Download GSEB Solutions for Class 9 Social Science Chapter 02 प्रथम विश्वयुद्ध और रूस की क्रांति
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1. निम्नलिखित प्रश्नों के मुद्दसिंहेत उत्तर लिखिए:
Question 1. पश्चिम युरोप और एशिया-अफ्रीका में उपनिवेश स्थापित करने की प्रक्रिया का वर्णन करों ।
Answer:
पश्चिमी यूरोप में साम्राज्यवाद (उपनिवेशवाद):
- साम्राज्यवादी इच्छा ने उनके पड़ोसी राष्ट्रों पर अधिकार जमाया था। उदाहरण के लिए, स्पेन ने नीदरलैंड, बेल्जियम और लक्ज़मबर्ग पर नियंत्रण किया।
- पुर्तगाल पर भी स्पेन ने अपना अधिकार स्थापित किया था।
- इसी तरह, इटली और जर्मनी फ्रांस और ऑस्ट्रिया की क्षेत्रीय भूख के शिकार बन गए।
एशिया में उपनिवेशवाद:
- इंग्लैंड ने भारत, श्रीलंका, म्यांमार, सिंगापुर, मलाया आदि में अपना साम्राज्य बनाया।
- इंग्लैंड ने अफीम युद्ध के माध्यम से चीन में पांच बंदरगाह हासिल कर लिए थे।
- चीन की कमजोरी का फायदा उठाते हुए जापान, रूस, जर्मनी, फ्रांस, बेल्जियम और अमेरिका ने व्यापारिक तथा राजनीतिक अधिकार प्राप्त किए।
- पश्चिमी एशिया में इंग्लैंड, जर्मनी, रूस और अमेरिका ने ईरान, इराक, कुवैत, सऊदी अरब और बहरीन में तेल कंपनियाँ स्थापित करके अपने हितों की सुरक्षा करने का प्रयास किया।
अफ्रीका में उपनिवेशवाद:
- पंद्रहवीं सदी में सबसे पहले डचों ने अफ्रीका के दक्षिण में, और फिर इंग्लैंड ने केप तथा फ्रांस ने उत्तरी अफ्रीका के अल्जीरिया में व्यापारिक केंद्र स्थापित किए।
- इंग्लैंड ने मिस्र, पूर्वी अफ्रीका के कई क्षेत्रों और दक्षिण अफ्रीका के देशों में अपना राज्य बनाया।
- फ्रांस ने ट्यूनीशिया, मोरक्को और पश्चिम अफ्रीका में अपना राज्य स्थापित किया।
- इटली ने लाल सागर के आसपास के क्षेत्रों पर कब्जा किया।
- स्पेन और पुर्तगाल ने भी अफ्रीका के कुछ क्षेत्रों पर कब्जा किया।
- प्रादेशिक प्रतिस्पर्धा के बीच, बर्लिन में यूरोपीय राज्यों की एक परिषद 1984-85 में आयोजित हुई, जिसमें अफ्रीका के अलग-अलग क्षेत्रों को बांट लिया गया।
- इसके अनुसार, पूरे अफ्रीका में यूरोप के विभिन्न देशों का साम्राज्य स्थापित हो गया।
Exam Tip: उपनिवेशवाद पर सवाल का जवाब देते समय, आपको पश्चिमी देशों के नाम, जिन क्षेत्रों पर उन्होंने कब्जा किया, और उपनिवेशवाद के मुख्य कारणों (जैसे साम्राज्यवादी लालसा, व्यापारिक अधिकार, आदि) का उल्लेख करना चाहिए। भौगोलिक क्षेत्रों को उप-शीर्षकों में बांटकर उत्तर देना अधिक स्पष्ट और प्रभावी होगा।
Question 2. प्रथम विश्वयुद्ध के कारण बताते हुए तात्कालिक कारण की जानकारी दीजिए ।
Answer: 1 अगस्त, 1914 को प्रथम विश्वयुद्ध शुरू हुआ था, जिसके मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं:
- आर्थिक स्पर्धा
- सैन्यवाद
- गुप्त संधियाँ
- उग्र राष्ट्रवाद की भावना
- समाचारपत्रों का योगदान
- युद्ध संबंधी तत्त्वज्ञान
