NCERT Solutions for Class 11 Sociology: Chapter 05 संस्कृति एवं समाजीकरण
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Practice Class 11 Sociology Solutions: Chapter 05 संस्कृति एवं समाजीकरण
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RBSE Class 11 Sociology Chapter 5 बहुचयनात्मक प्रश्न
Question 1. निम्न में से संस्कृति की कौनसी विशेषता नहीं है?
(अ) संस्कृति सीखी जाती है।
(ब) संस्कृति मानव निर्मित है।
(स) संस्कृति खरीदी जाती है।
(द) संस्कृति सामाजिक होती है।
Answer: (अ) संस्कृति सीखी जाती है।
In simple words: संस्कृति हमेशा सीखने की प्रक्रिया से प्राप्त होती है, इसे खरीदा नहीं जा सकता।
🎯 Exam Tip: संस्कृति की विशेषताओं को याद रखें ताकि आप पहचान सकें कि कौन सी विशेषता नहीं है।
Question 2. संस्कृति की सबसे छोटी इकाई कहलाती है।
(अ) संस्कृति तत्व
Answer: (अ) संस्कृति तत्व
In simple words: संस्कृति का सबसे छोटा और मूल हिस्सा 'संस्कृति तत्व' कहलाता है, जिसे आगे और बांटा नहीं जा सकता।
🎯 Exam Tip: संस्कृति के मूल घटकों को समझना महत्वपूर्ण है, जैसे कि संस्कृति तत्व सबसे छोटी इकाई है।
Question 3. “समाजीकरण सीखने की वह प्रक्रिया है जो सीखने वाले को सामाजिक भूमिकाओं का निर्वाह करने योग्य बनाती है” यह परिभाषा किसने दी है?
(अ) ग्रीन
(ब) गिलिन व गिलिन
(स) जॉनसन
(द) मर्टन।
Answer: (स) जॉनसन
In simple words: जॉनसन के अनुसार, समाजीकरण एक ऐसा तरीका है जिससे एक व्यक्ति समाज में अपनी अलग-अलग भूमिकाएँ निभाना सीखता है।
🎯 Exam Tip: प्रमुख समाजशास्त्रियों की परिभाषाएँ और उनके नाम याद रखना परीक्षाओं के लिए सहायक होता है।
Question 4. समाजीकरण का तात्पर्य निम्न में से कौन सा है?
(अ) समाज का एकीकरण करने की प्रक्रिया
(ब) संस्कृति को सीखने की प्रक्रिया
(स) घूमने-फिरने की प्रक्रिया
(द) लोगों से वार्तालाप करने की प्रक्रिया।
Answer: (ब) संस्कृति को सीखने की प्रक्रिया
In simple words: समाजीकरण का मतलब है समाज की संस्कृति और उसके रीति-रिवाजों को सीखना, ताकि व्यक्ति समाज का हिस्सा बन सके।
🎯 Exam Tip: समाजीकरण की सही परिभाषा को समझें कि इसमें व्यक्ति कैसे सामाजिक नियमों को सीखता है।
Question 5. माइण्ड, सेल्फ एण्ड सोसायटी पुस्तक के लेखक कौन हैं?
(अ) फ्रायड
(ब) कूले
(स) वेबर
(द) मीड।
Answer: (द) मीड।
In simple words: मीड ने "माइण्ड, सेल्फ एण्ड सोसायटी" नामक किताब लिखी थी, जो समाजीकरण के सिद्धांतों को समझाती है।
🎯 Exam Tip: समाजशास्त्र में महत्वपूर्ण पुस्तकों और उनके लेखकों के नाम अक्सर पूछे जाते हैं।
Question 6. फ्रायड ने समाजीकरण का कौन सा सिद्धान्त दिया है?
(अ) समाज में रहने का
Answer: (अ) समाज में रहने का
In simple words: फ्रायड ने समाजीकरण के लिए "समाज में रहने का" सिद्धांत दिया, जो बताता है कि व्यक्ति समाज में रहकर ही सीखता और विकसित होता है।
🎯 Exam Tip: फ्रायड के समाजीकरण के सिद्धांत के मुख्य बिंदुओं को याद रखें।
RBSE Class 11 Sociology Chapter 5 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. संस्कृति की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।
Answer: संस्कृति की दो मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. संस्कृति मानव द्वारा बनाई गई है।
2. संस्कृति सीखी जाती है।
In simple words: संस्कृति इंसानों द्वारा बनाई जाती है और इसे बचपन से ही सीखा जाता है, यह जन्म से नहीं मिलती।
🎯 Exam Tip: संस्कृति की विशेषताओं को संक्षेप में और स्पष्ट शब्दों में लिखें, जैसे कि यह सीखा हुआ और मानव निर्मित है।
Question 2. समाजीकरण की कोई एक परिभाषा दीजिए।
Answer: हारालम्बोस के अनुसार, समाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा कोई व्यक्ति अपने समाज की संस्कृति को सीखता है। इस प्रक्रिया को समाजीकरण कहते हैं।
In simple words: हारालम्बोस कहते हैं कि जब कोई इंसान अपने समाज की बातें सीखता है, तो उसे समाजीकरण कहते हैं।
🎯 Exam Tip: परिभाषाओं को उनके लेखकों के नाम के साथ सटीक रूप से याद रखें।
Question 3. फ्रायड ने 'प्राथमिक परिचय' की स्थिति किसे कहा है?
Answer: फ्रायड ने 'प्राथमिक परिचय' मौखिक अवस्था को कहा है।
In simple words: फ्रायड ने बचपन की उस मौखिक अवस्था को 'प्राथमिक परिचय' बताया है, जब बच्चा मौखिक रूप से सीखता है।
🎯 Exam Tip: फ्रायड के सिद्धांतों में 'प्राथमिक परिचय' की अवस्था को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें।
Question 4. “ह्यूमन नेचर एण्ड सोशल आर्डर” नामक पुस्तक किसने लिखी है?
Answer: यह पुस्तक समाजशास्त्री सी.एच. कूले ने लिखी है।
In simple words: "ह्यूमन नेचर एण्ड सोशल आर्डर" किताब सी.एच. कूले ने लिखी है।
🎯 Exam Tip: समाजशास्त्र में महत्वपूर्ण पुस्तकों और उनके लेखकों के नाम याद रखना आवश्यक है।
Question 5. समाजीकरण की प्रथम पाठशाला क्या है?
Answer: समाजीकरण की प्रथम पाठशाला परिवार है।
In simple words: परिवार ही वह जगह है जहाँ बच्चा सबसे पहले समाज के नियम और तौर-तरीके सीखता है।
🎯 Exam Tip: परिवार की भूमिका को समाजीकरण में सबसे महत्वपूर्ण संस्था के रूप में रेखांकित करें।
Question 6. फ्रायड के अनुसार उचित-अनुचित का ज्ञान किसके द्वारा होता है?
Answer: फ्रायड के अनुसार उचित-अनुचित का ज्ञान परा-अहम् (Super-ego) द्वारा होता है।
In simple words: फ्रायड मानते थे कि हमें क्या सही और क्या गलत है, यह हमारे मन का 'परा-अहम्' हिस्सा बताता है।
🎯 Exam Tip: फ्रायड के व्यक्तित्व के तीन अंगों (इड, अहम्, परा-अहम्) को समझें और प्रत्येक की भूमिका स्पष्ट करें।
Question 8. मानव किसके ज्ञान के कारण पशुओं से भिन्न है?
Answer: मानव संस्कृति के ज्ञान के कारण पशुओं से भिन्न है।
In simple words: इंसान अपनी संस्कृति के ज्ञान की वजह से जानवरों से अलग होते हैं, क्योंकि जानवर संस्कृति नहीं बनाते।
🎯 Exam Tip: मानव और पशुओं के बीच के मूलभूत अंतरों पर ध्यान दें, विशेषकर संस्कृति के संदर्भ में।
Question 9. हर्षकोविट्स के अनुसार संस्कृति तत्वों के अर्थपूर्ण योग से क्या निर्मित होता है?
