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Detailed Chapter 28 प्राथमिक चिकित्सा RBSE Solutions for Class 11 Home Science
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Class 11 Home Science Chapter 28 प्राथमिक चिकित्सा RBSE Solutions PDF
RBSE Class 11 Home Science Chapter 28 पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर
Question 1. निम्न प्रश्नों के सही उत्तर चुनें –
(i) एक प्राथमिक चिकित्सक का सर्वोत्तम गुण है -
(a) दूरदर्शिता
(b) कार्यकुशलता
(c) फुर्तीलापन
(d) उपरोक्त सभी
Answer: (d) उपरोक्त सभी।
In simple words: एक अच्छे प्राथमिक चिकित्सक में दूरदर्शिता, कार्यकुशलता और फुर्तीलापन जैसे गुण होने चाहिए ताकि वह आपात स्थिति में सही से मदद कर सके।
🎯 Exam Tip: प्राथमिक चिकित्सक के गुणों को याद रखना महत्वपूर्ण है क्योंकि ये आपातकालीन स्थितियों में प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया करने में मदद करते हैं।
Question 1. (ii) आकस्मिक घटना के समय प्राथमिक चिकित्सा दी जाती है -
(a) दीर्घकालीन
(b) निरुद्देश्य
(c) तत्काल
🎯 Exam Tip: आपातकालीन प्राथमिक उपचार हमेशा तुरंत और उद्देश्यपूर्ण ढंग से दिया जाना चाहिए।
Question 1. (iv) किस प्रकार की जलन में त्वचा लाल हो जाती है, परन्तु फफोले नहीं पड़ते हैं?
(a) साधारण जलन
(b) विशेष जलन
(c) विषम जलन
(d) इनमें से कोई नहीं
Answer: (a) साधारण जलन।
In simple words: जब त्वचा सिर्फ लाल हो और उस पर छाले न पड़ें, तो उसे साधारण जलन कहते हैं।
🎯 Exam Tip: जलने के विभिन्न प्रकारों को पहचानना महत्वपूर्ण है क्योंकि हर प्रकार के उपचार का तरीका अलग होता है।
Question 2. प्राथमिक चिकित्सा किसे कहते हैं?
Answer: प्राथमिक चिकित्सा वह सहायता है जो किसी घायल या बीमार व्यक्ति को डॉक्टर के पास पहुँचने से पहले या डॉक्टर के आने से पहले दी जाती है। यह आपातकालीन स्थिति में तुरंत और अस्थाई राहत देने के लिए होती है।
In simple words: डॉक्टर के आने से पहले घायल व्यक्ति को जो पहली मदद मिलती है, उसे प्राथमिक चिकित्सा कहते हैं।
🎯 Exam Tip: प्राथमिक चिकित्सा की परिभाषा में 'डॉक्टर के आने से पहले' या 'आपातकालीन सहायता' जैसे शब्दों का प्रयोग करें।
Question 3. प्राथमिक चिकित्सा क्यों करनी चाहिए?
Answer: प्राथमिक चिकित्सा करने के दो मुख्य उद्देश्य होते हैं:
1. जीवन की रक्षा करना: इसका सबसे जरूरी मकसद रोगी के जीवन को बचाना है। अगर सही समय पर प्राथमिक चिकित्सा मिल जाए, तो व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है।
2. तुरंत इलाज देना: दुर्घटना होते ही तुरंत प्राथमिक चिकित्सा दी जाती है। इसका लक्ष्य है कि मरीज की हालत और खराब न हो।
In simple words: प्राथमिक चिकित्सा इसलिए दी जाती है ताकि घायल का जीवन बचाया जा सके और उसकी हालत को और बिगड़ने से रोका जा सके, जब तक डॉक्टर न आ जाएं।
🎯 Exam Tip: प्राथमिक चिकित्सा के उद्देश्यों को स्पष्ट रूप से बताएं, जैसे 'जीवन रक्षा' और 'स्थिति को गंभीर होने से रोकना'।
Question 4. एक आदर्श प्राथमिक चिकित्सक में कौन-कौन से गुण होने चाहिए?