तत्कालीन कारण: ऑस्ट्रिया के राजकुमार और उनकी पत्नी की हत्या सर्बिया के उग्रवादी संगठन 'ब्लैक हैंड' ने कर दी थी। इस घटना के पीछे सर्बिया का हाथ होने का आरोप ऑस्ट्रिया ने लगाया और 48 घंटों के अंदर अपराधी को गिरफ्तार करने का समय दिया। सर्बिया ने इस मामले में खुद को अनजान बताया। ऑस्ट्रिया ने सर्बिया की एक बात नहीं सुनी और उसके खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी। इसी के साथ प्रथम विश्वयुद्ध का आरंभ हो गया।
In simple words: पहला विश्व युद्ध 1 अगस्त 1914 को शुरू हुआ था। इसके कई कारण थे जैसे पैसे की होड़, देशों का अपनी सेना बढ़ाना, गुप्त समझौते, देशों के बीच बहुत ज़्यादा देशभक्ति, और अख़बारों का भड़काऊ बातें छापना। युद्ध का तुरंत का कारण यह था कि ऑस्ट्रिया के राजकुमार और उनकी पत्नी की हत्या सर्बिया के एक आतंकवादी संगठन ने कर दी थी। ऑस्ट्रिया ने सर्बिया को दोषी ठहराया और 48 घंटे में अपराधी को पकड़ने को कहा। जब सर्बिया ने मना किया, तो ऑस्ट्रिया ने युद्ध की घोषणा कर दी, और इस तरह युद्ध शुरू हो गया।Exam Tip: प्रथम विश्व युद्ध के कारणों का उल्लेख करते समय, आपको मुख्य और तात्कालिक दोनों कारणों को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए। तात्कालिक कारण (राजकुमार की हत्या) को विशेष रूप से विस्तार से समझाना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह युद्ध का सीधा ट्रिगर था।
Question 3. प्रथम विश्वयुद्ध के परिणाम लिखिए ।
Answer: 11 नवंबर, 1918 को जर्मनी ने मित्र राष्ट्रों के सामने समर्पण किया और युद्ध विराम समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए, जिससे प्रथम विश्वयुद्ध समाप्त हो गया। इसके निम्नलिखित परिणाम सामने आए:
(1) जानमाल की हानि:
- इस युद्ध में एक करोड़ लोगों की मृत्यु हुई, दो करोड़ लोग घायल हुए और सत्तर लाख लोग विकलांग हो गए।
- युद्ध में कुल 337 अरब डॉलर का खर्च हुआ था।
(2) सामाजिक परिवर्तन:
- पुरुषों के युद्ध में शामिल होने के कारण महिलाओं ने पारिवारिक जिम्मेदारियां संभालीं, जिससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई।
- समानता की भावना बढ़ने से महिलाओं ने मतदान के अधिकार की मांग की।
(3) वर्साय की संधि:
- प्रथम विश्वयुद्ध के बाद जर्मनी पर वर्साय की कठोर संधि थोपी गई थी।
- इस संधि के तहत जर्मनी पर 6.5 अरब युद्धदंड लगाए गए। उसके कुछ प्रांत फ्रांस को दिए गए।
- इस संधि से जर्मन लोगों में बहुत निराशा और हताशा पैदा हुई, जिसके परिणामस्वरूप जर्मनी की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई।
(4) दूरगामी परिणाम:
- युद्ध में पराजित राष्ट्रों के साथ की गई संधि में शत्रुता की भावना शामिल थी। इसलिए विश्व में शांति स्थापित नहीं हो सकी।
- अमेरिका राष्ट्रसंघ में शामिल नहीं हुआ और साम्यवादी रूप को उसमें स्थान नहीं दिया गया।