Answer: हर्षकोविट्स की दृष्टि में संस्कृति तत्वों के अर्थपूर्ण योग से संस्कृति संकुल का निर्माण होता है।
In simple words: हर्षकोविट्स के अनुसार, जब संस्कृति के छोटे-छोटे हिस्से मिलकर एक साथ काम करते हैं, तो वे 'संस्कृति संकुल' बनाते हैं।
🎯 Exam Tip: 'संस्कृति संकुल' की अवधारणा को समझें और इसे संस्कृति के विभिन्न तत्वों के साथ कैसे जोड़ा जाता है, यह बताएं।
RBSE Class 11 Sociology Chapter 5 लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. टायलर के अनुसार संस्कृति की परिभाषा लिखिए।
Answer: टायलर महोदय के अनुसार, "संस्कृति एक जटिल समूह है जिसमें ज्ञान, विश्वास, कला, आचार-विचार, कानून, रीति-रिवाज और ऐसी ही अन्य योग्यताएँ व आदतें शामिल होती हैं, जिन्हें एक व्यक्ति समाज के सदस्य के रूप में सीखता है।" इस परिभाषा में टायलर ने संस्कृति को समाज की एक विरासत बताया है, जिसे व्यक्ति समाज का हिस्सा होने के नाते प्राप्त करता है।
In simple words: टायलर कहते हैं कि संस्कृति वह सब कुछ है जो हम समाज में रहते हुए सीखते हैं—जैसे ज्ञान, कला, नियम और आदतें। यह हमारे समाज की विरासत है।
🎯 Exam Tip: टायलर की संस्कृति की परिभाषा को पूरी तरह से याद रखें, क्योंकि यह समाजशास्त्र की सबसे महत्वपूर्ण परिभाषाओं में से एक है।
Question 2. संस्कृति पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तान्तरित की जाती है, समझाइए।
Answer: 'संस्कृति पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तान्तरित की जाती है' का मतलब है कि इंसान जो ज्ञान सीखता है, वह सिर्फ उसी की पीढ़ी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि अगली पीढ़ी को भी मिलता है। मानव संस्कृति को मुख्य रूप से भाषा के ज़रिए एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचाता है। भाषा, लेखन और प्रतीक ही ऐसे साधन हैं जिनसे इंसान ज्ञान प्राप्त करता है और उसे आगे बढ़ाता है। यह प्रक्रिया लगातार चलती रहती है। इससे इंसान का ज्ञान और संस्कृति का खजाना समय के साथ बढ़ता रहता है और समृद्ध होता जाता है।
In simple words: संस्कृति एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक जाती है। हम जो सीखते हैं, उसे अपने बच्चों को सिखाते हैं, और वे इसे अपने बच्चों को सिखाते हैं। भाषा इसमें सबसे बड़ा रोल निभाती है।
🎯 Exam Tip: संस्कृति के हस्तान्तरण में भाषा और शिक्षा की भूमिका पर जोर दें, क्योंकि ये मुख्य माध्यम हैं।
Question 4. समाजीकरण की प्रक्रिया समय व स्थान सापेक्ष कैसे है?
Answer: समाजीकरण की प्रक्रिया समय और स्थान के हिसाब से बदलती है। इसका मतलब है कि जो व्यवहार एक समाज में अच्छा माना जाता है, वही दूसरे समाज में गलत हो सकता है। उदाहरण के लिए, अफ्रीका की एक जनजाति में लोग एक-दूसरे पर थूककर सम्मान दिखाते हैं। लेकिन अगर यह तरीका भारत में अपनाया जाए, तो इसे गलत माना जाएगा। समाजीकरण की प्रक्रिया समय के साथ भी बदलती है। यदि अलग-अलग समय में एक समाज या समूह के रीति-रिवाजों में बहुत बदलाव आता है, तो समाजीकरण का तरीका भी बदल जाता है। उदाहरण के लिए, पुराने भारतीय समाज में नई दुल्हन को पर्दा करना सिखाया जाता था। लेकिन आजकल के समाज में नई दुल्हन से ऐसी उम्मीद कम की जाती है।
In simple words: समाजीकरण का तरीका जगह और समय के साथ बदलता है। एक जगह जो बात सही है, वह दूसरी जगह गलत हो सकती है, और जो बात पहले सही थी, वह अब गलत हो सकती है।
🎯 Exam Tip: समाजीकरण के समय और स्थान सापेक्ष होने के उदाहरणों को स्पष्ट रूप से समझाएँ ताकि आपका उत्तर ठोस लगे।
Question 5. आडिपस कॉम्पलेक्स और इलैक्ट्रा कॉम्पलेक्स क्या है?
Answer:
आडिपस कॉम्पलेक्स: यह लड़कों की वह भावना है जिसमें वे अपनी माँ से बहुत प्यार करते हैं और चाहते हैं कि माँ सिर्फ उन्हीं की हो। यह भावना आम तौर पर चार साल की उम्र से शुरू होकर बारह या तेरह साल तक रहती है।
इलेक्ट्रा कॉम्पलेक्स: इसमें बेटी अपने पिता से बहुत प्यार करती है और चाहती है कि पिता सिर्फ उसी के हों। यह भावना भी चार साल की उम्र से शुरू होकर बारह या तेरह साल तक रहती है।
In simple words: आडिपस कॉम्पलेक्स लड़कों का अपनी माँ से लगाव और इलेक्ट्रा कॉम्पलेक्स लड़कियों का अपने पिता से लगाव होता है, ये दोनों भावनाएँ बचपन में पैदा होती हैं।
🎯 Exam Tip: आडिपस और इलेक्ट्रा कॉम्पलेक्स को परिभाषित करते समय लिंग भेद और आयु सीमा को स्पष्ट रूप से उल्लेख करें।
Question 6. समाजीकरण की किन्हीं दो प्राथमिक संस्थाओं को समझाइए।
Answer: समाजीकरण की दो प्राथमिक संस्थाएँ हैं:
नातेदारी समूह: नातेदारी में खून और शादी से जुड़े रिश्तेदार शामिल होते हैं। भाई-बहन, पति-पत्नी, सास-ससुर, साले-साली, देवर-भाभी और दूसरे रिश्तेदारों के संपर्क में आने से व्यक्ति बहुत कुछ सीखता है। वे उनके हिसाब से भूमिकाएँ निभाते हैं और व्यवहार के अलग-अलग नियम सीखते हैं।
In simple words: नातेदारी समूह समाजीकरण की एक प्राथमिक संस्था है, जहाँ व्यक्ति परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों से कई सामाजिक नियम और भूमिकाएँ सीखता है।
🎯 Exam Tip: प्राथमिक संस्थाओं को परिभाषित करते समय, परिवार और नातेदारी समूह जैसे उदाहरणों का उपयोग करें और उनकी भूमिका स्पष्ट करें।
Question 7. समाजीकरण की प्रक्रिया आजीवन चलती है। स्पष्ट कीजिए।
Answer: समाजीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जो जीवनभर चलती रहती है। यह बचपन से शुरू होकर बुढ़ापे तक चलती है। बच्चा बचपन में परिवार के सदस्यों, जैसे माता-पिता, दादा-दादी, भाई-बहन और दोस्तों के साथ व्यवहार करना सीखता है। युवावस्था में, व्यक्ति पति, पिता, व्यापारी, कर्मचारी और अन्य भूमिकाएँ निभाता है। बुढ़ापे में, व्यक्ति दादा, नाना, ससुर आदि पदों की भूमिकाएँ निभाता है। इस तरह, समाजीकरण की प्रक्रिया जीवन भर चलती रहती है और व्यक्ति लगातार नई चीजें सीखता रहता है।
In simple words: समाजीकरण की प्रक्रिया जीवनभर चलती है। हम बचपन से बुढ़ापे तक अलग-अलग भूमिकाएँ और व्यवहार सीखते रहते हैं।
🎯 Exam Tip: समाजीकरण को एक सतत प्रक्रिया के रूप में समझाएँ, जिसमें व्यक्ति जीवन के विभिन्न चरणों में नई भूमिकाएँ सीखता रहता है।
Question 8. “दर्पण में आत्मदर्शन" का सिद्धान्त क्या है?
