RBSE Solutions Class 10 Science Chapter 11 कार्य, ऊर्जा और शक्ति

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Detailed Chapter 11 कार्य, ऊर्जा और शक्ति RBSE Solutions for Class 10 Science

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Class 10 Science Chapter 11 कार्य, ऊर्जा और शक्ति RBSE Solutions PDF

बहुचयनात्मक प्रश्न

 

Question 1. कार्य का मात्रक है
(क) न्यूटन
(ख) जूल
(ग) वाट
(घ) इनमें से कोई नहीं
Answer: (ख) जूल
In simple words: कार्य को मापने की इकाई जूल है. यह बताती है कि कितना काम किया गया.

🎯 Exam Tip: कार्य का मात्रक जूल (Joule) होता है, जो ऊर्जा का भी मात्रक है, जबकि शक्ति का मात्रक वाट (Watt) होता है.

 

Question 2. यदि बल F व विस्थापन s के मध्य \( \theta \) कोण बन रहा हो तो किये गये कार्य का मान होगा
(क) Fs sin \( \theta \)
(ख) Fs \( \theta \)
(ग) Fs cos \( \theta \)
(घ) Fs tan \( \theta \)
Answer: (ग) Fs cos \( \theta \)
In simple words: जब किसी वस्तु पर बल लगाया जाता है और वह हिलती है, तो किया गया काम बल, विस्थापन और बल व विस्थापन के बीच के कोण के cos \( \theta \) के गुणनफल के बराबर होता है.

🎯 Exam Tip: कार्य तभी होता है जब बल की दिशा में विस्थापन हो; कोण \( \theta \) का cos \( \theta \) घटक वही बताता है जो बल की दिशा में विस्थापन होता है.

 

Question 3. m द्रव्यमान की वस्तु \( v \) वेग से गतिमान हो तो गतिज ऊर्जा का मान होगा-
(क) mv
(ख) mgv
(ग) mv²
(घ) \( \frac {1}{2}mv^2 \)
Answer: (घ) \( \frac {1}{2}mv^2 \)
In simple words: किसी चलती हुई वस्तु में जो ऊर्जा होती है, उसे गतिज ऊर्जा कहते हैं, जिसका मान वस्तु के द्रव्यमान और उसके वेग के वर्ग के आधे गुणनफल के बराबर होता है.

🎯 Exam Tip: गतिज ऊर्जा वेग के वर्ग के समानुपाती होती है, इसलिए वेग दोगुना होने पर गतिज ऊर्जा चार गुना हो जाती है.

 

Question 4. m द्रव्यमान की वस्तु पृथ्वी से h ऊँचाई पर स्थित हो तो उसकी स्थितिज ऊर्जा का मान होगा
(क) mgh
(ख) \( \frac {mg}{h} \)
(ग) \( \frac {mh}{g} \)
(घ) \( \frac {1}{2}mgh^2 \)
Answer: (क) mgh
In simple words: जब कोई वस्तु ऊँचाई पर होती है, तो उसमें उसकी स्थिति के कारण एक ऊर्जा जमा हो जाती है, जिसे स्थितिज ऊर्जा कहते हैं. यह उसके द्रव्यमान, गुरुत्वाकर्षण और ऊँचाई के गुणनफल के बराबर होती है.

🎯 Exam Tip: स्थितिज ऊर्जा केवल वस्तु की ऊँचाई पर निर्भर करती है, उसके पथ पर नहीं कि वह उस ऊँचाई तक कैसे पहुँची.

 

Question 6. 1 kg द्रव्यमान को 4 मीटर ऊँचाई पर ले जाने में किये गये कार्य का मान होगा-(g = 10 m/s²)
(क) 1 जूल
(ख) 4 जूल।
(ग) 20 जूल
(घ) 40 जूल
Answer: (घ) 40 जूल
In simple words: 1 किलो पानी को 4 मीटर ऊपर उठाने में 40 जूल काम करना पड़ेगा, क्योंकि काम गुरुत्वाकर्षण बल के खिलाफ होता है.

🎯 Exam Tip: गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध किए गए कार्य की गणना \( W = mgh \) सूत्र से होती है, जहाँ \( m \) द्रव्यमान, \( g \) गुरुत्वाकर्षण त्वरण और \( h \) ऊँचाई है.

 

Question 7. पृथ्वी की ओर मुक्त रूप से गिरती हुई वस्तु की कुल ऊर्जा का मान
(क) बढ़ता जाता है।
(ख) घटता जाता है।
(ग) स्थिर रहता है।
(घ) शून्य हो जाता है।
Answer: (ग) स्थिर रहता है।
In simple words: जब कोई वस्तु नीचे गिरती है, तो उसकी स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा में बदल जाती है, लेकिन कुल ऊर्जा हमेशा एक समान रहती है. यह ऊर्जा संरक्षण का नियम है.

🎯 Exam Tip: ऊर्जा संरक्षण के नियम के अनुसार, किसी विलगित निकाय की कुल ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है और न ही नष्ट की जा सकती है, वह केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदलती है.

 

Question 8. यदि एक वस्तु का वेग दो गुना कर दिया जाए तो वस्तु की गतिज ऊर्जा कितनी होगी?
(क) एक-चौथाई
(ख) आधी
(ग) दोगुनी।
(घ) चार-गुनी
Answer: (घ) चार-गुनी
In simple words: चूंकि गतिज ऊर्जा वेग के वर्ग पर निर्भर करती है, तो वेग को दोगुना करने पर गतिज ऊर्जा \( (2)^2 = 4 \) गुना हो जाएगी.

🎯 Exam Tip: गतिज ऊर्जा का सूत्र \( K = \frac{1}{2}mv^2 \) है, जो दर्शाता है कि वेग का प्रभाव द्रव्यमान के प्रभाव की तुलना में गतिज ऊर्जा पर अधिक होता है.

 

Question 9. विद्युत ऊर्जा का व्यावसायिक मात्रक है
(क) जूल
(ख) वाट-सेकण्ड
(ग) किलोवाट घण्टा
(घ) किलोवाट प्रति घण्टा
Answer: (ग) किलोवाट घण्टा
In simple words: हमारे घरों में जो बिजली का बिल आता है, वह किलोवाट घण्टा में मापी गई बिजली की खपत के आधार पर होता है. इसे एक यूनिट भी कहते हैं.

🎯 Exam Tip: 1 किलोवाट-घण्टा (kWh) 1000 वाट की शक्ति को एक घंटे तक उपयोग करने पर खर्च हुई ऊर्जा की मात्रा के बराबर होता है.

 

Question 10. एक स्प्रिंग को प्रत्यास्थता सीमा में \( x \) दूरी तक संपीडित करने पर उसमें अर्जित स्थितिज ऊर्जा का मान होगा (स्प्रिंग नियतांक k है)
(क) kx
(ख) \( \frac {1}{2}kx^2 \)
(ग) \( kx^2 \)
(घ) इनमें से कोई नहीं
Answer: (ख) \( \frac {1}{2}kx^2 \)
In simple words: जब एक स्प्रिंग को दबाया या खींचा जाता है, तो उसमें एक ऊर्जा जमा हो जाती है, जिसे स्थितिज ऊर्जा कहते हैं. यह ऊर्जा स्प्रिंग के लचीलेपन और स्प्रिंग में हुए बदलाव के वर्ग पर निर्भर करती है.

🎯 Exam Tip: स्प्रिंग में संग्रहित ऊर्जा को प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा कहते हैं, जो स्प्रिंग को उसकी मूल स्थिति से विस्थापित करने में किए गए कार्य के बराबर होती है.

 

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. कार्य की परिभाषा दीजिये एवं इसका मात्रक लिखिये।।
Answer: कार्य तब होता है जब किसी वस्तु पर बल लगाकर उसे बल की दिशा में विस्थापित किया जाता है. किया गया कार्य बल और बल की दिशा में हुए विस्थापन के गुणनफल के बराबर होता है. इसका सूत्र \( W = F \cdot S \) है. कार्य का MKS पद्धति में मात्रक जूल (Joule) है. गुरुत्वाकर्षण बल भी एक प्रकार का कार्य करता है.
In simple words: काम तब होता है जब हम किसी चीज़ पर ताकत लगाते हैं और वह ताकत की दिशा में हिलती है. इसकी इकाई जूल है.

🎯 Exam Tip: कार्य एक अदिश राशि है, जिसका मतलब है कि इसकी केवल मात्रा होती है, दिशा नहीं. कार्य की गणना करते समय बल और विस्थापन के बीच का कोण महत्वपूर्ण होता है.

 

Question 2. ऊर्जा क्या है ? ऊर्जा का मात्रक लिखिये।
Answer: किसी वस्तु की कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं. ऊर्जा एक अदिश राशि है, जिसका मतलब है कि इसकी कोई विशेष दिशा नहीं होती. ऊर्जा का मात्रक जूल (Joule) होता है, जो कार्य का भी मात्रक है. सूर्य से मिलने वाली ऊर्जा पृथ्वी पर जीवन का आधार है.
In simple words: ऊर्जा वह ताकत है जिससे कोई काम हो सकता है. इसे जूल में मापते हैं.

🎯 Exam Tip: ऊर्जा के विभिन्न रूप होते हैं जैसे गतिज ऊर्जा, स्थितिज ऊर्जा, रासायनिक ऊर्जा, विद्युत ऊर्जा आदि, और ये रूप एक-दूसरे में परिवर्तित हो सकते हैं.

 

Question 3. गतिज ऊर्जा से आप क्या समझते हैं ?
Answer: गतिज ऊर्जा वह ऊर्जा है जो किसी वस्तु में उसकी गति के कारण होती है. यह वस्तु को कार्य करने की क्षमता देती है. उदाहरण के लिए, एक उड़ता हुआ हवाई जहाज, नदी में बहता हुआ पानी, या चलती हुई कार, इन सभी में उनकी गति के कारण कार्य करने की क्षमता होती है. गतिज ऊर्जा का मान वस्तु के द्रव्यमान और उसके वेग पर निर्भर करता है.
In simple words: चलती हुई चीज़ों में जो ताकत होती है, उसे गतिज ऊर्जा कहते हैं. जैसे चलती कार या उड़ता प्लेन.

🎯 Exam Tip: गतिज ऊर्जा का सूत्र \( K = \frac{1}{2}mv^2 \) है, जहाँ \( m \) द्रव्यमान और \( v \) वेग है. इससे पता चलता है कि वेग बदलने पर गतिज ऊर्जा में तेजी से बदलाव आता है.

 

Question 5. ऊर्जा संरक्षण नियम बताइये।
Answer: ऊर्जा संरक्षण के नियम के अनुसार, किसी विलगित निकाय (यानी जिस पर बाहर से कोई बल न लग रहा हो) की कुल ऊर्जा हमेशा स्थिर रहती है. इसका मतलब है कि ऊर्जा को न तो बनाया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है. ऊर्जा केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदली जा सकती है. जैसे-जैसे ईंधन जलता है, रासायनिक ऊर्जा ऊष्मा ऊर्जा में बदल जाती है.
In simple words: यह नियम कहता है कि ऊर्जा कभी खत्म नहीं होती और न ही नई बनती है. यह बस अपना रूप बदलती रहती है, पर कुल मात्रा वही रहती है.

🎯 Exam Tip: यह नियम प्रकृति के मौलिक सिद्धांतों में से एक है और भौतिकी के कई क्षेत्रों में लागू होता है, जैसे यांत्रिकी, ऊष्मागतिकी और विद्युत चुंबकत्व.

 

Question 6. ऊर्जा का क्षय सामान्यतया किन-किन रूपों में होता है ?
Answer: ऊर्जा का क्षय मुख्य रूप से तीन रूपों में होता है:
• ऊष्मा ऊर्जा: यह ऊर्जा का सबसे आम क्षय रूप है, जैसे बल्ब जलने पर गर्मी निकलना.
• प्रकाश ऊर्जा: कुछ प्रक्रियाओं में, ऊर्जा का एक हिस्सा प्रकाश के रूप में बेकार चला जाता है.
• ध्वनि ऊर्जा: टक्कर या घर्षण जैसी प्रक्रियाओं में ऊर्जा का एक हिस्सा ध्वनि के रूप में नष्ट हो जाता है. यह ऊर्जा आमतौर पर हमारे लिए उपयोगी नहीं होती है.
In simple words: ऊर्जा आमतौर पर गर्मी, रोशनी और आवाज़ के रूप में बेकार हो जाती है, जो हमें काम में नहीं आती.

🎯 Exam Tip: ऊर्जा का क्षय हमेशा होता है जब ऊर्जा एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित होती है, जिससे प्रणाली की दक्षता कम हो जाती है.

 

Question 7. क्या एक शत प्रतिशत दक्ष निकाय बनाया जा सकता है?
Answer: नहीं, एक शत प्रतिशत दक्ष निकाय बनाना संभव नहीं है. ऐसा इसलिए है क्योंकि ऊर्जा का कुछ हिस्सा हमेशा ऊष्मा ऊर्जा, प्रकाश ऊर्जा और ध्वनि ऊर्जा के रूप में बेकार चला जाता है. प्रकृति में कोई भी प्रणाली 100% कुशल नहीं हो सकती क्योंकि हमेशा कुछ न कुछ ऊर्जा का क्षय होता ही है. यह ऊष्मागतिकी के दूसरे नियम के कारण होता है.
In simple words: नहीं, कोई भी मशीन या सिस्टम 100% परफेक्ट नहीं हो सकता. कुछ ऊर्जा हमेशा बेकार चली जाती है, जैसे गर्मी या आवाज़ में.

🎯 Exam Tip: ऊष्मागतिकी का दूसरा नियम बताता है कि ऊर्जा रूपांतरण के दौरान हमेशा कुछ ऊर्जा अनुपयोगी रूप में बदल जाती है, जिससे दक्षता कभी भी 100% नहीं हो सकती.

 

Question 8. विद्युत ऊर्जा से आपका क्या अभिप्राय है?
Answer: विद्युत ऊर्जा वह ऊर्जा है जो आवेशित कणों में होती है. जब कणों पर आवेश होता है, तो उनके चारों ओर एक विद्युत क्षेत्र बनता है. यह विद्युत क्षेत्र पास के अन्य आवेशित कणों पर बल लगाता है और उन्हें गति प्रदान करता है. इस गति के कारण ऊर्जा का संचरण होता है. यह ऊर्जा हमारे घरों में रोशनी और उपकरण चलाने में काम आती है.
In simple words: विद्युत ऊर्जा वह है जो बिजली के छोटे-छोटे कणों (आवेशों) में होती है. यह कण जब हिलते हैं, तो ऊर्जा बनती है और चीज़ें चलती हैं.

🎯 Exam Tip: विद्युत ऊर्जा का उपयोग मोटर, हीटर, बल्ब जैसे विभिन्न उपकरणों में किया जाता है, जो इसे यांत्रिक, ऊष्मा या प्रकाश ऊर्जा में बदलते हैं.

 

Question 9. कोई तीन प्रकार के विद्युत संयंत्रों के नाम लिखिये।
Answer: वर्तमान में विद्युत ऊर्जा कई प्रकार के संयंत्रों से प्राप्त की जाती है. इनमें से मुख्य तीन प्रकार के विद्युत संयंत्र निम्न हैं:
1. जल-विद्युत संयंत्र
2. पवन-बिजली संयंत्र
3. सौर ऊर्जा संयंत्र
4. नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र
5. कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्र
ये सभी संयंत्र अलग-अलग स्रोतों का उपयोग करके बिजली बनाते हैं और पर्यावरण पर उनका प्रभाव भी अलग-अलग होता है.
In simple words: बिजली बनाने वाले तीन मुख्य तरह के प्लांट हैं: पानी से बिजली बनाने वाले, हवा से बिजली बनाने वाले और सूरज की रोशनी से बिजली बनाने वाले.

🎯 Exam Tip: विद्युत संयंत्रों का चयन ऊर्जा स्रोत की उपलब्धता, पर्यावरण पर प्रभाव और उत्पादन लागत जैसे कारकों पर निर्भर करता है.

 

Question 10. शक्ति किसे कहते हैं? शक्ति का मात्रक लिखिये।
Answer: शक्ति (Power) का मतलब है कार्य करने की दर. अगर कोई साधन \( t \) समय में \( W \) कार्य करता है, तो उस साधन की शक्ति \( P \) को निम्न सूत्र से दिया जाता है: \( P = \frac{W}{t} \). शक्ति का मात्रक जूल प्रति सेकण्ड (\( \text{Joule/second} \)) है, जिसे वाट (Watt) भी कहते हैं. यह बताता है कि कोई मशीन कितनी तेजी से काम कर सकती है.
In simple words: शक्ति यह बताती है कि कोई काम कितनी तेज़ी से किया गया. इसे वाट में मापते हैं.

🎯 Exam Tip: शक्ति एक अदिश राशि है और यह ऊर्जा के उपयोग की दर को दर्शाती है. 1 वाट का मतलब है 1 जूल प्रति सेकंड की दर से कार्य करना.

 

Question 11. घरों में बिजली की खपत कम करने के लिये कौनसी लाइट का प्रयोग उचित होगा?
Answer: घरों में बिजली की खपत कम करने के लिए CFL (Compact Fluorescent Lamp) और LED (Light Emitting Diode) लाइटों का उपयोग करना सबसे उचित होता है. ये लाइटें पुरानी incandescent बल्बों की तुलना में बहुत कम बिजली का उपयोग करती हैं और अधिक रोशनी देती हैं. LED लाइटें CFL से भी ज़्यादा कुशल होती हैं और ज़्यादा समय तक चलती हैं.
In simple words: बिजली बचाने के लिए घरों में CFL और LED बल्ब का इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि ये कम बिजली खर्च करते हैं.

🎯 Exam Tip: LED लाइटें सबसे अधिक ऊर्जा-कुशल होती हैं और इनका जीवनकाल भी लंबा होता है, जिससे बिजली की बचत के साथ-साथ रखरखाव का खर्च भी कम होता है.

 

Question 12. नये घरेलू बिजली से चलने वाले उपकरणों को खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिये?
Answer: नये घरेलू बिजली के उपकरण खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
• ज़्यादा स्टार रेटिंग वाले उपकरण खरीदने चाहिए, क्योंकि ये ज़्यादा ऊर्जा दक्ष होते हैं और 30% तक कम बिजली की खपत करते हैं.
• हमें उतनी ही क्षमता का उपकरण खरीदना चाहिए, जितनी हमारी ज़रूरत हो. ज़्यादा क्षमता वाले उपकरण खरीदने से ज़्यादा ऊर्जा खर्च होती है. उच्च रेटिंग वाले उपकरण अक्सर थोड़े महंगे होते हैं, लेकिन लंबी अवधि में वे बिजली के बिलों में बचत करके लाभ देते हैं.
In simple words: नए बिजली के उपकरण खरीदते समय, ज़्यादा स्टार रेटिंग वाले और अपनी ज़रूरत के हिसाब से सही क्षमता वाले उपकरण चुनें, ताकि बिजली कम खर्च हो.

🎯 Exam Tip: BEE (Bureau of Energy Efficiency) स्टार रेटिंग उपभोक्ताओं को ऊर्जा दक्षता के बारे में सूचित निर्णय लेने में मदद करती है, जिससे वे ऊर्जा बचाने वाले उपकरण चुन सकें.

 

Question 13. एक वस्तु पर 20 N बल लगाने पर वह 10 m विस्थापित हो जाती है। किये गये कार्य की गणना कीजिए।
Answer: किया गया कार्य \( (W) \) की गणना बल \( (F) \) और विस्थापन \( (S) \) के गुणनफल से की जाती है. यहाँ बल 20 N और विस्थापन 10 m है.
\( W = F \times S \)
\( W = 20 \text{ N} \times 10 \text{ m} \)
\( W = 200 \text{ Nm} \)
\( W = 200 \text{ जूल} \)
अतः वस्तु पर 200 जूल कार्य किया गया. यह एक सीधा-साधा बल और विस्थापन का मामला है.
In simple words: जब 20 N की ताकत लगाई और चीज़ 10 m हिली, तो कुल 200 जूल काम हुआ.

🎯 Exam Tip: कार्य एक अदिश राशि है, और इसकी गणना करते समय यह मान लिया जाता है कि बल और विस्थापन एक ही दिशा में हैं, जब तक कि कोण न दिया गया हो.

 

Question 15. 60 W का एक बल्ब 8 घण्टे प्रतिदिन जलाया जाए तो 30 दिन में कुल कितनी विद्युत यूनिट का उपयोग होगा?
Answer: विद्युत यूनिट (किलोवाट-घण्टा) में बिजली की खपत की गणना करने के लिए, हमें शक्ति (वाट), प्रतिदिन जलने के घंटे और कुल दिनों की संख्या का उपयोग करना होगा.
बल्ब की शक्ति \( P = 60 \text{ W} \)
प्रतिदिन जलने का समय \( t = 8 \text{ घण्टे} \)
कुल दिन = 30
एक दिन में कुल घंटे = \( 8 \text{ घण्टे} \times 30 \text{ दिन} = 240 \text{ घण्टे} \)
कुल ऊर्जा खपत \( = \frac{\text{वाट} \times \text{घण्टा}}{1000} \)
\( = \frac{60 \times 8 \times 30}{1000} \)
\( = \frac{14400}{1000} \)
\( = 14.4 \text{ kWh} \)
\( = 14.4 \text{ यूनिट} \)
अतः 30 दिनों में कुल 14.4 यूनिट बिजली का उपयोग होगा. यह गणना हमें बिजली के बिल को समझने में मदद करती है.
In simple words: 60 वॉट का बल्ब अगर 8 घंटे रोज़ 30 दिन चले, तो 14.4 यूनिट बिजली खर्च होगी.

🎯 Exam Tip: ध्यान रखें कि विद्युत ऊर्जा की खपत की गणना हमेशा किलोवाट-घण्टा (kWh) में की जाती है, जो कि व्यापारिक मात्रक 'यूनिट' है, न कि जूल में.