Exam Tip: प्रथम विश्व युद्ध के परिणामों को लिखते समय, आपको जानमाल के नुकसान, सामाजिक परिवर्तनों, वर्साय की संधि, और दूरगामी परिणामों (जैसे भविष्य के संघर्षों का आधार) जैसे मुख्य बिंदुओं को शामिल करना चाहिए। प्रत्येक बिंदु को संक्षिप्त और स्पष्ट रूप से समझाना आवश्यक है।
2. संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए:
Question 1. रूस की क्रांति
Answer: रूस में जार के शासन के दौरान लोगों के पास कोई अधिकार नहीं था।
- रूस के किसान, खेत मजदूर और अन्य कामगारों को बहुत कम मजदूरी मिलती थी और उन्हें पर्याप्त मुआवजा नहीं मिलता था। वे बहुत गरीब हो गए थे।
- सेंट पीटर्सबर्ग में पादरी फादर गोपेन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग महल के सामने इकट्ठे हुए।
- 22 जनवरी, 1905 को जार के सैनिकों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिससे पूरा मैदान खून से लाल हो गया।
- इस घटना के दिन को 'खूनी रविवार' के नाम से जाना जाता है।
- 1904-05 में जापान जैसे छोटे देश ने रूस को हराया, जिससे जारशाही कमजोर पड़ने लगी।
- जार ने समय-समय पर चार ड्यूमा (संसद) बुलाई।
- 8 मार्च, 1917 को पेट्रोग्रैड के मजदूरों ने हड़ताल की। सेना ने उन पर गोली चलाने से मना कर दिया, जिससे क्रांति शुरू हो गई।
- केरेन्सकी के नेतृत्व में बोल्शेविक विरोधी दल ने सत्ता अपने हाथ में ले ली।
- कार्ल मार्क्स के विचारों से प्रभावित बोल्शेविकों ने बोल्शेविक विरोधी दल के खिलाफ लोगों को उकसाया और नवंबर, 1917 में अंतिम क्रांति करके सत्ता प्राप्त कर ली, जिसे समाजवादी बोल्शेविक क्रांति के रूप में जाना जाता है।
Exam Tip: रूसी क्रांति पर टिप्पणी लिखते समय, आपको मुख्य कारणों (जैसे जार का निरंकुश शासन, मजदूरों की गरीबी), प्रमुख घटनाओं (जैसे खूनी रविवार, मार्च और नवंबर 1917 की क्रांतियाँ), और प्रमुख व्यक्तियों (जैसे पादरी गोपेन, केरेन्सकी) का उल्लेख करना चाहिए। अंत में, बोल्शेविकों द्वारा सत्ता पर कब्जा करने का भी जिक्र करें।
Question 2. प्रथम विश्वयुद्ध के दूरगामी कारण ।
Answer: प्रथम विश्वयुद्ध के निम्नलिखित कारण थे:
(1) आर्थिक कारण: 19वीं सदी में इंग्लैंड ने एशिया और अफ्रीका में बहुत बड़ा साम्राज्य बनाया था। जर्मनी ने इंग्लैंड और फ्रांस की तुलना में सस्ता सामान बेचना शुरू कर दिया। इससे वह एशिया और अफ्रीका में इंग्लैंड और फ्रांस के बाजारों को तोड़ने लगा। नतीजतन, इंग्लैंड और जर्मनी के बीच आर्थिक प्रतिस्पर्धा बढ़ने लगी।
(2) सैन्यवाद: अपनी शक्ति बढ़ाने की इच्छा में, सैन्य विस्तार अनिवार्य हो गया। इससे सैन्यवाद को बढ़ावा मिला और आर्थिक प्रतिस्पर्धा के साथ सैन्य प्रतिस्पर्धा भी जुड़ जाने से युद्ध का माहौल और गंभीर हो गया।
(3) गुप्त संधियाँ: प्रथम विश्व युद्ध से पहले, दुनिया दो गुटों में बंट गई थी, जिनमें गुप्त संधियां होने लगीं। ये गुप्त संधियां प्रथम विश्व युद्ध का एक कारण बनीं।
