Step-by-Step Textbook Solutions for Class 11 Biology Chapter 08 जीवद्रव्य
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RBSE Class 11 Biology Chapter 8 वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 1. निम्न में से कौन सा जीवद्रव्य का गुण नहीं है –
(अ) कोलायडी विलयन
(ब) भयानता
(स) कोशिका का अजैव द्रव है।
(द) जीवत्व का गुण
Answer: (स) कोशिका का अजैव द्रव है।
In simple words: जीवद्रव्य (Protoplasm) एक जीवित पदार्थ है, इसलिए यह कोशिका का निर्जीव या अजैव द्रव नहीं है। यह जीवन का मूल आधार है, न कि कोई निष्क्रिय पदार्थ।
🎯 Exam Tip: वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में, प्रत्येक विकल्प को ध्यान से पढ़ें और गलत विकल्पों को हटाने की कोशिश करें। जीवद्रव्य की परिभाषाओं को याद रखना मदद करता है।
Question 2. हींग प्राप्त होता है -
(अ) फेरूला की जड़ों से
(ब) फेरूला की पत्तियों से
Answer: (अ) फेरूला की जड़ों से
In simple words: हींग फेरूला नाम के पौधे की जड़ों से निकाली जाती है, जो एक उपयोगी मसाला और दवा है।
🎯 Exam Tip: पौधों से प्राप्त होने वाले उत्पादों और उनके स्रोत को याद रखें, जैसे कि हींग जड़ों से मिलती है, जो वनस्पति विज्ञान का एक महत्वपूर्ण तथ्य है।
Question 4. जीवद्रव्य में सबसे अधिक कार्बनिक पदार्थ होता है –
(अ) वसा
(ब) प्रोटीन
(स) कार्बोहाइड्रेट्स
(द) न्यूक्लिक अम्ल
Answer: (ब) प्रोटीन
In simple words: जीवद्रव्य में सबसे ज़्यादा प्रोटीन होता है, जो कोशिका की संरचना और कार्यों के लिए बहुत ज़रूरी है।
🎯 Exam Tip: कोशिका के मुख्य घटकों और उनकी सापेक्षिक मात्राओं को याद रखना वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में सहायक होता है, खासकर जब कार्बनिक पदार्थों की बात आती है।
RBSE Class 11 Biology Chapter 8 अतिलघुत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. जीवद्रव्य में संचयी पदार्थों के नाम लिखो।
Answer: जीवद्रव्य में मुख्य संचयी पदार्थ ये हैं:
(i) कार्बोहाइड्रेट्स
(ii) वसा
(iii) प्रोटीन
ये पदार्थ कोशिकाओं द्वारा ऊर्जा के लिए या संरचना बनाने के लिए जमा किए जाते हैं, जो पौधे के विकास और जीवित रहने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
In simple words: जीवद्रव्य में जमा होने वाले पदार्थ कार्बोहाइड्रेट्स, वसा और प्रोटीन होते हैं।
🎯 Exam Tip: मुख्य संचयी पदार्थों के नाम याद रखें और उनकी भूमिका को समझें कि वे ऊर्जा या संरचना के लिए उपयोग होते हैं, और यह भी ध्यान दें कि ये कितने प्रकार के होते हैं।
Question 2. रबर किस पौधे से प्राप्त होता है ?
Answer: रबर मुख्य रूप से हीवीया ब्राजिलिएंसिस (Hevea brasiliensis) एवं फाइकस इलिस्टिका (Ficus elastica) पौधों से प्राप्त होता है। इन पौधों के तने से निकलने वाले सफेद लेटेक्स नामक तरल पदार्थ से प्राकृतिक रबर बनाया जाता है।
In simple words: रबर हीवीया ब्राजिलिएंसिस और फाइकस इलिस्टिका जैसे पौधों से मिलता है।
🎯 Exam Tip: विभिन्न पौधों से प्राप्त होने वाले उत्पादों और उनके विशिष्ट वैज्ञानिक नामों को याद रखें, क्योंकि यह अक्सर परीक्षाओं में पूछा जाता है।
Question 3. सिस्टोलिथ क्या है ?
