RBSE Solutions Class 11 Economics Chapter 24 राजस्थान में प्राकृतिक संसाधन

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Class 11 Economics Chapter 24 राजस्थान में प्राकृतिक संसाधन RBSE Solutions PDF

Rajasthan Board RBSE Class 11 Economics Chapter 24 राजस्थान में प्राकृतिक संसाधन

RBSE Class 11 Economics Chapter 24 पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर

RBSE Class 11 Economics Chapter 24 बहुचयनात्मक प्रश्न

 

Question 1. प्राकृतिक संसाधनों का महत्त्व है
(a) राज्य के घरेलू उत्पाद बढ़ाने में
(b) पर्यटन उद्योग के विकास में
(c) पर्यावरण सुधार एवं उपभोग में
(d) इन सभी में
Answer: (d) इन सभी में
In simple words: प्राकृतिक संसाधन किसी भी राज्य के आर्थिक विकास, पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यावरण को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। ये सभी पहलुओं से महत्वपूर्ण होते हैं।

🎯 Exam Tip: प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को हमेशा विभिन्न क्षेत्रों जैसे अर्थव्यवस्था, पर्यटन और पर्यावरण से जोड़कर समझाएं।

 

Question 2. राजस्थान में प्राकृतिक भाग है
(a) चार

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, यदि सभी विकल्प नहीं दिए गए हैं, तो केवल उपलब्ध जानकारी को ही उत्तर मानें या स्पष्टीकरण दें।

 

Question 3. उत्तरी-पश्चिमी रेगिस्तान वाला जिला है
(a) चुरू
(b) कोटा
(c) जयपुर
(d) टोंक
Answer: (a) चुरू
In simple words: राजस्थान के उत्तरी-पश्चिमी रेगिस्तान वाले इलाके में चुरू जिला आता है।

🎯 Exam Tip: राजस्थान के भौगोलिक विभाजन और प्रमुख जिलों को याद रखें, खासकर रेगिस्तानी इलाकों को।

 

Question 4. रेगिस्तान का कल्पवृक्ष कहलाता है
(a) नीम
(b) केर
(c) खेजड़ा
(d) बबूल
Answer: (c) खेजड़ा
In simple words: खेजड़ा का पेड़ रेगिस्तान में बहुत खास होता है क्योंकि यह सूखे में भी जीवित रहता है और कई तरह से लोगों के काम आता है, इसलिए इसे कल्पवृक्ष कहते हैं।

🎯 Exam Tip: स्थानीय पेड़-पौधों और उनके सांस्कृतिक-आर्थिक महत्व पर ध्यान दें, खासकर रेगिस्तानी इलाकों में।

 

Question 5. माही डेम कौन-से जिले में है?
(a) कोटा में
(b) टोंक में
(c) बाँसवाड़ा में
(d) जयपुर में
Answer: (c) बाँसवाड़ा में
In simple words: माही डेम, जो एक बड़ा बांध है, राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में बनाया गया है।

🎯 Exam Tip: प्रमुख बांधों और उनके संबंधित जिलों को याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर जल संसाधनों से जुड़े प्रश्नों के लिए।

 

Question 6. सांभर झील है
(a) जयपुर में
(b) नागौर में

🎯 Exam Tip: प्रमुख झीलों और उनके स्थानों से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, इसलिए उनकी जानकारी रखें।

 

Question 7. राज्य भारत के 100% खनिजों का उत्पादन करते हैं?
(a) बोलास्टोनाइट व जास्पर
(b) रॉक फॉस्फेट व सीसा कन्सन्ट्रेट
(c) लोहा
(d) सोपस्टोन
Answer: (a) बोलास्टोनाइट व जास्पर
In simple words: राजस्थान भारत में बोलास्टोनाइट और जास्पर खनिजों का पूरा 100% उत्पादन करता है।

🎯 Exam Tip: खनिज उत्पादन में राजस्थान की विशिष्टता वाले खनिजों के नाम और उनके प्रतिशत योगदान को याद रखें।

RBSE Class 11 Economics Chapter 24 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. नमक उत्पादन की प्रमुख दो झीलों के नाम लिखिए।
Answer: राजस्थान में नमक बनाने वाली दो मुख्य झीलें सांभर झील और डीडवाना झील हैं। इन झीलों से बड़ी मात्रा में नमक का उत्पादन किया जाता है।
In simple words: नमक बनाने वाली मुख्य झीलें सांभर और डीडवाना हैं।

🎯 Exam Tip: नमक उत्पादन से संबंधित प्रमुख झीलों के नाम याद रखें।

 

Question 2. कजरी संस्थान कहाँ पर है?
Answer: कजरी संस्थान राजस्थान के जोधपुर शहर में स्थित है। यह संस्थान रेगिस्तानी इलाकों में कृषि और वानिकी अनुसंधान का काम करता है।
In simple words: कजरी संस्थान जोधपुर में है।

🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण अनुसंधान संस्थानों और उनके स्थानों को याद रखें।

 

Question 3. पचपद्रा की झील कहाँ पर है?
Answer: पचपद्रा झील राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित है। यह झील अपने खारे पानी और नमक उत्पादन के लिए जानी जाती है।
In simple words: पचपद्रा झील बाड़मेर जिले में है।

🎯 Exam Tip: झीलों के प्रकार (खारे/मीठे पानी) और उनके संबंधित जिलों को याद रखें।

 

Question 4. खेतड़ी में कौन-सी धातु की परियोजना है?
Answer: खेतड़ी में ताँबा धातु की परियोजना है। यह क्षेत्र ताँबे के खनन और प्रसंस्करण के लिए प्रसिद्ध है, जो औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण है।
In simple words: खेतड़ी में ताँबा बनाने का काम होता है।

🎯 Exam Tip: प्रमुख खनन क्षेत्रों और वहाँ मिलने वाले खनिजों/धातुओं की जानकारी रखें।

 

Question 6. बनास नदी पर बीसलपुर बाँध कौन-से जिले में स्थित है?
Answer: बनास नदी पर बीसलपुर बाँध राजस्थान के टोंक जिले में स्थित है। यह बाँध पीने के पानी की आपूर्ति और सिंचाई के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
In simple words: बीसलपुर बाँध टोंक जिले में है।

🎯 Exam Tip: राजस्थान की प्रमुख नदियों, उन पर बने बांधों और उनके जिलों के नाम याद रखें।

 

Question 7. राजस्थान की प्रथम खनिज नीति कब घोषित की गई?
Answer: राजस्थान की पहली खनिज नीति वर्ष 1978 में घोषित की गई थी। इस नीति का उद्देश्य राज्य में खनिज संसाधनों के उपयोग और विकास को नियंत्रित करना था।
In simple words: राजस्थान की पहली खनिज नीति 1978 में बनी थी।

🎯 Exam Tip: राज्य की महत्वपूर्ण नीतियों और उनके घोषणा वर्ष को याद रखें।

RBSE Class 11 Economics Chapter 24 लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. वनों से प्राप्त प्रमुख खनिजों के नाम लिखिए।
Answer: वनों से सीधे तौर पर खनिज नहीं मिलते, बल्कि खनिज पृथ्वी से निकाले जाते हैं। प्रमुख खनिज जो राजस्थान में पाए जाते हैं, उनमें लोहा, अभ्रक, कोयला, नमक, जस्ता, चूना पत्थर और बॉक्साइट शामिल हैं। ये खनिज विभिन्न उद्योगों में कच्चे माल के रूप में उपयोग होते हैं।
In simple words: मुख्य खनिजों में लोहा, अभ्रक, कोयला, नमक, जस्ता, चूना पत्थर और बॉक्साइट शामिल हैं।

🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार के खनिजों और उनके उपयोग की जानकारी रखें।

 

Question 2. राजस्थान में सिंचाई करने वाली प्रमुख नहरों के नाम लिखिए।
Answer: राजस्थान में सिंचाई के लिए मुख्य नहरें ये हैं: 1. इन्दिरा गाँधी नहर, 2. गंगा नहर, 3. भरतपुर नहर। ये नहरें राज्य के कई हिस्सों में पानी पहुंचाकर खेती में मदद करती हैं।
In simple words: राजस्थान में सिंचाई के लिए इन्दिरा गाँधी नहर, गंगा नहर और भरतपुर नहर मुख्य हैं।

🎯 Exam Tip: सिंचाई परियोजनाओं और प्रमुख नहरों के नाम याद रखें जो राज्य की कृषि में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।

 

Question 3. खनिज संसाधनों से आय व रोजगार पर क्या प्रभाव पड़ता है? समझाइये।
Answer: खनिज संसाधन आर्थिक विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। हर खनिज उद्योगों में कच्चे माल के रूप में काम आता है, जिससे राज्य की आय और लोगों के लिए रोजगार बढ़ता है। राजस्थान में खनन के काम से लगभग 5 लाख लोगों को सीधा या परोक्ष रूप से नौकरी मिली हुई है। खनिजों को निकालने और बेचने से राज्य सरकार को बहुत पैसा मिलता है। इस प्रकार, खनिज संसाधनों को निकालने से राज्य के लोगों को काम मिलता है और सरकार को अच्छी आय प्राप्त होती है।
In simple words: खनिज संसाधन राज्य की आय बढ़ाते हैं और लाखों लोगों को रोजगार देते हैं, जिससे आर्थिक विकास होता है।

🎯 Exam Tip: खनिज संसाधनों के आर्थिक प्रभावों पर प्रकाश डालें, विशेषकर आय और रोजगार सृजन के संदर्भ में।

 

Question 5. वन क्षेत्र विकसित होने पर आर्थिक लाभ के साथ-साथ विदेशी मुद्रा का भी अर्जन होता है, कैसे? समझाइये।
Answer: किसी राज्य में अच्छे वन क्षेत्र उसकी समृद्धि को दर्शाते हैं। भारत में पंजाब, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र जैसे राज्यों का विकास काफी हद तक प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर करता है। वन क्षेत्रों से इमारती लकड़ी, ईंधन, घास, बांस और तेंदू पत्ता जैसे उत्पाद मिलते हैं, जिनसे राज्यों को आर्थिक लाभ होता है। वनों के कारण पर्यटन भी बढ़ता है। इससे बिना कोई सामान निर्यात किए ही विदेशी मुद्रा मिलती है क्योंकि पर्यटक यहां घूमने आते हैं और खर्च करते हैं। इसलिए, वनों का विकास आर्थिक लाभ देता है और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करके विदेशी मुद्रा कमाने में मदद करता है।
In simple words: वन क्षेत्र राज्यों की आर्थिक स्थिति मजबूत करते हैं और लकड़ी, ईंधन जैसे उत्पाद देते हैं। साथ ही, वन पर्यटन को बढ़ावा देकर विदेशी मुद्रा भी दिलाते हैं।

🎯 Exam Tip: वनों के बहुआयामी लाभों पर ध्यान केंद्रित करें, जिसमें आर्थिक योगदान और विदेशी मुद्रा अर्जन शामिल हैं।

RBSE Class 11 Economics Chapter 24 निबंधात्मक प्रश्न

 

