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Detailed Chapter 10 वित्तीय विवरणों का विश्लेषण RBSE Solutions for Class 12 Accountancy
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Class 12 Accountancy Chapter 10 वित्तीय विवरणों का विश्लेषण RBSE Solutions PDF
RBSE Class 12 Accountancy Chapter 10 पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
RBSE Class 12 Accountancy Chapter 10 बहुचयनात्मक प्रश्न
Question 1. क्षैतिज विश्लेषण में किस तकनीक या उपकरण को प्रयोग किया जाता है
(अ) चिट्ठा
(ब) तुलनात्मक विवरण व प्रवृत्ति विश्लेषण
(स) समानाकार लाभ-हानि खाता
(द) समानाकार चिट्ठा।
Answer: (ब) तुलनात्मक विवरण व प्रवृत्ति विश्लेषण
In simple words: क्षैतिज विश्लेषण में एक ही कंपनी के अलग-अलग समय के वित्तीय विवरणों की तुलना की जाती है, और इसके लिए तुलनात्मक विवरण और प्रवृत्ति विश्लेषण जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाता है।
🎯 Exam Tip: क्षैतिज विश्लेषण को गतिशील विश्लेषण भी कहते हैं। इस प्रकार के विश्लेषण में कई लेखांकन अवधियों के आंकड़ों की तुलना की जाती है।
Question 2. क्षैतिज विश्लेषण में ... लेखांकन अवधियों के वित्तीय विवरणों की आवश्यकता होती है
(अ) दो या अधिक
Answer: (अ) दो या अधिक
In simple words: क्षैतिज विश्लेषण करने के लिए हमें कम से कम दो या उससे ज्यादा लेखांकन अवधियों के वित्तीय रिकॉर्ड की जरूरत होती है ताकि हम बदलावों को देख सकें।
🎯 Exam Tip: ध्यान दें कि क्षैतिज विश्लेषण में हमेशा एक से अधिक लेखांकन अवधियों के डेटा का उपयोग किया जाता है, ताकि समय के साथ परिवर्तनों का अध्ययन किया जा सके।
Question 3. अन्तर फर्म तुलना को जाता है
(अ) काल श्रेणी विश्लेषण
(ब) प्रवृत्ति विश्लेषण
(स) क्रॉस वर्गीय विश्लेषण
(द) उपरोक्त सभी
Answer: (स) क्रॉस वर्गीय विश्लेषण
In simple words: जब हम एक कंपनी की तुलना दूसरी कंपनियों से करते हैं, तो इसे क्रॉस वर्गीय विश्लेषण कहते हैं। यह तुलना उद्योग में कंपनी की स्थिति समझने में मदद करती है।
🎯 Exam Tip: अन्तर फर्म तुलना करते समय, यह सुनिश्चित करें कि तुलना की जाने वाली फर्मों का व्यवसाय और आकार समान हो, ताकि परिणाम सही हों।
Question 4. वित्तीय विश्लेषण हेतु सामान्यतया उपयोग लिये जाने वाले उपकरण हैं
(अ) अनुपात विश्लेषण
(ब) क्षैतिज विश्लेषण
(स) लम्बवत् विश्लेषण
(द) उपरोक्त सभी
Answer: (द) उपरोक्त सभी
In simple words: वित्तीय विश्लेषण के लिए अनुपात विश्लेषण, क्षैतिज विश्लेषण और लम्बवत् विश्लेषण जैसे कई तरीके इस्तेमाल किए जाते हैं। ये सभी मिलकर किसी कंपनी की वित्तीय सेहत को समझने में मदद करते हैं।
🎯 Exam Tip: वित्तीय विश्लेषण के लिए सभी उपलब्ध उपकरणों को समझना महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रत्येक उपकरण वित्तीय विवरणों के एक अलग पहलू पर रोशनी डालता है।
Question 5. समानाकार आय विवरण में विभिन्न मदों को...के प्रतिशत के रूप में प्रस्तुत किया जाता है
(अ) परिचालन से आय
(ब) सकल बिक्री
(स) शुद्ध आय
(द) सकल आय
Answer: (अ) परिचालन से आय
In simple words: समानाकार आय विवरण में, सभी खर्चों और आय को 'परिचालन से आय' के प्रतिशत के रूप में दिखाया जाता है, जिससे यह समझना आसान हो जाता है कि हर आइटम कुल आय का कितना हिस्सा है।
🎯 Exam Tip: समानाकार विवरण का मुख्य उद्देश्य विभिन्न मदों के बीच संबंध को प्रतिशत के रूप में दर्शाना है, जिससे उनकी सापेक्षिक महत्व को समझा जा सके।
Question 6. समानाकार चिट्ठा भी कहलाता है
(अ) प्रतिशत चिट्ठा
(ब) प्रतिशत आय विवरण
Answer: (अ) प्रतिशत चिट्ठा
In simple words: समानाकार चिट्ठे को प्रतिशत चिट्ठा भी कहते हैं क्योंकि इसमें संपत्ति और देनदारियों की सभी मदों को कुल संपत्ति या कुल देनदारियों के प्रतिशत के रूप में दिखाया जाता है।
🎯 Exam Tip: समानाकार चिट्ठा कंपनियों के बीच तुलना करने या एक ही कंपनी के प्रदर्शन में बदलाव देखने के लिए बहुत उपयोगी होता है, क्योंकि यह निरपेक्ष संख्याओं के बजाय प्रतिशत का उपयोग करता है।
Question 7. बेचे गये माल की लागत =
(अ) क्रय + प्रत्यक्ष खर्चे
(ब) प्रारम्भिक स्टॉक + माल का क्रय + प्रत्यक्ष खर्चे – माल को अन्तिम स्टॉक
(स) माल का प्रारम्भिक स्टॉक + माल का क्रय – माल का अन्तिम स्टॉक
(द) उपरोक्त में से कोई नहीं
Answer: (ब) प्रारम्भिक स्टॉक + माल का क्रय + प्रत्यक्ष खर्चे – माल को अन्तिम स्टॉक
In simple words: बेचे गए माल की लागत निकालने के लिए, शुरुआती माल में खरीदे गए माल और सीधे खर्चों को जोड़ते हैं, फिर इसमें से साल के अंत में बचा हुआ माल घटा देते हैं।
🎯 Exam Tip: इस सूत्र को याद रखना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह व्यापार के सकल लाभ की गणना का एक मूलभूत हिस्सा है।
Question 8. तुलनात्मक चिट्ठा, चिड़े की प्रत्येक मद में ... होने वाले परिवर्तन को बताता है.
(अ) सापेक्ष
(ब) निरपेक्ष
(स) निरपेक्ष व सापेक्ष
(द) उपरोक्त में से कोई नहीं।
Answer: (स) निरपेक्ष व सापेक्ष
In simple words: तुलनात्मक चिट्ठे में, हम हर आइटम में हुए बदलाव को संख्या (निरपेक्ष) और प्रतिशत (सापेक्ष) दोनों तरीकों से दिखाते हैं।
🎯 Exam Tip: निरपेक्ष और सापेक्ष दोनों परिवर्तन वित्तीय विवरणों में बदलाव की वास्तविक मात्रा और उसके प्रतिशत प्रभाव दोनों को समझने में मदद करते हैं, जिससे विश्लेषण अधिक व्यापक हो जाता है।
Question 9. समानाकार चिड़े में कुल समता व दायित्वों को किसके समान माना जाता है.
(अ) 1
(ब) 100
(स) 10
(द) 1,000
Answer: (ब) 100
In simple words: समानाकार चिट्ठे में, कुल संपत्ति और कुल देनदारियों को हमेशा 100% के बराबर माना जाता है, ताकि प्रत्येक आइटम को इस कुल का प्रतिशत दिखाया जा सके।
🎯 Exam Tip: समानाकार विश्लेषण में, आधार मूल्य (जैसे कुल संपत्ति या बिक्री) को 100 मानकर अन्य सभी मदों को उसके प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जाता है।
Question. क्या क्षैतिज व लम्बवत् विश्लेषण में कोई विरोधाभास है ?
Answer: नहीं, क्षैतिज और लम्बवत् विश्लेषण में कोई विरोधाभास नहीं है। कंपनी के संपूर्ण वित्तीय विश्लेषण के लिए ये दोनों ही तरीके बहुत जरूरी होते हैं। वे एक-दूसरे के पूरक हैं और मिलकर एक पूरी तस्वीर दिखाते हैं, न कि एक-दूसरे के विरोधी।
In simple words: क्षैतिज और लम्बवत् विश्लेषण एक-दूसरे के खिलाफ नहीं हैं; वे दोनों ही कंपनी की पूरी वित्तीय जानकारी समझने के लिए जरूरी हैं।
🎯 Exam Tip: हमेशा याद रखें कि विभिन्न वित्तीय विश्लेषण तकनीकें एक-दूसरे की जगह नहीं लेतीं, बल्कि एक-दूसरे को पूरा करती हैं, जिससे एक अधिक समग्र दृष्टिकोण मिलता है।
RBSE Class 12 Accountancy Chapter 10 पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
Question 1. वित्तीय विवरण का अर्थ बताइए।
Answer: वित्तीय विवरण एक ऐसा ज़रूरी दस्तावेज़ है जो किसी संगठन से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण वित्तीय जानकारी को दिखाता है। यह कंपनी की आर्थिक स्थिति और प्रदर्शन को समझने में मदद करता है।
In simple words: वित्तीय विवरण एक पेपर है जो कंपनी के पैसे से जुड़ी सभी खास बातें बताता है।
🎯 Exam Tip: वित्तीय विवरणों की परिभाषा में "संगठन से संबंधित आवश्यक वित्तीय सूचनाओं का वर्णन" जैसे मुख्य शब्दों का उपयोग करें।
Question 2. कम्पनी अधिनियम, 2013 के अनुसार वित्तीय विवरणों के एक पूरे सैट में क्या-क्या शामिल किये जाते हैं। केवल नाम लिखिए।
Answer: कम्पनी अधिनियम, 2013 के अनुसार वित्तीय विवरणों के पूरे सेट में निम्नलिखित चीजें शामिल होती हैं:
1. चिट्ठा (Balance Sheet)
2. लाभ-हानि खाता (Profit and Loss Account)
3. लेखा टिप्पणियाँ (Notes to Accounts)
4. रोकड़ प्रवाह विवरण (Cash Flow Statement)
In simple words: कंपनी कानून 2013 के हिसाब से, वित्तीय विवरण में बैलेंस शीट, प्रॉफिट-लॉस अकाउंट, नोट्स और कैश फ्लो स्टेटमेंट होते हैं।
🎯 Exam Tip: कम्पनी अधिनियम, 2013 के तहत वित्तीय विवरणों के चार प्रमुख घटकों के नाम सही क्रम में याद रखें।
Question 3. वित्तीय विवरणों की कोई दो प्रकृति लिखिए।
Answer: वित्तीय विवरणों की जानकारी निम्नलिखित दो तरह के संयोजनों का नतीजा होती है:
1. व्यक्तिगत निर्णयों से वित्तीय विवरण प्रभावित होते हैं।
2. वित्तीय विवरण लेखांकन अवधारणाओं को अपनाते हुए बनाए जाते हैं।
In simple words: वित्तीय विवरण कंपनी के मालिकों के निजी फैसलों और लेखांकन के सामान्य नियमों से बनते हैं।
🎯 Exam Tip: वित्तीय विवरणों की प्रकृति बताते समय, मानव निर्णयों और लेखांकन सिद्धांतों दोनों के प्रभाव पर जोर दें।
Question 4. वित्तीय विवरणों की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।
Answer: वित्तीय विवरणों की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित होती हैं:
1. संक्षिप्तीकरण: ये सभी वित्तीय लेन-देनों का एक संक्षिप्त सारांश होते हैं।
2. मुद्रा में व्यक्त: इनमें सभी जानकारी पैसों के रूप में दिखाई जाती है।
In simple words: वित्तीय विवरण छोटी रिपोर्ट होते हैं और सब कुछ पैसों में दिखाते हैं।
🎯 Exam Tip: वित्तीय विवरणों की विशेषताओं में उनकी संक्षिप्त प्रकृति और मौद्रिक रूप में प्रस्तुति को उजागर करें।
Question 6. वित्तीय विवरण किस आधार पर व्यक्तिगत निर्णयों से प्रभावित होते हैं ?