Answer: सिस्टोलिथ कैल्सियम कार्बोनेट (calcium carbonate) के क्रिस्टल होते हैं जो कोशिका भित्ति पर अंगूर के गुच्छे के समान दिखते हैं। ये कुछ पौधों की कोशिकाओं में जमा होते हैं और कैल्शियम के भंडारण तथा सुरक्षात्मक कार्यों में सहायक होते हैं।
In simple words: सिस्टोलिथ कैल्शियम कार्बोनेट के छोटे-छोटे क्रिस्टल होते हैं जो कोशिका भित्ति पर गुच्छों में पाए जाते हैं।
🎯 Exam Tip: पौधों में पाए जाने वाले विभिन्न क्रिस्टल जमावटों (जैसे सिस्टोलिथ) की परिभाषा और रासायनिक संरचना को समझें, साथ ही उनके कार्य भी जानें।
RBSE Class 11 Biology Chapter 8 निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. गोंद किन पौधों से प्राप्त होता है ?
Answer: गोंद कई पौधों से मिलता है, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित शामिल हैं:
1. कीकर
2. बबूल
3. नीम
4. खेजड़ी
अकेसिया सनेगल (Acacia Senegal) से सबसे अच्छी गुणवत्ता वाला गोंद प्राप्त होता है, जिसका उपयोग कई उद्योगों, जैसे खाद्य और औषधि, में एक प्राकृतिक चिपकने वाले पदार्थ के रूप में होता है।
In simple words: गोंद कीकर, बबूल, नीम और खेजड़ी जैसे पौधों से मिलता है, और अकेसिया सनेगल से सबसे अच्छा गोंद आता है।
🎯 Exam Tip: गोंद जैसे प्राकृतिक उत्पादों के स्रोतों और उनके विशिष्ट उदाहरणों को याद रखें, यह समझना महत्वपूर्ण है कि विभिन्न पेड़-पौधे हमारे लिए क्या उपयोगी पदार्थ प्रदान करते हैं।
Question 2. रेजिन का महत्त्व क्या है ?
Answer: रेजिन का महत्व कई क्षेत्रों में है, जिनमें शामिल हैं:
1. यह लकड़ी को कठोर और टिकाऊ बनाता है, जिससे उसकी उम्र बढ़ती है और वह कीटों से सुरक्षित रहती है।
2. कनाडा बालसम (एक प्रकार का रेजिन) का उपयोग प्रयोगशालाओं में माइक्रोस्कोप स्लाइड बनाने में किया जाता है क्योंकि यह पारदर्शी होता है।
3. यह पेंट और वार्निश बनाने में काम आता है, जिससे सतहों को चमक और सुरक्षा मिलती है।
4. हींग भी एक प्रकार का रेजिन है, जिसका उपयोग दवाइयाँ बनाने में होता है, विशेषकर पाचन संबंधी समस्याओं में।
5. हींग का उपयोग मसाले के रूप में भी किया जाता है, जो खाने का स्वाद और सुगंध बढ़ाता है।
In simple words: रेजिन लकड़ी को मजबूत बनाता है, पेंट बनाने में काम आता है, और हींग जैसा रेजिन दवा और मसाले के रूप में उपयोग होता है।
🎯 Exam Tip: रेजिन के विभिन्न उपयोगों और उनके व्यावहारिक महत्व को याद रखना उपयोगी होता है, खासकर जब औद्योगिक और औषधीय अनुप्रयोगों की बात आती है।
Question 3. स्रावी पदार्थ क्या होते हैं ?