Answer: एक आदर्श प्राथमिक चिकित्सक में ये गुण होने चाहिए:
1. त्वरित निर्णय क्षमता: प्राथमिक चिकित्सक को दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की हालत को अच्छे से समझना चाहिए और जल्दी से सही फैसला लेना चाहिए।
2. शारीरिक संरचना का ज्ञान: उसे मानव शरीर की बनावट के बारे में पता होना चाहिए। इससे वह समझ पाएगा कि चोट कहाँ लगी है, खून कहाँ से बह रहा है, इसे कैसे रोकें, हड्डी टूटी है या नहीं, और क्या कृत्रिम सांस की जरूरत है।
3. उपलब्ध साधनों का उपयोग: प्राथमिक चिकित्सक को दुर्घटना वाली जगह पर मौजूद चीज़ों का इस्तेमाल करके मरीज की हालत को बिगड़ने से रोकना आना चाहिए।
4. धैर्यशील: दुर्घटना होने पर सब घबरा जाते हैं। इसलिए, मरीज चाहे कितना भी गंभीर हो, चिकित्सक को उसे दिलासा देने की शक्ति होनी चाहिए ताकि उसकी घबराहट कम हो और उसमें हिम्मत आए।
5. दयावान: दूसरों के प्रति दया भाव रखने वाला व्यक्ति ही सच्ची मदद कर सकता है। दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति के प्रति दया और सहानुभूति दिखानी चाहिए।
6. मृदु व्यवहार: चिकित्सक को हमेशा प्यार से बात करने वाला और हंसमुख होना चाहिए। इससे घायल व्यक्ति को उस पर भरोसा होता है।
7. स्वस्थ शरीर: चिकित्सक खुद स्वस्थ और मजबूत होना चाहिए ताकि वह घायल व्यक्ति को उठा सके और उसकी मदद कुशलता से कर सके।
8. कर्तव्य परायण: सेवा के काम को अपना धर्म मानकर करना चाहिए। उसे जाति, धर्म या वर्ग के भेदभाव से ऊपर उठकर अपना फर्ज निभाना चाहिए।
In simple words: एक अच्छे प्राथमिक चिकित्सक को तेजी से सोचने वाला, शरीर की जानकारी रखने वाला, धैर्यवान, दयालु, विनम्र, मजबूत और अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित होना चाहिए।
🎯 Exam Tip: प्राथमिक चिकित्सक के गुणों की एक सूची बनाएं और हर गुण के लिए एक संक्षिप्त स्पष्टीकरण दें।
Question 5. किसी व्यक्ति को लू लगने पर आप किस प्रकार उपचार करेंगी?
Answer: लू लगने पर उपचार के लिए ये कदम उठाएं:
• रोगी को ठंडी जगह पर लिटाएं और उसके कपड़े उतार दें।
• उसके शरीर को गीले कपड़े से पोछें या ठंडे पानी से नहलाएं।
• यदि रोगी होश में हो तो उसे ओआरएस घोल या कोई ठंडा पेय पिलाएं।
• माथे पर ठंडी पट्टी रखें।
• अगर हालत गंभीर हो तो तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं।
In simple words: लू लगने पर व्यक्ति को ठंडी जगह पर लिटाकर, कपड़े उतारकर, शरीर को ठंडा करके और ठंडा पेय पिलाकर आराम देना चाहिए।
🎯 Exam Tip: लू लगने के उपचार के चरणों को क्रमबद्ध तरीके से लिखें, जिसमें शरीर को ठंडा करना और तरल पदार्थ देना शामिल हो।
Question 6. नाक एवं आँख में बाहरी वस्तु गिरने पर आप क्या उपचार करेंगी?