Answer: वित्तीय विवरण प्रबंधक के व्यक्तिगत निर्णयों से प्रभावित होते हैं। उदाहरण के लिए, स्टॉक का मूल्यांकन करने के लिए कौन-सी विधि (जैसे FIFO या LIFO) का उपयोग किया जाए, यह निर्णय प्रबंधक का व्यक्तिगत चुनाव होता है। यह चुनाव सीधे वित्तीय विवरणों को प्रभावित करता है।
In simple words: कंपनी के प्रबंधक अपने हिसाब से कुछ फैसले लेते हैं, जैसे स्टॉक की कीमत कैसे तय करें, और ये फैसले कंपनी के पैसों के रिकॉर्ड पर असर डालते हैं।
🎯 Exam Tip: लेखांकन नीतियों (जैसे स्टॉक मूल्यांकन या मूल्यह्रास की विधि) के चयन में प्रबंधकीय निर्णय के प्रभाव को स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 7. वित्तीय विवरणों के कोई चार बाह्य उपयोगकर्ताओं के नाम लिखिए।
Answer: वित्तीय विवरणों के चार बाहरी उपयोगकर्ता निम्नलिखित हो सकते हैं:
1. बैंक व वित्तीय संस्थाएँ: ये कंपनी को कर्ज देने से पहले उसकी वित्तीय स्थिति देखते हैं।
2. लेनदार: जिन लोगों को कंपनी से पैसा लेना है, वे कंपनी की भुगतान क्षमता जानने के लिए विवरण देखते हैं।
3. सरकार व अन्य विभाग: सरकार टैक्स और नीतियों के लिए वित्तीय जानकारी का उपयोग करती है।
4. ऋणपत्रधारी या भावी विनियोजक: ये कंपनी में पैसा लगाने से पहले उसकी लाभ कमाने की क्षमता और सुरक्षा का आकलन करते हैं।
In simple words: बैंक, लेनदार, सरकार और नए निवेशक जैसे बाहरी लोग कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड देखते हैं।
🎯 Exam Tip: बाह्य उपयोगकर्ताओं के नाम लिखते समय, यह भी बताएं कि प्रत्येक वर्ग वित्तीय विवरणों का उपयोग किस उद्देश्य से करता है।
Question 8. वित्तीय विवरणों की कोई चार सीमाएँ लिखिए।
Answer: वित्तीय विवरणों की चार सीमाएँ निम्नलिखित हैं:
1. ऐतिहासिक तथ्य: ये केवल पिछली जानकारी पर आधारित होते हैं, भविष्य का सही अनुमान नहीं बताते।
2. अनुमानों पर आधारित: इनमें कुछ अनुमान शामिल होते हैं, जो हमेशा सही नहीं हो सकते।
3. वास्तविक स्थिति को छुपाना: कभी-कभी इनमें गुप्त संचय या ऊपरी बनावट के कारण सही स्थिति छिप जाती है।
4. गुणात्मक तथ्यों पर ध्यान नहीं देना: ये केवल पैसों से जुड़ी जानकारी दिखाते हैं, कर्मचारियों की योग्यता जैसे गैर-मौद्रिक पहलुओं को नजरअंदाज करते हैं।
In simple words: वित्तीय विवरण पुरानी जानकारी पर आधारित होते हैं, अनुमानों का उपयोग करते हैं, कभी-कभी सच्चाई छिपाते हैं, और केवल पैसों की बात करते हैं, अन्य महत्वपूर्ण गुणों को नहीं दिखाते।
🎯 Exam Tip: वित्तीय विवरणों की सीमाओं में "ऐतिहासिक", "अनुमान", "छिपाना" और "गुणात्मक तथ्यों की उपेक्षा" जैसे प्रमुख शब्दों को शामिल करें।
Question 9. वित्तीय विश्लेषण का अर्थ बताइए।
Answer: वित्तीय विश्लेषण का मतलब है किसी जानकारी को बेहतर ढंग से समझने के लिए उसके एक हिस्से की तुलना दूसरे हिस्सों या उसके कुल योग से करना। यह किसी कंपनी की वित्तीय सेहत, प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाओं को आंकने में मदद करता है।
In simple words: वित्तीय विश्लेषण का मतलब है कंपनी के पैसों की जानकारी को अलग-अलग हिस्सों में तोड़कर समझना और तुलना करना।
🎯 Exam Tip: वित्तीय विश्लेषण की परिभाषा में "सूचना की प्रकृति को समझना" और "अवयवों का सम्बन्ध स्थापित करना" जैसे प्रमुख बिंदुओं को शामिल करें।
Question 11. क्षैतिज व लम्बवत् विश्लेषण में चार अन्तर बताइए।
Answer:
| अन्तर का आधार | क्षैतिज विश्लेषण | लम्बवत् विश्लेषण |
|---|---|---|
| 1. अवधि | इसमें दो या दो से अधिक अवधि के वित्तीय विवरणों के समंक चाहिये। | इसमें एक अवधि के ही वित्तीय विवरण समंक चाहिये । |
| 2. उपयोगिता | यह काल श्रेणी विश्लेषणों में उपयोगी है। | यह परिच्छेद विश्लेषणों में उपयोगी है। |
| 3. तुलना | यह तुलना का एक अंग है। | एक तुलना का एक आधार है। |
| 4. मदें | इसमें प्रत्येक मद की विभिन्न अवधियों के आचरण का अध्ययन होता है। | इसमें एक ही अवधि की विभिन्न मदों के पारस्परिक सम्बन्धों का अध्ययन करते हैं। |
In simple words: क्षैतिज विश्लेषण में कई सालों के डेटा की तुलना करते हैं, जबकि लम्बवत् विश्लेषण में एक ही साल के डेटा को प्रतिशत में देखते हैं।
🎯 Exam Tip: क्षैतिज और लम्बवत् विश्लेषण के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझें, खासकर उनके लिए आवश्यक अवधि और उपयोगिता के आधार पर।
Question 12. तुलनात्मक चिट्टे से आप क्या समझते हैं ?
Answer: तुलनात्मक वित्तीय विवरण वित्तीय विश्लेषण की एक विधि है जिसमें दो या दो से ज़्यादा सालों से जुड़ी वित्तीय जानकारी में हुए बदलावों (चाहे वह संख्या में हो या प्रतिशत में) को एक ही विवरण-पत्र में दिखाया जाता है। यह कंपनियों के प्रदर्शन में समय के साथ आए बदलावों को समझने में मदद करता है।
In simple words: तुलनात्मक चिट्ठा एक रिपोर्ट है जो कई सालों की वित्तीय जानकारी को एक साथ दिखाकर यह बताती है कि समय के साथ क्या बदलाव आए हैं।
🎯 Exam Tip: तुलनात्मक चिट्ठे की परिभाषा में "दो या अधिक वर्षों से संबंधित वित्तीय विवरण समंकों" और "निरपेक्ष/सापेक्ष परिवर्तनों" जैसे शब्दों का प्रयोग करें।
Question 14. समानाकार चिट्टे से आप क्या समझते हैं ?
Answer: समानाकार चिट्ठे में कुल संपत्ति और कुल देनदारियों को 100% के बराबर मानकर, संपत्ति और देनदारियों की प्रत्येक मद को उसके प्रतिशत के रूप में दिखाया जाता है। यह व्यापार की वित्तीय मजबूती को समझने और भविष्य की योजनाएँ बनाने में मदद करता है।
In simple words: समानाकार चिट्ठे में, हम कंपनी की सभी संपत्तियों और देनदारियों को कुल के 100% मानकर, हर आइटम का प्रतिशत देखते हैं।
🎯 Exam Tip: समानाकार चिट्ठे में, हमेशा कुल संपत्ति/देनदारियों को 100% आधार मानना और प्रत्येक मद को उसके प्रतिशत के रूप में व्यक्त करना महत्वपूर्ण है।
Question 15. समानाकार आय खाते से आप क्या समझते हैं ?
Answer: इस विवरण पत्र में, व्यावसायिक गतिविधियों से हुई आय (बिक्री) को 100% मानकर, लाभ-हानि खाते की हर मद को उसके प्रतिशत के रूप में दिखाया जाता है। यह आय विवरण प्रत्येक मद में हुए बदलाव, व्यवसाय की कार्यकुशलता और कंपनी के प्रदर्शन की प्रवृत्ति को समझने में मदद करता है।
In simple words: समानाकार आय खाते में, हम बिक्री को 100% मानकर कंपनी की सभी आय और खर्चों को प्रतिशत में दिखाते हैं, ताकि हम प्रदर्शन को समझ सकें।
🎯 Exam Tip: समानाकार आय खाते में "परिचालन से आय" या "बिक्री" को आधार (100%) मानकर सभी अन्य मदों को प्रतिशत के रूप में प्रस्तुत करें।
Question 16. प्रवृत्ति विश्लेषण से आप क्या समझते हैं ?
Answer: प्रवृत्ति विश्लेषण एक ऐसा तरीका है जिसमें किसी आधार वर्ष की तुलना में आने वाले सालों में वित्तीय विवरणों की मदों में हुए बदलावों की दिशा को देखकर व्यापार की वित्तीय स्थिति का अध्ययन किया जाता है। यह बताता है कि कंपनी ऊपर जा रही है या नीचे।
In simple words: प्रवृत्ति विश्लेषण में, हम पिछले साल के डेटा से तुलना करके देखते हैं कि कंपनी के पैसों की स्थिति समय के साथ कैसी बदल रही है।
🎯 Exam Tip: प्रवृत्ति विश्लेषण में एक आधार वर्ष का चयन और उस आधार पर अन्य वर्षों के प्रतिशत परिवर्तनों की गणना महत्वपूर्ण होती है।
RBSE Class 12 Accountancy Chapter 10 लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. वित्तीय विवरणों की चार विशेषताएँ बताइए।
Answer: वित्तीय विवरणों की चार विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
- मुद्रा में व्यक्त: वित्तीय विवरण में सभी जानकारी पैसों के रूप में दी जाती है, बिना पैसों के वे किसी काम के नहीं होते।
- मान्यता पर आधारित: ये इस बात पर बनते हैं कि इसे इस्तेमाल करने वाले लोग इसमें इस्तेमाल होने वाले नियमों और तरीकों को जानते हैं।
- भूतकाल पर आधारित: ये विवरण पुरानी जानकारी पर आधारित होते हैं। इनका भविष्य की आर्थिक गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं होता।
- विश्वसनीयता: वित्तीय विवरणों की जानकारी भरोसेमंद और सत्यापित होनी चाहिए।
In simple words: वित्तीय विवरण पैसे में होते हैं, नियमों पर आधारित होते हैं, पुरानी बातों पर बने होते हैं और विश्वसनीय होने चाहिए।
🎯 Exam Tip: वित्तीय विवरणों की विशेषताओं में उनकी मौद्रिक अभिव्यक्ति, अंतर्निहित मान्यताओं, ऐतिहासिक प्रकृति और विश्वसनीयता को शामिल करना महत्वपूर्ण है।
Question 3. तुलनात्मक चिट्टे का प्रारूप दीजिये।
Answer: तुलनात्मक चिट्ठे का प्रारूप इस प्रकार है:
| I. EQUITY AND LIABILITIES | |||||
|---|---|---|---|---|---|
| 1. Shareholders Funds | |||||
| (A) Share Capital | |||||
| (i) Equity Share Capital | |||||
| (ii) Preference Share Capital | |||||
| (B) Reserve and Surplus | |||||
| 2. Non-Current Liabilities | |||||
| (A) Long-term Borrowings | |||||
| (B) Long-term Provisions | |||||
| 3. Current Liabilities | |||||
| (A) Short-term Borrowings | |||||
| (B) Trade Payable | |||||
| (C) Other Current Liabilities | |||||
| (D) Short-term Provisions | |||||
| Total | |||||
| II. ASSETS | |||||
