RBSE Solutions Class 11 Physical Geography Chapter 17 जलीय चक्र एवं जलराशियों का वितरण

Official RBSE Solutions for Class 11 Geography: Chapter 17 जलीय चक्र एवं जलराशियों का वितरण

Access comprehensive textbook solutions for Chapter 17 जलीय चक्र एवं जलराशियों का वितरण using the official curriculum guides for Class 11 Geography. Designed to align with the 2026-27 RBSE standards, these detailed answers help students reinforce core academic concepts.

Chapter-wise Solutions for Geography: Chapter 17 जलीय चक्र एवं जलराशियों का वितरण

Access the complete solution PDF for Class 11 Geography below. Regular practice with these targeted textbook answers builds familiarity with standard question patterns and helps secure higher marks in final school evaluations.

RBSE Class 11 Physical Geography Chapter 17 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. वायुमण्डल में औसत जल की मात्रा है-
(अ) 1 इंच
(ब) 2 इंच
(स) 3 इंच
(द) 4 इंच
Answer: (अ) 1 इंच
In simple words: वायुमंडल में पानी की औसत मात्रा लगभग एक इंच होती है, जो पृथ्वी की सतह पर गिरने वाली वर्षा की मात्रा से बहुत कम है। यह एक महत्वपूर्ण तथ्य है क्योंकि यह दर्शाता है कि वायुमंडल में नमी की मात्रा सीमित होती है।

🎯 Exam Tip: वायुमंडल में जल की मात्रा को मापते समय, इंच जैसी इकाइयों का उपयोग इसके संघनन और वर्षा के रूप में इसके महत्व को समझने में मदद करता है।

 

Question 3. जलराशियों के स्वभाव में अन्तर स्पष्ट किया जाता है-
(अ) लवणता से
(ब) घनत्व से
(स) तापमान से
(द) गहराई से
Answer: (ब) घनत्व से
In simple words: पानी के अलग-अलग स्रोतों का स्वभाव उनके घनत्व (कितना घना है) से पता चलता है। घनत्व में अंतर तापमान, लवणता और दबाव के कारण होता है, जो जलराशियों के गतिशीलता को प्रभावित करता है।

🎯 Exam Tip: जलराशियों के स्वभाव का अध्ययन करते समय, तापमान और लवणता के साथ-साथ घनत्व भी एक महत्वपूर्ण कारक है क्योंकि यह जल के ऊर्ध्वाधर संचलन को नियंत्रित करता है।

 

Question 4. जल का कितना प्रतिशत भाग शुद्ध जल के रूप में मौजूद है?
(अ) 1.6
(ब) 2.6
(स) 3.6
(द) 4.6
Answer: (ब) 2.6
In simple words: पृथ्वी पर उपलब्ध कुल पानी में से सिर्फ 2.6 प्रतिशत पानी ही साफ पीने वाला पानी है। यह बताता है कि मीठे पानी के संसाधन कितने कम हैं और उनका संरक्षण कितना जरूरी है।

🎯 Exam Tip: पृथ्वी पर मीठे पानी के सीमित प्रतिशत को याद रखें, क्योंकि यह जल संसाधनों के प्रबंधन और संरक्षण की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

 

Question 5. केन्द्रवर्ती जलराशियाँ किन अक्षांशों के मध्य स्थित हैं?
(अ) 25° से 35
(ब) 35° से 45°
(स) 35° से 42°
(द) 32° से 45°
Answer: (स) 35° से 42°
In simple words: बीच की जलराशियाँ पृथ्वी पर 35° से 42° उत्तरी और दक्षिणी अक्षांशों के बीच पाई जाती हैं। ये जलराशियाँ अक्सर महासागरों के बीच में स्थित होती हैं और इनकी गतिशीलता पर तापमान और लवणता का प्रभाव पड़ता है।

🎯 Exam Tip: भौगोलिक अक्षांशों को सटीक रूप से याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर जब विशिष्ट जलराशियों या जलवायु क्षेत्रों की पहचान करनी हो।

 

RBSE Class 11 Physical Geography Chapter 17 अतिलघुत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 8. प्रति वर्ष पृथ्वी पर उपलब्ध जल का कितना प्रतिशत जल जलीय चक्र में संचारित होता है?
Answer: हर साल, पृथ्वी पर मौजूद कुल पानी का केवल 1 प्रतिशत हिस्सा ही जल चक्र में घूमता है। यह दर्शाता है कि जल चक्र एक सतत और सीमित प्रक्रिया है।
In simple words: पृथ्वी के कुल पानी का सिर्फ 1 प्रतिशत हर साल जल चक्र में आता-जाता है।

🎯 Exam Tip: जलीय चक्र में जल के प्रतिशत को याद रखें ताकि आप जल संसाधनों की उपलब्धता और महत्व को समझा सकें।

 

Question 9. जलीय चक्र की प्रमुख अवस्थाएँ कितनी होती हैं?
Answer: जलीय चक्र की तीन मुख्य अवस्थाएँ होती हैं। ये हैं: (i) वाष्पीकरण और वाष्पोत्सर्जन, (ii) वर्षण, और (iii) वायु संचरण। इन अवस्थाओं के माध्यम से जल पृथ्वी और वायुमंडल के बीच लगातार गति करता रहता है।
In simple words: जल चक्र की तीन मुख्य अवस्थाएँ हैं: वाष्पीकरण, वर्षा और हवा का चलना।

🎯 Exam Tip: जलीय चक्र की तीनों प्रमुख अवस्थाओं और उनकी भूमिका को याद रखें, क्योंकि ये इस प्राकृतिक प्रक्रिया की नींव हैं।

 

Question 10. केन्द्रीय जलराशियों की अधिकतम गहराई कहाँ पर मिलती है?
Answer: केन्द्रीय जलराशियों की सबसे अधिक गहराई सागर में 900 मीटर तक मिलती है। ये गहराईयाँ अक्सर उन क्षेत्रों में पाई जाती हैं जहाँ जलराशियाँ मिलती हैं या नीचे धँसती हैं।
In simple words: केन्द्रीय जलराशियाँ समुद्र में 900 मीटर तक गहरी होती हैं।

🎯 Exam Tip: जलराशियों की गहराई के आंकड़े को सटीक रूप से याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर जब उनके विशेषताओं का वर्णन किया जा रहा हो।

 

RBSE Class 11 Physical Geography Chapter 17 लघूत्तात्मक प्रश्न

 

Question 11. जलीय चक्र किसे कहते हैं?
Answer: जलीय चक्र को जल चक्र भी कहते हैं। इसमें जल समुद्रों, झीलों, नदियों, जमीन और पौधों से वाष्प बनकर हवा में पहुँचता है। फिर मौसम बदलने पर यह बादल बनता है और बारिश के रूप में वापस जमीन और पानी में लौट आता है। इस प्रक्रिया में जलमंडल, वायुमंडल और स्थलमंडल पर जल का लगातार गैस, तरल और ठोस रूप में घूमना शामिल है। यह पृथ्वी पर जीवन के लिए बहुत जरूरी है।
In simple words: जलीय चक्र वह प्रक्रिया है जिसमें पानी लगातार भाप, वर्षा और बहाव के रूप में पृथ्वी और हवा के बीच घूमता रहता है।

🎯 Exam Tip: जलीय चक्र की परिभाषा और इसमें शामिल प्रमुख तत्वों (वाष्पीकरण, संघनन, वर्षण) को स्पष्ट रूप से समझाएँ।

 

Question 12. जलीय चक्र की प्रमुख अवस्थाएँ बताइये।
Answer: जलीय चक्र की प्रमुख अवस्थाएँ निम्नलिखित हैं:
1. वाष्पीकरण तथा वाष्पोत्सर्जन – इस प्रक्रिया में जल तरल अवस्था से गैसीय अवस्था में बदलकर वायुमंडल में पहुँचता है। जल निकायों से वाष्पीकरण और पौधों से वाष्पोत्सर्जन के माध्यम से यह होता है।
2. वर्षण – इसके द्वारा जल वायुमण्डल से पुनः पृथ्वी की सतह पर पहुँचता है। यह बारिश, बर्फ या ओलों के रूप में हो सकता है।
3. वायु संचरण – इसमें पवनें तथा मौसम तंत्र को शामिल किया गया है, जिसके द्वारा वायुमण्डल में जल का एक स्थान से दूसरे स्थान पर पुनः वितरण संभव होता है। हवाएं जलवाष्प को एक जगह से दूसरी जगह ले जाती हैं, जिससे वर्षा का वितरण होता है।
In simple words: जल चक्र की मुख्य अवस्थाएँ हैं: वाष्पीकरण-वाष्पोत्सर्जन, वर्षा और वायु द्वारा जलवाष्प का एक जगह से दूसरी जगह जाना।

