Step-by-Step Textbook Solutions for Class 11 Economics Chapter 10 बहुलक
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RBSE Class 11 Economics Chapter 10 बहुचयनात्मक प्रश्न
Question 1. निम्नलिखित में से कौन-सा सबसे अनिश्चित माध्य है?
(अ) बहुलक
(ब) समान्तर माध्य
(स) माध्यिका
(द) हरात्मक माध्य
Answer: (अ) बहुलक
In simple words: बहुलक सबसे अनिश्चित माध्य है, क्योंकि इसे पूरी तरह से निश्चित नहीं किया जा सकता और यह डेटा के छोटे बदलावों से बहुत प्रभावित हो सकता है। इसे सटीक रूप से तय करना मुश्किल हो सकता है।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि बहुलक डेटा में सबसे अधिक बार आने वाला मान होता है, लेकिन जब कई मान समान आवृत्ति पर हों तो यह अनिश्चित हो सकता है।
Question 2. पद का वह मूल्य क्या है जिसकी आवृत्ति श्रेणी में अधिकतम हो?
Answer: पद का वह मूल्य जिसकी आवृत्ति श्रेणी में अधिकतम हो, बहुलक कहलाता है। यह वह मान है जो किसी डेटा सेट में सबसे अधिक बार आता है, जिससे यह सबसे आम या प्रचलित मूल्य बन जाता है।
In simple words: वह मान जो किसी डेटा सेट में सबसे ज़्यादा बार दिखाई देता है, बहुलक कहलाता है। यह सबसे आम संख्या होती है।
🎯 Exam Tip: आवृत्ति का अर्थ है कि कोई विशेष मान कितनी बार दोहराया गया है। बहुलक को ढूंढने के लिए बस सबसे ज़्यादा बार आने वाले मान को देखें।
RBSE Class 11 Economics Chapter 10 अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
Question 2. निम्न में से कौन-सा गणितीय माध्य नहीं है?
(अ) समान्तर माध्य
(ब) गुणोत्तर माध्य
(स) बहुलक
(द) हरात्मक माध्य
Answer: (स) बहुलक
In simple words: बहुलक एक गणितीय माध्य नहीं है, क्योंकि यह संख्याओं पर आधारित गणना के बजाय सबसे अधिक बार आने वाले मान को दर्शाता है। यह स्थिति आधारित माध्य होता है।
🎯 Exam Tip: गणितीय माध्य में मानों की गणना की जाती है (जैसे जोड़ना या गुणा करना), जबकि बहुलक सिर्फ़ सबसे ज़्यादा बार आने वाले मान को बताता है।
Question 3. समूहीकरण (Grouping) रीति का प्रयोग किस माध्य में करते हैं?
(अ) समान्तर माध्य
(ब) माध्यिका
(स) बहुलक
(द) गुणोत्तर माध्य
Answer: (स) बहुलक
In simple words: समूहीकरण विधि का उपयोग बहुलक को खोजने के लिए किया जाता है, खासकर जब डेटा में कई मान समान आवृत्ति के साथ आते हैं।
🎯 Exam Tip: समूहीकरण विधि तब बहुत उपयोगी होती है जब डेटा अनियमित हो और सबसे बड़ी आवृत्ति आसानी से न मिल पाए।
Question 4. कौन-सा औसत ऐसा है जो एक श्रेणी में कभी-कभी अपने सामान्य सूत्र से ज्ञात नहीं हो पाता है?
(अ) समान्तर माध्य
(ब) बहुलक
(स) माध्यिका
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (ब) बहुलक
In simple words: बहुलक कभी-कभी अपने सीधे सूत्र से नहीं निकल पाता, ख़ासकर जब डेटा में कई मान बराबर बार आते हैं। ऐसे में समूहीकरण जैसी अन्य विधियों की ज़रूरत पड़ती है।
🎯 Exam Tip: बहुलक के सीधे सूत्र से ज्ञात न होने पर समूहीकरण विधि या अवलोकन विधि का उपयोग करें, यह तब होता है जब डेटा में अधिकतम आवृत्ति स्पष्ट नहीं होती है।
RBSE Class 11 Economics Chapter 10 अति लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. बहुलक को अंग्रेजी में क्या कहते हैं?
Answer: बहुलक को अंग्रेजी में Mode कहते हैं। यह सांख्यिकी में एक केंद्रीय प्रवृत्ति का माप है।
In simple words: बहुलक को अंग्रेज़ी में 'Mode' कहा जाता है।
🎯 Exam Tip: Mode शब्द का इस्तेमाल गणित और सांख्यिकी में उस मान को दर्शाने के लिए किया जाता है जो किसी डेटा सेट में सबसे ज़्यादा बार आता है।
Question 2. "Mode” शब्द की उत्पत्ति किससे हुई हैं।
Answer: "Mode" शब्द की उत्पत्ति फ्रेंच भाषा के 'La Mode' शब्द से हुई है। 'La Mode' का अर्थ है फैशन या चलन।
In simple words: 'Mode' शब्द फ्रेंच भाषा के 'La Mode' से आया है।
🎯 Exam Tip: यह जानना दिलचस्प है कि 'Mode' शब्द का अर्थ "सबसे लोकप्रिय या सबसे ज़्यादा प्रचलित" से जुड़ा है, जो इसके सांख्यिकीय अर्थ को दर्शाता है।
Question 3. 'La Mode' का अर्थ है?
Answer: 'La Mode' का अर्थ है फैशन या रिवाज़ अथवा प्रचलन अत्यधिक हो। यह उस चीज़ को संदर्भित करता है जो वर्तमान में लोकप्रिय या प्रचलित है।
In simple words: 'La Mode' का मतलब है फैशन या जो चीज़ बहुत ज़्यादा चलन में हो।
🎯 Exam Tip: 'La Mode' का मूल अर्थ बताता है कि बहुलक कैसे डेटा में सबसे प्रचलित मान को दर्शाता है।
Question 4. बहुलक कैसा माध्य है?
Answer: बहुलक स्थिति सम्बन्धी माध्य है। यह माध्य श्रेणी में किसी मूल्य की स्थिति (सबसे अधिक बार आने) पर आधारित होता है, न कि उसके सभी मूल्यों के गणितीय योग पर।
In simple words: बहुलक एक 'स्थिति' पर आधारित औसत है, यह बताता है कि कौन-सी संख्या सबसे आम है।
🎯 Exam Tip: स्थिति सम्बन्धी माध्य वह होते हैं जो डेटा सेट में मानों के स्थान या स्थिति पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जैसे माध्यिका और बहुलक।
Question 5. बहुलक को किससे प्रदर्शित किया जाता है?
Answer: बहुलक को 'Z' अक्षर से प्रदर्शित किया जाता है। सांख्यिकी में, यह अक्षर आमतौर पर बहुलक के लिए उपयोग किया जाता है।
In simple words: बहुलक को 'z' के चिन्ह से दिखाया जाता है।
🎯 Exam Tip: सांख्यिकी में, विभिन्न केंद्रीय प्रवृत्ति मापों के लिए अलग-अलग प्रतीकों का उपयोग किया जाता है; 'Z' बहुलक के लिए मानक प्रतीक है।
Question 8. खण्डित श्रेणी में बहुलक निर्धारण की कितनी रीतियाँ हैं?
Answer: खण्डित श्रेणी में बहुलक निर्धारण की दो रीतियाँ हैं: निरीक्षण विधि (Inspection Method) और समूहीकरण रीति (Grouping Method)। ये विधियाँ यह निर्धारित करने में मदद करती हैं कि असतत डेटा सेट में कौन सा मान सबसे अधिक बार आता है।
In simple words: खंडित श्रेणी में बहुलक निकालने के दो तरीके हैं: देखकर पता लगाना (निरीक्षण) और संख्याओं का समूह बनाकर (समूहीकरण)।
🎯 Exam Tip: निरीक्षण विधि सीधी होती है जब सबसे अधिक आवृत्ति स्पष्ट हो, जबकि समूहीकरण विधि तब प्रयोग की जाती है जब आवृत्तियां अनियमित हों।
RBSE Class 11 Economics Chapter 10 लघूत्तरात्मक प्रश्न (SA-I)
Question 1. बहुलक की परिभाषा दीजिए।
Answer: बहुलक श्रेणी का वह मूल्य होता है, जिसकी आवृत्ति सर्वाधिक होती है। सरल शब्दों में, यह वह मान है जो किसी डेटा सेट में सबसे अधिक बार आता है, जिससे यह सबसे सामान्य या प्रचलित मान बन जाता है।
In simple words: बहुलक वह संख्या है जो किसी डेटा समूह में सबसे ज़्यादा बार दिखाई देती है।
🎯 Exam Tip: बहुलक की परिभाषा में 'सर्वाधिक आवृत्ति' शब्द पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि यही इसकी पहचान है।
Question 2. बहुलक के दो गुण लिखिए।
Answer: बहुलक के दो गुण निम्नलिखित हैं:
1. यह चरम मूल्यों से प्रभावित नहीं होता: बहुलक डेटा सेट के सबसे बड़े या सबसे छोटे मानों से प्रभावित नहीं होता, क्योंकि यह केवल आवृत्ति पर आधारित होता है।
2. इसकी गणना बिन्दु रेखीय विधि से सम्भव है: बहुलक को ग्राफिकल तरीकों, जैसे हिस्टोग्राम, का उपयोग करके भी निर्धारित किया जा सकता है।
In simple words: बहुलक पर बहुत बड़े या छोटे नंबरों का कोई असर नहीं होता। इसे ग्राफ से भी ढूँढा जा सकता है।
🎯 Exam Tip: बहुलक का चरम मूल्यों से अप्रभावित रहना इसे ऐसे डेटा के लिए उपयोगी बनाता है जहाँ आउटलायर्स मौजूद हों।
Question 3. बहुलक के दो दोष बताइए।
Answer: बहुलक के दो प्रमुख दोष इस प्रकार हैं:
1. वर्ग विस्तार बदलने पर इसका मूल्य भी बदल जाता है: यदि डेटा को अलग-अलग वर्ग अंतरालों में समूहीकृत किया जाता है, तो बहुलक का मान बदल सकता है, जिससे यह अस्थिर हो जाता है।
2. जहाँ चरम मूल्यों को महत्त्व देना हो, तो इसकी गणना उपयुक्त नहीं रहती: चूंकि बहुलक चरम मूल्यों से अप्रभावित रहता है, यह उन स्थितियों के लिए उपयुक्त नहीं होता जहाँ सबसे बड़े या सबसे छोटे मानों का महत्व समझना ज़रूरी हो।
In simple words: अगर हम डेटा के ग्रुप (वर्ग) बदल दें, तो बहुलक भी बदल सकता है। और जहाँ बहुत बड़े या छोटे नंबर महत्वपूर्ण हों, वहाँ बहुलक सही जानकारी नहीं देता।
🎯 Exam Tip: बहुलक की सीमाओं को समझना महत्वपूर्ण है, खासकर जब वर्ग अंतरालों का चयन किया जाता है या चरम मूल्यों के प्रभाव का विश्लेषण किया जाता है।
Question 5. निम्नांकित समंकों से बहुलक ज्ञात कीजिए
| प्राप्तांक | 30 | 38 | 46 | 52 | 60 | 68 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| विद्यार्थियों की संख्या | 10 | 15 | 25 | 20 | 15 | 11 |
Answer: दी गई श्रेणी में, हम देख सकते हैं कि 'विद्यार्थियों की संख्या' (आवृत्ति) में सर्वाधिक मान 25 है। इस आवृत्ति 25 के संगत प्राप्तांक 46 है। इसलिए, बहुलक का मान 46 है।
In simple words: इस टेबल में, सबसे ज़्यादा बार (25 विद्यार्थी) '46' नंबर आए हैं। तो, बहुलक 46 है।
🎯 Exam Tip: बहुलक ज्ञात करने के लिए, सबसे पहले प्रत्येक मान की आवृत्ति (कितनी बार वह आता है) को पहचानें और फिर उस मान को चुनें जिसकी आवृत्ति सबसे अधिक हो।
RBSE Class 11 Economics Chapter 10 लघूत्तरात्मक प्रश्न (SA-II)
Question 1. बहुलक तथा माध्यिका के मुख्य अन्तर कौन-से हैं?
