NCERT Class 5 Hindi Veena Chapter 11 Hamare Ye Kalamandir (हमारे ये कलामंदिर) PDF Download

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पाठ 11: हमारे ये कलामंदिर

इस बार निशा की मौसी ने छुट्टियों में उसे अजंता और एलोरा दिखाने का वादा किया था निशा ने पुस्तकों में अजंता, एलोरा के बारे में पढ़ा था तभी से उसके मन में उत्सुकता थी कि ये गुफाएँ देखने में कैसी होंगी।

दशहरे की छुट्टियों आई तो उनका अजंता और एलोरा जाने का कार्यक्रम बन गया। रेलगाड़ी में आरक्षण छत्रपति संभाजीनगर तक था संभाजीनगर पचँचते-पहुँचते रात हो गई। निशा और मौसी ने स्टेशन पर ही विश्रामगृह में रात बिताई। दूसरे दिन बड़े सवेरे ही उठकर वे बस से अजंता की ओर चल दी। वहाँ से अजंता लगभग सो किलोमीटर दूर है।

अजंता पहुँचकर जो दृश्य निशा ने देखा, वह बड़ा ही मनोरम था। एक ओर छोटी-सी नदी बह रही थी। नदी में बड़े-बड़े शिलाखंड पड़े थे। नदी के दक्षिण में एक पहाड़ी पर एक पंक्ति में उन्तीस गुफाएँ थीं इन गुफाओं का मुँह पूर्व दिशा की ओर होने के कारण प्रात:काल के सूर्य की किरणें इन पर पड़ रही थीं गुफा के ठीक नीचे एक कुंड बना था जिसमें पानी भरा हुआ था। घाटी में रंग-बिरंगे फूल खिले हुए थे।

[चित्र: जलप्रपात और गुफाओं का दृश्य, पाठ्यपुस्तक में देखें]

निशा, मौसी के साथ गुफाओं को देखने के लिए अंदर गई। उन्होंने देखा कि गुफाओं के अंदर दीवारों पर अत्यंत सुंदर चित्र बने हैं। गोतम बुद्ध का घर छोड़कर तप के लिए जाना, भिक्षुओं को उपदेश देना, साधु के रूप में भिक्षा माँगने जाना आदि के चित्र अत्यंत सजीव थे। इसके अतिरिक्त पेड़-पौधों, पशु-पक्षियों, स्त्रियों आदि के भी चित्र थे। उन्हें देखते ही निशा के मुँह से निकला, "वाह!" उन सभी चित्रों में अत्यंत सुंदर रंग भरे थे। सैकड़ों साल बीत जाने पर भी ये रंग फीके नहीं पड़े थे। मौसी ने कहा, "निशा, ये गुफाएँ दो हज़ार वर्ष पुरानी हैं।"

निशा ने आश्चर्यचकित होकर कहा, "दो हज़ार वर्ष! पर आज भी इनके रंग ज्यों के त्यों कैसे हैं?"

मौसी ने कहा, "उस समय रंग बनाने का ढंग बहुत अनोखा था कहते हैं कि उस समय ये रंग पत्तों, जड़ी-बूटियों, फूलों आदि से बनाए जाते थे।"

निशा टकटकी लगाए चित्रों को देखती रही। चित्रों में हाथों की मुद्रा, आँखों के भाव, अँगों की लोच, मुखों पर सुख-दुःख के भाव तथा झुरियाँ सभी कुछ अत्यंत अदभुत था ऐसे सजीव चित्र थे कि लगता था अभी बोल पड़ेंगे।

कुछ गुफाएँ अत्यंत लंबी-चौड़ी थीं, कुछ छोटी। निशा को सबसे अधिक आश्चर्य यह देखकर हुआ कि ये गुफाएँ पहाड़ों को ही काटकर बनाई गई थीं इन गुफाओं में बनी मूर्तियों भी पत्थरों को तराशकर बनाई गई थीं।

[चित्र: गुफा के अंदर की मूर्तियाँ और चित्र, पाठ्यपुस्तक में देखें]

निशा - "अदभुत! यह गर्व की बात है कि हज़ारों वर्ष पहले भी हमारे देश में कला का इतना विकास हो चुका था।"

अजंता और एलोरा देखकर निशा और मौसी जी वापस लौट आए पर निशा का मन अभी भी उन बेजोड़ क्लाकृतियों की ओर लगा था।

शिक्षक की टिप्पणी

निशा की गुफाओं में देखी गई मूर्तियों और चित्रों के प्रति प्रतिक्रिया को समझिए। जब आप किसी ऐतिहासिक स्थान पर जाते हैं, तो वहाँ की कलाकृतियों को ध्यान से देखना और उनके बारे में सोचना महत्वपूर्ण है। निशा ने जैसे आश्चर्य व्यक्त किया, वैसे ही आप भी किसी प्राचीन कला को देखकर सोचिए कि उसे बनाने में कितना समय, मेहनत और कौशल लगा होगा।

