. एल. एम. तथा एन. एक फर्म में साझेदार थे तथा 3:2:1 के अनुपात में लाभ बाँटते थे। 31.3.2017 को उनका स्थिति विवरण निम्न प्रकार से था
L. M. and N were partners in a firm sharing profits in the ratio of 3:2:1. Their Balance Sheet on 31.3.2017 was as follows:

LiabilitiesAmount
(Rs)
AssetsAmount
(Rs)
Creditors1,68,000Bank28,000
General Reserve42,000Debtors40,000
Capitals:Stock2,20,000
 L1,20,000Investments60,000
 M80,000Furniture20,000
 N40,0002,40,000Machinery70,000
Profit & Loss12,000
4,50,0004,50,000

उन्होंने ओ को निम्न शर्तों पर साझेदार बनाया
1. देनदारों पर 10% वार्षिक दर से डूबत ऋण आयोजन बनाया जाये।
2. फर्नीचर का मूल्य 25% से कम किया जाये।
3. विनियोगों का मूल्य 5,000 से बढ़ाया जाये।
4. ओर 25,000 पूँजी लायेगा तथा उसे लाभों में 1/3 हिस्सा दिया जायेगी और Rs 5,000 ख्याति के लाएगा ।
5. एक लेनदार 1,700 का है जो मृत हैं। भविष्य में इस खाते पर कोई दायित्व उत्पन्न नहीं होगा।
6. एकस्व मूल्यहीन है।
7. बिल्डिंग का मूल्य 25% से बढ़ाया जाए। स्टॉक का मूल्य Rs 9,000 तक कम करना है।
The capitals of old partners are also to be adjusted accordingly. Prepare Revaluation A/c, Partners Capital A/c and Balance Sheet.

Answer:

Revaluation Account

Dr.ParticularsAmount
(Rs)
ParticularsAmount
(Rs)
Cr.
To Provision for Bad Debts2,000By Investment5,000
To Furniture5,000By Creditors1,700
To Patent3,000By Building10,000
To Stock9,000
To Profit on Revaluation:
 L's Capital A/c16,380
 M's Capital A/c10,920
 N's Capital A/c5,46032,760
51,76051,760

Partners Capital A/c

Dr.ParticularsL
(Rs)
M
(Rs)
N
(Rs)
O
(Rs)
ParticularsL
(Rs)
M
(Rs)
N
(Rs)
O
(Rs)
Cr.
To Profit & Loss6,0004,0002,000-By Balance b/d1,20,00080,00040,000-
To Reval. A/c16,38010,9205,460-By General Reserve A/c21,00014,0007,000-
To Balance c/d1,48,62079,08039,54053,448By Goodwill30,000
By Bank A/c53,448
1,71,00094,00047,00053,4481,71,00094,00047,00053,448

Balance Sheet (as on 31st March, 2017)

LiabilitiesAmount
(Rs)
AssetsAmount
(Rs)
Creditors39,700Cash at Bank36,600
Provision for Bad Debts800Bills Receivable3,000
Capital :Debtors16,000
 L1,48,620Stock2,20,000
 M79,080Investments65,000
 N39,5402,67,240Furniture15,000
 O53,4483,20,688Machinery70,000
Building50,000
Patent0
3,60,2283,60,228

In simple words: We adjusted the values of assets and liabilities to their new market prices in the Revaluation Account. Then, we updated the partners' capital accounts to reflect these changes and O's new capital and goodwill. Finally, we prepared a new balance sheet for the firm after O's admission.

🎯 Exam Tip: Always make sure to re-calculate the new profit-sharing ratio and sacrificing ratio correctly as a first step. This impacts the distribution of goodwill and revaluation profits/losses.

 

Question 5. ए व बी 5 : 3 में लाभ बाँटते हैं। उन्होंने सी को लाभ में 1/4 भाग के लिए फर्म में प्रवेश दिया जो कि ए व बी द्वारा बराबर-बराबर देय होगा। सी के प्रवेश से तुरन्त पूर्व फर्म का चिट्ठा निम्नांकित है
A and B shares the profits of a business in the ratio of 5:3. They admit C into firm for a 1/4th share in the profits to be contributed equally by A and B. Before admission of C, Balance Sheet of the firm is as follows :

LiabilitiesAmount
(Rs)
AssetsAmount
(Rs)
A's Capital40,000Machinery30,000
B's Capital30,000Furniture20,000
Workmen Compensation Reserve4,000Stock15,000
Provision for Doubtful Debts1,000Debtors15,000
Creditors2,000Bank7,000
Provident Fund10,000
87,00087,000

'सी' के प्रवेश की निम्न शर्तें थीं
1. सी Rs 30,000 पूँजी व ख्याति के हिस्से के लिए लायेगा।
2. फर्म की ख्याति पिछले चार वर्षों के औसत अघिलाभ के तीन गुने के आधार पर मूल्यांकित करनी है। पिछले चार वर्षों का औसत लाभ Rs 20,000 है जबकि विनियोजित पूँजी पर सामान्य लाभ Rs 12,000 हैं।
3. फर्नीचर का मूल्य Rs 6,000 से बढ़ाना है, जबकि स्टॉक का मूल्य Rs 2,000 से कम करना है। भविष्य निधि में Rs 1,000 बढ़ोत्तरी करनी है।
4. सभी देनदार अच्छे हैं।
5. कर्मचारी क्षतिपूर्ति निधि के विरुद्ध दायित्व Rs 2,000 निर्धारित किया गया है।
Prepare Revaluation Account, Partner's Capital Accounts and the Balance Sheet of the new firm.

Answer:
Super Profit = Average Profit - Normal Profit
Super Profit = 20,000 - 12,000 = Rs 8,000
Goodwill = 8,000 x 3 = Rs 24,000
C's Goodwill = \( 24,000 \times \frac{1}{4} \) = Rs 6,000

Revaluation Account

Dr.ParticularsAmount
(Rs)
ParticularsAmount
(Rs)
Cr.
To Stock A/c2,000By Furniture A/c6,000
To Provident Fund1,000By Provision for Doubtful Debts1,000
To Profit on Revaluation :
 A's Capital A/c2,500
 B's Capital A/c1,5004,000
7,0007,000

Partners Capital A/c

Dr.ParticularsA
(Rs)
B
(Rs)
C
(Rs)
ParticularsA
(Rs)
B
(Rs)
C
(Rs)
Cr.
To Stock A/cBy Balance b/d40,00030,000
To Balance c/d47,50034,50024,000By Workmen Compensation Reserve1,250750
By Revaluation (Profit)2,5001,500
By Cash A/c--24,000
By Goodwill3,7502,250-
47,50034,50024,00047,50034,50024,000

Balance Sheet

LiabilitiesAmount
(Rs)
AssetsAmount
(Rs)
A's Capital47,500Machinery30,000
B's Capital34,500Furniture26,000
C's Capital24,000Stock13,000
Workmen Compensation Reserve2,000Debtors15,000
Creditors2,000Bank (7,000 + 6,000 + 24,000)37,000
Provident Fund11,000
1,21,0001,21,000

In simple words: We calculated the firm's goodwill and C's share first. Then, we adjusted asset and liability values in the Revaluation Account. After that, we updated partners' capital accounts to include revaluation profits, general reserve, and C's capital and goodwill. Finally, we prepared the new balance sheet, showing the firm's financial position after C joined.