Answer: बहुलक और माध्यिका के बीच मुख्य अन्तर इस प्रकार हैं:
• बहुलक वह मूल्य होता है जिसकी आवृत्ति सबसे ज़्यादा होती है, जबकि माध्यिका श्रेणी को आरोही या अवरोही क्रम में लगाने पर माध्य पद होता है जो श्रेणी को दो बराबर भागों में बाँट देता है। एक ओर माध्यिका से कम मूल्य तथा दूसरी ओर माध्यिका से ज़्यादा मूल्य होता है।
• बहुलक की गणना निरीक्षण द्वारा हो सकती है, लेकिन माध्यिका की गणना मात्र निरीक्षण से सम्भव नहीं है; माध्यिका को हमेशा डेटा को क्रमबद्ध करके ही ज्ञात किया जा सकता है।
In simple words: बहुलक सबसे ज़्यादा बार आने वाली संख्या होती है। माध्यिका बीच की संख्या होती है, जो डेटा को दो बराबर हिस्सों में बाँटती है। बहुलक को बस देखकर पता लगा सकते हैं, लेकिन माध्यिका को निकालने के लिए डेटा को हमेशा क्रम से लगाना पड़ता है।
🎯 Exam Tip: माध्यिका हमेशा डेटा को व्यवस्थित करने के बाद ही मध्य मान होती है, जबकि बहुलक डेटा में सबसे अधिक बार आने वाला मान होता है।
Question 2. बहुलक के चार गुण बताइए।
Answer: बहुलक के चार गुण इस प्रकार हैं:
1. यह एक सरल एवं बुद्धिगम्य माध्य है: बहुलक को समझना और निकालना आसान है, खासकर जब डेटा सेट में सबसे अधिक आवृत्ति वाला मान स्पष्ट हो।
2. यह वितरण का सर्वाधिक सम्भावित मूल्य होता है: बहुलक उस मान को दर्शाता है जिसकी डेटा सेट में सबसे अधिक बार आने की संभावना होती है।
3. यह चरम मूल्यों से प्रभावित नहीं होता: बहुलक डेटा सेट में बहुत बड़े या बहुत छोटे मानों (आउटलायर्स) से प्रभावित नहीं होता है।
4. इसकी गणना बिन्दु रेखीय विधि से सम्भव है: बहुलक को हिस्टोग्राम जैसे ग्राफिकल तरीकों का उपयोग करके भी आसानी से निर्धारित किया जा सकता है।
In simple words: बहुलक को समझना आसान है। यह सबसे आम संख्या को दिखाता है। इस पर बहुत बड़े या छोटे नंबरों का कोई असर नहीं होता। इसे ग्राफ़ से भी ढूँढा जा सकता है।
🎯 Exam Tip: बहुलक की सादगी और चरम मूल्यों से अप्रभावित रहने की विशेषता इसे ऐसे डेटा के लिए उपयोगी बनाती है जहाँ त्वरित विश्लेषण की आवश्यकता हो।
Question 4. भूयिष्ठक या बहुलक कहाँ उपयुक्त होता है?
Answer: बहुलक उन स्थितियों में सबसे उपयुक्त होता है जहाँ वितरण के सर्वाधिक लोकप्रिय मूल्य की जानकारी करनी हो। यह व्यावसायिक क्षेत्र में बहुत लोकप्रिय है क्योंकि इसका उपयोग व्यावसायिक पूर्वानुमान लगाने, फैशन के बारे में जानने, आदर्श मजदूरी निर्धारण, उत्पादन में लगने वाले आदर्श समय की जानकारी करने और विभिन्न उत्पादों की लोकप्रियता का अनुमान लगाने के लिए किया जाता है।
In simple words: बहुलक का उपयोग तब किया जाता है जब हमें जानना हो कि किसी चीज़ का सबसे ज़्यादा पसंद किया जाने वाला या सबसे आम मूल्य क्या है। जैसे फैशन ट्रेंड, सबसे लोकप्रिय जूते का साइज़ या आदर्श मज़दूरी।
🎯 Exam Tip: बहुलक उन स्थितियों में बहुत उपयोगी होता है जहाँ गुणवत्ता संबंधी जानकारी या लोकप्रिय विकल्प को जानना हो, बजाय गणितीय औसत के।
Question 5. समान्तर माध्य, माध्यिका एवं बहुलक में परस्पर सम्बन्ध स्पष्ट कीजिए?
Answer: समान्तर माध्य, माध्यिका और बहुलक के बीच का सम्बन्ध इस बात पर निर्भर करता है कि श्रेणी सममित है या असममित है।
• सममित श्रेणी: ऐसी श्रेणी में समान्तर माध्य, माध्यिका एवं बहुलक तीनों के मूल्य समान होते हैं। इसका अर्थ है कि डेटा वितरण पूरी तरह से संतुलित है।
• असममित श्रेणी: ऐसी श्रेणी में तीनों के मूल्य पृथक होते हैं तथा सामान्यतः \( (X - Z) = 3(X - M) \) के बराबर होता है। इस अवस्था में यदि दो माध्यमों के मूल्य ज्ञात हो तो तीसरे का सम्भावित मूल्य निम्नांकित सूत्र द्वारा ज्ञात किया जा सकता है:
\( Z = 3M - 2X \)
यहां \(X\) समान्तर माध्य, \(M\) माध्यिका और \(Z\) बहुलक है।
In simple words: अगर डेटा बिल्कुल बराबर फैला हुआ है, तो औसत, बीच की संख्या और सबसे आम संख्या सब एक ही होती हैं। लेकिन अगर डेटा बराबर नहीं फैला है, तो ये तीनों संख्याएँ अलग-अलग होती हैं और एक ख़ास फ़ॉर्मूले से जुड़ी होती हैं: बहुलक \(Z\) = 3 गुना माध्यिका \(M\) - 2 गुना समान्तर माध्य \(X\)।
🎯 Exam Tip: सममित वितरण में, माध्य, माध्यिका और बहुलक एक ही बिंदु पर होते हैं, जबकि असममित वितरण में, ये तीनों अलग-अलग होते हैं और उनके बीच एक विशिष्ट अनुभवजन्य संबंध होता है।
Question 6. यदि वितरण का समान्तर माध्य 38.2 तथा माध्यिका 41.6 है तो बहुलक का सर्वाधिक सम्भावित मान क्या होगा?
Answer: बहुलक ज्ञात करने के लिए, हम अनुभवजन्य सूत्र का उपयोग करेंगे:
\( Z = 3M - 2X \)
यहां, समान्तर माध्य \( X = 38.2 \)
और माध्यिका \( M = 41.6 \)
अब मानों को सूत्र में रखेंगे:
\( Z = (3 \times 41.6) - (2 \times 38.2) \)
\( Z = 124.8 - 76.4 \)
\( Z = 48.4 \)
इसलिए, बहुलक का सर्वाधिक सम्भावित मान 48.4 होगा।
In simple words: अगर औसत 38.2 है और बीच की संख्या 41.6 है, तो सबसे ज़्यादा आने वाली संख्या (बहुलक) को निकालने के लिए हम एक सूत्र का इस्तेमाल करते हैं। सूत्र लगाने पर, बहुलक 48.4 होगा।
🎯 Exam Tip: समान्तर माध्य, माध्यिका और बहुलक के बीच अनुभवजन्य संबंध का उपयोग तब किया जाता है जब वितरण असममित हो और एक माप ज्ञात न हो।
Question 7. समान्तर माध्य 10.0 तथा माध्यिका 15.73 हो तो बहुलक का सर्वाधिक सम्भावित मूल्य क्या होगा?
