ICSE Class 10 Hindi Sahitya Sagar Chapter 2.2 Giridhar Ki Kundaliyan Solutions

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Detailed Sahitya Sagar Chapter 2.2 Giridhar Ki Kundaliyan ICSE Solutions for Class 10 Hindi

For Class 10 students, solving ICSE textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 10 Hindi solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Sahitya Sagar Chapter 2.2 Giridhar Ki Kundaliyan solutions will improve your exam performance.

Class 10 Hindi Sahitya Sagar Chapter 2.2 Giridhar Ki Kundaliyan ICSE Solutions PDF

 

Question क-i. लाठी से क्या-क्या लाभ होते हैं?
Answer: लाठी संकट के समय हमारी सहायता करती है। गहरी नदी और नाले को पार करते समय मददगार साबित होती है। यदि कोई कुत्ता हमारे ऊपर झपटे तो लाठी से हम अपना बचाव कर सकते हैं। अगर हमें दुश्मन धमकाने की कोशिश करे तो लाठी के द्वारा हम अपना बचाव कर सकते हैं। लाठी गहराई मापने के काम आती है।
In simple words: लाठी कई तरह से उपयोगी होती है; यह संकट में सुरक्षा देती है, नदी-नाले पार करने में मदद करती है, कुत्तों और दुश्मनों से बचाती है, और गहराई मापने में भी काम आती है।

🎯 Exam Tip: इस प्रकार के पद्यांश-आधारित प्रश्नों में, दिए गए छंदों को ध्यान से पढ़ें और पूछे गए प्रश्न के प्रत्यक्ष उत्तरों को पहचानें। मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट और संक्षिप्त तरीके से प्रस्तुत करें।

 

Question क-ii. 'बकुचा बाँधे मोट, राति को झारि बिछावै' - पंक्ति का भावार्थ स्पष्ट कीजिए।
Answer: इस पंक्ति का भाव यह है कि कंबल को बाँधकर उसकी छोटी-सी गठरी बनाकर अपने पास रख सकते हैं और ज़रूरत पड़ने पर रात में उसे बिछाकर सो सकते हैं।
In simple words: इस पंक्ति का अर्थ है कि कंबल को एक गठरी में बांधकर साथ रखा जा सकता है, और रात में उसे बिछाकर सोने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

🎯 Exam Tip: भावार्थ स्पष्ट करते समय, पंक्ति के शाब्दिक अर्थ के साथ-साथ उसके गूढ़ अर्थ और कवि के संदेश को भी समझाना महत्वपूर्ण है।

 

Question क-iii. कमरी की किन-किन विशेषताओं का उल्लेख किया गया है?
Answer: कंबल (कमरी) बहुत ही सस्ते दामों में मिलता है। यह हमारे ओढ़ने तथा बिछाने के काम आता है। कंबल को बाँधकर उसकी छोटी-सी गठरी बनाकर अपने पास रख सकते हैं और ज़रूरत पड़ने पर रात में उसे बिछाकर सो सकते हैं।
In simple words: कमरी सस्ती होती है, इसे ओढ़ने और बिछाने दोनों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, और इसे आसानी से गठरी बनाकर साथ ले जाया जा सकता है।

🎯 Exam Tip: विशेषताओं का उल्लेख करते समय, पद्यांश में सीधे दी गई जानकारी को बिंदुवार प्रस्तुत करने का प्रयास करें ताकि उत्तर स्पष्ट और सटीक हो।

 

Question क-iv. शब्दार्थ लिखिए - कमरी, बकुचा, मोट, दमरी
Answer:

शब्दअर्थ
कमरीकाला कंबल
बकुचाछोटी गठरी
मोटगठरी
दमरीदाम, मूल्य

In simple words: इस प्रश्न में दिए गए शब्दों के अर्थ बताए गए हैं: कमरी का अर्थ काला कंबल, बकुचा का अर्थ छोटी गठरी, मोट का अर्थ गठरी, और दमरी का अर्थ दाम या मूल्य है।

🎯 Exam Tip: शब्दार्थ के प्रश्नों में, दिए गए शब्दों के सटीक और प्रचलित अर्थों को लिखना महत्वपूर्ण है। पद्यांश के संदर्भ में उनका अर्थ समझें।