 

लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. कार्य से आप क्या समझते हैं? यदि विस्थापन की दिशा बल की दिशा से भिन्न हो तो कार्य की गणना कैसे की जाती है? उदाहरण सहित समझाइये।
Answer: कार्य का मतलब है जब किसी वस्तु पर बल लगाया जाता है और वह बल की दिशा में विस्थापित होती है. कार्य, बल और बल की दिशा में हुए विस्थापन के गुणनफल के बराबर होता है, यानी \( W = F \times S \).
यदि बल \( F \) और विस्थापन \( S \) के बीच \( \theta \) कोण हो (यानी बल की दिशा विस्थापन की दिशा से अलग हो), तो कार्य की गणना बल के घटक \( F \cos \theta \) द्वारा की जाती है जो विस्थापन की दिशा में होता है.
\[ W = F \cos \theta \times S = Fs \cos \theta \]
उदाहरण के लिए, जब एक बच्चा खिलौना कार को रस्सी से खींचता है: मान लीजिए बच्चा रस्सी को क्षैतिज सतह से 60° के कोण पर खींच रहा है, और कार 10 मीटर चलती है. यहाँ बल (रस्सी का खिंचाव) विस्थापन की दिशा (कार के चलने की दिशा) से भिन्न कोण पर है. इस मामले में, काम केवल बल के उस हिस्से से होता है जो कार के चलने की दिशा में है.
Question 1. ऊर्जा किसे कहते हैं ? सिद्ध कीजिये कि वस्तु द्वारा सम्पन्न कार्य उसकी दो विभिन्न अवस्थाओं में विद्यमान गतिज ऊर्जा के अन्तर के बराबर होता है।
Answer: ऊर्जा किसी वस्तु की कार्य करने की क्षमता को कहते हैं। बिना ऊर्जा के कोई भी काम संभव नहीं है, चाहे वह शारीरिक हो या यांत्रिक। ऊर्जा का मापन उस कुल कार्य से किया जाता है जो वस्तु किसी खास स्थिति में पहुँचकर करती है, जब वह और कार्य नहीं कर पाती।

कार्य-ऊर्जा प्रमेय का सिद्धीकरण:
माना एक वस्तु जिसका द्रव्यमान \(m\) है, प्रारंभिक वेग \(u\) से गतिमान है। इस पर एक बल \(F\) लगाया जाता है जिससे यह \(s\) दूरी विस्थापित होती है और इसका अंतिम वेग \(v\) हो जाता है। इस दौरान वस्तु में त्वरण \(a\) उत्पन्न होता है।

गति के तीसरे समीकरण से:
\( v^2 = u^2 + 2as \)
\( v^2 - u^2 = 2as \)
\( \implies a = \frac{v^2 - u^2}{2s} \)

न्यूटन के गति के द्वितीय नियम से:
\( F = ma \)
\( \implies F = m \left( \frac{v^2 - u^2}{2s} \right) \)

किया गया कार्य \(W\) बल और विस्थापन के गुणनफल के बराबर होता है:
\( W = F \times s \)
\( \implies W = m \left( \frac{v^2 - u^2}{2s} \right) \times s \)
\( \implies W = \frac{1}{2} m(v^2 - u^2) \)
\( \implies W = \frac{1}{2} mv^2 - \frac{1}{2} mu^2 \)

यहाँ, \( \frac{1}{2} mu^2 \) प्रारंभिक गतिज ऊर्जा (\(E_{k_i}\)) है और \( \frac{1}{2} mv^2 \) अंतिम गतिज ऊर्जा (\(E_{k_f}\)) है।
अतः,
\( W = E_{k_f} - E_{k_i} \)
या
\( W = \Delta E_k \)
इस प्रकार, किया गया कार्य वस्तु की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है। यह कार्य-ऊर्जा प्रमेय कहलाता है, जो बताता है कि बल द्वारा किया गया शुद्ध कार्य वस्तु की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के समान होता है।
In simple words: ऊर्जा का मतलब है काम करने की शक्ति। जब हम किसी चीज पर बल लगाते हैं और वह अपनी जगह से हिल जाती है, तो हमने काम किया। यह काम उस चीज की गति में बदलाव के बराबर होता है।

🎯 Exam Tip: ऊर्जा की परिभाषा में 'कार्य करने की क्षमता' और 'SI मात्रक जूल' प्रमुख बिन्दु हैं। कार्य-ऊर्जा प्रमेय के सिद्धीकरण में न्यूटन के गति के नियम और कार्य के सूत्र का सही उपयोग करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. विद्युत ऊर्जा क्या है? निम्न संयंत्रों में विद्युत ऊर्जा का उत्पादन कैसे होता है? समझाइये।
(अ) जल-विद्युत संयंत्र
(ब) पवन-बिजली संयंत्र
(स) सौर-ऊर्जा संयंत्र
Answer: आवेशित कणों में निहित ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा कहते हैं। जब कण आवेशित होते हैं, तो उनके चारों ओर एक विद्युत क्षेत्र बनता है। यह विद्युत क्षेत्र पास के दूसरे आवेशित कणों पर बल लगाता है और उन्हें गति देता है, जिससे ऊर्जा का स्थानांतरण होता है।

विभिन्न संयंत्रों में विद्युत ऊर्जा का उत्पादन इस प्रकार होता है:
(अ) जल-विद्युत संयंत्र: इन संयंत्रों में बाँध बनाकर पानी की स्थितिज ऊर्जा को बढ़ाया जाता है। ऊँचाई पर जमा पानी को टरबाइन पर गिराया जाता है, जिससे पानी की स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा में बदल जाती है। यह गतिज ऊर्जा टरबाइन को घुमाती है। टरबाइन से जुड़ा जनरेटर फिर इस यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदल देता है। इस तरह बहता पानी बिजली बनाता है।
(ब) पवन-बिजली संयंत्र: पवन चक्की एक ऐसा उपकरण है जो हवा की गतिज ऊर्जा का उपयोग करके टरबाइन को घुमाती है, जिससे जनरेटर द्वारा बिजली बनती है। ये नवीकरणीय ऊर्जा के स्रोत हैं और पर्यावरण के लिए फायदेमंद होते हैं। पवन चक्कियाँ अक्सर उन जगहों पर लगाई जाती हैं जहाँ साल भर तेज हवाएँ चलती हैं। पवन ऊर्जा का उपयोग यांत्रिक ऊर्जा को बिजली में बदलने के लिए किया जाता है।
स्तम्भ नियंत्रक पंखुड़ी रोटर हवा ब्रेक गिअर बॉक्स जनित्र निम्न वेग शॉफ्ट उच्च वेगी शॉफ्ट चित्र - पवन ऊर्जा संयंत्र
(स) सौर-ऊर्जा संयंत्र: सूर्य से मिलने वाली ऊर्जा को लेंस और दर्पणों की मदद से एक जगह इकट्ठा किया जाता है, जिससे बहुत ज़्यादा गर्मी पैदा होती है। इस गर्मी से पानी को भाप में बदला जाता है। यह भाप फिर एक टरबाइन को घुमाती है और टरबाइन से जुड़ा जनरेटर यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदल देता है। इस प्रकार सूर्य की ऊर्जा से बिजली का उत्पादन होता है, जो पर्यावरण के लिए स्वच्छ है।
बॉयलर कोयला (या सौर ऊर्जा) नदी या झील पानी भाप टरबाइन जनित्र द्रवणित्र शीतलक चित्र - कोयला संयंत्र (सौर ऊर्जा अनुकूलित)
In simple words: विद्युत ऊर्जा वह ऊर्जा है जो बिजली के कणों में होती है। जल-संयंत्र में पानी की ताकत से बिजली बनती है, पवन-संयंत्र में हवा की ताकत से, और सौर-संयंत्र में सूरज की गर्मी से भाप बनाकर बिजली पैदा की जाती है।

🎯 Exam Tip: विद्युत ऊर्जा की परिभाषा याद रखें और प्रत्येक संयंत्र के मुख्य ऊर्जा स्रोत (पानी, हवा, सूर्य) और ऊर्जा परिवर्तन प्रक्रिया (स्थितिज/गतिज ऊर्जा → यांत्रिक ऊर्जा → विद्युत ऊर्जा) को स्पष्ट करें।

 

Question 3. एक आदर्श सरल लोलक की कुल ऊर्जा संरक्षित रहती है। सरल लोलक की भिन्न अवस्थाओं में ऊर्जा की गणना कर इस कथन को सिद्ध कीजिये।
Answer: एक आदर्श सरल लोलक में, कुल यांत्रिक ऊर्जा (गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का योग) हमेशा स्थिर रहती है, बशर्ते हवा के प्रतिरोध और घर्षण जैसे बाहरी बल न हों। आइए इसे विभिन्न स्थितियों में समझते हैं:

सरल लोलक की स्थितिज ऊर्जा:
जब एक सरल लोलक को उसकी संतुलन स्थिति (सबसे निचला बिंदु A) से एक तरफ विस्थापित किया जाता है (बिंदु B या C तक), तो उसका गुरुत्व केंद्र ऊपर उठ जाता है। इस विस्थापन के दौरान लोलक पर किया गया कार्य उसकी स्थितिज ऊर्जा के रूप में जमा हो जाता है। जितनी ऊँचाई तक लोलक जाता है, उतनी ही अधिक स्थितिज ऊर्जा उसमें जमा होती है।

A अधिकतम गतिज ऊर्जा न्यूनतम स्थितिज ऊर्जा C अधिकतम स्थितिज ऊर्जा न्यूनतम गतिज ऊर्जा θ m चित्र - सरल लोलक
जब लोलक को स्थिति B से छोड़ा जाता है, तो वह संतुलन स्थिति A की ओर लौटता है। इस दौरान लोलक की स्थितिज ऊर्जा कम होती जाती है और गतिज ऊर्जा बढ़ती जाती है। संतुलन स्थिति A पर, लोलक की स्थितिज ऊर्जा न्यूनतम होती है (क्योंकि यह सबसे निचले बिंदु पर है, गुरुत्वाकर्षण के संदर्भ में) और उसकी गतिज ऊर्जा अधिकतम होती है।

इस अधिकतम गतिज ऊर्जा के कारण लोलक संतुलन स्थिति से आगे दूसरी ओर (बिंदु C की ओर) जाने लगता है। इस दौरान उसकी गतिज ऊर्जा फिर से स्थितिज ऊर्जा में बदलने लगती है, यानी गति धीमी होती जाती है और ऊँचाई बढ़ती जाती है। जब लोलक बिंदु C तक पहुँचता है, तो उसकी गति शून्य हो जाती है, जिससे गतिज ऊर्जा न्यूनतम हो जाती है और स्थितिज ऊर्जा फिर से अधिकतम हो जाती है। यह गति एक क्षण के लिए रुक जाती है, फिर लोलक वापस संतुलन स्थिति A की ओर लौटने लगता है।

इस पूरी प्रक्रिया में गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का योग हमेशा स्थिर रहता है। इसे ही हम यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण कहते हैं। यह दर्शाता है कि ऊर्जा न तो उत्पन्न होती है और न ही नष्ट होती है, बल्कि केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदलती है।

यदि स्थितिज ऊर्जा और गतिज ऊर्जा में परिवर्तन क्रमशः \( \Delta E_p \) और \( \Delta E_k \) हो, तो:
\( \Delta E_p = - \Delta E_k \)
\( \implies \Delta E_p + \Delta E_k = 0 \)
यानी, किसी भी बिंदु पर स्थितिज ऊर्जा और गतिज ऊर्जा का योग एक नियत मान (\( E_{total} \)) रहता है।
जैसे कि एक स्प्रिंग, जिसका नियतांक \(k\) है, को संतुलन स्थिति से \(x\) दूरी तक खींचा या संपीडित किया जाए, तो उसमें निहित स्थितिज ऊर्जा का मान \( E_p = \frac{1}{2} kx^2 \) होता है। इस ऊर्जा के कारण स्प्रिंग में एक बल संचित होता है जो उसे वापस संतुलन में लाने का प्रयास करता है।
In simple words: एक झूले जैसी वस्तु (सरल लोलक) में कुल ऊर्जा हमेशा बराबर रहती है। जब झूला सबसे ऊपर होता है, तो उसमें सबसे ज़्यादा रुकी हुई (स्थितिज) ऊर्जा होती है और गति नहीं होती। जब झूला नीचे आता है, तो रुकी हुई ऊर्जा गतिज ऊर्जा में बदल जाती है। फिर नीचे से ऊपर जाते समय, गतिज ऊर्जा फिर से रुकी हुई ऊर्जा में बदल जाती है। कुल ऊर्जा (रुकी हुई + गतिज) हमेशा एक जैसी रहती है।

🎯 Exam Tip: सरल लोलक के तीनों मुख्य बिंदुओं (अधिकतम ऊँचाई और न्यूनतम बिंदु) पर गतिज और स्थितिज ऊर्जा की स्थिति का वर्णन करें। यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण सिद्धांत को स्पष्ट रूप से लिखें कि ऊर्जा का कुल योग नियत रहता है।

 

Question 4. ऊर्जा के रूपान्तरण में होने वाले विभिन्न प्रकार के क्षय को समझाइये। इन क्षयों को कम करने के लिए क्या किया जा सकता है?
Answer: ऊर्जा के क्षय का अर्थ है कि ऊर्जा के एक रूप से दूसरे रूप में बदलने या एक जगह से दूसरी जगह जाने की प्रक्रिया में, ऊर्जा का कुछ हिस्सा ऐसे रूपों में बदल जाता है जो हमारे लिए अनुपयोगी होते हैं या जिनका हम उपयोग नहीं कर पाते। ऊर्जा क्षय मुख्य रूप से इन रूपों में होता है:

(1) प्रकाश ऊर्जा का क्षय: कई प्रक्रियाओं में ऊर्जा का कुछ हिस्सा प्रकाश ऊर्जा के रूप में बेकार चला जाता है। उदाहरण के लिए, एक तापदीप्त बल्ब (जो गरमागरम होकर चमकता है) में ऊर्जा का बड़ा हिस्सा ऊष्मा के रूप में बर्बाद हो जाता है और केवल थोड़ा सा ही प्रकाश में बदल पाता है।

(2) ऊष्मा ऊर्जा का क्षय: जब भी हम कोई काम करते हैं, तो घर्षण, हवा के प्रतिरोध और अन्य रुकावटों के कारण कार्य करने की क्षमता कम हो जाती है। आमतौर पर, जिस वस्तु पर काम किया जा रहा होता है, वह गर्म हो जाती है। ऊर्जा क्षय का अधिकांश हिस्सा ऊष्मा ऊर्जा के रूप में बेकार चला जाता है। जैसे, एक मशीन के चलते समय उसके पुर्जे गर्म हो जाते हैं, यह ऊष्मा ऊर्जा का ही एक रूप है जो बेकार जाती है।

(3) ध्वनि ऊर्जा का क्षय: टक्कर, घर्षण और अन्य प्रक्रियाओं में ऊर्जा का कुछ हिस्सा ध्वनि ऊर्जा के रूप में भी बर्बाद हो जाता है। घर्षण के कारण अणुओं में कंपन से दाब तरंगें बनती हैं, जिससे ध्वनि उत्पन्न होती है। यह ध्वनि ऊर्जा भी अक्सर अनुपयोगी होती है।

ऊर्जा क्षय को कम करने के उपाय:
उपकरणों को बंद रखें: घरों में उपयोग होने वाले उपकरण जैसे माइक्रोवेव, टीवी, वाशिंग मशीन आदि को जब इस्तेमाल न कर रहे हों, तो उन्हें बंद कर देना चाहिए (स्टैंडबाय मोड से बचें)। इससे कुछ ऊर्जा बर्बाद होने से बचेगी।
स्टार रेटिंग वाले उपकरण खरीदें: बाजार से ज़्यादा स्टार रेटिंग वाले उपकरण (जैसे वाहन, पंखे, रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन, एयर कंडीशनर) खरीदने चाहिए। ये उपकरण ज़्यादा ऊर्जा-कुशल होते हैं और 30% तक कम बिजली की खपत करते हैं। अपनी ज़रूरत के अनुसार सही क्षमता का उपकरण चुनें, ज़्यादा क्षमता वाला उपकरण ज़्यादा ऊर्जा खर्च करेगा।
ऊर्जा-कुशल प्रकाश का उपयोग: बिजली की खपत कम करने के लिए घरों में CFL और LED लाइटों का उपयोग करना चाहिए, जो सामान्य बल्बों की तुलना में बहुत कम ऊर्जा का उपयोग करती हैं।
घरों को ऊष्मारोधी बनाएँ: गर्मी और सर्दी में एयर कंडीशनिंग और हीटिंग के दौरान घरों से बहुत ऊर्जा निकल जाती है। इसे कम करने के लिए, घरों की दीवारों और छतों को ऊष्मारोधी (इंसुलेटेड) बनाना चाहिए, ताकि ऊर्जा अंदर या बाहर न जा सके।
प्राकृतिक ऊर्जा स्रोतों का अधिकतम उपयोग: प्राकृतिक ऊर्जा स्रोतों (जैसे सौर, पवन ऊर्जा) की रक्षा करनी चाहिए और उनका अधिकतम उपयोग करना चाहिए। इससे ऊर्जा के क्षय को कम किया जा सकता है और हम पर्यावरण को बेहतर बना सकते हैं। वाहनों में, रासायनिक ऊर्जा पहले ऊष्मा ऊर्जा में बदलती है, जो पिस्टन को गति देती है और यांत्रिक ऊर्जा पैदा करती है। इस प्रक्रिया में इंजन की ध्वनि, घर्षण और प्रकाश के कारण ऊर्जा का क्षय होता है। वर्तमान में, वाहनों में ईंधन की कुल ऊर्जा क्षमता का लगभग एक-चौथाई ही दक्षता प्राप्त होती है।
In simple words: ऊर्जा बर्बाद तब होती है जब वह बेकार की गर्मी, रोशनी या आवाज़ में बदल जाती है। इसे कम करने के लिए, हमें बिजली के उपकरण बंद रखने चाहिए, अच्छे स्टार रेटिंग वाले उपकरण खरीदने चाहिए, LED लाइटें इस्तेमाल करनी चाहिए और अपने घरों को ठंडा या गर्म रखने के लिए इन्सुलेट करना चाहिए।

🎯 Exam Tip: ऊर्जा क्षय के मुख्य रूपों (प्रकाश, ऊष्मा, ध्वनि) को उदाहरणों सहित स्पष्ट करें। ऊर्जा बचाने के व्यावहारिक उपायों को लिखें, जैसे कि ऊर्जा-कुशल उपकरण का उपयोग और उपकरणों को बंद रखना।

 

Question 5. सिद्ध कीजिये कि गुरुत्वीय क्षेत्र में स्वतंत्रता से गिरती हुई वस्तु की यांत्रिक ऊर्जा गति के प्रत्येक बिन्दु पर स्थिर रहती है।
Answer: स्वतंत्रतापूर्वक गिरते हुए पिंड के लिए यांत्रिक ऊर्जा का संरक्षण- यह सिद्ध करने के लिए कि गुरुत्वीय क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से गिरती हुई वस्तु की यांत्रिक ऊर्जा हर बिंदु पर स्थिर रहती है, हम एक \(m\) द्रव्यमान की वस्तु लेते हैं जो पृथ्वी की सतह से \(h\) ऊँचाई पर स्थित है। हम इसकी गति का तीन अलग-अलग बिंदुओं पर विश्लेषण करेंगे:

पृथ्वी तल से ऊँचाई h A m kg स्थिति A h B x h-x ऊर्जा पृथ्वी तल से ऊँचाई h स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा कुल ऊर्जा (E)

स्थिति A पर (सबसे ऊँचाई पर):
यह वस्तु की प्रारंभिक स्थिति है, जहाँ उसे छोड़ा जाता है।
वस्तु की गतिज ऊर्जा (\(E_k\)) = 0 (क्योंकि वस्तु स्थिर है, \(u=0\))
वस्तु की स्थितिज ऊर्जा (\(E_p\)) = \(mgh\) (अधिकतम ऊँचाई \(h\) पर)
इसलिए, वस्तु की कुल यांत्रिक ऊर्जा (\(E_{total}\)) = \(E_k + E_p = 0 + mgh = mgh\) ...(1)

स्थिति B पर (मध्य में, \(x\) दूरी गिरने के बाद):
मान लीजिए वस्तु \(A\) से \(x\) दूरी नीचे गिर चुकी है, तो उसकी पृथ्वी से ऊँचाई \(h-x\) होगी।
वस्तु की स्थितिज ऊर्जा (\(E_p\)) = \(mg(h-x) = mgh - mgx\) ...(2)

अब, बिंदु \(B\) पर वस्तु का वेग (\(v_B\)) ज्ञात करने के लिए गति के तीसरे समीकरण का उपयोग करें:
\( v_B^2 = u^2 + 2ax \)
चूँकि \(u=0\) (प्रारंभिक वेग शून्य) और \(a=g\) (गुरुत्वीय त्वरण), तब
\( v_B^2 = 0 + 2gx \)
\( \implies v_B^2 = 2gx \)
वस्तु की गतिज ऊर्जा (\(E_k\)) = \( \frac{1}{2} mv_B^2 = \frac{1}{2} m(2gx) = mgx \) ...(3)
इसलिए, बिंदु \(B\) पर कुल यांत्रिक ऊर्जा (\(E_{total}\)) = \(E_k + E_p = mgx + (mgh - mgx) = mgh\) ...(4)

स्थिति C पर (पृथ्वी की सतह पर, \(h=0\)):
जब वस्तु पृथ्वी की सतह पर पहुँचती है, तो उसकी ऊँचाई \(h=0\) होती है।
वस्तु की स्थितिज ऊर्जा (\(E_p\)) = \(mgh = mg(0) = 0\)

अब, बिंदु \(C\) पर वस्तु का वेग (\(v_C\)) ज्ञात करने के लिए गति के तीसरे समीकरण का उपयोग करें:
\( v_C^2 = u^2 + 2ah \)
चूँकि \(u=0\) और \(a=g\), तब
\( v_C^2 = 0 + 2gh \)
\( \implies v_C^2 = 2gh \)
वस्तु की गतिज ऊर्जा (\(E_k\)) = \( \frac{1}{2} mv_C^2 = \frac{1}{2} m(2gh) = mgh \) ...(5)
इसलिए, बिंदु \(C\) पर कुल यांत्रिक ऊर्जा (\(E_{total}\)) = \(E_k + E_p = mgh + 0 = mgh\) ...(6)

समीकरण (1), (4), और (6) से यह स्पष्ट होता है कि स्वतंत्रतापूर्वक गिरती हुई वस्तु की कुल यांत्रिक ऊर्जा (\(mgh\)) गति के प्रत्येक बिंदु पर स्थिर रहती है। इसका मतलब है कि जैसे-जैसे वस्तु नीचे गिरती है, उसकी स्थितिज ऊर्जा कम होती जाती है और समान मात्रा में गतिज ऊर्जा बढ़ती जाती है, लेकिन दोनों का योग हमेशा एक समान रहता है। यह यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत को दर्शाता है।
In simple words: जब कोई चीज़ ऊपर से नीचे गिरती है, तो उसकी कुल ऊर्जा (रुकी हुई ऊर्जा + गति की ऊर्जा) हमेशा एक जैसी रहती है। जैसे-जैसे वह नीचे आती है, उसकी रुकी हुई ऊर्जा कम होती जाती है और उतनी ही गति की ऊर्जा बढ़ जाती है।

🎯 Exam Tip: इस सिद्धीकरण में यांत्रिक ऊर्जा (स्थितिज + गतिज ऊर्जा) का योग तीनों बिंदुओं (प्रारंभिक, मध्य और अंतिम) पर समान (\(mgh\)) दिखाना महत्वपूर्ण है। गति के तीसरे समीकरण का सही उपयोग करके वेग ज्ञात करें।

आंकिक प्रश्न

 

Question 1. एक इलेक्ट्रॉन \(1.2 \times 10^6\) m/s के वेग से गतिमान है। यदि इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान \(9.1 \times 10^{-31}\) kg हो तो उसकी गतिज ऊर्जा ज्ञात कीजिये।
Answer:
दिया है:
इलेक्ट्रॉन का वेग (\(v\)) = \(1.2 \times 10^6\) m/s
इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान (\(m\)) = \(9.1 \times 10^{-31}\) kg
गतिज ऊर्जा (\(E_k\)) ज्ञात करनी है।

गतिज ऊर्जा का सूत्र है:
\( E_k = \frac{1}{2} mv^2 \)
मान रखने पर:
\( E_k = \frac{1}{2} \times (9.1 \times 10^{-31} \text{ kg}) \times (1.2 \times 10^6 \text{ m/s})^2 \)
\( E_k = \frac{1}{2} \times 9.1 \times 10^{-31} \times (1.44 \times 10^{12}) \)
\( E_k = 0.5 \times 9.1 \times 1.44 \times 10^{(-31+12)} \)
\( E_k = 6.552 \times 10^{-19} \text{ J} \)
इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा \(6.552 \times 10^{-19}\) जूल होगी। इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा बहुत कम होती है क्योंकि उसका द्रव्यमान बहुत छोटा होता है।
In simple words: इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा निकालने के लिए, उसके आधे द्रव्यमान को उसके वेग के वर्ग से गुणा किया जाता है।