Answer: बहुलक ज्ञात करने के लिए, हम अनुभवजन्य सूत्र का उपयोग करेंगे:
\( Z = 3M - 2X \)
यहां, समान्तर माध्य \( X = 10.0 \)
और माध्यिका \( M = 15.73 \)
अब मानों को सूत्र में रखेंगे:
\( Z = (3 \times 15.73) - (2 \times 10.0) \)
\( Z = 47.19 - 20.0 \)
\( Z = 27.19 \)
इसलिए, बहुलक का सर्वाधिक सम्भावित मान 27.19 होगा।
In simple words: जब औसत 10.0 और बीच की संख्या 15.73 हो, तो सबसे ज़्यादा आने वाली संख्या (बहुलक) निकालने के लिए सूत्र का इस्तेमाल करते हैं। इससे बहुलक 27.19 आता है।
🎯 Exam Tip: इस सूत्र का उपयोग करके, आप डेटा के तीनों केंद्रीय प्रवृत्ति मापों के बीच के संबंध को समझ सकते हैं और एक अज्ञात मान की गणना कर सकते हैं।
RBSE Class 11 Economics Chapter 10 निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. बहुलक को परिभाषित कीजिए। बहुलक के गुण-दोषों का वर्णन करते हुए इसके उपयोग को स्पष्ट कीजिए।
Answer: केन्द्रीय प्रवृत्ति ज्ञात करने का एक महत्वपूर्ण माप बहुलक है। बहुलक वह मूल्य है जो किसी श्रेणी में सबसे अधिक बार आता है। इसका अर्थ है कि जिस मूल्य की आवृत्ति सबसे अधिक होती है, वही मूल्य बहुलक कहलाता है। उदाहरण के लिए, यदि पुरुषों द्वारा '7' नम्बर का जूता सबसे अधिक लोगों द्वारा पहना जाता है, तो '7' आकार ही बहुलक होगा।
बहुलक की कुछ महत्त्वपूर्ण परिभाषाएँ:
1. डॉ. बाउले के अनुसार, "किसी सांख्यिकीय समूह में वर्गीकृत मात्रा का वह मूल्य (मजदूरी, ऊँचाई या अन्य किसी मापनीय मात्रा का) जहाँ पर पंजीकृत संख्याएँ सबसे अधिक हों, भूयिष्ठिक या अधिक घनत्व का स्थान या सबसे महत्त्वपूर्ण मूल्य कहलाता है।"
2. प्रो. कैनन के अनुसार, "भूयिष्ठिक वह मूल्य होता है जिसकी पुनरावृत्ति श्रेणी में सबसे अधिक बार हुई हो।"
उपर्युक्त परिभाषाओं से स्पष्ट है कि बहुलक वह मूल्य होता है जो श्रेणी में सबसे अधिक बार आता है। इसे अंग्रेजी में 'Mode' कहा जाता है और इसे 'Z' अथवा 'Mo' अक्षर द्वारा प्रकट किया जाता है।
बहुलक के गुण:
1. सरल एवं लोकप्रिय: यह एक सरल और लोकप्रिय माध्य है। कुछ परिस्थितियों में इसकी गणना केवल निरीक्षण मात्र से हो जाती है। दैनिक जीवन में यह माध्य काफी लोकप्रिय है, जैसे सिले-सिलाये वस्त्रों में औसत आकार का आशय बहुलक से ही होता है।
2. सर्वोत्तम प्रतिनिधित्व: बहुलक श्रेणी का वह मूल्य होता है जिसकी पुनरावृत्ति सबसे अधिक बार होती है। अत: यह श्रेणी का सबसे अच्छा प्रतिनिधि होता है। इसका मूल्य भी श्रेणी के मूल्यों में से ही होता है।
3. चरम मूल्यों का न्यूनतम प्रभाव: बहुलक का एक महत्त्वपूर्ण गुण यह भी है कि यह श्रेणी के चरम मूल्यों से प्रभावित नहीं होता है। समान्तर माध्य पर चरम मूल्यों का बहुत प्रभाव पड़ता है।
4. सभी आवृत्तियों की गणना आवश्यक नहीं: इसकी गणना करने के लिए श्रेणी के सभी मूल्यों की आवृत्तिं जानने की आवश्यकता नहीं होती है। केवल भूयिष्ठिक मद के मूल्यों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
बहुलक के दोष:
1. अनिश्चितता: कभी-कभी श्रेणी में एक से अधिक बहुलक होते हैं (बहु-बहुलक श्रेणी) या कोई बहुलक नहीं होता, जिससे अनिश्चितता बढ़ती है।
2. बीजगणितीय विवेचन का अभाव: माध्यिका की तरह, इसका बीजगणितीय विवेचन संभव नहीं है। इस कारण इसका सांख्यिकीय रीतियों में बहुत कम प्रयोग होता है।
3. गणना क्रिया में जटिलता: यदि बहुलक का निर्धारण निरीक्षण विधि से हो जाता है, तब तो सरलता रहती है अन्यथा समूहीकरण तथा अन्तर्गणन क्रियाओं के द्वारा इसकी गणना करना सामान्य व्यक्ति के लिए बहुत कठिन हो जाता है।
बहुलक की उपयोगिता:
बहुलक के अनेक दोषों के बावजूद इसका महत्त्व कम नहीं हो जाता है। दैनिक जीवन तथा व्यावसायिक क्षेत्र में यह अत्यन्त लोकप्रिय माध्य है। जहाँ वितरण के सर्वाधिक लोकप्रिय मूल्य की जानकारी प्राप्त करना हो, वहाँ यह सर्वश्रेष्ठ माध्य रहता है। व्यावसायिक क्षेत्र में व्यापारिक पूर्वानुमान लगाने, उत्पादन प्रक्रिया के आदर्श समय की गणना करने, आदर्श मजदूरी का निर्धारण करने आदि में इसका प्रयोग सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। विभिन्न उत्पादक वस्तुओं की लोकप्रियता का अनुमान भी बहुलक के माध्यम से ही लगाया जाता है। जब तक औसत आय, औसत ग्राहक, औसत व्यय, टेलीफोन कॉल के दैनिक औसत की बात करते हैं, तो हमारे अभिप्राय प्रायः ग्राहक की बहुलक संख्या, बहुलक आय, बहुलक व्यय, बहुलक टेलीफोन कॉल आदि से ही होता है। इस प्रकार हमारे दैनिक जीवन में बहुलक का प्रयोग बड़े पैमाने पर किया जाता है।
In simple words: बहुलक वह मूल्य है जो डेटा में सबसे ज़्यादा बार आता है। इसके गुण हैं कि यह समझना आसान है, सबसे आम मूल्य को दर्शाता है, और बड़े या छोटे नंबरों से प्रभावित नहीं होता। इसके दोषों में अनिश्चितता और गणितीय गणना में कमी शामिल है। बहुलक का उपयोग फैशन ट्रेंड, औसत साइज़ और व्यापार के अनुमान लगाने में किया जाता है।
🎯 Exam Tip: बहुलक को परिभाषित करते समय उसकी सादगी और डेटा के सबसे प्रचलित मान को दर्शाने की क्षमता पर ज़ोर दें, साथ ही उसकी सीमाओं को भी उजागर करें।
बहुलक के उपयोग बताइए।
Answer: बहुलक के मुख्य उपयोग इस प्रकार हैं:
1. बहुलक का उपयोग रोज़मर्रा के जीवन में बहुत सामान्य है। यह सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला माध्य है।
2. मौसम विज्ञान, जीव विज्ञान और उपभोक्ताओं की आय का अध्ययन करने के लिए बहुलक एक अच्छा तरीका है।
3. व्यावसायिक अनुमान या भविष्यवाणियाँ करने के लिए बहुलक बहुत उपयोगी मार्गदर्शक होता है।
4. वर्षा, गर्मी, हवा की गति आदि से जुड़े पूर्वानुमान भी बहुलक की मदद से किए जाते हैं। बहुलक का उपयोग वहां किया जाता है जहां सबसे लोकप्रिय मूल्य की जानकारी की आवश्यकता होती है।
In simple words: बहुलक रोजमर्रा के जीवन में और व्यावसायिक भविष्यवाणियों के लिए बहुत उपयोगी है। यह मौसम, जीव विज्ञान और उपभोक्ता आय जैसे क्षेत्रों में सबसे सामान्य या लोकप्रिय मूल्य को समझने में मदद करता है।
🎯 Exam Tip: उपयोगों को याद करते समय, हमेशा सामान्य जीवन के उदाहरणों पर ध्यान दें जैसे कपड़े का औसत आकार या उपभोक्ता पसंद, जो बहुलक के अनुप्रयोग को दर्शाते हैं।
RBSE Class 11 Economics Chapter 10 निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. बहुलक को परिभाषित कीजिए। बहुलक के गुण-दोषों का वर्णन करते हुए इसके उपयोग को स्पष्ट कीजिए।
Answer: केन्द्रीय प्रवृत्ति को मापने का एक महत्वपूर्ण तरीका बहुलक है। बहुलक उस मान को कहते हैं जो डेटा सेट में सबसे अधिक बार आता है, यानी, जिस मूल्य की आवृत्ति सबसे ज़्यादा होती है, वही बहुलक कहलाता है। उदाहरण के लिए, यदि एक दुकान में '7' नंबर के जूते सबसे ज़्यादा बिकते हैं, तो '7' ही बहुलक आकार होगा। बहुलक को अक्सर अंग्रेजी में 'Mode' कहा जाता है, जिसे 'Z' या 'Mo' अक्षर से दर्शाया जाता है।
बहुलक की कुछ महत्वपूर्ण परिभाषाएँ:
1. डॉ. बाउले के अनुसार, "किसी सांख्यिकीय समूह में वर्गीकृत मात्रा का वह मूल्य (मजदूरी, ऊँचाई या अन्य किसी मापनीय मात्रा का) जहाँ पर पंजीकृत संख्याएँ सबसे अधिक हों, भूयिष्ठिक या अधिक घनत्व का स्थान या सबसे महत्त्वपूर्ण मूल्य कहलाता है।"
2. प्रो. कैनन के अनुसार, "भूयिष्ठिक वह मूल्य होता है जिसकी पुनरावृत्ति श्रेणी में सबसे अधिक बार हुई हो।"
इन परिभाषाओं से स्पष्ट है कि बहुलक वह मूल्य है जो श्रेणी में सबसे ज़्यादा बार आता है।
बहुलक के गुण:
1. **सरल एवं लोकप्रिय:** यह एक बहुत ही सरल और आसानी से समझने वाला माध्य है। कुछ मामलों में, इसे केवल देखकर ही निकाला जा सकता है। यह दैनिक जीवन में बहुत लोकप्रिय है, जैसे तैयार कपड़ों का औसत आकार बहुलक पर आधारित होता है।
2. **सर्वोत्तम प्रतिनिधित्व:** बहुलक श्रेणी का वह मूल्य है जो सबसे ज़्यादा बार आता है, इसलिए यह श्रेणी का सबसे अच्छा प्रतिनिधित्व करता है। इसका मूल्य भी श्रेणी के मूल्यों में से एक होता है।
3. **चरम मूल्यों का न्यूनतम प्रभाव:** बहुलक का एक महत्वपूर्ण गुण यह है कि यह श्रेणी के सबसे बड़े या सबसे छोटे (चरम) मूल्यों से प्रभावित नहीं होता है। जबकि समान्तर माध्य पर चरम मूल्यों का काफी प्रभाव पड़ता है।
4. **सभी आवृत्तियों की गणना आवश्यक नहीं:** इसकी गणना करने के लिए श्रेणी के सभी मूल्यों की आवृत्तियों को जानने की आवश्यकता नहीं होती है। केवल सबसे ज़्यादा आवृत्ति वाले मान पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
**बहुलक के दोष:**
1. **अस्पष्टता:** कभी-कभी एक श्रेणी में एक से ज़्यादा बहुलक हो सकते हैं, या कोई बहुलक नहीं भी हो सकता है। यह इसकी गणना को अनिश्चित बना देता है।
2. **बीजगणितीय विवेचन का अभाव:** माध्यिका की तरह, इसमें बीजगणितीय गणनाएं संभव नहीं होती हैं। इस वजह से इसका उपयोग सांख्यिकी की कई जटिल विधियों में कम होता है।
3. **गणना में जटिलता:** यदि बहुलक को निरीक्षण विधि से आसानी से नहीं निकाला जा सकता है, तो समूहीकरण और अंतर्गणन जैसी विधियों से इसकी गणना एक आम व्यक्ति के लिए बहुत मुश्किल हो सकती है।
**बहुलक की उपयोगिता:**
बहुलक के कई दोष होने के बावजूद, इसका महत्व कम नहीं होता है। यह दैनिक जीवन और व्यावसायिक क्षेत्र में बहुत लोकप्रिय है। जहाँ वितरण के सबसे लोकप्रिय मूल्य की जानकारी चाहिए होती है, वहाँ यह सबसे अच्छा माध्य है। व्यावसायिक क्षेत्र में, व्यापारिक पूर्वानुमान लगाने, उत्पादन प्रक्रिया के आदर्श समय का अनुमान लगाने, आदर्श मजदूरी तय करने और विभिन्न उत्पादों की लोकप्रियता का अनुमान लगाने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। मौसम संबंधी पूर्वानुमान भी बहुलक द्वारा ही लगाए जाते हैं। जब हम औसत आय, औसत ग्राहक, औसत व्यय, टेलीफोन कॉल के दैनिक औसत की बात करते हैं, तो हमारा मतलब अक्सर बहुलक संख्या, बहुलक आय, बहुलक व्यय, बहुलक टेलीफोन कॉल आदि से होता है। इस प्रकार, बहुलक का उपयोग हमारे दैनिक जीवन में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
**बहुलक निर्धारण की प्रक्रिया:**
**(1) व्यक्तिगत श्रेणी में:**
व्यक्तिगत श्रेणी में बहुलक ज्ञात करने की तीन विधियाँ हैं:
1. **निरीक्षण द्वारा:** इस विधि में, विभिन्न मूल्यों का निरीक्षण किया जाता है और जो मूल्य सबसे अधिक बार आता है, वही बहुलक होता है।
2. **व्यक्तिगत श्रेणी को खण्डित श्रेणी में बदलकर:** जब श्रेणी के कुछ पद दो से अधिक बार आते हैं, तो श्रेणी को खण्डित श्रेणी में बदलकर बहुलक की गणना की जाती है।
3. **अविछिन्न श्रेणी में बदलकर:** जब मूल्य अविछिन्न श्रेणी के रूप में दिए गए हों, तो श्रेणी को अविछिन्न श्रेणी में बदलकर बहुलक की गणना की जाती है।
**उदाहरण 1. मासिक आय:**
| मासिक आय (Rs.) | 2000 | 1000 | 2000 | 1000 | |
|---|---|---|---|---|---|
| कर्मचारियों की संख्या | 2100 | 2000 | 2400 | 2000 | 1900 |
उपरोक्त उदाहरण में, 2,000 रुपये मासिक आय वाले 4 कर्मचारी हैं। यह कर्मचारियों की सबसे ज़्यादा संख्या है। इसलिए, 2,000 रुपये मासिक आय बहुलक आय होगी, अर्थात् \( Z = Rs.\ 2,000 \).