🎯 Exam Tip: Remember to calculate super profit correctly by subtracting normal profit from average profit, and then multiply by the number of years' purchase to get the firm's goodwill.

 

Question 17. A, B व C एक फर्म में 3:2:1 के अनुपात में लाभ विभाजन करते हुए साझेदार हैं। वे D को लाभों में \( \frac { 1 }{7} \) हिस्से के लिए प्रवेश देते हैं। D पूँजी के लिए Rs 1,00,000 वर Rs 45,000 ख्याति के लिए लेकर आता है। आवश्यक प्रविष्टियाँ दीजिए।
A, B and C are partners in a firm sharing profits in the ratio of 3 : 2 : 1. They admitted D as new partner for 1/7th share in profits of the firm. D brought in Rs 1,00,000 as his capital and Rs 45,000 as goodwill. Record necessary Journal entries.

Answer:
Note-इस स्थिति में पुराना लाभ विभाजन अनुपात तथा त्याग अनुपात समान होगा।

Journal Entries

DateParticularsL.F.Amount (Dr.)
(Rs)
Amount (Cr.)
(Rs)
Cash A/c1,45,000
 To D's Capital A/c1,00,000
 To Premium for Goodwill A/c45,000
(Being cash brought in by D for capital and goodwill)
Premium for Goodwill A/c45,000
 To A's Capital A/c22,500
 To B's Capital A/c15,000
 To C's Capital A/c7,500
(Being goodwill distributed among old partners in sacrificing ratio)

In simple words: First, we record the cash D brings in for his share of capital and goodwill. Then, we distribute D's goodwill amount among the existing partners (A, B, and C) in their sacrificing ratio, which is the same as their old profit-sharing ratio.

🎯 Exam Tip: When a new partner brings goodwill in cash, the amount is credited to the 'Premium for Goodwill Account' and then immediately transferred to the sacrificing partners' capital accounts in their sacrificing ratio.

 

Question 7. अ और ब लाभ 3:2 के अनुपात में बाँटते हैं। 31 मार्च, 2017 को उनका चिट्ठा निम्न प्रकार था
A and B distributes profit in 3 : 2 ratio. On 31st March, 2017 their Balance Sheet is as follows:

LiabilitiesAmount
(Rs)
AssetsAmount
(Rs)
Creditors66,000Cash at Bank87,000
General Reserve10,000Debtors42,000
Investment Fluctuation Fund4,000Less : Prov. for D.D.7,00035,000
Capital :Investment (Market Price 19,000)21,000
 Ishu1,19,000Buildings98,000
 Vishu1,12,0002,31,000Plant & Machinery70,000
3,11,0003,11,000

1st अप्रैल 2017 को निम्न शर्तों के आधार पर स को साझेदारी में शामिल किया
1. साझेदारों का नया अनुपात 2:2:1 होगा ।
2. सर 40,000 अपनी पूँजी के चुकाता है।
3. स्टॉक कोर 2,000 से कम किया जाये, संदिग्ध ऋणों के लिए आयोजन Rs 3,000 तक रखा जाये ।
4. फर्म की ख्याति में में स का हिस्सा Rs 5,000 पर मूल्यांकित किया जाये। स ख्याति की नकद राशि लाता है।
5. पूर्वदत्त बीमा व्यय Rs 1,000 ।
6. बकाया बिजली के बिल Rs 500.
7. भवन Rs 10,000 से कम मूल्यांकित है।
8. सभी साझेदारों की पूँजी उनके लाभ विभाजन अनुपात में होगी। नकद से समायोजन किया जाये।
नयी फर्म में पूँजी खाते एवं चिट्ठा तैयार कीजिये।
On 1st April, 2017 C was admitted in partnership on the following conditions :
1. New ratio of partners will be 2:2:1.
2. C pays 40,000 as his capital.
3. Stock be decreased by Rs 2,000. Provision for Doubtful debts is to be maintained up to Rs 3,000.
4. C's share in the Goodwill of the firm be valued at Rs 5,000. C brings cash for Goodwill.
5. Prepaid Insurance Rs 1,000.
6. Outstanding Electricity Bills Rs 500.
7. Building undervalued by Rs 10,000.
8. The capitals of all partners will be in their profit sharing ratio.
Adjustment is to be done by cash. Prepare Capital Accounts and Balance Sheet of the new firm.

Answer:
Working Note 1. Ishu and Vishu's sacrificing ratio = 3:2

Revaluation Account

Dr.ParticularsAmount
(Rs)
ParticularsAmount
(Rs)
Cr.
To Stock A/c2,000By Prepaid Insurance1,000
To Provision for Bad Debts1,000By Building10,000
To Outstanding Elec. Bill500
To Profit on Revaluation:
 A's Capital A/c4,500
 B's Capital A/c3,0007,500
11,00011,000

Partners Capital A/c

Dr.ParticularsA
(Rs)
B
(Rs)
C
(Rs)
ParticularsA
(Rs)
B
(Rs)
C
(Rs)
Cr.
To Goodwill A/c6,0004,000-By Balance b/d90,00040,000-
To Bank A/c28,500--By Bank A/c--40,000
To Balance c/d80,00080,00040,000By Reserve Fund9,0006,000-
By Reval. A/c4,5003,000-
By Workmen Compensation Reserve6,0004,000-
By Goodwill A/c5,000--
By Bank A/c-31,000-
1,14,50084,00040,0001,14,50084,00040,000

Balance Sheet (as on 31st March 2017)

LiabilitiesAmount
(Rs)
AssetsAmount
(Rs)
Creditors56,200Cash at Bank1,49,200
Capital :Debtors42,000
 Ishu1,68,000Investment19,000
 Vishnu1,12,000Buildings98,000
 Nishu56,0003,36,000Plant & Machinery84,000
3,92,2003,92,200

In simple words: First, we calculated the sacrificing ratio for the existing partners. Then, we adjusted asset and liability values in the Revaluation Account. After that, we updated partners' capital accounts to reflect these changes and the new partner's capital and goodwill. Finally, we created a new balance sheet showing the firm's financial position after the new partner joined, ensuring capital accounts were adjusted to the new profit-sharing ratio.

🎯 Exam Tip: When capital accounts are to be adjusted in the new profit-sharing ratio and adjustments are made in cash, ensure all revaluation profits/losses, reserves, and goodwill are dealt with first before calculating the final cash adjustments to align capitals.

 

Question 8. एम एवं एन एक फर्म में समान अनुपात में साझेदार हैं। 31 मार्च, 2017 को उनका चिट्ठा निम्न प्रकार है
M and N are partners in the firm in equal profit sharing ratio. On 31st March, 2017 their Balance Sheet is as follows.