Answer: नाक में बाहरी चीज जाने पर उपचार:
• तंबाकू पीसकर सुंघाने से तुरंत छीकें आती हैं और वस्तु बाहर निकल जाती है।
• नाक का दूसरा छेद बंद करके प्रभावित छेद से तेज सांस छोड़ने पर वस्तु निकल सकती है।
• नाक में चिमटी या पानी न डालें क्योंकि इससे वस्तु और ऊपर जा सकती है।
• फिर भी वस्तु न निकले तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
आँख में बाहरी चीज जाने पर उपचार:
• आँख को मलना नहीं चाहिए क्योंकि इससे आँख की नाजुक त्वचा में रगड़ लग सकती है।
• आँख के नीचे की पलक को खींचकर देखें। अगर कोई छोटा कण दिखे, तो एक साफ रुमाल के कोने को मोड़कर या साफ रुई की बत्ती बनाकर पानी में गीला करके उससे कण को बाहर निकालें।
• अगर कण ऊपर की पलक में चिपक गया हो, तो पानी में आँख को खोलें और बंद करें।
• आँख में चूना या तेजाब पड़ने पर, आँख को पानी के छींटों से धोना चाहिए और तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
• आँख में एक बूंद अरंडी या जैतून का तेल डालने से भी किरकिरी आँसुओं के साथ निकल जाती है।
In simple words: नाक में चीज जाने पर छींक लाने की कोशिश करें या तेज सांस छोड़ें। आँख में चीज जाने पर उसे मलें नहीं, बल्कि पानी से धोएं या साफ रुमाल के कोने से निकालें। अगर दिक्कत हो तो डॉक्टर को दिखाएं।
🎯 Exam Tip: नाक और आंख में बाहरी वस्तु जाने पर प्राथमिक उपचार करते समय सावधानी बरतने और उचित तरीकों का उपयोग करने पर जोर दें।
RBSE Class 11 Home Science Chapter 28 अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
RBSE Class 11 Home Science Chapter 28 बहुविकल्पीय प्रश्न
Question 1. प्राथमिक चिकित्सा का सिद्धान्त नहीं है –
(a) भीड़ को हटाना
(b) रक्तस्राव को बंद करना
(c) भीड़ इकट्ठा करना
(d) कपड़े ढीले करना
Answer: (c) भीड़ इकट्ठा करना
In simple words: प्राथमिक चिकित्सा का सिद्धांत भीड़ को इकट्ठा करना नहीं है, बल्कि भीड़ को हटाना, खून बहना रोकना और कपड़े ढीले करना जैसे काम करना है।
🎯 Exam Tip: प्राथमिक चिकित्सा के मुख्य सिद्धांतों को याद रखें और पहचानें कि कौन सा कार्य इसका हिस्सा नहीं है।
Question 3. प्राथमिक चिकित्सक में होना चाहिए –
(a) आत्मविश्वास
(b) कर्तव्य परायणता
(c) मृदु व्यवहार
(d) ये सभी
Answer: (d) ये सभी
In simple words: एक प्राथमिक चिकित्सक में आत्मविश्वास, कर्तव्य परायणता और मृदु व्यवहार, ये सभी गुण होने चाहिए।
🎯 Exam Tip: एक प्रभावी प्राथमिक चिकित्सक के लिए आवश्यक विभिन्न गुणों को याद रखें।
Question 4. अधिक लू लगने पर शरीर का तापमान हो सकता है –
(a) 100°F तक
(b) 50°C तक
(c) 105°F तक
(d) 110°F तक
Answer: (c) 105°F तक
In simple words: जब किसी को बहुत ज़्यादा लू लगती है, तो उसके शरीर का तापमान 105°F तक पहुँच सकता है।
🎯 Exam Tip: लू लगने पर शरीर के तापमान में होने वाले संभावित वृद्धि के बारे में सटीक संख्यात्मक मान याद रखें।
Question 5. जलन के मुख्य प्रकार हैं।
(a) दो
(b) तीन
(c) चार
(d) पाँच
Answer: (b) तीन
In simple words: जलन को मुख्य रूप से तीन अलग-अलग प्रकारों में बांटा गया है।
🎯 Exam Tip: जलन के मुख्य प्रकारों की संख्या को याद रखें, जो आमतौर पर गंभीरता पर आधारित होती है।