**उदाहरण 2. निम्नलिखित समंकों से बहुलक ज्ञात कीजिए:**
9, 2, 7, 4, 8, 6, 10, 11
इस प्रश्न में कोई भी मूल्य एक से अधिक बार नहीं आया है। इसलिए, यहाँ बहुलक अस्पष्ट (ill-defined) है।
**उदाहरण 3. निम्नलिखित श्रेणी में जूतों के आकार (size) दिए हुए हैं, जिन्हें ग्राहकों द्वारा पहना जाता है। बहुलक आकार ज्ञात कीजिए:**
4, 3, 4, 5, 6, 7, 6, 4, 5, 7, 3, 7, 8, 7, 9, 6
सर्वप्रथम इस श्रेणी को खण्डित श्रेणी में बदला जाएगा:
| जूते का साइज | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ग्राहकों की संख्या (f) | 2 | 3 | 2 | 3 | 4 | 1 | 1 |
अधिकतम आवृत्ति 4 है जिसका मूल्य 7 है। इसलिए, जूतों का बहुलक आकार \( = 7 \) या \( Z = 7 \).
**(2) खण्डित श्रेणी:**
खण्डित श्रेणी में बहुलक की गणना करने की दो विधियाँ हैं:
1. **निरीक्षण विधि (Inspection Method):** इस विधि में श्रेणी का निरीक्षण किया जाता है और जिस मूल्य की आवृत्ति सबसे ज़्यादा होती है, वही मूल्य बहुलक होता है।
2. **समूहीकरण रीति (Grouping Method):** जब श्रेणी के विभिन्न मूल्यों में अनियमितता पाई जाती है या दो या दो से अधिक मूल्यों की आवृत्ति सबसे ज़्यादा होती है, तो यह निश्चित करना संभव नहीं होता कि किस मूल्य को बहुलक माना जाए। ऐसी स्थिति में, समूहीकरण विधि द्वारा बहुलक का निर्धारण किया जाता है। इस विधि से बहुलक निर्धारित करने के लिए दो सारणियाँ बनाई जाती हैं:
(अ) समूहीकरण सारणी,
(ब) विश्लेषण सारणी।
**(अ) समूहीकरण सारणी तैयार करने की विधि:**
समूहीकरण सारणी तैयार करने के लिए, पद मूल्य और संबंधित आवृत्ति के दो कॉलम के अलावा 5 और कॉलम बनाए जाते हैं। इस प्रकार, आवृत्ति के लिए कुल 6 कॉलम हो जाते हैं। आवृत्ति के पहले कॉलम में संबंधित मूल्यों की आवृत्तियाँ दी हुई होती हैं।
दूसरे कॉलम में, पहले दो आवृत्तियों का योग लिखा जाता है, फिर तीसरी और चौथी आवृत्तियों का, और इसी तरह आगे भी दो-दो आवृत्तियों का योग लिखते जाते हैं।
तीसरे कॉलम में, पहली आवृत्ति को छोड़कर, अगली दो-दो आवृत्तियों का योग उनके बीच में लिखा जाता है। यदि अंत में दो से कम आवृत्तियाँ बचती हैं, तो उन्हें छोड़ दिया जाता है।
चौथे कॉलम में, पहली आवृत्ति से तीन-तीन आवृत्तियों का योग लगाया जाता है और उन्हें उनके बीच में (यानी दूसरी के सामने, फिर पाँचवीं के सामने आदि) लिखते जाते हैं।
पाँचवें कॉलम में, पहली आवृत्ति छोड़कर, तीन-तीन का जोड़ लगाकर उनके बीच में लिखते जाते हैं।
छठे कॉलम में, पहली दो आवृत्तियों छोड़कर, तीन-तीन जोड़ उनके सामने मध्य में लिखते हैं। यदि अंत में तीन से कम आवृत्तियाँ बचती हैं, तो उन्हें छोड़ दिया जाता है।
यह क्रिया करने के बाद, आवृत्तियों के छह कॉलमों में सबसे ज़्यादा आवृत्ति योग को रेखांकित कर देते हैं।
**(ब) विश्लेषण सारणी:**
समूहीकरण करने के बाद, विश्लेषण सारणी तैयार की जाती है। इस सारणी में, मूल्यों अथवा वर्गों को (स्थिति के अनुसार) सारणी में ऊपर से बाईं से दाईं ओर लिखा जाता है और पहले कॉलम में 1 से 6 तक के कॉलम नंबरों को ऊपर से नीचे लिखा जाता है। अब समूहीकरण सारणी के आवृत्ति के 6 कॉलमों को क्रम से देखते हैं और रेखांकित अधिकतम आवृत्ति किस-किस मूल्य की है, उसे देखकर विश्लेषण सारणी में उसी कॉलम के सामने मूल्य के नीचे (√) सही का चिन्ह लगाकर इंगित कर देते हैं। बाद में इन चिह्नों का मूल्यों के नीचे योग लगा देते हैं। जिस मूल्य का योग सबसे ज़्यादा आता है, वही बहुलक कहलाता है।
**हल: समूहीकरण विधि द्वारा बहुलक का निर्धारण**
| पद मूल्य | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 4 | 8 | }20 | ||||
| 5 | 12 | }28 | }36 | |||
| 6 | 16 | }25 | }37 | |||
| 7 | 9 | }21 | }31 | |||
| 8 | 12 | }22 | }38 | }37 | ||
| 9 | 10 | }26 | ||||
| 10 | 16 | }28 | }37 | }38 | ||
| 11 | 12 | }21 | }29 | |||
| 12 | 9 | }17 | ||||
| 13 | 8 |
**विश्लेषण तालिका**
| खानें | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 | 13 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | ✓ | ✓ | ||||||||
| 2 | ✓ | ✓ | ✓ | ✓ | ||||||
| 3 | ✓ | ✓ | ✓ | |||||||
| 4 | ✓ | ✓ | ✓ | |||||||
| 5 | ✓ | ✓ | ✓ | |||||||
| 6 | ✓ | ✓ | ✓ | |||||||
| योग | 1 | 2 | 1 | 2 | 5 | 3 | 1 |
विश्लेषण तालिका से स्पष्ट है कि मूल्य 10 की आवृत्तियाँ '5' सर्वाधिक हैं। अत: बहुलक \( = 10 \) या \( Z = 10 \).
In simple words: बहुलक डेटा का वह मान है जो सबसे ज़्यादा बार आता है। इसकी गणना सीधे निरीक्षण से की जा सकती है, लेकिन जटिल मामलों में समूहीकरण और विश्लेषण सारणी बनाकर सबसे सामान्य मान का पता लगाया जाता है। बहुलक चरम मानों से प्रभावित नहीं होता है और रोजमर्रा के फैसलों में बहुत उपयोगी होता है।
🎯 Exam Tip: बहुलक की परिभाषा देते समय, हमेशा आवृत्ति (सबसे ज़्यादा बार आने वाले मान) पर जोर दें और उसके गुण-दोषों को उदाहरणों के साथ स्पष्ट करें। समूहीकरण विधि को चरण-दर-चरण समझाना महत्वपूर्ण है।
Question 3. सतत अथवा अविच्छिन्न श्रेणी में बहुलक की गणना विधि को उदाहरण की सहायता से स्पष्ट कीजिए।
Answer: सतत श्रेणी में बहुलक ज्ञात करने के लिए निम्नलिखित सूत्र का प्रयोग किया जाता है:
\[ Z = L_1 + \frac{f_1-f_0}{2f_1-f_0-f_2} \times i \]
**वैकल्पिक सूत्र:**
यदि उपरोक्त सूत्र से बहुलक का मूल्य बहुलक वर्ग की सीमाओं के बाहर आता है, तो निम्नलिखित वैकल्पिक सूत्र का प्रयोग करते हैं:
\[ Z = L_1 + \frac{D_1}{D_1 + D_2} \times i \]
**सूत्रों में प्रयुक्त चिह्नों का आशय:**
\( L_1 \) = बहुलक वर्ग की निम्न सीमा
\( f_1 \) = बहुलक वर्ग की बारम्बारता
\( f_0 \) = बहुलक वर्ग से पहले वर्ग की बारम्बारता
\( f_2 \) = बहुलक वर्ग से अगले वर्ग की बारम्बारता
\( D_1 \) = बहुलक वर्ग एवं उससे पूर्ववर्ती वर्ग की बारम्बारता के बीच अंतर (संकेतों को छोड़कर)
\( D_2 \) = बहुलक वर्ग एवं उससे अगले वर्ग की बारम्बारता के बीच अंतर (संकेतों को छोड़कर)
\( i \) = वर्ग अन्तराल
\( Z \) = बहुलक
यहाँ यह ध्यान रखना होता है कि श्रृंखला के वर्ग अंतराल समान होने चाहिए। यदि समान नहीं हैं, तो उन्हें समान करना होता है। इसके साथ ही, श्रेणी अपवर्जी होनी चाहिए। समावेशी श्रेणी को अपवर्जी में बदलना होता है। इसी तरह यदि मध्य बिंदु (Mid value) दिए हों, तो वर्ग अंतरालों को निकालना होता है। बहुलक वह मान है जो समूह में सबसे ज़्यादा बार आता है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि हम सही वर्ग को पहचानें।
**उदाहरण 1. निम्नांकित सारणी से बहुलक ज्ञात कीजिए:**
| प्राप्तांक | 0-10 | 10-20 | 20-30 | 30-40 | 40-50 | 50-60 | 60-70 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| विद्यार्थियों की संख्या | 2 | 5 | 8 | 15 (\(f_1\)) | 12 (\(f_2\)) | 6 | 3 |
सारणी से स्पष्ट है कि वर्ग 30-40 की आवृत्ति सर्वाधिक (15) है। अत: बहुलक वर्ग \( = 30-40 \).
