RBSE Solutions Class 11 Hindi Chapter 6 पृथ्वीराज की आँखें

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Detailed Chapter 6 पृथ्वीराज की आँखें RBSE Solutions for Class 11 Hindi

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Class 11 Hindi Chapter 6 पृथ्वीराज की आँखें RBSE Solutions PDF

RBSE Class 11 Hindi आलोक Chapter 6 पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर

 

Question 1. पृथ्वीराज की प्रेयसी का नाम था -
(क) पद्मावती
(ख) चन्द्रावती
(ग) संयोगिता
(घ) संगीता
Answer: (ग) संयोगिता
In simple words: पृथ्वीराज की प्रेमिका का नाम संयोगिता था। वह उनकी पत्नी भी थीं।

🎯 Exam Tip: ऐसे वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में पात्रों के नाम और उनकी भूमिका को ठीक से याद रखना चाहिए।

 

Question 2. "कवि घोषणा कर दो कि यह माता नहीं पिशाचिनी है।" पृथ्वीराज के इस कथन से उसका कौन-सा मनोभाव व्यक्त हुआ है ?
(क) वेदना
(ख) ग्लानि
(ग) घृणा
Answer: (ग) घृणा
In simple words: इस बात को कहने से पृथ्वीराज ने अपनी घृणा और क्रोध दिखाया। उन्हें धरती माता से गुस्सा था कि उसने उनके साथ हुए अत्याचारों को सहन किया।

🎯 Exam Tip: पात्रों के संवादों को ध्यान से पढ़ें और उनके पीछे छिपी भावनाओं को समझने की कोशिश करें, जैसे यहाँ पृथ्वीराज की घृणा साफ दिखती है।

 

Question 3. मुहम्मद गोरी पराजित सम्राट पृथ्वीराज को बंदी बनाकर कहाँ ले गया ?
(क) कराची
(ख) ईरान
(ग) गोर
(घ) कंधार
Answer: (ग) गोर
In simple words: युद्ध में हारने के बाद, मुहम्मद गोरी ने पृथ्वीराज को बंदी बना लिया। वह उन्हें अपने देश गोर ले गया।

🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक घटनाओं और स्थानों के नाम हमेशा सही याद रखने चाहिए, जैसे यहाँ 'गोर' का उल्लेख है।

 

Question 4. 'चंद तुम प्राणहीन होकर मेरे पास आए हो', पृथ्वीराज ने कहा, क्योंकि चंद -
(क) निराश मन होकर आया था
(ख) सुलतान से छिपकर आया था
(ग) बहुत उदास होकर आया था
(ध) तलवार विहीन होकर आया था
Answer: (ध) तलवार विहीन होकर आया था
In simple words: पृथ्वीराज ने कहा कि चंद बिना तलवार के आए हैं। इसका मतलब था कि वे निहत्थे और शक्तिहीन होकर आए थे।

🎯 Exam Tip: किसी भी कथन का अर्थ समझने के लिए उसके पीछे की परिस्थिति और पात्रों की स्थिति को जानना ज़रूरी है।

 

Question 5. पृथ्वीराज चौहान कहाँ का सम्राट था ?
Answer: पृथ्वीराज चौहान दिल्ली और अजमेर के सम्राट थे। वे दोनों बड़े और महत्वपूर्ण राज्यों के शासक थे।
In simple words: पृथ्वीराज चौहान दिल्ली और अजमेर के राजा थे।

🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक पात्रों के राज्य और उनकी राजधानी याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 6. पृथ्वीराज चौहान के युद्ध में हारने का मुख्य कारण क्या था ?
Answer: जयचंद का विश्वासघात पृथ्वीराज चौहान के युद्ध में हारने का मुख्य कारण था। जयचंद ने अपने स्वार्थ के लिए पृथ्वीराज को धोखा दिया था।
In simple words: पृथ्वीराज चौहान की हार जयचंद के धोखे के कारण हुई थी।

🎯 Exam Tip: किसी भी ऐतिहासिक घटना के कारणों को समझना ज़रूरी है, खासकर युद्धों में विश्वासघात जैसे महत्वपूर्ण कारकों को।

 

Question 7. चंदबरदाई कौन था ?
Answer: चंदबरदाई एक महान कवि और पृथ्वीराज का बहुत प्रिय मित्र था। वह पृथ्वीराज के दरबार में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति था।
In simple words: चंदबरदाई एक बड़े कवि और पृथ्वीराज के खास दोस्त थे।

🎯 Exam Tip: मुख्य पात्रों के सहायक पात्रों के बारे में भी जानकारी रखना चाहिए, जैसे चंदबरदाई की भूमिका।

 

Question 8. मुहम्मद गोरी ने बंदी पृथ्वीराज के साथ कैसा व्यवहार किया ?
Answer: गोरी ने पृथ्वीराज को लोहे की जंजीरों में बांधकर और उनके हाथ-पैर बांधकर जेल में डाल दिया। वहाँ उन पर बहुत ही क्रूर अत्याचार किए गए। यहाँ तक कि सामान्य सिपाही भी उन पर रौब दिखाते थे। गर्म सलाखों से उनकी आँखें जला दी गईं और उनके शरीर को भी दागा गया था। उनके शरीर पर जलने के निशान साफ दिख रहे थे। यह व्यवहार उसकी क्रूरता को दर्शाता है।
In simple words: मुहम्मद गोरी ने पृथ्वीराज को बंदी बनाकर उनके साथ बहुत बुरा व्यवहार किया। उन्हें जंजीरों में बांधा गया, आँखें जलाई गईं और शरीर पर भी दाग दिए गए।