सुमेलन स्तम्भ A तथा स्तम्भ B का मिलान कीजिए
स्तम्भ A
1. तुरन्त चिकित्सा
2. विष पीने की आशंका
3. जाँच करना
4. तन्तुओं का जलना
5. त्वचा लाल पड़ना
स्तम्भ B
(a) प्राथमिक चिकित्सा का सिद्धान्त
(b) विषम जलना
(c) प्राथमिक चिकित्सा का उद्देश्य
(d) साधारण जलन
(e) वमन कराना
Answer:
1. (c) प्राथमिक चिकित्सा का उद्देश्य
2. (e) वमन कराना
3. (a) प्राथमिक चिकित्सा का सिद्धान्त
4. (b) विषम जलन
5. (d) साधारण जलन
In simple words: यहाँ कॉलम A में दी गई प्राथमिक चिकित्सा से संबंधित स्थितियों को कॉलम B में उनके सही उद्देश्य, सिद्धांत या प्रकार से मिलाया गया है।
🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, पहले उन जोड़ियों को पहचानें जिनके बारे में आप निश्चित हैं, फिर बाकी विकल्पों को खत्म करें।
RBSE Class 11 Home Science Chapter 28 अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. प्राथमिक चिकित्सा कहाँ दी जाती है?
Answer: प्राथमिक चिकित्सा दुर्घटना वाली जगह पर या उसके आसपास दी जाती है।
In simple words: प्राथमिक चिकित्सा वहीं दी जाती है जहाँ दुर्घटना होती है या उसके पास की जगह पर।
🎯 Exam Tip: प्राथमिक चिकित्सा के स्थान को 'दुर्घटना स्थल' या 'आसपास के क्षेत्र' के रूप में स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 2. प्राथमिक चिकित्सा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
Answer: प्राथमिक चिकित्सा का मुख्य उद्देश्य दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को डॉक्टर के पास सुरक्षित पहुँचाने के बाद तक उसकी देखभाल करना है।
In simple words: प्राथमिक चिकित्सा का मुख्य काम घायल व्यक्ति को डॉक्टर तक सुरक्षित पहुँचाना है।
🎯 Exam Tip: मुख्य उद्देश्य को 'चिकित्सक तक पहुँचाने के बाद तक देखभाल' के रूप में सरल शब्दों में व्यक्त करें।
Question 4. प्राथमिक चिकित्सक को दयावान होने की क्या आवश्यकता है?
Answer: जो व्यक्ति दूसरों के प्रति दया भाव रखता है, वही उनकी सच्ची सेवा कर सकता है। इसलिए, प्राथमिक चिकित्सक को दयावान होना बहुत जरूरी है।
In simple words: प्राथमिक चिकित्सक को दयालु होना चाहिए ताकि वह दूसरों की अच्छे से मदद कर सके।
🎯 Exam Tip: दयावान होने की आवश्यकता को दूसरों की प्रभावी ढंग से मदद करने की क्षमता से जोड़ें।
Question 5. विद्युत आघात लगने का क्या कारण है?
Answer: बिजली का झटका लगने का कारण नंगे तारों को छूना या किसी बिजली के उपकरण में खराबी के कारण करंट लगना होता है।
In simple words: बिजली के नंगे तार छूने या खराब बिजली के उपकरण की वजह से करंट लग सकता है।
🎯 Exam Tip: बिजली के झटके के मुख्य कारणों को स्पष्ट रूप से बताएं, जैसे 'नंगे तार' और 'खराब उपकरण'।
Question 6. प्राथमिक चिकित्सक को कैसा होना चाहिए?
Answer: प्राथमिक चिकित्सक को आत्मविश्वासी, सही निर्णय लेने वाला, धैर्यवान, दयालु और अपने काम के प्रति समर्पित होना चाहिए।
In simple words: प्राथमिक चिकित्सक में आत्मविश्वास, अच्छा निर्णय लेने की क्षमता, धैर्य, दया और कर्तव्यनिष्ठा होनी चाहिए।
🎯 Exam Tip: प्राथमिक चिकित्सक के आवश्यक गुणों की एक संक्षिप्त सूची प्रस्तुत करें।
Question 7. बिजली कार्य करते समय क्या सावधानी रखनी चाहिए?