Answer: दर्पण में आत्मदर्शन का सिद्धान्त: अमेरिकी समाजशास्त्री सी.एच. कूले ने समाजीकरण से जुड़ा एक सिद्धांत दिया है, जिसे 'दर्पण में आत्मदर्शन' का सिद्धांत कहते हैं। इस सिद्धांत के मुख्य बिंदु ये हैं:
1. व्यक्ति यह सोचता है कि समाज के लोग उसके बारे में क्या सोचते हैं।
2. व्यक्ति दूसरों की राय के बारे में क्या सोचता है (यानी, उसे लगता है कि दूसरे उसके बारे में क्या सोचते हैं)।
3. व्यक्ति अपने बारे में सोचकर यह मानता है कि वह कैसा है। दूसरे शब्दों में, वह कभी शर्म महसूस करता है तो कभी गर्व।
In simple words: 'दर्पण में आत्मदर्शन' का सिद्धांत यह कहता है कि हम खुद को वैसे ही देखते हैं जैसा हमें लगता है कि दूसरे हमें देखते हैं, और इसी सोच से हमारा व्यवहार बनता है।
🎯 Exam Tip: कूले के 'दर्पण में आत्मदर्शन' सिद्धांत के तीनों चरणों को क्रम से और स्पष्ट रूप से समझाएँ।
RBSE Class 11 Sociology Chapter 5 निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. संस्कृति को परिभाषित कीजिए। इसकी प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
Answer: संस्कृति के बारे में अलग-अलग समाजशास्त्रियों ने कई परिभाषाएँ दी हैं।
समाजशास्त्री टायलर महोदय के अनुसार, "संस्कृति एक जटिल समूह है जिसमें ज्ञान, विश्वास, कला, आचार-विचार, कानून, रीति-रिवाज और ऐसी ही अन्य योग्यताएँ व आदतें शामिल होती हैं, जिन्हें एक व्यक्ति समाज के सदस्य के रूप में सीखता है।" टायलर ने इस परिभाषा में संस्कृति को समाज की एक विरासत माना है, जिसे व्यक्ति समाज का सदस्य होने के नाते प्राप्त करता है।
इसी तरह, हर्षकोविट्स महोदय ने संस्कृति की संक्षिप्त परिभाषा देते हुए लिखा है, "संस्कृति पर्यावरण का मानव-निर्मित हिस्सा है।" इस परिभाषा में हर्षकोविट्स ने साफ किया है कि हम पूरे पर्यावरण को संस्कृति नहीं कह सकते, बल्कि संस्कृति सिर्फ वही है जो इंसान ने बनाई है। इंसान द्वारा बनाई गई चीजों को दो हिस्सों में बांटा जा सकता है: एक जो ठोस हैं और जिन्हें छू या देख सकते हैं, और दूसरी वे जिन्हें देख या छू नहीं सकते। आगर्बन ने इसी आधार पर संस्कृति के दो प्रकार बताए हैं- भौतिक और अभौतिक संस्कृति। इन परिभाषाओं के आधार पर हम कह सकते हैं कि संस्कृति इंसान की वह विरासत है, जो उसे समाज का हिस्सा होने के नाते मिलती है।
संस्कृति की प्रमुख विशेषताएँ:
संस्कृति की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
• संस्कृति मनुष्य द्वारा निर्मित है: इंसान एक सामाजिक प्राणी है। समाज में रहते हुए ही इंसान संस्कृति का निर्माण करता है। इंसान ने नई-नई खोजें कीं और अपनी अलग-अलग ज़रूरतें पूरी कीं। इंसान के बनाए हुए आविष्कार और उसके अनुभव मिलकर ही संस्कृति को बनाते हैं।
• संस्कृति सीखी जाती है: व्यक्ति के सीखे हुए व्यवहारों का पूरा जोड़ ही संस्कृति कहलाता है। जन्म के समय इंसान का बच्चा और पशु का बच्चा खास अलग नहीं होते। इंसान का बच्चा संस्कृति को सीखकर ही सामाजिक प्राणी बनता है। संस्कृति सीखा हुआ व्यवहार है, लेकिन हर सीखा हुआ व्यवहार संस्कृति नहीं होता। पशुओं में भी सीखने की क्षमता होती है। इंसान के साथ रहते-रहते पशु भी बहुत कुछ व्यवहार सीख जाते हैं, लेकिन पशुओं का सीखा हुआ व्यवहार उनका निजी होता है, न कि सामूहिक व्यवहार का हिस्सा। इसीलिए पशुओं द्वारा सीखा गया व्यवहार संस्कृति नहीं बन सकता।
• संस्कृति हस्तान्तरित की जाती है: चूंकि संस्कृति सीखी जा सकती है, इसलिए यह आसानी से एक समूह से दूसरी पीढ़ी तक पहुँच जाती है। मानव संस्कृति को मुख्य रूप से भाषा के माध्यम से हस्तांतरित करता है।
• संस्कृति सामाजिक होती है: संस्कृति एक समाज की पूरी जीवनशैली को दिखाती है। संस्कृति किसी खास व्यक्ति द्वारा नहीं बनाई जाती, बल्कि यह पूरे समाज की देन होती है।
• प्रत्येक समाज की एक विशिष्ट संस्कृति: हर समाज की अपनी एक खास संस्कृति होती है। इसका कारण यह है कि अलग-अलग समाजों में भूगोल और सामाजिक स्थितियाँ अलग होती हैं। भूगोल और सामाजिक विविधताओं के कारण हर समाज की ज़रूरतें भी अलग-अलग होती हैं। इसीलिए हर समाज की एक खास संस्कृति बनती है।
उपरोक्त के अलावा, संस्कृति इंसान की ज़रूरतें पूरी करती है, उसमें बदलाव के गुण होते हैं, संस्कृति समाज के लिए अच्छी होती है, व्यक्तित्व बनाने में मदद करती है, इसमें संतुलन और संगठन होता है, और यह व्यक्ति से ऊपर होती है। संस्कृति की ये सभी विशेषताएँ इसे एक बड़ा और व्यापक रूप देती हैं।
In simple words: संस्कृति वह सब है जो इंसान समाज में रहकर सीखता है, जैसे ज्ञान, कला और रीति-रिवाज। इसे इंसान बनाते हैं, सीखते हैं, एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचाते हैं और यह पूरे समाज की होती है, किसी एक व्यक्ति की नहीं। हर समाज की अपनी खास संस्कृति होती है।
🎯 Exam Tip: संस्कृति की परिभाषाएँ और विशेषताएँ लिखते समय, मुख्य समाजशास्त्रियों का उल्लेख करें और प्रत्येक विशेषता को उदाहरणों के साथ समझाएँ।
Question 2. संस्कृति के उपादानों का उल्लेख कीजिए।
Answer: जैसे शरीर के कई अंग होते हैं, वैसे ही संस्कृति के भी कई अंग या हिस्से होते हैं, जो निम्नलिखित हैं:
सांस्कृतिक संकुल: सांस्कृतिक तत्वों का वह समूह जिसमें कई सांस्कृतिक तत्व एक-दूसरे से मिलकर इंसान की अलग-अलग ज़रूरतें पूरी करते हैं, उसे संस्कृति संकुल कहते हैं। पूरी संस्कृति में अकेले किसी सांस्कृतिक तत्व का कोई खास महत्व नहीं होता। बल्कि कुछ सांस्कृतिक तत्व मिलकर इंसान की अलग-अलग ज़रूरतें पूरी करते हैं। सांस्कृतिक संकुल में कई सांस्कृतिक तत्व एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। सांस्कृतिक तत्वों के बिना संस्कृति संकुल नहीं बन सकता।
• संस्कृति प्रतिमान: सांस्कृतिक तत्व और संकुल जब मिलकर कोई उपयोगी हिस्सा बनाते हैं, तो उसे सांस्कृतिक प्रतिमान कहते हैं। सांस्कृतिक प्रतिमान में संस्कृति तत्व एक खास तरह से व्यवस्थित होते हैं। संस्कृति प्रतिमान ही समाज की संस्कृति को बनाते हैं। इसलिए हम कह सकते हैं कि संस्कृति प्रतिमानों का पूरा ढाँचा ही संस्कृति है। संस्कृति प्रतिमानों की मदद से हम संस्कृति की विशेषताओं को आसानी से समझ सकते हैं।
• संस्कृति क्षेत्र: हर संस्कृति एक खास भौगोलिक क्षेत्र तक फैली होती है। जिस भौगोलिक क्षेत्र में सांस्कृतिक तत्वों, संकुलों और प्रतिमानों का फैलाव होता है, उसे संस्कृति क्षेत्र कहते हैं। संस्कृति क्षेत्र की कोई साफ सीमा तय नहीं होती। एक संस्कृति क्षेत्र के आस-पास के क्षेत्रों और प्रदेशों की सांस्कृतिक विशेषताएँ दूसरे क्षेत्रों में किसी न किसी रूप में ज़रूर दिखती हैं।
ये चारों हिस्से मिलकर एक समृद्ध संस्कृति को बनाते हैं।
