Official ICSE Practice Papers for Class 10 Hindi
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Solved Model Papers for Hindi
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SECTION A
Question 1 [15 Marks]
Write a short composition in Hindi of approximately 250 words on any one of the following topics:
निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर हिन्दी में लगभग 250 शब्दों में संक्षिप्त लेख लिखिए :
(i) जीवन में खेलकूद मनोरंजन प्रदान करने के साथ-साथ सुख समृद्धि भी देते हैं। विद्यार्थी जीवन में इसकी उपयोगिता बहुत अधिक है। अपने किसी प्रिय खेल का वर्णन करें तथा यह खेल भविष्य में आपको कैसे लाभान्वित कर सकता है, निबंध में अपनी भविष्य की योजनाएं भी बताइए। [15 Marks]
Answer:
खेल और हमारा जीवन
मानव जीवन में खेलकूद का अत्यधिक महत्व है। खेल केवल मनोरंजन का साधन ही नहीं हैं, बल्कि ये हमारे शारीरिक और मानसिक विकास का आधार भी हैं। विद्यार्थी जीवन में खेलों की उपयोगिता और भी बढ़ जाती है क्योंकि इस अवस्था में बच्चों का शारीरिक और बौद्धिक विकास तेजी से होता है। पढ़ाई के तनाव को दूर करने और ऊर्जावान बने रहने के लिए खेल एक उत्तम माध्यम हैं।
मेरा सबसे प्रिय खेल 'क्रिकेट' है। यह खेल मुझे अत्यधिक पसंद है क्योंकि इसमें व्यक्तिगत कौशल के साथ-साथ सामूहिक तालमेल और अनुशासन की भी अत्यंत आवश्यकता होती है। क्रिकेट के मैदान पर हर एक गेंद के साथ रणनीति बदलती है, जो त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को विकसित करती है।
भविष्य की योजनाओं की बात करें तो, क्रिकेट के माध्यम से मैं शारीरिक रूप से तो स्वस्थ रहूँगा ही, साथ ही यह खेल मुझे अनुशासन, धैर्य और टीम वर्क के गुण सिखा रहा है जो जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के लिए आवश्यक हैं। यदि अवसर मिला तो मैं इस खेल को पेशेवर स्तर पर भी अपनाना चाहूँगा, अन्यथा एक अनुशासित नागरिक और खेल प्रेमी बनकर समाज में सकारात्मक योगदान देने का मेरा लक्ष्य है। खेल हमें हार से निराश न होकर पुनः प्रयास करना सिखाते हैं, और यही सीख मेरे भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी होगी।
Teacher's Note:
a) निबंध में विषय से जुड़े सभी बिंदुओं (खेल का महत्व, प्रिय खेल का वर्णन और भविष्य की योजनाएं) को क्रमानुसार स्पष्ट करना आवश्यक है।
b) छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे निर्धारित शब्द-सीमा (लगभग 250 शब्द) का ध्यान रखें और व्याकरण तथा वर्तनी की अशुद्धियों से बचें।
(ii) 'परोपकार की भावना लोक-कल्याण से पूर्ण होती है।' हमें भी परोपकार से भरा जीवन ही जीना चाहिए। विषय को स्पष्ट करते हुए अपने विचार लिखिए। [15 Marks]
Answer:
परोपकार का महत्व
"पर + उपकार" अर्थात दूसरों की भलाई करना ही परोपकार है। परोपकार की भावना भारतीय संस्कृति का मूल आधार रही है। जब हम स्वार्थ की संकीर्ण दीवारों से बाहर निकलकर दूसरों के कल्याण के बारे में सोचते हैं, तो समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की स्थापना होती है। लोक-कल्याण की भावना तभी सार्थक होती है जब प्रत्येक व्यक्ति समाज के कमजोर और असहाय लोगों की सहायता के लिए आगे आए।
प्रकृति स्वयं परोपकार का सर्वोत्तम उदाहरण है। नदियां अपने लिए जल नहीं बहतीं, पेड़ अपने फल स्वयं नहीं खाते और सूर्य सभी को समान रूप से प्रकाश देता है। मनुष्य को भी इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। एक परोपकारी व्यक्ति का जीवन समाज के लिए वरदान बन जाता है। निःस्वार्थ भाव से की गई सेवा से न केवल सामने वाले को राहत मिलती है, बल्कि करने वाले को आत्मिक संतोष की प्राप्ति होती है।
आज के स्वार्थी और व्यस्त युग में परोपकार की भावना का पतन होता जा रहा है, जिसे पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है। हमें अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे कार्यों जैसे भूखे को भोजन कराना, जरूरतमंद की सहायता करना या किसी उदास चेहरे पर मुस्कान लाना जैसे प्रयास करने चाहिए। वास्तव में, वही जीवन सार्थक है जो दूसरों के काम आए।
Teacher's Note:
a) इस विषय में परोपकार के दार्शनिक और व्यावहारिक दोनों पक्षों को सुंदर उदाहरणों के साथ प्रस्तुत किया गया है।
b) विचारों की मौलिकता और तार्किक प्रवाह निबंध में अच्छे अंक दिलाने में सहायक होते हैं।
(iii) 'स्वच्छता अभियान में सरकारी तंत्र की अपेक्षा नागरिकों की जागरूकता अधिक प्रभावपूर्ण मानी जाती है' जनता के सहयोग से ही देश स्वच्छ सुन्दर बन सकता है, आप इस कथन से कहाँ तक सहमत हैं? स्पष्ट करें। [15 Marks]
Answer:
स्वच्छता अभियान और जन-सहयोग
मैं इस कथन से पूर्णतः सहमत हूँ कि स्वच्छता अभियान में सरकारी तंत्र की अपेक्षा नागरिकों की जागरूकता अधिक प्रभावपूर्ण होती है। सरकार कितनी भी योजनाएं बना ले, नियम लागू कर ले और संसाधन जुटा ले, जब तक देश का आम नागरिक स्वच्छता के प्रति जागरूक नहीं होता, तब तक कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता। स्वच्छता कोई थोपी हुई व्यवस्था नहीं, बल्कि एक आंतरिक आदत और नैतिक जिम्मेदारी है।
सरकारी तंत्र सफाई कर्मियों की नियुक्ति कर सकता है और कचरा उठाने के वाहन भेज सकता है, किंतु सड़कों पर कचरा न फेंकने की आदत तो नागरिक को ही डालनी होगी। जब प्रत्येक व्यक्ति अपने घर के साथ-साथ अपने आस-पास के परिवेश को भी अपना मानेगा, तभी देश वास्तव में स्वच्छ और सुंदर बन सकेगा। 'स्वच्छ भारत अभियान' इसका एक जीवंत उदाहरण है, जहाँ जन-आंदोलن बनने के बाद ही इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए।
अतः आवश्यकता इस बात की है कि हम विद्यालयों से ही बच्चों में स्वच्छता के संस्कार डालें। नुक्कड़ नाटक, रैलियों और सोशल मीडिया के माध्यम से जन-जागृति फैलाई जाए। जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझ लेगा, तब देश को स्वच्छ और सुंदर बनाने का सपना अवश्य पूरा होगा।
Teacher's Note:
a) छात्र ने कथन के पक्ष में अपने स्पष्ट और तर्कसंगत विचार प्रस्तुत किए हैं जो विषय की गहराई को दर्शाते हैं।
b) वर्तमान सामाजिक संदर्भों से जुड़े विषयों पर लिखते समय ठोस उदाहरण देना लाभकारी होता है।
(iv) एक मौलिक कहानी लिखो, जिसके अंत में ये स्पष्ट हो "जाको राखे साइयां! मार सके न कोय।" [15 Marks]
Answer:
जाको राखे साइयां! मार सके न कोय
एक शांत और सुंदर गांव में सोहन नाम का एक ईमानदार और परोपकारी युवक रहता था। वह गांव के प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को पढ़ाता था और आपदा के समय हमेशा सबकी मदद के लिए तैयार रहता था। गांव के कुछ असामाजिक तत्व उसकी इस लोकप्रियता से ईर्ष्या करते थे, जिनमें मंगत सिंह नामक एक दबंग व्यक्ति भी शामिल था।
एक बार सर्दियों की रात थी। चारों तरफ घना कोहरा छाया हुआ था। सोहन विद्यालय से अपने घर लौट रहा था। रास्ते में एक सुनसान पुल के पास मंगत सिंह और उसके साथियों ने उसे घेर लिया। वे सोहन को रास्ते से हटाना चाहते थे ताकि वे गांव की जमीन पर अवैध कब्जा कर सकें। मंगत ने गुस्से में आकर सोहन को धक्का दे दिया और वह गहरी सूखी खाई में जा गिरा। हमलावर यह सोचकर भाग गए कि अब सोहन का बचना असंभव है।
रातभर सोहन खाई में बेहोश पड़ा रहा। सुबह जब गांव के कुछ लोग लकड़ी बीनने निकले, तो उन्होंने सोहन की कराहने की आवाज सुनी। उन्होंने तुरंत नीचे उतरकर उसे बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। ईश्वरीय कृपा से सोहन को गंभीर चोटें तो आईं, किंतु उसकी जान बच गई। पुलिस ने हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया। सभी गांव वाले यही कह रहे थे कि जब भगवान किसी की रक्षा करने वाला हो, तो कोई उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता - "जाको राखे साइयां! मार सके न कोय।"
Teacher's Note:
a) कहानी की पटकथा को शीर्षक की पंक्ति से बहुत ही तार्किक और रोचक ढंग से जोड़ा गया है।
b) कहानी लेखन में पात्रों का विकास, घटनाक्रम और अंत का संदेश स्पष्ट होना चाहिए।
(v) नीचे दिए गए चित्र को ध्यान से देखिए और चित्र को आधार बनाकर उसका परिचय देते हुए कोई लेख, घटना अथवा कहानी लिखिए, जिसका सीधा व स्पष्ट सम्बन्ध चित्र से होना चाहिए। [15 Marks]
[Figure: A black and white photograph showing a group of young children sitting together outdoors on the ground, engaged in reading or looking at books attentively.]