🎯 Exam Tip: गतिज ऊर्जा (\(E_k = \frac{1}{2} mv^2\)) का सूत्र याद रखें और वैज्ञानिक संकेतन (power of 10) में संख्याओं का गुणा-भाग करते समय घातांकों का सही प्रबंधन करें।

 

Question 2. एक मशीन 40 kg की वस्तु को 10m ऊँचाई पर ले जाती है तो किये गये कार्य की गणना कीजिये। (g = 9.8 m/s²)
Answer:
दिया है:
वस्तु का द्रव्यमान (\(m\)) = 40 kg
ऊँचाई (\(h\)) = 10 m
गुरुत्वीय त्वरण (\(g\)) = 9.8 m/s²

मशीन द्वारा किया गया कार्य वस्तु की स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि के बराबर होगा:
कार्य (\(W\)) = \(E_p = mgh\)
मान रखने पर:
\( W = 40 \text{ kg} \times 9.8 \text{ m/s}^2 \times 10 \text{ m} \)
\( W = 3920 \text{ J} \)
इसे किलो जूल में बदलने पर:
\( W = \frac{3920}{1000} \text{ kJ} \)
\( W = 3.92 \text{ kJ} \)
मशीन द्वारा 3.92 kJ कार्य किया गया। यह कार्य वस्तु को ऊपर उठाने में खर्च हुई ऊर्जा को दर्शाता है।
In simple words: मशीन ने वस्तु को ऊपर उठाने के लिए कितना काम किया, यह निकालने के लिए वस्तु के वज़न, गुरुत्वाकर्षण बल और उठाई गई ऊँचाई को गुणा किया जाता है।

🎯 Exam Tip: कार्य (\(W = mgh\)) का सूत्र याद रखें और सभी इकाइयों को SI प्रणाली में रखें। उत्तर को जूल (J) या किलो जूल (kJ) में दें।

 

Question 3. एक 6 kg की वस्तु 5 m की ऊँचाई से गिरती है। वस्तु की स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तन ज्ञात कीजिये। (g = 10 m/s²)
Answer:
दिया है:
वस्तु का द्रव्यमान (\(m\)) = 6 kg
ऊँचाई में परिवर्तन (\(h\)) = 5 m (गिरने पर ऊँचाई में कमी)
गुरुत्वीय त्वरण (\(g\)) = 10 m/s²

वस्तु की स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तन का सूत्र है:
\( \Delta E_p = mgh \)
मान रखने पर:
\( \Delta E_p = 6 \text{ kg} \times 10 \text{ m/s}^2 \times 5 \text{ m} \)
\( \Delta E_p = 300 \text{ J} \)
स्थितिज ऊर्जा में 300 जूल की कमी होगी क्योंकि वस्तु नीचे गिर रही है। यह कमी गतिज ऊर्जा में बदल जाती है।
In simple words: जब कोई वस्तु नीचे गिरती है, तो उसकी रुकी हुई ऊर्जा (स्थितिज ऊर्जा) कम हो जाती है। यह कमी वस्तु के वज़न, गुरुत्वाकर्षण बल और गिरी हुई दूरी को गुणा करके निकाली जाती है।

🎯 Exam Tip: स्थितिज ऊर्जा (\(E_p = mgh\)) का सूत्र याद रखें। जब वस्तु नीचे गिरती है, तो स्थितिज ऊर्जा कम होती है, और जब ऊपर जाती है, तो बढ़ती है।

 

Question 4. एक स्प्रिंग का नियतांक \(4 \times 10^3\) N/m है। इस स्प्रिंग को 0.04 m संपीडित करने में कितना कार्य करना पड़ेगा?
Answer:
दिया है:
स्प्रिंग का नियतांक (\(k\)) = \(4 \times 10^3\) N/m
संपीडित दूरी (\(x\)) = 0.04 m

स्प्रिंग को संपीडित करने में किया गया कार्य (जो स्प्रिंग में स्थितिज ऊर्जा के रूप में जमा होता है) का सूत्र है:
\( W = \frac{1}{2} kx^2 \)
मान रखने पर:
\( W = \frac{1}{2} \times (4 \times 10^3 \text{ N/m}) \times (0.04 \text{ m})^2 \)
\( W = \frac{1}{2} \times 4 \times 10^3 \times (0.0016) \)
\( W = 2 \times 10^3 \times 0.0016 \)
\( W = 2 \times 1.6 = 3.2 \text{ J} \)
स्प्रिंग को संपीडित करने में 3.2 जूल कार्य करना पड़ेगा। यह ऊर्जा स्प्रिंग में संचित हो जाती है, जो बाद में स्प्रिंग को अपनी मूल स्थिति में वापस लाने में मदद करती है।
In simple words: स्प्रिंग को दबाने के लिए कितनी ऊर्जा चाहिए, यह स्प्रिंग के नियतांक और जितनी दूरी तक उसे दबाया गया है, उसके वर्ग को गुणा करके निकाला जाता है।

🎯 Exam Tip: स्प्रिंग की स्थितिज ऊर्जा (\(E_p = \frac{1}{2} kx^2\)) का सूत्र याद रखें। \(x\) के वर्ग को सही ढंग से गणना करें और इकाइयों का ध्यान रखें।

 

Question 5. एक स्प्रिंग को 0.02 m खींचने में 0.4 J कार्य करना पड़ता है। स्प्रिंग का नियतांक ज्ञात कीजिये।
Answer:
दिया है:
संपीडित दूरी (\(x\)) = 0.02 m = \(2 \times 10^{-2}\) m
किया गया कार्य (\(W\)) = 0.4 J
स्प्रिंग का नियतांक (\(k\)) ज्ञात करना है।

स्प्रिंग की स्थितिज ऊर्जा का सूत्र है:
\( W = \frac{1}{2} kx^2 \)
इस सूत्र को \(k\) के लिए पुनर्व्यवस्थित करने पर:
\( k = \frac{2W}{x^2} \)
मान रखने पर:
\( k = \frac{2 \times 0.4 \text{ J}}{(0.02 \text{ m})^2} \)
\( k = \frac{0.8}{0.0004} \)
\( k = \frac{0.8}{4 \times 10^{-4}} \)
\( k = \frac{0.8 \times 10^4}{4} \)
\( k = 0.2 \times 10^4 \)
\( k = 2 \times 10^3 \text{ N/m} \)
स्प्रिंग का नियतांक \(2 \times 10^3\) N/m है। यह नियतांक स्प्रिंग की कठोरता को मापता है; जितना ज़्यादा नियतांक, उतनी ही स्प्रिंग कठोर।
In simple words: स्प्रिंग कितनी कठोर है (उसका नियतांक), यह जानने के लिए हमें स्प्रिंग को खींचने में लगे काम को खींची गई दूरी के वर्ग से भाग देना होता है और फिर दो से गुणा करना होता है।

🎯 Exam Tip: स्प्रिंग की स्थितिज ऊर्जा के सूत्र को \(k\) के लिए सही ढंग से पुनर्व्यवस्थित करें। दशमलव संख्याओं के वर्ग और गुणा-भाग में सावधानी बरतें।

 

Question 6. एक इंजन द्वारा व्यय की गई शक्ति की गणना कीजिये जो 200 kg द्रव्यमान को 50 m ऊँचाई तक 10 सेकण्ड में ले जाता है। (g = 10 m/s²)
Answer:
दिया है:
द्रव्यमान (\(m\)) = 200 kg
ऊँचाई (\(h\)) = 50 m
समय (\(t\)) = 10 s
गुरुत्वीय त्वरण (\(g\)) = 10 m/s²
शक्ति (\(P\)) ज्ञात करनी है।

पहले, इंजन द्वारा किया गया कार्य (\(W\)) ज्ञात करें। यह वस्तु की स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि के बराबर होगा:
\( W = mgh \)
\( W = 200 \text{ kg} \times 10 \text{ m/s}^2 \times 50 \text{ m} \)
\( W = 100000 \text{ J} \)

अब, शक्ति (\(P\)) का सूत्र है:
\( P = \frac{W}{t} \)
मान रखने पर:
\( P = \frac{100000 \text{ J}}{10 \text{ s}} \)
\( P = 10000 \text{ W} \)
इसे किलोवाट में बदलने पर:
\( P = \frac{10000}{1000} \text{ kW} \)
\( P = 10 \text{ kW} \)
इंजन की शक्ति 10 kW है। यह शक्ति इंजन की कार्य करने की दर को दर्शाती है।
In simple words: इंजन की शक्ति जानने के लिए, पहले यह हिसाब लगाते हैं कि उसने कितना काम किया (वस्तु को ऊपर उठाने में), फिर उस काम को करने में लगे समय से भाग देते हैं।

🎯 Exam Tip: कार्य (\(W = mgh\)) और शक्ति (\(P = \frac{W}{t}\)) दोनों सूत्रों का सही उपयोग करें। अंतिम उत्तर को वाट या किलोवाट में प्रस्तुत करें।

 

Question 7. एक घर में 5 युक्तियाँ प्रतिदिन 10 घण्टे तक उपयोग में ली जाती हैं। यदि इनमें से 2 युक्तियाँ 200 w की हों एवं 3 युक्तियाँ 400 W की हों तो इनके द्वारा एक दिन में व्यय की गई ऊर्जा विद्युत यूनिटों में ज्ञात कीजिये।
Answer:
दिया है:
उपयोग का समय = 10 घण्टे प्रतिदिन
युक्तियाँ: 2 युक्तियाँ 200 W की और 3 युक्तियाँ 400 W की।

सबसे पहले, सभी युक्तियों की कुल शक्ति (\(P_{कुल}\)) ज्ञात करें:
2 युक्तियों की शक्ति = \(2 \times 200 \text{ W} = 400 \text{ W}\)
3 युक्तियों की शक्ति = \(3 \times 400 \text{ W} = 1200 \text{ W}\)
कुल शक्ति (\(P_{कुल}\)) = \(400 \text{ W} + 1200 \text{ W} = 1600 \text{ W}\)

कुल शक्ति को किलोवाट में बदलें:
\( P_{कुल} = \frac{1600}{1000} \text{ kW} = 1.6 \text{ kW}\)

अब, एक दिन में व्यय की गई ऊर्जा (\(E\)) विद्युत यूनिटों (kWh) में ज्ञात करें:
ऊर्जा = शक्ति (\(P\)) \(\times\) समय (\(t\))
\( E = 1.6 \text{ kW} \times 10 \text{ h} \)
\( E = 16 \text{ kWh} \)

चूँकि 1 kWh = 1 यूनिट, तो:
व्यय की गई ऊर्जा = 16 यूनिट
एक दिन में घर में कुल 16 विद्युत यूनिटों का उपयोग होगा। यह गणना बिजली के बिल का अनुमान लगाने में मदद करती है।
In simple words: घर में जितनी भी चीजें बिजली से चलती हैं, उन सबकी कुल ताकत निकाली जाती है। फिर इस कुल ताकत को जितने घंटे वे चलती हैं, उससे गुणा करके पता चलता है कि कितनी बिजली की यूनिटें एक दिन में खर्च हुईं।

🎯 Exam Tip: सभी उपकरणों की शक्ति को जोड़कर कुल शक्ति ज्ञात करें और इसे किलोवाट में बदलना न भूलें। विद्युत ऊर्जा (\(E = P \times t\)) की गणना करते समय समय को घंटों में रखें।

 

Question 8. 2 m/s वेग से चल रहे 40 kg द्रव्यमान पर एक बल लगाया जाता है जिससे उसका वेग बढ़कर 5 m/s हो जाता है। बल द्वारा किये गये कार्य को परिकलन कीजिये।
Answer:
दिया है:
वस्तु का द्रव्यमान (\(m\)) = 40 kg
प्रारंभिक वेग (\(u\)) = 2 m/s
अंतिम वेग (\(v\)) = 5 m/s

बल द्वारा किया गया कार्य वस्तु की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है (कार्य-ऊर्जा प्रमेय)।
प्रारंभिक गतिज ऊर्जा (\(E_{k_i}\)) = \( \frac{1}{2} mu^2 \)
\( E_{k_i} = \frac{1}{2} \times 40 \text{ kg} \times (2 \text{ m/s})^2 \)
\( E_{k_i} = 20 \times 4 = 80 \text{ J} \)

अंतिम गतिज ऊर्जा (\(E_{k_f}\)) = \( \frac{1}{2} mv^2 \)
\( E_{k_f} = \frac{1}{2} \times 40 \text{ kg} \times (5 \text{ m/s})^2 \)
\( E_{k_f} = 20 \times 25 = 500 \text{ J} \)

किया गया कार्य (\(W\)) = \(E_{k_f} - E_{k_i}\)
\( W = 500 \text{ J} - 80 \text{ J} \)
\( W = 420 \text{ J} \)
बल द्वारा 420 जूल का कार्य किया गया। यह कार्य वस्तु के वेग को बढ़ाने में खर्च हुआ।
In simple words: जब किसी चलती हुई चीज़ पर बल लगाकर उसकी गति बढ़ाई जाती है, तो किया गया काम उसकी गति की ऊर्जा में हुए बदलाव के बराबर होता है।

🎯 Exam Tip: कार्य-ऊर्जा प्रमेय (\(W = \Delta E_k = \frac{1}{2} mv^2 - \frac{1}{2} mu^2\)) का उपयोग करें। प्रारंभिक और अंतिम गतिज ऊर्जा की गणना सही ढंग से करें।

 

Question 9. यदि 50 kg की एक वस्तु को धरातल से 3 मीटर ऊँचाई पर उठाया जाए तो उसकी स्थितिज ऊर्जा की गणना कीजिये। अब इस वस्तु को मुक्त रूप से गिरने दिया जाये तो वस्तु की गतिज ऊर्जा ज्ञात कीजिये जब वह ठीक आधे रास्ते पर हो। (g = 10 m/s²)
Answer:
दिया है:
वस्तु का द्रव्यमान (\(m\)) = 50 kg
कुल ऊँचाई (\(h\)) = 3 m
गुरुत्वीय त्वरण (\(g\)) = 10 m/s²

(1) धरातल से 3 मीटर ऊँचाई पर वस्तु की स्थितिज ऊर्जा:
\( E_p = mgh \)
\( E_p = 50 \text{ kg} \times 10 \text{ m/s}^2 \times 3 \text{ m} \)
\( E_p = 1500 \text{ J} \)
ऊँचाई पर वस्तु की स्थितिज ऊर्जा 1500 जूल है।

(2) वस्तु के ठीक आधे रास्ते पर गतिज ऊर्जा:
वस्तु जब ठीक आधे रास्ते पर होगी, तो उसने \( \frac{h}{2} \) दूरी तय कर ली होगी।
तय की गई दूरी (\(s\)) = \( \frac{3 \text{ m}}{2} = 1.5 \text{ m} \)
आधे रास्ते पर वस्तु की ऊँचाई पृथ्वी से = \( 3 - 1.5 = 1.5 \text{ m} \)

आधे रास्ते पर वस्तु का वेग (\(v\)) ज्ञात करने के लिए गति के तीसरे समीकरण का उपयोग करें:
\( v^2 = u^2 + 2gs \)
चूँकि \(u=0\) (मुक्त रूप से गिर रही है), तब:
\( v^2 = 0 + 2 \times 10 \text{ m/s}^2 \times 1.5 \text{ m} \)
\( v^2 = 30 \text{ (m/s)}^2 \)

अब, आधे रास्ते पर वस्तु की गतिज ऊर्जा (\(E_k\)) ज्ञात करें:
\( E_k = \frac{1}{2} mv^2 \)
\( E_k = \frac{1}{2} \times 50 \text{ kg} \times 30 \text{ (m/s)}^2 \)
\( E_k = 25 \times 30 = 750 \text{ J} \)
वस्तु के आधे रास्ते पर गतिज ऊर्जा 750 जूल है। इस बिंदु पर स्थितिज ऊर्जा भी 750 जूल होगी, जिससे कुल ऊर्जा 1500 जूल बनी रहेगी।
In simple words: पहले, वस्तु को ऊपर उठाने में कितनी ऊर्जा खर्च हुई (रुकी हुई ऊर्जा) वह निकाली जाती है। फिर, जब वही वस्तु नीचे गिरकर आधे रास्ते पर आती है, तो उसकी गति की ऊर्जा कितनी है, यह पता लगाया जाता है।

🎯 Exam Tip: कुल स्थितिज ऊर्जा की गणना सही ढंग से करें। आधे रास्ते पर तय की गई दूरी का उपयोग करके वेग ज्ञात करें, और फिर गतिज ऊर्जा निकालें। यह सुनिश्चित करें कि आधे रास्ते पर गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का योग कुल प्रारंभिक स्थितिज ऊर्जा के बराबर हो (ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत)।

 

Question 10. 8 kg का एक गुटखा घर्षण रहित पृष्ठ पर 4 m/s के वेग से गतिमान है। यह गुटखा स्प्रिंग को संपीडित करके विरामावस्था में आ जाता है। यदि स्प्रिंग नियतांक \(2 \times 10^4\) N/m हो तो स्प्रिंग कितना संपीडित होगा?
Answer:
दिया है:
गुटखे का द्रव्यमान (\(m\)) = 8 kg
गुटखे का वेग (\(v\)) = 4 m/s
स्प्रिंग नियतांक (\(k\)) = \(2 \times 10^4\) N/m
संपीडित दूरी (\(x\)) ज्ञात करनी है।

जब गुटखा स्प्रिंग को संपीडित करके रुक जाता है, तो गुटखे की प्रारंभिक गतिज ऊर्जा स्प्रिंग की स्थितिज ऊर्जा में बदल जाती है (ऊर्जा संरक्षण के नियम से)।
गुटखे की गतिज ऊर्जा = स्प्रिंग की स्थितिज ऊर्जा
\( \frac{1}{2} mv^2 = \frac{1}{2} kx^2 \)
दोनों तरफ \( \frac{1}{2} \) को रद्द करने पर:
\( mv^2 = kx^2 \)
\( x^2 = \frac{mv^2}{k} \)
मान रखने पर:
\( x^2 = \frac{8 \text{ kg} \times (4 \text{ m/s})^2}{2 \times 10^4 \text{ N/m}} \)
\( x^2 = \frac{8 \times 16}{2 \times 10^4} \)
\( x^2 = \frac{128}{2 \times 10^4} \)
\( x^2 = \frac{64}{10^4} \)
\( x = \sqrt{\frac{64}{10^4}} \)
\( x = \frac{\sqrt{64}}{\sqrt{10^4}} \)
\( x = \frac{8}{10^2} \)
\( x = \frac{8}{100} = 0.08 \text{ m} \)
स्प्रिंग 0.08 मीटर या 8 सेमी संपीडित होगी। यह दूरी दिखाती है कि गुटखे की ऊर्जा से स्प्रिंग कितनी दब जाती है।
In simple words: गुटखे की गति की ऊर्जा स्प्रिंग को दबाने की ऊर्जा में बदल जाती है। यह जानने के लिए कि स्प्रिंग कितनी दबेगी, गुटखे के वज़न और गति का उपयोग करके स्प्रिंग के नियतांक से गणना की जाती है।

🎯 Exam Tip: गतिज ऊर्जा और स्प्रिंग की स्थितिज ऊर्जा के बीच संबंध (\( \frac{1}{2} mv^2 = \frac{1}{2} kx^2 \)) का सही उपयोग करें। गणना करते समय वर्गमूल और घातांकों का ध्यान रखें।

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. ऊर्जा का मात्रक है
(अ) वाट
(ब) किलोमीटर
(स) जूल सेकण्ड
(द) वाट सेकण्ड
Answer: (द) वाट सेकण्ड
In simple words: ऊर्जा को मापने के लिए वाट सेकण्ड का उपयोग किया जाता है, क्योंकि 1 वाट सेकण्ड 1 जूल के बराबर होता है, जो ऊर्जा की SI इकाई है।

🎯 Exam Tip: ऊर्जा की SI इकाई जूल है। यह भी याद रखें कि वाट सेकण्ड भी जूल के बराबर होता है, जबकि वाट शक्ति का मात्रक है।

 

Question 2. स्वतन्त्रतापूर्वक गिरती हुई वस्तु की गतिज ऊर्जा का मान
(अ) नियत रहता है
(ब) बढ़ता रहता है
(स) घटता रहता है
(द) शून्य होता है
Answer: (ब) बढ़ता रहता है
In simple words: जब कोई चीज़ आज़ादी से नीचे गिरती है, तो उसकी गति बढ़ती है, इसलिए उसकी गति की ऊर्जा भी बढ़ती जाती है।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि स्वतंत्रतापूर्वक गिरने वाली वस्तु में स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा में बदल जाती है, जिससे गतिज ऊर्जा लगातार बढ़ती है।

 

Question 3. m द्रव्यमान का पत्थर मुक्त रूप से d दूरी तक गिरता है, इसकी गतिज ऊर्जा का मान होगा
(अ) mg d
(ब) \( \frac{1}{2} md^2 \)
(स) \( \frac{mg}{d} \)
(द) शून्य
Answer: (अ) mg d
In simple words: जब कोई पत्थर गिरता है, तो उसकी गतिज ऊर्जा उतनी ही होती है जितनी रुकी हुई ऊर्जा (स्थितिज ऊर्जा) वह गिरने से पहले थी।

🎯 Exam Tip: मुक्त रूप से गिरने पर वस्तु की गतिज ऊर्जा स्थितिज ऊर्जा में हुई कमी के बराबर होती है। यहाँ 'd' ऊँचाई को दर्शाता है, इसलिए \(mgd\) सही सूत्र है।

 

Question 5. यदि एक छात्र 20 किलोग्राम पानी सहित भरी बाल्टी को 30 मीटर गहरे कुएँ से 5 मिनट में खींचता है तो छात्र की शक्ति होगी- (g = 10 m/s²)
(अ) 20 वाट
(ब) 50 वाट
(स) 100 वाट
(द) 150 वाट
Answer: (अ) 20 वाट
In simple words: छात्र द्वारा किया गया कुल काम निकालने के लिए बाल्टी के वज़न, गहराई और गुरुत्वाकर्षण को गुणा करते हैं। फिर इस काम को करने में लगे कुल समय से भाग देकर छात्र की शक्ति निकाली जाती है।

🎯 Exam Tip: पहले किए गए कार्य (\(W = mgh\)) की गणना करें, फिर समय को सेकंड में बदलकर शक्ति (\(P = W/t\)) ज्ञात करें।

 

Question 6. बन्दूक से दागी गई गोली में ऊर्जा होती है
(अ) केवल उसके द्रव्यमान के कारण।
(ब) उसके वेग एवं द्रव्यमान के कारण
(स) उस पर कार्यरत गुरुत्वीय बल के कारण
(द) केवल स्थितिज
Answer: (ब) उसके वेग एवं द्रव्यमान के कारण
In simple words: गोली में गति की ऊर्जा होती है, और यह ऊर्जा उसके वज़न और कितनी तेज़ी से वह चलती है, दोनों पर निर्भर करती है।