In simple words: संस्कृति के मुख्य हिस्से सांस्कृतिक तत्व (सबसे छोटी इकाई), सांस्कृतिक संकुल (तत्वों का समूह), सांस्कृतिक प्रतिमान (संकुलों का व्यवस्थित रूप) और सांस्कृतिक क्षेत्र (भौगोलिक फैलाव) हैं। ये सब मिलकर संस्कृति को पूरा करते हैं।
🎯 Exam Tip: संस्कृति के उपादानों को परिभाषित करते समय, प्रत्येक उपादान का अर्थ और संस्कृति में उसकी भूमिका स्पष्ट करें।
Question 3. 'संस्कृति' अधि-वैयक्तिक एवं अधि-सावयवी है। समझाइए।
Answer: 'संस्कृति' अधि-वैयक्तिक है- इसका मतलब है कि अकेला इंसान न तो संस्कृति को बना सकता है और न ही उसमें कोई बदलाव ला सकता है। जब हम इस अर्थ को समझते हैं, तो संस्कृति को अधि-वैयक्तिक कहा जाता है।
संस्कृति अधि-सावयवी है: 'सावयवी' शब्द का इस्तेमाल इंसान और दूसरे जीवित प्राणियों के लिए होता है। संस्कृति को इंसान ने ही बनाया है। चूंकि इंसान एक सावयव (जीवित) है, ऐसे में इंसान द्वारा बनाई गई संस्कृति उससे भी ज्यादा बड़ी होती है।
इन दोनों बातों का विश्लेषण करने से पता चलता है कि संस्कृति व्यक्ति और सावयवों से ऊपर है। भले ही संस्कृति को इंसान बनाता है, लेकिन जब संस्कृति बन जाती है, तो वह व्यक्तियों से ऊपर हो जाती है, क्योंकि व्यक्ति उस संस्कृति के हिसाब से व्यवहार करता है। कोई भी अकेला व्यक्ति संस्कृति को नहीं बना सकता, बल्कि यह पूरे समाज और संस्कृति की देन होती है। कभी-कभी समाज सुधारक समाज में कुछ मूल्यों, परंपराओं और प्रथाओं में बदलाव लाते हैं, लेकिन वे पूरे समाज की संस्कृति को प्रभावित नहीं कर पाते। इसलिए यह साफ है कि संस्कृति व्यक्ति से ऊपर होती है।
In simple words: संस्कृति अधि-वैयक्तिक है क्योंकि कोई अकेला व्यक्ति इसे नहीं बना सकता और यह पूरे समाज की देन है। यह अधि-सावयवी भी है क्योंकि इंसानों द्वारा बनाई गई होने के बावजूद, यह इंसानों से भी बड़ी हो जाती है।
🎯 Exam Tip: 'अधि-वैयक्तिक' और 'अधि-सावयवी' शब्दों को परिभाषित करते समय, उदाहरणों का उपयोग करके उनके अर्थ को स्पष्ट करें कि संस्कृति व्यक्ति से बड़ी क्यों है।
Question 7. 'सामान्यीकृत अन्य' का सिद्धान्त किसने दिया है? इसका विस्तार से वर्णन कीजिए।
Answer: 'सामान्यीकृत अन्य' का सिद्धान्त समाजशास्त्री मीड ने दिया है। 'सामान्यीकृत अन्य' का मतलब है किसी व्यक्ति की अपने बारे में वह सोच जो दूसरे लोग उसके बारे में रखते हैं। दूसरे शब्दों में, दूसरे लोग किसी व्यक्ति के बारे में जो राय बनाते हैं और उससे जो उम्मीदें रखते हैं, जब व्यक्ति उसे अपने अंदर अपना लेता है, तो उसे ही "सामान्यीकृत अन्य" कहते हैं।
मीड के अनुसार, समाज के संपर्क में आने से बच्चा जो कुछ भी सीखता है, उसे वह दोबारा अपनाना चाहता है। उदाहरण के लिए, बच्चा खेलते समय अपने माता-पिता, चोर-पुलिस आदि बनकर भूमिकाएँ निभाता है और वैसा ही व्यवहार करता है जैसा वे असल जिंदगी में करते हैं। बच्चा दूसरों के व्यवहारों को नकल करके, इशारों और भाषा के ज़रिए सीखता है। धीरे-धीरे उसमें अलग-अलग भूमिकाएँ निभाने की क्षमता आ जाती है, इसे ही मीड ने "आत्म का विकास" कहा है। यह सब 'सामान्यीकृत अन्य' की बात को सही साबित करता है।
In simple words: मीड ने 'सामान्यीकृत अन्य' का सिद्धांत दिया। इसका मतलब है कि हम खुद को दूसरों की नज़रों से देखते हैं और उसी के अनुसार अपने व्यवहार को ढालते हैं, जिससे हमारा 'आत्म' विकसित होता है।
🎯 Exam Tip: मीड के 'सामान्यीकृत अन्य' सिद्धांत को उदाहरणों के साथ समझाएँ, खासकर बच्चों के खेल के माध्यम से आत्म-विकास की प्रक्रिया को।
Question 8. समाजीकरण की प्रमुख संस्थाओं का उल्लेख कीजिए।
Answer: समाजीकरण की प्रमुख संस्थाएँ:
समाजीकरण की संस्थाओं में प्राथमिक संस्थाएँ और द्वितीयक संस्थाएँ शामिल हैं। उनका विवरण इस प्रकार है:
समाजीकरण की प्राथमिक संस्थाएँ:
• परिवार: समाजीकरण करने वाली संस्थाओं में परिवार की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। यह बच्चों की पहली पाठशाला है।
• क्रीड़ा समूह: परिवार के बाद बच्चों का दूसरा सबसे ज़्यादा समय क्रीड़ा समूह में बीतता है।
• पड़ोस: पड़ोसी समाजीकरण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उनकी तारीफ या निंदा व्यक्ति को समाज के अनुसार व्यवहार करने की प्रेरणा देती है।
• नातेदारी समूह: इसमें खून और शादी से जुड़े रिश्तेदार शामिल होते हैं। व्यक्ति रिश्तों के हिसाब से व्यवहार करता है और व्यवहार के अलग-अलग नियम सीखता है।
• विवाह: शादी के बाद व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव आते हैं। ये बदलाव व्यक्ति को गंभीर और व्यवस्थित व्यवहार करने के लिए प्रेरित करते हैं।
समाजीकरण की द्वितीयक संस्थाएँ:
• शिक्षण संस्थाएँ: अलग-अलग शिक्षण संस्थाओं में शिक्षा पाकर व्यक्ति धीरे-धीरे समाज का एक उपयोगी सदस्य बनता है और अपने व्यक्तित्व का निर्माण करता है।
• सांस्कृतिक संस्थाएँ: इनके द्वारा व्यक्ति अपनी परंपराओं, साहित्य, पहनावे, संगीत, कला और भाषा आदि का ज्ञान प्राप्त करके अपने व्यक्तित्व का विकास करता है।
• धार्मिक संस्थाएँ: कोई भी समाज धर्म के बिना नहीं रह सकता। धर्म के कारण ही व्यक्ति में शक्ति, पवित्रता और नैतिकता जैसी भावनाएँ विकसित होती हैं।
• व्यवसाय समूह: काम के दौरान व्यवसायी व्यक्ति कई दूसरे लोगों के संपर्क में आता है, जिससे उसके व्यावसायिक ज्ञान में लगातार बढ़ोतरी होती है। यह स्थिति समाजीकरण के लिए अच्छी होती है।
In simple words: समाजीकरण की प्राथमिक संस्थाएँ परिवार, पड़ोस, क्रीड़ा समूह, नातेदारी और विवाह हैं, जहाँ हम बुनियादी सामाजिक नियम सीखते हैं। द्वितीयक संस्थाएँ शिक्षा, संस्कृति, धर्म और व्यावसायिक समूह हैं, जहाँ हम समाज के बड़े नियमों और भूमिकाओं को सीखते हैं।
🎯 Exam Tip: समाजीकरण की प्राथमिक और द्वितीयक संस्थाओं को अलग-अलग सूचीबद्ध करें और प्रत्येक के महत्व को संक्षेप में समझाएँ।
RBSE Class 11 Sociology Chapter 5 वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 1. मनुष्य अन्य प्राणियों से भिन्न है
(अ) रंग के आधार पर
(ब) भौतिक समृद्धि के आधार पर
(स) संस्कृति के आधार पर
(द) इनमें से कोई नहीं।
Answer: (स) संस्कृति के आधार पर
In simple words: इंसान अपनी संस्कृति के ज्ञान और विकास के कारण दूसरे जानवरों से अलग होता है।
🎯 Exam Tip: मानव और पशुओं के बीच के मुख्य अंतर को पहचानें, जो संस्कृति से संबंधित है।
Question 2. “संस्कृति पर्यावरण का मानव निर्मित भाग है।” यह मानना है
(अ) फ्रायड का
(ब) जॉनसन का
(स) सी.एच. कूले का
(द) हर्षकोविट्स का।
Answer: (द) हर्षकोविट्स का।
In simple words: हर्षकोविट्स ने कहा था कि संस्कृति वह सब है जो इंसान ने अपने आसपास के पर्यावरण में बनाया है।
🎯 Exam Tip: समाजशास्त्रियों द्वारा दी गई परिभाषाओं को उनके लेखकों के साथ सटीक रूप से याद करें।
Question 4. निम्नलिखित में कौन-सा एक कथन संस्कृति के सम्बन्ध में सत्य है?