| 2. Non-Current Assets | |||||
| (A) Fixed Assets (Tangible) | |||||
| (i) Intangible Assets | |||||
| (B) Non-Current Investment | |||||
| (C) Long-term Loan and Advances | |||||
| 3. Current Assets | |||||
| (A) Current Investment | |||||
| (B) Inventories | |||||
| (C) Trade Receivable | |||||
| (D) Cash and Cash Equivalent | |||||
| (E) Short-term Loan and Advance | |||||
| (F) Other Current Assets | |||||
| Total |
In simple words: तुलनात्मक चिट्ठे का प्रारूप कंपनी की संपत्ति और देनदारियों को अलग-अलग सालों में दिखाता है, जिससे आप बदलाव देख सकें।
🎯 Exam Tip: तुलनात्मक चिट्ठे का प्रारूप बनाते समय, सभी प्रमुख शीर्षकों (जैसे इक्विटी और देनदारियां, संपत्ति) और उनके उप-शीर्षकों को सही ढंग से वर्गीकृत करना महत्वपूर्ण है।
Question 4. निम्नांकित सूचनाओं से तुलनात्मक आय खाता बनाइये।
| Particulars | Note No. | 31 March 2016 | 31 March 2017 |
|---|---|---|---|
| Revenue | Rs 20,00,000 | Rs 30,00,000 | |
| Other Income | Rs 4,00,000 | Rs 3,60,000 | |
| Expenses | Rs 12,00,000 | Rs 21,00,000 |
Answer:
| Particulars | Note No. | Year 2016 | Year 2017 | Increase/ Decrease | Increase/ Decrease (%) |
|---|---|---|---|---|---|
| I. Revenue from Operation | Rs 20,00,000 | Rs 30,00,000 | Rs 10,00,000 | 50 | |
| II. Other Income | Rs 4,00,000 | Rs 3,60,000 | (Rs 40,000) | (10) | |
| III. Total Revenue | Rs 24,00,000 | Rs 33,60,000 | Rs 9,60,000 | 48 | |
| Expenses | Rs 12,00,000 | Rs 21,00,000 | Rs 9,00,000 | 75 | |
| IV. Total Exp. | Rs 12,00,000 | Rs 21,00,000 | Rs 9,00,000 | 75 | |
| V. Profit before Tax | Rs 12,00,000 | Rs 12,60,000 | Rs 60,000 | 05 |
In simple words: तुलनात्मक आय खाता दो सालों की कमाई और खर्चों की तुलना करता है, दिखाता है कि हर मद में कितनी बढ़ोतरी या कमी हुई है, संख्या और प्रतिशत दोनों में।
🎯 Exam Tip: तुलनात्मक आय खाता बनाते समय, "राजस्व से संचालन" और "अन्य आय" को जोड़कर "कुल राजस्व" निकालना न भूलें, और फिर "कुल खर्च" घटाकर "कर पूर्व लाभ" ज्ञात करें। प्रतिशत परिवर्तन की गणना सही आधार वर्ष के साथ करें।
Question 5. निम्नांकित सूचनाओं से समानाकार लाभ-हानि खाता बनाइये
| Particulars | Note No. | 31 March 2016 | 31 March 2017 |
|---|---|---|---|
| Revenue from operations | Rs 20,00,000 | Rs 36,00,000 | |
| Total Expenses | Rs 12,00,000 | Rs 24,00,000 | |
| Tax rate | 30% | 30% |
Answer:
| Rs | |||||
|---|---|---|---|---|---|
| I. Revenue from Operation | 20,00,000 | 36,00,000 | 100 | 100 | |
| II. Total Revenue | 20,00,000 | 36,00,000 | 100 | 100 | |
| III. Expenses | 12,00,000 | 24,00,000 | 60 | 66-67 | |
| Total Expenses | 12,00,000 | 24,00,000 | 60 | 66-67 | |
| IV. Profit before Tax | 8,00,000 | 12,00,000 | 40 | 33-33 | |
| V. Less: Tax @ 30% | 2,40,000 | 3,60,000 | 12 | 10-00 | |
| VI. Profit after Tax | 5,60,000 | 8,40,000 | 28 | 23-33 |
In simple words: समानाकार लाभ-हानि खाता हर साल की आय और खर्चों को 'परिचालन से आय' के प्रतिशत के रूप में दिखाता है, जिससे हर मद की तुलना करना आसान हो जाता है।
🎯 Exam Tip: समानाकार लाभ-हानि खाता तैयार करते समय, हमेशा "परिचालन से आय" (या शुद्ध बिक्री) को 100% आधार मानें और उसी पर सभी अन्य मदों की गणना करें।
Question 6. निम्नांकित सूचनाओं से व्यावसायिक क्रियाओं से आय की प्रवृत्ति प्रतिशत ज्ञात करो। वर्ष 2010-11 को आधार मानिए-
| वर्ष | 2010-11 | 2011-12 | 2012-13 | 2013-14 | 2014-15 |
|---|---|---|---|---|---|
| शुद्ध बिक्री (लाखों Rs में) | 20 | 25 | 28 | 35 | 40 |
Answer:
| वर्ष | शुद्ध बिक्री | आधार वर्ष की अपेक्षा कमी/वृद्धि | आधार वर्ष की अपेक्षा कमी/वृद्धि प्रतिशत में |
|---|---|---|---|
| 2010-11 | 20 | – | – |
| 2011-12 | 25 | 5 | 25 |
| 2012-13 | 28 | 8 | 40 |
| 201ex-14 | 35 | 15 | 75 |
| 2014-15 | 40 | 20 | 100 |
In simple words: प्रवृत्ति प्रतिशत निकालने के लिए, हर साल की बिक्री को आधार वर्ष (2010-11) की बिक्री से तुलना करके प्रतिशत में बदलाव दिखाते हैं।
🎯 Exam Tip: प्रवृत्ति प्रतिशत की गणना करते समय, आधार वर्ष के मूल्य को 100 मानें और अन्य वर्षों के लिए मूल्य में परिवर्तन को आधार वर्ष के सापेक्ष प्रतिशत में व्यक्त करें।
Question 7. निम्नांकित सूचनाओं से कर्मचारियों के लाभों के लिए व्यय का प्रवृत्ति अनुपात 2011-12 को आधार मानते हुए ज्ञात करो
Answer:
| वर्ष | व्यय | आधार वर्ष की अपेक्षा कमी/वृद्धि | आधार वर्ष की अपेक्षा कमी/वृद्धि प्रतिशत में |
|---|---|---|---|
| 2011-12 | Rs 5,00,000 | – | – |
| 2012-13 | Rs 6,00,000 | Rs 1,00,000 | + 20 (100 + 20) = 120 |
| 2013-14 | Rs 4,50,000 | (Rs 50,000) | - 10 (100 - 10) = 90 |
| 2014-15 | Rs 4,00,000 | (Rs 1,00,000) | - 20 (100 - 20) = 80 |
| 2015-16 | Rs 7,00,000 | Rs 2,00,000 | + 40 (100 + 40) = 140 |
In simple words: इस टेबल में कर्मचारियों के खर्चों का प्रवृत्ति अनुपात 2011-12 को आधार मानकर दिखाया गया है, जिससे पता चलता है कि हर साल खर्च में कितना बदलाव आया।
🎯 Exam Tip: प्रवृत्ति अनुपात की गणना करते समय, आधार वर्ष के व्यय को 100% मानकर प्रत्येक वर्ष के व्यय में हुए सापेक्षिक परिवर्तन को सही ढंग से दर्शाएं।
Question 8. समानाकार चिट्टे का प्रारूप दीजिये।
Answer: समानाकार चिट्ठे का प्रारूप इस प्रकार है:
| I. EQUITY AND LIABILITIES | |||||
|---|---|---|---|---|---|
| 1. Shareholders Funds | |||||
| (A) (i) Equity Share Capital | |||||
| (ii) Preference Share Capital | |||||
| (B) Reserve and Surplus | |||||
| 2. Non-Current Liabilities | |||||
| (A) Long-term Borrowings | |||||
| (B) Long-term Provisions | |||||
| 3. Current Liabilities | |||||
| (A) Short-term Borrowings | |||||
| (B) Trade Payable (Creditors) | |||||
| (C) Other Current Liabilities | |||||
| (D) Short-term Provisions | |||||
| Total | |||||
| II. ASSETS | |||||
| 2. Non-Current Assets | |||||
| (A) Fixed Assets : | |||||
| (i) Tangible Assets | |||||
| (ii) Intangible Assets | |||||
| (B) Non-Current Investment | |||||
| (C) Long-term Loan and Advances | |||||
| 3. Current Assets | |||||
| (A) Current Investment | |||||
| (B) Inventories | |||||
| (C) Trade Receivables | |||||
| (D) Cash and Cash Equivalents | |||||
| (E) Short-term Loan and Advances | |||||
| (F) Other Current Assets | |||||
| Total |
In simple words: समानाकार चिट्ठे का प्रारूप कंपनी की संपत्ति और देनदारियों को एक ही वर्ष के लिए दिखाता है, जिसमें हर मद को कुल संपत्ति या देनदारियों के प्रतिशत के रूप में दर्शाया जाता है।
🎯 Exam Tip: समानाकार चिट्ठे के प्रारूप को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें इक्विटी और देनदारियां तथा संपत्तियों का एक व्यवस्थित वर्गीकरण होता है।
Question 9. क्षैतिज व लम्बवत् विश्लेषणों से आप क्या समझते हैं ?
Answer: क्षैतिज विश्लेषण में वित्तीय विवरणों की हर मद की तुलना अलग-अलग सालों से की जाती है। उदाहरण के लिए, 2016-17 की स्थायी संपत्ति की तुलना 2015-16 या 2014-15 से की जाती है। इसलिए इसे गतिशील विश्लेषण भी कहते हैं। इसमें एक साल की अलग-अलग मदों की तुलना पिछले साल या कई सालों के बदलावों को मापने के लिए की जाती है।
In simple words: क्षैतिज विश्लेषण में हम कई सालों के डेटा को एक साथ देखकर बदलाव समझते हैं, जैसे कंपनी की संपत्ति समय के साथ कैसे बदली।
🎯 Exam Tip: क्षैतिज विश्लेषण (गतिशील विश्लेषण) में समय के साथ परिवर्तनों को प्रतिशत और निरपेक्ष रूप में दर्शाना मुख्य होता है, जो रुझानों को समझने में मदद करता है।
Question 11. वित्तीय विवरण विश्लेषण व्यावसायिक व्यवहारों की शव परीक्षा के समान है। क्या आप इससे सहमत हैं ?
Answer: हाँ, यह कथन सही है। वित्तीय विवरण विश्लेषण पिछली जानकारी के आधार पर कंपनी की कार्यकुशलता, लाभ कमाने की क्षमता और वित्तीय मजबूती का पता लगाता है। इस विश्लेषण से ही व्यवसाय की नई योजनाएँ, रणनीतियाँ, नियंत्रण और सही निर्णय लेना संभव हो पाता है। इसलिए, यह कहा जा सकता है कि वित्तीय विवरण विश्लेषण व्यावसायिक व्यवहारों की शव परीक्षा के समान ही है, क्योंकि यह कंपनी के आंतरिक स्वास्थ्य को उजागर करता है।
In simple words: हाँ, वित्तीय विश्लेषण कंपनी के पिछले काम का हिसाब लगाने जैसा है, जिससे भविष्य के लिए सही फैसले लेने में मदद मिलती है।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के कथन-आधारित प्रश्नों में, सहमति या असहमति के साथ-साथ अपने तर्क को उचित व्यावसायिक अवधारणाओं से स्पष्ट करना आवश्यक है।
Question 12. अन्तः फर्म तुलना में अन्तर्फर्म तुलना के लिये वित्तीय विश्लेषण के कौन-कौन से प्रकारों का उपयोग करेंगे?