Answer: बिजली से संबंधित काम करते समय हमें रबड़ की चप्पलें पहननी चाहिए और हाथों में रबड़ के दस्ताने भी पहनने चाहिए।
In simple words: बिजली का काम करते समय हमेशा रबड़ की चप्पलें और दस्ताने पहनने चाहिए।
🎯 Exam Tip: बिजली के काम में सुरक्षा के लिए उपयोग किए जाने वाले इन्सुलेटिंग उपकरणों पर ध्यान दें।
RBSE Class 11 Home Science Chapter 28 लघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. लू कैसे लग जाती है? इसके लक्षण बताइए।
Answer: लू-लगना (Sun stroke): गर्मी के दिनों में बहुत ज़्यादा धूप में घूमने या लंबे समय तक गर्म हवा में खुले सिर काम करने से लू लग जाती है।
लक्षण:
• शरीर का तापमान बढ़ जाता है (105°F या उससे अधिक तक)।
• सिर में तेज़ दर्द होता है।
• चक्कर आना और उल्टी महसूस होना।
• त्वचा सूखी और गर्म हो जाती है।
• पसीना आना बंद हो जाता है।
• बेहोशी या भ्रम की स्थिति हो सकती है।
In simple words: ज़्यादा धूप या गर्म हवा में रहने से लू लगती है, जिससे तेज़ बुखार, सिरदर्द, चक्कर और बेहोशी जैसे लक्षण दिखते हैं।
🎯 Exam Tip: लू लगने के कारणों और लक्षणों को स्पष्ट रूप से बताएं, जिसमें शरीर का तापमान बढ़ना भी शामिल है।
Question 2. आँख में बाहरी चीज का प्रवेश तथा इसके लक्षण बताइए।
Answer: आँख में बाहरी चीज का प्रवेश: आँखों में रेत के कण, कोयला, मिट्टी, लोहे के कण, कीड़े या कभी-कभी पलक का बाल भी टूटकर गिर सकता है। आँख शरीर का बहुत ही संवेदनशील अंग है, इसलिए इसका तुरंत इलाज करना चाहिए।
लक्षण:
• आँख में बेचैनी और दर्द होना।
• आँख का लाल हो जाना।
• पानी निकलना (आँसू)।
• आँख में कुछ चुभने जैसा महसूस होना।
• कभी-कभी आँख पर सूजन आ जाना।
In simple words: जब आँख में कोई बाहरी चीज गिर जाती है, तो दर्द होता है, आँख लाल हो जाती है, पानी आता है और चुभन महसूस होती है।
🎯 Exam Tip: आँख में बाहरी चीज के लक्षणों और उसकी संवेदनशीलता पर जोर दें।
Question 3. नाक में बाहरी चीजों के प्रवेश तथा लक्षण लिखिए।
Answer: नाक में बाहरी चीज का प्रवेश: अक्सर बच्चों की नाक में चना, मटर, मोती या कोई और छोटी चीज खेलते समय चली जाती है। नाक में नमी के कारण अनाज के दाने फूल जाते हैं और बुरी तरह फंस जाते हैं।
लक्षण:
• सांस लेने में दिक्कत होना।
• नाक पर सूजन आ जाना।
• नाक के अंदर दर्द और सूजन होना।
• नाक का लाल हो जाना।
In simple words: जब कोई चीज नाक में फंस जाती है, तो सांस लेने में दिक्कत होती है, नाक सूज जाती है और दर्द होता है।
🎯 Exam Tip: नाक में बाहरी वस्तु के प्रवेश के कारणों और लक्षणों को स्पष्ट रूप से बताएं, खासकर बच्चों के संदर्भ में।
RBSE Class 11 Home Science Chapter 28 निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. प्राथमिक चिकित्सा के सिद्धान्त बताइए।