LiabilitiesAmount
(Rs)
AssetsAmount
(Rs)
Creditors1,68,000Bank28,000
General Reserve42,000Debtors40,000
Capitals:Stock2,20,000
 L1,20,000Investments60,000
 M80,000Furniture20,000
 N40,0002,40,000Machinery70,000
Profit & Loss12,000
4,50,0004,50,000

उन्होंने ओ को निम्न शर्तों पर साझेदार बनाया
1. देनदारों पर 10% वार्षिक दर से डूबत ऋण आयोजन बनाया जाये।
2. फर्नीचर का मूल्य 25% से कम किया जाये।
3. विनियोगों का मूल्य 5,000 से बढ़ाया जाये।
4. ओर 25,000 पूँजी लायेगा तथा उसे लाभों में 13 हिस्सा दिया जायेगी और Rs 5,000 ख्याति के लाएगा ।
5. एक लेनदार 1,700 का है जो मृत हैं। भविष्य में इस खाते पर कोई दायित्व उत्पन्न नहीं होगा।
6. एकस्व मूल्यहीन है।
7. बिल्डिंग का मूल्य 25% से बढ़ाया जाए। स्टॉक का मूल्य Rs 9,000 तक कम करना है।
The capitals of old partners are also to be adjusted accordingly. Prepare Revaluation A/c, Partners Capital A/c and Balance Sheet.

Answer:

Revaluation Account

Dr.ParticularsAmount
(Rs)
ParticularsAmount
(Rs)
Cr.
To Provision for Bad Debts5,700By Investment A/c5,000
To Furniture A/c3,000By Creditors1,700
To Patent3,000By Building7,500
To Stock1,500
To Profit on Revaluation:
 M's Capital A/c1,500
 N's Capital A/c1,5003,000
16,20016,200

In simple words: First, we calculated the new provision for bad debts and the decrease in furniture, patent, and stock values. These were debited to the Revaluation Account. Then, the increase in investment and building values, along with the write-back of creditors, were credited. Finally, the profit from revaluation was distributed among the old partners, M and N.

🎯 Exam Tip: Remember to calculate the provision for doubtful debts based on the new debtor amount and ensure all asset and liability changes are properly recorded as debits (for decrease in asset/increase in liability) or credits (for increase in asset/decrease in liability) in the Revaluation Account.

 

प्रश्न 9. A व B एक फर्म में साझेदार हैं जो 2 : 1 के अनुपात में लाभ विभाजन करते हैं । C को लाभों में 1/4 हिस्से के लिए प्रवेश देते हैं। C के प्रवेश के बाद D को लाभों में 10% हिस्से के लिए प्रवेश देते हैं। D के प्रवेश के बाद नया लाभ विभाजन अनुपात ज्ञात करो।
Answer:

सर्वप्रथम, C के प्रवेश के बाद A, B और C का नया लाभ विभाजन अनुपात निकालते हैं:

C का हिस्सा \( = \frac{1}{4} \)
C के प्रवेश के बाद बचा हुआ लाभ \( = 1 - \frac{1}{4} = \frac{3}{4} \)
A का नया हिस्सा \( = \frac{2}{3} \times \frac{3}{4} = \frac{6}{12} = \frac{1}{2} \)
B का नया हिस्सा \( = \frac{1}{3} \times \frac{3}{4} = \frac{3}{12} = \frac{1}{4} \)
A, B और C का नया लाभ विभाजन अनुपात \( = \frac{1}{2} : \frac{1}{4} : \frac{1}{4} = 2 : 1 : 1 \)

अब, D के प्रवेश के बाद नया लाभ विभाजन अनुपात निकालते हैं (D को 10% हिस्सा मिलता है):

D का हिस्सा \( = 10\% = \frac{10}{100} = \frac{1}{10} \)
D के प्रवेश के बाद बचा हुआ लाभ \( = 1 - \frac{1}{10} = \frac{9}{10} \)
D के प्रवेश के बाद A का नया हिस्सा \( = \frac{2}{4} \times \frac{9}{10} = \frac{18}{40} \)
D के प्रवेश के बाद B का नया हिस्सा \( = \frac{1}{4} \times \frac{9}{10} = \frac{9}{40} \)
D के प्रवेश के बाद C का नया हिस्सा \( = \frac{1}{4} \times \frac{9}{10} = \frac{9}{40} \)
D का हिस्सा \( = \frac{4}{40} \)

अतः, D के प्रवेश के बाद नया लाभ विभाजन अनुपात \( = \frac{18}{40} : \frac{9}{40} : \frac{9}{40} : \frac{4}{40} \)
\( = 18 : 9 : 9 : 4 \)
In simple words: पहले C के आने के बाद A, B, C का नया लाभ अनुपात निकाला जाता है. फिर D के आने के बाद A, B, C और D का नया लाभ अनुपात निकाला जाता है. D को 10% हिस्सा मिलता है, और बचा हुआ लाभ पुराने साझेदार अपने नए अनुपात में बाँटते हैं.

🎯 Exam Tip: जब एक से ज़्यादा नए साझेदार आते हैं, तो हर साझेदार के प्रवेश के बाद बचे हुए लाभ को मौजूदा साझेदारों के बीच उनके नए या पुराने अनुपात में बाँटना चाहिए, जैसा कि प्रश्न में बताया गया हो।

 

प्रश्न 11. A, B, C एक फर्म में साझेदार हैं जो 3:2:1 के अनुपात में लाभ विभाजन करते हैं। D लाभ में 1/6 भाग के लिए प्रवेश करता है। यह अपना हिस्सा A, B, C से बराबर-बराबर प्राप्त करता है। नया लाभ विभाजन अनुपात ज्ञात करो।
Answer:

A, B और C का पुराना लाभ विभाजन अनुपात \( = 3:2:1 \)
कुल हिस्सा \( = 3+2+1 = 6 \)
A का हिस्सा \( = \frac{3}{6} \)
B का हिस्सा \( = \frac{2}{6} \)
C का हिस्सा \( = \frac{1}{6} \)

D का लाभ में हिस्सा \( = \frac{1}{6} \)
D अपना हिस्सा A, B, C से बराबर-बराबर प्राप्त करता है। इसका मतलब है कि प्रत्येक साझेदार से \( \frac{1}{6} \) का \( \frac{1}{3} \) हिस्सा मिलेगा।
प्रत्येक साझेदार द्वारा त्याग किया गया हिस्सा \( = \frac{1}{6} \times \frac{1}{3} = \frac{1}{18} \)

A का नया हिस्सा \( = \text{पुराना हिस्सा} - \text{त्याग किया गया हिस्सा} \)
\( = \frac{3}{6} - \frac{1}{18} \)
\( = \frac{9 - 1}{18} = \frac{8}{18} \)

B का नया हिस्सा \( = \frac{2}{6} - \frac{1}{18} \)
\( = \frac{6 - 1}{18} = \frac{5}{18} \)

C का नया हिस्सा \( = \frac{1}{6} - \frac{1}{18} \)
\( = \frac{3 - 1}{18} = \frac{2}{18} \)

D का हिस्सा \( = \frac{1}{6} = \frac{3}{18} \)

अतः, नया लाभ विभाजन अनुपात A : B : C : D \( = \frac{8}{18} : \frac{5}{18} : \frac{2}{18} : \frac{3}{18} \)
\( = 8:5:2:3 \)
In simple words: D को फर्म में 1/6 हिस्सा मिलता है, और वह यह हिस्सा A, B, C से बराबर-बराबर लेता है. इसके लिए हर पुराने साझेदार के हिस्से में से 1/18 घटाया जाता है. फिर सभी साझेदारों के नए हिस्से को एक साथ रखकर नया लाभ अनुपात निकाला जाता है.