🎯 Exam Tip: गतिज ऊर्जा (\(E_k = \frac{1}{2} mv^2\)) द्रव्यमान (\(m\)) और वेग (\(v\)) दोनों पर निर्भर करती है।

 

Question 7. किसी गेंद को पृथ्वीतल से v वेग से ऊपर फेंकते हैं तो उसमें केवल स्थितिज ऊर्जा होती है, जब वह
(अ) अधिकतम ऊँचाई पर पहुँचती है।
(ब) वापस पृथ्वीतल पर पहुँचती है।
(स) ऊपर की ओर जाते समय पृथ्वीतल और अधिकतम ऊँचाई के मध्य होती है।
(द) नीचे गिरते समय अधिकतम ऊँचाई एवं पृथ्वीतल के मध्य होती है।
Answer: (अ) अधिकतम ऊँचाई पर पहुँचती है।
In simple words: जब गेंद सबसे ऊपर पहुँचती है, तो एक पल के लिए उसकी गति रुक जाती है, इसलिए उस समय उसमें केवल रुकी हुई ऊर्जा (स्थितिज ऊर्जा) ही होती है।

🎯 Exam Tip: अधिकतम ऊँचाई पर वस्तु का वेग शून्य होता है, इसलिए गतिज ऊर्जा भी शून्य हो जाती है, और सारी ऊर्जा स्थितिज ऊर्जा के रूप में होती है।

 

Question 8. क्षमता अथवा शक्ति का S.I. मात्रक वाट तुल्य है
(अ) किग्रा-मीटर-सेकण्ड\(^{-2}\)
(ब) किग्रा-मीटर\(^{2}\)-सेकण्ड \(^{-2}\)
(स) किग्रा-मीटर\(^{2}\)-सेकण्ड\(^{-3}\)
(द) किग्रा-मीटर \(^{2}\)
Answer: (स) किग्रा-मीटर\(^{2}\)-सेकण्ड\(^{-3}\)
In simple words: शक्ति (वाट) का मतलब है कि एक सेकंड में कितना काम किया गया, और काम को मापने के लिए किग्रा-मीटर\(^{2}\)-सेकण्ड\(^{-2}\) का उपयोग किया जाता है, इसलिए शक्ति की इकाई किग्रा-मीटर\(^{2}\)-सेकण्ड\(^{-3}\) है।

🎯 Exam Tip: शक्ति (\(P\)) की SI इकाई वाट है, जो जूल प्रति सेकंड (\(J/s\)) के बराबर है। जूल की इकाई \(\text{kg m}^2 \text{s}^{-2}\) होती है, इसलिए \(\text{kg m}^2 \text{s}^{-3}\) शक्ति की इकाई होगी।

 

Question 9. एक प्लेटफॉर्म पर बॉक्स को उठाने में किया गया कार्य निम्न में से किस पर निर्भर करता है
(अ) इसे कितनी तेजी से उठाया गया है।
(ब) आदमी की शक्ति पर।
(स) ऊँचाई, जिस तक इसे उठाया गया है।
(द) बॉक्स के क्षेत्रफल पर।
Answer: (स) ऊँचाई, जिस तक इसे उठाया गया है।
In simple words: किसी भी चीज़ को ऊपर उठाने में किया गया काम इस बात पर निर्भर करता है कि उसे कितना ऊँचा उठाया गया है, न कि कितनी तेज़ी से या किसने उठाया है।

🎯 Exam Tip: गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध किए गए कार्य का सूत्र (\(W = mgh\)) याद रखें। यह द्रव्यमान, गुरुत्वाकर्षण त्वरण और ऊँचाई पर निर्भर करता है, न कि समय या शक्ति पर।

 

Question 10. एक प्लेटफॉर्म पर बॉक्स को उठाने में किया गया कार्य निम्न में से किस पर निर्भर करता है
(अ) इसे कितनी तेजी से उठाया गया है।
(ब) आदमी की शक्ति पर।
(स) ऊँचाई, जिस तक इसे उठाया गया है।
(द) बॉक्स के क्षेत्रफल पर।
Answer: (स) ऊँचाई, जिस तक इसे उठाया गया है।
In simple words: बॉक्स को ऊपर उठाने में किया गया काम सिर्फ़ उस ऊँचाई पर निर्भर करता है जहाँ तक उसे ले जाया गया है, क्योंकि गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध काम सिर्फ़ ऊँचाई में बदलाव से होता है।

🎯 Exam Tip: यह प्रश्न कार्य की परिभाषा और गुरुत्वाकर्षण बल के विरुद्ध कार्य पर आधारित है, जो केवल ऊँचाई में परिवर्तन से संबंधित है।

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. कार्य की परिभाषा दीजिये एवं इसका मात्रक लिखिये।।
Answer: कार्य की परिभाषा के अनुसार, जब किसी वस्तु पर बल (F) लगाया जाता है और वस्तु बल की दिशा में विस्थापित (s) होती है, तो बल द्वारा किया गया कार्य, बल और विस्थापन के गुणनफल के बराबर होता है। इसे \( W = F \times s \) के रूप में दर्शाया जाता है। कार्य का MKS पद्धति में मात्रक जूल होता है। कार्य ऊर्जा के एक रूप का प्रतिनिधित्व करता है, जिसे एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित किया जा सकता है।
In simple words: जब किसी वस्तु पर बल लगाकर उसे खिसकाया जाता है, तो किया गया काम बल और दूरी को गुणा करके निकाला जाता है। इसे जूल में नापते हैं।

🎯 Exam Tip: कार्य की परिभाषा में 'विस्थापन' और 'बल की दिशा' इन दो शब्दों को हमेशा शामिल करें, क्योंकि इन्हीं पर कार्य की गणना निर्भर करती है।

 

Question 3. गुरुत्वीय बल द्वारा किया गया कार्य कितना होगा?
Answer: गुरुत्वीय बल द्वारा किया गया कार्य वस्तु के द्रव्यमान (m), गुरुत्वीय त्वरण (g) और ऊँचाई (h) के गुणनफल के बराबर होता है, यानी \( \text{कार्य} = \text{mgh} \). यह सूत्र तब लागू होता है जब कोई वस्तु गुरुत्वाकर्षण के अधीन ऊर्ध्वाधर रूप से चलती है।
In simple words: गुरुत्वीय बल का काम वस्तु के वजन और कितनी ऊँचाई तक वह गई या आई है, इस पर निर्भर करता है।

🎯 Exam Tip: गुरुत्वीय बल द्वारा किया गया कार्य केवल ऊर्ध्वाधर विस्थापन पर निर्भर करता है, क्षैतिज विस्थापन पर नहीं।

 

Question 4. 1 न्यूटन बल को परिभाषित कीजिए।
Answer: एक न्यूटन बल वह बल है जो किसी वस्तु को 1 मीटर विस्थापित करता है, जिसके परिणामस्वरूप 1 जूल कार्य होता है। यह बल की वह मात्रा है जो किसी 1 किलोग्राम द्रव्यमान वाली वस्तु में 1 मीटर प्रति सेकंड वर्ग का त्वरण उत्पन्न करती है।
In simple words: 1 न्यूटन बल का मतलब है कि अगर कोई बल 1 मीटर की दूरी तक 1 जूल का काम करता है, तो वह 1 न्यूटन है।

🎯 Exam Tip: न्यूटन बल की SI इकाई है, और इसकी परिभाषा में द्रव्यमान और त्वरण का सीधा संबंध होता है।

 

Question 5. कार्य का मात्रक C.G.S. पद्धति में क्या होगा?
Answer: कार्य का C.G.S. पद्धति में मात्रक अर्ग होता है। अर्ग, जूल की तुलना में एक छोटी इकाई है, जिसे पुराने वैज्ञानिक संदर्भों में ऊर्जा मापने के लिए उपयोग किया जाता था।
In simple words: काम को मापने की पुरानी (C.G.S.) पद्धति में इकाई को 'अर्ग' कहते हैं।

🎯 Exam Tip: SI मात्रक जूल है, जबकि CGS मात्रक अर्ग है; इन दोनों के बीच के संबंध को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 6. 1 जूल कितने अर्ग के बराबर होता है?
Answer: 1 जूल \( 10^7 \) अर्ग के बराबर होता है। यह MKS और CGS प्रणालियों में ऊर्जा इकाइयों के बीच एक महत्वपूर्ण रूपांतरण है।
In simple words: 1 जूल \( 10^7 \) अर्ग के बराबर होता है।

🎯 Exam Tip: यह रूपांतरण विभिन्न भौतिक गणनाओं में उपयोग होता है, इसलिए इसे याद रखना चाहिए।

 

Question 7. धनात्मक कार्य के दो उदाहरण लिखिए।
Answer: धनात्मक कार्य तब होता है जब बल और विस्थापन एक ही दिशा में होते हैं। इसके दो उदाहरण हैं: घोड़े द्वारा गाड़ी खींचना (घोड़ा जिस दिशा में बल लगाता है, गाड़ी उसी दिशा में चलती है) और गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा पिंड पर किया गया कार्य जब पिंड नीचे गिरता है (गुरुत्वाकर्षण बल नीचे की ओर लगता है और पिंड भी नीचे की ओर विस्थापित होता है)। धनात्मक कार्य से निकाय की ऊर्जा बढ़ती है।
In simple words: धनात्मक कार्य के उदाहरण हैं जब घोड़ा गाड़ी खींचता है या जब कोई चीज़ नीचे गिरती है।

🎯 Exam Tip: धनात्मक कार्य हमेशा निकाय में ऊर्जा जोड़ता है, जिससे उसकी गति या स्थितिज ऊर्जा बढ़ सकती है।

 

Question 8. ऊर्जा के विभिन्न स्वरूपों को लिखिए।
Answer: ऊर्जा कई रूपों में मौजूद होती है, जिनमें से एक यांत्रिक ऊर्जा है। ऊर्जा के अन्य स्वरूपों में रासायनिक ऊर्जा, विद्युत ऊर्जा, ऊष्मीय ऊर्जा, प्रकाश ऊर्जा और नाभिकीय ऊर्जा शामिल हैं। ऊर्जा एक अदिश राशि है और यह ब्रह्मांड में विभिन्न रूपों में परिवर्तित होती रहती है।
In simple words: ऊर्जा के कई रूप होते हैं, जैसे यांत्रिक ऊर्जा।

🎯 Exam Tip: ऊर्जा के विभिन्न रूपों को पहचानना और समझना ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 9. हम कब कहते हैं कि कार्य किया गया है ?
Answer: कार्य तब किया गया माना जाता है जब किसी वस्तु पर बल लगाया जाए और वह वस्तु बल की दिशा में विस्थापित हो। यदि बल लगाने पर वस्तु में कोई विस्थापन नहीं होता है, तो कोई कार्य नहीं होता है, भले ही कितना भी बल लगाया गया हो। काम होने के लिए विस्थापन का होना अनिवार्य है।
In simple words: काम तभी होता है जब हम किसी चीज़ पर बल लगाएं और वह बल की दिशा में आगे बढ़े।

🎯 Exam Tip: "बल" और "विस्थापन" ये दोनों कारक कार्य की परिभाषा के लिए आवश्यक हैं।

 

Question 10. जब किसी वस्तु पर लगने वाला बल इसके विस्थापन की दिशा में। हो तो किए गए कार्य का व्यंजक लिखिए।
Answer: जब किसी वस्तु पर लगने वाला बल उसके विस्थापन की दिशा में ही हो, तो किया गया कार्य (W) बल (F) और विस्थापन (s) के गुणनफल के बराबर होता है। इसे \( W = F \times s \) सूत्र से व्यक्त किया जाता है। यह कार्य की गणना का सबसे सरल रूप है।
In simple words: जब बल और वस्तु का चलना एक ही दिशा में हो, तो किया गया काम \( W = F \times s \) होता है।

🎯 Exam Tip: इस सूत्र का उपयोग तभी करें जब बल और विस्थापन एक-दूसरे के समानांतर हों।

 

Question 11. 1 J कार्य को परिभाषित कीजिए।
Answer: एक जूल (1 J) कार्य तब होता है जब एक न्यूटन (1 N) का बल किसी वस्तु को बल की दिशा में 1 मीटर (1 m) विस्थापित करता है। यह कार्य और ऊर्जा की SI इकाई है। जूल इकाई ऊर्जा हस्तांतरण की मात्रा को दर्शाती है।
In simple words: 1 जूल काम तब होता है जब 1 न्यूटन बल किसी चीज़ को 1 मीटर दूर खिसका दे।

🎯 Exam Tip: जूल, कार्य और ऊर्जा दोनों का मात्रक है, इसलिए इसे 'न्यूटन-मीटर' के रूप में भी समझा जा सकता है।

 

Question 12. किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा के लिए व्यंजक लिखो।
Answer: यदि \( m \) द्रव्यमान की कोई वस्तु एक समान वेग \( \nu \) से गतिशील है, तो उसकी गतिज ऊर्जा का व्यंजक \( E_k = \frac {1}{2 }mv² \) होता है। यह सूत्र बताता है कि गतिज ऊर्जा वस्तु के द्रव्यमान और वेग के वर्ग पर निर्भर करती है।
In simple words: गतिज ऊर्जा का सूत्र है \( E_k = \frac {1}{2 }mv² \), जहाँ \( m \) वस्तु का वजन और \( \nu \) उसकी गति है।

🎯 Exam Tip: गतिज ऊर्जा वेग के वर्ग पर निर्भर करती है, इसलिए वेग में थोड़ा सा बदलाव भी ऊर्जा में बड़ा अंतर ला सकता है।

 

Question 13. जब किसी तीर को छोड़ा जाता है तो उसकी गतिज ऊर्जा कहाँ से प्राप्त होती है?
Answer: जब किसी तीर को छोड़ा जाता है, तो उसकी गतिज ऊर्जा धनुष की खींची हुई डोरी में संचित स्थितिज ऊर्जा से प्राप्त होती है। डोरी को खींचने पर जो कार्य किया जाता है, वह उसमें स्थितिज ऊर्जा के रूप में जमा हो जाता है, और छोड़ने पर यही ऊर्जा तीर को गतिज ऊर्जा में बदल देती है। यह स्थितिज ऊर्जा का गतिज ऊर्जा में रूपांतरण है।
In simple words: तीर को छोड़ने पर जो गतिज ऊर्जा मिलती है, वह धनुष की खींची हुई डोरी की जमा की हुई ऊर्जा (स्थितिज ऊर्जा) से आती है।

🎯 Exam Tip: स्थितिज ऊर्जा को अक्सर "संग्रहीत ऊर्जा" कहा जाता है, जो बाद में गतिज ऊर्जा में बदल सकती है।

 

Question 14. पृथ्वी की सतह से h ऊँचाई पर किसी m द्रव्यमान की वस्तु की स्थितिज ऊर्जा कितनी होती है ?
Answer: पृथ्वी की सतह से \( h \) ऊँचाई पर स्थित \( m \) द्रव्यमान की किसी वस्तु की स्थितिज ऊर्जा \( \text{mgh} \) होती है। यह स्थितिज ऊर्जा केवल वस्तु की ऊँचाई पर निर्भर करती है, न कि उस पथ पर जिससे वह उस ऊँचाई तक पहुँची है। गुरुत्वाकर्षण बल के विरुद्ध किए गए कार्य के कारण यह ऊर्जा वस्तु में संचित होती है।
In simple words: \( h \) ऊँचाई पर रखी \( m \) वजन की चीज़ की ऊर्जा \( \text{mgh} \) होती है।

🎯 Exam Tip: स्थितिज ऊर्जा के लिए संदर्भ बिंदु (जैसे पृथ्वी की सतह) का स्पष्ट रूप से उल्लेख करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 16. एक वृत्ताकार पथ में गति कर रही वस्तु द्वारा एक चक्कर में किये गये कार्य का मान कितना होगा?
Answer: एक वृत्ताकार पथ में गति कर रही वस्तु द्वारा एक पूर्ण चक्कर में किया गया कार्य शून्य होता है। इसका कारण यह है कि एक पूर्ण चक्कर के बाद वस्तु का अंतिम विस्थापन शून्य होता है, क्योंकि वस्तु अपनी प्रारंभिक स्थिति में लौट आती है। कार्य की गणना के लिए विस्थापन का होना आवश्यक है।
In simple words: गोल घूमने वाली चीज़ एक चक्कर पूरा करने पर कोई काम नहीं करती, क्योंकि वह जहाँ से शुरू करती है वहीं वापस आ जाती है।

🎯 Exam Tip: कार्य शून्य होता है यदि विस्थापन शून्य हो या बल विस्थापन की दिशा के लंबवत हो।

 

Question 17. न्यूनतम तथा अधिकतम कार्य के लिये बल तथा विस्थापन के बीच कितना कोण होगा?
Answer: न्यूनतम कार्य के लिए बल और विस्थापन के बीच का कोण \( 90^\circ \) (लंबवत) होना चाहिए, जिससे किया गया कार्य शून्य हो। अधिकतम कार्य के लिए बल और विस्थापन के बीच का कोण \( 0^\circ \) (समानांतर) होना चाहिए, जिससे किया गया कार्य सबसे अधिक हो।
In simple words: सबसे कम काम के लिए बल और दूरी के बीच \( 90^\circ \) का कोण होना चाहिए और सबसे ज़्यादा काम के लिए \( 0^\circ \) का कोण होना चाहिए।

🎯 Exam Tip: \( \text{कार्य} = \text{Fscos}\theta \) सूत्र में \( \text{cos}\theta \) का मान \( 0^\circ \) पर 1 और \( 90^\circ \) पर 0 होता है, जो कार्य को अधिकतम और न्यूनतम करता है।

 

Question 18. हथौड़े द्वारा कील पर प्रहार करना कौनसी ऊर्जा का उदाहरण है?
Answer: हथौड़े द्वारा कील पर प्रहार करना यांत्रिक ऊर्जा का एक उदाहरण है। इसमें हथौड़े की गतिज ऊर्जा कील में स्थानांतरित होती है, जिससे कील में प्रवेश करने का कार्य होता है। यह बल और गति के संयोजन को दर्शाता है।
In simple words: हथौड़े से कील ठोकना 'यांत्रिक ऊर्जा' का उदाहरण है।

🎯 Exam Tip: यांत्रिक ऊर्जा में गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा दोनों शामिल होती हैं।

 

Question 19. धनुष से तीर चलाना, खिलौना पिस्तौल से डार्ट का निकलना कौनसी ऊर्जा के उदाहरण हैं ?
Answer: धनुष से तीर चलाना और खिलौना पिस्तौल से डार्ट का निकलना दोनों ही यांत्रिक ऊर्जा के उदाहरण हैं। इन दोनों स्थितियों में, संचित स्थितिज ऊर्जा (जैसे खींचे हुए धनुष की डोरी या दबी हुई स्प्रिंग) गतिज ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है, जिससे वस्तु गति करती है।
In simple words: धनुष से तीर चलाना और खिलौना पिस्तौल से डार्ट फेंकना 'यांत्रिक ऊर्जा' के उदाहरण हैं।

🎯 Exam Tip: यांत्रिक ऊर्जा का उपयोग दैनिक जीवन में वस्तुओं को गति देने और काम करने के लिए किया जाता है।

 

Question 20. गतिज ऊर्जा किस पर निर्भर करती है?
Answer: गतिज ऊर्जा वस्तु के द्रव्यमान और उसके वेग पर निर्भर करती है। द्रव्यमान जितना अधिक होगा और वेग जितना अधिक होगा, गतिज ऊर्जा उतनी ही अधिक होगी। इसे सूत्र \( E_k = \frac {1}{2 }mv² \) द्वारा व्यक्त किया जाता है।
In simple words: गतिज ऊर्जा वस्तु के वजन और उसकी गति पर निर्भर करती है।

🎯 Exam Tip: वेग का वर्ग होने के कारण, वेग में छोटा परिवर्तन भी गतिज ऊर्जा पर बड़ा प्रभाव डालता है।

 

Question 21. किसी वस्तु को पृथ्वी की सतह से ऊपर उठाने के लिए न्यूनतम आवश्यक बल किसके बराबर होता है?
Answer: किसी वस्तु को पृथ्वी की सतह से ऊपर उठाने के लिए न्यूनतम आवश्यक बल वस्तु के भार (वजन) के बराबर होता है। यह बल गुरुत्वाकर्षण बल को संतुलित करता है, जिससे वस्तु ऊपर की ओर गति कर सके।
In simple words: किसी चीज़ को ऊपर उठाने के लिए उसके वजन के बराबर बल लगाना पड़ता है।

🎯 Exam Tip: भार \( = \text{द्रव्यमान} \times \text{गुरुत्वीय त्वरण} (\text{mg}) \) होता है।

 

Question 23. घर्षण के विरुद्ध किये गये कार्य में कौनसी ऊर्जा का ह्रास होता है?
Answer: घर्षण के विरुद्ध किए गए कार्य में गतिज ऊर्जा का ह्रास होता है। घर्षण बल गति का विरोध करता है, जिससे वस्तु की गतिज ऊर्जा कम हो जाती है और यह ऊर्जा सामान्यतः ऊष्मा ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है। यह ऊर्जा का एक अनुपयोगी रूपांतरण है।
In simple words: घर्षण के कारण गतिज ऊर्जा कम हो जाती है।

🎯 Exam Tip: घर्षण एक असंरक्षी बल है जो हमेशा यांत्रिक ऊर्जा को अन्य रूपों (जैसे ऊष्मा) में परिवर्तित करके हानि पहुँचाता है।

 

Question 24. क्या वस्तु में बिना संवेग के ऊर्जा सम्भव है ?
Answer: हाँ, वस्तु में बिना संवेग के भी ऊर्जा संभव है, और इसका उदाहरण स्थितिज ऊर्जा है। एक वस्तु जो स्थिर है लेकिन किसी ऊँचाई पर रखी हुई है, उसमें गुरुत्वाकर्षण स्थितिज ऊर्जा होती है, लेकिन उसका संवेग शून्य होता है क्योंकि वह गति में नहीं है।
In simple words: हाँ, बिना चले भी चीज़ में ऊर्जा हो सकती है, जैसे रुकी हुई चीज़ में जमा ऊर्जा।

🎯 Exam Tip: संवेग हमेशा गति से जुड़ा होता है, जबकि ऊर्जा गतिज या स्थितिज दोनों रूपों में हो सकती है।

 

Question 25. विद्युत संयंत्र का ब्लॉक आरेख खींचिये।
Answer: विद्युत संयंत्र का ब्लॉक आरेख नीचे दिया गया है, जो ऊर्जा रूपांतरण की मुख्य प्रक्रियाओं को दर्शाता है:
कोयला दहन अथवा नाभिकीय अथवा सौर ऊष्मा संयंत्र पानी भाप टरबाइन व जनित्र शीतलक
In simple words: यह चित्र दिखाता है कि बिजली बनाने के लिए कोयले, परमाणु या सौर ऊर्जा से गर्मी पैदा की जाती है, जो पानी को भाप में बदलती है। फिर यह भाप टरबाइन को चलाकर बिजली पैदा करती है और ठंडी होकर वापस पानी बन जाती है।

🎯 Exam Tip: आरेख में प्रत्येक घटक का कार्य और ऊर्जा के प्रवाह की दिशा को ध्यान से देखें।

 