Question 1. प्राकृतिक संसाधनों से राज्य की अर्थव्यवस्था कैसे प्रभावित होती है? विस्तारपूर्वक समझाइये।
Answer: प्राकृतिक संसाधनों में वे सभी मुफ्त उपहार शामिल हैं जो हमें प्रकृति से मिलते हैं और जिन पर मनुष्य का जीवन निर्भर करता है। इनमें भूमि, जलवायु, वन, मिट्टी, खनिज, जल और ऊर्जा शामिल हैं। किसी भी अर्थव्यवस्था का विकास और उसका स्तर उसकी भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक संसाधनों की मात्रा, विविधता, गुणवत्ता और उपयोग करने की क्षमता पर निर्भर करता है। प्राकृतिक संसाधन पूरी अर्थव्यवस्था की नींव होते हैं और मनुष्य के आर्थिक जीवन के हर हिस्से को प्रभावित करते हैं। जिस देश में प्राकृतिक संसाधन बहुत होते हैं, वहां विकास तेजी से होता है। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी जैसे देशों का तेज विकास उन्हीं प्राकृतिक संसाधनों के कारण हुआ है। भारत में भी पंजाब, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र जैसे राज्यों की प्रगति इन्हीं प्राकृतिक संसाधनों पर बहुत निर्भर करती है। राज्य की जलवायु, भूमि, वन, जल और खनिज संपदा औद्योगिक विकास की दिशा तय करती है, जिसका राज्य की अर्थव्यवस्था पर बहुत असर पड़ता है। इससे यह पता चलता है कि प्राकृतिक संसाधनों की मात्रा और गुणवत्ता से राज्य का आर्थिक विकास होता है। इन संसाधनों का सही उपयोग करके विकास के अगले कदम को बढ़ाना आसान होता है। इनका सही उपयोग करके गरीबी और बेरोजगारी जैसी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है, और राज्य की अर्थव्यवस्था को इन बाधाओं से मुक्त करके उसे तेजी से विकसित किया जा सकता है।
In simple words: प्राकृतिक संसाधन राज्य के विकास के लिए बहुत जरूरी हैं। भूमि, पानी, खनिज और वन जैसे संसाधन अर्थव्यवस्था को प्रभावित करते हैं। इनसे गरीबी कम होती है और विकास तेज होता है।

🎯 Exam Tip: प्राकृतिक संसाधनों को अर्थव्यवस्था के विभिन्न पहलुओं (जैसे उद्योग, कृषि, रोजगार) से जोड़कर विस्तृत उत्तर दें।

 

Question 2. वन व जल संसाधन बढ़ने पर राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, कैसे? समझाइये।
Answer: जल संसाधनों को बढ़ाने के लिए बारिश के पानी को इकट्ठा करना चाहिए, क्योंकि राजस्थान में ऐसी कोई नदी नहीं है जो पूरे राज्य को पानी दे सके। इसलिए राज्य बारिश पर निर्भर रहता है। जल संसाधन बढ़ने पर खेती अच्छी होगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था में आय बढ़ेगी। वनों के बढ़ने से पर्यटन को बढ़ावा मिलता है। इससे बिना निर्यात किए ही विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है, जो किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए आय का एक अच्छा स्रोत है। इसलिए वन और जल संसाधन एक-दूसरे के पूरक कहे जा सकते हैं, क्योंकि अधिक वन होने से अधिक बारिश होगी जिससे जल संसाधन बढ़ेंगे और इन दोनों के बढ़ने पर अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
In simple words: वन और जल संसाधन बढ़ने से खेती अच्छी होती है और आय बढ़ती है। वन पर्यटन भी बढ़ाते हैं जिससे विदेशी पैसा आता है। दोनों मिलकर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं।

🎯 Exam Tip: वन और जल संसाधनों के बीच के संबंध को स्पष्ट करें और बताएं कि वे कैसे कृषि, पर्यटन और आय को प्रभावित करते हैं।

 

Question 3. खनिज पदार्थ राज्य की अर्थव्यवस्था के लिये मेरुदण्ड का कार्य करते हैं, कैसे? विस्तारपूर्वक समझाइये।
Answer: अन्य प्राकृतिक संसाधनों की तरह, खनिज संसाधन भी अर्थव्यवस्था की दिशा तय करते हैं। लोहा, इस्पात, सीमेंट, कोयला, पेट्रोल, डीजल, एल्युमीनियम और उर्वरक जैसे उद्योग राज्य के आर्थिक विकास की नींव की तरह फायदेमंद होते हैं। हर खनिज उद्योगों के लिए कच्चे माल का काम करता है, और इससे राज्य की आय और रोजगार दोनों बढ़ते हैं। राज्य में खनन से लगभग 5 लाख लोगों को सीधा और परोक्ष रूप से रोजगार मिलता है। खनिजों को निकालने और बेचने से राज्य सरकार को बहुत आय होती है। राजस्थान वर्तमान में जास्पर और वोलस्टोनाइट का एकमात्र उत्पादक राज्य है। उत्पादन मूल्य के हिसाब से भारत में राज्य का 5वां स्थान है। सीसा, जस्ता, अयस्क, टंगस्टन अयस्क, फॉस्फोराइड, एसबेस्टस, कैल्साइट, चीनी मिट्टी, फेल्सपार, गार्नेट (रत्न), जिप्सम, जास्पर, चांदी अयस्क, सोप स्टोन आदि खनिजों के उत्पादन में राज्य देश में पहले स्थान पर है। राजस्थान में 70% खनिज पाए जाते हैं। प्रचलित कीमतों पर खनन से 1991-1992 में Rs. 511 करोड़ की आय हुई थी, जो 2013-14 में बढ़कर Rs. 21750 करोड़ हो गई। खनिज पदार्थ उद्योगों को कच्चा माल देते हैं। तेल, कोयला और प्राकृतिक गैस अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ की हड्डी के समान (शक्ति और ऊर्जा के रूप में) हैं। इसलिए, यह स्पष्ट है कि यदि हमें प्राकृतिक संसाधनों से खनिज पदार्थ नहीं मिलेंगे तो उद्योगों के लिए कच्चा माल नहीं होगा, जिससे आर्थिक चक्र नहीं चलेगा और अर्थव्यवस्था कमजोर हो जाएगी। खनिज पदार्थ ही अर्थव्यवस्था को गति देते हैं।
In simple words: खनिज पदार्थ राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। ये उद्योगों को कच्चा माल देते हैं और रोजगार पैदा करते हैं। राजस्थान कई खनिजों का प्रमुख उत्पादक है, जिससे राज्य को बड़ी आय मिलती है और विकास होता है।

🎯 Exam Tip: खनिज संसाधनों के आर्थिक महत्व को उद्योगों, रोजगार, आय और विशिष्ट खनिजों के उदाहरणों के साथ समझाएं।

 

Question 4. जिस राज्य में उपजाऊ भूमि और पर्याप्त मात्रा में जल संसाधन मौजूद है तो उस राज्य की अर्थव्यवस्था कमजोर नहीं हो सकती है। इस पर सविस्तार अपने विचार प्रकट कीजिये।
Answer: किसी राज्य के आर्थिक विकास के लिए प्राकृतिक संसाधनों का योगदान बहुत महत्वपूर्ण होता है। प्राकृतिक संसाधनों में भूमि की मात्रा और गुणवत्ता का कृषि पर सीधा प्रभाव पड़ता है। मिट्टी की किस्म, बारिश और जलवायु को ध्यान में रखकर ही फसलें उगाई जाती हैं। भूमि का उपयोग अर्थव्यवस्था में प्राथमिक संसाधन के रूप में होता है। जिस राज्य में उपजाऊ भूमि और पर्याप्त जल संसाधन होते हैं, वहां फसलों की पैदावार अच्छी होगी जिससे उस राज्य की आय बढ़ेगी। जल संसाधनों के बिना खेती भी नहीं की जा सकती, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था कमजोर हो जाती है। उपजाऊ भूमि और जल संसाधन किसी राज्य की उन्नति के लिए बहुत जरूरी हैं। पंजाब, हरियाणा जैसे राज्य उपजाऊ भूमि और पर्याप्त जल संसाधनों के कारण ही उन्नत और हरे-भरे हैं और उनकी अर्थव्यवस्था भी मजबूत है। इसके विपरीत, राजस्थान में अधिकांश भाग मरुस्थल होने के कारण आधे से ज्यादा अनुपजाऊ है और पानी के स्रोत भी कम हैं, जिससे राजस्थान की अर्थव्यवस्था कमजोर है और यहां कुछ ही फसलें पैदा होती हैं। इस विवेचन से स्पष्ट होता है कि किसी राज्य की अर्थव्यवस्था उसकी उपजाऊ भूमि और उपलब्ध जल संसाधनों पर निर्भर करती है।
In simple words: उपजाऊ जमीन और भरपूर पानी वाले राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। ये दोनों खेती के लिए जरूरी हैं, जिससे फसलें अच्छी होती हैं और राज्य की आय बढ़ती है। पानी और जमीन के बिना खेती मुश्किल होती है।

🎯 Exam Tip: उपजाऊ भूमि और जल संसाधनों के बीच के संबंध और उनके आर्थिक विकास पर पड़ने वाले प्रभाव को उदाहरणों के साथ स्पष्ट करें।

RBSE Class 11 Economics Chapter 24 अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

RBSE Class 11 Economics Chapter 24 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. भूमि व जलवायु के आधार पर राजस्थान को कितने भागों में बाँटा गया है?
(a) चार
(b) पाँच
(c) तीन
(d) छह
Answer: (a) चार
In simple words: राजस्थान को उसकी जमीन और मौसम के हिसाब से चार हिस्सों में बांटा गया है।

🎯 Exam Tip: राजस्थान के भौगोलिक विभाजनों को उनके आधार (भूमि, जलवायु) सहित याद रखें।

 

Question 2. राजस्थान का कितना भाग उत्तरी-पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश में आता है?
(a) 61%
(b) 65%
(c) 70%
(d) 40%
Answer: (a) 61%
In simple words: राजस्थान का लगभग 61% हिस्सा उत्तरी-पश्चिमी रेगिस्तानी इलाके में आता है।

🎯 Exam Tip: राज्य के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के प्रतिशत योगदान को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 3. उत्तर-पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश में कितने जिले आते हैं?
(c) 12

🎯 Exam Tip: राजस्थान के प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों में शामिल जिलों की संख्या की जानकारी रखें।

 

Question 4. गुरुशिखर की ऊँचाई है
(a) 1730 मी.
(b) 1630 मी
(c) 1722 मी
(d) 1522 मी
Answer: (c) 1722 मी
In simple words: गुरुशिखर की ऊंचाई 1722 मीटर है, जो अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊंची चोटी है।

🎯 Exam Tip: प्रमुख पर्वत चोटियों और उनकी ऊंचाइयों को सटीक रूप से याद रखें।

 

Question 5. भारत के लिये कुल कृषि क्षेत्र का कितना भाग अकेले राजस्थान में है?
(a) 12.9%
(b) 11.9%
(c) 10.9%
(d) 13.9%
Answer: (d) 13.9%
In simple words: भारत के कुल कृषि क्षेत्र में से लगभग 13.9% हिस्सा अकेले राजस्थान में है।