बातचीत के लिए

  1. आपकी छुट्टियों में कहाँ-कहाँ होती हैं? आप छुट्टियों में कहाँ जाते हैं?
  2. अजंता और एलोरा की गुफाओं के भीतर दीवारों पर अत्यंत सुंदर चित्र बने थे। आपके घर और घर के आस-पास कौन-कौन से चित्रकारी करते हैं? (जैसे - कागज़ पर, धरती पर, दीवारों पर, मिट्टी की वस्तुओं पर, कपड़ों पर आदि।)
  3. आपके घर में कौन-कौन और कहाँ-कहाँ चित्रकारी करते हैं? (जैसे - कागज़ पर, धरती पर, दीवारों पर, मिट्टी की वस्तुओं पर, कपड़ों पर आदि।)
  4. गुफाओं के चित्र देखते ही निशा के मुँह से 'वाह!' क्यों निकला? आपके मुँह से कब-कब 'वाह!' निकलता है?

पाठ से

दिए गए प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर के आगे सूरज का चित्र (☀) बनाइए -

  1. निशा, अजंता और एलोरा जाने के लिए क्यों उत्साहित थी?
    (क) वह पहली बार हवाई यात्रा करने वाली थी
    (ख) उसने इन गुफाओं के बारे में पुस्तकों में पढ़ा था तभी से उसके मन में उत्सुकता थी
    (ग) उसे मौसी जी से एक नया खिलौना मिलने वाला था
    (घ) उसने अजंता और एलोरा के बारे में मित्रों से सुना था
  2. निशा को अजंता और एलोरा देखकर कैसा लगा?
    (क) उसे निराशा हुई।
    (ख) उसे आश्चर्य हुआ।
    (ग) उसे दुःख हुआ।
    (घ) वह उदास हो गई।
  3. अजंता की गुफाओं में बने रंग इतने वर्षों बाद भी क्यों फीके नहीं पड़े थे?
    (क) वे विशेष प्रकार के कागज़ पर बनाए गए थे।
    (ख) चित्रों में प्रति वर्ष फिर से नया रंग भरा जाता था।
    (ग) रंग, फूलों जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से बनाए गए थे।
    (घ) वे सभी गुफाएँ बहुत उँडे स्थान पर स्थित थीं।
  4. यात्रा से लौटने के बाद भी निशा को वे कलाकृतियाँ बार-बार क्यों याद आ रही थीं?
    (क) उसने अपनी पाठ्यपुस्तक में उनके बारे में पढ़ा था।
    (ख) मौसी जी ने वादा किया था कि वे फिर वहाँ जाएँगी।
    (ग) यात्रा बहुत लंबी थी इसलिए उसे याद आ रही थी।
    (घ) गुफाओं की सभी कलाकृतियाँ बहुत आकर्षक थीं।

अब अपने समूह में चर्चा करके पता लगाइए कि किस-किसने कौन-कौन से उत्तर चुने और क्यों।

शिक्षक की टिप्पणी

पाठ से प्रश्नों के उत्तर देते समय पाठ में दिए गए विवरणों को ध्यान से पढ़िए। उदाहरण के लिए, प्रश्न 3 में अजंता की गुफाओं के रंगों के बारे में पूछा गया है। पाठ में स्पष्ट कहा गया है कि 'उस समय ये रंग पत्तों, जड़ी-बूटियों, फूलों आदि से बनाए जाते थे।' इसलिए सही उत्तर (ग) है। इसी तरह दूसरे प्रश्नों का भी उत्तर पाठ में दिए गए संकेतों से खोजिए।

मुख्य बिंदु

  • अजंता और एलोरा की गुफाएँ हज़ारों वर्ष पहले पहाड़ों को काटकर बनाई गई थीं। इन गुफाओं में प्राचीन कलाकारों ने बहुत सुंदर चित्र और मूर्तियाँ बनाई थीं।
  • प्राचीन समय में कलाकारों ने फूलों, पत्तों और जड़ी-बूटियों से प्राकृतिक रंग बनाते थे, जिसलिए ये रंग सैकड़ों साल बाद भी अपनी सुंदरता को बनाए रखते हैं।
  • गुफाओं के चित्रों में हाथों की मुद्रा, आँखों का भाव, मुखों पर भावनाएँ - सब कुछ बहुत जीवंत और सजीव दिखाई देता है, जिससे लगता है कि वे अभी बोल पड़ेंगे।
  • हमारे देश में प्राचीन काल से ही कला और संस्कृति का विकास होता रहा है। ये गुफाएँ हमारी सांस्कृतिक विरासत का अमूल्य उदाहरण हैं।

यह अध्याय के पहले 5 पृष्ठों का पूर्वावलोकन है। पूरा अध्याय पाने के लिए नीचे क्लिक करें।

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