Answer: अन्तर्फर्म तुलना के लिए वित्तीय विश्लेषण के निम्नलिखित प्रकारों का उपयोग किया जा सकता है:
- बाह्य विश्लेषण (External Analysis): इसमें बाहरी स्रोतों से जानकारी लेकर तुलना की जाती है।
- आन्तरिक विश्लेषण (Internal Analysis): कंपनी के अंदर की जानकारी का विश्लेषण किया जाता है।
- क्षैतिज या गतिशील विश्लेषण (Horizontal or Dynamic Analysis): यह समय के साथ कंपनी के प्रदर्शन में बदलावों को देखता है।
- लम्बवत् या स्थिर विश्लेषण (Vertical or Static Analysis): यह एक ही समय अवधि के वित्तीय विवरणों में विभिन्न मदों का अनुपात देखता है।
In simple words: दो कंपनियों की तुलना करने के लिए हम बाहरी और अंदरूनी जानकारी, साथ ही समय के साथ बदलाव और एक ही समय के अनुपात को देखते हैं।
🎯 Exam Tip: अन्तर्फर्म तुलना में, विभिन्न प्रकार के विश्लेषणों का उपयोग कंपनी के विभिन्न पहलुओं (जैसे प्रदर्शन, दक्षता, वित्तीय स्थिति) को उजागर करने के लिए किया जाता है।
Question 13. काल श्रेणी विश्लेषण व स्थैतिक विश्लेषण की वित्तीय विश्लेषणों एवं प्रकारों के दूसरे नाम लिखिए ।
Answer:
- काल श्रेणी विश्लेषण (Time Series Analysis): इसे क्षैतिज या गतिशील विश्लेषण भी कहते हैं। इसमें दो अवधियों के विवरण में मदों का सकारात्मक (+) या नकारात्मक (-) संख्याओं में वास्तविक वृद्धि व कमी दिखलाई जाती है।
- स्थैतिक विश्लेषण (Static Analysis): इसे लम्बवत् या स्थिर विश्लेषण भी कहते हैं। इसमें अनुपात विश्लेषण में एक निश्चित अवधि (एक वर्ष) के ही समंकों का उपयोग किया जाता है।
In simple words: काल श्रेणी विश्लेषण को गतिशील विश्लेषण कहते हैं, जो समय के साथ बदलाव दिखाता है। स्थैतिक विश्लेषण को लम्बवत् विश्लेषण कहते हैं, जो एक समय पर अनुपात देखता है।
🎯 Exam Tip: काल श्रेणी और स्थैतिक विश्लेषण के वैकल्पिक नामों और उनके उपयोग के तरीकों (समय के साथ बनाम एक बिंदु पर) को समझना महत्वपूर्ण है।
Question 14. तुलनात्मक लाभ-हानि खाते का मुख्य शीर्षक दिखाते हुये प्रारूप बनाओ।
Answer: तुलनात्मक लाभ-हानि खाते का मुख्य शीर्षक दिखाते हुए प्रारूप इस प्रकार है:
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 (3-4) | 6 \( (\frac{5}{3} \times 100) \) |
|---|---|---|---|---|---|
| I. Revenue from Operation | |||||
| II. Other Income | |||||
| III. Total Revenue (I + II) | |||||
| IV. Expenses | |||||
| (A) Cost of Material Consumed | |||||
| (B) Purchase of Stock in Trade | |||||
| (C) Change in Inventories of Finished Goods, Work in Progress and Stock in Trade | |||||
| (D) Employee Benefit Expenses | |||||
| (E) Finance Cost | |||||
| (F) Depreciation and Amortisation Expenses | |||||
| (G) Other Expenses | |||||
| Total Expenses | |||||
| V. Profit Before Tax | |||||
| VI. Less : Income Tax | |||||
| VII. Profit after Tax (V-VI) |
In simple words: तुलनात्मक लाभ-हानि खाता कंपनी की कमाई और खर्चों को दिखाता है, जिससे पता चलता है कि कितने पैसे आए और कितने खर्च हुए, और अंत में कितना लाभ हुआ।
🎯 Exam Tip: तुलनात्मक लाभ-हानि खाते के प्रारूप में 'आय', 'व्यय' और 'कर पूर्व/पश्चात् लाभ' जैसे प्रमुख शीर्षकों को सही क्रम में व्यवस्थित करना महत्वपूर्ण है।
Question 15. निम्नांकित चिट्टे से समानाकार चिट्ठा बनाइये।
Answer: निम्न तालिका समानाकार चिट्ठे का प्रारूप दर्शाती है। इसमें प्रत्येक मद को कुल सम्पत्ति या कुल देनदारियों के प्रतिशत के रूप में दिखाया जाता है, जिससे विभिन्न अवधियों के बीच तुलना करना आसान हो जाता है।
| Particulars | Year | |
|---|---|---|
| Amount (Rs.) | % of Total | |
| I. EQUITY AND LIABILITIES | ||
| 1. Shareholders Funds | ||
| (A) Share Capital | ||
| (i) Equity Share Capital | ||
| (ii) Preference Share Capital | ||
| (B) Reserve and Surplus | ||
| 2. Non-Current Liabilities | ||
| (A) Long-term Borrowings | ||
| (B) Long-term Provisions | ||
| 3. Current Liabilities | ||
| (A) Short-term Borrowings | ||
| (B) Trade Payable | ||
| (C) Other Current Liabilities | ||
| (D) Short-term Provisions | ||
| Total | 100 | |
| II. ASSETS | ||
| 2. Non-Current Assets | ||
| (A) Fixed Assets (Tangible) | ||
| (i) Intangible Assets | ||
| (B) Non-Current Investment | ||
| (C) Long-term Loan and Advances | ||
| 3. Current Assets | ||
| (A) Current Investment | ||
| (B) Inventories | ||
| (C) Trade Receivable | ||
| (D) Cash and Cash Equivalent | ||
| (E) Short-term Loan and Advance | ||
| (F) Other Current Assets | ||
| Total | 100 | |
In simple words: एक समानाकार चिट्ठा वह है जिसमें हर चीज़ को कुल सम्पत्ति या देनदारियों के प्रतिशत के रूप में दिखाया जाता है। यह हमें यह समझने में मदद करता है कि कुल व्यापार में प्रत्येक चीज़ का कितना बड़ा हिस्सा है, और समय के साथ यह कैसे बदलता है।
🎯 Exam Tip: समानाकार चिट्ठा बनाते समय, हमेशा कुल सम्पत्ति और कुल देनदारियों को 100% के रूप में लें और प्रत्येक मद को इसी आधार पर प्रतिशत में बदलें। यह विभिन्न अवधियों और कंपनियों की तुलना के लिए उपयोगी है।
Question 16. निम्नांकित चिट्टे से समानाकार चिट्ठा बनाइये।
Answer: निम्न तालिका समानाकार चिट्ठे का प्रारूप दर्शाती है। इसमें प्रत्येक मद को कुल सम्पत्ति या कुल देनदारियों के प्रतिशत के रूप में दिखाया जाता है, जिससे विभिन्न अवधियों के बीच तुलना करना आसान हो जाता है।
| Particulars | Year | |
|---|---|---|
| Amount (Rs.) | % of Total | |
| I. EQUITY AND LIABILITIES | ||
| 1. Shareholder's Funds | ||
| (A) Share Capital | ||
| (B) Reserve and Surplus | ||
| 2. Non-Current Liabilities | ||
| (A) Long-term Borrowings | ||
| 3. Current Liabilities | ||
| (A) Trade Payable | ||
| Total | 100 | |
| II. ASSETS | ||
| 1. Non-Current Assets | ||
| (A) Fixed Assets (Tangible) | ||
| 2. Current Assets | ||
| (A) (Trade Receivable) | ||
| Total | 100 | |
In simple words: एक समानाकार चिट्ठा वह है जिसमें हर चीज़ को कुल सम्पत्ति या देनदारियों के प्रतिशत के रूप में दिखाया जाता है। यह हमें यह समझने में मदद करता है कि कुल व्यापार में प्रत्येक चीज़ का कितना बड़ा हिस्सा है, और समय के साथ यह कैसे बदलता है।
🎯 Exam Tip: समानाकार चिट्ठा बनाते समय, हमेशा कुल सम्पत्ति और कुल देनदारियों को 100% के रूप में लें और प्रत्येक मद को इसी आधार पर प्रतिशत में बदलें। यह विभिन्न अवधियों और कंपनियों की तुलना के लिए उपयोगी है।
Question 17. निम्नांकित सूचनाओं से 31 मार्च 2017 को तुलनात्मक चिट्ठा बनाइये।
Answer: निम्न तालिका 31 मार्च 2017 को तुलनात्मक चिट्ठा दिखाती है, जिसमें दोनों वर्षों के मूल्यों की तुलना करके निरपेक्ष और प्रतिशत परिवर्तन दर्शाये गए हैं।
| Particulars | 31 March | Increase/Decrease (Rs.) | Increase/Decrease (%) | |
|---|---|---|---|---|
| 2016 (Rs.) | 2017 (Rs.) | |||
| I. EQUITY AND LIABILITIES | ||||
| 1. Shareholders Funds | ||||
| (A) Share Capital | 4,00,000 | 4,00,000 | - | - |
| (B) Reserve and Surplus | 1,00,000 | 1,25,000 | 25,000 | 25.00 |
| 2. Non-Current Liabilities | ||||
| (A) Long-term Borrowings | 2,00,000 | 1,75,000 | (25,000) | (12.50) |
| 3. Current Liabilities | ||||
| (A) Trade Payable | 2,00,000 | 3,00,000 | 1,00,000 | 50.00 |
| Total | 9,00,000 | 11,00,000 | 2,00,000 | 22.22 |
| II. ASSETS | ||||
| 1. Non-Current Assets | ||||
| (A) Tangible Assets | 6,00,000 | 8,00,000 | 2,00,000 | 33.33 |
| (B) Intangible Assets | 50,000 | 70,000 | 20,000 | 40.00 |
| 2. Current Assets | ||||
| (A) Trade Receivable | 1,00,000 | 1,50,000 | 50,000 | 50.00 |
| (B) Cash and Cash Equivalents | 1,50,000 | 80,000 | (70,000) | (46.67) |
| Total | 9,00,000 | 11,00,000 | 2,00,000 | 22.22 |
In simple words: तुलनात्मक चिट्ठा हमें यह बताता है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति दो अलग-अलग सालों में कैसे बदली है। हम देखते हैं कि संपत्ति और देनदारियाँ कितनी बढ़ी या घटी हैं, जिससे हमें कंपनी के प्रदर्शन का अंदाज़ा होता है।
🎯 Exam Tip: तुलनात्मक चिट्ठे में निरपेक्ष और प्रतिशत दोनों परिवर्तनों को दर्शाना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये वित्तीय रुझानों की अधिक विस्तृत तस्वीर प्रस्तुत करते हैं।
Question 18. निम्नांकित सूचनाओं से 31 मार्च 2017 को तुलनात्मक चिट्ठा बनाइये।
Answer: निम्न तालिका 31 मार्च 2017 को तुलनात्मक चिट्ठा दिखाती है, जिसमें दोनों वर्षों के मूल्यों की तुलना करके निरपेक्ष और प्रतिशत परिवर्तन दर्शाये गए हैं।
| Particulars | 31 March | Increase/Decrease (Rs.) | Increase/Decrease (%) | |
|---|---|---|---|---|
| 2016 (Rs.) | 2017 (Rs.) | |||
| I. EQUITY AND LIABILITIES | ||||
| 1. Shareholders Funds | ||||
| (i) Equity Share Capital | 10,00,000 | 15,00,000 | 5,00,000 | 50.00 |
| (ii) Preference Share Capital | 5,00,000 | 6,00,000 | 1,00,000 | 20.00 |
| 2. Non-Current Liabilities | ||||
| (A) Long-term Borrowings | 2,00,000 | 2,25,000 | 25,000 | 12.50 |
| 3. Current Liabilities | ||||
| (A) Trade Payable | 3,00,000 | 4,00,000 | 1,00,000 | 33.33 |
| Total | 20,00,000 | 27,25,000 | 7,25,000 | 36.25 |
| II. ASSETS | ||||
| 1. Non-Current Assets | ||||
| (A) Fixed Assets (Tangible) | 15,00,000 | 20,00,000 | 5,00,000 | 33.33 |
| (B) Intangible Assets | 1,00,000 | 3,00,000 | 2,00,000 | 200.00 |
| 2. Current Assets | ||||
| (A) Investment | 2,00,000 | 4,00,000 | 2,00,000 | 100.00 |
| (B) Cash and Cash Equivalents | 2,00,000 | 25,000 | (1,75,000) | (87.50) |
| Total | 20,00,000 | 27,25,000 | 7,25,000 | 36.25 |