Answer: स्रावी पदार्थ (Secretory Substances) वे विशेष पदार्थ होते हैं जो पौधों की कोशिकाएं पोषण के अलावा अन्य कारणों से या कुछ खास मेटाबॉलिक क्रियाओं के दौरान बनाती हैं। ये पदार्थ पौधे की वृद्धि में सीधे तौर पर रचनात्मक हिस्सा नहीं लेते, बल्कि थैलियों या ग्रंथियों में पाए जाते हैं। ये कई प्रकार के होते हैं, जैसे:
1. विकर या एन्जाइम्स (Enzymes)
2. मकरन्द (Nectar)
ये पदार्थ अक्सर पौधे के लिए सुरक्षा, परागण, या अन्य विशेष कार्यों में सहायक होते हैं, जो उनके जीवित रहने और प्रजनन के लिए आवश्यक हैं।
In simple words: स्रावी पदार्थ वे खास चीजें हैं जो पौधे पोषण के अलावा दूसरे कामों के लिए बनाते हैं, जैसे एन्जाइम और मकरन्द।
🎯 Exam Tip: स्रावी पदार्थों की परिभाषा और उनके मुख्य उदाहरणों को समझें, साथ ही उनकी भूमिका भी जानें, क्योंकि यह पौधों के उपापचयी कार्यों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Question 3. संचयी पदार्थ कितने प्रकार के होते हैं ? उनका विस्तृत विवरण दीजिए।
Answer: संचित पदार्थ (Reserve Materials) वे पदार्थ होते हैं जो पौधे अपनी कोशिकाओं में खुद बनाते हैं और भविष्य में उपयोग के लिए जमा करते हैं। इन पदार्थों का उपयोग भोजन या पोषण के रूप में होता है। ये कोशिका रस (Cell sap) में घोल के रूप में या ठोस रूप में जीवद्रव्य में पाए जाते हैं। ये पौधे के विकास, ऊर्जा भंडारण और जीवित रहने के लिए महत्वपूर्ण हैं। ये कई प्रकार के होते हैं, जिनमें मुख्य हैं:
(1) कार्बोहाइड्रेट्स (Carbohydrates): ये कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के यौगिक हैं, जिनका सामान्य सूत्र \( (CH_2O)_n \) होता है। ये रासायनिक संरचना के आधार पर तीन मुख्य भागों में बांटे गए हैं:
• मोनोसैकेराइड: ये पानी में घुलनशील, मीठे और सबसे सरल शर्करा होते हैं, जैसे ट्रायोज, टेट्रोज, पेंटोज, हेक्सोज, हेप्टोज आदि।
• ओलिगोसैकेराइड: ये भी मीठे होते हैं और दो से दस मोनोसैकेराइड के बीच बनने वाले अणु होते हैं।
• पॉलीसैकेराइड: ये जटिल कार्बोहाइड्रेट होते हैं और कई मोनोसैकेराइड इकाइयों से मिलकर बनते हैं, जैसे स्टार्च और सेल्यूलोज।
(2) वसा (Lipids): वसा जीवद्रव्य में बूंदों के रूप में होती है और इसमें कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन मुख्य तत्व होते हैं। यह पानी में अघुलनशील और कार्बनिक विलायकों में घुलनशील होती है। वसा चिपचिपी और जल-विरोधी (Hydrophobic) होती है। इन्हें तरल रूप में तेल (Oil) कहते हैं और ये वसीय अम्लों तथा ग्लिसरॉल के अणुओं से मिलकर बनते हैं। वसा को तीन वर्गों में बांटा गया है:
• सरल लिपिड (Simple lipid)
• संयुक्त लिपिड (Compound lipid)
• व्युत्पन्न लिपिड (Derived lipid)
सरल लिपिड में वसा और तेल आते हैं, जिन्हें ट्राइग्लिसराइड भी कहते हैं। संयुक्त लिपिड तब बनते हैं जब सरल लिपिड अन्य पदार्थों से जुड़ते हैं, जैसे फॉस्फोलिपिड्स। व्युत्पन्न लिपिड सरल और संयुक्त लिपिड से मिलकर बनते हैं, जैसे स्टीरॉइड्स और विटामिन डी।