🎯 Exam Tip: जलीय चक्र की तीनों अवस्थाओं को क्रम से समझाएँ और प्रत्येक अवस्था में होने वाली प्रक्रिया का संक्षेप में वर्णन करें।

 

Question 13. जलीय चक्र की संरचना में किन कारकों का प्रभाव पड़ता है?
Answer: जलीय चक्र की संरचना कई कारकों से प्रभावित होती है। इनमें सूर्य से मिलने वाली गर्मी (सूर्यातप), वाष्पीकरण की मात्रा, चलने वाली हवाएँ (प्रचलित पवनें), और नदियाँ शामिल हैं। ये सभी कारक मिलकर जल के घूमने की प्रक्रिया को नियंत्रित करते हैं, जिससे मौसम और जलवायु पर असर पड़ता है।
In simple words: जल चक्र सूर्य की गर्मी, वाष्पीकरण, हवाओं और नदियों जैसे कारकों से प्रभावित होता है।

🎯 Exam Tip: जलीय चक्र को प्रभावित करने वाले कारकों को सूचीबद्ध करें और प्रत्येक कारक की भूमिका को संक्षेप में स्पष्ट करें।

 

Question 14. जलराशियों की संरचना में किन कारकों का प्रभाव पड़ता है?
Answer: जलराशियों की संरचना को कई कारक प्रभावित करते हैं, जो उनके तापमान, लवणता और घनत्व को निर्धारित करते हैं। ये कारक हैं:
1. अक्षांशीय दूरी – भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर बढ़ने पर जलराशियाँ गर्म से ठण्डी होती जाती हैं। यह तापमान में अंतर लवणता को भी प्रभावित करता है।
2. वर्षा अथवा हिम से स्वच्छ जल की प्राप्ति – वर्षा या हिम से प्राप्त स्वच्छ जल से जलराशियों को स्वभाव बदल जाता है। यह जल की लवणता को कम करता है।
3. स्थायी पवनों की दिशा स्थायी पवनों का चलना जलराशियों का नियंत्रक होता है। हवाएं जल को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाती हैं।
4. जल का डूबना या अपसरण – जल में होने वाले परिवर्तनों व अपसरण से भी जलराशियाँ अपने मूल स्वरूप में परिवर्तन करती हैं। जल का नीचे बैठना या ऊपर उठना भी इसकी संरचना को प्रभावित करता है।
5. समुद्री धारा – समुद्री धाराएँ अपने स्वभाव के अनुसार जलराशियों के स्वभाव को बदल देती हैं। ये धाराएं जल को दूर तक ले जाती हैं, जिससे मिश्रण होता है।
6. महासागरीय भंवर – सागरीय क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाली भंवरों से जलराशियों की गति, स्वभाव व दिशा में भी परिवर्तन होता है। ये भंवर जल को बड़े पैमाने पर मिलाती हैं।
In simple words: जलराशियों की संरचना अक्षांश, वर्षा, हवा, जल की गति, समुद्री धाराओं और महासागरीय भंवरों जैसे कारकों से प्रभावित होती है।

🎯 Exam Tip: जलराशियों की संरचना को प्रभावित करने वाले विभिन्न कारकों को याद रखें और प्रत्येक कारक कैसे जल की विशेषताओं को बदलता है, इसे समझाएँ।

 

Question 15. केन्द्रवर्ती जलराशियाँ किसे कहते हैं?
Answer: केन्द्रवर्ती जलराशियाँ वे जलराशियाँ हैं जो शीतकालीन उपोष्ण अभिसरण के क्षेत्रों में, 35° से 42° उत्तरी और दक्षिणी अक्षांशों के बीच पाई जाती हैं। ये जलराशियाँ आमतौर पर भूमध्य रेखा और ध्रुवों के बीच के इलाकों में मिलती हैं, जहाँ इनकी सतह पर तापमान और लवणता में कुछ खास अंतर होते हैं।
In simple words: केन्द्रीय जलराशियाँ 35° से 42° अक्षांशों के बीच पाई जाती हैं, जहाँ तापमान और लवणता के विशिष्ट गुण होते हैं।

🎯 Exam Tip: केन्द्रवर्ती जलराशियों की भौगोलिक स्थिति (अक्षांश) और उनकी प्रमुख विशेषताओं (तापमान, लवणता) को याद रखें।

 

Question 10. जलीय चक्र एवं जलराशियों को समझाते हुए प्रकृति में जलीय चक्र का महत्त्व बताइये।
Answer: **जलीय चक्र:** इसे जल चक्र भी कहा जाता है। इसमें जल की गति और उसका गैस, तरल और ठोस अवस्था में परिवर्तन शामिल रहता है। इसकी मुख्य प्रक्रिया संघनन है जिसके द्वारा वर्षा होती है। पृथ्वी पर अथवा भूमिगत जल का संचयन और प्रवाह, वाष्पीकरण और आर्द्रता का वहन सम्मिलित है। अतः जलीय चक्र में जलमण्डल, वायुमण्डल व स्थलमण्डल पर नियमित चक्रीय अवस्था को शामिल किया जाता है। जल की विभिन्न रूपों में सम्पन्न होने वाली चक्रीय अवस्थाएँ जलीय चक्र कहलाती हैं। जलीय चक्र की मुख्यतः तीन अवस्थाएँ होती हैं – वाष्पीकरण व वाष्पोत्सर्जन, वर्षण तथा वायु संचरण। इन तीनों ही अवस्थाओं से होकर जलीय चक्र गुजरता है। जल की इस चक्रीय व्यवस्था को निम्न चित्र के माध्यम से दर्शाया गया है-

स्थलमण्डल जलमण्डल संघनन (Condensation) वाष्पीकरण Evaporation वाष्पोत्सर्जन Transpiration वर्षण (Precipitation) धरातल पर बहता जल Surface Runoff



**जलराशियाँ:** पूरी पृथ्वी का कुल क्षेत्रफल 50.995 करोड़ वर्ग किलोमीटर है। इसमें से 36.106 करोड़ वर्ग किलोमीटर पर जलमण्डल है और 14.889 करोड़ वर्ग किलोमीटर पर स्थलमण्डल है। महासागर जल के बड़े भंडार होते हैं। जैसे मौसम विज्ञान में हवा की राशियों का अध्ययन महत्वपूर्ण है, वैसे ही समुद्र विज्ञान में जलराशियों का अध्ययन भी महत्वपूर्ण है। पृथ्वी पर जल का वितरण असमान है, जिसमें महासागर जल का सबसे बड़ा हिस्सा बनाते हैं।

क्र.सं.जलराशिजलराशियों के क्षेत्रफल का प्रतिशतआयतन का प्रतिशत
1.महासागर88.9196.46
2.परावृत समुद्र0.630.03
3.महाद्वीपों के किनारे स्थित खाड़ियाँ2.290.52
4.महाद्वीपों पर स्थित सागर व झीलें8.172.99