(अ) संस्कृति संस्कृत भाषा का पर्यायवाची है
(ब) संस्कृति परम्परा का परिनिष्ठित रूप है।
(स) व्यक्ति के सीखे हुए व्यवहार प्रतिमानों का सम्पूर्ण योग ही संस्कृति कहलाता है।
(द) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
Answer: (स) व्यक्ति के सीखे हुए व्यवहार प्रतिमानों का सम्पूर्ण योग ही संस्कृति कहलाता है।
In simple words: संस्कृति वह सब कुछ है जो एक व्यक्ति समाज में रहकर सीखता है और जिस तरह से वह व्यवहार करता है।
🎯 Exam Tip: संस्कृति की सही परिभाषा को समझें कि इसमें व्यक्ति के सभी सीखे हुए व्यवहार शामिल होते हैं।
Question 5. निम्नलिखित में किसने संस्कृति को व्यक्ति एवं सावयवों से ऊपर माना है?
(अ) इमाईल दुर्थीम ने
(ब) गिडिंग्स ने
(स) मैक्स वेबर ने
(द) क्रोबर ने।
Answer: (स) मैक्स वेबर ने
In simple words: मैक्स वेबर ने समझाया कि संस्कृति व्यक्ति से भी बड़ी होती है और उसका प्रभाव व्यक्ति के ऊपर होता है।
🎯 Exam Tip: उन समाजशास्त्रियों के विचारों को याद रखें जिन्होंने संस्कृति को व्यक्ति से ऊपर माना है।
Question 6. जब अनेक सांस्कृतिक तत्व अर्थपूर्ण ढंग से मिलते हैं तो निर्माण होता है
(अ) संस्कृति संकुल का
(ब) संस्कृति प्रतिमान का
(स) संस्कृति क्षेत्र का
(द) इनमें से कोई नहीं।
Answer: (अ) संस्कृति संकुल का
In simple words: जब संस्कृति के कई छोटे-छोटे हिस्से मिलकर एक साथ काम करते हैं, तो वे एक 'संस्कृति संकुल' बनाते हैं।
🎯 Exam Tip: सांस्कृतिक तत्वों और संकुल के बीच के संबंध को समझें और उन्हें परिभाषित करें।
Question 8. निम्नलिखित में कौन समाजशास्त्री जॉनसन की पुस्तक है
(अ) सोशियोलॉजी
(ब) सोशियोलॉजी ए सिस्टेमेटिक इन्ट्रॉडक्शन
(स) कल्चरल सोशियोलॉजी
(द) उपर्युक्त सभी।
Answer: (ब) सोशियोलॉजी ए सिस्टेमेटिक इन्ट्रॉडक्शन
In simple words: जॉनसन ने "सोशियोलॉजी ए सिस्टेमेटिक इन्ट्रॉडक्शन" नामक किताब लिखी थी।
🎯 Exam Tip: प्रमुख समाजशास्त्रियों की पुस्तकों के नाम और उनके सही शीर्षक याद रखें।
Question 9. " "वह प्रक्रिया जिसके द्वारा व्यक्ति अपने समाज की संस्कृति को सीखता है, समाजीकरण के नाम से जानी जाती हैं" यह परिभाषा है"
(अ) किम्बाल यंग की
(ब) हारालम्बोस की
(स) फ्रायड की
(द) मीड की।
Answer: (ब) हारालम्बोस की
In simple words: हारालम्बोस ने कहा था कि समाजीकरण वह प्रक्रिया है जिससे व्यक्ति समाज की संस्कृति को सीखता है।
🎯 Exam Tip: समाजशास्त्रियों द्वारा दी गई प्रमुख परिभाषाओं को उनके लेखकों के नाम के साथ याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 10. 'इलेक्ट्रा कॉम्पलेक्स' में पुत्री अत्यधिक स्नेह रखती है
(अ) अपने भाई से
(ब) अपने दादा से
(स) अपनी माता से
(द) अपने पिता से।
Answer: (द) अपने पिता से।
In simple words: 'इलेक्ट्रा कॉम्पलेक्स' में एक बेटी अपने पिता के प्रति बहुत लगाव महसूस करती है।
🎯 Exam Tip: फ्रायड के सिद्धांतों में 'इलेक्ट्रा कॉम्पलेक्स' की अवधारणा और इसमें बेटी के पिता के प्रति स्नेह को स्पष्ट रूप से समझें।
Question 11. समाज में रहकर ही व्यक्ति के 'आत्म' का विकास होता है, यह मानना है
(अ) फ्रायड का
Answer: (अ) फ्रायड का
In simple words: फ्रायड का मानना था कि इंसान का अपना 'आत्म' समाज में रहते हुए ही विकसित होता है।
🎯 Exam Tip: फ्रायड के 'आत्म' के विकास संबंधी विचारों को समझें और उन्हें समाजीकरण से जोड़कर देखें।
Question 8. निम्नलिखित में कौन समाजशास्त्री जॉनसन की पुस्तक है
(a) सोशियोलॉजी
(b) सोशियोलॉजी ए सिस्टेमेटिक इन्ट्रॉडक्शन
(c) कल्चरल सोशियोलॉजी
(d) उपर्युक्त सभी।
Answer: (b) सोशियोलॉजी ए सिस्टेमेटिक इन्ट्रॉडक्शन
In simple words: जॉनसन ने "सोशियोलॉजी ए सिस्टेमेटिक इन्ट्रॉडक्शन" नामक पुस्तक लिखी है, जिसमें उन्होंने समाजशास्त्र के सिद्धांतों को व्यवस्थित तरीके से समझाया है।
🎯 Exam Tip: समाजशास्त्रियों और उनकी प्रमुख पुस्तकों के नाम याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ऐसे प्रश्न अक्सर परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।
Question 9. "वह प्रक्रिया जिसके द्वारा व्यक्ति अपने समाज की संस्कृति को सीखता है, समाजीकरण के नाम से जानी जाती है" यह परिभाषा है
(a) किम्बाल यंग की
(b) हारालम्बोस की
(c) फ्रायड की
(d) मीड की।
Answer: (b) हारालम्बोस की
In simple words: हारालम्बोस ने बताया कि समाजीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे व्यक्ति अपने समाज के रीति-रिवाजों और तौर-तरीकों को सीखता है।
🎯 Exam Tip: परिभाषाओं को याद करते समय, प्रमुख शब्दों और समाजशास्त्री के नाम पर ध्यान केंद्रित करें ताकि उन्हें आसानी से पहचाना जा सके।
Question 10. 'इलेक्ट्रा कॉम्पलेक्स' में पुत्री अत्यधिक स्नेह रखती है
(a) अपने भाई से
(b) अपने दादा से
(c) अपनी माता से
(d) अपने पिता से।
Answer: (d) अपने पिता से।
In simple words: इलेक्ट्रा कॉम्पलेक्स एक ऐसी भावना है जहाँ एक बेटी अपने पिता से बहुत लगाव महसूस करती है। यह फ्रायड के मनोविश्लेषण सिद्धांत का हिस्सा है।
🎯 Exam Tip: इलेक्ट्रा कॉम्पलेक्स और ऑडिपस कॉम्पलेक्स में अंतर को स्पष्ट रूप से समझें; एक पुत्री का पिता के प्रति और एक पुत्र का माता के प्रति लगाव को दर्शाते हैं।
Question 11. समाज में रहकर ही व्यक्ति के 'आत्म' का विकास होता है, यह मानना है
(a) फ्रायड का
Answer: (अ) फ्रायड का
In simple words: फ्रायड का मानना था कि व्यक्ति का आत्म-विकास केवल समाज में बातचीत और अनुभवों के माध्यम से होता है।
🎯 Exam Tip: यह अवधारणा बताती है कि हमारा "स्व" केवल दूसरों के साथ बातचीत से ही बनता है, इस मुख्य बिंदु को याद रखें।
RBSE Class 11 Sociology Chapter 5 अति लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. 'संस्कृति' तथा 'संस्कृत' ये दोनों किस शब्द से बने हैं?