In simple words: तुलनात्मक चिट्ठा हमें बताता है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति दो अलग-अलग सालों में कैसे बदली है। हम देखते हैं कि संपत्ति और देनदारियाँ कितनी बढ़ी या घटी हैं, जिससे हमें कंपनी के प्रदर्शन का अंदाज़ा होता है।
🎯 Exam Tip: तुलनात्मक चिट्ठे में निरपेक्ष और प्रतिशत दोनों परिवर्तनों को दर्शाना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये वित्तीय रुझानों की अधिक विस्तृत तस्वीर प्रस्तुत करते हैं।
RBSE Class 12 Accountancy Chapter 10 निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. वित्तीय विवरणों में हित रखने वाले पक्ष एवं उनकी उपयोगिता समझाइये।
Answer: प्रत्येक व्यावसायिक संस्था की गतिविधियों का प्रभाव समाज और राष्ट्र पर पड़ता है। इसलिए, बहुत से लोग किसी कंपनी के वित्तीय विवरणों में रुचि रखते हैं। वित्तीय विवरणों के उपयोगकर्ताओं को दो मुख्य भागों में बांटा गया है:
(अ) आन्तरिक प्रयोगकर्ता (Internal Users)
(1) अंशधारक: ये कंपनी में पूंजी लगाते हैं। इसलिए, इनकी रुचि हमेशा कंपनी की लाभप्रदता, वित्तीय क्षमता और नकद स्थिति की जानकारी में रहती है। ये सभी महत्वपूर्ण सूचनाएँ वित्तीय विवरणों में उपलब्ध होती हैं।
(2) कर्मचारी: कर्मचारियों को कंपनी की वित्तीय स्थिति के आधार पर ही बोनस और अन्य लाभ मिलते हैं। कंपनी की वित्तीय स्थिति उनकी कल्याणकारी योजनाओं को भी प्रभावित करती है। इसलिए, कर्मचारियों की वित्तीय विवरणों में रुचि रहती है।
(ब) बाह्य उपयोगकर्ता (External Users)
(1) बैंक व वित्तीय संस्थाएँ: ये संस्थाएँ किसी कंपनी को ऋण या साख सुविधा प्रदान करने से पहले उसकी शोधन क्षमता (कर्ज चुकाने की क्षमता) और लाभ कमाने की क्षमता के बारे में जानना चाहती हैं। यह जानकारी उन्हें वित्तीय विवरणों से ही मिलती है।
(2) ऋणपत्रधारी एवं भावी विनियोजक: ऋणपत्रधारक कंपनी की शोधन क्षमता और ब्याज भुगतान की क्षमता के बारे में जानना चाहते हैं। जबकि भावी विनियोजक लाभांश, लाभ मार्जिन और बाजार की स्थिति आदि की जानकारी चाहते हैं। ये सभी वित्तीय विवरणों से कंपनी की वित्तीय सुदृढ़ता की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
(3) लेनदार: ये कंपनी की तरलता (आसानी से नकदी में बदलने की क्षमता) और वित्तीय सुदृढ़ता की जानकारी चाहते हैं, जो वित्तीय विवरणों से ज्ञात होती है।
(4) सरकार व अन्य विभाग: सरकारों को नीतिगत निर्णय लेने, कानून बनाने और विभिन्न कार्यों के लिए वित्तीय विवरणों की जानकारी की आवश्यकता होती है।
(5) शोधकर्ता व विश्लेषक: विशेष और सीमित उद्देश्यों को पूरा करने के लिए, ये भी वित्तीय विवरणों का उपयोग करके कंपनी की वित्तीय स्थिति का विश्लेषण करते हैं और समाज व सरकार के समक्ष अपने निष्कर्ष प्रस्तुत करते हैं।
(6) व्यावसायिक परिषदें: चैम्बर ऑफ कॉमर्स और सीमेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन जैसे गैर-लाभकारी संगठन अपने-अपने क्षेत्र में सदस्यों के हितों की रक्षा और विकास के लिए वित्तीय विवरणों का अध्ययन करते हैं, रुझानों का पता लगाते हैं और तुलनात्मक विश्लेषण करते हैं।
(7) स्कन्थ विपणि व भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI): ये यह विश्लेषण करते हैं कि निवेशकों की सुरक्षा के लिए बनाए गए नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। वित्तीय विवरणों और अन्य संबंधित सूचनाओं का विश्लेषण उनके लिए भी उपयोगी है।
In simple words: वित्तीय विवरणों को कई तरह के लोग देखते हैं, जैसे कंपनी के मालिक, कर्मचारी, बैंक, सरकार और निवेशक। हर कोई इसे अलग-अलग वजहों से देखता है - मालिक लाभ जानने के लिए, बैंक ऋण देने के लिए, और सरकार नीतियां बनाने के लिए।
🎯 Exam Tip: वित्तीय विवरणों के आंतरिक और बाह्य दोनों उपयोगकर्ताओं को उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं के साथ सूचीबद्ध करें, यह दर्शाता है कि कैसे ये विवरण विभिन्न निर्णय-निर्माण प्रक्रियाओं में मदद करते हैं।
Question 2. वित्तीय विवरणों की सीमाओं का उल्लेख करिए।
Answer: वित्तीय विवरण किसी भी कंपनी के वित्तीय खातों का सारांश होते हैं। इन जानकारियों के आधार पर अक्सर सही, तर्कसंगत और विश्वसनीय निर्णय लिए जाते हैं। लेकिन इन जानकारियों से निकाले गए निष्कर्षों को हमेशा अंतिम और पूरी तरह से सटीक नहीं माना जाना चाहिए। इसलिए, वित्तीय विवरणों का उपयोग करते समय उनकी कुछ सीमाएँ ध्यान में रखनी चाहिए:
(1) ये निष्पक्ष नहीं होते हैं (Free from Bias) क्योंकि इन्हें बनाने वालों का प्रभाव हो सकता है।
(2) गुणात्मक तथ्यों पर ध्यान नहीं देते: वित्तीय विवरणों को पैसों के रूप में व्यक्त किया जाता है, इसलिए ये कंपनी के प्रबंधन की योग्यता या कर्मचारियों के कौशल जैसे गैर-मौद्रिक, गुणात्मक पहलुओं को अनदेखा कर देते हैं। इससे पूरी तरह सही निष्कर्ष नहीं निकल पाते।
(3) ऐतिहासिक लागत पर आधारित: वित्तीय विवरण पुरानी (ऐतिहासिक) लागतों पर बनाए जाते हैं। ये कीमतों में होने वाले बदलावों को ध्यान में नहीं रखते, इसलिए ये केवल बीते हुए समय का विश्लेषण करते हैं, जैसे किसी शव का पोस्टमार्टम।
(4) तुलनीयता का अभाव: अगर दो कंपनियों की प्रकृति, उत्पादन क्षमता या भौगोलिक स्थान अलग-अलग हैं, तो उनके वित्तीय विवरणों के आंकड़ों की सीधी तुलना करना मुश्किल हो सकता है।
(5) वास्तविक स्थिति को छुपाना: वित्तीय विवरणों में 'गुप्त संचय' (hidden reserves) या 'कृत्रिम सजावट' (window dressing) जैसी चीजों के कारण कंपनी की वास्तविक स्थिति पूरी तरह से नहीं दिख पाती। लेखांकन के आंकड़ों को इस तरह प्रस्तुत किया जा सकता है जिससे वित्तीय स्थिति या तो बहुत अच्छी या बहुत खराब दिखे।
(6) सभी पक्षकारों की आवश्यकता की पूर्ति नहीं करता: वित्तीय विवरणों में रुचि रखने वाले सभी लोगों (जैसे मालिक, बैंक, कर्मचारी) की सभी जरूरतों को एक साथ पूरा करना संभव नहीं होता।
ये सभी सीमाएँ आज की तेजी से बदलती परिस्थितियों में भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये वित्तीय विवरणों की उपयोगिता को समझने में मदद करती हैं।
In simple words: वित्तीय विवरणों की कुछ कमियाँ होती हैं। वे पुरानी जानकारी दिखाते हैं, पैसों के अलावा की चीज़ों पर ध्यान नहीं देते, कभी-कभी असली स्थिति को छिपाते हैं, और हमेशा सभी की ज़रूरतों को पूरा नहीं करते। इन बातों को ध्यान में रखना ज़रूरी है।
🎯 Exam Tip: सीमाओं को बताते समय, ऐतिहासिक लागत, गुणात्मक पहलुओं की उपेक्षा और हेरफेर की संभावना जैसे प्रमुख बिंदुओं पर जोर दें।
Question 3. वित्तीय विवरणों के उद्देश्यों की व्याख्या करिए।
Answer: वित्तीय विवरण क्यों बनाए जाते हैं, यह एक महत्वपूर्ण सवाल है। इस संदर्भ में यह कहा जा सकता है कि वित्तीय विवरण बनाने का मुख्य उद्देश्य उनके उपयोगकर्ताओं की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए ज़रूरी जानकारी देना है। वित्तीय विवरणों को तैयार करने के मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हो सकते हैं:
(1) उपयोगकर्ताओं के लिए आवश्यक जानकारी देना: ये उन व्यक्तियों को जानकारी प्रदान करते हैं जो इन विवरणों का उपयोग करके निर्णय लेते हैं, वित्तीय क्षमता समझते हैं, लाभांश की जानकारी प्राप्त करते हैं और भविष्य की योजनाएँ बनाते हैं।
(2) कंपनी द्वारा सामाजिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए किए गए कार्यों की जानकारी देना।
(3) उपयोगकर्ताओं के लिए कंपनी की कमाई की शक्ति का भविष्य में अनुमान लगाने और मूल्यांकन करने के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना।
In simple words: वित्तीय विवरण इसलिए बनाए जाते हैं ताकि उनसे जुड़ी सभी पार्टियों को ज़रूरी जानकारी मिल सके। इसका मुख्य मकसद कंपनी की वित्तीय स्थिति, कमाई और भविष्य की योजनाओं के बारे में सही जानकारी देना है।
🎯 Exam Tip: वित्तीय विवरणों के उद्देश्यों को लिखते समय, निर्णय-निर्माण, प्रदर्शन मूल्यांकन और भविष्य की योजना जैसे मुख्य कार्यों पर ध्यान केंद्रित करें।
Question 4. वित्तीय विश्लेषण की प्रक्रिया को समझाइए।
Answer: वित्तीय विश्लेषण की प्रक्रिया निम्न प्रकार से होती है:
(1) उद्देश्य और सीमा निर्धारित करना: वित्तीय विश्लेषक को पहले यह तय करना होता है कि विश्लेषण का उद्देश्य क्या है। जैसे, यदि सिर्फ व्यवसाय की प्रगति का अध्ययन करना है, तो लाभ-हानि खाते का विश्लेषण किया जाएगा। यदि वित्तीय स्थिति का विश्लेषण करना है, तो चिट्ठे का विश्लेषण होगा। विश्लेषण का तरीका इसके उद्देश्य पर निर्भर करता है।
(2) वित्तीय विवरणों का गहन अध्ययन: इसमें दी गई जानकारी का मूल्यांकन करने के लिए वित्तीय विवरणों का पूरा और विस्तृत अध्ययन करना ज़रूरी है।
(3) उपयोगी जानकारी एकत्रित करना: वित्तीय विवरणों में दी गई जानकारी के अलावा, विश्लेषक को अन्य संबंधित और उपयोगी जानकारी भी जमा करनी होती है।
(4) जानकारी का पुनर्वर्गीकरण और अंकों को सटीक करना: जानकारी को फिर से वर्गीकृत करके, आंकड़ों को हजारों या लाखों में पूर्णांकित (rounding off) किया जाना चाहिए ताकि वे अधिक सुलभ हों।
(5) तुलना: केवल निरपेक्ष अंक अपने आप में अधूरे होते हैं, इसलिए विभिन्न कंपनियों या अवधियों के बीच तुलना करने के लिए तुलनीय आंकड़ों का उपयोग किया जाना चाहिए।
(6) विश्लेषण: तुलनीय आंकड़ों का उपयोग उद्देश्य के अनुसार विश्लेषण के लिए किया जाना चाहिए।
(7) व्याख्या और प्रस्तुतीकरण: विश्लेषण के बिना व्याख्या संभव नहीं है, और व्याख्या के बिना विश्लेषण बेकार है।
इस प्रकार, वित्तीय विश्लेषण का अंतिम परिणाम व्याख्या और प्रस्तुतीकरण होता है, जिसके बिना व्यावसायिक लेन-देन का रिकॉर्ड रखना, वर्गीकरण और सारांश बनाना अर्थहीन हो जाता है।
In simple words: वित्तीय विश्लेषण में पहले हम तय करते हैं कि क्या देखना है, फिर कंपनी के कागजात को ध्यान से समझते हैं। इसके बाद, हम ज़रूरी जानकारी इकट्ठा करते हैं, संख्याओं को आसान बनाते हैं और उनकी तुलना करते हैं। अंत में, हम जो समझते हैं उसे आसान भाषा में बताते हैं।
🎯 Exam Tip: वित्तीय विश्लेषण की प्रक्रिया के चरणों को क्रमबद्ध रूप से याद रखें, जिसमें उद्देश्य निर्धारण से लेकर अंतिम व्याख्या तक सभी बिंदु शामिल हों।
Question 5. समानाकार चिट्ठा व समानाकार लाभ-हानि खाते के प्रारूप बनाइए।