(3) प्रोटीन (Protein): प्रोटीन शब्द का अर्थ 'प्रथम स्थान' है। यह कोशिका में सबसे महत्वपूर्ण कार्बनिक पदार्थ है और इसकी संरचना बहुत विविधता वाली होती है। सजीवों के सभी गुण उनमें मौजूद प्रोटीनों के कारण होते हैं। प्रोटीन एमीनो अम्लों से बनते हैं, और लगभग 20 प्रकार के एमीनो अम्ल होते हैं। एमीनो अम्ल एक साथ मिलकर पेप्टाइड बंध बनाते हैं और लंबी श्रृंखलाएं बनाते हैं जिन्हें पॉलीपेप्टाइड या प्रोटीन कहते हैं। प्रोटीन की संरचना को मुख्य रूप से तीन प्रकार में बांटा गया है:
(i) सरल प्रोटीन
(ii) संयुग्मित प्रोटीन
(iii) व्युत्पन्न प्रोटीन
सरल प्रोटीन जल अपघटन से एमीनो अम्लों में टूटते हैं, जैसे एल्ब्यूमिन और ग्लोब्यूलिन, जो कोशिका में कई महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।
In simple words: संचित पदार्थ वे चीजें हैं जो पौधे अपनी ज़रूरत के लिए जमा करते हैं, जैसे कार्बोहाइड्रेट्स, वसा और प्रोटीन। ये ऊर्जा देते हैं या संरचना बनाते हैं और पौधों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।
🎯 Exam Tip: संचित पदार्थों की परिभाषा, उनके मुख्य प्रकार (कार्बोहाइड्रेट्स, वसा, प्रोटीन) और प्रत्येक प्रकार की विशेषताओं के साथ-साथ उनके उदाहरणों को भी विस्तृत रूप से याद रखें।
Question 4. मकरन्द एवं स्रावी एंजाइमों के महत्त्व को स्पष्ट करें।
Answer: स्रावी पदार्थ (Secretory Substances) पौधों की कोशिकाओं में बनने वाले वे विशेष पदार्थ हैं जो पोषण के अलावा अन्य विशेष मेटाबॉलिक क्रियाओं के कारण बनते हैं। ये पदार्थ पौधे की वृद्धि में सीधे तौर पर रचनात्मक भाग नहीं लेते, बल्कि थैलियों या ग्रंथियों में पाए जाते हैं। इनमें एंजाइम और मकरंद शामिल हैं, जिनका महत्व इस प्रकार है:
(1) विकर या एन्जाइम्स (Enzymes): लगभग सभी रासायनिक क्रियाएँ जो कोशिका में होती हैं, एन्जाइमों की उपस्थिति के कारण ही आसानी से पूरी होती हैं। सामान्य तापमान पर ये क्रियाएँ एन्जाइमों के बिना संभव नहीं हैं, इसलिए कोशिका अपनी आवश्यकतानुसार एन्जाइम बनाती रहती है। एन्जाइम विभिन्न प्रकार के उत्प्रेरक (Catalyst) का काम करते हैं और प्रत्येक एन्जाइम एक विशिष्ट क्रिया को उत्तेजित करता है। उदाहरण के लिए, एमाइलेज, माल्टेज, लाइपेज और कार्बोहाइड्रेजेज जैसे एन्जाइम कई रासायनिक क्रियाओं को चलाते हैं, जो जीवन प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक हैं।
(2) मकरन्द (Nectar): मकरन्द एक मीठा तरल पदार्थ है जो कुछ विशेष कोशिकाओं द्वारा बनाया जाता है। यह अक्सर फूलों या उनके आसपास की ग्रंथियों में पाया जाता है। मकरंद कीटों को परागण के लिए आकर्षित करता है, जिससे पौधे में परागण होता है। कीट इसका स्वाद लेने या भोजन के लिए आते हैं और अनजाने में परागण कर जाते हैं। मकरंद में मुख्य रूप से सुक्रोज (Sucrose) के साथ-साथ ग्लूकोज और फ्रुक्टोज जैसी अन्य शर्कराएँ भी होती हैं। मकरंद पौधों के प्रजनन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