Question 26. कौनसा विद्युत संयंत्र वातावरण के लिए हितकारी है?
Answer: पवन ऊर्जा संयंत्र वातावरण के लिए सबसे अधिक हितकारी माने जाते हैं। ये संयंत्र हवा की गतिज ऊर्जा का उपयोग करके बिजली पैदा करते हैं, जिससे जीवाश्म ईंधन जलाने की आवश्यकता नहीं होती और कार्बन उत्सर्जन कम होता है। यह एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है।
In simple words: पवन ऊर्जा संयंत्र पर्यावरण के लिए अच्छे होते हैं क्योंकि ये हवा से बिजली बनाते हैं और प्रदूषण नहीं करते।

🎯 Exam Tip: नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के पर्यावरणीय लाभों को हमेशा उजागर करें।

 

Question 27. शक्ति क्या है?
Answer: शक्ति (Power) किसी कारक या साधन द्वारा कार्य करने की दर को कहते हैं। यह इस बात का माप है कि कितनी तेज़ी से ऊर्जा का स्थानांतरण या रूपांतरण हो रहा है। इसे जूल प्रति सेकंड या वाट में मापा जाता है।
In simple words: शक्ति का मतलब है कि कोई काम कितनी जल्दी किया जाता है।

🎯 Exam Tip: शक्ति की परिभाषा में 'कार्य करने की दर' मुख्य वाक्यांश है।

 

Question 28. 1 वाट शक्ति को परिभाषित कीजिए।
Answer: 1 वाट शक्ति (1 Watt) किसी स्रोत द्वारा एक सेकंड में एक जूल ऊर्जा खर्च करने की दर को परिभाषित करती है। इसका अर्थ है कि यदि कोई उपकरण प्रति सेकंड 1 जूल ऊर्जा का उपभोग करता है, तो उसकी शक्ति 1 वाट है।
\[ 1 \text{ वाट} = \frac {1 \text{ जूल}}{1 \text{ सेकण्ड}} \]
In simple words: 1 वाट का मतलब है 1 जूल ऊर्जा का 1 सेकंड में खर्च होना।

🎯 Exam Tip: वाट शक्ति की SI इकाई है, और इसका उपयोग विद्युत उपकरणों की रेटिंग में व्यापक रूप से किया जाता है।

 

Question 29. औसत शक्ति को परिभाषित कीजिए।
Answer: औसत शक्ति, कुल उपयोग की गई ऊर्जा को कुल लिए गए समय से भाग देकर निकाली गई शक्ति को कहते हैं। यह किसी प्रक्रिया के दौरान औसतन कितनी शक्ति का उपयोग किया गया, इसका माप है।
\[ \text{औसत शक्ति} = \frac {\text{कुल उपयोग की गई ऊर्जा}}{\text{कुल लिया गया समय}} \]
In simple words: औसत शक्ति = कुल ऊर्जा / कुल समय।

🎯 Exam Tip: औसत शक्ति की गणना के लिए कुल कार्य या ऊर्जा और कुल समय दोनों की आवश्यकता होती है।

 

Question 30. किसी निकाय में अभिविन्यास के कारण कौनसी ऊर्जा संग्रहित होगी?
Answer: किसी निकाय में अभिविन्यास (आकृति या स्थिति) के कारण स्थितिज ऊर्जा संग्रहित होती है। यह ऊर्जा उस निकाय की वर्तमान स्थिति के कारण उसमें निहित होती है और इसमें कार्य करने की क्षमता होती है।
In simple words: किसी चीज़ की बनावट या उसकी जगह के कारण उसमें 'स्थितिज ऊर्जा' जमा होती है।

🎯 Exam Tip: स्थितिज ऊर्जा हमेशा 'संग्रहीत ऊर्जा' होती है जिसमें कार्य करने की क्षमता होती है।

 

Question 31. घड़ी में चाबी भरने पर स्प्रिंग में कौनसी ऊर्जा संचित होती है ? घड़ी के चलते रहने पर यह ऊर्जा कौनसी ऊर्जा में परिवर्तित होती है?
Answer: घड़ी में चाबी भरने पर स्प्रिंग में स्थितिज ऊर्जा संचित होती है। जैसे-जैसे घड़ी चलती रहती है, यह संचित स्थितिज ऊर्जा धीरे-धीरे गतिज ऊर्जा में परिवर्तित होती जाती है, जिससे घड़ी के पुर्जे चलते रहते हैं। यह ऊर्जा रूपांतरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
In simple words: घड़ी में चाबी भरने पर स्प्रिंग में स्थितिज ऊर्जा जमा होती है, और जब घड़ी चलती है तो यह गतिज ऊर्जा में बदल जाती है।

🎯 Exam Tip: यह स्थितिज ऊर्जा का यांत्रिक गति में रूपांतरण दिखाता है, जो कई उपकरणों में एक सामान्य सिद्धांत है।

 

Question 32. विद्युत हीटर के फिलामेन्ट में विद्युत ऊर्जा किस रूप में परिवर्तित होती है?
Answer: विद्युत हीटर के फिलामेंट में विद्युत ऊर्जा ऊष्मीय ऊर्जा के रूप में परिवर्तित होती है। जब विद्युत धारा फिलामेंट से गुज़रती है, तो उसके प्रतिरोध के कारण वह गर्म हो जाता है और ऊष्मा उत्पन्न करता है। यही ऊष्मा हीटर का मुख्य कार्य है।
In simple words: विद्युत हीटर के तार में बिजली की ऊर्जा गर्मी में बदल जाती है।

🎯 Exam Tip: विद्युत प्रतिरोध के कारण विद्युत ऊर्जा का ऊष्मा में रूपांतरण होता है, जिसे जूल हीटिंग प्रभाव कहते हैं।

 

Question 34. एक व्यक्ति 200 न्यूटन के बलं से एक मकान की दीवार को धक्का दे रहा है। किया गया कार्य क्या होगा?
Answer: यदि कोई व्यक्ति 200 न्यूटन के बल से एक दीवार को धक्का दे रहा है, तो किया गया कार्य शून्य होगा। इसका कारण यह है कि दीवार में कोई विस्थापन नहीं होता है। भौतिकी में कार्य तब होता है जब बल लगाने पर वस्तु विस्थापित हो।
In simple words: अगर कोई दीवार को धक्का दे रहा है और दीवार नहीं हिलती, तो कोई काम नहीं होता।

🎯 Exam Tip: कार्य शून्य होता है यदि विस्थापन शून्य हो, भले ही लगाया गया बल बहुत अधिक हो।

 

Question 35. एक क्षैतिज दिशा में गतिशील वस्तु के लिए गुरुत्वीय बल के विरुद्ध कोई कार्य नहीं किया जाता है। क्यों?
Answer: एक क्षैतिज दिशा में गतिशील वस्तु के लिए गुरुत्वीय बल के विरुद्ध कोई कार्य नहीं किया जाता है क्योंकि क्षैतिज गति में ऊँचाई का मान (ऊर्ध्वाधर विस्थापन) शून्य होता है। गुरुत्वाकर्षण बल ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर कार्य करता है, इसलिए यह केवल ऊर्ध्वाधर विस्थापन के लिए ही कार्य करता है।
In simple words: कोई चीज़ सीधी चलती है तो गुरुत्वाकर्षण बल कोई काम नहीं करता, क्योंकि उसकी ऊँचाई नहीं बदलती।

🎯 Exam Tip: गुरुत्वीय बल द्वारा किया गया कार्य केवल ऊर्ध्वाधर घटक पर निर्भर करता है, क्षैतिज घटक पर नहीं।

 

Question 36. 1 हॉर्सपॉवर कितने वाट के बराबर होता है ?
Answer: एक हॉर्सपॉवर (horsepower) 746 वाट के बराबर होता है। हॉर्सपॉवर शक्ति की एक पुरानी इकाई है, जबकि वाट शक्ति की अंतर्राष्ट्रीय (SI) इकाई है। इस रूपांतरण का उपयोग विभिन्न मापन प्रणालियों के बीच होता है।
In simple words: 1 हॉर्सपॉवर 746 वाट के बराबर होता है।

🎯 Exam Tip: हॉर्सपॉवर का उपयोग अक्सर इंजन की शक्ति मापने के लिए किया जाता है, जबकि वाट विद्युत शक्ति के लिए अधिक सामान्य है।

 

Question 37. चाबी से चलने वाली एक खिलौना कार में किस प्रकार का ऊर्जा रूपान्तरण होता है?
Answer: चाबी से चलने वाली एक खिलौना कार में स्थितिज ऊर्जा का गतिज ऊर्जा में रूपांतरण होता है। चाबी भरने पर स्प्रिंग में यांत्रिक स्थितिज ऊर्जा संचित होती है, और जब कार चलती है, तो यह स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा में बदल जाती है।
In simple words: चाबी वाली खिलौना कार में जमा ऊर्जा (स्थितिज) चलने वाली ऊर्जा (गतिज) में बदल जाती है।

🎯 Exam Tip: यह उदाहरण ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत को दर्शाता है, जहाँ ऊर्जा एक रूप से दूसरे रूप में बदलती है।

 

Question 38. जब आप किसी वस्तु को बल लगाकर ऊपर की ओर उठाते हैं तो कौन-सा बल कार्य करता है?
Answer: जब आप किसी वस्तु को बल लगाकर ऊपर की ओर उठाते हैं, तो गुरुत्वीय बल वस्तु पर नीचे की ओर कार्य करता है। आपके द्वारा लगाया गया बल गुरुत्वीय बल के विरुद्ध कार्य करता है, जिससे वस्तु की स्थितिज ऊर्जा बढ़ती है।
In simple words: जब किसी चीज़ को ऊपर उठाते हैं तो 'गुरुत्वीय बल' नीचे की ओर काम करता है।

🎯 Exam Tip: आपके द्वारा किया गया कार्य गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि के बराबर होता है।

 

Question 39. ऊर्जा के लिए सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत कौन-सा है?
Answer: ऊर्जा के लिए सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत सूर्य है। सूर्य की ऊर्जा पृथ्वी पर जीवन और लगभग सभी प्राकृतिक प्रक्रियाओं को संचालित करती है, जिसमें प्रकाश संश्लेषण, मौसम और जल चक्र शामिल हैं। यह एक नवीकरणीय और अनंत ऊर्जा स्रोत है।
In simple words: सूर्य ऊर्जा का सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत है।

🎯 Exam Tip: सूर्य की ऊर्जा पृथ्वी पर कई अन्य ऊर्जा स्रोतों (जैसे जीवाश्म ईंधन, पवन ऊर्जा) का अप्रत्यक्ष स्रोत भी है।

 

Question 40. ऊर्जा में वृद्धि कब होती है?
Answer: जब किसी वस्तु की गति बढ़ती है, तो उसकी गतिज ऊर्जा में वृद्धि होती है। गतिज ऊर्जा वस्तु के द्रव्यमान और वेग के वर्ग पर निर्भर करती है, इसलिए वेग में वृद्धि से ऊर्जा में भी वृद्धि होती है।
In simple words: जब किसी चीज़ की गति बढ़ती है, तो उसकी गतिज ऊर्जा बढ़ती है।

🎯 Exam Tip: ऊर्जा की वृद्धि हमेशा किसी न किसी कार्य या ऊर्जा के रूपांतरण का परिणाम होती है।

 

Question 42. किसी पिण्ड के वेग में क्या परिवर्तन करना चाहिए, जिससे कि पिण्ड का द्रव्यमान चार गुना बढ़ाने पर भी उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन न हो?
Answer: यदि किसी पिंड का द्रव्यमान चार गुना बढ़ाया जाता है और उसकी गतिज ऊर्जा में कोई परिवर्तन नहीं चाहिए, तो पिंड के वेग को आधा करना पड़ेगा। इसका कारण यह है कि गतिज ऊर्जा \( \frac {1}{2 }mv² \) होती है, इसलिए द्रव्यमान को चार गुना करने पर वेग को आधा करने से वेग का वर्ग एक-चौथाई हो जाएगा और कुल गतिज ऊर्जा समान रहेगी।
In simple words: अगर किसी चीज़ का वजन चार गुना बढ़ा दें और उसकी ऊर्जा वही रखनी हो, तो उसकी गति को आधा करना पड़ेगा।

🎯 Exam Tip: गतिज ऊर्जा वेग के वर्ग पर निर्भर करती है, इसलिए वेग में परिवर्तन का प्रभाव द्रव्यमान में परिवर्तन के प्रभाव से अधिक होता है।

 

Question 43. जब बल न्यूटन में एवं विस्थापन मीटर में हो तो कार्य का मात्रक लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, मॉडल पेपर, 2017-18)
Answer: जब बल न्यूटन (Newton) में और विस्थापन मीटर (meter) में हो, तो कार्य का मात्रक जूल (Joule) होता है। यह SI प्रणाली में कार्य और ऊर्जा की मानक इकाई है। 1 जूल = 1 न्यूटन-मीटर।
In simple words: जब बल को न्यूटन में और दूरी को मीटर में नापते हैं, तो काम को जूल में नापते हैं।

🎯 Exam Tip: न्यूटन-मीटर और जूल एक ही इकाई को दर्शाते हैं, दोनों को एक दूसरे के स्थान पर उपयोग किया जा सकता है।

 

Question 44. एक किलोवॉट घंटा (1 kWh) में जूल मात्रकों की संख्या लिखिए। (माध्य. शिक्षा बोर्ड, 2018)
Answer: एक किलोवॉट घंटा (1 kWh) में \( 3.6 \times 10^6 \) जूल होते हैं। यह विद्युत ऊर्जा की खपत को मापने की एक सामान्य इकाई है, जिसे अक्सर "1 यूनिट" भी कहा जाता है।
\[ 1 \text{ kWh} = 3.6 \times 10^6 \text{ जूल} \]
In simple words: 1 किलोवॉट घंटा का मतलब है \( 3.6 \times 10^6 \) जूल।

🎯 Exam Tip: किलोवॉट घंटा ऊर्जा की एक व्यावसायिक इकाई है, जबकि जूल ऊर्जा की SI इकाई है।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. वस्तु पर लग रहे बल के कारण, वस्तु पर कार्य न होने के प्रतिबन्ध बताइये।
Answer: वस्तु पर बल लगने के बावजूद कार्य न होने के लिए निम्नलिखित स्थितियाँ हैं, जहाँ कार्य का मान शून्य होता है:
• जब बल द्वारा वस्तु में कोई विस्थापन न हो, यानी वस्तु गति न करे।
• जब बल विस्थापन की दिशा के लंबवत ( \( 90^\circ \) का कोण) कार्य करे।
• जब विस्थापन की दिशा के अनुदिश बल का कोई घटक शून्य हो। इन तीनों स्थितियों में, भले ही कोई बल लगाया गया हो, भौतिकी के अनुसार कोई कार्य नहीं होता।
In simple words: काम तब नहीं होता जब चीज़ हिलती नहीं है, या बल चीज़ के चलने की दिशा के तिरछे लगता है, या बल का कोई हिस्सा चलने की दिशा में काम नहीं करता।

🎯 Exam Tip: कार्य की गणना के लिए बल और विस्थापन दोनों का होना आवश्यक है, साथ ही उनके बीच का कोण भी महत्वपूर्ण होता है।

 

Question 2. बल द्वारा धनात्मक व ऋणात्मक कार्य कब होता है? प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिये।
Answer: बल द्वारा किया गया कार्य धनात्मक या ऋणात्मक हो सकता है, जो बल और विस्थापन की दिशा पर निर्भर करता है:
• **धनात्मक कार्य**: जब बल विस्थापन की दिशा में कार्य करता है, तो कार्य धनात्मक होता है। उदाहरण के लिए, जब एक घोड़ा गाड़ी खींचता है, तो बल और गाड़ी का विस्थापन एक ही दिशा में होता है।
• **ऋणात्मक कार्य**: जब बल विस्थापन की विपरीत दिशा में कार्य करता है, तो कार्य ऋणात्मक होता है। उदाहरण के लिए, एक चलती हुई गाड़ी पर ब्रेक लगाने पर, ब्रेक बल गाड़ी की गति (विस्थापन) की विपरीत दिशा में लगता है, जिससे ऋणात्मक कार्य होता है। धनात्मक कार्य निकाय की ऊर्जा बढ़ाता है, जबकि ऋणात्मक कार्य ऊर्जा घटाता है।
In simple words: काम तब 'धनात्मक' होता है जब बल और चीज़ का चलना एक ही दिशा में हो (जैसे घोड़ा गाड़ी खींचे)। काम तब 'ऋणात्मक' होता है जब बल चीज़ के चलने की उल्टी दिशा में हो (जैसे गाड़ी में ब्रेक लगना)।

🎯 Exam Tip: कार्य के धनात्मक या ऋणात्मक होने का संकेत यह होता है कि बल वस्तु की गति को बढ़ा रहा है या घटा रहा है।

 

Question 3. क्या गतिज ऊर्जा का मान गति की दिशा पर निर्भर करता है ? क्या गतिज ऊर्जा का मान ऋणात्मक हो सकता है?
Answer: गतिज ऊर्जा का मान वस्तु की गति की दिशा पर निर्भर नहीं करता क्योंकि गतिज ऊर्जा एक अदिश राशि है, जिसका अर्थ है कि इसमें केवल परिमाण होता है, दिशा नहीं। इसलिए, वस्तु किसी भी दिशा में चले, यदि गति समान है, तो गतिज ऊर्जा समान रहेगी। गतिज ऊर्जा का मान कभी भी ऋणात्मक नहीं हो सकता। इसका सूत्र \( K = \frac {1}{2 }mv² \) है, जहाँ द्रव्यमान (m) हमेशा धनात्मक होता है और वेग का वर्ग (\( v² \)) भी हमेशा धनात्मक या शून्य होता है। इसलिए, गतिज ऊर्जा हमेशा धनात्मक या शून्य होती है।
In simple words: गतिज ऊर्जा दिशा पर निर्भर नहीं करती और यह कभी भी कम (ऋणात्मक) नहीं हो सकती।

🎯 Exam Tip: गतिज ऊर्जा हमेशा वस्तु की गति की तीव्रता को मापती है, दिशा को नहीं, इसलिए यह एक अदिश राशि है।

 

Question 4. गुलेल में ऊर्जा कैसे संचित होती है?
Answer: गुलेल में ऊर्जा स्थितिज ऊर्जा के रूप में संचित होती है। जब गुलेल के रबड़ को एक गोली या कंकड़ के साथ खींचा जाता है, तो रबड़ को खींचने में किया गया कार्य उसमें प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा के रूप में जमा हो जाता है। जब गोली को छोड़ा जाता है, तो यह संचित स्थितिज ऊर्जा तेजी से गोली की गतिज ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है, जिससे गोली दूर तक जाती है।
In simple words: गुलेल को खींचने पर रबड़ में ऊर्जा जमा हो जाती है, जिसे स्थितिज ऊर्जा कहते हैं।

🎯 Exam Tip: यह स्थितिज ऊर्जा का एक प्रकार है जिसे प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा कहते हैं, जो किसी वस्तु के आकार में परिवर्तन के कारण जमा होती है।

 

Question 5. नीचे दिये गये कॉलम। से कॉलम ।। को सुमेलन कीजिए-

कॉलम-Iकॉलम-II
(i) शक्ति का मात्रक(a) मी/से.2
(ii) विद्युत ऊर्जा का मात्रक(b) यूनिट
(iii) कार्य का मात्रक(c) कैलोरी
(iv) बल का मात्रक(d) न्यूटन
(v) ऊष्मीय ऊर्जा का मात्रक(e) वाट
(vi) त्वरण का मात्रक(f) जूल


Answer:
(i) शक्ति का मात्रक - (e) वाट
(ii) विद्युत ऊर्जा का मात्रक - (b) यूनिट
(iii) कार्य का मात्रक - (f) जूल
(iv) बल का मात्रक - (d) न्यूटन
(v) ऊष्मीय ऊर्जा का मात्रक - (c) कैलोरी
(vi) त्वरण का मात्रक - (a) मी/से.2
In simple words: सही मिलान हैं: शक्ति-वाट, विद्युत ऊर्जा-यूनिट, कार्य-जूल, बल-न्यूटन, ऊष्मीय ऊर्जा-कैलोरी, त्वरण-मी/से2

🎯 Exam Tip: विभिन्न भौतिक राशियों के मात्रकों को याद रखना गणनाओं को सही करने के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 7. एक महिला और उसकी बेटी एकसमान वेग से दौड़ रही हैं। यदि महिला का द्रव्यमान बेटी से दोगुना है, तो उन दोनों की गतिज ऊर्जा में क्या अनुपात होगा?
Answer: यदि एक महिला और उसकी बेटी एकसमान वेग से दौड़ रही हैं और महिला का द्रव्यमान बेटी से दोगुना है, तो उनकी गतिज ऊर्जाओं का अनुपात 2:1 होगा। गतिज ऊर्जा का सूत्र \( E_k = \frac {1}{2 }mv² \) है। चूँकि वेग समान है, गतिज ऊर्जा सीधे द्रव्यमान के समानुपाती होती है। इसलिए, यदि द्रव्यमान दोगुना है, तो गतिज ऊर्जा भी दोगुनी होगी।
In simple words: अगर माँ का वजन बेटी से दोगुना है और दोनों एक ही गति से दौड़ रही हैं, तो माँ की ऊर्जा बेटी से दोगुनी होगी, यानी अनुपात 2:1 होगा।

🎯 Exam Tip: गतिज ऊर्जा के सूत्रों में द्रव्यमान और वेग के संबंध को समझें, खासकर जब एक कारक स्थिर हो।

 

Question 8. फर्श पर चाबी भरकर खिलौने को रखने पर यह चलने लगता है। क्या उपार्जित ऊर्जा, चाबी द्वारा भरे गए लपेटनों की संख्या पर निर्भर करती है?
Answer: हाँ, खिलौने में उपार्जित ऊर्जा चाबी द्वारा भरे गए लपेटनों की संख्या पर निर्भर करती है। जब खिलौने में चाबी भरी जाती है, तो स्प्रिंग में स्थितिज ऊर्जा संचित होती है। लपेटनों की संख्या जितनी अधिक होगी, स्प्रिंग उतनी ही अधिक संपीड़ित होगी और उसमें उतनी ही अधिक स्थितिज ऊर्जा जमा होगी। यह ऊर्जा फिर गतिज ऊर्जा में बदल जाती है, जिससे खिलौना अधिक देर तक चलता है।
In simple words: हाँ, खिलौने में जमा ऊर्जा इस बात पर निर्भर करती है कि चाबी को कितनी बार घुमाया गया है।

🎯 Exam Tip: स्प्रिंग में संचित ऊर्जा उसके विरूपण (खींचने या दबाने) के वर्ग के समानुपाती होती है।

 

Question 10. गतिज ऊर्जा किसे कहते हैं? इसके कोई तीन उदाहरण दीजिए।
Answer: गतिज ऊर्जा किसी वस्तु में उसकी गति के कारण निहित ऊर्जा को कहते हैं। किसी वस्तु की चाल बढ़ने के साथ उसकी गतिज ऊर्जा बढ़ती है।
**गतिज ऊर्जा के उदाहरण:**
• गतिशील हवा (वायु) की गतिज ऊर्जा से पवन चक्की चलती है और बिजली पैदा करती है।
• नदियों में बहते हुए पानी की गतिज ऊर्जा पन बिजली संयंत्रों में टरबाइन चलाती है, जिससे विद्युत ऊर्जा उत्पन्न होती है।
• एक बंदूक से निकली गोली अपनी गतिज ऊर्जा के कारण ही लक्ष्य को भेद पाती है। गतिज ऊर्जा एक महत्वपूर्ण अवधारणा है जो बताती है कि गतिमान वस्तुएं कैसे काम करती हैं।
In simple words: गतिज ऊर्जा वो ताकत है जो किसी चलती हुई चीज़ में होती है। इसके उदाहरण हैं: पवन चक्की का हवा से चलना, बहते पानी से बिजली बनाना, और गोली का निशाना लगना।