Answer: समानाकार चिट्ठे और समानाकार लाभ-हानि खाते के प्रारूप निम्नलिखित तालिकाएँ दर्शाती हैं। इन प्रारूपों में प्रत्येक मद को कुल सम्पत्ति/देनदारियों या कुल आगम के प्रतिशत के रूप में दिखाया जाता है, जिससे तुलना करना आसान हो जाता है।
समानाकार चिट्ठे का प्रारूप
| Particulars | Year | |
|---|---|---|
| Amount (Rs.) | % of Total | |
| I. EQUITY AND LIABILITIES | ||
| (A) Shareholders' Funds | ||
| (a) Share Capital : | ||
| (i) Equity Share Capital | ||
| (ii) Preference Share Capital | ||
| (b) Reserves and Surplus | ||
| 2. Non-Current Liabilities | ||
| (a) Long-term Borrowings | ||
| 3. Current Liabilities | ||
| (a) Short-term Borrowings | ||
| (b) Trade Payables | ||
| (c) Short-term Provision | ||
| Total | 100 | |
| II. ASSETS | ||
| 1. Non-Current Assets | ||
| (a) Fixed Assets (Tangible) | ||
| 2. Current Assets | ||
| (a) Investment | ||
| (b) Trade Receivables | ||
| (c) Cash and Cash Equivalents | ||
| Total | 100 | |
समानाकार लाभ-हानि खाते का प्रारूप
| Particulars | Year | |
|---|---|---|
| Amount (Rs.) | % of Revenue from Operations | |
| I. Revenue from Income | 100 | |
| II. Other Income | ||
| III. Total Revenue (I + II) | ||
| IV. Expenses | ||
| (A) Employees Benefit Exp. | ||
| (B) Depreciation and Amortisation Exp. | ||
| (C) Other Expenses | ||
| Total Expenses | ||
| V. Profit Before Tax | ||
| VI. Less: Income Tax | ||
| VII. Profit after Tax (V-VI) | ||
In simple words: समानाकार चिट्ठे में, हम कंपनी की हर संपत्ति और देनदारी को कुल सम्पत्ति के प्रतिशत के रूप में दिखाते हैं। समानाकार लाभ-हानि खाते में, हम हर खर्च और आय को कुल बिक्री के प्रतिशत के रूप में दिखाते हैं। यह हमें कंपनी की वित्तीय बनावट को समझने में मदद करता है।
🎯 Exam Tip: इन प्रारूपों को बनाते समय, याद रखें कि समानाकार चिट्ठे में कुल सम्पत्ति/देनदारियाँ 100% होती हैं, और समानाकार लाभ-हानि खाते में 'संचालन से आगम' (Revenue from Operations) 100% होता है।
RBSE Class 12 Accountancy Chapter 10 आंकिक प्रश्न
Question 1. निम्नांकित चिट्टों से तुलनात्मक चिट्ठा तैयार कीजिये
(From the following Balance Sheet prepare Comparative Balance Sheet :)
| Particulars | 2016 (Rs.) | 2017 (Rs.) |
|---|---|---|
| I. EQUITY AND LIABILITIES | ||
| (a) Share Capital | 15,00,000 | 20,00,000 |
| 2. Non-Current Liabilities | ||
| Long-term Borrowings | ||
| Secured loan-10% Debentures | 6,00,000 | 5,00,000 |
| 3. Current Liabilities | ||
| (a) Trade Payables | 1,00,000 | 1,20,000 |
| Total | 22,00,000 | 26,20,000 |
| II. ASSETS | ||
| 1. Non-Current Assets | ||
| (a) Fixed Assets : Tangible Assets | 16,00,000 | 20,00,000 |
| 2. Current Assets | ||
| (a) Trade Receivables | 4,00,000 | 3,00,000 |
| (b) Cash and Cash Equivalents | 2,00,000 | 3,20,000 |
| Total | 22,00,000 | 26,20,000 |
Answer: निम्न तालिका तुलनात्मक चिट्ठा दर्शाती है, जिसमें दोनों वर्षों के मूल्यों की तुलना करके निरपेक्ष और प्रतिशत परिवर्तन दर्शाये गए हैं।
| Particulars | 31 March | Increase/Decrease (Rs.) | Increase/Decrease (%) | |
|---|---|---|---|---|
| 2016 (Rs.) | 2017 (Rs.) | |||
| I. EQUITY AND LIABILITIES | ||||
| 1. Shareholders Funds | ||||
| (A) Share Capital | 15,00,000 | 20,00,000 | 5,00,000 | 33.33 |
| 2. Non-Current Liabilities | ||||
| (A) Long-term Borrowings | ||||
| Secured Loan 10% Debentures | 6,00,000 | 5,00,000 | (1,00,000) | (16.67) |
| 3. Current Liabilities | ||||
| (A) Trade Payable | 1,00,000 | 1,20,000 | 20,000 | 20.00 |
| Total | 22,00,000 | 26,20,000 | 4,20,000 | 19.09 |
| II. ASSETS | ||||
| 1. Non-Current Assets | ||||
| (A) Fixed Assets Tangible Assets | 16,00,000 | 20,00,000 | 4,00,000 | 25.00 |
| 2. Current Assets | ||||
| (A) Trade Receivable | 4,00,000 | 3,00,000 | (1,00,000) | (25.00) |
| (B) Cash and Cash Equivalent | 2,00,000 | 3,20,000 | 1,20,000 | 60.00 |
| Total | 22,00,000 | 26,20,000 | 4,20,000 | 19.09 |
In simple words: तुलनात्मक चिट्ठा एक ऐसा विवरण है जो दो अलग-अलग सालों में कंपनी की वित्तीय स्थिति की तुलना करता है। यह दिखाता है कि संपत्ति और देनदारियाँ कितनी बदली हैं, जिससे कंपनी के प्रदर्शन और रुझानों को समझना आसान हो जाता है।
🎯 Exam Tip: तुलनात्मक चिट्ठे में निरपेक्ष और प्रतिशत दोनों परिवर्तनों को दर्शाना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये वित्तीय रुझानों की अधिक विस्तृत तस्वीर प्रस्तुत करते हैं और विश्लेषण में गहराई जोड़ते हैं।
Question 1. निम्नांकित चिट्ठों से तुलनात्मक चिट्ठा तैयार कीजिये (From the following Balance Sheet prepare Comparative Balance Sheet :)
| (a) Share Capital | 15,00,000 | 20,00,000 |
|---|---|---|
| 2. Non-Current Liabilities | ||
| Long-term Borrowings | 6,00,000 | 5,00,000 |
| Secured loan-10% Debentures | ||
| 3. Current Liabilities | ||
| (a) Trade Payables | 1,00,000 | 1,20,000 |
| Total | 22,00,000 | 26,20,000 |
| II. ASSETS | ||
| 1. Non-Current Assets | ||
| (a) Fixed Assets : Tangible Assets | 16,00,000 | 20,00,000 |
| 2. Current Assets | ||
| (a) Trade Receivables | 4,00,000 | 3,00,000 |
| (b) Cash and Cash Equivalents | 2,00,000 | 3,20,000 |
| Total | 22,00,000 | 26,20,000 |
Answer:
| I. EQUITY AND LIABILITIES | ₹ | ₹ | ₹ | |
|---|---|---|---|---|
| 1. Shareholders Funds | ||||
| (A) Share Capital | 15,00,000 | 20,00,000 | 5,00,000 | 33.33 |
| 2. Non-Current Liabilities | ||||
| (A) Long-term Borrowings | 6,00,000 | 5,00,000 | (1,00,000) | (16.67) |
| Secured Loan 10% Debentures | ||||
| 3. Current Liabilities | ||||
| (A) Trade Payable | 1,00,000 | 1,20,000 | 20,000 | 20-00 |
| Total | 22,00,000 | 26,20,000 | 4,20,000 | 19.09 |
| II. ASSETS | ||||
| 1. Non-Current Assets | ||||
| (A) Fixed Assets Tangible Assets | 16,00,000 | 20,00,000 | 4,00,000 | 25-00 |
| 2. Current Assets | ||||
| (A) Trade Receivable | 4,00,000 | 3,00,000 | (1,00,000) | (25-00) |
| (B) Cash and Cash Equivalent | 2,00,000 | 3,20,000 | 1,20,000 | 12.00 |
| Total | 22,00,000 | 26,20,000 | 4,20,000 | 19.09 |
In simple words: एक तुलनात्मक चिट्ठा दो अलग-अलग अवधियों के वित्तीय डेटा को एक साथ दिखाता है। इससे हम साल-दर-साल होने वाले बदलावों को आसानी से देख सकते हैं, चाहे वे संख्या में हों या प्रतिशत में। यह हमें कंपनी की वित्तीय स्थिति कैसे बदल रही है, यह समझने में मदद करता है।
🎯 Exam Tip: तुलनात्मक चिट्ठे में हमेशा निरपेक्ष (absolute) और सापेक्ष (percentage) परिवर्तनों को स्पष्ट रूप से दिखाना सुनिश्चित करें ताकि बदलावों का विश्लेषण आसानी से हो सके।
Question 2. निम्नांकित तुलनात्मक चिट्टे को पूर्ण कीजिये (Complete the Comparative Balance Sheet :)
| I. EQUITY AND LIABILITIES | ||||
|---|---|---|---|---|
| 1. Shareholders Funds | ||||
| (a) Equity Share Capital : | 4,00,000 | ? | 1,00,000 | 25-00 |
| (b) Reserves and Surplus | 1,00,000 | 1,25,000 | ? | 25.00 |
| 2. Non-Current Liabilities | ||||
| (a) Long-term Borrowings | 2,00,000 | 1,75,000 | ? | (12-50) |
| 3. Current Liabilities | ||||
| (a) Trade Payables | 2,00,000 | ? | 1,00,000 | 50-00 |
| Total | 9,00,000 | 11,00,000 | 2,00,000 | 22-22 |
| II. ASSETS | ||||
| 1. Non-Current Assets | ||||
| (a) Tangible Assets | 6,00,000 | 8,00,000 | 2,00,000 | 33-33 |
| (b) Intangible Assets | 50,000 | ? | ? | 40.00 |
| 2. Current Assets | ||||
| (a) Trade Receivable | 1,00,000 | 1,50,000 | ? | 50-00 |
| (b) Cash and Cash Equivalents | 1,50,000 | 80,000 | (70,000) | (56.67) |
| Total | 9,00,000 | 11,00,000 | ? | 22-22 |
Answer:
| I. EQUITY AND LIABILITIES | ₹ | ₹ | ₹ | |
|---|---|---|---|---|
| 1. Shareholders Funds | ||||
| (A) Equity Share Capital | 4,00,000 | 5,00,000 | 1,00,000 | 25.00 |
| (B) Reserve and Surplus | 1,00,000 | 1,25,000 | 25,000 | 25-00 |
| 2. Non-Current Liabilities | ||||
| (A) Long-term Borrowings | 2,00,000 | 1,75,000 | (25,000) | (12.50) |
| 3. Current Liabilities | ||||
| (A) Trade Payable | 2,00,000 | 3,00,000 | 1,00,000 | 50-00 |
| Total | 9,00,000 | 11,00,000 | 2,00,000 | 22-22 |
| II. ASSETS | ||||
| 1. Non-Current Assets | ||||
| (A) Tangible Assets | 6,00,000 | 8,00,000 | 2,00,000 | 33-33 |
| (B) Intangible Assets | 50,000 | 70,000 | 20,000 | 40.00 |
| 2. Current Assets | ||||
| (A) Trade Receivable | 1,00,000 | 1,50,000 | 50,000 | 50-00 |
| (B) Cash and Cash Equivalents | 1,50,000 | 80,000 | (70,000) | (56-67) |
| Total | 9,00,000 | 11,00,000 | 2,00,000 | 22-22 |
In simple words: तुलनात्मक चिट्ठे को पूरा करने के लिए, हमें पहले से दिए गए पिछले और वर्तमान साल के आंकड़ों का उपयोग करना होता है। फिर, हम दोनों सालों के बीच का अंतर (absolute change) निकालते हैं और उसे पिछले साल के आंकड़े से भाग करके प्रतिशत परिवर्तन (percentage change) ज्ञात करते हैं।
🎯 Exam Tip: तुलनात्मक चिट्ठे में '?' (प्रश्नवाचक चिन्ह) वाले स्थानों को भरने के लिए, हमेशा वर्तमान वर्ष के आंकड़े से पिछले वर्ष के आंकड़े को घटाकर निरपेक्ष परिवर्तन निकालें, और फिर उसे पिछले वर्ष के आंकड़े से विभाजित करके प्रतिशत परिवर्तन ज्ञात करें।
Question 3. निम्नांकित सूचनाओं से तुलनात्मक चिट्ठा तैयार कीजिए (From the following Balance Sheet prepare Comparative Balance Sheet :)
| (b) Reserves and Surplus | 5,00,000 | 6,00,000 |
|---|---|---|
| 2. Non-Current Liabilities | ||
| (a) Long-term Borrowings | 2,00,000 | 2,25,000 |
