RBSE Solutions Class 11 Economics Chapter 26 राजस्थान में पर्यटन विकास

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Detailed Chapter 26 राजस्थान में पर्यटन विकास RBSE Solutions for Class 11 Economics

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Class 11 Economics Chapter 26 राजस्थान में पर्यटन विकास RBSE Solutions PDF

RBSE Class 11 Economics Chapter 26 पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर

RBSE Class 11 Economics Chapter 26 बहुचयनात्मक प्रश्न

 

Question 1. जैसलमेर में स्थित है.
(अ) नाहरगढ़ किला
(ब) तारागढ़ का किला
(स) सोनार किला
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (स) सोनार किला
In simple words: सोनार किला जैसलमेर शहर में बना है. यह राजस्थान के पुराने और मशहूर किलों में से एक है.

🎯 Exam Tip: राजस्थान के प्रमुख किलों और उनके स्थानों को याद रखें, क्योंकि यह अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछा जाता है.

 

Question 2. राज्य में नए पर्यटन पैकेज में शामिल है
(अ) पैलेस ऑन व्हील्स
Answer: (अ) पैलेस ऑन व्हील्स
In simple words: 'पैलेस ऑन व्हील्स' राजस्थान की एक खास ट्रेन है जो पर्यटकों को यहाँ के शाही महलों और जगहों की सैर कराती है. यह राज्य के नए पर्यटन पैकेज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.

🎯 Exam Tip: पर्यटन से संबंधित राज्य सरकार की विशेष पहलों और योजनाओं को जानें. 'पैलेस ऑन व्हील्स' जैसी अद्वितीय सेवाएं पर्यटन को बढ़ावा देती हैं.

 

Question 3. पर्यटन की दृष्टि से राजस्थान में मण्डल हैं
(अ) 5
(ब) 7
(स) 9
(द) 10
Answer: (द) 10
In simple words: राजस्थान को पर्यटन के लिए 10 अलग-अलग क्षेत्रों में बांटा गया है ताकि हर हिस्से का अच्छे से विकास हो सके. इससे हर क्षेत्र की खास पहचान को बढ़ावा मिलता है.

🎯 Exam Tip: राजस्थान में पर्यटन मंडलों की संख्या और उनके पीछे के उद्देश्य को समझना महत्वपूर्ण है. यह राज्य की पर्यटन रणनीति का हिस्सा है.

 

Question 4. रणथम्भौर स्थित है
(अ) अलवर
(ब) सवाईमाधोपुर
(स) भरतपुर
(द) सीकर
Answer: (ब) सवाईमाधोपुर
In simple words: रणथम्भौर, जो अपने किले और बाघ अभ्यारण्य के लिए प्रसिद्ध है, सवाईमाधोपुर जिले में पड़ता है. यह वन्यजीव प्रेमियों और इतिहास के शौकीनों दोनों के लिए एक खास जगह है.

🎯 Exam Tip: राजस्थान के प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यानों और किलों के सही स्थानों को याद रखें, खासकर जो पर्यटन के मानचित्र पर महत्वपूर्ण हैं.

RBSE Class 11 Economics Chapter 26 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. माउण्ट आबू कौन-से जिले में स्थित है?
Answer: माउण्ट आबू सिरोही जिले में स्थित है. यह राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है.
In simple words: माउण्ट आबू सिरोही जिले में है.

🎯 Exam Tip: राजस्थान के भौगोलिक महत्व के स्थानों को उनके संबंधित जिलों के साथ याद रखें. माउण्ट आबू एक अनूठी पहचान रखता है.

 

Question 2. ब्रह्माजी का मन्दिर कहाँ पर है?
Answer: ब्रह्माजी का मन्दिर पुष्कर में स्थित है. यह दुनिया में ब्रह्माजी को समर्पित कुछ मंदिरों में से एक है, जो इसे एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल बनाता है.
In simple words: ब्रह्माजी का मन्दिर पुष्कर में है.

🎯 Exam Tip: राजस्थान के प्रमुख धार्मिक स्थलों और वे कहाँ स्थित हैं, इसकी जानकारी रखें. पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर विशेष महत्व रखता है.

 

Question 3. मीनाकारी के आभूषणों में राज्य का कौन-सा शहर प्रसिद्ध है?
Answer: मीनाकारी के आभूषणों में राज्य का गंगानगर जिला प्रसिद्ध है. यह कला धातुओं पर रंगीन मीना चढ़ाने की एक जटिल प्रक्रिया है.
In simple words: मीनाकारी के आभूषणों के लिए गंगानगर प्रसिद्ध है.

🎯 Exam Tip: राजस्थान की विभिन्न हस्तकलाओं और उनके प्रसिद्ध केंद्रों को जानें. मीनाकारी एक जटिल और खूबसूरत कला है.

 

Question 5. विश्व धरोहर सूची में शामिल जंतर-मंतर कौन-से शहर में है?
Answer: विश्व धरोहर सूची में शामिल जंतर-मंतर जयपुर शहर में स्थित है. यह महाराजा जयसिंह द्वितीय द्वारा बनवाई गई एक खगोलीय वेधशाला है.
In simple words: जंतर-मंतर जयपुर में है.

🎯 Exam Tip: यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल राजस्थान के स्थलों को विशेष रूप से याद रखें. जंतर-मंतर एक वैज्ञानिक और ऐतिहासिक स्थल है.

 

Question 6. पौद्वारों की हवेली कहाँ है?
Answer: पौद्दारों की हवेली जयपुर में स्थित है. यह हवेलियाँ अपनी सुंदर वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के लिए जानी जाती हैं.
In simple words: पौद्दारों की हवेली जयपुर में है.

🎯 Exam Tip: राजस्थान की प्रसिद्ध हवेलियों और महलों के स्थान को याद रखें, जो पर्यटन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं.

 

Question 7. घना पक्षी विहार कौन-से जिले में है?
Answer: घना पक्षी विहार भरतपुर जिले में स्थित है. इसे केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के नाम से भी जाना जाता है और यह विभिन्न प्रवासी पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण आश्रय स्थल है.
In simple words: घना पक्षी विहार भरतपुर जिले में है.

🎯 Exam Tip: राजस्थान के प्रमुख वन्यजीव अभयारण्यों और राष्ट्रीय उद्यानों को उनके संबंधित जिलों के साथ याद रखें.

 

Question 8. ताल छापर वन अभ्यारण्य कहाँ पर है?
Answer: ताल छापर वन अभ्यारण्य चूरू जिले में स्थित है. यह अभ्यारण्य मुख्य रूप से काले हिरणों के लिए प्रसिद्ध है.
In simple words: ताल छापर अभ्यारण्य चूरू जिले में है.

🎯 Exam Tip: विभिन्न अभयारण्यों और वे किस वन्यजीव के लिए प्रसिद्ध हैं, इसकी जानकारी रखें.

 

Question 9. राजस्थान पर्यटन विकास निगम की स्थापना कब की गई?
Answer: राजस्थान पर्यटन विकास निगम (RTDC) की स्थापना 1 अप्रैल, 1979 में की गई थी. इस निगम का उद्देश्य राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देना और उससे जुड़ी सुविधाओं का विकास करना है.
In simple words: राजस्थान पर्यटन विकास निगम की स्थापना 1 अप्रैल, 1979 को हुई.

🎯 Exam Tip: राज्य की प्रमुख विकास संस्थाओं की स्थापना तिथि और उनके मुख्य कार्यों को याद रखना सहायक होता है.

RBSE Class 11 Economics Chapter 26 लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. वर्ष 2012-13 के बजट प्रावधानों में पर्यटन के लिए क्या प्रावधान किये गए?
Answer: वर्ष 2012-13 के बजट में पर्यटन के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए थे, जिनका उद्देश्य राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देना था. इन प्रावधानों का मुख्य ध्यान पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने और पर्यटन स्थलों का रखरखाव करने पर था.
राजस्थान पर्यटन विकास निगम के मुख्य कार्य, जो बजट प्रावधानों से भी जुड़े थे, वे निम्नलिखित हैं:
1. राज्य में पर्यटकों के लिए नई योजनाएं बनाना और उन्हें लागू करना.
2. पर्यटन के महत्वपूर्ण स्थानों का रखरखाव करना और उनका विकास करना.
3. पर्यटकों के ठहरने और खाने की सुविधा के लिए होटल, मोटेल, और टूरिस्ट बंगले बनाना.
4. पर्यटकों के लिए यात्रा, मनोरंजन और अन्य सुविधाएँ देना, साथ ही पैकेज-पर्यटन की व्यवस्था करना.
5. राज्य में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रचार सामग्री तैयार करना और उसे बाँटना.
In simple words: 2012-13 के बजट में पर्यटन को बढ़ाने के लिए नई योजनाएं बनाने, पर्यटन स्थलों का रखरखाव करने, ठहरने और खाने की सुविधाएं देने, परिवहन और मनोरंजन के साधन उपलब्ध कराने, और प्रचार करने पर जोर दिया गया था.

🎯 Exam Tip: बजट प्रावधानों से संबंधित प्रश्नों में, मुख्य उद्देश्यों और उनके कार्यान्वयन के लिए उठाए गए कदमों पर ध्यान केंद्रित करें.