🎯 Exam Tip: कृषि क्षेत्र में राज्यों के योगदान से जुड़े आंकड़े याद रखें।

 

Question 6. राजस्थान के जल संसाधन स्रोतों को कितने भागों में विभाजित किया गया है?
(a) चार
(b) दो
(c) पाँच
(d) तीन
Answer: (b) दो
In simple words: राजस्थान में पानी के स्रोतों को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा गया है, ये सतही और भूमिगत जल स्रोत हैं।

🎯 Exam Tip: जल संसाधनों के वर्गीकरण और उनके प्रकारों को याद रखें।

 

Question 7. राष्ट्रीय वन नीति के अनुसार कितने प्रतिशत भूमि पर वन होने चाहिए?
(a) 40%

🎯 Exam Tip: राष्ट्रीय वन नीति के उद्देश्यों और निर्धारित वन प्रतिशत को याद रखें।

 

Question 8. भारत में कुल भूमि के क्षेत्रफल के कितने प्रतिशत भू-भाग में वन है?
(a) 35%
(b) 33%
(c) 22.8%
(d) 20%
Answer: (c) 22.8%
In simple words: भारत में कुल जमीन के लगभग 22.8% हिस्से पर जंगल हैं।

🎯 Exam Tip: देश के कुल भू-भाग में वनावरण के प्रतिशत से जुड़े आंकड़े याद रखें।

 

Question 9. भारत में कुल खनिज उत्पादन में राजस्थान का कितना प्रतिशत योगदान है?
(a) 7.75%
(b) 5.74%
(c) 6.80%
(d) 10%
Answer: (b) 5.74%
In simple words: भारत में कुल खनिज उत्पादन में राजस्थान का योगदान करीब 5.74% है।

🎯 Exam Tip: खनिज उत्पादन में राज्यों के योगदान के आंकड़ों को सटीकता से याद रखें।

 

Question 10. राजस्थान में कुल कितने प्रकार के खनिज पाये जाते हैं?
(a) 71
(b) 50
(c) 80
(d) 61
Answer: (d) 61
In simple words: राजस्थान में कुल 61 अलग-अलग तरह के खनिज पाए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: खनिज विविधता के मामले में राजस्थान की स्थिति से संबंधित संख्यात्मक जानकारी याद रखें।

 

Question 11. बाड़मेर में कितने टन कोयला होने का अनुमान लगा है?
(a) 80 करोड़ टन
(b) 50 करोड़ टन
(c) 60 करोड़ टन
(d) 40 करोड़ टन

🎯 Exam Tip: प्रमुख खनिज क्षेत्रों में अनुमानित भंडार से जुड़े आंकड़ों की जानकारी रखें।

 

Question 12. राज्य में प्रथम खनिज नीति घोषित कब की गई?
(a) 1979
(b) 1980
(c) 1978
(d) 1976
Answer: (c) 1978
In simple words: राजस्थान की पहली खनिज नीति साल 1978 में घोषित की गई थी।

🎯 Exam Tip: राज्य की प्रमुख नीतियों और उनके लागू होने के वर्षों को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 13. नई खनिज नीति 2011 में कितने उद्देश्य रखे गए?
(a) 11
(b) 13
(c) 10
(d) 15
Answer: (a) 11
In simple words: साल 2011 की नई खनिज नीति में कुल 11 मुख्य लक्ष्य तय किए गए थे।

🎯 Exam Tip: प्रमुख नीतियों के उद्देश्यों की संख्या और उनके मुख्य बिंदुओं को याद रखें।

RBSE Class 11 Economics Chapter 24 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. राजस्थान भारत के किस भाग में स्थित है?
Answer: राजस्थान भारत के उत्तरी-पश्चिमी भाग में स्थित है। यह अपने रेगिस्तानी इलाकों और अरावली पर्वतमाला के लिए जाना जाता है।
In simple words: राजस्थान भारत के उत्तर-पश्चिम में है।

🎯 Exam Tip: भारत के नक्शे पर राज्यों की स्थिति और उनकी भौगोलिक विशेषताओं को याद रखें।

 

Question 2. राजस्थान का भौगोलिक क्षेत्रफल कितना है?
Answer: राजस्थान का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 342239 वर्ग किलोमीटर है। यह भारत का सबसे बड़ा राज्य है।
In simple words: राजस्थान का कुल क्षेत्रफल 342239 वर्ग किमी है।

🎯 Exam Tip: राज्यों के क्षेत्रफल से संबंधित सटीक आंकड़े याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 3. राजस्थान देश के भौगोलिक क्षेत्रफल का कितना प्रतिशत है?
Answer: राजस्थान देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 10.41% हिस्सा है। यह दर्शाता है कि राज्य का आकार काफी बड़ा है।
In simple words: राजस्थान देश के कुल क्षेत्रफल का 10.41% है।

🎯 Exam Tip: विभिन्न राज्यों के क्षेत्रफल के प्रतिशत योगदान से जुड़े आंकड़े याद रखें।

 

Question 5. पूर्वी मैदानी भाग में वर्षा का औसत कितना रहता है?
Answer: पूर्वी मैदानी भाग में औसत वर्षा लगभग 40-80 सेमी तक रहती है। यह मात्रा कृषि के लिए पर्याप्त होती है।
In simple words: पूर्वी मैदान में औसत वर्षा 40-80 सेमी होती है।

🎯 Exam Tip: राजस्थान के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में वर्षा के औसत आंकड़े याद रखें।

 

Question 6. गुरुशिखर पर्वत किस जिले में है?
Answer: गुरुशिखर पर्वत राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित है। यह अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊंची चोटी है और एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भी है।
In simple words: गुरुशिखर सिरोही जिले में है।

🎯 Exam Tip: प्रमुख पर्वतों और उनकी चोटियों के स्थानों को याद रखें।

 

Question 7. मध्यवर्ती-पहाड़ी प्रदेश में वर्षा का औसत कितना पाया जाता है?
Answer: मध्यवर्ती-पहाड़ी प्रदेश में वर्षा का औसत लगभग 20-90 सेमी पाया जाता है। यहां की भौगोलिक स्थिति के कारण वर्षा की मात्रा में भिन्नता होती है।
In simple words: पहाड़ी प्रदेश में औसत वर्षा 20-90 सेमी होती है।

🎯 Exam Tip: राजस्थान के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में वर्षा के औसत आंकड़ों को तुलनात्मक रूप से याद रखें।

 

Question 8. मालवा या हाडौती का क्षेत्र किस प्रदेश को कहते हैं?
Answer: मालवा या हाडौती का क्षेत्र दक्षिणी-पूर्वी पठार को कहते हैं। यह क्षेत्र अपनी उपजाऊ मिट्टी और कृषि के लिए जाना जाता है।
In simple words: दक्षिणी-पूर्वी पठार को मालवा या हाडौती का क्षेत्र कहते हैं।

🎯 Exam Tip: राजस्थान के उपक्षेत्रों के भौगोलिक नामों को याद रखें।

 

Question 9. कौन-सी मिट्टी राज्य के सबसे विस्तृत क्षेत्र में पायी जाती है?
Answer: रेतीली मिट्टी राज्य के सबसे विस्तृत क्षेत्र में पाई जाती है। यह मिट्टी मुख्यतः पश्चिमी राजस्थान के मरुस्थलीय इलाकों में मिलती है।
In simple words: राजस्थान के सबसे बड़े हिस्से में रेतीली मिट्टी है।

🎯 Exam Tip: राजस्थान में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार की मिट्टियों और उनके वितरण क्षेत्रों को याद रखें।

 

Question 10. नाइट्रोजन की कमी किस मिट्टी में पायी जाती है?
Answer: नाइट्रोजन की कमी दुमट या कछारी मिट्टी में पायी जाती है। इन मिट्टियों में उर्वरकों का उपयोग करके नाइट्रोजन की कमी को पूरा किया जाता है ताकि फसलें अच्छी हों।
In simple words: दुमट या कछारी मिट्टी में नाइट्रोजन कम होता है।

🎯 Exam Tip: विभिन्न मिट्टियों की रासायनिक संरचना और उनमें पाई जाने वाली कमी को याद रखें।

 

Question 11. किस संस्थान द्वारा सूखा क्षेत्र पर अनुसन्धान किया जा रहा है?
Answer: 1%।
In simple words: यह संख्या '1%' एक प्रतिशत मात्रा को दर्शाती है।

🎯 Exam Tip: जब कोई आंकड़ा दिया जाए, तो उसे सीधे तौर पर प्रस्तुत करें।

 

Question 13. सतही जल के स्रोत कौन-से हैं?
Answer: सतही जल के मुख्य स्रोत नदियाँ, नहरें, झीलें और तालाब हैं। ये सभी पृथ्वी की सतह पर उपलब्ध पानी के रूप हैं।
In simple words: नदियाँ, नहरें, झीलें और तालाब सतही जल के मुख्य स्रोत हैं।

🎯 Exam Tip: जल संसाधनों के विभिन्न प्रकार (सतही और भूमिगत) और उनके उदाहरणों को याद रखें।

 

Question 14. माही नदी राजस्थान में कितने किलोमीटर बहती है?
Answer: माही नदी राजस्थान में लगभग 174 किलोमीटर बहती है। यह नदी दक्षिण राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोत है।
In simple words: माही नदी राजस्थान में 174 किमी बहती है।

🎯 Exam Tip: प्रमुख नदियों की लंबाई और उनके बहाव क्षेत्र से जुड़े आंकड़े याद रखें।

 

Question 15. बनास नदी का निकास कहाँ से होता है?
Answer: बनास नदी का उद्गम अरावली पर्वतमाला की खमनोर पहाड़ियों (कुम्भलगढ़) के पास से होता है। यह नदी राजस्थान की प्रमुख नदियों में से एक है।
In simple words: बनास नदी अरावली पर्वतमाला की खमनोर पहाड़ियों से निकलती है।

🎯 Exam Tip: प्रमुख नदियों के उद्गम स्थलों को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 16. पश्चिमी राजस्थान की सबसे बड़ी नदी कौन-सी है?
Answer: पश्चिमी राजस्थान की सबसे बड़ी नदी लूनी नदी है। यह एक मौसमी नदी है जो थार रेगिस्तान से होकर बहती है।
In simple words: पश्चिमी राजस्थान की सबसे बड़ी नदी लूनी है।

🎯 Exam Tip: राजस्थान के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों की प्रमुख नदियों की जानकारी रखें।

 

Question 17. लूनी नदी के पानी के उपयोग से किसका - उत्पादन किया जाता है?
Answer: लूनी नदी के पानी के उपयोग से नमक का उत्पादन किया जाता है। इसका पानी खारा होने के कारण यह मुख्य रूप से नमक बनाने में उपयोग होता है।
In simple words: लूनी नदी के पानी से नमक बनता है।

🎯 Exam Tip: नदियों के पानी के विशिष्ट उपयोगों और उनसे होने वाले उत्पादन पर ध्यान दें।

 

Question 18. मीठे पानी की कोई दो झीलों के नाम लिखिए।
Answer: 7 से 8 प्रतिशत के बीच।
In simple words: यह उत्तर '7 से 8 प्रतिशत के बीच' एक सीमा को दर्शाता है।