| 3. Current Liabilities | ||
| (a) Trade Payables | 3,00,000 | 4,00,000 |
| Total | 20,00,000 | 27,25,000 |
| II. ASSETS | ||
| 1. Non-Current Assets | ||
| (a) Fixed Assets (Tangible) | 15,00,000 | 20,00,000 |
| (b) Intangible Assets | 1,00,000 | 3,00,000 |
| 2. Current Assets | ||
| (a) Investment | 2,00,000 | 4,00,000 |
| (b) Cash and Cash Equivalents | 2,00,000 | 25,000 |
| Total | 20,00,000 | 27,25,000 |
Answer:
| I. EQUITY AND LIABILITIES | ₹ | ₹ | ₹ | |
|---|---|---|---|---|
| 1. Shareholders Funds | ||||
| (A) Equity Share Capital | 10,00,000 | 15,00,000 | 5,00,000 | 50-00 |
| (B) Reserve and Surplus | 5,00,000 | 6,00,000 | 1,00,000 | 20-00 |
| 2. Non-Current Liabilities | ||||
| (A) Long-term Borrowings | 2,00,000 | 2,25,000 | 25,000 | 12-50 |
| 3. Current Liabilities | ||||
| (A) Trade Payable | 3,00,000 | 4,00,000 | 1,00,000 | 33-33 |
| Total | 20,00,000 | 27,25,000 | 7,25,000 | 36-25 |
| II. ASSETS | ||||
| 1. Non-Current Assets | ||||
| (A) Fixed Assets (Tangible) | 15,00,000 | 20,00,000 | 5,00,000 | 33-33 |
| (B) Intangible Assets | 1,00,000 | 3,00,000 | 2,00,000 | 200.00 |
| 2. Current Assets | ||||
| (A) Investment | 2,00,000 | 4,00,000 | 2,00,000 | 100.00 |
| (B) Cash and Cash Equivalents | 2,00,000 | 25,000 | (1,75,000) | (87.50) |
| Total | 20,00,000 | 27,25,000 | 7,25,000 | 36-25 |
In simple words: तुलनात्मक चिट्ठा एक ऐसा विवरण है जो दो या अधिक लेखांकन अवधियों के बीच वित्तीय जानकारी को आमने-सामने दिखाता है। यह कंपनी की संपत्ति, देनदारियों और इक्विटी में समय के साथ हुए परिवर्तनों को समझने में मदद करता है।
🎯 Exam Tip: तुलनात्मक चिट्ठा बनाते समय, हमेशा सुनिश्चित करें कि आप समान मदों की तुलना कर रहे हैं और सभी निरपेक्ष तथा प्रतिशत परिवर्तनों को सही ढंग से दर्शाया गया है।
Question 4. निम्नांकित सूचनाओं से तुलनात्मक लाभ-हानि खाते को बनाइये (Prepare Comparative Statement of Profit and Loss from the following informations :)
| Particulars | Note No. | 31 March 2016 | 31 March 2017 |
|---|---|---|---|
| Revenue from Operations | 50,00,000 | 60,00,000 | |
| Other Income | 4,00,000 | 5,00,000 | |
| Cost of Materials consumed | 25,00,000 | 35,00,000 | |
| Other Expenses | 3,00,000 | 7,00,000 | |
| Tax Rate | 30% | 30% |
Answer:
| Particulars | Note No. | Year 2016 | Year 2017 | Increase/ Decrease | Increase/ Decrease % |
|---|---|---|---|---|---|
| I. Revenue from Operation | 50,00,000 | 60,00,000 | 10,00,000 | 20-00 | |
| II. Other Income | 4,00,000 | 5,00,000 | 1,00,000 | 25-00 | |
| III. Total Revenue (I + II) | 54,00,000 | 65,00,000 | 11,00,000 | 20-37 | |
| IV. Expenses | |||||
| (A) Cost of Material Consumed | 25,00,000 | 35,00,000 | 10,00,000 | 40.00 | |
| (B) Other Exp. | 3,00,000 | 7,00,000 | 4,00,000 | 133-33 | |
| Total Expenses | 28,00,000 | 42,00,000 | 14,00,000 | 50-00 | |
| V. Profit Before Tax (III-IV) | 26,00,000 | 23,00,000 | (3,00,000) | (11-54) | |
| VI. Less: Income Tax @ 30% (V) | 7,80,000 | 6,90,000 | (90,000) | (11-54) | |
| VII. Profit after Tax (V-VI) | 18,20,000 | 16,10,000 | (2,10,000) | (11-54) |
In simple words: तुलनात्मक लाभ-हानि खाता एक ऐसा विवरण है जो एक कंपनी की आय और खर्चों को दो अलग-अलग समय अवधियों में दिखाता है। इससे हमें यह समझने में मदद मिलती है कि समय के साथ कंपनी के मुनाफे और खर्चों में कितना बदलाव आया है।
🎯 Exam Tip: लाभ-हानि विवरण में 'आय' और 'व्यय' के सभी मदों को ठीक से वर्गीकृत करें और फिर हर मद में हुए निरपेक्ष व प्रतिशत परिवर्तनों को सही से गणना करें।
Question 5. निम्नांकित सूचनाओं से तुलनात्मक आय विवरण को पूर्ण कीजिये (Complete the Comparative Income Statement from the following informations :)
| Particulars | Note No. | 31 March 2016 | 31 March 2017 | Absolute Change | Percentage Change |
|---|---|---|---|---|---|
| I. Revenue from Operations | 30,00,000 | 40,00,000 | 10,00,000 | ? | |
| II. Expenses | |||||
| (a) Employees Benefit Expenses | 16,00,000 | ? | 6,00,000 | 50.00 | |
| (b) Depreciation and Amortisation Expenses | 8,00,000 | ? | ? | 25-00 | |
| (c) Other Expenses | 2,00,000 | ? | 1,00,000 | 50.00 | |
| Total | 26,00,000 | 35,00,000 | 9,00,000 | 42-31 | |
| III. Profit Before Tax (I-II) | 4,00,000 | ? | 1,00,000 | 25.00 | |
| IV. Less: Income Tax | 1,20,000 | 1,50,000 | 30,000 | 25.00 | |
| V. Profit after Tax (III-IV) | 2,80,000 | 3,50,000 | 30,000 | 25.00 |
Answer:
| I. Revenue from Income | 30,00,000 | 40,00,000 | 10,00,000 | 33-33 |
|---|---|---|---|---|
| II. Total Revenue | 30,00,000 | 40,00,000 | 10,00,000 | 33-33 |
| III. Expenses | ||||
| (A) Employees Benefit Exp. | 16,00,000 | 22,00,000 | 6,00,000 | 37-50 |
| (B) Depreciation and Amortisation Exp. | 8,00,000 | 10,00,000 | 2,00,000 | 25-00 |
| (C) Other Expenses | 2,00,000 | 3,00,000 | 1,00,000 | 50-00 |
| Total | 26,00,000 | 35,00,000 | 9,00,000 | 34-62 |
| IV. Profit Before Tax | 4,00,000 | 5,00,000 | 1,00,000 | 25-00 |
| V. Less: Income Tax | 1,20,000 | 1,50,000 | 30,000 | 25-00 |
| VI. Profit after Tax | 2,80,000 | 3,50,000 | 70,000 | 25-00 |
In simple words: तुलनात्मक आय विवरण में रिक्त स्थानों को भरने के लिए, हमें पिछले साल और वर्तमान साल के आंकड़ों के बीच का अंतर निकालना होता है। फिर इस अंतर को पिछले साल के आंकड़े से भाग करके प्रतिशत में बदलाव पता चलता है।
🎯 Exam Tip: जब कोई मान गायब हो, तो दूसरे उपलब्ध मानों का उपयोग करके उसकी गणना करें, जैसे 'निरपेक्ष परिवर्तन' को 'पिछले वर्ष के आंकड़े' से भाग करके 'प्रतिशत परिवर्तन' प्राप्त करें।
Question 6. निम्नांकित सूचनाओं से समानाकार चिट्ठा तैयार कीजिये (Prepare Common Size Balance Sheet from the following information :)
| I. EQUITY AND LIABILITIES | ||
|---|---|---|
| 1. Shareholders' Funds | ||
| (a) Share Capital : | ||
| (i) Equity Share Capital | 5,00,000 | 8,00,000 |
| (ii) Preference Share Capital | 4,00,000 | 4,00,000 |
| (b) Reserves and Surplus | 2,00,000 | 3,00,000 |
| 2. Non-Current Liabilities | ||
| (a) Long-term Borrowings | 3,00,000 | 4,00,000 |
| 3. Current Liabilities | ||
| (a) Short-term Borrowings | 2,50,000 | 2,00,000 |
| (b) Trade Payables | 1,00,000 | 1,50,000 |
| (c) Short-term Provision | 2,50,000 | 2,50,000 |
| Total | 20,00,000 | 25,00,000 |
| II. ASSETS | ||
| 1. Non-Current Assets | ||
| (a) Fixed Assets (Tangible) | 12,00,000 | 18,00,000 |
| 2. Current Assets | ||
| (a) Investment | 3,00,000 | 3,00,000 |
| (b) Trade Receivables | 2,00,000 | 2,25,000 |
| (c) Cash and Cash Equivalents | 3,00,000 | 1,75,000 |
| Total | 20,00,000 | 25,00,000 |
Answer:
| I. EQUITY AND LIABILITIES | ₹ | ₹ | ||
|---|---|---|---|---|
| 1. Shareholders Funds | ||||
| (A) Share Capital | ||||
| (i) Equity Share Capital | 5,00,000 | 8,00,000 | 25.00 | 32-00 |
| (ii) Preference Share Capital | 4,00,000 | 4,00,000 | 20-00 | 16.00 |
| (B) Reserve and Surplus | 2,00,000 | 3,00,000 | 10.00 | 12.00 |
| 2. Non-Current Liabilities | ||||
| (A) Long-term Borrowings | 3,00,000 | 4,00,000 | 15-00 | 16.00 |
| 3. Current Liabilities | ||||
| (A) Short-term Borrowings | 2,50,000 | 2,00,000 | 12.50 | 8.00 |
| (B) Trade Payable | 1,00,000 | 1,50,000 | 5.00 | 6.00 |
| (C) Short-term Provisions | 2,50,000 | 2,50,000 | 12-50 | 10.00 |
| Total | 20,00,000 | 25,00,000 | 100-00 | 100-00 |
| II. ASSETS | ||||
| 1. Non-Current Assets | ||||
| (A) Fixed Assets (Tangible) | 12,00,000 | 18,00,000 | 60.00 | 72-00 |
| 2. Current Assets | ||||
| (A) Investment | 3,00,000 | 3,00,000 | 15.00 | 12.00 |
| (B) Trade Receivable | 2,00,000 | 2,25,000 | 10.00 | 9.00 |
| (C) Cash and Cash Equivalent | 3,00,000 | 1,75,000 | 15.00 | 7.00 |
| Total | 20,00,000 | 25,00,000 | 100.00 | 100-00 |
In simple words: एक समानाकार चिट्ठा एक वित्तीय विवरण है जो किसी कंपनी की संपत्ति, देनदारियों और इक्विटी में प्रत्येक मद को कुल संपत्ति के प्रतिशत के रूप में दिखाता है। इससे कंपनी की वित्तीय संरचना को समझना आसान हो जाता है, जिससे विभिन्न कंपनियों या विभिन्न अवधियों के बीच तुलना करना सरल हो जाता है।
🎯 Exam Tip: समानाकार चिट्ठा बनाते समय, हमेशा कुल संपत्ति (या कुल देनदारियों और इक्विटी) को 100% मानकर प्रत्येक मद का प्रतिशत गणना करें।
Question 7. निम्नांकित समानाकार चिट्ठों को पूर्ण करो (Complete the following Common Size Balance Sheet :)
| I. EQUITY AND LIABILITIES | ₹ | ₹ | ||
|---|---|---|---|---|
| 1. Shareholders Funds | ||||
| (a) Share Capital | 10,00,000 | ? | 50 | 48 |
| (b) Reserves and Surplus | 3,00,000 | 4,00,000 | 15 | 16 |
| 2. Non-Current Liabilities | ||||
| (a) Long-term Borrowings | 2,00,000 | ? | 10 | 12 |
| 3. Current Liabilities | ||||
| (a) Trade Payables (Creditors) | 5,00,000 | ? | 25 | 24 |
| Total | 20,00,000 | 25,00,000 | 100 | 100 |
| II. ASSETS | ||||
| 1. Non-Current Assets | ||||
| (a) Fixed Assets (Tangible) | 16,00,000 | ? | 80 | 72 |
| 2. Current Assets | ||||
| (a) Cash and Cash Equivalents | 4,00,000 | ? | 20 | 28 |
| Total | 20,00,000 | 25,00,000 | 100 | 100 |
Answer:
| I. EQUITY AND LIABILITIES | ₹ | ₹ | ||
|---|---|---|---|---|
| 1. Shareholders Funds | ||||