🎯 Exam Tip: किसी शासक द्वारा अपने शत्रु के साथ किए गए व्यवहार से उसके चरित्र का पता चलता है, गोरी का व्यवहार उसकी क्रूरता दिखाता है।

 

Question 9. 'शेर पिंजड़े में बंद रहने पर भी शेर ही कहलाता है।' में शब्द किसने, किससे और कब कहे ?
Answer: ये शब्द चंदबरदाई ने महाराज पृथ्वीराज से तब कहे थे, जब पृथ्वीराज ने उनसे कहा कि वे उन्हें बार-बार 'महाराज' न कहें क्योंकि वे अब कैदी हैं। चंदबरदाई ने इन शब्दों से पृथ्वीराज के आत्मसम्मान को जगाने की कोशिश की।
In simple words: चंदबरदाई ने यह बात पृथ्वीराज से कही थी। उन्होंने यह तब कहा जब पृथ्वीराज ने खुद को कैदी बताया और महाराज कहलाने से मना किया।

🎯 Exam Tip: संवादों को याद रखें और समझें कि वे किस पात्र ने, किस स्थिति में और किस अन्य पात्र से कहे थे।

 

Question 10. "मेरे अच्छे चन्द, महाकवि मित्र, प्यारे, मेरे जीवन की श्मशान के समान भयानक आग शांत कर दो।” पृथ्वीराज के जीवन की श्मशान के समान भयानक आग कौन-सी थी ?
Answer: पृथ्वीराज मुहम्मद गोरी के बंदी थे। गोरी उन्हें बहुत कठोर यातनाएँ दे रहा था। पृथ्वीराज दिल्ली और अजमेर के राजा थे। इस तरह बंदी बनकर रहना उनके जैसे सम्राट के लिए असहनीय था। बंदी के रूप में रहना और गोरी के क्रूर, अमानवीय अत्याचार ही पृथ्वीराज के जीवन की श्मशान के समान भयानक आग थी। यह पीड़ा उन्हें अंदर ही अंदर जला रही थी।
In simple words: पृथ्वीराज को मुहम्मद गोरी ने बंदी बना लिया था। गोरी उन्हें बहुत कष्ट दे रहा था। एक राजा होकर कैदी बनना और अत्याचार सहना ही उनके लिए श्मशान की आग जैसा दुख था।

🎯 Exam Tip: अलंकारिक भाषा वाले कथनों का अर्थ उनके मूल भाव और संदर्भ को समझते हुए स्पष्ट करें।

 

Question 11. "कुछ नहीं ? बोलो ? अभी तो बोल रहे थे। अंधे के पैर चूम रहे थे, उसकी आँखें नहीं चूमते ? अहो, कैसी खूबसूरत आँखें हैं।” पंक्तियों में गोरी का कौन-सा भाव व्यक्त हुआ है ?
Answer: इन पंक्तियों में मुहम्मद गोरी का पृथ्वीराज के प्रति व्यंग्य और मज़ाक का भाव व्यक्त हुआ है। गोरी पृथ्वीराज के अंधेपन और उनकी लाचारी पर तंज कस रहा था।
In simple words: इन बातों से मुहम्मद गोरी पृथ्वीराज का मज़ाक उड़ा रहा था। वह उनकी हालत पर व्यंग्य कर रहा था।

🎯 Exam Tip: संवादों में छिपे भावों को पहचानने का प्रयास करें, जैसे यहाँ गोरी का व्यंग्य स्पष्ट है।

 

Question 12. चन्दबरदाई कुत पृथ्वीराज चौहान को लेकर लिखे महाकाव्य का नाम लिखिए।
Answer: चंदबरदाई द्वारा पृथ्वीराज चौहान को लेकर लिखे गए महाकाव्य का नाम 'पृथ्वीराज रासो' है। यह भारतीय साहित्य का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है।
In simple words: चंदबरदाई ने पृथ्वीराज चौहान के बारे में 'पृथ्वीराज रासो' नाम की एक बड़ी कविता लिखी थी।

🎯 Exam Tip: प्रमुख साहित्यकारों और उनके प्रमुख ग्रंथों के नाम अवश्य याद करें।

 

Question 13. चन्दबरदाई बंदीगृह में पृथ्वीराज से मिलने के लिए अपनी तलवार क्यों नहीं ले जा सका ?
Answer: चंदबरदाई बंदीगृह में पृथ्वीराज से मिलने के लिए अपनी तलवार लेकर ही जा रहा था। लेकिन मुहम्मद गोरी ने उसे साथ में तलवार ले जाने से रोक दिया। गोरी पृथ्वीराज की शक्ति को अच्छी तरह जानता था। उसे डर था कि तलवार साथ ले जाने पर वे दोनों मिलकर कोई साजिश रचेंगे।
In simple words: मुहम्मद गोरी ने चंदबरदाई को तलवार ले जाने से रोका। गोरी को डर था कि पृथ्वीराज और चंदबरदाई मिलकर कोई योजना न बना लें।