Answer: प्राथमिक चिकित्सा के सिद्धान्त: प्राथमिक चिकित्सा केवल घटना के समय की गई शुरुआती देखभाल होती है। प्राथमिक उपचार करने वाला कोई भी हो सकता है, जैसे- छात्र, शिक्षक, स्काउट आदि। दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को डॉक्टर तक पहुँचाने के बाद प्राथमिक उपचार करने वाले का काम खत्म हो जाता है। एक अच्छे प्राथमिक उपचार करने वाले को ये सिद्धांत अपनाने चाहिए:
• शांत रहकर स्पष्ट सोचना: ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय शांत मन से सोच-समझकर काम करें।
• रोगी को तुरंत डॉक्टर तक पहुँचाना: जितना जल्दी हो सके, घायल व्यक्ति को डॉक्टर के पास ले जाने का इंतजाम करें।
• तत्काल निर्णय लेना: बिना समय गंवाए तुरंत सही फैसला लें कि क्या करना है।
• भीड़ को हटाना: दुर्घटना स्थल पर अनावश्यक भीड़ को हटा दें ताकि घायल व्यक्ति को हवा मिल सके और उपचार में बाधा न आए।
In simple words: प्राथमिक चिकित्सा के सिद्धांतों में शांत रहना, तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना, जल्दी फैसला लेना और भीड़ को हटाना शामिल है।
🎯 Exam Tip: प्राथमिक चिकित्सा के सिद्धांतों को सूचीबद्ध करें और प्रत्येक को एक संक्षिप्त वाक्य में समझाएं।
Question 2. प्राथमिक चिकित्सक के कर्त्तव्य लिखिए।
Answer: प्राथमिक चिकित्सक के कर्तव्य:
• स्थाई चिकित्सक को सूचना देना: प्राथमिक चिकित्सक का मुख्य कर्तव्य है कि दुर्घटना की शुरुआती जानकारी मिलने पर किसी योग्य डॉक्टर को बुलाने का प्रबंध करे, ताकि डॉक्टर अपनी पूरी तैयारी के साथ घायल व्यक्ति का स्थायी इलाज कर सकें।
• सुरक्षित स्थान पर लिटाना: घायल व्यक्ति को सुरक्षित जगह पर लिटाएं, उसे धूप आदि से बचाएं और अनावश्यक भीड़ को दूर रखें।
• कृत्रिम श्वास दिलाना: यदि घायल को सांस नहीं आ रही हो, तो उसे तुरंत कृत्रिम सांस देनी चाहिए।
• वमन कराना: यदि रोगी ने जहर पी लिया हो, तो उसे तुरंत उल्टी करानी चाहिए।
• हड्डी टूटने पर देखभाल: यदि घायल के किसी अंग के टूटने की आशंका हो, तो उस अंग को हिलाना-डुलाना नहीं चाहिए।
• पानी में डूबे व्यक्ति की चिकित्सा: पानी में डूबने से व्यक्ति के पेट में पानी भर जाता है। उसके मुंह से कीचड़ आदि निकालकर उसे उल्टा करके पेट का पानी निकालने की कोशिश करनी चाहिए।
• मौसम की तीव्रता से बचाना: घायल व्यक्ति को मौसम की मार से बचाना चाहिए। गर्मी में धूप से बचाने के लिए उसे छांव वाली, हवादार जगह पर लिटाना चाहिए और सर्दी से बचाने के लिए उसे कंबल, रजाई आदि से गर्म रखना चाहिए। होश आने पर उसे मौसम के हिसाब से गर्म या ठंडा पेय पिलाना चाहिए।
In simple words: प्राथमिक चिकित्सक के कर्तव्यों में डॉक्टर को बुलाना, घायल को सुरक्षित लिटाना, जरूरत पड़ने पर कृत्रिम सांस देना, उल्टी कराना, टूटी हड्डी की देखभाल करना, डूबे व्यक्ति की मदद करना और मौसम से बचाव शामिल हैं।
🎯 Exam Tip: प्राथमिक चिकित्सक के कर्तव्यों को कार्य-आधारित बिंदुओं में लिखें, जिसमें हर आपातकालीन स्थिति के लिए विशिष्ट उपाय शामिल हों।