🎯 Exam Tip: यदि उत्तर संख्यात्मक रूप में है, तो उसे सीधे तौर पर प्रस्तुत करें और स्पष्टीकरण दें।

 

Question 20. राजस्थान में पायी जाने वाली तीन प्रकार की वनस्पति का नाम लिखो।
Answer: राजस्थान में मुख्य रूप से तीन प्रकार की वनस्पतियाँ पाई जाती हैं: 1. वन (जंगल), 2. घास (घास के मैदान), और 3. मरुस्थलीय वनस्पति (रेगिस्तानी पौधे)। ये वनस्पतियाँ राज्य की जलवायु और मिट्टी के अनुसार बदलती हैं।
In simple words: राजस्थान में वन, घास और रेगिस्तानी पौधे मुख्य वनस्पतियाँ हैं।

🎯 Exam Tip: राज्य की प्रमुख वनस्पतियों के प्रकारों और उनके वितरण क्षेत्रों को याद रखें।

 

Question 21. राजस्थान में सबसे कम वन किस जिले में है?
Answer: राजस्थान में सबसे कम वन चुरू व जैसलमेर जिले में पाए जाते हैं। ये जिले रेगिस्तानी क्षेत्र में होने के कारण कम वर्षा और शुष्क जलवायु वाले होते हैं।
In simple words: चुरू और जैसलमेर जिलों में सबसे कम जंगल हैं।

🎯 Exam Tip: वनावरण के प्रतिशत और उनके वितरण से संबंधित जिलों को याद रखें।

 

Question 22. प्रचलित कीमतों पर खनन से 1991-92 में कितनी आमदनी हुई?
Answer: वर्ष 1991-92 में प्रचलित कीमतों पर खनन से कुल Rs. 511 करोड़ की आमदनी हुई थी। यह दर्शाता है कि खनन क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
In simple words: 1991-92 में खनन से Rs. 511 करोड़ की आय हुई थी।

🎯 Exam Tip: आर्थिक आंकड़ों और उनके संदर्भ वर्ष को सटीकता से याद रखें।

 

Question 23. राजस्थान सोपस्टोन के उत्पादन में। कौन-से स्थान पर है?
Answer: राजस्थान सोपस्टोन के उत्पादन में पहले स्थान पर है। यह खनिज राज्य में बहुतायत से पाया जाता है और विभिन्न उद्योगों में उपयोग होता है।
In simple words: सोपस्टोन उत्पादन में राजस्थान पहले स्थान पर है।

🎯 Exam Tip: विशिष्ट खनिजों के उत्पादन में राजस्थान की राष्ट्रीय रैंकिंग को याद रखें।

 

Question 24. स्लेट पत्थर कहाँ पाया जाता है?
Answer: स्लेट पत्थर मुख्य रूप से अलवर में पाया जाता है। इसका उपयोग छत बनाने और फर्श के लिए किया जाता है, जो निर्माण क्षेत्र में उपयोगी है।
In simple words: स्लेट पत्थर अलवर में मिलता है।

🎯 Exam Tip: प्रमुख खनिजों के विशिष्ट उत्पादन स्थलों को याद रखें।

 

Question 25. किस पत्थर के उत्पादन में राज्य का एकाधिकार है?
Answer: धात्विक खनिजों में ताँबा, सोना, लोहा अयस्क, सीसा, जस्ता, चाँदी, कैडमियम और मैंगनीज शामिल हैं, जिनका उपयोग धात्विक उद्योगों में होता है। अधात्विक खनिजों में एस्बेस्टस, फेल्सपार, सिलिका रेत, चाइना क्ले आदि आते हैं। एस्बेस्टस उदयपुर और डूंगरपुर जिले में पाया जाता है, जबकि फेल्सपार की अधिकांश मात्रा अजमेर जिले में पाई जाती है।
In simple words: यह जानकारी विभिन्न प्रकार के धात्विक और अधात्विक खनिजों के बारे में बताती है और वे कहाँ मिलते हैं।

🎯 Exam Tip: विभिन्न खनिजों के प्रकार, उनके उपयोग और प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों को याद रखें।

 

Question 26. राजस्थान राज्य खनिज विकास निगम (RSMDC) की स्थापना कब की गई?
Answer: राजस्थान राज्य खनिज विकास निगम (RSMDC) की स्थापना वर्ष 1979 में की गई थी। इस निगम का मुख्य उद्देश्य राज्य में खनिज विकास को बढ़ावा देना है।
In simple words: RSMDC की स्थापना 1979 में हुई थी।

🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण निगमों और उनकी स्थापना के वर्ष को याद रखें।

 

Question 27. भूमि व जलवायु के आधार पर राजस्थान के चार भाग कौन-से हैं?
Answer: भूमि और जलवायु के आधार पर राजस्थान को चार मुख्य भागों में बांटा गया है: 1. उत्तरी-पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश, 2. पूर्वी मैदान, 3. मध्यवर्ती पहाड़ी प्रदेश, 4. दक्षिणी पूर्वी पठार। ये सभी भाग अपनी विशिष्ट भौगोलिक विशेषताओं के लिए जाने जाते हैं।
In simple words: राजस्थान को चार मुख्य भौगोलिक भागों में बांटा गया है: उत्तरी-पश्चिमी रेगिस्तान, पूर्वी मैदान, मध्यवर्ती पहाड़ी क्षेत्र और दक्षिणी-पूर्वी पठार।

🎯 Exam Tip: राजस्थान के भौगोलिक विभाजनों के नाम और उनकी विशेषताओं को याद रखें।

 

Question 28. उत्तरी-पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश की मुख्य फसलें कौन-सी हैं?
Answer: उत्तरी-पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश की मुख्य फसलें ज्वार, बाजरा, मूंग और मोठ हैं। ये फसलें कम पानी और शुष्क जलवायु में अच्छी तरह से उगती हैं।
In simple words: उत्तरी-पश्चिमी रेगिस्तान की मुख्य फसलें ज्वार, बाजरा, मूंग और मोठ हैं।

🎯 Exam Tip: राजस्थान के विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों की प्रमुख फसलों की जानकारी रखें।

 

Question 29. उत्तरी-पश्चिमी क्षेत्र में कौन-सी झीलों से नमक का उत्पादन किया जाता है?
Answer: उत्तरी-पश्चिमी क्षेत्र में सांभर, डीडवाना और पचपद्रा जैसी खारे पानी की झीलों से नमक का उत्पादन किया जाता है। ये झीलें नमक उद्योग के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।
In simple words: उत्तरी-पश्चिमी क्षेत्र में सांभर, डीडवाना और पचपद्रा झील से नमक बनता है।

🎯 Exam Tip: नमक उत्पादन से संबंधित प्रमुख झीलों और उनके भौगोलिक क्षेत्रों को याद रखें।

 

Question 30. पूर्वी मैदान में राज्य के कौन-कौन से जिले आते हैं?
Answer: पूर्वी मैदान भाग में जयपुर, दौसा, भरतपुर, टोंक, धौलपुर, सवाईमाधोपुर, करौली, अलवर और सीकर, झुंझुनूं का कुछ हिस्सा आता है। यह क्षेत्र कृषि और जनसंख्या घनत्व के लिए महत्वपूर्ण है।
In simple words: जयपुर, दौसा, भरतपुर, टोंक, धौलपुर, सवाईमाधोपुर, करौली, अलवर, सीकर और झुंझुनूं के कुछ हिस्से पूर्वी मैदान में आते हैं।

🎯 Exam Tip: राजस्थान के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में शामिल जिलों के नाम याद रखें।

 

Question 31. मध्यवर्ती पहाड़ी प्रदेश में कौन-से खनिज पाये जाते हैं?
Answer: मध्यवर्ती पहाड़ी प्रदेश में ताँबा, जस्ता, अभ्रक और लोहा जैसे खनिज पाए जाते हैं। यह क्षेत्र खनिजों की उपलब्धता के लिए महत्वपूर्ण है।
In simple words: पहाड़ी प्रदेश में ताँबा, जस्ता, अभ्रक और लोहा जैसे खनिज मिलते हैं।

🎯 Exam Tip: राजस्थान के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में पाए जाने वाले प्रमुख खनिजों की जानकारी रखें।

 

Question 33. चम्बल नदी की सहायक नदियों के नाम लिखिए।
Answer: चम्बल नदी की मुख्य सहायक नदियाँ काली सिन्ध, पार्वती, परवन और बनास हैं। ये नदियाँ चम्बल में मिलकर उसके जल प्रवाह को बढ़ाती हैं।
In simple words: काली सिन्ध, पार्वती, परवन और बनास चम्बल की सहायक नदियाँ हैं।

🎯 Exam Tip: प्रमुख नदियों और उनकी सहायक नदियों के नाम याद रखें।

 

Question 34. चम्बल नदी पर कौन-से बाँध बनाये गए हैं?
Answer: चम्बल नदी पर गाँधी सागर, जवाहर सागर और राणा प्रताप सागर जैसे प्रमुख बाँध बनाए गए हैं। ये बाँध बिजली उत्पादन और सिंचाई के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।
In simple words: चम्बल नदी पर गाँधी सागर, जवाहर सागर और राणा प्रताप सागर बाँध बने हैं।

🎯 Exam Tip: प्रमुख नदियों पर बने बांधों के नाम और उनके उद्देश्यों को याद रखें।

 

Question 35. माही नदी पर कौन-सा बाँध किस जिले में बना है?
Answer: माही नदी पर बाँसवाड़ा जिले में माही सागर बाँध बना हुआ है। यह बाँध इस क्षेत्र में जल आपूर्ति और सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है।
In simple words: माही सागर बाँध बांसवाड़ा जिले में माही नदी पर है।

🎯 Exam Tip: प्रमुख बांधों और उनके संबंधित नदियों व जिलों को याद रखें।

 

Question 36. बनास नदी कहाँ से निकलती है?
Answer: बनास नदी अरावली पर्वतमाला की खमनोर पहाड़ियों के पास से निकलती है। यह नदी राजस्थान की महत्वपूर्ण जल स्रोतों में से एक है।
In simple words: बनास नदी अरावली की खमनोर पहाड़ियों से शुरू होती है।

🎯 Exam Tip: नदियों के उद्गम स्थलों की जानकारी रखें।

 

Question 37. कैलना झील राज्य के किस जिले में है?
Answer: कैलना झील राज्य के जोधपुर जिले में स्थित है। यह झील मीठे पानी के स्रोतों में से एक है।
In simple words: कैलना झील जोधपुर जिले में है।

🎯 Exam Tip: प्रमुख झीलों के प्रकार और उनके स्थानों को याद रखें।

 

Question 38. खारे पानी की तीन झीलों के नाम लिखिए।
Answer: खारे पानी की तीन प्रमुख झीलें हैं: 1. सांभर झील, 2. डीडवाना झील, 3. तूणकरणसर झील। ये सभी झीलें नमक उत्पादन के लिए जानी जाती हैं।
In simple words: सांभर, डीडवाना और तूणकरणसर खारे पानी की तीन मुख्य झीलें हैं।