🎯 Exam Tip: जब नया साझेदार अपना हिस्सा पुराने साझेदारों से बराबर-बराबर प्राप्त करता है, तो हर पुराने साझेदार के त्याग किए गए हिस्से की गणना करने के बाद उनके पुराने हिस्से से घटाकर नया हिस्सा ज्ञात करें।

 

प्रश्न 12. A व B 3: 2 के अनुपात में लाभ विभाजन करते हुए साझेदार हैं। C लाभ में 1/4 हिस्से के लिए प्रवेश करता है। C अपना हिस्सा A व B से प्राप्त करता है। नया लाभ विभाजन अनुपात ज्ञात करो।
Answer:

A और B का पुराना लाभ विभाजन अनुपात \( = 3:2 \)
कुल हिस्सा \( = 3+2 = 5 \)
A का हिस्सा \( = \frac{3}{5} \)
B का हिस्सा \( = \frac{2}{5} \)

C का लाभ में हिस्सा \( = \frac{1}{4} \)
C अपना हिस्सा A और B से प्राप्त करता है, लेकिन प्रश्न में त्याग अनुपात नहीं दिया गया है। इसलिए, हम मानेंगे कि C अपना हिस्सा A और B से उनके पुराने लाभ विभाजन अनुपात (3:2) में प्राप्त करता है।

A द्वारा त्याग किया गया हिस्सा \( = \frac{1}{4} \times \frac{3}{5} = \frac{3}{20} \)
B द्वारा त्याग किया गया हिस्सा \( = \frac{1}{4} \times \frac{2}{5} = \frac{2}{20} \)

A का नया हिस्सा \( = \text{पुराना हिस्सा} - \text{त्याग किया गया हिस्सा} \)
\( = \frac{3}{5} - \frac{3}{20} \)
\( = \frac{12 - 3}{20} = \frac{9}{20} \)

B का नया हिस्सा \( = \frac{2}{5} - \frac{2}{20} \)
\( = \frac{8 - 2}{20} = \frac{6}{20} \)

C का हिस्सा \( = \frac{1}{4} = \frac{5}{20} \)

अतः, नया लाभ विभाजन अनुपात A : B : C \( = \frac{9}{20} : \frac{6}{20} : \frac{5}{20} \)
\( = 9:6:5 \)
त्याग अनुपात A : B \( = \frac{3}{20} : \frac{2}{20} = 3:2 \)
In simple words: C को 1/4 हिस्सा मिलता है. वह यह हिस्सा A और B से उनके पुराने लाभ अनुपात (3:2) में लेता है. A और B के पुराने हिस्से में से उनके त्याग को घटाकर नया हिस्सा निकाला जाता है. फिर सभी के हिस्से मिलाकर नया अनुपात बनता है.

🎯 Exam Tip: यदि नया साझेदार अपना हिस्सा पुराने साझेदारों से लेता है और त्याग अनुपात स्पष्ट रूप से नहीं दिया गया है, तो त्याग को हमेशा पुराने लाभ विभाजन अनुपात में ही मानें।

 

प्रश्न 13. A व B एक फर्म में साझेदार हैं जो 3:2 के अनुपात में लाभ विभाजन करते हैं। वे C को लाभ में 1/5 हिस्से के लिए प्रवेश देते हैं। C अपना पूरा हिस्सा B से प्राप्त करता है। नया लाभ विभाजन अनुपात ज्ञात करो।
Answer:

A और B का पुराना लाभ विभाजन अनुपात \( = 3:2 \)
A का हिस्सा \( = \frac{3}{5} \)
B का हिस्सा \( = \frac{2}{5} \)

C का लाभ में हिस्सा \( = \frac{1}{5} \)
C अपना पूरा हिस्सा B से प्राप्त करता है। इसका मतलब है कि A कोई त्याग नहीं करता है, और B अपने हिस्से में से \( \frac{1}{5} \) हिस्सा त्याग करता है।

A का नया हिस्सा \( = \text{पुराना हिस्सा} - \text{त्याग किया गया हिस्सा} \)
\( = \frac{3}{5} - 0 = \frac{3}{5} \)
B का नया हिस्सा \( = \frac{2}{5} - \frac{1}{5} = \frac{1}{5} \)
C का हिस्सा \( = \frac{1}{5} \)

अतः, नया लाभ विभाजन अनुपात A : B : C \( = \frac{3}{5} : \frac{1}{5} : \frac{1}{5} \)
\( = 3:1:1 \)
In simple words: C को 1/5 हिस्सा मिलता है और वह सारा हिस्सा B से लेता है. A का हिस्सा वही रहता है, जबकि B के हिस्से में से C का हिस्सा घटा दिया जाता है. फिर सभी के नए हिस्से को मिलाकर नया लाभ अनुपात निकाला जाता है.

🎯 Exam Tip: जब नया साझेदार अपना पूरा हिस्सा केवल एक साझेदार से प्राप्त करता है, तो केवल उसी साझेदार के हिस्से में से नए साझेदार के हिस्से को घटाया जाता है, और शेष साझेदारों का हिस्सा अपरिवर्तित रहता है।

 

Question 13. A तथा B एक फर्म में साझेदार हैं और लाभ को 3:2 के अनुपात में बाँटते हैं। वे 1 अप्रैल, 2017 को C को लाभ में 1/5 हिस्से के लिए साझेदारी में सम्मिलित करते हैं। उस दिन का उनका स्थिति विवरण इस प्रकार था:

LiabilitiesAmount (₹)AssetsAmount (₹)
Capital Accounts:Goodwill5,000
A60,000Plant & Machinery65,000
B50,000Furniture15,000
1,10,000Investments20,000
General Reserve10,000Stock20,000
Sundry Creditors50,000Sundry Debtors30,000
Cash in Hand15,000
1,70,0001,70,000