Question 3. जलन कितने प्रकार की होती है? प्रत्येक प्रकार की जलन के लिए प्राथमिक उपचार लिखिए।
Answer: जलन मुख्यत: तीन प्रकार की होती है:
1. साधारण जलन: इसमें त्वचा लाल हो जाती है, लेकिन छाले नहीं पड़ते हैं।
उपचार: ऐसी जलन में जले हुए अंग को तुरंत पानी में डालना चाहिए। कच्चा आलू पीसकर लगाना चाहिए। जले हुए भाग पर नारियल या तिल के तेल में चूने का पानी मिलाकर लगाने से भी फायदा होता है। फफोलों पर चिकना पदार्थ (घी, तेल) नहीं लगाना चाहिए।
2. विषम जलन: इस प्रकार की जलन में अंग के अंदरूनी ऊतक जल जाते हैं। इसमें ज़्यादा दर्द और जलन होती है।
उपचार:
• तुरंत डॉक्टरी सहायता लेनी चाहिए।
• ठंडे पानी से धोना चाहिए।
• बरनॉल लगानी चाहिए।
In simple words: जलन तीन तरह की होती है: साधारण (त्वचा लाल होती है), विषम (ऊतक जलते हैं) और गंभीर (गहरे जलने)। साधारण जलन को पानी और आलू से ठीक करते हैं, विषम जलन में डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए।
🎯 Exam Tip: जलन के प्रकारों को उनकी गंभीरता और लक्षणों के आधार पर वर्गीकृत करें, और प्रत्येक प्रकार के लिए उपयुक्त प्राथमिक उपचार बताएं।
Question 4. विद्युत आघात लगने, इसके लक्षण तथा उपचार बताइए।
Answer: विद्युत आघात (Electric shock): कभी-कभी लापरवाही के कारण बिजली के नंगे तारों से या किसी खराब बिजली के उपकरण से छू जाने पर बिजली का झटका लग जाता है। यदि व्यक्ति को तुरंत तार से दूर न किया जाए तो उसकी मृत्यु भी हो सकती है।
लक्षण:
• करंट लगने से प्रभावित अंग अक्सर जल जाता है।
• हाथों और बाजुओं से बिजली का करंट शरीर में फैलने से दिल कमजोर हो जाता है।
• सांस लेने में दिक्कत या सांस रुकना।
• बेहोशी या अचेत अवस्था।
उपचार:
• बिजली के प्रवाह को बटन दबाकर बंद कर दें या प्लग लगा हो तो उसे निकाल दें।
• घायल व्यक्ति को बिजली के संपर्क से हटाएँ। कभी भी प्रभावित व्यक्ति को नंगे हाथों से न पकड़ें। किसी सूखी लकड़ी, सूखे कपड़े, सूखी रस्सी, रबड़ के दस्ताने आदि को हाथ में लपेटकर हटाना चाहिए। पैरों में रबड़ के तलवे वाले जूते, लकड़ी का ढेर या समाचार पत्रों के ढेर पर खड़े होकर उसे छुड़ाएँ।
• यदि घायल व्यक्ति सांस नहीं ले रहा हो तो उसे कृत्रिम सांस दें।
• घायल व्यक्ति के तलवों में मालिश करें ताकि खून का संचार तेजी से हो सके।
• रोगी होश में आ जाए तो उसे गर्म चाय देनी चाहिए।
In simple words: बिजली का झटका नंगे तार छूने या खराब उपकरण से लगता है, जिससे जलने, दिल कमजोर होने और सांस रुकने जैसे लक्षण दिखते हैं। उपचार में बिजली बंद करना, लकड़ी जैसी सूखी चीज से हटाना और कृत्रिम सांस देना शामिल है।
🎯 Exam Tip: बिजली के झटके के कारणों, लक्षणों और तत्काल सुरक्षा उपायों के साथ प्राथमिक उपचार के चरणों को विस्तार से समझाएं।
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