**प्रकृति में जलीय चक्र का महत्त्व:** जल का वाष्प में परिवर्तित होकर वायुमण्डल में जमा होना अत्यन्त महत्त्वपूर्ण प्रक्रिया है जिस पर मौसम परिवर्तन निर्भर करता है। अतः पृथ्वी तल पर जलीय चक्र अनेक जैविक क्रियाओं के लिए महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि जलीय संचार के बिना जल संतुलन बिगड़ जाएगा, जिसमें जीवन असंभव हो जाएगा। प्रकृति में जलीय चक्र मानव, वनस्पतियों, जलवायु एवं समस्त प्राणिजगत के लिए जीने का आधार है। वायुमण्डल में औसत जल की मात्रा 1 इंच अथवा 2.5 सेमी वर्षा से अधिक नहीं होती। जल चक्र के बिना, पृथ्वी पर पानी का पुनर्चक्रण संभव नहीं होगा, जिससे पारिस्थितिक तंत्रों और जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
In simple words: जलीय चक्र पानी को पृथ्वी और वायुमंडल के बीच घुमाता है, जो सभी जीवों और मौसम के लिए बहुत जरूरी है। जलराशियाँ पृथ्वी पर पानी के बड़े भंडार हैं, और उनका अध्ययन समुद्री जीवन और जलवायु को समझने में मदद करता है।

🎯 Exam Tip: जलीय चक्र के विभिन्न चरणों और उसके महत्व को स्पष्ट करें। जलराशियों के वितरण को समझाने के लिए तालिकाओं और आरेखों का उपयोग करें।

 

Question 17. जलराशियों को स्पष्ट करते हुए जलराशियों का वितरण कीजिए।
अथवा
विश्व में मिलने वाली प्रमुख सागरीय जलराशियों का वर्णन कीजिए।

Answer: समुद्र विज्ञान में जलराशियाँ बहुत महत्वपूर्ण होती हैं। एक निश्चित तापमान, लवणता और घनत्व वाली समुद्री स्थिति को एक विशिष्ट जलराशि के रूप में पहचाना जाता है। जलराशियों में समुद्र, परावृत समुद्र, खाड़ियाँ और झीलें शामिल हैं। समुद्री क्षेत्रों में मिलने वाली प्रमुख जलराशियाँ निम्नलिखित हैं:
1. अन्टार्कटिका तलीय जलराशि: यह जलराशि अन्टार्कटिका महाद्वीप के पास हिन्द और अटलांटिक महासागरों के दक्षिण में पाई जाती है, जिसका विस्तार वेडल सागर में देखा जाता है। इस क्षेत्र में पानी का तापमान -1.9°C होता है और लवणता 34.62% रहती है। यह महाद्वीपीय शेल्फ के पास के पानी में उच्च लवणता के कारण होता है।
2. उत्तरी अटलांटिक तटीय जलराशि: यह जलराशि लेब्रोडोर सागर, आइसलैंड और दक्षिणी ग्रीनलैंड के बीच पाई जाती है। यहाँ का गर्म और नमकीन पानी पूर्वी ग्रीनलैंड धारा के संपर्क में आने से ठंडा और घना हो जाता है। यह जल 1,000 मीटर से अधिक गहराई तक जाता है, जिसका घनत्व 27.88, लवणता 34.90‰ और तापमान 2.8°C से 3.3°C के बीच होता है।
3. अन्टार्कटिका मध्यवर्ती जलराशि: यह अन्टार्कटिका के झुकाव वाले क्षेत्र के कारण बनती है और पूरे अन्टार्कटिका महाद्वीप के चारों ओर पाई जाती है। इसकी लवणता 33.80‰, तापमान 2.2°C और घनत्व 27.0 होता है। इस पर तीव्र पछुआ पवनों का प्रभाव पड़ता है।
4. उत्तरी प्रशान्त मध्यवर्ती जलराशि: यह उत्तरी प्रशांत महासागर में उत्तर-पूर्व की ओर 40° उत्तरी अक्षांश के पास बनती है। इसके जल में ऑक्सीजन की कमी होती है और दक्षिणी तथा पश्चिमी दिशा में फैलाव के कारण इसमें अन्य प्रकार का जल भी मिल जाता है।
5. केन्द्रवर्ती जलराशियाँ: ये जलराशियाँ 35° से 42° उत्तरी और दक्षिणी अक्षांशों के बीच शीतकालीन उपोष्ण अभिसरण के क्षेत्रों में पाई जाती हैं। इनकी सतह पर तापमान और लवणता ऊँचे अक्षांशों की ओर घटती जाती है, जबकि घनत्व बढ़ता जाता है। इनकी अधिकतम गहराई 900 मीटर सरगासो सागर में मिलती है। इनका तापमान -0.8 से 12°C और लवणता 34.89 से 34.92‰ होती है।
6. भूमध्यरेखीय जलराशि: यह प्रशांत और हिंद महासागर में भूमध्य रेखा के पास स्थित है। अटलांटिक महासागर की विशेष आकृति के कारण यह जलराशि इसमें नहीं पाई जाती। यहाँ का जल अधिक गर्म होता है और इसकी मोटाई 100 से 200 मीटर के बीच होती है। ऋतु परिवर्तन के साथ जल का तापमान और लवणता बदल जाती है।
In simple words: जलराशियाँ समुद्रों और झीलों में पाई जाती हैं और इन्हें तापमान, लवणता और घनत्व के आधार पर पहचाना जाता है। ये अन्टार्कटिका, उत्तरी अटलांटिक, प्रशांत और भूमध्यरेखीय क्षेत्रों में फैली हुई हैं, जिनमें प्रत्येक की अपनी विशिष्ट विशेषताएँ होती हैं।

🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार की जलराशियों को याद रखें और प्रत्येक की भौगोलिक स्थिति, तापमान, लवणता और अन्य प्रमुख विशेषताओं का वर्णन करें।

 

Question 18. केन्द्रवती जलराशि एवं भूमध्यरेखीय जलराशियों में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
Answer: जलमंडल में वायुराशियों की तरह कई जलराशियाँ मिलती हैं, जिन्हें भूगोलवेत्ताओं ने तापमान और लवणता के आधार पर वर्गीकृत किया है। यह जरूरी नहीं कि एक ही जलराशि में तापमान और लवणता समान हो। ताप-लवणता आरेख जलराशियों के स्वभाव को बताने में मदद करता है। केन्द्रवर्ती जलराशि और भूमध्यरेखीय जलराशियों में निम्नलिखित अंतर हैं:

क्र.सं.अन्तर का आधारकेन्द्रवर्ती जलराशिभूमध्य रेखीय जलराशि
1.उत्पत्ति/स्थितियह अभिसरित जल द्वारा उत्पन्न जलराशि है।यह अधः स्थलीय जल के मिश्रण द्वारा उत्पन्न जल राशि है।
2.अक्षांशयह जलराशि या दोनों गोलार्द्ध में 35° से 42° अक्षांशों के मध्य पाई जाती है।यह जलराशियाँ हिन्द एवं प्रशान्त महासागर में भूमध्य रेखीय क्षेत्रों में पाई जाती है।
3.महासागर में उपस्थितियह जलराशि हिन्द, प्रशान्त व अटलाण्टिक तीनों बड़े महासागरों में मिलती है।यह जलराशि अटलाण्टिक महासागर की विशेष आकृति के कारण उसमें नहीं पाई जाती।
4.तापमान और लवणताइन जलराशियों में सतह पर तापमान और लवणता ऊँचे अक्षाशों की ओर घटती जाती है।भूमध्य रेखीय जलराशि में तापमान और लवणता में परिवर्तन ऋतु परिवर्तन के साथ होता है।
5.औसत तापमान व लवणताकेन्दवर्ती जलराशियों में तापमान -0.8°C से -1.2°C तथा लवणता की मात्रा 34.89 से 34.92 प्रति हजार ग्राम के लगभग प्राप्त होती है।विषुवत रेखीय जलराशियों में तापमान का औसत 32°C तथा लवणता का औसत 35 प्रति हजार ग्राम के लगभग होता है।
6.औसत मोटाईइन जलराशियों की औसत मोटाई 200-300 मीटर के लगभग प्राप्त होती है। अधिकतम गहराई सारगैसों सागर में 900 मीटर मिलती हैं।इन जलराशियों की मोटाई 100 से 200 मीटर के मध्य होती है।
7.सम्पर्ककेन्द्रवर्ती जलराशियाँ निकटवर्ती अधखुले सागरों के सम्पर्क में आती है। जिनके गुणों में काफी भिन्नता मिलती है।भूमध्यरेखीय जल राशियों का सम्पर्क निकटवर्ती अधखुले सागरों से बहुत कम होता है।