C को निम्नलिखित शर्तों पर सम्मिलित किया गया था:
1. C Rs 40,000 पूँजी के और Rs 15,000 ख्याति के लाएगा ।
2. साझेदार भविष्य में लाभों को 5:3:2 के अनुपात में बाँटेंगे।
3. निवेशों के मूल्य में 20% की वृद्धि की जाएगी और फर्नीचर में 10% का ह्रास किया जाएगा।
4. एक ग्राहक जिसे फर्म को Rs 2,000 देने थे, दिवालिया हो गया और उससे कुछ नहीं मिल पाएगा।
5. लेनदारों के Rs 2,000 कम किए जायेंगे।
6. मरम्मत के 1,000 के बकाया बिले के लिए प्रावधान किया जाएगा ।
7. निवेश पर उपार्जित (accrued) ब्याज Rs 2,000 था।
8. साझेदारों की पूँजी उनके लाभ विभाजन अनुपात में होगी। इसके लिए समायोजन नकदी से किया जाएगा।

पुनर्मूल्यांकन खाता, साझेदारों के पूँजी खाते एवं नयी फर्म का चिट्ठा तैयार कीजिए।
Answer:

**Working Note:** 1. नया लाभ हानि अनुपात (New Profit Sharing Ratio):
पुराना अनुपात \( A:B = 3:2 \)
नया साझेदार C का हिस्सा \( = \frac{1}{5} \)
शेष लाभ \( = 1 - \frac{1}{5} = \frac{4}{5} \)
नया अनुपात \( A:B:C = (\frac{4}{5} \times \frac{3}{5}) : (\frac{4}{5} \times \frac{2}{5}) : \frac{1}{5} \)
\( = \frac{12}{25} : \frac{8}{25} : \frac{5}{25} = 12:8:5 \)

2. पूँजी की गणना (Capital Calculation):
फर्म की कुल पूँजी \( = \frac{\text{C की पूँजी}}{\text{C का हिस्सा}} = \frac{40,000}{\frac{1}{5}} = ₹2,00,000 \)
A की पूँजी \( = ₹2,00,000 \times \frac{12}{25} = ₹96,000 \)
B की पूँजी \( = ₹2,00,000 \times \frac{8}{25} = ₹64,000 \)
C की पूँजी \( = ₹2,00,000 \times \frac{5}{25} = ₹40,000 \)

**पुनर्मूल्यांकन खाता (Revaluation Account)**

Dr. ParticularsAmount (₹)Cr. ParticularsAmount (₹)
To Furniture A/c1,500By Investment A/c4,000
To Bad Debts A/c2,000By Creditors A/c2,000
To Outstanding Repairs A/c1,000By Accrued Interest A/c2,000
To Profit on Revaluation:
A's Capital A/c2,100
B's Capital A/c1,400
3,500
Total8,000Total8,000

**साझेदारों का पूँजी खाता (Partners Capital Account)**

Dr. ParticularsA (₹)B (₹)C (₹)Cr. ParticularsA (₹)B (₹)C (₹)
To Goodwill A/c3,0002,000-By Balance b/d60,00050,000-
To Cash A/c (Withdrawal)9,0006,000-By Cash A/c (Capital & Goodwill)--55,000
To Balance c/d96,00064,00040,000By General Reserve A/c6,0004,000-
By Revaluation A/c2,1001,400-
Total1,08,00072,00040,000Total1,08,00072,00055,000

**नई फर्म का चिट्ठा (Balance Sheet of New Firm) (As on 31st March, 2017)**

LiabilitiesAmount (₹)AssetsAmount (₹)
Capital A/cs-Plant & Machinery65,000
A96,000Land & Building-
B64,000Investments24,000
C40,000Stock20,000
2,00,000Sundry Debtors28,000
Sundry Creditors48,000Accrued Interest2,000
Outstanding Repairs1,000Cash in Hand15,000
Total2,49,000Total2,49,000

In simple words: सबसे पहले नया लाभ विभाजन अनुपात निकाला गया. फिर नए साझेदार की पूँजी के आधार पर फर्म की कुल पूँजी और हर साझेदार की नई पूँजी निकाली गई. इसके बाद, संपत्तियों और दायित्वों के मूल्यों में बदलाव दिखाने के लिए पुनर्मूल्यांकन खाता बनाया गया. फिर साझेदारों के पूँजी खाते बनाए गए, जिसमें सभी समायोजन किए गए. अंत में, नई फर्म का चिट्ठा तैयार किया गया, जिसमें सभी अपडेटेड वैल्यू दिखाई गईं.

🎯 Exam Tip: सुनिश्चित करें कि आप सभी समायोजनों को ध्यान में रखते हुए नया लाभ विभाजन अनुपात और पूँजी खाते सही ढंग से बनाते हैं, क्योंकि ये बैलेंस शीट को प्रभावित करते हैं।

 

Question 14. P तथा Q एक फर्म में साझेदार हैं। लाभ को 3:1 के अनुपात में बाँटते हैं। उनका स्थिति विवरण इस प्रकार है:

LiabilitiesAmount (₹)AssetsAmount (₹)
Creditors11,000Cash4,000
Workmen's Compensation Fund4,000Debtors16,000
Investment Fluctuation Fund1,000Less: Prov. For D.D.(500)
General Reserve2,00015,500
Capital A/c:Stock18,500
P16,000Investment6,000
Q14,000Goodwill4,000
30,000
Total48,000Total48,000

R को निम्नलिखित शर्तो पर लाभ में 1/5 हिस्से के लिए सम्मिलित किया जाता है-
1. निवेशों का बाजार मूल्य Rs 4,200 माना गया हैं।
2. उपार्जित ब्याज की राशि Rs 200 है।
3. संदिग्ध ऋणों के लिए प्रावधान Rs 200 अधिक है।
4. कर्मचारी क्षतिपूर्ति के एक दावे के लिए Rs 1,000 का प्रावधान किया जाए।
5. R ख्याति के हिस्से के रूप में से 10,000 लाएगा ।
6. फर्म की कुल पूँजी Rs 50,000 निर्धारित की गई, जो साझेदारों के लाभ विभाजन अनुपात में समायोजित की जानी है। R अपनी पूँजी नकद में लाता है, परन्तु अन्य साझेदारों की पूँजी का समायोजन चालू खाते खोलकर किया जाए। पुनर्मूल्यांकन खाता, पूँजी खाते और नयी फर्म का स्थिति विवरण बुझाइये ।

Answer:

**Working Note:**
1. नया लाभ विभाजन अनुपात (New Profit Sharing Ratio):
पुराना अनुपात \( P:Q = 3:1 \)
R का हिस्सा \( = \frac{1}{5} \)
शेष लाभ \( = 1 - \frac{1}{5} = \frac{4}{5} \)
नया अनुपात \( P:Q:R = (\frac{4}{5} \times \frac{3}{4}) : (\frac{4}{5} \times \frac{1}{4}) : \frac{1}{5} \)
\( = \frac{12}{20} : \frac{4}{20} : \frac{1}{5} = \frac{12}{20} : \frac{4}{20} : \frac{4}{20} = 3:1:1 \)

2. पूँजी की गणना (Capital Calculation):
फर्म की कुल समायोजित पूँजी \( = ₹50,000 \)
P की पूँजी \( = ₹50,000 \times \frac{3}{5} = ₹30,000 \)
Q की पूँजी \( = ₹50,000 \times \frac{1}{5} = ₹10,000 \)
R की पूँजी \( = ₹50,000 \times \frac{1}{5} = ₹10,000 \)