 

Question ख-i. 'गुन के गाहक सहस, नर बिन गुन लहै न कोय' - पंक्ति का भावार्थ लिखिए।
Answer: प्रस्तुत पंक्ति में गिरिधर कविराय ने मनुष्य के आंतरिक गुणों की चर्चा की है। गुणी व्यक्ति को हजारों लोग स्वीकार करने को तैयार रहते हैं लेकिन बिना गुणों के समाज में उसकी कोई मह्ता नहीं। इसलिए व्यक्ति को अच्छे गुणों को अपनाना चाहिए।
In simple words: इस पंक्ति का अर्थ है कि गुणी व्यक्ति को हजारों लोग पसंद करते हैं, लेकिन गुणहीन व्यक्ति का कोई सम्मान नहीं करता। कवि यह संदेश देते हैं कि हमें हमेशा अच्छे गुणों को अपनाना चाहिए।

🎯 Exam Tip: भावार्थ लिखते समय, केवल पंक्ति का अनुवाद न करें बल्कि उसके निहितार्थ और कवि के मूल संदेश को भी स्पष्ट रूप से समझाएँ।

 

Question ख-ii. कौए और कोयल के उदाहरण द्वारा कवि क्या स्पष्ट करते हैं?
Answer: कौए और कोयल के उदाहरण द्वारा कवि कहते है कि जिस प्रकार कौवा और कोयल रूप-रंग में समान होते हैं किन्तु दोनों की वाणी में ज़मीन-आसमान का फ़र्क है। कोयल की वाणी मधुर होने के कारण वह सबको प्रिय है। वहीं दूसरी ओर कौवा अपनी कर्कश वाणी के कारण सभी को अप्रिय है। अतः कवि कहते हैं कि बिना गुणों के समाज में व्यक्ति का कोई नहीं। इसलिए हमें अच्छे गुणों को अपनाना चाहिए।
In simple words: कवि कौए और कोयल का उदाहरण देकर बताते हैं कि बाहरी रूप-रंग समान होने पर भी गुणों (वाणी की मधुरता) के कारण ही व्यक्ति को सम्मान मिलता है। गुणों के बिना समाज में कोई महत्व नहीं होता।

🎯 Exam Tip: उपमा या उदाहरण पर आधारित प्रश्नों में, यह स्पष्ट करें कि कवि ने किस तुलना का उपयोग किया है और उस तुलना के माध्यम से वे क्या गहरा नैतिक या सामाजिक संदेश देना चाहते हैं।

 

Question ख-iii. संसार में किस प्रकार का व्यवहार प्रचलित है?
Answer: कवि कहते हैं कि संसार में बिना स्वार्थ के कोई किसी का सगा-संबंधी नहीं होता। सब अपने मतलब के लिए ही व्यवहार रखते हैं। अत:इस संसार में मतलब का व्यवहार प्रचलित है।
In simple words: कवि के अनुसार, इस संसार में लोग केवल अपने स्वार्थ के लिए संबंध रखते हैं; जहाँ कोई मतलब नहीं होता, वहाँ कोई किसी का अपना नहीं होता।

🎯 Exam Tip: संसार के व्यवहार पर आधारित प्रश्नों में, कवि के दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें और पद्यांश के माध्यम से दिए गए नैतिक संदेश को रेखांकित करें।

 

Question ख-iv. शब्दार्थ लिखिए - काग, बेगरजी, विरला, सहस
Answer:

शब्दअर्थ
कागकौवा
बेगरजीनिःस्वार्थ
विरलाबहुत कम मिलनेवाला
सहसहजार

In simple words: इस प्रश्न में दिए गए शब्दों के अर्थ बताए गए हैं: काग का अर्थ कौवा, बेगरजी का अर्थ निःस्वार्थ, विरला का अर्थ बहुत कम मिलनेवाला, और सहस का अर्थ हजार है।

🎯 Exam Tip: शब्दार्थ के प्रश्नों में, दिए गए शब्दों के सटीक और प्रचलित अर्थों को लिखना महत्वपूर्ण है। पद्यांश के संदर्भ में उनका अर्थ समझें।

 