🎯 Exam Tip: कहानी के महत्वपूर्ण मोड़ और पात्रों के निर्णयों के पीछे के कारणों को समझना ज़रूरी है।

 

Question 14. पृथ्वीराज किस विद्या में सिद्धहस्त था ?
Answer: पृथ्वीराज शब्दवेधी बाण चलाने की विद्या में बहुत कुशल थे। वह केवल आवाज सुनकर लक्ष्य को भेद सकते थे, यह एक बहुत ही अनोखी और मुश्किल कला थी। इसी कला के कारण उन्होंने गोरी का वध किया।
In simple words: पृथ्वीराज शब्दवेधी बाण चलाने में माहिर थे। वह आवाज सुनकर तीर चला सकते थे।

🎯 Exam Tip: पात्रों की विशेष क्षमताओं या गुणों को हमेशा याद रखें, क्योंकि वे कहानी के मुख्य बिंदु होते हैं।

 

Question 16. गोरी ने पृथ्वीराज को बंदीगृह में किस-किस प्रकार की यातनाएँ दीं ? लिखिए।
Answer: गोरी ने पृथ्वीराज को लोहे की जंजीरों में बांधकर और उनके हाथ-पैर बांधकर जेल में डाल दिया। वहाँ उन पर बहुत ही क्रूर अत्याचार किए गए। यहाँ तक कि सामान्य सिपाही भी उन पर रौब दिखाते थे। गर्म सलाखों से उनकी आँखें जला दी गईं और उनके शरीर को भी दागा गया था। उनके शरीर पर जलने के निशान साफ दिख रहे थे। इन यातनाओं ने उन्हें बहुत दुख पहुँचाया।
In simple words: मुहम्मद गोरी ने पृथ्वीराज को बंदी बनाकर उनके साथ बहुत बुरा व्यवहार किया। उन्हें जंजीरों में बांधा गया, आँखें जलाई गईं और शरीर पर भी दाग दिए गए।

🎯 Exam Tip: किसी पात्र पर हुए अत्याचारों का वर्णन करते समय विस्तार से लिखें, ताकि उसकी गंभीरता समझाई जा सके।

 

Question 17. गोरी की कैद में बंदी पृथ्वीराज चौहान की मनःस्थिति का वर्णन कीजिए।
Answer: गोरी की कैद में बंदी पृथ्वीराज चौहान की हालत बहुत दयनीय थी। गोरी द्वारा उन पर किए गए अत्याचारों से उनका मन बहुत दुखी था। वे इतने परेशान थे कि उनसे ठीक से बोला नहीं जाता था, उनकी बोली लड़खड़ा जाती थी। कभी-कभी वे अपनी प्रेयसी संयोगिता के साथ बिताए मीठे पलों को याद करने लगते थे। जयचंद के धोखे के कारण वे युद्ध में हार गए थे, इस बात से भी उनका मन दुखी था। उन्हें खुद पर इस बात से भी गुस्सा था कि उन्होंने पिछले युद्ध में हारे हुए गोरी को अपने सरदारों के कहने पर क्यों भागने दिया। अपनी इस बुरी हालत से वे इतने निराश थे कि आत्महत्या करने के लिए तैयार हो जाते हैं।
In simple words: पृथ्वीराज गोरी की कैद में बहुत दुखी थे। उन्हें बोलने में भी मुश्किल होती थी। वे संयोगिता को याद करते थे और जयचंद के धोखे से परेशान थे। वे इतने निराश थे कि आत्महत्या भी करना चाहते थे।

🎯 Exam Tip: पात्रों की मानसिक स्थिति का वर्णन करते समय उनकी भावनाओं, विचारों और यादों को विस्तार से लिखें।

 

Question 18. गोरी आत्महत्या के लिए उद्यत चन्द के हाथों से कटार छीन लेता है तथा चन्द से जो कुछ कहता है, उन विचारों को अपने शब्दों में लिखिए।
Answer: आत्महत्या के लिए तैयार चंद के हाथों से गोरी कटार छीन लेता है। वह चंद से कहता है कि यह जीवन इतना आसान नहीं है। उसे पृथ्वीराज की हालत देखकर दुखी नहीं होना चाहिए, क्योंकि दुनिया इसी तरह चलती है और भविष्य में भी ऐसे ही चलेगी। इसका मतलब है कि जीवन में उतार-चढ़ाव तो आते ही रहते हैं। गोरी चंद से कहता है कि वह अपने मालिक का इतना वफादार है कि उसकी बुरी हालत नहीं देख सकता। अपनी ईमानदारी के लिए तो उसे इनाम मिलना चाहिए। वह पृथ्वीराज की बुरी हालत पर व्यंग्य करता हुआ कहता है कि उसे अंधे के पैर चूमने के बजाय उसकी आँखें चूमनी चाहिए, जैसे कि वे अभी भी खूबसूरत हों।
In simple words: गोरी चंद से कटार छीनकर कहता है कि जीवन में दुख-सुख आते-जाते रहते हैं, इसलिए इतना परेशान न हो। वह पृथ्वीराज की आँखों पर व्यंग्य भी करता है।