**पुनर्मूल्यांकन खाता (Revaluation Account)**

ParticularsAmount (₹)ParticularsAmount (₹)
To Investment A/c800By Accrued Interest A/c200
To Prov. for D.D. A/c200By Loss on Revaluation A/c
P's Capital A/c300
Q's Capital A/c100
Total1,000Total600

**साझेदारों का पूँजी खाता (Partners Capital Account)**

ParticularsP (₹)Q (₹)R (₹)ParticularsP (₹)Q (₹)R (₹)
To Loss on Revaluation A/c300100-By Balance b/d16,00014,000-
To Goodwill A/c3,0001,000-By Cash A/c (Capital & Goodwill)--20,000
To Current A/c (Balancing Figure)6,650--By Workmen Comp. Fund A/c2,250750-
To Balance c/d30,00010,00010,000By General Reserve A/c1,500500-
By Goodwill A/c7,5002,500-
By Current A/c (Balancing Figure)--10,000
Total39,95011,10010,000Total39,95017,75030,000

**नई फर्म का चिट्ठा (Balance Sheet) (As on 31st Dec. 2016)**

LiabilitiesAmount (₹)AssetsAmount (₹)
Capital A/cs-Investment4,200
P30,000Accrued Interest200
Q10,000Debtors15,500
R10,000Less: Prov. for D.D.(700)
50,00014,800
Creditors11,000Stock18,500
Workmen Comp. Fund1,000Cash10,000
P's Current A/c6,650Total48,500
Total68,65068,650

In simple words: पहले नया लाभ-हानि अनुपात और साझेदारों की नई पूँजी निकाली गई. इसके बाद, संपत्तियों और देनदारियों के मूल्यों में हुए बदलावों को दिखाने के लिए पुनर्मूल्यांकन खाता तैयार किया गया. फिर साझेदारों के पूँजी खाते बनाए गए, जिनमें सभी समायोजन और नकद लेनदेन शामिल थे. अंत में, नई फर्म का चिट्ठा तैयार किया गया, जो सभी अपडेटेड वित्तीय स्थितियों को दर्शाता है.

🎯 Exam Tip: सुनिश्चित करें कि आप सभी संपत्तियों और देनदारियों के समायोजन, जैसे कि निवेश का पुनर्मूल्यांकन और संदिग्ध ऋणों के लिए प्रावधान, सही ढंग से करते हैं.

 

Question 15. A, B तथा C साझेदार हैं और लाभ को 2:2:1 के अनुपात में बाँटते हैं। 31.3.2017 को उनका स्थिति विवरण इस प्रकार था:

LiabilitiesAmount (₹)AssetsAmount (₹)
Creditors30,000Bank30,000
General Reserve68,000Debtors40,000
Profit & Loss A/c30,000Less: Provision2,000
Capital A/cs38,000
A40,000Stock50,000
B40,000Furniture30,000
C30,000Plant80,000
1,10,000Deferred Revenue Expenditure10,000
Total2,38,000Total2,38,000

साझेदारों ने 1.4.2017 से लाभ को 1:1:1 के अनुपात में बाँटने का निर्णय लिया। उन्होंने यह भी तय किया कि :
1. स्टॉक का मूल्य 20% बढ़ा दिया जाए।
2. संदिग्ध ऋण के लिए प्रावधान Rs 1,000 से बढ़ा दिया जाए।
3. फर्नीचर तथा प्लांट में 10% का ह्रास किया जाए।
4. बकाया किराया Rs 2,000 हैं।
5. फर्म की ख्याति का मूल्यांकन Rs 51,000 किया गया है।

Answer:

**Working Note 1:**
त्याग अनुपात (Sacrificing Ratio):
पुराना अनुपात \( A:B:C = 2:2:1 \)
नया अनुपात \( A:B:C = 1:1:1 \)
A का त्याग \( = \frac{2}{5} - \frac{1}{3} = \frac{6-5}{15} = \frac{1}{15} \)
B का त्याग \( = \frac{2}{5} - \frac{1}{3} = \frac{6-5}{15} = \frac{1}{15} \)
C के लाभ में वृद्धि \( = \frac{1}{3} - \frac{1}{5} = \frac{5-3}{15} = \frac{2}{15} \)

**समायोजन प्रविष्टि (Adjustment Entry):**
कुल ख्याति \( = ₹51,000 \)
जनरल रिजर्व \( = ₹68,000 \)
लाभ-हानि खाता (डेबिट) \( = ₹30,000 \)
स्थगित राजस्व व्यय \( = ₹10,000 \)
पुनर्मूल्यांकन पर लाभ \( = ₹4,000 \)

कुल समायोजन योग्य राशि (Net Adjustment Amount)
\( = \text{Goodwill} + \text{General Reserve} + \text{Profit on Revaluation} - \text{P&L A/c (Dr.)} - \text{Deferred Revenue Exp.} \)
\( = 51,000 + 68,000 + 4,000 - 30,000 - 10,000 = ₹83,000 \)

A का समायोजन \( = 83,000 \times \frac{1}{15} = ₹5,533.33 \)
B का समायोजन \( = 83,000 \times \frac{1}{15} = ₹5,533.33 \)
C का समायोजन (वृद्धि) \( = 83,000 \times \frac{2}{15} = ₹11,066.67 \)

**जर्नल प्रविष्टि (Journal Entry)**

ParticularsDr. (₹)Cr. (₹)
C's Capital A/c Dr.11,067
To A's Capital A/c5,533
To B's Capital A/c5,534
(Being adjustment made for goodwill, reserves and revaluation profit)

In simple words: सबसे पहले, साझेदारों के बीच लाभ-हानि अनुपात में हुए बदलाव से त्याग अनुपात और लाभ में वृद्धि को निकाला गया. फिर, ख्याति, जनरल रिजर्व, लाभ-हानि खाते और स्थगित राजस्व व्यय को मिलाकर कुल समायोजन योग्य राशि तय की गई. इस राशि को त्याग अनुपात और लाभ में वृद्धि के हिसाब से साझेदारों के पूँजी खातों में एडजस्ट करने के लिए एक जर्नल प्रविष्टि की गई, ताकि नई स्थिति को दिखाया जा सके.

🎯 Exam Tip: सुनिश्चित करें कि आप सभी अप्रत्यक्ष समायोजन जैसे कि ख्याति, सामान्य आरक्षित निधि, लाभ और हानि खाते, और आस्थगित राजस्व व्यय को त्याग या लाभ अनुपात के आधार पर सही ढंग से वितरित करते हैं.