 

Question 3. वास्तु एवं स्थापत्य कला पर्यटन क्षेत्र के रूप में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आप अपने विचार प्रकट कीजिए।
Answer: वास्तु एवं स्थापत्य कला पर्यटन क्षेत्र में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है क्योंकि यह पर्यटकों को आकर्षित करने का एक प्रमुख साधन है. राजस्थान अपनी अद्भुत स्थापत्य कला और वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, और हर साल लाखों पर्यटक इसे देखने आते हैं.
उदाहरण के लिए, राजस्थान में ढाई दिन का झोंपड़ा, जंतर-मंतर, विजय स्तम्भ और पटवों की हवेली जैसे स्थल अपनी अनूठी वास्तुकला के कारण पर्यटकों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं. इन स्थानों को देखने आने वाले पर्यटकों से राज्य को आय मिलती है और रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं. इस प्रकार, वास्तु और स्थापत्य कला न केवल राज्य की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है, बल्कि पर्यटन उद्योग के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है.
In simple words: वास्तु और स्थापत्य कला पर्यटकों को बहुत पसंद आती है, खासकर राजस्थान में. यहाँ के ऐतिहासिक भवन जैसे जंतर-मंतर और हवेलियाँ देखने दूर-दूर से लोग आते हैं. इससे राज्य को पैसे मिलते हैं और लोगों को काम भी मिलता है.

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में अपने विचार व्यक्त करते समय, ठोस उदाहरणों और उनके आर्थिक एवं सांस्कृतिक महत्व को स्पष्ट रूप से बताएं.

 

Question 4. दुर्ग एवं महलों का पर्यटन उद्योग में क्या महत्त्व है?
Answer: दुर्ग और महल पर्यटन उद्योग के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये विदेशी और स्वदेशी दोनों तरह के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. ये राजस्थान की संस्कृति और इतिहास के मुख्य आकर्षण केंद्र हैं. राज्य के कई दुर्ग और महलों को विश्व धरोहर स्थलों में भी शामिल किया गया है, जो उनकी वैश्विक पहचान को बढ़ाते हैं.
ये दुर्ग और महल राजस्थान के रणबांकुरों की वीरता और शौर्य की कहानियाँ बताते हैं, जिससे पर्यटक बहुत प्रभावित होते हैं. पर्यटकों के इन स्थलों पर आने से राज्य को विदेशी मुद्रा मिलती है, जिससे अर्थव्यवस्था मजबूत होती है. इसलिए, दुर्ग और महल पर्यटन का एक अभिन्न अंग हैं और राज्य के पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
In simple words: दुर्ग और महल पर्यटकों को खूब खींचते हैं. ये हमारे इतिहास और बहादुरी की कहानियाँ बताते हैं. इन्हें देखने से देश-विदेश से पैसे आते हैं और राज्य का नाम भी होता है, इसलिए ये पर्यटन के लिए बहुत जरूरी हैं.

🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक स्थलों के महत्व का वर्णन करते समय, उनके सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आर्थिक पहलुओं को शामिल करें.

 

Question 5. पर्यटन उद्योग के विकसित होने पर राज्य के नागरिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है, कैसे? समझाइये।
Answer: राजस्थान में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है, और इसके विकसित होने से राज्य के नागरिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है. ऐसा माना जाता है कि हर आठ विदेशी पर्यटकों पर राज्य में एक व्यक्ति को रोजगार मिलता है, और हर 32 स्वदेशी पर्यटकों पर भी एक व्यक्ति को रोजगार मिलता है. यह दर्शाता है कि पर्यटन उद्योग बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करता है.
पर्यटन उद्योग से नागरिकों को गाइड, ट्रैवल एजेंट, ड्राइवर, होटल मालिक, और हस्तशिल्पियों के रूप में काम मिलता है. जैसे-जैसे पर्यटन उद्योग बढ़ता है, इन क्षेत्रों में रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा होते हैं, जिससे लोगों की आय बढ़ती है और उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर होती है. इस प्रकार, पर्यटन एक प्रमुख आर्थिक चालक है जो राज्य के नागरिकों को सीधा लाभ पहुंचाता है.
In simple words: पर्यटन उद्योग बढ़ने से लोगों को खूब काम मिलता है. गाइड, ड्राइवर, होटल वाले, और कारीगर जैसे कई लोगों को रोजगार मिलता है. इससे उनकी कमाई बढ़ती है और उनका जीवन बेहतर होता है.

🎯 Exam Tip: पर्यटन के आर्थिक प्रभावों का वर्णन करते समय, रोजगार सृजन, आय वृद्धि, और विदेशी मुद्रा अर्जन जैसे बिंदुओं पर जोर दें.

 

Question 7. पर्यटन विकास निगम के मुख्य कार्य क्या हैं।
Answer: राजस्थान पर्यटन विकास निगम (RTDC) के मुख्य कार्य राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और उससे जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर केंद्रित हैं. ये कार्य पर्यटन उद्योग को संगठित और विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
राजस्थान पर्यटन विकास निगम के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं:
1. राज्य में पर्यटकों के लिए विशेष योजनाएं बनाना और उन्हें लागू करना.
2. पर्यटन के महत्वपूर्ण स्थानों का रखरखाव करना और उनका विकास करना.
3. पर्यटकों के रहने और खाने की सुविधा के लिए होटल, मोटेल और टूरिस्ट बंगले बनवाना और उनका संचालन करना.
4. पर्यटकों के लिए यात्रा, मनोरंजन और अन्य सुविधाएँ देना, साथ ही विशेष पर्यटन पैकेज की व्यवस्था करना.
5. राज्य के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रचार सामग्री तैयार करना और उसे फैलाना.
In simple words: राजस्थान पर्यटन विकास निगम पर्यटकों के लिए योजनाएं बनाता है, पर्यटन स्थलों को ठीक रखता है, ठहरने और खाने की सुविधाएं देता है, यात्रा और मनोरंजन का इंतजाम करता है, और राज्य का पर्यटन का प्रचार करता है.

🎯 Exam Tip: किसी भी निगम या संगठन के कार्यों को सूचीबद्ध करते समय, प्रत्येक बिंदु को स्पष्ट और संक्षिप्त रखें.

 

Question 8. पर्यटन क्षेत्र की तीन समस्याएँ नाम लिखिये।
Answer: पर्यटन क्षेत्र के विकास में कुछ मुख्य समस्याएँ हैं जिन्हें दूर करना बहुत जरूरी है ताकि यह उद्योग और बढ़ सके. ये समस्याएँ अक्सर पर्यटकों के अनुभव और राज्य के विकास को प्रभावित करती हैं.
पर्यटन क्षेत्र में तीन प्रमुख समस्याएँ निम्नलिखित हैं:
1. उचित आवास व्यवस्था का अभाव: कई महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों पर पर्याप्त और सुविधाजनक होटलों या आवास केंद्रों की कमी है. यह पर्यटकों को असुविधा देता है और उनकी यात्रा को प्रभावित करता है.
2. प्रचार, साहित्य, गाइड और जनसंपर्क की समस्या: कई पर्यटन स्थलों के बारे में पर्याप्त जानकारी, प्रचार सामग्री, या प्रशिक्षित गाइड उपलब्ध नहीं होते हैं, जिससे पर्यटकों को सही जानकारी नहीं मिल पाती.
3. अपर्याप्त परिवहन व संचार सुविधा: बड़े शहरों में तो परिवहन और संचार की सुविधाएं ठीक हैं, लेकिन छोटे पर्यटन स्थलों तक पहुंचना मुश्किल और महंगा हो सकता है, जिससे पर्यटक उन जगहों पर जाने से कतराते हैं.
In simple words: पर्यटन में कुछ समस्याएं हैं जैसे रहने की अच्छी जगहें कम होना, सही जानकारी और गाइड नहीं मिलना, और दूर के इलाकों तक पहुंचने के लिए अच्छी गाड़ियों और फोन की सुविधा न होना.

🎯 Exam Tip: समस्याओं का वर्णन करते समय, उनकी पहचान करें और उनके प्रभावों को संक्षेप में समझाएं.