Answer: उपर्युक्त दोनों शब्द 'संस्कार' शब्द से बने हैं। 'संस्कार' का अर्थ है किसी चीज़ को परिष्कृत करना या बनाना।
In simple words: 'संस्कृति' और 'संस्कृत' दोनों शब्द 'संस्कार' से आए हैं। 'संस्कार' का मतलब है किसी चीज़ को बेहतर बनाना।
🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्न में शब्दों के मूल स्रोत को बताना महत्वपूर्ण है।
Question 2. “संस्कृति वह जटिल समग्रता है जिसमें ज्ञान, विश्वास, कला, आचार, कानून, प्रथा और ऐसी ही अन्य क्षमताओं और आदतों का समावेश रहता है, जिन्हें मनुष्य समाज के सदस्य के नाते प्राप्त करता है” यह परिभाषा किस समाजशास्त्री की है?
Answer: उपर्युक्त परिभाषा समाजशास्त्री टायलर की है। टायलर ने संस्कृति को एक सामाजिक विरासत के रूप में देखा, जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को मिलती है।
In simple words: यह संस्कृति की परिभाषा टायलर ने दी थी। इसका मतलब है कि संस्कृति में ज्ञान, विश्वास, कला और रीति-रिवाज शामिल होते हैं, जो हमें अपने समाज से मिलते हैं।
🎯 Exam Tip: परिभाषा को याद करते समय, प्रमुख कीवर्ड्स (जैसे 'जटिल समग्रता', 'ज्ञान, विश्वास, कला') और समाजशास्त्री के नाम को जोड़ें।
Question 3. समाजशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य में सामाजिक विरासत क्या है?
Answer: सामाजिक प्राणी के रूप में व्यक्ति अपने समाज से जो कुछ भी प्राप्त करता है और सीखता है, वही सामाजिक ज्ञान उसकी सामाजिक विरासत है। इसमें भाषा, मूल्य, परंपराएँ और कौशल शामिल होते हैं जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक हस्तांतरित होते हैं।
In simple words: सामाजिक विरासत वह सब है जो हमें अपने समाज से सीखने को मिलता है, जैसे भाषा और रीति-रिवाज।
🎯 Exam Tip: सामाजिक विरासत में सिर्फ भौतिक चीजें ही नहीं, बल्कि ज्ञान, मूल्य और परंपराएँ भी शामिल होती हैं।
Question 4. किस समाजशास्त्री का मानना है कि संस्कृति सीखा हुआ व्यवहार है?
Answer: समाजशास्त्री हॉबल का मानना है कि संस्कृति सीखा हुआ व्यवहार है। यह व्यक्ति द्वारा अनुभव और शिक्षा के माध्यम से प्राप्त किया जाता है।
In simple words: हॉबल मानते थे कि संस्कृति कुछ ऐसा है जिसे हम सीखते हैं, जन्म से ही नहीं जानते।
🎯 Exam Tip: संस्कृति को सीखने की प्रक्रिया के रूप में समझने वाले समाजशास्त्रियों के नाम याद रखें।
Question 5. संस्कृति का कोई तत्व बेकार नहीं होता। यह किन समाजशास्त्रियों का मानना है?
Answer: मैलिनोवस्की एवं रैडक्लिफ ब्राउन का मानना है कि संस्कृति का कोई तत्व बेकार नहीं होता। उनके अनुसार, संस्कृति के सभी तत्व समाज की किसी न किसी आवश्यकता को पूरा करते हैं।
In simple words: मैलिनोवस्की और रैडक्लिफ ब्राउन का कहना था कि संस्कृति में हर चीज़ का कोई न कोई काम होता है, कुछ भी बेकार नहीं होता।
🎯 Exam Tip: प्रकार्यात्मक दृष्टिकोण रखने वाले समाजशास्त्रियों को जानें, जो मानते हैं कि संस्कृति का हर हिस्सा एक विशेष उद्देश्य पूरा करता है।
Question 6. संस्कृति की रचना करने वाले अंगों (उपादानों) के नाम लिखिए।
Answer: संस्कृति की रचना करने वाले अंगों (उपादानों) में सांस्कृतिक तत्व, सांस्कृतिक संकुल, सांस्कृतिक प्रतिमान और सांस्कृतिक क्षेत्र शामिल हैं। ये सभी मिलकर एक पूरी संस्कृति बनाते हैं।
In simple words: संस्कृति के मुख्य भाग सांस्कृतिक तत्व, समूह, प्रतिमान और क्षेत्र हैं।
🎯 Exam Tip: संस्कृति के विभिन्न घटकों को क्रमबद्ध तरीके से याद करें, क्योंकि ये एक-दूसरे से जुड़े होते हैं।
Question 8. “कतिपय संस्कृति तत्व या सांस्कृतिक संकुल एक विशेष भौगोलिक क्षेत्र में फैलकर संस्कृति क्षेत्र का निर्माण करते हैं'-यह परिभाषा किस समाजशास्त्री की है?
Answer: यह परिभाषा डॉ. एस. सी. दुबे की है। उन्होंने समझाया कि संस्कृति कैसे एक खास क्षेत्र में फैलती है और उस क्षेत्र की पहचान बन जाती है।
In simple words: डॉ. एस. सी. दुबे ने कहा कि जब सांस्कृतिक चीजें एक खास जगह में फैल जाती हैं, तो वह उस जगह का सांस्कृतिक क्षेत्र बन जाता है।
🎯 Exam Tip: सांस्कृतिक क्षेत्र की परिभाषा में 'विशेष भौगोलिक क्षेत्र' और 'संस्कृति तत्वों का फैलाव' जैसे कीवर्ड्स पर ध्यान दें।
Question 9. 'सोशियोलॉजी' एवं 'कल्चरल सोशियोलॉजी' नामक पुस्तकों के लेखकों के नाम लिखिए।
Answer: इन पुस्तकों के लेखक क्रमशः ए. डब्ल्यू. ग्रीन एवं गिलिन तथा गिलिन हैं। 'सोशियोलॉजी' ए. डब्ल्यू. ग्रीन द्वारा लिखी गई है और 'कल्चरल सोशियोलॉजी' गिलिन तथा गिलिन द्वारा।
In simple words: ए. डब्ल्यू. ग्रीन ने 'सोशियोलॉजी' लिखी, और गिलिन व गिलिन ने 'कल्चरल सोशियोलॉजी' लिखी।
🎯 Exam Tip: अलग-अलग समाजशास्त्रियों की प्रमुख कृतियों को याद करना महत्वपूर्ण है।
Question 10. समाजीकरण से सम्बद्ध किम्बाल यंग की परिभाषा प्रस्तुत कीजिए।
Answer: किम्बाल यंग के अनुसार, "समाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्ति सामाजिक व सांस्कृतिक क्षेत्र में प्रवेश करता है तथा समाज के विभिन्न समूहों का सदस्य बनता है और जिसके द्वारा उसे समाज के मूल्यों और मानकों को स्वीकार करने की प्रेरणा मिलती है।" यह परिभाषा इस बात पर जोर देती है कि व्यक्ति समाज में ढलकर उसके नियमों को अपनाता है।
In simple words: किम्बाल यंग ने कहा कि समाजीकरण वह तरीका है जिससे हम समाज में शामिल होते हैं और उसके नियमों को सीखकर अपनाते हैं।
🎯 Exam Tip: किम्बाल यंग की परिभाषा में 'सामाजिक व सांस्कृतिक क्षेत्र में प्रवेश' और 'मूल्यों व मानकों को स्वीकार करना' मुख्य बिंदु हैं।
Question 11. किस जनजाति के लोग एक-दूसरे के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने के लिए एक-दूसरे पर थूकते हैं?