🎯 Exam Tip: किसी संवाद या घटना के पीछे के नैतिक और दार्शनिक विचारों को स्पष्ट करें, खासकर जब उसमें व्यंग्य या सीख छिपी हो।

 

Question 19. "मैंने कहा, ... मनुष्य जैसे रहना सीखो, खुदा के बंदो। जान से मार डालो, पर एक राजा की इज्जत रहने दो।” ये शब्द
Answer: ये शब्द पृथ्वीराज ने मुहम्मद गोरी से कहे थे। जब पृथ्वीराज बंदी थे और उन पर बहुत अत्याचार हो रहे थे, तब उन्होंने गोरी से अपनी इज्जत बनाए रखने की विनती की थी। वे एक राजा की तरह सम्मानजनक मौत चाहते थे।
In simple words: पृथ्वीराज ने ये शब्द मुहम्मद गोरी से कहे थे। वे बंदी होने पर भी अपनी इज्जत चाहते थे।

🎯 Exam Tip: अधूरे कथनों को उनके संदर्भ से जोड़कर पूरा करने का प्रयास करें, और बताएं कि वह कथन किसने, किससे और किस भाव से कहा था।

 

Question 20. "उस निर्दय क्षण की बात मत पूछो। बड़ी कठिनाई से उस कष्ट को भुला सका हूँ।" वह कौन-सा कष्ट था जिसे पृथ्वीराज नहीं भुला पा रहा था ?
Answer: पृथ्वीराज मुहम्मद गोरी की कैद में थे। वहाँ उनके शरीर पर बहुत क्रूर अत्याचार किए गए। उनकी आँखों की पुतलियों को गर्म सलाखों से जला दिया गया था। एक शक्तिशाली राजा के साथ ऐसी अमानवीय क्रूरता का व्यवहार किया गया था। इन यातनाओं से मिले कष्ट को पृथ्वीराज कभी नहीं भुला पा रहे थे। वह कष्ट उनके मन में हमेशा के लिए बैठ गया था।
In simple words: पृथ्वीराज को गोरी की कैद में जो अमानवीय यातनाएँ मिली थीं, जैसे आँखों को जला देना, वह उन्हें कभी भुला नहीं पा रहे थे।

🎯 Exam Tip: किसी पात्र के अनुभवों का वर्णन करते समय उनकी भावनात्मक गहराई को दर्शाएँ।

 

Question 21. चन्द यदि कटार लेकर आत्महत्या कर लेता तो एकांकीकार को कथा में क्या मोड़ देना पड़ता ?
Answer: यदि चंद कटार लेकर आत्महत्या कर लेता, तो पृथ्वीराज, जो अंधे हो चुके थे, उस दृश्य को देख नहीं पाते। लेकिन इस दुख और आवेश में संभवतः वे भी कुछ गलत कर बैठते। ऐसी स्थिति में एकांकीकार को कहानी वहीं समाप्त करनी पड़ती। तब पृथ्वीराज के शौर्य का प्रदर्शन नहीं हो पाता।
In simple words: अगर चंद खुद को मार लेता, तो पृथ्वीराज यह सब देख नहीं पाते। लेखक को कहानी वहीं खत्म करनी पड़ती और आगे की घटनाएँ नहीं होतीं।

🎯 Exam Tip: साहित्य में किसी घटना के काल्पनिक परिणामों पर विचार करते समय कहानी की मुख्य घटनाओं पर उसका प्रभाव बताएं।

 

Question 22. चन्द गोरी को अपने 'अंधेवीर' का कौन-सा तमाशा दिखाना चाहता था और क्यों ?
Answer: गोरी ने पृथ्वीराज को अंधा बना दिया था। पृथ्वीराज शब्दवेधी बाण चलाने में बहुत कुशल थे। वे केवल आवाज सुनकर तीर चला सकते थे। चंद गोरी को अपने 'अंधेवीर' अर्थात् पृथ्वीराज के शब्दवेधी बाण चलाने की कला का तमाशा दिखाना चाहता था। उसकी योजना थी कि इस तमाशे के बहाने गोरी की हत्या करवा दी जाए। चंद अपनी इस योजना में सफल भी हुआ।
In simple words: चंद गोरी को पृथ्वीराज की शब्दवेधी बाण चलाने की कला दिखाना चाहता था। उसका मकसद इस बहाने गोरी को मारना था।

🎯 Exam Tip: पात्रों के उद्देश्यों और उनकी योजनाओं को स्पष्ट रूप से बताएं, खासकर जब उनमें कोई बड़ा रहस्य या परिणाम छिपा हो।

 

Question 23. "दिल्ली और अजमेर को भौंह के संकेत से नचाने वाले चौहान को ये शब्द भी सुनने पड़े।” ऐसे कौन-से, किसके शब्द सुनाई पड़े ?
Answer: 'कैदी, तेरी आँखें निकाली जाएँगी।' बंदीगृह में आए मशालचियों के सरदार के ये शब्द पृथ्वीराज को सुनाई पड़े। ये शब्द उनके अपमान और लाचारी को दिखाते थे।
In simple words: बंदीगृह में आए मशालची सरदार ने पृथ्वीराज से कहा था कि 'कैदी, तेरी आँखें निकाली जाएँगी।'