RBSE Class 11 Economics Chapter 26 निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. पर्यटन का अर्थ लिखते हुए इसके महत्त्व बताइये।
Answer: पर्यटन का अर्थ है ऐतिहासिक स्थलों को देखना, प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेना, धार्मिक स्थलों के दर्शन करना, और पहाड़ी इलाकों में घूमना. इसके साथ ही, लोग नई भाषा और संस्कृति के बारे में जानने के लिए भी यात्राएं करते हैं. आजकल पर्यटन एक उद्योग की तरह विकसित हो गया है, इसलिए इसे पर्यटन उद्योग कहा जाता है.
पर्यटन के महत्व:
पर्यटन के निम्नलिखित मुख्य महत्व हैं:
1. रोजगार का सृजन: पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने से यह रोजगार का एक बड़ा स्रोत बन गया है. हर आठ विदेशी पर्यटकों या 32 स्वदेशी पर्यटकों पर एक व्यक्ति को रोजगार मिलता है. इसमें गाइड, ट्रैवल एजेंट, ड्राइवर, होटलकर्मी और हस्तशिल्पी जैसे कई लोगों को काम मिलता है.
2. संस्कृति और कला का विकास: पर्यटन उद्योग राज्य की सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने में मदद करता है. पर्यटकों के आने से सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ता है. मेलों और त्योहारों पर होने वाले नृत्य और संगीत कार्यक्रम देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, जिससे हमारी कला और संस्कृति का प्रचार होता है.
3. पर्यटन सुविधाओं में वृद्धि: पर्यटकों के आने से आवागमन के साधनों का विकास होता है. पर्यटन से आय और रोजगार बढ़ने की संभावना होती है, जिससे व्यापार और उद्योगों का भी विकास होता है. विदेशी पर्यटकों के आने से अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में भी वृद्धि होती है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है.
In simple words: पर्यटन का मतलब है पुरानी जगहें, प्रकृति, मंदिर और पहाड़ों को देखने जाना, साथ ही नई बातें सीखना. यह एक बड़ा उद्योग बन गया है जो लोगों को काम देता है, हमारी कला और संस्कृति को बचाता है, और राज्य में सुविधाएं बढ़ाता है.

🎯 Exam Tip: निबंधात्मक प्रश्नों में, परिभाषा को स्पष्ट करें और फिर विभिन्न बिंदुओं में उसके महत्व को विस्तार से समझाएं, प्रत्येक बिंदु को संक्षिप्त और प्रासंगिक रखें.

 

Question 2. पर्यटन की कौन-कौन सी समस्याएँ हैं? उन्हें कैसे हल किया जा सकता है?
Answer: राजस्थान में पर्यटन को बढ़ावा देने में कई चुनौतियां हैं, खासकर अन्य राज्यों की तुलना में, जहाँ पर्यटन सुविधाएं पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाई हैं. इन समस्याओं को दूर करने के लिए लगातार प्रयास करने की जरूरत है.
पर्यटन की मुख्य समस्याएँ और उनके समाधान के तरीके इस प्रकार हैं:
1. उचित आवास व्यवस्था का अभाव: कई महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों पर पर्याप्त और अच्छी आवास सुविधाएं नहीं हैं, जैसे होटलों की कमी. इसे हल करने के लिए राज्य सरकार 'पेइंग गेस्ट' सुविधा को बढ़ावा दे रही है, रियायती दरों पर होटलों के निर्माण के लिए जमीन दे रही है, और पुराने किलों व महलों को 'हेरिटेज होटल' में बदल रही है.
2. प्रचार, साहित्य, गाइड और जनसंपर्क की समस्या: कई जगहों पर प्रशिक्षित गाइड और सही जानकारी देने वाले माध्यमों की कमी है. इसे दूर करने के लिए पर्यटन विभाग पर्यटन सूचना केंद्रों का विस्तार कर रहा है और महत्वपूर्ण स्थलों पर पर्यटन स्वागत केंद्र बना रहा है.
3. अपर्याप्त परिवहन व संचार सुविधा: बड़े पर्यटन स्थलों पर तो परिवहन और संचार ठीक है, लेकिन छोटे स्थलों तक पहुंचना महंगा और समय लेने वाला है. इसके समाधान के लिए पर्यटन विभाग को सरकारी और निजी स्तर पर उचित किराए पर परिवहन के साधन उपलब्ध कराने चाहिए.
4. पर्यटन स्थलों के रख-रखाव की समस्या: महत्वपूर्ण स्थलों को छोड़कर, कई पर्यटन स्थलों पर साफ-सफाई, रोशनी और मरम्मत का अभाव है. ऐसे स्थलों के लिए विपणन केंद्र स्थापित किए जाने चाहिए. इसके अलावा, पर्यटकों को सुरक्षा, पुलिस की सहायता और उनके प्रति स्नेहपूर्ण व्यवहार की भी आवश्यकता है.
In simple words: राजस्थान में पर्यटन की कुछ समस्याएँ हैं जैसे रहने की जगह कम होना, सही जानकारी और गाइड न मिलना, दूर के स्थानों तक पहुंचने में दिक्कत, और पर्यटन स्थलों की ठीक से देखभाल न होना. इन्हें ठीक करने के लिए सरकार आवास सुविधाएं बढ़ा रही है, सूचना केंद्र खोल रही है, और परिवहन व सुरक्षा पर ध्यान दे रही है.

🎯 Exam Tip: समस्याओं और उनके समाधान को स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध करें. समाधान हमेशा व्यवहारिक और सरकारी नीतियों से जुड़े होने चाहिए.

 

Question 3. राजस्थान में पर्यटन विकास पर निबन्ध लिखिए।
Answer: राजस्थान भारत और विश्व के पर्यटन मानचित्र पर एक विशेष स्थान रखता है, जहाँ पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं. राज्य सरकार पर्यटकों के लिए आवास, परिवहन और अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. इसके लिए राजस्थान पर्यटन विकास निगम (RTDC) के माध्यम से निजी उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है. जिन पर्यटन स्थलों की जानकारी अभी कम है, उनके विकास और प्रचार पर भी ध्यान दिया जा रहा है.
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए, राजस्थान पर्यटन विकास निगम लिमिटेड (RTDC) की स्थापना 1 अप्रैल, 1979 को एक निजी सीमित दायित्व वाली कंपनी के रूप में हुई थी. इस निगम के मुख्य कार्य हैं: पर्यटकों के लिए प्रोजेक्ट स्कीम बनाना, पर्यटन स्थलों का रखरखाव और विकास करना, होटलों और टूरिस्ट बंगलों का संचालन करना, परिवहन और मनोरंजन की सुविधाएँ देना, और प्रचार सामग्री उपलब्ध कराना.
राजस्थान में पर्यटन विकास के लिए कई कार्यक्रम चलाए गए हैं:
1. मार्च 1989 में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया. निजी निवेशकों को बढ़ावा देने के लिए अनुदान 15% से बढ़ाकर 20% कर दिया गया है.
2. जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, जैसलमेर, बीकानेर, अजमेर, चित्तौड़गढ़, माउण्ट आबू और पुष्कर में 'पेइंग गेस्ट योजना' के तहत 562 परिवारों के माध्यम से 4000 से अधिक पर्यटकों को ठहराने की सुविधा है.
3. विश्व प्रसिद्ध जैसलमेर किले के संरक्षण के लिए गंदे पानी और सीवरेज निकास की योजना शुरू की गई है.
4. राजस्थान सरकार पर्यटक स्थलों के विकास पर काम कर रही है. अजमेर की दरगाह शरीफ और पुष्कर के विकास की योजना पर भी काम चल रहा है.
5. पर्यटकों की आवागमन सुविधा के लिए विमान सेवा का विस्तार किया जा रहा है, जिससे प्रति सप्ताह उड़ानों की संख्या 9 से बढ़कर 42 हो गई है.
6. उदयपुर के मोती डूंगरी और आमेर के महलों में दृश्य-श्रव्य शो शुरू किए गए हैं.
7. 2011-12 में जंतर-मंतर को यूनेस्को की विश्व-धरोहर सूची में शामिल किया गया, और सरकार इसके सौंदर्य पर खर्च करेगी.
8. 2012-13 में शहरों में 'हेरिटेज वॉक' विकसित करने और धार्मिक स्थलों में जल सुविधा का विकास करने पर जोर दिया गया.
9. 2013-14 में पर्यटन नीति को 31 मार्च, 2014 तक बढ़ाया गया.
In simple words: राजस्थान पर्यटन को बढ़ाने के लिए बहुत काम कर रहा है. यहाँ रहने की जगहें, गाड़ी और मनोरंजन की सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं. 1979 में पर्यटन विकास निगम बना, और 1989 में पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिला. सरकार पुराने किलों को बचा रही है, नए प्रोग्राम चला रही है और लोगों को ठहरने की सुविधाएं दे रही है. विमान सेवाएं भी बढ़ाई गई हैं ताकि ज्यादा पर्यटक आ सकें.

🎯 Exam Tip: पर्यटन पर निबंध लिखते समय, विकास के प्रयासों, संस्थागत ढांचे (जैसे RTDC), प्रमुख योजनाओं और उनके प्रभावों को क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत करें.