(4) उग्र राष्ट्रवाद की भावना: बेल्जियम और ग्रीस की स्वतंत्रता, इटली और जर्मनी का एकीकरण राष्ट्रवाद का परिणाम था, लेकिन उसके बाद यूरोप में राष्ट्रवाद की भावना बहुत उग्र और संकुचित हो गई। जर्मनी और अन्य राष्ट्रों में युद्ध की भावना फैल गई और प्रथम विश्व युद्ध में बदल गई।
(5) समाचार पत्र का योगदान: यूरोप के देशों के समाचार पत्रों ने एक-दूसरे के प्रति कटुता, उत्तेजनापूर्ण, अतिशयोक्तिपूर्ण और झूठे लेख प्रकाशित किए। इससे प्रतिस्पर्धी देशों के खिलाफ लोगों में दुश्मनी की भावना इतनी बढ़ गई कि सत्ता में बैठे लोग शांति स्थापित करने या समाधान खोजने की कोशिश भी नहीं कर सके।
(6) युद्ध संबंधी तत्त्वज्ञान: यूरोप में 'युद्ध ही कल्याण', 'शक्तिशाली को जीने का अधिकार है' और 'युद्ध ही राष्ट्रीय आवश्यकता है' तथा 'युद्ध ही पवित्र कार्य है' ऐसा माना जाने लगा था।
In simple words: पहले विश्व युद्ध के बड़े कारण थे देशों के बीच पैसे की होड़, अपनी सेना को बढ़ाना, और गुप्त समझौते। देशों में बहुत ज़्यादा देशभक्ति बढ़ गई थी, जिससे जर्मनी और बाकी देशों में युद्ध की भावना फैल गई। अख़बार भी एक-दूसरे के खिलाफ झूठी खबरें छापते थे, जिससे दुश्मनी और बढ़ गई। कुछ लोग मानते थे कि युद्ध अच्छा है और मजबूत लोगों का अधिकार है।Exam Tip: प्रथम विश्व युद्ध के दूरगामी कारणों को सूचीबद्ध करते समय, प्रत्येक कारण को स्पष्ट और संक्षिप्त रूप से समझाना महत्वपूर्ण है। आर्थिक प्रतिस्पर्धा, सैन्यवाद, गुप्त संधियाँ, उग्र राष्ट्रवाद, मीडिया का प्रभाव और युद्ध संबंधी विचारधारा जैसे बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करें।
Question 3. राष्ट्रसंघ के उद्देश्य लिखिए ।
Answer: राष्ट्रसंघ के उद्देश्य:
- अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की व्यवस्था करना।
- हर एक राष्ट्र द्वारा अन्य राष्ट्र की अखंडता बनाए रखना।
- युद्ध की नीति को छोड़ना। अंतर्राष्ट्रीय संबंध विकसित करना।
- अंतर्राष्ट्रीय झगड़ों को शांतिपूर्ण ढंग से या मध्यस्थता के जरिए हल निकालना।
- यदि कोई राष्ट्र या मध्यस्थता का उल्लंघन करे, तो उसे बागी राष्ट्र घोषित करना।
Exam Tip: राष्ट्रसंघ के उद्देश्यों को लिखते समय, मुख्य रूप से शांति, सुरक्षा, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दें। इन उद्देश्यों को बिंदुवार प्रस्तुत करना उत्तर को अधिक सुव्यवस्थित बनाता है।
3. कारण बताइए:
Question 1. प्रथम विश्वयुद्ध के बाद राष्ट्रसंघ की स्थापना हुई।
Answer: प्रथम विश्व युद्ध की भयानकता ने दुनिया के देशों को विश्व शांति की आवश्यकता समझाई। इसके बाद, एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन की आवश्यकता महसूस हुई ताकि तुरंत और सक्रिय रूप से विश्व शांति की दिशा में विचार किया जा सके।
- अमेरिकी राष्ट्रपति वुड्रो विल्सन ने राष्ट्रसंघ की स्थापना में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- वुड्रो विल्सन के 14 बिंदुओं को आधार बनाकर 'पेरिस शांति' प्रक्रिया में 10 जनवरी, 1920 को राष्ट्रसंघ की स्थापना की गई।
