RBSE Solutions Class 10 Maths Chapter 1 वैदिक गणित

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Detailed Chapter 1 वैदिक गणित RBSE Solutions for Class 10 Mathematics

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Class 10 Mathematics Chapter 1 वैदिक गणित RBSE Solutions PDF

Question 1. शून्यान्त संख्या विधि का प्रयोग करते हुए निम्न संख्याओं का योग ज्ञात कीजिये।

837873
658470
746854
983289
493075
+  
565401

4284962

Answer: शून्यान्त संख्या विधि से योग करने के लिए, हम संख्याओं को स्तंभों में व्यवस्थित करते हैं। योग करते समय, जब किसी स्तंभ का योग 100 या उससे अधिक हो जाता है, तो हम सैकड़े के अंक को 'एकाधिक चिह्न' के रूप में बाईं ओर के पिछले अंक पर स्थानांतरित करते हैं। यह प्रक्रिया योग को चरणों में तोड़ने में मदद करती है। उदाहरण के लिए:

  • सबसे दाएँ स्तंभ में, \( 70 + 73 = 143 \). यहाँ, 1 को पिछले अंक पर एकाधिक चिह्न के रूप में जोड़ते हैं।
  • अगले चरण में, बची हुई संख्याएँ और अगली पंक्ति के अंक जोड़ते हैं। \( 43 + 54 = 97 \). फिर \( 97 + 89 = 186 \). इसमें भी 1 को पिछले अंक पर एकाधिक चिह्न के रूप में जोड़ते हैं।
  • यह विधि सभी स्तंभों पर दोहराई जाती है, जिससे गणना सरल हो जाती है।

अंतिम योग है: 4284962.
In simple words: शून्यान्त संख्या विधि में, हम अंकों को जोड़ते हैं। जब योग 100 से ज़्यादा होता है, तो 1 को अगले अंक के ऊपर 'एकाधिक' के रूप में लगाते हैं, जिससे योग करना आसान हो जाता है।

🎯 Exam Tip: शून्यान्त संख्या विधि में 'एकाधिक चिह्न' का सही स्थान और योग को स्तंभ-वार तोड़ना महत्वपूर्ण है। प्रत्येक चरण को ध्यान से करें ताकि कोई गलती न हो।


वैदिक विधि से व्यवकलन कीजिये।

 

Question 3. वैदिक विधि से निम्न का व्यवकलन (घटाना) कीजिये:

98356
-    
70467

27889

Answer: वैदिक विधि से व्यवकलन (घटाना) इस प्रकार किया जाता है:

 

  1. हमेशा दाईं ओर के अंकों से घटाना शुरू करते हैं। यदि ऊपर वाला अंक नीचे वाले से छोटा है, जैसे 6 में से 7 नहीं घटता, तो हम 7 के 'परममित्र' (पूरक अंक) 3 को ऊपर वाले 6 में जोड़ते हैं: \( 6 + 3 = 9 \). इस 9 को नीचे लिखते हैं। फिर, नीचे वाले अंक 6 पर 'एकाधिक चिह्न' लगाते हैं।
  2. आगे बढ़ते हुए, यदि 5 में से (6 पर एकाधिक चिह्न लगने के बाद) 7 नहीं घटता, तो 7 के परममित्र 3 को 5 में जोड़ते हैं: \( 5 + 3 = 8 \). इसे नीचे लिखते हैं और पिछले अंक 4 पर एकाधिक चिह्न लगाते हैं।
  3. इसी तरह, यदि 3 में से (4 पर एकाधिक चिह्न लगने के बाद) 5 नहीं घटता, तो 5 के परममित्र 5 को 3 में जोड़ते हैं: \( 3 + 5 = 8 \). इसे नीचे लिखते हैं और पिछले अंक 0 पर एकाधिक चिह्न लगाते हैं।
  4. फिर, बचे हुए अंकों को घटाते हैं: 8 में से 1 और 9 में से 7 घटाते हैं। यह विधि घटाने को सरल बनाती है, खासकर जब संख्याओं में बार-बार उधार लेना पड़े।