🎯 Exam Tip: खारे पानी की झीलों और उनके नमक उत्पादन में महत्व को याद रखें।

 

Question 40. इन्दिरा गाँधी नहर से किन जिलों में सिंचाई की जाती है?
Answer: इन्दिरा गाँधी नहर से गंगानगर, बीकानेर, बाड़मेर और जैसलमेर जिलों में सिंचाई की जाती है। यह नहर पश्चिमी राजस्थान के सूखे इलाकों में कृषि को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
In simple words: इन्दिरा गाँधी नहर से गंगानगर, बीकानेर, बाड़मेर और जैसलमेर में सिंचाई होती है।

🎯 Exam Tip: प्रमुख नहरों और उनसे सिंचित होने वाले जिलों के नाम याद रखें।

 

Question 41. गंगानहर कहाँ से निकाली गई है?
Answer: गंगानहर सतलज नदी से फिरोजपुर के पास हुसैनीवाला से निकाली गई है। यह राजस्थान की सबसे पुरानी नहर परियोजनाओं में से एक है।
In simple words: गंगानहर सतलज नदी से हुसैनीवाला के पास से निकाली गई है।

🎯 Exam Tip: नहर परियोजनाओं के उद्गम स्थल और उनके संबंधित नदियों की जानकारी रखें।

 

Question 42. आरक्षित वन से क्या आशय है?
Answer: आरक्षित वन वे होते हैं जहाँ पशुओं को घास चरने और पेड़ों को काटने की अनुमति नहीं होती है। ये वन सरकार द्वारा विशेष रूप से संरक्षित किए जाते हैं ताकि वन्यजीवों और पर्यावरण को बचाया जा सके।
In simple words: आरक्षित वन वो जगह है जहाँ जानवरों को घास चरने और पेड़ काटने की मनाही होती है।

🎯 Exam Tip: वनों के विभिन्न प्रकार (आरक्षित, सुरक्षित, अवर्गीकृत) और उनके नियमों को याद रखें।

 

Question 43. सुरक्षित वन से क्या आशय है?
Answer: सुरक्षित वन ऐसे क्षेत्र होते हैं जहाँ कभी-कभी पशुओं को चराने और सूखे पेड़ काटने की अनुमति दी जाती है। इन वनों में कुछ नियमों के तहत मानवीय गतिविधियों की इजाजत होती है।
In simple words: सुरक्षित वन में कभी-कभी जानवर चर सकते हैं और सूखे पेड़ काटे जा सकते हैं।

🎯 Exam Tip: वनों के विभिन्न प्रकारों के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझें।

 

Question 44. अवर्गीकृत वन से क्या आशय है?
Answer: अवर्गीकृत वन ऐसे क्षेत्र होते हैं जिनमें बरसाती घास के चारागाह, छोटे-छोटे पेड़ और झाड़ियाँ होती हैं। इन वनों पर सरकार का कोई विशिष्ट नियंत्रण नहीं होता और सामान्य उपयोग के लिए खुले होते हैं।
In simple words: अवर्गीकृत वन में घास के मैदान और छोटी झाड़ियाँ होती हैं, और ये सबके लिए खुले होते हैं।

🎯 Exam Tip: वनों के वर्गीकरण और उनके उपयोग से संबंधित नियमों को जानें।

 

Question 45. शुष्क सागवान के वन राज्य के किन जिलों में मुख्यतः पाये जाते हैं?
Answer: शुष्क सागवान के वन मुख्यतः दक्षिणी राजस्थान के बाँसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों में पाए जाते हैं। ये वन अपने मजबूत लकड़ी के लिए जाने जाते हैं।
In simple words: शुष्क सागवान के वन मुख्य रूप से बाँसवाड़ा और डूंगरपुर में मिलते हैं।

🎯 Exam Tip: विशिष्ट वनस्पति प्रकारों और उनके संबंधित जिलों को याद रखें।

RBSE Class 11 Economics Chapter 24 लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 2. पूर्वी मैदान भाग की विशेषताएँ बताइए।
Answer: पूर्वी मैदान भाग की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं: 1. यहाँ औसत वर्षा ठीक रहती है, जो लगभग 40-80 सेमी होती है, इसलिए यहाँ जनसंख्या घनत्व भी अधिक पाया जाता है। 2. मुख्य फसलों में गेहूँ, तिलहन, कपास, गन्ना, चना, बाजरा और सरसों आदि का उत्पादन किया जाता है। 3. जल की पर्याप्त उपलब्धता के कारण यह उपजाऊ क्षेत्र है जो राज्य के कुल क्षेत्रफल का लगभग 23 प्रतिशत से अधिक है।
In simple words: पूर्वी मैदान में अच्छी बारिश होती है, यहाँ लोग ज्यादा रहते हैं। गेहूँ, कपास जैसी फसलें खूब उगती हैं क्योंकि पानी भरपूर है।

🎯 Exam Tip: राजस्थान के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों की विशेषताओं को वर्षा, जनसंख्या, फसलें और क्षेत्रफल के प्रतिशत के संदर्भ में याद रखें।

 

Question 3. मध्यवर्ती पहाड़ी प्रदेश की चार विशेषतायें लिखिए।
Answer: मध्यवर्ती पहाड़ी प्रदेश की चार मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं: 1. यहाँ वर्षा का औसत 20-90 सेमी के बीच पाया जाता है। 2. इस क्षेत्र में लाल, काली, भूरी और कंकरीली मिट्टी पाई जाती है। 3. ताँबा, जस्ता, अभ्रक और लोहा आदि खनिज यहाँ पाए जाते हैं। 4. यह राज्य के कुल क्षेत्रफल का लगभग 9% भाग में है।
In simple words: पहाड़ी क्षेत्र में 20-90 सेमी बारिश होती है, लाल-काली मिट्टी मिलती है, ताँबा-जस्ता जैसे खनिज होते हैं, और यह राज्य का लगभग 9% हिस्सा है।

🎯 Exam Tip: मध्यवर्ती पहाड़ी प्रदेश की भौगोलिक, खनिज और कृषि विशेषताओं को याद रखें।

 

Question 4. दक्षिणी-पूर्वी पठार की विशेषतायें बताइए।
Answer: दक्षिणी-पूर्वी पठार को तेल मालवा या हाडौती का पठार भी कहते हैं। इसमें मुख्य रूप से कोटा, बारा, बून्दी और झालावाड़ जिले आते हैं। इसकी मुख्य विशेषताएँ ये हैं: 1. यहाँ पर काली मिट्टी और लाल मिट्टी पाई जाती है। 2. यहाँ कपास, मूंगफली, चावल, गन्ना और गेहूँ का उत्पादन किया जाता है।
In simple words: दक्षिणी-पूर्वी पठार को हाडौती कहते हैं, इसमें कोटा, बारा जैसे जिले आते हैं। यहाँ काली और लाल मिट्टी में कपास, चावल और गेहूँ उगते हैं।

🎯 Exam Tip: दक्षिणी-पूर्वी पठार की भौगोलिक स्थिति, प्रमुख जिले, मिट्टी के प्रकार और कृषि उत्पादों पर ध्यान दें।

 

Question 6. राजस्थान में पायी जाने वाली लाल मिट्टी और काली मिट्टी के बारे में संक्षेप में प्रकाश डालिये?
Answer: लाल मिट्टी में नाइट्रोजन, फास्फोरस, चूना, पोटाश और लोहे के कण पाए जाते हैं। यह मिट्टी डूंगरपुर, उदयपुर और अजमेर जिलों में मिलती है। काली मिट्टी में फॉस्फेट, नाइट्रोजन और जैविक पदार्थों की कमी होती है, लेकिन कैल्शियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है। यह बाँसवाड़ा, प्रतापगढ़, बून्दी, झालावाड़, बांरा आदि क्षेत्रों में मिलती है। काली मिट्टी कपास की खेती के लिए बहुत अच्छी मानी जाती है।
In simple words: लाल मिट्टी में नाइट्रोजन, फास्फोरस जैसे तत्व होते हैं और यह डूंगरपुर-उदयपुर में मिलती है। काली मिट्टी में कैल्शियम ज्यादा होता है और यह बाँसवाड़ा-प्रतापगढ़ में कपास के लिए अच्छी है।

🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार की मिट्टियों (लाल और काली) की रासायनिक संरचना, उनके पाए जाने वाले जिले और प्रमुख फसलों की जानकारी रखें।

 

Question 7. भूमि संरक्षण के लिये क्या सरकारी प्रयास किये जा रहे हैं?
Answer: भूमि संरक्षण के लिए सरकार द्वारा कई प्रयास किए जा रहे हैं: 1. मरुस्थल को फैलने से रोकने के लिए मरुविकास कार्यक्रम और सूखा संभावित क्षेत्रों में कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। 2. जोधपुर में 'कजरी' संस्थान द्वारा सूखा क्षेत्र पर अनुसंधान कार्य हो रहा है, जो भूमि उपयोग की नई तकनीकें विकसित करता है। 3. केंद्र के सहयोग से 'कॉम्बेटिंग डेजर्ट' नाम के कार्यक्रम में राजस्थान में भूमि सुधार का काम हो रहा है।
In simple words: सरकार मरुस्थल रोकने के लिए कार्यक्रम चला रही है। जोधपुर का कजरी संस्थान सूखे पर शोध कर रहा है, और 'कॉम्बेटिंग डेजर्ट' कार्यक्रम से जमीन को बेहतर बनाया जा रहा है।

🎯 Exam Tip: भूमि संरक्षण के लिए सरकारी योजनाओं और अनुसंधान संस्थानों के नाम याद रखें।

 

Question 8. चम्बल नदी के विषय में चार बिन्दु लिखिए।
Answer: चम्बल नदी के बारे में चार मुख्य बिन्दु इस प्रकार हैं: 1. यह नदी मध्य प्रदेश के मऊ के पास जनापाव पहाड़ी से निकलकर राजस्थान के कोटा, सवाईमाधोपुर और धौलपुर जिलों से लगभग 210 किमी बहकर यमुना नदी में मिल जाती है। 2. काली सिन्ध, पार्वती, परवन और बनास इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं। 3. चम्बल नदी पर गाँधी सागर, जवाहर सागर और राणा प्रताप सागर जैसे बड़े बाँध बनाए गए हैं। 4. इन बाँधों से जल विद्युत का उत्पादन किया जाता है, जो ऊर्जा की आपूर्ति में महत्वपूर्ण है।
In simple words: चम्बल नदी मध्य प्रदेश से निकलकर यमुना में मिलती है। काली सिन्ध इसकी सहायक नदी है। इस पर गाँधी सागर जैसे बाँध बने हैं, जिनसे बिजली बनती है।

🎯 Exam Tip: प्रमुख नदियों के उद्गम, सहायक नदियाँ, उन पर बने बांधों और उनके उपयोगों को याद रखें।

 