🎯 Exam Tip: गतिज ऊर्जा हमेशा वस्तु की गति से संबंधित होती है; यदि वस्तु गति में नहीं है, तो उसकी गतिज ऊर्जा शून्य होगी।

 

Question 11. स्थितिज ऊर्जा के कोई तीन उदाहरण लिखिए।
Answer: स्थितिज ऊर्जा वह ऊर्जा है जो किसी वस्तु में उसकी स्थिति या अवस्था के कारण संचित होती है।
**स्थितिज ऊर्जा के उदाहरण:**
• पन बिजली संयंत्रों (Hydroelectric plant) में, बाँध में ऊँचाई पर जमा पानी में स्थितिज ऊर्जा होती है, जिसका उपयोग टरबाइन चलाकर बिजली बनाने में किया जाता है।
• एक चाबी भरी हुई घड़ी की स्प्रिंग में स्थितिज ऊर्जा संचित होती है, जो घड़ी को चलाने में मदद करती है।
• तना हुआ धनुष अपनी स्थितिज ऊर्जा के कारण तीर को बहुत दूर तक फेंक सकता है।
• गुलेल में खींची हुई रबड़ की पट्टी की स्थितिज ऊर्जा का उपयोग कंकड़ को काफी दूर फेंकने में होता है। ये सभी उदाहरण दर्शाते हैं कि कैसे स्थितिज ऊर्जा को काम करने की क्षमता के रूप में संग्रहीत किया जाता है।
In simple words: स्थितिज ऊर्जा के उदाहरण हैं: बाँध में जमा पानी, घड़ी की भरी हुई चाबी, और खींचा हुआ धनुष या गुलेल।

🎯 Exam Tip: स्थितिज ऊर्जा को अक्सर "संग्रहीत ऊर्जा" कहा जाता है क्योंकि इसमें काम करने की क्षमता होती है।

 

Question 12. किसी वस्तु को अधिक ऊँचाई तक उठाने पर उसमें अधिक ऊर्जा समाहित हो जाती है। यह ऊर्जा कहाँ से प्राप्त होती है?
Answer: जब किसी वस्तु को अधिक ऊँचाई तक उठाया जाता है, तो उसमें अधिक स्थितिज ऊर्जा समाहित हो जाती है। यह ऊर्जा गुरुत्वाकर्षण बल के विरुद्ध कार्य करने से प्राप्त होती है। जब हम किसी वस्तु को ऊपर उठाते हैं, तो हम गुरुत्वाकर्षण बल के विपरीत बल लगाते हैं और इस प्रक्रिया में किया गया कार्य वस्तु में स्थितिज ऊर्जा के रूप में संचित हो जाता है।
In simple words: जब किसी चीज़ को ऊपर उठाते हैं, तो उसमें ज़्यादा ऊर्जा जमा हो जाती है। यह ऊर्जा गुरुत्वाकर्षण बल के विरुद्ध काम करने से आती है।

🎯 Exam Tip: गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा केवल ऊँचाई में परिवर्तन पर निर्भर करती है, न कि वस्तु को उस ऊँचाई तक ले जाने के रास्ते पर।

 

Question 13. 1 kWh से क्या तात्पर्य है?
Answer: एक किलोवॉट घंटा (1 kWh) ऊर्जा की वह मात्रा है जो 1 किलोवॉट शक्ति के एक उपकरण द्वारा एक घंटे तक उपयोग करने में खर्च होती है।
गणितीय रूप से:
\( 1 \text{ kWh} = 1 \text{ kW} \times 1\text{ h} \)
\( = 1000 \text{ W} \times 3600 \text{ s} \)
\( = 3,600,000 \text{ J} \)
\( 1 \text{ kWh} = 3.6 \times 10^6 \text{ J} \) घरों, उद्योगों और व्यावसायिक संस्थानों में ऊर्जा की खपत को आमतौर पर किलोवॉट घंटा में व्यक्त किया जाता है, जिसे '1 यूनिट' भी कहते हैं।
In simple words: 1 किलोवॉट घंटा (kWh) का मतलब है कि जब 1000 वाट की कोई चीज़ एक घंटे तक चले तो कितनी ऊर्जा खर्च होगी। यह \( 3.6 \times 10^6 \) जूल के बराबर होता है।

🎯 Exam Tip: किलोवॉट घंटा ऊर्जा की एक व्यावसायिक इकाई है, जिसका उपयोग बिजली के बिलों में किया जाता है, जबकि जूल ऊर्जा की SI इकाई है।

 

Question 14. विद्युत ऊर्जा के कोई चार उदाहरण दीजिए।
Answer: विद्युत ऊर्जा के चार उदाहरण निम्नलिखित हैं:
1. कार की बैटरी में रासायनिक अभिक्रियाएँ इलेक्ट्रॉन उत्पन्न करती हैं, जो विद्युत धारा के रूप में गति करते हैं। ये गतिशील आवेश कार के विद्युत परिपथ को विद्युत ऊर्जा प्रदान करते हैं।
2. जब एक इलेक्ट्रिक हीटर या स्टोव को विद्युत परिपथ से जोड़ा जाता है, तो गतिशील विद्युत आवेश उपकरण में प्रवेश करते हैं। यह विद्युत ऊर्जा फिलामेंट में ऊष्मा ऊर्जा में बदल जाती है, जिसका उपयोग खाना पकाने जैसे कार्यों के लिए किया जाता है।
3. मोबाइल फोन में बैटरी से रासायनिक ऊर्जा विद्युत आवेशों को मिलती है, जिससे आवेश गति करते हैं। यह विद्युत ऊर्जा फोन के परिपथ में बहती है, जिससे फोन संचालित होता है।
4. हमारे शरीर में भोजन के पाचन से प्राप्त ऊर्जा का कुछ हिस्सा विद्युत ऊर्जा में बदल जाता है, जो हमारे तंत्रिका तंत्र के माध्यम से मस्तिष्क तक पहुँचता है। यह हृदय की धड़कनों और शरीर के अंगों को संकेत भेजने के लिए भी आवश्यक है। विद्युत ऊर्जा विभिन्न रूपों में आसानी से परिवर्तित हो सकती है।
In simple words: विद्युत ऊर्जा के उदाहरण हैं: कार की बैटरी, इलेक्ट्रिक हीटर, मोबाइल फोन का चलना और हमारे शरीर में तंत्रिका तंत्र का काम।

🎯 Exam Tip: विद्युत ऊर्जा का उपयोग जीवन के विभिन्न पहलुओं में किया जाता है, और यह आसानी से अन्य ऊर्जा रूपों में परिवर्तित हो सकती है।

 

Question 15. नाभिकीय संयंत्र द्वारा विद्युत उत्पादन किस प्रकार होता है?
Answer: नाभिकीय संयंत्रों में विद्युत उत्पादन नाभिकीय विखंडन प्रक्रिया के माध्यम से होता है। इसमें भारी परमाणुओं के नाभिकों को विभाजित किया जाता है, जिससे बड़ी मात्रा में ऊष्मा ऊर्जा निकलती है। यह ऊष्मा पानी को उच्च दबाव वाली भाप में बदलती है। यह भाप टरबाइन को घुमाती है, जो एक जनित्र से जुड़ा होता है, जिससे विद्युत ऊर्जा उत्पन्न होती है। इस प्रकार, नाभिकीय ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है।
दाब कक्ष Core वाष्प जनित्र टरबाइन जनित्र पानी की वाष्प द्रवणित्र शीतलक नदी या झील पानी गर्म पानी ठंडा पानी गर्म पानी
In simple words: नाभिकीय बिजली घर में, परमाणु विखंडन से गर्मी पैदा होती है, जो पानी को भाप में बदलती है। यह भाप टरबाइन चलाकर बिजली बनाती है।

🎯 Exam Tip: नाभिकीय विखंडन और उसके बाद के ऊर्जा रूपांतरण चरणों को समझना नाभिकीय ऊर्जा उत्पादन को स्पष्ट करता है।

 

Question 16. नीचे दिये गये कॉलम। से कॉलम ।। को सुमेलन कीजिए

कॉलम-Iकॉलम-II
(i) सौर ऊष्मा संयंत्र(a) सौर ऊष्मा से विद्युत ऊर्जा
(ii) जलविद्युत संयंत्र(b) विकिरण ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा
(iii) कोयला संयंत्र(c) नाभिकीय ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा
(iv) पवन ऊर्जा संयंत्र(d) गतिज ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा
(v) नाभिकीय संयंत्र(e) स्थितिज ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा


Answer:
(i) सौर ऊष्मा संयंत्र - (a) सौर ऊष्मा से विद्युत ऊर्जा
(ii) जलविद्युत संयंत्र - (e) स्थितिज ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा
(iii) कोयला संयंत्र - (b) विकिरण ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा
(iv) पवन ऊर्जा संयंत्र - (d) गतिज ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा
(v) नाभिकीय संयंत्र - (c) नाभिकीय ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा
In simple words: विभिन्न ऊर्जा संयंत्र ऊर्जा को अलग-अलग रूपों में बदलते हैं, जैसे सौर ऊष्मा से बिजली, पानी की जमा ऊर्जा से बिजली, कोयले से विकिरण ऊर्जा से बिजली, हवा की गति से बिजली और परमाणु ऊर्जा से बिजली।

🎯 Exam Tip: प्रत्येक प्रकार के ऊर्जा संयंत्र में होने वाले मुख्य ऊर्जा रूपांतरण को समझना महत्वपूर्ण है।

निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. संरक्षी व असंरक्षी बलों को परिभाषित कीजिए। इनके उदाहरण भी दीजिए।
Answer: **संरक्षी बल:** संरक्षी बल वे बल होते हैं जिनके द्वारा किया गया कार्य वस्तु के विस्थापन के पथ पर निर्भर नहीं करता, बल्कि केवल उसकी प्रारंभिक और अंतिम स्थिति पर निर्भर करता है। संरक्षी बल के प्रभाव में, एक पूर्ण चक्र में किया गया कुल कार्य शून्य होता है।
*उदाहरण:* प्रत्यानयन बल, गुरुत्वीय बल, केन्द्रीय बल आदि।
**असंरक्षी बल:** असंरक्षी बल वे बल होते हैं जिनके द्वारा किया गया कार्य वस्तु के विस्थापन के पथ पर निर्भर करता है। असंरक्षी बल के प्रभाव में, एक पूर्ण चक्र में किया गया कुल कार्य शून्य नहीं होता है। ये बल यांत्रिक ऊर्जा का ह्रास करते हैं, आमतौर पर ऊष्मा में परिवर्तित करके।
*उदाहरण:* श्यान बल, घर्षण बल, अवमंदन बल आदि।
In simple words: 'संरक्षी बल' वे हैं जो काम करते समय रास्ते पर ध्यान नहीं देते, बस शुरू और खत्म होने की जगह देखते हैं (जैसे गुरुत्वाकर्षण)। 'असंरक्षी बल' वे हैं जो काम करते समय रास्ते पर निर्भर करते हैं (जैसे घर्षण)।

🎯 Exam Tip: संरक्षी बलों के लिए स्थितिज ऊर्जा को परिभाषित किया जा सकता है, जबकि असंरक्षी बल यांत्रिक ऊर्जा को नष्ट करते हैं।

 

Question 2. ऊर्जा का संरक्षण क्या है? स्प्रिंग में ऊर्जा रूपान्तरण को समझाइए।
Answer: **ऊर्जा का संरक्षण:** ऊर्जा संरक्षण के नियम के अनुसार, किसी विलगित निकाय की कुल ऊर्जा सदैव स्थिर रहती है। ऊर्जा को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है; इसे केवल एक रूप से दूसरे रूप में रूपांतरित किया जा सकता है। यह प्रकृति का एक मूलभूत नियम है जो सभी भौतिक प्रक्रियाओं पर लागू होता है।
In simple words: ऊर्जा संरक्षण का मतलब है कि ऊर्जा कभी खत्म नहीं होती या नई बनती नहीं है, बस एक रूप से दूसरे रूप में बदलती रहती है।

🎯 Exam Tip: ऊर्जा संरक्षण का नियम हमेशा एक 'विलगित निकाय' पर लागू होता है, जिसका अर्थ है कि निकाय पर कोई बाहरी बल या ऊर्जा का आदान-प्रदान नहीं होता है।

 

Question 3. स्थितिज ऊर्जा को समझाइए। गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा हेतु आवश्यक सूत्र ज्ञात कीजिए।
Answer: स्थितिज ऊर्जा वह ऊर्जा है जो किसी वस्तु में उसकी स्थिति या आकार में बदलाव के कारण होती है। जब किसी वस्तु को गुरुत्वाकर्षण बल के विरुद्ध ऊपर उठाया जाता है, तो उसमें जो ऊर्जा जमा होती है, उसे गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा कहते हैं। मान लीजिए किसी वस्तु का द्रव्यमान \( m \) है और उसे पृथ्वी की सतह से \( h \) ऊँचाई तक उठाया जाता है। यदि गुरुत्वाकर्षण त्वरण \( g \) है, तो वस्तु पर गुरुत्वीय बल \( F = mg \) लगेगा। इस बल के विरुद्ध वस्तु को \( h \) ऊँचाई तक उठाने में किया गया कार्य ही उसमें गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा के रूप में संचित होगा।
गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा \( E_p = mgh \).
In simple words: स्थितिज ऊर्जा वह ऊर्जा है जो किसी चीज़ की जगह या बनावट बदलने से आती है। गुरुत्वाकर्षण स्थितिज ऊर्जा तब मिलती है जब आप किसी वस्तु को धरती से ऊपर उठाते हैं; इसका सूत्र \( E_p = mgh \) है.

🎯 Exam Tip: स्थितिज ऊर्जा हमेशा किसी संदर्भ बिंदु (जैसे जमीन) के सापेक्ष मापी जाती है, जहाँ ऊर्जा को शून्य माना जाता है।

 

Question 4. सिद्ध कीजिए कि वस्तु ऊँचाई से जैसे-जैसे धरातल की ओर आती है, स्थितिज ऊर्जा घटती है एवं समान मात्रा में गतिज ऊर्जा बढ़ती है।
Answer: जब कोई वस्तु स्वतंत्रतापूर्वक ऊँचाई से नीचे गिरती है, तो उसकी कुल यांत्रिक ऊर्जा (स्थितिज ऊर्जा और गतिज ऊर्जा का योग) स्थिर रहती है। जैसे-जैसे वस्तु नीचे आती है, उसकी ऊँचाई कम होती जाती है, जिसके कारण उसकी स्थितिज ऊर्जा \( (mgh) \) घटती है। लेकिन इसी दौरान वस्तु का वेग बढ़ता जाता है, जिससे उसकी गतिज ऊर्जा \( (\frac{1}{2}mv^2) \) बढ़ती है। ऊर्जा संरक्षण के नियम के अनुसार, स्थितिज ऊर्जा में जितनी कमी आती है, उतनी ही वृद्धि गतिज ऊर्जा में होती है। यह ऊर्जा का एक रूप से दूसरे रूप में रूपांतरण है, जहाँ कुल ऊर्जा अपरिवर्तित रहती है।
A h B C \(E_p = mgh\) \(E_k = \frac{1}{2}mv^2\) गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र पृथ्वी की सतह
In simple words: जब कोई वस्तु ऊपर से नीचे गिरती है, तो उसकी ऊँचाई कम होने से स्थितिज ऊर्जा घटती है। लेकिन गिरने के कारण उसकी गति तेज होती है, जिससे उसकी गतिज ऊर्जा बढ़ती है। दोनों ऊर्जाओं का कुल जोड़ हमेशा बराबर रहता है।

🎯 Exam Tip: यांत्रिक ऊर्जा संरक्षण के नियम में यह समझना महत्वपूर्ण है कि ऊर्जा का केवल रूप बदलता है, लेकिन उसकी कुल मात्रा एक बंद निकाय में हमेशा समान रहती है।

 

Question 5. ऊर्जा से क्या आशय है? ऊर्जा के विभिन्न प्रकारों का वर्णन कीजिए।
Answer: ऊर्जा किसी वस्तु के कार्य करने की क्षमता को कहते हैं। ऊर्जा का मापन उस कुल कार्य से होता है जिसे वस्तु किसी काम को पूरा करने के बाद और अधिक काम नहीं कर सकती। ऊर्जा और कार्य के मात्रक समान होते हैं, और ऊर्जा भी कार्य की तरह एक अदिश राशि है। प्रकृति में ऊर्जा कई रूपों में पाई जाती है।
ऊर्जा के प्रमुख प्रकार:
1. **यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy):** यह किसी वस्तु की गति (गतिज ऊर्जा) या उसकी स्थिति/अवस्था (स्थितिज ऊर्जा) के कारण होती है। उदाहरण के लिए, चलती हुई गाड़ी या ऊपर उठाया गया पत्थर।
2. **रासायनिक ऊर्जा (Chemical Energy):** यह परमाणुओं के बीच रासायनिक बंधों में संचित ऊर्जा है। ईंधन को जलाने या बैटरी में रासायनिक क्रिया से विद्युत ऊर्जा प्राप्त होना इसके उदाहरण हैं।
3. **विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy):** यह आवेशित कणों या विद्युत धाराओं के कारण होती है। बिजली का उपयोग करना या एक इलेक्ट्रिक हीटर का चलना इसके उदाहरण हैं।
4. **नाभिकीय ऊर्जा (Nuclear Energy):** यह परमाणुओं के नाभिकीय कणों के बीच लगने वाले बलों के कारण होती है। नाभिकीय विखंडन या संलयन से ऊर्जा उत्पन्न होती है।
5. **गुरुत्वीय ऊर्जा (Gravitational Energy):** यह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण किसी वस्तु की ऊँचाई या स्थिति से जुड़ी ऊर्जा है। झरनों में पानी का ऊपर से नीचे गिरना इसका एक उदाहरण है।
In simple words: ऊर्जा का मतलब काम करने की ताकत। यह कई तरह की होती है, जैसे चलती चीज़ की ऊर्जा (यांत्रिक), केमिकल में छुपी ऊर्जा (रासायनिक), बिजली (विद्युत), एटम के अंदर की ऊर्जा (नाभिकीय), और ऊपर रखी चीज़ की ऊर्जा (गुरुत्वीय).

🎯 Exam Tip: ऊर्जा की परिभाषा और उसके विभिन्न रूपों को उदाहरणों के साथ याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भौतिकी का एक मूलभूत सिद्धांत है।

 

Question 6. यांत्रिक ऊर्जा से आप क्या समझते हैं? उदाहरणों द्वारा समझाइए।
Answer: यांत्रिक ऊर्जा किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा (उसकी गति के कारण ऊर्जा) और स्थितिज ऊर्जा (उसकी स्थिति या अवस्था के कारण ऊर्जा) के योग को कहते हैं। यह वह ऊर्जा है जिसके कारण कोई वस्तु कार्य कर सकती है।
**उदाहरण:**
1. **हथौड़े और कील का उदाहरण:** जब एक हथौड़े को ऊपर उठाया जाता है, तो उसमें गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा जमा होती है। जब हथौड़ा नीचे गिरकर कील पर प्रहार करता है, तो यह स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा में बदल जाती है। यह गतिज ऊर्जा कील को लकड़ी में धकेलने का काम करती है। इस पूरी प्रक्रिया में, हथौड़े की स्थितिज और गतिज ऊर्जा का कुल योग यांत्रिक ऊर्जा कहलाता है।
2. **धनुष और तीर का उदाहरण:**
स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा तीर \( \rightarrow \)
जब एक धनुष को खींचकर उसकी डोरी को तनाव में लाया जाता है, तो डोरी में प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा संचित हो जाती है। इस स्थितिज ऊर्जा के कारण तीर को दूर तक फेंका जा सकता है। जब डोरी छोड़ी जाती है, तो यह स्थितिज ऊर्जा तीर की गतिज ऊर्जा में बदल जाती है, जिससे तीर गति करता है।
In simple words: यांत्रिक ऊर्जा चीज़ों की गति (चलने) और उनकी जगह (रुकने) से आती है। जैसे, हथौड़ा ऊपर उठाने पर उसमें ऊर्जा जमा होती है और जब वह कील पर लगता है तो वह कील को अंदर धकेलता है.

🎯 Exam Tip: यांत्रिक ऊर्जा हमेशा गतिज और स्थितिज ऊर्जा का कुल जोड़ होती है। इसके उदाहरणों को वास्तविक जीवन से जोड़कर समझना आसान होता है।

 

Question 1. यदि किसी कार का द्रव्यमान 1500 kg है तो उसके वेग को 30 km/h से 60 km/h तक बढ़ाने में कितना कार्य करना पड़ेगा?
Answer: हमें कार के वेग में परिवर्तन के लिए किए गए कार्य की गणना करनी है। किया गया कार्य कार की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होगा।
दिया है:
कार का द्रव्यमान \( m = 1500 \text{ kg} \)
कार का प्रारंभिक वेग \( u = 30 \text{ km/h} \)
पहले हम वेग को मीटर प्रति सेकंड (m/s) में बदलेंगे:
\( u = 30 \text{ km/h} = 30 \times \frac{1000 \text{ m}}{3600 \text{ s}} = 30 \times \frac{5}{18} \text{ m/s} = \frac{25}{3} \text{ m/s} \)
कार का अंतिम वेग \( v = 60 \text{ km/h} \)
\( v = 60 \text{ km/h} = 60 \times \frac{5}{18} \text{ m/s} = \frac{50}{3} \text{ m/s} \)
प्रारंभिक गतिज ऊर्जा \( E_{k1} = \frac{1}{2}mu^2 = \frac{1}{2} \times 1500 \times \left(\frac{25}{3}\right)^2 \)
\( E_{k1} = 750 \times \frac{625}{9} = \frac{468750}{9} = 52083.33 \text{ J} \)
अंतिम गतिज ऊर्जा \( E_{k2} = \frac{1}{2}mv^2 = \frac{1}{2} \times 1500 \times \left(\frac{50}{3}\right)^2 \)
\( E_{k2} = 750 \times \frac{2500}{9} = \frac{1875000}{9} = 208333.33 \text{ J} \)
किया गया कार्य \( W = E_{k2} - E_{k1} \)
\( W = 208333.33 \text{ J} - 52083.33 \text{ J} \)
\( W = 156250 \text{ J} \)
अतः, वेग बढ़ाने के लिए किया गया कार्य 156250 जूल होगा। यह कार्य ऊर्जा-कार्य प्रमेय के अनुसार वस्तु की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है।
In simple words: कार का वेग बदलने के लिए जितनी ऊर्जा लगी, वही किया गया काम है. हमने पहले कार की शुरुआती और आखिरी गतिज ऊर्जा निकाली, फिर दोनों का अंतर निकाल दिया.