 

Question 4. राजस्थान में प्रमुख पर्यटन स्थल कौन-कौन से हैं? विस्तार से लिखिए।
Answer: राजस्थान भारत और विश्व के पर्यटन मानचित्र पर अपनी खास जगह रखता है. यहाँ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक इमारतों का खजाना है. जैसलमेर का 800 साल पुराना सोनार किला, महाराणा प्रताप की बहादुरी का प्रतीक चित्तौड़गढ़ का किला, भरतपुर का प्रसिद्ध घना पक्षी विहार, और झीलों का शहर उदयपुर जैसे कई प्रमुख पर्यटन स्थल यहाँ हैं. राजस्थान के कुछ प्रमुख पर्यटन स्थल इस प्रकार हैं:
i. दुर्ग एवं महल:
राजस्थान में कई ऐतिहासिक दुर्ग और महल हैं जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. जैसे, राजा सूरजमल ने 1733 में भरतपुर में लोहागढ़ किला बनवाया था. डीग के राजमहल अपनी सुंदरता के लिए प्रसिद्ध हैं. धौलपुर के महल गहरे लाल पत्थरों से बने हैं. सवाई माधोपुर जिले में स्थित प्राचीन रणथम्भौर का किला 200 मीटर ऊँचा है. जयपुर, जिसे गुलाबी नगर भी कहते हैं, एक सुनियोजित शहर है जिसे महाराजा जयसिंह द्वितीय ने 18वीं शताब्दी में बसाया था. यहाँ हिंदू शिल्पकला पर आधारित कई महल और स्मारक हैं. मेरवाड़ा क्षेत्र में हिंदू और मुस्लिम संस्कृतियों का सुंदर मेल देखने को मिलता है. जयपुर, उदयपुर, भरतपुर, कोटा, बूंदी और बीकानेर के राजमहल भी महत्वपूर्ण आकर्षण केंद्र हैं.
ii. धार्मिक स्थल:
राजस्थान में कई महत्वपूर्ण धार्मिक पर्यटन स्थल हैं. देलवाड़ा जैन मंदिर, जो संगमरमर पर अपनी बारीक कारीगरी के लिए प्रसिद्ध है, और रणकपुर का जैन मंदिर, जो साधारण पत्थर पर उत्कृष्ट कारीगरी के लिए विश्व प्रसिद्ध है, यहाँ स्थित हैं. इसके अलावा, उदयपुर में जगदीश मंदिर, ऋषभदेव, चारभुजा मंदिर, नाथद्वारा, एकलिंग जी, सांवरिया बिजौलिया, और हाड़ौती पठार का चार चौसा शिव मंदिर जैसे कई मंदिर हैं. पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर, अजमेर का सोनीजी मंदिर, ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह, सीकर में खाटूश्याम जी, सालासर जी का मंदिर, जयपुर में गोविन्द देव जी का मंदिर, आमेर में सूर्य मंदिर, और बीकानेर में करणी माता का मंदिर भी प्रमुख धार्मिक स्थल हैं.
iii. कला एवं संस्कृति स्थल:
राजस्थान कला और संस्कृति के मामले में बहुत समृद्ध है. जयपुर, नाथद्वारा, प्रतापगढ़ और सांगानेर (जयपुर) में मीनाकारी के आभूषण प्रसिद्ध हैं. रंगाई-छपाई और हस्तनिर्मित कागज के लिए भी जयपुर प्रसिद्ध है. उदयपुर के लकड़ी के खिलौने और बीकानेर, जयपुर, बाड़मेर के कालीन तथा जयपुर के पीतल व चांदी के बर्तन पर बनी बेलबूटेदार कलाकृतियां पर्यटकों को बहुत आकर्षित करती हैं. प्रतापगढ़ की कांच पर सोने की थेईकला चित्रकारी, शाहपुरा (भीलवाड़ा) की फड़ चित्रकारी, बूंदी और किशनगढ़ शैली की चित्रकथाएँ, और जयपुर की मूर्तिकला भी अपनी विशिष्टता के लिए जानी जाती हैं. मारवाड़ का डांडिया नृत्य, मेवाड़ का घूमर, और मरुस्थल का ढोल नृत्य भी प्रसिद्ध हैं.
स्थापत्य एवं वास्तुकला:
अजमेर का ढाई दिन का झोंपड़ा, जयपुर का जंतर-मंतर, हवामहल, चंद्रमहल, और पूरा गुलाबी शहर, जैसलमेर में पटवों की हवेली व नथमल की हवेली, डीग के प्रसिद्ध महल, चित्तौड़गढ़ किले पर विजय स्तम्भ, बूंदी में चौरासी खंभों की छतरी, सारबाग की छतरियाँ, रानी जी की बावड़ी, रामगढ़ की हवेलियाँ, उदयपुर का तोरण द्वार, झालावाड़ की भवानी नाट्यशाला, और नवलगढ़ की इमारतें भी पर्यटकों को अपनी ओर खींचती हैं.
v. अभ्यारण्य एवं राष्ट्रीय उद्यान:
राजस्थान में कई महत्वपूर्ण वन्यजीव अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान हैं. भरतपुर के पास केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान एशिया का सर्वश्रेष्ठ पक्षी विहार है, जो देश-विदेश के पक्षियों का घर है. अलवर जिले का सरिस्का अभयारण्य, कोटा जिले का दर्रा अभयारण्य, धौलपुर अभयारण्य, और चूरू जिले का ताल छापर मृग अभयारण्य भी प्रसिद्ध हैं. प्रतापगढ़ के पास सीता माता अभयारण्य और सवाई माधोपुर का रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान भी पर्यटकों के मुख्य आकर्षण केंद्र हैं. रणथम्भौर देश के 9 बड़े प्रोजेक्ट टाइगर क्षेत्रों में से एक है और इसे 1983 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था. अलवर में सरिस्का बाघ अभयारण्य का 191 वर्ग मील का क्षेत्र 1982 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था.
In simple words: राजस्थान में कई तरह के पर्यटन स्थल हैं जैसे पुराने किले और महल (जैसलमेर, जयपुर), धार्मिक स्थल (पुष्कर, अजमेर, देलवाड़ा), सुंदर कला और संस्कृति की जगहें (मीनाकारी, चित्रकला), और वन्यजीव अभयारण्य (केवलादेव, सरिस्का). ये सभी जगहें देश-विदेश के पर्यटकों को खूब पसंद आती हैं.

🎯 Exam Tip: राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों का वर्णन करते समय, उन्हें विभिन्न श्रेणियों (जैसे ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक) में बांटकर प्रस्तुत करें और प्रत्येक श्रेणी के तहत महत्वपूर्ण उदाहरण दें.

RBSE Class 11 Economics Chapter 26 अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

RBSE Class 11 Economics Chapter 26 बहुचयनात्मक प्रश्न

 

Question 1. वर्ष 2014 में कितने घरेलू पर्यटक राजस्थान आये?
(अ) 330.76 लाख
(ब) 15.36 लाख
(स) 346.02 लाख
(द) 303.76 लाख
Answer: (अ) 330.76 लाख
In simple words: 2014 में राजस्थान में 330.76 लाख घरेलू पर्यटक घूमने आए थे. यह संख्या दिखाती है कि राज्य में पर्यटन कितना लोकप्रिय है.

🎯 Exam Tip: पर्यटन से संबंधित महत्वपूर्ण आँकड़े (जैसे पर्यटकों की संख्या) परीक्षा के लिए याद रखना उपयोगी होता है.

 

Question 2. वर्ष 2014 में कितने लाख विदेशी पर्यटक राजस्थान आये?
(अ) 15.36 लाख
(ब) 303.76 लाख
(स) 330.76 लाख
(द) 346.02 लाख
Answer: (अ) 15.36 लाख
In simple words: साल 2014 में लगभग 15.36 लाख विदेशी पर्यटक राजस्थान आए थे. यह संख्या राज्य में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के महत्व को बताती है.

🎯 Exam Tip: घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या में अंतर को समझें, क्योंकि ये दोनों पर्यटन उद्योग के अलग-अलग पहलुओं को दर्शाते हैं.

 

Question 4. राजा सूरजमल ने लोहागढ़ किला कब बनवाया?
(अ) 1733 में
(ब) 1633 में
(स) 1533 में
(द) 1833 में
Answer: (अ) 1733 में
In simple words: राजा सूरजमल ने लोहागढ़ किला 1733 में बनवाया था. यह किला अपनी मजबूती के लिए जाना जाता है.

🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण ऐतिहासिक किलों और उनके निर्माण वर्ष को याद रखें. यह अक्सर इतिहास से जुड़े प्रश्नों में आता है.

 

Question 5. जयपुर शहर बसाया था
(अ) महाराजा रामसिंह ने
(ब) महाराजा जयसिंह
(स) महाराजा मानसिंह
(द) महाराजा भगवान सिंह
Answer: (ब) महाराजा जयसिंह
In simple words: जयपुर शहर महाराजा जयसिंह ने बसाया था. यह शहर अपनी योजनाबद्ध वास्तुकला के लिए मशहूर है.

🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण शहरों के संस्थापकों को याद रखना ऐतिहासिक जानकारी के लिए उपयोगी है.

 

Question 6. सोनार किला स्थित है
(अ) जैसलमेर में
(ब) बाड़मेर में
(स) चित्तौड़गढ़ में
(द) गंगानगर में
Answer: (अ) जैसलमेर में
In simple words: सोनार किला जैसलमेर शहर में है. यह अपनी सुनहरी रेत और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है.

🎯 Exam Tip: राजस्थान के प्रमुख किलों और उनके संबंधित स्थानों को याद रखें, जो पर्यटन और इतिहास दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं.

 

Question 8. सरिस्का को राष्ट्रीय उद्यान कब घोषित किया गया?
(अ) 1983
(ब) 1980
(स) 1982
(द) 1987
Answer: (स) 1982
In simple words: सरिस्का को 1982 में राष्ट्रीय उद्यान बनाया गया था. यह राजस्थान के महत्वपूर्ण वन्यजीव अभयारण्यों में से एक है.