 

Question 16. सुरेश, रमेश तथा महेश लाभों को क्रमशः 3:2:1 के अनुपात में बाँटते हैं। 1 अप्रैल, 2017 को उनका चिट्ठा निम्नलिखित था:

LiabilitiesAmount (₹)AssetsAmount (₹)
General Reserve1,08,000Sundry Assets4,80,000
Capital A/cProfit & Loss A/c36,000
Suresh1,80,000
Ramesh1,20,000
Mahesh88,000
3,88,000
Total6,56,000Total6,56,000

इस तिथि को उन्होंने तय किया कि सुरेश, रमेश तथा महेश भविष्य में लाभों को 2:2:1 अनुपात में बाँटेंगे। उस तिथि को फर्म की ख्याति का मूल्य Rs 72,000 किया गया। फर्म की पुस्तकों में साझेदारों के पूँजी खाते बनाइये तथा फर्म को चिट्ठा बनाइये।

Answer:

**Working Note:**
त्याग और लाभ का अनुपात (Sacrificing and Gaining Ratio):
पुराना अनुपात (Old Ratio) \( = 3:2:1 \)
नया अनुपात (New Ratio) \( = 2:2:1 \)
सुरेश का त्याग \( = \frac{3}{6} - \frac{2}{5} = \frac{15-12}{30} = \frac{3}{30} \)
रमेश का त्याग \( = \frac{2}{6} - \frac{2}{5} = \frac{10-12}{30} = -\frac{2}{30} \) (लाभ)
महेश का त्याग \( = \frac{1}{6} - \frac{1}{5} = \frac{5-6}{30} = -\frac{1}{30} \) (लाभ)

कुल समायोजन योग्य राशि (Net Adjustment Amount):
\( = \text{Goodwill} + \text{General Reserve} - \text{Profit & Loss A/c (Dr.)} \)
\( = 72,000 + 1,08,000 - 36,000 = ₹1,44,000 \)

सुरेश का त्याग \( = 1,44,000 \times \frac{3}{30} = ₹14,400 \)
रमेश का लाभ \( = 1,44,000 \times \frac{2}{30} = ₹9,600 \)
महेश का लाभ \( = 1,44,000 \times \frac{1}{30} = ₹4,800 \)

**जर्नल प्रविष्टि (Journal Entry):**

ParticularsDr. (₹)Cr. (₹)
Ramesh's Capital A/c Dr.9,600
Mahesh's Capital A/c Dr.4,800
To Suresh's Capital A/c14,400
(Being adjustment for goodwill, general reserve and P&L A/c)

**साझेदारों का पूँजी खाता (Partners Capital Account)**

Dr. ParticularsSuresh (₹)Ramesh (₹)Mahesh (₹)Cr. ParticularsSuresh (₹)Ramesh (₹)Mahesh (₹)
To P&L A/c18,00012,0006,000By Balance b/d1,80,0001,20,00088,000
To Ramesh's Capital A/c-9,600-By General Reserve A/c54,00036,00018,000
To Mahesh's Capital A/c--4,800By Suresh's Capital A/c14,400--
To Balance c/d1,76,4001,34,40075,200
Total1,94,4001,56,00086,000Total1,94,4001,56,00086,000

**नई फर्म का चिट्ठा (Balance Sheet of New Firm) (As on 1 April 2017)**

LiabilitiesAmount (₹)AssetsAmount (₹)
Capital A/cs:Sundry Assets4,80,000
Suresh1,76,400
Ramesh1,34,400
Mahesh75,200
Total3,86,000Total4,80,000

In simple words: सबसे पहले, साझेदारों के पुराने और नए लाभ विभाजन अनुपात के आधार पर त्याग और लाभ का अनुपात निकाला गया. फिर, फर्म की ख्याति, जनरल रिजर्व और लाभ-हानि खाते को मिलाकर कुल समायोजन योग्य राशि तय की गई. इस राशि को त्याग और लाभ अनुपात में बाँटकर साझेदारों के पूँजी खातों में एडजस्ट करने के लिए एक जर्नल प्रविष्टि की गई. अंत में, साझेदारों के पूँजी खाते और नई फर्म का चिट्ठा तैयार किया गया, जो सभी वित्तीय समायोजनों के बाद की स्थिति को दर्शाता है.

🎯 Exam Tip: सुनिश्चित करें कि आप लाभ-हानि अनुपात में परिवर्तन के कारण त्याग और लाभ का सही ढंग से गणना करते हैं, क्योंकि यह ख्याति और संचयों के समायोजन का आधार है.

 

Question 17. नरदीप, हरदीप तथा गगनदीप एक फर्म में साझेदार थे जो 2:1:3 के अनुपात में लाभ बाँटते थे। 31.3.2017 को उनका स्थिति विवरण निम्न प्रकार से था:

LiabilitiesAmount (₹)AssetsAmount (₹)
General Reserve60,000Plant2,00,000
Capital:Stock80,000
Nardeep2,00,000Debtors60,000
Hardeep1,00,000Bank10,000
Gagandeep50,000
3,50,000
Total5,50,000Total5,50,000

1.4.2017 से नरदीप, हरदीप तथा गगनदीप ने भविष्य में लाभ बराबर-बराबर बाँटने का निर्णय लिया इसके लिए यह समझौता हुआ कि-
(क) फर्म की ख्याति का मूल्यांकनर Rs 3,00,000 किया जाये।
(ख) भूमि का पुनर्मूल्यांकन Rs 1,60,000 पर किया जाये तथा भवन पर 6% मूल्य ह्रास लगाया जाये।
(ग) Rs 12,000 के लेनदार दावा नहीं करेंगे अतः इन्हें अपलिखित कर दिया जाना चाहिए।

पुनर्मूल्यांकन खाता साझेदारों के पूँजी खाते तथा पुनर्गठित फर्म का स्थिति विवरण तैयार कीजिए।
Answer:

**Working Note 1:**
लाभ/हानि अनुपात (Gaining/Sacrificing Ratio):
पुराना अनुपात (Old Ratio) \( N:H:G = 2:1:3 \)
नया अनुपात (New Ratio) \( N:H:G = 1:1:1 \)
नरदीप का त्याग \( = \frac{2}{6} - \frac{1}{3} = 0 \)
हरदीप का लाभ \( = \frac{1}{3} - \frac{1}{6} = \frac{2-1}{6} = \frac{1}{6} \)
गगनदीप का त्याग \( = \frac{3}{6} - \frac{1}{3} = \frac{3-2}{6} = \frac{1}{6} \)

**पुनर्मूल्यांकन खाता (Revaluation Account)**

Dr. ParticularsAmount (₹)Cr. ParticularsAmount (₹)
To Building A/c (6% depreciation)2,160By Land A/c (Appreciation)1,60,000
To Profit on Revaluation:By Creditors A/c (Written off)12,000
Nardeep's Capital A/c22,000
Hardeep's Capital A/c11,000
Gagandeep's Capital A/c33,000
66,000
Total68,160Total1,72,000

**साझेदारों का पूँजी खाता (Partners Capital Account)**

Dr. ParticularsNardeep (₹)Hardeep (₹)Gagandeep (₹)Cr. ParticularsNardeep (₹)Hardeep (₹)Gagandeep (₹)
To Hardeep's Capital A/c-50,000-By Balance b/d2,00,0001,00,00050,000
To Balance c/d2,42,00071,0001,63,000By Revaluation A/c22,00011,00033,000
By General Reserve A/c20,00010,00030,000
By Goodwill A/c (Adjustment)--50,000
Total2,42,0001,21,0001,63,000Total2,42,0001,21,0001,63,000