🎯 Exam Tip: वेग को किलोमीटर प्रति घंटा से मीटर प्रति सेकंड में बदलना न भूलें ( \( \times \frac{5}{18} \) ) और कार्य-ऊर्जा प्रमेय (किया गया कार्य गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है) को याद रखें।

 

Question 2. दो लड़कियाँ जिनमें से प्रत्येक का भार 400 N है, एक रस्से पर 8 m की ऊँचाई तक चढ़ती हैं। हम एक लड़की का नाम A रखते हैं तथा दूसरी का B। इस कार्य को पूरा करने में लड़की A, 20 s का समय लेती है, जबकि लड़की B, 50 s का समय लेती है। प्रत्येक लड़की द्वारा व्यय की गई शक्ति का परिकलन कीजिए।
Answer: शक्ति की गणना करने के लिए हमें प्रत्येक लड़की द्वारा किए गए कार्य और लिए गए समय की आवश्यकता होगी।
भार (बल) \( W = mg = 400 \text{ N} \)
ऊँचाई (विस्थापन) \( h = 8 \text{ m} \)
किया गया कार्य (दोनों लड़कियों के लिए समान होगा) \( = \text{भार} \times \text{ऊँचाई} = 400 \text{ N} \times 8 \text{ m} = 3200 \text{ J} \)
**लड़की A के लिए:**
समय \( t_A = 20 \text{ s} \)
शक्ति \( P_A = \frac{\text{कार्य}}{\text{समय}} = \frac{3200 \text{ J}}{20 \text{ s}} = 160 \text{ W} \)
**लड़की B के लिए:**
समय \( t_B = 50 \text{ s} \)
शक्ति \( P_B = \frac{\text{कार्य}}{\text{समय}} = \frac{3200 \text{ J}}{50 \text{ s}} = 64 \text{ W} \)
अतः, लड़की A द्वारा व्यय की गई शक्ति 160 W है और लड़की B द्वारा व्यय की गई शक्ति 64 W है। यह दिखाता है कि जो कम समय में काम करता है उसकी शक्ति ज़्यादा होती है।
In simple words: दोनों लड़कियों ने रस्सी पर चढ़ने का काम एक जैसा किया, पर एक ने जल्दी किया और दूसरी ने धीरे. जिसने जल्दी किया (लड़की A) उसकी ताकत (शक्ति) ज़्यादा निकली.

🎯 Exam Tip: शक्ति की गणना करते समय, सुनिश्चित करें कि आपने कार्य (बल \( \times \) विस्थापन) और समय दोनों को सही इकाइयों में बदला है, और शक्ति को हमेशा वाट में व्यक्त किया जाता है।

 

Question 3. 50 kg द्रव्यमान का एक लड़का एक सोपान (जीना) पर दौड़कर 45 सीढ़ियाँ 9s में चढ़ता है। यदि प्रत्येक सीढ़ी की ऊँचाई 15 cm हो तो उसकी शक्ति का परिकलन कीजिए। \( g \) को मान 10 m/s² लीजिए।
Answer: हमें लड़के द्वारा चढ़ाई गई सीढ़ियों के लिए उसकी शक्ति की गणना करनी है।
दिया है:
लड़के का द्रव्यमान \( m = 50 \text{ kg} \)
सीढ़ियों की कुल संख्या = 45
प्रत्येक सीढ़ी की ऊँचाई = 15 \text{ cm} = 0.15 \text{ m} \)
कुल ऊँचाई \( h = 45 \times 0.15 \text{ m} = 6.75 \text{ m} \)
लिया गया समय \( t = 9 \text{ s} \)
गुरुत्वाकर्षण त्वरण \( g = 10 \text{ m/s}^2 \)
लड़के का भार \( F = mg = 50 \text{ kg} \times 10 \text{ m/s}^2 = 500 \text{ N} \)
किया गया कार्य \( W = F \times h = 500 \text{ N} \times 6.75 \text{ m} = 3375 \text{ J} \)
शक्ति \( P = \frac{\text{कार्य}}{\text{समय}} = \frac{3375 \text{ J}}{9 \text{ s}} = 375 \text{ W} \)
अतः, लड़के द्वारा व्यय की गई शक्ति 375 वाट है। यह शक्ति उस दर को दर्शाती है जिस पर वह गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध कार्य करता है।
In simple words: लड़के ने सीढ़ियाँ चढ़ने में जितनी ताकत लगाई, उसे निकालने के लिए, पहले हमने कुल ऊँचाई निकाली. फिर उसके वज़न और ऊँचाई से किया गया काम निकाला. आखिर में, उस काम को समय से भाग करके शक्ति बता दी.

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में कुल ऊँचाई (सीढ़ियों की संख्या × प्रत्येक सीढ़ी की ऊँचाई) की सही गणना करना और cm को m में बदलना महत्वपूर्ण है।

 

Question 4. एक गतिशील वस्तु की चाल कितनी कर दी जाए जिससे उसकी प्रारंभिक गतिज ऊर्जा की आधी रह जावे?
Answer: हमें यह पता लगाना है कि गतिज ऊर्जा को आधा करने के लिए वस्तु की चाल को कितना बदलना होगा।
माना वस्तु का द्रव्यमान \( m \) है।
प्रारंभिक वेग \( v_1 \) है।
प्रारंभिक गतिज ऊर्जा \( E_{k1} = \frac{1}{2}mv_1^2 \)
यदि गतिज ऊर्जा प्रारंभिक गतिज ऊर्जा की आधी रह जाती है, तो नई गतिज ऊर्जा \( E_{k2} = \frac{1}{2}E_{k1} \) होगी।
माना नया वेग \( v_2 \) है।
तब, \( E_{k2} = \frac{1}{2}mv_2^2 \)
इसलिए, \( \frac{1}{2}mv_2^2 = \frac{1}{2} \left(\frac{1}{2}mv_1^2\right) \)
\( \implies \frac{1}{2}mv_2^2 = \frac{1}{4}mv_1^2 \)
दोनों तरफ \( \frac{1}{2}m \) से भाग देने पर:
\( \implies v_2^2 = \frac{1}{2}v_1^2 \)
दोनों तरफ वर्गमूल लेने पर:
\( \implies v_2 = \sqrt{\frac{1}{2}}v_1 \)
\( \implies v_2 = \frac{1}{\sqrt{2}}v_1 \)
अतः, वस्तु की चाल को प्रारंभिक चाल की \( \frac{1}{\sqrt{2}} \) गुनी कर देनी चाहिए। यह दिखाता है कि गतिज ऊर्जा वेग के वर्ग पर निर्भर करती है।
In simple words: अगर किसी चीज़ की चलने की ऊर्जा (गतिज ऊर्जा) को आधा करना है, तो उसकी स्पीड को \( \frac{1}{\sqrt{2}} \) गुना कम करना पड़ेगा.

🎯 Exam Tip: गतिज ऊर्जा वेग के वर्ग के समानुपाती होती है (\( K \propto v^2 \)), इसलिए वेग में छोटे बदलाव से गतिज ऊर्जा में बड़ा बदलाव आता है।

 

Question 5. \( v \) वेग से जा रही एक वस्तु की गति को उल्टा कर दिया जाए तो इसकी गतिज ऊर्जा एवं संवेग में क्या अंतर आएगा?
Answer: जब \( v \) वेग से जा रही एक वस्तु की गति को उल्टा किया जाता है, तो इसके गतिज ऊर्जा और संवेग पर निम्नलिखित प्रभाव पड़ते हैं:
**1. गतिज ऊर्जा:**
गतिज ऊर्जा का सूत्र \( E_k = \frac{1}{2}mv^2 \) है। यह वेग के वर्ग पर निर्भर करती है।
जब गति की दिशा उल्टी होती है, तो वेग का मान \( v \) से \( -v \) हो जाता है, लेकिन वेग का वर्ग \( (-v)^2 = v^2 \) ही रहता है।
इसलिए, गतिज ऊर्जा \( E_k = \frac{1}{2}m(-v)^2 = \frac{1}{2}mv^2 \) रहेगी, यानी इसमें कोई अंतर नहीं आएगा। गतिज ऊर्जा एक अदिश राशि है और हमेशा धनात्मक होती है।
**2. संवेग:**
संवेग का सूत्र \( p = mv \) है। यह वेग पर सीधा निर्भर करता है और एक सदिश राशि है, जिसका अर्थ है कि इसकी दिशा होती है।
जब गति की दिशा उल्टी होती है, तो वेग \( v \) से \( -v \) हो जाता है।
इसलिए, नया संवेग \( p' = m(-v) = -mv \) होगा।
अतः, संवेग की दिशा उलट जाएगी, यानी यह प्रारंभिक संवेग के विपरीत हो जाएगा। संवेग का मान वही रहेगा लेकिन दिशा बदल जाएगी।
In simple words: अगर कोई चीज़ उल्टी दिशा में चलने लगे, तो उसकी गतिज ऊर्जा (चलने की ताकत) नहीं बदलती क्योंकि वह सिर्फ स्पीड पर निर्भर करती है. लेकिन संवेग (चाल और दिशा का मेल) बदल जाता है क्योंकि दिशा उलट जाती है.

🎯 Exam Tip: गतिज ऊर्जा एक अदिश राशि है और हमेशा धनात्मक होती है, जबकि संवेग एक सदिश राशि है और इसकी दिशा वेग की दिशा में होती है। यह अंतर याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 6. 0.2 किलोग्राम की एक गेंद को प्रारंभिक एवं अंतिम वेग क्रमशः 3 मीटर/सेकण्ड तथा 7 मीटर/सेकण्ड है। गति को रेखीय मानते हुए कार्य का परिकलन कीजिए।
Answer: हमें कार्य-ऊर्जा प्रमेय का उपयोग करके गेंद पर किए गए कार्य का परिकलन करना है, जो बताता है कि किया गया कार्य गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है।
दिया है:
गेंद का द्रव्यमान \( m = 0.2 \text{ kg} \)
प्रारंभिक वेग \( u = 3 \text{ m/s} \)
अंतिम वेग \( v = 7 \text{ m/s} \)
प्रारंभिक गतिज ऊर्जा \( E_{k,initial} = \frac{1}{2}mu^2 = \frac{1}{2} \times 0.2 \text{ kg} \times (3 \text{ m/s})^2 \)
\( E_{k,initial} = 0.1 \times 9 = 0.9 \text{ J} \)
अंतिम गतिज ऊर्जा \( E_{k,final} = \frac{1}{2}mv^2 = \frac{1}{2} \times 0.2 \text{ kg} \times (7 \text{ m/s})^2 \)
\( E_{k,final} = 0.1 \times 49 = 4.9 \text{ J} \)
किया गया कार्य \( W = E_{k,final} - E_{k,initial} \)
\( W = 4.9 \text{ J} - 0.9 \text{ J} \)
\( W = 4.0 \text{ J} \)
अतः, गेंद पर किया गया कार्य 4.0 जूल है। यह कार्य गेंद की गतिज ऊर्जा को बढ़ाने में प्रयुक्त होता है।
In simple words: गेंद पर कितना काम हुआ यह जानने के लिए, हमने उसकी शुरू और आखिर की चलने वाली ऊर्जा (गतिज ऊर्जा) निकाली, फिर दोनों का अंतर बताया.

🎯 Exam Tip: कार्य-ऊर्जा प्रमेय (work-energy theorem) को सही ढंग से लागू करना सुनिश्चित करें, जिसमें किया गया कार्य हमेशा गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है।

 

Question 7. एक इंजन की शक्ति की गणना कीजिए जो 200 किलोग्राम भार की वस्तु को 50 मीटर की ऊँचाई तक 10 सेकण्ड में ले जाने की क्षमता रखता हो।
Answer: हमें इंजन की शक्ति की गणना करनी है, जो वस्तु को ऊपर उठाने में लगे कार्य और लिए गए समय पर आधारित है।
दिया है:
वस्तु का द्रव्यमान \( m = 200 \text{ kg} \)
ऊँचाई (विस्थापन) \( h = 50 \text{ m} \)
समय \( t = 10 \text{ s} \)
गुरुत्वाकर्षण त्वरण \( g = 10 \text{ m/s}^2 \)
वस्तु पर गुरुत्वाकर्षण बल \( F = mg = 200 \text{ kg} \times 10 \text{ m/s}^2 = 2000 \text{ N} \)
इंजन द्वारा किया गया कार्य \( W = F \times h = 2000 \text{ N} \times 50 \text{ m} = 100000 \text{ J} \)
शक्ति \( P = \frac{\text{कार्य}}{\text{समय}} = \frac{100000 \text{ J}}{10 \text{ s}} = 10000 \text{ W} \)
इसे किलोवाट (kW) में बदलने पर:
\( P = \frac{10000}{1000} \text{ kW} = 10 \text{ kW} \)
अतः, इंजन की शक्ति 10000 वाट या 10 किलोवाट है। यह शक्ति इंजन की कार्य करने की दर को दर्शाती है।
In simple words: इंजन की ताकत (शक्ति) निकालने के लिए, हमने पहले यह देखा कि इंजन ने वज़न उठाने में कितना काम किया, फिर उसे वज़न उठाने में लगे समय से भाग दिया.

🎯 Exam Tip: शक्ति की गणना करते समय, कार्य को हमेशा बल \( \times \) विस्थापन के रूप में व्यक्त करें जब वस्तु को ऊँचाई पर उठाया जा रहा हो, और फिर इसे समय से विभाजित करें।

 

Question 8. यदि सफर में जाते समय आप 12 kg के एक बैग को धरती से उठाकर 1.5 m ऊपर अपनी पीठ पर रखते हैं तो बैग पर किये गये कार्य की गणना कीजिए। (\( g = 10 \text{ m s}^{-2} \))
Answer: हमें बैग को उठाकर पीठ पर रखने में किए गए कार्य की गणना करनी है। यह कार्य बैग की स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि के बराबर होगा।
दिया है:
बैग का द्रव्यमान \( m = 12 \text{ kg} \)
ऊँचाई (विस्थापन) \( h = 1.5 \text{ m} \)
गुरुत्वाकर्षण त्वरण \( g = 10 \text{ m/s}^2 \)
किया गया कार्य \( W = \text{बल} \times \text{विस्थापन} = mg \times h \)
\( W = 12 \text{ kg} \times 10 \text{ m/s}^2 \times 1.5 \text{ m} \)
\( W = 120 \text{ N} \times 1.5 \text{ m} \)
\( W = 180 \text{ J} \)
अतः, बैग पर किया गया कार्य 180 जूल है। यह कार्य बैग को गुरुत्वाकर्षण बल के विरुद्ध ऊपर उठाने में खर्च होता है।
In simple words: बैग को धरती से पीठ पर रखने में कितना काम हुआ, यह जानने के लिए हमने बैग के वज़न और उसे जितनी ऊँचाई तक उठाया, उन दोनों को गुणा कर दिया.

🎯 Exam Tip: गुरुत्वाकर्षण बल के विरुद्ध किए गए कार्य की गणना हमेशा \( mgh \) सूत्र का उपयोग करके करें, जहाँ \( m \) द्रव्यमान, \( g \) गुरुत्वाकर्षण त्वरण, और \( h \) ऊँचाई है।

 

Question 9. एक व्यक्ति 5 N बल लगाकर रस्सी से बंधी वस्तु को इस प्रकार खींच रहा है कि रस्सी क्षैतिज से 30° कोण बना रही है। इस वस्तु को 20 m ले जाने में कितना कार्य करना पड़ेगा? (\( \text{cos } 30^\circ = 0.866 \))
Answer: हमें बल द्वारा किए गए कार्य की गणना करनी है, जब बल विस्थापन की दिशा से कोण बना रहा हो।
दिया है:
बल \( F = 5 \text{ N} \)
विस्थापन \( s = 20 \text{ m} \)
कोण \( \theta = 30^\circ \)
\( \text{cos } 30^\circ = 0.866 \)
किया गया कार्य \( W = Fs \text{ cos } \theta \)
\( W = 5 \text{ N} \times 20 \text{ m} \times \text{cos } 30^\circ \)
\( W = 100 \times 0.866 \)
\( W = 86.6 \text{ J} \)
अतः, वस्तु को 20 m ले जाने में किया गया कार्य 86.6 जूल होगा। यह कार्य बल के उस घटक के कारण होता है जो विस्थापन की दिशा में है।
In simple words: रस्सी से खींचने पर कितना काम हुआ, यह जानने के लिए हमने बल, दूरी और कोण के मान को गुणा किया, क्योंकि बल टेढ़ा लग रहा था.

🎯 Exam Tip: जब बल विस्थापन की दिशा से कोण बनाता है, तो किए गए कार्य की गणना के लिए \( W = Fs \text{ cos } \theta \) सूत्र का उपयोग करें, जहाँ \( \theta \) बल और विस्थापन के बीच का कोण है।

 

Question 10. एक समान वेग से गतिमान वस्तु की गतिज ऊर्जा 2500J है। यदि उस वस्तु का द्रव्यमान 50 kg हो तो उस वस्तु का वेग ज्ञात कीजिए।
Answer: हमें गतिज ऊर्जा के सूत्र का उपयोग करके वस्तु का वेग ज्ञात करना है।
दिया है:
वस्तु की गतिज ऊर्जा \( E_k = 2500 \text{ J} \)
वस्तु का द्रव्यमान \( m = 50 \text{ kg} \)
गतिज ऊर्जा का सूत्र है: \( E_k = \frac{1}{2}mv^2 \)
इस सूत्र में मान रखने पर:
\( 2500 = \frac{1}{2} \times 50 \times v^2 \)
\( 2500 = 25 \times v^2 \)
अब, \( v^2 = \frac{2500}{25} \)
\( v^2 = 100 \)
\( v = \sqrt{100} \)
\( v = \pm 10 \text{ m/s} \)
चूँकि वेग एक गति का परिमाण है और प्रश्न में दिशा की कोई जानकारी नहीं है, हम वेग का धनात्मक मान लेते हैं।
अतः, वस्तु का वेग 10 m/s होगा। यह वेग वस्तु की गतिज ऊर्जा को दर्शाता है।
In simple words: किसी चीज़ की गतिज ऊर्जा और वज़न पता होने पर, उसकी स्पीड निकालने के लिए हमने गतिज ऊर्जा के सूत्र में मान रखकर हिसाब लगाया.

🎯 Exam Tip: गतिज ऊर्जा के सूत्र \( E_k = \frac{1}{2}mv^2 \) का उपयोग करते समय, वेग \( v \) का वर्ग होता है, इसलिए वर्गमूल लेते समय धनात्मक मान ही लें क्योंकि गतिज ऊर्जा हमेशा धनात्मक होती है।

 

Question 11. एक बंदूक से दागी गई गोली 500 m/s के वेग से निकलती है। यदि गोली का द्रव्यमान 100 ग्राम है तो इसकी गतिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
Answer: हमें गोली की गतिज ऊर्जा की गणना करनी है।
दिया है:
गोली का वेग \( v = 500 \text{ m/s} \)
गोली का द्रव्यमान \( m = 100 \text{ ग्राम} \)
पहले द्रव्यमान को किलोग्राम (kg) में बदलेंगे:
\( m = \frac{100}{1000} \text{ kg} = 0.1 \text{ kg} \)
गतिज ऊर्जा का सूत्र है: \( E_k = \frac{1}{2}mv^2 \)
इस सूत्र में मान रखने पर:
\( E_k = \frac{1}{2} \times 0.1 \text{ kg} \times (500 \text{ m/s})^2 \)
\( E_k = \frac{1}{2} \times 0.1 \times 250000 \)
\( E_k = 0.05 \times 250000 \)
\( E_k = 12500 \text{ J} \)
अतः, गोली की गतिज ऊर्जा 12500 जूल है। यह ऊर्जा उसकी उच्च गति के कारण होती है।
In simple words: गोली की चलने की ऊर्जा (गतिज ऊर्जा) निकालने के लिए, हमने उसके वज़न (जिसे किलोग्राम में बदला) और स्पीड (वेग) के मान को गतिज ऊर्जा के सूत्र में डालकर हिसाब लगाया.

🎯 Exam Tip: द्रव्यमान को हमेशा किलोग्राम में और वेग को मीटर प्रति सेकंड में बदलें ताकि गतिज ऊर्जा की गणना जूल में सही हो सके।

 

Question 12. 100 kg द्रव्यमान की एक मोटरसाइकिल 20 किलोमीटर प्रति घण्टे के वेग से चल रही है। मोटरसाइकिल का वेग 40 किलोमीटर प्रति घण्टे तक बढ़ाने के लिए कितना कार्य करना होगा?
Answer: हमें मोटरसाइकिल का वेग बढ़ाने के लिए किए गए कार्य की गणना करनी है। यह कार्य उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होगा।
दिया है:
मोटरसाइकिल का द्रव्यमान \( m = 100 \text{ kg} \)
प्रारंभिक वेग \( u = 20 \text{ km/h} \)
पहले वेग को मीटर प्रति सेकंड (m/s) में बदलेंगे:
\( u = 20 \times \frac{5}{18} \text{ m/s} = \frac{100}{18} \text{ m/s} = \frac{50}{9} \text{ m/s} \)
अंतिम वेग \( v = 40 \text{ km/h} \)
\( v = 40 \times \frac{5}{18} \text{ m/s} = \frac{200}{18} \text{ m/s} = \frac{100}{9} \text{ m/s} \)
प्रारंभिक गतिज ऊर्जा \( E_{k,initial} = \frac{1}{2}mu^2 = \frac{1}{2} \times 100 \times \left(\frac{50}{9}\right)^2 \)
\( E_{k,initial} = 50 \times \frac{2500}{81} = \frac{125000}{81} \text{ J} \approx 1543.21 \text{ J} \)
अंतिम गतिज ऊर्जा \( E_{k,final} = \frac{1}{2}mv^2 = \frac{1}{2} \times 100 \times \left(\frac{100}{9}\right)^2 \)
\( E_{k,final} = 50 \times \frac{10000}{81} = \frac{500000}{81} \text{ J} \approx 6172.84 \text{ J} \)
किया गया कार्य \( W = E_{k,final} - E_{k,initial} \)
\( W = \frac{500000}{81} - \frac{125000}{81} = \frac{375000}{81} \text{ J} \)
\( W \approx 4629.63 \text{ J} \)
अतः, मोटरसाइकिल का वेग बढ़ाने के लिए लगभग 4629.63 जूल कार्य करना होगा। यह कार्य इंजन द्वारा मोटरसाइकिल को त्वरित करने में खर्च होता है।
In simple words: मोटरसाइकिल की गति बढ़ाने में कितना काम लगा, यह जानने के लिए हमने उसकी शुरुआती और आखिरी गतिज ऊर्जा निकाली और फिर उन दोनों का अंतर बता दिया.

🎯 Exam Tip: गतिज ऊर्जा से संबंधित समस्याओं में, वेग को हमेशा किलोमीटर प्रति घंटा से मीटर प्रति सेकंड में बदलना याद रखें ताकि गणनाएँ सही हों।

 

Question 13. एक विद्यार्थी 3 kg द्रव्यमान की वस्तु को पृथ्वी की सतह से उठाकर 50 cm. ऊँचे टेबल पर रखता है। वस्तु में निहित स्थितिज ऊर्जा की गणना कीजिए। (\( g = 10 \text{ m/s}^2 \))
Answer: हमें वस्तु को उठाकर टेबल पर रखने में संचित स्थितिज ऊर्जा की गणना करनी है।
दिया है:
वस्तु का द्रव्यमान \( m = 3 \text{ kg} \)
ऊँचाई \( h = 50 \text{ cm} \)
पहले ऊँचाई को मीटर (m) में बदलेंगे:
\( h = \frac{50}{100} \text{ m} = 0.5 \text{ m} \)
गुरुत्वाकर्षण त्वरण \( g = 10 \text{ m/s}^2 \)
स्थितिज ऊर्जा का सूत्र है: \( E_p = mgh \)
इस सूत्र में मान रखने पर:
\( E_p = 3 \text{ kg} \times 10 \text{ m/s}^2 \times 0.5 \text{ m} \)
\( E_p = 30 \times 0.5 \)
\( E_p = 15 \text{ J} \)
अतः, वस्तु में निहित स्थितिज ऊर्जा 15 जूल है। यह ऊर्जा वस्तु की ऊँचाई के कारण उसमें संचित होती है।
In simple words: एक छात्र ने 3 किलो की चीज़ को 50 सेंटीमीटर ऊँची टेबल पर रखा. चीज़ में कितनी ऊर्जा जमा हुई, यह जानने के लिए हमने उसके वज़न, गुरुत्वाकर्षण और ऊँचाई को गुणा कर दिया.