Answer:
शिक्षा की अलख
यह चित्र हमारे समाज के उस उज्ज्वल भविष्य की झांकी प्रस्तुत करता है जहाँ अभावों के बीच भी ज्ञान पाने की ललक कम नहीं होती। चित्र में कुछ बच्चे खुले आसमान के नीचे जमीन पर बैठकर बड़े ध्यान से पुस्तकों का अध्ययन कर रहे हैं। उनके चेहरों पर जो एकाग्रता और सीखने की जिज्ञासा दिखाई दे रही है, वह यह साबित करती है कि यदि पढ़ने की इच्छा सच्ची हो, तो परिस्थितियां कभी बाधा नहीं बनतीं।
हमारे देश के कई दूर-दराज के गांवों और बस्तियों में आज भी पक्के स्कूलों का अभाव है। ऐसे में कुछ समर्पित शिक्षक या स्वयंसेवी आगे आते हैं और इन बच्चों को पेड़ की छांव में या किसी खुले चबूतरे पर पढ़ाने का बीड़ा उठाते हैं। बच्चे भी इस अवसर का पूरा लाभ उठाते हैं। उनके फटे हुए कपड़े और नंगे पैर उनकी गरीबी की कहानी कहते हैं, किंतु उनकी खुली हुई आंखें और किताबों पर टिकी उंगलियां उनके बड़े सपनों की गवाही देती हैं।
यह दृश्य हमें यह सिखाता है कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो सामाजिक और आर्थिक दूरियों को मिटा सकती है। इन बच्चों की यह लगن देखकर हर संभ्रांत नागरिक का कर्तव्य बनता है कि वे इन नौनिहालों की शिक्षा में अपना योगदान दें, ताकि 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' और 'सब पढ़ें, सब बढ़ें' का नारा वास्तविक अर्थों में चरितार्थ हो सके।
Teacher's Note:
a) चित्र आधारित लेखन में चित्र के मूल भाव को पहचानकर उससे संबंधित प्रासंगिक प्रसंग या आलेख लिखना होता है।
b) छात्र ने चित्र के दृश्य को सामाजिक संदेश से बहुत ही सुंदर ढंग से जोड़ा है।
Question 2 [7 Marks]
Write a letter in Hindi in approximately 120 words on any one of the topics given below:
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर हिन्दी में लगभग 120 शब्दों में पत्र लिखिए :
(i) आपका छोटा भाई अपना अधिकांश समय मोबाइल फोन के उपयोग में बिताता है। मोबाइल फोन के अधिक उपयोग से होने वाली हानियों का उल्लेख करते हुए उसे पत्र लिखिए। [7 Marks]
Answer:
परीक्षा भवन,
क ख ग।
दिनांक: 15 मार्च 2023
प्रिय अनुज राहुल,
शुभाशीर्वाद।
आशा है तुम सकुशल होगे और अपनी पढ़ाई मन लगाकर कर रहे होंगे। कल ही मां का पत्र मिला जिससे यह जानकर बहुत चिंता हुई कि आजकल तुम अपना अधिकांश समय मोबाइल फोन पर गेम खेलने और सोशल मीडिया का उपयोग करने में बिता रहे हो।
राहुल, मोबाइल फोन आज के समय में ज्ञान का एक अच्छा साधन है, किंतु इसका अत्यधिक उपयोग तुम्हारे भविष्य के लिए बहुत हानिकारक सिद्ध हो सकता है। लगातार स्क्रीन पर देखने से तुम्हारी आंखों की रोशनी कमजोर हो सकती है और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा, इससे तुम्हारा कीमती समय बर्बाद होता है जिससे तुम्हारी पढ़ाई का नुकसान हो रहा है और खेलकूद छूटने के कारण शारीरिक विकास भी रुक रहा है।
मैं तुमसे अपेक्षा करता हूँ कि तुम मोबाइल का उपयोग केवल आवश्यकता के समय ही करोगे और अपना अधिकांश समय अध्ययन तथा शारीरिक खेलों में लगाओगे। मुझे विश्वास है तुम मेरी बात पर अवश्य ध्यान दोगे।
तुम्हारा बड़ा भाई,
अमित
Teacher's Note:
a) अनौपचारिक पत्र के प्रारूप (प्रेषक का पता, दिनांक, संबोधन, अभिवादन और समापन) का सही पालन किया गया है।
b) पत्र की भाषा स्नेहपूर्ण और समझाने वाली होनी चाहिए, साथ ही शब्द-सीमा का ध्यान रखना आवश्यक है।
OR
(ii) आपके क्षेत्र में मलेरिया तथा डेंगू का प्रकोप बढ़ गया है। इसकी रोकथाम के लिए नगर-निगम के अध्यक्ष को एक पत्र लिखिए। [7 Marks]
Answer:
सेवा में,
माननीय अध्यक्ष महोदय,
नगर निगम, क ख ग क्षेत्र,
नई दिल्ली।
दिनांक: 15 मार्च 2023
विषय: क्षेत्र में मलेरिया तथा डेंगू की रोकथाम हेतु उचित कदम उठाने के संबंध में।
महोदय,
मैं आपके संज्ञान में लाना चाहता हूँ कि इन दिनों हमारे क्षेत्र (आदर्श नगर) में मलेरिया और डेंगू जैसी गंभीर बीमारियों का प्रकोप बहुत अधिक बढ़ गया है। जगह-जगह गंदा पानी जमा है और नालियों की सफाई न होने के कारण मच्छरों का भारी उपद्रव हो गया है। इसके परिणामस्वरूप दर्जनों लोग इन खतरनाक बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं और अस्पताल में भर्ती हैं।
क्षेत्र में नियमित रूप से फॉगिंग (धुआं छिड़काव) नहीं कराई जा रही है और एंटी-लार्वा दवाओं का छिड़काव भी बंद है। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और भी अधिक भयावह हो सकती है।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि हमारे क्षेत्र में तुरंत विशेष सफाई अभियान चलाया जाए, जलभराव वाले स्थानों पर कीटनाशक दवाएं डाली जाएं और फॉगिंग की व्यवस्था की जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को इस संकट से बचाया जा सके।
सधन्यवाद।
भवदीया,
सुनीता शर्मा
(निवासिनी - आदर्श नगर)
Teacher's Note:
a) औपचारिक पत्र के प्रारूप (सेवा में, पदनाम, पता, विषय, महोदय, मुख्य विषय-वस्तु और भवदीय) का पूर्ण पालन किया गया है।
b) समस्या को स्पष्ट रूप से दर्शाते हुए समाधान के लिए उचित और विनम्र शब्दों का प्रयोग किया जाना चाहिए।
Question 3 [10 Marks]
Read the passage given below and answer in Hindi the questions that follow, using your own words as far as possible:
निम्नलिखित ग्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए। उत्तर यथासंभव अपने शब्दों में होने चाहिए:
सन्त कबीर ने स्थान-स्थान पर जाकर पर्याप्त भ्रमण किया था। घुमक्कड़ होने के कारण ही उनकी भाषा में अरबी, फारसी, भोजपुरी, मगही, पंजाबी, राजस्थानी आदि अनेक भाषाओं के शब्द आ गए हैं। उनकी बोलचाल की अनपढ़ भाषा विविध आंचलिक शब्दों, उक्तियों तथा अपभ्रंश शब्दों से युक्त है। इसलिए आचार्य रामचंद्र शुक्ल इसे सधुक्कड़ी भाषा कहकर पुकारते हैं। वैसे उनकी भाषा किसी प्रकार की हो, किन्तु उन्हें भाषा पर पूर्ण अधिकार था। वे जानते थे कि किस भाव को व्यक्त करने के लिए कौन-सा शब्द उपयुक्त होगा। यही कारण है कि भाषा चुपचाप उसी भाव को प्रकट करने लगती है। इसी ओर संकेत करते हुए आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने लिखा है - "भाषा पर कबीर का जबरदस्त अधिकार था। वे वाणी के डिक्टेटर थे। जिस बात को उन्होंने जिस रूप में प्रकट करना चाहा, उसे उसी रूप में भाषा से करवा दिया - बन आया है तो सीधे-सीधे नहीं तो दविश देकर, भाषा कबीर के सामने कुछ लाचार सी नजर आती है। उनमें हिम्मत नहीं है कि इस लापरवाह फक्कड़ को इन्कार कर सके। जैसी ताकत कबीर की भाषा में है, वैसे बहुत कम लेखकों में पाई जाती है। इस प्रकार बोलचाल की चलताऊ तथा विविध भाषाओं के शब्दों से युक्त तथा व्याकरण के बन्धनों से मुक्त भाषा के माध्यम से कबीर ने गंभीर विषय को अत्यंत सरल रूप प्रस्तुत किया है। आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का कथन सत्य है। सच पूछा जाए तो आज तक हिन्दी में ऐसा जबरदस्त व्यंग्य लेखक दूसरा नहीं हुआ। उसकी साफ चोट करने वाली भाषा, बिना कहे भी सब कुछ कह देने वाली शैली अत्यंत सही, किन्तु अत्यन्त तेज प्रकाशन अनन्य साधारण है।
(i) कबीर का स्वभाव कैसा था और उसके कारण उन्हें क्या कहा जाता था ? [2 Marks]
Answer:
कबीर का स्वभाव घुमक्कड़ था और वे स्थान-स्थान पर जाकर पर्याप्त भ्रमण करते थे। इसी घुमक्कड़ स्वभाव के कारण उनकी भाषा में अनेक भाषाओं के शब्द समाहित हो गए तथा आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने उनकी भाषा को 'सधुक्कड़ी भाषा' कहा है।
Teacher's Note:
a) उत्तर गद्यांश की पहली और दूसरी पंक्ति पर आधारित है।
b) छात्र को प्रश्न के दोनों भागों (स्वभाव और उसके परिणाम/नामकरण) का उत्तर स्पष्ट देना चाहिए।
(ii) कबीर की भाषा में कौन सी विशेषताएं पाई जाती हैं ? [2 Marks]
Answer:
कबीर की भाषा में अरबी, फारसी, भोजपुरी, मगही, पंजाबी और राजस्थानी जैसे अनेक भाषाओं के शब्द पाए जाते हैं। उनकी भाषा बोलचाल की अनपढ़ भाषा है जो विविध आंचलिक शब्दों, उक्तियों और अपभ्रंश शब्दों से युक्त तथा व्याकरण के बंधनों से मुक्त है।
Teacher's Note:
a) गद्यांश में दी गई विशेषताओं को संक्षेप में लिखना है।
b) बहुभाषी शब्दों और व्याकरणमुक्त स्वरूप का उल्लेख करना आवश्यक है।
(iii) आचार्य शुक्ल ने कबीर की भाषा के विषय में क्या कहा है ? [2 Marks]
Answer:
आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने कबीर की भाषा को 'सधुक्कड़ी भाषा' कहकर पुकारा है क्योंकि उनके घुमक्कड़ स्वभाव के कारण उनकी वाणी में अनेक प्रांतों और बोलियों के शब्द मिल जाते हैं।
Teacher's Note:
a) आचार्य शुक्ल द्वारा दिए गए विशेष शब्द 'सधुक्कड़ी' को उत्तर में अवश्य दर्शाना चाहिए।
b) उत्तर सटीक और गद्यांश के संदर्भ के अनुकूल होना चाहिए।
(iv) आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी जी ने कबीर की भाषा के सम्बन्ध में क्या कहा है ? [2 Marks]
Answer:
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने कहा है कि भाषा पर कबीर का जबरदस्त अधिकार था और वे 'वाणी के डिक्टेटर' थे। भाषा कबीर के सामने लाचार सी नजर आती है और उनमें इस लापरवाह फक्कड़ को इनकार करने की हिम्मत नहीं थी।
Teacher's Note:
a) द्विवेदी जी के महत्वपूर्ण कथन 'वाणी के डिक्टेटर' का उल्लेख उत्तर में मुख्य रूप से होना चाहिए।
b) कबीर का भाषा पर पूर्ण नियंत्रण और अधिकार इस कथन का मुख्य सार है।
(v) कबीर की भाषा को मुक्त भाषा क्यों कहा गया है ? [2 Marks]
Answer:
कबीर की भाषा को मुक्त भाषा इसलिए कहा गया है क्योंकि वह पारंपरिक व्याकरण के कड़े बंधनों से बंधी नहीं थी, बल्कि उसमें बोलचाल की चलताऊ, आंचलिक और विभिन्न भाषाओं के शब्दों का स्वतंत्र रूप से प्रयोग हुआ था।
Teacher's Note:
a) व्याकरण के बंधनों से मुक्ति और बोलचाल के शब्दों का सहज प्रयोग इसका मुख्य कारण है।
b) गद्यांश के अंतर्निहित भाव को समझकर अपने शब्दों में स्पष्ट उत्तर लिखना चाहिए।
Question 4 [8 Marks]
Answer the following according to the instructions given:
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर निर्देशानुसार लिखिए:
(i) 'निश्चेष्ट' का विलोम बताइए : [1 Mark]
(A) सतर्क
(B) प्रवेष्ट
(C) सचेष्ट
(D) सजग
Answer: (C) सचेष्ट
'निश्चेष्ट' (जिसमें चेष्टा या गति न हो) का विलोम शब्द 'सचेष्ट' (चेष्टा सहित या सक्रिय) होता है।
Teacher's Note:
a) विलोम शब्दों का चयन करते समय उपसर्ग और मूल शब्द के अर्थ को ध्यान में रखना चाहिए।
b) 'निश्चेष्ट' में 'निः' उपसर्ग का विलोम 'स' उपसर्ग से बनने वाला 'सचेष्ट' होता है।
(ii) 'तालाब' का पर्यायवाची बताइए : [1 Mark]
(A) सरि-सरिता
(B) सर-सरोवर
(C) तड़ाग-पराग्
(D) पोखर-पाथर
Answer: (B) सर-सरोवर
'सर' और 'सरोवर' दोनों 'तालाब' के सटीक पर्यायवाची शब्द हैं।
Teacher's Note:
a) अन्य विकल्पों में सरिता (नदी), पाथर (पत्थर) और पराग (फूलों की धूल) जैसे भिन्न अर्थ वाले शब्द शामिल हैं।
b) तालाब के अन्य पर्यायवाची जलाशय, तड़ग, पोखर आदि भी होते हैं।
(iii) 'काला' की भाववाचक संज्ञा बताइए : [1 Mark]
(A) काली
(B) कलिमा
(C) कलात्मक
(D) कालिमा
Answer: (D) कालिमा
'काला' विशेषण शब्द से बनने वाली भाववाचक संज्ञा 'कालिमा' है।
Teacher's Note:
a) भाववाचक संज्ञा किसी गुण, दोष, अवस्था या भाव का बोध कराती है।
b) वर्तनी की दृष्टि से 'कालिमा' (क पर आ की मात्रा, ल और म पर छोटी ई की मात्रा) सही रूप है।
(iv) 'भारत' का विशेषण बताइए : [1 Mark]
(A) भारतीयता
(B) भारतवर्ष
(C) भारती
(D) भारतीय
Answer: (D) भारतीय
'भारत' संज्ञा शब्द का विशेषण रूप 'भारतीय' होता है (जैसे - भारतीय संस्कृति)।
Teacher's Note:
a) 'भारतीयता' भाववाचक संज्ञा है, जबकि 'भारतीय' विशेषण है।
b) संज्ञा से विशेषण बनाते समय प्रत्यय का सही प्रयोग समझना आवश्यक है।
(v) 'अभिलाषा' का शुद्ध रूप बताइए : [1 Mark]
(A) अभिलासा
(B) अभलाषा
(C) अभीलाषा
(D) अभिलाषा
Answer: (A) अभिलाषा
विकल्प (A) और (D) में एक जैसी वर्तनी है, 'अभिलाषा' (छोटी ई की मात्रा और मूर्धन्य ष) शब्द पूर्णतः शुद्ध है। (नोट: दोनों विकल्प समान मुद्रित हैं, (A) सही है)
Teacher's Note:
a) वर्तनी शुद्धि के अंतर्गत छोटी/बड़ी मात्राओं और सही व्यंजनों (स, ष, श) का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
b) 'अभिलाषा' में 'अ - भि - ला - षा' क्रम होता है।
(vi) 'चीं के दिये जलाना' मुहावरे का अर्थ बताइए : [1 Mark]
(A) दिवाली मनाना
(B) पूजा-अर्चना करना
(C) खुशी मनाना
(D) बहुत प्रसन्न होना
Answer: (D) बहुत प्रसन्न होना
'चीं के दिये जलाना' मुहावरे का सही अर्थ अत्यधिक प्रसन्न होना या खुशी मनाना है।
Teacher's Note:
a) मुहावरों के शाब्दिक अर्थ की बजाय उनका विशेष लाक्षणिक अर्थ समझा जाता है।
b) छात्रों को पाठ्यक्रम में निर्धारित मुहावरों का निरंतर अभ्यास करना चाहिए।
(vii) निर्देशानुसार उचित वाक्य बताइए :
धर्म का मानव मन पर प्रभाव पड़ता है। (वाक्य में 'प्रभावित' शब्द का प्रयोग कीजिए) [1 Mark]
(A) धार्मिक मानव सबको प्रभावित करता है।
(B) धर्म मानेव मन को प्रभावित करता है।
(C) मानव के मान को धर्म प्रभावित करता है।
(D) मन को प्रभावित करने वाला मानव धर्म है
Answer: (C) मानव के मान को धर्म प्रभावित करता है।
मूल वाक्य के अर्थ और व्याकरण को बनाए रखते हुए 'प्रभावित' शब्द का सही समायोजन विकल्प (C) में है। (ध्यान दें: विकल्प (B) में 'मानेव' मुद्रण त्रुटि है)।
Teacher's Note:
a) वाक्य परिवर्तन या पद रूपान्तरण करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि मूल वाक्य का अर्थ न बदले।
b) मुद्रण त्रुटियों को ध्यान में रखते हुए सबसे निकटतम व्याकरणिक वाक्य चुना गया है।
(viii) निर्देशानुसार उचित वाक्य बताइए :
रोम का राजा भीषण-रोग से पीड़ित हो गया। (वाक्य में 'कर दिया' का प्रयोग कीजिए) [1 Mark]
(A) रोम का राजा को भीषण रोग ने पीड़ित कर दिया।
(B) रोम का राजा को एक भीषण रोग ने पीड़ित कर दिया।
(C) रोम का राजा को एक भयानक रोग ने पीड़ित कर दिया।
(D) रोम का राजा को एक रोग ने भयानक पीड़ित कर दिया।
Answer: (B) रोम का राजा को एक भीषण रोग ने पीड़ित कर दिया।
दिए गए निर्देशों के अनुसार 'कर दिया' का प्रयोग करते हुए सबसे उपयुक्त वाक्य विकल्प (B) है।
Teacher's Note:
a) वाक्य रचना में कारक चिन्हों और क्रियापदों का उचित संयोजन होना चाहिए।
b) ऐसे प्रश्नों में विकल्पों को ध्यानपूर्वक पढ़कर न्यूनतम अशुद्ध वाले वाक्य का चयन करना चाहिए।
SECTION B
साहित्य सागर - संक्षिप्त कहानियाँ
(SAHITYA SAGAR - SHORT STORIES)
Question 5
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
'दोनों घंटों साथ बैठते, बातें करते।'
[ बात अठन्नी की - सुदर्शन ]
[ 'Baat Athanni Ki' - Sudarshan ]
(i) 'दोनों' - शब्द से किस-किस की ओर संकेत हैं ? [2 Marks]
Answer:
'दोनों' शब्द से संकेत रसिकेन्द्र उर्फ रमजान और सुदर्शन बाबू (या पाठ के मुख्य पात्रों - रसीला और इंजीनियर बाबू जगतसिंह) की गहरी मित्रता की ओर है। (यहाँ रसीला और रमजान की बात की गई है जो जिगरी दोस्त थे)।
Teacher's Note:
a) कहानी 'बात अठन्नी की' में रसीला और रमजान दोनों परम मित्र थे और संध्या के समय साथ बैठकर बातें करते थे।
b) पात्रों के नाम स्पष्ट रूप से लिखना आवश्यक है।
(ii) वे दोनों किस-किस के यहाँ काम करते थे ? [2 Marks]
Answer:
रसीला इंजीनियर जगतसिंह के यहाँ काम करता था और रमजान जिला मजिस्ट्रेट शेख साहब के यहाँ चौकीदार था।
Teacher's Note:
a) दोनों पात्रों के नियोक्ताओं का विवरण कहानी के आरंभिक भाग में दिया गया है।
b) नाम और उनके पदों को सटीक रूप से लिखना चाहिए।
(iii) वे दोनों जिन लोगों के यहाँ काम करते थे, उनमें कौन-सी बात समान थी ? [3 Marks]
Answer:
वे दोनों जिन लोगों (इंजीनियर जगतसिंह और जिला मजिस्ट्रेट शेख साहब) के यहाँ काम करते थे, उनमें यह बात समान थी कि दोनों ही ऊपर से रिश्वत और घूस लेते थे, किंतु जनता की नजरों में वे ईमानदार और प्रतिष्ठित कहलाते थे।
Teacher's Note:
a) यह कहानी समाज के उस पाखंड पर करारा व्यंग्य करती है जहाँ बड़े लोग भ्रष्टाचार करते हैं लेकिन पकड़े छोटे कर्मचारी जाते हैं।
b) दोनों अधिकारियों की समान प्रवृत्ति (रिश्वतखोरी) को स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है।
(iv) किस घटना से स्पष्ट होता है कि दोनों में बहुत मैत्री थी ? [3 Marks]
Answer:
जब रसीला अपनी बीमार बेटी के इलाज के लिए आठ आने (अठन्नी) की चोरी के जुर्म में पकड़ा जाता है और उसे छह महीने की सजा हो जाती है, तब रमजान से उसका यह दुख देखा नहीं जाता। रमजान अपनी जेब से अठन्नी निकालकर रसीला के मालिक को देता है और रसीला के बच्चों की देखरेख करने का आश्वासन देता है। यह घटना दोनों की गहरी मैत्री को स्पष्ट करती है।
Teacher's Note:
a) संकट के समय मित्र की सहायता करना सच्ची मित्रता की पहचान है।
b) घटना का उल्लेख करते हुए रमजान के मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाना चाहिए।
Question 6
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
उन दिनों एक प्रथा प्रचलित थी। यज्ञ के फल का क्रय-विक्रय हुआ करता था।
[ महायज्ञ का पुरस्कार - यशपाल ]
[ Mahayagya Ka Puraskar - Yashpal ]
(i) क्रय-विक्रय शब्द का अर्थ लिखें। [2 Marks]
Answer:
'क्रय-विक्रय' शब्द का अर्थ खरीदना और बेचना होता है। 'क्रय' का अर्थ खरीदना तथा 'विक्रय' का अर्थ बेचना है।
Teacher's Note:
a) सामासिक शब्दों का अर्थ उनके दोनों पदों को अलग करके स्पष्ट करना चाहिए।
b) यह व्यापारिक गतिविधियों से जुड़ा शब्द है।
(ii) यज्ञों के क्रय-विक्रय का क्या आशय है ? [2 Marks]
Answer:
यज्ञों के क्रय-विक्रय का आशय यह था कि लोग अपने द्वारा किए गए यज्ञों के पुण्य फल को धन के बदले बेच दिया करते थे और जरूरतमंद लोग धन देकर उस यज्ञ का पुण्य खरीद लिया करते थे।
Teacher's Note:
a) यह कहानी की एक काल्पनिक और प्रतीकात्मक पृष्ठभूमि है जो नैतिक मूल्यों को उभारती है।
b) पुण्य के क्रय-विक्रय की इस प्रथा का उल्लेख कहानी के आरंभ में हुआ है।
(iii) सेठ जी यज्ञ बेचने कहाँ गये थे और क्यों ? [3 Marks]
Answer:
सेठ जी अपना एक महायज्ञ बेचने के लिए एक धनी कुंदनपुर के सेठ के यहाँ गए थे, क्योंकि उन पर भीषण गरीबी और संकट के दिन आ गए थे। उनके पास खाने तक के लाले पड़ गए थे, इसलिए उन्हें अपनी संपत्ति के साथ-साथ अपने यज्ञ का पुण्य बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा था।
Teacher's Note:
a) सेठ जी की बुरी आर्थिक स्थिति और भुखमरी इसका मुख्य कारण थी।
b) कुंदनपुर के सेठ के पास जाने का उद्देश्य आर्थिक सहायता पाना था।
(iv) सेठाणी द्वारा अपना यज्ञ बेचने का सुझाव दिए जाने पर सेठ की क्या प्रतिक्रिया हुई ? [3 Marks]
Answer:
जब सेठाणी ने अपने द्वारा किए गए सभी महायज्ञों में से एक महायज्ञ का पुण्य बेचने का सुझाव दिया, तो सेठ को बहुत दुख हुआ और उनका हृदय भर आया। उन्होंने ऐसा करना अपनी नैतिकता और स्वाभिमानी स्वभाव के विरुद्ध माना, किंतु अत्यधिक विपत्ति के कारण वे इसके लिए विवश हो गए थे।
Teacher's Note:
a) सेठ एक दयालु और धर्मपरायण व्यक्ति थे, इसलिए यज्ञ बेचना उनके लिए मानसिक रूप से बहुत कष्टदायक था।
b) पति-पत्नी के बीच की इस संवाद स्थिति को कहानी के संदर्भ में स्पष्ट करना चाहिए।
Question 7
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
'उस भीड़-भाड़ में अचानक उसकी भेंट अरुणा से हो गई।' 'रूनी कहकर चित्रा भीड़ की उपस्थिति का भूुलकर अरुणा के गले लिपट गई।'
[ दो कलाकार - मन्नू भंडारी ]
[ Do Kalakaar - Mannu Bhandari ]
(i) अरुणा और चित्रा कहाँ पर मिली हैं और यहां क्यों आई है ? [2 Marks]
Answer:
अरुणा और चित्रा एक प्रदर्शनी (या कला दीर्घा) में मिली हैं। चित्रा अपनी पेंटिंग्स की प्रदर्शनी देखने या उसमें भाग लेने के लिए वहाँ आई थी।
Teacher's Note:
a) कहानी के अंत में दोनों सखियों की बहुत समय बाद प्रदर्शनी में भेंट होती है।
b) स्थान और आने का उद्देश्य स्पष्ट होना चाहिए।
(ii) अरुणा के साथ कौन खड़े थे ? चित्रा के पूछने पर अरुणा ने क्या बताया ? [2 Marks]
Answer:
अरुणा के साथ दो छोटे-छोटे बच्चे और एक व्यक्ति (उसके पति) खड़े थे। चित्रा के पूछने पर अरुणा ने बताया कि ये दोनों बच्चे उसी के हैं और वह समाज सेवा तथा बाढ़ पीड़ितों की सहायता के कार्यों में व्यस्त रहती है।
Teacher's Note:
a) अरुणा समाज सेवा और ममता की प्रतिमूर्ति के रूप में दिखाई गई है।
b) बच्चों और परिवार का परिचय अरुणा ने चित्रा को दिया था।
(iii) अरुणा ने बच्चों से क्या कहा ? क्या चित्रा ने उन्हें प्यार किया ? [3 Marks]
Answer:
अरुणा ने बच्चों से कहा कि ये तुम्हारी मौसी हैं, इनसे मिलो। जब बच्चों ने झिझकते हुए चित्रा को देखा, तो चित्रा ने वात्सल्य भाव से भरकर उन दोनों बच्चों को गले से लगा लिया और खूब प्यार किया।
Teacher's Note:
a) चित्रा भले ही प्रसिद्ध चित्रकार बन गई थी, किंतु बच्चों को देखकर उसका हृदय भी स्नेह से भर गया।
b) दोनों सखियों के बीच का प्रेम और बच्चों के प्रति अपनापन यहाँ झलकता है।
(iv) बच्चों के बारे में अरुणा की बात सुनकर चित्रा क्या सोचने लगी ? [3 Marks]
Answer:
जब अरुणा ने बताया कि ये दोनों बच्चे उसने अनाथालय से गोद लिए हैं और वही उसकी असली कला तथा कृतियां हैं, तब चित्रा सोचने लगी कि वह भले ही बड़े कैनवास पर इंसानों के चित्र बनाती रही, किंतु अरुणा ने तो वास्तविक और जीते-जागते इंसानी जीवन को ही संवार दिया है। उसकी कला अरुणा के परोपकारी जीवन के सामने फीकी पड़ गई।
Teacher's Note:
a) यह कहानी का वैचारिक निष्कर्ष है जहाँ सच्ची कला मानवता की सेवा को माना गया है।
b) चित्रा के आत्मनिरीक्षण को उत्तर में प्रभावी ढंग से लिखना चाहिए।
साहित्य सागर - पद्य भाग
(SAHITYA SAGAR - POEMS)
Question 8
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
धर्मराज यह भूमि किसी की, नहीं क्रित है दासी,
है जन्मता समान परस्पर, इसके सभी निवासी।
सबको मुक्त प्रकाश चाहिए, सबको मुक्त समीरण,
बाधा रहित विकास, मुक्त आकांक्षाओं से जीवन।
[ स्वर्ग बना सकते हैं - रामधारी सिंह 'दिनकर' ]
[ Swarg Bana Sakate Hai - Ramdhari Singh 'Dinkar' ]
(i) यह कविता किसने किसको सुनाई है ? [2 Marks]
Answer:
यह कविता रश्मिरथी महाकाव्य के प्रसंग के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर (धर्मराज) को अथवा कवि दिनकर ने मानव समाज को सुनाई है।
Teacher's Note:
a) कविता के प्रसंग में यह संदेश समता और न्याय पर आधारित है।
b) वक्ता और श्रोता का संदर्भ स्पष्ट होना चाहिए।
(ii) कवि ने 'मुक्त प्रकाश' और 'मुक्त समीरण' की इच्छा किसके लिए प्रकट की है ? [2 Marks]
Answer:
कवि ने 'मुक्त प्रकाश' (खुला प्रकाश) और 'मुक्त समीरण' (स्वच्छ हवा) की इच्छा पृथ्वी के प्रत्येक मनुष्य और निवासी के लिए प्रकट की है, ताकि किसी के साथ भेदभाव न हो।
Teacher's Note:
a) प्रकृति के संसाधन सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध होने चाहिए।
b) यह प्राकृतिक समानता का प्रतीक है।
(iii) कवि ने मातृभूमि के बारे में क्या कहा है ? [3 Marks]
Answer:
कवि ने मातृभूमि के बारे में कहा है कि यह धरती किसी की खरीदी हुई दासी नहीं है। यहाँ जन्म लेने वाला प्रत्येक निवासी एक-दूसरे के समान है और इस पृथ्वी पर सभी का जन्म बराबर अधिकारों के साथ हुआ है।
Teacher's Note:
a) धरती पर किसी एक व्यक्ति या वर्ग का एकाधिकार नहीं हो सकता।
b) यह पंक्तियाँ लोकतांत्रिक और समतावादी दृष्टिकोण को दर्शाती हैं।
(iv) इस धरती पर शांति लाने के लिए क्या आवश्यक है ? [3 Marks]
Answer:
इस धरती पर शांति लाने के लिए यह आवश्यक है कि समाज में सभी को विकास के समान अवसर मिलें, किसी का अधिकार छीना न जाए, और हर व्यक्ति को बाधा रहित विकास तथा मुक्त आकांक्षाओं के साथ जीने की स्वतंत्रता प्राप्त हो।
Teacher's Note:
a) विषमता और शोषण का अंत करके ही धरती को स्वर्ग बनाया जा सकता है।
b) कवि के संदेश को व्यावहारिक रूप में स्पष्ट करना चाहिए।
Question 9
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
सात समंद की मसि करौ, लेखनी सब बनराय।
सब धरती कागद करौ, हरि गुण লিখा न जाइ॥
[ 'साखी' - कबीरदास ]
[ 'Sakhi' - Kabirdas ]
(i) 'सात समंद' कहकर कवि क्या स्पष्ट करना चाहते हैं ? [2 Marks]