अंतिम परिणाम है: 27889.
In simple words: वैदिक घटाने की विधि में, जब ऊपर वाला अंक छोटा होता है, तो हम नीचे वाले अंक के 'परममित्र' को ऊपर वाले अंक में जोड़ते हैं। फिर, नीचे वाले अंक पर 'एकाधिक चिह्न' लगाते हैं।

🎯 Exam Tip: परममित्र अंक की पहचान करना और एकाधिक चिह्न को सही जगह पर लगाना वैदिक व्यवकलन में सफलता की कुंजी है। बाईं से दाईं ओर ध्यान से गणना करें।

गुणा कीजिये।

 

Question 5. सूत्र एकाधिकेन पूर्वेण का प्रयोग करते हुए \( 31\frac { 1 }{ 6 } \times 31\frac { 5 }{ 6 } \) का मान ज्ञात कीजिये।
Answer: सूत्र एकाधिकेन पूर्वेण का उपयोग करके गुणा करने के लिए, हम देखते हैं कि दोनों संख्याओं का पूर्णांक भाग (31) समान है, और भिन्न भागों का योग 1 है ( \( \frac{1}{6} + \frac{5}{6} = \frac{6}{6} = 1 \) ). इस विधि में:

  1. भिन्न भागों को गुणा करते हैं: \( \frac{1}{6} \times \frac{5}{6} = \frac{5}{36} \).
  2. पूर्णांक भाग (31) को उसके अगले अंक (31+1 = 32) से गुणा करते हैं: \( 31 \times 32 = 992 \).
  3. दोनों परिणामों को एक साथ लिखते हैं। यह सूत्र गुणा की प्रक्रिया को बहुत सरल बना देता है।

इस प्रकार, \( 31\frac { 1 }{ 6 } \times 31\frac { 5 }{ 6 } = 992\frac{5}{36} \).
In simple words: एकाधिकेन पूर्वेण सूत्र से गुणा करने के लिए, यदि पूर्णांक भाग समान हो और भिन्नों का योग 1 हो, तो पूर्णांक को उसके अगले अंक से गुणा करते हैं और भिन्नों को आपस में गुणा करके लिखते हैं।

🎯 Exam Tip: यह सूत्र केवल तभी लागू होता है जब पूर्णांक भाग समान हों और भिन्नों का योग 1 हो। सूत्र का सही अनुप्रयोग ही त्वरित और सटीक परिणाम देता है।

 

Question 6. सूत्र एकाधिकेन पूर्वेण का प्रयोग करते हुए \( 103 \times 197 \) का मान ज्ञात कीजिये।
Answer: सूत्र एकाधिकेन पूर्वेण का प्रयोग इस प्रकार करेंगे:

  • हम देखते हैं कि संख्याओं के पहले अंक समान हैं (1).
  • संख्याओं के अंतिम भाग (03 और 97) का योग 100 है ( \( 03 + 97 = 100 \) ).
  • दाहिने पक्ष के अंकों को गुणा करें: \( 03 \times 97 = 291 \).
  • बाएँ पक्ष के अंक (1) को उसके 'एकाधिक' (एक अधिक) यानी \( (1+1) = 2 \) से गुणा करें: \( 1 \times 2 = 2 \).
  • दोनों भागों को मिलाकर उत्तर लिखें। दाहिने पक्ष में 3 अंक (291) हैं, जो आधार 100 के लिए ठीक है क्योंकि यह दो शून्य से बनता है।

अतः, \( 103 \times 197 = 20291 \).
In simple words: एकाधिकेन पूर्वेण सूत्र का उपयोग तब करते हैं जब संख्या का पहला भाग समान हो और अंतिम भागों का योग 100 या 1000 हो। पहले भाग को उसके अगले अंक से और अंतिम भागों को आपस में गुणा करते हैं।

🎯 Exam Tip: सूत्र एकाधिकेन पूर्वेण के लिए यह पहचानना महत्वपूर्ण है कि कौन से अंक समान हैं और कौन से अंक मिलकर 100 या 1000 बना रहे हैं। दाहिने पक्ष में अंकों की संख्या आधार के शून्यों के बराबर होनी चाहिए।

 

Question 7. सूत्र निखिलम् का प्रयोग करते हुए \( 54 \times 56 \) का मान ज्ञात कीजिये।
Answer: सूत्र निखिलम् का प्रयोग इस प्रकार करेंगे:

  • इन संख्याओं के लिए, हम आधार 10 और उपाधार 50 ( \( 5 \times 10 \) ) चुनते हैं।
  • संख्याओं का विचलन आधार से ज्ञात करते हैं: \( 54 - 50 = +4 \) और \( 56 - 50 = +6 \).
  • बायाँ पक्ष (LHS) ज्ञात करने के लिए, उपाधार अंक (5) को एक संख्या और दूसरी संख्या के विचलन के योग से गुणा करते हैं: \( 5 \times (54 + 6) = 5 \times 60 = 300 \).
  • दायाँ पक्ष (RHS) ज्ञात करने के लिए, विचलनों को आपस में गुणा करते हैं: \( 4 \times 6 = 24 \).
  • दोनों पक्षों को मिलाकर उत्तर लिखते हैं। दाहिने पक्ष में दो अंक होने चाहिए क्योंकि आधार 10 में एक शून्य है, और यह दो अंकों का विचलन है (50 आधार, 10 * 5).

अतः, \( 54 \times 56 = 3024 \).
In simple words: निखिलम् सूत्र से गुणा करने के लिए, हम एक आधार और उपाधार चुनते हैं। फिर संख्याओं के विचलन का उपयोग करके बायाँ और दायाँ पक्ष ज्ञात करते हैं, और उन्हें मिलाकर अंतिम उत्तर प्राप्त करते हैं।

🎯 Exam Tip: निखिलम् सूत्र में सही आधार और उपाधार का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है। साथ ही, विचलन (deviation) को सही ढंग से जोड़ना और गुणा करना सुनिश्चित करें।

 

Question 8. सूत्र निखिलम् का प्रयोग करते हुए \( 108 \times 112 \) का मान ज्ञात कीजिये।
Answer: सूत्र निखिलम् का प्रयोग इस प्रकार करेंगे:

  • इसके लिए हम आधार 100 चुनते हैं, क्योंकि दोनों संख्याएँ 100 के करीब हैं। उपाधार अंक 1 है ( \( 100 \times 1 \) ).
  • संख्याओं का आधार से विचलन ज्ञात करते हैं: \( 108 - 100 = +08 \) और \( 112 - 100 = +12 \).
  • गुणा के बाएँ पक्ष के लिए, एक संख्या में दूसरे का विचलन जोड़ते हैं और उपाधार अंक से गुणा करते हैं: \( 1 \times (108 + 12) = 1 \times 120 = 120 \).
  • गुणा के दाएँ पक्ष के लिए, दोनों विचलनों को गुणा करते हैं: \( 08 \times 12 = 96 \).
  • दाएँ पक्ष में आधार के शून्य (100 में दो शून्य) के अनुसार दो अंक होने चाहिए, जो यहाँ 96 है।

अतः, \( 108 \times 112 = 12096 \).
In simple words: निखिलम् सूत्र से गुणा करने के लिए, आधार और विचलन का उपयोग करते हैं। एक संख्या में दूसरे का विचलन जोड़कर और विचलनों को गुणा करके उत्तर प्राप्त करते हैं।

🎯 Exam Tip: जब आधार 100 हो, तो दाहिने पक्ष में हमेशा दो अंक होने चाहिए। यदि गुणा करने पर एक अंक आता है, तो उसके आगे शून्य लगाएँ, और यदि तीन अंक आते हैं, तो एक अंक को बाएँ पक्ष में जोड़ दें।

 

Question 9. सूत्र एकन्यूनेन पूर्वेण का प्रयोग करते हुए \( 137 \times 9999 \) का मान ज्ञात कीजिये।
Answer: सूत्र एकन्यूनेन पूर्वेण का प्रयोग इस प्रकार करेंगे:

  • हम देखते हैं कि गुणा करने वाली संख्या (गुणक, 9999) में अंकों की संख्या गुण्य (137) से ज़्यादा है।
  • सबसे पहले, गुण्य में से 1 घटाते हैं: \( 137 - 1 = 136 \). यह उत्तर का बायाँ भाग है।
  • इसके बाद, गुणक (9999) में से बाएँ भाग (136) को घटाते हैं: \( 9999 - 136 = 9863 \). यह उत्तर का दायाँ भाग है।
  • दोनों भागों को एक साथ लिखने पर अंतिम उत्तर प्राप्त होता है। यह विधि '9' वाली संख्याओं से गुणा करने को बहुत सरल बनाती है।