🎯 Exam Tip: स्थितिज ऊर्जा की गणना करते समय, ऊँचाई को हमेशा सेंटीमीटर से मीटर में बदलना सुनिश्चित करें, और सभी इकाइयों को SI प्रणाली में रखें।

 

Question 14. एक स्प्रिंग का स्प्रिंग नियतांक \( k = 6 \times 10^4 \text{ N/m} \) है। इसे माध्य स्थिति से 1 cm. खींचने में कितना कार्य करना पड़ेगा?
Answer: हमें स्प्रिंग को खींचने में किए गए कार्य की गणना करनी है, जो स्प्रिंग में संचित प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा के बराबर होता है।
दिया है:
स्प्रिंग नियतांक \( k = 6 \times 10^4 \text{ N/m} \)
खींची गई दूरी \( x = 1 \text{ cm} \)
पहले दूरी को मीटर (m) में बदलेंगे:
\( x = \frac{1}{100} \text{ m} = 0.01 \text{ m} = 1 \times 10^{-2} \text{ m} \)
स्प्रिंग में संचित स्थितिज ऊर्जा (किया गया कार्य) का सूत्र है: \( W = E_p = \frac{1}{2}kx^2 \)
इस सूत्र में मान रखने पर:
\( W = \frac{1}{2} \times (6 \times 10^4 \text{ N/m}) \times (1 \times 10^{-2} \text{ m})^2 \)
\( W = \frac{1}{2} \times 6 \times 10^4 \times (1 \times 10^{-4}) \)
\( W = 3 \times 10^4 \times 10^{-4} \)
\( W = 3 \times 10^0 \)
\( W = 3 \text{ J} \)
अतः, स्प्रिंग को खींचने में 3 जूल कार्य करना पड़ेगा। यह कार्य स्प्रिंग में स्थितिज ऊर्जा के रूप में संचित होगा।
In simple words: स्प्रिंग को खींचने में कितना काम लगा, यह जानने के लिए हमने स्प्रिंग के नंबर (\( k \)) और उसे जितनी दूर खींचा गया, उन मानों को सूत्र में रखकर हिसाब लगाया.

🎯 Exam Tip: स्प्रिंग से संबंधित प्रश्नों में, दूरी \( x \) को हमेशा सेंटीमीटर से मीटर में बदलना सुनिश्चित करें, और प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा के लिए \( \frac{1}{2}kx^2 \) सूत्र का उपयोग करें।

 

Question 15. एक 60 kg का व्यक्ति 30 सेकण्ड में 5 मीटर ऊँचाई तक जाता है। व्यक्ति द्वारा उपयोग में ली गई शक्ति ज्ञात कीजिए। (\( g = 10 \text{ m/s}^2 \))
Answer: हमें व्यक्ति द्वारा उपयोग में ली गई शक्ति की गणना करनी है।
दिया है:
व्यक्ति का द्रव्यमान \( m = 60 \text{ kg} \)
समय \( t = 30 \text{ s} \)
ऊँचाई \( h = 5 \text{ m} \)
गुरुत्वाकर्षण त्वरण \( g = 10 \text{ m/s}^2 \)
व्यक्ति पर गुरुत्वाकर्षण बल (या व्यक्ति का भार) \( F = mg = 60 \text{ kg} \times 10 \text{ m/s}^2 = 600 \text{ N} \)
व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य \( W = F \times h = 600 \text{ N} \times 5 \text{ m} = 3000 \text{ J} \)
शक्ति \( P = \frac{\text{कार्य}}{\text{समय}} = \frac{3000 \text{ J}}{30 \text{ s}} = 100 \text{ W} \)
अतः, व्यक्ति द्वारा उपयोग में ली गई शक्ति 100 वाट है। यह शक्ति उस दर को दर्शाती है जिस पर व्यक्ति गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध कार्य करता है।
In simple words: एक आदमी 60 किलो का है, 30 सेकंड में 5 मीटर ऊपर चढ़ता है. उसकी ताकत (शक्ति) निकालने के लिए, हमने पहले उसके काम को वज़न और ऊँचाई से निकाला, फिर उसे समय से भाग दिया.

🎯 Exam Tip: शक्ति की गणना करते समय, सुनिश्चित करें कि आपने कार्य (भार \( \times \) ऊँचाई) और समय दोनों को सही इकाइयों में रखा है, और अंत में शक्ति को वाट में व्यक्त करें।

 

Question 16. एक ट्रक तथा एक कार जिनकी गतिज ऊर्जायें समान हैं, को समान मन्दन बल लगाकर रोका जाता है। रुकने से पूर्व ट्रक एवं कार द्वारा तय की गई दूरियों में सम्बन्ध ज्ञात कीजिए।
Answer: जब किसी वस्तु को रोकने के लिए मन्दन बल लगाया जाता है, तो किया गया कार्य वस्तु की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है। चूंकि वस्तु रुक जाती है, तो अंतिम गतिज ऊर्जा शून्य होती है।
किया गया कार्य \( W = \text{बल} \times \text{दूरी} = F \times s \)
कार्य-ऊर्जा प्रमेय के अनुसार, \( W = \Delta E_k = E_{k,final} - E_{k,initial} \)
चूंकि वस्तु रुक जाती है, \( E_{k,final} = 0 \)।
इसलिए, \( F \times s = 0 - E_{k,initial} \)
\( F \times s = -E_{k,initial} \)
यहाँ ऋणात्मक चिन्ह दर्शाता है कि बल विस्थापन की विपरीत दिशा में लग रहा है (मन्दन बल)।
हम परिमाण में काम करेंगे, तो \( F \times s = E_k \)
\( s = \frac{E_k}{F} \)
प्रश्न के अनुसार, ट्रक और कार दोनों की गतिज ऊर्जायें समान हैं \( (E_{k,truck} = E_{k,car}) \) और उन पर समान मन्दन बल \( F \) लगाया जाता है।
ट्रक द्वारा तय की गई दूरी \( s_{truck} = \frac{E_{k,truck}}{F} \)
कार द्वारा तय की गई दूरी \( s_{car} = \frac{E_{k,car}}{F} \)
चूंकि \( E_{k,truck} = E_{k,car} \) और \( F \) दोनों के लिए समान है,
इसलिए, \( s_{truck} = s_{car} \)
अतः, ट्रक और कार दोनों समान दूरी तय करके रुकेंगे। यह दर्शाता है कि समान गतिज ऊर्जा वाली वस्तुओं को रोकने के लिए समान बल लगाने पर वे समान दूरी तय करती हैं।
In simple words: अगर एक ट्रक और एक कार दोनों की चलने की ऊर्जा (गतिज ऊर्जा) बराबर है और उन्हें रोकने के लिए बराबर ताकत लगाई जाती है, तो वे दोनों रुकने से पहले एक जैसी दूरी तय करेंगे.

🎯 Exam Tip: कार्य-ऊर्जा प्रमेय को याद रखें, जिसके अनुसार किया गया कार्य हमेशा गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है। यदि प्रारंभिक गतिज ऊर्जा समान है और रोकने वाला बल भी समान है, तो दूरी भी समान होगी।

 

Question 17. सुरेश व रमेश, एक 15 मीटर ऊँची पहाड़ी पर चढ़ते हैं। रमेश यह कार्य 19 सेकण्ड में पूरा करता है जबकि सुरेश पहाड़ी पर 15 सेकण्ड में ही पहुँच जाता है। यदि दोनों में से प्रत्येक का वजन 38 kg हो तो उनके द्वारा व्यय की गई शक्ति ज्ञात कीजिये। (g = 10 m/s²)
Answer: हमें सुरेश और रमेश दोनों की शक्ति ज्ञात करनी है। दोनों का वजन 38 kg है और दोनों 15 मीटर ऊँची पहाड़ी पर चढ़ते हैं। गुरुत्वाकर्षण त्वरण \( g = 10 \text{ m/s}^2 \) है।

सबसे पहले, प्रत्येक व्यक्ति द्वारा किया गया कार्य \( (W) \) ज्ञात करेंगे।
कार्य \( W = \text{द्रव्यमान} (m) \times \text{गुरुत्वाकर्षण त्वरण} (g) \times \text{ऊँचाई} (h) \)
\( W = 38 \text{ kg} \times 10 \text{ m/s}^2 \times 15 \text{ m} \)
\( W = 5700 \text{ J} \)

सुरेश द्वारा व्यय की गई शक्ति:
सुरेश द्वारा लिया गया समय \( t_{\text{सुरेश}} = 15 \text{ s} \)
शक्ति \( P_{\text{सुरेश}} = \frac{W}{t_{\text{सुरेश}}} \)
\( P_{\text{सुरेश}} = \frac{5700 \text{ J}}{15 \text{ s}} \)
\( P_{\text{सुरेश}} = 380 \text{ W} \)

रमेश द्वारा व्यय की गई शक्ति:
रमेश द्वारा लिया गया समय \( t_{\text{रमेश}} = 19 \text{ s} \)
शक्ति \( P_{\text{रमेश}} = \frac{W}{t_{\text{रमेश}}} \)
\( P_{\text{रमेश}} = \frac{5700 \text{ J}}{19 \text{ s}} \)
\( P_{\text{रमेश}} = 300 \text{ W} \)
इस प्रकार, सुरेश की शक्ति 380 W है और रमेश की शक्ति 300 W है। रमेश को सुरेश से अधिक समय लगा इसलिए उसकी शक्ति कम है।
In simple words: हमने पहले यह पता लगाया कि पहाड़ी पर चढ़ने में कितना काम करना पड़ता है. फिर उस काम को पूरा करने में लगे समय से भाग देकर, सुरेश और रमेश दोनों की शक्ति निकाली.

🎯 Exam Tip: शक्ति ज्ञात करते समय कार्य को सही ढंग से परिकलित करना और समय को सेकंड में बदलना महत्वपूर्ण है। बल और विस्थापन की दिशा समान होने पर ही कार्य धनात्मक होता है।

 

Question 18. एक लिफ्ट 5 मिनट में 300 मीटर ऊँचाई पर पहुँच जाती है। यदि लिफ्ट व उसमें रखे सामान का द्रव्यमान 1000 kg हो तो लिफ्ट द्वारा किया गया कार्य एवं लिफ्ट की शक्ति ज्ञात कीजिये। (g = 10 m/s²)
Answer: हमें लिफ्ट द्वारा किया गया कार्य और उसकी शक्ति ज्ञात करनी है।
दिया है:
लिफ्ट और सामान का कुल द्रव्यमान \( (m) = 1000 \text{ kg} \)
ऊँचाई \( (h) = 300 \text{ m} \)
समय \( (t) = 5 \text{ मिनट} = 5 \times 60 \text{ सेकंड} = 300 \text{ सेकंड} \)
गुरुत्वाकर्षण त्वरण \( (g) = 10 \text{ m/s}^2 \)

लिफ्ट द्वारा किया गया कार्य \( (W) \):
कार्य \( W = mgh \)
\( W = 1000 \text{ kg} \times 10 \text{ m/s}^2 \times 300 \text{ m} \)
\( W = 3,000,000 \text{ J} \)
\( W = 3.0 \times 10^6 \text{ J} \)

लिफ्ट की शक्ति \( (P) \):
शक्ति \( P = \frac{\text{कार्य}}{\text{समय}} = \frac{W}{t} \)
\( P = \frac{3,000,000 \text{ J}}{300 \text{ s}} \)
\( P = 10,000 \text{ W} \)
\( P = 10 \text{ kW} \)
कार्य को जूल में मापा जाता है जबकि शक्ति को वाट में मापा जाता है। यह एक महत्वपूर्ण अवधारणा है।
In simple words: हमने पहले लिफ्ट को ऊपर उठाने में कितना काम लगा, यह निकाला. फिर उस काम को करने में कितना समय लगा, उससे भाग देकर लिफ्ट की शक्ति ज्ञात की.

🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्नों में, समय को मिनट से सेकंड में बदलना न भूलें और गुरुत्वाकर्षण त्वरण का मान सही रखें।

 

Question 19. किसी प्रतीकात्मक अनुरूपण में 1000 kg द्रव्यमान की कार एक चिकनी सड़क पर 18 किमी./घण्टा की चाल से चलते हुए क्षैतिज फ्रेम परे कसे हुए स्प्रिंग से टकराती है, जिसका स्प्रिंग नियतांक 6.25 x 103 न्यूटन/मीटर है। स्प्रिंग का अधिकतम संपीडन क्या होगा?
Answer: हमें कार द्वारा स्प्रिंग का अधिकतम संपीडन ज्ञात करना है। टक्कर के दौरान कार की गतिज ऊर्जा स्प्रिंग की स्थितिज ऊर्जा में बदल जाएगी।
दिया है:
कार का द्रव्यमान \( (m) = 1000 \text{ kg} \)
कार का प्रारंभिक वेग \( (v) = 18 \text{ किमी/घंटा} \)
इस वेग को मीटर प्रति सेकंड में बदलेंगे: \( v = 18 \times \frac{5}{18} \text{ m/s} = 5 \text{ m/s} \)
स्प्रिंग नियतांक \( (k) = 6.25 \times 10^3 \text{ N/m} \)

कार की प्रारंभिक गतिज ऊर्जा \( (KE) \)
\( KE = \frac{1}{2}mv^2 \)
\( KE = \frac{1}{2} \times 1000 \text{ kg} \times (5 \text{ m/s})^2 \)
\( KE = 500 \times 25 \text{ J} \)
\( KE = 12500 \text{ J} \)

स्प्रिंग में संचित अधिकतम स्थितिज ऊर्जा \( (PE_{\text{स्प्रिंग}}) \)
\( PE_{\text{स्प्रिंग}} = \frac{1}{2}kx^2 \)
जहाँ \( x \) स्प्रिंग का अधिकतम संपीडन है।

गतिज ऊर्जा का स्थितिज ऊर्जा में रूपांतरण करने पर:
\( KE = PE_{\text{स्प्रिंग}} \)
\( 12500 = \frac{1}{2} \times (6.25 \times 10^3) \times x^2 \)
\( 2 \times 12500 = 6.25 \times 10^3 \times x^2 \)
\( 25000 = 6250 \times x^2 \)
\( x^2 = \frac{25000}{6250} \)
\( x^2 = 4 \)
\( \implies x = \sqrt{4} \)
\( x = 2 \text{ m} \)
इस तरह, कार स्प्रिंग को अधिकतम 2 मीटर तक संपीडित करेगी। ऊर्जा का संरक्षण यहाँ गतिज और स्थितिज ऊर्जा के बीच होता है।
In simple words: जब कार स्प्रिंग से टकराती है, तो कार की चलने वाली ऊर्जा (गतिज ऊर्जा) स्प्रिंग को दबाने वाली ऊर्जा (स्थितिज ऊर्जा) में बदल जाती है. हमने इन दोनों ऊर्जाओं को बराबर रखकर पता लगाया कि स्प्रिंग कितनी दबेगी.

🎯 Exam Tip: वेग को किलोमीटर प्रति घंटा से मीटर प्रति सेकंड में बदलना न भूलें, और गतिज ऊर्जा व स्प्रिंग की स्थितिज ऊर्जा के सूत्र सही से लागू करें।

 

Question 20. एक घोडा श्लैतिज से 60° के कोण पर 30 N बल लगाता हुआ पीछे बंधी गाड़ी को 7.2 km/hour की चाल से 1 मिनट तक खींचता है। घोड़े द्वारा किया गया कार्य एवं घोड़े द्वारा व्यय शक्ति की गणना कीजिए। (cos 60° = \( \frac {1}{2} \))
Answer: हमें घोड़े द्वारा किए गए कार्य और उसकी शक्ति का पता लगाना है।
दिया है:
घोड़े द्वारा लगाया गया बल \( (F) = 30 \text{ N} \)
गाड़ी की चाल \( (v) = 7.2 \text{ किमी/घंटा} \)
इस चाल को मीटर प्रति सेकंड में बदलेंगे: \( v = 7.2 \times \frac{5}{18} \text{ m/s} = 2 \text{ m/s} \)
समय \( (t) = 1 \text{ मिनट} = 60 \text{ सेकंड} \)
कोण \( (\theta) = 60^\circ \) (बल और विस्थापन के बीच)

गाड़ी द्वारा तय की गई दूरी \( (s) \):
दूरी \( s = \text{चाल} \times \text{समय} \)
\( s = 2 \text{ m/s} \times 60 \text{ s} \)
\( s = 120 \text{ m} \)

घोड़े द्वारा किया गया कार्य \( (W) \):
कार्य \( W = F \times s \times \cos(\theta) \)
\( W = 30 \text{ N} \times 120 \text{ m} \times \cos(60^\circ) \)
\( W = 30 \times 120 \times \frac{1}{2} \)
\( W = 1800 \text{ J} \)

घोड़े द्वारा व्यय शक्ति \( (P) \):
शक्ति \( P = \frac{\text{कार्य}}{\text{समय}} = \frac{W}{t} \)
\( P = \frac{1800 \text{ J}}{60 \text{ s}} \)
\( P = 30 \text{ W} \)
घोड़े ने 1800 जूल कार्य किया और उसकी शक्ति 30 वाट थी। काम और शक्ति को मापने की इकाइयां महत्वपूर्ण हैं।
In simple words: हमने पहले गाड़ी कितनी दूर चली यह निकाला. फिर बल और दूरी को कोण के साथ गुणा करके काम पता किया. आखिर में, काम को समय से भाग देकर घोड़े की ताकत (शक्ति) ज्ञात की.

🎯 Exam Tip: चाल और समय की इकाइयों को \( \text{m/s} \) और \( \text{s} \) में बदलना न भूलें, और कार्य के सूत्र में बल और विस्थापन के बीच के कोण का ध्यान रखें।

 

Question 21. यदि एक रेफ्रिजरेटर की औसत शक्ति 100 w है तो एक दिन में रेफ्रिजरेटर द्वारा खर्च की गई ऊर्जा की गणना यूनिटों में कीजिये।
Answer: हमें रेफ्रिजरेटर द्वारा एक दिन में खर्च की गई कुल ऊर्जा को यूनिटों में बताना है।
दिया है:
रेफ्रिजरेटर की औसत शक्ति \( (P) = 100 \text{ W} \)
एक दिन का समय \( (t) = 24 \text{ घंटे} \)

सबसे पहले, शक्ति को किलोवाट \( (\text{kW}) \) में बदलेंगे:
\( P = 100 \text{ W} = \frac{100}{1000} \text{ kW} = 0.1 \text{ kW} \)

खर्च की गई ऊर्जा (E):
ऊर्जा \( E = \text{शक्ति} \times \text{समय} \)
\( E = 0.1 \text{ kW} \times 24 \text{ घंटे} \)
\( E = 2.4 \text{ kWh} \)

चूंकि 1 किलोवाट-घंटा \( (1 \text{ kWh}) = 1 \text{ यूनिट} \)
इसलिए, खर्च की गई ऊर्जा \( = 2.4 \text{ यूनिट} \)
इस प्रकार, रेफ्रिजरेटर एक दिन में 2.4 यूनिट विद्युत ऊर्जा खर्च करेगा।
In simple words: हमने रेफ्रिजरेटर की बिजली खर्च करने की ताकत को किलोवाट में बदला. फिर इसे एक दिन के घंटों से गुणा करके कुल बिजली की खपत किलोवाट-घंटा में निकाली, जिसे यूनिट भी कहते हैं.

🎯 Exam Tip: ऊर्जा की गणना यूनिटों में करते समय, शक्ति को किलोवाट में और समय को घंटों में लेना सुनिश्चित करें।

 

Question 22. (अ) 40 kg की एक वस्तु पर एक बल लगाने से इसका वेग 1 मीटर/सेकण्ड से बढ़कर 2 मीटर/सेकण्ड हो जाता है। बल द्वारा किया गया कार्य ज्ञात कीजिए। (ब) K = 4 x 103 N/m स्प्रिंग नियतांक की एक स्प्रिंग को 2 सेमी संपीडित करने में स्प्रिंग में संचित स्थितिज ऊर्जा ज्ञात कीजिए।
Answer:

(अ) बल द्वारा किया गया कार्य ज्ञात करना:
दिया है:
वस्तु का द्रव्यमान \( (m) = 40 \text{ kg} \)
प्रारंभिक वेग \( (u) = 1 \text{ m/s} \)
अंतिम वेग \( (v) = 2 \text{ m/s} \)

किया गया कार्य वस्तु की गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है:
कार्य \( W = \text{अंतिम गतिज ऊर्जा} - \text{प्रारंभिक गतिज ऊर्जा} \)
\( W = \frac{1}{2}mv^2 - \frac{1}{2}mu^2 \)
\( W = \frac{1}{2} \times 40 \text{ kg} \times (2 \text{ m/s})^2 - \frac{1}{2} \times 40 \text{ kg} \times (1 \text{ m/s})^2 \)
\( W = (20 \times 4) - (20 \times 1) \)
\( W = 80 - 20 \)
\( W = 60 \text{ J} \)
बल द्वारा 60 जूल का कार्य किया गया। यह कार्य-ऊर्जा प्रमेय का सीधा अनुप्रयोग है।

(ब) स्प्रिंग में संचित स्थितिज ऊर्जा ज्ञात करना:
दिया है:
स्प्रिंग नियतांक \( (k) = 4 \times 10^3 \text{ N/m} \)
संपीडित दूरी \( (x) = 2 \text{ सेमी} \)
इस दूरी को मीटर में बदलेंगे: \( x = 2 \text{ सेमी} = 0.02 \text{ m} \)

स्प्रिंग में संचित स्थितिज ऊर्जा \( (PE) \):
\( PE = \frac{1}{2}kx^2 \)
\( PE = \frac{1}{2} \times (4 \times 10^3 \text{ N/m}) \times (0.02 \text{ m})^2 \)
\( PE = \frac{1}{2} \times 4000 \times 0.0004 \)
\( PE = 2000 \times 0.0004 \)
\( PE = 0.8 \text{ J} \)
स्प्रिंग को संपीडित करने पर उसमें 0.8 जूल स्थितिज ऊर्जा जमा हुई। स्प्रिंग की स्थितिज ऊर्जा उसके संपीडन के वर्ग के समानुपाती होती है।
In simple words: (अ) हमने वस्तु की गति बदलने में कितना काम हुआ, यह उसकी गतिज ऊर्जा में हुए बदलाव से निकाला. (ब) फिर, स्प्रिंग को दबाने पर उसमें कितनी ऊर्जा जमा हुई, यह उसके नियतांक और दबी हुई दूरी से ज्ञात किया.

🎯 Exam Tip: (अ) गतिज ऊर्जा में परिवर्तन का सूत्र याद रखें, और (ब) संपीडित दूरी को सेंटीमीटर से मीटर में बदलना न भूलें।

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