🎯 Exam Tip: किसी उद्धरण को पहचानते समय यह ध्यान दें कि वह किसने, किससे और किस परिस्थिति में कहा था।

 

Question 24. गोरी की कैद में बंदी पृथ्वीराज की दशा का वर्णन कीजिए।
Answer: गोरी की कैद में पृथ्वीराज बंदी थे। उनके हाथ जंजीरों से बंधे हुए थे। वे अपने घुटनों पर दोनों हाथ झुकाए बैठे थे। जंजीर का एक सिरा उनके पैरों तक लटक रहा था, जो हाथों को थोड़ा हिलाने भर से आवाज करता था। उनके बाल बिखरे हुए थे और दाढ़ी बढ़ गई थी। उनके कपड़े भी बहुत मैले हो गए थे। उनके शरीर पर कहीं-कहीं जलने के निशान थे। उनके घुटनों के पास फटा हुआ चूड़ीदार पाजामा था, जिस पर खून के धब्बे दिखते थे। पैरों में पुराने जूते थे। उनकी हालत बहुत ही दयनीय थी।
In simple words: पृथ्वीराज गोरी की कैद में बहुत बुरी हालत में थे। उनके हाथ-पैर बंधे थे, बाल बिखरे थे, कपड़े मैले थे और शरीर पर जलने के निशान थे।

🎯 Exam Tip: किसी पात्र की शारीरिक और मानसिक दशा का विस्तृत वर्णन करें, ताकि उसकी स्थिति स्पष्ट हो सके।

एकांकीकार का उद्देश्य घटनाओं का वर्णन करने के बजाय बंदी भारत-सम्राट पृथ्वीराज की मनःस्थिति को खास तौर पर दिखाना है। क्षमा-दान को जीवन का महत्वपूर्ण मूल्य मानने वाले पृथ्वीराज पर मुहम्मद गोरी द्वारा किए गए क्रूर अत्याचारों का बहुत गहरा असर पड़ा था। इस एकांकी में इसका बहुत ही भावपूर्ण और हृदयस्पर्शी वर्णन किया गया है। अपनी बेबस हालत में भी पृथ्वीराज ने जो धीरज, हिम्मत, सहनशीलता, आत्मसम्मान और कौशल दिखाया, वह अद्भुत और अनोखा है।

 

Question 26. पृथ्वीराज चौहान एवं मुहम्मद गोरी की चारित्रिक विशेषताओं को लिखते हुए दोनों के चरित्र की तुलना कीजिए।
Answer: 'पृथ्वीराज की आँखें' एकांकी में पृथ्वीराज चौहान और मुहम्मद गोरी के चरित्र की थोड़ी ही झलक दिखाई गई है। लेकिन जितनी झलक मिली है, वह दोनों के बारे में बहुत कुछ बता देती है। पृथ्वीराज चौहान इस एकांकी के नायक हैं, जबकि मुहम्मद गोरी खलनायक है। पृथ्वीराज वीर हैं, लेकिन मुहम्मद गोरी कायर है। तराइन के पहले युद्ध में पृथ्वीराज चौहान जीतते हैं, लेकिन मुहम्मद गोरी युद्ध में हारकर पीठ दिखाकर भाग जाता है। पृथ्वीराज चौहान युद्ध में हारे हुए मुहम्मद गोरी को माफ कर देते हैं, लेकिन उसी तराइन के दूसरे युद्ध में जयचंद के धोखे के कारण पृथ्वीराज हार जाते हैं। गोरी उन्हें बंदी बनाकर गोर के किले में ले जाता है और उन पर तरह-तरह के अमानवीय अत्याचार करता है। वह उनकी आँखें तक फोड़ डालता है। पृथ्वीराज वीर, धैर्यवान, साहसी, सहनशील, स्वाभिमानी और क्षमाशील हैं, जबकि गोरी कायर, क्रूर और धूर्त है। उनका चरित्र बिल्कुल विपरीत है।
In simple words: पृथ्वीराज बहादुर, धैर्यवान और दयालु थे, पर धोखेबाज़ नहीं थे। गोरी कायर, क्रूर और धूर्त था। पृथ्वीराज ने उसे माफ किया, पर गोरी ने उन पर अत्याचार किए और आँखें फोड़ दीं।

🎯 Exam Tip: पात्रों के चरित्र की तुलना करते समय उनके गुणों और अवगुणों को स्पष्ट उदाहरणों के साथ दर्शाएँ।

 