Question 10. राज्य में जल संसाधन के सदुयोग के कोई दो प्रयास लिखिए।
Answer: राज्य में जल संसाधनों के सदुपयोग के लिए कुछ प्रयास निम्नलिखित हैं: 1. उपलब्ध जल का सही उपयोग करना चाहिए। इसके लिए फव्वारा सिंचाई और बूंद-बूंद सिंचाई जैसी विधियों का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए, जिससे पानी की बचत होती है। 2. वर्षा जल संग्रहण के उचित उपाय करने चाहिए, जिससे भूमिगत जल स्तर को नीचे गिरने से रोका जा सके। यह पानी की उपलब्धता को बढ़ाता है। 3. किसानों को जल सिंचाई प्रणाली को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने के लिए प्रशिक्षित करना चाहिए। 4. राज्य को अंतरराष्ट्रीय जल संसाधनों में अपने हिस्से का पूरा उपयोग करना चाहिए।
In simple words: पानी बचाने के लिए फव्वारा और बूंद-बूंद सिंचाई का इस्तेमाल करना चाहिए। बारिश का पानी इकट्ठा करके जमीन के नीचे पानी का स्तर गिरने से रोकना चाहिए।

🎯 Exam Tip: जल संरक्षण और उपयोग के लिए अपनाए जाने वाले विभिन्न तरीकों को याद रखें।

 

Question 11. राजस्थान में पाये जाने वाले मिश्रित पतझड़ वन एवं अर्द्ध-उष्ण सदाबाहर वन के बारे में संक्षेप में बताइये।
Answer: मिश्रित पतझड़ वन मुख्य रूप से उदयपुर, कोटा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, राजसमन्द और सिरोही के कुछ भागों में पाए जाते हैं। इनमें बरगद, गूलर, जामुन, केर, बबूल, आम और धौंकड़ा जैसे वृक्ष प्रमुख हैं। ये वन शुष्क मौसम में अपनी पत्तियां गिरा देते हैं। अर्द्ध-उष्ण सदाबहार वन हमेशा हरे-भरे रहते हैं। आबू पर्वत के चारों तरफ लगभग 32 वर्ग किमी का क्षेत्र है जो 1375 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यह क्षेत्र अर्द्ध-उष्ण सदाबहार वन क्षेत्र में आता है। यहाँ के मुख्य वृक्षों में नीम, जामुन, आम, बाँस और रोहिड़ा शामिल हैं।
In simple words: मिश्रित पतझड़ वन उदयपुर-कोटा जैसे इलाकों में मिलते हैं, जहाँ बरगद-जामुन के पेड़ होते हैं जो पतझड़ में पत्तियां गिराते हैं। अर्द्ध-उष्ण सदाबहार वन आबू पर्वत के पास हमेशा हरे रहते हैं, जहाँ नीम-बाँस जैसे पेड़ मिलते हैं।

🎯 Exam Tip: वनों के विभिन्न प्रकारों (पतझड़, सदाबहार) की विशेषताओं, प्रमुख वृक्षों और उनके पाए जाने वाले क्षेत्रों को याद रखें।

 

Question 12. राजस्थान सरकार द्वारा वन विकास हेतु कौन कौन से प्रयास किये जा रहे हैं?
Answer: राजस्थान सरकार द्वारा वन विकास के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं: 1. 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-13) में वानिकी विकास के लिए Rs. 1617.6 करोड़ आवंटित किए गए हैं। वन विभाग रेगिस्तान को फैलने से रोकने की कोशिश कर रहा है। 2. वर्ष 1992-93 से 2002 तक अरावली वृक्षारोपण परियोजना के तहत वृक्षारोपण का काम किया गया। 3. इंदिरा गांधी नहर परियोजना के तहत भी वानिकी और वृक्षारोपण के प्रयास किए गए हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य वनावरण बढ़ाना और पर्यावरण को सुरक्षित रखना है।
In simple words: राजस्थान सरकार वनों को बढ़ाने के लिए पैसे खर्च कर रही है। अरावली और इंदिरा गांधी नहर परियोजना के तहत पेड़ लगाए जा रहे हैं ताकि रेगिस्तान को फैलने से रोका जा सके।

🎯 Exam Tip: वन विकास से संबंधित सरकारी योजनाओं, परियोजनाओं और उनके बजट/समय-सीमा को याद रखें।

RBSE Class 11 Economics Chapter 24 निबंधात्मक प्रश्न

 

Question 1. राजस्थान में खनिज उद्योग की समस्याएँ एवं समाधान बताइए।
Answer: राजस्थान में कई प्रकार के खनिज पाए जाते हैं, लेकिन उनमें से कुछ का अंधाधुंध तरीके से विकास हुआ है और कुछ खनिज बिना विकास के ही रह गए हैं। राज्य के खनिज उद्योग में कुछ मुख्य समस्याएँ इस प्रकार हैं:

  • खनिजों का असमान वितरण: राज्य के दक्षिणी और दक्षिणी-पूर्वी जिलों में तो खनिज बहुत मात्रा में मिलते हैं, लेकिन उत्तरी भाग में बहुत कम पाए जाते हैं। इससे विकास और आर्थिक असमानताएँ पैदा होती हैं।
  • अनियोजित विदोहन: राज्य में खनिजों का खनन सही तरीके से नहीं हो पाया है। एक तो राज्य में परिवहन साधनों की कमी है, और दूसरा पहाड़ी क्षेत्रों में खनिज मिलने से खनन की लागत अधिक आती है।
  • यंत्रीकरण का अभाव: खान मालिकों के पास पैसों की कमी होने के कारण नई तकनीकों का उपयोग नहीं हो पाता और पुरानी तकनीकों से ही खनन का काम होता है।
  • ईंधन व लौह खनिजों की कमी: इंजीनियरिंग और भारी उद्योगों के विकास के लिए लोहे और ईंधन की कमी है। आधारभूत खनिजों की कमी से उत्पादन की लागत बढ़ जाती है।
  • कुशल एवं प्रशिक्षित श्रमिकों की कमी: खनन उद्योग में लगे अधिकांश श्रमिक न केवल मौसमी होते हैं, बल्कि अकुशल भी होते हैं। प्रशिक्षण की कमी के कारण वे अपना काम कुशलता से नहीं कर पाते हैं।
  • पानी व बिजली की कमी: राज्य में पानी की कमी है, और भूमिगत पानी भी कई हिस्सों में बहुत गहरा है। राज्य में बिजली की कमी भी चलती रहती है, जिससे खनन उद्योग का पूरा विकास नहीं हो पाया है।
इन समस्याओं के समाधान के लिए खनिजों का संरक्षण और उचित उपयोग आवश्यक है। राजस्थान सरकार ने खनिज उद्योगों को पर्याप्त संरक्षण देने के लिए 1978 में एक खनिज नीति घोषित की थी, जिसमें खनिजों के सर्वेक्षण और खोज पर जोर दिया गया था। 1979 में राजस्थान राज्य खनिज विकास निगम (RSMDC) स्थापित किया गया, जिसका उद्देश्य खनिज संपदा के दोहन और विपणन को तेज करना और वैज्ञानिक तरीके से विकसित करना था। रॉक फॉस्फेट के खनन और प्रसंस्करण का मुख्य काम राजस्थान राज्य खान एवं खनिज निगम करता है। इसी तरह टंगस्टन खनिज के विकास के लिए राजस्थान राज्य टंगस्टन विकास निगम लिमिटेड का गठन किया गया।
In simple words: राजस्थान के खनिज उद्योग में कई समस्याएँ हैं, जैसे खनिजों का असमान वितरण, बिना योजना के खनन, मशीनों और प्रशिक्षित मजदूरों की कमी, और पानी-बिजली का अभाव। इन समस्याओं को हल करने के लिए सरकार ने खनिज नीतियां बनाई हैं और खनन निगम स्थापित किए हैं।

🎯 Exam Tip: खनिज उद्योग की समस्याओं को बिंदुओं में समझाएं और प्रत्येक समस्या के लिए संभावित समाधानों पर प्रकाश डालें।

 

Question 2. राज्य की नई खनिज नीति-2011 के बारे में बताइए।
Answer: राजस्थान में नई खनिज नीति-2011 को खनिज नीति 1994 और 2005 के बाद घोषित किया गया था, जिसमें 11 मुख्य उद्देश्य रखे गए थे। खनिज नीति 2011 के 11 उद्देश्य इस प्रकार हैं:

  1. राज्य में खनिजों के मूल्यवर्द्धन के लिए अनुकूल माहौल बनाना।
  2. रोजगार के अवसरों को बढ़ाना।
  3. खनिजों के लिए आधुनिक तकनीकें बढ़ाना और लाइमस्टोन, लिग्नाइट व बेस मेट जैसे खनिजों के खनन पर अधिक जोर देना।
  4. पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों और खनन संरक्षण का ध्यान रखते हुए मशीनीकृत व वैज्ञानिक खनन को बढ़ावा देना।
  5. खनन और खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए मानवीय संसाधनों को बढ़ाना।
  6. बाहरी क्षेत्रों में आधारित सुविधाओं का विकास करना।
  7. खनन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विकास करना।
  8. नोबल-बेस धातुओं, औद्योगिक खनिज और उर्वरकों की जाँच व खनन कार्य को बढ़ावा देना।
  9. मिथेन व लिग्नाइट आधारित उद्योगों और पेट्रोलियम रिफाइनरी को बढ़ावा देना।
  10. खनन विकास में आने वाली बाधाओं के नियमों व प्रक्रियाओं को सरल बनाना।
  11. खनन श्रमिकों के कल्याण के उपायों को लागू करना।
इस नीति का लक्ष्य राज्य में खनिज क्षेत्र का समग्र विकास करना है।
In simple words: राजस्थान की 2011 की नई खनिज नीति में 11 लक्ष्य थे। इसमें खनिजों का बेहतर उपयोग, रोजगार बढ़ाना, नई तकनीकें लाना, पर्यावरण का ध्यान रखना, और खनन श्रमिकों के कल्याण जैसे काम शामिल थे।

🎯 Exam Tip: खनिज नीति के उद्देश्यों को क्रमबद्ध तरीके से याद रखें और प्रत्येक उद्देश्य का संक्षिप्त विवरण दें।

 

Question 33. चम्बल नदी की सहायक नदियों के नाम लिखिए।
Answer: काली सिन्ध, पार्वती, परवन, बनास आदि नदियाँ चम्बल की सहायक नदियाँ हैं। ये नदियाँ चम्बल नदी को पानी देकर उसे और बड़ा बनाती हैं।
In simple words: सहायक नदियाँ वे होती हैं जो एक बड़ी नदी में मिल जाती हैं। चम्बल नदी की सहायक नदियाँ काली सिन्ध, पार्वती, परवन और बनास हैं।

🎯 Exam Tip: When listing geographical features, ensure correct spelling of names. Mentioning the type of feature (e.g., 'सहायक नदियाँ' - tributary rivers) adds clarity.

 

Question 34. चम्बल नदी पर कौन-से बाँध बनाये गए हैं?
Answer: चम्बल नदी पर गाँधी सागर, जवाहर सागर तथा राणा प्रताप सागर बाँध बनाये गए हैं। ये बाँध पानी को रोककर बिजली बनाने और सिंचाई के लिए इस्तेमाल होते हैं।
In simple words: चम्बल नदी पर गाँधी सागर, जवाहर सागर और राणा प्रताप सागर नाम के बड़े बाँध बनाए गए हैं।

🎯 Exam Tip: When asked about dams, list all the significant ones mentioned in the context. Remembering their primary purpose (e.g., irrigation, power generation) can be a bonus.