अतः, \( 137 \times 9999 = 1369863 \).
In simple words: एकन्यूनेन पूर्वेण सूत्र का उपयोग '9' वाली संख्याओं से गुणा करने के लिए होता है। इसमें हम गुण्य में से 1 घटाते हैं और फिर गुणक में से उस घटाए हुए परिणाम को घटाते हैं।

🎯 Exam Tip: यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि गुण्य और गुणक में अंकों की संख्या बराबर है या नहीं। यदि गुणक में अधिक अंक हों, तो गुण्य में से 1 घटाकर और फिर गुणक में से वह परिणाम घटाकर उत्तर प्राप्त करें।

 

Question 10. सूत्र एकन्यूनेन पूर्वेण का प्रयोग करते हुए \( 46 \times 99 \) का मान ज्ञात कीजिये।
Answer: सूत्र एकन्यूनेन पूर्वेण का प्रयोग इस प्रकार करेंगे:

  • यहाँ, गुण्य (46) और गुणक (99) दोनों में अंकों की संख्या समान है।
  • बायाँ पक्ष ज्ञात करने के लिए, गुण्य में से 1 घटाएँ: \( 46 - 1 = 45 \).
  • दायाँ पक्ष ज्ञात करने के लिए, गुणक (99) में से बाएँ पक्ष का परिणाम (45) घटाएँ: \( 99 - 45 = 54 \).
  • दोनों पक्षों को एक साथ लिखने पर अंतिम उत्तर प्राप्त होता है। यह विधि गुणा को बहुत तेज़ और आसान बनाती है, खासकर '9' वाली संख्याओं के साथ।

अतः, \( 46 \times 99 = 4554 \).
In simple words: जब संख्या और '9' वाली संख्या में समान अंक हों, तो संख्या में से 1 घटाकर बायाँ हिस्सा बनाते हैं, और '9' वाली संख्या में से उस परिणाम को घटाकर दायाँ हिस्सा बनाते हैं।

🎯 Exam Tip: एकन्यूनेन पूर्वेण सूत्र में अंकों की संख्या की तुलना करना पहला कदम है। यदि गुण्य और गुणक में अंकों की संख्या समान हो, तो यह विधि बहुत सीधी है।

 

Question 11. सूत्र ऊर्ध्वतिर्यक का प्रयोग करते हुए \( 362 \times 143 \) का मान ज्ञात कीजिये।
Answer: सूत्र ऊर्ध्वतिर्यक विधि से गुणा इस प्रकार किया जाता है:

  362
x 143
-----
3 8 5 6 6  (ये मध्यवर्ती गणनाओं के परिणाम हैं)
  1 3 2
-----
5 1 7 6 6

तीन अंकों की संख्याओं के लिए, गुणा पाँच चरणों (समूहों) में किया जाता है, जो ऊर्ध्व (सीधे) और तिर्यक (तिरछे) गुणन पर आधारित होते हैं। इन समूहों के परिणाम को जोड़कर अंतिम उत्तर प्राप्त होता है।

  • दाहिने हाथ की सबसे बाहरी संख्याओं का गुणा: \( 2 \times 3 = 6 \).
  • दाहिने हाथ की दो-दो संख्याओं का तिर्यक गुणा का योग: \( (6 \times 3) + (2 \times 4) = 18 + 8 = 26 \). 6 लिखें, 2 हासिल।
  • तीनों संख्याओं का ऊर्ध्व और तिर्यक गुणा का योग: \( (3 \times 3) + (2 \times 1) + (6 \times 4) = 9 + 2 + 24 = 35 \). हासिल 2 जोड़ें \( 35 + 2 = 37 \). 7 लिखें, 3 हासिल।
  • बाएँ हाथ की दो-दो संख्याओं का तिर्यक गुणा का योग: \( (3 \times 4) + (6 \times 1) = 12 + 6 = 18 \). हासिल 3 जोड़ें \( 18 + 3 = 21 \). 1 लिखें, 2 हासिल।
  • बाएँ हाथ की सबसे बाहरी संख्याओं का गुणा: \( 3 \times 1 = 3 \). हासिल 2 जोड़ें \( 3 + 2 = 5 \). 5 लिखें।