Answer: अफ्रीका की मसाई जनजाति के लोग एक-दूसरे के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने के लिए एक-दूसरे पर थूकते हैं। यह उनकी संस्कृति का एक विशिष्ट तरीका है।
In simple words: मसाई जनजाति के लोग सम्मान दिखाने के लिए एक-दूसरे पर थूकते हैं।
🎯 Exam Tip: यह उदाहरण सांस्कृतिक सापेक्षवाद को समझने में मदद करता है कि अलग-अलग संस्कृतियों में सम्मान दिखाने के तरीके भिन्न हो सकते हैं।
Question 12. समाजशास्त्री गिडिन्स ने समाजीकरण के कितने स्तर बताए हैं?
Answer: गिडिन्स ने समाजीकरण के दो स्तर बताए हैं-प्राथमिक एवं द्वितीयक। प्राथमिक समाजीकरण परिवार में होता है, जबकि द्वितीयक समाजीकरण बाहरी सामाजिक संस्थाओं में।
In simple words: गिडिन्स ने समाजीकरण के दो स्तर बताए हैं: पहला परिवार में और दूसरा स्कूल या दोस्तों के साथ।
🎯 Exam Tip: गिडिन्स के समाजीकरण के प्राथमिक और द्वितीयक स्तरों के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझें।
Question 13. पारसन्स ने समाजीकरण को कितने भागों में विभाजित किया है?
Answer: पारसन्स ने समाजीकरण को चार भागों में विभाजित किया है-मौखिकावस्था, शौच अवस्था, आडिपल स्तर और किशोरावस्था। ये अवस्थाएँ व्यक्ति के विकास के विभिन्न चरणों को दर्शाती हैं।
In simple words: पारसन्स ने समाजीकरण को चार मुख्य हिस्सों में बाँटा है: मुँह से सीखना, शौच सीखना, माँ-बाप से लगाव और किशोरावस्था।
🎯 Exam Tip: समाजीकरण की इन अवस्थाओं को उनके क्रम और प्रत्येक अवस्था की प्रमुख विशेषताओं के साथ याद रखें।
Question 15. समाजीकरण की प्राथमिक संस्थाओं का उल्लेख कीजिए।
Answer: समाजीकरण की प्राथमिक संस्थाएँ हैं-परिवार, क्रीड़ा समूह, पड़ोस, नातेदारी समूह एवं विवाह। ये संस्थाएँ व्यक्ति के प्रारंभिक सामाजिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
In simple words: परिवार, दोस्तों का समूह, पड़ोस, रिश्तेदार और विवाह समाजीकरण के पहले मुख्य हिस्से हैं।
🎯 Exam Tip: प्राथमिक संस्थाएँ वे होती हैं जहाँ व्यक्ति सबसे पहले समाजीकरण सीखता है, जैसे परिवार।
Question 16. समाजीकरण की द्वितीयक संस्थाओं का उल्लेख कीजिए।
Answer: समाजीकरण की द्वितीयक संस्थाएँ हैं-शिक्षण संस्थाएँ, राजनैतिक संस्थाएँ, आर्थिक संस्थाएँ, सांस्कृतिक संस्थाएँ, धार्मिक संस्थाएँ एवं व्यावसायिक समूह आदि। ये संस्थाएँ प्राथमिक समाजीकरण के बाद व्यक्ति को समाज के बड़े हिस्से से जोड़ती हैं।
In simple words: समाजीकरण के दूसरे हिस्से में स्कूल, राजनीति, बाजार, संस्कृति और धर्म जैसी संस्थाएँ आती हैं।
🎯 Exam Tip: द्वितीयक संस्थाएँ वे होती हैं जहाँ व्यक्ति बड़ा होकर समाज के व्यापक नियमों और भूमिकाओं को सीखता है।
Question 17. किस समाजशास्त्री ने अपने सिद्धान्त को दर्पण में आत्मदर्शन के आधार पर समझाया है?
Answer: समाजशास्त्री सी.एच. कूले ने अपने सिद्धान्त को दर्पण में आत्मदर्शन के आधार पर समझाया है। उनका मानना था कि व्यक्ति अपना 'स्व' दूसरों की प्रतिक्रियाओं को देखकर बनाता है।
In simple words: सी.एच. कूले ने समझाया कि हम अपने बारे में वैसा ही सोचते हैं जैसा हमें लगता है कि दूसरे हमारे बारे में सोचते हैं, जैसे दर्पण में देखकर।
🎯 Exam Tip: 'दर्पण में आत्मदर्शन' की अवधारणा को सी.एच. कूले के नाम से जोड़कर याद रखें।
Question 18. समाजीकरण सम्बन्धी सिद्धान्त को किसने मानसिक क्रियाओं के आधार पर समझाया?
Answer: मनोवैज्ञानिक सिगमण्ड फ्रायड ने समाजीकरण सम्बन्धी सिद्धान्त को मानसिक क्रियाओं के आधार पर समझाया। उन्होंने 'इड', 'अहम्' और 'परा-अहम्' की अवधारणाएँ दीं।
In simple words: सिगमण्ड फ्रायड ने दिमाग की अंदरूनी सोच के आधार पर समझाया कि लोग समाज में कैसे ढलते हैं।
🎯 Exam Tip: फ्रायड के सिद्धांत में अचेतन मन और व्यक्तित्व के तीन भागों (इड, अहम्, परा-अहम्) को समझना महत्वपूर्ण है।
RBSE Class 11 Sociology Chapter 5 लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. 'प्रत्येक समाज की विशिष्ट संस्कृति होती है' इस कथन को समझाइए।
Answer: हर एक समाज में अपनी एक विशिष्ट संस्कृति पायी जाती है। इसका कारण यह है कि भिन्न-भिन्न समाजों में अलग-अलग भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थितियाँ पायी जाती हैं। इन भिन्नताओं के कारण प्रत्येक समाज की आवश्यकताएँ भी अलग होती हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए मानव विभिन्न आविष्कार करता है। ये आविष्कार ही संस्कृति को एक नया रूप देते हैं।
In simple words: हर समाज की अपनी खास संस्कृति होती है क्योंकि हर जगह की भौगोलिक और सामाजिक स्थितियाँ अलग होती हैं। इन स्थितियों के हिसाब से लोग अपनी ज़रूरतें पूरी करते हैं और नई चीजें बनाते हैं, जिससे उनकी संस्कृति अलग बन जाती है।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न का उत्तर देते समय भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों के महत्व पर जोर दें, जो संस्कृति को विशिष्ट बनाती हैं।
Question 3. 'समाजीकरण आजीवन चलने वाली प्रक्रिया है' क्या आप इस कथन से सहमत हैं? समझाइए।
Answer: हाँ, हम इस कथन से सहमत हैं कि समाजीकरण आजीवन चलने वाली प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया बचपन से शुरू होकर वृद्धावस्था तक चलती है। व्यक्ति अपने पूरे जीवन में विभिन्न भूमिकाएँ निभाता है और उनसे जुड़े व्यवहार सीखता है। उदाहरण के लिए, बचपन में माता-पिता से, युवावस्था में पति या व्यापारी से, और बुढ़ापे में दादा-दादी से व्यवहार सीखता है। यह निरंतर चलने वाली सीखने की प्रक्रिया है।
In simple words: हाँ, समाजीकरण जीवन भर चलता है। हम बचपन से लेकर बुढ़ापे तक नई चीजें और नए तरीके सीखते रहते हैं, जैसे परिवार, स्कूल और काम की जगह पर।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में विभिन्न आयु-वर्गों (बाल्यावस्था, युवावस्था, वृद्धावस्था) के उदाहरणों का उपयोग करके अपने उत्तर को मजबूत करें।