इस वर्ग में बहुलक का मूल्य जानने के लिए निम्नांकित सूत्र का प्रयोग किया जाएगा:
\[ Z = L_1 + \frac{f_1-f_0}{2f_1-f_0-f_2} \times i \]
यहाँ \( L_1 = 30 \), \( f_1 = 15 \), \( f_0 = 8 \), \( f_2 = 12 \), \( i = 10 \).
\[ Z = 30 + \frac{15-8}{2 \times 15 - 8 - 12} \times 10 \]
\[ Z = 30 + \frac{7}{30 - 20} \times 10 \]
\[ Z = 30 + \frac{7}{10} \times 10 \]
\[ Z = 30 + 7 \]
\[ Z = 37 \]
बहुलक निम्नांकित वैकल्पिक सूत्र से भी निकाला जा सकता है:
\[ Z = L_1 + \frac{D_1}{D_1 + D_2} \times i \]
यहाँ \( D_1 = f_1 - f_0 = 15 - 8 = 7 \)
यहाँ \( D_2 = f_1 - f_2 = 15 - 12 = 3 \)
\[ Z = 30 + \frac{7}{7+3} \times 10 \]
\[ Z = 30 + \frac{7}{10} \times 10 \]
\[ Z = 30 + 7 \]
\[ Z = 37 \]
**उदाहरण 2. निम्नांकित आवृत्ति वितरण से बहुलक की गणना कीजिए:**
(यह एक 'से अधिक' श्रेणी है, जिसे सामान्य आवृत्ति वितरण में बदलना होगा।)
| मजदूरी (से अधिक) (Rs. में) | 30 | 40 | 50 | 60 | 70 | 80 | 90 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| श्रमिकों की संख्या | 519 | 469 | 398 | 208 | 104 | 44 | 6 |
सर्वप्रथम संचयी बारम्बारता वितरण को साधारण आवृत्ति वितरण में बदला जाएगा।
| मजदूरी (Rs. में) | श्रमिकों की संख्या (f) |
|---|---|
| 30-40 | 50 (519-469) |
| 40-50 | 71 (\(f_0\)) (469-398) |
| 50-60 (\(L_1\)) | 190 (\(f_1\)) (398-208) |
| 60-70 | 104 (\(f_2\)) (208-104) |
| 70-80 | 60 (104-44) |
| 80-90 | 38 (44-6) |
| 90-100 | 6 |
निरीक्षण से स्पष्ट है कि बहुलक वर्ग 50-60 है।
\[ Z = L_1 + \frac{f_1-f_0}{2f_1-f_0-f_2} \times i \]
यहाँ \( L_1 = 50 \), \( f_1 = 190 \), \( f_0 = 71 \), \( f_2 = 104 \), \( i = 10 \).
\[ Z = 50 + \frac{190-71}{2 \times 190 - 71 - 104} \times 10 \]
\[ Z = 50 + \frac{119}{380 - 175} \times 10 \]
\[ Z = 50 + \frac{119}{205} \times 10 \]
\[ Z = 50 + \frac{1190}{205} \]
\[ Z = 50 + 5.8 \]
\[ Z = 55.8 \]
**उदाहरण 4. निम्नांकित आँकड़ों से बहुलक ज्ञात कीजिए:**
(यह मध्य बिंदु श्रेणी है, जिसे सामान्य आवृत्ति बंटन में बदलना होगा।)
| मध्य बिन्दु | 5 | 10 | 15 | 20 | 25 | 30 | 35 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| आवृत्ति | 10 | 15 | 28 | 35 | 16 | 7 | 4 |
सर्वप्रथम श्रेणी को सामान्य आवृत्ति बंटन में बदला जाएगा।
मध्य बिन्दु से वर्गान्तर निकालने के लिए, वर्ग अन्तराल की चौड़ाई (i) ज्ञात करें। यहाँ, मध्य बिन्दुओं में 5 का अंतर है, इसलिए \( i = 10 \).
निम्न सीमा \( L_1 = \text{मध्य बिन्दु} - i/2 \)
उच्च सीमा \( L_2 = \text{मध्य बिन्दु} + i/2 \)
जैसे, 5 के लिए: \( L_1 = 5 - 10/2 = 0 \), \( L_2 = 5 + 10/2 = 10 \). तो वर्ग \( 0-10 \).
| मजदूरी (Rs. में) | मजदूरों की संख्या (f) |
|---|---|
| 100-200 | 5 |
| 200-300 | 13 |
| 300-400 (\(f_0\)) | 20 |
| 400-500 (\(L_1\), \(f_1\)) | 32 |
| 500-600 (\(f_2\)) | 20 |
| 600-700 | 5 |
| 700-800 | 3 |
| 800-900 | 2 |
निरीक्षण से स्पष्ट है कि बहुलक वर्ग 400-500 है, क्योंकि इसकी आवृत्ति सर्वाधिक (32) है।
\[ Z = L_1 + \frac{f_1-f_0}{2f_1-f_0-f_2} \times i \]
यहाँ \( L_1 = 400 \), \( f_1 = 32 \), \( f_0 = 20 \), \( f_2 = 20 \), \( i = 100 \).
\[ Z = 400 + \frac{32-20}{2 \times 32 - 20 - 20} \times 100 \]
\[ Z = 400 + \frac{12}{64 - 40} \times 100 \]
\[ Z = 400 + \frac{12}{24} \times 100 \]
\[ Z = 400 + \frac{1}{2} \times 100 \]
\[ Z = 400 + 50 \]
\[ Z = 450 \]
**उदाहरण 5. निम्नांकित आँकड़ों से बहुलक मूल्य ज्ञात कीजिए:**
(यह एक समावेशी श्रेणी है, जिसे अपवर्जी श्रेणी में बदलना होगा।)
| वर्गान्तर | 10-19 | 20-29 | 30-39 | 40-49 | 50-59 | 60-69 | 70-79 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| आवृत्ति | 10 | 12 | 18 | 30 | 16 | 6 | 8 |
प्रश्न हल करने से पूर्व समावेशी श्रेणी को अपवर्जी में बदला जाएगा। इसके बाद बहुलक की गणना निम्नलिखित प्रकार की जाएगी:
अपवर्जी वर्गान्तर बनाने के लिए, ऊपरी सीमा में 0.5 जोड़ते हैं और निचली सीमा में 0.5 घटाते हैं।
| वर्गान्तर | अपवर्जी वर्गान्तर | आवृत्ति |
|---|---|---|
| 10-19 | 9.5-19.5 | 10 |
| 20-29 | 19.5-29.5 | 12 |
| 30-39 | 29.5-39.5 | 18 (\(f_0\)) |
| 40-49 | 39.5-49.5 (\(L_1\), \(f_1\)) | 30 |
| 50-59 | 49.5-59.5 | 16 (\(f_2\)) |
| 60-69 | 59.5-69.5 | 6 |
| 70-79 | 69.5-79.5 | 8 |
निरीक्षण से स्पष्ट है कि बहुलक वर्ग 39.5-49.5 है, क्योंकि इसकी आवृत्ति सर्वाधिक (30) है।
\[ Z = L_1 + \frac{f_1-f_0}{2f_1-f_0-f_2} \times i \]
यहाँ \( L_1 = 39.5 \), \( f_1 = 30 \), \( f_0 = 18 \), \( f_2 = 16 \), \( i = 10 \).
\[ Z = 39.5 + \frac{30-18}{2 \times 30 - 18 - 16} \times 10 \]
\[ Z = 39.5 + \frac{12}{60 - 34} \times 10 \]
\[ Z = 39.5 + \frac{12}{26} \times 10 \]
\[ Z = 39.5 + \frac{120}{26} \]
\[ Z = 39.5 + 4.62 \]
\[ Z = 44.12 \]
**उदाहरण 6. निम्नांकित आवृत्ति वितरण का बहुलक ज्ञात कीजिए:**
(इस श्रेणी में सर्वाधिक आवृत्ति '13' दो बार आई है, इसलिए निरीक्षण द्वारा बहुलक वर्ग निश्चित नहीं हो सकता। अतः समूहीकरण विधि से बहुलक वर्ग का निर्धारण होगा।)
| वर्गान्तर | 40-50 | 50-60 | 60-70 | 70-80 | 80-90 | 90-100 | 100-110 | 110-120 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| आवृत्ति | 8 | 7 | 13 | 10 | 13 | 12 | 9 | 8 |
**समूहीकरण सारणी:**
| वर्गान्तर | आवृत्ति (f) | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 40-50 | 8 | 8 | }15 | ||||
| 50-60 | 7 | 7 | }20 | }28 | |||
| 60-70 | 13 | 13 | }23 | }30 | |||
| 70-80 (\(f_0\)) | 10 | 10 | }23 | }35 | }36 | ||
| 80-90 (\(L_1\), \(f_1\)) | 13 | 13 | }25 | }34 | |||
| 90-100 (\(f_2\)) | 12 | 12 | }21 | }29 | |||
| 100-110 | 9 | 9 | }17 | ||||
| 110-120 | 8 | 8 |
**विश्लेषण सारणी:**
| वर्गान्तर | 3 | 4 | 5 | 6 | योग |
|---|---|---|---|---|---|
| 40-50 | 0 | ||||
| 50-60 | 0 | ||||
| 60-70 | ✓ | ✓ | ✓ | ✓ | 4 |
| 70-80 | ✓ | ✓ | ✓ | ✓ | 4 |
| 80-90 | ✓ | ✓ | ✓ | ✓ | 4 |
| 90-100 | ✓ | ✓ | 2 | ||
| 100-110 | ✓ | 1 | |||
| 110-120 | 0 |
विश्लेषण सारणी से स्पष्ट है कि बहुलक वर्ग 60-70, 70-80 और 80-90 तीनों में अधिकतम योग 4-4-4 बार आया है। इस स्थिति में, जिस वर्ग की आवृत्ति सबसे ज़्यादा है, उसे बहुलक वर्ग माना जाएगा। यहाँ 80-90 वर्ग की आवृत्ति 13 है, जो 60-70 (13) और 70-80 (10) से अधिक नहीं है, लेकिन समूहीकरण से यह 80-90 को दर्शाता है।
पुनरावलोकन करने पर, समूहीकरण सारणी में सबसे बड़ा योग (37) वर्ग 80-90 में आता है (कॉलम 4 में 10+13+12 का योग 35 है, कॉलम 5 में 13+12+9 का योग 34 है, कॉलम 6 में 13+12+9 का योग 36 है। कॉलम 4, 5, 6 में 80-90 पर मार्क है, और योग तालिका में 80-90 का योग सबसे ज्यादा 4 है। यह दर्शाता है कि 80-90 बहुलक वर्ग है।
अत: बहुलक वर्ग \( = 80-90 \).
\[ Z = L_1 + \frac{f_1-f_0}{2f_1-f_0-f_2} \times i \]
यहाँ \( L_1 = 80 \), \( f_1 = 13 \), \( f_0 = 10 \), \( f_2 = 12 \), \( i = 10 \).
\[ Z = 80 + \frac{13-10}{2 \times 13 - 10 - 12} \times 10 \]
\[ Z = 80 + \frac{3}{26 - 22} \times 10 \]
\[ Z = 80 + \frac{3}{4} \times 10 \]
\[ Z = 80 + \frac{30}{4} \]
\[ Z = 80 + 7.5 \]
\[ Z = 87.5 \]
In simple words: सतत श्रेणी में बहुलक निकालने के लिए, पहले सबसे ज़्यादा आवृत्ति वाले वर्ग को पहचानते हैं। फिर एक विशेष सूत्र का उपयोग करके बहुलक की गणना की जाती है, जिसमें वर्ग की निचली सीमा, उसकी आवृत्ति और पड़ोसी वर्गों की आवृत्तियाँ शामिल होती हैं। यह तरीका उन डेटा सेटों के लिए है जहाँ मान लगातार बढ़ते रहते हैं।
🎯 Exam Tip: सतत श्रेणी में बहुलक की गणना करते समय, यह सुनिश्चित करें कि वर्ग अंतराल समान हों और श्रेणी अपवर्जी हो। यदि आवश्यक हो तो 'समावेशी' को 'अपवर्जी' में बदलना न भूलें।
Question 4. बहुलक की गणना समान्तर माध्य एवं माध्यिका के आधार पर कैसे की जाती है?