| (A) Share Capital | 10,00,000 | 12,00,000 | 50 | 48 |
| (B) Reserve and Surplus | 3,00,000 | 4,00,000 | 15 | 16 |
| 2. Non-Current Liabilities | ||||
| (A) Long-term Borrowings | 2,00,000 | 3,00,000 | 10 | 12 |
| 3. Current Liabilities | ||||
| (A) Trade Payable (Creditors) | 5,00,000 | 6,00,000 | 25 | 24 |
| Total | 20,00,000 | 25,00,000 | 100 | 100 |
| II. ASSETS | ||||
| 1. Non-Current Assets | ||||
| (A) Fixed Assets (Tangible) | 16,00,000 | 18,00,000 | 80 | 72 |
| 2. Current Assets | ||||
| (A) Cash and Cash Equivalents | 4,00,000 | 7,00,000 | 20 | 28 |
| Total | 20,00,000 | 25,00,000 | 100 | 100 |
In simple words: समानाकार चिट्ठे को पूरा करने के लिए, हमें पहले से दिए गए आंकड़ों का उपयोग करना होता है। इसमें हर मद को कुल संपत्ति (या कुल देनदारियों और इक्विटी) के प्रतिशत के रूप में दिखाया जाता है। इससे हमें कंपनी की वित्तीय संरचना को समझने में मदद मिलती है।
🎯 Exam Tip: किसी भी '?' (प्रश्नवाचक चिन्ह) वाले स्थान को भरने के लिए, संबंधित कुल राशि का उपयोग करें और प्रतिशत या निरपेक्ष मूल्य निकालने के लिए उपयुक्त गणितीय गणना करें।
Question 8. निम्नांकित लाभ-हानि खाते को समानाकार लाभ-हानि खाते में परिवर्तित करो (Convert the following statement of Profit and Loss in to Common Size Statement of Profit and Loss A/c :)
| Income | 1 | ||
|---|---|---|---|
| I. Revenue from Operations | 20,00,000 | 30,00,000 | |
| II. Other Income | 1,00,000 | 2,00,000 | |
| III. Total Revenue (I + II) | 21,00,000 | 32,00,000 | |
| IV. Expenses | |||
| (a) Purchases of Stock in Trade | 12,00,000 | 6,00,000 | |
| (b) Change in Inventories of finished goods, Work-in-Progress and Stock-in-Trade | 3,00,000 | 4,00,000 | |
| (c) Employees Benefit Expenses | 1,00,000 | 2,00,000 | |
| (d) Other Expenses | 2 | 2,00,000 | 4,00,000 |
| Total Expenses | 18,00,000 | 26,00,000 | |
| V. Profit Before Tax (III-IV) | 3,00,000 | 6,00,000 | |
| VI. Less: Income Tax 30% | 90,000 | 1,80,000 | |
| VII. Profit after Tax (V-VI) | 2,10,000 | 4,20,000 |
Answer:
| Particulars | Note No. | 2016 | 2017 | 2016 (%) | 2017 (%) |
|---|---|---|---|---|---|
| I. Revenue from Operation | 20,00,000 | 30,00,000 | 100 | 100 | |
| II. Other Income | 1,00,000 | 2,00,000 | 05 | 6.67 | |
| III. Total Revenue (I + II) | 21,00,000 | 32,00,000 | 105 | 106-67 | |
| IV. Expenses | |||||
| (A) Purchase of Stock-in-Trade | 12,00,000 | 16,00,000 | 60.00 | 53-34 | |
| (B) Change Inventories of Finished Goods Work-in-Progress and Stock-in-trade | 3,00,000 | 4,00,000 | 15.00 | 13-33 | |
| (C) Employee's Benefit Expenses | 1,00,000 | 2,00,000 | 5.00 | 6.67 | |
| (D) Other Expenses | |||||
| Administration Expenses | 1,20,000 | 2,50,000 | 6.00 | 8-33 | |
| Miscellaneous Exp. (Non-Operatives) | 80,000 | 1,50,000 | 4.00 | 5.00 | |
| Total Expenses | 18,00,000 | 26,00,000 | 90.00 | 86-67 | |
| V. Profit Before Tax (III-IV) | 3,00,000 | 6,00,000 | 15.00 | 20-00 | |
| VI. Less: Income Tax @ 30% | 90,000 | 1,80,000 | 4.50 | 6.00 | |
| VII. Profit after Tax (V-VI) | 2,10,000 | 4,20,000 | 10-50 | 14.00 |
In simple words: एक समानाकार लाभ-हानि खाता एक वित्तीय विवरण है जो प्रत्येक आय और व्यय मद को कुल बिक्री या राजस्व के प्रतिशत के रूप में दिखाता है। यह कंपनी के संचालन की दक्षता की तुलना करने में मदद करता है।
🎯 Exam Tip: समानाकार लाभ-हानि खाता तैयार करते समय, हमेशा शुद्ध बिक्री (net sales) या परिचालन से राजस्व (revenue from operations) को 100% आधार मानें और सभी अन्य मदों को इसके प्रतिशत के रूप में व्यक्त करें।
Question 9. निम्नांकित सूचनाओं से लाभ-हानि खाते की विभिन्न पदों के प्रवृत्ति अनुपात वर्ष 2012-13 को आधार मानते हुए ज्ञात करो (From the following informations, calculate trend ratio of various items of Profit and Loss Account, taking as base 2012-13 :)
| वर्ष | 2012-13 | 2013-14 | 2014-15 | 2015-16 | 2016-17 |
|---|---|---|---|---|---|
| कुल आय Rs | 10,00,000 | 11,00,000 | 12,00,000 | 15,00,000 | 18,00,000 |
| कुल व्यय Rs | 8,00,000 | 8,00,000 | 9,00,000 | 10,00,000 | 12,00,000 |
| कर से पूर्व शुद्ध लाभ Rs | 2,00,000 | 3,00,000 | 3,00,000 | 5,00,000 | 6,00,000 |
Answer:
| Total Revenue | 2012-13 | 2013-14 | 2014-15 | 2015-16 | 2016-17 |
|---|---|---|---|---|---|
| कुल आय | 10,00,000 | 11,00,000 | 12,00,000 | 15,00,000 | 18,00,000 |
| कुल व्यय | 8,00,000 | 8,00,000 | 9,00,000 | 10,00,000 | 12,00,000 |
| कर से पूर्व शुद्ध लाभ | 2,00,000 | 3,00,000 | 3,00,000 | 5,00,000 | 6,00,000 |
| प्रवृत्ति प्रतिशत | |||||
| कुल आय | 100 | 110 | 120 | 150 | 180 |
| कुल व्यय | 100 | 100 | 112.50 | 125 | 150 |
| कर से पूर्व शुद्ध लाभ | 100 | 150 | 150 | 250 | 300 |
In simple words: प्रवृत्ति अनुपात हमें दिखाता है कि समय के साथ किसी कंपनी की वित्तीय मदों में कितना बदलाव आया है। इसमें हम एक आधार वर्ष के आंकड़े को 100 मानकर अन्य वर्षों के आंकड़ों को प्रतिशत में व्यक्त करते हैं ताकि विकास या कमी की प्रवृत्ति स्पष्ट हो सके।
🎯 Exam Tip: प्रवृत्ति अनुपात की गणना करते समय, हमेशा एक आधार वर्ष चुनें और उस वर्ष के आंकड़ों को 100% मानें। फिर, अन्य सभी वर्षों के आंकड़ों को इस आधार वर्ष के सापेक्ष प्रतिशत के रूप में गणना करें।
Question 10. निम्नांकित सूचनाओं से प्रवृत्ति प्रतिशत की गणना सन् 2012-13 को आधार मानते हुए करो (Calculate Trend Percentage from the following information taking base 2012-13 :)
Answer: निम्नांकित सूचनाओं से प्रवृत्ति प्रतिशत की गणना इस प्रकार है, जिसमें सन् 2012-13 को आधार वर्ष माना गया है:
| वर्ष | मद | मूल्य (Rs.) | आधार वर्ष (2012-13) की अपेक्षा कमी/वृद्धि (Rs.) | प्रवृत्ति प्रतिशत (Trend Percentage) |
|---|---|---|---|---|
| 2012-13 | कुल आय | 10,00,000 | - | - |
| कुल व्यय | 8,00,000 | - | - | |
| कर से पूर्व शुद्ध लाभ | 2,00,000 | - | - | |
| 2013-14 | कुल आय | 11,00,000 | 1,00,000 | +10 (100+10) = 110 |
| कुल व्यय | 8,00,000 | - | - (100+0) = 100 | |
| कर से पूर्व शुद्ध लाभ | 3,00,000 | 1,00,000 | +50 (100+50) = 150 | |
| 2014-15 | कुल आय | 12,00,000 | 2,00,000 | +20 (100+20) = 120 |
| कुल व्यय | 9,00,000 | 1,00,000 | +12.50 (100+12.50) = 112.50 | |
| कर से पूर्व शुद्ध लाभ | 3,00,000 | 1,00,000 | +50.00 (100+50) = 150 | |
| 2015-16 | कुल आय | 15,00,000 | 5,00,000 | +50.00 (100+50) = 150 |
| कुल व्यय | 10,00,000 | 2,00,000 | +25.00 (100+25) = 125 | |
| कर से पूर्व शुद्ध लाभ | 5,00,000 | 3,00,000 | +150.00 (100+150) = 250 | |
| 2016-17 | कुल आय | 18,00,000 | 8,00,000 | +80.00 (100+80) = 180 |
| कुल व्यय | 12,00,000 | 4,00,000 | +50.00 (100+50) = 150 | |
| कर से पूर्व शुद्ध लाभ | 6,00,000 | 4,00,000 | +200.00 (100+200) = 300 |
In simple words: प्रवृत्ति प्रतिशत निकालने के लिए, 2012-13 के आंकड़ों को आधार मानकर हर साल की आय, व्यय और लाभ में हुए बदलाव को प्रतिशत में दिखाया गया है। यह हमें हर मद में समय के साथ कितनी वृद्धि या कमी हुई है, यह समझने में मदद करता है।
🎯 Exam Tip: प्रवृत्ति प्रतिशत की गणना करते समय, आधार वर्ष (बेस ईयर) को 100% मानते हुए बाकी सभी वर्षों के आंकड़ों को उसके सापेक्ष (रिलेटिव) प्रतिशत में व्यक्त करें।
Question 11. निम्नांकित सूचनाओं से 31 मार्च 2012 को समाप्त वर्ष को आधार मानते हुए प्रवृत्ति अनुपातों गणना करो (Calculate Trend ratio from the following figures taking the year ending 31 March, 2012 as base :)
Answer: निम्नांकित सूचनाओं से 31 मार्च 2012 को समाप्त वर्ष को आधार मानते हुए प्रवृत्ति अनुपातों की गणना इस प्रकार है:
| वर्ष | मद | मूल्य (Rs.) | आधार वर्ष (31 मार्च 2012) की अपेक्षा कमी/वृद्धि (Rs.) | प्रवृत्ति अनुपात (Trend Ratio) |
|---|---|---|---|---|
| 31 मार्च 2012 | शुद्ध विक्रय | 5,00,000 | - | - |
| कुल व्यय | 3,00,000 | - | - | |
| शुद्ध लाभ कर से पूर्व | 2,00,000 | - | - | |
| 31 मार्च 2013 | शुद्ध विक्रय | 8,00,000 | 3,00,000 | 60% (100 + 60) = 160 |
| कुल व्यय | 4,50,000 | 1,50,000 | 50% (100 + 50) = 150 | |
| शुद्ध लाभ कर से पूर्व | 3,50,000 | 1,50,000 | 75% (100 + 75) = 175 | |
| 31 मार्च 2014 | शुद्ध विक्रय | 10,00,000 | 5,00,000 | 100 (100 + 100) = 200 |
| कुल व्यय | 6,50,000 | 3,50,000 | 116.67 (100 + 116.67) = 216.67 | |
| शुद्ध लाभ कर से पूर्व | 3,50,000 | 1,50,000 | 75 (100 + 75) = 175 | |
| 31 मार्च 2015 | शुद्ध विक्रय | 12,00,000 | 7,00,000 | 140 (100 + 140) = 240 |
| कुल व्यय | 7,50,000 | 4,50,000 | 150 (100 + 150) = 250 | |
| शुद्ध लाभ कर से पूर्व | 4,50,000 | 2,50,000 | 125 (100 + 125) = 225 | |
| 31 मार्च 2016 | शुद्ध विक्रय | 15,00,000 | 10,00,000 | 200 (100 + 200) = 300 |
| कुल व्यय | 10,00,000 | 7,00,000 | 233.33 (100 + 233.33) = 333.33 | |
| शुद्ध लाभ कर से पूर्व | 5,00,000 | 3,00,000 | 150 (100 + 150) = 250 |
In simple words: प्रवृत्ति अनुपात निकालने के लिए, 31 मार्च 2012 के आंकड़ों को आधार मानकर हर साल की शुद्ध बिक्री, कुल व्यय और कर से पूर्व शुद्ध लाभ में हुए बदलाव को प्रतिशत अनुपात में दर्शाया गया है। यह दिखाता है कि विभिन्न मदों में समय के साथ कितनी बढ़ोतरी या कमी हुई है।
🎯 Exam Tip: प्रवृत्ति अनुपात की गणना करते समय, आधार वर्ष के सभी मदों को 100% या 1 इकाई मानें और अन्य वर्षों के आंकड़ों को उसके सापेक्ष अनुपात में व्यक्त करें। यह वित्तीय प्रदर्शन में दीर्घकालिक रुझानों को समझने में मदद करता है।
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