In simple words: केन्द्रवर्ती जलराशियाँ 35° से 42° अक्षांशों के बीच मिलती हैं, जहाँ तापमान और लवणता में भिन्नता होती है। भूमध्यरेखीय जलराशियाँ भूमध्य रेखा के पास होती हैं और प्रशांत व हिंद महासागर में पाई जाती हैं, जहाँ ऋतु परिवर्तन के साथ तापमान और लवणता बदलती रहती है

🎯 Exam Tip: केन्द्रवर्ती और भूमध्यरेखीय जलराशियों के बीच के अंतर को स्पष्ट करने के लिए एक तुलनात्मक तालिका का उपयोग करें, जिसमें उत्पत्ति, स्थिति, तापमान, लवणता और मोटाई जैसे आधार शामिल हों।

 

RBSE Class 11 Physical Geography Chapter 17 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 2. जल का कम संचय कहाँ पाया जाता है?
(अ) वायुमण्डल में
(ब) महासागरों में
(स) हिम टोपियों में
(द) शैलों में
Answer: (अ) वायुमण्डल में
In simple words: पानी सबसे कम मात्रा में वायुमंडल में जमा होता है। इसकी तुलना में महासागरों, हिम टोपियों और भूमिगत चट्टानों में बहुत अधिक पानी होता है।

🎯 Exam Tip: जल संचय के विभिन्न स्थानों और उनकी सापेक्ष मात्राओं को याद रखें, क्योंकि यह जल चक्र को समझने में मदद करता है।

 

Question 3. किस प्रक्रिया द्वारा वायुमण्डल में मौजूद जल पुनः पृथ्वी सतह पर पहुँचता है?
(अ) वाष्पीकरण
(ब) वर्षण
(स) वायु संचरण
(द) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Answer: (ब) वर्षण
In simple words: वायुमंडल में जो पानी होता है, वह वर्षा के रूप में वापस जमीन पर आता है। इसमें बारिश, बर्फ या ओले शामिल हो सकते हैं।

🎯 Exam Tip: जलीय चक्र के चरणों को स्पष्ट रूप से समझें, विशेषकर वह प्रक्रिया जिससे जलवाष्प पृथ्वी की सतह पर वापस आता है।

 

Question 4. महासागरों में जलराशियों के आयतन का कितना प्रतिशत भाग मिलता है?
(अ) 88.91 प्रतिशत
(ब) 8.17 प्रतिशत
(स) 96.46 प्रतिशत
(द) 2.29 प्रतिशत
Answer: (स) 96.46 प्रतिशत
In simple words: महासागरों में पृथ्वी के कुल जल का 96.46 प्रतिशत हिस्सा मौजूद है। यह दर्शाता है कि पृथ्वी पर अधिकांश पानी महासागरों में खारे पानी के रूप में है।

🎯 Exam Tip: महासागरों में जल के प्रतिशत को याद रखें, क्योंकि यह पृथ्वी पर जल वितरण के प्रमुख हिस्से को दर्शाता है।

 

Question 7. नवीन खोजों के आधार पर जल व थल का अनुपात है-
(अ) 60 : 40
(ब) 50 : 50
(स) 0.8 : 29.2
(द) 29.5 : 70.5
Answer: (स) 0.8 : 29.2
In simple words: नई खोजों के अनुसार, पृथ्वी पर जल और भूमि का अनुपात 0.8 : 29.2 है। इसका मतलब है कि पानी की मात्रा भूमि से कहीं ज़्यादा है, यह अनुपात दर्शाता है कि पृथ्वी का अधिकांश हिस्सा पानी से ढका हुआ है।

🎯 Exam Tip: पृथ्वी पर जल और स्थल के प्रतिशत अनुपात को सटीक रूप से याद रखें, क्योंकि यह भौगोलिक संरचना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

 

Question 8. अन्टार्कटिका मध्यवर्ती जलराशि मिलती है-
(अ) लेब्रोडोर सागर व आइसलैण्ड के मध्य
(ब) अण्टार्कटिका महाद्वीपों के चारों ओर
(स) भूमध्य रेखा के सहारे
(द) 40° उत्तरी अक्षांश के पास
Answer: (ब) अण्टार्कटिका महाद्वीपों के चारों ओर
In simple words: अन्टार्कटिका की मध्यवर्ती जलराशि अन्टार्कटिका महाद्वीप के चारों ओर पाई जाती है। यह जलराशि उस क्षेत्र की ठंडी जलवायु और महासागरीय धाराओं के कारण बनती है।

🎯 Exam Tip: विशिष्ट जलराशियों की भौगोलिक स्थिति को याद रखें, खासकर ध्रुवीय क्षेत्रों में उनकी उपस्थिति को।

 

Question 9. भूमध्य रेखीय जलराशि किस महासागर में नहीं मिलती है?
(अ) प्रशान्त महासागर
(ब) अटलांटिक महासागर
(स) हिन्द महासागरे
(द) उपरोक्त सभी में
Answer: (ब) अटलांटिक महासागर
In simple words: भूमध्यरेखीय जलराशि अटलांटिक महासागर में नहीं मिलती है। यह प्रशांत और हिंद महासागर में पाई जाती है, लेकिन अटलांटिक की विशेष बनावट के कारण वहाँ इसका अभाव होता है।

🎯 Exam Tip: विभिन्न महासागरों में जलराशियों के वितरण को समझें, विशेष रूप से उन क्षेत्रों को जहाँ कुछ जलराशियाँ मौजूद नहीं होती हैं।

 

RBSE Class 11 Physical Geography Chapter 17 अतिलघुत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 16. निम्नलिखित जलराशियों को उनके क्षेत्रफल के प्रतिशत के साथ सुमेलित कीजिए।

जलराशिजलराशियों के क्षेत्रफल का प्रतिशत
(i) महासागर(अ) 0.63
(ii) परावृत समुद्र(ब) 2.29
(iii) महाद्वीपों के किनारे स्थित खाड़ियाँ(स) 8.17
(iv) महाद्वीपों पर स्थित सागर व झीलें(द) 88.91

Answer: (i) द (ii) अ (iii) ब (iv) स
In simple words: यह मिलान दिखाता है कि महासागर सबसे बड़ा जलराशि क्षेत्र है, इसके बाद महाद्वीपों पर झीलें और सागर आते हैं। परावृत समुद्र और खाड़ियाँ छोटे क्षेत्र कवर करती हैं।

🎯 Exam Tip: विभिन्न जलराशियों और उनके पृथ्वी के कुल क्षेत्रफल में योगदान को याद रखें। यह तालिका आपको वितरण समझने में मदद करेगी।

 

Question 17. निम्नलिखित महासागरीय जलराशियों को उनकी लवणता के स्तर के साथ सुमेलित कीजिए।

स्तम्भ अ (महासागरीय जलराशि का नाम)स्तम्भ ब (लवणता)
(i) अन्टार्कटिका तलीय जलराशि(अ) 34.9%
(ii) उत्तरी अटलांटिक तटीय जलराशि(ब) 34.68%
(iii) अन्टार्कटिका मध्यवर्ती जलराशि(स) 34.90%
(iv) केन्द्रवर्ती जलराशि(द) 33.8%


Answer: (i) ब (ii) स (iii) द (iv) अ
In simple words: यह मिलान बताता है कि विभिन्न महासागरीय जलराशियों की लवणता अलग-अलग होती है। ये अंतर जल के स्रोत और उस क्षेत्र की जलवायु पर निर्भर करते हैं।

🎯 Exam Tip: महासागरीय जलराशियों की विशिष्ट लवणता के स्तरों को याद रखें। यह तापमान और घनत्व के साथ-साथ जलराशियों के वर्गीकरण का महत्वपूर्ण आधार है।

 

Question 3. जल चक्र में नदियों की भूमिका महत्त्वपूर्ण क्यों होती है?
Answer: जल चक्र में नदियों की भूमिका बहुत खास होती है। नदियाँ ही वह माध्यम हैं जिनके ज़रिये ज़मीन से पानी महासागरों और बड़े समुद्रों तक पहुँचता है। यह बहाव पानी के निरंतर चक्र का एक ज़रूरी हिस्सा है, जो भूमि पर पानी को शुद्ध करता है और उसे समुद्र तक ले जाता है।
In simple words: नदियाँ जल चक्र में ज़मीन के पानी को समुद्र तक ले जाती हैं, जिससे चक्र पूरा होता है।