Answer:
'सात समंद' (सातों समुद्रों) कहकर कवि यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि ईश्वर की महिमा और उनके गुणों का विस्तार असीम और अनंत है, जिसे सीमित साधनों में व्यक्त नहीं किया जा सकता।
Teacher's Note:
a) कबीर की साखियों में अतिशयोक्ति अलंकार के माध्यम से ईश्वर की महानता दर्शाई गई है।
b) समुद्र जैसी विशालता भी ईश्वर के गुणों के आगे कम पड़ जाती है।
(ii) निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखें: मसि, बनराय, कागद, लेखनी। [2 Marks]
Answer:
मसि - स्याही
बनराय - जंगल या वनों के वृक्ष
कागद - कागज
लेखनी - कलमी या लिखने की पेन
Teacher's Note:
a) कबीर की भाषा के इन प्राचीन और आंचलिक शब्दों के सटीक अर्थ जानना आवश्यक है।
b) प्रत्येक शब्द का सही अर्थ एक अंक (या आधे-आधे अंक) के अंतर्गत मूल्यांकित होता है।
(iii) 'हरि गुण लिखा न जाइ' - कबीर ने ऐसा क्यों कहा ? [3 Marks]
Answer:
कबीर ने ऐसा इसलिए कहा है क्योंकि भगवान के गुण और उनकी महिमा असीम है। यदि सातों समुद्रों की स्याही बना ली जाए, पृथ्वी भर का कागज बना लिया जाए और सारे वनों की कलम बना ली जाए, तब भी परमात्मा के अनंत गुणों को पूरा लिखा नहीं जा सकता।
Teacher's Note:
a) ईश्वर की महानता और मनुष्य की सीमा का सुंदर विरोधाभास यहाँ प्रस्तुत किया गया है।
b) साखी के मूल भाव को स्पष्ट करना अनिवार्य है।
(iv) कबीर दास जी का संक्षिप्त परिचय लिखें। [3 Marks]
Answer:
संत कबीर दास जी भक्त काल की 'निर्गुण धारा' (ज्ञानमार्गी शाखा) के सबसे महान और प्रतिनिधि कवि थे। उनका जन्म सन 1398 ई. में काशी में हुआ था। वे आजीवन समाज में फैली कुप्रथाओं, पाखंडों और भेदभाव का कड़ा विरोध करते रहे। उनकी रचनाओं का संग्रह 'बीजक' (साखी, सबद, रमैनी) नाम से प्रसिद्ध है।
Teacher's Note:
a) कवि परिचय में जन्म, काव्यधारा, मुख्य रचना और वैचारिक दृष्टिकोण का उल्लेख होना चाहिए।
b) कबीर समाज सुधारक और महान संत के रूप में जाने जाते हैं।
Question 10
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
साईं सब संसार में, मतलब का व्यवहार।
जब लग पैसा गांठ में, तब लग ताको यार॥
तब लग ताको यार, यार संग ही संग डोलै।
पैसा रहे ना पास, यार मुख से नहीं बोलै॥
कहं गिरधर कविराय जगत यही लेखा भाई।
करत बेगरजी प्रीति, यार बिरला कोई साईं॥
[ गिरधर की कुंडलियां - गिरधर कविराय ]
(Girdhar ki Kundliyan - Girdhar Kavirai)
(i) संसार में लोग कैसा व्यवहार करते हैं ? [2 Marks]
Answer:
कवि गिरधर कविराय के अनुसार इस संसार में लोग केवल स्वार्थी और मतलब का व्यवहार करते हैं। वे सच्चे प्रेम की बजाय स्वार्थ और धन से रिश्ता रखते हैं।
Teacher's Note:
a) कुंडलियों की पहली पंक्ति से ही यह स्पष्ट हो जाता है।
b) संसार की स्वार्थी प्रवृत्ति को रेखांकित करना है।
(ii) लोग मित्र किसे बनाते हैं और क्यों ? [2 Marks]
Answer:
लोग उसी व्यक्ति को अपना मित्र बनाते हैं जिसके पास धन होता है या जिसकी गांठ में पैसा होता है, क्योंकि स्वार्थी लोग धन के बल पर ही मित्रता निभाते हैं।
Teacher's Note:
a) धन और मित्रता का स्वार्थी संबंध इस पद का मुख्य विषय है।
b) भौतिकवादी सोच पर कवि ने करारा व्यंग्य किया है।
(iii) लोग किन से बातें करना पसंद नहीं करते और क्यों ? [3 Marks]
Answer:
जब किसी व्यक्ति के पास से धन समाप्त हो जाता है या वह गरीब हो जाता है, तो वही तथाकथित मित्र उससे बातें करना भी पसंद नहीं करते और मुँह फेर लेते हैं, क्योंकि उनका रिश्ता केवल पैसे से जुड़ा होता है।
Teacher's Note:
a) निर्धन होने पर मित्रों का व्यवहार बदल जाता है।
b) स्वार्थ की समाप्ति पर संबंध टूटने की वास्तविकता को दर्शाया गया है।
(iv) किस प्रकार के लोग बिरला होते हैं ? समझाइए। [3 Marks]
Answer:
कवि के अनुसार वे लोग 'बिरला' (अत्यंत दुर्लभ) होते हैं जो बिना किसी स्वार्थ (बेगरजी) के सच्ची प्रीति या मित्रता निभाते हैं। इस मतलबी दुनिया में स्वार्थरहित प्रेम करने वाले लोग बहुत मुश्किल से मिलते हैं।
Teacher's Note:
a) 'बेगरजी प्रीति' का अर्थ बिना किसी स्वार्थ के प्रेम करना है।
b) ऐसे सच्चे मित्रों का संसार में अभाव होता है, इसलिए उन्हें 'बिरला' कहा गया है।
नया रास्ता - सुषमा अग्रवाल
(NAYA RAASTA - SUSHMA AGARWAL)
Question 11
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
मीनू के हृदय में हीन-भावना के कारण जो दुख के भाव थे, खुशी में परिवर्तित हो गए। प्रथम श्रेणी में पास होने पर फूली नहीं समाई।
(i) मीनू के हृदय में हीन-भावना क्यों स्थान बना लिया था ? [2 Marks]
Answer:
मीनू के हृदय में हीन-भावना इसलिए आ गई थी क्योंकि वह एक अनाथ और आश्रित बालिका के रूप में चाचा-चाची के घर रह रही थी। उसे लगता था कि वह घर के अन्य बच्चों जितनी योग्य नहीं है और सब उसे बोझ समझते हैं।
Teacher's Note:
a) उपन्यास के संदर्भ में अनाथ बच्चों की मानसिक स्थिति को समझना आवश्यक है।
b) हीन-भावना के कारणों में आश्रित होना मुख्य बिंदु है।
(ii) मीनू को अपने परीक्षा परिणाम की सूचना कहाँ मिली थी ? [2 Marks]
Answer:
मीनू को अपने परीक्षा परिणाम की सूचना छात्रावास या विद्यालय में मिली थी जब उसका परीक्षा फल घोषित हुआ था।
Teacher's Note:
a) मीनू हॉस्टल में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रही थी।
b) परीक्षा परिणाम ने उसके आत्मविश्वास को बढ़ाया।
(iii) नीलिमा और मीनू के बीच क्या संबंध थे ? मीनू नीलिमा को किस बात की सूचना देने आई थी और क्यों ? [3 Marks]
Answer:
नीलिमा और मीनू के बीच गहरी सखियों और बहनों जैसा स्नेहपूर्ण संबंध था। मीनू नीलिमा को अपने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने की शुभ सूचना देने आई थी, क्योंकि नीलिमा हमेशा उसका मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन करती थी।
Teacher's Note:
a) नीलिमा मीनू की सच्ची हितैषी और मार्गदर्शक थी।
b) सफलता की खुशी सबसे पहले अपनों के साथ बांटी जाती है।
(iv) मीनू के मन में प्रसन्नता, उदासी और पुनः प्रसन्नता के भाव कब और किस प्रकार जागृत हुए ? [3 Marks]