**नई फर्म का चिट्ठा (Balance Sheet of New Firm) (As on 1st April 2017)**

LiabilitiesAmount (₹)AssetsAmount (₹)
Creditors88,000Land1,60,000
Bills Payable40,000Building94,000
Capital :Plant2,00,000
Nardeep2,42,000Stock80,000
Hardeep71,000Debtors60,000
Gagandeep1,63,000Bank10,000
4,76,000
Total6,04,000Total6,04,000

In simple words: सबसे पहले, साझेदारों के बीच लाभ-हानि अनुपात में बदलाव के कारण त्याग और लाभ का अनुपात निकाला गया. फिर, संपत्तियों और देनदारियों के मूल्यों में हुए बदलावों को पुनर्मूल्यांकन खाते में दर्ज किया गया. इसके बाद, साझेदारों के पूँजी खाते बनाए गए, जिनमें ख्याति, जनरल रिजर्व और पुनर्मूल्यांकन लाभ के समायोजन शामिल थे. अंत में, नई फर्म का चिट्ठा तैयार किया गया, जो सभी अपडेटेड वित्तीय स्थितियों को दर्शाता है.

🎯 Exam Tip: ख्याति के समायोजन और पुनर्मूल्यांकन के प्रभावों को ध्यान से रिकॉर्ड करें, खासकर जब साझेदारों के लाभ-हानि अनुपात में बदलाव होता है.

 

Question 18. A, B तथा C साझेदार हैं और लाभ को 3:2:1 के अनुपात में बाँटते हैं। वे D को लाभों में 1/5 हिस्से के लिए प्रवेश देते हैं। D अपना पूरा हिस्सा A से प्राप्त करता है। C अपने लाभ के 1/5 भाग के लिए आनुपातिक पूँजी लायेगा।
1. फर्म की ख्याति का मूल्यांकन पिछले 3 वर्षों के औसत लाभों Rs 10,000 के दो वर्षों के क्रय के बराबर किया गया। C ख्याति की राशि नकद लाता है।
2. ऐसी सम्पत्ति जिसका पुस्तकों में लेखी नहीं हुआ Rs 10,000 ।
3. विनियोगों का मूल्यांकन Rs 12,000 पर किया गया व इसी मूल्य पर A ने ले लिए।
4. सामान्य संचय की आधी राशि साझेदारों ने निकाल ली ।
5. भवन के मूल्य में 10% से वृद्धि की गयी।
6. मशीन का मूल्य 10% अधिक करना है।
7. फर्नीचर का मूल्य 10% कम करना है।
8. अदत्त वेतन Rs 2,000 I
9. एकस्व का मूल्य Rs 3,000 से कम करें ।
10. कर्मचारी क्षतिपूर्ति संचय के विरुद्धर 2,000 का दायित्व निश्चित किया गया।
11. पूर्वदत्त बीमार 1,000 I
12. बैंक ऋण का भुगतान कर दिया गया है।
13. लेनदारों में शामिलर 4,000 के दायित्व का भुगतान नहीं करना है।
14. डूबते ऋण Rs 3,000 I

पुनर्मूल्यांकन खाता, साझेदारों के पूँजी खाते तथा नई फर्म का चिट्ठा बनाइए।
Answer:

**Working Notes:**
1. नया लाभ विभाजन अनुपात (New Profit Sharing Ratio):
पुराना अनुपात \( A:B = 3:2 \)
C का हिस्सा \( = \frac{1}{5} \)
शेष लाभ \( = 1 - \frac{1}{5} = \frac{4}{5} \)
A का नया लाभ \( = \frac{4}{5} \times \frac{3}{5} = \frac{12}{25} \)
B का नया लाभ \( = \frac{4}{5} \times \frac{2}{5} = \frac{8}{25} \)
नया लाभ विभाजन अनुपात \( A:B:C = \frac{12}{25}:\frac{8}{25}:\frac{5}{25} = 12:8:5 \)

**पुनर्मूल्यांकन खाता (Revaluation Account)**

ParticularsAmount (₹)ParticularsAmount (₹)
To Furniture A/c400By Unrecorded Assets A/c10,000
To Outstanding Salary A/c2,000By Investment A/c2,000
To Patent A/c3,000By Building A/c10,000
To Workmen Compensation A/c2,000By Machinery A/c4,000
To Bad Debts A/c1,000By Prepaid Insurance A/c1,000
To Stock A/c4,000By Creditors A/c4,000
To Profit on Revaluation:
A Capital A/c11,160
B Capital A/c7,440
18,600
Total31,000Total31,000

**साझेदारों का पूँजी खाता (Partners Capital Account)**

Dr. ParticularsA (₹)B (₹)C (₹)Cr. ParticularsA (₹)B (₹)C (₹)
To Deferred Revenue Exp. A/c3,0002,000-By Balance b/d1,00,00080,000-
To Investment A/c12,000--By Bank A/c (Goodwill)--10,000
To General Res. A/c (Withdrawn)3,0002,000-By P&L A/c12,0008,000-
To Balance c/d1,06,16089,44048,900By General Reserve A/c6,0004,000-
By Revaluation A/c11,1607,440-
By Bank A/c (Capital)--48,900
Total1,24,16093,44048,900Total1,29,16099,44058,900

**नई फर्म का चिट्ठा (Balance Sheet of New Firm)**

LiabilitiesAmount (₹)AssetsAmount (₹)
Creditors36,000Cash at Bank47,900
Employees Provident Fund8,000Debtors50,000
Workmen Compensation2,000Stock26,000
Outstanding Salary2,000Building1,10,000
Capital :Machinery44,000
A1,06,160Furniture3,600
B89,440Patent3,000
C48,900Unrecorded Assets10,000
2,44,500Prepaid Insurance1,000
Total2,92,500Total2,92,500

In simple words: सबसे पहले, साझेदारों के पुराने और नए लाभ-हानि अनुपात के आधार पर त्याग अनुपात निकाला गया. फिर, संपत्तियों और देनदारियों के मूल्यों में हुए बदलावों को दिखाने के लिए पुनर्मूल्यांकन खाता तैयार किया गया. इसके बाद, साझेदारों के पूँजी खाते बनाए गए, जिनमें ख्याति, जनरल रिजर्व, लाभ-हानि खाते और पुनर्मूल्यांकन के समायोजन शामिल थे. अंत में, नई फर्म का चिट्ठा तैयार किया गया, जो सभी वित्तीय समायोजनों के बाद की स्थिति को दर्शाता है.

🎯 Exam Tip: सुनिश्चित करें कि आप सभी संपत्तियों और देनदारियों के समायोजन, जैसे कि अनरिकॉर्डेड संपत्ति और पेटेंट का मूल्यह्रास, सही ढंग से दर्ज करते हैं.

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