Answer: बहुलक की गणना समान्तर माध्य और माध्यिका का उपयोग करके भी की जा सकती है, खासकर जब डेटा असममित (Asymmetrical) हो।
**सममित (Symmetrical) श्रेणी:**
ऐसी श्रेणी में, समान्तर माध्य, माध्यिका और बहुलक तीनों के मान समान होते हैं।
**असममित (Asymmetrical) श्रेणी:**
ऐसी श्रेणी में, तीनों के मान अलग-अलग होते हैं। इस स्थिति में, यदि समान्तर माध्य और माध्यिका के मान ज्ञात हों, तो बहुलक का संभावित मान निम्नलिखित सूत्र द्वारा ज्ञात किया जा सकता है:
\[ Z = 3M - 2\overline{X} \]
जहाँ, \( Z \) = बहुलक, \( M \) = माध्यिका, \( \overline{X} \) = समान्तर माध्य।
यह सूत्र तीनों केंद्रीय प्रवृत्तियों के बीच एक महत्वपूर्ण संबंध दिखाता है, जिससे एक को अन्य दो से अनुमानित किया जा सकता है।
**उदाहरण:**
यदि किसी श्रेणी का समान्तर माध्य 8.5 तथा माध्यिका 8 हो तो बहुलक मूल्य क्या होगा?
\[ Z = 3M - 2\overline{X} \]
\[ Z = (3 \times 8) - (2 \times 8.5) \]
\[ Z = 24 - 17 \]
\[ Z = 7 \]
In simple words: यदि डेटा सेट में माध्यिका और समान्तर माध्य पता हों, तो हम एक खास सूत्र (\( Z = 3M - 2\overline{X} \)) का उपयोग करके बहुलक का मान निकाल सकते हैं। यह तरीका तब काम आता है जब डेटा सममित नहीं होता है।
🎯 Exam Tip: इस सूत्र का उपयोग केवल असममित वितरण के लिए करें। यदि वितरण सममित है, तो माध्य, माध्यिका और बहुलक समान होंगे।
Question 5. बिन्दुरेखीय विधि द्वारा बहुलक की गणना कैसे की जाती है? समझाइए।
Answer: बिन्दुरेखीय या आलेखीय विधि से बहुलक ज्ञात करने के लिए, सबसे पहले दिए गए डेटा का आयत-चित्र (histogram) बनाया जाता है।
**विधि:**
1. सबसे पहले, आयत-चित्र बनाएं।
2. आयत-चित्र में, सबसे ऊँचे आयत को ढूंढें। यह आयत बहुलक वर्ग को दर्शाता है।
3. सबसे ऊँचे आयत के ऊपरी बाएं कोने को उसके दाईं ओर के आयत के ऊपरी बाएं कोने से एक सीधी रेखा से जोड़ें।
4. सबसे ऊँचे आयत के ऊपरी दाएं कोने को उसके बाईं ओर के आयत के ऊपरी दाएं कोने से एक सीधी रेखा से जोड़ें।
5. ये दोनों सीधी रेखाएं जहाँ एक-दूसरे को काटती हैं, उस बिंदु (E) से x-अक्ष पर एक लम्ब (सीधी खड़ी रेखा) डालें।
6. यह लम्ब x-अक्ष को जहाँ स्पर्श करता है, वही बिंदु बहुलक का मान होता है। यह विधि डेटा को ग्राफिक रूप से देखने और सबसे केंद्रित मान को पहचानने में मदद करती है।
**उदाहरण. निम्नलिखित आवृत्ति वितरण का बिन्दुरेखीय विधि से बहुलक ज्ञात कीजिए:**
| व्यय (Rs. में) | 0-10 | 10-20 | 20-30 | 30-40 | 40-50 |
|---|---|---|---|---|---|
| परिवारों की संख्या | 14 | 23 | 27 | 21 | 15 |
**हल: बिन्दुरेखा द्वारा बहुलक निर्धारण**
चित्र में X-अक्ष पर व्यय तथा Y-अक्ष पर परिवारों की संख्या को दिखाया गया है। 20-30 वर्ग का आयत सबसे ऊँचा है। इस आयत से, दोनों सटे आयतों के विपरीत दिशा में किनारों पर मिलाने पर, वे एक-दूसरे को E बिंदु पर काटते हैं। E बिंदु से x-अक्ष पर लम्ब डालने पर वह x-अक्ष को 24 पर काटता है। अत: बहुलक \( Z = 24 \).
In simple words: बहुलक को ग्राफ से ढूंढने के लिए, पहले डेटा का बार ग्राफ (आयत-चित्र) बनाते हैं। फिर सबसे ऊँचे बार के ऊपरी कोनों से उसके पड़ोसी बार के विपरीत कोनों तक लाइनें खींचते हैं। ये लाइनें जहाँ मिलती हैं, वहां से नीचे x-अक्ष पर एक सीधी लाइन खींचते हैं। जहाँ यह लाइन x-अक्ष को काटती है, वही बहुलक का मान होता है।
🎯 Exam Tip: आलेखीय विधि से बहुलक ज्ञात करते समय, यह सुनिश्चित करें कि आप सबसे ऊँचे आयत के शीर्ष कोनों को उसके आस-पास के आयतों के विपरीत कोनों से सही ढंग से जोड़ें, ताकि प्रतिच्छेदन बिंदु सही हो।
Question 6. निम्नांकित बारम्बारता वितरण से वर्ग अन्तराल (40 – 50) की बारम्बारता ज्ञात कीजिए। यदि वितरण का समान्तर माध्य 52 हो।
Answer: यदि समान्तर माध्य 52 है, तो वर्ग अंतराल (40-50) की अज्ञात बारम्बारता \( f \) ज्ञात करने के लिए, हमें पहले मध्य-बिंदु (\( m \)) और \( fm \) की गणना करनी होगी।
| मजदूरी (Rs.) | माध्य मूल्य (m) | बारम्बारता (f) | माध्य मूल्य \( \times \) बारम्बारता (fm) |
|---|---|---|---|
| 10-20 | 15 | 5 | 75 |
| 20-30 | 25 | 3 | 75 |
| 30-40 | 35 | 4 | 140 |
| 40-50 | 45 | f | 45f |
| 50-60 | 55 | 2 | 110 |
| 60-70 | 65 | 6 | 390 |
| 70-80 | 75 | 13 | 975 |
| **योग** | **\( \Sigma f = 33 + f \)** | **\( \Sigma fm = 1765 + 45f \)** |
समान्तर माध्य का सूत्र है:
\[ \overline{X} = \frac{\Sigma fm}{\Sigma f} \]
हमें \( \overline{X} = 52 \) दिया गया है:
\[ 52 = \frac{1765 + 45f}{33 + f} \]
अब इस समीकरण को हल करेंगे:
\[ 52 (33 + f) = 1765 + 45f \]
\[ (52 \times 33) + (52 \times f) = 1765 + 45f \]
\[ 1716 + 52f = 1765 + 45f \]
अब \( f \) वाले पदों को एक तरफ और संख्या वाले पदों को दूसरी तरफ ले जाएंगे:
\[ 52f - 45f = 1765 - 1716 \]
\[ 7f = 49 \]
\[ f = \frac{49}{7} \]
\[ f = 7 \]
अतः, अभीष्ट बारम्बारता 7 है।
In simple words: जब हमें डेटा का औसत (समान्तर माध्य) पता होता है और एक वर्ग की आवृत्ति गायब होती है, तो हम माध्य के सूत्र का उपयोग करके उस गायब आवृत्ति का पता लगा सकते हैं। हम सभी ज्ञात मानों को सूत्र में डालते हैं और फिर गणित करके अज्ञात आवृत्ति को ढूंढते हैं।
🎯 Exam Tip: अज्ञात आवृत्ति वाले प्रश्नों में, गणना को ध्यान से करें और समान्तर माध्य के सूत्र में सभी मानों को सही ढंग से रखें ताकि कोई गलती न हो। बीजगणितीय समीकरण को हल करने में सावधानी बरतें।
Question 7. निम्नांकित बारम्बारता वितरण में दो अज्ञात बारम्बारताएँ \( f_1 \) तथा \( f_2 \) ज्ञात कीजिए। दिया गया है कि कुल बारम्बारता \( N = 100 \) और माध्यिका \( M = 30 \) है।
Answer: दिए गए बारम्बारता वितरण में, दो अज्ञात बारम्बारताएँ \( f_1 \) और \( f_2 \) हैं। हमें कुल बारम्बारता \( N = 100 \) और माध्यिका \( M = 30 \) दी गई है।
सर्वप्रथम, संचयी बारम्बारता (\( cf \)) ज्ञात करेंगे।
| अंक | बारम्बारता (f) | संचयी बारम्बारता (cf) |
|---|---|---|
| 0-10 | 10 | 10 |
| 10-20 | \( f_1 \) | \( 10 + f_1 \) |
| 20-30 | 25 | \( 35 + f_1 \) |
| 30-40 | 30 | \( 65 + f_1 \) |
| 40-50 | \( f_2 \) | \( 65 + f_1 + f_2 \) |
| 50-60 | 10 | \( 75 + f_1 + f_2 \) |
| **योग** | **\( N = 100 \)** |
**प्रथम समीकरण कुल बारम्बारता से प्राप्त करेंगे:**
कुल बारम्बारता \( \Sigma f = N = 100 \) है।
इसलिए, \( 75 + f_1 + f_2 = 100 \)
\( f_1 + f_2 = 100 - 75 \)
\[ f_1 + f_2 = 25 \quad \ldots(i) \]
**द्वितीय समीकरण माध्यिका से सम्बन्धित होगा:**
माध्यिका \( M = 30 \) दी गई है। माध्यिका वर्ग वह वर्ग होता है जिसमें माध्यिका का मान आता है।
चूँकि माध्यिका 30 है, माध्यिका वर्ग \( 30-40 \) है। (क्योंकि \( 30 \) इस वर्ग में आता है)
माध्यिका ज्ञात करने का सूत्र है:
\[ M = L_1 + \frac{\frac{N}{2}-c}{f} \times i \]
यहाँ, \( L_1 = 30 \) (माध्यिका वर्ग की निचली सीमा), \( \frac{N}{2} = \frac{100}{2} = 50 \) (माध्यिका पद), \( c = 35 + f_1 \) (माध्यिका वर्ग से ठीक पहले के वर्ग की संचयी बारम्बारता), \( f = 30 \) (माध्यिका वर्ग की बारम्बारता), \( i = 10 \) (वर्ग अंतराल)।
\[ 30 = 30 + \frac{50-(35+f_1)}{30} \times 10 \]
दोनों तरफ से 30 घटाने पर:
\[ 0 = \frac{50-35-f_1}{30} \times 10 \]
\[ 0 = \frac{15-f_1}{30} \times 10 \]
\( \implies \) \[ 0 = \frac{15-f_1}{3} \]
\( \implies \) \[ 0 = 15 - f_1 \]
\( \implies \) \[ f_1 = 15 \]
**\( f_1 \) का मान समीकरण (i) में रखने पर:**
\[ f_1 + f_2 = 25 \]
\[ 15 + f_2 = 25 \]
\[ f_2 = 25 - 15 \]
\[ f_2 = 10 \]
अतः, अभीष्ट \( f_1 = 15 \) और \( f_2 = 10 \) है।
In simple words: जब किसी डेटा की कुल संख्या (N) और माध्यिका (M) दी गई हो, और कुछ संख्याएँ (बारम्बारताएँ) गायब हों, तो हम इन गायब संख्याओं को ज्ञात कर सकते हैं। पहले माध्यिका के सूत्र का उपयोग करके एक संख्या निकालते हैं, और फिर कुल संख्या के सूत्र का उपयोग करके दूसरी संख्या निकालते हैं।
🎯 Exam Tip: अज्ञात बारम्बारता वाले प्रश्नों को हल करते समय, माध्यिका वर्ग का सही ढंग से निर्धारण करना और \( c \) (माध्यिका वर्ग से पहले की संचयी बारम्बारता) को सही तरीके से पहचानना बहुत महत्वपूर्ण है। समीकरणों को हल करने में सावधानी बरतें।
RBSE Class 11 Economics Chapter 10 अभ्यासार्थ प्रश्न
Question 1. निम्नांकित सारणी से बहुलक ज्ञात कीजिए।
| वर्ग | 0-10 | 10-20 | 20-30 | 30-40 | 40-50 | 50-60 | 60-70 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| आवृत्ति | 5 | 7 | 10 (\(f_0\)) | 18 (\(f_1\)) | 16 (\(f_2\)) | 10 | 5 |
Answer: सर्वाधिक आवृत्ति 18 है, जो वर्गान्तर 30-40 में है। इसलिए, बहुलक वर्ग \( = 30-40 \).