Question 4. समाजीकरण की किन्हीं दो द्वितीयक संस्थाओं का उल्लेख कीजिए।
Answer: समाजीकरण की दो द्वितीयक संस्थाएँ निम्नलिखित हैं:
• शिक्षण संस्थाएँ: स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय जैसी शिक्षण संस्थाएँ बच्चों को ज्ञान देती हैं और उन्हें समाज के सदस्य के रूप में तैयार करती हैं। यहाँ वे शिक्षकों, किताबों और दोस्तों से बहुत कुछ सीखते हैं।
• आर्थिक संस्थाएँ: ये संस्थाएँ व्यक्ति को पैसे कमाने और जीवन जीने के तरीके सिखाती हैं। ये व्यक्ति के व्यावसायिक जीवन और आर्थिक गतिविधियों को दिशा देती हैं, जिससे वह समाज में अपनी भूमिका निभा पाता है।
In simple words: समाजीकरण की दो मुख्य द्वितीयक संस्थाएँ हैं स्कूल (जहाँ हम पढ़ते हैं) और आर्थिक संस्थाएँ (जहाँ हम काम करना और पैसे कमाना सीखते हैं)।
🎯 Exam Tip: द्वितीयक संस्थाओं को समझाते समय, यह बताएं कि वे व्यक्ति को बड़े समाज में कैसे ढालती हैं और उसकी विशिष्ट भूमिकाओं के लिए तैयार करती हैं।
RBSE Class 11 Sociology Chapter 5 निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. संस्कृति का सामान्य अर्थ समझाते हुए इसके समाजशास्त्रीय पक्ष की विवेचना कीजिए।
Answer: संस्कृति का सामान्य अर्थ 'सुसंस्कृत' होने से लगाया जाता है, जिसमें व्यक्ति की परिष्कृत भाषा, अच्छा पहनावा, शालीन व्यवहार, खान-पान, और मनोरंजन के साधन शामिल होते हैं।
समाजशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य में, मानवशास्त्री और समाजशास्त्री 'संस्कृति' शब्द का प्रयोग कई अर्थों में करते हैं। टायलर के अनुसार, "संस्कृति वह जटिल समग्रता है जिसमें ज्ञान, विश्वास, कला, आचार, कानून, प्रथा और अन्य क्षमताएँ व आदतें शामिल होती हैं, जिन्हें मनुष्य समाज के सदस्य के रूप में प्राप्त करता है।" टायलर ने संस्कृति को सामाजिक विरासत माना। हर्षकोविट्स ने संस्कृति को "पर्यावरण का मानव-निर्मित भाग" बताया। उनके अनुसार, संस्कृति में वे सभी चीजें शामिल हैं जो मानव ने बनाई हैं, चाहे वे भौतिक हों (जैसे साइकिल, पंखा) या अभौतिक (जैसे विचार, प्रथाएँ)। संस्कृति मानव की वह विरासत है जो उसे समाज का सदस्य होने के नाते मिलती है।
In simple words: संस्कृति का सामान्य मतलब अच्छी आदतें और तौर-तरीके हैं। समाजशास्त्र में, टायलर ने इसे ज्ञान, विश्वास और कला का पूरा संग्रह बताया जो हमें समाज से मिलता है। हर्षकोविट्स ने कहा कि संस्कृति वह सब है जो इंसान ने बनाया है, चाहे वह चीजें हों या विचार। यह हमारी सामाजिक विरासत है।
🎯 Exam Tip: संस्कृति के सामान्य अर्थ और समाजशास्त्रीय अर्थ में अंतर स्पष्ट करें। टायलर और हर्षकोविट्स जैसे समाजशास्त्रियों की परिभाषाओं को उद्धृत करना उत्तर को मजबूत बनाएगा।
Question 2. सांस्कृतिक तत्व को समझाते हुए इसकी विशेषताएँ बताइए।
Answer: सांस्कृतिक तत्व संस्कृति की सबसे छोटी इकाई है जिसे और अधिक विभाजित नहीं किया जा सकता। जैसे शरीर की सबसे छोटी इकाई कोशिका है, वैसे ही सांस्कृतिक तत्व संस्कृति की सबसे छोटी अविभाज्य इकाई है। सांस्कृतिक तत्व भौतिक (जैसे साइकिल, पंखा) और अभौतिक (जैसे संकेत, विचार) दोनों प्रकार के हो सकते हैं।
सांस्कृतिक तत्व की विशेषताएँ:
1. सांस्कृतिक तत्व के उद्भव का एक इतिहास होता है।
2. सांस्कृतिक तत्व परिवर्तनशील एवं गतिशील होते हैं।
3. सांस्कृतिक तत्व परस्पर संगठित और व्यवस्थित होते हैं।
संस्कृति को समझने के लिए सांस्कृतिक तत्वों को समझना आवश्यक है।
In simple words: सांस्कृतिक तत्व संस्कृति का सबसे छोटा हिस्सा होता है, जिसे हम और बाँट नहीं सकते। ये चीजें या विचार हो सकते हैं। इसकी तीन खास बातें हैं: इसका एक इतिहास होता है, यह समय के साथ बदलता रहता है और यह आपस में जुड़ा होता है।
🎯 Exam Tip: सांस्कृतिक तत्व को 'सबसे छोटी अविभाज्य इकाई' के रूप में परिभाषित करें और उसकी तीनों विशेषताओं को स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 3. निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए
(a) संस्कृति प्रतिमान
(b) संस्कृति क्षेत्र
Answer:
संस्कृति प्रतिमान:
सांस्कृतिक तत्व व संकुल प्रकार्यात्मक रूप से सम्बन्धित होकर जब किसी सार्थक उपादान (अंग) का निर्माण करते हैं, तो वह सांस्कृतिक प्रतिमान कहलाते हैं। सांस्कृतिक प्रतिमान में संस्कृति तत्व एवं संस्कृति संकुल विशेष प्रकार से व्यवस्थित होते हैं। संस्कृति प्रतिमान ही समाज की संस्कृति का निर्माण करते हैं। अतः हम कह सकते हैं कि संस्कृति प्रतिमानों की सम्पूर्ण व्यवस्था ही संस्कृति है। हर्षकोविट्स के अनुसार विवाह में साज-सज्जा एक संकुल है, और भोजन संकुल, स्वागत संकुल, फेरों का संकुल आदि मिलकर विवाह प्रतिमान बनाते हैं।
संस्कृति क्षेत्र:
प्रत्येक संस्कृति एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र तक फैली होती है। यह वह क्षेत्र है जिसमें सांस्कृतिक तत्वों, संकुलों एवं प्रतिमानों का प्रसार होता है। संस्कृति क्षेत्र की कोई स्पष्ट सीमा नहीं होती। एक सांस्कृतिक क्षेत्र के आस-पास के क्षेत्रों व प्रदेशों की सांस्कृतिक विशेषताएँ दूसरे क्षेत्र में किसी-न-किसी रूप में अवश्य देखी जा सकती हैं।
In simple words:
(a) संस्कृति प्रतिमान: यह संस्कृति के छोटे-छोटे हिस्सों (तत्वों और समूहों) से मिलकर बनने वाला एक खास तरीका है, जैसे शादी का पूरा कार्यक्रम।
(b) संस्कृति क्षेत्र: यह वह खास इलाका है जहाँ एक जैसी संस्कृति फैली होती है, जिसमें सभी सांस्कृतिक चीजें शामिल होती हैं। इस क्षेत्र की कोई पक्की सीमा नहीं होती और यह आस-पास के क्षेत्रों से मिलता-जुलता हो सकता है।
🎯 Exam Tip: संस्कृति प्रतिमान और संस्कृति क्षेत्र की परिभाषा देते समय, उनके घटकों (तत्व, संकुल) और उनके फैलाव को स्पष्ट करें। उदाहरणों का प्रयोग करें जहाँ आवश्यक हो।
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