🎯 Exam Tip: प्रमुख राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों के स्थापना या राष्ट्रीय उद्यान घोषित होने के वर्ष याद रखें.

 

Question 9. सिलीसेढ़ झील स्थित है
(अ) जयपुर
(ब) अलवर
(स) धौलपुर
(द) भरतपुर
Answer: (ब) अलवर
In simple words: सिलीसेढ़ झील अलवर जिले में है. यह एक सुंदर झील है जहाँ पर्यटक आते हैं.

🎯 Exam Tip: राजस्थान की प्रसिद्ध झीलों और वे कहाँ स्थित हैं, इसकी जानकारी रखें, क्योंकि ये महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल हैं.

 

Question 10. हवामहल स्थित है
(अ) जोधपुर में
(ब) जयपुर में
(स) कोटा में
(द) झुंझुनूं में
Answer: (ब) जयपुर में
In simple words: हवामहल जयपुर में है. यह अपनी खास वास्तुकला और जालीदार खिड़कियों के लिए दुनियाभर में जाना जाता है.

🎯 Exam Tip: राजस्थान के प्रतिष्ठित स्मारकों और उनकी स्थिति को याद रखें. हवामहल जयपुर की पहचान है.

RBSE Class 11 Economics Chapter 26 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 3. राजस्थान में पर्यटकों की सुविधा के लिए कौन-सी गाड़ी चलाई गई है?
Answer: राजस्थान में पर्यटकों की सुविधा के लिए 'पैलेस ऑन व्हील्स' नामक एक विशेष पर्यटक ट्रेन चलाई गई है. यह ट्रेन पर्यटकों को राज्य के शाही महलों और ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा करवाती है, जिससे उन्हें एक अनूठा और शानदार अनुभव मिलता है.
In simple words: पर्यटकों के लिए राजस्थान में 'पैलेस ऑन व्हील्स' नाम की एक खास ट्रेन चलाई गई है.

🎯 Exam Tip: राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई विशेष सेवाओं या परियोजनाओं को याद रखें, जैसे 'पैलेस ऑन व्हील्स'.

 

Question 4. ढूढ़ाड़ क्षेत्र में कौन-से जिले आते हैं?
Answer: ढूढ़ाड़ क्षेत्र में मुख्य रूप से जयपुर, अजमेर और दौसा जिले आते हैं. यह क्षेत्र अपनी ऐतिहासिक इमारतों, धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है.
In simple words: ढूढ़ाड़ क्षेत्र में जयपुर, अजमेर और दौसा जिले आते हैं.

🎯 Exam Tip: राजस्थान के विभिन्न सांस्कृतिक और भौगोलिक क्षेत्रों (जैसे ढूढ़ाड़, मेवात) और उनमें शामिल जिलों को जानें.

 

Question 5. मेवात क्षेत्र में कौन-से जिले आते हैं?
Answer: मेवात क्षेत्र में अलवर, भरतपुर और सवाईमाधोपुर जिले आते हैं. यह क्षेत्र अपनी विशिष्ट संस्कृति और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के लिए जाना जाता है.
In simple words: मेवात क्षेत्र में अलवर, भरतपुर और सवाईमाधोपुर जिले शामिल हैं.

🎯 Exam Tip: राजस्थान के आंचलिक क्षेत्रों को उनके संबंधित जिलों के साथ याद रखें, यह क्षेत्रीय भूगोल और संस्कृति को समझने में मदद करता है.

 

Question 6. बांगड़ क्षेत्र कौन-सा है?
Answer: बांगड़ क्षेत्र में डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिले आते हैं. यह क्षेत्र अपनी आदिवासी संस्कृति, हरियाली और माही नदी के किनारे स्थित होने के लिए प्रसिद्ध है.
In simple words: डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिले बांगड़ क्षेत्र बनाते हैं.

🎯 Exam Tip: राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रीय विभाजनों और उनमें आने वाले जिलों की जानकारी रखें.

 

Question 7. हाड़ौती क्षेत्र में कौन-से जिले आते हैं?
Answer: हाड़ौती क्षेत्र में कोटा, बूंदी और झालावाड़ जिले आते हैं. यह क्षेत्र अपनी नदियों, पठारों, और ऐतिहासिक किलों के लिए जाना जाता है.
In simple words: हाड़ौती क्षेत्र में कोटा, बूंदी और झालावाड़ जिले आते हैं.

🎯 Exam Tip: राजस्थान के ऐतिहासिक और भौगोलिक क्षेत्रों (जैसे हाड़ौती) के तहत आने वाले जिलों को याद रखें.

 

Question 8. शेखावाटी क्षेत्र में कौन-से जिले आते हैं?
Answer: शेखावाटी क्षेत्र में सीकर, झुंझुनूं और चूरू जिले आते हैं. यह क्षेत्र अपनी रंगीन हवेलियों, भित्तिचित्रों और सांस्कृतिक विरासत के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है.
In simple words: शेखावाटी क्षेत्र में सीकर, झुंझुनूं और चूरू जिले आते हैं.

🎯 Exam Tip: शेखावाटी जैसे विशिष्ट सांस्कृतिक क्षेत्रों और उनकी पहचान को याद रखना पर्यटन संबंधी प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण है.

 

Question 10. रणथम्भौर का किला कहाँ है?
Answer: रणथम्भौर का किला सवाई माधोपुर में स्थित है. यह किला एक विशाल और ऐतिहासिक दुर्ग है, जो रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान के पास स्थित है, और अपनी रणनीतिक महत्व के लिए जाना जाता है.
In simple words: रणथम्भौर का किला सवाई माधोपुर में है.

🎯 Exam Tip: राजस्थान के प्रमुख किलों के स्थानों को याद रखें, खासकर जो राष्ट्रीय उद्यानों या अन्य महत्वपूर्ण स्थलों से जुड़े हों.

 

Question 11. हिन्दू शिल्पकला के आधार पर कहाँ के महल बने हैं?
Answer: हिन्दू शिल्पकला के आधार पर जयपुर के महल बने हैं. जयपुर की वास्तुकला में हिंदू कला और स्थापत्य शैली का गहरा प्रभाव देखने को मिलता है, जिसमें बारीक नक्काशी और सुंदर अलंकरण शामिल हैं.
In simple words: जयपुर के महल हिंदू शिल्पकला पर बने हैं.

🎯 Exam Tip: राजस्थान की विभिन्न वास्तुकला शैलियों (जैसे हिंदू, मुगल) और उनसे प्रभावित प्रमुख इमारतों को जानें.

 

Question 12. हिन्दू और मुस्लिम संस्कृतियों का सौहार्द्रपूर्ण मिश्रण किस क्षेत्र में मिलता है?
Answer: हिन्दू और मुस्लिम संस्कृतियों का सौहार्द्रपूर्ण मिश्रण मेरवाड़ा क्षेत्र में मिलता है. यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से दोनों समुदायों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सह-अस्तित्व का गवाह रहा है.
In simple words: मेरवाड़ा क्षेत्र में हिंदू और मुस्लिम संस्कृतियों का अच्छा मेलजोल दिखता है.

🎯 Exam Tip: राजस्थान के उन क्षेत्रों को याद रखें जहाँ विभिन्न संस्कृतियों का संगम देखने को मिलता है, जो राज्य की समृद्ध विरासत का हिस्सा है.

 

Question 13. लकड़ी के खिलौनों के लिए कौन-सा क्षेत्र प्रसिद्ध है?
Answer: लकड़ी के खिलौनों के लिए उदयपुर क्षेत्र प्रसिद्ध है. यहाँ लकड़ी पर बारीक नक्काशी करके सुंदर और पारंपरिक खिलौने बनाए जाते हैं, जो पर्यटकों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं.
In simple words: उदयपुर लकड़ी के खिलौनों के लिए प्रसिद्ध है.

🎯 Exam Tip: राजस्थान की विभिन्न हस्तकलाओं और उनके प्रसिद्ध केंद्रों को याद रखें, खासकर जो पर्यटन और स्थानीय उद्योग से जुड़े हों.

 

Question 14. डांडिया नृत्य किस क्षेत्र में होता है?
Answer: डांडिया नृत्य मुख्य रूप से मेरवाड़ा क्षेत्र में होता है. यह एक जीवंत और ऊर्जावान लोक नृत्य है, जो त्योहारों और विशेष अवसरों पर किया जाता है.
In simple words: डांडिया नृत्य मेरवाड़ा क्षेत्र में किया जाता है.

🎯 Exam Tip: राजस्थान के प्रमुख लोक नृत्यों और वे किस क्षेत्र से संबंधित हैं, इसकी जानकारी रखें.

 

Question 15. घूमर नृत्य किस जिले में होता है?
Answer: घूमर नृत्य मुख्य रूप से मेवाड़ क्षेत्र में होता है. यह राजस्थान का एक प्रसिद्ध पारंपरिक नृत्य है, जिसे अक्सर महिलाएँ त्योहारों और सामाजिक आयोजनों पर करती हैं.
In simple words: घूमर नृत्य मेवाड़ क्षेत्र में होता है.

🎯 Exam Tip: राजस्थान के प्रमुख लोक नृत्यों और उनके क्षेत्रीय जुड़ाव को समझना सांस्कृतिक अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण है.