 

Question 35. माही नदी पर कौन-सा बाँध किस जिले में बना है?
Answer: माही नदी पर बाँसवाड़ा जिले में माही सागर बाँध बना हुआ है। यह बाँध इस क्षेत्र के लिए पानी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
In simple words: माही नदी पर बना माही सागर बाँध बाँसवाड़ा जिले में है।

🎯 Exam Tip: Connect the river name with the specific dam and the district for a complete answer.

 

Question 36. बनास नदी कहाँ से निकलती है?
Answer: बनास नदी अरावली पर्वतमाला की खमनोर पहाड़ियों के पास से निकलती है। यह नदी राजस्थान की एक महत्वपूर्ण नदी है, जो पूरी तरह से राज्य के भीतर बहती है।
In simple words: बनास नदी अरावली पहाड़ों की खमनोर पहाड़ियों से शुरू होती है।

🎯 Exam Tip: For river origins, specifying the mountain range and the exact hills or peaks is crucial for full marks.

 

Question 37. कैलना झील राज्य के किस जिले में है?
Answer: कैलना झील राज्य के जोधपुर जिले में है। यह जोधपुर के आसपास के क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति में मदद करती है।
In simple words: कैलना झील जोधपुर जिले में स्थित है।

🎯 Exam Tip: When asked for the location of a lake, clearly state the district or region.

 

Question 38. खारे पानी की तीन झीलों के नाम लिखिए।
Answer: खारे पानी की तीन प्रमुख झीलें हैं:
1. सांभर झील (जयपुर)
2. डीडवाना झील (नागौर)
3. लूणकरणसर झील (बाड़मेर)
इन झीलों का मुख्य उपयोग नमक बनाने के लिए किया जाता है।
In simple words: सांभर झील, डीडवाना झील और लूणकरणसर झील राजस्थान की खारे पानी की प्रमुख झीलें हैं।

🎯 Exam Tip: When listing specific examples, try to include the district for better clarity and completeness if known.

 

Question 40. इन्दिरा गाँधी नहर से किन जिलों में सिंचाई की जाती है?
Answer: इन्दिरा गाँधी नहर से गंगानगर, बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर जिलों में सिंचाई की जाती है। यह नहर पश्चिमी राजस्थान के शुष्क क्षेत्रों को हरा-भरा बनाने में मदद करती है।
In simple words: इन्दिरा गाँधी नहर से गंगानगर, बीकानेर, बाड़मेर और जैसलमेर जिलों में खेतों को पानी मिलता है।

🎯 Exam Tip: Always list all the districts or areas mentioned when asked about the reach of a project like a canal.

 

Question 41. गंगानहर कहाँ से निकाली गई है?
Answer: गंगानहर सतलज नदी से फिरोजपुर के पास हुसैनीवाला से निकाली गई है। यह राजस्थान की सबसे पुरानी नहरों में से एक है, जो सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है।
In simple words: गंगानहर को सतलज नदी से फिरोजपुर के हुसैनीवाला नामक जगह से निकाला गया है।

🎯 Exam Tip: Specify both the river and the exact location (if known) for the origin of a canal.

 

Question 42. आरक्षित वन से क्या आशय है?
Answer: आरक्षित वन वे होते हैं जहाँ पशुओं को घास चरने और पेड़ काटने की अनुमति नहीं होती है। इन वनों को सरकार द्वारा पूरी तरह से संरक्षित रखा जाता है ताकि उनकी प्राकृतिक स्थिति बनी रहे।
In simple words: आरक्षित वन ऐसे जंगल होते हैं जहाँ जानवरों को चरने या पेड़ काटने की इजाजत नहीं होती है।

🎯 Exam Tip: Clearly state the key restrictions associated with "Reserved Forests" to define them accurately.

 

Question 43. सुरक्षित वन से क्या आशय है?
Answer: सुरक्षित वन ऐसे क्षेत्र होते हैं जहाँ पशुओं को चराने और सूखे पेड़ काटने की कभी-कभी अनुमति दी जाती है। यहाँ कुछ नियमों के साथ वन संसाधनों का उपयोग किया जा सकता है।
In simple words: सुरक्षित वन वे जंगल हैं जहाँ कभी-कभी जानवरों को चरने या सूखे पेड़ काटने की इजाजत मिलती है।

🎯 Exam Tip: Distinguish "Protected Forests" from "Reserved Forests" by highlighting the specific allowances or conditional permissions.

 

Question 44. अवर्गीकृत वन से क्या आशय है?
Answer: अवर्गीकृत वन ऐसे क्षेत्र होते हैं जहाँ बरसाती घास के चारागाह, पेड़ और छोटी-छोटी झाड़ियाँ होती हैं। इन वनों को कोई विशेष सरकारी वर्गीकरण नहीं दिया गया होता है।
In simple words: अवर्गीकृत वन ऐसे जंगल हैं जहाँ घास, पेड़ और झाड़ियाँ होती हैं, और इनका कोई खास सरकारी दर्जा नहीं होता है।

🎯 Exam Tip: Focus on the lack of specific management rules and the general vegetation found in "Unclassified Forests."

 

Question 45. शुष्क सागवान के वन राज्य के किन जिलों में मुख्यतः पाये जाते हैं?
Answer: शुष्क सागवान के वन मुख्यतः दक्षिणी राजस्थान के बाँसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों में पाये जाते हैं। सागवान की लकड़ी बहुत मजबूत होती है और इसका उपयोग फर्नीचर बनाने में होता है।
In simple words: शुष्क सागवान के जंगल ज्यादातर दक्षिणी राजस्थान के बाँसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों में मिलते हैं।

🎯 Exam Tip: Name the specific districts where the particular type of forest (dry teak forests) is predominantly found.

RBSE Class 11 Economics Chapter 24 लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. उत्तरी-पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश की विशेषताएँ बताइए।
Answer: उत्तरी-पश्चिमी मरुस्थलीय प्रदेश की मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
1. यहाँ औसत वर्षा लगभग 12 से 15 सेमी होती है, जिस कारण मोटे अनाज का उत्पादन होता है।
2. मिट्टी मुख्य रूप से बालू या रेतीली पाई जाती है।
3. पशुपालन यहाँ का मुख्य उद्योग है क्योंकि खेती के लिए पानी कम मिलता है।
4. मुख्य फसलों में ग्वार, बाजरा, ज्वार, मूंग और मोठ शामिल हैं।
In simple words: इस रेगिस्तानी इलाके में कम बारिश होती है, मिट्टी रेतीली होती है, लोग पशु पालते हैं और बाजरा, ज्वार जैसी फसलें उगाते हैं।

🎯 Exam Tip: When describing a region, cover key aspects like climate (rainfall), soil type, main occupations, and primary crops.

 

Question 2. पूर्वी मैदान भाग की विशेषताएँ बताइए।
Answer: पूर्वी मैदान भाग की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. यहाँ औसत वर्षा 40-80 सेमी होती है, जिससे जनसंख्या घनत्व अधिक है।
2. मुख्य फसलों में गेहूँ, तिलहन, कपास, गन्ना, चना, बाजरा और सरसों का उत्पादन किया जाता है।
3. जल की अच्छी उपलब्धता के कारण यह क्षेत्र उपजाऊ है और यह राज्य के कुल क्षेत्रफल का लगभग 23 प्रतिशत है।
In simple words: पूर्वी मैदान में अच्छी बारिश होती है, लोग घने बसे हुए हैं, गेहूँ, कपास जैसी फसलें उगाई जाती हैं, और यहाँ पानी की अच्छी सुविधा है।

🎯 Exam Tip: Compare and contrast the characteristics with other regions if the question implies a comparison, focusing on the unique aspects of the eastern plains.

 

Question 3. मध्यवर्ती पहाड़ी प्रदेश की चार विशेषतायें लिखिए।
Answer: मध्यवर्ती पहाड़ी प्रदेश की चार प्रमुख विशेषताएँ ये हैं:
1. यहाँ वर्षा का औसत 20-90 सेमी के बीच पाया जाता है।
2. इस क्षेत्र में लाल, काली, भूरी और कंकरीली मिट्टी पाई जाती है।
3. ताँबा, जस्ता, अभ्रक, लोहा आदि खनिज यहाँ मिलते हैं।
4. यह राज्य के कुल क्षेत्रफल का लगभग 9% भाग में फैला हुआ है।
In simple words: इस पहाड़ी क्षेत्र में मध्यम बारिश होती है, कई तरह की मिट्टी मिलती है, ताँबा और जस्ता जैसे खनिज पाए जाते हैं, और यह राज्य का लगभग 9% हिस्सा है।

🎯 Exam Tip: Ensure you list distinct features for each point, covering different aspects like climate, soil, resources, and area percentage.

 

Question 4. दक्षिणी-पूर्वी पठार की विशेषतायें बताइए।
Answer: दक्षिणी-पूर्वी पठार को मालवा या हाड़ौती का पठार भी कहा जाता है। इसमें मुख्य रूप से कोटा, बारा, बूंदी और झालावाड़ जिले आते हैं। इसकी विशेषताएँ निम्न हैं:
1. यहाँ पर काली मिट्टी और लाल मिट्टी पाई जाती है।
2. यहाँ कपास, मूंगफली, चावल, गन्ना और गेहूँ का उत्पादन किया जाता है।
In simple words: दक्षिणी-पूर्वी पठार में काली और लाल मिट्टी मिलती है, और यहाँ कपास, मूंगफली, चावल जैसी फसलें उगाई जाती हैं। यह कोटा, बारा, बूंदी और झालावाड़ जिलों में फैला है।

🎯 Exam Tip: For geographical features, always include the districts covered and the prominent soil and crop types.

 

Question 6. राजस्थान में पायी जाने वाली लाल मिट्टी और काली मिट्टी के बारे में संक्षेप में प्रकाश डालिये?
Answer:
लाल मिट्टी: इस मिट्टी में नाइट्रोजन, फास्फोरस, चूना, पोटास और लौह कण पाए जाते हैं। यह डूंगरपुर, उदयपुर और अजमेर जिलों में अधिक मिलती है। यह मिट्टी आमतौर पर कम उपजाऊ होती है लेकिन कुछ फसलों के लिए अच्छी है।
काली मिट्टी: इस मिट्टी में फॉस्फेट, नाइट्रोजन और जैविक पदार्थों की कमी होती है, लेकिन कैल्सियम पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। यह बाँसवाड़ा, प्रतापगढ़, बूंदी, झालावाड़, और बारा जैसे क्षेत्रों में पाई जाती है। यह मिट्टी कपास की खेती के लिए बहुत अच्छी मानी जाती है।
In simple words: लाल मिट्टी में लोहे के कण होते हैं और यह डूंगरपुर में मिलती है, जबकि काली मिट्टी में कैल्सियम ज्यादा होता है और यह बाँसवाड़ा जैसे इलाकों में कपास के लिए अच्छी है।

🎯 Exam Tip: When comparing soil types, mention their key components, typical locations, and suitable crops.