Question 27. मुहम्मद गोरी के स्थान पर यदि पृथ्वीराज ने गोरी को कैद कर लिया होता तो पृथ्वीराज गोरी के साथ कैसा व्यवहार करता ? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।
Answer: अगर मुहम्मद गोरी के बजाय पृथ्वीराज ने गोरी को कैद कर लिया होता, तो वे गोरी जैसा व्यवहार बिल्कुल नहीं करते। पृथ्वीराज भारतीय संस्कृति को मानते थे। भारतीय संस्कृति में इंसानियत को बहुत महत्व दिया जाता है। दुश्मनों के साथ भी सहानुभूति रखी जाती है। उनके साथ क्रूरता नहीं, बल्कि दया और इंसानियत का व्यवहार किया जाता है। मुहम्मद गोरी क्रूर था, उसमें दया नाम की कोई चीज़ नहीं थी। उसने पृथ्वीराज के साथ बहुत क्रूर और अमानवीय व्यवहार किया। पृथ्वीराज की बहुत अधिक इंसानियत और दयालुता के कारण ही गोरी को पहले युद्ध में माफ कर दिया गया था। पृथ्वीराज वीर और साहसी थे, लेकिन वे राजनीति में उतने चतुर नहीं थे।
In simple words: पृथ्वीराज गोरी के साथ दयालुता से व्यवहार करते, क्योंकि भारतीय संस्कृति में दया को महत्व दिया जाता है। गोरी क्रूर था, इसलिए पृथ्वीराज ने उसे पहले युद्ध में माफ कर दिया था।

🎯 Exam Tip: काल्पनिक स्थितियों में पात्रों के संभावित व्यवहार को उनके मूल चरित्र और नैतिक मूल्यों के आधार पर समझाएँ।

 

Question 28. मुहम्मद गोरी ने पृथ्वीराज के साथ जो क्रूर व्यवहानर किया, क्या वह उचित था ? इतिहास सम्मत किसी ऐसी घटना का उल्लेख कीजिए, जिसमें विजेता ने किसी वीर राजा के बंदी हो जाने पर भी उसके साथ इसके विपरीत व्यवहार किया हो।'
Answer: मुहम्मद गोरी ने पृथ्वीराज के साथ जो क्रूर व्यवहार किया, वह किसी भी तरह से उचित नहीं था। उसकी क्रूरता तब सबसे ज़्यादा दिखाई दी जब उसने लाचार पृथ्वीराज की दोनों आँखों में गर्म सलाखें डालकर उन्हें अंधा बना दिया। यह सच है कि सभी विजेता मुहम्मद गोरी की तरह क्रूर नहीं होते। उदाहरण के लिए, हम सिकंदर को देख सकते हैं। वह एक वीर योद्धा था और उसकी इच्छाएँ बड़ी थीं, लेकिन उसमें इंसानियत भी थी। उसने भारत पर हमला करके यहाँ कई राजाओं को हराया था। उसने राजा पोरस के साथ भी युद्ध किया था। युद्ध जीतने के बाद, सिकंदर ने पोरस के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया और उनका राज्य उन्हें लौटा दिया था।
In simple words: गोरी का क्रूर व्यवहार गलत था, खासकर पृथ्वीराज की आँखें फोड़ना। सिकंदर ने राजा पोरस के साथ युद्ध जीतने के बाद भी सम्मानजनक व्यवहार किया था।

🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक घटनाओं और पात्रों के व्यवहार पर अपनी राय दें और उसे अन्य ऐतिहासिक उदाहरणों से जोड़कर स्पष्ट करें।

 

RBSE Class 11 Hindi आलोक Chapter 6 लघूत्तरीय प्रश्नोत्तर

 

Question 1. पृथ्वीराज की आँखें' एकांकी की रचना लेखक ने किस दृष्टिकोण को सामने रखकर की है ?
Answer: महाकवि चंदबरदाई ने 'पृथ्वीराज रासो' ग्रंथ की रचना की है। इस ग्रंथ के छियासठवें खंड (बड़ी लड़ाइयों के समय) में मुहम्मद गोरी द्वारा पृथ्वीराज को बंदी बनाकर गोर ले जाने का वर्णन है। सड़सठवें खंड (बाणभेदी बाण चलाने के समय) में पृथ्वीराज की धनुर्विद्या का वर्णन है और अंत में पृथ्वीराज के शब्दवेधी बाण से मुहम्मद गोरी के वध का वर्णन किया गया है। इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर लेखक ने 'पृथ्वीराज की आँखें' एकांकी की रचना की है। यह एकांकी पृथ्वीराज की वीरता और आत्मसम्मान को दर्शाती है।
In simple words: लेखक ने 'पृथ्वीराज रासो' ग्रंथ की घटनाओं को ध्यान में रखकर 'पृथ्वीराज की आँखें' एकांकी लिखी है। इसमें पृथ्वीराज की बहादुरी और कैसे उन्होंने शब्दवेधी बाण से गोरी को मारा, यह दिखाया गया है।

🎯 Exam Tip: किसी रचना के पीछे लेखक के उद्देश्य और प्रेरणा को समझना महत्वपूर्ण है, खासकर जब वह ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित हो।

 

Question 2. पृथ्वीराज ने कवि चन्द से किस बात की घोषणा करने के लिए कहा ?
Answer: मुहम्मद गोरी ने बंदी पृथ्वीराज पर बहुत क्रूर अत्याचार किए थे। उन अत्याचारों को देखकर कवि चंद भी शायद काँप जाते। पृथ्वीराज ने कहा कि धरती तो सबकी माता है। कोई भी माता अपनी संतान के छोटे से कष्ट से भी दुखी हो जाती है। उन्हें आश्चर्य हुआ कि धरती माता ने उन पर हुए अत्याचारों को कैसे सहन किया। इसलिए उन्होंने कवि से कहा कि वह घोषणा कर दे कि यह धरती माता नहीं, बल्कि पिशाचिनी है। पृथ्वीराज का गुस्सा और निराशा इस बात से जाहिर होती है।
In simple words: पृथ्वीराज ने चंद से कहा कि वे घोषणा करें कि यह धरती माता नहीं, बल्कि एक पिशाच है। उन्हें गुस्सा था कि धरती ने उन पर हुए अत्याचारों को कैसे सहन किया।