🎯 Exam Tip: जलीय चक्र में नदियों की भूमिका को स्पष्ट करें, खासकर भूमिगत जल और वर्षा जल को महासागरों तक पहुँचाने में।

 

Question 4. जलवाष्प को गति कौन प्रदान करता है?
Answer: महासागरों से ज़मीन की ओर चलने वाली हवाएँ (पवन) ही जलवाष्प को गति देती हैं। ये हवाएँ जलवाष्प को एक जगह से दूसरी जगह ले जाती हैं, जिससे बादल बनते हैं और बारिश होती है। यह वायु संचरण जल चक्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
In simple words: समुद्र से ज़मीन की ओर चलने वाली हवाएँ जलवाष्प को एक जगह से दूसरी जगह ले जाती हैं।

🎯 Exam Tip: जलवाष्प के संचलन में हवाओं की भूमिका और इसका जल चक्र पर प्रभाव समझाएँ।

 

Question 5. वाष्पीकरण से क्या तात्पर्य है?
Answer: वाष्पीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा कोई भी पदार्थ तरल अवस्था से वाष्प (गैस) अवस्था में बदल जाता है। इस प्रक्रिया में सूर्य की गर्मी (सूर्यातप) की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है, क्योंकि यह पानी को गर्म करके उसे वाष्प में बदलने के लिए ऊर्जा देती है। यह जल चक्र का शुरुआती चरण है।
In simple words: वाष्पीकरण तब होता है जब पानी सूर्य की गर्मी से भाप बनकर हवा में मिल जाता है।

🎯 Exam Tip: वाष्पीकरण की परिभाषा दें और इसमें सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा की भूमिका को स्पष्ट करें।

 

Question 6. वर्षण से क्या आशय है?
Answer: संघनन की प्रक्रिया के बाद, जब वायुमंडल में बनी जलवाष्प ठंडी होकर पानी की बूँदों या बर्फ के कणों में बदल जाती है, तब पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण उसका तरल या ठोस रूप में पृथ्वी पर गिरना वर्षण कहलाता है। इसमें बारिश, बर्फबारी, ओले और कोहरा शामिल होते हैं।
In simple words: वर्षण का मतलब है जब बादलों से पानी, बर्फ या ओले गुरुत्वाकर्षण के कारण ज़मीन पर गिरते हैं।

🎯 Exam Tip: वर्षण की परिभाषा को संघनन और गुरुत्वाकर्षण बल के संबंध में समझाएँ, और इसके विभिन्न रूपों का उल्लेख करें।

 

Question 7. धरातलीय जल से क्या तात्पर्य है?
Answer: धरातलीय जल का मतलब है वह पानी जो पृथ्वी की ऊपरी सतह पर नदियों, नहरों, झीलों, तालाबों और सागरों के रूप में जमा होता है। यह पानी सीधे धूप के संपर्क में रहता है और आसानी से वाष्पीकृत हो सकता है। यह भूजल से अलग होता है।
In simple words: धरातलीय जल वह पानी है जो नदियों, झीलों, तालाबों और समुद्रों जैसे स्रोतों में ज़मीन की सतह पर पाया जाता है।

🎯 Exam Tip: धरातलीय जल की परिभाषा दें और उसके प्रमुख रूपों (नदियाँ, झीलें, सागर) का उल्लेख करें।

 

Question 9. डॉ. लोंग व वेगनर ने स्थल व जल का प्रतिशत क्रमशः कितना बताया है?
Answer: डॉ. लोंग के अनुसार, पृथ्वी पर स्थल का प्रतिशत 26% और जल का प्रतिशत 74% है। वहीं, वेगनर ने जल का प्रतिशत 71.7% और स्थल का प्रतिशत 28.3% बताया है। इन दोनों विद्वानों के आँकड़ों में थोड़ा अंतर है, लेकिन दोनों ही मानते हैं कि पृथ्वी का अधिकांश हिस्सा जल से ढका हुआ है।
In simple words: डॉ. लोंग ने स्थल-जल का अनुपात 26:74 बताया, जबकि वेगनर ने इसे 28.3:71.7 बताया।

🎯 Exam Tip: डॉ. लोंग और वेगनर द्वारा दिए गए स्थल व जल के प्रतिशत को याद रखें, क्योंकि ये पृथ्वी की सतह के वितरण को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

 

Question 10. जल व स्थल किस प्रकार एक-दूसरे के विपरीत हैं?
Answer: जल और स्थल की स्थिति एक-दूसरे के बिल्कुल विपरीत है। उदाहरण के लिए, प्रशांत महासागर के सामने अफ्रीका का स्थलीय भाग है, हिंद महासागर के सामने अमेरिका महाद्वीप है, और आर्कटिक महासागर के सामने अन्टार्कटिका महाद्वीप का स्थलीय भाग है। यह विपरीत वितरण पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण और प्लेट टेक्टोनिक्स के कारण हुआ है।
In simple words: प्रशांत महासागर के विपरीत अफ्रीका, हिंद महासागर के विपरीत अमेरिका और आर्कटिक महासागर के विपरीत अन्टार्कटिका महाद्वीप जैसी जगहों पर जल और स्थल विपरीत दिशाओं में हैं।

🎯 Exam Tip: जल और स्थल के विपरीत वितरण को समझाने के लिए विशिष्ट भौगोलिक उदाहरणों का उपयोग करें।

 

Question 11. महासागरों व महाद्वीपों के आधार पर किस प्रकार भिन्नता मिलती है?
Answer: महासागरों और महाद्वीपों की संरचना में भिन्नताएँ हैं। महासागरों का आधार दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित है और उनका ऊपरी हिस्सा (शीर्ष) उत्तरी गोलार्द्ध में है। इसके विपरीत, महाद्वीपों का आधार उत्तरी गोलार्द्ध में है और उनका ऊपरी हिस्सा दक्षिणी गोलार्द्ध की ओर है। यह वितरण पृथ्वी के घूमने और प्लेट टेक्टोनिक्स जैसी भूगर्भीय प्रक्रियाओं का परिणाम है।
In simple words: महासागरों का आधार दक्षिणी गोलार्द्ध में और महाद्वीपों का आधार उत्तरी गोलार्द्ध में है, जिससे उनकी संरचना में भिन्नता दिखती है।

🎯 Exam Tip: महासागरों और महाद्वीपों के वितरण पैटर्न को ध्यान में रखें, खासकर उनके आधार और शीर्ष की स्थिति के संबंध में।

 

Question 12. जलराशियों में अक्षांशीय आधार में भिन्नता कैसे मिलती है?
Answer: मध्य अक्षांशीय क्षेत्रों में, जलराशियाँ क्षैतिज दिशा के बजाय लंबवत दिशा में बहती हैं और विस्तृत क्षेत्रों को कवर करती हैं। वहीं, ध्रुवीय क्षेत्रों में जलराशियाँ क्षैतिज दिशा के बजाय लंबवत रूप से बहती हैं। यह भिन्नता तापमान, घनत्व और कोरियोलिस बल के प्रभाव के कारण होती है, जो जल की गति को निर्धारित करते हैं।
In simple words: बीच के अक्षांशों में जलराशियाँ लंबवत चलती हैं, जबकि ध्रुवों पर वे क्षैतिज रूप से चलती हैं, जिससे उनकी गति में अंतर आता है।

🎯 Exam Tip: अक्षांशीय आधार पर जलराशियों की गति में भिन्नता को समझाएँ और इसके पीछे के भौतिक कारणों को बताएं।

 

Question 13. जैलराशियों का सीमांकन कैसे किया जाता है?
Answer: विभिन्न जलराशियों को समझने और उनका सीमांकन करने के लिए तापमान और लवणता का निरीक्षण किया जाता है। जल के तापमान और उसमें घुले नमक की मात्रा (लवणता) के आधार पर अलग-अलग जलराशियों की पहचान की जाती है। इन मापों से जल के घनत्व और उसकी गति को भी निर्धारित किया जाता है।
In simple words: जलराशियों को पहचानने के लिए उनके तापमान और नमक की मात्रा (लवणता) को देखा जाता है।