 

Question 16. चकरी नृत्य कहाँ का प्रसिद्ध है?
Answer: चकरी नृत्य जयपुर का प्रसिद्ध है. यह एक तेज गति वाला लोक नृत्य है, जिसे विशेष रूप से महिलाएं रंगीन परिधानों में प्रस्तुत करती हैं.
In simple words: चकरी नृत्य जयपुर का मशहूर है.

🎯 Exam Tip: राजस्थान के विशिष्ट नृत्यों और उनके उत्पत्ति या प्रसिद्ध केंद्र को याद रखें.

 

Question 18. पर्यटकों को रंगीन दीवाली कहाँ की आकर्षित करती है?
Answer: पर्यटकों को रंगीन दीवाली जयपुर की बहुत आकर्षित करती है. जयपुर में दीवाली के दौरान पूरा शहर रोशनी और सजावट से जगमगा उठता है, जिससे एक मनमोहक दृश्य बनता है.
In simple words: जयपुर की रंगीन दीवाली पर्यटकों को बहुत अच्छी लगती है.

🎯 Exam Tip: राजस्थान के प्रमुख त्योहारों और वे किस शहर में विशेष रूप से मनाए जाते हैं, इसकी जानकारी रखें.

 

Question 19. तेजाजी का मेला कहाँ लगता है?
Answer: तेजाजी का मेला परबतसर में लगता है. यह राजस्थान के सबसे बड़े पशु मेलों में से एक है, जहाँ बड़ी संख्या में लोग भाग लेने आते हैं.
In simple words: तेजाजी का मेला परबतसर में लगता है.

🎯 Exam Tip: राजस्थान के प्रसिद्ध मेलों और उनके स्थानों को याद रखें, जो राज्य की संस्कृति और अर्थव्यवस्था का हिस्सा हैं.

 

Question 20. गणेश जी का मेला कहाँ लगता है?
Answer: गणेश जी का मेला रणथम्भौर में लगता है. यह त्रिनेत्र गणेश मंदिर में आयोजित होता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं.
In simple words: गणेश जी का मेला रणथम्भौर में लगता है.

🎯 Exam Tip: प्रमुख धार्मिक मेलों और उनके विशिष्ट मंदिरों या स्थानों को याद रखें.

 

Question 21. ढाई दिन का झोपड़ा कहाँ का प्रसिद्ध है?
Answer: ढाई दिन का झोपड़ा अजमेर का प्रसिद्ध है. यह एक ऐतिहासिक इमारत है जो अपनी अनूठी वास्तुकला और तीव्र निर्माण अवधि के लिए जानी जाती है.
In simple words: ढाई दिन का झोपड़ा अजमेर में है.

🎯 Exam Tip: राजस्थान के ऐतिहासिक और वास्तुकला संबंधी स्थलों को उनके स्थानों के साथ याद रखें.

 

Question 22. पटवों की हवेली कहाँ पर है?
Answer: पटवों की हवेली जैसलमेर में है. यह अपनी भव्यता, बारीक नक्काशी और सुंदर वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, और जैसलमेर के मुख्य पर्यटन आकर्षणों में से एक है.
In simple words: पटवों की हवेली जैसलमेर में स्थित है.

🎯 Exam Tip: राजस्थान की प्रसिद्ध हवेलियों और वे कहाँ स्थित हैं, इसकी जानकारी रखें.

 

Question 23. कोलायत में किसका मेला लगता है?
Answer: कोलायत में कपिल मुनि का मेला लगता है. यह एक महत्वपूर्ण धार्मिक मेला है जो कोलायत झील के किनारे आयोजित होता है, और इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान और दर्शन के लिए आते हैं.
In simple words: कोलायत में कपिल मुनि का मेला लगता है.

🎯 Exam Tip: राजस्थान के प्रमुख धार्मिक मेलों और वे किस देवता या संत से जुड़े हैं, इसे याद रखें.

 

Question 25. रामदेवजी का मेला कहाँ लगता है?
Answer: रामदेवजी का मेला पोकरण, जैसलमेर में लगता है। यह मेला राजस्थान के सबसे बड़े मेलों में से एक है।
In simple words: रामदेवजी का मेला जैसलमेर के पोकरण में लगता है।

🎯 Exam Tip: जब किसी प्रसिद्ध मेले या त्यौहार के बारे में पूछा जाए, तो उसका स्थान और कोई एक विशेष बात जरूर बताएं।

 

Question 26. तोरण द्वार कहाँ स्थित है?
Answer: तोरण द्वार उदयपुर में स्थित है। यह एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रतीक है।
In simple words: तोरण द्वार उदयपुर में पाया जाता है।

🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक स्थलों के नामों के साथ उनके शहर का नाम भी याद रखें।

 

Question 27. चौरासी खम्भों की छतरी कहाँ स्थित है?
Answer: चौरासी खम्भों की छतरी बूंदी में स्थित है। यह एक सुंदर और प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्मारक है।
In simple words: बूंदी में चौरासी खम्भों की छतरी है।

🎯 Exam Tip: राजस्थान के प्रसिद्ध स्मारकों और उनकी जगहों को याद करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 28. दर्रा अभयारण्य कौन-से जिले में है?
Answer: दर्रा अभयारण्य कोटा जिले में स्थित है। यह वन्यजीवों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है।
In simple words: कोटा जिले में दर्रा अभयारण्य है।

🎯 Exam Tip: अभयारण्यों के नाम के साथ उनके जिले का नाम याद रखना आपको पूरे अंक दिलाने में मदद करेगा।

 

Question 29. सीतामाता अभयारण्य कहाँ स्थित है?
Answer: सीतामाता अभयारण्य प्रतापगढ़ में स्थित है। यह अपनी विशेष जैव विविधता के लिए जाना जाता है।
In simple words: सीतामाता अभयारण्य प्रतापगढ़ में है।

🎯 Exam Tip: वन्यजीव अभयारण्यों और उनके स्थानों से जुड़े सवालों के लिए सही जिले का नाम बताएं।

 

Question 30. फाइसागर झील कहाँ स्थित है?
Answer: फाइसागर झील अजमेर में स्थित है। यह एक मानव-निर्मित झील है जो पानी की आपूर्ति के लिए बनाई गई थी।
In simple words: अजमेर में फाइसागर झील स्थित है।

🎯 Exam Tip: झीलों के नाम और उनके शहर या जिले को याद रखें।

 

Question 31. उम्मेदसागर कहाँ स्थित है?
Answer: (No answer provided in the source.)
In simple words: इस प्रश्न का उत्तर स्रोत में नहीं दिया गया है।

🎯 Exam Tip: यदि किसी प्रश्न का उत्तर स्रोत में नहीं दिया गया है, तो उसे स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 33. राज्य सरकार ने पर्यटन को उद्योग कब घोषित किया?
Answer: राज्य सरकार ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा मार्च 1989 में दिया था। इससे पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिला।
In simple words: पर्यटन को सरकार ने मार्च 1989 में एक उद्योग मान लिया।

🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण तिथियों को उनके संबंधित घटनाओं के साथ याद रखें।

 

Question 34. मेवाड़ क्षेत्र में कौन-से जिले आते हैं?
Answer: मेवाड़ क्षेत्र में उदयपुर, कुम्भलगढ़, नाथद्वारा, चित्तौड़गढ़, जयसमन्द और डूंगरपुर जैसे जिले शामिल हैं। यह क्षेत्र अपनी ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है।
In simple words: मेवाड़ क्षेत्र में उदयपुर, कुम्भलगढ़, नाथद्वारा, चित्तौड़गढ़, जयसमन्द और डूंगरपुर जिले हैं।

🎯 Exam Tip: राजस्थान के विभिन्न भौगोलिक और ऐतिहासिक क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले जिलों को याद करें।

 

Question 35. रणथम्भौर क्षेत्र में कौन-से क्षेत्र शामिल हैं?
Answer: रणथम्भौर क्षेत्र में रणथम्भौर, सवाईमाधोपुर और टोंक जैसे क्षेत्र शामिल हैं। यह क्षेत्र मुख्य रूप से अपने राष्ट्रीय उद्यान के लिए जाना जाता है।
In simple words: रणथम्भौर क्षेत्र में रणथम्भौर, सवाईमाधोपुर और टोंक आते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों और उनमें शामिल स्थानों को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 36. जैसलमेर का सोनार किला कितने साल पुराना है?
Answer: जैसलमेर का सोनार किला 800 साल से भी अधिक पुराना है। यह एक बहुत ही प्राचीन और मजबूत किला है।
In simple words: जैसलमेर का सोनार किला 800 साल से ज़्यादा पुराना है।

🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक स्मारकों की अनुमानित आयु को भी ध्यान में रखें, यदि यह प्रश्न में पूछा जाए।

 

Question 37. रणकपुर जैन मन्दिर क्यों प्रसिद्ध है?
Answer: रणकपुर का जैन मन्दिर साधारण पत्थर पर बनी अपनी अद्भुत नक्काशीदार कारीगरी के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध है। इस मंदिर की वास्तुकला बहुत ही खास है।
In simple words: रणकपुर जैन मंदिर पत्थर पर की गई शानदार नक्काशी के लिए जाना जाता है।