🎯 Exam Tip: पात्रों के संवादों में छिपी गहरी भावनाओं को पहचानें और उनका अर्थ स्पष्ट करें।

 

Question 3. पृथ्वीराज के यह कहने पर कि उन्हें बार-बार महाराज न कहा जाए, क्योंकि वह कैदी हैं। इस पर कवि चन्द ने क्या कहा ?
Answer: चंद पृथ्वीराज को बार-बार 'महाराज' कहकर संबोधित कर रहा था। इस पर पृथ्वीराज गुस्सा हो गए और उन्होंने 'महाराज' कहने से मना किया। इस पर कवि चंद ने कहा कि पृथ्वीराज गोरी के लिए कैदी हो सकते हैं, उनके लिए नहीं। चंद ने समझाया कि वे शरीर से भले ही कैदी हों, लेकिन उनकी आत्मा कभी कैदी नहीं हो सकती। उन्होंने यह भी कहा कि पिंजड़े में बंद शेर हमेशा शेर ही रहता है। चंद ने आगे कहा कि ऐसे गिरे हुए प्राणी को प्राणों की आवश्यकता नहीं है, इसलिए वे पृथ्वीराज को अपनी तलवार दे सकते हैं ताकि वे अपने प्राणों का अंत कर सकें।
In simple words: पृथ्वीराज ने कहा कि वे कैदी हैं, इसलिए उन्हें महाराज न कहा जाए। इस पर चंद ने कहा कि वे शरीर से कैदी हैं, आत्मा से नहीं, और शेर पिंजरे में भी शेर ही रहता है। उन्होंने पृथ्वीराज को अपनी तलवार भी देने की बात कही।

🎯 Exam Tip: पात्रों के बीच के संवादों को ध्यान से पढ़ें और उनके विचारों को समझें, विशेषकर जब वे आत्मसम्मान और पहचान से जुड़े हों।

 

Question 5. "पृथ्वीराज तू मूझे किन आँखों से देख रहा है।” गोरी के इस कथन के उत्तर में पृथ्वीराज ने क्या कहा ?
Answer: मुहम्मद गोरी के इस कथन के उत्तर में पृथ्वीराज ने बहुत शांत भाव से कहा कि वह (गोरी) देखने लायक है ही कहाँ कि उसे देखा जाए। पृथ्वीराज ने कहा कि वे तो अंधे हैं। यदि वे अपनी अंधी आँखों से देख सकते, फिर भी वे उसे देखना पसंद नहीं करते। उन्होंने यह भी कहा कि यह अच्छा ही हुआ कि उसने आँखों की रोशनी छीन ली। पृथ्वीराज का यह उत्तर उनके आत्मसम्मान को दर्शाता है।
In simple words: जब गोरी ने पूछा कि 'पृथ्वीराज तू मुझे किन आँखों से देख रहा है?', तो पृथ्वीराज ने कहा कि गोरी देखने लायक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अच्छा हुआ कि उनकी आँखें नहीं हैं, क्योंकि वे उसे देखना पसंद नहीं करते।

🎯 Exam Tip: पात्रों के संवादों में छिपे व्यंग्य और आत्मसम्मान के भाव को पहचानना सीखें।

 

RBSE Class 11 Hindi आलोक Chapter 6 निबंधात्मक प्रश्नोत्तर

 

Question 1. पृथ्वीराज के लिए कौन-सी रात भयंकर थी ? उस रात कौन-सी घटना घटी थी ?
Answer: पृथ्वीराज के लिए वह रात बहुत भयंकर थी, जिस रात उनकी आँखों की रोशनी छीन ली गई। उन्हें अंधा बना दिया गया। पृथ्वीराज को इस बात से बहुत हैरानी हुई कि इतना कष्ट सहकर भी वे जीवित थे। अंधकार उनकी आँखों में घुसकर जैसे उन्हें घूर रहा था। उस रात चार मशालची मशाल लेकर जेल में आए, उनके साथ एक सरदार भी था। मशालों की लौ इधर-उधर ऐसे झूम रही थी मानो अंधकार रूपी भयंकर राक्षस की लपलपाती जीभ हो। सरदार के हाथ में एक छुरा था। उसने कड़कती आवाज में कहा कि उनकी (पृथ्वीराज की) आँखें निकाली जाएँगी। यह सुल्तान मुहम्मद गोरी का आदेश था। यह घटना उनके लिए असहनीय थी।
In simple words: वह रात पृथ्वीराज के लिए भयानक थी जब उनकी आँखें छीन ली गईं और उन्हें अंधा कर दिया गया। उस रात मशालची और सरदार आए, और सरदार ने बताया कि गोरी के आदेश पर उनकी आँखें निकाली जाएँगी।