Answer:
मीनू के मन में परीक्षा में प्रथम श्रेणी आने पर प्रसन्नता जागी, किंतु जब उसे अपने परिवार की उपेक्षा और अकेलेपन का अहसास हुआ तो वह उदास हो गई। परंतु जब नीलिमा और अन्य जनों ने उसका साथ दिया और उसकी सफलता की सराहना की, तो उसके मन में पुनः प्रसन्नता के भाव जागृत हो गए।
Teacher's Note:
a) मानसिक उतार-चढ़ाव इस आयु के बालकों की विशेषता होती है।
b) भावनाओं के इस क्रमिक परिवर्तन को उपन्यास की कथा के आधार पर स्पष्ट करना चाहिए।
Question 12
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
आशा को देखने के लिए इंजीनियर आलोक, उसके मम्मी-पापा व उसकी बड़ी भाभी आए।
(i) आशा कौन है ? क्या लड़के वालों ने उसे पसंद कर लिया ? [2 Marks]
Answer:
आशा उपन्यास की एक प्रमुख शिक्षित और सुसंस्कृत पात्र है। हाँ, लड़के वालों ने उसे पूरी तरह पसंद कर लिया था।
Teacher's Note:
a) आशा के गुणों और योग्यता के कारण विवाह प्रस्ताव सफल होता है।
b) प्रश्न के दोनों भागों का संक्षिप्त और स्पष्ट उत्तर दें।
(ii) लड़के वालों ने आशा की बड़ी बहन के बारे में क्या बात बताई गई ? [2 Marks]
Answer:
लड़के वालों ने बताया कि आशा की बड़ी बहन का वैवाहिक जीवन बहुत सुखी नहीं है अथवा दहेज संबंधी कुछ समस्याएं हैं, जिन्हें लेकर वे संकोच में थे।
Teacher's Note:
a) उपन्यास में पारिवारिक पृष्ठभूमियों और सामाजिक रूढ़ियों का सुंदर चित्रण है।
b) बड़ी बहन के प्रसंग से कथा में नया मोड़ आता है।
(iii) बुआ ने इस लड़के की बात पहले किसके लिए चलाई थी ? उस लड़की ने क्या कहा ? [3 Marks]
Answer:
बुआ ने इस लड़के की बात पहले नीलिमा के लिए चलाई थी। किंतु नीलिमा ने स्पष्ट मना कर दिया था क्योंकि वह अपने पैरों पर खड़ी होकर आत्मनिर्भर बनना चाहती थी और अभी विवाह नहीं करना चाहती थी।
Teacher's Note:
a) नीलिमा का स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का निर्णय उपन्यास का केंद्रीय बिंदु है।
b) बुआ के प्रयासों और नीलिमा के दृढ़ निश्चय को दर्शाएं।
(iv) उस लड़की की बात सुनकर पिताजी क्यों दुखी हुए ? समझाइए। [3 Marks]
Answer:
जब नीलिमा ने विवाह के प्रस्ताव को ठुकरा दिया और उच्च शिक्षा तथा आत्मनिर्भरता की बात कही, तो पिताजी इसलिए दुखी हुए क्योंकि वे पारंपरिक सामाजिक सोच से बंधे थे और उन्हें लगता था कि लड़की का समय पर विवाह न होना समाज में प्रतिष्ठा के विरुद्ध है।
Teacher's Note:
a) पुरानी पीढ़ी और नई पीढ़ी की सोच का अंतर यहाँ स्पष्ट होता है।
b) पिताजी की चिंता सामाजिक दबाव के कारण थी।
Question 13
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
'इतने में नीलिमा के पति सुरेंद्र जी ने कमरे में प्रवेश किया उन्हें देखकर मीनू आश्चर्यचकित रह गई।'
(i) मीनू इस समय कहाँ है ? नीलिमा के पति को देखकर वह आश्चर्यचकित क्यों हो गई ? [2 Marks]
Answer:
मीनू इस समय नीलिमा के घर पर है। वह सुरेंद्र जी को देखकर इसलिए आश्चर्यचकित रह गई क्योंकि वह उन्हें जानती थी और उन्हें नीलिमा का पति के रूप में देखकर उसे सुखद आश्चर्य हुआ।
Teacher's Note:
a) पात्रों के आपसी संबंधों का यह महत्वपूर्ण प्रसंग है।
b) आश्चर्य का कारण पूर्व परिचय और वर्तमान संबंध था।
(ii) क्यों, क्या हुआ नीलिमा को ? मीनू के इस प्रश्न का सुरेंद्र ने क्या उत्तर दिया ? [2 Marks]
Answer:
सुरेंद्र ने उत्तर दिया कि नीलिमा अब पूरी तरह स्वस्थ और प्रसन्न है, तथा उसने अपने जीवन का एक नया और सही मार्ग चुन लिया है जिसमें उसकी सफलता निश्चित है।
Teacher's Note:
a) संवाद शैली उपन्यास की कथा को गति प्रदान करती है।
b) सुरेंद्र का उत्तर सकारात्मकता से परिपूर्ण था।
(iii) यह शुभ समाचार सुनकर मीनू की क्या प्रतिक्रिया हुई ? [3 Marks]
Answer:
यह शुभ समाचार सुनकर मीनू की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसके चेहरे पर चमक आ गई और उसने नीलिमा की सफलता पर अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त करते हुए भगवान को धन्यवाद दिया।
Teacher's Note:
a) सखी की सफलता पर सच्ची प्रसन्नता का भाव यहाँ प्रकट होता है।
b) मीनू की प्रतिक्रिया भावनात्मक और सजीव है।
(iv) मीनू नीलिमा के घर जाने से पहले क्या तैयारी की थी ? वहां किसे देखकर मीनू आश्चर्यचकित रह गई ? [3 Marks]
Answer:
नीलिमा के घर जाने से पहले मीनू ने उपहार खरीदने और अपनी परीक्षा की सफलता की मिठाई साथ लेने की तैयारी की थी। वहाँ सुरेंद्र जी और अन्य परिचित जनों को देखकर वह आश्चर्यचकित रह गई।
Teacher's Note:
a) शिष्टाचार और स्नेह का यह सुंदर प्रसंग है।
b) आश्चर्य का तत्व कथा में जिज्ञासा बनाए रखता है।
एकांकी संचय
(EKANKI SANCHAY)
Question 14
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
मैं जानती हूँ, मेरे ही तो बेटे हैं। माया ममता किसी को छू नहीं गई है। हर बात में देश, धर्म, और कर्तव्य की दुहाई देना उन्होंने सीखा है।
[ संस्कार और भावना - विष्णु प्रभाकर ]
[ Sanskar Aur Bhavna - Vishnu Prabhakar ]
(i) वक्ता अपने बेटों के विषय में क्या जानती है ? [2 Marks]
Answer:
वक्ता (श्रीमती असेस या माता) अपने बेटों के विषय में यह जानती है कि उनके हृदय में पारिवारिक प्रेम, ममता और भावनाओं के लिए कोई स्थान नहीं है। वे केवल देश, धर्म और कर्तव्य की बड़ी-बड़ी बातें करना जानते हैं।
Teacher's Note:
a) एकांकी में आदर्श और पारिवारिक संबंधों के संघर्ष को दिखाया गया है।
b) माता की पीड़ा इस कथन का मुख्य आधार है।
(ii) 'माया ममता किसी को छू नहीं गई है।' इस कथन का क्या आशय है ? [2 Marks]
Answer:
इस कथन का आशय यह है कि वक्ता के बेटे इतने कठोर और कर्तव्यपरायण हो चुके हैं कि उनके मन में परिवार, माता और सगे-सम्बन्धियों के प्रति जरा भी मोह-माया या प्रेम शेष नहीं बचा है।
Teacher's Note:
a) कर्तव्य की कठोरता और पारिवारिक अपनत्व की कमी को यहाँ व्यंजित किया गया है।
b) संवाद का मर्म स्पष्ट होना चाहिए।
(iii) बेटे हर बात में किसकी दुहाई देते हैं और यह उन्होंने किससे सीखा है ? [3 Marks]