🎯 Exam Tip: प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों की विशिष्ट विशेषताओं या उनके प्रसिद्ध होने के कारणों को याद करें।

 

Question 38. खाटूश्याम जी का मन्दिर कहाँ पर है?
Answer: खाटूश्याम जी का मन्दिर सीकर में स्थित है। यह मंदिर भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है।
In simple words: खाटूश्याम जी का मंदिर सीकर में है।

🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों के स्थानों को याद रखना परीक्षा में सहायक हो सकता है।

 

Question 40. पर्यटन की दो समस्याएँ बताइए।
Answer: पर्यटन क्षेत्र की दो मुख्य समस्याएँ ये हैं:
1. पर्याप्त प्रचार, पर्यटन साहित्य, प्रशिक्षित गाइड और जनसम्पर्क की कमी।
2. परिवहन और संचार की सुविधाएँ अभी भी पर्याप्त नहीं हैं।
इन समस्याओं के कारण पर्यटकों को कठिनाई होती है और पर्यटन क्षेत्र का पूरा विकास नहीं हो पाता।
In simple words: पर्यटन की दो समस्याएँ हैं: प्रचार और गाइड की कमी, और ठीक से परिवहन व संचार सुविधा न होना।

🎯 Exam Tip: जब समस्याओं के बारे में पूछा जाए, तो उन्हें बिंदुवार लिखें और प्रत्येक बिंदु को स्पष्ट करें।

 

Question 41. 2001 की पर्यटन नीति के कोई दो बिन्दु लिखिए।
Answer: 2001 की पर्यटन नीति के दो मुख्य बिन्दु इस प्रकार हैं:
1. राज्य की हस्तकला और छोटे उद्योगों के उत्पादों को बेचने के लिए सही बाज़ार बनाना।
2. पर्यटन से जुड़ी इकाइयों में सभी अकुशल कर्मचारियों की भर्ती स्थानीय लोगों में से ही की जाए।
यह स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देता है।
In simple words: 2001 की पर्यटन नीति कहती है कि हस्तकला के लिए बाज़ार बनाओ, और पर्यटन में स्थानीय लोगों को नौकरी दो।

🎯 Exam Tip: नीतियों से संबंधित प्रश्नों में, मुख्य बिंदुओं को सटीक रूप से बताना महत्वपूर्ण है।

 

Question 42. पर्यटन विकास निगम के कोई दो कार्य लिखिए।
Answer: पर्यटन विकास निगम के दो प्रमुख कार्य ये हैं:
1. राज्य में पर्यटकों के लिए नई योजनाएँ बनाना और उन्हें लागू करना।
2. पर्यटन के महत्वपूर्ण स्थानों का ठीक से रख-रखाव करना और उनका विकास करना।
ये कार्य पर्यटकों को बेहतर अनुभव देते हैं।
In simple words: पर्यटन विकास निगम पर्यटकों के लिए योजनाएँ बनाता है और पर्यटन स्थलों की देखभाल करता है।

🎯 Exam Tip: किसी भी निगम या संगठन के कार्यों को बिंदुवार और संक्षेप में प्रस्तुत करें।

RBSE Class 11 Economics Chapter 26 लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. पर्यटन से रोजगार के साधनों में कैसे वृद्धि होती है?
Answer: राजस्थान में पर्यटन को एक उद्योग का दर्जा दिया गया है, जो प्रदूषण मुक्त है। यह देखा गया है कि हर आठ विदेशी पर्यटक राज्य में एक व्यक्ति को रोजगार देते हैं, और हर 32 स्वदेशी पर्यटकों पर एक व्यक्ति को रोजगार मिलता है। पर्यटन उद्योग गाइड, ट्रैवल एजेंट, ड्राइवर, होटल कर्मचारी और हस्तशिल्पियों जैसे लोगों को काम देता है। इस तरह, पर्यटन प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरीकों से रोजगार के अवसर बढ़ाता है।
In simple words: पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिल गया है। इससे गाइड, ड्राइवर, और होटल चलाने वालों जैसे बहुत से लोगों को काम मिलता है, जिससे रोजगार बढ़ता है।

🎯 Exam Tip: पर्यटन के आर्थिक महत्व को स्पष्ट करने के लिए विशिष्ट उदाहरणों (जैसे गाइड, ड्राइवर) का उपयोग करें।

 

Question 2. पर्यटन से संस्कृति एवं कला का विकास होता है, कैसे?
Answer: पर्यटन उद्योग राज्य की पुरानी संस्कृति और कला को जीवित रखता है। जब पर्यटक आते हैं, तो वे हमारी संस्कृति और कला को देखते हैं और सीखते हैं, जिससे सांस्कृतिक विचारों का आदान-प्रदान बढ़ता है। यह हमारी विरासत को दुनिया तक पहुँचाने का मौका देता है।
In simple words: पर्यटन से हमारी पुरानी कला और संस्कृति लोग देख पाते हैं, जिससे वे जीवित रहती हैं और उनका प्रचार होता है।

🎯 Exam Tip: पर्यटन के सामाजिक और सांस्कृतिक लाभों को बताते समय, सांस्कृतिक आदान-प्रदान के महत्व पर जोर दें।

 

Question 3. राजस्थान की वास्तु तथा स्थापत्य कला का वर्णन करो।
Answer: राजस्थान में वास्तुकला और स्थापत्य कला के कई प्रसिद्ध केंद्र हैं। इनमें अजमेर का ढाई दिन का झोंपड़ा, जयपुर का जंतर-मंतर, हवामहल, चंद्रमहल और पूरा गुलाबी शहर शामिल हैं। जैसलमेर में पटवों और नथमल की हवेलियाँ, डीग के महल, चित्तौड़गढ़ का विजय स्तम्भ, बूंदी की चौरासी खम्भों की छतरी, सारबाग की छतरियाँ, रानी जी की बावड़ी और रामगढ़ की हवेलियाँ भी हैं। उदयपुर का तोरण द्वार, झालावाड़ की भवानी नाट्यशाला और नवलगढ़ की इमारतें भी पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। ये सभी स्थल राजस्थान की समृद्ध वास्तुकला को दर्शाते हैं।
In simple words: राजस्थान में वास्तुकला के कई प्रसिद्ध उदाहरण हैं, जैसे अजमेर का ढाई दिन का झोंपड़ा, जयपुर का जंतर-मंतर, हवामहल, और जैसलमेर की हवेलियाँ। ये सभी पर्यटकों को अपनी ओर खींचते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रमुख स्थापत्य कला के उदाहरणों को उनके स्थानों के साथ याद रखें और उनका उल्लेख करें।

 

Question 4. राजस्थान की कला व संस्कृति का वर्णन करो।
Answer: राजस्थान कला और संस्कृति में बहुत समृद्ध राज्य है। मीनाकारी के गहनों के लिए जयपुर, नाथद्वारा और प्रतापगढ़ प्रसिद्ध हैं, जबकि सांगानेर (जयपुर) रंगाई-छपाई और हाथ से बने कागज़ के लिए जाना जाता है। उदयपुर के लकड़ी के खिलौने, बीकानेर, जयपुर और बाड़मेर के कालीन, साथ ही जयपुर के पीतल और चाँदी के बर्तन पर बनी नक्काशी पर्यटकों को बहुत पसंद आती है। प्रतापगढ़ की कांच पर सोने की थेईकला चित्रकारी, शाहपुरा (भीलवाड़ा) की फड़ चित्रकारी, बूंदी और किशनगढ़ की चित्रकथाएँ, और जयपुर की मूर्तिकला भी बहुत खास हैं। ये सभी कलाएँ राजस्थान की पहचान हैं।
In simple words: राजस्थान कला और संस्कृति में बहुत आगे है। यहाँ मीनाकारी गहने, रंगाई-छपाई, लकड़ी के खिलौने, कालीन और पीतल के बर्तन प्रसिद्ध हैं। थेईकला चित्रकारी, फड़ चित्रकारी और मूर्तिकला भी यहाँ की खास पहचान हैं।

🎯 Exam Tip: कला और संस्कृति के वर्णन में विभिन्न शिल्पों, कला रूपों और उनके प्रसिद्ध स्थानों का उल्लेख करें।

 

Question 5. राजस्थान के धार्मिक स्थलों का वर्णन करो।
Answer: राजस्थान में कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हैं। देलवाड़ा जैन मंदिर अपनी संगमरमर पर की गई नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है, और रणकपुर जैन मंदिर साधारण पत्थर पर की गई कारीगरी के लिए जाना जाता है। उदयपुर में जगदीश मंदिर, ऋषभदेव और चारभुजा मंदिर हैं। नाथद्वारा में एकलिंगजी, सांवरियां बिजौलिया, हाड़ौती पठार पर चारचौसा का शिव मंदिर, और पुष्कर में ब्रह्मा मंदिर भी महत्वपूर्ण हैं। अजमेर में सोनीजी का मंदिर और ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह भी प्रसिद्ध है। सीकर में खाटूश्याम जी और सालासर जी के मंदिर, जयपुर में गोविंद देव जी मंदिर और आमेर का सूर्य मंदिर, तथा बीकानेर में करणीमाता मंदिर भी प्रमुख धार्मिक स्थल हैं। ये सभी स्थान श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
In simple words: राजस्थान में बहुत से धार्मिक स्थल हैं, जैसे देलवाड़ा जैन मंदिर, रणकपुर जैन मंदिर, उदयपुर के जगदीश मंदिर, पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर, अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह और सीकर का खाटूश्याम जी मंदिर।