Question ग-i. कैसे पेड़ की छाया में रहना चाहिए और कैसे पेड़ की छाया में नहीं?
Answer: कवि के अनुसार हमें सदैव मोटे और पुराने पेड़ों की छाया में आराम करना चाहिए क्योंकि उसके पत्ते झड़ जाने के बावजूद भी वह हमें शीतल छाया प्रदान करते हैं। हमें पतले पेड़ की छाया में कभी नहीं बैठना चाहिए क्योंकि वह आँधी-तूफ़ान के आने पर टूट कर हमें नुकसान पहुँचा सकते हैं।
In simple words: कवि सलाह देते हैं कि हमें हमेशा मोटे और मजबूत पेड़ों की छाया में रहना चाहिए, जो सुरक्षित और शीतल होती है, और पतले पेड़ों की छाया से बचना चाहिए क्योंकि वे अस्थिर और खतरनाक हो सकते हैं।

🎯 Exam Tip: कवि के सुझावों को स्पष्ट रूप से अलग-अलग बिंदुओं में प्रस्तुत करें कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं, और उनके पीछे के कारणों को भी समझाएँ।

 

Question ग-ii. 'पानी बाढ़े नाव में, घर में बाढ़े दाम। दोऊ हाथ उलीचिए, यही सयानो काम॥'- पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
Answer: उपर्युक्त पंक्ति का आशय यह है कि जिस प्रकार नाव में पानी भरने से नाव डूबने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में हम दोनों हाथ से नाव का पानी बाहर फेंकने लगते है। ठीक वैसे ही घर में धन बढ़ जाने पर हमें दोनों हाथों से दान करना चाहिए।
In simple words: इस पंक्ति का अर्थ है कि जैसे नाव में पानी भर जाए तो उसे दोनों हाथों से बाहर निकालना चाहिए, वैसे ही जब घर में धन बढ़ जाए तो उसे उदारता से दान करना चाहिए।

🎯 Exam Tip: आशय स्पष्ट करते समय, दी गई पंक्ति के प्रतीकात्मक अर्थ को उसके व्यावहारिक जीवन के संदर्भ से जोड़कर समझाएँ, जिससे कवि का संदेश पूरी तरह से स्पष्ट हो सके।

 

Question ग-iii. कवि कैसे स्थान पर न बैठने की सलाह देते हैं?
Answer: कवि हमें किसी स्थान पर सोच समझकर बैठने की सलाह देते है वे कहते है कि हमें ऐसे स्थान पर नहीं बैठना चाहिए जहाँ से किसी के द्वारा उठाए जाने का अंदेशा हो।
In simple words: कवि हमें ऐसे स्थानों पर बैठने से मना करते हैं जहाँ से हमें उठने के लिए कहा जा सकता है, यानी जहाँ हमारा सम्मान न हो या जहाँ हमारी उपस्थिति अवांछित हो।

🎯 Exam Tip: कवि की सलाह को स्पष्ट और सीधे शब्दों में प्रस्तुत करें, और यदि संभव हो तो पद्यांश से सीधे संबंधित पंक्ति का उल्लेख करें जो इस सलाह का आधार है।

 

Question ग-iv. शब्दार्थ लिखिए - बयारि, घाम, जर, दाय
Answer:

शब्दअर्थ
बयारिहवा
घामधूप
जरजड़
दायरुपया-पैसा

In simple words: इस प्रश्न में दिए गए शब्दों के अर्थ बताए गए हैं: बयारि का अर्थ हवा, घाम का अर्थ धूप, जर का अर्थ जड़, और दाय का अर्थ रुपया-पैसा है।

🎯 Exam Tip: शब्दार्थ के प्रश्नों में, दिए गए शब्दों के सटीक और प्रचलित अर्थों को लिखना महत्वपूर्ण है। पद्यांश के संदर्भ में उनका अर्थ समझें और वर्तनी पर ध्यान दें।

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ICSE Solutions Class 10 Hindi Sahitya Sagar Chapter 2.2 Giridhar Ki Kundaliyan

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FAQs

Where can I find the latest ICSE Class 10 Hindi Sahitya Sagar Chapter 2.2 Giridhar Ki Kundaliyan Solutions for the 2026-27 session?

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