🎯 Exam Tip: जलराशियों के सीमांकन में तापमान और लवणता की भूमिका को याद रखें, क्योंकि ये प्रमुख मापदंड हैं।

 

Question 14. विषुवत रेखा के पास धाराओं की गति तीव्र क्यों मिलती है?
Answer: विषुवत रेखा के पास मध्य अक्षांशों में सागर की सतह पर अधिक तापमान, कम लवणता एवं कम घनत्व की परत होती है जिससे धा
In simple words: भूमध्य रेखा के पास पानी का तापमान ज़्यादा, नमक कम और घनत्व कम होने के कारण समुद्री धाराएँ तेज़ी से चलती हैं।

🎯 Exam Tip: भूमध्य रेखा के पास समुद्री धाराओं की तीव्र गति के लिए जिम्मेदार कारकों (तापमान, लवणता, घनत्व) को याद रखें।

 

Question 16. महासागरों में मिलने वाली प्रमुख जलराशियाँ कौन-सी हैं?
Answer: महासागरों में पाई जाने वाली प्रमुख जलराशियाँ निम्नलिखित हैं: अन्टार्कटिका तटीय जलराशि, उत्तरी अटलांटिक तटीय जलराशि, अन्टार्कटिका मध्यवर्ती जलराशि, उत्तरी प्रशांत मध्यवर्ती जलराशि, केन्द्रवर्ती जलराशि और भूमध्यरेखीय जलराशि। ये सभी जलराशियाँ अपनी-अपनी विशेषताओं और भौगोलिक स्थिति के कारण महत्वपूर्ण हैं।
In simple words: महासागरों की मुख्य जलराशियाँ हैं: अन्टार्कटिका तटीय, उत्तरी अटलांटिक तटीय, अन्टार्कटिका मध्यवर्ती, उत्तरी प्रशांत मध्यवर्ती, केन्द्रवर्ती और भूमध्यरेखीय जलराशियाँ।

🎯 Exam Tip: महासागरों में पाई जाने वाली सभी प्रमुख जलराशियों के नामों को याद रखें और प्रत्येक की सामान्य स्थिति को पहचानें।

 

Question 17. अन्टार्कटिका तटीय जलराशि कहाँ मिलती है?
Answer: यह जलराशि अन्टार्कटिका महाद्वीप के पास, हिंद और अटलांटिक महासागरों के दक्षिणी भागों में पाई जाती है। इसका सबसे अधिक विस्तार वेडल सागर में देखा जा सकता है। यह जलराशि बहुत ठंडी और विशिष्ट विशेषताओं वाली होती है।
In simple words: अन्टार्कटिका तटीय जलराशि अन्टार्कटिका महाद्वीप के पास हिंद और अटलांटिक महासागर के दक्षिणी हिस्सों में मिलती है।

🎯 Exam Tip: अन्टार्कटिका तटीय जलराशि की भौगोलिक स्थिति और उसके प्रमुख विस्तार क्षेत्र (वेडल सागर) को याद रखें।

 

Question 18. उत्तरी अटलांटिक तटीय जलराशि कहाँ मिलती है?
Answer: यह जलराशि लेब्रोडोर सागर तथा आइसलैंड और दक्षिणी ग्रीनलैंड के मध्य पाई जाती है। यह क्षेत्र उत्तरी अटलांटिक महासागर में स्थित है और यहाँ की जलराशियाँ अपनी विशिष्ट तापमान और लवणता के लिए जानी जाती हैं।
In simple words: उत्तरी अटलांटिक तटीय जलराशि लेब्रोडोर सागर, आइसलैंड और दक्षिणी ग्रीनलैंड के बीच में पाई जाती है।

🎯 Exam Tip: उत्तरी अटलांटिक तटीय जलराशि की सटीक भौगोलिक स्थिति को याद रखें, जिसमें लेब्रोडोर सागर, आइसलैंड और दक्षिणी ग्रीनलैंड शामिल हैं।

 

Question 19. अन्टार्कटिका मध्यवर्ती जलराशि कहाँ व क्यों उत्पन्न होती है?
Answer: अन्टार्कटिका मध्यवर्ती जलराशि की उत्पत्ति अन्टार्कटिका महाद्वीप के चारों ओर होती है। यह जलराशि अन्टार्कटिका झुकाव क्षेत्र के कारण उत्पन्न होती है, जहाँ ठंडी और घनी जलराशियाँ नीचे बैठती हैं और फैलती हैं। यह एक महत्वपूर्ण जलराशि है जो ध्रुवीय जलवायु को प्रभावित करती है।
In simple words: अन्टार्कटिका मध्यवर्ती जलराशि अन्टार्कटिका महाद्वीप के चारों ओर, झुकाव क्षेत्र के कारण बनती है।

🎯 Exam Tip: अन्टार्कटिका मध्यवर्ती जलराशि की उत्पत्ति का स्थान और इसका कारण (झुकाव क्षेत्र) को स्पष्ट रूप से समझाएँ।

 

Question 20. उत्तरी प्रशान्त मध्यवर्ती जलराशि कहाँ उत्पन्न होती है?
Answer: यह जलराशि उत्तरी प्रशांत महासागर में उत्तर-पूर्व की ओर 40° उत्तरी अक्षांश के निकट उत्पन्न होती है। यह जलराशि इस क्षेत्र की विशिष्ट समुद्री धाराओं और मौसम की स्थितियों से प्रभावित होती है, जिससे इसकी संरचना बनती है।
In simple words: उत्तरी प्रशांत महासागर में 40° उत्तरी अक्षांश के पास उत्तर-पूर्व की ओर उत्तरी प्रशांत मध्यवर्ती जलराशि बनती है।

🎯 Exam Tip: उत्तरी प्रशांत मध्यवर्ती जलराशि की भौगोलिक उत्पत्ति (उत्तरी प्रशांत महासागर, 40° उत्तरी अक्षांश) को याद रखें।

 

Question 21. केन्द्रवर्ती जलराशियाँ कहाँ मिलती हैं?
Answer: केन्द्रवर्ती जलराशियाँ शीतकालीन उपोष्ण अभिसरण के क्षेत्रों में, 35° से 42° उत्तरी और दक्षिणी अक्षांशों के मध्य पाई जाती हैं। ये जलराशियाँ आमतौर पर महासागरों के बीच के गहरे हिस्सों में पाई जाती हैं जहाँ तापमान और लवणता में कुछ खास विशेषताएँ होती हैं।
In simple words: केन्द्रवर्ती जलराशियाँ 35° से 42° उत्तरी और दक्षिणी अक्षांशों के बीच, शीतकालीन उपोष्ण अभिसरण क्षेत्रों में मिलती हैं।

🎯 Exam Tip: केन्द्रवर्ती जलराशियों की भौगोलिक स्थिति (अक्षांश) को याद रखें और यह भी कि वे कहाँ पाई जाती हैं।

 

RBSE Class 11 Physical Geography Chapter 17 लघुत्तरात्मक प्रश्न Type I

 

Question 1. जलराशि जलमण्डल व स्थलमण्डल पर पुनः कैसे पहुँचती है?
Answer: जल चक्र में पानी लगातार चलता रहता है. सूरज की गर्मी से ज़मीन पर मौजूद पानी (सागरों, झीलों, नदियों से) भाप बनकर हवा में ऊपर उठता है. इस प्रक्रिया को वाष्पीकरण और वाष्पोत्सर्जन कहते हैं. हवा में ऊपर जाने पर तापमान कम होता है, जिससे भाप ठंडी होकर संघनित होती है और बादल बनते हैं. फिर ये बादल वर्षा के रूप में पानी को वापस जलमण्डल (समुद्र, झील) और स्थलमण्डल (ज़मीन) पर ले आते हैं. यह प्रक्रिया पृथ्वी पर जीवन बनाए रखने के लिए बहुत ज़रूरी है.
In simple words: सूरज की गर्मी से पानी भाप बनता है और ऊपर जाता है. फिर ठंडा होकर बादल बनता है और बारिश के रूप में वापस ज़मीन पर आता है.