🎯 Exam Tip: किसी महत्वपूर्ण घटना का वर्णन करते समय उसके हर छोटे-बड़े विवरण को शामिल करें और पात्रों पर उसके भावनात्मक प्रभाव को भी बताएं।

 

Question 2. गरम सूजे पृथ्वीराज की आँखों के पास लाने पर उन्हें किस बात की याद आई ?
Answer: जब दो गर्म सूजे (सलाखें) पृथ्वीराज की दोनों आँखों के पास लाए गए, तो उन्हें उन सलाखों की गर्मी धीरे-धीरे पास आती हुई महसूस हुई। उस समय उन्हें संयोगिता के साथ बिताए एक खास अनुभव की याद आई। उन्हें याद आया कि संयोगिता ने एक बार इसी तरह धीरे-धीरे अपने होंठों को समीप लाते हुए इन्हीं आँखों को चूमा था। वह पल बहुत मादक था। उस समय उन होंठों की मादकता उन्हें अब इन गर्म सलाखों में महसूस हुई। जिन आँखों में संयोगिता की छवि बसी थी, वे आँखें अब नहीं रहीं। जिन आँखों में सौंदर्य का अमृत पिया था, वे आँखें अब नहीं रहीं। यह उनके लिए बहुत दर्दनाक अनुभव था।
In simple words: जब गर्म सलाखें उनकी आँखों के पास लाई गईं, तो पृथ्वीराज को संयोगिता के साथ बिताए मीठे पलों की याद आई। उन्हें याद आया कि संयोगिता ने एक बार उनकी आँखों को चूमा था, और अब उसी जगह गर्म सलाखें थीं।

🎯 Exam Tip: पात्रों के अनुभवों का वर्णन करते समय उनके भावनात्मक जुड़ाव और पुरानी यादों को स्पष्ट करें।

 

पृथ्वीराज की आँखें पाठ-सारांश

डॉ. रामकुमार वर्मा द्वारा लिखित 'पृथ्वीराज की आँखें' भावना-प्रधान ऐतिहासिक नाटक है। इस नाटक की कथावस्तु पृथ्वीराज के मित्र महाकवि चंदबरदाई द्वारा रचित 'पृथ्वीराज रासो' महाकाव्य के छियासठवें समयों (बड़ी लड़ाई समय) तथा सड़सठवें समयों (बाणवेध समय) पर आधारित है। तराइन के प्रथम युद्ध में शहाबुद्दीन मुहम्मद गोरी पराजित होकर भाग गया। उसी तराइन के द्वितीय युद्ध में हत्या कर लेने के लिए तैयार हो जाता है। इसी समय मुहम्मद गोरी वहाँ आकर उसे रोक लेता है। वह चन्दबरदाई के 'महाराज' शब्द और पृथ्वीराज की आँखों पर व्यंग्य करता है। अवसर पाकर चन्द बरदाई पृथ्वीराज के शब्दवेधी बाण चलाने के चमत्कार की प्रशंसा मुहम्मद गोरी के सामने करता है। मुहम्मद गोरी उस अद्भुत चमत्कार को देखने के लिए तैयार हो जाता है।

कठिन शब्दार्थ

  • पृष्ठसं. 38, धनुर्विद्या = धनुष चलाने की विद्या, तीरंदाजी।
  • वध = हत्या।
  • दृष्टिकोण = देखने, सोचने-समझने का पहलू।
  • प्रौढ़ = मध्य अवस्था को प्राप्त, तीस से पचास वर्ष की आयु का व्यक्ति।
  • शौर्य = शूरता, वीरता।
  • शौर्य फूटना = वीरता की चमक प्रकट होना।
  • साँकल = जंजीर।
  • अंकित = चिह्नित, लिखा हुआ।
  • पृष्ठसं. 39. आखेट = शिकार।
  • व्याघ्र = बाघ।
  • तीक्ष्णता = पैनापन, धारदार, तेज।
  • दयार्द्र = दया से द्रवित होने वाला।
  • निस्तेज = तेजरहित।
  • कुंठित = कुंद, भोथरा, गतिहीन।
  • कृत्य = कर्म।
  • पिशाचिनी = राक्षसी।
  • भावोन्मेष = भावों का उदय।
  • उन्माद = पागलपन, सनक।
  • प्रेयसी = प्रियतमा, प्रेमिका।
  • शैथिल्य = शिथिलता।
  • पृष्ठ सं. 40. सूजे = सलाखें, छड़े, सूआ, बड़ी और मोटी भूई।
  • सुधा = अमृत।
  • रक्त-वर्ण = लाल रंग।
  • लोहा बरसाना (मुहा) = घमासान युद्ध करना।
  • पृष्ठसं. 41. वक्षस्थल = उर, छाती, सीना।
  • विचलित = डिगा हुआ, अस्थिर, विकल।
  • आघात = चोट, प्रहार।
  • मायूस = उदास, दुखी।
  • नाचीज = मामूली।
  • पृष्ठ सं. 42-43. खुदकुशी = आत्महत्या।
  • अट्टहास = जोर की हँसी, ठहाका।
  • मुस्तैदी = कटिबद्धता, तेजी।
  • मुराद = अभिलाषा, इच्छा।
  • प्रस्थान = गमन, जाना।

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