Answer:
बेटे हर बात में देश, समाज, धर्म और कर्तव्य की दुहाई देते हैं। यह उन्होंने अपने पिता के संस्कारों और राष्ट्रीय विचारधारा से सीखा है, जिन्होंने अपने जीवन में हमेशा सिद्धांतों को सर्वोच्च स्थान दिया था।
Teacher's Note:
a) संस्कारों का प्रभाव संतानों पर किस प्रकार पड़ता है, यह एकांकी का मुख्य विषय है।
b) पिता के आदर्शों का बेटों पर गहरा प्रभाव था।
(iv) अतुल के पिता का चरित्र चित्रण करें। [3 Marks]
Answer:
अतुल के पिता एक सिद्धांतवादी, देशभक्त, दृढ़निश्चयी और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति थे। उनके लिए व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं से बढ़कर देश और समाज का हित सर्वोपरि था। वे अपने उसूलों पर अडिग रहने वाले एक कड़क और आदर्शवादी व्यक्तित्व के धनी थे।
Teacher's Note:
a) चरित्र चित्रण में उनके सकारात्मक और सैद्धांतिक पक्षों को प्रमुखता देनी चाहिए।
b) एकांकी के वैचारिक ढांचे में उनका किरदार केंद्रीय है।
Question 15
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
'मुझे और लज्जित ना करो। मेरी चोट का इलाज बेटी की ससुराल वालों ने दूसरी चोट से कर दिया है।'
[ बहू की विदा - विनोद रस्तोगी ]
[ Bahu Ki Vida - Vinod Rastogi ]
(i) 'मुझे और लज्जित ना करो' - किसने कहा ? उस का संक्षिप्त परिचय लिखिए। [2 Marks]
Answer:
यह कथन जीवन लाल ने कहा है। जीवन लाल एकांकी के मुख्य पात्र हैं जो धन के घमंड में चूर, अहंकारी और परंपरावादी विचारों वाले एक धनी व्यक्ति हैं, जिन्हें अंततः अपनी प्रतिष्ठा खोने पर आत्मज्ञान होता है।
Teacher's Note:
a) जीवन लाल के चरित्र में अहंकार से प्रायश्चित तक की यात्रा दिखाई गई है।
b) वक्ता का नाम और उसका संक्षिप्त परिचय आवश्यक है।
(ii) 'मेरी चोट' से क्या आशय है ? उसने ऐसा क्यों कहा ?
Answer:
'मेरी चोट' से आशय जीवन लाल के उस अहंकार और आत्मसम्मान पर लगे आघात से है जब उनकी पुत्री राजूला को उसके ससुराल वालों ने दहेज के कारण बिना विदा कराए वापस भेज दिया था या अपमानित किया था। उन्होंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि बेटी के ससुराल वालों ने उनकी हीनता को और अधिक उजागर कर दिया था।
Teacher's Note:
a) दहेज प्रथा की विभीषिका और सामाजिक प्रतिष्ठा का ढोंग इस एकांकी में प्रमुखता से उभारा गया है।
b) कथन के मर्म को स्पष्ट करें।
(iii) जीवन लाल के मन में पश्चाताप का भाव क्यों पैदा हुआ ? [3 Marks]
Answer:
जीवन लाल के मन में पश्चाताप का भाव इसलिए पैदा हुआ क्योंकि उन्होंने अपनी पुत्री राजूला को दहेज के लोभ में आकर बहुत कष्ट दिया था और अंततः जब उन्हें यह अहसास हुआ कि अहंकार और धन सब कुछ नहीं होता, तथा उनकी अपनी जिद ने उनकी बेटी का जीवन बर्बाद कर दिया है, तब उनका दिल पिघल गया।
Teacher's Note:
a) पश्चाताप एकांकी के अंत में चरित्र के परिवर्तन को दर्शाता है।
b) दहेज प्रथा के दुष्प्रभावों का यह परिणाम है।
(iv) इस अवतरण के आधार पर एकांकी के उद्देश्य को स्पष्ट कीजिए। [3 Marks]
निकाला
Answer:
इस अवतरण के आधार पर एकांकी का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त दहेज प्रथा जैसी कुप्रथा और अहंकार की भावना पर प्रहार करना है। यह एकांकी संदेश देती है कि माता-पिता को अपनी बेटियों को बोझ नहीं बल्कि सम्मान देना चाहिए और दहेज के लोभ से ऊपर उठकर मानवीय संबंधों को मूल्य देना चाहिए।
Teacher's Note:
a) एकांकी का संदेश समाज सुधार और मानवीय संवेदनाओं की जागृति से जुड़ा है।
b) उद्देश्य स्पष्ट और प्रासंगिक होना चाहिए।
Question 16
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए :
ना बेटा, मैं अपने जीते जी यह सब ना होने दूंगा। तुम चिंता ना करो। मैं सबको समझा दूंगा।
[ सूखी डाली - उपेंद्र नाथ 'अश्क' ]
(Sookhi Daali - Upendra Nath 'Ashk')
(i) वट वृक्ष को देखकर दादा जी के मन में कौन-सी कल्पनाएं जाग जाती हैं ? [2 Marks]
Answer:
वट वृक्ष को देखकर दादा जी के मन में यह कल्पना जाग जाती है कि जिस प्रकार विशाल वट वृक्ष अपनी घनी छांव में सभी छोटी-बड़ी शाखाओं और पत्तों को एक साथ सुरक्षित रखता है, उसी प्रकार उनका संयुक्त परिवार भी एक मजबूत वट वृक्ष की तरह है जिसमें सभी को मिलकर रहना चाहिए।
Teacher's Note:
a) संयुक्त परिवार की महत्ता को वट वृक्ष के प्रतीक के माध्यम से समझाया गया है।
b) दादा जी परिवार के मुख्य स्तंभ हैं।
(ii) दादा जी का मन क्या सोच कर सिहर उठता है ? वे किस चिंता में डूबे हैं ? [2 Marks]
Answer:
दादा जी का मन यह सोचकर सिहर उठता है कि कहीं उनके जीते जी ही उनका यह भरा-पूरा संयुक्त परिवार टूट न जाए और बिखर न जाए। वे परिवार में बढ़ती आपसी कलह और विघटन की चिंता में डूबे रहते हैं।
Teacher's Note:
a) संयुक्त परिवार के टूटने का भय बुजुर्गों को सबसे अधिक पीड़ा देता है।
b) चिंता का मुख्य कारण पारिवारिक एकता का खंडन है।
(iii) दादा जी कैसे विचारों के व्यक्ति हैं ? उनकी क्या अभिलाषा है ? [3 Marks]
Answer:
दादा जी प्राचीन और संयुक्त परिवार की परंपरा को मानने वाले उदार, समझदार और प्रेमभाव रखने वाले विचारों के व्यक्ति हैं। उनकी मुख्य अभिलाषा यही है कि उनका परिवार हमेशा एकजुट, संयुक्त और खुशहाल रहे, तथा कोई भी सदस्य परिवार से अलग न हो।
Teacher's Note:
a) दादा जी परिवार की धुरी हैं जो सबको बांधकर रखना चाहते हैं।
b) उनकी उदारता और पारिवारिक प्रेम उनके चरित्र की विशेषता है।
(iv) अपनी छोटी बहू के विषय में दादा जी के क्या विचार हैं ? [3 Marks]
Answer:
दादा जी अपनी छोटी बहू (बेला) के विषय में बहुत उदार और सकारात्मक विचार रखते हैं। वे मानते हैं कि वह आधुनिक विचारों की है और उसे थोड़ा समय तथा प्रेम देने की आवश्यकता है, वह परिवार की अन्य बहुओं की तरह ही प्रेम से घुल-मिल जाएगी और परिवार को जोड़ेगी।
Teacher's Note:
a) दादा जी नई पीढ़ी की मानसिकता को समझने की दूरदर्शिता रखते हैं।
b) छोटी बहू के प्रति उनका स्नेह परिवार को टूटने से बचाता है।
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