अतः, \( 362 \times 143 = 51766 \).
In simple words: ऊर्ध्वतिर्यक विधि में, हम संख्याओं को सीधे और तिरछे गुणा करके छोटे-छोटे समूहों में जोड़ते हैं, फिर हासिल (carry) को आगे बढ़ाते हुए अंतिम उत्तर निकालते हैं।

🎯 Exam Tip: ऊर्ध्वतिर्यक गुणा विधि में, प्रत्येक स्तंभ (समूह) के गुणन और हासिल को सही ढंग से जोड़ना महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से, मध्यवर्ती समूह में तीनों अंकों का गुणा ध्यान से करें।

 

Question 12. सूत्र ऊर्ध्वतिर्यक का प्रयोग करते हुए \( 2413 \times 3124 \) का मान ज्ञात कीजिये।
Answer: सूत्र ऊर्ध्वतिर्यक विधि से गुणा इस प्रकार किया जाता है:

      2413
    x 3124
    ------
    6416102  (मध्यवर्ती गणनाएँ)
    112211   (हासिल)
    ------
    7538212

चार अंकों की संख्याओं के लिए, ऊर्ध्वतिर्यक विधि में \( (2 \times 4 - 1) = 7 \) समूह बनते हैं। प्रत्येक समूह सीधे और तिरछे गुणन के माध्यम से परिणाम देता है, जिन्हें हासिल (carry) के साथ जोड़कर अंतिम उत्तर प्राप्त किया जाता है। यह विधि बड़ी संख्याओं के गुणन को छोटे, प्रबंधनीय चरणों में विभाजित कर देती है।

  1. सबसे दाएँ स्तंभ (इकाई अंक) का सीधा गुणा।
  2. दाहिने से दूसरे स्तंभ का तिरछा गुणा का योग।
  3. दाहिने से तीसरे स्तंभ का सीधा और तिरछा गुणा का योग।
  4. सभी स्तंभों का केंद्रीय (मध्य) तिरछा और सीधा गुणा का योग।
  5. बाएँ से तीसरे स्तंभ का सीधा और तिरछा गुणा का योग।
  6. बाएँ से दूसरे स्तंभ का तिरछा गुणा का योग।
  7. सबसे बाएँ स्तंभ (हजारवें अंक) का सीधा गुणा।

इन सभी चरणों से प्राप्त परिणाम और हासिल को उचित क्रम में जोड़ने पर अंतिम उत्तर प्राप्त होता है।

अतः, \( 2413 \times 3124 = 7538212 \).
In simple words: ऊर्ध्वतिर्यक विधि 4 अंकों की संख्या का गुणा करने के लिए 7 चरणों का उपयोग करती है। इसमें सीधा और तिरछा गुणा करके छोटे-छोटे योग बनाते हैं, जिन्हें हासिल के साथ जोड़ते हुए अंतिम उत्तर तक पहुंचते हैं।

🎯 Exam Tip: चार अंकों की संख्याओं के लिए ऊर्ध्वतिर्यक विधि में बहुत अधिक ध्यान और अभ्यास की आवश्यकता होती है। प्रत्येक समूह के गुणनफल और हासिल को सही क्रम में रखना सुनिश्चित करें।

 

Question 14. सूत्र निखिलम् का प्रयोग करते हुए \( 3994 \div 97 \) का मान ज्ञात कीजिये।
Answer: सूत्र निखिलम् विधि से भाग इस प्रकार किया जाता है:

प्रथमद्वितीयतृतीय
973994
03  
 927
 
 39211
 + 2- 194

 4117

भाग देने के लिए, हम भाजक (97) का पूरक ( \( 100 - 97 = 03 \) ) ज्ञात करते हैं। फिर:

  • भागफल 39 और शेषफल 211 प्राप्त होता है।
  • चूंकि शेषफल (211) भाजक (97) से बड़ा है, इसलिए हमें इसमें संशोधन करना होगा।
  • संशोधन के बाद, वास्तविक भागफल 41 और शेषफल 17 प्राप्त होता है। यह विधि बड़ी संख्याओं को आसानी से भाग देने में मदद करती है।

अतः, भागफल = 41 और शेषफल = 17.
In simple words: निखिलम् भाग विधि में, हम भाजक का पूरक उपयोग करते हैं। अगर बचा हुआ शेष भाजक से बड़ा हो, तो उसे ठीक करके सही भागफल और शेषफल निकालते हैं।

🎯 Exam Tip: निखिलम् भाग विधि में, यदि शेषफल भाजक से बड़ा आता है, तो 'संशोधन' करना न भूलें। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो अक्सर छूट जाता है। पूरक संख्या (complement) का सही निर्धारण भी आवश्यक है।

 

Question 16. सूत्र परावर्त्य का प्रयोग करते हुए \( 13385 \div 131 \) का मान ज्ञात कीजिये।
Answer: सूत्र परावर्त्य विधि से भाग इस प्रकार किया जाता है:

प्रथमद्वितीयतृतीय
13113385
 -3-1
-3  

 10223

सूत्र परावर्त्य में, हम भाजक (131) के विचलन ( \( +31 \) ) को 'परावर्त्य अंक' में बदलते हैं ( \( -3, -1 \) ). फिर, भाज्य (13385) को तीन खंडों में बाँटते हुए भाग देते हैं। यह विधि भाजक के आधार से दूर होने पर भी प्रभावी होती है। अंत में, हमें भागफल और शेषफल प्राप्त होता है।

अतः, भागफल = 102 और शेषफल = 23.
In simple words: परावर्त्य सूत्र में, हम भाजक के विचलन को उल्टा करके (धनात्मक को ऋणात्मक) भागफल और शेषफल निकालते हैं। यह भाग की प्रक्रिया को सरल बनाता है।

🎯 Exam Tip: परावर्त्य विधि में 'परावर्त्य अंक' को सही ढंग से निर्धारित करना महत्वपूर्ण है। यदि विचलन धनात्मक हो, तो परावर्त्य अंक ऋणात्मक होंगे, और यदि ऋणात्मक हो, तो धनात्मक।

 

Question 17. सूत्र ध्वजांक का प्रयोग करते हुए \( 592837 \div 119 \) का मान ज्ञात कीजिये।
Answer: सूत्र ध्वजांक विधि से भाग इस प्रकार किया जाता है:

 119    
  592837
   -15-17-9-10

   4981

      98

ध्वजांक विधि में, भाजक (119) को 'ध्वजांक' (9) और 'मुख्यांक' (11) में विभाजित किया जाता है। भाज्य (592837) को मुख्यांक से भाग देकर और ध्वजांक के साथ समायोजित करके भागफल और शेषफल निकाला जाता है। यह विधि बड़े भाजकों के लिए बहुत प्रभावी है और गणना को सरल बनाती है।

अतः, भागफल = 4981 और शेषफल = 98.
In simple words: ध्वजांक विधि में, भाजक को दो भागों में बांटकर भागफल और शेषफल निकालते हैं। मुख्यांक से भाग देते हैं और ध्वजांक से अंकों को समायोजित करते हैं।

🎯 Exam Tip: ध्वजांक विधि में, मुख्यांक और ध्वजांक का सही निर्धारण करना और प्रत्येक चरण में संशोधित भाज्य का ध्यान रखना आवश्यक है। अंकों को सही क्रम में लिखना सुनिश्चित करें।

 

Question 18. सूत्र ध्वजांक का प्रयोग करते हुए \( 58764 \div 59 \) का मान ज्ञात कीजिये।
Answer: सूत्र ध्वजांक विधि से भाग इस प्रकार किया जाता है:

 59   
  58764
   -9-9-

  996

    0

ध्वजांक विधि में, भाजक (59) को 'ध्वजांक' (9) और 'मुख्यांक' (5) में विभाजित करते हैं। भाज्य (58764) को इन भागों के आधार पर विभाजित करते हैं। सबसे पहले, 58 में 5 का भाग 9 बार जाता है, शेष 13 बचता है। फिर, संशोधित भाज्य की गणना करते हैं और उसमें मुख्यांक से भाग देते हैं, जब तक कि अंतिम शेषफल प्राप्त न हो जाए। यह विधि भाग की प्रक्रिया को सरल बनाती है।