In simple words: एन्जाइम कोशिका के अंदर रासायनिक क्रियाओं को तेज़ी से करते हैं। मकरंद फूलों में मीठा रस है जो कीटों को अपनी ओर खींचता है, जिससे परागण में मदद मिलती है।
🎯 Exam Tip: एंजाइम और मकरंद की भूमिका को स्पष्ट रूप से समझें, खासकर उनके जैविक कार्यों और महत्व को याद रखें, क्योंकि ये पौधों के अस्तित्व और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Question 5. एल्केलाइड्स क्या होते हैं ? किन्हीं पाँच का महत्त्व एवं प्राप्त स्रोत का नाम लिखिए।
Answer: एल्केलाइड्स (Alkaloids) नाइट्रोजनी उत्सर्जी पदार्थ होते हैं। ये जटिल कार्बनिक यौगिक हैं जिनमें नाइट्रोजन तत्व पाया जाता है। ये जल में अघुलनशील लेकिन अल्कोहल में घुलनशील होते हैं। ज्यादातर एल्केलाइड्स विषैले और स्वाद में कड़वे होते हैं, जो पौधों को शिकारियों से बचाने में मदद करते हैं। इनका दवाइयों में बहुत महत्व है, और इन्हें विभिन्न रोगों के उपचार में उपयोग किया जाता है। कुछ महत्वपूर्ण एल्केलाइड्स, उनके स्रोत और उपयोग नीचे दिए गए हैं:
| नाम एल्केलाइड्स | स्रोत | उपयोग |
|---|---|---|
| मार्फीन (Morphine) | कच्चे फलों से | निद्राकारक एवं दर्दनिवारक दवा |
| निकोटीन (Nicotine) | तम्बाकू की पत्तियों से | निद्राकारक एवं दर्दनिवारक दवा |
| एट्रोपीन (Atropine) | एट्रोपा बेलेडोना (Atropa baladona) की जड़ों से | आँखों की औषधि एवं तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करने में |
| रेसरपीन (Rasrpine) | राउलफिया सर्पेन्टाइना की जड़ों से | उच्च रुधिर चाप को कम करने में |
| थीइन (Theine) | चाय की पत्तियों से | उत्तेजक के रूप में |
| टेक्सॉल (Texsole) | टेक्सस (जिम्नोस्पर्म) पादप से | कैंसर रोधी दवा के निर्माण में |
एल्केलाइड्स दवाओं और पेय पदार्थों में उपयोग किए जाते हैं। पौधों में ग्लाइकोसाइड्स भी होते हैं, जो कार्बोहाइड्रेट्स के टूटने से बनते हैं। डिजीटाक्सिन (digitoxin) नामक ग्लाइकोसाइड फॉक्सग्लोव (Foxglove Digitalis purpurea) पौधे में पाया जाता है और हृदय के लिए बहुत उत्तेजक होता है, जिससे यह हृदय रोगों के उपचार में उपयोगी है।
In simple words: एल्केलाइड्स नाइट्रोजन वाले पदार्थ हैं जो पौधों को बचाने में मदद करते हैं और दवाइयों में उपयोग होते हैं। जैसे मॉर्फिन, निकोटीन, एट्रोपीन, रेसरपीन, थीइन और टेक्सॉल।
🎯 Exam Tip: एल्केलाइड्स की परिभाषा, उनके औषधीय महत्व, और कम से कम पाँच प्रमुख एल्केलाइड्स के नाम, उनके स्रोत और उपयोगों को याद रखें, क्योंकि यह जीव विज्ञान और फार्माकोलॉजी दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
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RBSE Solutions for Class 11 Biology Chapter 08 जीवद्रव्य
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