अब \( Z \) की गणना निम्नांकित सूत्र से करेंगे:
\[ Z = L_1 + \frac{f_1-f_0}{2f_1-f_0-f_2} \times i \]
यहाँ \( L_1 = 30 \), \( f_1 = 18 \), \( f_0 = 10 \), \( f_2 = 16 \), \( i = 10 \).
\[ Z = 30 + \frac{18-10}{2 \times 18 - 10 - 16} \times 10 \]
\[ Z = 30 + \frac{8}{36 - 26} \times 10 \]
\[ Z = 30 + \frac{8}{10} \times 10 \]
\[ Z = 30 + 8 \]
\[ Z = 38 \]
In simple words: सबसे ज़्यादा बार आने वाले वर्ग को ढूंढते हैं। फिर एक खास सूत्र में उसकी निचली सीमा, उसकी आवृत्ति और उसके पड़ोसी वर्गों की आवृत्तियों का उपयोग करके बहुलक का मान निकालते हैं।
🎯 Exam Tip: बहुलक वर्ग को सही ढंग से पहचानना सबसे महत्वपूर्ण पहला कदम है। सूत्र में मानों को सब्स्टिट्यूट करते समय सावधानी बरतें, खासकर डिनोमिनेटर की गणना करते समय।
Question 2. निम्नांकित सारणी से बहुलक ज्ञात कीजिए।
| वर्ग | 0-10 | 10-20 | 20-30 | 30-40 | 40-50 |
|---|---|---|---|---|---|
| आवृत्ति | 14 | 23 (\(f_0\)) | 27 (\(f_1\)) | 21 (\(f_2\)) | 15 |
Answer: सर्वाधिक आवृत्ति 27 है, जो वर्गान्तर 20-30 में है। इसलिए, बहुलक वर्ग \( = 20-30 \).
अब \( Z \) की गणना निम्नांकित सूत्र से करेंगे:
\[ Z = L_1 + \frac{f_1-f_0}{2f_1-f_0-f_2} \times i \]
यहाँ \( L_1 = 20 \), \( f_1 = 27 \), \( f_0 = 23 \), \( f_2 = 21 \), \( i = 10 \).
\[ Z = 20 + \frac{27-23}{2 \times 27 - 23 - 21} \times 10 \]
\[ Z = 20 + \frac{4}{54 - 44} \times 10 \]
\[ Z = 20 + \frac{4}{10} \times 10 \]
\[ Z = 20 + 4 \]
\[ Z = 24 \]
In simple words: दिए गए डेटा में सबसे ज़्यादा बार आने वाले समूह को ढूंढते हैं। फिर, बहुलक निकालने के सूत्र का उपयोग करके, उस समूह की निचली सीमा और उसकी आवृत्तियों के साथ-साथ आसपास के समूहों की आवृत्तियों का प्रयोग करके अंतिम बहुलक मान तक पहुँचते हैं।
🎯 Exam Tip: सुनिश्चित करें कि आप बहुलक वर्ग के ठीक पहले (\( f_0 \)) और ठीक बाद (\( f_2 \)) की आवृत्तियों को सही ढंग से पहचानें, क्योंकि ये सूत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Question 3. निम्नांकित श्रृंखला का बहुलक ज्ञात कीजिए।
| वर्ग | 0-5 | 5-10 | 10-15 | 15-20 | 20-25 | 25-30 | 30-35 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| आवृत्ति | 1 | 2 | 10 | 4 | 10 | 9 | 2 |
Answer: इस श्रृंखला में आवृत्तियाँ अनियमित हैं (जैसे 10-15 की आवृत्ति 10 है, और 20-25 की भी 10 है), इसलिए हमें समूहीकरण विधि का उपयोग करके बहुलक ज्ञात करना होगा।
**समूहीकरण सारणी:**
| वर्ग | आवृत्ति (i) | (ii) | (iii) | (iv) | (v) | (vi) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 0-5 | 1 | }3 | ||||
| 5-10 | 2 | }12 | ||||
| 10-15 | 10 | }14 | }13 | }16 | ||
| 15-20 | 4 (\(f_0\)) | }14 | }11 | }24 | ||
| 20-25 (\(L_1\), \(f_1\)) | 10 | }19 | }23 | |||
| 25-30 (\(f_2\)) | 9 | }11 | }21 | |||
| 30-35 | 2 |
**विश्लेषण सारणी:**
| वर्गान्तर | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | योग |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 0-5 | 0 | ||||||
| 5-10 | ✓ | 1 | |||||
| 10-15 | ✓ | ✓ | ✓ | ✓ | 4 | ||
| 15-20 | ✓ | ✓ | ✓ | 3 | |||
| 20-25 | ✓ | ✓ | ✓ | ✓ | ✓ | ✓ | 6 |
| 25-30 | ✓ | ✓ | 2 | ||||
| 30-35 | 0 |
विश्लेषण सारणी से स्पष्ट है कि बहुलक वर्ग 20-25 है, क्योंकि इस वर्ग का योग सबसे ज़्यादा (6) है।
\[ Z = L_1 + \frac{f_1-f_0}{2f_1-f_0-f_2} \times i \]
यहाँ \( L_1 = 20 \), \( f_1 = 10 \), \( f_0 = 4 \), \( f_2 = 9 \), \( i = 5 \).
\[ Z = 20 + \frac{10-4}{2 \times 10 - 4 - 9} \times 5 \]
\[ Z = 20 + \frac{6}{20 - 13} \times 5 \]
\[ Z = 20 + \frac{6}{7} \times 5 \]
\[ Z = 20 + \frac{30}{7} \]
\[ Z = 20 + 4.29 \]
\[ Z = 24.29 \]
In simple words: जब डेटा में आवृत्तियाँ बराबर या अनियमित होती हैं, तो हम समूहीकरण सारणी और फिर विश्लेषण सारणी बनाते हैं। इससे हमें सही बहुलक वर्ग मिलता है, जिसके बाद हम बहुलक का मान निकालने के लिए सामान्य सूत्र का उपयोग करते हैं।
🎯 Exam Tip: अनियमित आवृत्ति वितरण में, समूहीकरण सारणी और विश्लेषण सारणी बनाना अनिवार्य है। हर कॉलम की गणना सही ढंग से करें और विश्लेषण सारणी में सबसे ज़्यादा योग वाले वर्ग को बहुलक वर्ग मानें।
Question 4. निम्नांकित तालिका से बहुलक ज्ञात कीजिए।
| वर्ग | 0-4 | 4-8 | 8-12 | 12-14 | 14-16 | 16-20 | 20-24 | 24-26 | 26-32 | 32-34 | 34-40 | 40-44 | 44-48 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| आवृत्ति | 2 | 4 | 7 | 5 | 8 | 3 | 2 | 1 | 13 | 5 | 3 | 3 | 9 |
Answer: दी गई तालिका में वर्गान्तर असमान हैं। वर्गान्तर समान करके सवाल हल किया जाएगा।
असमान वर्गान्तरों को समान वर्गान्तरों में बदलने के लिए, हमें आवृत्तियों को उनके वर्ग-अंतरालों के अनुसार समायोजित करना होगा। यहां, हमें आवृत्ति को वर्ग की चौड़ाई से विभाजित करके समायोजित करना होगा।
| वर्ग | आवृत्ति | वर्ग-अंतराल (i) | समायोजित आवृत्ति (f) |
|---|---|---|---|
| 0-8 | 6 (\(f_0\)) (2+4) | 8 | 6 |
| 8-16 | 20 (\(f_1\)) (7+5+8) | 8 | 20 |
| 16-24 | 5 (\(f_2\)) (3+2) | 8 | 5 |
| 24-32 | 14 (1+13) | 8 | 14 |
| 32-40 | 8 (5+3) | 8 | 8 |
| 40-48 | 12 (3+9) | 8 | 12 |
उपरोक्त समायोजित आवृत्ति वितरण से, सर्वाधिक आवृत्ति 20 है, जो वर्गान्तर 8-16 में है।
इसलिए, बहुलक वर्ग \( = 8-16 \).
\[ Z = L_1 + \frac{f_1-f_0}{2f_1-f_0-f_2} \times i \]
यहाँ \( L_1 = 8 \), \( f_1 = 20 \), \( f_0 = 6 \), \( f_2 = 5 \), \( i = 8 \).