🎯 Exam Tip: धार्मिक स्थलों की सूची बनाते समय, उनके स्थान और किसी एक विशेष विशेषता का उल्लेख करें।

 

Question 6. पर्यटन की कोई दो समस्याओं का वर्णन करो।
Answer: पर्यटन की दो मुख्य समस्याएँ इस प्रकार हैं:
1. **अपर्याप्त परिवहन और संचार सुविधा:** राज्य के बड़े पर्यटन स्थलों पर तो परिवहन और संचार की सुविधाएँ अच्छी हैं, लेकिन छोटे और दूरदराज के स्थलों पर ये आसानी से नहीं मिलतीं। इससे पर्यटकों को वहाँ पहुँचने में अधिक समय और खर्च लगता है।
2. **प्रचार, साहित्य, गाइड और जनसम्पर्क की कमी:** पर्यटन स्थलों का सही से प्रचार-प्रसार नहीं होता। पर्यटकों के लिए अच्छी जानकारी वाले साहित्य और प्रशिक्षित गाइड भी कम हैं। इससे पर्यटकों को जगहों के बारे में पूरी जानकारी नहीं मिल पाती।
इन समस्याओं के कारण पर्यटन क्षेत्र का पूरा विकास नहीं हो पाता।
In simple words: पर्यटन की दो समस्याएँ हैं: छोटे पर्यटन स्थलों पर आने-जाने और बात करने की सुविधा कम है। दूसरा, पर्यटन स्थलों के बारे में ठीक से प्रचार नहीं होता और अच्छे गाइड भी कम मिलते हैं।

🎯 Exam Tip: समस्याओं को स्पष्ट और बिंदुवार लिखें, साथ ही उनके प्रभावों को भी संक्षेप में बताएं।

 

Question. सन 2001 की पर्यटन नीति के कोई चार बिन्दु लिखिए।
Answer: 2001 की पर्यटन नीति के चार मुख्य बिन्दु इस प्रकार हैं:
1. **प्रचार और विपणन:** राज्य में पर्यटन का ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार किया जाए।
2. **जमीन पर छूट:** नए होटल बनाने के लिए जमीन खरीदने पर रजिस्ट्रेशन शुल्क में 60% की छूट दी जाए।
3. **साहसिक पर्यटन को बढ़ावा:** रोमांचक पर्यटन जैसे नौकायन और ऊँट-घोड़े की सवारी को प्रोत्साहित किया जाए।
4. **विलासिता शुल्क में छूट:** नई पर्यटन इकाइयों को पाँच साल तक विलासिता शुल्क में छूट दी जाए।
यह नीति राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लाई गई थी।
In simple words: 2001 की पर्यटन नीति के अनुसार, पर्यटन का प्रचार करो, नए होटल को ज़मीन खरीदने पर छूट दो, साहसिक खेलों को बढ़ावा दो, और नई पर्यटन कंपनियों को टैक्स में छूट दो।

🎯 Exam Tip: नीतिगत बिंदुओं को क्रमांकित रूप से और संक्षिप्त भाषा में समझाएं।

 

Question 8. राजस्थान पर्यटन इकाई नीति 2015 के कोई दो बिन्दु लिखिए।
Answer: राजस्थान पर्यटन इकाई नीति 2015 के दो मुख्य बिन्दु इस प्रकार हैं:
1. **इकाइयों की व्यापक परिभाषा:** इस नीति में होटल, मोटेल, हैरिटेज होटल, बजट होटल, रेस्टोरेंट, कैम्पिंग साइट, स्पोर्ट्स रिसोर्ट, हेल्थ रिसोर्ट, एम्यूजमेंट पार्क, रोपवे, टूरिस्ट लक्जरी कोच, कारवां और क्रूज पर्यटन जैसी सभी प्रकार की पर्यटन इकाइयों को शामिल किया गया है।
2. **भूमि रूपांतरण पर छूट:** शहरी और ग्रामीण इलाकों में नई पर्यटन इकाइयों के लिए भूमि रूपांतरण शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही, शहरी क्षेत्रों में नई पर्यटन इकाइयों से विकास शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।
यह नीति राज्य में पर्यटन विकास को गति देने के लिए बनाई गई है।
In simple words: 2015 की पर्यटन नीति में, होटल से लेकर क्रूज तक सभी पर्यटन सुविधाओं को शामिल किया गया है। साथ ही, नई पर्यटन इकाइयों के लिए जमीन बदलने का और विकास का कोई शुल्क नहीं लगेगा।

🎯 Exam Tip: किसी भी नीति के बिंदुओं को लिखते समय, उनके मुख्य प्रावधानों और छूटों पर ध्यान दें।

RBSE Class 11 Economics Chapter 26 निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. नई पर्यटन इकाई नीति 2015 के मुख्य बिन्दु लिखिए।
Answer: राजस्थान पर्यटन इकाई नीति-2015 लागू होने से राज्य में नए निवेश के अवसर मिलेंगे। इस नीति के तहत आर्थिक लाभ और छूट उन सभी पर्यटन इकाइयों को मिलेंगे जो पहले 2007 की नीति के तहत स्वीकृत हुई थीं। 2007 की नीति के तहत 2015 तक पर्यटन विभाग ने लगभग 1500 पर्यटन परियोजनाओं को मंजूरी दी थी, जिसमें लगभग ₹12,500 करोड़ का निवेश हुआ था।

राजस्थान पर्यटन इकाई नीति-2015 के मुख्य बिन्दु इस प्रकार हैं:
1. **इकाइयों की व्यापक परिभाषा:** इस नीति में होटल, मोटेल, हैरिटेज होटल, बजट होटल, रेस्टोरेंट, कैम्पिंग साइट, स्पोर्ट्स रिसोर्ट, हेल्थ रिसोर्ट, एम्यूजमेंट पार्क, एनिमल सफारी, पार्क, रोपवे, टूरिस्ट लक्जरी कोच, कारवां और क्रूज पर्यटन जैसी सभी प्रकार की पर्यटन इकाइयों को शामिल किया गया है।
2. **भूमि रूपांतरण शुल्क में छूट:** शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नई पर्यटन इकाइयों के लिए भूमि रूपांतरण (ज़मीन का इस्तेमाल बदलने) शुल्क नहीं लगेगा। इसी तरह, शहरी क्षेत्रों में नई पर्यटन इकाइयों से कोई विकास शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।
3. **हैरिटेज संपत्तियों को लाभ:** शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद पुरानी हैरिटेज संपत्तियों और हैरिटेज होटलों को भी भूमि रूपांतरण शुल्क से छूट मिलेगी।
4. **हैरिटेज होटलों के लिए पट्टे:** हैरिटेज होटलों को पट्टा जारी करने के लिए योग्य माना जाएगा।
5. **सड़क चौड़ाई की बाध्यता नहीं:** शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में हैरिटेज होटलों के लिए सड़क की चौड़ाई को लेकर कोई खास नियम नहीं होगा।
6. **बढ़ा हुआ एफ.ए.आर.:** पर्यटन इकाइयों को दोगुना यानी 2.25 से 4.50 तक फ्लोर एरिया रेशियो (F.A.R.) मिलेगा।
7. **वाणिज्यिक उपयोग की अनुमति:** हैरिटेज होटलों और पुरानी संपत्तियों के कुल ढके हुए क्षेत्र का अधिकतम 10% या 1000 वर्ग मीटर, जो भी कम हो, खुदरा वाणिज्यिक उपयोग के लिए स्वतः स्वीकृत होगा।
8. **समयबद्ध अनुमोदन:** भवन योजनाओं का अनुमोदन संबंधित विभाग द्वारा तय समय सीमा के भीतर किया जाएगा।
यह नीति राजस्थान में पर्यटन उद्योग को आधुनिक और निवेशक-अनुकूल बनाने का प्रयास करती है।
In simple words: 2015 की पर्यटन नीति नए निवेश आकर्षित करती है और पुरानी नीतियों के तहत स्वीकृत परियोजनाओं को लाभ देती है। इसके मुख्य बिन्दु हैं- पर्यटन इकाइयों को परिभाषित करना, भूमि रूपांतरण शुल्क और विकास शुल्क में छूट देना, हैरिटेज संपत्तियों को लाभ पहुँचाना, हैरिटेज होटलों को पट्टे देना, सड़क की चौड़ाई की बाध्यता हटाना, एफ.ए.आर. बढ़ाना, वाणिज्यिक उपयोग की अनुमति देना और भवन योजनाओं का समय पर अनुमोदन करना।

🎯 Exam Tip: किसी भी नीति के विस्तृत वर्णन में, प्रस्तावना और सभी मुख्य बिंदुओं को क्रमांकित रूप से स्पष्ट करें। लंबी उत्तरों में, प्रत्येक बिंदु को संक्षिप्त और सटीक रखें।

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