 

Question 7. भूमि संरक्षण के लिये क्या सरकारी प्रयास किये जा रहे हैं?
Answer: भूमि संरक्षण के लिए सरकार द्वारा निम्न प्रयास किए जा रहे हैं:
1. मरुस्थल को बढ़ने से रोकने के लिए मरुविकास कार्यक्रम और सूखा सम्भाव्य क्षेत्र में कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
2. जोधपुर में कजरी संस्थान द्वारा सूखा क्षेत्र पर अनुसन्धान कार्य हो रहा है।
3. 'काम्बेटिंग डेजर्ट' नाम के कार्यक्रम में केंद्र के सहयोग से राजस्थान में भूमि सुधार का काम हो रहा है।
ये सभी प्रयास भूमि की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद करते हैं।
In simple words: सरकार रेगिस्तान को फैलने से रोकने, सूखे इलाकों में रिसर्च करने और भूमि सुधार के लिए कई कार्यक्रम चला रही है।

🎯 Exam Tip: List specific government initiatives and their objectives clearly. Mentioning the names of programs or institutions adds credibility.

 

Question 8. चम्बल नदी के विषय में चार बिन्दु लिखिए।
Answer: चम्बल नदी के बारे में चार मुख्य बिन्दु:
1. यह नदी मध्य प्रदेश के मऊ के पास जनापाव पहाड़ी से निकलती है और राजस्थान के कोटा, सवाईमाधोपुर और धौलपुर जिलों से लगभग 210 किमी बहकर यमुना नदी में मिल जाती है।
2. काली सिन्ध, पार्वती, परवन और बनास इसकी सहायक नदियाँ हैं।
3. चम्बल नदी पर गाँधी सागर, जवाहर सागर तथा राणा प्रताप सागर जैसे बड़े बाँध बनाए गए हैं।
4. इन बाँधों से जल विद्युत का उत्पादन भी किया जाता है, जो बिजली की जरूरत पूरी करता है।
In simple words: चम्बल नदी मध्य प्रदेश से निकलकर राजस्थान से गुजरती है और यमुना में मिल जाती है। इसकी सहायक नदियाँ हैं और इस पर बड़े बाँध बने हैं जिनसे बिजली भी बनती है।

🎯 Exam Tip: When asked for points about a river, include its origin, course, tributaries, and major projects (dams, power generation).

 

Question 10. राज्य में जल संसाधन के सदुपयोग के कोई दो प्रयास लिखिए।
Answer: राज्य में जल संसाधन के सदुपयोग के लिए दो महत्वपूर्ण प्रयास ये हैं:
1. उपलब्ध जल का सही तरीके से उपयोग करना चाहिए। इसके लिए फव्वारा सिंचाई और बूँद-बूँद सिंचाई जैसी आधुनिक विधियों का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए।
2. वर्षा जल का संग्रह करने के उचित उपाय करने चाहिए जिससे भूमिगत जल का स्तर नीचे गिरने से रोका जा सके। यह पीने और सिंचाई दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
In simple words: पानी का सही उपयोग करने के लिए आधुनिक सिंचाई तकनीकें अपनानी चाहिए और बारिश के पानी को जमा करना चाहिए ताकि जमीन का पानी कम न हो।

🎯 Exam Tip: Focus on practical and sustainable methods for water resource utilization when asked about conservation efforts.

 

Question 11. राजस्थान में पाये जाने वाले मिश्रित पतझड़ वन एवं अर्द्ध-उष्ण सदाबाहर वन के बारे में संक्षेप में बताइये।
Answer:
मिश्रित पतझड़ वन: ये वन मुख्यतः उदयपुर, कोटा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, राजसमन्द और सिरोही के कुछ भागों में पाए जाते हैं। इनमें बरगद, गूलर, जामुन, केर, बबूल, आम और धौंकड़ा जैसे पेड़ प्रमुख हैं। ये वन साल में एक बार अपनी पत्तियाँ गिराते हैं।
अर्द्ध-उष्ण सदाबहार वन: ये वन हमेशा हरे-भरे रहते हैं। आबू पर्वत के चारों तरफ लगभग 32 वर्ग किमी का क्षेत्र है जो 1375 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यह क्षेत्र अर्द्ध-उष्ण सदाबहार वन क्षेत्र में आता है। यहाँ नीम, जामुन, आम, बाँस और रोहिड़ा जैसे मुख्य पेड़ होते हैं।
In simple words: मिश्रित पतझड़ वन साल में पत्तियाँ गिराते हैं और कई तरह के पेड़ होते हैं, जबकि सदाबहार वन हमेशा हरे रहते हैं और मुख्य रूप से आबू पर्वत के पास पाए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: When describing forest types, include their typical locations, common tree species, and defining characteristics (e.g., deciduous vs. evergreen).

 

Question 12. राजस्थान सरकार द्वारा वन विकास हेतु कौन कौन से प्रयास किये जा रहे हैं?
Answer: राजस्थान सरकार द्वारा वन विकास के लिए निम्न प्रयास किए जा रहे हैं:
1. 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-13) में वानिकी विकास के लिए Rs 1617.6 करोड़ आवंटित किए गए हैं। वन विभाग रेगिस्तान को फैलने से रोकने का प्रयास कर रहा है।
2. 1992-93 से 2002 तक अरावली वृक्षारोपण के अन्तर्गत पेड़ लगाने का कार्य किया गया।
3. इंदिरा गाँधी नहर परियोजना के तहत भी वृक्षारोपण किया गया है।
ये सभी प्रयास राज्य में वनों के क्षेत्र को बढ़ाने और पर्यावरण को सुधारने में मदद करते हैं।
In simple words: राजस्थान सरकार पेड़ों की संख्या बढ़ाने और रेगिस्तान को रोकने के लिए पैसा खर्च कर रही है, अरावली और इंदिरा गाँधी नहर के पास पेड़ लगा रही है।

🎯 Exam Tip: Mention specific plans, schemes, and historical projects to show comprehensive knowledge of government efforts.

RBSE Class 11 Economics Chapter 24 निबंधात्मक प्रश्न

 

Question 1. राजस्थान में खनिज उद्योग की समस्याएँ एवं समाधान बताइए।
Answer: राजस्थान में कई प्रकार के खनिज पाए जाते हैं, लेकिन उनके विकास में कुछ समस्याएँ हैं। इनमें से कुछ खनिज बिना उचित विकास के रह गए हैं। राज्य के खनिज उद्योग में मुख्य समस्याएँ निम्नलिखित हैं:

  • खनिजों का असमान वितरण: राज्य के दक्षिणी और दक्षिणी-पूर्वी जिलों में तो बहुत खनिज मिलते हैं, लेकिन उत्तरी भाग में बहुत कम पाए जाते हैं, जिससे विकास में असमानताएँ आती हैं।
  • अनियोजित खनन: खनिजों का खनन सही तरीके से नहीं हो पाया है। राज्य में परिवहन के साधन कम हैं और पहाड़ी क्षेत्रों से खनिज निकालने का खर्च भी अधिक आता है।
  • तकनीक की कमी: खान मालिकों के पास पैसों की कमी होने से वे नई तकनीकों का उपयोग नहीं करते, बल्कि पुराने तरीकों से ही खनन करते हैं।
  • ईंधन और लौह खनिजों की कमी: इंजीनियरिंग और भारी उद्योगों के लिए लोहे और ईंधन की कमी है। आधारभूत खनिजों की कमी से उत्पादन लागत बढ़ जाती है।
  • कुशल श्रमिकों की कमी: खनन उद्योग में लगे ज्यादातर श्रमिक कुशल नहीं होते हैं और उन्हें प्रशिक्षण भी नहीं मिलता, जिससे वे काम ठीक से नहीं कर पाते।
  • पानी और बिजली की कमी: राज्य में पानी की कमी है और भूगर्भीय पानी भी कई जगहों पर बहुत गहरा है। बिजली की कमी भी खनन उद्योग के पूरे विकास को रोकती है।

समाधान:
इन समस्याओं को हल करने के लिए खनिजों का संरक्षण और सही उपयोग जरूरी है। राजस्थान सरकार ने 1978 में एक खनिज नीति घोषित की थी, जिसमें खनिजों के सर्वेक्षण और खोज पर जोर दिया गया। 1979 में राजस्थान राज्य खनिज विकास निगम (RSMDC) स्थापित किया गया, जिसका उद्देश्य खनिज सम्पदा का तेजी से विकास करना और वैज्ञानिक तरीके से उनका उपयोग करना था। यह निगम रॉक फॉस्फेट, टंगस्टन जैसे खनिजों के खनन और शोधन का काम करता है।
In simple words: राजस्थान में खनिज निकालने में कई दिक्कतें आती हैं जैसे कि खनिज सब जगह नहीं मिलते, पुराने तरीके इस्तेमाल होते हैं, मजदूर और पानी-बिजली की कमी है। इन दिक्कतों को दूर करने के लिए सरकार ने नई नीतियाँ बनाई हैं और निगम बनाए हैं ताकि खनिजों का सही इस्तेमाल हो सके।

🎯 Exam Tip: For problems and solutions, clearly list each problem and then explain how the government or other measures are addressing it. Use bullet points for clarity.

 

Question 2. राज्य की नई खनिज नीति-2011 के बारे में बताइए।
Answer: राज्य में नई खनिज नीति-2011 को 1994 और 2005 की नीतियों के बाद घोषित किया गया था। इस नीति में 11 मुख्य उद्देश्य रखे गए हैं, जो इस प्रकार हैं:
1. राज्य में खनिजों का मूल्य बढ़ाना और उनके लिए अच्छा माहौल बनाना।
2. रोजगार के अवसर बढ़ाना।
3. खनिजों के लिए आधुनिक तकनीकें बढ़ाना और लाइमस्टोन, लिग्नाइट व बेस मेटल के खनन पर ज्यादा जोर देना।
4. पर्यावरण का ध्यान रखते हुए मशीनों से और वैज्ञानिक तरीके से खनिज निकालने को बढ़ावा देना।
5. खनन और खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए इंसानों के संसाधनों को बढ़ाना।
6. निर्यात क्षेत्रों में और खनन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विकास करना।
7. नोबल-बेस धातुओं, औद्योगिक खनिज और उर्वरकों की जाँच और खनन को बढ़ावा देना।
8. मीथेन और लिग्नाइट आधारित उद्योगों और पेट्रोलियम रिफाइनरी को बढ़ावा देना।
9. खनन विकास में आने वाली मुश्किलों के नियमों और प्रक्रियाओं को आसान बनाना।
10. खनन श्रमिकों के कल्याण के उपाय लागू करना।
यह नीति राज्य के खनिज क्षेत्र को मजबूत बनाने और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है।
In simple words: नई खनिज नीति 2011 में 11 लक्ष्य रखे गए हैं। इसका मकसद खनिजों की कीमत बढ़ाना, रोजगार देना, नई तकनीकें लाना, पर्यावरण का ध्यान रखना, उद्योगों को बढ़ावा देना और मजदूरों का भला करना है।

🎯 Exam Tip: When discussing a policy, list its key objectives or provisions clearly. Mentioning the year of the policy is also important.

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