🎯 Exam Tip: जल चक्र की पूरी प्रक्रिया को क्रमबद्ध तरीके से समझाएँ, जिसमें वाष्पीकरण, संघनन और वर्षण तीनों मुख्य चरण शामिल हों.

 

Question 2. जलीय चक्र में जल के परिसंचरण को स्पष्ट कीजिए।
Answer: जल चक्र में पानी धरती के अलग-अलग हिस्सों में स्वतंत्र रूप से घूमता रहता है. हवा में, नमी एक जगह से दूसरी जगह जाती है. समुद्र में, धाराएँ पानी को एक जगह से दूसरी जगह ले जाती हैं. ज़मीन पर, नदियाँ और हिमनद (ग्लेशियर) पानी को समुद्र तक पहुँचाते हैं. इसी तरह, मिट्टी से पानी वाष्पीकृत होता है और पौधों से वाष्पोत्सर्जन द्वारा हवा में मिलता है. यह पानी फिर ज़मीन में रिसता है. हर साल पृथ्वी पर उपलब्ध पानी का केवल 1% हिस्सा ही जल चक्र में घूमता है, और इस चक्र का ज़्यादातर पानी शुद्ध जल होता है. यह चक्र पृथ्वी पर पानी की उपलब्धता को बनाए रखने में मदद करता है.
In simple words: पानी धरती, हवा और समुद्र के बीच घूमता रहता है. हवा, नदियाँ और समुद्र की धाराएँ पानी को एक जगह से दूसरी जगह ले जाती हैं.

🎯 Exam Tip: जल चक्र में जल के तीन प्रमुख संचरण मार्गों - वायुमण्डल, जलमण्डल और स्थलमण्डल - का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है.

 

Question 3. ग्लोब को ध्यान से देखने पर जल व थल के वितरण में कौन-सी विशेषता दृष्टिगोचर होती है?
Answer: ग्लोब को देखने पर जल और स्थल के वितरण की दो मुख्य विशेषताएँ दिखाई देती हैं-
1. जल और स्थल एक-दूसरे के विपरीत स्थित हैं. उदाहरण के लिए, प्रशांत महासागर के ठीक सामने अफ्रीका का स्थल भाग है, हिंद महासागर के सामने अमेरिका का स्थल भाग है, और आर्कटिक महासागर के सामने अंटार्कटिका का स्थल भाग है. यह एक दिलचस्प भौगोलिक पैटर्न है.
2. महाद्वीपों और महासागरों का आकार लगभग त्रिभुजाकार होता है. महासागरों का आधार (चौड़ा हिस्सा) दक्षिणी गोलार्द्ध में और शीर्ष (पतला हिस्सा) उत्तर में होता है, जबकि महाद्वीपों का आधार उत्तरी गोलार्द्ध में और शीर्ष दक्षिणी गोलार्द्ध में होता है. यह पैटर्न पृथ्वी की सतह पर ऊर्जा और जलवायु को प्रभावित करता है.
In simple words: धरती और पानी एक-दूसरे के उल्टे फैले हुए हैं. महासागर दक्षिण में चौड़े और उत्तर में पतले होते हैं, जबकि महाद्वीप उत्तर में चौड़े और दक्षिण में पतले होते हैं.

🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में महाद्वीपों और महासागरों के वितरण की विपरीत प्रकृति और उनके सामान्य आकार (त्रिभुजाकार) पर ध्यान देना आवश्यक है.

 

Question 4. विश्व की जलराशियों के स्वरूप को स्पष्ट कीजिए।
Answer: ज़्यादातर विशेषज्ञ पानी की बड़ी मात्रा को उसके तापमान और लवणता (नमक की मात्रा) के आधार पर वर्गीकृत करते हैं. आदर्श रूप से, एक ही जलराशि में पूरे क्षेत्र में तापमान और लवणता समान होनी चाहिए. हालांकि, प्रशांत और अटलांटिक महासागर जैसे विभिन्न समुद्री क्षेत्रों में जलराशियाँ बहुत भिन्न होती हैं. उदाहरण के लिए, अटलांटिक महासागर में भूमध्यरेखीय जलराशि नहीं मिलती है. उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका के पश्चिमी हिस्सों में भूमध्यरेखीय प्रशांत जलराशि ज़्यादा फैली हुई है. दक्षिणी प्रशांत महासागर में सर्दियों के दौरान दो उच्च वायु दाब क्षेत्र होते हैं. इसी तरह, उत्तरी प्रशांत महासागर और उत्तरी अटलांटिक महासागर की केंद्रीय जलराशि में भी काफी अंतर है. ये अंतर महासागरों में पानी के जटिल व्यवहार को दर्शाते हैं.
In simple words: वैज्ञानिक पानी की बड़ी मात्रा को उसके तापमान और नमक की मात्रा से अलग करते हैं. पानी के इन बड़े हिस्सों का स्वरूप अलग-अलग महासागरों में अलग होता है.

🎯 Exam Tip: जलराशियों के वर्गीकरण के प्रमुख आधार (तापमान और लवणता) तथा महासागरों में उनकी भिन्नता पर प्रकाश डालें.

 

Question 5. अन्टार्कटिका तलीय जलराशि को स्पष्ट कीजिये।
Answer: यह जलराशि हिंद और अटलांटिक महासागरों के दक्षिण में, अंटार्कटिका महाद्वीप के पास मिलती है. इसे मुख्य रूप से वेड्डेल सागर में देखा जा सकता है. महाद्वीप के पास पानी के जमने के कारण लवणता बढ़ती जाती है, जो लगभग 34.62% होती है. इसका तापमान -1.9°C और घनत्व 27.89 होता है. जैसे ही पानी जमने की अवस्था तक पहुँचता है, उसका घनत्व बढ़ता है और वह नीचे बैठ जाता है. आसपास का सागर का पानी थोड़ा गर्म होता है, जिसकी लवणता 34.68%0, तापमान 0.5°C और घनत्व 27.84 होता है. यह पानी की एक खास किस्म है जो समुद्र के तल पर फैलती है और मिलकर एक अलग जलराशि बनाती है. यह घना, ठंडा पानी वैश्विक महासागरीय परिसंचरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
In simple words: अंटार्कटिका के पास समुद्र में बहुत ठंडा और नमकीन पानी होता है. यह पानी जमने लगता है, जिससे यह भारी होकर नीचे बैठ जाता है और एक खास तरह की जलराशि बनाता है.

🎯 Exam Tip: अंटार्कटिका तलीय जलराशि की स्थिति, तापमान, लवणता, घनत्व और इसके बनने की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करें.

 

RBSE Class 11 Physical Geography Chapter 17 लघुत्तरात्मक प्रश्न Type II

 

Question 1. जल-चक्र की क्रियाविधि को स्पष्ट कीजिए।
Answer: जल का वाष्प में बदलकर वायुमंडल में जमा होना बहुत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिस पर मौसम का बदलाव निर्भर करता है. पृथ्वी पर जल चक्र को चलाने वाले कई कारक होते हैं जो पानी की गतिशीलता को प्रभावित करते हैं. सूरज से मिलने वाली ऊर्जा के कारण महासागरों का पानी भाप बनकर वायुमंडल में चला जाता है. महासागरों से ज़मीन की ओर चलने वाली हवाएँ इस जलवाष्प को आगे बढ़ाती हैं और उसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाती हैं. इससे जलवाष्प ठंडी होकर संघनित होती है और ज़मीन पर बारिश के रूप में गिरती है. बारिश का पानी नदियों और नालों के रूप में बहता हुआ आखिर में सागरों में पहुँचता है. इस तरह, बारिश से मिले पानी का कुछ हिस्सा पौधों द्वारा वाष्पोत्सर्जन से कम हो जाता है, और कुछ पानी नदियों, झीलों, तालाबों आदि से वाष्पीकरण के ज़रिए फिर से वायुमंडल में चला जाता है. यह निरंतर चक्र पृथ्वी पर जीवन के लिए आवश्यक है.
In simple words: सूरज की गर्मी से समुद्र का पानी भाप बनकर हवा में जाता है. हवा इसे दूसरी जगह ले जाती है, जहाँ यह ठंडा होकर बारिश बन कर वापस ज़मीन पर आता है. फिर यह पानी नदियों से होते हुए वापस समुद्र में मिल जाता है.