Exam Tip: इस प्रश्न का उत्तर देते समय, आपको प्रथम विश्व युद्ध के नकारात्मक प्रभावों और विश्व शांति की आवश्यकता पर जोर देना चाहिए। वुड्रो विल्सन के योगदान और राष्ट्रसंघ की स्थापना की तिथि का उल्लेख करना भी महत्वपूर्ण है।
Question 2. 22 जनवरी, 1905 को रूस का 'खूनी रविवार' के रूप में जाना जाता है ।
Answer: 22 जनवरी, 1905, रविवार के दिन फादर गोपेन नामक पादरी के नेतृत्व में एक विशाल जुलूस के रूप में लोग जार के निवासस्थान विंटर पैलेस गए। वे लोग निःशस्त्र थे।
- कुछ लोगों के हाथ में जार की तस्वीर थी और उस पर 'रूस के छोटे प्रभु चिरंजीवी हों' जैसे नारे लिखे हुए थे।
- उन निर्दोष लोगों पर जार के सैनिकों द्वारा अंधाधुंध गोलियाँ चलाई गईं।
- इसमें हजारों निर्दोष लोग मारे गए और जहाँ जार का महल था, उस सेंट पीटर्सबर्ग का फर्श खून से लाल हो गया।
- इसलिए इस दिन को इतिहास में 'खूनी रविवार' के रूप में जाना जाता है।
Exam Tip: 'खूनी रविवार' पर प्रश्न का उत्तर देते समय, आपको घटना की तारीख, नेता (पादरी गोपेन), स्थान (विंटर पैलेस), लोगों की प्रकृति (निहत्थे) और घटना के परिणाम (सैनिकों द्वारा गोलीबारी और हजारों की मौत) का स्पष्ट रूप से उल्लेख करना चाहिए।
4. निम्नलिखित विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए:
Question 1. प्रथम विश्वयुद्ध के बीज किस संधि में बोये गये ?
(a) वर्सेल्स
(b) फ्रेन्कफर्ट
(c) फ्रांस और ब्रिटेन की संधि
(d) जर्मनी और हंगरी की संधि
Answer: (b) फ्रेन्कफर्ट
In simple words: पहला विश्व युद्ध फ्रैंकफर्ट की संधि में शुरू हुआ था, जो युद्ध की शुरुआत का एक बड़ा कारण बनी।
Exam Tip: इतिहास के प्रश्नों में, घटनाओं के शुरुआती बिंदुओं या कारणों से संबंधित संधियों के नाम याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 2. प्रथम विश्वयुद्ध के अंत में कौन-सी संधि की गई ?
(a) वर्सेल्स की संधि
(b) गुप्त संधि
(c) लटेन की संधि
(d) फ्रेंकफर्ट की संधि
Answer: (a) वर्सेल्स की संधि
In simple words: पहला विश्व युद्ध वर्साय की संधि के साथ समाप्त हुआ, जिसने युद्ध के बाद की स्थिति तय की।
Exam Tip: किसी भी बड़े युद्ध के अंत में होने वाली महत्वपूर्ण संधियों के नाम और उनके प्रमुख प्रावधानों को जानना आवश्यक है।
Question 3. फ्रैंकफर्ट की संधि में फ्रांस ने कौन-से प्रदेश खोया था ?
(a) ड्रेन्जिंग प्रदेश
(b) आल्सेस और लोरेन्स के प्रदेश
(c) पश्चिम रूस के प्रदेश
(d) इंग्लैण्ड के प्रदेश
Answer: (b) आल्सेस और लोरेन्स के प्रदेश
In simple words: फ्रैंकफर्ट की संधि के बाद, फ्रांस को अल्सेस और लोरेन नाम के अपने क्षेत्र छोड़ने पड़े।
Exam Tip: ऐतिहासिक संधियों के परिणामस्वरूप जिन क्षेत्रों का आदान-प्रदान हुआ, उन्हें याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये अक्सर परीक्षा में पूछे जाते हैं।
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