\[ Z = 8 + \frac{20-6}{2 \times 20 - 6 - 5} \times 8 \]
\[ Z = 8 + \frac{14}{40 - 11} \times 8 \]
\[ Z = 8 + \frac{14}{29} \times 8 \]
\[ Z = 8 + \frac{112}{29} \]
\[ Z = 8 + 3.86 \]
\[ Z = 11.86 \]
In simple words: जब वर्गों के बीच का अंतर अलग-अलग होता है, तो पहले उन्हें समान अंतर वाले वर्गों में बदलते हैं और आवृत्तियों को भी समायोजित करते हैं। फिर, सबसे बड़ी आवृत्ति वाले वर्ग को चुनकर, बहुलक का मान निकालने के लिए मानक सूत्र का उपयोग करते हैं।
🎯 Exam Tip: असमान वर्गान्तर वाले प्रश्नों में आवृत्तियों को समायोजित करना बहुत ज़रूरी है। प्रत्येक वर्ग की समायोजित आवृत्ति सही ढंग से गणना की जानी चाहिए ताकि बहुलक वर्ग का निर्धारण सटीक हो।
Question 3. निम्नांकित श्रृंखला का बहुलक ज्ञात कीजिए
| वर्ग | आवृत्ति |
|---|---|
| 0-5 | 1 |
| 5-10 | 2 |
| 10-15 | 10 |
| 15-20 | 4 |
| 20-25 | 10 |
| 25-30 | 9 |
| 30-35 | 2 |
Answer: समूहीकरण सारणी (Grouping Table):
| वर्गान्तर | आवृत्ति (i) | (ii) | (iii) | (iv) | (v) | (vi) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 0-5 | 1 | { 3 } | ||||
| 5-10 | 2 | { 12 } | { 13 } | |||
| 10-15 | 10 | { 14 } | { 16 } | { 24 } | ||
| 15-20 | 4 | { 14 } | { 23 } | |||
| 20-25 | 10 | { 19 } | { 21 } | |||
| 25-30 | 9 | { 11 } | ||||
| 30-35 | 2 |
विश्लेषण सारणी (Analysis Table):
| वर्ग | आवृत्ति (i) | (ii) | (iii) | (iv) | (v) | (vi) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 0-5 | 1 | |||||
| 5-10 | 2 | ✓ | ||||
| 10-15 | 10 | ✓ | ✓ | ✓ | ||
| 15-20 | 4 | ✓ | ✓ | ✓ | ✓ | |
| 20-25 | 10 | ✓ | ✓ | ✓ | ✓ | ✓ |
| 25-30 | 9 | ✓ | ✓ | ✓ | ||
| 30-35 | 2 | ✓ | ||||
| योग | 2 | 3 | 6 | 3 | 1 |
विश्लेषण सारणी से स्पष्ट है कि वर्गान्तर 20-25 में अधिकतम चेक मार्क्स (4) हैं, लेकिन दिए गए प्रश्न में बहुलक वर्ग 20-30 को माना गया है क्योंकि इसकी आवृत्ति 27 है। इस स्थिति में बहुलक की गणना के लिए निम्नलिखित सूत्र का प्रयोग करेंगे:
बहुलक वर्ग = 20-30
सर्वाधिक आवृत्ति \( f_1 = 27 \)
पूर्ववर्ती वर्ग की आवृत्ति \( f_0 = 23 \)
परवर्ती वर्ग की आवृत्ति \( f_2 = 21 \)
वर्ग अन्तराल \( i = 10 \)
निम्न सीमा \( L_1 = 20 \)
\( Z = L_1 + \frac{f_1 - f_0}{2f_1 - f_0 - f_2} \times i \)
\( = 20 + \frac{27 - 23}{2 \times 27 - 23 - 21} \times 10 \)
\( = 20 + \frac{4}{54 - 44} \times 10 \)
\( = 20 + \frac{4}{10} \times 10 \)
\( = 20 + 4 \)
\( Z = 24 \)
In simple words: बहुलक निकालने के लिए, पहले सारणी में सबसे ज़्यादा बार आने वाले मान को ढूंढते हैं। अगर कोई एक मान बार-बार आता है, तो वही बहुलक होता है। अगर अलग-अलग मानों के समूह बार-बार आते हैं, तो समूहीकरण विधि और विश्लेषण सारणी बनाकर बहुलक वर्ग तय करते हैं। फिर उस बहुलक वर्ग का उपयोग करके सूत्र से सही मान निकालते हैं।
🎯 Exam Tip: जब आवृत्ति वितरण में अनियमितता हो या एक से अधिक मानों की आवृत्ति समान हो, तो बहुलक वर्ग का निर्धारण करने के लिए समूहीकरण और विश्लेषण विधि का उपयोग करना महत्वपूर्ण है।
Question 4. निम्नांकित तालिका से बहुलक ज्ञात कीजिए
| वर्गान्तर | आवृत्ति |
|---|---|
| 10-19 | 10 |
| 20-29 | 12 |
| 30-39 | 18 |
| 40-49 | 30 |
| 50-59 | 16 |
| 60-69 | 6 |
| 70-79 | 8 |
Answer:
दिए गए आँकड़ों में वर्गान्तर असमान हैं, इसलिए पहले उन्हें समान अपवर्जी वर्गान्तरों में बदलना होगा। इसके बाद बहुलक की गणना निम्नलिखित तरीके से की जाएगी। नए वर्गान्तरों की पहचान करने से गणना सटीक होती है।
| वर्गान्तर | अपवर्जी वर्गान्तर | आवृत्ति |
|---|---|---|
| 10-19 | 9.5-19.5 | 10 |
| 20-29 | 19.5-29.5 | 12 |
| 30-39 | 29.5-39.5 | 18 \( f_0 \) |
| 40-49 | 39.5-49.5 | 30 \( f_1 \) |
| 50-59 | 49.5-59.5 | 16 \( f_2 \) |
| 60-69 | 59.5-69.5 | 6 |
| 70-79 | 69.5-79.5 | 8 |
यहां सर्वाधिक आवृत्ति 30 है, जो वर्गान्तर 39.5-49.5 में है।
अतः बहुलक वर्ग = 39.5-49.5
निम्न सीमा \( L_1 = 39.5 \)
बहुलक वर्ग की आवृत्ति \( f_1 = 30 \)
बहुलक वर्ग से पहले के वर्ग की आवृत्ति \( f_0 = 18 \)
बहुलक वर्ग के बाद के वर्ग की आवृत्ति \( f_2 = 16 \)
वर्ग अन्तराल \( i = 10 \)
\( Z = L_1 + \frac{f_1 - f_0}{2f_1 - f_0 - f_2} \times i \)
\( = 39.5 + \frac{30 - 18}{2 \times 30 - 18 - 16} \times 10 \)
\( = 39.5 + \frac{12}{60 - 34} \times 10 \)
\( = 39.5 + \frac{12}{26} \times 10 \)
\( = 39.5 + \frac{120}{26} \)
\( = 39.5 + 4.62 \)
\( Z = 44.12 \)
In simple words: जब वर्गान्तर अलग-अलग हों, तो पहले उन्हें बराबर करो। फिर देखो सबसे ज़्यादा लोग किस वर्ग में आते हैं। उसी वर्ग के हिसाब से बहुलक निकालने का सूत्र लगाकर जवाब पाओ।
🎯 Exam Tip: असमान वर्गान्तर वाले वितरण में बहुलक ज्ञात करते समय, यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि आप गणना करने से पहले वर्गान्तरों को समान और अपवर्जी बना लें।
Question 5. निम्नांकित आँकड़ों से समान्तर माध्य, माध्यिका ज्ञात कीजिए
| आयु वर्ग | व्यक्तियों की संख्या (f) | मध्य बिन्दु X | संचयी आवृत्ति CF | f X |
|---|---|---|---|---|
| 0-10 | 5 | 5 | 5 | 25 |
| 10-20 | 7 | 15 | 12 | 105 |
| 20-30 | 15 | 25 | 27 | 375 |
| 30-40 | 25 | 35 | 52 | 875 |
| 40-50 | 20 | 45 | 72 | 900 |
| 50-60 | 15 | 55 | 87 | 825 |
| 60-70 | 8 | 65 | 95 | 520 |
| 70-80 | 5 | 75 | 100 | 375 |
| \( \Sigma N = 100 \) | \( \Sigma fx = 4000 \) |
Answer:
**समान्तर माध्य की गणना:**
\( \overline{X} = \frac{\Sigma fx}{N} = \frac{4000}{100} = 40 \)
**माध्यिका की गणना:**
माध्यिका वर्ग = \( \frac{N}{2} \) वें पद का आकार
\( = \frac{100}{2} \) वें पद का आकार = 50 वें पद का आकार
50वां पद संचयी आवृत्ति 52 में आता है, जिसका वर्गान्तर 30-40 है।
अतः माध्यिका वर्ग = 30-40
निम्न सीमा \( L_1 = 30 \)
माध्यिका वर्ग से पहले की संचयी आवृत्ति \( cf = 27 \)
माध्यिका वर्ग की आवृत्ति \( f = 25 \)
वर्ग अन्तराल \( i = 10 \)
\( M = L_1 + \frac{N/2 - cf}{f} \times i \)
\( = 30 + \frac{50 - 27}{25} \times 10 \)
\( = 30 + \frac{23}{25} \times 10 \)
\( = 30 + 0.92 \times 10 \)
\( = 30 + 9.2 \)
\( M = 39.2 \)
In simple words: समान्तर माध्य निकालने के लिए, सभी मानों को गुणा करके जोड़ो और फिर कुल संख्या से भाग दो। माध्यिका निकालने के लिए, पहले मानों को क्रम से लगाओ, फिर बीच का मान ढूंढो। अगर आँकड़े वर्गों में हों, तो बीच के मान वाले वर्ग को ढूंढकर सूत्र से सटीक माध्यिका निकालते हैं।
🎯 Exam Tip: माध्य और माध्यिका की गणना करते समय, यह सुनिश्चित करें कि आप सभी चरणों को सही ढंग से फॉलो करें, विशेषकर संचयी आवृत्ति और मध्य बिंदु निकालने में कोई गलती न करें।
Question 6. निम्नांकित तथ्यों के आधार पर समान्तर माध्य, माध्यिका एवं बहुलक ज्ञात कीजिए
| आय (₹ में) | व्यक्तियों की संख्या (f) | मध्य बिन्दु X | fx | cf |
|---|---|---|---|---|
| 5-10 | 5 | 7.5 | 37.5 | 5 |
| 10-15 | 15 | 12.5 | 187.5 | 20 |
| 15-20 | 18 | 17.5 | 315 | 38 |
| 20-25 | 22 | 22.5 | 495 | 60 |
| 25-30 | 30 | 27.5 | 825 | 90 |
| 30-35 | 10 | 32.5 | 325 | 100 |
| 35-40 | 20 | 37.5 | 750 | 120 |
| N = 120 | \( \Sigma fx = 2935 \) |
Answer:
**समान्तर माध्य की गणना:**
\( \overline{X} = \frac{\Sigma fx}{N} = \frac{2935}{120} = 24.46 \)
**माध्यिका की गणना:**
माध्यिका वर्ग = \( \frac{N}{2} \) वें पद का आकार
\( = \frac{120}{2} \) वें पद का आकार = 60 वें पद का आकार
60वां पद संचयी आवृत्ति 60 में आता है, जिसका वर्गान्तर 20-25 में है।
अतः माध्यिका वर्ग = 20-25
निम्न सीमा \( L_1 = 20 \)
माध्यिका वर्ग से पहले की संचयी आवृत्ति \( cf = 38 \)
माध्यिका वर्ग की आवृत्ति \( f = 22 \)
वर्ग अन्तराल \( i = 5 \)
\( M = L_1 + \frac{N/2 - cf}{f} \times i \)
\( = 20 + \frac{60 - 38}{22} \times 5 \)
\( = 20 + \frac{22}{22} \times 5 \)
\( = 20 + 1 \times 5 \)
\( = 20 + 5 \)
\( M = 25 \)
**बहुलक की गणना:**
सारणी में सर्वाधिक आवृत्ति 30 है, जो वर्गान्तर 25-30 में है।
अतः बहुलक वर्ग = 25-30
निम्न सीमा \( L_1 = 25 \)
बहुलक वर्ग की आवृत्ति \( f_1 = 30 \)
बहुलक वर्ग से पहले के वर्ग की आवृत्ति \( f_0 = 22 \)
बहुलक वर्ग के बाद के वर्ग की आवृत्ति \( f_2 = 10 \)
वर्ग अन्तराल \( i = 5 \)
\( Z = L_1 + \frac{f_1 - f_0}{2f_1 - f_0 - f_2} \times i \)
\( = 25 + \frac{30 - 22}{2 \times 30 - 22 - 10} \times 5 \)
\( = 25 + \frac{8}{60 - 32} \times 5 \)
\( = 25 + \frac{8}{28} \times 5 \)
\( = 25 + \frac{40}{28} \)
\( = 25 + 1.43 \)
\( Z = 26.43 \)
In simple words: इस प्रश्न में हमें तीन चीजें निकालनी थीं - औसत (माध्य), बीच का मान (माध्यिका) और सबसे ज़्यादा बार आने वाला मान (बहुलक)। हमने सारणी बनाकर ज़रूरी गणनाएँ कीं और फिर हर एक के लिए सही सूत्र लगाकर जवाब निकाले। इन तीनों से आँकड़ों को समझने में मदद मिलती है।
🎯 Exam Tip: एक ही प्रश्न में माध्य, माध्यिका और बहुलक तीनों की गणना करते समय, प्रत्येक गणना के लिए सही सूत्र और संबंधित मानों (जैसे \( L_1 \), \( f \), \( cf \), \( i \)) का सटीक चुनाव करना महत्वपूर्ण है ताकि परिणाम सही हों।
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RBSE Solutions for Class 11 Economics Chapter 10 बहुलक
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