🎯 Exam Tip: जल चक्र में सूर्य की ऊर्जा, वायु की भूमिका और पानी के तीनों रूपों (गैस, तरल, ठोस) के परिवर्तन को स्पष्ट रूप से समझाएँ.

 

Question 2. पृथ्वी तल पर मिलने वाले जल व थल के वितरण को स्पष्ट कीजिए।
Answer: पृथ्वी का कुल क्षेत्रफल 50.995 करोड़ वर्ग किलोमीटर है. इसमें से 36.106 करोड़ वर्ग किलोमीटर पर जलमण्डल (पानी) और 14.889 करोड़ वर्ग किलोमीटर पर स्थलमण्डल (ज़मीन) फैला हुआ है. जलमण्डल और स्थलमण्डल के फैलाव के बारे में, डॉ. लोंग ने सबसे पहले सन् 1742 में बताया था कि पृथ्वी पर ज़मीन और पानी का अनुपात 1:2.81 है, यानी 26 प्रतिशत ज़मीन और 74 प्रतिशत पानी. वहीं, वेगनर ने माना कि पानी का विस्तार 71.7 प्रतिशत है. वैज्ञानिकों ने आधुनिक उपकरणों से खोज करके बताया है कि ध्रुवीय क्षेत्रों के आधार पर ज़मीन और पानी का अनुपात लगभग 1:2.43 है, यानी 29.2 प्रतिशत ज़मीन और 70.8 प्रतिशत पानी है. यह वितरण पृथ्वी की जलवायु और पारिस्थितिकी तंत्र को काफी हद तक प्रभावित करता है.
In simple words: धरती का कुल क्षेत्रफल 50.995 करोड़ वर्ग किमी है. इसमें से ज़्यादातर हिस्सा पानी (36.106 करोड़ वर्ग किमी) है और बाकी ज़मीन (14.889 करोड़ वर्ग किमी) है. वैज्ञानिकों के अनुसार, धरती पर लगभग 29.2% ज़मीन और 70.8% पानी है.

🎯 Exam Tip: जल और स्थल के कुल क्षेत्रफल और उनके प्रतिशत वितरण को अलग-अलग विद्वानों के मतों के साथ स्पष्ट करें.

 

Question 4. जलराशियों का वितरण किस प्रकार विविधताओं को दर्शाता है? स्पष्ट कीजिए।
Answer: ज़्यादातर विशेषज्ञ पानी की बड़ी मात्रा को उसके तापमान और लवणता (नमक की मात्रा) के आधार पर वर्गीकृत करते हैं. आदर्श रूप से, एक ही जलराशि में पूरे क्षेत्र में तापमान और लवणता समान होनी चाहिए. हालांकि, प्रशांत और अटलांटिक महासागर जैसे विभिन्न समुद्री क्षेत्रों में जलराशियाँ बहुत भिन्न होती हैं. उदाहरण के लिए, अटलांटिक महासागर में भूमध्यरेखीय जलराशि नहीं मिलती है. उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका के पश्चिमी हिस्सों में भूमध्यरेखीय प्रशांत जलराशि ज़्यादा फैली हुई है. दक्षिणी प्रशांत महासागर में सर्दियों के दौरान दो उच्च वायु दाब क्षेत्र होते हैं. इसी तरह, उत्तरी प्रशांत महासागर और उत्तरी अटलांटिक महासागर की केंद्रीय जलराशि में भी काफी अंतर है. ये अंतर महासागरों में पानी के जटिल व्यवहार को दर्शाते हैं.
In simple words: वैज्ञानिक पानी की बड़ी मात्रा को उसके तापमान और नमक की मात्रा से अलग करते हैं. पानी के इन बड़े हिस्सों का स्वरूप अलग-अलग महासागरों में अलग होता है.

🎯 Exam Tip: जलराशियों के वितरण में तापमान, लवणता और घनत्व की भूमिका को समझाएँ, और विभिन्न महासागरों में मिलने वाली विविधताओं का उल्लेख करें.

 

Question 5. उत्तरी अटलांटिक तटीय जलराशि एवं अन्टार्कटिका मध्यवर्ती जलराशि में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
Answer: उत्तरी अटलांटिक तटीय जलराशि और अंटार्कटिका मध्यवर्ती जलराशि में निम्नलिखित अंतर मिलते हैं:

क्र.सं.अंतर का आधारउत्तरी अटलांटिक तटीय जलराशिअंटार्कटिका मध्यवर्ती जलराशि
1.उत्पत्ति/स्थितियह जलराशि लेब्रोडोर सागर, आइसलैण्ड और ग्रीनलैंड के बीच पाई जाती है.इसकी उत्पत्ति अंटार्कटिका महाद्वीप के चारों ओर होती है और यह झुकाव क्षेत्र के कारण बनती है.
2.घनत्वइस जलराशि का घनत्व 27.88 मिलता है.इसका घनत्व 27.0 मिलता है.
3.तापमानयह जलराशि 2.8°C से 3.3°C के बीच का तापमान दर्शाती है.इस जलराशि का तापमान 2.2°C मिलता है.
4.प्रभावइस जलराशि पर अभिसरण का प्रभाव पड़ता है.यह जलराशि पछुआ पवनों की पेटी से प्रभावित होती है.

In simple words: उत्तरी अटलांटिक तटीय जलराशि लेब्रोडोर सागर के पास मिलती है, जबकि अंटार्कटिका मध्यवर्ती जलराशि अंटार्कटिका महाद्वीप के चारों ओर होती है. इनके घनत्व, तापमान और बनने के कारणों में अंतर होता है.

🎯 Exam Tip: तुलनात्मक प्रश्नों में हमेशा दोनों जलराशियों के प्रमुख विशेषताओं (स्थान, तापमान, घनत्व और उत्पत्ति) को स्पष्ट बिंदुओं में प्रस्तुत करें.

Free study material for Geography

RBSE Solutions for Class 11 Geography Chapter 17 जलीय चक्र एवं जलराशियों का वितरण

Chapter Exercise Answers for Class 11 Geography

Review comprehensive exercise answers for Class 11 Geography Chapter 17 जलीय चक्र एवं जलराशियों का वितरण. Fully updated to match current RBSE syllabus guidelines, these textbook solutions help students verify their work and maintain accurate study notes.

Detailed Answer Guides for Chapter 17 जलीय चक्र एवं जलराशियों का वितरण

Beyond providing final answers, these guides offer step-by-step breakdowns for complex queries in the Class 11 Geography module. This approach helps students balance theoretical depth with practical problem-solving skills required for RBSE exams.

Complete Preparation Kit for Class 11 Exams

These resources act as an effective roadmap for daily homework tasks and independent study. Supplement your review of Chapter 17 जलीय चक्र एवं जलराशियों का वितरण with official sample papers and interactive practice tests available on our platform free of charge.

FAQs

Where can I find the latest RBSE Solutions Class 11 Physical Geography Chapter 17 जलीय चक्र एवं जलराशियों का वितरण for the 2026-27 session?

The complete and updated RBSE Solutions Class 11 Physical Geography Chapter 17 जलीय चक्र एवं जलराशियों का वितरण is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 11 Geography are as per latest RBSE curriculum.

Are the Geography RBSE solutions for Class 11 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the RBSE Solutions Class 11 Physical Geography Chapter 17 जलीय चक्र एवं जलराशियों का वितरण as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Geography concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 11 RBSE solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using RBSE language because RBSE marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our RBSE Solutions Class 11 Physical Geography Chapter 17 जलीय चक्र एवं जलराशियों का वितरण will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer RBSE Solutions Class 11 Physical Geography Chapter 17 जलीय चक्र एवं जलराशियों का वितरण in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 11 Geography. You can access RBSE Solutions Class 11 Physical Geography Chapter 17 जलीय चक्र एवं जलराशियों का वितरण in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Geography RBSE solutions for Class 11 as a PDF?

Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 11 Physical Geography Chapter 17 जलीय चक्र एवं जलराशियों का वितरण in printable PDF format for offline study on any device.