अतः, भागफल = 996 और शेषफल = 0.
In simple words: ध्वजांक विधि में, हम भाजक को 'मुख्यांक' और 'ध्वजांक' में बाँटते हैं। फिर मुख्यांक से भाग देते हैं और ध्वजांक का उपयोग करके अंकों को ठीक करते हैं, जिससे सही भागफल और शेषफल मिलता है।

🎯 Exam Tip: ध्वजांक विधि में संशोधित भाज्य की गणना सावधानी से करें, खासकर जब शुरुआती भागफल को बदलना पड़े (जैसे यहाँ 5 में 5 का भाग 1 बार जाता है, पर बाद में 9 लेना पड़ा)।

 

Question 19. सूत्र ध्वजांक का प्रयोग करते हुए \( 92358 \div 151 \) का मान ज्ञात कीजिये।
Answer: सूत्र ध्वजांक विधि से भाग इस प्रकार किया जाता है:

 151    
  92358 

  611  

     97 

ध्वजांक विधि में, भाजक (151) को 'ध्वजांक' (1) और 'मुख्यांक' (15) में विभाजित किया जाता है। भागफल 6 और शेष 2 प्राप्त होता है, जिसे 2 और 3 के बीच लिखा जाता है। फिर, संशोधित भाज्य 17 बनता है, जिसमें 15 से भाग देने पर भागफल 1 और शेषफल 2 मिलता है। इस प्रक्रिया को दोहराते हुए, हम भागफल और शेषफल निकालते हैं। यह विधि बड़ी संख्याओं को विभाजित करने में सहायता करती है।

अतः, भागफल = 611 और शेषफल = 97.
In simple words: ध्वजांक विधि में, भाजक को दो भागों में बांटकर भाग देते हैं। भागफल और शेषफल को चरणों में निकालते हैं, और प्रत्येक चरण में गणना को सही करते हैं।

🎯 Exam Tip: ध्वजांक विधि में प्रत्येक चरण में 'संशोधित भाज्य' का सही निर्धारण और ध्वजांक के साथ गुणा करके घटाना बहुत महत्वपूर्ण है। भागफल और शेषफल को सावधानी से नोट करें।

 

Question 20. सूत्र ध्वजांक का प्रयोग करते हुए \( 12345 \div 91 \) का मान ज्ञात कीजिये।
Answer: सूत्र ध्वजांक विधि से भाग इस प्रकार किया जाता है:

 91    
  12345 

  135  

     60 

ध्वजांक विधि में, भाजक (91) को 'ध्वजांक' (1) और 'मुख्यांक' (9) में विभाजित किया जाता है। भागफल 1 और शेषफल 3 प्राप्त होता है। संशोधित भाज्य की गणना करते हैं और मुख्यांक से भाग देकर अगले भागफल और शेषफल निकालते हैं। अंत में, शेषफल को अंतिम बार संशोधित करते हैं ( \( 65 - 5 \times 1 = 60 \) )। यह विधि बड़ी संख्याओं को विभाजित करने में मदद करती है।

अतः, भागफल = 135 और शेषफल = 60.
In simple words: ध्वजांक विधि में, भाजक को ध्वजांक और मुख्यांक में बांटकर भागफल और शेषफल निकालते हैं। इसमें हम संशोधित भाज्य का उपयोग करते हुए चरणों में गणना पूरी करते हैं।

🎯 Exam Tip: ध्वजांक विधि में, प्रत्येक चरण में संशोधित भाज्य की गणना बहुत सावधानी से करें और अंतिम शेषफल निकालने के लिए ध्वजांक के गुणा को घटाना न भूलें।

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Do you offer RBSE Solutions Class 10 Maths Chapter 1 वैदिक गणित in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 10 Mathematics. You can access RBSE Solutions Class 10 Maths Chapter 1 वैदिक गणित in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Mathematics RBSE solutions for Class 10 as a PDF?

Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 10 Maths Chapter 1 वैदिक गणित in printable PDF format for offline study on any device.